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पाकिस्तान में पिता ने 15 दिन की मासूम बेटी को जिंदा दफनाया, जाने क्या है कारण

इस्लामाबाद  पाकिस्तान के थारूशाह से एक बेहद दर्दनाक और हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक पिता ने अपनी 15 दिन की बेटी को जिंदा ही दफना दिया। पाकिस्तानी मीडिया के मुताबिक आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया गया है। जानकारी के मुताबिक 15 दिन की मासूम जन्म से बीमार थी। पिता इलाज करवाने में सक्षम नहीं था और इसलिए उसने इस तरह का कदम उठा लिया। पाकिस्तानी पुलिस के मुताबिक आरोपी का नाम तैयब है और उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। उसने बताया कि आर्थिक तंगी की वजह से वह बेटी का इलाज नहीं करवा पा रहा था। तैयब ने खुद बताया कि उसने नवजात को बोरी में रखा था और फिर दफना दिया। प्रशासन का कहना है कि मासूम की कब्र को खोदा जाएगा और उसके शव को बाहर निकालकर जांच की जाएगी। वहीं एक दूसरी घठना में लाहौर में एक दंपती को गिरफ्तार किया गया है। उनपर आरोप है कि वे 13 साल की नाबालिग नौकरानी के साथ अत्याचार करते थे। वे लड़की के कपड़े उतरावकर उसे पीटते थे। पीड़िता की मां की शिकायत के बाद केस दर्ज किया गया है। आरोपी का नाम हासम है और उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। वहीं आरोपी की पत्नी फरार है। एफआईआर में बताया गया है कि अकसर 13 साल की तहरीम की पिटाई की जाती थी। वहीं चोरी का आरोप लगने के बाद उसके कपड़े उतरावए गए और पिटाई की गई। पीड़िता की मां ने बताया कि पिटाई की वजह से उसके एक हाथ फ्रैक्चर हो गया है। वहीं नाक पर भी गंभीर चोट आई है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपी की पत्नी को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।  

गाजा के स्कूल पर इजराइल का हवाई हमला, 16 की मौत, 60 से अधिक घायल, कई बच्चे मलबे में दबे

 गाजा इजराइली सेना ने गाज़ा के एक स्कूल पर हवाई हमला किया। इस हमले में 16 लोगों की मौत हो गई और 75 से अधिक लोग घायल हो गए। अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, यह स्कूल संयुक्त राष्ट्र (UN) का था, जिसमें शरणार्थियों को रखा गया था। स्थानीय लोगों के अनुसार, इज़राइली सेना ने पहले स्कूल को चारों ओर से घेर लिया और फिर हमला किया। इमारत के मलबे में कई स्कूली बच्चे दबे इस हमले से स्कूल की इमारत ढह गई, जिसमें वहां रह रहे बच्चे दब गए। स्थानीय लोग बचाव कार्य में जुटे हुए हैं और अब तक दो बच्चों को बचाया जा चुका है। एक लड़की के हाथ में गंभीर चोट आई है, जबकि दूसरे बच्चे के चेहरे और सिर पर कई चोटें हैं। संयुक्त राष्ट्र की बचाव टीम के अनुसार, पिछले महीने भी इज़राइली सेना ने एक स्कूल को निशाना बनाया था। पहले इस स्कूल को एक सुरक्षित क्षेत्र घोषित किया गया था, लेकिन अब इसे आतंकवादियों का ठिकाना बताया गया है। मरने वालों में ज्यादातर बच्चे और महिलाएं फिलिस्तीनी स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, मरने वालों में ज्यादातर बच्चे और महिलाएं हैं। 50 घायल लोगों का इलाज चल रहा है। हमले से बचने के लिए सैकड़ों शरणार्थी स्कूल के आसपास के क्षेत्र से पलायन कर चुके हैं। पिछले महीने के हमले में भी 40 से अधिक लोग मारे गए थे और दर्जनों घायल हुए थे। इजराइल और हमास के बीच पिछले 9 महीनों से युद्ध जारी है, जिसमें अब तक 38 हजार फिलिस्तीनियों की मौत हो चुकी है, जिनमें 14,500 बच्चे शामिल हैं। नौ महीने से जारी युद्ध में 38 हजार फिलिस्तीनियों की मौत  इजराइल हमास जंग की वह से गाजा की लगभग 80% जनता बेघर हो चुकी है। यह युद्ध अब गाजा के राफा शहर तक पहुंच चुका है।  इजराइल का कहना है कि उसने अब तक हमास की 24 बटालियनों को नष्ट कर दिया है, लेकिन अभी भी 4 बटालियन राफा में छिपी हुई हैं। इजराइली सेना ने मंगलवार को राफा इलाके में  टैंकों के साथ प्रवेश किया और इजिप्ट के साथ लगी गाजा की सीमा पर कब्जा कर लिया है।

पुणे में हिट एंड रन का एक और मामला, गश्त पर निकले कांस्टेबल को कार चालक ने कुचला, मौत

