LATEST NEWS

बड़ा फैसला: किश्तवाड़ में सेना की वर्दी और लड़ाकू पैटर्न वाले कपड़े की बिक्री, सिलाई और भंडारण पर प्रतिबंध लगा

किश्तवाड़ पहलगाम हमले के बाद सुरक्षाबल हाई अलर्ट पर हैं। आतंकियों की कमर तोड़ने के लिए सेना के जवान एक से एक बड़े फैसले ले रहे हैं। इस बीच सैन्य अधिकारियों ने कहा कि किश्तवाड़ में सेना की वर्दी और लड़ाकू पैटर्न वाले कपड़े की बिक्री, सिलाई और भंडारण पर प्रतिबंध लगा दिया है। इस फैसला राष्ट्र विरोधी तत्वों द्वारा इसके दुरुपयोग को रोकने के लिए लिया गया है। किश्तवाड़ के डिप्टी कमिश्नर राजेश कुमार शवन ने वर्दी की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने का आदेश दिया है। जिला मजिस्ट्रेट ने नियमों और प्रतिबंधों का एक सेट जारी करते हुए कहा कि सेना की वर्दी खरीदने और सिलने पर रोक लगा दिया गया है। अगर कहीं ऐसा होता है तो निकटतम पुलिस स्टेशन में इसकी जानकारी दें।

आनंद दुबे ने फारूक अब्दुल्ला को आश्वासन दिया कि शिवसेना (यूबीटी) उनके साथ खड़ी है, हमले के बारे में की बात

श्रीनगर जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद केंद्र शासित प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। इसी बीच शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के नेता एवं प्रवक्ता आनंद दुबे रविवार को जम्मू-कश्मीर पहुंचे और नेशनल कॉन्फ्रेंस के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला से मुलाकात की। शिवसेना (यूबीटी) के प्रवक्ता आनंद दुबे रविवार को जम्मू-कश्मीर पहुंचकर पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला से मुलाकात की। उन्होंने 22 अप्रैल को पहलगाम के बैसरन घाटी में हुए कायराना आतंकी हमले के बारे में बात की। साथ ही आनंद दुबे ने फारूक अब्दुल्ला को आश्वासन दिया कि शिवसेना (यूबीटी) उनके साथ खड़ी है। इससे पहले उन्‍होंने श्रीनगर के प्राचीन शंकराचार्य मंदिर में दर्शन पूजन किया था। उन्होंने मंदिर में दर्शन करने की तस्वीर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर शेयर करते हुए लिखा, सुबह श्रीनगर के प्राचीन शंकराचार्य मंदिर में जाकर पूजा-अर्चना व आरती करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। यह मंदिर पहाड़ पर स्थित है। आज दिन भर श्रीनगर और पहलगाम की यात्रा पर हूं साथ में जम्मू कश्मीर के शिवसेना अध्यक्ष मनीष साहनी, गुलाबचंद मौर्य आदि मित्र हैं।” इससे पहले शिवसेना (यूबीटी) के प्रतिनिधि ने अन्य लोकल लोगों से मुलाकात की और आतंकवाद के खिलाफ एक साथ खड़े होने की बात कही। उन्होंने एक्स पर तस्वीर शेयर करते हुए लिखा, “शिवसेना (यूबीटी) के पक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे और युवासेना प्रमुख व आमदार आदित्य ठाकरे के मार्गदर्शन में, हम कश्मीर (श्रीनगर)वासियों से मिले और उनका हौसला बढ़ाया। हमने स्पष्ट संदेश दिया कि आतंकवाद के खात्मे के लिए हमारी पार्टी पूरी तरह सरकार के साथ खड़ी है। मीडिया के माध्यम से पर्यटकों से भी अपील की कि घबराएं नहीं, हम सब एकजुट हैं। हम सब मिलकर आतंकवाद का अंत करेंगे।” उल्लेखनीय है कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद देशभर में रोष देखने को मिल रहा है। केंद्र सरकार इस हमले का जिम्मेदार आतंकवादियों के पनाहगार पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान को मान रही है। इस दिशा में केंद्र सरकार ने कई कड़े और बड़े फैसले लिए हैं। वहीं, इस कायराना हमले के बाद भारत सरकार को देश के अंदर और बाहर भरपूर समर्थन मिल रहा है।

एफबीआई चीफ काश पटेल ने कहा- आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत सरकार को निरंतर समर्थन का आश्वासन दिया

