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वह अक्सर कहा करते थे कि ‘मैं साधारण मौत नहीं मरूंगा, मैं सीने पर गोली खाकर मरूंगा: शहीद कैप्टन की पत्नी

नई दिल्ली असाधारण बहादुरी के लिए मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किए गए सेना चिकित्सा कोर के कैप्टन अंशुमन सिंह की पत्नी स्मृति ने अपने पति को याद करते हुए कहा कि वह अक्सर कहा करते थे कि ‘मैं साधारण मौत नहीं मरूंगा। मैं सीने पर गोली खाकर मरूंगा।’ कैप्टन सिंह को जब कीर्ति चक्र से शुक्रवार को सम्मानित किया गया तो यह उनके परिवार के लिए उनकी वीरता पर गर्व करने का क्षण था और पुरस्कार ग्रहण करते समय उनकी पत्नी और मां के चेहरे पर दुख एवं गर्व का मिलाजुला भाव दिखाई दिया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शुक्रवार को रक्षा अलंकरण समारोह में दिवंगत अधिकारी की पत्नी और मां मंजू सिंह को कैप्टन अंशुमन सिंह की शहादत पर कीर्ति चक्र प्रदाऩ किया। यह शांतिकाल में वीरता के लिए दिया जाने वाला दूसरा सबसे बड़ा पुरस्कार है। रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ने शनिवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर स्मृति का एक वीडियो साझा किया, जिसमें उन्होंने अपने पति को याद करते हुए बताया कि वे दोनों कैसे एक-दूसरे के हमसफर बने थे। कैप्टन सिंह की पत्नी ने कहा, ‘वह बहुत काबिल थे। वह मुझसे कहा करते थे,‘मैं सीने पर गोली खाकर मरूंगा। मैं ऐसी साधारण मौत नहीं मरूंगा जिसके बारे में किसी को पता ही न चले।’ कैप्टन सिंह की शहादत की कहानी भी आम नहीं है। कैप्टन सिंह पिछले वर्ष जुलाई में भीषण आग से लोगों को बचाते समय शहीद हो गए थे। राष्ट्रपति भवन ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट साझा कर कहा, ‘राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सेना चिकित्सा कोर, 26वीं बटालियन पंजाब रेजिमेंट के कैप्टन अंशुमन सिंह को मरणोपरांत कीर्ति चक्र प्रदान किया। अपनी सुरक्षा की परवाह किए बगैर उन्होंने आग लगने की एक बड़ी घटना में कई लोगों को बचाने के लिए असाधारण बहादुरी का परिचय दिया।’ राष्ट्रपति भवन ने कैप्टन सिंह की पत्नी द्वारा कीर्ति चक्र स्वीकार करते हुए एक तस्वीर भी साझा की। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने पांच जुलाई को राष्ट्रपति भवन के प्रांगण में आयोजित रक्षा अलंकरण समारोह में सेना और अर्धसैनिक बलों के जवानों को 10 कीर्ति चक्र प्रदान किए जिनमें से सात पदक मरणोपरांत दिए गए। रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता द्वारा ‘एक्स’ पर पोस्ट किया गया वीडियो विभिन्न सोशल मीडिया मंचों पर तेजी से प्रसारित हो रहा है। वीडियो में गमगीन नजर आ रहीं स्मृति ने अपने पति को याद करते हुए बताया कि कैप्टन अंशुमन और उनके बीच ‘पहली नजर में प्यार’ हुआ और फिर आठ साल तक ‘लॉन्ग डिस्टेंस रिलेशनशिप’ में रहने के बाद उन्होंने शादी की। स्मृति ने सिंह के साथ बिताए हुए प्यारे पलों को याद करते हुए कहा, ”हम इंजीनियरिंग कॉलेज के पहले दिन मिले थे। एक तरह से यह पहली नजर का प्यार था। एक महीने बाद अंशुमन का सशस्त्र बल मेडिकल कॉलेज में चयन हो गया। वह बहुत मेधावी थे। सिर्फ एक महीने की मुलाकात के बाद हम आठ साल ‘लॉन्ग डिस्टेंस रिलेशनशिप’ में रहे।’ स्मृति ने कहा, ‘फिर हमने शादी करने का फैसला किया लेकिन विवाह के दो महीने के भीतर ही उनकी तैनाती सियाचिन में हो गई। मैंने अंशुमन से 18 जुलाई को बहुत देर तक फोन पर बात की। इस दौरान हमने अगले 50 साल की योजना, अपना एक घर बनाने, बच्चों को जन्म देने और भी बहुत सारी बातें कीं, लेकिन अगले दिन जब मैं सो कर उठी तो मुझे फोन आया कि वह अब नहीं रहे।’ उन्होंने कहा कि वह आज तक इस गम से उबर नहीं पाई हैं।  

जगन्नाथ पुरी रथ यात्रा के बीच मची भगदड़, 400 श्रद्धालु घायल, एक की मौत

पुरी पुरी रथ यात्रा के दौरान एक अघटन की खबर सामने आयी है। प्रभु बलभद्र जी के रथ खींचे जाने के दौरान अचानक भगदड़ की स्थिति बन गई, जिससे 400 से अधिक श्रद्धालु नीचे गिर गए। इस दौरान एक श्रद्धालु की मृत्यु हो गई है। सभी घायल श्रद्धालुओं को अस्पताल में भर्ती किया गया है। इसमें 50 से अधिक भक्तों को प्राथमिक इलाज के बाद छोड़ दिया गया है, जबकि अन्य घायल श्रद्धालुओं का इलाज चल रहा है।श्रद्धालु भक्त ओडिशा के बाहर की होने की खबर सामने आ रही है। हालांकि, मृतक भक्त का परिचय नहीं मिल पाया है। भगवान जगन्नाथ के साथ बैठते हैं बलभद्र और सुभद्र रथ पर भगवान जगन्नाथ के साथ उनके भाई-बहन बलभद्र और सुभद्रा मौजूद हैं। रथों को खींचने के लिए हजारों श्रद्धालु पहुंच गए हैं। अब से कुछ ही देर में रथ को खींचना शुरू किया जाएगा। गुंडिचा मंदिर पर यात्रा का समापन होगा। श्रद्धालु भगवान जगन्नाथ का रथ खींचते हैं भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा ओडिशा का एक प्रमुख त्योहार है। इसकी मान्यता बहुत है, क्योंकि देश के कोने-कोने से भक्त इसको मनाने आते हैं। रथ को हजारों श्रद्धालु मोटे-मोटे रस्से से खींचते हैं। रथ पर भगवान जगन्नाथ के साथ-साथ उनके भाई-बहन बलभद्र और देवी सुभद्रा की मूर्ति होती है। रथयात्रा जगन्नाथ मंदिर से 3 किलोमीटर दूर गुंडिचा मंदिर तक जाती है। उसके बाद भगवान फिर से मंदिर में जाते हैं।

जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बलों ने 2 और आतंकवादियों के शव बरामद किए, अब तक मुठभेड़ में 6 दहशतगर्द ढेर

जम्मू-कश्मीर जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बलों ने 2 और आतंकवादियों के शव बरामद किए हैं। इस तरह कुलगाम जिले में रविवार को हुई दो मुठभेड़ों में मृतकों की संख्या बढ़कर 8 हो गई है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। कुलगाम जिले के 2 गांवों में शनिवार को मुठभेड़ शुरू हुई थी। अधिकारियों ने बताया, ‘मोदरगाम मुठभेड़ स्थल से दो आतंकवादियों के शव बरामद किए गए। चिन्नीगाम मुठभेड़ स्थल से 4 आतंकवादियों के शव बरामद किए गए थे।’ उन्होंने बताया कि आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ में एक पैरा कमांडो समेत 2 सैन्यकर्मियों ने अपने प्राण न्यौछावर कर दिए। बताया जा रहा है कि आतंकवाद विरोधी अभियान अभी जारी है। जम्मू-कश्मीर के पुलिस महानिदेशक (DGP) आरआर स्वैन ने पुष्टि करते हुए कहा कि कुलगाम मुठभेड़ में 6 आतंकवादी मारे गए हैं। श्रीनगर में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि आतंक विरोधी ऑपरेशन जोर पकड़ रहे हैं। सुरक्षा माहौल को मजबूत करने में ऐसी सफलताओं के महत्व पर उन्होंने जोर दिया। स्वैन ने कहा, ‘सुरक्षा बलों के लिए यह मील का पत्थर है। ये सफलताएं सुरक्षा माहौल को मजबूत करने में अहम हैं। लोग आतंकवाद को खत्म करने के लिए एक साथ आ रहे हैं और इस तरह के ऑपरेशन गति पकड़ रहे हैं। फिलहाल ऑपरेशन जारी है।’ राजौरी में सेना शिविर पर आतंकवादियों का हमला दूसरी ओर, जम्मू कश्मीर में राजौरी जिले के मंजाकोट इलाके में सेना के शिविर पर संदिग्ध आतंकवादियों के हमले में एक जवान घायल हो गया। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि संदिग्ध आतंकवादियों ने मंजाकोट इलाके में सेना के शिविर पर तड़के गोलीबारी की। उन्होंने कहा, ‘सेना के जवानों ने तेजी से कार्रवाई की और अपनी पोजीशन ले ली और गोलीबारी का करारा जवाब दिया।’ सूत्रों ने बताया कि गोलीबारी के दौरान एक जवान को गोली लगी और उसे तुरंत वहां से निकाल लिया गया। उन्होंने बताया कि सेना ने पुलिस के साथ मिलकर आतंकवादियों को पकड़ने के लिए इलाके में व्यापक तलाश अभियान शुरू किया है।

BMW ने बाइक सवार कपल को टक्कर मार दी, इस मामले के खुलासे में शिवसेना नेता का बेटा चला रहा था गाड़ी

मुंबई मुंबई के वर्ली में तेज रफ्तार बीएमडब्ल्यू ने बाइक सवार कपल को जोरदार टक्कर मार दी। इस हादसे में महिला की मौत हो गई। शादीशुदा जोड़ा रविवार सुबह ससून डॉक से मछली खरीदकर अपने घर लौट रहे थे। इस दौरान कोलीवाड़ा इलाके में यह दुर्घटना हुई। कार से टक्कर होते ही प्रदीप नखावा बाइक से नियंत्रण खो बैठे। वह और अधिक नुकसान से बचने के लिए तुरंत कूद गया। हालांकि, उसकी पत्नी अपने साथ भारी सामान ली हुई थी जो ऐसा कुछ नहीं कर पाई। हाई स्पीड BMW ने उसे कुचल दिया। पीड़िता कावेरी नखावा को नायर अस्पताल ले जाया गया जहां उसने दम तोड़ दिया। रिपोर्ट के मुताबिक, हादसे के वक्त लग्जरी कार को शिवसेना नेता राजेश शाह का बेटा मिहिर शाह ड्राइव कर रहा था। बताया जा रहा है कि एक्सीडेंट के तुरंत बाद वह मौके से भाग गया था। हालांकि, कुछ समय बाद पुलिस ने उसे पकड़ लिया। वर्ली पुलिस ने कार मालिक राजेश शाह को भी हिरासत में लिया है, जो पालघर में शिवसेना (शिंदे गुट) के स्थानीय नेता हैं। बताया जा रहा है कि पुलिस टीम सीसीटीवी फुटेज की जांच करने में जुटी है। इस बात की पुष्टि की जा रही है कि दुर्घटना के समय गाड़ी कौन चला रहा था। पीड़ित प्रदीप नखावा से मिले आदित्य ठाकरे इस बीच, शिवसेना (यूबीटी) नेता और विधायक आदित्य ठाकरे वर्ली पुलिस स्टेशन पहुंच गए। उन्होंने पीड़ित प्रदीप नखावा से मुलाकात की। मौके पर ठाकरे ने कहा कि वह घटना को राजनीतिक रंग नहीं देना चाहते हैं। उन्होंने कहा, ‘मैं इसे राजनीतिक नहीं बनाना चाहता हूं। इस घटना में ड्राइवर कोई भी रहा हो, उसे गिरफ्तार किया जाना चाहिए। चाहे आरोपी ‘गद्दार’ गिरोह का क्यों न हो, हम इसे राजनीतिक नहीं बनाना चाहते हैं।’ इस तरह आदित्य ठाकरे का इशारा राज्य के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के गुट वाली शिवसेना की ओर था, जिन्होंने कई विधायकों के साथ मिलकर शिवसेना से बगावत कर दी थी। ठाकरे ने सीसीटीवी फुटेज से जानकारी सामने आने पर जोर दिया और कहा कि मामले में त्वरित कार्रवाई होनी चाहिए। ‘कोई फर्क नहीं पड़ेगा कि आरोपी किस पार्टी से’ वहीं, महाराष्ट्र के सीएम शिंदे ने मामले में कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा, ‘इस बात से ​​कोई फर्क नहीं पड़ता कि वह किस पार्टी से जुड़ा है। आरोपियों को बख्शा नहीं जाएगा।’ पत्रकारों से बातचीत में शिंदे ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। उन्होंने आगे कहा, ‘मैंने सुबह पुलिस कमिश्नर से बातचीत की। यह कहना चाहता हूं कि इससे कोई फर्क नहीं पड़ेगा कि वह (आरोपी) किस पार्टी से है। कार्रवाई तो की जाएगी। किसी को बख्शा नहीं जाएगा। कानून के सामने हर कोई बराबर है।’  

