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इजरायली आयरन डोम ने हवा में ही नष्ट कर दिया, हिजबुल्लाह ने निकाल ली आयरन डोम की काट?

नई दिल्ली इजरायल इस वक्त एक साथ कई मोर्चों पर जंग लड़ रहा है। ऐसे में मिसाइल और ड्रोन हमलों से बचने के लिए इजरायल ने अपनी सीमाओं पर सबसे बड़ा सुरक्षा तंत्र यानी आयरन डोम डिफेंस सिस्टम तैनात कर रखा है, जो दुश्मन देश की तरफ से आने वाली हर मिसाइल और ड्रोन को इंटरसेप्ट कर इजरायल के सुरक्षा दे रहा है। हाल ही में जब ईरान ने करीब 200 बैलस्टिक मिसाइलों से इजरायल पर हमला बोला तो उनमें से अधिकांश को इजरायली आयरन डोम ने हवा में ही नष्ट कर दिया लेकिन अब हिज्बुल्लाह ने उसकी काट निकाल ली है। दरअसल, लेबनान के हिज्बुल्लाह आतंकियों ने रविवार को उसकी सुरक्षा तंत्र में सेंधमारी करते हुए इजरायली सेना के ठिकानों पर ताबड़तोड़ कई ड्रोन दागे हैं, जिसमें चार सैनिकों की मौत हो गई है, जबकि 60 से ज्यादा घायल हुए हैं। हिजबुल्लाह आतंकियों ने मिरसाद-1 ड्रोन के जरिए रविवार शाम को बिनयामीना-गिवात अदा के पास इज़रायली सुरक्षा बल (IDF) बेस पर हमला किया, जिसमें चार सैनिक मारे गए और कई अन्य घायल हुए हैं। ये ड्रोन समुद्री क्षेत्र से होते हुए मध्य इजरायली क्षेत्र में जाकर लक्षित ठिकानों पर गिरे। IDF ने कहा है कि वह इस घटना की जांच कर रही है। IDF ने यह भी कहा है कि उसने हिज्बुल्लाह के एक ड्रोन को मार गिराया है। ऐसे में सवाल ये उठ रहे हैं कि आखिर आयरन डोम के तैनात होते हुए हिज्बुल्लाह आतंकियों ने इजरायली भू-भाग में ड्रोन से हमले कैसे किए? क्या हिज्बुल्लाह ने आयरन डोम को चकमा देने और उसकी निगाहबानी की काट निकाल ली है? इस हमले ने यह भी साबित कर दिया है कि इजरायल हिज्बुल्लाह की ताकत को कमतर ना आंके। हिज्बुल्लाह को ईरान से हर तरह की मदद मिलती रही है। मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि आयरन डोम ने इन ड्रोन का पीछा तो किया था लेकिन अचानक वे उनके रडार से गायब हो गए। इस हमले में चौंकाने वाली बात ये है कि इजरायली सुरक्षा तंत्र में तैनात रडारों ने मिरसाद-1 के हमले के दौरान न तो खतरे की चेतावनी दी और न ही सायरन बजा सकी। हिज्बुल्लाह के इस ड्रोन हमले ने इजरायल की नींद उड़ा दी है। क्या है मिरसाद-1 ड्रोन, क्या है खासियत? मिरसाद-1 ड्रोन एक आत्मघाती ड्रोन है, जिसका इस्तेमाल हिज्बुल्लाह लड़ाके 20 वर्षों से कर रहे हैं। ईरान में इसे अबाबील-टी के नाम से जाना जाता है। इजरायली शोध संस्थान अल्मा सेंटर के मुताबिक, मिरसाद-1 ड्रोन की मारक क्षमता 120 किलोमीटर और अधिकतम गति 370 किलोमीटर प्रति घंटा है। यह ड्रोन 40 किलोग्राम तक का पेलोड (विस्फोटक) ले जा सकता है और 3,000 मीटर तक ऊंची उड़ान भर सकता है। साल 2002 तक हिज्बुल्लाह इस ड्रोन का इस्तेमाल निगरानी और जासूसी के लिए करता था लेकिन उसके बाद इसे इजरायली इलाके में आत्मघाती हमले के लिए इस्तेमाल करने लगा। जेरूसलम पोस्ट की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि मिरसाद-1 एक ऐसा ड्रोन है जिसे हिजबुल्लाह ने दो दशकों से अधिक समय से तैनात कर रखा है और यह ईरानी डिजाइन पर आधारित है। बता दें कि हिजबुल्लाह एक सशस्त्र शिया आतंकवादी समूह है जो ईरान द्वारा समर्थित है। इजरायली सुरक्षा तंत्र को चकमा देने के लिए हिज्बुल्लाह ने पहले रॉकेटों से हमला किया, फिर उसी के बीच ड्रोन हमले भी किए ताकि इजरायली सैनिक और उसका एयर डिफेंस सिस्टम को कन्फ्यूज हो जाय। हिज्बुल्लाह अपने इस अंजाम में आंसिक तौर पर सफल हुआ क्योंकि उसके कुछ ड्रोन एयर डिफेंस सिस्टम को धोखा देते हुए सैन्य अड्डे के पास जा गिरे। वैसे यह पहली बार नहीं है जब हिजबुल्लाह के ड्रोन चकमा देते हुए इजरायली हवाई क्षेत्र में दाखिल हुए हैं। ये इस साल की दूसरी घटना है जब इजरायल का एयर डिफेंस सिस्टम ड्रोन हमले को रोक नहीं सका।

मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा- एक बार फिर ईवीएम में गड़बड़ी का मुद्दा उठाया, अब जनता ने दिया जवाब, EVM 100 पर्सेंट सुरक्षित

हरियाणा हरियाणा विधानसभा चुनाव के बाद विपक्षी दलों ने एक बार फिर ईवीएम में गड़बड़ी का मुद्दा उठाया। अब चुनाव आयोग मंगलवार को ही महाराष्ट्र और झारखंड के विधानसभा चुनावों की तारीखों का भी ऐलान करने जा रहा है। मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने इससे पहले कहा है कि जनता ने चुनावी प्रक्रिया में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेकर ही सारे सवालों का जवाब दे दिया है। उन्होंने कहा, जहां तक बात है ईवीएम की तो यह 100 पर्सेंट फुलप्रूफ है। अगर वे लोग दोबारा सवाल खड़े करेंगे तो हम उन्हें जवाब देंगे। कांग्रेस नेता राशिद अलवी ने कहा था कि जिस तरह से इजरायल ने हिजबुल्लाह के पेजर्स को हैक कर लिया उसी तरह ईवीएम को भी हैक किया जा सकता है। अलवी ने कहा, महाराष्ट्र में विपक्ष को दबाव बनाना चाहिए कि चुनाव बैलट पेपर्स से हों। नहीं तो महाराष्ट्र में भी बीजेपी की सरकार और चुनाव आयोग कुछ भी कर सकता है। अगर इजरायल लोगों के वॉकीटॉकी और पेजर्स को हैक कर सकता है तो ईवीएम क्यों नहीं हैक हो सकतीं? उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री मोदी के इजरायल के साथ अच्छे संबंध हैं। वहीं इजरायल इन चीजों में एक्सपर्ट है। ईवीएम का ब ड़ा खेल कहीं भी हो सकता है और उसके लिए बीजेपी चुनाव से पहले ही ये सब खेल कर लेती है। पिछले सप्ताह कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने चुनाव आयोग को ज्ञापन सौंपा था। उन्होंने कहा था कि उम्मीद है कि इस मुद्दे को लेकर निर्देश दिए जाएंगे। वहीं उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा था कि , चुनाव आयोग को ईवीएम से जुड़े मुद्दे की जानकारी दे दी गई है। बताया गया है कि हरियाणा के विधानसभा चुनाव में ईवीएम में गड़बड़ की आशंका है। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा था कि 20 सीटों की लिस्ट चुनाव आयोग को दी गई है जिनपर ईवीएम में गड़बड़ी की आशंका है। खेड़ा ने कहा, 20 सीटों पर हमारे प्रत्याशियों ने लिखित या मखिक शिकायत की थी। यह मुद्दा गितनी के दौरान भी उठाया गया था। उन्होंने कहा कि कुछ ईवीएम में 99 पर्सेंट बैटरी चार्ज दिखा रही थीं। अजीब संयोग है कि जो मशीनें 99 फीसदी चार्ज थीं वहीं कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा। वहीं जिन मशीनों की बैटरी 60-70 फीसदी चार्ज थीं, वहां कांग्रेस जीत गई। ऐसा क्यों हो रहा था?

