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महाराष्ट्र में लव जिहाद और जबरन धर्मांतरण रोकने के लिए सात सदस्यीय समिति का गठन

मुंबई महाराष्ट्र सरकार ने भी अब लव जिहाद और जबरन धर्मांतरण के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए सरकार ने एक सात सदस्यीय समिति का गठन किया है। यह समिति लव जिहाद और जबरन धर्मांतरण रोकने के लिए कानूनी उपाय सुझाएगी। इस समिति का अध्यक्ष महाराष्ट्र के डीजीपी को बनाया गया है। बता दें कि कई अन्य राज्यों में भी कथित लव जिहाद और जबरन धर्मांतरण रोकने के लिए राज्य सरकारों ने कदम उठाए हैं और अब इस कड़ी में महाराष्ट्र भी शामिल होने जा रहा है। समिति में इन लोगों को किया गया शामिल महाराष्ट्र सरकार ने जो समिति गठित की है, उसमें महाराष्ट्र के डीजीपी के अलावा महिला एवं बाल कल्याण विभाग, अल्पसंख्यक विभाग, कानून और न्यायपालिका विभाग, सामाजिक न्याय विभाग और विशेष सहायता विभाग के सचिवों के साथ ही गृह विभाग के उप-सचिव भी शामिल किए गए हैं। राज्य सरकार ने शुक्रवार को इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं। आदेश में कहा गया है कि समिति अध्ययन के बाद बताएगी कि लव जिहाद और जबरन धर्मांतरण की घटनाओं से निपटने के लिए क्या उपाय किए जा सकते हैं। साथ ही समिति अन्य राज्यों में इससे संबंधित कानूनों का भी अध्ययन करेगी। समिति इन्हें रोकने के प्रावधान भी सुझाएगी और इसके कानूनी पक्ष पर भी सलाह देगी। लव जिहाद टर्म का इस्तेमाल अक्सर दक्षिणपंथी कार्यकर्ताओं और संगठनों द्वारा किया जाता है। आरोप है कि मुस्लिम पुरुषों द्वारा हिंदू महिलाओं से शादी कर उनका इस्लाम में धर्मांतरण कराने की साजिश रची जा रही है। अमित शाह से मिले एनसीपी एसपी सांसद शरद पवार की पार्टी एनसीपी एसपी के सांसद सुरेश महात्रे ने गुरुवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। एनसीपी एसपी सांसद ने अमित शाह से ठाणे के भिवंडी इलाके में ड्रग तस्करों और अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करने की अपील की। सांसद ने बताया कि भिवंडी अपराधियों का गढ़ बन गया है और इलाके में अपराध और ड्रग तस्करी बढ़ रही है। सांसद ने कहा कि अपराधी गिरफ्तारी के बावजूद जमानत पर छूटकर फिर से अपराधिक घटनाओं में लिप्त हो जाते हैं। वहीं केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने सांसदों को कार्रवाई का आश्वासन दिया और कानून प्रवर्तन एजेंसियो को तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए।  

उत्तराखंड में मौसम ने ली करवट, चकराता, औली और यमुनोत्री में हुई बर्फबारी

 उत्तराखंड  उत्तराखंड में लगातार मौसम करवट ले रहा है जिसके चलते आज प्रदेश के कई इलाकों में काले बादल छाए हुए हैं जबकि कई स्थानों पर बारिश की बूंदाबांदी शुरू हो गई है। इसी बीच राजधानी देहरादून के विकास नगर के ऊंचाई वाले स्थानों पर जमकर बर्फबारी का नजारा देखने को मिल रहा है जिसका लुफ्त उठाने के लिए पर्यटक पहुंच रहे हैं। वहीं ठंड में एक बार फिर से इजाफा हो गया है । आगामी दो तीन दिनों तक प्रदेश के कुछ जिलों में ऐसा ही मौसम रहने वाला है। बता दें प्रदेश में आज शनिवार की सुबह से ही मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है जिसके कारण प्रदेश के कई इलाकों में बारिश की बूंदाबांदी शुरू हो गई है। वहीं राजधानी देहरादून के विकासनगर के चकराता के ऊंचाई वाले क्षेत्रों लोखंडी, मोयला टॉप, देववन आदि स्थानों पर बर्फबारी शुरू हो गई है। जिसके कारण एक बार फिर से ठंड में इजाफा देखने को मिल रहा है। इसके साथ ही सैलानी बर्फबारी का लुफ्त उठाने के लिए पहुंच रहे हैं। बताते चले प्रदेश में लंबे समय से बर्फबारी देखने को नहीं मिल रही थी हालांकि आज शनिवार को प्रदेश के कई इलाकों मे आसमान मे बादल छाए रहे। बताते चले आगामी रविवार को भी मौसम के तेवर कुछ ऐसे ही नजर आने वाले हैं जिसके कारण कई इलाकों में बारिश का नजारा देखने को मिल सकता है।

मणिपुर में सुरक्षा बलों को मिली कामयाबी, दो जिलों से गिरफ्तार किए गए 9 उग्रवादी, भारी मात्रा हथियार बरामद

 इंफाल मणिपुर में सीएम बीरेन सिंह के इस्तीफे के बाद राष्ट्रपति शासन लागू हो गया है. इसी बीच, सुरक्षाबलों ने  पूर्वी इंफाल और थौबल जिलों से विभिन्न प्रतिबंधित संगठनों के 9 उग्रवादियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने शनिवार को यह जानकारी दी. अधिकारियों ने बताया कि अपहरण और वसूली गतिविधियों में शामिल प्रतिबंधित कांगलेईपाक कम्युनिस्ट पार्टी (नोयोन) के चार सक्रिय सदस्यों को शुक्रवार को थौबल जिले के चिंगडोम्पोक इलाके से गिरफ्तार किया गया. एक अन्य ऑपरेशन में, सुरक्षाबलों ने शुक्रवार को इंफाल पूर्वी जिले के खाबेइसोई इलाके से जबरन वसूली गतिविधि में शामिल केसीपी (पीडब्ल्यूजी) के चार सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया. पुलिस ने  इंफाल पूर्वी जिले के नुंगोई अवांग लीकाई इलाके से यूएनएलएफ (पामबेई) के एक सक्रिय सदस्य को गिरफ्तार किया. उन्होंने कहा, ”गिरफ्तार व्यक्ति इम्फाल शहर और उसके आसपास वसूली गतिविधियों और हथियारों और गोला-बारूद की तस्करी में शामिल था.” सूबे में लागू हुआ राष्ट्रपति शासन मणिपुर में बीरेन सिंह के सीएम पद से इस्तीफे के बाद अब सूबे में राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया गया है. मणिपुर में मैतेई और कुकी समुदायों के बीच हिंसा के चलते कानून-व्यवस्था की स्थिति गंभीर बनी हुई है. बीते रविवार को बीरेन सिंह ने राज्यपाल अजय कुमार भल्ला से मुलाकात कर मुख्यमंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया था. इसके बाद से ही नए मुख्यमंत्री के नाम पर मुहर लगाने के लिए बीजेपी नेताओं की बैठकों का दौर शुरू हो गया था. मणिपुर प्रभारी संबित पात्रा बीजेपी के दिग्गज नेताओं के साथ मीटिंग कर रहे थे. हालांकि अब सूबे में राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया गया है. संविधान के अनुच्छेद 174(1) के अनुसार राज्य विधानसभाओं को अपनी अंतिम बैठक के छह महीने के भीतर बुलाना अनिवार्य है. मणिपुर में पिछला विधानसभा सत्र 12 अगस्त 2024 को बुलाया किया गया था. लेकिन बीते दिन यानी बुधवार को विधानसभा सत्र बुलाने की समय सीमा खत्म हो गई.    