पुणे महाराष्ट्र में हिट एंड रन के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं. ताजा मामला पुणे से सामने आया है. पुणे पुलिस बल के एक कांस्टेबल की आधी रात को हिट एंड रन मामले में मौत हो गई जबकि एक अन्य गंभीर रूप से घायल हुआ है. यह दुर्घटना ओल्ड पुणे-मुंबई राजमार्ग पर हैरिस ब्रिज के नीचे रात 2 बजे हुई. खड़की पुलिस स्टेशन में बीट मार्शल के रूप में कार्यरत दो पुलिस कांस्टेबल रात की गश्त के लिए अपने दोपहिया वाहन पर सवार थे, तभी उन्हें तेज रफ्तार फोर व्हीलर वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी. इस दौरान कांस्टेबल समाधान कोली की मौत हो गई.  दुर्घटना के बाद चालक वाहन लेकर फरार हो गया. गश्त पर थे कांस्टेबल खबर के मुताबिक, रात में बीट मार्शल गश्त पर थे.  इसी दौरान पीछे से एक चार पहिया वाहन ने दोनों को टक्कर मार दी. इसमें पुलिसकर्मी समाधान कोली की मौत हो गई. पुलिस कांस्टेबल शिंदे को अस्पताल में भर्ती कराया गया है. हादसे के बाद आरोपी चालक फरार हो गया. पुलिस ने सीसीटीवी के आधार पर कार की तलाश शुरू कर दी है. पहले भी सामने आया था ऐसा ही केस आपको बता दें कि कुछ दिन पुणे में एक नाबालिग ने अपनी पोर्श कार से बाइक सवार लड़के और लड़की को टक्कर मार दी थी, जिसमें दोनों की मौत हो गई थी. लड़का और लड़की पुणे की एक आईटी कंपनी में जॉब करते थे. गत 29 जून की सुबह अंधेरी ईस्ट फ्लाईओवर पर भी एक दुर्घटना हुई थी. बीएमएस सेकेंड ईयर में पढ़ने वाले विवेक यादव और अमन यादव अंधेरी स्थित फ्लाईओवर से गुजर रहे थे, इस दौरान गुंडवली मेट्रो स्टेशन के पास एक तेज रफ्तार पिकअप ने दोनों छात्रों को टक्कर मार दी थी. टक्कर लगने से विवेक फ्लाईओवर से नीचे गिर गया और उसकी मौत हो गई और अमन गंभीर रूप से घायल हो गया. पुलिस ने आरोपी पिकअप ड्राइवर को परेल से गिरफ्तार कर लिया था.  

बाइडेन का गुस्सा फूटा, अब दोस्त ही उठा रहे सवाल, भगवान नीचे आकर कहे तो जिद छोड़ दूंगा

वाशिंगटन अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव को लेकर जैसे-जैसे समय नजदीक आ रहा है, राजनीतिक बयानबाजी चरम पर पहुंचने लगे हैं। एक तरफ रिपब्लिक उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप सातवें आसमान पर हैं और अपनी जीत के दावे कर रहे हैं। उनके समर्थक भी हालिया डिबेट में ट्रंप के जो बाइडेन पर भारी पड़ने के बाद उनकी जीत के सपने देख रहे हैं। दूसरी तरफ बाइडेन को लेकर डेमोक्रेटिंग पार्टी में ही दो फाड़ हो गए हैं। पार्टी के कई नेता मांग कर रहे हैं कि बाइडेन को राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी से अपना नाम वापस ले लेना चाहिए। बाइडेन की बढ़ती उम्र और डिबेट में सो जाने की घटना वाले वीडियो ने उनकी मुश्किल बढ़ा दी है। इसके उलट बाइडेन खुद को पूरी तरह फिट बता रहे हैं। उनका कहना है कि अब केवल सर्वशक्तिमान भगवान ही नीचे आकर कहे तो चुनाव न लड़ने की जिद छोड़ सकता हूं। रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति जो बिडेन ने बयान दिया है कि उनका लक्ष्य अपने रिपब्लिकन प्रतिद्वंद्वी और पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को हराना है। उन्होंने कहा कि केवल “सर्वशक्तिमान भगवान” ही उन्हें राष्ट्रपति की दौड़ से हटने के लिए मना सकते हैं। उनकी यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब डेमोक्रेटिंग पार्टी के एक वर्ग ने 27 जून की राष्ट्रपति पद की बहस में खराब प्रदर्शन के बाद 81 वर्षीय बाइडेन से खुद को दौड़ से बाहर करने की मांग की थी, डिबेट के दौरान बाइडेन पर आरोप लगे थे कि वे डिबेट के बीच ही सो गए थे। बाइडेन अमेरिकी इतिहास में उम्रदराज़ अमेरिकी राष्ट्रपति हैं। साथ ही वो लगातार अपने मानसिक स्वास्थ्य और उम्र संबंधी परेशानियों को लेकर सवालों के घेरे में रहते हैं। उनकी पार्टी के नेता भी सवाल उठाते रहे हैं कि बाइडेन अगले चार साल के कार्यकाल के लिए बिल्कुल भी उपयुक्त नहीं हैं। जबकि, बाइडेन का दावा है कि वह पूरी तरह से स्वस्थ हैं और उनका लक्ष्य ट्रंप को हराना है।  एक साक्षात्कार में, बाइडेन ने कहा, “देखो। मेरा मतलब है, अगर सर्वशक्तिमान भगवान नीचे आए और कहे कि जो बाइडेन दौड़ से बाहर हो जाओ, तो मैं दौड़ से बाहर हो जाऊंगा। उन्होंने आगे कहा, “सर्वशक्तिमान प्रभु नीचे नहीं आ रहे हैं।” उन्होंने राष्ट्रपति पद की बहस में अपने निराशाजनक प्रदर्शन की जिम्मेदारी लेते हुए कहा कि जो कुछ हुआ उसकी जिम्मेदारी मेरी है। उन्होंने कहा, “वो रात बहुत ख़राब रही। मुझे नहीं पता क्यों।”  

