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पुतिन की सेना ने जीता एक और शहर, अमेरिकी मदद के बिना युद्ध में लड़खड़ाया यूक्रेन

कीव/मॉस्को रूस और यूक्रेन के बीच तीन साल से चल रही भीषण जंग को रोकने के लिए यूरोप से लेकर अमेरिका तक मंथन कर रहे हैं। दूसरी ओर रूस का यूक्रेन पर हमला रुकने का नाम नहीं ले रहा है। अमेरिका द्वारा सभी प्रकार की सैन्य सहायता वापस लेने के बाद यूक्रेन युद्ध के मैदान में लड़खड़ानी शुरू हो गई है। रूसी सेना सिर्फ यूक्रेन को दहला ही नहीं रही, यूक्रेनी शहरों पर कब्जा भी कर रही है। रूस ने रविवार को दावा किया कि उसने अपने कुर्स्क क्षेत्र के एक हिस्से के अलावा यूक्रेन के एक शहर पर भी कब्जा कर लिया है। रूसी रक्षा मंत्रालय का यूक्रेनी शहर पर कब्जे का दावा हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान के संदर्भ में समझा जा रहा है, जिसमें ट्रंप ने यूक्रेनी प्रेजिडेंट वोलोदिमीर जेलेंस्की से मुलाकात के दौरान कहा था कि आप पुतिन से हार रहे हैं। ट्रंप का कहना था कि यूक्रेन बिना अमेरिकी मदद के ज्यादा दिन रूस का सामना नहीं कर पाएगा। यहां यह भी बताना जरूरी है कि अमेरिका यूक्रेन को सभी प्रकार की सैन्य सहायता रोक चुका है। रूस ने क्या दावा किया रूस ने दावा किया है कि उसकी सेना ने यूक्रेन के सुमी क्षेत्र में एक गांव पर कब्जा कर लिया है। यह कार्रवाई सीमा पार हमले के तहत की गई, जबकि रूसी सैनिक खुद कुर्स्क क्षेत्र में यूक्रेनी बलों से लड़ रहे हैं। रूसी रक्षा मंत्रालय ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि उसकी सेना ने सुमी क्षेत्र के नोवेनके गांव को “मुक्त” कर दिया है। यह गांव कुर्स्क क्षेत्र की सीमा के पास स्थित है। इस घटनाक्रम से यह स्पष्ट है कि रूस ने अब यूक्रेन के उत्तरी इलाकों में अपनी सैन्य कार्रवाई तेज कर दी है। दोनों देशों के बीच जारी संघर्ष में यह एक नई और महत्वपूर्ण स्थिति बन गई है।

बंगाल में करीब 20 लाख रुपये के मोबाइल फोन ले जाने की कोशिश करते समय गिरफ्तार, मोबाइल चोर गिरोह का भंडाफोड़

नई दिल्ली दिल्ली पुलिस ने चोरी के 48 महंगे मोबाइल फोन लेकर कथित तौर पर भागने की कोशिश कर रहे एक व्यक्ति को गिरफ्तार कर एक अंतरराष्ट्रीय मोबाइल चोर गिरोह का भंडाफोड़ किया है। अधिकारी ने बताया कि इन चोरी किये हुए मोबाइल फोन को बांग्लादेश में बेचा जाना था। पुलिस ने बताया कि आरोपी 24 साल के अब्दुश को पश्चिम बंगाल में करीब 20 लाख रुपये के मोबाइल फोन ले जाने की कोशिश करते समय गिरफ्तार किया गया। पुलिस उपायुक्त (अपराध) आदित्य गौतम ने बताया, जांच में सामने आया कि संगठित गिरोह दिल्ली-एनसीआर (राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र) में सक्रिय हैं, जो मेट्रो स्टेशन, बसों और भीड़भाड़ वाले बाजारों में लोगों को निशाना बनाता है। उन्होंने बताया कि चोरी किए गए मोबइल फोन को जल्दी में दिल्ली से बाहर तस्करी कर ले जाया गया, जिस कारण पुलिस उनका पता नहीं लगा पाई। अधिकारी ने बताया कि आरोपियों ने इन मोबाइल को दो से तीन हजार रुपये में खरीदा और उन्हें पश्चिम बंगाल ले गए, जहां उन्हें ‘मॉडिफाई’ किया गया और उसके बाद बांग्लादेश में 8,000 से 10,000 रुपये प्रति फोन की दर से बेचा गया। उन्होंने बताया कि सूचना के आधार पर पुलिस ने सलीमगढ़ बाईपास के पास जाल बिछाया और अब्दुश को चोरी किये गये 48 महंगे मोबाइल फोन की खेप के साथ गिरफ्तार कर लिया। अधिकारी ने बताया कि अब्दुश ने पूछताछ के दौरान पिछले 18 महीनों में 800 से ज्यादा चोरी के फोन की तस्करी करने की बात कबूल की। उन्होंने बताया कि शुरुआत में कबाड़ के काम करने वाले अब्दुश को समीर और सलीम नाम के लोगों ने अवैध व्यापार में फंसाया था। अधिकारी ने बताया कि साइबर प्रकोष्ठ अब उसके साथियों की पहचान करने और दिल्ली, पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश में फैले उसके नेटवर्क को खत्म करने के काम में जुटी है। उन्होंने बताया कि तस्करी के रास्तों का पता लगाने की जांच की जा रही है।

किम जोंग उन के देश ने तैयार की खतरनाक पनडुब्बी, ट्रंप के लिए नई टेंशन खड़ी, अमेरिका की खैर नहीं!