गैर कानूनी गतिविधियों में शामिल पाए जाने के बाद 12 देशों ने 131 से ज्यादा पाकिस्तानियों को अलविदा कहा

लाहौर गैर कानूनी गतिविधियों में शामिल पाए जाने के बाद दुनियाभर के 12 देशों ने 100 से ज्यादा पाकिस्तानियों को अलविदा कह दिया है। इन देशों ने कम से कम 131 पाकिस्तानियों को डीपोर्ट कर दिया है। उनपर ड्रग्स तस्करी, अवैध घुसपैठ, और नौकरियों में कानून के उल्लंघन जैसे आरोप थे। गौर करने वाली बात यह है कि इस डिपोर्टेशन में सऊदी अरब और यूएई सबसे आगे थे। सऊदी अरब के इमिग्रेशन सूत्रों के मुताबिक यहां से करीब 74 पकिस्तानियों को उनके देश भेज दिया गया है। उनपर ड्रग ट्रैफिकिंग और नौकरी के नियमों के उल्लंघन के आरोप हैं। सऊदी अरब से मिली जानकारी के मुताबिक उन्होंने नौकरी के लिए एग्रीमेंट का उल्लंघन किया था और बिना नोटिस के ही नौकरी छोड़ दी थी। वहीं यूएई ने भी कई पाकिस्तानियों को डिपोर्ट कर दिया है। उनपर अवैध घुसपैठ, चोरी और ड्रग्स ट्रैफिकिंग के आरोप थे। एक ऐसा भी मामला है जब एक पाकिस्तानी को पहुंचने के बाद एंट्री ही नहीं दी गई और उसे तुरंत डिपोर्ट कर दिया गया। आरोप था कि वह खुदकुशी करने की धमकी दे रहा था। इन दो देशों के अलावा, ओमान, कंबोडिया, बहरीन, अजरबैजान, इराक और मेक्सिको से पाकिस्तानियों को डिपोर्ट किया गया है। इसके अलावा मॉरिटानिया और सेनेगल से भी दो पाकिस्तानियों को डिपोर्ट किया गया। उनपर मानव तस्करी के आरोप थे। पाकिस्तान पहु्ंचने के बाद 16 लोगों को फेडरल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी के हवाले कर दिया गया। वे ट्रैफिकिंग से जुड़े मामलों में आरोपी थे। वहीं 6 को लरकाना, कलात, गुजरांवाला, साहीवाल और रावलपिंडी की पुलिस को सौंप दिया गया। उनके खिलाफ भी जांच शुरू की जाएगी। कराची के एयरपोर्ट पर इमिग्रेशन अधिकारियों के मुताबिक 86 लोगों को देश छोड़ने से रोका गया है। इनमें 30 उमराह यात्री थे। उनके पास अडवांस होटल बुकिंग नहीं थी इसलिए एयरपोर्ट पर ही रोक लिया गया। इसकेअलावा उनके पास यात्रा के खर्च का ब्यौरा भी नहीं ता। सात ऐसे लोग भी थे जिनके पास साइप्रस, यूके अजरबैजान और किर्गिस्तान का स्टडी वीजा था। उन्हें भी एयरपोर्ट पर ही रोक लिया गया। सऊदी अरब, ओमान, अजरबैजान, मालावी, कॉन्गो, बहरीन, मलेशिया, इंडोनेशिया, दक्षिण अफ्रीका, थाइलैंड, तुर्की और जिम्बॉम्वे के टूरिस्ट वीजा वाले लोगों को भी रोक लिया गया। वहीं कुछ लोग जो कतर, तुर्की और सऊदी अरब में काम करने के लिए ब्लैकलिस्ट थे उन्हें भी बोर्डिंग की अनुमति नहीं दी गई।

खूंखार मार्को एब्बन की मेक्सिको सिटी में गोली मारकर हत्या कर दी गई

 मेक्सिको यूरोप के सबसे खूंखार अपराधियों में शुमार एक ड्रग तस्कर मेक्सिको में मारा गया है। उसने अपनी मौत का ढोंग करते हुए भागने का प्रयास किया था। अधिकारियों ने शुक्रवार को इसकी जानकारी दी है। मार्को एब्बन को गुरुवार को मेक्सिको सिटी से लगभग 25 किलोमीटर दूर अटिज़ापान डी ज़ारागोसा के एक शहर में गोली मारकर हत्या कर दी गई। प्रवर्तन अधिकारियों ने एब्बन की पहचान की पुष्टि की। यूरोप की पुलिस एजेंसी यूरोपोल ने एब्बन को यूरोप के “सबसे वांछित भगोड़ों” में सूचीबद्ध किया था। वह ब्राजील से नीदरलैंड्स में ड्रग्स की तस्करी में शामिल था। यूरोपीय पुलिस की वेबसाइट पर कहा गया है कि उसे अक्टूबर 2020 में सात साल से अधिक की सजा सुनाई गई थी। 2014 और 2015 के बीच एब्बन और उसके साथियों ने 400 किलो कोकीन को अनानास के कंटेनरों में छिपाकर तस्करी करने का आरोप है। गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने ने पिछले अक्टूबर में कूलियाकान में अपनी मौत का ढोंग किया था। यह मेक्सिको के सिनालोआ कार्टेल का गढ़ है और वहां दो कार्टेल गुटों के बीच संघर्ष चल रहा था। स्थानीय मीडिया के अनुसार, एब्बन को एक गुट से जुड़े होने का आरोप था, लेकिन उस समय उसकी मौत का कोई सबूत नहीं मिला था। केवल एक कथित प्रेमिका का बयान था जिसने शव की पहचान की थी। मेक्सिकी अधिकारियों ने शुक्रवार को कहा कि उन्होंने उत्तर मेक्सिको के चिहुआहुआ राज्य में एक संदिग्ध सिनालोआ कार्टेल ड्रग तस्कर को गिरफ्तार किया है। उसे अमेरिका द्वारा वांछित किया गया था। स्थानीय मीडिया ने उसे हम्बर्टो रिवेरा के रूप में पहचाना।

‘परमाणु ऊर्जा’ का पावरहाउस बनेगा भारत: केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह

नईदिल्ली केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि ‘विकसित भारत के लिए परमाणु ऊर्जा मिशन’ भारत की परमाणु क्षमताओं को बढ़ाने, निजी क्षेत्र की भागीदारी को प्रोत्साहित करने और उन्नत परमाणु तकनीक को स्थापित करने की एक बड़ी योजना है। गुजरात चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए डॉ. सिंह ने बताया कि केंद्रीय बजट में छोटे मॉड्यूलर रिएक्टरों (SMR) के अनुसंधान और विकास के लिए ₹20,000 करोड़ का आवंटन किया गया है। सरकार का लक्ष्य 2033 तक कम से कम पांच स्वदेशी SMR को चालू करना है। उन्होंने कहा कि यह पहल 2047 तक 100 गीगावाट परमाणु ऊर्जा क्षमता हासिल करने के भारत के महत्वाकांक्षी लक्ष्य के अनुरूप है। यह कदम कार्बन उत्सर्जन को कम करने और स्वच्छ एवं सस्टेनेबल ऊर्जा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। डॉ. सिंह ने परमाणु उद्योग में निजी क्षेत्र की भागीदारी की अनुमति देने को गेमचेंजर बताया और कहा कि इससे ऊर्जा आत्मनिर्भरता के साथ-साथ भारत को वैश्विक परमाणु प्रौद्योगिकी में अग्रणी बनने में मदद मिलेगी। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि जिस तरह स्पेस सेक्टर को निजी कंपनियों के लिए खोला गया, उसी तरह परमाणु क्षेत्र में भी सुधारों से नवाचार और विकास को बढ़ावा मिलेगा। सरकार की प्रतिबद्धता पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि परमाणु ऊर्जा भारत की ऊर्जा रणनीति की आधारशिला बनेगी, जिससे देश तकनीकी रूप से उन्नत और आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ेगा। –

भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने किया आर्ट ऑफ लिविंग के 10वें अंतरराष्ट्रीय महिला सम्मेलन का उद्घाटन

भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने किया आर्ट ऑफ लिविंग के 10वें अंतरराष्ट्रीय महिला सम्मेलन का उद्घाटन  “हम एक भी महिला की आँखों से आंसू नहीं गिरने दे सकते,” – गुरुदेव रवि शंकर सम्मेलन के उद्घाटन समारोह में कर्नाटक के राज्यपाल थावर चंद गेहलोत, केंद्रीय मंत्री श्रीमती अन्नपूर्णा देवी, पूर्व विदेश मंत्री एवं संस्कृति मंत्री श्रीमती मीनाक्षी लेखी, श्रम और रोजगार मंत्रालय तथा सूक्ष्म, लघु और मझले उद्योग मंत्री श्रीमती शोभा करंदलाजे, कॉमनवेल्थ की सचिव-जनरल सुपैट्रीशिया स्कॉटलैंड, सिनेमा की दिग्गज अभिनेत्री और सांसद श्रीमती हेमा मालिनी और यूरोपीय संसद की सदस्य श्रीमती मारिया जॉर्जियाना टियोडोरस्कू भी उपस्थित थीं।  बेंगलुरु  भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने अंतरराष्ट्रीय महिला सम्मेलन के 10वें संस्करण के उद्घाटन सत्र का शुभारंभ किया। उन्होंने 50 देशों की 500 से अधिक प्रतिनिधियों को प्रेरित करते हुए, हर महिला को अपने भीतर की शक्ति, गुण और प्रतिभाओं को पहचानने और समाज में सकारात्मक प्रभाव डालने के लिए प्रेरित किया। माननीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने कहा, “गुरुदेव रवि शंकर और आर्ट ऑफ लिविंग ने दुनिया भर के लोगों को ध्यान और मानवीय सेवाओं के माध्यम से आंतरिक शांति पाने के लिए प्रेरित किया है। आज की इस प्रतिस्पर्धात्मक दुनिया में हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि हमारे मानवीय मूल्य बरकरार रहें। यहीं पर महिलाओं की भूमिका महत्त्वपूर्ण हो जाती है क्योंकि वे करुणा और दयालुता के साथ नेतृत्व करती हैं। माननीय राष्ट्रपति ने मानसिक स्वास्थ्य पर काम करने की आवश्यकता पर कहा, “सभी को अपनी बात रखने और अभिव्यक्त करने के लिए एक सुरक्षित वातावरण और समर्थन प्रणाली बना कर ही आप इस विषय पर चुप्पी तोड़ सकते हैं । मानसिक शक्ति के बिना बाधाओं और रूढ़ियों को तोड़ना संभव नहीं है।” “विशेष रूप से ‘जस्ट बी’ थीम पर आधारित इस सम्मेलन ने जीवन की चुनौतियों का सामना करने और दुनिया में सार्थक बदलाव लाने के लिए सजग रूप से ठहराव, संतुलन, आत्म-स्वीकृति और लचीलेपन को अपनाने की अपील की।” अंतरराष्ट्रीय महिला सम्मेलन के प्रेरणास्त्रोत, वैश्विक मानवतावादी और आध्यात्मिक गुरु गुरुदेव रवि शंकर ने कहा, “हम किसी भी महिला की आंखों से एक भी आंसू नहीं गिरने दे सकते।” उन्होंने कहा कि एक सकारात्मक वातावरण से प्रगति होती है, और एक महिला की उपस्थिति से ही वातावरण खुशहाल और सकारात्मक हो जाता है। उन्होंने कहा, “महिलाओं की भावनाएँ एक आशीर्वाद है क्योंकि यह भावनात्मक शक्ति ही है जो उन्हें लोगों को एकजुट करने की क्षमता देती है। शायद अगर महिलाएं दुनिया के प्रमुख देशों में नेतृत्व की भूमिका निभाएं, तो जो संघर्ष, विवाद, युद्ध और विभिन्न सामाजिक विकृतियाँ हम आज देखते हैं, वे कम हो सकती हैं या यहां तक कि समाप्त हो सकती हैं।” गुरुदेव ने यह भी कहा, “भारत ने दिखाया है कि महिलाओं को सशक्तिकरण की कितनी आवश्यकता है और यह बहुत प्रगतिशील है। यहां पुरानी कथाओं के अनुसार सभी मुख्य मंत्रालयों का प्रभार महिलाओं को ही सौंपा गया हैं, जैसे रक्षा मंत्रालय- दुर्गा, वित्त मंत्रालय – लक्ष्मी और शिक्षा मंत्रालय – सरस्वती सम्भालती हैं । आंतरिक शक्ति, आत्मप्रेम और सजगता के साथ नेतृत्व की भूमिकाओं को संतुलित करना, 10वें अंतरराष्ट्रीय महिला सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में गूंजता हुआ संदेश था, जिसमें सत्ता, कूटनीति और कला के क्षेत्र से जुड़ी बेहतरीन महिला नेताओं का संगम हुआ। लगभग दो दशकों और 10 संस्करणों में, अंतरराष्ट्रीय महिला सम्मेलन ने 115 देशों से प्रतिष्ठित वक्ताओं और 6,000 प्रतिनिधियों को एकत्रित किया है। इस वर्ष के सम्मेलन में 60 से अधिक वक्ता और 50 से अधिक देशों के 500 से अधिक प्रतिनिधि शामिल हैं। यह सम्मेलन महिलाओं के लिए एक ऐसा मंच है जहां वे आत्मचिंतन कर सकती हैं, प्रेरित हो सकती हैं, संवाद कर सकती हैं और अपनी जीवनयात्रा साझा कर सकती हैं।  साथ ही ध्यान, प्राणायाम और योग के माध्यम से अपने भीतर की यात्रा पर ध्यान केंद्रित कर सकती हैं। अंतरराष्ट्रीय महिला सम्मेलन की शुरुआत गुरुदेव की बहन और सम्मेलन की अध्यक्ष श्रीमती भानुमति नरसिम्हन के दृष्टिकोण से हुई। वह पिछले चार दशकों से भारत के दूर-दराज क्षेत्रों में समग्र शिक्षा के प्रसार के लिए काम कर रही हैं और लाखों लोगों को ध्यान और खुशी का रास्ता दिखा चुकी हैं। सम्मेलन के बारे में उन्होंने कहा, “‘जस्ट बी’ हमें अपने आप से जुड़ने, ठहरने और जीवन में संतुलन बनाने के लिए प्रेरित करता है। ध्यान हमें वर्तमान में रहने में सहायता करता है, जिससे स्पष्टता और रचनात्मकता बढ़ती है। यह सम्मेलन एक ऐसा मंच है जहां हम सब मिलकर सीख सकते हैं, अपने विचार साझा कर सकते हैं और एक-दूसरे के साथ दयालुता और आंतरिक शांति को अपनाते हुए आगे बढ़ सकते हैं।” सम्मानित वक्ताओं ने अपनी व्यक्तिगत यात्राओं के दृष्टिकोण से महिलाओं को आगे बढ़ने, बदलाव लाने और अपने समुदायों और राष्ट्रों को प्रेरित करने के लिए अपने विचार साझा किए। प्रसिद्ध अभिनेत्री और सांसद हेमा मालिनी ने कहा, “कई भूमिकाओं को सहजता  के साथ संतुलित करना वह वास्तविकता है जिसका सामना कई महिलाएँ करती हैं। कई लोग पूछते हैं कि मैं नृत्य, प्रस्तुतियाँ और सार्वजनिक सेवा को कैसे सम्भालती हूँ? मैं कहती हूँ, ‘जस्ट बी।’ योग, नृत्य और ध्यान, जिसे गुरुदेव ने सिखाया है; मुझे खुद को केंद्रित करने में मदद करते हैं।” महिला और बाल विकास मंत्री माननीय श्रीमती अन्नपूर्णा देवी ने कहा: “‘जस्ट बी’ हमें यह याद दिलाता है कि भौतिक सफलता का पीछा करते हुए हमें जमीन से जुड़े रहना चाहिए। ध्यान और प्राणायाम हमें संतुलन और स्पष्टता पाने में मदद करते हैं। जब महिलाएं खुद को पूरी तरह से स्वीकार करती हैं, तो उन्हें आत्मविश्वास और स्वतंत्रता मिलती है।” माननीय केंद्रीय राज्य मंत्री, श्रीमती शोभा करंदलाजे  ने भारत की नीति में बदलाव के बारे में बताया, जहां अब “महिलाओं के विकास” से “महिला-नेतृत्व वाले विकास” की ओर ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा, “शासन, व्यापार और विज्ञान में महिलाएं नेतृत्व कर रही हैं।” उन्होंने गर्व से भारत के योगदान और दुनिया में उसकी नेतृत्व की बात की, जो “विजय नहीं, बल्कि ज्ञान और मानव मूल्यों” के माध्यम से हुआ है। उन्होंने आर्ट ऑफ लिविंग के काम की सराहना की, जो तनाव-राहत कार्यक्रमों और सेवा परियोजनाओं से दुनिया भर में लाखों लोगों को शांति दे रहा है। कॉमनवेल्थ की माननीय महासचिव, पैट्रीशिया स्कॉटलैंड का मुख्य संदेश … Read more

