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राष्ट्रपति पद के चुनावों की उल्टी गिनती शुरू, डेमोक्रेट पार्टी के दानदाताओं की धमकी बाइडेन उम्मीदवार रहे तो पार्टी की फंडिंग बंद

कैलिफ़ोर्निया अमेरिका में राष्ट्रपति पद के चुनावों के लिए उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है. 5 नवंबर को होने वाले यूएस राष्ट्रपति चुनाव के लिए सभी नेता ऐड़ी-चोटी का जोर लगाने में लगे हुए हैं. इस बीच खबर ये हैं कि उपराष्ट्रपति कमला हैरिस चुनावों में जो बाइडेन को पीछे छोड़ सकती हैं. कमला का सिक्का जो बाइडेन पर भारी पड़ता नजर आ रहा है. इसकी वजह ये है कि डेमोक्रेट पार्टी के दानदाताओं ने धमकी दी है कि अगर जो बाइडेन राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार बने रहे तो वे पार्टी की फंडिंग को रोक सकते हैं. जो बाइडेन के खिलाफ उठ रहे विद्रोह के इस स्वर को देखते हुए पार्टी ने जो बाइडेन के विकल्प पर विचार करना शुरू कर दिया है. हालांकि बाइडेन का दावा है कि वे ही राष्ट्रपति पद की रेस में हैं. उधर, कुछ लोगों को कहना है कि बाइडेन की दावेदारी में उनकी बढ़ती उम्र आड़े आ रही है. इन सबके बीच उपराष्ट्रपति कमला हैरिस बाइडेन को पछाड़ती नजर आ रही हैं. कमला हैरिस के बारे में कहा जा रहा है कि पार्टी के साथ-साथ देश में उनकी अलग पहचान है और डेमोक्रेटिक पार्टी के दिग्गज उनके पीछे खड़े होने लगे हैं. पार्टी के शीर्ष नेताओं का कहना है कि अगर जो बाइडेन चुनावी दौड़ से बाहर होने का फैसला करते हैं तो वह चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार के तौर पर उपराष्ट्रपति कमला हैरिस को नामित किया जा सकता है. बता दें कि पिछले महीने अटलांटा में प्रेसिडेंशियल डिबेट में जो बाइडेन का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा था. इस प्रदर्शन के बाद से सत्तारूढ़ डेमोक्रेटिक पार्टी में बाइडन के चुनावी दौड़ से दूर करने की मांग बढ़ने लगी है. 81 साल के बाइडन की सेहत पर सवाल उठ रहे हैं. इन सब अटकलों से परे जो बाइडेन कहते हैं कि, ‘अगर खुद भगवान आसमान से धरती पर आकर कहें कि जो इस रेस से निकल जाओ तभी मैं बाहर आऊंगा और भगवान तो नीचे आएंगे नहीं.’ बाइडन को राष्ट्रपति पद की दौड़ से बाहर होते देखना चाहते हैं डेमोक्रेटिक पार्टी के पांच सांसद  डेमोक्रेटिक पार्टी के कम से कम पांच सांसदों ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि पांच नवंबर को होने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव से जो बाइडन को बाहर हो जाना चाहिए। कई समाचारों में यह जानकारी दी गई। अटलांटा में 27 जून को हुई बहस में रिपब्लिकन पार्टी से अपने प्रतिद्वंद्वी डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ बाइडन के निराशाजनक प्रदर्शन को लेकर डेमोक्रेटिक पार्टी द्वारा फोन कॉल पर की गई चर्चा के दौरान सांसदों- जेरी नाडलर, मार्क ताकानो, जो मोरेल, टेड लियू और एडम स्मिथ ने अपने विचार व्यक्त किए। बहस में अपने प्रदर्शन को खुद बाइडन ने ‘‘एक बुरी रात’’ बताया है। उनकी लोकप्रियता की रेटिंग में गिरावट आई है और उनकी अपनी पार्टी के सहयोगियों ने उनके स्वास्थ्य और आगामी चार वर्षों तक शासन करने की उनकी क्षमता पर सवाल खड़े करना शुरू कर दिया है। बाइडन ने जोर देकर कहा कि वह दौड़ में बने रहेंगे और विश्वास जताया कि वह नवंबर में ट्रंप के खिलाफ चुनाव जीतेंगे। सदन में अल्पमत के नेता हकीम जेफरीज ने 27 जून को बाइडन और ट्रंप के बीच बहस के बाद राजनीतिक परिदृश्य पर प्रतिनिधि सभा में अपनी पार्टी के सहयोगियों के साथ फोन कॉल पर चर्चा की। ‘द न्यूयॉर्क टाइम्स’ की खबर के अनुसार, इस फोन वार्ता सत्र को ‘‘विचार व्यक्त करने का सत्र’’ बताया गया, जिसका उद्देश्य पार्टी सहयोगियों से बाइडन की दावेदारी की व्यवहार्यता के बारे में जानकारी प्राप्त करना था। खबर में यह भी बताया गया कि इस बैठक से पहले ही कई शीर्ष नेताओं का मानना था कि बाइडन को राष्ट्रपति पद की दौड़ से बाहर हो जाना चाहिए। इस मामले की जानकारी रखने वाले दो लोगों के हवाले से खबर में बताया गया कि सशस्त्र सेवा समिति के सदस्य स्मिथ ने कहा कि बाइडन के जाने का समय आ गया है। चार अन्य सांसदों ने भी यही विचार व्यक्त किए और उनका मानना है कि बाइडन के लिए इस दौड़ से बाहर हो जाने का समय आ गया है। कमला हैरिस के पक्ष में बनता माहौल पूर्व अमेरिकी सीनेटर और कैलिफ़ोर्निया अटॉर्नी जनरल कमला हैरिस, अगर पार्टी की उम्मीदवार होती हैं और चुनाव जीत जाती हैं, तो संयुक्त राज्य अमेरिका की राष्ट्रपति बनने वाली पहली महिला होंगी. वह उपराष्ट्रपति के रूप में सेवा करने वाली पहली अफ्रीकी अमेरिकी और एशियाई व्यक्ति हैं. हाल के सर्वे से पता चलता है कि कमला हैरिस रिपब्लिकन उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रम्प के खिलाफ जो बाइडेन से बेहतर प्रदर्शन कर सकती हैं, हालांकि उन्हें कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ेगा. 2 जुलाई को जारी एक सीएनएन सर्वे में पाया गया कि मतदाताओं ने जो बाइडेन के मुकाबले डोनाल्ड ट्रम्प को छह प्रतिशत अंक, 49% से 43% तक पसंद किया. कमला हैरिस भी ट्रम्प से 47% से 45% तक पीछे रहीं. सर्वे में पाया गया कि निर्दलीय उम्मीदवारों ने डोनाल्ड ट्रम्प की तुलना में 43%-40% कमला हैरिस को समर्थन दिया, और दोनों पार्टियों के मतदाता उन्हें 51-39% पसंद करते हैं. डोनाल्ड ट्रम्प और लड़खड़ाते जो बाइडेन के बीच पिछले सप्ताह टेलीविजन पर बहस के बाद एक रॉयटर्स/इप्सोस सर्वे में पाया गया कि कमला हैरिस और डोनाल्ड ट्रम्प लगभग बराबरी पर थे. आंतरिक मतदान से पता चलता है कि हैरिस के पास भी जो बाइडेन के समान ही ट्रम्प को हराने की संभावना है. इनमें 45% मतदाताओं ने कहा कि वे उनके लिए वोट करेंगे, जबकि 48% ट्रम्प के लिए. 2 रिपब्लिकन दानदाताओं ने रॉयटर्स को बताया कि कमला हैरिस को इतनी गंभीरता से लिया जाता है कि वे चाहेंगे कि जो बाइडेन के मुकाबले वे ट्रम्प का सामना करें. पोलिंग आउटलेट फाइव थर्टी एट ने कहा कि 37.1% मतदाता हैरिस को स्वीकार करते हैं और 49.6% मतदाता उन्हें नापसंद करते हैं. उन संख्याओं की तुलना जो बाइडने के लिए 36.9% और 57.1% तथा डोनाल्ड ट्रम्प के लिए 38.6% और 53.6% से की जाती है.