कोचुवेली से बेंगलुरु और कन्याकुमारी से श्रीनगर के बीच इन ट्रेनों को चलाने का प्लान, चल सकती है 2 वंदे भारत स्लीपर ट्रेनें

नई दिल्ली भारतीय रेलवे अपने यात्रियों के लिए जल्द ही एक और खुशखबरी देने वाली है। इस कदम से केरल के यात्रियों को काफी फायदा हो सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक, रेलवे बोर्ड राज्य को 2 वंदे भारत स्लीपर ट्रेनें आवंटित करने के प्रस्ताव पर विचार कर रहा है। कोचुवेली से बेंगलुरु और कन्याकुमारी से श्रीनगर के बीच इन ट्रेनों को चलाने का प्लान है। श्रीनगर वंदे भारत कोंकण रूट से होकर जाएगी। जम्मू-कश्मीर में श्रीनगर के पास बडगन स्टेशन तक इसे हफ्ते में 3 बार चलाई जा सकती है। यात्रियों की सुविधा को ध्यान रखते हुए नई ट्रेनें चलाने को लेकर काम जारी है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल दिसंबर में उधमपुर श्रीनगर बारामूला रेलवे ट्रैक चालू होने वाला है। इसके बाद कन्याकुमारी से श्रीनगर के बीच वंदे भारत स्लीपर ट्रेन सर्विस शुरू की जा सकती है। मालूम हो कि वंदे भारत स्लीपर कोच का निर्माण फिलहाल बेंगलुरु में भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (BEML) कारखाने में चल रहा है। बताया जा रहा है कि 10 रेक पर काम दिसंबर तक पूरा हो जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि राजधानी एक्सप्रेस ट्रेनों की तरह वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों के सभी डिब्बे एसी वाले होंगे। ऐसे में यात्री अपने सफर को काफी सुविधाजनक तरीके से पूरा कर सकते हैं। बारिश के चलते ट्रेनों की आवाजाही पर असर देश के कई हिस्सों में बीते कुछ दिनों से लगातार मध्यम से तेज बारिश हो रही है। इसके चलते ट्रेनों की आवाजाही पर असर पड़ा है। महाराष्ट्र के ठाणे जिले में कसारा और टिटवाला स्टेशन के बीच लोकल ट्रेन सर्विस भारी बारिश और पेड़ गिरने के कारण रविवार सुबह बाधित हो गई। अधिकारियों ने बताया कि सुबह करीब साढ़े 6 बजे भारी बारिश के कारण आटगांव और तानशेट स्टेशन के बीच पटरियों पर मिट्टी आ गई। वाशिंद स्टेशन के पास एक पेड़ गिरने से पटरियां अवरुद्ध हो गईं, जिससे कल्याण-कसारा मार्ग पर रेल यातायात अवरूद्ध हो गया। मध्य रेलवे के एक प्रवक्ता ने कहा कि कसारा और टिटवाला के बीच ट्रेन सेवाएं अस्थायी रूप से रोक दी गई हैं।  