अमृतसर के गुरु राम दास एयरपोर्ट पर डिपोर्ट किए गए 119 भारतीय प्रवासियों को लेकर दो फ्लाइट आज और कल होगी लैंड

नई दिल्ली अमेरिका से डिपोर्ट किए गए 119 भारतीय प्रवासियों को लेकर दो फ्लाइट 15 और 16 फरवरी को अमृतसर के गुरु राम दास इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर लैंड करेगी। अधिकारियों ने बताया कि दोनों फ्लाइट सुबह 10:05 बजे लैंड करेंगी। इन डिपोर्ट प्रवासियों में सबसे अधिक लोग पंजाब के हैं। जानकारी के मुताबिक, इनमें पंजाब के 67, हरियाणा के 33, गुजरात के 8, उत्तर प्रदेश के 3, महाराष्ट्र के 2, गोवा के 2, राजस्थान के 2 और हिमाचल प्रदेश व जम्मू-कश्मीर के एक-एक लोग हैं। अमेरिका ने घुसने की कोशिश करते पकड़ाए डिपोर्ट किए जा रहे लोगों ने मेक्सिको और दूसरे रास्तों से अमेरिका में अवैध रूप से घुसने की कोशिश की। अधिकारियों के मुताबिक, इन लोगों ने अमेरिका में घुसने के बाद कथित तौर पर अपने पासपोर्ट फाड़ दिए। डोनाल्ड ट्रंप के आदेश के बाद अमेरिका में अवैध रूप से घुसने की कोशिश करते लोगों को पकड़ने के बाद डिपोर्ट किया जा रहा है। डिपोर्ट प्रवासियों को लेकर भारत आने वाली ये दूसरी फ्लाइट होगी। इसके पहले 5 फरवरी को पंजाब के अमृतसर में विभिन्न राज्यों से अमेरिका गए 104 अवैध प्रवासियों को लेकर यूएस मिलिट्री एयरक्राफ्ट लैंड हुआ था। इसमें 33 लोग हरियाणा, गुजरात के 33, पंजाब के 30, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश के 3-3 और चंडीगढ़ के 2 लोग शामिल थे। बांध दिए गए थे हाथ-पैर डिपोर्ट किए गए कुछ लोगों ने दावा किया था कि पूरी यात्रा के दौरान उनके हाथ-पैर हथकड़ियों और बेड़ियों से बांध दिए गए थे और अमृतसर लैंड करने के बाद ही उन्हें खोला गया। इसके बाद पूरे देश में काफी बवाल मचा था। विपक्ष ने पीएम मोदी से अमेरिका के सामने इस मुद्दे को उठाने की मांग की थी। इसके बाद भारत ने भी अमेरिका ने डिपोर्ट भारतीयों के साथ हो रहे व्यवहार पर चिंता जताई थी। पंजाब और हरियाणा में संदिग्ध ट्रैवल एजेंट्स के खिलाफ पुलिस ने जांच भी शुरू कर दी थी।

देश में पहली बार 21 राज्यों में भगवा, 92 करोड़ लोगों पर एनडीए का सीधा शासन… मैप में भारत की सियासी तस्वीर