अंतरिक्ष में फंसी नहीं हैं सुनीता विलियम्स, वापसी के लिए दो और स्पेसक्राफ्ट भी तैयार

वाशिंगटन बोइंग के स्टारलाइनर अंतरिक्ष यान के थ्रस्टर में खराबी के बाद इसका धरती पर वापसी का मिशन रोक दिया गया है। इसके बाद यान के साथ गए नासा के एस्ट्रोनॉट सुनीता विलियम्स और बैरी विल्मोर अंतरिक्ष स्पेस स्टेशन (ISS) पर फंस गए हैं। दोनों अंतरिक्ष यात्री बीते महीने 5 जून को अंतरिक्ष के लिए रवाना हुए थे। अंतरिक्ष में उनका मिशन केवल एक सप्ताह के लिए ही था, लेकिन एक महीने से भी ज्यादा समय बीत चुका है और अभी तक उनकी वापसी के बारे में कोई अपडेट नहीं है। नासा के इंजीनियर स्टारलाइनर की समस्या को ठीक करने की कोशिश कर रहे हैं, इस दौरान दोनों एस्ट्रोनॉट स्पेस स्टेशन पर दूसरे यात्रियों के साथ रहना पड़ रहा है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या दोनों अंतरिक्ष यात्रियों की धरती पर वापसी कब होगी और क्या नासा को इसके लिए रेस्क्यू मिशन शुरू करने की जरूरत है। अंतरिक्ष में फंसी नहीं हैं सुनीता विलियम्स इन सवालों का जवाब अंतरिक्ष प्रणालियों और मिशनों के विशेषज्ञ पैट्रिक विनिंग ने दिया है। पैट्रिक जॉन्स हॉपकिंस एप्लाइड फिजिक्स लैब में नेशनल सिक्योरिटी स्पेस के लिए मिशन एरिया एग्जीक्यूटिव के रूप में काम करते हैं। उन्होंने बताया कि दोनों अंतरिक्ष यात्रियों के लिए रेस्क्यू अभियान की बात करना अनावश्यक है। इसकी वजह बताते हुए वे कहते हैं कि पहले तो यह समझना होगा कि स्टारलाइनर स्पेसक्राफ्ट में सवार होकर आईएसएस पर पहुंचे अंतरिक्ष यात्री फंसे नहीं है। न ही आईएसएस पर पहले से मौजूद सात दूसरे अंतरिक्ष यात्री ही फंसे हुए हैं। वापसी के लिए दो और स्पेसक्राफ्ट भी पैट्रिक ने बताया कि स्टारलाइनर अपने यात्रियों के साथ पृथ्वी पर लौटने में सक्षम है। इसके अलावा आईएसएस पर डॉक किए दो अन्य अंतरिक्ष यान भी अंतरिक्ष यात्रियों को पृथ्वी पर वापस ले आने में सक्षम हैं। इनमें एक स्पेसएक्स का ड्रैगन एंडेवर और सोयुज MS-25 क्रू शिप शामिल है। स्टारलाइनर के थ्रस्टर में खराबी और एक अप्रत्याशित हीलियम लीक की रिपोर्ट के बाद नासा की टीम अंतरिक्ष यान का डेटा इकठ्ठा कर रही है, जिसके चलते स्पेसक्राफ्ट की वापसी में देरी की गई है। यहां हमें याद रखने की जरूरत है कि अंतरिक्ष में जाना कठिन है। वहीं, मानव अंतरिक्ष उड़ान तो और भी कठिन है। स्टारलाइनर के डिजाइन में कई बैकअप सिस्टम हैं, जिसने आईएसएस पर इसके पहुंचने को सफल बनाया, लेकिन बैकअप सिस्टम के साथ भी अप्रत्याशित स्थितियों को समझना महत्वपूर्ण है। यही वजह है कि नासा अधिक डेटा एकत्र कर रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि रेस्क्यू मिशन आम तौर पर सेना चलाती है, जैसे कि अगर कोई स्पेसक्रॉफ्ट लॉन्च के समय समुद्र में गिर जाए। लेकिन यहां मामला अलग है, अमेरिकी सेना के पास अंतरिक्ष में मिशन चलाने की क्षमता नहीं है। फिलहाल तो इस मामले में रेस्क्यू की जरूरत भी नहीं है। प्रोटोकॉल बदलने की जरूरत? स्टारलाइनर में आई समस्या के बाद भविष्य के आपातकाली प्रोटोकॉल को बदलने के सवाल पर पैट्रिक ने कहा कि उन्हें ऐसा नहीं लगता है। उन्होंने कहा, मुझे लगता है कि नासा और बोइंग जमीनी परीक्षण प्रक्रियाओं और दृष्टिकोणों पर कड़ी नज़र रखेंगे। सभी अंतरिक्ष यान डेवलपर्स ‘उड़ान भरते समय परीक्षण’ करने का बहुत प्रयास करते हैं ताकि लॉन्च से पहले अंतरिक्ष प्रणालियों पर असामान्य स्थितियों का पता लगाया जा सके। यह स्पष्ट है कि बोइंग का परीक्षण कार्यक्रम वर्तमान स्थितियों को पकड़ने में अपर्याप्त था। यही कारण है कि अधिक ऑन-ऑर्बिट परीक्षण डेटा एकत्र किया जाना चाहिए।

अमरनाथ यात्रा तीर्थयात्रियों को स्वास्थ्य सेवा में एक ओर अध्याय जोड़ते हुए प्रशासन ने ‘पोनी एम्बुलेंस’ शुरू

श्रीनगर  जम्मू और कश्मीर प्रशासन ने अमरनाथ यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए एक अनोखी एम्बुलेंस सेवा शुरू की है। यह सेवा पहलगाम और बालटाल दोनों मार्गों पर पवित्र गुफा मंदिर की ओर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए है। इसका नाम पोनी एंबुलेंस रखा गया है। अधिकारियों के अनुसार इस एम्बुलेंस का उद्देश्य अमरनाथ यात्रा तीर्थयात्रियों को महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सेवा प्रदान करना है। आक्सीजन सिलेंडर से लैस एंबुलेंस इस एंबुलेंस में घोड़े पर चढ़ा एक आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र चिकित्सा किट और ऑक्सीजन सिलेंडर से लैस है। यह तंत्र बालटाल और पहलगाम दोनों मार्गों पर तीर्थयात्रियों के साथ जाएगा। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि पोनी एम्बुलेंस को प्रशिक्षित कर्मियों द्वारा नियंत्रित किया जाएगा। ये कर्मी यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य समस्याओं या आपात स्थिति में तेजी से प्रतिक्रिया देने के लिए तैयार हैं। तीर्थयात्रियों ने इस पहल को सराहा स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा सचिव सैयद आबिद रशीद शाह ने कहा कि हम अमरनाथ यात्रियों की भलाई सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। पोनी एम्बुलेंस सेवा ने यात्रा के दौरान तीर्थयात्रियों के आत्मविश्वास और आराम को बढ़ाया है। शाह ने कहा कि यह सेवा, जिसे तीर्थयात्रियों द्वारा व्यापक रूप से सराहा गया है, कश्मीर में स्वास्थ्य सेवा विभाग द्वारा शुरू की गई है। इस सेवा की परिकल्पना विभाग के निदेशक मुश्ताक अहमद राथर ने की थी। स्वास्थ्य विभाग के एक प्रवक्ता ने कहा कि इस सेवा ने दूरदराज के इलाकों में आपातकालीन प्रतिक्रिया के लिए एक नया मानक स्थापित किया है। यह कश्मीर के स्वास्थ्य सेवा नवाचार को प्रदर्शित करता है।

SC ने महिलाओं के लिए मासिक धर्म में अवकाश पर केंद्र सरकार को अहम दिशा-निर्देश दिए

