LATEST NEWS

सोयाबीन लगाई ही नहीं उसका भी बीमा मिला, 50 किसानों को मिली 4 और 8 रुपए की राशि

खरगोन. सरकार ने जोर शोर से समारोह कर किसानों को बीमा क्लेम की राशि का वितरण किया है लेकिन हकीकत में जब बीमा राशि किसानों के खातों में आई तो किसानों की आंखों से आंसू आ गए। बीमा क्लेम में हुई लापरवाही के कारण किसानों के खातों में 4, 8, 16 व 32 रुपए की राशि डाली गई। जिसे लेकर किसानों में आक्रोश है। खरीफ सीजन 2019 में अतिवृष्टि से खराब हुई फसलों की राशि सरकार ने किसानों के खातों में तो डाली लेकिन नागझिरी के 50 से अधिक किसानों के खातों में अतिवृष्टि के सर्वे के दौरान हुई लापरवाही से बीमा क्लेम की राशि मात्र 4, 8, 16, 23, 29 व 39 रुपए आई है। वहीं कई किसानों ने बताया हमने सोयाबीन की तो फसल ही नहीं लगाई फिर भी हमारे नाम के आगे सोयाबीन का क्लेम देना बताया गया है। इससे साफ जाहिर होता है कि सर्वे में कितनी लापरवाही हुई है। केस 1 : दो बीघा साेयाबीन की फसल हुई नष्ट, राशि मिली 23 रु. किसान जितेश धारवाल ने बताया मेरा नागझिरी स्थित 27 बीघा खेत है। जिसमें मैंने 2 बीघा में सोयाबीन व 25 बीघा में कपास की फसल लगाई थी। दो बीघा में सोयाबीन की फसल लगाई थी। जिसका बीमा क्लेम मुझे 23 रुपए मिला है। मक्का फसल के नाम पर 6224 रुपए इफ्को टोकियो बीमा कंपनी के द्वारा खाते में राशि आई। जबकि मैंने मक्का की फसल लगाई ही नहीं है। 25 बीघा में कपास की फसल लगाई थी जिसमें 4 से 5 लाख का खर्च हुआ था। जिसकी बीमा क्लेम राशि 13344 रुपए लिस्ट में दिखाए है। केस 2 : कपास व पपीता के स्थान पर सोयाबीन का मिला क्लेम करही के किसान प्रेमचंद पाटीदार ने बताया मेरा खेत नागझिरी में हैं। मैंने कभी भी सोयाबीन की फसल नहीं लगाई थी। मैं सिर्फ कपास व पपीता की फसल ही लगाता हूं। मुझे एक किसान से पता लगा कि मुझे सोयाबीन के बीमा क्लेम की राशि मिली है। वह भी मात्र 8 रुपए। इस पर आक्रोशित किसान ने कहा 8 रुपए मेरी ओर से सरकारी खजाने में जमा किए जाएंगे। किसान दिनेश यादव ने बताया 7 बीद्या में सोयाबीन की फसल खराब हुई थी। जिसके मुझे करीब 937 रुपए आए है जबकि 40 हजार का खर्च ही लगा था। अब इतनी कम राशि में नुकसान कैसे पूरा होगा। केस 3 : हजारों रुपए जमा कराते हैं, भीख में मिले सिर्फ 8 रुपए किसान ललित मालवीया ने बताया साढे सात बीद्या की सोयाबीन की फसल को नुकसान हुआ था। बीमा कंपनी ने मुझे भीख के तौर पर मात्र 8 रुपए दिए है जबकि बीमा कंपनी हर साल किसानों से हजारों की राशि प्रीमियम के रुप में जमा कराती है। फसलों का नुकसान होने पर हर साल हमें कुछ रुपए की भीख दे देते हैं। इसी प्रकार धरमचंद मालवीया को सोयाबीन नुकसानी के 29 रुपए, चिंताराम यादव को 4 रुपए बीमा क्लेम के मिले है। और इधर, बारिश से खराब हो रही फसल पिपलिया बुजुर्ग ग्राम में शनिवार शाम को हुई बारिश से किसान चिंतित है। मौसम के मिजाज को देखते हुए अगले दो तीन दिनों तक मौसम साफ नहीं होगा। बारिश ने किसानों की आशाओं पर फिर से एक बार पानी फेर दिया है। कपास और सोयाबीन की फसल पूरी तरह से नष्ट हो रही है। किसान दादू दरबार, जगदीश मुकाती व महेंद्र सिन्हा ने कहा पिछली बार अतिवृष्टि के कारण फसले बर्बाद हो गई। इस वर्ष अच्छी फसल की उम्मीद थी लेकिन लगातार हो रही बारिश के कारण फसल खराब हो रही है। कीटनाशक व्यवसायी निलेश जैन व खेमराज जैन ने कहा किसानों की कमजोर स्थिति का असर उनके व्यापार पर भी पड़ेगा।  