नीट-यूजी परीक्षा से संबंधित याचिकाओं पर आज सुप्रीम कोर्ट में होगी सुनवाई

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट आज नीट-यूजी परीक्षा को रद्द करने समेत उससे जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई करेगा। सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट पर प्रकाशित कॉज लिस्ट के अनुसार, सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली बेंच सोमवार को मामले की सुनवाई करेगी। केंद्र ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में दायर हलफनामे में नीट-यूजी परीक्षा रद्द करने का विरोध किया था। साथ ही कहा था कि पूरी परीक्षा रद्द करने से उन लाखों ईमानदार स्टूडेंट को नुकसान होगा, जिन्होंने इस वर्ष 5 मई को आयोजित परीक्षा में हिस्सा लिया था। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की ओर से दायर हलफनामे में कहा गया, “अखिल भारतीय परीक्षा में किसी बड़ी गड़बड़ी के सबूत के अभाव में पूरी परीक्षा और पहले से घोषित परिणाम को रद्द करना तर्कसंगत नहीं होगा। बड़ी संख्या में छात्रों के हितों को भी खतरे में नहीं डाला जाना चाहिए, जिन्होंने बिना किसी कथित अनुचित साधन को अपनाए परीक्षा दी है।” हलफनामे में कहा गया है कि धोखाधड़ी और कदाचार समेत अनियमितताओं के कथित मामलों के संबंध में सीबीआई जांच कर रही है। सीबीआई ने विभिन्न राज्यों में दर्ज मामलों को अपने हाथ में ले लिया है। केंद्र ने कहा कि वह सभी प्रतियोगी परीक्षाओं को निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से आयोजित करने के लिए प्रतिबद्ध है। यदि कुछ आपराधिक तत्वों के इशारे पर प्रतियोगी परीक्षा की गोपनीयता भंग की गई है, तो उनके साथ सख्ती से निपटा जाना चाहिए। केंद्र सरकार ने कहा, “सरकार परीक्षाओं को निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से करने और छात्रों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। परीक्षा में पारदर्शिता, निष्पक्षता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए संसद ने 12 फरवरी 2024 को पब्लिक एग्जामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम 2024 पारित किया। यह अधिनियम 21 जून 2024 को लागू किया गया है। अधिनियम के तहत पब्लिक एग्जामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) नियम, 2024 को भी 23 जून को अधिसूचित किया गया है।” हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने एक कोचिंग संस्थान की ओर से नीट-यूजी परीक्षा के आयोजन में अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए रिट याचिका दायर करने पर आपत्ति जताई थी।

मंदिर की खोज पेरू के जाना इलाके में हुई है, जोकि पूरा रेतीला इलाका है, इस देश के पुरातत्वविदों ने की खोज

पेरू पेरू में पुरातत्वविदों ने जमीन के नीचे चार हजार साल पुराने मंदिर की खोज की है। यह मंदिर उत्तरी पेरू के इलाके में मौजूद था। खोजबीन के दौरान पुरातत्वविदों को मंदिर के पास इंसान के कंकाल भी मिले हैं, जिससे पता चलता है कि हो सकता हो कि मंदिर में उस समय बलि भी दी जाती रही होगी। मंदिर की खोज पेरू के जाना इलाके में हुई है, जोकि पूरा रेतीला इलाका है। पेरू के पॉन्टिफिशियल कैथोलिक यूनिवर्सिटी के पुरातत्वविद लुईस मुरो का कहना है कि यह मंदिर लगभग चार हजार साल पुराना प्रतीत होता है। हालांकि, रेडियोकार्बन डेटिंग की मदद से मंदिर की वास्तविक उम्र का पता चल जाएगा। यह खोज उस थ्योरी को भी सपोर्ट करता है, जिसमें अतीत में कहा जाता रहा है कि उत्तरी पेरू के इलाके में बड़ी संख्या में मंदिर मौजूद हुआ करते थे। खोज के दौरान वहां मिले मानव कंकाल धार्मिक अनुष्ठान से जुड़े हो सकते हैं। उन्होंने आगे कहा, ”पुरातत्वविदों की टीम को तीन अडल्ट्स के कंकाल मिले हैं, जोकि मल्टी-स्टोरी बिल्डिंग में नीचे थे। इसमें से एक कंकाल तो कपड़े में लपेटा हुआ था।” मंदिर की एक दीवार पर एक पौराणिक आकृति का एक उच्च-उभरा हुआ चित्र भी था, जिसमें एक मानव शरीर और एक पक्षी का सिर है। यह एक ऐसा डिजाइन था, जिसके बारे में मुरो ने कहा कि यह प्री-हिस्पैनिक चैविन संस्कृति से पहले का है, जो लगभग 900 ईसा पूर्व से मध्य पेरू के तट पर आधी सहस्राब्दी से अधिक समय तक बसा हुआ था। इसके अलावा, मुरो ने पास में एक और मंदिर के संभावित अवशेष मिलने की भी सूचना दी, जो लेट मोचे संस्कृति से संबंधित है जो 1,400 साल पहले पेरू के उत्तरी तट पर पनपी थी। विशेष रूप से उत्तरी पेरू का एक समृद्ध इतिहास है, जो हजारों साल पुराने समारोह परिसरों के खंडहरों में स्पष्ट है, जिसमें कैरल का पवित्र शहर भी शामिल है जो लगभग 5,000 साल पुराना है। वहीं, दक्षिणी पेरू के इका क्षेत्र में नाजका रेखाएं हैं, जो 1,500 साल से भी पहले रेगिस्तान में उकेरी गई रहस्यमयी भू-आकृति हैं।  

