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पत्रकार परंजय गुहा ठाकुर्ता पर अवैध गतिविधियों की रोकथाम के कानून के तहत दर्ज की गई FIR

“दिल्ली: न्यूज़क्लिक के सलाहकार के रूप में काम कर रहे पत्रकार परंजय गुहा ठाकुर्ता कहते हैं, ‘सुबह 6:30 बजे गुरुग्राम में मेरे घर पर नौ पुलिस कर्मचारी आए। उन्होंने मुझसे विभिन्न प्रश्न पूछे। मैं स्वयं खुद ही उनके साथ दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल आया। यहां आकर मुझसे बार-बार वही सेट के प्रश्न पूछे गए, कि क्या मैं न्यूज़क्लिक के कर्मचारी हूं, मैंने कहा ‘नहीं, मैं सलाहकार हूं’… मैं यहां आने के बाद सुना कि दिखाई गई FIR के तहत अवैध गतिविधियों की रोकथाम कानून के तहत दर्ज की गई है.’”

पुरानी पेंशन योजना की मांग को लेकर केंद्र और राज्य के कर्मचारियों ने किया प्रदर्शन

नई दिल्ली, प्रदर्शन में शामिल नेशनल मूवमेंट फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम नामक संगठन की ओर से कहा गया है ​वह अगले कुछ दिनों तक सरकार की प्रतिक्रिया का इंतज़ार करेगा. अगर कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं मिलती है, तो संगठन सभी राज्यों में भाजपा के ख़िलाफ़ अभियान चलाएगी और लोगों से 2024 के आम चुनाव में पार्टी को वोट न देने के लिए कहेगी. पुरानी पेंशन योजना की बहाली की मांग को लेकर केंद्र और राज्य सरकारों के कई लाख कर्मचारी रविवार (1 अक्टूबर) को राष्ट्रीय राजधानी के रामलीला मैदान में प्रदर्शन किया. द टेलीग्राफ की रिपोर्ट के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के इटावा से पहुंचे शिक्षक नेता सुनील बाजपेयी ने कहा कि अंडमान और लद्दाख समेत पूरे देश से 8 लाख से 10 लाख कर्मचारी जुटे थे. केंद्र और राज्य सरकार के कर्मचारियों के संगठन, नेशनल मूवमेंट फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम (एनएमओपीएस) ने विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया था. एनएमओपीएस केंद्र और अधिकांश राज्यों द्वारा नई पेंशन योजना (एनपीएस) शुरू करने के बाद भर्ती किए गए कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) की बहाली के लिए देशव्यापी आंदोलन का नेतृत्व कर रहा है. पुरानी पेंशन योजना एक कर्मचारी को उनके अंतिम आहरित वेतन के 50 प्रतिशत के बराबर पेंशन का हकदार बनाता है. 2004 में केंद्र द्वारा शुरू की गई और अधिकांश राज्यों द्वारा अपनाई गई नई पेंशन योजना में सेवारत कर्मचारी को अपनी पेंशन के लिए सरकार के बराबर योगदान करने की आवश्यकता होती है. इस योजना में योगदान की उच्चतम दर पर भी अंतिम पेंशन पुरानी पेंशन योजना के तहत बहुत कम है. एनएमओपीएस सदस्य बाजपेयी ने कहा कि केंद्र के रेलवे, रक्षा और डाक विभाग और सभी राज्य सरकार के विभागों के कर्मचारियों ने बैठक में भाग लिया. उन्होंने कहा, ‘प्रदर्शन में किसान नेता राकेश टिकैत और विपक्षी नेताओं जैसे कांग्रेस से उदित राज, आम आदमी पार्टी से संजय सिंह और समाजवादी पार्टी से कुलदीप यादव सहित कई नेताओं ने भाग लिया.’ बाजपेयी ने कहा कि बैठक में निर्णय लिया गया कि एनएमओपीएस अगले कुछ दिनों तक सरकार की प्रतिक्रिया का इंतजार करेगा. उन्होंने कहा, ‘अगर कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं मिलती है, तो एनएमओपीएस सभी राज्यों में भाजपा के खिलाफ अभियान चलाएगी और लोगों से 2024 के आम चुनाव में पार्टी को वोट न देने के लिए कहेगी.’ द हिंदू की रिपोर्ट के मुताबिक, ऑल इंडिया रेलवे मेन्स फेडरेशन के राष्ट्रीय संयोजक एवं महासचिव शिव गोपाल मिश्रा ने कहा, ‘जो कर्मचारी 1 जनवरी 2004 के बाद सरकारी सेवा में आए हैं, वे नई पेंशन योजना का कड़ा विरोध कर रहे हैं. वे सेवानिवृत्ति के बाद अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं, क्योंकि उन्हें पुरानी पेंशन योजना से वंचित कर दिया गया है और नई पेंशन योजना लेने के लिए मजबूर किया गया है.’ नेशनल मूवमेंट फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम (एनएमओपीएस) के नेता विजय कुमार बंधु ने बताया, ‘हमने पुरानी पेंशन योजना को वापस लाने का आह्वान किया है और अपने संघर्ष से कई राज्यों में इसे सफलतापूर्वक वापस लाया गया है. हमारी टीम का मानना है कि अगर केंद्र सरकार इसकर (पुरानी पेंशन योजना) पुष्टि करती है, तो जिम्मेदारी राज्य सरकार पर नहीं होगी. यही कारण है कि हम दिल्ली के रामलीला मैदान में विरोध करने आए है.’ द टेलीग्राफ के अनुसार, केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने नई पेंशन योजना में सुधार का सुझाव देने के लिए इस साल अप्रैल में एक समिति का गठन किया था. समिति को अभी अपनी रिपोर्ट सौंपनी बाकी है. हालांकि, बंधु ने कहा कि एनएमओपीएस पुरानी पेंशन योजना की वापसी चाहता है, बेहतर एनपीएस नहीं. द हिंदू की रिपोर्ट के मुताबिक, कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा कि ये विरोध प्रदर्शन सत्तारूढ़ शासन के खिलाफ हमारे सरकारी अधिकारियों के गुस्से को दर्शाते हैं. उन्होंने कहा, ‘हमने कांग्रेस शासित राज्यों में ओपीएस लागू किया, क्योंकि यह उनका अधिकार है. 20 लाख लोगों की ये भीड़ एक कहानी कहती है कि भाजपा के दिन अब गिनती के रह गए हैं.’ रैली में टिकैत ने प्रदर्शनकारियों को आश्वासन दिया कि किसान उनके साथ हैं, वहीं, आप के संजय सिंह ने कहा कि उन्होंने हमेशा संसद में भाषणों के दौरान पुरानी पेंशन योजना को वापस लाने का मुद्दा उठाया है. सोर्स – द वायर हिंदी