नई दिल्ली  महिलाओं को पीरियड के दौरान छुट्टी को लेकर दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सकारात्मक रुख दिखाया है। कोर्ट ने मामले में केंद्र को कुछ निर्देश भी दिए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से कहा है कि वह इसको लेकर राज्य सरकारों और सभी स्टैकहोल्डर्स से बात करे। साथ ही देखे कि क्या इस पर कोई मॉडल पॉलिसी बनाई जा सकती है। हालांकि कोर्ट ने माना कि इस दौरान छुट्टी मिलने से महिलाओं में काम को लेकर उत्साह बढ़ेगा, लेकिन यह भी कहा कि इसे अनिवार्य किए जाने के नुकसान भी हो सकते हैं। कोर्ट की चिंता, महिलाओं के काम पर पड़ सकता है नकारात्मक प्रभाव CJI डी वाई चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा की पीठ ने कहा कि यह मुद्दा नीति से जुड़ा है ये कोई ऐसा मुद्दा नहीं है जिस पर न्यायालयों को गौर करना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने ये भी कहा कि यदि महिलाओं को मासिक धर्म अवकाश देने का फैसला कोर्ट देता है तो इसका विपरीत असर हो सकता है प्राइवेट सेक्टर में उनके नौकरी के अवसरों पर इसका असर हो सकता है, निजी कंपनियां महिलाओं को नौकरी देने से बचेंगी इससे महिलाओं के नौकरी के अवसर कम हो सकते हैं। हम सचिव से अनुरोध करते हैं कि वे नीति स्तर पर मामले को देखें कोर्ट ने याचिकाकर्ता से कहा कि वे महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के सचिव और अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी के समक्ष अपना मामला लेकर जा सकते है। कोर्ट ने आदेश दिया – ‘हम सचिव से अनुरोध करते हैं कि वे नीति स्तर पर मामले को देखें और सभी हितधारकों से परामर्श करने के बाद निर्णय लें और देखें कि क्या एक आदर्श नीति तैयार की जा सकती है , सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने स्पष्ट किया कि यदि राज्य इस संबंध में कोई कदम उठाते हैं तो केंद्र की परामर्श प्रक्रिया उनके आड़े नहीं आएगी। चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा कि पीरियड के दौरान छुट्टी मिलने से महिला कर्मचारियों को प्रोत्साहन मिलेगा। इससे उनके अंदर काम को लेकर अधिक उत्साह पैदा होगा। हालांकि कोर्ट ने यह भी माना कि इस तरह की छुट्टियों को अनिवार्य किए जाना महिलाएं वर्कफोर्स से दूर हो जाएंगी। शीर्ष अदालत ने कहा कि हम यह नहीं चाहते हैं। इसमें कहा गया है कि महिलाओं की रक्षा के लिए हम जो करने की कोशिश करते हैं, उससे उन्हें नुकसान हो सकता है। घर में पैसे उधार न दें… पत्नी के यौन उत्पीड़न केस में क्यों बोला SC शीर्ष अदालत ने आगे कहा कि यह एक पॉलिसी डिसीजन हैं। इस केंद्र सरकार और राज्य सरकारें ही फैसला ले सकती हैं। इसके साथ ही उन्होंने याचिकाकर्ता को महिला और बाल विकास मंत्रालय के सामने जाने की बात कही। बता दें कि याचिका में सुप्रीम कोर्ट से मांग की गई थी कि वह राज्य सरकारों को महिलाओं के लिए पीरियड के दौरान छुट्टी के लिए नियम बनाने का निर्देश जारी करे। इसमें छात्राओं और कामकाजी महिलाओं को पीरियड के दौरान छुट्टी की मांग की गई थी। Period Leave कोर्ट ने क्या कहा सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह याचिकाकर्ता को महिला एवं बाल विकास मंत्रालय में सचिव और एएसजी ऐश्वर्या भाटी के समक्ष अपना पक्ष रखने की अनुमति देता है। इसके साथ ही कोर्ट ने सचिव से अनुरोध किया कि वह नीतिगत स्तर पर मामले को देखें और सभी पक्षों से बात करके निर्णय लें कि क्या इस मामले में कोई आदर्श नीति बनाई जा सकती है। महत्वपूर्ण बिंदु:     कोर्ट का तर्क:         पीरियड लीव को अनिवार्य बनाने से महिलाओं के रोजगार पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।         यह नीतिगत मामला है, जिस पर सरकार को विचार करना चाहिए।     आगे की राह:         केंद्र सरकार महिला एवं बाल विकास मंत्रालय और अन्य हितधारकों के साथ मिलकर “मॉडल नीति” तैयार करेगी।         नीति में पीरियड लीव से संबंधित मुद्दों को संबोधित किया जाएगा।     वर्तमान स्थिति:         बिहार एकमात्र ऐसा राज्य है जो 1992 की नीति के तहत मासिक धर्म दर्द अवकाश प्रदान करता है। वकील शैलेंद्रमणि त्रिपाठी द्वारा दायर याचिका दरअसल, याचिकाकर्ता वकील शैलेंद्रमणि त्रिपाठी ने महिलाओं को पीरियड्स के दौरान होने वाली परेशानियों के चलते सुप्रीम कोर्ट से राज्य सरकारों को छुट्टी के नियम बनाने के निर्देश जारी करने की मांग की थी। याचिका में मातृत्व लाभ अधिनियम, 1961 की धारा 14 को लागू करने के निर्देश दिए गए थे। जिसके तहत छात्राओं और महिला कर्मचारियों को पीरियड्स के दौरान छुट्टी देने की मांग की गई थी। यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि:     सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला पीरियड लीव के अधिकार को खत्म नहीं करता है।     यह महिलाओं और उनके संगठनों को इस मुद्दे पर आगे बढ़ने और नीतिगत बदलाव लाने के लिए प्रोत्साहित करता है। बिहार में पीरियड्स के दौरान Period Leave मिलती याचिकाकर्ता ने जनहित याचिका में कहा है कि मातृत्व लाभ अधिनियम के प्रावधानों को लागू करने के लिए निरीक्षकों की नियुक्ति भी सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि वर्तमान में बिहार एकमात्र ऐसा राज्य है जो 1992 की नीति के तहत विशेष मासिक धर्म पीड़ा अवकाश देता है।  