लॉरेंस बिश्नोई अपराध से दूर रहने वाले लड़कों को बना रहा शार्प शूटर, पूरे देश में करीब 700 शार्प शूटर की तैयार

नई दिल्ली महाराष्ट्र के सीनियर नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या में लॉरेंस बिश्नोई गैंग का नाम सामने आ रहा है। अब तक पुलिस ने इसकी पुष्टि नहीं की है तो खंडन भी नहीं किया है। वहीं लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने तो इसकी जिम्मेदारी ही ले ली है। इस हत्याकांड को सलमान खान को धमकी से भी जोड़कर देखा जा रहा है। इसके चलते यह कांड हाईप्रोफाइल हो गया है और पुलिस मुंबई से लेकर दिल्ली तक तफ्तीश में जुटी है। इस बीच जानकारी सामने आई है कि लॉरेंस बिश्नोई गैंग के काम करने का अलग ही तरीका है और पूरे देश में करीब 700 शार्प शूटर उसने खड़े कर लिए हैं। लॉरेंस बिश्नोई गैंग की पड़ताल कर रहे कुछ पुलिस सूत्रों का कहना है कि यह गैंगस्टर अलग ही तरीके से काम करता है। वह आमतौर पर ऐसे लड़कों को अपने साथ लाता है, जिनका पिछला कोई क्रिमिनल रिकॉर्ड नहीं होता। इनके जरिए ही वह बड़ी से बड़ी हत्याओं को अंजाम दिलाता है, जिससे पुलिस को कोई शक नहीं होता और ये लोग आसानी से मूवमेंट कर पाते हैं। इन लड़कों में उन्हें शामिल किया जाता है, जो जेल में कुछ समय पहले ही आए हों। इसके बाद उनकी मीटिंग लॉरेंस बिश्नोई के गुर्गों से होती है और उन्हें टारगेट सौंपे जाते हैं। गुजरात की साबरमती जेल में लॉरेंस बिश्नोई खुद बीते साल से ही बंद है। इसके अलावा उसकी गैंग के कई लोग राजस्थान, दिल्ली, पंजाब और हरियाणा की जेलों में कैद हैं। इनके जरिए वह कोई अपराध अंजाम नहीं दे सकता। इसलिए नई पौध खड़ी करता है और उन लोगों को चुनता है, जिनके नाम पर पहले से कोई केस न हों। एनआईए सूत्रों का कहना है कि इसके लिए उन लोगों को भी कई बार चुना जाता है, जो बेरोजगार हों। इन्हें मोटी रकम का लालच मिलता है या फिर विदेश में कहीं सेटल कराने का झांसा दिया जाता है। ऐसा कई लोगों के साथ किया भी गया है और वे कनाडा जैसे देशों में रह रहे हैं। इस साल दो और कांड कर चुका है लॉरेंस बिश्नोई गैंग बाबा सिद्दीकी की हत्या के लिए भी इसी पैटर्न का इस्तेमाल हुआ और नए लोगों को इसके लिए चुना गया। लॉरेंस बिश्नोई गैंग कुख्यात होता जा रहा है और पूरे देश में खौफ का दूसरा नाम बन चुका है। इसी साल की शुरुआत में हरियाणा की पार्टी इनेलो के नेता नफे सिंह राठी की हत्या हुई थी। इसके अलावा गुरुग्राम में बुकी सचिन मुंजाल मारा गया था। इन कत्लों के पीछे भी बिश्नोई गैंग का ही नाम सामने आया था। यही नहीं लॉरेंस बिश्नोई के करीबी गुर्गे रोहित गोदारा ने इसकी जिम्मेदारी भी ली थी, जो फिलहाल कनाडा में बसा हुआ है।

29 वर्षीय विवाहिता ने अपनी दो बेटियों की हत्या के बाद खुद को फांसी लगा ली, बाद में काम से लौटे पिता ने दी जान

बेंगलुरु बेंगलुरु से एक सनसनीखेज घटना सामने आई है। यहां पर एक 29 वर्षीय विवाहिता ने अपनी दो बेटियों की हत्या के बाद खुद को फांसी लगा ली। शाम को पति घर लौटा तो सभी का शव देखकर उसने भी अपनी जान दे दी। घटना रविवार दोपहर को उत्तरी बेंगलुरु के घर में हुई। मरने वालों में अविनाश, उसकी पत्नी ममता, बेटियां अनन्या और अधीरा हैं। एक बेटी की उम्र दो और दूसरी की उम्र 4 साल थी। यह परिवार मूल रूप से कलबुर्गी जिले का रहने वाला था और पिछले छह साल से बेंगलुरु में रह रहा था। पुलिस को शक है पारिवारिक विवाद के चलते महिला ने ऐसा कदम उठाया होगा। बाद में पत्नी और बच्चों की मौत से अविनाश इतना व्यथित हो गया कि उसने भी अपनी जान दे दी। घटना की जानकारी सोमवार सुबह नौ बजकर 30 मिनट पर हुई। अविनाश का छोटा भाई उदयकुमार घर पर पहुंचा तो उसकी लाश छत से लटकती मिली। अन्य सभी की लाशें बेड पर पड़ी हुई थीं। उदय एक स्कूल में फिजिकल एजुकेशन ट्रेनर है और अविनाश के साथ ही रहता था। वह कलबुर्गी अपने गांव गया था और सोमवार को लौटा। पुलिस ने ममता के ऊपर हत्या और अविनाश के ऊपर अस्वाभाविक मौत का केस दर्ज कर लिया है। बेंगलुरु के डीएसपी सीके बाबा ने कहाकि बच्चों के मौत की सही वजह पोस्टमार्टम के बाद पता चलेगी। उन्होंने बताया कि अविनाश सुबह से रात तक काम पर था। मामले की गहन जांच की जाएगी। वहीं, अविनाश के चचेरे भाई दत्तू राठौर का दावा है कि कोई भी पारिवारिक विवाद नहीं था। दत्तू ने बताया कि आठ दिन पहले अविनाश ने मेरे चाचा को फोन लगाया था और क्रेडिट कार्ड का बिल भरने में उनकी मदद मांगी थी। उसने कहाकि हमें शक है कोई उनके ऊपर बिल भरने का दबाव बना रहा था।