वाशिंगटन संघीय जांच ब्यूरो (एफबीआई) के निदेशक काश पटेल ने रविवार को जम्मू एवं कश्मीर के पहलगाम आतंकवादी हमले की निंदा की। उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत सरकार को निरंतर समर्थन का आश्वासन दिया। 22 अप्रैल को हुए इस क्रूर हमले में 26 लोगों की जान चली गई थी। पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) से जुड़े ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ)’ ने इस हमले को अंजाम दिया था। इस हमले ने भारत और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यापक कूटनीतिक और सार्वजनिक आक्रोश पैदा कर दिया है। पटेल ने एक्स पर लिखा, “एफबीआई कश्मीर में हाल ही में हुए आतंकवादी हमले के सभी पीड़ितों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करती है। एफबीआई भारत सरकार को अपना पूरा समर्थन देना जारी रखेगी।” उन्होंने आगे कहा, “यह आतंकवाद की बुराइयों से हमारी दुनिया को लगातार होने वाले खतरों की याद दिलाता है।” अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी हमले के एक दिन बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात की और आतंकवादी कृत्य की कड़ी निंदा की। विदेश मंत्रालय ने एक्स पर पोस्ट किया, “राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पीएम नरेंद्र मोदी को फोन किया और जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी हमले में निर्दोष लोगों की जान जाने पर अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की। राष्ट्रपति ट्रंप ने आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा की और इस जघन्य हमले के अपराधियों को न्याय के दायरे में लाने के लिए भारत के प्रति पूर्ण समर्थन व्यक्त किया।” हालांकि ट्रंप ने अपने पहले कार्यकाल के दौरान भारत और पाकिस्तान के बीच मध्यस्थता की पेशकश की थी लेकिन पोप फ्रांसिस के अंतिम संस्कार में भाग लेने के लिए रोम जाते समय एक जब एक पत्रकार ने उनसे सवाल किया तो उन्होंने उस प्रस्ताव को दोहराने से इनकार कर दिया। यह पूछे जाने पर कि क्या वह स्थिति को लेकर चिंतित हैं और क्या वह भारत और पाकिस्तान के नेताओं से बात करने की योजना बना रहे हैं, ट्रंप ने जवाब दिया, “उस सीमा पर 1500 वर्षों से तनाव है।” उन्होंने कहा, “लेकिन वे किसी न किसी तरह से इसका समाधान निकाल लेंगे। मुझे यकीन है कि मैं दोनों नेताओं को जानता हूं।” मध्यस्थता करने का कोई इरादा न दिखाने के बावजूद, ट्रंप और उनके अधिकारियों ने पहलगाम आतंकी हमले की निंदा की और भारत को समर्थन देने का वादा किया।

‘लापु लापु फेस्टिवल’ में एक व्यक्ति ने भीड़ पर गाड़ी चलाकर हमला किया, जिसमें नौ लोगों की मौत

वैंकूवर वैंकूवर में एक स्ट्रीट फेस्टिवल में एक कार के भीड़ में घुसने से कम से कम नौ लोगों की मौत हो गई। अधिकारियों ने कहा कि घटना के दौरान ‘कई अन्य लोग’ घायल हो गए। अधिकारियों ने वैंकूवर के 30 वर्षीय शख्स को हिरासत में लिया है। आरोप है कि उसने शनिवार को रात 8 बजे के बाद ‘ई. 41वें एवेन्यू’ और ‘फ्रेजर स्ट्रीट’ पर आयोजित स्ट्रीट फेस्टिवल में काले रंग की एसयूवी घुसा दी थी। पुलिस विभाग ने एक्स को बताया, “अभी तक हम पुष्टि कर सकते हैं कि कल रात ‘लापु लापु फेस्टिवल’ में एक व्यक्ति ने भीड़ पर गाड़ी चलाकर हमला किया, जिसमें नौ लोगों की मौत हो गई। हमारी संवेदनाएं इस दुखद घटना से प्रभावित सभी लोगों के साथ हैं।” यह घटना ‘लापु लापु डे ब्लॉक पार्टी’ के दौरान घटी, जो फिलीपींस के प्रथम राष्ट्रीय नायक के सम्मान में आयोजित होने वाला एक वार्षिक कार्यक्रम है। वैंकूवर पुलिस ने यह भी पुष्टि की कि यह घटना आतंकवादी कृत्य नहीं थी। पुलिस विभाग का मेजर क्राइम सेक्शन घटना की जांच कर रहा है। इस बीच, घटनास्थल के दिल दहला देने वाले वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए हैं, जिनमें कई पीड़ित जमीन पर पड़े हुए दिखाई दे रहे हैं, जिनमें से कुछ मृत या गंभीर रूप से घायल दिखाई दे रहे हैं। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि पीड़ितों को कार से तब टक्कर मारी गई जब वे पैदल चल रहे थे या सड़क के किनारे खड़े फूड ट्रकों का इंतजार कर रहे थे। न्यू डेमोक्रेटिक सांसद डॉन डेविस ने एक्स पर अपनी संवेदना व्यक्त करते हुए लिखा, “लापु लापु फेस्टिवल में हुए भयानक हमले की दुखद खबर अभी-अभी सुनी। मैं सभी पीड़ितों और उनके परिवारों के लिए प्रार्थना कर रहा हूं।” वैंकूवर के मेयर केन सिम ने भी इस त्रासदी पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा, “मैं आज के लापु लापु दिवस समारोह में हुई भयावह घटना से स्तब्ध और बहुत दुखी हूं… इस अत्यंत कठिन समय में हमारी संवेदनाएं सभी प्रभावित लोगों और वैंकूवर के फिलिपिनो समुदाय के साथ हैं।”

आतंकी हमले के बाद भी जैसलमेर में बिक रही सेना जैसी वर्दियां, तत्काल रोक और सख्त निगरानी नहीं की गई तो गंभीर खतरा