कॉमर्शियल गैस सिलेंडेर कॉमर्शियल गैस सिलेंडेर हुआ 209 रुपये महंगा Commercial gas cylinder has become 209 rupees more expensive.”

दिल्ली, 19 किलो कमर्शियल गैस सिलेण्डर के दाम 202 रूपए बढे, 1 अक्टूबर से होगी नई दर प्रभावी । घरेलू एलपीजी गैस सिलेण्डर के दामों में कोई बदलाव नहीं । आज से कॉमर्शियल गैस सिलेंडेर 209 रुपये महंगा दिल्ली में 19 किलो वाले गैस सिलेंडर की कीमत 1731.50 रुपये हो गई

एक राष्ट्र, एक चुनाव’ अभी नहीं, निर्वाचन आयोग ने विधि आयोग से कहा

दिल्ली, एक राष्ट्र, एक चुनाव’ पर निर्वाचन आयोग ने कहा है कि यह अभी नहीं हो सकता है, इसके लिए समय चाहिए। दरअसल चुनाव आयोग ने विधि आयोग से कहा है कि लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के लिए एक साथ चुनाव कराने में कुछ समय लगेगा। विधि आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) रितु राज अवस्थी ने बताया कि चुनाव आयोग ने कानून पैनल के साथ परामर्श के दौरान 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ के कार्यान्वयन पर कोई टिप्पणी नहीं की। न्यायमूर्ति अवस्थी ने कहा, “चुनाव आयोग ने एक साथ चुनाव के कार्यान्वयन के लिए कोई विशिष्ट समयसीमा नहीं दी है। आयोग एक साथ चुनावों पर एक रिपोर्ट पर चुनाव निकाय, सरकारी विभागों और अन्य हितधारकों के साथ परामर्श कर रहा है। इस बीच, पूर्व राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद की अध्यक्षता में ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ समिति ने 23 सितंबर को अपनी पहली बैठक की और एक साथ चुनाव के विचार पर हितधारकों और राजनीतिक दलों से सुझाव लेने का फैसला किया है।

कनाडा में मारे गए खालिस्तानी आतंकी निज्जर के घर की होगी कुर्की।

नई दिल्ली/ पंजाब। कनाडा में हाल ही में मारे गए भारत के मोस्ट वांटेड खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर के पंजाब के जालंधर में स्थित घर पर नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने संपत्ति कुर्क करने का नोटिस चिपकाया है। निज्जर का घर जालंधर के गांव भारसिंहपुरा (फिल्लौर) में स्थित है। जिस पर ताला लगा हुआ है। यहां शनिवार को NIA की टीम पहुंची। निज्जर के घर पर जो नोटिस चिपकाया किया गया है वह मोहाली की स्पेशल CBI कम NIA कोर्ट से जारी हुआ है। नोटिस में कहा गया है कि NIA ने हरदीप सिंह निज्जर की अचल संपत्ति को जब्त करने के लिए याचिका दी है। इस मामले में रिश्तेदार-नजदीकी 11 अक्टूबर को स्पेशल NIA कोर्ट मोहाली में पेश होकर अपना पक्ष रख सकता है। कई आतंकी गतिविधियों में शामिल हरदीप सिंह निज्जर खालिस्तान टाइगर फोर्स (KTF) का प्रमुख था। भारत की राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने हाल में 40 मोस्ट वांटेड आतंकियों की जो लिस्ट जारी की थी, उसमें निज्जर का नाम था। कनाडा के ब्रैपटन शहर में खालिस्तान के हक में रेफरेंडम करवाने में उसकी भूमिका थी। पंजाब में हिंसा और क्राइम से जुड़े कई केसों में निज्जर और उसके संगठन का नाम सामने आया था। इसके बाद ही उसे वांटेड टेररिस्ट की लिस्ट में डाला गया। सितंबर-2020 में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने निज्जर को आतंकी घोषित कर दिया। इसके बाद निज्जर की जालंधर के भारसिंहपुरा गांव की प्रॉपर्टी भी कुर्क कर ली गई। हाल ही में कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया प्रांत के सरी में एक गुरुद्वारे के बाहर 45 वर्षीय हरदीप सिंह निज्जर की इसी साल 18 जून को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। निज्जर की हत्या को लेकर भारत और कनाडा के बीच काफी विवाद चल रहा है। कनाडा आरोप लगा रहा है कि निज्जर कनाडा का नागरिक था और उसकी हत्या भारत ने अपने एजेंट से करवाई है। कनाडा में RAW के अधिकारी पवन राय को देश छोड़ने के आदेश भी दिए हैं। भारत के पंजाब प्रान्त में जन्मा निज्जर यहीं आतंकवाद फैलाना चाहता था। हरदीप सिंह निज्जर पंजाब में जालंधर जिले के भारसिंहपुरा गांव का रहने वाला था। कनाडा में रहते हुए निज्जर प्रतिबंधित खालिस्तान समर्थक संगठन सिख फॉर जस्टिस (SFJ) के प्रमुख गुरपतवंत सिंह पन्नू के करीब आया। पन्नू और निज्जर की निकटता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि निज्जर की हत्या के बाद से ही पन्नू तिलमिलाया हुआ है और कनाडा में भारत के खिलाफ और खालिस्तान के समर्थन में जनमत संग्रह करवाने का दावा कर रहा है