नईदिल्ली लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री मोदी रिकॉर्ड तीसरी बार प्रधानमंत्री बने, लेकिन इस बार बीजेपी अपने दम पर पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने में सफल नहीं हुई। लेकिन इस जीत के बाद कांग्रेस के साथ विपक्ष ने माना की अब मोदी लहर खत्म हो रही है लेकिन तीसरे कार्याकल के बाद हुए विधानसभा चुनावों के परिणाम देखकर इस बात को नकारा नहीं जा सकता की मोदी लहर अभी खत्म नहीं हुई है। मोदी के नेतृत्व में भाजपा ने 8 राज्यों- आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम, ओडिशा, जम्मू-कश्मीर, हरियाणा, महाराष्ट्र और झारखंड में चुनाव लड़ा। इसमें आंध्र प्रदेश, अरुणाचल, ओडिशा, हरियाणा और महाराष्ट्र में भाजपा या गठबंधन की सरकार बनी है। 21 राज्यों में NDA की सरकार दिल्ली: दिल्ली चुनाव में भाजपा ने 26 साल बाद सत्ता में वापसी की है। पार्टी ने 70 में से 48 सीटों पर जीत दर्ज करी है और अब सीएम के नाम का ऐलान करने की तैयारी शुरू हो गई है। हरियाणा: हरियाणा विधानसभा चुनाव में 90 सीटों में से भाजपा ने 48 सीटों पर दर्ज की थी। हरियाणा में भाजपा की तीसरी बार सरकार बनी है। नायब सिंह सैनी हरियाणा के 19वें मुख्यमंत्री हैं। उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री हैं। वे 2017 में पहली बार और 2022 में दूसरी बार यूपी के सीएम बने थे। अब अगला विधानसभा चुनाव 2027 में है। उत्तराखंड: उत्तराखंड विधानसभा चुनावों में 70 सीटों में से भाजपा को 47 सीटों पर जीत मिली। पुष्कर सिंह धामी मुख्यमंत्री हैं। अगला विधानसभा चुनाव 2027 में है। बिहार: बिहार में NDA सरकार है और नीतीश कुमार मुख्यमंत्री हैं। ओडिशा: 2024 में ओडिशा की 147 विधानसभा सीटों में से भाजपा ने 78 सीटों पर जीत दर्ज की। ओडिशा के वर्तमान मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी हैं। राजस्थान: राजस्थान में भाजपा ने 200 सीटों में से 115 सीटों पर जीत दर्ज की थी। भजनलाल शर्मा राजस्थान के वर्तमान मुख्यमंत्री हैं। गुजरात: गुजरात में 182 सीटों में से 156 पर भाजपा ने जीत दर्ज की थी। भूपेंद्र पटेल मौजूदा मुख्यमंत्री हैं। महाराष्ट्र: महाराष्ट्र में 288 सीटों में भाजपा को 132 सीटों पर जीत मिली। देवेंद्र फडणवीस मुख्यमंत्री हैं। शिंदे और अजित पवार को डिप्टी सीएम है। गोवा: 40 विधानसभा सीटों वाले गोवा में भाजपा को 26 सीटे मिली और प्रमोद सावंत NDA के मुख्यमंत्री हैं। मध्य प्रदेश: मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में भाजपा को 230 में से 163 सीटों पर जीत मिली थी। मोहन यादव वर्तमान मुख्यमंत्री हैं। छत्तीसगढ़: छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 90 विधानसभा सीटों में 54 सीटों पर जीत दर्ज की। मौजूदा मुख्यमंत्री विष्णु देव साय हैं। आंध्र प्रदेश: आंध्र प्रदेश में NDA की सरकार है और चंद्रबाबू नायडू मुख्यमंत्री हैं। असम, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर और त्रिपुरा में बीजेपी की सरकार है। मेघालय, सिक्किम और नगालैंड में एनडीए गठबंधन की सरकारें हैं। 3 साल में 21 राज्यों में चुनाव 2026 में पश्चिम बंगाल, असम, पुडुचेरी, तमिलनाडु और केरल में चुनाव होंगे। 2027 में गुजरात, पंजाब, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गोवा और मणिपुर के विधानसभा चुनाव है। 2 2028 में नगालैंड, त्रिपुरा, कर्नाटक, तेलंगाना, मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, मेघालय, मिजोरम, छत्तीसगढ़ और राजस्थान शामिल हैं। मध्य और पश्चिमी भारत में एनडीए का दबदबा मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान के साथ-साथ महाराष्ट्र और गुजरात में भी बीजेपी की सरकार है. 2022 में गुजरात और 2023 में मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में बीजेपी ने जीत हासिल की थी. महाराष्ट्र में नवंबर 2024 में बीजेपी नीत एनडीए ने जीत हासिल की थी. इसी तरह उत्तर भारत के बिहार और उत्तर प्रदेश में एनडीए का कब्जा है. झारखंड और पश्चिम बंगाल में इंडिया की सरकार है. दक्षिण भारत की 5 में से 4 राज्यों में इंडिया की सरकार है. केरल, तेलंगाना, कर्नाटक और तमिलनाडु में इंडिया तो आंध्र में एनडीए की सरकार है. 140 करोड़ आबादी, 92 पर NDA का शासन देश की आबादी अभी 140 करोड़ के आसपास है. दिल्ली में जीत के बाद एनडीए का शासन 92 करोड़ लोगों पर हो गया है. 10 करोड़ से ज्यादा आबादी वाले उत्तर प्रदेश (24 करोड़), महाराष्ट्र (12 करोड़) और बिहार (12 करोड़) में एनडीए का ही शासन है. 10 करोड़ या उससे ज्यादा की आबादी वाले किसी भी राज्य में इंडिया की सरकार नहीं है. 5 करोड़ से ज्यादा आबादी वाले 7 में से 4 राज्यों में एनडीए की सरकार है. वहीं तीन राज्यों में इंडिया की सरकार है. 5 करोड़ से ज्यादा आबादी वाले पश्चिम बंगाल (9 करोड़), तमिलनाडु (7 करोड़) और कर्नाटक (6 करोड़) में इंडिया गठबंधन की सरकार है. इसी तरह आंध्र प्रदेश (5 करोड़), गुजरात (6 करोड़), मध्य प्रदेश (8 करोड़) और राजस्थान (8 करोड़) में एनडीए की सरकार है. वहीं 1-5 करोड़ आबादी वाले राज्यों की बात की जाए तो 10 राज्यों में से 6 में एनडीए और 4 में इंडिया की सरकार है. असम (3.5 करोड़), छत्तीसगढ़ (3 करोड़), दिल्ली (1.87 करोड़), हरियाणा (2.8 करोड़) जैसे राज्यों में एनडीए की सरकार है. मेघालय में 33 लाख के आसपास आबादी है. यहां किसी भी गठबंधन की सरकार नहीं है. पहली बार 21 राज्यों में एनडीए की सरकार साल 2018 के मध्य में बीजेपी सत्ता के शीर्ष पर थी. उस वक्त पार्टी के पास 20 राज्यों की सरकार थी. इनमें पूर्वोंत्तर के सभी 7 राज्यों के अलावा उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल, गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, हरियाणा और महाराष्ट्र की सरकार शामिल थी. इसके बाद बीजेपी का परफॉर्मेंस लगातार गिरता ही रहा. 7 साल बाद अब बीजेपी ने अपने 20 राज्यों वाला रिकॉर्ड को तोड़ दिया है. भगवा लहर में AAP के दिग्गज धराशायी भगवा लहर में आप के राष्ट्रीय संयोजक व पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, मंत्री सौरभ भारद्वाज, पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन सहित पार्टी के कई बड़े नेता चुनाव हार गए। मुख्यमंत्री आतिशी को भी कड़े मुकाबले का सामना करना पड़ा, लेकिन वह लगभग 3,500 मतों से चुनाव जीतने में सफल रहीं। कांग्रेस को फायदा, मत फीसद बढ़ा कांग्रेस के प्रदर्शन में सुधार हुआ है। उसका मत प्रतिशत बढ़ा है, लेकिन लगातार तीसरे चुनाव में भी उसका खाता नहीं खुल सका। AAP के वोटरों में BJP ने ऐसे लगाई सेंध वर्ष 2014 व वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में दिल्ली की सभी सातों सीटें … Read more