प्योंगयांग उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लिए नई टेंशन खड़ी कर दी है। नॉर्थ कोरिया ने एक खतरनाक पनडुब्बी बनाई है, जोकि अमेरिका और दक्षिण कोरिया जैसे देशों के लिए खतरा मानी जा रही। इससे अब ट्रंप के अगले कदम या फिर प्रतिक्रिया का इंतजार होने लगा है। हाल ही में उत्तर कोरिया ने पहली बार न्यूक्लियर पावर से चलने वाली पनडुब्बी का अनावरण किया। उत्तर कोरिया के सरकारी मीडिया एजेंसी ने शनिवार को इस पनडुब्बी की तस्वीरें जारी कीं, जिसमें इसे परमाणु ऊर्जा से चलने वाली रणनीतिक निर्देशित मिसाइल पनडुब्बी कहा गया है। सियोल के हानयांग विश्वविद्यालय में पढ़ाने वाले दक्षिण कोरियाई पनडुब्बी विशेषज्ञ मून क्यून-सिक ने कहा कि यह नौसैनिक पोत 6,000 टन या 7,000 टन श्रेणी की लग रही है, जो लगभग 10 मिसाइलें ले जा सकती है। उन्होंने कहा कि रणनीतिक निर्देशित मिसाइलों शब्द के इस्तेमाल का मतलब है कि यह परमाणु-सक्षम हथियार ले जाएगी। मून ने कहा, “यह हमारे और अमेरिका के लिए पूरी तरह से खतरा होगी।” अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के प्रवक्ता ब्रायन ह्यूजेस ने कहा कि हम इन दावों से अवगत हैं और इस समय हमारे पास देने के लिए अतिरिक्त जानकारी नहीं है। ह्यूजेस ने कहा, “अमेरिका उत्तर कोरिया के पूर्ण परमाणु निरस्त्रीकरण के लिए प्रतिबद्ध है।” परमाणु ऊर्जा से चलने वाली पनडुब्बी उन अत्याधुनिक हथियारों की लंबी सूची में शामिल थी, जिन्हें किम जोंग उन ने 2021 में एक प्रमुख राजनीतिक सम्मेलन के दौरान पेश करने की कसम खाई थी, ताकि वे बढ़ते अमेरिकी नेतृत्व वाले सैन्य खतरों से निपट सकें। अन्य हथियारों में ठोस ईंधन वाली अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइलें, हाइपरसोनिक हथियार, जासूसी उपग्रह और बहु-वारहेड मिसाइलें शामिल थीं। उत्तर कोरिया ने तब से उन्हें हासिल करने के लिए कई परीक्षण गतिविधियां की हैं। इतने प्रतिबंधों के बाद भी कैसे तैयार की पनडुब्बी? उत्तर कोरिया द्वारा पानी के नीचे से मिसाइल दागने की अधिक क्षमता हासिल करना चिंता वाली बात मानी जा रही है। क्योंकि इसके प्रतिद्वंद्वियों के लिए इस तरह के प्रक्षेपणों का पहले से पता लगाना मुश्किल है। इस बारे में सवाल उठ रहे हैं कि उत्तर कोरिया, एक भारी प्रतिबंधित और गरीब देश, परमाणु ऊर्जा से चलने वाली पनडुब्बियों के निर्माण के लिए संसाधन और तकनीक कैसे प्राप्त कर सकता है। पनडुब्बी विशेषज्ञ मून ने कहा कि उत्तर कोरिया को यूक्रेन के खिलाफ रूस के युद्ध प्रयासों का समर्थन करने के लिए पारंपरिक हथियारों और सैनिकों की आपूर्ति के बदले में पनडुब्बी में इस्तेमाल किए जाने वाले परमाणु रिएक्टर के निर्माण के लिए रूसी तकनीकी सहायता मिल सकती है। उत्तर कोरिया के पास हैं 70-90 डीजल-संचालित पनडुब्बियां उन्होंने यह भी कहा कि उत्तर कोरिया अपनी वास्तविक तैनाती से पहले अपनी क्षमता का परीक्षण करने के लिए एक या दो साल में पनडुब्बी लॉन्च कर सकता है। उत्तर कोरिया के पास दुनिया के सबसे बड़े बेड़े में से एक में अनुमानित 70-90 डीजल-संचालित पनडुब्बियां हैं। हालांकि, वे ज्यादातर पुरानी हैं जो केवल टॉरपीडो और माइंस लॉन्च करने में सक्षम हैं, मिसाइल नहीं। 2023 में, उत्तर कोरिया ने कहा कि उसने अपनी पहली सामरिक परमाणु हमला पनडुब्बी लॉन्च की है, लेकिन विदेशी विशेषज्ञों ने उत्तर की घोषणा पर संदेह किया और अनुमान लगाया कि यह संभवतः 2019 में बताई गई डीजल-संचालित पनडुब्बी थी। मून ने कहा कि इस बात की कोई पुष्टि नहीं हुई है कि इसे तैनात किया गया है।

भारत ने टैरिफ में कटौती का फैसला ट्रंप के दबाव में नहीं बल्कि दोनों देशों के बीच व्यापारिक समझौते के कारण लिया है

नई दिल्ली अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर रेसिप्रोकल टैरिफ लगाने की 2 अप्रैल की समय सीमा समाप्त होने में एक महीने से भी कम समय बचा है. इस बीच ट्रंप ने गत 7 मार्च को दावा किया था कि भारत ने अमेरिकी आयात पर टैरिफ में कटौती करने पर सहमति जताई है. उन्होंने इसका श्रेय अपने प्रशासन को दिया. ट्रंप ने दावा किया कि भारत ने यह कदम इसलिए उठाया है, क्योंकि इस मुद्दे पर आखिरकार कोई उसे एक्सपोज कर रहा है. हालांकि, केंद्र सरकार के उच्च पदस्थ सूत्रों ने ट्रंप के इन दावों को खारिज किया है कि भारत ने टैरिफ में कटौती उनके प्रशासन के दबाव के कारण लिया है. सूत्रों का कहना है कि भारत ने अमेरिकी आयात पर टैरिफ में कटौती का फैसला राष्ट्रपति ट्रंप के दबाव में नहीं बल्कि दोनों देशों के बीच पहले से तय व्यापारिक समझौते के कारण लिया है. यह द्विपक्षीय समझौतों के माध्यम से विकसित देशों के साथ व्यापार संबंधों को आगे बढ़ाने के देश के व्यापक प्रयासों के तहत लिया गया फैसला है.   भारत ने अन्य देशों के लिए भी घटाए टैरिफ अतीत में भी भारत द्विपक्षीय व्यापार समझौतों के तहत ऑस्ट्रेलिया, संयुक्त अरब अमीरात, स्विट्जरलैंड और नॉर्वे जैसे देशों के आयात पर लगने वाले टैरिफ में कटौती कर चुका है. वर्तमान में यूरोपीय संघ और ब्रिटेन के साथ इसी तरह के समझौतों पर बातचीत चल रही है. केंद्र सरकार के सूत्रों ने कहा कि अमेरिका आयात पर टैरिफ कम करने के लिए चल रही चर्चा को इसी संदर्भ में देखा जाना चाहिए, न कि ट्रंप प्रशासन के दबाव के कारण. रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका ने भारत से कृषि उत्पादों को छोड़कर लगभग सभी वस्तुओं पर टैरिफ हटाने को कहा है. अगर यह मांग मान ली जाती है, तो इसका मतलब होगा कि नई दिल्ली को अपने ट्रेड प्रोटेक्शन को छोड़ना पड़ेगा और बदले में उसे कोई रियायत नहीं मिलेगी. अमेरिका भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है. पिछले वित्तीय वर्ष में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार रिकॉर्ड 118.2 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया था. मोदी-ट्रंप के ने किया का समर्थन पिछले महीने, दोनों राष्ट्र इस वर्ष के अंत तक द्विपक्षीय व्यापार समझौते  के पहले चरण पर बातचीत करने के लिए सहमत हुए थे, जिसका दीर्घकालिक लक्ष्य 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 500 बिलियन डॉलर तक पहुंचाना है. इस साल फरवरी में पीएम मोदी की वाशिंगटन यात्रा के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप और भारतीय प्रधानमंत्री ने इसका समर्थन किया था. दोनों नेताओं ने वार्ता को आगे बढ़ाने और टैरिफ और नॉ-टैरिफ बाधाओं को कम करने की दिशा में काम करने के लिए वरिष्ठ प्रतिनिधियों को नामित करने पर भी सहमति व्यक्त की थी. इसी सिलसिले में केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल के नेतृत्व में एक भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने 3 से 6 मार्च तक वाशिंगटन का दौरा किया. यात्रा के दौरान, प्रतिनिधिमंडल ने अमेरिकी वाणिज्य सचिव हॉवर्ड ल्यूटनिक और व्यापार प्रतिनिधि जेमीसन ग्रीर के साथ बातचीत की. राष्ट्रपति ट्रंप के पहले कार्यकाल के दौरान भी वाशिंगटन और नई दिल्ली के बीच सीमित व्यापार समझौते पर चर्चा हुई थी. हालांकि, विभिन्न कारणों से वार्ता का कोई नतीजा नहीं निकला.