ईरान में अब्बास को दफन किया गया और उनका जनाजा निकला तो उमड़ा हुजूम, उधर लेबनान में फिर 200 अटैक

तेल अवीव इजरायल के हमले में बीते महीने लेबनान की राजधानी बेरूत में हिजबुल्लाह का टॉप कमांडर सैयद हसन नसरल्लाह मारा गया था। उसके साथ ही ईरानी जनरल अब्बास निलफोरोशन भी मारे गए थे। मंगलवार को ईरान में अब्बास को दफन किया गया और उनका जनाजा निकला तो हजारों लोग उसमें शामिल हुए। अब्बास को पूरे राजकीय सम्मान के साथ दफन किया गया और जनाजे में ईरानी सेना का बैंड बजता दिखा। इसके अलावा बड़े पैमाने पर उमड़े हुजूम ने इजरायल और अमेरिका के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और उन्हें शैतान बताया। उनके जनाजे में ईरानी सेना के टॉप कमांडर इस्माइल कानी भी शामिल हुए। उन्होंने कहा कि ईरानी जनरल का खून बेकार नहीं जाएगा और इजरायल से बदला लिया जाएगा। एक तरफ जब ईरान में हजारों लोग सैन्य कमांडर के जनाजे में जुटे थे और इजरायल के खिलाफ नारे लग रहे थे तो वहीं यहूदी देश लेबनान में नए सिरे से हमले कर रहा था। इजरायल ने बीते 24 घंटों में लेबनान में फिर से जमकर हमले किए हैं। कुल 200 से ज्यादा एयर स्ट्राइक की गई हैं। इन हमलों में कई रिहायशी हमलों को निशाना बनाया गया है। इजरायल ने ये हमले बेरूत के बाहरी इलाके और पूर्व में बेका घाटी में किए हैं। इसके अलावा दक्षिणी लेबनान में भी हमले किए गए हैं, जहां बड़ी संख्या में संयुक्त राष्ट्र के शांति मिशन से जुड़े सैनिक तैनात रहे हैं। वहीं जवाब में हिजबुल्लाह ने इजरायली सेना पर लेबनान के अंदर ही अल-मर्ज इलाके में किए हैं। यहां पर इजरायल की सेना मिलिट्री ऑपरेशन चला रही थी। अब तक यह जानकारी नहीं मिल सकी है कि आखिर लेबनान में इजरायली हमलों में कितने लोग मारे गए हैं। इसके अलावा गाजा पट्टी में भी हमले हुए हैं, जिनमें 15 लोग मारे गए हैं। गाजा पट्टी में भी रात भर इजरायल करता रहा हमले दक्षिणी गाजा पट्टी में पूरी रात हुए इजराइली हमलों में छह बच्चों और दो महिलाओं समेत कम से कम 15 लोग मारे गए। फलस्तीनी चिकित्सा अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। इजराइल एक सप्ताह से अधिक समय से जबालिया में हवाई और जमीनी हमले कर रहा है। यहां के लेागों ने कहा कि कई परिवार अब भी अपने घरों और आश्रय शिविरों में फंसे हुए हैं। हमास के नेतृत्व वाले उग्रवादियों ने एक साल पहले इजराइल में घुसकर हमला किया था। इस हमले में कम से कम 1,200 लोग मारे गए, जिनमें अधिकतर आम नागरिक थे। इस हमले के दौरान कम से कम 250 अन्य को अगवा कर लिया गया था। उन्होंने अब भी गाजा में करीब 100 लोगों को बंदी बनाया हुआ है। अब तक गाजा में इजरायली हमलों से मरे 42 हजार लोग स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, गाजा में इजराइल के हमले में 42 हजार से अधिक फलस्तीनी मारे गए हैं और मरने वालों में आधे से अधिक महिलाएं एवं बच्चे हैं। युद्ध ने गाजा के बड़े क्षेत्र को बर्बाद कर दिया है और इसकी 23 लाख की आबादी में से लगभग 90 प्रतिशत लोग विस्थापित हो गए हैं।

गरबा खेलने गई एक शादीशुदा हिंदू महिला वापस घर नहीं लौटी, फुसला कर ले गया मुस्लिम लड़का, मचा बवाल

बनासकांठा गुजरात के बनासकांठा के डीसा में तनाव की स्थिति है। दरअसल, गरबा खेलने गई एक शादीशुदा हिंदू महिला वापस घर नहीं लौटी। महिला के पति ने एक मुस्लिम लड़के पर गंभीर आरोप लगाया है। पति ने अपनी शिकायत में बताया कि आरोपी ने उसकी पत्नी को बहलाया-फुसलाया और उसे अपने साथ लेकर चला गया। पत्नी को फुसला कर ले गया मुस्लिम लड़का ‘देश गुजरात’ की रिपोर्ट के मुताबिक, यह बनासकांठा के डीसा तालुका की घटना है। पति ने थाने पहुंच कर पुलिस को बताया कि नवरात्र में गरबा खेलने गई उसकी पत्नी वापस घर नहीं लौटी। पति ने कहा कि जब वह गरबा खेलने गई थी तभी एक मुस्लिम युवक उसे बहला-फुसला कर अपने साथ ले गया। इस घटना के बाद पति और उनका बच्चा काफी परेशान हैं। हिंदू संगठनों का विरोध प्रदर्शन शुरू जानकारी के मुताबिक, गरबा खेलने गई पत्नी जब काफी देर तक घर नहीं लौटी तब पति डीसा पुलिस थाने पहुंचा। पति ने बताया कि वह अपनी पत्नी से किसी भी तरीके से कोई संपर्क नहीं कर पा रहा है। पति ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई है। इस घटना की जानकारी मिलते ही कई हिंदू संगठनों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। गुजरात में बवाल गरबा खेलने गई हिंदू शादीशुदा महिला के अचानक गायब हो जाने और उसके पति द्वारा मुस्लिम युवक पर उसे ले जाने का आरोप लगाने के बाद इलाके में तनाव की स्थिति है। हिंदू संगठनों ने आरोपी युवक की गिरफ्तारी की मांग की है। इसके लिए वो डीसा पुलिस स्टेशन पहुंचे। इस घटना के बारे में जानकारी मिलते ही डीसा के पूर्व विधायक शशिकांत पंड्या भी पुलिस स्टेशन पहुंचे। महिला कहां है, इस बारे में अभी तक कोई इनपुट नहीं मिला है। पुलिस ने इस मामले में ऐक्शन ले लिया है। इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

महाराष्ट्र में खुशखबरी…दिवाली से पहले सरकारी कर्मचारियों की सैलरी में होगी बंपर बढ़ोतरी !