कुलियों के बीच पहुँचे राहुल गांधी।

नई दिल्ली। राहुल गांधी कुलियों की लाल कमीज पहने, हांथ में 756 नंबर का बिल्ला और सिर पर सामान उठाये हुए, भीड़ में राहुल गांधी और उनके साथ तमाम कुलियों की भीड़ और रेलवे स्टेशन पर मौजूद यात्रियों के चेहरों पर मुस्कान देखकर अमिताभ बच्चन की फिल्म कुली का वो दृश्य याद आ गया जिसमें अमिताभ बच्चन सिर पर समान उठाकर (सारी दुनिया का बोझ हम उठाते हैं।)गाना गाते हुए दिखाई देते हैं। लोगों के मुस्कुराने की एक बजह और भी नजर आई वो ये की शायद बोझा उठाये हुए कुली के साथ जेड प्लस सिक्योरिटी पहली बार देखी होगी। दरअसल गुरुवार की सुबह अचानक कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी दिल्ली के आनंद विहार रेलवे स्टेशन पहुंचकर कुलियों से मुलाकात करने पहुंचे थे। जहां राहुल गांधी कुलियों के रंग में रंगे नजर आए। इस दौरान राहुल कुलियों के साथ बैठ गए और उनसे उनकी समस्याएं पूछीं। पिछले कुछ महीनों से राहुल गांधी इसी तरह कई बार अचानक कभी खेतों में काम करते हुए तो कभी ट्रक में सवार तो कभी डिलेवरी बॉय के स्कूटर पर बैठे और कभी स्टूडेंट्स के बीच में सड़क पर नजर आए और मोटरसाइकिल मैकेनिक के रूप में बाइक रिपेयरिंग करते हुए भी दिखाई दिए। राहुल गांधी जिस तरह से अचानक लोगों के बीच में पहुंचकर जिस तरह से उनके रंग में रंगने का प्रयास करते हैं। इसे देखकर समझ नहीं आता की राहुल गांधी लोगों से जुड़कर अपनी पप्पू वाली छवि को खत्म कर एक जिम्मेदार राजनेता बनकर उभरने की कोशिश कर रहे हैं या फिर यह दिखावा केवल गरीब आम जनता को बहला-फुसला कर कांग्रेस पार्टी का बोट बैंक बढ़ाने और सत्ता पर काविज होने के लिए कर रहे हैं। खैर जो भी हो लेकिन आज कुलियों के बीच मे राहुल गांधी के पहुंचने के बाद उस वक्त राजनीति गर्म गई जब कांग्रेस ने फोटो पोस्ट करते हुए लिखा कि जननायक राहुल गांधी जी आज दिल्ली के आनंद विहार रेलवे स्टेशन पर अपने कुली मित्रों से मिले। राहुल गांधी के पहिए वाले सूटकेस के सिर पर उठाने को लेकर बीजेपी ने तंज कसते हुए सवाल पूछे। वहीं कांग्रेस की ओर से भी पलटवार किया गया। इसे लेकर कांग्रेस ने ट्वीट किया- ‘जननायक राहुल गांधी जी आज दिल्ली के आनंद विहार रेलवे स्टेशन पर कुली साथियों से मिले। पिछले दिनों एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमें रेलवे स्टेशन के कुली साथियों ने उनसे मिलने की इच्छा जाहिर की थी। आज राहुल जी उनके बीच पहुंचे और इत्मीनान से उनकी बात सुनी। भारत जोड़ो यात्रा जारी है। इसके बाद बीजेपी आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने राहुल गांधी की तस्वीर पोस्ट करते हुए लिखा कि केवल राहुल गांधी जैसा व्यक्ति ही सिर पर सूटकेस ले जाएगा, जबकि उसमें पहिए हों। अमित मालवीय ने कहा कि यह स्पष्ट है कि वह पिछले कुछ समय से किसी रेलवे स्टेशन पर नहीं गए। अब यात्रियों और कुलियों की सुविधा के लिए एस्केलेटर या रैंप हैं। ये सब ड्रामा के अलावा कुछ नहीं है। हम आपको याद दिला दें कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी भारत जोड़ो यात्रा पर हैं। जिसके चलते राहुल गांधी मिस्त्रियों से लेकर छात्रों तक, समाज के विभिन्न वर्गों के साथ बातचीत कर चुके हैं। उनका कहना है कि कन्याकुमारी से कश्मीर तक की उनकी भारत जोड़ो यात्रा इस तरह की बातचीत के माध्यम से जारी रहेगी। राहुल गांधी ने हाल में लद्दाख पहुंचकर विभिन्न सामाजिक समूहों से बातचीत की थी। हाल में एक वीडियो काफी प्रसारित हुआ था जिसमें रेलवे स्टेशन के कुली मित्रों ने उनसे मिलने की इच्छा जताई थी। अब देखना यह है कि इस तरह लोगों के बीच में पहुंचकर और आम जनता से मेलजोल बढ़ाकर राहुल गांधी क्या अपनी पार्टी को सत्ता में ला पाएंगे ? क्या राहुल गांधी को प्रधानमंत्री के रूप में देखने का कांग्रेसी नेताओं का सपना पूरा होगा ? क्या राहुल गांधी कांग्रेस नीत गठबंधन I.N.D.I.A. की सनातन विरोधी विचारधारा को बदल पाएंगे।