मुंबई के नागपाड़ा इलाके में दर्दनाक हादसा, वॉटर टैंक की सफाई कर रहे 5 मजदूरों की दम घुटने से मौत

मुंबई मुंबई के नागपाड़ा इलाके में रविवार को एक दर्दनाक हादसा हुआ। एक निर्माणाधीन इमारत में पानी की टंकी की सफाई कर रहे 5 मजदूरों की दम घुटने से मौत हो गई। कैसे हुआ हादसा? रविवार को कुछ मजदूर निर्माणाधीन बिल्डिंग की पानी की टंकी साफ कर रहे थे। अचानक दम घुटने की वजह से वे बाहर नहीं निकल पाए और उनकी जान चली गई। जब काफी देर तक मजदूर बाहर नहीं आए तो स्थानीय लोगों ने पुलिस को इसकी सूचना दी। पुलिस ने शवों को निकाला सूचना मिलते ही नागपाड़ा पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से मजदूरों के शवों को बाहर निकाला। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। जांच में जुटी पुलिस पुलिस ने बताया कि मजदूरों की मौत पानी की टंकी में दम घुटने से हुई है। इस मामले में निर्माणाधीन इमारत के मालिक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने की तैयारी की जा रही है। मृतकों के परिवारों को घटना की जानकारी दे दी गई है।

100 करोड़ के बाद मान ली 2000 करोड़ की मांग, बाली पर बरसा धामी का प्यार

काशीपुर काशीपुर पहुंचे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का प्यार मेयर दीपक बाली पर बरस पड़ा, जहां उन्होंने 110.56 करोड़ लागत के 19 विकास कार्यों का लोकार्पण/शुभारंभ किया वहीं मेयर दीपक बाली की और कई मांगे भी मान लीं जिन पर लगभग 2000 करोड़ रुपये का खर्चा आयेगा। आपको बता दें कि आज रविवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी काशीपुर में भव्य रोड शो कर नगर निगम परिसर पहुंचे। रोड शो में मुख्यमंत्री धामी का काशीपुर की जनता, विभिन्न संगठनों व जनप्रतिनिधियों ने पुष्पवर्षा, मालाओं, पुष्पगुच्छ से भव्य स्वागत किया। इस दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने काशीपुर नगर निगम में आयोजित अभिनंदन समारोह में 48.61 करोड़ की लागत के 7 विकास कार्यों का शिलान्यास व 61.95 करोड़ की लागत के 12 विकास कार्यों कुल 110.56 करोड़ की योजनाओं का शिलान्यास व लोकार्पण किया। इन योजनाओं में नगरीय ठोस अपशिष्ट प्रबंधन परियोजना कार्य लागत 14.29 करोड़, नगर निगम सीमांतर्गत 117 निर्माण कार्य लागत 18.60 करोड़, वार्ड नंबर 40 में ढेला नदी पर बाढ़ सुरक्षा व ट्रंचिंग ग्राउंड पिचिंग कार्य 4.89 करोड़ ,प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी हेतु महुआखेड़ा गंज काशीपुर आवासीय परियोजना हेतु एमपीडीजी मार्ग किमी. 11 से इंडस्ट्रियल मार्ग, शमशान घाट होते हुए आदर्श नगर मे पीएम आवास योजना महुआखेड़ा गंज तक मार्ग का पुनर्निर्माण कार्य लागत 578.01 लाख आदि शामिल हैं। वहीं, मेयर दीपक बाली की मांग पर मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने लगभग 2000 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की मांग मान ली। इन कार्यों में – केवीआर अस्पताल से धनौरी तक व बिजनेस इन होटल से परमानन्दपुर लिंक मार्ग तक मार्ग चौड़ीकरण, डिवाइडर निर्माण, वृक्षारोपण, भूमिगत विद्युतिकरण तथा स्ट्रीट लाईट लगाने का कार्य। – नगर निगम, काशीपुर के सम्पूर्ण परिसर में पीपीपी मोड में निगम कार्यालय भवन, आवासीय परिसर एवं शॉपिंग काम्पलैक्स का निर्माण कार्य। – काशीपुर के नवनिर्मित 17 वार्डों में अवस्थापना सुविधाओं सड़क, नाला/नाली, विद्युत एवं पार्क निर्माण कार्य। – राजकीय कन्या जूनियर हाईस्कूल, काशीपुर (छोटी जीजीआईसी) परिसर नगर निगम को हस्तानान्तरित करते हुये मुख्य बाजार मार्ग चौड़ीकरण एवं पार्किंग युक्त शॉपिंग काम्पलैक्स का निर्माण कार्य। – वार्ड नं.-05 में शहरी विकास विभाग की भूमि पर गौशाला निर्माण कार्य। – काशीपुर उप जिलाधिकारी कार्यालय के निकट राजकीय भूमि पर सर्किट हाउस बनाने। – काशीपुर स्पोर्ट्स स्टेडियम का आधुनिकीरण एवं पुनर्निर्माण कर नगर निगम काशीपुर द्वारा संचालन किये जाने। – मुख्यमंत्री घोषणा संख्या-500 का विस्तारीकरण कर गिरिताल सरोवर में साईकिल/पैदल ट्रैक निर्माण, नौकायन, सजावटी विद्युतीकरण, सरोवर के अन्दर स्तम्भ निर्माण आदि कार्य तथा सरोवर का प्रबन्धन नगर निगम, काशीपुर को सौंपने। – राजकीय बालिका इण्टर कालेज का आधुनिकीकरण कर देवभूमि के राज्यस्तरीय मॉड कन्या इण्टरमीडिएट विद्यालय के रूप में विकसित किये जाने की घोषणा की। इस दौरान उपसिथत भारी जनसमूह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने कहा कि मैं, इस अवसर पर काशीपुर की इस पावन भूमि की रक्षक माँ बालसुंदरी और माँ चामुंडा को दोनों हाथ जोड़कर और शीश नवाकर नमन करता हूं। आज मुझे आप सभी के बीच उपस्थित होकर अत्यंत हर्ष की अनुभूति हो रही है, ऐसा लग रहा है मानो जैसे मैं, अपने ही परिवार के बीच किसी कार्यक्रम में शामिल होने आया हूँ। उन्होंने कहा कि काशीपुर में ट्रिपल इंजन की सरकार बनने के बाद ये मेरा पहला दौरा है, इसलिए इस अवसर पर काशीपुर नगर निगम चुनाव में भाजपा को एतिहासिक विजय दिलाकर ट्रिपल इंजन सरकार बनाने के लिए मैं, आप सभी का हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ, साथ ही, मैं, आप सभी को आश्वस्त करना चाहता हूँ कि मैं, और मेरी सरकार काशीपुर की जनता द्वारा जताए गए भरोसे पर पूरी तरह खरा उतरने का प्रयास करेंगे और विकास कार्यों को तीन गुना गति से आगे बढ़ाने के लिए पूरी निष्ठा के साथ कार्य करेंगे।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के स्कॉटलैंड स्थित टर्नबेरी गोल्फ रिजॉर्ट में की गई तोड़फोड़, फिलिस्तीन समर्थकों का उत्पात