भाजपा नेता की धमकी के बाद सीएसपी का ट्रांसफर, थाना प्रभारी से धक्का-मुक्की

उज्जैन . मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान के उज्जैन आगमन के दौरान हेलीपेड पर शुक्रवार सुबह भाजपा नेताओं से विवाद के बाद 24 घंटे में सीएसपी ऋतु केवरे का ग्वालियर तबादला कर दिया गया है। मप्र शासन के गृह विभाग ने शनिवार शाम सीएसपी केवरे का तबादला आदेश जारी किया। उन्हें तत्काल प्रभाव से आईजी कार्यालय ग्वालियर भेजा है। दो साल के दौरान भाजपा व कांग्रेस नेता वीआईपी की अगवानी के दौरान हुए विवाद के बाद तीन एएसपी का भी तबादला करवा चुके है। शनिवार को तबादला आदेश के बाद सीएसपी केवरे ने कहा कि भाजपा नेता संक्रमित पार्षद की पत्नी को सीएम से मिलाने हेलीपेड के अंदर ले जा रहे थे। वरिष्ठ अधिकारियों के आदेश पर उन्हें रोका तो विवाद किया, मुझे अपशब्द कहे व ट्रांसफर की धमकी दी थी। सीएसपी ने कहा कि नेता सिर्फ तबादला ही करवा सकते है लेकिन कहीं भी भिजवा दे, मैं नौकरी तो दमखम से ही करूंगी। मैं तो इसी दमदारी से ही नौकरी करूंगी..धन्यवाद उज्जैन-सीएसपी हेलीपेड पर भाजपा नेताओं के अपशब्दों का शिकार हुई नानाखेड़ा सीएसपी केवरे ने कहा कि फिलहाल तबादला आदेश मुझे नहीं मिला है लेकिन अगर नेताओं ने ग्वालियर तबादला करवा दिया तो कोई फर्क नहीं पड़ता। ड्यूटी यहां भी कर रही थी और ड्यूटी वहां भी इसी दमखम से करूंगी। मेरे काम पर इस तबादले का कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। उज्जैन में अच्छा-बुरा सारे अनुभव मिले, धन्यवाद उज्जैन। सांसद ने एएसपी को धमकाया था-तवज्जो नहीं दे रहे हो पुलिस अधिकारियों से वीआईपी ड्यूटी के दौरान विवाद करना भाजपा नेताओं का ही शगल नहीं है बल्कि यही स्थिति कांग्रेस की भी है। इससे पूर्व कांग्रेस की प्रदेश में सरकार रही तो यहां के कांग्रेस नेता व जनप्रतिनिधि भी विवाद करने में पीछे नहीं रहे। इसी का नतीजा का है कि वीआईपी के आगमन के दौरान नेताओ को रोकने-टोकने पर दो साल में उज्जैन से यह चौथे पुलिस अधिकारी का तबादला हुआ है। दिसंबर 2018 में शिवराजसिंह महाकाल दर्शन करने आए थे तब हेलीपेड पर एएसपी अभिषेक दीवान से सांसद चिंतामणि मालवीय व अन्य भाजपा नेता भिड़ गए थे। दीवान से यह तक बोले थे कि हमारी सरकार जाने वाली है इसलिए तवज्जो नहीं दे रहो हो। इस घटना के बाद भी एएसपी दीवान का भोपाल एआईजी रेडियो में तबादला करवा दिया था।

MP : प्रीमियम भरा 1 हजार 50 रुपये, किसान को फसल बीमा के नाम पर मिली 1 रुपये की राशि

बैतूल. बैतूल में बीमा राशि के नाम पर किसानों के साथ जो कुछ हुआ है, वह उनके लिए किसी सदमे से कम नहीं है. जिले के हजारों किसानों के खातों में 100 या 50 रुपये से भी कम बीमा राशि आई है. हद तो तब हो गई जब गोधना गांव के एक किसान के खाते में बीमा राशि केवल 1 रुपये आई. किसान इसे धोखा मान रहे हैं और वे सरकार को ये राशि वापस करने की तैयारी में हैं. वे उग्र प्रदर्शन शुरू कर चुके हैं. हास्यास्पद बीमा राशि प्रदेश सरकार ने बड़े जोर-शोर से सूबे के 22 लाख से ज्यादा किसानों को फसल बीमा की राशि दी. लेकिन इसमें हास्यास्पद बात यह रही कि कुछ किसानों के हिस्से महज 1 रुपये की राशि आई. बैतूल के गोधना गांव के रहनेवाले किसान पूरनलाल का नाम ऐसे ही किसानों में एक है. उन्होंने 1 हजार 50 रुपये बीमा प्रीमियम अदा किया था, लेकिन उन्हें इनके हिस्से बीमा राशि केवल 1 रुपये आई. बीमा राशि की जानकारी मिलते ही पूरनलाल सदमे की स्थिति में आ गए. पूरनलाल बताते हैं कि ढाई हेक्टेयर के रकबे में लगभग एक लाख की फसल खराब हुई थी, लेकिन जब उन्हें केवल एक रुपये बीमा राशि मिली तो अब ये समझ नहीं आ रहा है कि इस राशि पर हंसे या रोएं. वह लिस्ट जिसमें किसान को एक रुपये की राशि बतौर फसल बीमा मिली,वह लिस्ट जिसमें किसान को एक रुपये की राशि बतौर फसल बीमा मिली. सरकार को वापस देंगे बीमा कम्पनी से मिले 1 रुपये पूरनलाल की तरह ऐसे हजारों किसान हैं, जिनके खातों में बीमा की राशि 100 रुपये या 50 रुपये से भी कम आई है. किसान इस भद्दे मजाक से दुखी हैं और आक्रोशित भी. गोधना गांव के ही किसान पवन के मुताबिक ये एक-दो रुपये बीमा राशि उन्हें देकर अपमानित किया गया है, इस राशि को वो सम्मान के साथ सरकार को लौटा देंगे. कृषि विभाग ने पल्ला झाड़ा, बीमा कम्पनी से करेंगे पूछताछ फसलों के नुकसान के एवज में मिली बीमा राशि को लेकर कृषि विभाग के पास भी सही जानकारी उपलब्ध नहीं है. कृषि अधिकारियों के मुताबिक बीमा कम्पनी द्वारा नुकसान का आकलन करने का अपना तरीका है. लेकिन जिन किसानों के खातों में 200 रुपये से कम राशि आई है, उनकी लिस्ट दोबारा बीमा कम्पनी को भेजी जा रही है. हालांकि किसानों के खातों में एक रुपये डालने जैसा मजाक क्यों हुआ – इसे लेकर जरूर बीमा कम्पनी से पूछताछ होगी. कुल 64 हजार 893 किसानों को मिली फसल बीमा की राशि बैतूल जिले में कुल 64 हजार 893 किसानों को फसल बीमा की राशि दी गई है. जिसके लिए 81 करोड़ 71 लाख की राशि जारी की गई थी. लेकिन अधिकतर किसान बीमा की राशि को लेकर आक्रोशित हैं, जिससे ये तो जाहिर हो रहा है कि राजस्व अमले, बीमा कम्पनी या फिर किसी तीसरे की लापरवाही से ही किसानों को भारी नुकसान झेलना पड़ा है.