सूरत इमारत हादसे पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की

सूरत सूरत इमारत हादसे पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है और इनमें से एक को गिरफ्तार भी कर लिया गया है। इस हादसे में 7 लोगों की मौत हो गई थी जबकि 15 लोग घायल हो गए थे। पुलिस के मुताबिक एफआईआर में जिन लोगों के नाम दर्ज हैं उनमें इमारत के मालिक राज काकड़िया, जो इस समय संयुक्त राज्य अमेरिका में हैं, और उनकी मां रामिलाबेन काकड़िया का नाम शामिल है। इसके अलावा इमारत में रह रहे लोगों से किराया लेने वाले अश्विन वेकरिया को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इन तीनों के खिलाफ एफआईआर एक जुलाई से लागू नए आपराधिक कानून भारतीय न्याय सहिंता की  कई धाराओं के तहत दर्ज की गई है। एफआईआर के मुताबिक जर्जर हो चुकी 6 मंजिला इमारत में केवल 5 फ्लैटों में लोग रह रहे थे। बाकी फ्लैटों में रह रहे लोग रिस्क के चलते यहां से जा चुके थे। अप्रैल  में  सूरत नगर निगम ने इमारत को देखते हुए इसे खाली करने के लिए कहा था। इसके अलावा इसमें रह रहे लोगों ने भी वेकरिया से इसे ठीक कराने के लिए कहा था लेकिन उसने कहा कि मालिक अगले साल तक ठीक कराएंगे। इमारत का निर्माण साल 2016-17 में हुआ था।  एफआईआर में पीड़ितों की पहचान हीरामन केवट (40), अभिषेक (35), ब्रिजेश गोड़ (50), शिवपूजन केवट (26), अनमोल हरिजन (17), परवेश केवट (21) और लालजी केवट (40) के रूप में की गई है। मृतकों में अधिकतर मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के कपड़ा मजदूर थे। बता दें, हादसा सूरत के सचिन जीआईडीसी इलाके में शनिवार को दोपहर दो बजकर 45 मिनट के आसपास हुआ। उस समय कुछ लोग काम पर गए हुए थे जबकि कुछ अपने घर में सो रहे थे। इसी दौरान अचानक इमारत गिरी और चीख पुकार मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल की टीमें तुरंत मौके पर पहुंची। कई लोग मलबे में फंसे हुए थे। रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू करते समय मलबे से कई लोगों की आवाज आ रही थी। रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू करने के बाद जल्द ही एक महिला को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। इसके बाद पूरी रात रेस्क्यू ऑपरेशन चला और एक-एक कर सात शव बाहर निकाले गए। रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों को भी बुला लिया गया था। पुलिस ने मामले में जानकारी देते हुए बताया, करीब पांच फ्लैटों में लोग रहते थे, जिनमें से ज्यादातर इस इलाके के कारखानों में काम करने वाले लोग थे। जब बचाव कार्य शुरू हुआ, तो हमें फंसे हुए लोगों की चीखें सुनाई दीं। हमने मलबे से एक महिला को निकाला और उसे अस्पताल पहुंचाया।  

फ्रांस में दूसरे चरण का मतदान पूरा, देश में तनावपूर्ण माहौल है, जिससे निपटने के लिए 30,000 पुलिस बल की तैनाती की गई

पेरिस फ्रांस में रविवार को संसदीय चुनाव के दूसरे चरण का मतदान हुआ। माना जा रहा है कि विभाजित संसद में दक्षिणपंथी पार्टी सबसे बड़ी ताकत बनकर उभर सकती है। इधर, चुनाव के बीच देश में तनावपूर्ण माहौल है, जिससे निपटने के लिए 30,000 पुलिस बल की तैनाती की गई है। मतदाता चिंतित हैं कि बदलते राजनीतिर परिदृश्य में चुनाव के बाद राजनीतिक भूकंप आ सकता है। स्ट्रासबर्ग के पूर्वी शहर के बाहर रोसहेम गांव में 72 वर्षीय एंटोनी श्रामेक ने समाचार एजेंसी एएफपी से कहा कि उन्हें डर है कि फ्रांस गणतंत्र के इतिहास में एक महत्वपूर्ण मोड़ देखेगा। राष्ट्रपति ने किया था समय से पहले चुनाव का एलान 41 वर्षीय सिविल सेवक एडेला फोरनियर ने सहमति व्यक्त की और कहा कि मैं चाहता हूं कि जनता का मूड शांत हो, लेकिन हम इससे बहुत दूर हैं। गौरतलब है कि राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन ने जून के यूरोपीय संसद वोट में हार के बाद समय से तीन साल पहले आकस्मिक चुनाव का ऐलान किया था। उनकी ओर से खेले गए इस जुए का उल्टा असर होता दिख रहा है। पहले चरण में दक्षिणपंथी पार्टी को बढ़त धुर दक्षिणपंथी नेता मरीन ले पेन की राष्ट्रीय रैली (RN) ने 30 जून को हुए पहले चरण के मतदान में बढ़त बनाई थी और अब रविवार को रन ऑफ दौड़ में इस उपलब्धि को दोहराने की ओर अग्रसर हैं। संभवत: वह पूर्ण बहुमत हासिल न कर पाएं, जिससे मैक्रॉन को ले पेन के लेफ्टिनेंट, आरएन पार्टी के 28 वर्षीय नेता जॉर्डन बार्डेला को पेरिस ओलंपिक की मेजबानी से कुछ हफ्ते पहले प्रधान मंत्री के रूप में नियुक्त करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।