वाशिंगटन अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के स्कॉटलैंड स्थित टर्नबेरी गोल्फ रिजॉर्ट में तोड़फोड़ की गई। गाजा को लेकर उनके बयानों के जवाब में फिलिस्तीन समर्थकों ने यह हरकत की। फिलिस्तीन एक्शन नाम के ग्रुप ने इस कार्रवाई की जिम्मेदारी ली है। इसके बयान में कहा गया कि ट्रंप के गाजा पर नियंत्रण करने और उसे फिर डेवलप करने के प्रस्ताव की प्रतिक्रिया में यह कदम उठाया। समूह की ओर से एक्स पर कहा गया, ‘फिलिस्तीन एक्शन ने ब्रिटेन के सबसे महंगे गोल्फ कोर्स को निशाने पर लिया जो ट्रंप का टर्नबेरी गोल्फ रिजॉर्ट है। अब आम लोग चुपचाप नहीं बैठ सकते। अमेरिकी प्रशासन इजरायल को हथियार दे रहा है और गाजा में ‘जातीय सफाई’ की योजना बना रहा है।’ रिपोर्ट के मुताबिक, रिजॉर्ट को शनिवार को निशाना बनाया गया। फिलिस्तीन समर्थकों ने गोल्फ कोर्स पर बड़े-बड़े अक्षरों में ‘गाजा बिकाऊ नहीं है’ लिख दिया। साथ ही, क्लबहाउस को लाल स्प्रे पेंट से खराब किया गया। ग्रीन्स में से एक को नुकसान पहुंचाया, जिसमें ओपन चैंपियनशिप में इस्तेमाल होने वाला होल भी शामिल है। इसकी तस्वीरें सामने आई हैं और सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं। इंटरनेट यूजर्स ने इस पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दी हैं। गाजा को लेकर AI वीडियो से बढ़ा तनाव फिलिस्तीन एक्शन के बयान में गाजा को लेकर राष्ट्रपति ट्रंप के रुख की निंदा की गई। इसमें कहा गया, ‘हम डोनाल्ड ट्रंप के इस बर्ताव को खारिज करते हैं कि गाजा उनकी संपत्ति है और वे इसे अपनी मर्जी से निपटा सकते हैं। हमने उन्हें दिखाया है कि उनकी अपनी संपत्ति भी सुरक्षित नहीं है। फिलिस्तीन की मातृभूमि में अमेरिकी-इजरायली उपनिवेशवाद के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।’ दरअसल, राष्ट्रपति ट्रंप ने बीते दिनों गाजा का एक ऑर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से तैयार वीडियो शेयर किया था। इसमें जंग से तबाह गाजा को रिसॉर्ट जैसा दिखाया गया, जहां ‘ट्रंप गाजा’ नाम का एक होटल नजर आता है। यह वीडियो ट्रंप ने अपने सोशल प्लेटफॉर्म ट्रूथ पर शेयर किया था। इसे देखने के बाद फिलिस्तीन समर्थकों ने कड़ा ऐतराज जताया था।

मोदी ने अपनी मां के संघर्षों से बहुत कुछ सीखा और यही मूल्य उनके कार्यों में दिखाई देते हैं, उनकी योजनाओं से बदला भारत