सामान्य यहूदियों की तरह सेना में अनिवार्य सेवा देना जरूरी, इजरायल की सुप्रीम कोर्ट के फैसले से भड़के कट्टर यहूदी

तेल अवीव. इजरायल के सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले के बाद कट्टरपंथी यहूदी भड़के हुए हैं और वे सड़कों पर उतर आए हैं। दरअसल सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि अब अति रूढ़िवादी यहूदियों को भी सामान्य यहूदियों की तरह सेना में अनिवार्य सेवा देनी होगी। इसके अलावा सरकार की तरफ से मिलने वाली विशेष सुविधाएं उन्हें नहीं दी जाएंगी। अब तक कट्टर यहूदियों के लिए सेना में सेवा देना अनिवार्य नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि युवा हरेदी पुरुषों को भी सेना में भर्ती किया जाना चाहिए। अब येशिवा में पढ़ने वाले युवा इस फैसले के खिलाफ उतर आए हैं। उनका कहना है कि इससे उनके धार्मिक जीवन पर असर पड़ेगा और वे धर्म का पालन नहीं कर पाएंगे। उनका कहना है कि उनका आध्यात्मिक जीवन और पूजा-पाठ इजरायल की सुरक्षा के लिए जरूरी है। रिपोर्ट की मानें तो युवाओं को इस बात पर ऐतराज है कि अगर उन्हें सेना में जाना पड़ा तो उनको धार्मिक भक्ति के रास्ते से हटना पड़ेगा। ऐसे में उनकी आस्था कमजोर हो जाएगी जो कि देश के लिए भी खतरनाक साबित होगी। उनका कहना है कि इजरायली सेना को भी उनकी कोई जरूरत नहीं है। कट्टर यहूदी मानते हैं कि उनके धर्म को बचाए रखने के लिए जरूरी है कि वे लोग धर्म का पालन करें और अन्य कामों में ज्यादा समय ना गवाएं। इजरायल में अति-रूढ़िवादी लोगों की संख्या 10 लाख से भी ज्यादा है। यानी यह इजरायल की जनसंख्या के 12 फीसदी के करीब है। अति रूढ़िवादी दलों का सत्ता में भी दखल रहता है। लंबे समय से ये दल प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का साथ दे रहे हैं। कट्टर यहूदियों को टैक्स में भी छूट मिलती है। वहीं सामान्य यहूदी सेना में अनिवार्य सेवा भी देते हैं और टैक्स का भी भुगतान करते हैं। पहले भी इजरायल की संसद में एक विधेयक पारित हुआ था जिसके मुताबिक हरेदी युवाओं को आंशिक रूप से सेना में भर्ती किया जाना था। हालांकि यह कानून अब तक लागू नहीं हो पाया। इस कानून का हरेदी नेता विरोध करते हैं। येशिवा छात्रों को मिलती है छूट येशिवा छात्र वे होते हैं जो कि टोरा का अध्ययन करते हैं और यहूदी धर्म के नियमों का कट्टरता से पालन करते हैं। इन्हें सेना में जाने से छूट है। वहीं यह समूह हमेशा से ही बदलाव के खिलाफ रहा है। वहीं कट्टरपंथी यहूदियों का प्रदर्शन कई जगहों पर उग्र हो रहा है। कई  इलाकों में हिंसा और तोड़फोड़ भी हुई है। अब सवाल है कि बेंजामिन नेतन्याहू सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के सपोर्ट में कदम उठाएंगे या फिर राजनीतिक फायदे के लिए कोई और रास्ता निकालेंगे।