ऑल इंडिया पंचायत परिषद न चुनाव लड़ता है और न ही प्रत्याशी खड़ा करता है.……..

मध्यप्रदेश , राजस्थान , छत्तीस गढ़ एवं अन्य राज्यों में विधान सभाओं का आम-निर्वाचन आगत माह में कराए जाने की सम्भावना है । इस सम्बंध में टिकटार्थि समाज सेवियों को अवगत कराना चाहता हूँ कि ऑल इंडिया पंचायत परिषद के प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ने के लिए अनेक बंधुगण दूर भाष पर मुझसे टिकट देने या प्रभाव शाली पार्टी का का टिकट दिलवाने का आग्रह कर रहे है और टिकट के लिए अनेक प्रकार का प्रलोभन दे रहे है । उपरोक्त संदर्भ में आगाह करते हुए स्पष्ट करना चाहता हूँ कि अखिल भारतीय पंचायत परिषद ( AIPP) राजनीतिक दल नहीं है और किसी भी चुनाव में भाग नही लेता है और न तो अपना प्रत्याशी खड़ा करता है न , ही किसी राजनीतिक दल या उसके प्रत्याशी का न समर्थन करता है और न ही विरोध करता है अर्थात तटस्थ रहता है । यदि परिषद से सम्बंधित कोई सदस्य चुनावी प्रक्रिया में भाग लेता है तो वह स्वतंत्र है किसी भी राजनीतिक दल का प्रत्याशी बन सकता है या समर्थन कर सकता है ।लेकिन वह परिषद प्लेट फार्म का और अपने पद का उपयोग नहीं कर सकता है । यदि परिषद के नाम पर या पदाधिकारी के रूप में परिषद का टिकट दिलवाने या समर्थन दिलवाने के नाम पर धन माँगता है तो वह फ़र्ज़ी पदाधिकारी है उसकी रिपोर्ट सम्बंधित पुलिस थाने में तत्काल दर्ज कराएँ और परिषद कार्यालय को भी सूचित करें। जयपंचायती राज । शीतला शंकर विजय मिश्र मुख्य महामंत्री अखिल भारतीय पंचायत परिषद । दिल्ली

अमर शहीद मेहता एवं लोकनायक जे पी की आत्मा कराह रही है.

ऑल इंडिया पंचायत परिषद [अखिल भारतीय पंचायत परिषद ] की वर्तमान दशा पर त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओं के जनक एवं परिषद के संस्थापक अध्यक्ष अमर शहीद बलवंत राय मेहता एवं लोकनायक जय प्रकाश नारायण की आत्मा स्वर्ग में कराह रही है जिसके लिए श्री सुबोध कांत सहाय ( भूतपूर्व केंद्रीय मंत्री) जी आप और आपके धन एवं पद लोलुप सहयोगी ज़िम्मेदार हैं।आपने,अपने निजी लाभ के लिए 2013 में संस्था के प्रबंध तंत्र को विवादास्पद बना दिया और 2017 में रजिस्ट्रार आफ सोसाइटीज ने आदेश जारी करके प्रबंध कारिणी समिति को विवादास्पद घोषित कर दिया है तथा न्यायालय सिविल जज दिल्ली ने आपको मान्यता नहीं दी , आपकी सदस्यता को वैध नहीं माना, फिर भी आप , अपने को अध्यक्ष घोषित किए हुए हो जिसका दूर गामी परिणाम क्या होगा उसकी जानकारी हमको और आपको है जिसे संस्था और आपके हित में सार्वजनिक करना उचित नही होगा ।आपकी सबसे बड़ी ज़िम्मेदारी बनती है कि समय रहते प्रबंध तंत्र के विवाद को दूर करने का उपक्रम कीजिए पद , धन लोभ त्यागिए परिषद से अपना निष्कासन स्वीकार कीजिए ताकि रजिस्ट्रार आफ सोसाइटीज राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली से रजिस्ट्रेशन एक्ट की धारा 19 के अंतर्गत सर्व मान्य गवर्निग बाडी की सूची जारी हो सके और सदा के लिए ऑल इंडिया पंचायत परिषद का विवाद समाप्त हो जाय । पंचायती राज आंदोलन को आगे बढ़ाने , पंचायती राज की तीसरी सरकार क़ायम करने एवं परिषद की अस्मिता की रक्षा तथा उद्देश्यों की पूर्ति के लिए आप जैसे स्वार्थी व्यक्ति की संस्था को कोई आवश्यकता नहीं है। मेरा ,आपसे आग्रह है कि शुद्ध अंतःकरण एवं पवित्र मन , दृढ़ इक्षा शक्ति के साथ परिषद की परिस्थितियों पर खुले दिमाग़ से विचार करके विगत वर्षों की घटित घटनाओं एवं अपने अहंकार को त्याग कर अपनी पार्टी और अपने लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र राँची की राजनीति में सम्मिलित होइए। लोगों से मुझ पर अनर्गल दबाव डलवाना एवं अपनी ब्लैक मेलिंग की कोशिश अब बंद कीजिए , बहुत हो चुका अब आपको कोई भी पद देने की स्थिति में संस्था तैयार नहीं है। भविष्य में आपका मान बना रहे इसके लिए आपको ही अपना आचरण , क्रिया कलाप सुधारना होगा।हमारा आपको मशविरा है कि ..दुश्मनी जम कर कीजिए पर इतनी गुंजाइश रहे कि कभी हम मिल जाएँ तो शर्मिंदगी न हो जयपंचायती राज । शीतला शंकर विजय मिश्र मुख्य महामंत्री ऑल इंडिया पंचायत परिषद न्यासी सचिव बलवंत राय मेहता पंचायत पंचायती राज फ़ाउंडेशन । बलवंत राय मेहता पंचायत भवन , मयूर विहार फ़ेज़ -1 दिल्ली -91