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए महिला सशक्तिकरण सिर्फ एक नारा नहीं है, बल्कि यह उनके जीवन के महत्वपूर्ण मूल्यों में शामिल रहा है। मोदी ने अपनी मां के संघर्षों से बहुत कुछ सीखा और यही मूल्य उनके कार्यों में दिखाई देते हैं। उन्होंने हमेशा महिलाओं के लिए अवसरों को बढ़ावा दिया और उन्हें नेतृत्व की भूमिकाओं में स्थान दिलाने के लिए संघर्ष किया। भले ही वह आरएसएस प्रचारक के तौर पर काम कर रहे थे, भाजपा के नेता बने या फिर प्रधानमंत्री बने, मोदी ने हमेशा महिलाओं के लिए नए रास्ते खोले। उन्होंने पार्टी में महिलाओं के अधिक प्रतिनिधित्व के लिए 30% आरक्षण सुनिश्चित किया और यह सुनिश्चित किया कि महिलाएं केवल प्रतीकात्मक रूप से न हो, बल्कि वास्तविक नेतृत्व की भूमिकाएं निभाएं। कई महत्वपूर्ण योजनाओं की शुरुआत की गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए मोदी ने महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाओं की शुरुआत की। उन्होंने गुजरात में महिला सरपंचों को सशक्त किया और महिलाओं के लिए सुरक्षित और आर्थिक रूप से समृद्ध वातावरण बनाने के लिए कई पहल की। 2006 में, उन्होंने महिलाओं के लिए एक व्यापक नारी गौरव नीति शुरू की, जो उनके स्वास्थ्य, सुरक्षा और सामाजिक स्थिति को सुधारने पर केंद्रित थी। प्रधानमंत्री बने तो महिलाओं को सशक्त किया इसके बाद, जब मोदी प्रधानमंत्री बने तो उन्होंने कई योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को सशक्त किया। स्वच्छ भारत मिशन, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना जैसी योजनाएं खास तौर पर महिलाओं के कल्याण के लिए बनाई गईं। इसके अलावा, पीएम आवास योजना ने महिलाओं को घर देने में अहम भूमिका निभाई और महिला सशक्तिकरण के लिए कई अन्य योजनाओं का शुभारंभ किया गया। मोदी के कार्यकाल में महिला को वित्त मंत्री का सम्मान मिला प्रधानमंत्री मोदी ने महिलाओं को सिर्फ लाभार्थी के रूप में नहीं, बल्कि नेता और निर्णयकर्ता के रूप में देखा। उनके द्वारा किए गए नारी शक्ति वंदन अधिनियम के जरिए अब लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में एक तिहाई सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित की गई हैं। इसके अलावा, देश को पहली महिला वित्त मंत्री का सम्मान भी प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल में मिला। इस महिला दिवस पर, हम प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में महिला सशक्तिकरण की यात्रा को मान्यता देते हैं, जो भारत को एक विकसित राष्ट्र की ओर ले जा रही है।  

इस्राइल अपना प्रतिनिधिमंडल कतर भेजेगा, दूसरे चरण के युद्धविराम समझौते पर शुरू होगी बातचीत

इस्राइल इस्राइल और हमास के बीच दूसरे चरण के युद्धविराम समझौते पर जल्द बाद शुरू होने की उम्मीद है। दरअसल इस्राइल ने कहा है कि वह अपने प्रतिनिधिमंडल को युद्धविराम समझौते पर बातचीत आगे बढ़ाने के लिए कतर भेजेगा। वहीं हमास ने भी मिस्त्र और कतर के मध्यस्थों के साथ युद्धविराम समझौते पर बात शुरू करने को लेकर सकारात्मक संकेत दिए। इस्राइल और हमास के बीच पहले चरण का युद्धविराम समझौता मार्च के शुरुआत में खत्म हो गया और अब दूसरे चरण के समझौते पर बात होनी है। अमेरिका भी होगा मध्यस्थता बातचीत में शामिल इस्राइल के प्रधानमंत्री कार्यालय ने एक बयान में बताया कि उन्होंने अमेरिका की मध्यस्थता में बातचीत के आमंत्रण को स्वीकार कर लिया है। हालांकि उन्होंने और ज्यादा जानकारी नहीं दी। इस्राइल और हमास के बीच दूसरे चरण के युद्धविराम समझौते पर एक महीने पहले ही बातचीत शुरू होनी थी। अमेरिका ने भी हमास के साथ बातचीत शुरू करने की जानकारी दी है। हालांकि इस्राइल ने भी अमेरिका की हमास से सीधे बातचीत का कड़ा विरोध किया। इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के भरोसेमंद रॉन डेरमर और अमेरिका के स्पेशल प्रतिनिधि एडम बोहलर के बीच तीखी बहस भी हुई। राष्ट्रपति ट्रंप ने बंधक मामलों के लिए एडम बोहलर को अपना विशेष प्रतिनिधि नियुक्त किया है। इस्राइल ने हमास पर बनाया दबाव बीते हफ्ते इस्राइल ने युद्धविराम समझौते के विस्तार और बचे हुए बंधकों में से आधे बंधकों की रिहाई के लिए हमास पर दबाव बनाया था। हालांकि सहमति नहीं बन सकी। हमास के पास अभी भी 24 बंधक और 35 शव हैं। इस्राइल ने भी बीते हफ्ते गाजा की सभी आपूर्ति रोक दी थी ताकि हमास पर दबाव बनाया जा सके। इस्राइल और हमास के बीच हुए पहले चरण के समझौते में 25 जीवित बंधकों को रिहा किया गया और आठ शव सौंपे गए। इसके बदले में इस्राइल ने करीब दो हजार फलस्तीनी कैदियों को रिहा किया। इस्राइल ने गाजा के बफर जोन से अपने सैनिकों को वापस बुला लिया है, जिसके बाद हजारों फलस्तीनी गाजा में वापस लौटना शुरू हो गए हैं। 

10 दिन बाद सुनीता विलियम्स अपने साथी बुच विल्मोर के साथ स्पेसएक्स के यान ड्रैगन पर सवार होकर लौटेंगी