जैसलमेर भारतीय दंड संहिता के प्रावधानों और केंद्र सरकार के सख्त निर्देशों के बावजूद सेना जैसे कपड़े आम लोगों को बेचे जा रहे हैं। सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि यदि इस पर तत्काल रोक और सख्त निगरानी नहीं की गई तो राष्ट्रीय सुरक्षा को गंभीर खतरा हो सकता है। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हाल ही में सेना की वर्दी पहनकर किए गए आतंकी हमले ने देश की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गहरी चिंता खड़ी कर दी है। इस भयावह घटना के बाद पूरे देश में सुरक्षा मानकों को लेकर बहस छिड़ी हुई है। वहीं, दूसरी ओर राजस्थान के संवेदनशील सीमा जिले जैसलमेर में बाजारों और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर आज भी सेना और अर्द्धसैनिक बलों जैसी वर्दियों की खुलेआम बिक्री जारी है। यह लापरवाही न केवल सेना की गरिमा को चोट पहुंचा रही है, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा भी बन सकती है। सेना जैसी वर्दी पहनकर हमला, सुरक्षा में बड़ी सेंध 22 अप्रैल को कश्मीर के पहलगाम इलाके में आतंकियों ने सेना की वर्दी में आकर सुरक्षाबलों पर हमला कर दिया था। आतंकियों ने सेना की वर्दी का सहारा लेकर पहले खुद को सुरक्षाबलों के बीच मिला लिया और फिर अचानक हमला कर दिया। इस हमले ने यह साफ कर दिया कि यदि किसी असामाजिक तत्व को सेना या पुलिस जैसी वर्दी आसानी से उपलब्ध हो जाए तो वह कितनी बड़ी चुनौती बन सकता है। इस घटना के बाद देशभर में इस बात पर गंभीर चिंता जताई जा रही है कि सेना और सुरक्षा बलों की वर्दी जैसी पोशाकें बाजारों में कैसे बिक रही हैं। जैसलमेर में बाजारों में मिल रही वर्दियां जैसलमेर जैसे संवेदनशील सरहदी जिले, जहां से पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय सीमा कुछ ही किलोमीटर दूर है, वहां भी बाजारों में सेना, बीएसएफ, और पुलिस जैसी वर्दियां बिना रोक-टोक बिक रही हैं। कई दुकानों पर कॉम्बैट प्रिंट के कपड़े, जैकेट, टी-शर्ट और टोपी खुलेआम बेची जा रही हैं। हालांकि दुकानदार दावा करते हैं कि वे पहचान और सत्यापन के बाद ही सामान बेचते हैं, लेकिन वास्तविकता यह है कि कोई भी व्यक्ति आसानी से ये वर्दी जैसे कपड़े खरीद सकता है। दोषी पाए जाने पर 500 रुपये जुर्माना भारतीय दंड संहिता की धारा 140 और 171 के तहत सेना, नौसेना और वायुसेना की वर्दी या उसके जैसी दिखने वाली यूनिफॉर्म को अनाधिकृत रूप से पहनना या बेचना अपराध की श्रेणी में आता है। दोषी पाए जाने पर 500 रुपये जुर्माना और अधिकतम तीन महीने तक की सजा हो सकती है। सेना जैसी वर्दी का उत्पादन केवल कुछ अधिकृत मिलों को ही करने की अनुमति है, जिनमें पंजाब के फगवाड़ा और महाराष्ट्र की दो मिलें प्रमुख हैं। केंद्र सरकार ने सभी राज्यों को आदेश दिया था कि कॉम्बैट प्रिंट कपड़े बनाने, बेचने और पहनने पर सख्त निगरानी रखी जाए, खासकर संवेदनशील इलाकों में। सेना के पुराने आदेश भी हवा में पठानकोट हमले के बाद सेना ने खासतौर पर निर्देश दिया था कि आम जनता को सेना जैसे कपड़े न बेचे जाएं और निजी सुरक्षा एजेंसियों को भी कॉम्बैट पैटर्न की यूनिफॉर्म इस्तेमाल न करने को कहा गया था। इसके बावजूद आज जैसलमेर जैसे सीमावर्ती जिले में आधा दर्जन से ज्यादा दुकानों पर यह कपड़ा आसानी से उपलब्ध है। न कोई सख्त निगरानी है न ही प्रशासन की ओर से कोई सघन अभियान चलाया जा रहा है। जांच और निगरानी की सख्त जरूरत जैसलमेर जैसे सीमावर्ती जिले की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन और पुलिस को बाजारों में सेना की वर्दी जैसे कपड़ों की बिक्री पर तत्काल रोक लगाने की जरूरत है। साथ ही ऐसे कपड़े बेचने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। सुरक्षा एजेंसियों के सूत्रों के अनुसार, यदि पहलगाम जैसी घटनाओं से सबक नहीं लिया गया तो सीमावर्ती जिलों में भी आतंकी तत्व सेना या सुरक्षा बलों की वर्दी का दुरुपयोग कर सकते हैं। ऐसे में समय रहते सख्ती नहीं बरती गई तो इसके परिणाम भयावह हो सकते हैं।  