वैज्ञानिक समुदाय को मेरी हार्दिक बधाई”: सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़

वैज्ञानिक समुदाय को मेरी हार्दिक बधाई”: सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ “ये राष्ट्र की प्रगति का बहुत ही अहम् प्रतीक है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर टीम ISRO और वैज्ञानिक समुदाय को मेरी हार्दिक बधाई”: सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़

NCCF और NAFED 3 लाख की जगह 5 लाख टन प्याज खरीदेंगे -पीयूष गोयल, केंद्रीय मंत्री

7 अगस्त को दो अहम फैसले लिए गए, निर्यात पर 40 फीसदी टैक्स लगाया गया लेकिन इसके साथ ही NCCF और NAFED 3 लाख की जगह 5 लाख टन प्याज खरीदेंगे, ताकि हमारे किसानों को कोई दिक्कत न हो। दो लाख टन 2410 रुपये प्रति क्विंटल पर खरीदी जाएगी। NCCF और NAFED विभिन्न क्षेत्रों में उपभोक्ताओं को 25 रुपये किलो की रियायती दर पर प्याज बेचेंगे। यह सब्सिडी सरकार द्वारा प्रदान की जाएगी। यह काम कल से शुरू हो गया है। उपभोक्ता और किसान दोनों हमारे लिए मूल्यवान हैं। हमारे अन्नदाता (किसानों) को अच्छी कीमत मिले। मैं सभी किसानों को आमंत्रित करता हूं कि वे अपना प्याज अच्छे दामों पर बेचें और उन्हें किसी बात की चिंता करने की जरूरत नहीं है: पीयूष गोयल, केंद्रीय मंत्री

नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की हालिया रिपोर्ट ने सरकार की कई योजनाओं में चल रही गड़बड़ियों को किया उजागर