नई दिल्ली भारतवंशी अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स की धरती पर वापसी की तारीख लगातार नजदीक आ रही है। 10 दिन बाद सुनीता विलियम्स अपने साथी अंतरिक्ष यात्री बुच विल्मोर के साथ स्पेसएक्स के यान ड्रैगन पर सवार होकर लौटेंगी। हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी उनके बारे में मीडिया से बात की। कहा कि एलन मस्क को मैंने कह दिया है और जल्द ही वो वापस आएंगे। अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन में दोनों यात्री पिछले 8 महीनें से फंसे हुए हैं। अच्छी बात यह है कि सुनीता पूरी तरह से सुरक्षित हैं और नासा उनकी सेहत को लेकर लगातार अपडेट देती रहती है। पिछले दिनों उनकी तस्वीरों ने लोगों को हैरान और परेशान भी किया, तस्वीरों में वो काफी पतली नजर आईं थी। बिगड़ती सेहत के बावजूद इन आठ महीनों में सुनीता विलियम्स ने दो अनोखे रिकॉर्ड बनाए। नासा के दो अंतरिक्ष यात्री बुच विल्मोर और सुनीता विलियम्स अंतरिक्ष में नौ महीने बिताने के बाद आखिरकार धरती पर लौटने वाले हैं। बुच विल्मोर और भारतीय मूल की विलियम्स को अगले सप्ताह तक उनकी जगह अन्य अंतरिक्ष यात्री के आने तथा उसके अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर पहुंचने तक इंतजार करना होगा। उसके बाद ही वे इस महीने के अंत में अंतरिक्ष स्टेशन से बाहर निकल सकेंगे। वे अपने ‘स्पेसएक्स राइड होम’ में दो अंतरिक्ष यात्रियों के साथ शामिल होंगे। सुनीता विलियम्स ने बनाए रिकॉर्ड सुनीता विलियम्स ने इन आठ महीनों में एक नहीं दो कीर्तिमान स्थापित किए हैं। वह अब अंतरिक्ष में सबसे लंबे समय तक लगातार रहने वाली पहली महिला बन गई हैं। वह पिछले नौ महीने से भी ज्यादा समय से अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) में हैं। यह कोई पहला रिकॉर्ड नहीं है जो उन्होंने बनाया है। इसके अलावा सुनीता विलियम्स सबसे अधिक स्पेसवॉक करने वाली पहली महिला भी बन गई हैं। सुनीता विलियम्स की यह तीसरी अतंरिक्ष यात्रा है। तीनों यात्राओं को मिलाकर अब तक नौ बार स्पेसवॉक कर चुकी हैं। इस दौरान उन्होंने 62 घंटे 6 मिनट स्पेसवॉक में बिताए हैं। 2006-07 में अपनी पहली अंतरिक्ष यात्रा के दौरान सुनीता ने कुल 29 घंटे 17 मिनट तक स्पेसवॉक किया था। यह किसी भी महिला द्वारा किया गया सबसे लंबा स्पेसवॉक था। इससे पहले यह रिकॉर्ड कैथरीन थार्नटन के नाम था, जिन्होंने 21 घंटे से ज्यादा समय तक स्पेसवॉक किया था। अब तक, सुनीता अपनी तीन अंतरिक्ष यात्राओं के दौरान कुल नौ बार स्पेसवॉक कर चुकी हैं। इन सभी स्पेसवॉक का कुल समय 62 घंटे 6 मिनट तक पहुंच चुका है। ट्रंप ने मस्क को दी जिम्मेदारी ट्रंप ने हाल ही में एक बयान में सुनीता विलियम्स के घने बालों की सराहना की और अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर फंसे दोनों अंतरिक्ष यात्रियों को संदेश दिया कि उन्हें जल्द धरती पर वापस लाया जाएगा। ट्रंप ने ओवल ऑफिस में संवाददाताओं से कहा, ‘‘बाइडन ने उन्हें वहीं फंसा छोड़ दिया।’’ उन्होंने कहा, ‘‘ हमारे दो अंतरिक्ष यात्री अंतरिक्ष में फंसे हुए हैं। मैंने एलन (मस्क) से कहा, ‘मेरा एक काम करो। क्या तुम उन्हें बाहर निकाल कर ला सकते हो?’ उन्होंने कहा ‘हां’। वह वहां जाने की तैयारी कर रहे हैं, मुझे लगता है कि दो सप्ताह में।’’

मैं पीएम से मिलना चाहती हूं, उनसे इस हमारी बेटी के लिए न्याय की अपील पर विचार करने की मांग करना चाहती हूं: पीड़िता की मां

कोलकाता कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में रेप-मर्डर का शिकार हुई महिला डॉक्टर की मां ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इंसाफ की गुहार लगाई है. उन्होंने कहा कि वो पीएम मोदी से मिलना चाहती हैं. शनिवार को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर बोलते हुए उन्होंने पश्चिम बंगाल में महिलाओं की सुरक्षा पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा, “मैं पीएम से मिलना चाहती हूं. उनसे इस मामले में हस्तक्षेप करने और हमारी बेटी के लिए न्याय की हमारी अपील पर विचार करने की मांग करना चाहती हूं.” उन्होंने कहा, “हमारी बेटी ने बड़े सपने देखे थे. हमने कभी नहीं सोचा था कि उसे इस तरह मरना पड़ेगा. उसे हमें छोड़े हुए सात महीने हो गए हैं, लेकिन न्याय कहां है? हमारे पास मृत्यु प्रमाण पत्र भी नहीं है. यदि एक महिला डॉक्टर अपने कार्यस्थल पर असुरक्षित है, तो वो कहां सुरक्षित रह सकती है?” उनकी की इच्छा पर प्रतिक्रिया देते हुए बीजेपी विधायक अग्निमित्र पॉल ने कहा, “प्रधानमंत्री से मिलने का समय मांगने की एक प्रक्रिया होती है. मुझे यकीन है कि पीएम उन्हें समय देंगे और अपील सुनेंगे.” तृणमूल कांग्रेस की नेता और राज्य की वित्त मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने कहा, “इस देश में किसी को भी प्रधानमंत्री से मिलने का समय मांगने और उनसे मिलने का अधिकार है. लेकिन हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि यह हमारी नेता ममता बनर्जी ही थीं, जिन्होंने पहला कदम उठाया था और अपराधी को गिरफ्तार किया गया था.” इस केस में 20 जनवरी को सियालदह कोर्ट का फैसला आया था. इसमें कोलकाता पुलिस के नागरिक स्वयंसेवक संजय रॉय को मृत्यु तक आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी. इससे पहले पीड़िता माता-पिता ने ईमेल के जरिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलने के लिए समय मांगा था. लेकिन राष्ट्रपति भवन की तरफ से बताया गया कि समय नहीं होने की वजह से मुलाकात संभव नहीं हो सकेगी. इसके बाद दिल्ली में सीबीआई हेडक्वार्टर में जांच एजेंसी के डायरेक्टर से उनकी मुलाकात हुई थी. पीड़िता के पिता ने कहा था, “देखिए हम इस देश में किस स्थिति में रह रहे हैं. जहां राष्ट्रपति को खुद आगे आकर हमसे मुलाकात करनी चाहिए थी, वहां हमें 26 फरवरी (बुधवार) को जवाब मिलता है कि राष्ट्रपति के पास मिलने का समय नहीं है. मैं इसी देश का नागरिक हूं. लेकिन ऐसा लगता है कि राष्ट्रपति ने मुझे नागरिक मानने से इनकार कर दिया. ये बेहद दुखद बात है”. उन्होंने प्रधानमंत्री और गृहमंत्री से भी समय मांगा था. पीड़िता के माता-पिता 27 फरवरी को नई दिल्ली आए थे. सीबीआई निदेशक प्रवीण सूद से मुलाकात कर न्याय की बात दोहराई. पीड़िता के पिता ने कहा था, “हमने जांच के दौरान सीबीआई द्वारा कदमों पर विस्तार से बात की है. सियालदह कोर्ट के फैसले पर चर्चा की और अनुरोध किया कि मेरी बेटी को जल्द से जल्द न्याय मिले. बेटी के डेथ सर्टिफिकेट जो कि अब तक नहीं मिला है, उसके बार में भी जानकारी साझा की है.”