लड़कों ने पुलिस को बुलाया, अमेरिका में दिखा बड़े पैर और चमकती आंखों वाला जीव

लुईसियाना/यूएसए. अमेरिका के दक्षिणी लुइसियाना के हाउमा में हाल ही में एक घटना सामने आई है, जिसमें हाल में हाईस्कूल पास किए बैटन रूज से कुछ बच्चे लगभग 100 मील दूर घूमने के लिए पहुंचे थे। वहां पर जब वह कैंप लगा रहे थे तभी उनका सामना एक भयावह बड़े पैरों वाला और चमकती हुई आंखों वाला एक जीव दिखाई दिया, जिससे डरकर वह छिप गए और पुलिस को फोन लगा दिया। पुलिस के अनुसार,  28 जून को शाम करीब 9:20 पर उस ग्रुप के एक लड़के ने फोन लगाया और कहा कि हमने एक गुर्राने वाला, नीली तेज चमकीली आंखों और लंबा चौड़ा जीव देखा जो कि करीब 8 फुट का होगा। पुलिस ने फोन के बाद वहां पर एक टीम को भेजा और किसी भी पौराणिक जीव के प्रति सतर्क रहने को कहा। उन्होंने पूरा आसपास का एरिया छान मारा और लड़कों को पास ही रखा। पुलिस के अनुसार, गहन जांच के बाद भी वहां पर कोई चमकीली आंखों वाला या बड़े पैर वाला जानवर नहीं मिला। फिर जब पूरा इलाका देख लिया गया तो पूरी टीम लड़को को साथ लेकर जंगल से बाहर आ गई। दक्षिणी लुईसियाना के किसाची राष्ट्रीय वन में इस तरह के जीव दिखने का यह पहला मामला नहीं है। दो स्व- घोषित बड़े पैर वाले जीवों के शोधकर्ताओं ने 2019 में दावा किया था कि उनके 6लाख एकड़ के घने जंगल में क्रिप्टिड के अस्तित्व के दृश्य और ऑडियो सबूत है। स्थानीय अखबार टाउन टॉक के अनुसार इन लोगों ने रिकॉर्डिंग करने के लिए पेड़ों में ऐसे कैमरे और ऑडियो डिवाइस छोड़ दिए थे, फिर बाद में उनकी रिकॉर्डिंग करके उनका अध्ययन किया। अक्टूबर में भी एक व्यक्ति अपनी पत्नी के साथ कोलोराडो में छुट्टी पर थे और वहां उन्होंने उजाले में एक बड़े से प्राणी के घूमने का वीडियो बनाया था। विशाल, वानर जैसा जीव जिसे अमेरिका और यूरोप में सासक्वाच के नाम से भी जाना जाता है। उसकी जड़ें अमेरिकी लोककथाओं में हैं और 1800 के दशक में यूरोपीय निवासियों द्वारा इसकी सूचना दी गई है। भारत में भी हिमालय में हिम मानव या येति मिलने की खबरें सामने आती ही रहती हैं।

मां के बयान के बाद बोले सांसद अमृतपाल, ‘पंथ और परिवार में से हमेशा पंथ ही चुनूंगा’

नई दिल्ली. अमृतपाल सिंह (Amritpal Singh) ने लोकसभा सांसद की शपथ लेने के बाद अपने सोशल मीडिया हैंडल से एक बयान जारी किया है. उन्होंने अपनी मां के बयान से खुद को अलग करते हुए पोस्ट में कहा ‘जब मुझे आज मां द्वारा कल दिए गए बयान के बारे में पता चला तो मेरा दिल बहुत दुखी हुआ. बेशक, मुझे यकीन है कि यह बयान सच है.” आज जब मुझे मां द्वारा दिए गए बयान के बारे में पता चला तो मेरा मन बहुत दुखी हुआ. बेशक, मुझे यकीन है कि यह बयान मां ने अनजाने में दिया होगा, लेकिन फिर भी ऐसा बयान मेरे परिवार या मेरा समर्थन करने वाले किसी भी व्यक्ति की तरफ से नहीं आना चाहिए. खालसा राज्य का ख्वाब देखना कोई गुनाह नहीं, गर्व की बात है. जिस रास्ते के लिए लाखों सिखों ने अपनी जान कुर्बान की है, उससे पीछे हटने का हम ख्वाब में भी नहीं देख सकते. अमृतपाल ने आगे कहा, “मैंने मंच से बोलते हुए कई बार कहा है कि अगर मुझे पंथ और परिवार में से किसी एक को चुनना पड़े, तो मैं हमेशा पंथ को ही चुनूंगा. इस संबंध में इतिहास का यह वाक्य बहुत सटीक बैठता है, जहां 14 वर्षीय बंदा सिंह बहादुर के साथ सिंहों ने उसकी जान बचाने के लिए उसकी मां को शहीद कर दिया और उसे सिख होने से अलग कर दिया और कहा कि यह मेरी मां नहीं है. बेशक यह उदाहरण इस घटना के लिए बेहद सख्त है, लेकिन सैद्धांतिक नजरिए से यह समझने के काबिल है.” अमृतपाल सिंह ने अपने पोस्ट में कहा, “मैंने इसके लिए अपने परिवार को कभी नहीं डांटा. सिख राज्य पर समझौते के बारे में सोचना भी अस्वीकार्य है और उम्मीद है कि आगे यह गलती दोहराई जाएगी.” अमृतपाल की मां ने क्या कहा था? जेल में बंद नेता अमृतपाल सिंह के लोकसभा सदस्य के रूप में शपथ लेने के एक दिन बाद उनकी मां ने कहा कि पंजाब के युवाओं के पक्ष में बोलने से वह “खालिस्तानी समर्थक” नहीं बन जाते. वह (अमृतपाल) खालिस्तानी समर्थक नहीं हैं. क्या पंजाब के बारे में बोलना, पंजाब के युवाओं को बचाना उन्हें खालिस्तानी समर्थक बनाता है?उन्होंने संविधान के दायरे में चुनाव लड़ा और अब उन्हें (खालिस्तानी समर्थक) नहीं कहा जाना चाहिए. खडूर साहिब सीट से हुई अमृतपाल की जीत अमृतपाल, पंजाब की खडूर साहिब सीट से लोकसभा चुनाव में जीत दर्ज की थी. अमृतपाल सिंह 197120 वोटों से फतह हासिल की. उसे कुल 404430 वोट मिले. वहीं, कांग्रेस के कुलबीर सिंह जीरा को 207310 वोट मिले. साल 2019 के नतीजों की बात करें तो यहां कांग्रेस के जसबीर सिंह गिल की जीत हुई थी. अमृतपाल, फिलहाल असम की जेल में बंद है. जेल में बंद रहते हुए उसने ये चुनाव लड़ा है. Waris Punja De संगठन के मुखिया अमृतपाल को पिछले साल नेशनल सिक्योरिटी एक्ट (NSA) के तहत अरेस्ट किया गया था.