CAG की हालिया रिपोर्ट ने सरकार की कई योजनाओं में चल रही गड़बड़ियों का उजागर किया चुनावी साल में भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) एक बार फिर सुर्खियों में है. कैग की हालिया रिपोर्ट ने सरकार की कई योजनाओं में चल रही गड़बड़ियों का उजागर किया है. इनमें आयुष्मान योजना, अयोध्या विकास परियोजना और द्वारका एक्सप्रेस-वे का निर्माण प्रमुख हैं. कैग की रिपोर्ट आने के बाद विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार की घेराबंदी कर दी है. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट कर कहा- मोदी सरकार ने भ्रष्टाचार के 75 वर्ष के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए. कांग्रेस के जयराम रमेश ने प्रधानमंत्री से पूरे मामले में चुप्पी तोड़ने के लिए कहा है. यह पहली बार नहीं है, जब कैग की रिपोर्ट ने सरकार की मुश्किलें बढ़ा दी हो. कैग रिपोर्ट की वजह से मुख्यमंत्री और मंत्रियों की कुर्सी तक जा चुकी है. इतना ही नहीं, कैग की रिपोर्ट से बने भ्रष्टाचार के माहौल में पूरी मनमोहन सरकार ही चली गई. जानिए क्या है CAG : इसकी रिपोर्ट से मनमोहन सिंह की सरकार चली गई, केशुभाई की कुर्सी, लेकिन नरेंद्र मोदी बन गए सीएम भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक गिरीश चंद्र मुर्मू चुनावी साल में भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) एक बार फिर सुर्खियों में है. कैग की हालिया रिपोर्ट ने सरकार की कई योजनाओं में चल रही गड़बड़ियों का उजागर किया है. इनमें आयुष्मान योजना, अयोध्या विकास परियोजना और द्वारका एक्सप्रेस-वे का निर्माण प्रमुख हैं. कैग की रिपोर्ट आने के बाद विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार की घेराबंदी कर दी है. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट कर कहा- मोदी सरकार ने भ्रष्टाचार के 75 वर्ष के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए. कांग्रेस के जयराम रमेश ने प्रधानमंत्री से पूरे मामले में चुप्पी तोड़ने के लिए कहा है. यह पहली बार नहीं है, जब कैग की रिपोर्ट ने सरकार की मुश्किलें बढ़ा दी हो. कैग रिपोर्ट की वजह से मुख्यमंत्री और मंत्रियों की कुर्सी तक जा चुकी है. इतना ही नहीं, कैग की रिपोर्ट से बने भ्रष्टाचार के माहौल में पूरी मनमोहन सरकार ही चली गई. ऐसे में आइए जानते हैं, कैग कैसे काम करता है और इसकी रिपोर्ट ने कब-कब सत्ता की मुश्किलें बढ़ा दी? CAG क्या है, कैसे काम करता है? संविधान में सरकारी खर्च की पड़ताल के लिए एक सरकारी एजेंसी बनाने का प्रावधान है. अनुच्छेद 148 के मुताबिक इस एजेंसी के प्रमुख की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा किया जाएगा. प्रमुख को उसी तरह से हटाया जा सकता है, जिस तरह सुप्रीम कोर्ट के एक जज को. संविधान के अनुच्छेद 149, 150 और 151 में कैग के कामकाज और शक्तियों के बारे में जिक्र है. कैग का काम सभी सरकारी संस्थाओं का ऑडिट करना है और उसकी रिपोर्ट संसद या विधानसभा के पटल पर रखना है. वर्तमान में कैग 2 तरह से ऑडिट करता है. 1. रेग्युलेरिटी ऑडिट और 2. परफॉर्मेंस ऑडिट. रेग्युलेरिटी ऑडिट को कम्पलायंस ऑडिट भी कहते हैं. इसमें सभी सरकारी दफ्तरों के वित्तीय ब्यौरे का विश्लेषण किया जाता है. विश्लेषण में मुख्यत: यह देखा जाता है कि सभी नियम-कानून का पालन किया गया है या नहीं? 2जी स्पैक्ट्रम की नीलामी का मामला रेग्युलेरिटी ऑडिट की वजह से ही उठा था. इसी तरह परफॉर्मेंस ऑडिट में कैग यह पता लगाया जाता है कि क्या सरकारी योजना शुरू करने का जो मकसद था, उसे कम खर्च पर सही तरीके से किया गया है या नहीं? इस दौरान योजनाओं का बिंदुवार विश्लेषण किया जाता है. कैग की ताजा रिपोर्ट में क्या है? – हरियाणा से दिल्ली तक बन रहे द्वारका एक्सप्रेस-वे में हो रही गड़बड़ियों का कैग ने उजागर किया है. कैग के मुताबिक सरकार ने 18 करोड़ रुपए में इसे बनाने की अनुमति दी थी, लेकिन NHAI इसे बनाने में 250 करोड़ रुपए का खर्च कर रहा है. – आयुष्मान योजना में हुई धांधली का खुलासा भी कैग की रिपोर्ट में हुआ है. रिपोर्ट के मुताबिक आयुष्मान योजना के तहत 3,446 ऐसे मरीजों के इलाज पर 6.97 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया, जो पहले ही मर चुके थे. – अयोध्या विकास को लेकर बनाए जा रहे स्वदेश दर्शन योजना पर भी कैग ने सवाल उठाया है. कैग के मुताबिक इस परियोजना में ठेकेदारों को 19.73 करोड़ रुपये का अनुचित लाभ दिया गया है. – कैग रिपोर्ट के मुताबिक आयुष्मान योजना के तहत 7.5 लाख लाभार्थी एक ही संख्या के मोबाइल नंबर से जुड़े हुए हैं. रिपोर्ट में भारी धांधली का जिक्र किया गया है.

भाजपा ने मध्य प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव के 230 में से 39 सीटों की घोषणा

कल प्रधानमंत्री और पार्टी के बड़े नेताओं की बैठक के बाद सी और डी श्रेणी की सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा की गई है। सी ओर डी श्रेणी में वो सीटे आती है जहा भाजपा 2/3 बार से हार रही है या कभी नहीं जीत पाई। टिकेट की घोषणा के बाद अब तक छतरपुर में दो और डिंडोरी ज़िले की शाहपुर सीट को लेकर आवाज़ उठने लगी है। शाहपुर के उम्मीदवार ने पार्टी से सीट बदलने की गुहार लगाई है क्योंकि पिछली बार कांग्रेस के आदिवासी उम्मीदवार ने वहा से 35 हज़ार वोटो से जीत दर्ज़ की थी। 2018 के चुनाव में भाजपा 39 में एक सीट भी नहीं जीत पाई थी। इन 39 सीटों में से 38 पर कांग्रेस ने जीता था जबकि दमोह की पथरिया सीट से बीएसपी उम्मीदवार रामबाई ने जीत दर्ज़ की थी। कांग्रेस को उम्मीद है इस बार 39 की 39 सीट जीतेंगे।

आरबीआई की नीति में सख्त रुख के बाद सेंसेक्स लुढ़का

नई दिल्ली, 10 अगस्त (आईएएनएस)। जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के मुख्य निवेश रणनीतिकार वी.के. विजयकुमार का कहना है कि आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति ने नीतिगत दरों और रुख पर बाजार की उम्मीदों के अनुरूप इन्‍हें यथावत बनाये रखा है। वहीं इसने अपने टोन को सख्‍त किया है यानी भविष्‍य में रेपो रेट बढ़ाने के संकेत दिये हैं। समिति की गुरुवार को समाप्‍त हुई तीन दिवसीय बैठक में महत्वपूर्ण बदलाव मौजूदा वित्‍त वर्ष के लिए खुदरा महंगाई अनुमान 5.1 प्रतिशत से बढ़ाकर 5.4 प्रतिशत करना है। इसका मतलब है कि ऊंची नीतिगत दरें लंबे समय तक ऊंची बनी रहेंगी और इसलिए अगले वित्‍त वर्ष की पहली तिमाही से पहले दरों में कटौती की उम्मीद नहीं है। उन्होंने कहा कि बाजार के नजरिए से नीति में कोई सकारात्मक या नकारात्मक आश्चर्य नहीं है। एलकेपी सिक्योरिटीज के बैंकिंग विश्लेषक अजीत काबी ने कहा कि आरबीआई ने एमपीसी हालिया बैठक में नीतिगत दर को 6.5 प्रतिशत पर अपरिवर्तित रखा है। मुद्रास्फीति (खुदरा महंगाई को छोड़कर) चिंता का कारण नहीं है। उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2023-24 के लिए खुदरा महंगाई का पूर्वानुमान 5.1 प्रतिशत से बढ़ाकर 5.4 प्रतिशत किया गया है। इसके अलावा, वास्तविक जीडीपी वृद्धि का पूर्वानुमान 6.5 प्रतिशत आंका गया है। उन्होंने कहा कि आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति मुद्रास्फीति को चार प्रतिशत के लक्ष्य के करीब लाने और मुद्रास्फीति की अपेक्षा को नियंत्रित करने की अपनी प्रतिबद्धता पर दृढ़ है। आरबीआई की नीति घोषणा के बाद बीएसई का सेंसेक्स तेजी से 326 अंक गिरकर 65,669 अंक पर आ गया। एशियन पेंट्स (NS:ASPN) में दो फीसदी से बड़ी गिरावट है। टाटा मोटर्स (NS:TAMO) और नेस्ले (NS:NEST) के शेयर भी एक फीसदी से ज्यादा टूटे।।