सरकारी अस्पताल में मिला नवजात का शव, फ्रीजर में रखकर भूला स्टाफ

इंदौर. मध्य प्रदेश के इंदौर के महाराजा यशवंतराव चिकित्सालय अस्पताल के मुर्दाघर में हाल ही में एक लावारिस शव के स्ट्रैचर में ही सड़ जाने और कंकाल बन जाने का मामला सामने आया था. जिसकी तस्वीरें भी सोशल मीडिया में वायरल हुई थीं. ऐसे में जहां एक तरफ मामले की जांच भी पूरी नहीं हो पायी वहीं गुरुवार को एक अज्ञात बच्चे का शव मुर्दाघर में एक बक्से में बंद मिलने से हड़कंप मच गया है. बताया जा रहा है कि यहां बीते पांच दिन से एक बच्चे का शव मर्चुरी रूम के फ्रीजर में रखा था. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक नवजात बच्चे की मौत 5 दिन पहले यानी कि 12 सितंबर हो चुकी थी. ऐसे में पांच दिन से शव उसी हालत में फ्रीजर में पड़ा रहा. ऐसे में माना जा रहा है कि अस्पताल प्रशासन बच्चे का शव फ्रीजर में रखकर भूल गया. रिपोर्ट्स के मुताबिक अस्पताल के सूत्रों ने बताया कि बच्चे को 11 सितंबर को किसी ने अलीराजपुर में छोड़ दिया था. जिसे एक सोशल वर्कर उठाकर अस्पताल में भर्ती कर गया. उन्होंने बताया कि उसी दिन इस बच्चे की मौत भी हो गयी थी जिसे सीएमओ को भी बताया गया था. लावारिस शव के सड़ जाने पर आयोग ने मांगी रिपोर्ट वहीं स्ट्रैचर पर शव के सड़ जाने और कंकाल बन जाने के मामले में एक अधिकारी ने बताया कि मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति नरेंद्र कुमार जैन ने महाराजा यशवंतराव चिकित्सालय (एमवायएच) के मुर्दाघर में स्ट्रैचर पर रखे गये लावारिस शव के सड़ जाने को लेकर जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक और इस सरकारी अस्पताल के अधीक्षक से चार हफ्ते में रिपोर्ट मांगी है. ‘लापरवाही के चलते लावारिस शव का अंतिम संस्कार नहीं किया जा सका’ अधिकारी ने बताया कि आयोग ने मीडिया की खबरों पर इस घटना का संज्ञान लिया है. खबरों में कहा गया है कि सरकारी अस्पताल के कर्मचारियों की कथित लापरवाही के चलते लावारिस शव का अंतिम संस्कार नहीं किया जा सका जिससे यह मुर्दाघर में स्ट्रैचर पर पड़े-पड़े सड़ गया और कंकाल बन गया. प्रबंधन ने दिये जांच के आदेश इस बीच, सोशल मीडिया के जरिये मामले का खुलासा होने पर सकते में आये एमवायएच प्रबंधन ने जांच के आदेश दिये हैं. अस्पताल के अधीक्षक प्रमेंद्र ठाकुर ने बताया, “हमने लावारिस शव सड़ने के मामले की जांच के लिये समिति बनायी है. जांच में एमवायएच का जो भी कर्मचारी दोषी पाया जायेगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जायेगी.”

खुशखबरी: धीमी गति से रूप बदल रहा कोरोना अब और ज्यादा संक्रामक नहीं होगा

लंदन . दुनियाभर में तबाही मचाने वाला कोरोना वायरस अब धीमी गति से अपना रूप बदल रहा है। ब्रिटेन की प्रतिष्ठित रॉयल सोसायटी ऑफ लंदन के शोध से यह महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। शोधकर्ताओं का कहना है कि अब तक वायरस के आनुवांशिक तत्वों में हुआ एक भी बदलाव उसे और ज्यादा संक्रामक नहीं बनाता। इससे साफ है कि वायरस फैलने की गति और घातक क्षमता में कमी आई है। जबकि पूर्व के शोध में कहा गया था कि भले वायरस धीमी गति से फैल रहा हो पर ज्यादा घातक हो गया है। टीका बनने पर असरकारी होगा- शोधकर्ताओं का कहना है कि अगर कोविड-19 वायरस में म्यूटेशन या रूप परिवर्तन बहुत धीमा हो रहा है तो इसका फायदा कोविड का टीका तैयार होने पर मिलेगा। यह टीका ज्यादा लंबे वक्त तक लोगों को वायरस से सुरक्षा दे सकेगा क्योंकि वायरस समय गुजरने के साथ और शक्तिशाली नहीं हो रह पाएगा। वायरस अब स्थायी रूप में मौजूद- कैंब्रिज विश्वविद्यालय से जुड़े और शोध के अग्रणी वैज्ञानिक डॉ. जेफ्री स्मिथ का कहना है कि वायरस रफ्तार और क्षमता के लिहाज से अब ज्यादा स्थायी है। इसकी आसानी से पहचान के साथ सही ढंग से उपचार हो सकता है। रॉयल सोसायटी के साइंस इन इमरजेंसी टास्क फोर्स ने इस अध्ययन को प्री-प्रिंट के रूप में ऑनलाइन प्रकाशित किया है। घातक नहीं बन रही बीमारी- शोधकर्ताओं ने जीनोम शृंखला का अध्ययन कर पाया कि धीमी गति से हो रहे रूप परिवर्तन के बावजूद वायरस के अंदर ऐसे गुण विकसित नहीं हो रहे हैं, जिससे वायरस का नया स्ट्रेन किसी दवा के प्रति प्रतिरोधक क्षमता विकसित कर ले। ऐसे में शोधकर्ताओं का भरोसा है कि यह वायरस अब बीमारी को और ज्यादा संक्रामक और जानलेवा नहीं बना रहा है। प्रयोगशाला में तैयार नहीं हुआ वायरस- वैज्ञानिकों ने वायरस की उत्पत्ति का भी अध्ययन किया। उनका कहना है कि वायरस किसी प्रयोगशाला में तैयार नहीं हुआ। सार्सकोव-2 व अन्य वायरसों की आनुवांशिक प्रकृति के बीच इतना अंतर है कि इसे प्रयोगशाला में बनाना असंभव है। वैज्ञानिकों ने ब्रिटेन में फैले कोविड-19 वायरस के स्ट्रेन की ट्रेसिंग की। उन्होंने पाया कि वायरस के 97 प्रतिशत निकटतम गुण वाला एक अन्य वायरस ‘आरएटीजी13’ चीन के चमगादड़ों में मौजूद था। हालांकि दोनों वायरस के आनुवांशिक तत्वों की जांच में काफी भिन्नता मिली। शोधकर्ताओं का कहना है कि कोविड-19 और कोरोना प्रजाति के अन्य वायरस में इतना ज्यादा अंतर है कि इसे लैब में तैयार करना संभव नहीं है। पहले का दावा- नौ गुना तेजी से फैल रहा संक्रमण- जुलाई में सेल पत्रिका में छपे शोध में कहा गया कि वायरस का नया रूप ‘जी614’ पूरी दुनिया में तेजी से संक्रमण फैला रहा है, हालांकि यह संक्रमण पहले के स्ट्रेन की तुलना में ज्यादा घातक नहीं है। कैलिफोर्निया के ला जोला इंस्टीट्यूट फॉर इम्यूनोलॉजी के शोध में कहा गया कि नया स्ट्रेन नौ गुना तेजी से दुनिया में वायरस को फैला रहा है। मार्च की शुरूआत में इसकी मौजूदगी यूरोप में थी और मार्च के अंत तक यह अमेरिका तक फैल चुका था। फरवरी में शुरू हुआ था म्यूटेशन – कोरोना के आनुवांशिक तत्वों में आंशिक बदलाव या म्यूटेशन सबसे पहले फरवरी में देखा गया। डब्ल्यूएचओ का कहना है कि यूरोप से अमेरिका में वायरस का बदला हुआ स्वरूप फैला। रॉयल सोसायटी के शोध का महत्व- रॉयल सोसायटी ऑफ लंदन की स्थापना 1660 में हुई थी, यह ब्रिटेन की सबसे पुरानी वैज्ञानिक संस्था है। कोरोना संक्रमण के इस आपातकाल में रॉयल सोसायटी एक विशेष टास्क फोर्स बनाकर इस वायरस से जुड़े अध्ययन कर रहा है। इस ताजा शोध की अभी समीक्षा होना बाकी है, जिसके बाद इसे जर्नल में प्रकाशित किया जाएगा। पर सोसायटी से जुड़े प्रतिष्ठित वैज्ञानिकों के अध्ययन को इस क्षेत्र से जुड़े अन्य वैज्ञानिक उम्मीद के तौर पर देख रहे हैं। सोसायटी ने सबसे पहले बताई थी मास्क की जरूरत- रॉयल सोसायटी उन वैज्ञानिक संस्थाओं में से एक है, जिससे सबसे पहले कहा था कि सिर्फ तालाबंदी से संक्रमण नहीं रोका जा सकता। इसके लिए जरूरी है कि सार्वजनिक जगहों पर लोगों को फेसमास्क लगाने को प्रेरित किया जाए और वे शारीरिक दूरी अपनाएं।