अलमारी के छोटे से ‘बॉक्‍स’ से न‍िकले 4 खूंखार आतंकी,दहशतगर्दों का नया ठ‍िकाना

कुलगाम जम्मू कश्मीर में सेना द्वारा आतंकवादियों के सफाए के लिए लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं. शनिवार को कुलगाम जिले में दो जगहों पर हुई मुठभेड़ में  6 आतंकियों को सुक्षाबलों ने ढेर कर दिया. कुलगाम के मोदरगाम मुठभेड़ स्थल से दो आतंकवादियों के शव बरामद किए गए जबकि चिन्नीगाम स्थल से रविवार को चार शव बरामद किए गए. इस बीच चिन्निगाम फ्रिसल से एक ऐसा वीडियो सामने आया है जो हैरान करने वाला है. दरअसल शनिवार रात को मुठभेड़ में मारे गए हिजबुल मुजाहिदीन के चार आतंकवादियों ने चिन्निगाम फ्रिसल में एक घर के अंदर ऐसा ठिकाना बना रखा था जिसका वीडियो देखकर सुरक्षाबल भी हैरान हैं. आतंकियों ने एक अलमारी के अंदर बंकर बना रखा था. घर के अंदर आतंकियों का खुफिया ठिकाना कुलगाम के चिनीगाम क्षेत्र जिस घर में आतंकी छिपे थे, वहां उन्होंने अलमारी के पीछे बंकर बना रखा था. मुठभेड़ में हिजबुल के चारों आतंकियों के मारे जाने के बाद सुरक्षाबलों ने घर के अंदर तलाशी ली तो उन्हें तयखाना मिला. इसका इस्‍तेमाल आतंकी खुद छिपने और हथियार व गोलाबारूद छिपाने के लिए करते थे. कुलगाम के चिन्निगाम में मारे गए सभी आतंकवादी हिजबुल मुजाहिदीन से जुड़े हुए थे. ड्रॉवर के अंदर सीक्रेट बंकर वायरल हो रहे वीडियो में सुरक्षाकर्मी एक घर के अंदर हैं जहां अलमारी के पीछे आतंकियों ने सीक्रेट बंकर बना रखा है. जवान जब एक कमरे में लगी कपड़े की अलमारी को देखते हैं तो उन्हें कुछ शक सा होता है. जैसे अलमारी के नीचे की तरफ बना ड्रॉवर को खोला जाता है तो इसमें अंदर की तरफ एक रास्ता जाता दिखा. फिर यहां लाइट जलाकर एक शख्स को अलमारी के अंदर बने सीक्रेट रास्ते के जरिए बंकर तक भेजा गया और वीडियो रिकार्डिंग की गई. इस दौरान साफ देखा जा सकता है कि अलमारी के पीछे की तरफ आतंकियों ने एक सीक्रेट बंकर बना रखा था. जिसमें वह खुद भी छिप सकते थे और हथियार भी छिपा सकते थे. बताया जा रहा है कि कुलगाम में मारे गए आतंकी इसी बंकर में छिपे थे. दो जवान भी हुए थे शहीद आपको बता दें कि कुलगाम जिले के दो गांवों में शनिवार को मुठभेड़ शुरू हुई थी. पहली मुठभेड़ मोदरगाम गांव में हुई, जहां पैरा कमांडो लांस नायक प्रदीप नैन कार्रवाई में शहीद हो गए. सुरक्षा बलों ने खुफिया जानकारी के आधार पर अभियान शुरू किया और कम से कम दो से तीन आतंकवादियों को उनके ठिकाने पर घेर लिया. वहीं दूसरी मुठभेड़ फ्रिसल चिनिगाम गांव में हुई, जब सुरक्षा बलों को इलाके में संभावित लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादियों के बारे में सूचना मिली. ऑपरेशन के दौरान प्रथम राष्ट्रीय राइफल्स के हवलदार राज कुमार शहीद हो गए. गांव पहुंचने पर, एक घर में छिपे आतंकवादियों ने सुरक्षा बलों पर अचानक से गोलीबारी शुरू कर दी, जिसके बाद मुठभेड़ शुरू हो गई. मुठभेड़ में एक पैरा कमांडो समेत दो सैन्यकर्मी शहीद हो गए. अभियान के बारे में बताते हुए जम्मू-कश्मीर के पुलिस महानिदेशक आरआर स्वैन ने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में आतंकवादियों का सफाया करना एक बड़ी उपलब्धि है. स्वैन ने कहा कि अभियान की सफलता इस बात का संकेत है कि जम्मू-कश्मीर में आतंक के खात्मे की लड़ाई अपने अंजाम तक पहुंचेगी. आतंकियों की थी बड़ी साजिश आर्मी के इस ऑपरेशन में दो सुरक्षा बल भी शहीद हो गए। वहीं दो अलग-अलग जगह पर हुए एनकाउंटर में हिजबुल मुजाहिद्दीन के कुल 6 आतंकी मारे गए हैं। इस ऑपरेशन के बारे में बात करते हुए जम्मू कश्मीर के डीजीपी आर.आर स्वैन के अनुसार कुलगाम में छिपे ये आतंकी कोई बड़ी साजिश रच रहे थे, जिसे सुरक्षा बलों ने नाकाम कर दिया है। सुरक्षा बलों ने मार गिराए 6 आतंकी बता दें कि जम्मू कश्मीर में हुए पहले एनकाउंटर में दो आतंकियों को मारा गया। इस मुठभेड़ में एक जवान भी शहीद हो गया। दूसरा एनकाउंटर कुलगाम के चिनिगम में हुआ, जहां चार आतंकियों को ढेर किया गया। इस दौरान हुई गोलीबारी में एक और जवान की शहादत हो गई। 2 एनकाउंटर में मारे गए 6 आतंकी हिजबुल मुजाहिद्दीन के थे। कुलगाम में मारे गए आतंकियों की पहचान यावार बशीर धर, जहीद अहमद धर, तौहीद अहमद और शकील अहमद वाणी के रूप में की गई है।  

संदेशखाली यौन उत्पीड़न मामले में SC ने बंगाल सरकार को झटका दिया, सीबीआई जांच पर रोक की मांग वाली अर्जी भी खारिज

नई दिल्ली संदेशखाली में महिलाओं के यौन उत्पीड़न और जमीनों के कब्जे के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बंगाल सरकार को झटका दिया है। अदालत ने सीबीआई जांच पर रोक की मांग वाली बंगाल सरकार की अर्जी को खारिज कर दिया है। इसके साथ ही ममता सरकार पर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि आखिर किसी को बचाने की जरूरत क्या है। अदालत ने पूछा, ‘आखिर सरकार क्यों किसी को बचाना चाह रही है?’ अदालत ने इस मामले में बंगाल सरकार की यह कहते हुए भी खिंचाई की कि इस केस में टीएमसी का एक नेता शामिल है। इसके बाद भी आपने कुछ नहीं किया। जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस केवी विश्वनाथन की बेंच ने कहा, ‘ये सभी मामले संदेशखाली से जुड़ी हैं। आपने आरोपी को गिरफ्तार करने समेत कोई भी ऐक्शन नहीं लिया।’ इसके अलावा अदालत ने 10 अप्रैल को दिए हाई कोर्ट के फैसले को बरकरार रखा। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि उच्च न्यायालय ने जो बातें कहीं, उसमें कुछ गलत नहीं था। इसके अलावा केस को लेकर अदालत की टिप्पणी से जांच पर कोई असर नहीं दिखेगा। वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने अदालत में ममता सरकार का पक्ष रखा। सिंघवी ने अदालत में कहा कि हाई कोर्ट यह कह सकता था कि ईडी के अफसरों पर हमले के मामले में सीबीआई जांच करे। लेकिन उसकी ओर से राशन घोटाला भी सीबीआई को सौंप देना गलत है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने राशन घोटाले की जांच कराई। इसके अलावा यौन उत्पीड़न और जमीन कब्जाने के मसले पर भी जांच की गई। इस मामले में कुल 42 चार्जशीट दाखिल की गई थी। इसके बाद भी आखिर क्यों केस सीबीआई को ट्रांसफर किया गया। उच्च न्यायालय ने इसकी कोई वजह भी नहीं बताई थी। आपको किसी को बचाने में क्यों दिलचस्पी है? SC का तीखा सवाल   इस पर बेंच ने कहा, ‘आखिर सरकार क्यों कुछ लोगों को बचाने में दिलचस्पी ले रही है।’ इसके अलावा अदालत ने यह भी पूछा कि आखिर मामले में शामिल लोगों को कब अरेस्ट किया गया था। अदालत ने यह जानकारी 29 अप्रैल को ही मांगी थी, जब आखिरी सुनवाई हुई थी। तब भी कोर्ट ने पूछा था कि आखिर ममता बनर्जी सरकार शाहजहां शेख को क्यों बचाना चाहती है, जो टीएमसी का नेता है और दबंग है। इस पर बंगाल सरकार की ओर से पेश अधिवक्ता जयदीप गुप्ता ने कहा कि राज्य सरकार के खिलाफ ऐसी टिप्पणियां गलत हैं क्योंकि उसने सभी संभव कदम उठाए हैं।  

फ्रांस के आम चुनावों में वामपंथी गठबंधन की जीत, गठबंधन की जीत के बाद फ्रांस में भीषण दंगे भड़क गए