राहुल गांधी ने क्या आख़िरी पलों में अविश्वास प्रस्ताव पर बोलने की रणनीति बदल ली?

भारतीय मीडिया में यह ख़बर पिछले दो दिनों से सुर्खियों में थी कि राहुल गांधी ही चर्चा की शुरुआत करेंगे. मंगलवार को राहुल गांधी का नाम भी लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला के पास पहले वक़्ता के तौर पर भेजा गया था. मीडिया में इस बात की चर्चा ज़ोरों पर थी कि राहुल गांधी सांसदी बहाल होने के बाद लोकसभा में किस तेवर में बोलेंगे. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, आख़िरी मिनटों में राहुल गांधी ने चर्चा की शुरुआत करने से इनकार कर दिया. अभी तक यह रहस्य बना हुआ है कि राहुल गांधी ने ऐसा क्यों किया. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़ राहुल के इनकार के बाद कांग्रेस के फ्लोर मैनेजरों ने ओम बिड़ला को सूचित किया कि असम से पार्टी के सांसद गौरव गोगोई चर्चा की शुरुआत करेंगे. गौरव गोगोई ने ही अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दिया था. छोड़कर ये भी पढ़ें आगे बढ़ें ये भी पढ़ें समाप्त कांग्रेस नेता चर्चा की शुरुआत राहुल गांधी की ओर से नहीं होने पर कोई ठोस कारण नहीं बता रहे हैं लेकिन सत्ताधारी बीजेपी इससे ज़रूर हरकत में आ गई. संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने लोकसभा में चर्चा शुरू होने के दौरान ही पूछा कि राहुल गांधी का नाम स्पीकर के पास भेजा गया था लेकिन उनका नाम वापस क्यों लिया गया? इस पर गोगोई ने जवाब दिया कि “स्पीकर के चैंबर में हुई बातों को सार्वजनिक करना ठीक नहीं है, क्या ये भी बता जाएगा कि प्रधानमंत्री और स्पीकर के बीच क्या बात हुई.” इमेज स्रोत,ANI इस बयान पर ट्रेज़री बेंच, अमित शाह सहित केंद्रीय मंत्रियों ने कड़ी आपत्ति जताई. अमित शाह ने कहा, “ ये गंभीर आरोप है. आपको बताना चाहिए पीएम और स्पीकर के बीच क्या बात हुई.” प्रह्लाद जोशी ने कांग्रेस की ओर से कौन बहस शुरू करेगा इसे लेकर पैदा हुए कंफ्यूजन पर कहा, “ये सबको पता था कि बहस की शुरुआत कौन करेगा.” मंगलवार को अविश्वास प्रस्ताव पर सदन में बोलने वाले दूसरे नेता थे निशिकांत दुबे. उन्होंने तंज़ वाली भाषा में कहा, “हमें उम्मीद थी की राहुल गांधी विपक्ष की ओर से पहले वक्ता होंगे लेकिन लगता है वो तैयारी करके नहीं आए और देर से सोकर उठे.” इमेज स्रोत,ANI कांग्रेस में भी कंफ्यूज़न छोड़कर पॉडकास्ट आगे बढ़ें छोटी उम्र बड़ी ज़िंदगी उन चमकते सितारों की कहानी जिन्हें दुनिया अभी और देखना और सुनना चाहती थी. दिनभर: पूरा दिन,पूरी ख़बर समाप्त ऐसा लग रहा था कि कांग्रेस के सांसदों को भी इसका अंदाज़ा नहीं था कि राहुल गांधी प्रस्ताव पर बहस की शुरुआत नहीं करेंगे, सभी अपने-अपने कारण बता रहे थे. अंग्रेज़ी अख़बार इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए एक कांग्रेस के सांसद ने कहा, “शायद उन्हें लगा कि गोगोई को बहस शुरू करनी चाहिए क्योंकि वह पूर्वोत्तर से हैं और उन्होंने मणिपुर का दौरा किया था. गोगोई ने ही सदन को नोटिस दिया था और वही चर्चा शुरू करने वाले थे. राहुल गांधी की लोकसभा में वापसी ही एक दिन पहले हुई है.” एक अन्य सांसद ने अख़बार से दावा किया कि गांधी ने पहले नहीं बोलने का फ़ैसला किया क्योंकि प्रधानमंत्री मोदी सदन में मौजूद नहीं थे. वहीं तीसरे सांसद ने कहा कि राहुल गांधी “असहज” महसूस कर रहे थे इसलिए नहीं बोला. कांग्रेस के कुछ सांसद ये भी कह रहे थे कि वो सरकार को सरप्राइज़ करना चाहते थे. एक सांसद ने इंडियन एक्सप्रेस से कहा, “हमने उनका (राहुल गांधी) नाम एक चाल के तहत दिया था. हमें पता था जैसे ही सरकार को पता चलेगा कि राहुल गांधी बोल रहे हैं, ट्रेज़री बेंच अपनी पूरी तैयारी के साथ आएगा और उनकी बहस को मुद्दे से भटकाना चाहेगा. लेकिन जब हमने ऐन मौक़े पर तय किया कि गोगोई बोलेंगे तो वो लोग हैरान परेशान हो गए, वो (सत्ता पक्ष के सांसद) लोग इसके लिए तैयार इमेज स्रोत,ANI राहुल गांधी के भाषण ना देने पर बीजेपी की आपत्ति मोदी सरकार के खिलाफ़ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर जब राहुल गांधी ने मंगलवार को भाषण नहीं दिया तो उस पर बीजेपी ने कड़ी आपत्ति जताई. केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि कांग्रेस ने सुबह 11 बजकर 55 मिनट पर एक पत्र दिया, जिसमें कहा गया कि राहुल गांधी बोलेंगे, बहस दोपहर में शुरू हुई, मुझे आश्चर्य है कि पाँच मिनट में ऐसी क्या समस्या आ गई कि उन्होंने भाषण ना देने का फ़ैसला ले लिया. इसके जवाब में कांग्रेस सांसद रंजन गोगोई ने कहा कि “सत्ता पार्टी के मंत्रियों को लोकसभा स्पीकर के चेंबर में हुई बातों को सार्वजनिक रूप से सामने नहीं लाना चाहिए.” चेतावनी वाले लहजे में उन्होंने कहा कि “अगर इस तरह स्पीकर से हुई हमारी बात को सामने लाया जा रहा है तो फिर चेंबर में प्रधानमंत्री और स्पीकर के बीच क्या बात हुई है ये भी आपको बताना होगा.” गोगोई के इस बयान पर गृहमंत्री अमित शाह ग़ुस्से मे अपनी सीट से उठ गए और गोगोई से कहा, “ ये गंभीर आरोप है, आपको बताना चाहिए कि पीएम ने क्या कहा है.” प्रह्लाद जोशी ने स्पीकर से कहा, “आप स्पीकर और प्रधानमंत्री को लेकर ऐसे बेबुनियाद आरोप नहीं लगा सकते. यह एक गंभीर मामला है.” इस पर लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला ने गौरव गोगोई से कहा मेरा चेंबर भी लोकसभा का हिस्सा है इसलिए ऐसे कोई बयान मत दीजिए जिसके पीछे सच्चाई ना हो. इमेज स्रोत,ANI निशिकांत दुबे का ‘बेटे और दामाद’ वाला बयान सत्ताधारी पक्ष की ओर से अविश्वास प्रस्ताव का विरोध करते हुए झारखंड के गोड्डा से बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने अपने पूरे भाषण में विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ के विरोधाभासों पर ज़ोर दिया. उन्होंने टीएमसी, डीएमके, जेडीयू और नेशनल कॉन्फ्रेंस जैसे दलों के कांग्रेस के साथ अतीत के टकराव का विस्तार से ज़िक्र किया, उन्होंने तंज़ करते हुए कहा कि इस गठबंधन के ज़्यादातर लोग गठबंधन ‘इंडिया’ का “फुल फॉर्म नहीं बता पाएँगे”. निशिकांत दुबे ने अविश्वास प्रस्ताव को ‘ग़रीब के बेटे’ और ‘लोगों के लिए घर बनाने वाले’ व्यक्ति पर हमला बताया. दुबे ने सोनिया गांधी का नाम लेकर उनके बेटे और दामाद का ज़िक्र किया, उन्होंने अपने भाषण में कई बार ‘दामाद’ शब्द का प्रयोग किया जिस पर विपक्ष ने कई बार विरोध किया, उन्होंने कहा कि किसी का भी दामाद … Read more