PM मोदी और CM योगी की मुलाकात, मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर भी हुई बातचीत, बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष के नाम पर भी चर्चा

नई दिल्ली उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिल्ली दौरे के दूसरे दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की. दोनों नेताओं के बीच करीब एक घंटे तक बातचीत हुई. पीएम मोदी के साथ सीएम योगी की यूपी बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष के नाम पर चर्चा हुई. इसके साथ ही यूपी सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर भी बातचीत हुई है. सीएम योगी ने महाकुंभ आयोजन के सफल आयोजन को लेकर भी चर्चा की. इससे पहले शनिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात की थी. सीएम योगी और नड्डा के बीच लंबी बातचीत हुई थी. इस दौरान दोनों नेताओं के बीच यूपी बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष के नाम पर चर्चा हुई और मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर भी बात हुई थी. कुछ दिन पहले ही बीजेपी के राष्ट्रीय महामंत्री विनोद तावड़े भी लखनऊ पहुंचे थे. इस दौरान मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर नामों पर चर्चा हुई थी. योगी ने नड्डा को भेंट की महाकुंभ की कॉफी टेबल बुक सीएम योगी आदित्यनाथ ने बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा को महाकुंभ की कॉफी टेबल बुक भी भेंट की. यूपी के सीएम ने एक्स पर लिखा, बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा जी से आज नई दिल्ली में शिष्टाचार भेंट की. अपना बहुमूल्य समय प्रदान करने के लिए आपका हार्दिक आभार. मुलाकात बेहद अहम यीएम योगी की यह दोनों मुलाकातें इसलिए अहम मानी जा रही हैं, क्योंकि यूपी समेत देश के अन्य हिस्सों में बीजेपी में संगठन के चुनाव चल रिे हैं. यूपी में बीजेपी को नया प्रदेश अध्यक्ष मिलना है. इसकी कवायद तेज हो गई है. मंडल अध्यक्ष के चुनाव हो गए हैं. अब जिलाध्यक्ष के नामों का ऐलान होना बाकी है. नए प्रदेश अध्यक्ष के नाम का भी बेसब्री से इंतजार किया जा रहा है. मंत्रिमंडल विस्तार की भी चर्चाएं यूपी में उपचुनाव में बंपर जीत के बाद लंबे समय से योगी मंत्रिमंडल में विस्तार की चर्चाएं भी हैं. माना जा रहा है कि सीएम योगी आदित्यनाथ विधानसभा चुनाव के लिए अपने हिसाब से टीम तैयार करेंगे, जिसके लिए कुछ नेता सरकार से संगठन में और कुछ संगठन से सरकार में किए जाएंगे. सूत्रों के मुताबिक, योगी सरकार कई मंत्रियों के कामकाज से संतुष्ट नहीं हैं. नतीजे ना देने वाले मंत्री हटाए जा सकते हैं और कुछ मंत्रियों के विभागों में बदलाव की संभावना है. मंत्रिमंडल विस्तार में नए चेहरे शामिल किए जा सकते हैं और कइयों को संगठन भेजा जा सकता है.

तेज हवा का अलर्ट, चौंकाएगा मौसम, अब होली के आसपास भी कई जगहों पर बारिश और तापमान गिरने की संभावना

जम्मू पश्चिमी विक्षोभ की वजह से उत्तर भारत का मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है। बीते कुछ दिनों से हिमालय में हो रही बर्फबारी की वजह से उत्तर भारत में ठंड ठहर सी गई है। वहीं अब होली के आसपास भी कई जगहों पर बारिश और तापमान गिरने की संभावना है। मौसम विभाग की मानें तो 9 मार्च को पश्चिमी हिमालय में नया पश्चिमी विक्षोभ ऐक्टिव होने की संभावना है। इस दौरान जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और यूपी के कुछ हिस्सों में छिटपुट बारिश हो सकती है। वहीं 10 और 11 मार्च को केरल, लक्षद्वीप और आंतरिक कर्नाटक में भारी बारिश हो सकती है। होली पर हो सकती है बारिश मौसम विभाग के मुताबिक अकले चार दिनों में उत्तर भारत में तापमान में ज्यादा बदलाव नहीं होने वाला है। 8 से 12 तारीख के बीच सौराष्ट्र और कच्छ में लू चलने की संभावना है। उत्तर प्रदेश में आने वाले दिनों में मौसम बदलने की संभावना है। 11 और 12 मार्च को तेज हवाओं की संभावना है। वहीं इसके साथ ही होली के मौके पर छिटपुट बारिश भी हो सकती है। होली वाले दिन पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हलकी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं ज्यादातर इलाकों में मौसम साफ रहेगा। 9 और 10 मार्च को उत्तर प्रदेश में मौसम शुष्क बने रहने की संभावना है। पूर्वी और पश्चिमी यूपी में 20 से 30 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। यहां एक सप्ताह तक बारिश का अनुमान मौसम विज्ञान केंद्र श्रीनगर ने रविवार को अनुमान लगाया कि कि जम्मू-कश्मीर में सोमवार से एक सप्ताह तक बारिश का मौसम रहेगा। इसने कहा कि रविवार शाम तक मौसम आमतौर पर शुष्क रहेगा। विभाग ने कहा कि 10 और 11 मार्च के दौरान कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी होने का अनुमान है, जबकि 12, 13 14 मार्च के दौरान जम्मू-कश्मीर में कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी होने का अनुमान है। इसने कहा कि 15 और 16 मार्च के दौरान कई स्थानों पर रुक-रुक कर हल्की बारिश और बर्फबारी हो सकती है। मौसम विभाग ने यात्रियों, पर्यटकों और ट्रांसपोर्टरों के लिए परामर्श भी जारी किया है जिसमें कहा है कि वे इस अवधि के दौरान अपनी यात्रा की योजना बनाने से पहले प्रशासन/यातायात परामर्श का पालन करें। किसानों को 10 मार्च से 18 मार्च तक कृषि कार्य स्थगित रखने की सलाह दी गई है; इसके अलावा, ऊंचाई वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को इस अवधि के दौरान ढलान वाले और हिमस्खलन संभावित क्षेत्रों में जाने से बचने के लिए कहा गया है।

हमने कैलिफोर्निया में एक हिंदू मंदिर पर हुए हमले के बारे में रिपोर्ट्स देखी हैं, हम घृणित कृत्यों की कड़ी निंदा करते हैं: रंधीर जयस्वाल