पेरिस फ्रांस के आम चुनावों में वामपंथी गठबंधन की जीत हुई है। वामपंथी गठबंधन की जीत के बाद फ्रांस में भीषण दंगे भड़क गए हैं और प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतर आए हैं। यह प्रदर्शनकारी दंगे कर रहे हैं और पेट्रोल बम चला आगजनी कर रहे हैं। फ्रांस में इससे बचने के लिए भारी पुलिस बंदोबस्त किया गया है। फ्रांस में वामपंथी गठबंधन की जीत अप्रत्याशित तरीके से हुई है। चुनाव से पहले लगातार यह माना जा रहा था कि इन चुनावों में दक्षिणपंथी गठबंधन की जीत होगी। दक्षिणपंथी गठबंधन की नेता मरीन ली पेन के प्रधानमंत्री बनने के आसार जताए जा रहे थे। लेकिन दूसरे चरण की वोटिंग के बाद पासा पलट गया और वामपथी गठबंधन सबसे अधिक सीटें लाने में सफल रहा। देशभर में भेजी गई दंगा विरोधी पुलिस वीडियो फुटेज में नकाबपोश प्रदर्शनकारियों को सड़कों पर आग जलाते और उपद्रव करते हुए देखा गया है। हिंसा को देखते हुए देश भर में दंगा पुलिस पुलिस को भेजा गया है। फॉक्स न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, फ्रांसीसी चुनाव के बाद आए एग्जिट पोल में वामपंथी गठबंधन की जीत की संभावना के बाद पेरिस में जश्न और हिंसा दोनों का माहौल बन गया। धुर-वामपंथी गठबंधन के अप्रत्याशित रूप से आगे निकलने की खबर पर हजारों लोग जश्न मनाने के लिए पेरिस के प्लेस डे ला रिपप्लिक में जमा हो गए। वहीं, इस खबर से सत्ता हासिल करने की उम्मीद कर रहे मरीन ले पेन की नेशनल रैली के समर्थन हैरान रह गए। फ्रांस के इन चुनावों में वामपंथी गठबंधन ने 577 सीटों में से लगभग 182 सीटों पर जीत हासिल कर ली है। वहीं दूसरी तरफ फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों की रिनेसां पार्टी ने 163 सीटें जीती हैं। तीसरे नम्बर पर धुर दक्षिणपंथी गठबंधन है, जिसने 132 सीटें जीत ली है। अभी अंतिम परिणाम नहीं सामने आए हैं। पुलिस ने किया आंसू गैस का इस्तेमाल इस बीच फ्रांस के विभिन्न शहरों से हिंसा की खबरें आने लगीं। जगह-जगह पर प्रदर्शनकारियों की हिंसा के वीडियो सामने आए हैं। वहीं, दंगा विरोधी पुलिस भीड़ को नियंत्रित करने की कोशिश करती नजर आई। झड़पों के बीच कई जगह पर पुलिस ने आंसू गैस का इस्तेमाल किया है। ब्रिटिश टैबलायड द सन ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि यह पता नहीं चल पाया है कि बढ़ते तनाव के बीच सड़कों पर उतरे प्रदर्शनकारी किस दल के समर्थक है। इसके पहले यह आशंका जताई गई थी कि अगर दक्षिणपंथी जीत जाते हैं तो हिंसा भड़क सकती है। अंतिम परिणामों के सामने आने से पहले ही फ्रांस में भीषण हिंसा का माहौल है। प्रदर्शकारियों ने चुनाव नतीजों के रुझानों के साथ फ्रांस की सड़कों पर कब्जा कर लिया है। फ्रांस की राजधानी पेरिस में प्रदर्शनकारियों ने सड़कों पर गाड़ियों को इकट्ठा करके आग लगा दी और पुलिस से भी भिड़ गए। दंगाइयों ने पुलिस पर पत्थर भी फेंके। कहीं कहीं कूड़ेदानों में भी आग लगा दी गई। फ्रांस के शहर नान्तेस में भी दंगाइयों ने कहर बरपाया है। अभी यह नहीं साफ है कि दंगाई किस समूह के हैं। पुलिस उन पर कब्जा करने में जुटी हुई है। दंगाइयों ने पेरिस के महत्वपूर्ण स्थानों पर तोड़फोड़ भी की है। फ्रांस में दंगों के इतिहास को देखते हुए पहले से ही इस हिंसा का अंदाजा लगाया जा रहा था। वामपंथियों के इस हिंसा करने की आशंका जताई जा रही थी। इसके लिए फ्रांस में 30,000 पुलिसकर्मी लगाए गए थे। पेरिस समेत बड़े शहरों में महंगी दुकानों में बैरिकेड लगा दिए गए थे ताकि दंगे के दौरान उन्हें लूट से बचाया जा सके। कुछ दुकानों के शीशों पर लकड़ी तक ठोंक दी गई ताकि प्रदर्शनकारी यहाँ से ना घुसें। गौरतलब है कि वामपंथियों ने पहले चरण की वोटिंग पूरी होने के बाद फ्रांस में कसके दंगे किए थे। 30 जून, 2024 को इन दंगाइयों ने फ़्रांस में कसके कहर बरपाया था। वामपंथियों ने पहले चरण के चुनाव में दक्षिणपंथियो की बढ़त के बाद सार्वजनिक सम्पत्ति को जलाया था और पुलिस पर हमले किए थे। दूसरे चरण के बाद हिंसा किस समूह ने की है, यह स्पष्ट नहीं हो सका है। चुनाव नतीजों के बाद अब फ्रांस में वामपंथी प्रधानमंत्री बनने के कयास लगाए जा रहे हैं। पहले से तीसरे स्थान पर पहुंची नेशनल रैली इसके पूर्व हुए पहले दौर के मतदान में एक तिहाई वोट के साथ जीत हासिल करने के बाद नेशनल रैली से संसदीय चुनाव में जीत की उम्मीद की जा रही थी। लेकिन 7 जुलाई को हुए चुनाव के बाद एग्जिट पोल ने संकेत दिया कि न्यू पॉपुलर फ्रंट के बैनर तले वामपंथी दल 172 सीटें जीतेगा जबकि इमैनुएल मैक्रों की अगुवाई वाला एनसेंबल के 150 सीट जीतने का अनुमान लगाया गया। नेशनल रैली लगभग 132 के साथ तीसरे स्थान पर दिख रही थी।  

सुप्रीम कोर्ट सबसे बड़ा सवाल…नीट यूजी पेपर लीक मामले में सरकार ने अब तक क्या किया?अगली सुनवाई 11 जुलाई को