मंगल ग्रह पर नासा के चार वैज्ञानिक 378 दिन बिताने के बाद सकुशल बाहर आ चुके, सकुशल बाहर आने पर बजी तालियां

वाशिंगटन चंद्रमा के बाद जल्द ही इंसान अब मंगल ग्रह पर अपने कदम रखेगा। इस दिशा में एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। मंगल ग्रह के वातावरण की तरह डिजाइन खास घर में नासा के चार वैज्ञानिक 378 दिन बिताने के बाद सकुशल बाहर आ चुके हैं। इस मिशन के माध्यम से नासा यह शोध करने में जुटा है कि अगर इंसानों को मंगल ग्रह पर भेजा जाता है तो क्या-क्या करना होगा। चार वैज्ञानिकों ने बिताया एक साल नासा के चार वैज्ञानिक एंका सेलारियु, रॉस ब्रॉकवेल, नाथन जोन्स और टीम लीडर केली हेस्टन ने पिछले एक साल से मंगल ग्रह पर जाने के मिशन से जुड़े कार्यक्रम का हिस्सा बने और मंगल ग्रह पर मनुष्य कैसे रहेगा, क्या चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा, इसका अध्ययन किया। मानवीय संपर्क से दूर थे सभी 378 दिन बाद टेक्सास के ह्यूस्टन में “मंगल ग्रह” की तर्ज पर बने आवास से बाहर आने पर सभी लोगों ने जोरदार तरीके से इन वैज्ञानिकों का स्वागत किया। ये सभी पिछले एक साल से मानवीय संपर्क से दूर थे। वैज्ञानिकों के चेहरे पर दिखी मुस्कान वैज्ञानिकों ने इस घर में मार्सवॉक किया और सब्जियां भी उगाई। उनके लिए एक साल तक मानवीय संपर्क से दूर रहना ठीक वैसा ही था जैसा महामारी के दौरान लॉकडाउन का सिहरन पैदा करने वाला अनुभव था। मगर शनिवार को बाहर निकलने पर चारों वैज्ञानिकों के चेहरे हंसी से खिल उठे थे। इस खास आवास में क्या-क्या है? मंगल ग्रह की तर्ज पर बना यह आवास 3डी प्रिटिंग से तैयार किया गया है। इसे मार्स ड्यून अल्फा नाम दिया गया है। इसका कुल क्षेत्रफल 1,700 वर्ग फुट है। इसमें शयनकक्ष, एक जिम, सामान्य क्षेत्र और खेत हैं। एक आउटडोर क्षेत्र लाल रेत से भरा है। यहीं पर टीम ने अपने “मार्सवॉक” के लिए सूट पहना था। हालांकि यह अब भी खुली हवा के बजाय ढका है। नासा का यह पहला मिशन नासा के जॉनसन अंतरिक्ष केंद्र के उप निदेशक स्टीव कोर्नर ने जानकारी दी है कि चारों वैज्ञानिकों ने इस आवास में एक वर्ष से अधिक समय बिताया है। इस दौरान इन्होंने महत्वपूर्ण विज्ञान का अध्ययन किया है। उन्होंने बताया कि यह मिशन नासा के तीन मिशनों में से पहला है। चंद्रमा पर इंसानों को भेजेगा अमेरिका अमेरिका की योजना अपने आर्टेमिस कार्यक्रम के तहत इंसानों को चंद्रमा पर भेजने की है। इसका उद्देश्य यह है कि इंसान वहां लंबे समय तक रहना सीख सकें और बाद में 2030 तक मंगल ग्रह की यात्रा की तैयारी में मदद कर सकें। वैज्ञानिकों ने क्या कहा? जीव विज्ञानी केली हेस्टन ने सभी से हेलो किया और कहा कि वास्तव में आपको नमस्ते कह पाना बहुत ही अद्भुत है। आपातकालीन कक्ष के चिकित्सक जोंस ने कहा कि “मैं सचमुच उम्मीद करता हूं कि आप सबके सामने खड़ा होकर रोऊंगा नहीं। मगर कुछ क्षण बाद जब उन्होंने भीड़ में अपनी पत्नी को देखा तो वे रोने वाले ही थे।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी कल जायेंगे मणिपुर