मुंबई निर्वाचन आयोग द्वारा महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव की घोषणा से चंद मिनट पहले, मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने निचले स्तर के सरकारी कर्मचारियों के लिए दिवाली बोनस की घोषणा की. उन्होंने बीएमसी (बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कारपोरेशन) कर्मचारियों को भी 29 हजार रुपये बोनस देने की घोषणा की है. यह पिछले साल से तीन हजार रुपये ज्यादा है. किंडरगार्टन शिक्षकों और आशा वर्कर्स को भी बोनस मिलेगा. भारतीय निर्वाचन आयोग ने मंगलवार को महाराष्ट्र चुनाव के लिए तारीखों का ऐलान कर दिया. चीफ इलेक्शन कमिश्नर राजीव कुमार ने बताया कि महाराष्ट्र में 288 विधानसभा सीटों के लिए एक चरण में 20 नवंबर को मतदान होगा और 23 नवंबर को नतीजे घोषित होंगे. बता दें कि कुछ दिन पहले राज्यसभा सांसद रामदास आठवले की अध्यक्षता वाले नगर मजदूर संघ ने बीएमसी के कर्मचारियों के लिए 40,000 रुपये के दिवाली बोनस की मांग की थी. यूनियन ने मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और नगर निगम आयुक्त से कर्मचारियों को एक्स ग्रेसिया बोनस देने का अनुरोध किया था. पिछले साल महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने 8 नवंबर को, बीएमसी कर्मचारियों के लिए 26,000 रुपये के दिवाली बोनस की घोषणा की थी. कर्मचारियों के खाते में सरकार देगी तोहफा  केंद्रीय कर्मचारियों के लिए खुशखबरी है. केंद्र की मोदी सरकार ने महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी के ऐलान से पहले कर्मचारियों को दिवाली बोनस का तोहफा दिया है. वित्त मंत्रालय ने वित्त वर्ष 2023-24 के लिए केंद्रीय कर्मचारियों के लिए नॉन-प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस (एड हॉक बोनस) का ऐलान किया है. इसके तहत ग्रुप बी और ग्रुप सी कैटेगरी के कर्मचारियों को 30 दिन के वेतन के बराबर पैसा मिलेगा.     वित्त मंत्रालय के खर्च विभाग की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि पात्र कर्मचारियों में ग्रुप ‘सी’ और ग्रुप ‘बी’ के गैर-राजपत्रित कर्मचारी शामिल हैं, जो किसी उत्पादकता से जुड़े बोनस योजना का हिस्सा नहीं हैं. बोनस की गणना के लिए इस्तेमाल की जाने वाली अधिकतम मासिक सैलरी 7,000 रुपये तय की गई है. इन कर्मचारियों को मिलेगा फायदा केंद्रीय अर्धसैनिक बलों और सशस्त्र बलों के पात्र कर्मचारियों को भी इसका फायदा मिलेगा. साथ ही यह बोनस उन कर्मचारियों को मिलेगा जो 31 मार्च 2024 तक सेवा में रहे हैं. और साल 2023-24 के दौरान कम से कम 6 महीने काम किया है. दूसरे शब्दों में कहें तो वे कार्मिक जो 31 मार्च से पहले चिकित्सा आधार पर अशक्त होकर सेवानिवृत्त हो गए हैं या उनकी मृत्यु हो गई है, लेकिन उन्होंने वित्तीय वर्ष में छह महीने तक नियमित ड्यूटी की है, उन्हें एडहॉक बोनस के लिए पात्र माना जाएगा. सभी भुगतान निकटतम रुपए में पूर्णांकित किए जाएंगे और खर्च संबंधित मंत्रालयों और विभागों द्वारा उनके स्वीकृत बजट के भीतर वहन किए जाएंगे. ऐसे होगी बोनस की गणना एडहॉक बोनस के तहत दी जाने वाली राशि निर्धारित करने के लिए एक नियम बनाया गया है. बोनस राशि की गणना औसत परिलब्धियों को 30.4 से विभाजित करके, फिर उसे 30 दिनों से गुणा करके की जाएगी. उदाहरण के लिए, यदि किसी कर्मचारी का मासिक वेतन 7,000 रुपए है, तो उनका बोनस लगभग (7000 x 30/30.4 + 6907.89/- रुपए) 6,908 रुपए होगा. लगातार तीन वर्षों तक एक वर्ष में कम से कम 240 दिन काम करने वाले कैजुअल मजदूर भी इस बोनस के पात्र होंगे, जिसकी गणना 1,200 रुपए प्रति माह के आधार पर की जाएगी. इस निर्णय से लाखों केन्द्रीय सरकारी कर्मचारियों को लाभ होगा.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विश्व दूरसंचार मानकीकरण सभा (डब्ल्यूटीएसए) का उद्घाटन किया

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को नई दिल्ली के भारत मंडपम में अंतरराष्ट्रीय दूरसंचार संघ (आईटीयू) की ओर से आयोजित किए जाने वाली विश्व दूरसंचार मानकीकरण सभा (डब्ल्यूटीएसए) का उद्घाटन किया। इसके अलावा पीएम ने इंडिया मोबाइल कांग्रेस (आईएमसी) के आठवें संस्करण का भी उद्घाटन किया। इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2024 में कई लेटेस्ट इनोवेशन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और 6जी डेवलपमेंट के अपडेट आदि की जानकारी मिलेगी। इस दौरान टेलीकॉम स्टेकहोल्डर्स भी मौजूद थे। डब्ल्यूटीएसए दुनिया भर के दूरसंचार मानकों को तय करने वाली एक महत्वपूर्ण बैठक है। यह अंतर्राष्ट्रीय दूरसंचार संघ के मुख्य सम्मेलनों में से एक है, जिसे हर चार साल में आयोजित किया जाता है। भारत और एशिया-प्रशांत में पहली बार आईटीयू-डब्ल्यूटीएसए का आयोजन किया जा रहा है। यह एक महत्वपूर्ण वैश्विक कार्यक्रम है जो 190 से अधिक देशों के 3,000 से अधिक उद्योग जगत के नेताओं, नीति-निर्माताओं और तकनीकी विशेषज्ञों को एक मंच पर एकत्रित करने जा रहा है। डब्ल्यूटीएसए 2024 देशों को 6जी, एआई, आईओटी, बिग डेटा, साइबर सुरक्षा आदि जैसी अगली पीढ़ी की महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों के मानकों के भविष्य पर चर्चा करने और निर्णय लेने के लिए एक मंच प्रदान कर रहा है। भारत में इस कार्यक्रम की मेजबानी से देश के वैश्विक दूरसंचार एजेंडे को आकार देने और भविष्य की प्रौद्योगिकियों के लिए दिशा निर्धारित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का अवसर मिलेगा। इसके जरिए भारतीय स्टार्टअप और अनुसंधान संस्थान बौद्धिक संपदा अधिकार और मानक अनिवार्य पेटेंट विकसित करने में महत्वपूर्ण अंतर्दृष्टि प्राप्त करने के लिए तैयार हैं। इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2024 में भारत के इनोवेशन संबंधी इकोसिस्टम का प्रदर्शन होगा, इसमें अग्रणी दूरसंचार कंपनियां और इनोवेटर क्वांटम तकनीक और सर्कुलर इकोनॉमी में प्रगति को उजागर करेंगे। साथ ही, 6जी, 5जी यूज-केस शोकेस, क्लाउड और एज कंप्यूटिंग, आईओटी, सेमीकंडक्टर, साइबर सुरक्षा, ग्रीन टेक, सैटकॉम और इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण पर भी प्रकाश डालेंगे। एशिया का सबसे बड़ा डिजिटल प्रौद्योगिकी मंच इंडिया मोबाइल कांग्रेस उद्योग जगत, सरकार, शिक्षाविदों, स्टार्टअप और प्रौद्योगिकी समेत दूरसंचार क्षेत्र के इकोसिस्टम में अन्य प्रमुख हितधारकों के लिए अभिनव समाधान, सेवाओं और अत्याधुनिक उपयोग के मामलों को प्रदर्शित करने के लिए दुनिया भर में एक प्रसिद्ध मंच बन गया है। इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2024 में 400 से अधिक प्रदर्शकों, लगभग 900 स्टार्टअप और 120 से ज्यादा देशों की भागीदारी होगी। इस आयोजन का उद्देश्य 900 से अधिक तकनीकी उपयोग परिदृश्यों का प्रदर्शन करना, 100 से अधिक सत्र और चर्चाएं आयोजित करना है, जिसमें 600 से अधिक वैश्विक और भारतीय वक्ता शामिल होंगे।    