नई दिल्ली नीट पेपर लीक विवाद इन दिनों देश में बड़ा मुद्दा बना हुआ है. आज सुप्रीम कोर्ट में नीट पेपर लीक, री-एग्जाम और परीक्षा से जुड़ी अन्य अनियमितताओं पर सुनवाई हुई है. इस पीठ का नेतृत्व भारत के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ और दो अन्य न्यायाधीश जेबी पारदीवाला और मनोज मिश्रा कर रहे थे. सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ ने सुनवाई के दौरान नीट परीक्षा और पेपर लीक के कई तथ्यों पर बात की है और कहा है कि याचिकाकर्ता की ओर से पेश सभी वकील इस बात पर अपनी दलीलें पेश करेंगे कि दोबारा परीक्षा क्यों होनी चाहिए और केंद्र तारीखों की पूरी सूची भी देगा. सीजेआई के अनुसार, अगली सुनवाई 11 जुलाई को होनी है. सुनवाई में सीजेआई ने क्या-क्या कहा? याचिकाकर्ताओं के वकील ने बहस शुरू करते हुए कहा 9 फरवरी को सभी कैंडिडेट्स ने नीट के लिए आवेदन किए थे. इसके बाद परीक्षा हुई और 4 जून को परिणाम सामने आए. वकील ने बताया कि 5 मई को परीक्षा आयोजित की गई थी और 4 मई को टेलिग्राम पर पेपर के प्रश्न और उत्तर वायरल हो रहे थे. इसपर सीजीआई ने सबसे पहले पूछा कि यह बताइए कि एनटीए ने एग्जाम की घोषणा कब की थी. बैंक से लीक हुए पेपर पर CJI ने पूछा आधार जब वकील ने बताया कि बैंक से पेपर आने में देरी हुई और इस दौरान लीक की घटना हुई है तो इसपर सीजेआई ने कहा कि ‘क्या इस बात को माना जाए कि पेपर लीक हुआ है?’ आपके मुताबिक परीक्षा की पूरी विश्वसनीयता खत्म हो गई है और दागी व बेदाग लोगों में अंतर करना संभव नहीं है. साथ ही पूछा कि इसका तथ्यात्मक आधार क्या है? पेपर लीक को लेकर क्या बोले CJI? सीजेआई ने कहा कि यदि परीक्षा की पवित्रता खत्म हो जाती है, तो दोबारा परीक्षा का आदेश देना होगा. यदि दागी और बेदाग को अलग करना संभव नहीं है, तो दोबारा परीक्षा का आदेश देना होगा. यदि लीक इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से हुआ है, तो यह जंगल में आग की तरह फैल सकता है और बड़े पैमाने पर लीक हो सकता है. सुप्रीम कोर्ट ने पूरी प्रक्रिया में “रेड फ्लैग” की जांच के लिए एक समिति गठित करने का सुझाव दिया है. सीजेआई ने आगे कहा कि यह प्रतिकूल मुकदमा नहीं है, क्योंकि हम जो भी निर्णय लेंगे, वह छात्रों के जीवन को प्रभावित करेगा. 67 उम्मीदवारों ने 720/720 अंक प्राप्त किए थे, अनुपात बहुत कम था. दूसरा, केंद्रों में बदलाव, यदि कोई अहमदाबाद में पंजीकरण करता है और अचानक चला जाता है. हमें अनाज को भूसे से अलग करना होगा ताकि पुन: परीक्षण किया जा सके. हम NEET के पैटर्न को भी समझना चाहते हैं. गलत करने वालों का पता लगाया जाए सीजेआई ने आगे कहा कि सवाल यह है कि इसकी पहुंच कितनी व्यापक है? यह एक स्वीकार्य तथ्य है कि लीक हुआ है. हम केवल यह पूछ रहे हैं कि लीक से क्या फर्क हुआ है? हम 23 लाख छात्रों के जीवन से निपट रहे हैं. यह 23 लाख छात्रों की चिंता है जिन्होंने परीक्षा की तैयारी की है, कई ने पेपर देने के लिए काफी ट्रैवल भी किया है. इसमें खर्चा भी हुआ है. इसके बाद सीजेआई ने वकीलों ने पूछा लीक के कारण कितने छात्रों के परिणाम रोके गए हैं? छात्र कहां हैं? 23 जून को 1563 छात्रों की दोबारा परीक्षा हो चुकी है. क्या हम अभी भी गलत काम करने वालों की तलाश कर रहे हैं. क्या हम छात्रों का पता लगा पा रहे हैं? इसमें बहुत से छात्र शामिल हैं. परीक्षा रद्द करना अंतिम उपाय तब ही होगा जब जांच में सामने आएगा कि लीक कैसे और कहां से हुआ है. सीजेआई ने सरकार से किया सवाल CJI ने पूछा कि हमारी साइबर फोरेंसिक टीम के पास किस तरह की टेक्नोलॉजी है. क्या हम सभी संदिग्ध का एक डेटा तैयार नहीं कर सकते. इस परीक्षा में जो हुआ और हम जो कदम उठा रहे हैं उससे आगे पेपर लीक नहीं होना चाहिए. क्या इस मामले में किसी एक्सपर्ट को शामिल कर सकते है? इस मामले में सेल्फ डिनायल सही नहीं होगा. CJI ने पूछा कि हमें ये बात भी देखनी है कि भविष्य में इस तरह की बात न हो. उसको लेकर क्या किया जा सकता है. हम इस प्रतिष्ठित परीक्षा की बात कर रहे हैं. मिडिल क्लास परिवार के अभिभावक बच्चे मेडिकल में जाने के लिए लालायित रहते हैं. CJI ने कहा कि हम सरकार से ये जानना चाहते हैं कि सरकार ने इस मामले में क्या किया है? 100 फीसदी अंक 67 छात्रों को मिले हैं. हमें इस बात को समझना होगा कि मार्क देने का तरीका क्या है. 11 जुलाई को होगी अगली सुनवाई क्या हम इस डेटा को साइबर फोरेंसिक विभाग में डेटा एनालिटिक्स यूनिट में डालकर पता लगा सकते हैं, क्योंकि हमें यह पहचानना है कि क्या पूरी परीक्षा प्रभावित हुई है, क्या गलती करने वालों की पहचान करना संभव है, ऐसी स्थिति में केवल उन्हीं छात्रों के लिए दोबारा परीक्षा का आदेश दिया जा सकता है. आखिर में सीजेआई ने कहा कि याचिकाकर्ता की ओर से पेश सभी वकील इस बात पर अपनी दलीलें पेश करेंगे कि दोबारा परीक्षा क्यों होनी चाहिए और केंद्र तारीखों की पूरी सूची भी देगा और हम इस मामले को बुधवार को सुन सकते हैं. सीबीआई भी स्टेटस रिपोर्ट दाखिल कर सकती है.

शहीद प्रदीप नैन को अंतिम विदाई देने आर्मी के अफसर, जवान, स्थानीय प्रशासन, नेता और हजारों लोग पहुंचे, शहीद प्रदीप अमर रहे के नारे गूंजते रहे

जींद, कुलगाम आतंकी हमले में शहीद हुए हरियाणा के जींद जिले के जाजनवाला गांव के प्रदीप नैन के अंतिम दर्शन के लिए उनके गांव बड़ी संख्या में लोग और आर्मी के जवान पहुंचे. आतंकियों से लोहा लेते हुए प्रदीप नैन शहीद हो गए थे. सोमवार को शहीद को अंतिम विदाई दी गई. इस मौके पर वहां मौजूद हर एक की आंखों में आंसू थे. शहीद प्रदीम नैन को श्रद्धांजलि देने और बड़ी संख्या में  आर्मी के अधिकारी, पूर्व अधिकारी., जवान और पुलिस के जवान पहुंचे हुए थे. साथ ही आसपास के इलाके के लोग भी शहीद को अंतिम यात्रा में शामिल हुए. मौके पर आर्मी वेटरन एसोसिएशन के जोनल जोनल प्रेसिडेंट राजबीर सिंह ने बताया शहादत से पहले 5 आतंकवादियों को मार गिराया था. राजबीर सिंह ने कहा कि पैरा कमांडो लांस नायक प्रदीप नैन जम्मू कश्मीर के कुलगाम में जवानों की टुकड़ी को लीड कर रहे थे. गोली लगने से प्रदीप की शहादत हुई. प्रदीप को श्रद्धांजलि देने के लिए आसपास के गांव के लोग और सभी ग्रामीण पहुंचे हुए थे. इस दौरान मौके पर स्थानीय प्रशासन भी मौजूद थी. राज्यसभा सांसद सुभाष बराला, कैबिनेट मंत्री कमल गुप्ता और स्थानीय विधायक रामनिवास सूरज खेड़ा भी अंतिम विदाई में शामिल हुए. इस दौरान प्रदीप अमर रहे के नारों से उनका गांव गूंजता रहा. पूरे जाजनवाला गांव में दो दिन से किसी घर में चूल्हा भी नहीं चढ़ा है.आस पास के गांवों के हजारों लोग अंतिम यात्रा में शामिल हुए. शहीद की पत्नी के जज्बे को सलाम जब शहीद लांस नायक प्रदीप नैन की अंतिम यात्रा निकली तो प्रदीप की गर्भवती पत्नी मनीषा नैन अंतिम यात्रा के पीछे पीछे गर्भ में पल रहे अपने बच्चे को संभलाते हुए साथ-साथ चल रही थी. घर से एक किलोमीटर दूर स्थित शमशान तक  पत्नी मनीषा नैन पैदल ही पहुंची. मनीषा का कहना था कि मैं इसलिए नहीं रो रही हूं कि कहीं शहीद की आत्मा को ठेस न पहुंचे.

राष्ट्रपति पुतिन के साथ भारत-रूस संबंधों की समीक्षा के लिए उत्सुक हूं: प्रधानमंत्री मोदी