नई दिल्ली भारत सरकार ने दक्षिणी कैलिफोर्निया के एक प्रमुख हिंदू मंदिर बीएपीएस श्री स्वामीनारायण मंदिर पर हुए हमले को लेकर विरोध जताया है। सरकार ने इस घटना की कड़ी निंदा की और स्थानीय अधिकारियों से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की अपील की। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जयस्वाल ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, “हमने चेनो हिल्स कैलिफोर्निया में एक हिंदू मंदिर पर हुए हमले के बारे में रिपोर्ट्स देखी हैं। हम इस तरह के घृणित कृत्यों की कड़ी निंदा करते हैं। हम स्थानीय अधिकारियों से अपील करते हैं कि वे इन कृत्यों के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें और पूजा स्थलों की सुरक्षा को भी सुनिश्चित करें।” कैलिफोर्निया के चेनो हिल्स में स्थित बीएपीएस श्री स्वामीनारायण मंदिर को अपवित्र किए जाने के बाद व्यापक निंदा का सामना करना पड़ा। यह घटना हिंदू समुदाय के लिए एक बड़ा आघात थी। हिंदू संगठनों में व्यापक गुस्सा संयुक्त राज्य अमेरिका में बीएपीएस के आधिकारिक पृष्ठ ने इस घटना के बारे में कहा कि वे घृणा के खिलाफ खड़े हैं और यह सुनिश्चित करेंगे कि शांति और सहानुभूति का पालन हो। बीएपीएस पब्लिक अफेयर्स ने लिखा, “चेनो हिल्स में एक और मंदिर की अपवित्रता के खिलाफ हिंदू समुदाय दृढ़ता के साथ खड़ा है। चेनो हिल्स और दक्षिणी कैलिफोर्निया के समुदाय के साथ मिलकर हम घृणा को कभी जड़ पकड़ने नहीं देंगे। हमारी सामान्य मानवता और विश्वास यह सुनिश्चित करेंगे कि शांति और सहानुभूति का शासन हो।” यह घटना कैलिफोर्निया के लॉस एंजेलिस में होने वाले “खलिस्तान जनमत संग्रह” कार्यक्रम से कुछ ही दिन पहले हुई है, जिससे धार्मिक तनावों में वृद्धि को लेकर चिंता जताई जा रही है। उत्तर अमेरिका में हिंदू मुद्दों के लिए काम करने वाली संगठन कोएलिशन ऑफ हिंदूज ऑफ नॉर्थ अमेरिका (CoHNA) ने एक्स पर पोस्ट करते हुए इस घटना की निंदा की है। इससे पहले सितंबर में कैलिफोर्निया के सैक्रामेंटो स्थित बीएपीएस हिंदू मंदिर को अभद्र भाषा वाले ग्राफिटी से अपवित्र किया गया था, जिसमें “हिंदू वापस जाओ!” जैसे नारे लिखे गए थे। लगभग 10 दिन पहले न्यूयॉर्क के मेलविल में स्थित बीएपीएस श्री स्वामीनारायण मंदिर पर भी इसी तरह के घृणित संदेशों के साथ हमला किया गया था। न्यूयॉर्क में भारतीय वाणिज्य दूतावास ने इन घटनाओं की कड़ी निंदा की है। स्थानीय हिंदू समुदाय ने इन हमलों से घबराते हुए अपनी एकता और ऐसे कृत्यों के खिलाफ दृढ़ खड़े रहने की प्रतिबद्धता दोहराई है।

बेंगलुरु एयरपोर्ट पर आंखों से ब्लाइंड, दुबई से 4 किलो सोना टपाया, किया गिरफ्तार

बेंगलुरु बेंगलुरु के केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर एक दृष्टिहीन व्यक्ति को 3.4 करोड़ रुपये मूल्य का सोना तस्करी करते हुए गिरफ्तार किया गया है। कस्टम अधिकारियों ने जानकारी दी है। अधिकारियों के अनुसार, आरोपी की पहचान अभी तक सार्वजनिक नहीं की गई है। उसे 4 मार्च को पकड़ा गया था। आपको बता दें कि यह गिरफ्तारी कर्नाटक की अभिनेत्री रान्या राव की गिरफ्तारी के एक दिन बाद हुई है। राव से 12.56 करोड़ रुपये मूल्य का 14.2 किलोग्राम सोना बरामद किया गया था। कस्टम अधिकारियों ने बताया कि विशिष्ट सूचना के आधार पर बेंगलुरु एयर कस्टम अधिकारियों ने इस दृष्टिहीन यात्री को दुबई से आने पर रोका। उन्होंने कहा, “जांच के दौरान उसके शर्ट के नीचे छिपाकर रखा गया 3,995.22 ग्राम सोना पकड़ा गया। भारतीय बाजार में इसकी कीमत 3,44,38,796 रुपये है। उसके खिलाफ तस्करी का मामला दर्ज किया गया।” आपको बता दें कि इससे पहले सैंडलवुड अभिनेत्री रान्या राव को केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे (KIA) पर राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) की टीम ने सोने की तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया। रान्या दुबई से बेंगलुरु पहुंची थीं और उनके पास 14 किलोग्राम सोने की छड़ें मिलीं जो एक बेल्ट में छुपाई गई थीं। ये बेल्ट उनके शरीर से बंधी थी। इसके अलावा, उनके पास 800 ग्राम के सोने के आभूषण भी मिले। बाद में उन्हें अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। जांच अधिकारियों को संदेह है कि वह बेंगलुरु हवाईअड्डे के जरिए सक्रिय रूप से संचालित एक सोने की तस्करी गिरोह का हिस्सा हैं। बार-बार विदेश यात्रा रान्या की बार-बार की गई अंतरराष्ट्रीय यात्राओं ने अधिकारियों का ध्यान आकर्षित किया। इस साल की शुरुआत से उन्होंने 10 से अधिक बार विदेश यात्राएं की थीं। एक अधिकारी ने बताया, “DRI को संदेह हुआ जब उन्होंने देखा कि रान्या लगातार छोटे-छोटे अंतराल में गल्फ देशों की यात्राएं कर रही हैं। इसी कारण उन्हें ट्रैक किया जाने लगा। जब वह सोमवार को दुबई से एमिरेट्स की उड़ान से बेंगलुरु पहुंचीं, तो DRI टीम ने उन्हें रोकने की योजना बनाई।” जांच में पाया गया कि पिछले 15 दिनों में वह चार बार इसी तरह से यात्रा कर चुकी थीं और हर बार एक जैसी वेशभूषा में थीं, जिसमें उनकी बेल्ट छिपी रहती थी।

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