टीबी, अस्थमा समेत कई बीमारियों की दवाएं महंगी होंगी, सरकार ने रिवाइज किए 8 दवाओं के दाम

नई दिल्ली सरकार की तरफ से टीबी, हार्ट और इमरजेंसी में इस्तेमाल होने वाली 8 दवाओं के दाम रिवाइज कर दिए गए हैं. इनका इस्तेमाल क्रिटिकल केयर में फर्स्ट लाइन ट्रीटमेंट में होता है. दवाओं की कीमतों की सीमा में करीब 50 फीसदी की कटौती की गई है. यानी पहले की तुलना में अब ये दवाएं आधी कीमत पर मिल सकेंगी. नेशनल फार्मास्युटिकल प्राइसिंग अथॉरिटी यानी एनपीपीए की तरफ से जिन दवाओं की कीमतों को रिवाइज किया गया है, उनमें अस्थमा, ग्लूकोमा, थैलीसीमिया, टीबी, मेंटल हेल्थ डिसऑर्डर आदि की दवाएं भी हैं. जिन दवाओं की सीलिंग प्राइस को रिवाइज किया गया है, उनमें Benzyl Penicillin 10 lakh IU इंजेक्शन, Atropine इंजेक्शन 06.mg/ml, इंजेक्शन 750 mg और 1000 mg के लिए Streptomycin पाउडर, Salbutamol टैबलेट 2 mg और 4 mg और respirator solution 5 mg/ml, Pilocarpine 2% drops, Cefadroxil शामिल हैं. दवाओं की उपलब्धता जरूरी अथॉरिटी का कहना है कि जरूरी दवाओं को सस्ते दाम पर उपलब्ध कराने के साथ-साथ ये भी सुनिश्चित करना जरूरी है कि ऐसी दवाओं की किल्लत ना हो. जरूर दवाएं हर वक्त उपलब्ध रहनी चाहिए. बता दें कि यह लाइफ सेविंग ड्रग्स हैं, ऐसे में इनकी कमी से किसी की जान भी जा सकती है. यह भी कहा है कि प्राइस रेगुलेशंस से ऐसे भी हालत पैदा नहीं होने चाहिए कि बाजार से दवाएं ही गायब हो जाएं. क्या होते हैं शेड्यूल्ड ड्रग्स? शेड्यूल्ड ड्रग्स ऐसी दवाओं को कहा जाता है, जिनके लिए डॉक्टर का प्रिस्क्रिप्शन जरूरी होता है. कोई भी इन्हें बिना प्रिस्क्रिप्शन के काउंटर पर जाकर नहीं खरीद सकता. भारत में ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स रूल्स, 1945 के तहत दवाओं को अलग-अलग अनुसूचियों में बांटा हुआ है. इनमें से एक अनुसूची एच (H) है, जिसमें शामिल दवाओं को योग्य डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन के बिना किसी को नहीं दिया जा सकता है.  

महाराष्ट्र और झारखंड चुनाव: तारीखों का ऐलान, 20 नवंबर को महारास्ट्र में मतदान, 23 नवंबर को घोषित किए जाएंगे परिणाम

नई दिल्ली चुनाव आयोग के अनुसार, महाराष्ट्र में 20 नवंबर को एक चरण में मतदान होगा। वहीं 23 नवंबर को चुनाव के नतीजों का एलान कर दिया जाएगा। झारखंड में पहले चरण का मतदान 13 नवंबर को होगा, दूसरा चरण 20 नवंबर को को होगा। चुनाव आयोग ने 48 विधानसभा सीटों और दो लोकसभा सीटों पर उपचुनाव के शेड्यूल का भी एलान किया है। महाराष्ट्र और झारखंड विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान हो चुका है। महाराष्ट्र में एक ही चरण में 20 नवंबर को को मतदान होगा। दोनों ही राज्यों के चुनाव नतीजे एक साथ ही 23 नवंबर को घोषित किए जाएंगे। महाराष्ट्र में विधानसभा की कुल 288 सीटें हैं और बहुमत का आंकड़ा 145 है। वहीं झारखंड में 81 सीटें हैं और बहुमत का नंबर 42 है। महाराष्ट्र में 26 नवंबर को मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। वहीं झारखंड में 5 जनवरी तक नई सरकार का गठन हो जाना चाहिए। चुनाव आयोग ने महाराष्ट्र विधानसभा के कार्यकाल को ध्यान में रखते हुए ही नवंबर में चुनाव कराने का फैसला लिया है। मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने बताया कि झारखंड में कुल 2.6 करोड़ मतदाता हैं, जिनमें महिलाओं की संख्या 1.6 करोड़ है, जबकि 1.3 करोड़ से ज्यादा पुरुष मतदाता हैं। इस तरह झारखंड में महिला वोटर्स की संख्या पुरुष मतदाताओं की तुलना में अधिक है। वहीं महाराष्ट्र में कुल 1 लाख 186 पोलिंग बूथ बनाए जाएंगे। महिलाओं के लिए अलग से बूथ भी बनेंगे। इसके अलावा बूथों पर बुजुर्ग एवं महिला वोटर्स को वेटिंग के दौरान आराम के लिए बैठने की व्यवस्था भी की जाएगी। आपराधिक प्रवृत्ति वाले उम्मीदवारों को तीन बार मीडिया में अपने बारे में जानकारी देनी होगी। इसके अलावा पार्टियों को भी बताना होगा कि आखिर उन्हें ही क्यों टिकट दिया जा रहा है। चुनाव आयुक्त ने कहा कि हर तरह से निष्पक्ष चुनाव पर फोकस रहेगा। किसी भी तरह के प्रलोभन पर नजर रहेगी। मनी, मसल पावर पर लगाम कसी जाएगी। इसके अलावा नशे आदि पर भी रोक लगाने का प्रयास रहेगा। चीफ इलेक्शन कमिश्नर राजीव कुमार ने कहा कि हमने तय किया है कि किसी भी मतदाता को 2 किलोमीटर से ज्यादा का सफर वोटिंग के लिए न करना पड़े। महाराष्ट्र और झारखंड की सीमाओं पर भी कड़ी चौकसी रखी जाएगी ताकि दूसरे राज्यों से कैश, नशे आदि की तस्करी न होने पाए।

POCSO केस में बोला हाईकोर्ट- किसी नाबालिग के सामने कपड़े उतारकर यौन संबंध बनाना यौन उत्पीड़न के बराबर है