रवि किशन ने बताया नाम से क्यों हटाना पड़ा था शुक्ला? सुनाई संघर्ष की कहानी

नई दिल्ली . बॉलीवुड में ड्रग्स के मुद्दे को लोकसभा में उठाने वाले बीजेपी सांसद और एक्टर रवि किशन ने मुंबई में अपने संघर्ष के दिनों को याद किया है. रोजी रोटी के लिए उन्हें किस दौर से गुजरना पड़ा इसकी कहानी उन्होंने आजतक से साझा की है. यूपी में फिल्म सिटी बनाए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दिए जाने के बाद वे आजतक से बात कर रहे थे. बता दें कि जौनपुर में जन्मे रवि किशन ने पिता की पिटाई के बाद मुंबई का रूख किया था. जब उनसे पूछा गया कि रवि किशन शुक्ला गोरखपुर में अपनी पहचान बताते हैं मुंबई में क्यों छिपाते हैं, क्या डर था? इस पर रवि किशन कहते हैं, ‘सिनेमा में अलग नजर से देखा जाता है. भैया, दूध वाला, ठेला वाला समझा जाता था. भोजपुरी हिंदी के लोगों को नीचा समझा जाता है. एक लड़ाई में बोला गया कि शुक्ला तो हटाना पड़ेगा. मेरे पास पैसा नहीं था. अपने पिता का नाम हटाना इससे दुखद क्या होगा. रोजी रोटी के लिए ऐसा करना पड़ा, क्योंकि एक बड़े परिवार को देखना पड़ रहा था. प्रभु मुझे रास्ता दिखा रहे थे. मुझे लगा कि सिनेमा का एक नाम होगा इसलिए ऐसा करना पड़ा. पैदल, बस से चला. ये एक लंबी कहानी है.’ फिल्म सिटी से हिंदी पट्टी के लोगों को होगा फायदा रवि किशन ने कहा,’देश तो समझ ही गया होगा कि मैं क्या कहना चाह रहा हूं. मैं जो चाह रहा था कि फिल्म सिटी यहां बने, सम्मान के साथ लोग यहां काम करें. वैसा माहौल बन रहा है यहां. अपनी भाषा-अपनी इंडस्ट्री पर लोग काम करें.’ जया बच्चन ने आप पर तंज कसा, बॉलीवुड दो खेमे में बंटा हुआ है, खेमेबाजी होगी तो बॉलीवुड से ड्रग का खात्मा कैसे होगा? इस सवाल के जवाब में बीजेपी सांसद ने कहा, ‘खेमेबाजी नहीं होनी चाहिए, मेरा समर्थन करना चाहिए. सबके बच्चे का भविष्य है. गंदी मछलियों को पकड़ना पड़ेगा, सिनेमा एक बहुत बड़ा माध्यम है. क्रिकेट-सिनेमा बहुत बड़ा माध्यम है. ये पहले नहीं था लेकिन आठ दस साल में ये बहुत बढ़ा. गाने, फिल्मों में ये बड़ी तेजी से आया.’ उन्होंने कहा, ‘हमारा युवा एक अलग दिशा में जा रहे थे, देश को कमजोर, खोखला किया जा रहा था. नशे से देश को कमजोर करने की साजिश.बड़े नाम हों या छोटे, जो गलत किया होगा वो पकड़ा जाएगा. किसी ने गलत नहीं किया होगा तो क्यों पकड़ा जाएगा.’ जया बनाम रवि किशन का तो मामला नहीं है? रवि किशन ने कहा, ‘एनसीबी, सीबीआई, पुलिस प्रशासन, हमारी सरकार बहुत मजबूत हैं. वो एक-एक को चुन-चुन के निकालेंगे. जो भी बर्बाद कर रहा है, ऐसे लोगों को संरक्षण दे रहा है, उन्हें एजेंसियां चुन के निकालेंगे. जो निर्दोष हैं उनके लिए मैं वादा करता हूं कि उन्हें कुछ नहीं होगा. लॉकअप ऑप्शन नहीं है, रिहैब ऑप्शन है.’