सर्वोच्च न्यायालय से राहुल गाँधी को सुप्रीम राहत..

मोदी सरनेम केस में सुप्रीम कोर्ट ने राहुल गांधी को बड़ी राहत देते हुए गुजरात हाईकोर्ट के फैसले को रद्द करते हुए सजा पर रोक लगा दी है. अब राहुल गांधी की संसद सदस्यता बहाल होगी. सुप्रीम कोर्ट ने अपील लंबित रहने तक सजा पर रोक लगाई है. कोर्ट ने कहा कि राहुल गांधी को मैक्सिम दो साल की सजा दी गई. निचली अदालत ने ये कारण नहीं दिए कि क्यों पूरे दो साल की सजा दी गई. हाईकोर्ट ने भी इस पर पूरी तरह विचार नहीं किया. सुप्रीम कोर्ट ने साथ ही ये भी कहा कि राहुल गांधी की टिप्पणी गुड टेस्ट में नहीं थी. पब्लिक लाइफ में इस पर सतर्क रहना चाहिए. इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात हाईकोर्ट के फैसले दिलचस्प बताया था. कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा है कि हाईकोर्ट का फैसला बेहद दिलचस्प है. इस फैसले में ये बताया गया है कि आखिर एक सांसद को कैसे बर्ताव करना चाहिए. कोर्ट में सुनवाई के दौरान राहुल गांधी की तरफ से वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी पेश हुए.

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