नई दिल्ली POCSO एक्ट के तहत किसी नाबालिग के सामने कपड़े उतारकर यौन संबंध बनाना यौन उत्पीड़न के बराबर है और दंडनीय अपराध है। हाल ही में एक याचिका पर सुनवाई के दौरान केरल हाईकोर्ट ने यह बात कही है। आरोप हैं कि याचिकाकर्ता और पीड़ित बच्चे की मां को यौन संबंध बनाते हुए बच्चे ने देख लिया था, जिसके बाद कथित तौर पर उसके साथ पीटा गया। क्या बोला कोर्ट लाइव लॉ की रिपोर्ट के मुताबिक मामले की सुनवाई कर रहे जस्टिस ए बदरुद्दीन ने कहा कि शरीर के किसी भी अंग को इस मंशा से दिखाना कि उसे बच्चा देख ले, उसे यौन उत्पीड़न के बराबर माना जाएगा। कोर्ट का कहना है कि बच्चे के सामने कपड़े हटाकर यौन संबंध बनाना POCSO की धारा 11 के तहत यौन उत्पीड़न के बराबर और धारा 12 के तहत दंडनीय अपराध है। रिपोर्ट के अनुसार, कोर्ट ने कहा, ‘स्पष्ट रूप से कहें, तो जब कोई व्यक्ति बच्चे को नग्न शरीर दिखाता है, तो यह दिखाता है कि वह बच्चे का यौन उत्पीड़न करने का इरादा रखता है। ऐसे में यह POCSO एक्ट की धारा 12 के साथ धारा 11(i) रीड के तहत दंडनीय अपराध है। इस मामले में आरोप हैं कि आरोपी कमरा लॉक किए बगैर कपड़े हटाने के बाद यौन संबंध बनाने में व्यस्त थे। उन्होंने बच्चे को कमरे में आने दिया, ताकि वह यह सब देख ले।’ कोर्ट ने कहा, ‘ऐसे में प्रथम दृष्टया याचिकाकर्ता के खिलाफ POCSO एक्ट की धारा 12 के साथ धारा 11(i) रीड के दंडनीय अपराध करने का आरोप लगाया गया है।’ क्या था मामला दूसरे आरोपी के तौर पर पेश किए गए याचिकाकर्ता और पहली आरोपी पीड़िता की मां के बीच यौन संबंध थे। रिपोर्ट के अनुसार, आरोप हैं कि याचिकाकर्ता और पीड़ित बच्चे की मां ने नाबालिग को सामान लाने के लिए भेजकर लॉज के कमरे में यौन संबंध बनाए। आरोप हैं कि नाबालिग लड़के ने वापस लौटने पर कमरा बंद नहीं होने के चलते याचिकाकर्ता और उसकी मां को आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया था। लड़के को देखकर याचिकाकर्ता ने उसे गले से पकड़ा और गाल पर मारा और लात भी मारी। कोर्ट ने यह भी कहा कि याचिकाकर्ता ने नाबालिग को पीटा, जिसके चलते उसे चोट पहुंची। कोर्ट का कहा है कि नाबालिग लड़के याचिकाकर्ता का कोई प्रभा या नियंत्रण नहीं होने के चलते जेजे की धारा 75 के तहत अपराध नहीं बनता है। अदालत ने याचिकाकर्ता के खिलाफ IPC की धारा 341 और जेजे एक्ट की धारा 75 के तहत आपराधिक कार्यवाही को रद्द कर दिया। यौन उत्पीड़न को समझाते हुए अदालत ने कहा कि याचिकाकर्ता और पीड़ित की मां बगैर दरवाजा बंद किए यौन संबंध बना रहे थे। कोर्ट ने कहा कि कमरा बंद नहीं होने के कारण नाबालिग अंदर पहुंच गया, जिसके चलते उसने दोनों को आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया। कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता के खिलाफ IPC की धारा 34 के साथ धारा 323 रीड और POCSO एक्ट की धारा 12 के साथ धारा 11(i) रीड के तहत मुकदमा चलाया जा सकता है।

अमेरिका से खरीदे जाएंगे 31 प्रीडेटर ड्रोन, डील हुई फाइनल, सौदा 80 हजार करोड़ रुपये का है

नई दिल्ली भारत ने अमेरिका के साथ 31 प्रीडेटर ड्रोन्स खरीदने का सौदा कर लिया है। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। लंबे समय से दोनों देशों के बीच इस सौदे को लेकर बातचीत चल रही थी। यह सौदा 80 हजार करोड़ रुपये का है। इससे समुद्र से लेकर सतह और आसमान तक भारत की मारक और निगरानी क्षमता में प्रभावी वृद्धि होगी। रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, प्रीडेटर ड्रोन्स के मिलने से भारतीय नौसेना की हिंद महासागर में निगरानी की ताकत कई गुना बढ़ जाएगी। ये प्रीडेटर ड्रोन्स अमेरिकी कंपनी जनरल एटॉमिक्स से खरीदे जाएंगे। यह सौदा भारत और अमेरिका की सरकारों के बीच विदेशी सैन्य बिक्री अनुबंध के तहत हुआ है। सौदे के तहत मिलने वाले 31 प्रीडेटर ड्रोन्स में से भारतीय नौसेना को 15 ड्रोन्स मिलेंगे। वहीं वायुसेना और थल सेना को 8-8 ड्रोन्स मिलेंगे। बेहद खास हैं प्रीडेटर ड्रोन एमक्यू-9बी रीपर या प्रीडेटर ड्रोन की सबसे बड़ी खासियत ये है कि ये ड्रोन 40 हजार फीट से अधिक ऊंचाई पर करीब 40 घंटे तक उड़ान भर सकता है। यह ड्रोन सर्विलांस और हमले के लिहाज से बेहतरीन है और हवा से जमीन पर सटीक हमले करने में सक्षम हैं। यह हर प्रकार के मौसम में 40 घंटे से अधिक समय तक उपग्रह के माध्यम से उड़ान भर सकता है। अपनी क्षमताओं की वजह से प्रीडेटर ड्रोन को मानवीय सहायता/आपदा राहत, खोज और बचाव, कानून प्रवर्तन, विरोधी सतह युद्ध, पनडुब्बी रोधी युद्ध, एयरबोर्न माइन काउंटरमेसर, लंबी दूरी की रणनीतिक आईएसआर, ओवर-द-एयर लक्ष्यीकरण, पनडुब्बी रोधी युद्ध में इस्तेमाल किया जा सकता है।