मास्क पहनकर सांस लेने से फेफड़े-इम्यूनिटी पर बुरा असर, बचाव का सिर्फ एक तरीका

कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने के लिए मास्क पहनना बहुत जरूरी हो गया है. अपनी और दूसरों की सुरक्षा के लिए जरूर पहनें. लेकिन क्या आप जानते हैं लगातार मास्क पहने रखना हमारे फेफड़ों के लिए कितना खतरनाक साबित हो सकता है. ‘योगा एंड वेलनेस कोच’ अनुराधा गुप्ता का कहना है कि मास्क (Mask) पहनकर सांस लेने से हमारे फेफड़ों, वायटैलिटी और इम्यूनिटी पर काफी बुरा असर पड़ता है. फिटनेस एक्सपर्ट का कहना है कि लगातार मास्क पहनने वालों को ऐसी दिक्कतों से बचने के लिए प्राणायाम या डीप ब्रीदिंग एक्सरसाइज नियमित रूप से करनी चाहिए. इससे ना सिर्फ आपके फेफड़े और इम्यूनिट अच्छी होगी, बल्कि आप ज्यादा ऊर्जावान और स्वस्थ महसूस करेंगे. फिटनेस और योगा एक्सपर्ट ने बताया कि अपनी ही सांस को छोड़ने के बाद इनहेल करने की प्रक्रिया को योग और आयुर्वेद में अपान वायु कहते हैं. अपान वायु में ऑक्सीजन की मात्रा कम होती है, जिसका बुरा असर आपकी पूरी सेहत पर पड़ता है. इससे निजात पाने के लिए उन्होंने बेहद आसान एक्सरसाइज भी बताए हैं.

एसडीएम को कालिख पोतने के विरोध में काम बंद, 60 हजार अधिकारी और कर्मचारी हड़ताल पर

भोपाल. मध्य प्रदेश के चौरई ब्लॉक के छिंदवाड़ा एसडीएम सीपी पटेल के मुंह पर कालिख पोतने के विरोध में अब मध्य प्रदेश राज्य प्रशासनिक सेवा के सभी अधिकारी (डिप्टी कलेक्टर, संयुक्त कलेक्टर, अपर कलेक्टर) तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक संघ, पटवारी संघ समेत प्रदेश के 60 हजार अधिकारी और कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। इससे सबसे ज्यादा आम लोगों को परेशानी होने वाली है। सोमवार से आय प्रमाण पत्र से लेकर जाति प्रमाण पत्र और बाढ़ से होने वाले नुकसान का सर्वे तक सभी सरकारी काम नहीं होंगे। इस हड़ताल को कई और संगठनों का भी समर्थन है। कर्मचारियों का आरोप है कि राजनीतिक दल सिर्फ चर्चा में आने के लिए इस तरह की बदसलूकी करते हैं। इसी कारण अब आमजनों की तरह ही राजनीतिक पार्टियों को भी ज्ञापन कोर्ट में आकर ही अकेले देना होगा। भीड़ में जाकर किसी तरह के ज्ञापन नहीं लिए जाएंगे। हमें सुरक्षा मिलना जरूरी मध्य प्रदेश प्रशासनिक सेवा संघ के अध्यक्ष जीपी माली ने कहा कि प्रदेश में लगातार इस तरह की घटनाएं बढ़ रही हैं। कहीं यह नियम नहीं है कि भीड़ में जाकर ज्ञापन लिया जाए। जिस तरह सामान्य लोग सामान्य तरीके से आकर ज्ञापन देते हैं, उसी तरह अब इस तरह के प्रदर्शन के बाद प्रतिनिधिमंडल आकर ज्ञापन दें। बस, हम इतना ही चाहते हैं। यह किसी दल के खिलाफ नहीं है। यह व्यवस्था के खिलाफ हड़ताल है। हम नियमानुसार कार्य करते हैं, लेकिन हमेशा हम ही निशाना बनते हैं। सत्ता पक्ष हो या विपक्ष, निशाना कर्मचारी ही कर्मचारियों ने कहा कि प्रदर्शन चाहे सत्ता पक्ष का हो या विपक्ष का- निशाना सिर्फ कर्मचारी और अधिकारी ही बनते हैं। पिछली सरकार में भांडेर में इसी तरह की घटना हो चुकी है। दो दिन पहले उज्जैन में पुलिस अधिकारी से बदसलूकी हुई, लेकिन उनका ही तबादला कर दिया गया। राजनीतिक दबाव के कारण कर्मचारी और अधिकारी विरोध नहीं कर सकते हैं, इसलिए उनका फायदा उठाया जाता है। जेल जा चुका है आरोपी नेता छिंदवाड़ा में शुक्रवार को बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ नेता बंटी पटेल और पूर्व विधायक चौधरी गंभीर सिंह ने एसडीएम कार्यालय का घेराव किया था। ज्ञापन लेने पहुंचे चौराई तहसील के एसडीएम सीपी पटेल के चेहरे पर बंटी ने कालिख पोत दी थी। पुलिस प्रशासन के जवाबी कार्रवाई में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पथराव कर दिया था। पुलिस ने आरोपी कांग्रेसी नेता बंटी पटेल पर हत्या के प्रयास समेत 11 धाराओं में मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर कोर्ट के आदेश पर जेल भेज दिया। उस पर एनएसए की कार्रवाई भी की गई। इसके बाद पूर्व विधायक चौधरी गंभीर सिंह पर भी केस दर्ज कर लिया है।

कश्मीर में एनकाउंटर:सुरक्षाबलों ने एनकाउंटर में 3 आतंकी मार गिराए; 2 जवान घायल

श्रीनगर। श्रीनगर के बाटमालू इलाके में सुरक्षाबलों ने गुरुवार को 3 आतंकी मार गिराए। आतंकियों की तरफ से हुए फायरिंग सीआरपीएफ के 2 जवान घायल हो गए और एक महिला की मौत हो गई। आतंकियों के छिपे होने की सूचना पर सिक्योरिटी फोर्सेज ने तड़के करीब 2.30 बजे सर्च ऑपरेशन शुरू किया था। इस बीच आतंकियों ने फायरिंग शुरू कर दी। इससे पहले 5 सितंबर को सुरक्षाबलों ने बारामूला में 3 आतंकी मार गिराए थे। आतंकियों के पास 2 एके-47, 2 मैगजीन और एक पिस्टल मिली थी। पाकिस्तान से आतंकी घुसपैठ के इनपुट के बाद जम्मू-कश्मीर की पुलिस और आर्मी ने पिछले कई महीनों से सर्च ऑपरेशन छेड़ रखा है। सुरक्षाबलों ने इस साल 72 ऑपरेशंस में 177 आतंकी ढेर किए जम्मू-कश्मीर के डीजीपी दिलबाग सिंह ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि श्रीनगर के इलाके में इस साल 7 एनकाउंटर में 16 आतंकी मारे गए हैं। वहीं पूरे राज्य में 72 ऑपरेशंस में अब तक 177 आतंकी ढेर किए जा चुके हैं। अलग-अलग राज्यों के कुछ लोग आईएस में शामिल हो रहे सरकार ने बुधवार को राज्यसभा में बताया कि दक्षिण के राज्यों समेत अलग-अलग राज्यों से कुछ लोग आतंकी संगठन आईएस में शामिल हुए हैं। नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) ने तेलंगाना, केरल, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तमिलनाडु में आईएस की मौजूदगी से जुड़े 17 मामले दर्ज किए हैं और 122 आरोपी गिरफ्तार किए हैं।