दिल्ली में लू के थपेड़े, मौसम विभाग ने हीट वेव को लेकर जारी किया येलो अलर्ट

नई दिल्ली दिल्ली-NCR में हाल के दिनों से गर्मी ने लोगों को परेशान कर रखा है. दिन में सूरज की तीव्रता से तापमान बढ़ रहा है, जबकि रात में भी गर्मी से राहत नहीं मिल रही है. शनिवार को लू के थपेड़े भी महसूस किए गए, और यह दिन इस सीज़न का सबसे गर्म दिन रहा, जब अधिकतम तापमान 41.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो औसत से 4 डिग्री अधिक है. न्यूनतम तापमान 21.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. आज भी दिल्ली-एनसीआर में हीटवेव के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है, और मौसम विभाग के अनुसार, एक मई तक गर्मी से राहत मिलने की कोई संभावना नहीं है. ऐसे में लोगों को सलाह दी जाती है कि वे आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलें. मौसम विभाग ने रविवार, 27 अप्रैल के लिए दिल्ली में लू का अलर्ट जारी किया है. आज अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है, जबकि न्यूनतम तापमान लगभग 24 डिग्री सेल्सियस रहने की उम्मीद है. दिल्ली में आसमान साफ रहेगा, लेकिन दोपहर में धूल भरी हवाएं चल सकती हैं, जिनकी गति 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटे के बीच रहने की संभावना है. कब से कब तक चलेंगी गर्म हवाएं दिल्ली में 28 और 29 अप्रैल को बादल छाने की संभावना है, जिससे तापमान में थोड़ी कमी आ सकती है. हालांकि, इस दौरान दिल्लीवासियों को अधिक राहत की उम्मीद नहीं करनी चाहिए. 29 अप्रैल से एक मई तक, दिल्ली में दिन के समय तेज और गर्म हवाएं चलने की संभावना है. तापमान औसत से 4 डिग्री ज्यादा पिछले 24 घंटों में दिल्ली का अधिकतम तापमान 41.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो औसत से 4 डिग्री अधिक है. वहीं, न्यूनतम तापमान 21.6 डिग्री सेल्सियस रहा, जो औसत से 1 डिग्री कम है. गर्मी के कारण दिल्ली में आद्रता का स्तर काफी कम, केवल 24 प्रतिशत दर्ज किया गया. गर्मी बढ़ने के साथ AQI भी खराब केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, सोमवार को शहर की वायु गुणवत्ता ‘खराब’ श्रेणी में रही, जिसमें AQI का स्तर 258 दर्ज किया गया. इससे पहले, 24 अप्रैल को दिल्ली का एक्यूआई शाम 4 बजे 227 था. वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) के अनुसार, 0 से 50 के बीच AQI को अच्छा, 51 से 100 को संतोषजनक, 101 से 200 को मध्यम, 201 से 300 को खराब, 301 से 400 को बहुत खराब और 401 से 500 को गंभीर माना जाता है.

कट्टरपंथी इस्लामिक समूह बांग्लादेश ने मोहम्मद यूनुस को शेख हसीना जैसा ही अंजाम करने की धमकी दी

ढाका बांग्लादेश के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस ने सत्ता का मजा लूटने के लिए इस्लामिक कट्टरपंथियों को खूब खुली छूट दी, लेकिन अब वही कट्टरपंथी उनके लिए भस्मासुर साबित होने वाले हैं। कट्टरपंथी इस्लामिक समूह हिफाजत-ए-इस्लाम बांग्लादेश ने मोहम्मद यूनुस को शेख हसीना जैसा ही अंजाम करने की धमकी दी है। हिफाजत-ए-इस्लाम महिलाओं के लिए सुधार लागू करने के खिलाफ अड़ गया है। इसने कहा है कि अगर बांग्लादेश की अंतरिम सरकार को महिला मामलों के सुधार आयोग के इस्लाम विरोधी प्रस्तावों को लागू करने के लिए आगे बढ़ती है, तो उनका हश्र भी पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना जैसा ही किया जाएगा। आयोग के प्रस्तावों को बताया कुरान विरोधी हिफाजत-ए-इस्लाम के नेताओं ने प्रस्तावों की निंदा की और कहा कि ये कुरान और सुन्नत के सीधे विरोध में हैं। महिला मामलों के सुधार आयोग को समाप्त करने की मांग कर रहे हिफाजत नेता ने घोषणा की कि समूह 3 मई को ढाका के सुहरावर्दी उद्यान में एक सामूहिक रैली करेगा। इस्लामी समूह ने शुक्रवार को चटगांव के अंदरकिल में एक विरोध रैली और जुलूस का आयोजन भी किया। शेख हसीना जैसा हाल करने की धमकी नारायणगंज में चशारा सेंट्रल शहीद मीनार में एक सार्वजनिक सभा को संबोधित करते हुए हिफाजत के संयुक्त महासचिव मामुनुल हक ने इसे लागू किए जाने का विरोध किया। हक ने कहा, ‘यूनुस साहब ने इसे जल्दी लागू करने की बात की है। वे इस्लामी विरासत कानून के खिलाफ खड़े हुए हैं। हमने उन्हें बहुत सम्मान दिया है, लेकिन अगर वे इस रास्ते पर चलते हैं, तो हम उनके साथ हसीना से अलग व्यवहार नहीं कर सकते।’ कट्टरपंथियों का यूनुस के खिलाफ ऐलान इसके अलावा, एक अन्य कट्टरपंथी इस्लामी राजनीतिक पार्टी, खिलाफत मजलिश ने चेतावनी दी कि अगर आयोग के प्रस्तावों को लागू किया गया तो वे एक बड़ा आंदोलन शुरू करेंगे। पार्टी ने सुधार आयोग की आलोचना की और इसे खत्म करने की मांग की। खिलाफत मजलिश ने कहा, ‘आयोग का गठन नास्तिकों और पश्चिमी समर्थकों के एक समूह ने किया था।’ ढाका में बैतुल मुकर्रम राष्ट्रीय मस्जिद के गेट पर एक विरोध रैली में बोलते हुए, पार्टी के महासचिव अहमद अब्दुल कादर ने आरोप लगाया कि आयोग का गठन ‘नास्तिकों और पश्चिमी समर्थकों के एक समूह ने किया है, जिनका मुख्य लक्ष्य बांग्लादेश के धार्मिक और पारिवारिक मूल्यों को कमजोर करना है।’ उन्होंने कहा, ‘आयोग ने सभी धर्मों की महिलाओं के लिए एक समान पारिवारिक कानून प्रस्तावित किया है – जिसमें विवाह, तलाक, विरासत और भरण-पोषण शामिल है। यह सीधे तौर पर कुरान और सुन्नत के खिलाफ है और मुसलमानों की आस्था पर एक ज़बरदस्त हमला है। हम इस तरह की इस्लाम विरोधी गतिविधियों को कभी स्वीकार नहीं करेंगे।’