भारत ने सुरक्षा पर चीन से बताया था खतरा, श्रीलंका ने विदेशी शोध जहाजों से प्रतिबंध हटाने का किया एलान

कोलंबो. श्रीलंका ने अगले साल से उनके देश में विदेशी शोध जहाजों के आने पर प्रतिबंध हटाने का फैसला किया है। दरअसल श्रीलंका में भारत और अमेरिका द्वारा हाई-टेक चीनी निगरानी जहाजों के बार-बार श्रीलंका के बंदरगाहों पर डॉक करने पर सुरक्षा संबंधी गंभीर चिंताओं के बाद विदेशी शोध जहाजों पर प्रतिबंध लगाया था। इसकी जानकारी जापान दौरे पर पहुंचे श्रीलंका के विदेश मंत्री अली साबरी ने दी। बता दें कि हिंद महासागर में चीनी शोध जहाजों की बढ़ती आवाजाही के को लेकर नई दिल्ली ने चिंता जताई थी और आशंका जताई थी कि चीनी जहाज जासूसी जहाज़ हो सकते हैं और कोलंबो से ऐसे जहाजों को अपने बंदरगाहों पर डॉक करने की अनुमति न देने का आग्रह किया था। भारत द्वारा चिंता जताए जाने के बाद श्रीलंका ने जनवरी में अपने बंदरगाह पर विदेशी शोध जहाजों के आने पर प्रतिबंध लगा दिया था। इस साल की शुरुआत में, श्रीलंका ने एक चीनी जहाज़ को अपवाद के तहत मंजूरी दी थी, लेकिन प्रतिबंध जारी रखा था। श्रीलंकाई विदेश मंत्री ने कहा कि उनकी सरकार अलग-अलग देशों के लिए अलग-अलग नियम नहीं रख सकती। उन्होंने कहा कि उनका देश दूसरों के बीच विवाद में किसी का पक्ष नहीं लेगा। उल्लेखनीय है कि दो चीनी जासूसी जहाजों को नवंबर 2023 तक 14 महीने के भीतर श्रीलंका के बंदरगाहों में डॉक करने की अनुमति दी गई थी। चीनी शोध जहाज 6 अक्टूबर 2023 में श्रीलंका पहुंचा और उसने कोलंबो बंदरगाह पर डॉक किया। इस जहाज के डॉक करने का उद्देश्य समुद्री पर्यावरण पर रिसर्च थी। अमेरिका ने इस जहाज के आगमन को लेकर श्रीलंका के प्रति चिंता व्यक्त की थी। चीनी जासूसी जहाजों को लेकर उठे थे सवाल इससे पहले अगस्त 2022 में, चीनी नौसेना का जहाज युआन वांग 5 ने दक्षिणी श्रीलंका के हंबनटोटा में डॉक किया। नकदी की कमी से जूझ रहा श्रीलंका, वित्तीय मदद के लिए भारत और चीन, दोनों को समान रूप से महत्वपूर्ण भागीदार मानता है। इस बीच, सबरी ने सोनार से लैस जहाज उपलब्ध कराने की जापान की योजना के लिए भी आभार व्यक्त किया, जिसके बारे में उन्होंने कहा कि इससे श्रीलंका को ‘अपना स्वयं का सर्वेक्षण करने और अपना डेटा एकत्र करने और उसका व्यावसायिक रूप से दोहन करने का अवसर मिलेगा।’ जापानी मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, श्रीलंकाई विदेश मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि श्रीलंका के पास अप्रयुक्त समुद्री संसाधन हैं, इसलिए शोध आवश्यक है, लेकिन इसे पारदर्शी तरीके से किया जाना चाहिए। बता दें कि हिंद महासागर में एक रणनीतिक बिंदु पर स्थित श्रीलंका दक्षिण पूर्व एशिया और पश्चिम एशिया के बीच समुद्री यातायात के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव है, जो वैश्विक व्यापार मार्ग का हिस्सा है।

मंत्री ने मराठा आरक्षण पर दिया जवाब, महाराष्ट्र में रिकॉर्ड के अनुसार रक्त संबंधियों को मिलेंगे कुनबी प्रमाण-पत्र

मुंबई. कुनबी के रूप में दर्ज रिकॉर्ड वाले लोगों के रक्त संबंधियों को भी प्रमाण-पत्र दिए जाएंगे। महाराष्ट्र के मंत्री चंद्रकांत पाटिल ने इस बारे में बताया। हालांकि इसके बाद कुछ ओबीसी नेताओं ने इसका विराधे भी किया है। मराठा कार्यकर्ता मनोज जरांगे कुछ समय पहले अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठे थे। जिसमें वो मसौदा अधिसूचना के कार्यान्वयन की मांग कर रहे थे। इस अधिसूचना में कुनबी को मराठा समुदाय के सदस्यों के ऋषि सोयारे के रूप में मान्यता दी गई है। उनकी मांग थी कि सभी मराठों को कुनबी प्रमाण पत्र जारी किए जाएं। ताकि वे आरक्षण के लाभ का पात्र बन सकें। हाल ही में महाराष्ट्र के मंत्री चंद्रकांत पाटिल ने कहा कि जिन लोगों के रिकॉर्ड कुनबी के रूप में दर्ज हैं, उनके “ऋषि सोयारे” (रक्त संबंधी) को भी ऐसे प्रमाण-पत्र मिलेंगे। बता दें कि पिछले महीने, ओबीसी कार्यकर्ता लक्ष्मण हेके और नवनाथ वाघमारे ने 10 दिनों तक भूख हड़ताल की थी। उनकी मांग थी कि मराठों को कोटा लाभ प्राप्त करने के लिए कुनबी प्रमाण पत्र देने वाली मसौदा अधिसूचना को रद्द किया जाए। उन्होंने मांग की है कि ओबीसी कोटा को कम नहीं किया जाना चाहिए। दोनों ने जरांगे की मांग के जवाब में उपवास शुरू किया था कि मराठों को ओबीसी श्रेणी में आरक्षण मिलना चाहिए।

तमिलनाडु के बसपा नेता की हत्या पर पुलिस को संदेह, ‘गैंगस्टर अर्कोट की मौत का बदला लेने की हत्या?’