नई दिल्ली कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी सोमवार को मणिपुर का दौरा करेंगे। इस दौरान वह विभिन्न जिलों में हिंसा प्रभावित लोगों से मुलाकात करेंगे। कांग्रेस की मणिपुर इकाई के अध्यक्ष के. मेघचंद्र के अनुसार, राहुल विमान से दिल्ली से सिलचर जाएंगे और वहां से जिरीबाम जिले में जाएंगे। वहां छह जून को हिंसा हुई थी। राहुल गांधी की तीसरी यात्रा मणिपुर में हिंसा शुरू होने के बाद राहुल गांधी की यह तीसरी यात्रा होगी। वह पिछले साल मई में ¨हसा शुरू होने के कुछ सप्ताह बाद मणिपुर गए थे। इस साल की शुरुआत में ही उन्होंने भारत जोड़ो न्याय यात्रा भी मणिपुर से निकाली थी। मेघचंद्र ने कहा कि राहुल जिले में कुछ राहत शिविरों का दौरा करेंगे। फिर वह सिलचर हवाई अड्डा लौटेंगे और वहां से इंफाल के लिए उड़ान भरेंगे। सड़क मार्ग से पहुंचेंगे मोइरंग मेघचंद्र ने कहा कि इंफाल में उतरने के बाद राहुल चुराचांदपुर जिले में पहुंचकर राहत शिविरों में रहने वाले लोगों से बातचीत करेंगे। चुराचांदपुर से गांधी सड़क मार्ग से बिष्णुपुर जिले के मोइरंग पहुंचेंगे। कुछ राहत शिविरों का दौरा करेंगे। इसके बाद वह इंफाल लौटेंगे। वहां राज्यपाल अनुसुइया उइके से उनकी मुलाकात होने की संभावना है।

अमित शाह ने अहमदाबाद में कहा- देश के लिए मरने की नहीं, जीने और काम करने की जरूरत है

अहमदाबाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि देश के लिए मरने की नहीं बल्कि जीने की जरूरत है। उन्होंने गुजरात के विकास में भूमिका निभाने के लिए कड़वा पाटीदार समुदाय की सराहना की। केंद्रीय गृह मंत्री शाह रविवार को अहमदाबाद में छात्रों के लिए एक छात्रावास परिसर का उद्घाटन करने के बाद एक कार्यक्रम में बोल रहे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल भी  मौजूद थे। शाह ने शहर में एक अस्पताल का भी उद्घाटन किया। शाह ने कहा कि आज देश के लिए मरने की नहीं बल्कि देश के लिए जीने की जरूरत है। उन्होंने कहा, “आप एक अच्छे आईएएस, आईपीएस, सीए, डॉक्टर, अच्छे नागरिक या गृहिणी हो सकते हैं, लेकिन आपको देश के लिए काम करने की जरूरत है।” वरिष्ठ भाजपा नेता ने कहा कि कड़वा पाटीदार समुदाय ने गुजरात के विकास में बहुत योगदान दिया है। गुजरात और पाटीदार समुदाय का विकास समानांतर है। अपनी कड़ी मेहनत से कड़वा पाटीदार समुदाय ने अपने विकास के साथ-साथ राज्य और देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। शाह ने कहा कि आज उत्तरी गुजरात के कड़वा पाटीदार समुदाय के कई संस्थानों में पढ़कर लोग देश की सेवा कर रहे हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री पटेल ने कहा कि दो दशक पहले तत्कालीन मुख्यमंत्री के रूप में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए ‘शाला प्रवेशोत्सव’ (स्कूल नामांकन) और ‘कन्या केलावणी महोत्सव’ के कारण राज्य में शिक्षा क्षेत्र में बहुत विकास देखा गया है। सीएम ने कहा कि बच्चों को अच्छी और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना बहुत जरूरी है। शिक्षा विकास की नींव है। सरकार देश के भविष्य को बेहतर बनाने के लिए शिक्षा को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। वहीं, छात्रावास के अधिकारियों ने कहा कि अमीन पीजेकेपी विद्यार्थी भवन कड़वा पाटीदार समुदाय द्वारा बनाया गया है। इस छात्रावास में सभी सामाजिक समूहों के छात्रों के रहने की व्यवस्था की जाएगी। केंद्रीय गृह मंत्री ने अहमदाबाद में नवनिर्मित मल्टी-स्पेशियलिटी एसएलआईएमएस अस्पताल का भी उद्घाटन किया। 30 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से निर्मित 8 मंजिला अस्पताल में ओपीडी सुविधाओं के साथ-साथ रोबोटिक सर्जरी और कार्डियक केयर सेंटर जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं हैं। शाह ने ट्वीट किया, ”मुझे विश्वास है कि आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित यह अस्पताल क्षेत्र की चिकित्सा जरूरतों को पूरा करने में मदद करेगा।”  

महाप्रभु की रथ यात्रा में हजारों श्रद्धालुओं के बीच राष्ट्रपति हुईं शामिल, जगन्नाथ धाम में लाखों भक्त धूमधाम से मनाया जा रहा उत्‍सव