तिरुवनंतपुरम एयरपोर्ट पर बम की धमकी, मचा हड़कंप, बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वॉड ने मोर्चा संभाल लिया

तिरुवनंतपुरम रविवार को तिरुवनंतपुरम इंटरनेशनल एयरपोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल मिला, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। एयरपोर्ट प्रशासन ने तत्काल सुरक्षा एजेंसियों को सूचना दी, जिसके बाद बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वॉड ने मोर्चा संभाल लिया। सभी टर्मिनलों की गहन तलाशी ली जा रही है और यात्रियों को सतर्क रहने के लिए कहा गया है। धमकी के बाद बढ़ाई गई सुरक्षा, बम निरोधक दस्ते तैनात एयरपोर्ट के जनसंपर्क अधिकारी (पीआरओ) ने बयान जारी करते हुए बताया कि धमकी भरा ईमेल मिलते ही बम निरोधक दस्ते को सक्रिय कर दिया गया। टर्मिनल के अंदर और बाहर हर कोना छाना जा रहा है। फिलहाल किसी संदिग्ध वस्तु के मिलने की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन सुरक्षा में कोई ढील नहीं बरती जा रही है। यह धमकी ऐसे समय आई है जब तिरुवनंतपुरम शहर के कई होटलों को भी शनिवार को इसी तरह के बम धमकी वाले ईमेल मिले थे। हिल्टन होटल समेत कई प्रमुख होटलों में बम स्क्वॉड ने तलाशी अभियान चलाया था। हालांकि, उस समय कोई विस्फोटक सामग्री बरामद नहीं हुई थी और धमकियों को फर्जी करार दिया गया था। पुलिस कर रही है जांच, ईमेल के स्रोत का पता लगाने की कोशिश कैंटोनमेंट पुलिस स्टेशन के एक अधिकारी ने बताया कि भले ही अभी तक किसी बम का पता नहीं चला है, लेकिन धमकी को हल्के में नहीं लिया जा सकता। अधिकारी ने कहा कि ईमेल कहां से भेजा गया और इसके पीछे किसका हाथ है, इसकी सक्रियता से जांच हो रही है। साइबर सेल की टीमें भी ईमेल ट्रेस करने में लगी हैं। केरल में पिछले कुछ महीनों में बम धमकी ईमेल की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं। जिला कलेक्टरेट, राजस्व विभागीय कार्यालयों और केरल उच्च न्यायालय जैसे अहम स्थानों को भी निशाना बनाया गया है। हर बार पुलिस ने गहन तलाशी के बाद किसी भी वास्तविक खतरे से इनकार किया है और धमकियों को झूठा बताया है। लोगों से शांति बनाए रखने की अपील अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं और किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें। जांच एजेंसियां हर संभव कदम उठा रही हैं ताकि किसी भी प्रकार के खतरे को समय रहते रोका जा सके। सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत एयरपोर्ट और शहर में अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है।

ट्रंप ने एक दिन पहले दावा किया था कि रूस और यूक्रेन समझौते के बहुत करीब हैं, पुतिन की मंशा पर ट्रंप ने उठाए सवाल

वाशिंगटन अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उन्हें इस बात पर संदेह है कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के इच्छुक हैं। ट्रंप ने यह भी आशंका जताई कि फिलहाल शांति समझौते की कोई संभावना नहीं दिख रही है।ट्रंप ने एक दिन पहले दावा किया था कि रूस और यूक्रेन “समझौते के बहुत करीब” हैं। लेकिन शनिवार को उन्होंने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि नागरिक क्षेत्रों, शहरों और कस्बों पर हाल ही में हुई मिसाइल बमबारी ने उनके इस विश्वास को कमजोर कर दिया है। “पिछले कुछ दिनों में नागरिक इलाकों पर मिसाइल हमलों का कोई औचित्य नहीं है। इससे लगता है कि शायद पुतिन युद्ध समाप्त करने के पक्ष में नहीं हैं।” ट्रंप ने शनिवार को वेटिकन में पोप फ्रांसिस के अंतिम संस्कार से पहले यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की से मुलाकात भी की। पोप फ्रांसिस के निधन के बाद दुनिया भर के नेताओं ने अंतिम विदाई में हिस्सा लिया था।  

कोच्चि जल मेट्रो को मुंबई में इस परियोजना के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करने का कार्य सौंपा गया