चेन्नई/पेरंबूर. तमिलनाडु में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के प्रदेश अध्यक्ष के. आर्मस्ट्रांग की हत्या का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। बसपा सुप्रीमो मायावती ने सीबीआई जांच की मांग की है। इस बीच, चेन्नई पुलिस ने इस घटना में एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। उसे संदेह है कि पिछले साल गैंगस्टर अर्कोट सुरेश की हत्या से यह मामला जुड़ा हो सकता है। सुरेश की हत्या का बदला लेने के लिए आर्मस्ट्रांग को मौत के घाट उतारा जा सकता है। इस हत्या की वारदात के बारे में जानकारी देते हुए पुलिस कमिश्नर ने बताया था कि बसपा नेता आर्मस्ट्रांग की शुक्रवार शाम सवा सात बजे उस समय हत्या कर दी गई, जब वह यहां पेरंबूर में बन रहे अपने घर की ओर जा रहे थे। इस दौरान इस हमले में उनके साथ मौजूद चार लोग भी घायल हो गए। पुलिस कमिश्नर ने कहा था कि आर्मस्ट्रांग को उनके समर्थकों ने स्थानीय अस्पताल पहुंचाया था और बाद में वहां उनकी मौत हो गई। आठ लोगों को गिरफ्तार किया उत्तरी चेन्नई के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (कानून और व्यवस्था) असरा गर्ग ने बताया, ‘हम पूछताछ कर रहे हैं। ऐसा लगता है कि पूर्व में की गई हत्या के कारण बसपा नेता की जान ली गई है। हमने आठ लोगों को गिरफ्तार किया है। हमने सात खून से सने हथियार, एक जोमैटो टी-शर्ट, एक जोमैटो बैग और तीन बाइक जब्त की हैं, जिनका अपराध करने में इस्तेमाल किया गया था।

राष्ट्रपति विक्रमसिंघे ने बताया अर्थव्यवस्थात्मक दबाव, श्रीलंका के कर्मचारियों की वेतन वृद्धि नहीं

कोलंबो. श्रीलंका के राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे ने कहा कि सरकारी क्षेत्र के कर्मचारियों का इस कोई वेतन नहीं बढ़ाया जाएगा। उन्होंने आगाह किया कि उचित योजना के बिना वेतन को बढ़ाने से राष्ट्रपति और आम चुनावों से पहले सरकार कमजोर हो सकती है। एक न्यूज पोर्टल के अनुसार, 75 वर्षीय विक्रमसिंघे राष्ट्रपति पद के लिए फिर से चुनाव लड़ने की उम्मीद है। उन्होंने अर्थव्यवस्था को लेकर जारी तनाव को स्वीकार किया। उन्होंने कहा कि पिछले कार्यक्रमों में बढ़े हुए लाभ और भत्ते प्रदान करने से अतिरिक्त धन की कमी हुई है। विक्रमसिंघे ने श्रीलंका में 10,000 रुपये की वेतन वृद्धि और अश्वसुमा कार्यक्रम के तहत लागू किए गए अतिरिक्त लाभों पर प्रकाश डाला। रिपोर्ट में कहा गया है कि उन्होंने राजकोषीय जिम्मेदारी की आवश्यकता पर बल दिया तथा आगाह किया कि उचित योजना के बिना वेतन में और वृद्धि करने से सरकार कमजोर हो सकती है। वेतन वृद्धि का रास्ता साफ हो जाएगा विक्रमसिंघे ने आगामी चुनावों से पहले राष्ट्रीय स्थिरता को प्राथमिकता देने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने वेतन समायोजन की समीक्षा के लिए एक समिति के गठन का एलान किया। रिपोर्ट में कहा गया कि उनकी सिफारिशों को 2025 के बजट में शामिल किया जाएगा, जिससे अगले साल संभावित वेतन वृद्धि का रास्ता साफ हो जाएगा। कई लोगों को लाभ मिलेगा राष्ट्रपति ने कहा कि उनके प्रशासन के दृष्टिकोण से कई लोगों को लाभ मिलेगा। उन्होंने आगामी चुनावों पर ध्यान केंद्रित करने के महत्व को दोहराया और कहा कि अन्य पार्टियां आर्थिक स्थिरता को प्रभावी ढंग से प्राथमिकता नहीं दे सकती हैं। बता दें, अगला राष्ट्रपति चुनाव सितंबर के मध्य और अक्तूबर के मध्य के बीच होना है।

बनेंगे नाटो महासचिव, नीदरलैंड के 14 साल PM रहे मार्क रट ने सत्ता सौंपकर हुए साइकिल पर विदा