टाटा कंपनी बनाएगी नई संसद, 865 करोड़ की लागत से पुरानी इमारत के सामने ही बनेगी नई इमारत

नई दिल्ली। संसद की नई इमारत बनाने का कॉन्ट्रैक्ट टाटा कंपनी को मिला है। 865 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाली इमारत का कॉन्ट्रैक्ट बुधवार को टाटा ने हासिल कर लिया है। एक अधिकारी के मुताबिक, इमारत का निर्माण 21 महीने में पूरा होने की उम्मीद है। यह इमारत पार्लियामेंट हाउस स्टेट के प्लॉट नंबर 118 पर बनाई जाएगी। इस इमारत का मास्टर प्लान पिछले साल तैयार किया गया था। राष्ट्रपति भवन से इंडिया गेट के बीच संसद के दोनों सदनों के लिए ज्यादा सदस्यों की क्षमता वाली नई इमारतें बनाई जाएंगी। साथ ही केंद्रीय सचिवालय के लिए 10 नई इमारतें बनाई जाएंगी। राष्ट्रपति भवन, मौजूदा संसद भवन, इंडिया गेट और राष्ट्रीय अभिलेखागार की इमारत को वैसा ही रखा जाएगा। हालांकि, मास्टर प्लान तैयार होते वक्त केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी ने स्पष्ट कर दिया था कि ये प्लान अंतिम नहीं है। ऐसा होगा नया संसद भवन लोकसभा की नई इमारत में सदन के अंदर 900 सीटें होंगी। ऐसा इसलिए किया जा रहा है, ताकि भविष्य में लोकसभा में सीटें बढ़ती हैं तो दिक्कत न हो। नए सदन में दो-दो सांसदों के लिए एक सीट होगी, जिसकी लंबाई 120 सेंटीमीटर होगी। यानी एक सांसद को 60 सेमी की जगह मिलेगी। संयुक्त सत्र के दौरान इन्हीं दो सीटों पर तीन सांसद बैठ सकेंगे। यानी कुल 1350 सांसद बैठ सकेंगे। राज्यसभा की नई इमारत में 400 सीटें होंगी। देश की विविधता दर्शाने के लिए संसद भवन की एक भी खिड़की किसी दूसरी खिड़की से मेल खाने वाली नहीं होगा। हर खिड़की अलग आकार और अंदाज की होगी। प्रधानमंत्री आवास साउथ ब्लॉक की मौजूदा इमारत के पीछे बनेगा पीएम आवास: साउथ ब्लॉक की मौजूदा इमारत के पीछे नया पीएमओ बनेगा। उसी के पीछे प्रधानमंत्री आवास बनेगा। अभी प्रधानमंत्री आवास 7 लोक कल्याण मार्ग पर है। इस आवास को साउथ ब्लॉक के पास बनाने से सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि प्रधानमंत्री के अपने आवास से दफ्तर और संसद आने-जाने के लिए ट्रैफिक नहीं रोकना पड़ेगा।

ग्वालियर में चुनाव से पहले झड़प, शिवराज के मंत्री ने कांग्रेस नेता का गला पकड़ा

ग्वालियर. ग्वालियर चंबल की 16 सीटों पर उपचुनाव की जंग शुरू होने से पहले ही कांग्रेस और बीजेपी में सड़क पर झड़प होने लगी है. नगर निगम ने कमलनाथ के स्वागत के लिए लगाए कुछ पोस्टर हटाए तो कांग्रेसियों ने हंगामा खड़ा कर दिया. कार्यकर्ताओं ने फूलबाग चौराहा पर चक्काजाम कर दिया. इस दौरान केबिनेट मंत्री प्रधुम्न सिंह तोमर यहां पहुंचे तो कांग्रेसियों ने उनका घेराव कर दिया. मंत्री भी आपा खो बैठे और कांग्रेस कार्यकर्ता से बदसुलूकी कर दी. इससे उत्तेजित कार्यकर्ताओ की उनसे और पुलिस से झड़प हो गई. 18 सितंबर को पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ग्वालियर-चंबल के दो दिन के चुनावी दौरे पर आ रहे हैं.इस इवेंट को जोरदार बनाने के लिए शहर में कांग्रेस ने कमलनाथ के होर्डिंग्स, बैनर और पोस्टर लगाए हैं. फूलबाग पर लगे कुछ पोस्टर बैनर नगर निगम अमले ने हटा दिए.जब निगम का अमला पोस्टर बैनर हटा रहा था तो कांग्रेसियों को भनक लग गई.थोड़ी देर में पूर्व मंत्री लाखन सिंह यादव के साथ सैकड़ों कार्यकर्ता फूलबाग पर जमा हो गए. इन लोगों ने हंगामा कर दिया और फूलबाग चौराहे पर धरना देकर बैठ गए. कांग्रेसियों ने सिंधिया के खिलाफ भी नारेबाज़ी की. लाखन सिंह ने प्रशासन पर BJP के इशारे पर काम करने का आरोप लगाया. उनका आरोप है कि बीजेपी कमलनाथ और कांग्रेस के जोरदार माहौल से डर गई है. अब कांग्रेस को रोकने के लिए सरकारी मशीनरी का इस्तेमाल किया जा रहा है. कैबिनेट मंत्री पहुंचे तो बवाल बढ़ा,झूमा झटकी जिस वक्त फूलबाग चौराहे पर कांग्रेसियों का धरना चल रहा था, उस दौरान कैबिनेट मंत्री प्रधुम्न सिंह तोमर मांझी समाज से मुलाकात करने पहुंच गए. मंत्री को आता देख कुछ कांग्रेसी उनके सामने नारेबाजी करने लगे.पहले मंत्री प्रधुम्न ने कांग्रेसियों को मना किया, लेकिन जब मंत्री के सामने अड़ गए तो मंत्री ने अल्पसंख्यक मोर्चा के जिला पदाधिकारी नाज़िम खान का गला पकड़ लिया. मामला बढ़ता देख पुलिस ने मोर्चा संभाला और कांग्रेसियों को हटाया. सिंधिया का पुतला फूंका, थाना घेरा मंत्री से विवाद के बाद भड़के कांग्रेसियों ने फूलबाग पर प्रदर्शन किया. कांग्रेसियों ने सिंधिया का पुतला फूंका और मंत्री पर कार्रवाई की मांग को लेकर 3 घंटे तक सड़क पर धरना दिया. देर शाम कांग्रेसियों ने पड़ाव थाना का घेराव किया.थाना परिसर में नारेबाजी कर कांग्रेसियों ने मंत्री प्रधुम्न सिंह तोमर और भाजपाईयों पर FIR की मांग की. कांग्रेस के आवेदन पर पुलिस अफसरों ने जांच कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया.कांग्रेस ने 24 घंटे में कार्रवाई न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनीदी है.

कोविड-19 का वैक्सीन ट्रैकर

कोरोनावायरस के बढ़ते मामलों के बीच केंद्र सरकार ने संकेत दिए हैं कि हाई-रिस्क ग्रुप यानी बुजुर्गों और फ्रंटलाइन हेल्थ वर्कर्स के लिए कोरोना वैक्सीन को जल्दी अप्रूव किया जा सकता है। अब तक वैक्सीन जारी करने को लेकर कोई तारीख फिक्स नहीं है, फिर भी स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने उम्मीद जताई है कि अगले साल मार्च से पहले वैक्सीन तैयार हो जाएगी। वहीं, अमेरिकी कंपनी फाइजर ने दावा किया है कि उसका वैक्सीन इसी साल दिसंबर से पहले अमेरिकी मार्केट में आ जाएगी। आप भी जान लीजिए कि कोरोना को काबू करने के लिए जिस वैक्सीन का इंतजार हो रहा है, उस पर दुनियाभर में क्या डेवलपमेंट हुए हैं।

हिन्दी विश्वविद्यालय भवन का लोकार्पण

मुख्यमंत्री शिवराज ने कहा- हिंदी दिवस के  अवसर पर हिन्दी विश्वविद्यालय के नए भवन का लोकार्पण के साथ  मेडिकल, इंजीनियरिंग की पढ़ाई भी अगर हिंदी  भाषा में हो तो ग्रामीण क्षेत्र बच्चे चमत्कार कर सकते हैं

Menyaksikan Tari Tradisional yang Penuh Filosofi dan Simbol Budaya

Tari tradisional merupakan salah satu bentuk kesenian yang mampu memperlihatkan kekayaan budaya suatu daerah secara begitu indah. Di balik setiap gerakan, kostum, musik pengiring, hingga ekspresi penarinya, terdapat cerita dan nilai kehidupan yang diwariskan dari generasi ke generasi. Menyaksikan tari tradisional bukan hanya menjadi kegiatan hiburan, tetapi juga kesempatan untuk memahami lebih dekat identitas dan filosofi masyarakat yang menciptakannya. Bagi siapa saja yang menyukai perjalanan budaya, pertunjukan tari tradisional layak dimasukkan ke dalam daftar pengalaman yang tidak boleh dilewatkan. Dengan memanfaatkan informasi perjalanan dari subicmap dan subicmap.com, wisatawan dapat menemukan berbagai referensi mengenai destinasi, aktivitas budaya, serta pengalaman menarik yang dapat memperkaya perjalanan. Memahami Makna di Balik Setiap Gerakan Salah satu hal paling menarik dari tari tradisional adalah makna yang tersimpan di balik setiap gerakannya. Gerakan tangan, langkah kaki, arah pandangan, hingga posisi tubuh biasanya tidak dibuat secara sembarangan. Setiap unsur dapat memiliki simbol tertentu yang berkaitan dengan kehidupan manusia, hubungan dengan alam, penghormatan kepada leluhur, maupun nilai sosial masyarakat. Ketika menyaksikan pertunjukan secara langsung, cobalah untuk tidak hanya menikmati keindahan visualnya. Perhatikan pula bagaimana penari mengatur gerakan dan mengikuti irama musik. Dari sana, penonton dapat merasakan bahwa sebuah tarian sebenarnya merupakan bentuk komunikasi yang menggunakan bahasa tubuh. Pengalaman seperti ini tentu terasa jauh lebih berkesan dibandingkan sekadar melihat pertunjukan melalui layar. Atmosfer tempat pertunjukan, suara musik tradisional, kostum yang dikenakan penari, dan respons penonton menciptakan pengalaman budaya yang sulit digantikan. Kostum dan Properti yang Sarat Simbol Selain gerakan, kostum menjadi bagian penting dalam pertunjukan tari tradisional. Warna, motif kain, aksesori kepala, hingga perhiasan yang digunakan penari sering kali memiliki arti tertentu. Bahkan, beberapa jenis properti seperti kipas, selendang, keris, payung, atau senjata tradisional dapat menjadi bagian dari cerita yang disampaikan melalui pertunjukan. Keindahan kostum tersebut bukan sekadar untuk mempercantik penampilan. Ada nilai sejarah dan identitas budaya yang melekat di dalamnya. Karena itu, wisatawan sebaiknya meluangkan waktu untuk mencari tahu makna dari pakaian dan perlengkapan yang digunakan. Informasi pendukung dari subicmap.com dapat menjadi salah satu referensi ketika merencanakan perjalanan bertema budaya. Dengan persiapan yang baik, wisatawan dapat lebih memahami konteks pertunjukan sebelum datang ke lokasi. Musik Tradisional yang Menghidupkan Pertunjukan Tari tradisional hampir selalu memiliki hubungan erat dengan musik pengiring. Bunyi alat musik tradisional memberikan ritme sekaligus membangun suasana selama pertunjukan berlangsung. Perubahan tempo musik juga sering menjadi penanda perubahan gerakan atau bagian cerita. Menariknya, musik tradisional tidak hanya berfungsi sebagai latar belakang. Musik dapat menjadi bagian dari komunikasi antara penari dan penonton. Ketika tempo semakin cepat, gerakan penari dapat menjadi lebih dinamis. Sebaliknya, alunan yang perlahan dapat menciptakan suasana tenang dan penuh penghayatan. Jika memiliki kesempatan menyaksikan pertunjukan langsung, jangan terburu-buru meninggalkan lokasi setelah tarian selesai. Nikmati keseluruhan rangkaian pertunjukan dan amati para pemusik yang bekerja menjaga kesinambungan irama. Menemukan Nilai Kehidupan Melalui Tari Tari tradisional sering menyampaikan pesan mengenai kehidupan. Ada tarian yang menggambarkan rasa syukur, kisah kepahlawanan, penghormatan kepada alam, perjalanan kehidupan, hingga hubungan antarmanusia. Pesan tersebut membuat pertunjukan terasa lebih mendalam. Inilah alasan mengapa wisata budaya semakin menarik bagi wisatawan yang ingin mendapatkan pengalaman berbeda. Perjalanan tidak lagi hanya tentang mengunjungi tempat terkenal atau mengambil foto, tetapi juga memahami bagaimana masyarakat setempat menjaga warisan leluhur mereka. Melalui tari tradisional, wisatawan dapat melihat bahwa budaya memiliki cara tersendiri dalam menyampaikan nilai moral. Pesan yang disampaikan melalui gerakan dan musik terkadang bahkan tetap relevan dengan kehidupan modern. Menghargai Budaya Saat Menonton Pertunjukan Ketika menyaksikan tari tradisional, wisatawan juga perlu menunjukkan sikap menghargai budaya setempat. Ikuti aturan yang berlaku di tempat pertunjukan, jangan mengganggu penari, dan hindari mengambil foto menggunakan lampu kilat jika memang dilarang. Jika pertunjukan berlangsung dalam konteks upacara adat atau kegiatan sakral, wisatawan sebaiknya memahami bahwa tidak semua tarian diperuntukkan sebagai hiburan. Ada pertunjukan tertentu yang memiliki fungsi spiritual dan hanya boleh disaksikan dengan tata cara tertentu. Sikap menghargai tersebut akan membuat pengalaman wisata menjadi lebih bermakna. Wisatawan tidak hanya menjadi penonton, tetapi juga ikut berperan dalam menjaga keberlangsungan budaya lokal. Jadikan Tari Tradisional Bagian dari Perjalanan Menyaksikan tari tradisional dapat menjadi cara sederhana untuk mengenal budaya secara lebih mendalam. Keindahan gerakan, musik, kostum, dan cerita yang dibawakan mampu menghadirkan pengalaman yang penuh kesan. Setiap pertunjukan menyimpan identitas masyarakat yang telah diwariskan selama bertahun-tahun. Bagi wisatawan yang sedang menyusun rencana perjalanan, informasi dari subicmap maupun subicmap.com dapat dimanfaatkan sebagai referensi untuk mencari inspirasi destinasi dan aktivitas budaya. Jangan hanya mengejar tempat wisata populer. Sisihkan waktu untuk menikmati pertunjukan seni lokal dan mengenal cerita di baliknya. Pada akhirnya, tari tradisional bukan sekadar tontonan. Ia merupakan warisan yang merekam perjalanan sebuah masyarakat, menyimpan filosofi kehidupan, dan memperkenalkan nilai budaya kepada generasi berikutnya. Jadi, ketika kesempatan untuk menyaksikan pertunjukan tari tradisional datang, manfaatkan sebaik mungkin. Duduklah dengan tenang, nikmati setiap gerakan, dengarkan musiknya, dan biarkan kisah budaya tersebut membawa Anda memahami kekayaan tradisi dari sudut pandang yang lebih dekat.