मुंबई महाराष्ट्र के मत्स्य पालन और बंदरगाह विकास मंत्री नितेश राणे ने रविवार को घोषणा की कि राज्य सरकार मुंबई में जल मेट्रो परियोजना की योजना बना रही है। इसके लिए कोच्चि जल मेट्रो को मुंबई में इस परियोजना के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने का कार्य सौंपा गया है। राणे के मुताबिक, यह रिपोर्ट इस महीने के अंत तक तैयार हो जाएगी। 50-50 प्रतिशत भागीदारी पर बनेगा विशेष निकाय राणे ने कहा कि मुंबई में जल मेट्रो परियोजना को लागू करने के लिए केंद्र सरकार और राज्य सरकार के बीच 50-50 प्रतिशत की भागीदारी पर एक विशेष निकाय का गठन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि मुंबई सात द्वीपों से बना है, लेकिन अब तक जलमार्गों का पूरी तरह से उपयोग नहीं किया गया है। यह परियोजना सड़कों और उपनगरीय रेल सेवाओं पर बढ़ते बोझ को कम करने में मदद करेगी। शहरी परिवहन में सुधार और पर्यटन को बढ़ावा नितेश राणे ने जोर देते हुए कहा कि जल मेट्रो परियोजना शहरी परिवहन में सुधार लाएगी और मुंबई की पर्यटन क्षमता को भी बढ़ावा देगी। कोच्चि जल मेट्रो परियोजना महाराष्ट्र सरकार को इस दिशा में सहायता प्रदान करेगी। इस परियोजना के तहत बैटरी से चलने वाली नौकाएं मुंबई महानगर क्षेत्र (एमएमआर) के विभिन्न हिस्सों को जोड़ने के लिए चलेंगी। 21 प्रस्तावित स्टेशनों की सूची राणे ने यह भी बताया कि जल मेट्रो परियोजना के तहत कुल 21 प्रस्तावित स्टेशनों की सूची तैयार की गई है, जिसमें वैतरणा नदी, वसई, ठाणे, मनोरी, पनवेल, और मुंबई पोर्ट ट्रस्ट के पास स्टेशन शामिल हैं। पहले चरण में जल मेट्रो सेवा शुरू की जाएगी, जबकि दूसरे चरण में रो-रो (रोल ऑन-रोल ऑफ) सेवा का विस्तार किया जाएगा। नवी मुंबई हवाई अड्डे पर जल टैक्सी सेवा मंत्री ने आगे कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने हाल ही में यह घोषणा की थी कि नवी मुंबई का हवाई अड्डा देश का पहला हवाई अड्डा होगा, जहां जल टैक्सी सेवा भी शुरू होगी। इसके लिए हवाई अड्डे के पास एक जल मेट्रो टर्मिनल का निर्माण किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस परियोजना पर अगले कुछ दिनों में सिडको, महाराष्ट्र सागरी मंडल (एमएमबी) और राज्य पत्तन मंत्रालय की एक बैठक आयोजित की जाएगी, ताकि डीपीआर तैयार किया जा सके।

तहव्वुर राणा ने मुंबई आतंकी हमलों पर किया बड़ा खुलासा, 26/11 पर इस व्यक्ति को बताया जिम्मेदार

मुंबई मुंबई में 26/11 के भयानक आतंकी हमलों का नाम लेते ही तहव्वुर हुसैन राणा का जिक्र सामने आता है। अब इस मामले में बड़ी खबर सामने आई है। मुंबई क्राइम ब्रांच की पूछताछ में तहव्वुर राणा ने खुद को हमलों से पूरी तरह अलग बताया है। राणा ने कहा कि उसका 26/11 से कोई लेना-देना नहीं है और इसके लिए उसने अपने बचपन के दोस्त डेविड कोलोमन हेडली को जिम्मेदार ठहराया है। सूत्रों के अनुसार, राणा ने पूछताछ के दौरान दावा किया कि हमले की साजिश में उसकी कोई भूमिका नहीं रही। उसका यह बयान जांच एजेंसियों के लिए एक नई चुनौती बन गया है। केरल में भी गया था तहव्वुर राणा पूछताछ के दौरान तहव्वुर राणा ने यह भी कबूल किया कि वह दिल्ली और मुंबई के अलावा केरल भी गया था। जब अधिकारियों ने वजह पूछी तो राणा ने कहा कि वह अपने जानने वालों से मिलने के लिए केरल गया था। उसने उन जानकारों का नाम और पता भी एजेंसियों को उपलब्ध कराया है। सूत्रों का कहना है कि राणा की दी गई जानकारी की पुष्टि करने के लिए मुंबई क्राइम ब्रांच की एक टीम जल्द ही केरल रवाना हो सकती है। पूछताछ में बेहद शांत नजर आया राणा एक अधिकारी ने बताया कि तहव्वुर राणा बेहद ट्रेंड अपराधी है। उसकी उम्र भले ही ज्यादा हो गई हो लेकिन वह पूछे गए सवालों का बिना घबराए जवाब देता है और कई बार गुमराह करने की भी कोशिश करता है। इतना ही नहीं, पूछताछ के दौरान जब नमाज का समय होता है तो वह इंटेरोगेटर से कहता है कि उसे 15 मिनट के लिए नमाज अदा करनी है और इस दौरान उसे डिस्टर्ब न किया जाए। राणा का यह रवैया एजेंसियों को उसकी मानसिक मजबूती और प्रशिक्षण का अहसास कराता है। अमेरिका से कैसे भारत लाया गया तहव्वुर राणा 26/11 हमलों के एक प्रमुख आरोपी तहव्वुर राणा को अमेरिका से भारत लाना आसान नहीं था। राणा ने प्रत्यर्पण से बचने के लिए अमेरिका में कई कानूनी प्रयास किए। यहां तक कि उसने अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में इमरजेंसी अर्जी भी लगाई थी। लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद जब उसकी सभी याचिकाएं खारिज हो गईं तो उसका भारत प्रत्यर्पण संभव हो सका। एनआईए और एनएसजी की टीमों ने मिलकर लॉस एंजेल्स से उसे एक विशेष विमान के जरिए भारत लाया। इस पूरी प्रक्रिया में भारत के विदेश मंत्रालय और गृह मंत्रालय ने अमेरिकी एजेंसियों के साथ मिलकर अहम भूमिका निभाई। एनआईए ने राणा के प्रत्यर्पण के लिए कई वर्षों तक अमेरिकी एफबीआई और न्याय विभाग के साथ समन्वय किया था। 26/11 हमले की कहानी जिसने हिला दी थी दुनिया याद दिला दें कि 26 नवंबर 2008 को दस आतंकवादियों ने मुंबई के ताज होटल, ओबेरॉय ट्राइडेंट, छत्रपति शिवाजी टर्मिनस और नरीमन हाउस जैसे स्थानों पर हमला किया था। इस आतंकी हमले में 166 लोगों की मौत हुई थी और सैकड़ों घायल हुए थे। पूरी दुनिया इस हमले से हिल गई थी। भारत की जांच एजेंसियों का आरोप है कि तहव्वुर राणा ने पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के साथ मिलकर इस हमले की योजना बनाने में मदद की थी।