परमेश शिवमणि भारतीय तटरक्षक (आईसीजी) के नए महानिदेशक बने हैं

नई दिल्ली परमेश शिवमणि भारतीय तटरक्षक (आईसीजी) के नए महानिदेशक बने हैं। उन्होंने मंगलवार को महानिदेशक पद का पदभार संभाला। परमेश शिवमणि भारतीय तटरक्षक के 26वें महानिदेशक हैं। रक्षा मंत्रालय ने मंगलवार को उनकी नियुक्ति को लेकर यह आधिकारिक जानकारी दी। रक्षा मंत्रालय के मुताबिक परमेश शिवमणि ने अपने साढ़े तीन दशक से अधिक के शानदार करियर के दौरान, तट और जलपोत नियुक्तियों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है। वह नेविगेशन और डायरेक्शन में माहिर हैं और उनकी समुद्री कमांड में आईसीजी के सभी प्रमुख जहाज शामिल रहे हैं। उनकी समुद्री कमांड में उन्नत ऑफशोर गश्ती जहाज ‘समर’ और ऑफशोर गश्ती जहाज ‘विश्वस्त’ भी शामिल रहे हैं। परमेश शिवमणि अपनी सर्विस के दौरान तटरक्षक क्षेत्र (पूर्व), तटरक्षक क्षेत्र (पश्चिम), तटरक्षक कमांडर (पूर्वी समुद्री तट) के शीर्ष पदों पर रह चुके हैं। रक्षा मंत्रालय ने बताया कि भारतीय तटरक्षक के नए महानिदेशक नेशनल डिफेंस कॉलेज, नई दिल्ली और डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज, वेलिंगटन के पूर्व छात्र रह चुके हैं। परमेश शिवमणि को सितंबर 2022 में अतिरिक्त महानिदेशक के पद पर पदोन्नत किया गया था। बाद में उन्हें तटरक्षक मुख्यालय, नई दिल्ली में तैनात किया गया था। उन्हें अगस्त 2024 में महानिदेशक तटरक्षक का अतिरिक्त प्रभार दिया गया था। रक्षा मंत्रालय ने बताया कि इस अवधि के दौरान कई महत्वपूर्ण ऑपरेशन और अभ्यास पूरे किए गए। इनमें करोड़ों रुपये मूल्य के मादक पदार्थों और सोने की जब्ती शामिल है। इसके अलावा गंभीर चक्रवाती तूफानों के दौरान नाविकों का बचाव, विदेशी तट रक्षकों के साथ संयुक्त अभ्यास, अवैध शिकार विरोधी अभियान, चक्रवात व प्राकृतिक आपदाओं और तटीय सुरक्षा अभ्यास के दौरान मानवीय सहायता भी इन ऑपरेशनों में शामिल रहे। डीजी परमेश शिवमणि को उनकी शानदार सेवा के लिए वर्ष 2014 में तटरक्षक पदक और 2019 में राष्ट्रपति तटरक्षक पदक से सम्मानित किया गया था। उन्हें 2012 में डीजी कोस्ट गार्ड कमेंडेशन और 2009 में फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ (ईस्ट) कमेंडेशन से भी सम्मानित किया गया था। गौरतलब है कि भारतीय तटरक्षक बल के तत्कालीन महानिदेशक राकेश पाल की इसी साल अगस्त महीने में मृत्यु हो गई थी। तटरक्षक बल के तत्कालीन महानिदेशक की मृत्यु का कारण हार्ट अटैक बताया गया। हार्ट अटैक के उपरांत उन्हें चेन्नई के एक अस्पताल में ले जाया गया जहां कुछ देर बाद उनकी मौत हो गई थी।    

पंचायत चुनाव के लिए मतदान जारी, 12 बजे तक 22 फीसदी हुई वोटिंग

चंडीगढ़ पंजाब में पंच और सरपंच पदों के लिए आज मतदान हो रहा है। इस चुनाव में लगभग 1.05 लाख उम्मीदवारों की किस्मत दांव पर है। मतदान शाम 4 बजे तक चलेगा, जिसके बाद संबंधित मतदान केंद्रों पर मतों की गिनती की जाएगी। नामांकन में कथित अनियमितताओं को लेकर कांग्रेस द्वारा चुनाव स्थगित करने की मांग के बावजूद कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच चुनाव चल रहा है। 13,000 से अधिक ग्राम पंचायतों के लिए 19,000 से अधिक मतदान केंद्र बनाए गए हैं। सरपंच पद के लिए कुल 3,798 उम्मीदवार सर्वसम्मति से चुने गए हैं, जबकि पंच के लिए 48,861 उम्मीदवार चुने गए हैं। वहीं 28 ग्राम पंचायतों में चुनाव रद्द कर दिए गए हैं और एक पर रोक लगा दी गई है। नतीजतन, अब 9,398 ग्राम पंचायतों के लिए मतदान हो रहे हैं। विधानसभा द्वारा पिछले महीने पारित पंजाब पंचायती राज (संशोधन) विधेयक, 2024 के अनुसार उम्मीदवारों को राजनीतिक दलों के प्रतीकों का उपयोग करने से रोक दिया गया है। राज्य में कुल 1.33 करोड़ पंजीकृत मतदाता हैं, जिनमें 70.51 लाख पुरुष और 63.46 लाख महिला मतदाता हैं। राज्य चुनाव आयोग के एक अधिकारी ने बताया, “लगभग सभी मतदान केंद्रों पर मतदान शुरू हो गया है। डिप्टी कमिश्नरों को स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।” सोमवार को विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा के नेतृत्व में कांग्रेस के एक प्रतिनिधिमंडल ने पंजाब राज्य चुनाव आयुक्त से मुलाकात की और पंचायत चुनाव को तीन सप्ताह के लिए स्थगित करने की मांग की। बाजवा ने कहा कि नामांकन प्रक्रिया में “बड़े पैमाने पर अनियमितताएं” थीं, जिसमें कई उम्मीदवारों के नाम “गलत तरीके से” खारिज कर दिए गए थे। उन्होंने कहा कि नामांकन दाखिल करने के दौरान विपक्ष समर्थित कई उम्मीदवारों को आवश्यक अनापत्ति प्रमाण पत्र नहीं दिए गए। कांग्रेस ने 1 जनवरी, 2024 की अपडेट की हुई सूची के बजाय 1 जनवरी, 2023 की मतदाता सूची के इस्तेमाल पर भी चिंता जताई थी, जिसका इस्तेमाल लोकसभा चुनाव के दौरान किया गया था। हालांकि, राज्य में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (आप) ने पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय द्वारा पंचायत चुनाव संबंधी याचिका खारिज करने के सोमवार के फैसले का स्वागत किया है तथा उच्च न्यायालय का आभार व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने एक्स के माध्यम से उच्च न्यायालय का आभार व्यक्त किया तथा कहा कि पंचायत चुनाव का रास्ता अब पूरी तरह से साफ हो गया है। उन्होंने सभी पंजाबियों से आपसी भाईचारा बनाए रखते हुए मतदान करने तथा अपने गांवों से अच्छे प्रतिनिधि चुनने का आग्रह किया, जो गांव के विकास में योगदान दे सकें। उन्होंने पंचायत चुनाव के लिए सभी सरपंच एवं पंच प्रत्याशियों को शुभकामनाएं भी दीं। आम आदमी पार्टी के नेता एवं वरिष्ठ प्रवक्ता नील गर्ग ने कहा कि उच्च न्यायालय का फैसला विपक्षी दलों के झूठे प्रचार पर करारा तमाचा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस दबाव की राजनीति कर रही थी, लेकिन उच्च न्यायालय ने उसे खारिज कर दिया। अब पंजाब की जनता भी कांग्रेस को खारिज करेगी। आपको बता दें कि आज शाम 4 बजे के बाद वोटों की गिनती शुरू हो जाएगी और नतीजे घोषित कर दिए जाएंगे. इसकी वीडियोग्राफी चुनाव आयोग द्वारा करायी जाएगी. 2: 50 PM| दोपहर दो बजे तक 44 फीसदी वोटिंग पंजाब के पंचायत चुनाव में दोपहर दो बजे तक 44 फीसदी वोटिंग हो चुकी है। 2:40 PM | जालंधर में चुनावी ड्यूटी पर लगे टीचर की माैत जालंधर के आदमपुर ब्लॉक के गांव अरजनवाल में पंचायत चुनाव में ड्यूटी पर तैनात स्कूल टीचर अमरेंद्र सिंह की बीती रात दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई. जानकारी के मुताबिक अध्यापक अमरेंद्र सिंह गांव दढियाल (जालंधर) के स्कूल में पढ़ाती थी और फाजिल्का के रहने वाली थी। रात में खाना खाने के बाद उन्हें दिल का दौरा पड़ा, जिससे उनकी मौत हो गई. 1:30 PM| बरनाला में चुनाव ड्यूटी में लगे पुलिस कर्मचारी की मौत पटियाला से बरनाला के गांव ढिलवां में ड्यूटी करने आए पुलिस कर्मचारी लक्खा सिंह की मंगलवार सुबह अचानक सेहत बिगड़ने से मौत हो गई। लक्खा सिंह पटियाला से गांव ढिलवां में चुनाव ड्यूटी करने आए थे 1: 20 PM| पंजाब के पंचायत चुनाव में दोपहर 12 बजे तक मानसा – 34.4% पटियाला – 20 % फिरोजपुर – 25.15% गुरदासपुर – 22 % फरीदकोट – 28% बरनाला – 19.9% मलेरकोटला- 28% फाजिल्का – 33.5.% फतेहगढ़ साहिब – 31.23% 1:10 PM | पंजाब के पंचायत चुनाव में दोपहर 12 बजे तक पटियाला में बीस फीसदी और फिरोजपुर में 25.15% वोटिंग हुई है। 12:50 PM | बरनाला में दो गुट भिड़े, पंच उम्मीदवार को आई चोटें बरनाला के गांव करमगढ़ में सरपंच चुनाव से कुछ घंटे पहले देर रात चुनाव लड़ रहे दो गुटों के समर्थकों के बीच मारपीट हो गई। मारपीट में पंच का चुनाव लड़ रहे गुरजंट सिंह को गहरी चोट लगी। 12: 20 PM | पंचायत चुनाव 2024: बड़े अपडेट यहां (Panchayat Elections 2024: Big updates here in Hindi) 1. सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब में चल रहे पंचायत चुनाव में दखल देने से इनकार कर दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव रोकने से इनकार करते हुए कहा कि चुनाव रोकना गंभीर मामला है. 2. जगराओं के गांव कोठे अठचक में वोटिंग शुरू होते ही झगड़ा हो गया. लोगों के हंगामे के बाद यहां वोटिंग रोक दी गई है. इसके अलावा जगराओं के गांव पोना और गांव डल्ला के चुनाव भी रद्द करने के आदेश दिए गए हैं. 3. मानसा के मानसा खुर्द गांव में वोटिंग रोक दी गई है. मतपत्र गलत छपा था। मामला संज्ञान में आते ही मामले को उच्च अधिकारियों के संज्ञान में लाया गया. 4. तरनतारन जिले के सोहल सैन गांव में पोलिंग बूथ के बाहर फायरिंग. गोलीबारी में एक व्यक्ति घायल हो गया. वोट डालने के लिए कतार में खड़े लोगों के बीच होड़ मच गयी. 5. पंचायत चुनाव में सरपंच पद के लिए 25,588 उम्मीदवार मैदान में हैं. पंच पद के लिए 80,598 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं. इसके अलावा 3,798 सरपंच और 48,861 पंच सर्वसम्मति से चुने गए हैं. 12:15 PM | आनंदपुर साहिब में अब भी 13 फीसदी वोटिंग सुबह 11 बजे तक 13 फीसदी वोटिंग हो चुकी है 12:00 PM| पंजाब … Read more