ओडिशा ओडिशा की तीर्थ नगरी पुरी में भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा की धूम मची हुई है। हजारों श्रद्धालु भगवान जगन्नाथ के विशालकाय रथ को खींचने के लिए पुरी पहुंच चुके हैं। इस बार के आयोजन में हिस्सा लेने के लिए राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू भी पहुंची। इस बार आयोजन दो दिनों तक चलेगा। ऐसा 1971 के बाद पहली बार हो रहा है। रथ यात्रा में सुरक्षा के मांझी सरकार ने पुख्ता इंतजाम किए हैं। भगवान जगन्नाथ के साथ बैठते हैं बलभद्र और सुभद्र रथ पर भगवान जगन्नाथ के साथ उनके भाई-बहन बलभद्र और सुभद्रा मौजूद हैं। रथों को खींचने के लिए हजारों श्रद्धालु पहुंच गए हैं। अब से कुछ ही देर में रथ को खींचना शुरू किया जाएगा। गुंडिचा मंदिर पर यात्रा का समापन होगा। श्रद्धालु भगवान जगन्नाथ का रथ खींचते हैं भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा ओडिशा का एक प्रमुख त्योहार है। इसकी मान्यता बहुत है, क्योंकि देश के कोने-कोने से भक्त इसको मनाने आते हैं। रथ को हजारों श्रद्धालु मोटे-मोटे रस्से से खींचते हैं। रथ पर भगवान जगन्नाथ के साथ-साथ उनके भाई-बहन बलभद्र और देवी सुभद्रा की मूर्ति होती है। रथयात्रा जगन्नाथ मंदिर से 3 किलोमीटर दूर गुंडिचा मंदिर तक जाती है। उसके बाद भगवान फिर से मंदिर में जाते हैं। रथयात्रा के लिए सिक्योरिटी पूरे इतंजाम भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा के महोत्सव के लिए ओड़िशा सरकार ने कमर पहले से ही कस ली थी। पुरी में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए है, जिससे श्रद्धालुओं को परेशानी ना हो। पुरी कलेक्टर सिद्धार्थ शंकर स्वैन ने कहा कि भगवान जगन्नाथ के दर्शन करने के लिए भक्तों की भीड़ इकट्ठा हो रही है।

मुंबई BMW हादसा: शिवसेना नेता राजेंद्र शाह का बेटा मिहिर कार को ड्राइव कर रहा था, जो अभी फरार

मुंबई मुंबई के वर्ली इलाके में रविवार सुबह बीएमडब्ल्यू कार ने दुपहिया वाहन को टक्कर मारी दी, जिससे उस पर सवार एक महिला की मौत हो गई। वर्ली पुलिस ने बताया कि मुंबई के बांद्रा इलाके से उस बीएमडब्ल्यू कार बरामद कर लिया गया है जिससे टक्कर मारी गई थी। आरोप है कि शिवसेना नेता राजेंद्र शाह का बेटा मिहिर कार को ड्राइव कर रहा था, जो अभी फरार है। हालांकि, पुलिस ने कार के अंदर मौजूद राजेंद्र सिंह बीदावत और राजेश शाह को हिरासत में लिया है। इनके खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है और दोनों से पूछताछ जारी है। बताया जा रहा है कि यह BMW कार राजेंद्र शाह के नाम से रजिस्टर्ड है, जो पालघर इलाके में शिवसेना (शिंदे गुट) का नेता है। पुलिस ने साफ किया कि इस मामले में अभी तक किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया है। घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है। वर्ली पुलिस थाने के अधिकारी ने बताया कि मृतक महिला की पहचान 45 वर्षीय कावेरी नखवा के तौर पर हुई है। वह एनी बेसेंट रोड पर अपने पति प्रदीप के साथ बाइक से जा रही थी तभी BMW कार के चालक ने वाहन पर से नियंत्रण खो दिया। उन्होंने बताया, ‘कावेरी नखवा सड़क पर गिर गईं। आसपास से गुजर रहे लोगों ने पुलिस को घटना के बारे में सूचना दी। उन्हें सरकारी नायर हॉस्पिटल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। कावेरी और उनके पति मछुआरा समुदाय से हैं और वे कोलाबा में ससून डॉक से अपने घर जा रहे थे।’ पुलिस किसी को नहीं बचाएगी, क्या बोले सीएम शिंदे इस बीच, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि कानून सभी के लिए बराबर है। यह पूछने पर कि क्या इस दुर्घटना में शामिल व्यक्ति शिवसेना के नेता का बेटा है, इस पर शिंदे ने कहा, ‘कानून सभी के लिए बराबर है और सरकार हर मामले को एक ही नजरिए से देखती है। इस दुर्घटना के लिए कोई अलग नियम नहीं होगा। सब कुछ कानून के अनुसार किया जाएगा।’ उन्होंने कहा कि पुलिस किसी को नहीं बचाएगी। मुंबई में हुई दुर्घटना दुर्भाग्यपूर्ण है। मैंने पुलिस विभाग से सख्त कार्रवाई करने के लिए बात की है। यह मामला ऐसे वक्त में सामने आया है जब 2 महीने से भी कम समय पहले 19 मई को पुणे के कल्याणी नगर में पोर्श कार दुर्घटना हुई थी। इसमें शराब के नशे में गाड़ी चला रहे नाबालिग ने मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी जिसमें 2 आईटी पेशेवरों की मौत हो गई थी।

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