दिल्ली में रोहिणी सेक्टर 17 में झुग्गियों में लगी आग

नई दिल्ली दिल्ली-एनसीआर में गर्मी बढ़ते ही आग की घटनाएं भी तेजी से सामने आ रही हैं। दिल्ली में ही आज दो जगहों से आग लगने की घटनाएं सामने आई हैं। आग की पहली घटना रोहिणी की है तो दूसरी आईटीओ के पास की है। जानकारी के अनुसार, दिल्ली में रोहिणी सेक्टर 17 स्थित निकेतन अपार्टमेंट के पास बसी झुग्गियों रविवार को भीषण आग लग गई। आग तेजी से फैली कि इससे पूरे इलाके में काले धुएं का गुबार छा गया। आग के चलते इलाके में अफरा-तफरी का माहौल है। झुग्गियों में आग लगने की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की 20 गाड़ियां मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाने की कोशिश में जुटी हैं। अभी तक किसी के हताहत होने की जानकारी नहीं है। आईटी के पास जंगल में लगी आग दिल्ली के ही शकरपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आईटीओ जाने वाले रास्ते पर जंगल में भी आज आग लग गई। आग बुझाने का काम जारी है। गीता कॉलोनी फायर स्टेशन के सब-ऑफिसर भीमसेन ने बताया, “दोपहर 12.07 बजे हमें लक्ष्मी नगर से आईटीओ जाने वाले रास्ते पर पेड़ों में आग लगने की सूचना मिली थी। तीन गाड़ियां मौके पर पहुंचकर आग बुझाने में जुटी हैं। आग पर काबू पा लिया गया है। किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। गुरुग्राम में बंधवाड़ी में कूड़े के पहाड़ में लगी भीषण आग वहीं, रिपोर्ट के अनुसार, गुरुग्राम में बंधवाड़ी लैंडफिल साइट पर शनिवार रात 9 बजे आग लग गई थी। कई घंटे बीत जाने के बाद भी आग पर काबू नहीं पाया जा सका है। आग पूरे कूड़े के पहाड़ पर भीषण तरीके से लगी हुई है। आग पर काबू पाने के लिए गुरुग्राम सहित तीन जिलों की दमकल की गाड़ियां आग पर काबू पाने में जुटी हैं। आग का धुआं आसपास के गांव तक पहुंच गया है। इस कारण आसपास के गांव बंधवाड़ी, ग्वाल पहाड़ी, बालियावास, मांगर सहित पांच गांव में लोगों को सांस लेना दुभर हो गया है। आग पूरे कूड़े के पहाड़ पर लगी हुई है। दमकल अधिकारियों ने बताया कि आग पर काबू पाने के लिए दमकल की टीमें जुटी हुई है।  

पाकिस्तान पुलिस के प्रवक्ता ने बताया- PSL के प्रसारण दल में शामिल 23 भारतीयों को लाहौर से वाघा सीमा के रास्ते भारत भेजा

इस्लामाबाद भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के बीच पाकिस्तान ने बड़ा कदम उठाते हुए पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) सीजन 10 के दौरान काम कर रहे 23 भारतीय नागरिकों को वापस भारत भेज दिया है। यह निर्णय हाल ही में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद लिया गया है, जिसमें 26 भारतीय पर्यटक मारे गए थे। पाकिस्तान पुलिस के प्रवक्ता ने बताया कि PSL के प्रसारण दल में शामिल इन 23 भारतीयों को लाहौर से वाघा सीमा के रास्ते भारत भेजा गया। यह कार्रवाई पाकिस्तान सरकार के आदेशों पर की गई। पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन भारतीयों को बिना किसी अन्य कार्रवाई के सीधे सीमा पर पहुँचाकर भारत रवाना किया गया।   सीमाएं बंद, वीजा सुविधाएं भी रद्द भारत ने पहलगाम हमले के बाद अटारी-वाघा सीमा को बंद करने की घोषणा की थी। इसके साथ ही भारत ने पाकिस्तान के नागरिकों के लिए SAARC वीजा छूट योजना (SVES) भी रद्द कर दी है, जिससे पाकिस्तानी नागरिक अब विशेष अनुमति के बिना भारत नहीं आ सकेंगे। पाकिस्तान ने भी जवाबी कदम उठाते हुए वाघा सीमा को तत्काल प्रभाव से बंद करने का ऐलान किया है। पाकिस्तान ने कहा है कि भारत से आने-जाने वाला हर प्रकार का सीमापार यातायात फिलहाल पूरी तरह से निलंबित रहेगा। केवल पहले से वैध परमिट धारकों को वापस लौटने की अनुमति दी गई है। साथ ही पाकिस्तान ने भारतीय नागरिकों के लिए SAARC वीजा छूट के तहत जारी सभी वीजा रद्द कर दिए हैं, हालांकि सिख तीर्थयात्रियों को अस्थायी रूप से छूट दी गई है। भारत पर लगाए गंभीर आरोप पाकिस्तान की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति ने भारत पर आरोप लगाया कि वह पहलगाम जैसी घटनाओं का इस्तेमाल “संकीर्ण राजनीतिक हितों” को साधने के लिए कर रहा है। समिति ने कहा कि भारत के “प्रतिशोधी रवैये” से क्षेत्र में शांति और स्थिरता को खतरा पैदा हो रहा है।पाकिस्तान ने भारतीय मीडिया पर भी निशाना साधते हुए कहा कि “भारतीय राज्य नियंत्रित युद्धोन्मादी मीडिया” क्षेत्रीय अस्थिरता को बढ़ावा दे रहा है, जिसे लेकर भारत को आत्मचिंतन करना चाहिए। तनाव बढ़ने के संकेत स्पष्ट है कि पहलगाम हमले के बाद भारत द्वारा उठाए गए सख्त कदमों से पाकिस्तान में बौखलाहट है। PSL से भारतीय कर्मचारियों को निष्कासित करना, सीमाओं को बंद करना और वीजा सुविधाओं को रद्द करना, सब इसी प्रतिक्रिया का हिस्सा हैं। दोनों देशों के बीच इस समय कूटनीतिक संबंधों में भारी तनाव है और क्षेत्रीय स्थिरता को लेकर वैश्विक चिंता भी गहराती जा रही है।