एम्स्टर्डम. सादगी हो तो ऐसी। नीदरलैंड के प्रधानमंत्री मार्क रट इन दिनों काफी चर्चा में हैं। निवर्तमान प्रधानमंत्री रट ने हेग स्थित अपने कार्यालय से अनोखे अंदाज में साइकिल चलाकर पीएमओ से विदाई ली। 14 साल के कार्यकाल के बाद रट ने प्रधानमंत्री का पदभार पूर्व खुफिया प्रमुख डिक शूफ को सौंप दिया है। शूफ को राजा विलेम-अलेक्जेंडर की अध्यक्षता में आयोजित समारोह में प्रधानमंत्री पद की शपथ दिलाई गई। रट अब नाटो के नए महासचिव के रूप में कार्यभार संभालेंगे। भारत की पूर्व आईपीएस अधिकारी और पुडुचेरी की गवर्नर रह चुकीं किरन बेदी ने सोशल मीडिया पोस्ट में नीदरलैंड (डच) के पूर्व प्रधानमंत्री की साइकिल चलाकर पीएम हाउस से विदाई लेते हुए वीडियो को शेयर किया। उन्होंने कैप्शन में लिखा, 14 वर्षों तक सत्ता में रहने के बाद पूर्व डच प्रधानमंत्री मार्क रट ने अपने उत्तराधिकारी डिक शूफ को आधिकारिक रूप से सत्ता सौंपने की रस्म पूरी करने के बाद बेहद सादगी से प्रधानमंत्री कार्यालय छोड़ा। सोशल मीडिया पर यह वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में रट साइकिल चलाते हुए ऑफिस से बाहर निकलते हुए दिखाई दे रहे हैं, जबकि उनके स्टाफ के सदस्य हाथ हिलाकर उनका उत्साहवर्धन कर रहे हैं। प्रधानमंत्री कार्यालय से रट जब साइकिल से अपने घर जा रहे थे तो वहां मौजूद मीडियाकर्मी उनकी फोटो और वीडियो बनाते हुए नजर आए। नाटो के महासचिव की जिम्मेदारी संभालेंगे करीब डेढ़ दशक तक नीदरलैंड का नेतृत्व करने के बाद रट अब अपने अनुभव के साथ ब्रसेल्स जाएंगे, जहां वे इस वर्ष के अंत में नाटो के नए महासचिव के रूप में कार्यभार संभालेंगे। उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) ने बीते महीने मार्क रट को अपना अगला महासचिव नियुक्त किया था। यूक्रेन में युद्ध तेज होने के बीच यूरोपीय सुरक्षा के लिए सबसे महत्वपूर्ण समय में वे विश्व के सबसे बड़े सैन्य सुरक्षा संगठन का प्रभार संभालेंगे। गौरतलब है मार्क रट जी20 शिखर सम्मेलन के दौरान भारत दौरे पर आए थे। इस दौरान पीएम मोदी ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया था। शिखर सम्मेलन में बाइडन करेंगे स्वागत नाटो के राजदूतों ने ब्रसेल्स में 32 सदस्यीय इस गठबंधन के मुख्यालय में एक बैठक के दौरान रट की नियुक्ति पर अंतिम मुहर लगाई थी। अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन और उनके समकक्ष नेता 9 से 11 जुलाई तक वाशिंगटन में एक शिखर सम्मेलन में उनका औपचारिक स्वागत करेंगे। नीदरलैंड के पूर्व प्रधानमंत्री एक अक्तूबर को नॉर्वे के मौजूदा महासचिव जेन्स स्टोल्टेनबर्ग का स्थान लेंगे। स्टोल्टेनबर्ग एक दशक से अधिक समय तक नाटो के महासचिव के पद पर रहे। साल 2022 में रूस के यूक्रेन पर आक्रमण के बाद उनका कार्यकाल बढ़ाया गया था।

मुंबई के अस्पताल का मामला गरमाया, मरीजों की रिपोर्ट में परोसा जा रहा खाने का सामान

मुंबई. महाराष्ट्र से एक और बड़ी चौंकाने वाली घटना सामने आई है। एक मरीज की बीमारियों से संबंधित रिपोर्ट डॉक्टर के लिए काफी महत्वपूर्ण होती है। मगर मुंबई से जो मामला सामने आया है वह बेहद चौंकाने वाला है। यहां एक अस्पताल में इस तरह लापरवाही की गई कि मरीजों की मेडिकल रिपोर्ट को पेपर प्लेटें यानि खाने की प्लेट बना दी गईं। इसमें लोगों को खाना परोसकर दिया जा रहा है। दरअसल, यह मामला मुंबई के किंग एडवर्ड मेमोरियल (केईएम) अस्पताल बताया जा रहा है। घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में देखा जा सकता है कि अस्पताल के मरीजों की रिपोर्ट को खाने की प्लेट बना दिया गया है। इतना ही नहीं इन प्लेट पर मरीजों तक के नाम लिखे हैं। वहीं ऊपर अस्पताल का नाम भी है। मामले पर जब हंगामा मचा तो अस्पताल प्रशासन ने छह कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। पूर्व मेयर ने प्रशासन पर साधा निशाना मुंबई की पूर्व मेयर किशोरी पेडनेकर ने सोशल मीडिया पर उजागर करते हुए अस्पताल प्रशासन और नगर निगम पर गंभीर आरोप लगाते हुए इसकी तस्वीर भी पोस्ट की। उन्होंने एक्स पर कहा, ‘ये क्या हो रहा है? जागो प्रशासन…जिन्होंने यह किया है उनपर कार्रवाई होनी चाहिए।’

एयर स्ट्राइक की चपेट में आया स्कूल, इस्राइल के शांति वार्ता से पहले बड़े हमले में 16 की मौत