नई दिल्ली  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को कहा कि वह रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ द्विपक्षीय सहयोग के सभी पहलुओं की समीक्षा करने और विभिन्न क्षेत्रीय तथा वैश्विक मुद्दों पर दृष्टिकोण साझा करने के साथ ही एक शांतिपूर्ण एवं स्थिर क्षेत्र के लिए सहायक भूमिका निभाने को उत्सुक हैं। रूस और ऑस्ट्रिया के दो दिवसीय दौरे पर रवाना होने से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने एक बयान में यह बात कही। मोदी और पुतिन मंगलवार को 22वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन में मिलेंगे। इस दौरान वे विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों को और विस्तार देने के तरीके तलाशने पर विमर्श करेंगे। रूस में अपनी यात्रा पूरी करने के बाद मोदी ऑस्ट्रिया के लिए रवाना होंगे। यह, विगत 40 साल में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की वहां की पहली यात्रा होगी। मोदी ने बयान में कहा, ”भारत और रूस के बीच विशेष एवं विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी पिछले 10 वर्षों में और बढ़ी है, जिसमें ऊर्जा, सुरक्षा, व्यापार, निवेश, स्वास्थ्य, शिक्षा, संस्कृति, पर्यटन और लोगों से लोगों का संपर्क आदि क्षेत्र शामिल हैं।’’ उन्होंने कहा, ”मैं, मेरे मित्र राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ द्विपक्षीय सहयोग के सभी पहलुओं की समीक्षा करने और विभिन्न क्षेत्रीय एवं वैश्विक मामलों पर दृष्टिकोण साझा करने को लेकर आशान्वित हूं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हम शांतिपूर्ण एवं स्थिर क्षेत्र के लिए सहायक भूमिका निभाना चाहते हैं। यह यात्रा मुझे रूस में जीवंत भारतीय समुदाय से मिलने का अवसर भी प्रदान करेगी।’’ प्रधानमंत्री ने ऑस्ट्रिया को भारत का ‘दृढ़ और विश्वसनीय साझेदार’ बताया और कहा कि इस दौरे पर उन्हें राष्ट्रपति एलेक्जेंडर वान डेर बेलन और चांसलर कार्ल नेहमर से मिलने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा, ‘‘ऑस्ट्रिया हमारा दृढ़ और विश्वसनीय भागीदार है और हम लोकतंत्र और बहुलवाद के आदर्शों को साझा करते हैं।’’ उन्होंने कहा, ”पिछले 40 वर्षों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की यह पहली यात्रा है। मैं नवाचार, प्रौद्योगिकी और सतत विकास के नए और उभरते क्षेत्रों में हमारी साझेदारी को और अधिक ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए अपनी चर्चाओं को लेकर आशान्वित हूं।’’ मोदी ने कहा कि वह दोनों पक्षों की कारोबारी हस्तियों के साथ विचारों के आदान-प्रदान को लेकर आशान्वित हैं ताकि परस्पर लाभकारी व्यापार एवं निवेश अवसरों की संभावना तलाशी जा सके। उन्होंने कहा, ”मैं ऑस्ट्रिया में भारतीय समुदाय से भी बातचीत करुंगा, जो अपने पेशेवर रूख और आचरण के लिए जाने जाते हैं।’’  

Gurdaspur के Village में पुरानी रंजिश को लेकर दो गुटों में हुई Firing, 4 की मौके पर ही मौत

गुरदासपुर पंजाब के गुरदासपुर जिले में पुरानी रंजिश के चलते दो पक्षों ने एक-दूसरे पर फायरिंग कर दी, जिसमें चार लोगों की मौत हो गई है. पुलिस ने बताया कि फायरिंग में दोनों पक्षों के दो-दो लोगों की मौत हुई है. घटना के समय दोनों पक्षों के कुल 13 लोग मौके पर मौजूद थे. पुलिस ने बताया कि यह घटना रविवार की रात बटाला के विथवान गांव में हुई. फायरिंग की इस घटना में आठ लोग घायल भी हुए हैं, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है. इस घटना को लेकर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है और आगे की जांच की जा रही है.   सिरसा ने साधा भगवंत मान पर निशाना वहीं इस घटना को लेकर पंजाब में राजनीति भी शुरू हो गई है. बीजेपी नेता मनजिंदर सिंह सिरसा ने इस घटना को लेकर पंजाब की भगवंत मान सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि यह क्रूर घटना कानून और व्यवस्था बनाए रखने में AAP सरकार की एक और विफलता को उजागर करती है. सिरसा ने ‘X’ पर लिखा, “बटाला के विथवान गांव में प्रतिद्वंद्वी समूहों के बीच चल रहे झगड़े के कारण चार लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी गई. यह क्रूर घटना कानून और व्यवस्था बनाए रखने में AAP सरकार की एक और विफलता को उजागर करती है. आम आदमी पार्टी के सत्ता में आने के बाद से पंजाब किसी की जमीन नहीं रह गया है. उन्होंने सीएम भगवंत मान से पूछा कि आखिरकार कार्रवाई किए जाने से पहले और कितनी जानें जाएंगी?”  

पंचकूला में बड़ा हादसा, तेज रफ्तार के कारण पलटी स्कूल बस- 40 से ज्यादा बच्चे घायल

पंचकूला हरियाणा के पंचकूला में बस के पलटने से बड़ा हादसा हुआ है। अब तक मिली जानकारी के अनुसार हरियाणा रोडवेज की तेज रफ्तार बस रोड पर पलट गई, जिसमें करीब 40 बच्चे सवार थे। इनमें से ज्यादातर बच्चों को चोटें आई हैं। यह हादसा पंचकूला के पिंजोर के पास स्थित नौलटा गांव में हुआ है। मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच के बाद बताया है कि यह हादसा हरियाणा रोडवेज की बस के साथ हुआ है। यह बस ओवरलोड थी और रफ्तार भी अधिक थी। इसके अलावा रोड की भी हालत खराब थी, जिससे ड्राइवर ने कंट्रोल खो दिया और बस पलट गई। घायलों को पिंजोर हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया है। इसके अलावा एक महिला को इलाज के लिए पीजीआई चंडीगढ़ भेजा गया है। अब तक यह जानकारी नहीं मिल पाई है कि कितने बच्चे इस घटना में घायल हुए हैं, लेकिन करीब 40 की बात कही जा रही है। कुछ घायलों को पिंजोर अस्पताल में और कुछ लोगों को पंचकूला के सेक्टर 6 स्थित हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया है। सोशल मीडिया पर जो वीडियो वायरल हो रहे हैं, उनमें दिखता है कि स्कूली बच्चों का अस्पताल में इलाज चल रहा है। पुलिस का कहना है कि इस मामले में ड्राइवर की गलती है, जो बहुत तेज स्पीड से चला रहा था। इसके अलावा बस में सवारियों की संख्या भी अधिक थी। हादसे में एक महिला गंभीर रूप से घायल है, जिसे चंडीगढ़ पीजीआई में एडमिट कराया गया है। पंचकूला की कालका विधानसभा से विधायक प्रदीप चौधरी ने कहा कि इस मामले की जांच शुरू हो गई है। अस्पताल पहुंचे उपायुक्त और विधायक हादसा की सूचना मिलते ही पंचकूला के उपायुक्त डॉक्टर यश गर्ग और डीसीपी हिमाद्री कौशिक सेक्टर 6 अस्पताल में पहुंचे। यहां उन्होंने घायलों का हाल जाना। कालका विधानसभा से पूर्व विधायक लतिका शर्मा और अंबाला लोकसभा से भाजपा की प्रत्याशी रही बंदों कटारिया भी अस्पताल पहुंची है। दोनों घाय़लों से मुलाकात कर रही हैं। सीएमओ ने दी ये जानकारी पंचकूला सीएमओ डॉ मुक्ता कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि पंचकूला के सेक्टर 6 से नागरिक अस्पताल में 22 घायल बच्चों को लाया गया है। वहीं एक महिला जो की बस से बाहर थी जिसके ऊपर बस पलटी है उसे चंडीगढ़ पीजीआई रेफर किया गया है।आपको बता दें कि घायलों की यह संख्या केवल पंचकूला सेक्टर 6 नागरिक अस्पताल की है। कई घायल बच्चों को पिंजौर के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भी ले जाया गया है जिसकी औपचारिक और पुष्टि होनी अभी बाकी है।  

यहां मुझे एक गहन आंतरिक शांति मिली, जो मैंने कल महाप्रभु श्री जगन्नाथजी के दर्शन करते वक्त महसूस की थी – राष्ट्रपति मुर्मू