अमेरिका के एक शीर्ष सैन्य कमांडर ने दी चेतावनी, उत्तर कोरिया पूरे उत्तरी अमेरिका में अपने लक्ष्यों पर परमाणु बम गिरा सकता है

सोल उत्तर कोरिया जल्द ही अमेरिका की मुख्य भूमि तक पहुंचने में सक्षम अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइलों (आईसीबीएम) का निर्माण शुरू कर सकता है। अमेरिका के एक शीर्ष सैन्य कमांडर ने शुक्रवार को यह चेतावनी दी। जनरल ग्रेगरी गुइलोट ने सीनेट सशस्त्र सेवा समिति से कथित तौर पर कहा कि उत्तर कोरिया पूरे उत्तरी अमेरिका में अपने लक्ष्यों पर परमाणु बम गिरा सकता है। गुइलोट अमेरिकी उत्तरी कमान और उत्तरी अमेरिकी एयरोस्पेस रक्षा कमान के प्रमुख हैं। समिति के समक्ष लिखित गवाही में गिलोट ने पिछले अक्टूबर में ह्वासोंग-19 (एचएस-19) आईसीबीएम के प्रारंभिक उड़ान परीक्षण का विवरण दिया। इसके बारे में विश्लेषकों का मानना ​​है कि यह अधिक लम्बे समय तक और ज्यादा ऊंचाई पर उड़ान भर सकती है। यह बयान खासा अहम है क्योंकि डोनाल्ड्र ट्रंप पिछली बार प्योंयांग को लेकर काफी सकारात्मक बातें कर चुके हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 23 जनवरी को कहा कि वे किम जोंग उन से फिर से संपर्क करेंगे। उन्होंने उत्तर कोरियाई नेता को ‘स्मार्ट शख्स’ बताया जिनसे वह तीन बार पहले मिल चुके हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक एक इंटरव्यू में जब ट्रंप से पूछा गया कि क्या वह किम से दोबारा संपर्क करेंगे, तो उन्होंने जवाब दिया: “हां, मैं करूंगा। वह मुझे पसंद करते हैं।” इससे पहले वाशिंगटन में अपने शपथ ग्रहण समारोह के तुरंत बाद संवाददाताओं बातचीत के दौरान उत्तर कोरिया को ‘परमाणु शक्ति’ बताया। वह यहीं नहीं रुके उन्होंने कहा कि उनके और उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग-उन के बीच ‘बहुत अच्छा तालमेल है।’ हालांकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और जापानी प्रधानमंत्री शिगेरू इशिबा ने 7 फरवरी को उत्तर कोरिया के पूर्ण परमाणु निरस्त्रीकरण के प्रति अपनी ‘दृढ़’ प्रतिबद्धता की पुष्टि की। आमने-सामने की शिखर वार्ता के बाद ट्रंप और इशिबा ने एक संयुक्त बयान जारी किया। दोनों पक्षों ने दक्षिण कोरिया के साथ त्रिपक्षीय सहयोग के महत्व को रेखांकित किया। संयुक्त बयान में कहा गया, “दोनों नेताओं ने डेमोक्रेटिक पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ कोरिया (डीपीआरके) के परमाणु और मिसाइल कार्यक्रमों पर अपनी गंभीर चिंता व्यक्त की और डीपीआरके के पूर्ण परमाणु निरस्त्रीकरण के प्रति अपनी दृढ़ प्रतिबद्धता की पुष्टि की।” डीपीआरके उत्तर कोरिया के आधिकारिक नाम का संक्षिप्त रूप है।

भारत का ई-वेस्ट एक बड़ा आर्थिक अवसर हो सकता है, 6 बिलियन डॉलर की अनुमानित आर्थिक क्षमता का दावा

बेंगलुरु भारत का ई-वेस्ट एक बड़ा आर्थिक अवसर उपलब्ध करा रहा है। मेटल एक्सट्रैक्शन के जरिए रिकवर किए जाने वाले मटीरियल में 6 बिलियन डॉलर की अनुमानित आर्थिक क्षमता का दावा एक रिपोर्ट कर रही है। शुक्रवार को एक रिपोर्ट के हवाले से ये जानकारी दी गई। भारत अब चीन और अमेरिका के बाद दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा ई-वेस्ट उत्पादक है। रेडसीर स्ट्रैटेजी कंसल्टेंट्स की रिपोर्ट में कहा गया है कि देश का ई-वेस्ट वित्त वर्ष 2014 में 2 मिलियन मीट्रिक टन (एमएमटी) से दोगुना होकर वित्त वर्ष 2024 में 3.8 एमएमटी हो गया है, जो शहरीकरण और बढ़ती आय के कारण हुआ है। मुख्य रूप से घरों और व्यवसायों द्वारा उत्पन्न कंज्यूमर सेगमेंट ने वित्त वर्ष 2024 में कुल ई-वेस्ट का लगभग 70 प्रतिशत योगदान दिया। ई-वेस्ट उत्पादन में एक बड़ा ट्रेंड मटीरियल की तीव्रता में बदलाव है। जबकि उपकरण अधिक कॉम्पैक्ट और हल्के होते जा रहे हैं। त्यागे गए सामानों की मात्रा बढ़ रही है, जिससे कुशल रीसाइक्लिंग रणनीतियों की आवश्यकता होती है। रेडसीर स्ट्रैटेजी कंसल्टेंट्स के पार्टनर जसबीर एस. जुनेजा ने कहा, “आने वाले वर्षों में ई-वेस्ट की मात्रा बढ़ने की उम्मीद है। ई-वेस्ट में मेटल का बढ़ता मूल्य भारत के लिए रिकवरी दक्षता बढ़ाने और खुद को सस्टेनेबल मेटल एक्सट्रैक्शन में लीडर के रूप में स्थापित करने का एक बड़ा अवसर प्रस्तुत करता है।” वर्तमान में, भारत में कंज्यूमर ई-वेस्ट का केवल 16 प्रतिशत फॉर्मल रिसाइक्लर द्वारा प्रोसेस किया जाता है। वित्त वर्ष 2035 तक फॉर्मल रिसाइकलिंग सेक्टर में 17 प्रतिशत सीएजीआर वृद्धि के अनुमानों के बावजूद, इसके द्वारा भारत के ई-वेस्ट का केवल 40 प्रतिशत ही हैंडल करने की उम्मीद है। इस सेक्टर को अनौपचारिक प्लेयर्स से कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ता है, जो कम अनुपालन लागत और व्यापक संग्रह नेटवर्क का लाभ उठाते हैं। इस बीच, 10-15 प्रतिशत ई-वेस्ट घरों में स्टोर रहता है और 8-10 प्रतिशत लैंडफिल में समाप्त हो जाता है, जिससे रिसाइकलिंग दक्षता कम हो जाती है। एक सस्टेनेबल ई-वेस्ट मैनेजमेंट इकोसिस्टम बनाने के लिए, भारत सरकार ने एक्सटेंडेड प्रोड्यूसर रिस्पॉन्सिबिलिटी (ईपीआर) फ्रेमर्क पेश किया है। ईपीआर तब से उत्पादकों के लिए परिभाषित संग्रह लक्ष्यों के साथ एक अनिवार्य प्रणाली में विकसित हुआ है। हालांकि, कम न्यूनतम ईपीआर शुल्क और अपर्याप्त औपचारिक रीसाइक्लिंग क्षमता के कारण अंतराल बने हुए हैं। फॉर्मल रीसाइक्लिंग नेटवर्क को मजबूत करना मेटल रिकवरी रेट में सुधार और रिटर्न को अधिकतम करने की कुंजी है। इससे भारत की मेटल आयात मांग में 1.7 बिलियन डॉलर तक की कमी आ सकती है, जबकि हाई-वैल्यू रिसाइकल्ड मेटल की निरंतर सप्लाई सुनिश्चित हो सकती है।