गाजा. गाजा पर इस्राइल ने हवाई हमले किए गए। एक हमला संयुक्त राष्ट्र के संचालित स्कूल पर भी हुआ। अधिकारिक बयान के अनुसार इस हमले में 16 लोगों की मौत हो गई। वहीं लेबनान के साथ इसकी उत्तरी सीमा पर भी हिंसा होने लगी है। इस्राइल और हमास के बीच पिछले दस माह से युद्ध चल रहा है। दोनों देशों के बीच युद्ध रोकने के प्रयास जारी है। शुक्रवार को इस्राइल ने कहा कि कतर के मध्यस्थों के साथ वार्ता जारी रखने के लिए प्रतिनिधिमंडल भेजेगा। प्रधानमंत्री के प्रवक्ता ने कहा कि युद्ध विराम और बंधकों की रिहाई के समझौते को लेकर हमास के साथ अभी भी खामियां हैं। वहीं इससे पलहे एक प्रवक्ता ने कहा कि यह सहमति बनी कि अगले सप्ताह इस्राइली वार्ताकार वार्ता जारी रखने के लिए दोहा जाएंगे। दोनों पक्षों के बीच अभी भी मतभेद हैं। बता दें कि नवंबर में एक सप्ताह के विराम के बाद से कोई युद्धविराम नहीं हुआ। जिस दौरान इस्राइली जेल में बंद 240 फिलिस्तीनियों के बदले में 80 इस्राइली बंधकों को रिहा किया गया था। युद्ध में हमास द्वारा संचालित गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि फिलिस्तीनी शरणार्थियों के लिए संयुक्त राष्ट्र एजेंसी, यूएनआरडब्ल्यूए द्वारा संचालित एक स्कूल पर हमले में 16 लोग मारे गए। ये मध्य गाजा के नुसेरात में विस्थापित लोगों को आश्रय दे रहा था। इस्राइली सेना ने कहा कि उसके विमानों ने अल-जौनी स्कूल के आस-पास के आतंकवादियों को निशाना बनाया था। सेना ने पहले कहा कि उसने उत्तर में शुजाइया, मध्य गाजा में देर अल-बलाह और दक्षिण में राफा सहित गाजा पट्टी के अधिकांश हिस्सों में अभियान चलाए हैं। वहीं सेना ने एक घोषणा में बताया था कि वह हमास से मुक्त हो गया, लेकिन अब वहां फिर से लड़ाई शुरू हो गई है, ये शुजाइया क्षेत्र है। पैरामेडिक्स ने शनिवार को नुसेरात शरणार्थी शिविर में एक घर हुए हवाई हमले में 10 लोगों की मौत हुई। वहीं एक रात भर हुए हमले में चार पत्रकार भी मारे गए। वहीं एक तरफ संयुक्त राज्य अमेरिका ने कतर और मिस्र के साथ वार्ता में मध्यस्थता की है। इसने समझौते की संभावनाओं पर चर्चा करते हुए कहा है कि इसमें दोनों पक्षों के लिए महत्वपूर्ण है। हमास के एक वरिष्ठ अधिकारी ओसामा हमदान ने एएफपी को बताया कि समूह के नए विचारों को मध्यस्थों द्वारा अमेरिकी पक्षों को अवगत कराया गया। इस्राइल में नियमित विरोध प्रदर्शनों और रैलियों के साथ बंधकों की रिहाई के लिए घरेलू स्तर पर दबाव बढ़ गया। वहीं दूसरी ओर गाजा युद्ध शुरू होने के बाद इस्राइल और लेबनान के ईरान समर्थित हिजबुल्लाह आंदोलन के बीच लगभग हर रोज सीमा पार से गोलीबारी होती है। पिछले महीने से हमलों में वृद्धि हुई है। शनिवार की सुबह, उत्तरी इजराइल में सायरन बजने लगे और सेना ने कहा कि उसने एक “संदिग्ध हवाई लक्ष्य” को मार गिराया है तथा लेबनान से प्रक्षेपित दो “शत्रु विमान” खुले मैदान में गिरे। सेना ने पहले कहा था कि उसने रात भर दक्षिणी लेबनान में हिजबुल्लाह के कई आतंकवादी ठिकानों पर हमला किया, जो सभी सीमा के पास थे। हिजबुल्लाह के अनुसार शनिवार को पूर्वी लेबनान में एक वाहन को निशाना बनाकर इजरायली ड्रोन हमला किया गया, जिसमें हिजबुल्लाह के एक अधिकारी की मौत हो गई। इजरायल ने कहा कि वह समूह की वायु रक्षा इकाई का हिस्सा था।

सहयोग के नए रास्ते तलाशने पर चर्चा को दोनों देश उत्सुक, पीएम मोदी ने ऑस्ट्रिया के पहले दौरे पर जताई खुशी

नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जल्द ही ऑस्ट्रिया के दौरे पर जाने वाले हैं। यह बीते 40 वर्षों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री का पहला ऑस्ट्रिया दौरा है। दौरे से पहले पीएम मोदी ने रविवार को कहा कि दोनों देशों में लोकतंत्र, स्वतंत्रता और कानून का शासन के साझा मूल्य वे आधार हैं, जिस पर दोनों देश करीबी साझेदारी का निर्माण करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी ने यह टिप्पणी ऑस्ट्रिया के चांसलर कार्ल नेहमर के उस सोशल मीडिया पोस्ट के जवाब में आई है, जिसमें नेहमर ने पीएम मोदी के स्वागत के लिए उत्सुक होने की बात कही थी। ऑस्ट्रियाई चांसलर कार्ल नेहमर ने एक्स पर साझा पोस्ट में लिखा ‘मैं अगले सप्ताह वियना में दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वागत करने के लिए बहुत उत्सुक हूं। यह यात्रा एक विशेष सम्मान है, क्योंकि 40 से अधिक वर्षों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली ऑस्ट्रिया यात्रा है और भारत के साथ राजनयिक संबंधों के 75 साल पूरे होने के अवसर पर एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।’ ऑस्ट्रियाई चांसलर ने कहा, ‘हमारे पास अपने द्विपक्षीय संबंधों को और गहरा करने और कई भू-राजनीतिक चुनौतियों पर सहयोग के बारे में बात करने का अवसर होगा।’ पीएम मोदी ने लिखा- सहयोग के नए रास्ते तलाशेंगे कार्ल नेहमर को जवाब देते हुए पीएम मोदी ने कहा, ‘धन्यवाद, चांसलर कार्ल नेहमर। इस ऐतिहासिक अवसर पर ऑस्ट्रिया का दौरा करना वास्तव में सम्मान की बात है। मैं हमारे देशों के बीच के संबंधों को मजबूत करने और सहयोग के नए रास्ते तलाशने पर हमारी चर्चा का इंतजार कर रहा हूं।’ प्रधानमंत्री ने कहा, ‘लोकतंत्र, स्वतंत्रता और कानून का शासन के साझा मूल्य वह आधार हैं, जिस पर हम और भी करीबी साझेदारी का निर्माण करेंगे।’ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 22वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन के लिए राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के निमंत्रण पर 8 और 9 जुलाई को मास्को की यात्रा करेंगे। उसके बाद 9 और 10 जुलाई को अपनी पहली यात्रा के लिए ऑस्ट्रिया जाएंगे।

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