पुरी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू (Draupadi Murmu) इन दिनों ओडिशा के दौरे पर हैं. उन्होंने कड़ी सुरक्षा के बीच आज सुबह पुरी बीच सैर पर निकलीं. राष्ट्रपति की गतिविधियों की वजह से सुबह की सैर करने वाले लोगों को आज कुछ घंटों के लिए बाहर निकलना पड़ा. राष्ट्रपति के ऑफिसियल सोशल मीडिया हैंडल से किए गए पोस्ट में कहा गया कि ऐसी जगहें हैं, जो हमें जीवन के सार के करीब लाती हैं और हमें याद दिलाती हैं कि हम प्रकृति का हिस्सा हैं. पहाड़, जंगल, नदियां और समुद्र तट हमारे अंदर की किसी चीज को आकर्षित करते हैं. पोस्ट में आगे लिखा गया कि आज जब मैं समुद्र तट पर टहल रही थी, तो मुझे आस-पास के वातावरण के साथ एक जुड़ाव महसूस हुआ. हल्की हवा, लहरों की गर्जना और पानी का विशाल फैलाव, यह एक ध्यानपूर्ण एक्सपीरिएंस था. “ऐसा अनुभव करने वाली सिर्फ मैं नहीं…” सोशल मीडिया पर किए गए इस पोस्ट में राष्ट्रपति ने कहा, “यहां मुझे एक गहन आंतरिक शांति मिली, जो मैंने कल महाप्रभु श्री जगन्नाथजी के दर्शन करते वक्त महसूस की थी. ऐसा अनुभव करने वाली मैं अकेली नहीं हूं. हम सभी को ऐसा महसूस हो सकता है, जब हम किसी ऐसी चीज से मिलते हैं, जो हमसे कहीं ज्यादा बड़ी है, जो हमें सहारा देती है और जो हमारे जीवन को सार्थक बनाती है.” “दुनिया भर में बड़ी मौसम की घटनाएं…” राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि रोजमर्रा की भागदौड़ में हम प्रकृति से अपना नाता खो देते हैं. मानव जाति मानती है कि उसने प्रकृति पर कब्जा कर लिया है और अपने कुछ वक्त के फायदे के लिए उसका शोषण कर रही है. इसका नतीजा सबके सामने है. इस गर्मी में भारत के कई हिस्सों में भीषण गर्मी की लहरें चलीं. हाल के वर्षों में दुनिया भर में बड़ी मौसम की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं. आने वाले दशकों में स्थिति और भी बदतर होने का अनुमान है.  

मुंबई में छह घंटे में 300 मिमी बारिश हुई, कई ट्रेनें भी बंद, मौसम विभाग ने जारी किया येलो अलर्ट

मुंबई  महाराष्ट्र के मुंबई में बीती रात से हो रही भारी बारिश के कारण शहर के कई इलाकों में जलभराव हो गया। लगातार हो रही बारिश से लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। रविवार को कल्याण-कसारा सेक्शन में खडावली और टिटवाला के बीच लंबा ट्रैफिक जाम लग गया और लोकल ट्रेन सेवाएं भी बाधित हुईं हैं। बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) ने कहा कि मुंबई में आज सुबह 1 बजे से 7 बजे तक यानि कुल छह घंटे में विभिन्न स्थानों पर 300 मिमी से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। कुछ निचले इलाकों में भारी बारिश के कारण जलभराव हो गया और ट्रेन सेवाएं बाधित हुईं। सड़कों पर पानी भर जाने के कारण यातायात बाधित हुआ है। मध्य रेलवे ने बताया कि भारी बारिश के कारण जलभराव हो गया है, जिससे मुंबई उपनगरीय और हार्बर लाइनों पर रेल यातायात में देरी हो रही है। प्रभावित स्टेशनों में छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस, कुर्ला-विक्रोली और भांडुप शामिल हैं। छात्रों को असुविधा से बचाने के लिए मुंबई के सभी बीएमसी, सरकारी और निजी स्कूलों और कॉलेजों में पहले सत्र के लिए अवकाश घोषित किया गया है। स्थिति की समीक्षा के बाद अगले सत्र के लिए फैसले की घोषणा की जाएगी। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, 8 जुलाई (सोमवार) को पूरे दिन मुंबई में मध्यम से भारी बारिश जारी रहेगी। रात में आंधी आने की उम्मीद है। मौसम विभाग ने मुंबई में बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। जिसके अनुसार आंधी तूफान के साथ भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। ऐसे में मुंबई वासियों से भी अपील की गई है कि बगैर काम घर से बाहर नहीं निकलें। ताकि आपको बारिश के कारण किसी प्रकार की समस्या का सामना नहीं करना पड़े। कई लोकल ट्रेनें कैंसिल मुंबई में हो रही जोरदार बारिश के कारण जनजीवन पूरी तरह से प्रभावित हो चुका है। लोग एक स्टेशन से दूसरे स्टेशन जाने के लिए घंटों ट्रेनों का इंतजार कर रहे हैं। रेलवे ट्रैक पर पानी भर जाने के कारण मुंबई के सेंट्रल, वेस्टर्न और हार्बर तीनों लाईनों पर कई ट्रेनें रोक दी गई हैं। ऐसे में कुछ लोग सड़क मार्ग से आवाजाही कर रहे हैं। लेकिन इसके बावजूद भी रास्ते में जल भराव के कारण फंसे हुए हैं। जानियें कहां कहां कैंसिल हो गई ट्रेनें     मुंबई के भांडुप रेलवे स्टेशन पर ट्रैक पर पानी भर जाने के कारण सेंट्रल लाइन की कई ट्रेनें बंद कर दी गई है।     कर्जत, खोपोली और कसारा से लोकल ट्रेनें सिर्फ ठाणे तक चल रही है। इसके आगे ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है।     हार्बर रूट पर कुर्ला, मानखुर्द स्टेशन पर भारी जल जमाव होने के कारण कई ट्रेनें बंद की गई हैं।     इसी प्रकार वडाला में भी ट्रैक पर पानी भर जाने के कारण गोरेगांव सीएसएमटी ट्रेनों को बंद किया गया है।     भारी बारिश के चलते कई सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में छुट्टी कर दी गई हैं।     ट्रेनों की आवाजाही बंद होने के कारण सुबह से काम पर पहुंचने वाले लोग आफिस नहीं पहुंच पाए हैं। कई फैक्ट्रियां, दुकान और कार्यालय बंद हैं।     सड़कों पर भी पानी भर जाने के कारण गाड़ियों से आवाजाही करना भी लोगों को काफी मुश्किल हो रहा है।    

एक दिन की रुकावट के बाद अमरनाथ यात्रा बहाल, 22,600 श्रद्धालुओं ने किए बाबा बर्फानी के दर्शन, अब तक 1.82 लाख से ज्यादा

 जम्मू  कश्मीर में पिछले नौ दिनों में 1.82 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने अमरनाथ की पवित्र गुफा के दर्शन किए हैं। सोमवार को 5,803 श्रद्धालुओं का एक और जत्था कश्मीर के लिए रवाना हुआ। श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड (एसएएसबी) के अधिकारियों ने बताया, “आज 5,803 यात्रियों का एक और जत्था जम्मू के भगवती नगर यात्री निवास से दो सुरक्षा काफिलों में घाटी के लिए रवाना हुआ। 88 वाहनों का पहला सुरक्षा काफिला 1862 यात्रियों को लेकर सुबह 3.10 बजे उत्तरी कश्मीर के बालटाल बेस कैंप के लिए रवाना हुआ, जबकि 3941 यात्रियों का दूसरा जत्था 130 वाहनों के दूसरे काफिले में सुबह 4 बजे दक्षिण कश्मीर के नुनवान (पहलगाम) बेस कैंप के लिए रवाना हुआ।” मौसम विभाग ने दोनों यात्रा मार्गों पर आंशिक रूप से बादल छाए रहने और दिन में रुक-रुक कर हल्की बारिश की संभावना जताई है। श्रद्धालु या तो 48 किलोमीटर लंबे पारंपरिक पहलगाम गुफा मंदिर मार्ग से यात्रा करते हैं या फिर 14 किलोमीटर लंबे बालटाल मार्ग से यात्रा करते हैं। पहलगाम मार्ग का उपयोग करने वालों को गुफा मंदिर तक पहुंचने में चार दिन लगते हैं, जबकि बालटाल मार्ग का उपयोग करने वाले लोग गुफा मंदिर के अंदर ‘दर्शन’ करने के बाद उसी दिन आधार शिविर लौट आते हैं। दोनों मार्गों पर और पारगमन शिविरों ताथ गुफा मंदिर में 124 से अधिक लंगर (सामुदायिक रसोई) बनाये गए हैं। इस साल की यात्रा के दौरान 7 हजार से ज्यादा सेवादार यात्रियों की सेवा कर रहे हैं। दोनों मार्गों पर यात्रियों के लिए हेलीकॉप्टर सेवाएं भी उपलब्ध हैं।

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