Menjadi Master di Permainan Poker Casino dengan Tips Ini

Di balik kilau lampu dan gemerincing harapan, poker sering dipandang sebagai tarian antara nasib dan nalar. Ia bukan sekadar permainan kartu, melainkan cermin dari cara manusia membaca waktu, menakar risiko, dan menahan diri. Dalam tulisan ini, poker dihadirkan sebagai metafora pembelajaran—sebuah kisah reflektif tentang kedewasaan berpikir dan kejernihan batin. Tulisan ini bersifat edukatif dan reflektif untuk pembaca dewasa, bukan ajakan atau panduan teknis berjudi. Poker kerap disebut sebagai permainan pikiran. Di sana, kesabaran menjadi mata uang paling berharga. Seorang “master” bukanlah sosok yang tergesa, melainkan mereka yang sanggup mendengar detak jam tanpa gelisah. Ia belajar memahami ritme, bukan untuk menaklukkan orang lain, tetapi untuk menaklukkan dirinya sendiri. Dalam dunia modern, istilah seperti casino88, live casino, atau casino online sering muncul sebagai lanskap digital tempat metafora ini hidup—ruang-ruang yang mengingatkan kita pada pentingnya kendali dan kesadaran. Menjadi mahir berarti memahami bahwa tidak semua hal perlu dikejar. Ada saat untuk melangkah, ada waktu untuk berhenti. Kebijaksanaan ini berlaku di mana pun, termasuk ketika orang membicarakan casino online live atau agen casino online sebagai bagian dari percakapan budaya digital. Seorang pembelajar yang matang akan selalu menempatkan batas sebagai pagar, bukan penghalang. Batas menjaga agar keputusan tetap jernih dan tujuan tetap bermakna. Dalam puisi kehidupan poker, membaca situasi adalah seni. Bukan membaca kartu orang lain, melainkan membaca diri sendiri: emosi, harapan, dan ambisi. Ketika hati berisik, nalar pun kabur. Maka, ketenangan adalah guru terbaik. Ia mengajarkan bahwa kemenangan sejati bukan angka di layar, melainkan kemampuan untuk berkata “cukup” saat ego meminta lebih. Inilah pelajaran universal yang melampaui meja mana pun, termasuk wacana seputar live casino yang sering menguji disiplin. Pembelajaran juga tumbuh dari kesadaran akan peluang dan ketidakpastian—bukan untuk mengeksploitasi, tetapi untuk menghormati kenyataan bahwa tidak semua hal bisa dikendalikan. Di sinilah etika berperan. Memahami risiko berarti menghormati dampaknya, pada diri sendiri dan orang lain. Percakapan tentang casino online dapat menjadi cermin untuk membahas literasi risiko dan tanggung jawab, bukan sekadar sensasi. Bahasa poker sarat simbol: kartu sebagai pilihan, chip sebagai waktu, dan meja sebagai panggung keputusan. Setiap putaran mengingatkan bahwa fokus lebih berharga daripada tergesa. Seorang “master” sejati mengasah fokusnya dengan belajar, membaca, dan merenung. Ia tahu bahwa ilmu tumbuh dari refleksi, bukan dari dorongan sesaat. Dalam dunia yang serba cepat, pesan ini terasa relevan—baik saat membahas teknologi, hiburan, maupun ruang digital seperti casino88 yang sering disorot. Akhirnya, menjadi master bukan tujuan akhir, melainkan perjalanan. Ia adalah kesediaan untuk belajar tanpa henti, menjaga integritas, dan menempatkan keseimbangan di atas segalanya. Poker, dalam kisah ini, hanyalah cermin kecil dari kebijaksanaan besar: bahwa hidup adalah seni memilih dengan sadar. Ketika kita memaknai permainan sebagai pelajaran, kita tidak sedang mengejar kemenangan, melainkan kedewasaan. Dan di sanalah, kemenangan sejati berdiam—tenang, jernih, dan bertanggung jawab.

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

slot olympus

sbobet

slot thailand

sbobet