Pearl Chit Fund Refund: निवेशकों के लिए बड़ी खुशखबरी, 6 करोड़ निवेशकों को 50 हजार करोड़ रुपये रिफंड अभियान शुरू

नई दिल्ली 50 हजार करोड़ रुपये के पर्ल ग्रुप पोंजी स्कैम मामले में अब 10 साल बाद निवेशकों के चेहरे पर खुशी लौटनी शुरू हो गई है। इस स्कीम में फंसे करीब 6 करोड़ निवेशकों को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उनकी धनराशि वापस करने के लिए अभियान शुरू किया है। ईडी ने कहा कि उसने पर्ल एग्रो ग्रुप की 700 करोड़ रुपये की कुर्क की गई संपत्तियों की डिटेल जस्टिस लोढ़ा कमिटी के साथ शेयर की है। लोढ़ा कमिटी का गठन सुप्रीम कोर्ट ने किया था। यह कमिटी जब्त की गई संपत्तियों के निपटान और पीड़ितों को धनराशि वापस करने का काम करती है। सेबी ने लगाया था बैन पर्ल एग्रो ग्रुप ने 18 वर्षों में 59 मिलियन (5.9 करोड़) निवेशकों से 49,100 करोड़ रुपये लिए थे। यह रकम ‘अवैध’ रूप से ली गई थी। सेबी ने इस ग्रुप पर इस प्रकार से पैसा इकट्टा करने को लेकर बैन लगा दिया था। इस मामले की जांच एक दशक पहले उस समय शुरू हुई थी जब सीबीआई ने फरवरी 2014 में पहली बार एफआईआर दर्ज की थी। हवाला के जरिए दुबई भेजा गया था पैसा ईडी की जांच में पता चला कि पर्ल ग्रुप के प्रमोटरों ने एक पोंजी स्कीम शुरू की थी। इसमें उन्होंने निवेशकों को प्लॉट आवंटित करने का वादा किया था। हालांकि, रिटर्न देने के बजाय प्रमोटरों ने कोलकाता में रजिस्टर्ड फर्जी संस्थाओं को धनराशि ट्रांसफर कर दी। फिर इन कंपनियों से नकदी के रूप में पैसा निकाला गया और हवाला चैनलों का उपयोग करके दुबई भेजा गया। इसके बाद इन पैसे को होटल और रिजॉर्ट खरीदने के लिए कई देशों में निवेश किया गया। ऑस्ट्रेलिया में खपाई सबसे ज्यादा रकम जांच में पता चला कि ऑस्ट्रेलिया में संपत्ति खरीदने में बड़ा निवेश किया गया था। 2018 में ED ने PACL और उसके प्रमोटर निर्मल सिंह भंगू की ऑस्ट्रेलिया में 462 करोड़ रुपये की दो संपत्तियां जब्त कीं। चार साल बाद भारत में भंगू के ग्रुप की संस्थाओं और सहयोगियों से जुड़ी 244 करोड़ रुपये की और संपत्तियां जब्त की गईं। इस मामले की जांच अभी भी जारी है। कई राज्यों में हुई तलाशी पिछले हफ्ते ईडी ने इस राशि का पता लगाने के लिए दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, महाराष्ट्र, तेलंगाना, कर्नाटक, पश्चिम बंगाल, राजस्थान और उत्तराखंड में 44 स्थानों पर तलाशी ली। हमारे सहयोगी टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक ED ने गुरुग्राम में SRS ग्रुप के प्रोजेक्ट SRS पर्ल, SRS सिटी, SRS प्राइम के घर खरीदारों को पहले लॉट में 78 फ्लैट लौटाना शुरू कर दिया है, जिनकी कीमत 20 करोड़ रुपये से अधिक है।

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