कोयला खदान श्रमिकों को ले जा रहे एक ट्रक में आतंकियों ने बनाया निशाना, किया विस्फोस्ट, 10 लोगों की मौत

इस्लामाबाद अशांत बलूचिस्तान के हरनाई इलाके में शुक्रवार को कोयला खदान श्रमिकों को ले जा रहे एक ट्रक में विस्फोट होने से कम से कम 10 लोगों की मौत हो गई और छह अन्य घायल हो गए। रिपोर्ट के मुताबिक हरनाई के डिप्टी कमिश्नर हजरत वली काकर के अनुसार, यह विस्फोट हरनाई के शाहराग जिले में कोयला खदान क्षेत्र ‘पीएमडीसी 94’ में एक इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) से हुआ। बलूचिस्तान सरकार के प्रवक्ता शाहिद रिंद के एक बयान के अनुसार, घटना की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। बयान के मुताबिक सबूत इक्ट्ठा किए जा रहे हैं और शुरुआती जांच से पता चलता है कि विस्फोटक सामग्री सड़क किनारे रखी गई थी। बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री सरफराज बुगती ने घटना की निंदा की और लोगों की मौत पर दुख व्यक्त किया। उन्होंने निर्देश दिया कि घायल श्रमिकों को सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधाएं प्रदान की जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा, “निर्दोष नागरिकों को निशाना बनाने वाले आतंकवादी किसी भी तरह की माफी के हकदार नहीं हैं और बलूचिस्तान की शांति को नुकसान पहुंचाने वाले तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।” बुगती ने कहा कि शांति के दुश्मनों के इरादों को किसी भी हालत में सफल नहीं होने दिया जाएगा। इस घटना में शामिल आतंकवादियों को जल्द ही न्याय के कटघरे में लाया जाएगा। बुगती ने कहा कि बलूचिस्तान सरकार लोगों की जान-माल की सुरक्षा के लिए हर संभव कदम उठा रही है। बलूचिस्तान पाकिस्तान का सबसे बड़ा प्रांत है। इसे भू-आर्थिक और भू-रणनीतिक रूप से बेहद अहम माना जाता है फिर भी यह अशांत रहता है। पिछले दिनों बलूचिस्तान के कलात जिले में स्थित मंगोचर शहर में एक ऑपरेशन के दौरान पाकिस्तान के फ्रंटियर कोर (एफसी) के कम से कम 18 सैनिकों की मौत हो गई। पाकिस्तान के सैन्य अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। पाकिस्तानी सेना की मीडिया शाखा इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (आईएसपीआर) की ओर से जारी एक बयान में कहा गया, “31 जनवरी/1 फरवरी की रात को आतंकवादियों ने बलूचिस्तान के कलात जिले के मनोचर में सड़क ब्लॉक करने की कोशिश की।” बयान के मुताबिक, “सुरक्षा बलों और कानून प्रवर्तन एजेंसियों को तत्काल सक्रिय किया गया, जिन्होंने सफलतापूर्वक इस नापाक इरादे को नाकाम कर दिया और 12 आतंकवादियों को मार गिराया, जिससे स्थानीय लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित हुई।” बयान में कहा गया कि अभियान के दौरान 18 सैनिक भी मारे गए।

अमेरिका के एक संघीय जज ने ट्रंप प्रशासन को विदेशी सहायता के लिए फंड जारी करने का निर्देश दिया, कोर्ट की लगी रोक

वॉशिंगटन अमेरिका के एक संघीय जज ने ट्रंप प्रशासन को विदेशी सहायता के लिए फंड जारी करने का निर्देश दिया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पदभार संभालने के बाद अमेरिकी सहायता एवं दुनियाभर में विकास कार्यक्रमों में अमेरिकी वित्त पोषण पर रोक लगाने के लिए कार्यकारी आदेश जारी किया था। इससे दुनिया भर में अमेरिकी सहायता और विकास कार्यक्रम बंद हो गए। वॉशिंगटन के जिला जज आमिर अली ने गुरुवार को दो स्वास्थ्य संगठनों की ओर से दायर मुकदमे पर अमेरिकी वित्त पोषण पर रोक को अस्थायी रूप से हटाने का आदेश जारी किया। जज ने क्या दिया आदेश? दरअसल, इन स्वास्थ्य संगठनों को विदेश में कार्यक्रमों के लिए अमेरिका से धन प्राप्त होता था। आदेश में जज ने कहा कि प्रशासन ने दलील दी कि उसने यूनाइटेड स्टेट्स एजेंसी फार इंटरनेशनल डेवलपमेंट (यूएसएड) के लिए धन मुहैया कराना बंदकर दिया है ताकि इसकी गहन समीक्षा की जा सके। ट्रंप के फैसले से कई व्यवसायों पर पड़ा बुरा असर उन्होंने कहा कि प्रशासन के अधिकारियों ने इस पर कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया है कि संसद द्वारा विनियोजित सभी विदेशी सहायता को पूरी तरह से निलंबित क्यों कर दिया गया, जिसके कारण हजारों गैर-लाभकारी समूहों, व्यवसायों और अन्य के साथ अनुबंधों पर असर पड़ा। बता दें कि ट्रंप ने 20 जनवरी को पदभार संभालने के बाद एलन मस्क को तकरीबन सभी अमेरिकी विदेशी सहायता की समीक्षा करने का निर्देश दिया था। इसी के तहत यूएसएड के हजारों कर्मचारियों को नौकरी से निकालने की तैयारी है। ट्रंप ने मस्क के नेतृत्व में सरकारी दक्षता विभाग गठित किया है, जिस पर सरकारी खर्चों में कटौती और सरकार की प्राथमिकताओं को फिर से तय करने का जिम्मा है।  

डोनाल्ड ट्रंप भारत को F-35 लड़ाकू विमान बेचेगा, यह डील भारत के लिए एक बड़ी जीत

वाशिंगटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नई दिल्ली को ‘एफ-35’ स्टील्थ फाइटर जेट बेचने का ऐलान किया। इस कदम से भारत अत्याधुनिक स्टील्थ विमानों वाले देशों के विशिष्ट क्लब में शामिल हो जाएगा। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस जेट को दुनिया के सबसे उन्नत जेट में से एक माना जाता है। इसलिए यह डील भारत के लिए एक बड़ी जीत है। यह अभी स्पष्ट नहीं है कि एफ-35 आखिरकार भारत को कब मिलेगा। विदेशी हथियारों की डील को फाइनल होने में कई साल लग जाते हैं। सबसे पहले यह समझते हैं कि स्टील्थ विमान किसे कहा जाता है? स्टील्थ विमान को रडार, इन्फ्रारेड और अन्य प्रकार के इलेक्ट्रोमैग्नेटिक रेडिएशन से बचने के लिए डिजाइन किया जाता है। हालांकि रडार से पूरी तरह से बचना मुश्किल है लेकिन यह विमान अन्य प्लेन के मुकाबले रडार की पकड़ में मुश्किल से आते हैं। एफ-35 ऐसा ही एक स्टील्थ प्लेन है जिसे अमेरिकी कंपनी लॉकहीड मार्टिन ने डेवलप किया है। विमान का आकार रडार एनर्जी को सोर्स से दूर करने के लिए डिजाइन किया गया है, जैसे कि एक तिरछा दर्पण। इसकी सतह को भी मिश्रित और चिकना किया गया है ताकि रडार ऊर्जा आसानी से इससे प्रवाहित हो सके – ठीक वैसे ही जैसे पानी चिकनी सतह पर बहता है। एफ-35 लड़ाकू जेट विमानों में एक एफ135 इंजन का इस्तेमाल होता है जो 40,000 पाउंड का थ्रस्ट पैदा करता है। इससे यह मैक 1.6 (1,200 मील प्रति घंटे) की हाई स्पीड तक पहुंच सकता है। एफ-35 का कॉकपिट अन्य लड़ाकू विमानों से अलग है; इसमें अन्य विमानों की तरह गेज या स्क्रीन नहीं है। इसमें बड़ी टचस्क्रीन और हेलमेट-माउंटेड डिस्प्ले सिस्टम है जो पायलट को रियल टाइम जानकारी देखने और जानने के काबिल बनाता है। हेलमेट पायलट को विमान के आर-पार देखने की भी अनुमति देता है। यह एफ-35 के डिस्ट्रिब्यूटेड अपर्चर सिस्टम (डीएएस) और विमान के चारों ओर रणनीतिक रूप से लगे छह इन्फ्रारेड कैमरों की वजह से संभव होता है। एफ-35 लड़ाकू विमानों की हथियार क्षमता भी 6,000 किलोग्राम से 8,100 किलोग्राम तक है। हालांकि एक्सपर्ट कहते हैं कि एफ-35 की मारक क्षमता नहीं बल्कि उसकी कंप्यूटिंग शक्ति उसे सबसे अलग बनाती है। यही कारण है कि एफ-35 को ‘आसमान में क्वार्टरबैक’ या ‘एक कंप्यूटर जो उड़ता है’ के रूप में जाना जाता है। कीमत के मामले में भी यह विमान अन्य प्लेन पर भारी है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक एफ-35ए के लिए प्रति यूनिट लागत लगभग 80 मिलियन डॉलर (695 करोड़ रुपये), ए-35बी के लिए 115 मिलियन डॉलर (10,005 करोड़ रुपये) और एफ-35सी के लिए 110 मिलियन डॉलर (9,622 करोड़ रुपये) है। प्रत्येक F-35 की लागत लगभग 36,000 डॉलर (31 लाख रुपये) प्रति उड़ान घंटा है, जो इसे संचालन के लिए सबसे महंगे जेट में से एक बनाता है। अमेरिका ने इन विमानों को यूनाइटेड किंगडम, इजरायल, जापान, ऑस्ट्रेलिया और इटली जैसे सहयोगी देशों को बेचा है। ऐसा नहीं है कि इस विमान की आलोचना नहीं हुई। अमेरिका के सरकारी दक्षता विभाग (डीओजीई) के प्रमुख एलन मस्क F-35 का मजाक उड़ा चुके हैं। पिछले नवंबर में, दुनिया के सबसे अमीर आदमी ने कहा, “कुछ बेवकूफ अभी भी ड्रोन के युग में एफ-35 जैसे मानवयुक्त लड़ाकू विमान बना रहे हैं”। हालांकि, तत्कालीन वायु सेना सचिव फ्रैंक केंडल ने विमान का बचाव किया। उन्होंने एयर फोर्स एसोसिएशन के वेबकास्ट के दौरान कहा, “एफ-35 खत्म नहीं होने वाला है क्योंकि यह एक अत्याधुनिक प्रणाली है जिसे लगातार अपग्रेड किया जा रहा है।” उन्होंने कहा कि निकट भविष्य में इसका कोई विकल्प नहीं है। हमें इसे खरीदना जारी रखना चाहिए। एफ-35 से भारत की आसमान में मारक क्षमता को बढ़ाने में मदद मिलेगी, जिससे उसे किसी भी खतरे, खासकर चीन और पाकिस्तान से निपटने में मदद मिलेगी। फिलहाल, भारत के पास अपने शस्त्रागार में पांचवीं पीढ़ी का कोई विमान नहीं है। एफ-35 इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि चीन के पास जे-35ए विमान है। कुछ एक्सपर्ट्स एफ-35 डील को भारत-अमेरिका रक्षा संबंधों का महत्वपूर्ण क्षण मानते हैं। वहीं कुछ रक्षा विशेषज्ञों का यह भी मानना ​​है कि ट्रंप ने एफ-35 को भारत को देने का ऐलान कर रूस के साथ भारत के घनिष्ठ सैन्य संबंधों को कमजोर करने की कोशिश की है।

जेलेंस्की का दावा, रूसी ड्रोन ने चेर्नोबिल परमाणु ऊर्जा संयंत्र के क्षतिग्रस्त रिएक्टर के ऊपर स्थित रेडिएशन शेल्टर को बनाया निशाना

कीव यूक्रेनी राष्ट्रपति व्लादिमीर जेलेंस्की ने दावा किया कि रूसी ड्रोन ने चेर्नोबिल परमाणु ऊर्जा संयंत्र के क्षतिग्रस्त रिएक्टर के ऊपर स्थित रेडिएशन शेल्टर को निशाना बनाया।जेलेंस्की ने कहा कि रात में हुए हमले में प्लांट की नष्ट हो चुकी चौथी बिजली यूनिट की छत पर आग लग गई, जिसे बुझा दिया गया। यूक्रेनी राष्ट्रपति ने कहा कि शुक्रवार सुबह तक प्लांट में विकिरण का स्तर नहीं बढ़ा था। जेलेस्की ने एक्स पर फुटेज पोस्ट की जिसमें एक विस्फोट और कंक्रीट और स्टील से बनी विशाल शील्ड का नुकसान दिखाई दे रहा है। यह शील्ड रेडियोएक्टिव मटेरियल के रिसाव को रोकने के लिए डिजाइन की गई है। यह 275 मीटर (900 फीट) चौड़ी और 108 मीटर (354 फीट) ऊंची है और इसके निर्माण में $1.6 बिलियन की लागत आई है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निगरानी संस्था, अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) ने कहा कि रात में हुए विस्फोट के कुछ ही मिनटों के भीतर अग्नि सुरक्षा कर्मियों और वाहनों ने प्रतिक्रिया दी। एजेंसी ने कहा कि किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। दुनिया भर में परमाणु सुरक्षा पर नज़र रखने वाली आईएईए ने कहा कि चेर्नोबिल के अंदर और बाहर विकिरण का स्तर सामान्य और स्थिर बना हुआ है। चेर्नोबिल रिएक्टर में दुनिया की सबसे खराब परमाणु दुर्घटना हुई थी। 26 अप्रैल 1986 एक भयावह विस्फोट ने में हवा में रेडियोधर्मी पदार्थ का एक गुबार उड़ा दिया था, जिससे पूरे यूरोप में सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल लग गया था। यूक्रेन उस समय सोवियत यूनियन का हिस्सा था।

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