ईरान के बंदर अब्बास पोर्ट पर हुए हादसे में अब तक कुल 25 लोगों की मौत हो चुकी है. वहीं, घायलों की तादाद करीब 700 है

ईरान ईरान के बंदर अब्बास पोर्ट पर शनिवार को एक भीषण धमाका हुआ. इसके बाद मौके पर आग लग गई. हादसे में अब तक कुल 25 लोगों की मौत हो चुकी है. वहीं, घायलों की तादाद करीब 700 है. धमाके के बाद प्रांतीय आपदा प्रबंधन अधिकारी मेहरदाद हसनजादेह ने बताया था कि विस्फोट काफी भयावह था. घायलों में से कई लोगों को होर्मोज़गान प्रांत के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है. हादस के बाद सोशल मीडिया पर घटना के वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिनमें काले धुएं का विशाल गुबार आसमान में उठता हुआ देखा जा सकता है. निर्यात और ट्रांजिट शिपमेंट पर लगाई रोक ईरानी मीडिया के मुताबिक, धमाके के बाद ईरान के सीमा शुल्क प्राधिकरण ने सभी कस्टम कार्यालयों को आदेश दिया है कि वे बंदरगाह के लिए निर्यात और ट्रांजिट शिपमेंट भेजने पर तत्काल रोक लगा दें. ये रोक अगले आदेश तक प्रभावी रहेगी. हालांकि, जिन ट्रकों ने पहले ही सीमा शुल्क की प्रक्रिया पूरी कर ली थी, उन्हें बंदरगाह क्षेत्र से बाहर निकलने की अनुमति दी गई है. घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया इस बीच ईरान की राष्ट्रीय आपातकालीन सेवा के प्रमुख यकतापरस्त ने बताया कि बंदरगाह धमाके में घायल हुए लोगों को विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है. शनिवार को हुए इस भीषण धमाके ने न सिर्फ बंदरगाह की गतिविधियों को ठप कर दिया है, बल्कि क्षेत्रीय व्यापार और सप्लाई चेन पर भी बड़ा असर डाला है.  

मेरा मन बहुत दुखी है, हर भारतीय गुस्से से उबल रहा है, उन्होंने कहा कि आतंकियों ने पहलगाम में कुंठित कायरता दिखाई: पीएम मोदी

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि पहलगाम में हए आतंकी हमले के बाद दुनियाभर के लोगों ने संवेदना व्यक्त की है। मेरा मन बहुत दुखी है, हर भारतीय गुस्से से उबल रहा है। उन्होंने कहा कि आतंकियों ने पहलगाम में कुंठित कायरता दिखाई है। दुश्मनों को देश का विकास रास नहीं आ रहा है। आतंकियों को बख्शा नहीं जाएगा और उनपर बेहद कठोर कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि आतंक के खिलाफ पूरी दुनिया भारत के साथ है और पहलगाम के पीड़ितों को न्याय मिलेगा। मासिक रेडियो कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक पेड़ मां के नाम अभियान का जिक्र किया और कहा कि देश के हर एक नागरिको को पर्यावरण की ओर ध्यान देना चाहिए और कम से कम अपनी मां के नाम पर एक पेड़ अवश्य लगाना चाहिए। पीएम मोदी ने कहा कि अहमदाबाद में ही कम से कम 70 लाख पेड़ लगाए गए हैं। पीएम मोदी ने कहा कि आतंक के सरपरस्तों की हताशा साफ दिख रही है। उनकी कायरता नजर आ रही है। जब कश्मीर में शांति लौट रही है और स्कूल कॉलेजों के निर्माण में एक तेजी है। लोकतंत्र मजबूत हो रहा है। पर्यटकों की संख्या में वृद्धि हो रही है तो दुश्मनों को यह सब रास नहीं आ रहा है। उन्होंने कहा का आतंक के आका यही चाहते हैं कि कश्मीर फिर से तबाह हो और इसीलिए इतनी साजिशें की जा रही हैं। पीएम मोदी ने कहा कि इस चुनौती का सामना संकल्पों को मजबूत करके करना है। मैं पीड़ित परिवारों को भरोसा देता हूं कि न्याय मिलकर रहेगा। हमले के दोषियों को कठोरतम सजा दी जाएगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्व ISRO चीफ और वैज्ञनिक के कस्तूरीरंगन को भी श्रद्धांजलि दी। शुक्रवार को उनका निधन हो गया था। उन्होंने कहा कि कस्तूरीरंगन पूरी जिंदगी देश की निस्वार्थ सेवा करते रहे। देश के निर्माण के लिए उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकेगा।

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet