LATEST NEWS

सुनीता विलियम्स को अंतर‍िक्ष में लेकर गए बोइंग के स्टारलाइनर कैप्सूल में सकता है विस्फोट?

वॉशिंगटन  भारतीय मूल की अमेरिकी एस्ट्रोनॉट सुनीता विलियम्स और उनके साथी बुच विल्मोर स्पेस में फंसे हुए हैं। सुनीता और विल्मोर को अपने मिशन के तहत अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन (आईएसएस) पर एक सप्ताह बिताने के बाद 13 जून को धरती पर लौटना था लेकिन बोइंग स्टारलाइनर में खराबी के चलते उनकी वापसी नहीं हो पा रही है। अब ये भी सवाल उठने लगा है कि क्या अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर को ले जा रहे बोइंग के स्टारलाइनर कैप्सूल में विस्फोट हो सकता है। यह सवाल तब सामने आया जब नासा ने विस्फोट न कराने के लिए एयरोस्पेस कंपनी की सराहना की। नासा ने बोइंग की प्रशंसा की है क्योंकि कैप्सूल पर आईएसएस की यात्रा करने वाले अंतरिक्ष यात्री तब तक वहां रह सकेंगे, जब तक बोइंग को समस्याओं को ठीक करने में समय लगेगा। इकनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, यह चेतावनी दी गई थी कि बोइंग कैप्सूल में समस्याएं हो सकती हैं और लिफ्टऑफ से पहले यह पता चला कि हीलियम लीक हो गया था। इन सभी नकारात्मक परिस्थितियों के बावजूद नासा जून की शुरुआत में पहले क्रू स्टारलाइनर लॉन्च के साथ आगे बढ़ा। आईएसएस की अपनी यात्रा में लीक बढ़ी और वहां पहुंचने के बाद डॉकिंग में परेशानी का सामना करना पड़ा। इससे पहले 2019 में अपनी पहली परीक्षण उड़ान के दौरान यह अपनी अपेक्षित कक्षा तक पहुंचने में विफल रहा था। इसके बारे में बाद में पता चला कि ऑनबोर्ड घड़ी गलत तरीके से सेट की गई थी और इसके कारण स्टारलाइनर के थ्रस्टर्स गलत समय पर चालू हो गए। नासा ने कहा- बैटरियां चार्ज हो रही हैं नासा के वाणिज्यिक क्रू कार्यक्रम के प्रबंधक स्टीव स्टिच ने स्पेस डॉट कॉम को बताया कि बैटरियां चार्ज हो रही हैं। हम उन बैटरियों और कक्षा में उनके प्रदर्शन को देख रहे हैं। उन्हें स्टेशन द्वारा रिचार्ज किया जा रहा है। इंजीनियरों ने बोइंग अंतरिक्ष यान में कई समस्याएं पाई हैं और नासा अभी भी ये बताने की स्थिति में नहीं है कि दोनों एस्ट्रोनॉट की वापसी कब होगी। हालांकि राहत की बात ये है कि अभी तक दोनों एस्ट्रोनॉट स्वस्थ हैं। बोइंग का स्टारलाइनर कैप्सूल 5 जून को अमेरिका के समयानुसार सुबह 10 बजकर 52 मिनट पर फ्लोरिडा के केप कैनवेरल स्पेस फोर्स स्टेशन से चालक दल के साथ अपनी पहली उड़ाने के लिए रवाना हुआ था। ये नौ दिवसीय मिशन तब पटरी से उतर गया जब हीलियम लीक ने उनकी वापसी की तारीख को अनिश्चित बना दिया है। अंतरिक्ष रहस्यों से भरी दुनिया है. नासा की भारतीय मूल की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स अपने साथी बैरी विल्मोर के साथ अंतरिक्ष में फंस गई हैं. लेकिन सवाल ये है कि आखिर सुनीता विलियम्स स्पेस में कैसे फंसी हैं और उनकी धरती पर वापसी कैसे होगी. आज हम आपको बताएंगे कि अंतरिक्ष में फंसने पर किसी भी एस्ट्रोनॉट्स की धरती पर वापसी कैसे होती है.   स्पेस अंतरिक्ष के रहस्यों को सुलझाने के लिए अधिकांश देशों के वैज्ञानिक लग हुए हैं. जिसके लिए वो अलग-अलग प्रोजेक्ट करते हैं. अभी बीते जून में भारतीय मूल की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स अपने साथी बैरी विल्मोर के साथ स्पेस में गई थी. लेकिन बोइंग स्टारलाइनर में खराबी आने की वजह से दोनों अंतरिक्ष यात्री वापस लौट नहीं पाए हैं. अंतरिक्ष यान दोनों अंतरिक्ष यात्रियों को अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) पर पांच जून को लेकर गया था. स्पेस में खतरा अंतरिक्ष में जाने वाले अंतरिक्षयात्रियों के ऊपर कई तरह के खतरे होते हैं. स्पेस का कोई भी प्रोजेक्ट 100 फीसदी सुरक्षित नहीं होता है. अंतरिक्ष यात्रा के दौरान, उल्कापिंड, स्पेस मलबा भी एक खतरा है. हालांकि अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स स्पेस स्टेशन में दो बार लंबा समय बिता चुकी हैं. लेकिन इस बार वो स्पेस में फंस गई हैं. उनके स्पेसक्राफ्ट में खराबी के कारण धरती पर वह नहीं आ पाई हैं. इस कारण वह अभी भी स्पेस स्टेशन में मौजूद हैं. नासा के मुताबिक मिशन को 45 दिनों तक बढ़ाया जा सकता है. अब सवाल है कि आखिर इस दौरान एस्ट्रोनॉट्स के शरीर पर क्या असर पड़ेगा? और सुनीता विलियम्स और उनके साथ धरती पर कैसे लौटेंगे.  शरीर पर क्या असर? स्पेस में ज्यादा दिनों तक रहने पर शरीर के तरल पदार्थ माइक्रोग्रैविटी में ऊपर की ओर बढ़ते हैं. इस कारण हमारे शरीर के फिल्टर सिस्टम यानी किडनी को समस्याओं का सामना करना पड़ता है. इस दौरान शरीर में मौजूद तर ऊपर की ओर जाते हैं, जिससे चेहरे पर सूजन आ जाती है. गुर्दे उचित द्रव संतुलन बनाए रखने के लिए संघर्ष करते हैं, जिससे संभावित रूप से डिहाइड्रेशन या फ्लूइड ओवरलोड होता है. माइक्रोग्रेविटी के कारण हड्डियों में कैल्शियम का उत्सर्जन बढ़ने से गुर्दे में पथरी का खतरा बढ़ जाता है. धरती पर कब लौंटेगी सुनीता स्पेस से वापस धरती पर सुनीता विलियम्स और उनके साथी कब लौटेंगे, इसको लेकर नासा की तरफ से कोई बयान जारी नहीं किया गया है. नासा के मुताबिक इस मिशन को 45 दिनों तक बढ़ाया जा सकता है. अनुमान के मुताबिक सुनीता और उनके साथी की वापसी जुलाई महीने के अंत तक हो सकती है. नासा की टीम लगातार सभी तकनीकी खामियों को दूर करने और उनको समझने का प्रयास कर रही हैं. 

भारतीय न्याय संहिता के Section 69 पुरुषों को दे रही टेंशन, यह धारा पुरुषों के लिए बन रही सांसत, एक्सपर्ट से जानिए

नई दिल्ली  एक लड़की ने लड़के पर नशीला पदार्थ खिलाने और दिल्ली ले जाकर रेप करने का आरोप लगाया। नतीजतन लड़के को 4 साल की जेल काटनी पड़ी। इसी साल मई की शुरुआत में बरेली की एक सत्र अदालत के सामने यह मामला आया तो कोर्ट में वह लड़की गवाही के दौरान अपने आरोपों से मुकर गई, जिस पर कोर्ट ने लड़के को बरी कर दिया। हालांकि, फिर भी वो जेल में 4 साल की जेल काट चुका था। उसे उस गुनाह की सजा मिली, जो उसने की ही नहीं थी। मामला 2019 का था,जब लड़के पर अपहरण और रेप का मुकदमा दर्ज किया गया था। कोर्ट ने लड़के को दोषमुक्त किया और लड़की को भी उतनी ही यानी 4 साल जेल की सजा सुनाई। आज बात करते हैं भारतीय न्याय संहिता (BNS) की जिसने 1 जुलाई 2024 से इंडियन पीनल कोड की जगह ली है। नए कानूनों में से एक सेक्शन 69 के बारे में लीगल एक्सपर्ट से जानते हैं। दरअसल, माना जा रहा है कि धारा 69 को लागू करके एक तरह से रिलेशनशिप में धोखा देने या ब्रेकअप को गैरकानूनी बना दिया गया है। पुरुषों से वसूली के लिए झूठे मुकदमे लिखवाना ठीक नहीं कोर्ट ने कहा, महिलाओं के ऐसे कृत्य से जो असली पीड़िता हैं, उन्हें नुकसान उठाना पड़ता है। यह समाज के लिए बेहद गंभीर है। अपने मकसद की पूर्ति के लिए पुलिस व कोर्ट को माध्यम बनाना आपत्तिजनक है। महिलाओं को पुरुषों के हितों पर आघात करने की छूट नहीं दी जा सकती। अदालत ने ये भी कहा कि यह मुकदमा उन महिलाओं के लिए नजीर बनेगा जो पुरुषों से वसूली के लिए झूठे मुकदमे लिखाती हैं। श्री 420 नहीं , अब श्री 318 कहिए, आज से लागू हो जाएंगे तीन नए आपराधिक कानून, जानिए क्या-क्या बदलेगा क्या है धारा 69, यह रेप से कितना अलग सुप्रीम कोर्ट में एडवोकेट अनिल सिंह श्रीनेत कहते हैं कि भारतीय न्याय संहिता का सेक्शन 69 कहता है कि जो भी छल या धोखा देकर या शादी का वादा करके पार्टनर से संबंध बनाता तो ऐसा यौन संबंध रेप की कैटेगरी में नहीं आएगा। ऐसे मामलों में सजा होगी, जो कम से कम 1 साल और अधिकतम 10 साल तक हो सकती है और साथ में जुर्माना भी लगाया जा सकता है। यह धारा उन मामलों में लागू होगी जो रेप की कैटेगरी में नहीं आते हैं। ये आंकड़े एनसीआरबी के 2019 तक के हैं कानून की नजर में क्या है धोखा देना एडवोकेट अनिल सिंह श्रीनेत बताते हैं कि धोखा देने का मतलब यह है कि पार्टनर को संबंध बनाने के लिए प्रेरित करना या नौकरी, प्रमोशन या शादी का झांसा देकर यौन संबंध बनाना। कानूनी रूप से लोचा यहीं पर है। अनिल सिंह कहते हैं कि सेक्शन 69 बेहद व्यापक है। इसका दुरुपयोग किया जा सकता है। जिस तरह से रेप के झूठे मामले बढ़ रहे हैं, उसे देखते हुए अलग से इस पर कानून बनाया जाना जरूरी था। मगर, इसके बावजूद यह पुरुषों के लिए ज्यादा टेंशन देने वाला है। क्योंकि ज्यादातर रिलेशनशिप में ब्रेकअप होते रहते हैं। ऐसे में महिला पार्टनर के एफआईआर दर्ज कराने की आशंका बनी रहती है। 69 में ऐसा क्या है, जो पुरुषों के लिए टेंशन की बात एडवोकेट अनिल सिंह श्रीनेत के अनुसार, आप किसी भी रिलेशनशिप को यह साबित नहीं कर सकते कि वह ठीक से चल रहा है या नही। आप सभी मैसेज या फोन कॉल्स रिकॉर्ड नहीं कर सकते। सबसे बड़ी बात यह है कि आप यह कैसे साबित करोगे कि किसी ने धोखा या छल किया है या नहीं। ईगो की लड़ाई में पुरुष पार्टनर को हो रही जेल दिल्ली के साकेत कोर्ट में एडवोकेट शिवाजी शुक्ला बताते हैं कि सेक्शन 69 के तहत यह पहले ही मान लिया जाता है कि पुरुष ही आरोपी है। यह उस आरोपी का दायित्व हो जाता है कि वह खुद साबित करे कि वह निर्दोष है। बहुत सी महिलाएं ऐसी आती हैं, जब उनकी रिलेशनशिप खराब हो जाती है तो वह पुरुष पार्टनर को परेशान करने के लिए या अपने ईगो को शांत करने के लिए उस पर रेप का आरोप लगा देती हैं। नौकरी या प्रमोशन के झूठे वादे को शामिल करना ठीक नहीं एडवोकेट शिवाजी शुक्ला कहते हैं कि धारा 69 में नौकरी या प्रमोशन के झूठे वादे को शामिल करना ठीक नहीं है, क्योंकि शादी के वादे को प्रमोशन के वादे के साथ नहीं जोड़ा जा सकता। शादी का वादा प्यार और भरोसे पर टिका होता है। वहीं नौकरी या प्रमोशन एक तरह का फायदा लेना है। पहले क्या था नियम, अब क्यों हटाया गया अनिल सिंह श्रीनेत के अनुसार, भारतीय दंड संहिता (IPC), 1860 के तहत ‘धोखे से यौन संबंध’ के अपराध को परिभाषित नहीं किया गया था। हालांकि, उसकी धारा 90 कहती है कि यौन संबंध की वो सहमति अवैध मानी जाएगी जो तथ्य की गलतफहमी में दी गई है। यदि सहमति किसी व्यक्ति ने डर या दबाव में आकर दी है, तो वो भी मान्य नहीं होगी। ऐसे मामलों में आरोपियों पर धारा 375 (रेप) के तहत मुकदमा दर्ज होता था। उस वक्त शादी का झांसा देकर बनाए गए संबंधों को रेप की कैटेगरी में डाल दिया जाता था, जिसमें कठोर सजा होती है। आज लिवइन रिलेशनशिप या लड़के-लड़की के साथ रहने का चलन तेजी से बढ़ा है। ऐसे में आपसी सहमति से जब यौन संबंध बनाए जाते हैं तो उसे रेप की कैटेगरी में रखना ठीक नहीं था। कई मौकों पर अदालत कह चुकी है कि शादी का वादा करने का मतलब यह नहीं है कि कोई लड़की अपने पार्टनर के साथ संबंध बना ही ले। उसे तब भी इससे बचना चाहिए। बदले के लिए पुरुष पार्टनर पर लगा देती हैं आरोप एडवोकेट अनिल सिंह श्रीनेत कहते हैं कि कई बार निजी भड़ास निकालने के लिए, किसी बात का बदला लेने के लिए, मुआवजा हासिल करने के लिए भी रेप के झूठे आरोप लगाए जाते हैं। यह भी देखा गया है कि रिलेशनशिप खत्म होने पर भी पुरुष पार्टनर पर रेप का आरोप लगा दिया जाता है। परिवार के दबाव में भी लड़कियां रेप का आरोप लगा देती हैं। 2017 … Read more

दिग्गज अर्थशास्त्री और नीति निर्माता ने कहा- 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने की ओर भारत अग्रसर

नई दिल्ली  भारत के बड़े अर्थशास्त्री और नीति निर्माताओं में एक एनके सिंह ने कहा है कि विश्व भारत के युग में प्रवेश की दहलीज पर खड़ा है और तेज वृद्धि दर होने के कारण देश 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने की ओर बढ़ रहा है।भारत के बड़े अर्थशास्त्री (Economist) और नीति निर्माताओं (Policy Maker) में एक एनके सिंह (NK Singh) ने कहा है कि विश्व भारत के युग में प्रवेश की दहलीज पर खड़ा है और तेज वृद्धि दर होने के कारण देश 2047 तक विकसित राष्ट्र (Developed Country) बनने की ओर बढ़ रहा है. सिंह ने ये बातें लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स एंड पॉलिटिकल साइंस (London School of Economics and Political Science) यानी एलएसई (LSI) में प्रतिष्ठित मानद फेलोशिप (Fellowship) प्रदान किए जाने के दौरान अपने संबोधन में कहीं. सम्मान मिलने बाद क्या कहा? एनके सिंह भारत के प्रमुख अर्थशास्त्रियों में से एक हैं. वे 15वें वित्त आयोग के चेयरमैन रह चुके हैं. एनके सिंह ने आगे कहा कि उन्हें नोबेल पुरस्कार से सम्मानित प्रोफेसर अमर्त्य सेन और पूर्व राष्ट्रपति केआर नारायणन जैसे भारतीयों की श्रेणी में आकर गर्व महसूस हो रहा है. सिंह ने ये बातें लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स एंड पॉलिटिकल साइंस (एलएसई) में प्रतिष्ठित मानद फेलोशिप प्रदान किए जाने के दौरान अपने संबोधन में कहीं। सिंह ने आगे कहा कि उन्हें नोबेल पुरस्कार से सम्मानित प्रोफेसर अमर्त्य सेन और पूर्व राष्ट्रपति केआर नारायणन जैसे भारतीयों की श्रेणी में आकर गर्व महसूस हो रहा है। यूनिवर्सिटी की ओर से कहा गया कि सिंह को दिया गया सम्मान एलएसई के साथ लंबे समय तक और प्रतिबद्ध संबंधों और एलएसई के भारत सलाहकार बोर्ड के सह-अध्यक्ष के रूप में भारत के साथ संबंधों को सुविधाजनक बनाने में उसके प्रयासों को मान्यता देता है। अपने संबोधन में सिंह ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तीसरे कार्यकाल में वह और सभी केंद्रीय मंत्री 2047 के विकसित भारत के विजन को लेकर प्रतिबद्ध हैं। अगले दशकों तक भारत को विकास दर की इस रफ्तार को बनाए रखने की जरूरत है। भारत दुनिया की सबसे तेज अर्थव्यवस्था है। वित्त वर्ष 2023-24 में भारत की विकास दर 8.2 प्रतिशत थी, जो कि चालू वित्त वर्ष में 7.2 प्रतिशत रहने का अनुमान है। एनके सिंह भारत के प्रमुख अर्थशास्त्रियों में से एक हैं। वे 15वें वित्त आयोग के चेयरमैन रह चुके हैं। इससे पहले, वे राजकोषीय उत्तरदायित्व और बजट प्रबंधन समीक्षा समिति (एफआरबीएम) के अध्यक्ष रह चुके हैं। वे 2008 से 2014 तक संसद के उच्च सदन, राज्य सभा के सदस्य भी रहे। इस दौरान उन्होंने लोक लेखा समिति, विदेश मामलों की समिति और मानव संसाधन विकास समिति सहित कई प्रमुख संसदीय स्थायी समितियों में योगदान दिया।

नॉन अल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज एक आम मेटाबोलिक लिवर डिसऑर्डर है जो बाद में लिवर कैंसर में बदल सकता है: डॉ. जितेंद्र

नई दिल्ली केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने शुक्रवार को कहा कि भारत में हर तीसरा व्यक्ति फैटी लिवर से पीड़ित है, जो टाइप-2 मधुमेह और मेटाबोलिक डिसऑर्डर के पहले की स्‍थिति है। राष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध मधुमेह रोग विशेषज्ञ डॉ. जितेंद्र ने कहा कि नॉन अल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज एक आम मेटाबोलिक लिवर डिसऑर्डर है जो बाद में सिरोसिस और प्राइमरी लिवर कैंसर में बदल सकता है। यह मधुमेह, उच्च रक्तचाप, हृदय रोग और कई अन्य बीमारियों से पहले होता है। एक एंडोक्रिनोलॉजिस्ट के रूप में मैं फैटी लिवर की बारीकियों और मधुमेह व अन्य मेटाबोलिक डिसऑर्डर के साथ इसके संबंध को मैं समझता हूं। वह राष्ट्रीय राजधानी स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ लिवर एंड बिलियरी साइंसेज में मेटाबोलिक लिवर रोगों की रोकथाम और उपचार के लिए एक वर्चुअल नोड, इंडो फ्रेंच लिवर एंड मेटाबोलिक डिजीज नेटवर्क के शुभारंभ के अवसर पर बोल रहे थे। इस नोड में ग्यारह फ्रांसीसी और 17 भारतीय डॉक्टर संयुक्त रूप से काम करेंगे। मंत्री ने कहा कि भारतीय उपमहाद्वीप और यूरोप दोनों में जीवन शैली आहार में परिवर्तन और मुख्य रूप से मधुमेह और मोटापे जैसे मेटाबॉलिक सिंड्रोम के कारण नॉन-अल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि भारतीय उपमहाद्वीप में यह डिजीज लगभग 20 प्रतिशत गैर-मोटे रोगियों में होती है, जबकि पश्चिम में नॉन-अल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज के अधिकांश मामले मोटापे से जुड़े हुए हैं। उन्होंने आगे कहा कि भारत और फ्रांस दोनों में अल्कोहलिक लिवर डिजीज के काफी मामले हैं। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि नॉन-अल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज और अल्कोहलिक लिवर डिजीज दोनों ही स्टेटोसिस से लेकर स्टेटोहेपेटाइटिस सिरोसिस और एचसीसी तक एक समान प्रगति प्रदर्शित करते हैं। डॉ. जितेंद्र ने कहा कि भारत न केवल उपचारात्मक स्वास्थ्य सेवा में बल्कि निवारक स्वास्थ्य सेवा में भी वैश्विक अग्रणी बन गया है, जो पिछले दशक में भारत की प्रगति को दर्शाता है।उन्होंने कहा कि फैटी लिवर के विभिन्न चरणों और गंभीर, पूर्ण विकसित बीमारियों में उनकी प्रगति का पता लगाने के लिए सरल, कम लागत वाले नैदानिक ​​परीक्षण विकसित करने की आवश्यकता है। उन्होंने महत्वपूर्ण रूप से कहा कि दृष्टिकोण और एल्गोरिदम भारतीय संदर्भ के अनुरूप होने चाहिए, कम कीमत के साथ सावधानी बरतने वाले होने चाहिए।

खैबर पख्तूनख्वा पाकिस्तान के उत्तर-पश्चिम में हिंसा से ग्रस्त प्रांत है, विस्फोट में 3 की मौत, 8 घायल

इस्लामाबाद पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में शुक्रवार को हुए विस्फोट में कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई और आठ अन्य घायल हो गए। वहां की पुलिस के हवाले से ये जानकारी सामने आई है। खैबर पख्तूनख्वा पाकिस्तान के उत्तर-पश्चिम में हिंसा से ग्रस्त प्रांत है। यह विस्फोट प्रांत के मर्दन जिले के तख्त-ए-बही इलाके में एक पुल पर हुआ, जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई। इस विस्फोट में पुलिसकर्मियों सहित आठ अन्य घायल हो गए। जिला पुलिस अधिकारी मर्दन जहूर बाबर अफरीदी ने मीडिया को इस बारे में जानकारी दी। खबर के मुताबिक, उन्होंने कहा कि विस्फोट का निशाना पुलिस अधिकारी ही थे। विस्फोट तब हुआ, जब पुलिस का एक वाहन पुल के ऊपर से गुजर रहा था। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक जांच के अनुसार, पुल पर एक इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस लगाया गया था। विस्फोट के बाद बचाव दल, पुलिस और सुरक्षा बल तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे और घायलों को पास के अस्पताल ले गए । इलाके की घेराबंदी कर दी गई है, जबकि अपराधियों को पकड़ने के लिए तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। अभी तक किसी भी समूह ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। इससे पहले गुरुवार को प्रांत के बाजौर जिले में हुए विस्फोट में सीनेट के एक पूर्व सदस्य समेत पांच लोगों की मौत हो गई थी।

रोहित समेत सूर्यकुमार यादव, शिवम दुबे और यशस्‍वी जायसवाल को महाराष्ट्र विधानसभा में किया सम्‍मानित

नई दिल्ली टी20 वर्ल्‍ड कप 2024 का खिताब जीतने के बाद गुरुवार को भारतीय टीम की स्‍वदेश वापसी हुई। बारबाडोस से दिल्‍ली पहुंची भारतीय टीम प्रधानमंत्री आवास में पीएम नरेंद्र मोदी से मिली। इसके बाद विजेता टीम ने मुंबई में हुई विक्‍ट्री परेड में हिस्‍सा लिया। मरीन ड्राइव पर लाखों फैंस ने रोहित शर्मा एंड कंपनी का ऐतिहासिक स्‍वागत किया। इसके बाद कप्‍तान रोहित शर्मा को महाराष्ट्र विधान भवन में सम्‍मानित किया गया। रोहित के अलावा सूर्यकुमार यादव, शिवम दुबे और यशस्‍वी जायसवाल को भी महाराष्‍ट्र के मुख्‍यमंत्री एकनाथ शिंदे और डिप्टी सीएम देवेंद्र फड़नवीस ने सम्‍मानित किया। इस बीच महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने टी20 विश्व कप जीतने पर भारतीय क्रिकेट टीम को 11 करोड़ रुपये का इनाम देने की घोषणा की। ऐसा कार्यक्रम यहां कभी नहीं हुआ महाराष्ट्र विधान भवन में हुए एक कार्यक्रम में रोहित शर्मा ने मराठी में कहा, “सभी को नमस्कार। सीएम सर हमें यहां बुलाने के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद। बहुत अच्छा लगा सबको देखकर। सीएम सर ने बताया कि ऐसा कार्यक्रम यहां कभी नहीं हुआ है। हमें अच्छा लगा ऐसा कार्यक्रम हमारे लिए हो रहा है। कल जो हमने मुंबई में देखा वो हमारे लिए एक सपने की तरह है। हम वर्ल्‍ड कप लाने के लिए इतने साल रुके। हमने आखिरी बार 2013 में चैम्‍पियंस ट्रॉफी जीती थी।” जीत में पूरी टीम का योगदान रोहित शर्मा ने कहा, “ये केवल सूर्यकुमार यादव, शिवम दुबे या मेरी वजह से नहीं हुआ। जीत में पूरी टीम का योगदान है। मैं बहुत सौभाग्यशाली हूं जो ऐसी टीम मुझे मिली। ये सभी सॉलिड प्लेयर्स थे।” रोहित ने मजाकिया अंदाज में कहा, “सूर्यकुमार यादव ने भी बताया कि उसके हाथ में कैच बैठ गया। अच्छा हुआ वह बैठ गया नहीं तो मैंने उसको बैठा दिया होता।” साउ‍थ अफ्रीका के खिलाफ फाइनल में सूर्यकुमार यादव ने डेविड मिलन का बेहतरीन कैच लपका था। आखिरी ओवर की पहली गेंद पर पकड़े गए इस कैच में मैच का रुख बदल दिया और भारतीय टीम ने 7 रन से मुकाबले को अपने नाम किया।

कीर स्टार्मर के प्रधानमंत्री बनने के बाद पीएम मोदी को उन्हीं की सोच जैसा एक और दोस्त मिल जाएगा

नई दिल्ली ब्रिटेन में हुए आम चुनाव के नतीजे आ गए हैं। लेबर पार्टी का 14 सालों का वनवास खत्म हो गया। लेबर पार्टी की आंधी में कंजर्वेटिव पार्टी उड़ गई। लेबर पार्टी ने सत्ता में वापसी की है और कीम स्टार्मर प्रधानमंत्री बनने जा रहे हैं। लेबर पार्टी की इस आंधी की वजह भी कीर स्टार्मर ही हैं। कीर स्टार्मर के शासन काल में भी ब्रिटेन संग भारत की खूब बनने की संभावना दिख रही है। भारत संग ब्रिटेन के रिश्ते और गहरे होंगे! कीर स्टार्मर के प्रधानमंत्री बनने के बाद पीएम मोदी को उन्हीं की सोच जैसा एक और दोस्त मिल जाएगा। उम्मीद की जा रही है कि कीर स्टार्मर के राज में भारत संग ब्रिटेन के रिश्ते और गहरे होंगे। इसकी वजह है कि पीएम मोदी की तरह ही कीर स्टार्मर भी सोच रखते हैं। ब्रिटेन आम चुनाव में लेबर पार्टी के उम्मीदवार कीर स्टार्मर का नारा रहा है- कंट्री फर्स्ट, पार्टी सेकेंड। पूरे चुनावी अभियान में लेबर पार्टी और कीर स्टार्मर का इस पर फोकस रहा। वोटरों के बीच उनका यह नारा ‘कंट्री फर्स्ट, पार्टी सेकेंड’ काम कर गया। यही वजह है कि वोटरों ने कीम स्टार्मर की झोली भर दी और आज वह प्रधानमंत्री बनने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। कीर स्टार्मर की यह सोच- कंट्री फर्स्ट, पार्टी सेकेंड, भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन से मिलती-जुलती है।  पीएम मोदी का कहना है कि देश का विकास सिर्फ और सिर्फ नेशन फर्स्ट सिद्धांत से ही होगा। नेशन फर्स्ट सिद्धांत को लेकर वह कांग्रेस को कई बार कोस भी चुके हैं कि उसके लिए केवल परिवार फर्स्ट है, जबकि भाजपा के लिए नेशन फर्स्ट। कीम स्टार्मर फलस्तीन मामले पर भी मोदी की तरह ही सोच रखते हैं इतना ही नहीं, कीम स्टार्मर फलस्तीन मामले पर भी मोदी की तरह ही सोच रखते हैं। लेबर पार्टी फलिस्तीनी देश को मान्यता देने की वकालत करते आई है। भारत का भी इस मामले में ऐसा ही स्टैंड रहा है और मोदी इस बात को दोहरा भी चुके हैं। स्टार्मर ने यह भी कहा था कि अगर वह ब्रिटेन की सत्ता में आते हैं तो उनके लिए देश पहले होगा। वह ब्रिटेन की बेपटरी हो रही अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने का वादा कर चुके हैं। जानकारों का कहना है कि ब्रिटेन में लेबर पार्टी के आने से भारत के रिश्ते में किसी तरह की खटास नहीं आने की संभावना है। अव्वल तो यह कहा जा रहा है कि रिश्ते और मजबूत होंगे। खुद लेबर पार्टी कीर स्टार्मर ने कह रखा है कि लेबर सरकार भारत के साथ लोकतंत्र के हमारे साझा मूल्यों पर आधारित संबंध स्थापित करेगी। लेबर सरकार भारत के साथ एक नई रणनीतिक साझेदारी की तलाश करेगी। इसमें एक मुक्त व्यापार समझौता यानी फ्री ट्रेड एग्रीमेंट भी शामिल है। उन्होंने कहा था कि हम दोनों देशों के बीच वैश्विक सुरक्षा, जलवायु सुरक्षा, आर्थिक सुरक्षा के लिए एक नई रणनीतिक साझेदारी भी चाहते हैं।  

भारत राष्ट्र समिति नेता के कविता की न्यायिक हिरासत 18 जुलाई तक बढ़ा दी, लगा राउज एवेन्यू कोर्ट से झटका

नई दिल्ली राउज एवेन्यू कोर्ट ने शुक्रवार को दिल्ली आबकारी नीति से संबंधित केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) मामले में भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) नेता के कविता की न्यायिक हिरासत 18 जुलाई तक बढ़ा दी। के कविता को तिहाड़ जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश किया गया। उनके वकील ने न्यायिक हिरासत रिमांड का पुरजोर विरोध किया। राउज़ एवेन्यू अदालत कल उनके खिलाफ दायर आरोपपत्र पर विचार कर सकती है। 14 दिनों के लिए बढ़ाई गई न्यायिक हिरासत विशेष सीबीआई न्यायाधीश कावेरी बावेजा ने के. कविता की न्यायिक हिरासत अगले 14 दिनों के लिए बढ़ा दी। सुनवाई के दौरान उनके वकील पी मोहित राव ने न्यायिक हिरासत बढ़ाने की प्रार्थना का विरोध किया। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने उनके खिलाफ पहले ही आरोप पत्र दाखिल कर दिया है। इस पर 6 जुलाई को विचार किया जाएगा। दिल्ली आबकारी नीति मामले में 7 जून को सीबीआई द्वारा दायर यह तीसरा पूरक आरोपपत्र है। 15 मार्च को हुई थी गिरफ्तार कविता सीबीआई और मनी लॉन्ड्रिंग मामले दोनों में न्यायिक हिरासत में हैं। उन्हें सबसे पहले 15 मार्च को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गिरफ्तार किया था। उसके बाद 11 अप्रैल को सीबीआई ने उन्हें गिरफ्तार किया। ईडी ने दिल्ली आबकारी नीति धन शोधन मामले में भी उनके खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया है। अधिकारियों ने बताया कि जुलाई में दाखिल दिल्ली के मुख्य सचिव की रिपोर्ट के आधार पर सीबीआई जांच की सिफारिश की गई थी, जिसमें प्रथम दृष्टया जीएनसीटीडी अधिनियम 1991, कार्य संचालन नियम (टीओबीआर)-1993, दिल्ली आबकारी अधिनियम-2009 और दिल्ली आबकारी नियम-2010 का उल्लंघन दर्शाया गया था। ईडी और सीबीआई ने लगाए गंभीर आरोप ईडी और सीबीआई ने आरोप लगाया था कि आबकारी नीति को संशोधित करते समय अनियमितताएं की गईं, लाइसेंस धारकों को अनुचित लाभ पहुंचाया गया, लाइसेंस शुल्क माफ कर दिया गया या कम कर दिया गया तथा सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी के बिना एल-1 लाइसेंस बढ़ा दिया गया।  जांच एजेंसियों ने कहा कि लाभार्थियों ने “अवैध” लाभ को आरोपी अधिकारियों तक पहुंचाया तथा पकड़े जाने से बचने के लिए अपने खातों में गलत प्रविष्टियां कीं। आरोपों के अनुसार, आबकारी विभाग ने निर्धारित नियमों के विरुद्ध एक सफल निविदाकर्ता को लगभग 30 करोड़ रुपये की बयाना राशि वापस करने का निर्णय लिया था। जांच एजेंसी ने कहा कि भले ही कोई सक्षम प्रावधान नहीं था, लेकिन कोविड-19 के कारण 28 दिसंबर, 2021 से 27 जनवरी, 2022 तक निविदा लाइसेंस शुल्क पर छूट की अनुमति दी गई और सरकारी खजाने को 144.36 करोड़ रुपए का कथित नुकसान हुआ।  

चेन्नई और नागरकोइल के बीच हफ्ते में 4 दिन वंदे भारत चलाई जाएगी, तारीख हुई लॉन्च

नई दिल्ली रेल यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। दक्षिणी रेलवे ने वंदे भारत स्पेशल ट्रेनों की लॉन्च तारीख घोषित कर दी है। इसी कड़ी में, चेन्नई और नागरकोइल के बीच हफ्ते में 4 दिन वंदे भारत चलाई जाएगी। इसे ऑपरेट करने को लेकर चुनिंदा तारीखें तय की गई हैं। इस वंदे भारत स्पेशल ट्रेन का नंबर 06067 है जो महीने में 8 दिन फर्राटा भरने वाली है। 11, 12, 13, 14, 18, 19, 20 और 21 जुलाई को यह ट्रेन चेन्नई एग्मोर से रवाना होगी। बताया जा रहा है कि यात्रियों की भारी तादाद को देखते हुए यह स्पेशल ट्रेन चलाने का फैसला लिया गया है। यह वंदे भारत गुरुवार, शुक्रवार, शनिवार और रविवार को चलेगी। अगर टाइमिंग की बात करें तो सुबह 5:00 बजे रवाना होगी और दोपहर 1:50 बजे नागरकोइल पहुंच जाएगी। वापसी के दौरान नागरकोइल-चेन्नई वंदे भारत स्पेशल ट्रेन (06068) उसी दिन दोपहर 2:20 बजे नागरकोइल से चलेगी और रात 11:00 बजे चेन्नई एग्मोर पहुंचेगी। अब हम आपको इस स्पेशल ट्रेन के स्टॉपेज की जानकारी देते हैं। यह रेलगाड़ी अपनी यात्रा के दौरान 6 स्टेशनों (तांबरम, विल्लुपुरम, त्रिची, डिंडीगुल, मदुरै, कोविलपट्टी और नेल्लई) पर रुकेगी। स्पेशल वंदे भारत का कितना टिकट अगर टिकट की कीमत की बात करें तो AC चेयर कार के लिए 1605 रुपये है। एक्जीक्यूटिव चेयर कार के लिए 3245 रुपये देने होंगे। माना जा रहा है कि चेन्नई और नागरकोइल के बीच स्पेशल वंदे भारत ट्रेन चलने से कनेक्टिविटी में सुधार होगा। यात्रियों के लिए सुविधाजनक और कुशल यात्रा का विकल्प रहेगा। दूसरी ओर, पश्चिम रेलवे ने यात्रियों की सुविधा के लिए उधना-मालदा टाउन और उधना-जयनगर के बीच विशेष किराए पर 2 स्पेशल ट्रेनें चलाने का निर्णय लिया है। मुख्य जनसंपर्क अधिकारी की ओर से प्रेस विज्ञप्ति जारी की गई। इसके अनुसार, ट्रेन संख्या 09015/09016 उधना-मालदा टाउन स्पेशल (02 ट्रिप): ट्रेन संख्या 09015 उधना-मालदा टाउन स्पेशल शुक्रवार, 5 जुलाई को 2140 बजे उधना से प्रस्थान करेगी और सोमवार, 8 जुलाई को 0745 बजे मालदा टाउन पहुंचेगी।  

इलाज के दौरान अस्पताल के अधिकारियों ने परिवार को सूचना दी कि बच्चा मर चुका है और उन्हें एक मृत बच्ची सौंप दी

इस्लामाबाद पाकिस्तान में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है जहां एक अस्पताल ने बीमार बच्चे को मृत बच्ची से बदल दिया। इस घटना से पीड़ित परिवार में भारी आक्रोश है और वे न्याय की मांग कर रहे हैं। घटना के अनुसार, एक पिता अपने बीमार बेटे को इलाज के लिए लाहौर के चिल्ड्रन हॉस्पिटल लेकर आया था, जहां उन्हें बताया गया कि बच्चे की स्थिति गंभीर है। कुछ समय बाद अस्पताल के अधिकारियों ने परिवार को सूचना दी कि बच्चा मर चुका है और उन्हें एक मृत बच्ची सौंप दी। डॉन की रिपोर्ट के अनुसार, माता-पिता अपने चार दिन के बीमार बच्चे को इलाज के लिए लाहौर चिल्ड्रेंस हॉस्पिटल में लेकर आए थे। दुखद बात यह है कि इलाज के दौरान डॉक्टरों ने जटिलताओं के कारण बच्चे को मृत घोषित कर दिया और उसका शव उसके पिता इरफान को सौंप दिया। इसके बाद पिता शव को दफनाने के लिए अपने गृहनगर गुजरांवाला ले गए। स्थिति तब चौंकाने वाली हो गई जब इरफान एक बच्ची का शव लेकर अस्पताल लौटा। इरफान ने दावा किया कि वह अस्पताल में अपने बेटे का इलाज कराने के लिए लाया था लेकिन डॉक्टरों ने उसे मरी हुई बच्ची पकड़ा दी। अस्पताल के अधिकारी इस आरोप से हैरान रह गए और उन्होंने तुरंत मामले की जांच शुरू कर दी। रिपोर्ट के अनुसार बाद में पता चला कि बच्चा कथित तौर पर गायब हो गया था। नसीराबाद पुलिस थाने में दर्ज कराई गई औपचारिक शिकायत में इरफान ने घटनाक्रम का ब्यौरा देते हुए अस्पताल पर मृतक लड़की के शव को उसके बेटे से बदलने का आरोप लगाया है। उन्होंने पुलिस से अस्पताल प्रबंधन और जिम्मेदार डॉक्टरों के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग की है और अपने बेटे की बरामदगी की मांग की है। पंजाब स्वास्थ्य विभाग ने इस घटना पर तुरंत कार्रवाई करते हुए चिल्ड्रन हॉस्पिटल के तीन वरिष्ठ डॉक्टरों की एक जांच समिति बनाई। समिति को पूरी जांच करने और सच्चाई को उजागर करने के लिए एक विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने का काम सौंपा गया। इस घटना ने पूरे देश में सनसनी फैला दी है और लोग परिवार के समर्थन में उतर आए हैं। परिवार का कहना है कि उन्हें न्याय चाहिए और वे इस मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग कर रहे हैं। स्थानीय पुलिस और स्वास्थ्य विभाग ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है। यह घटना पाकिस्तान में स्वास्थ्य व्यवस्था की खामियों को उजागर करती है और लोगों में सुरक्षा और विश्वास की कमी को दर्शाती है।  

ब्रिटेन के चुनावों में कई भारतीय एक बार फिर से बंपर जीत हासिल कर संसद पहुंचे

लंदन आम चुनाव में लेबर पार्टी की धमाकेदार जीत के बाद कीर स्टारमर यूनाइटेड किंगडम के अगले प्रधानमंत्री बनने जा रहे हैं। इसी के साथ 14 साल का कंजर्वेटिव शासन खत्म हो गया है। स्टारमर ने ब्रिटिश लोगों को धन्यवाद दिया। ब्रिटिश के पहले भारतीय मूल के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने अपनी कंजर्वेटिव पार्टी की हार को स्वीकार कर लिया है। साथ ही उन्होंने माफी मांगी और कीर स्टारमर को बधाई दी। ब्रिटेन के इ चुनावों में कई भारतीय एक बार फिर से बंपर जीत हासिल कर संसद पहुंचे हैं। पार्टी की करारी हार के बावजूद ऋषि सुनक अपनी रिचमंड और नॉर्थलेर्टन सीटें बचाने में कामयाब रहे। इस साल ब्रिटेन के आम चुनाव में देश के इतिहास में सबसे विविधतापूर्ण संसद बनी है, जिसमें भारतीय मूल के सांसदों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई। ब्रिटिश फ्यूचर थिंक टैंक द्वारा किए गए पहले के विश्लेषण से पता चलता है कि सत्ता पर आसीन होने जा रही लेबर पार्टी के पास जातीय अल्पसंख्यक सांसदों का सबसे बड़ा दल होगा। वर्ष 2019 में हुए पिछले आम चुनाव में भारतीय मूल के 15 सांसद चुने गए थे, जिनमें से कई दोबारा चुनाव लड़ रहे हैं। उनके अलावा भारतीय मूल के कई लोग पहली बार आम चुनाव लड़ रहे हैं। इस बार भारतीय मूल के 18 उम्मीदवार जीते ब्रिटिश मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, इस बार भारतीय मूल के 18 सांसद जीते हैं। इनमें ऋषि सुनक के अलावा, शिवानी राजा, प्रीति पटेल और नवेंदु मिश्रा जैसे नाम शामिल हैं। बता दें कि प्रतिष्ठित ब्रिटिश भारतीयों में से एक कंजर्वेटिव पार्टी के सांसद आलोक शर्मा और लेबर पार्टी के वरिष्ठ नेता वीरेंद्र शर्मा ने इस बार चुनाव नहीं लड़ा था। जस अथवाल ने लेबर पार्टी के गढ़ इफोर्ड साउथ से चुनाव लड़ा था, जबकि बैगी शंकर डर्बी साउथ, सतवीर कौर साउथम्पटन टेस्ट और हरप्रीत उप्पल ने हडर्सफील्ड से चुनाव लड़ा। इंदौर में जन्मे राजेश अग्रवाल ने पहली बार लीसेस्टर ईस्ट से चुनाव लड़ा था लेकिन वह अन्य ब्रिटिश भारतीय एवं कंजर्वेटिव पार्टी की उम्मीदवार शिवानी राजा से हार गए। भारतीय मूल के मतदाताओं की अच्छी-खासी तादाद वाले इस निर्वाचन क्षेत्र में मुकाबला दिलचस्प था। गोवा मूल की पूर्व सांसद कीथ वाज भी यहां से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ रही थीं। इस बीच, ब्रिटिश प्रधानमंत्री ऋषि सुनक के उत्तरी इंग्लैंड में रिचमंड और नॉर्थअलर्टन की अपनी सीट बरकरार में कामयाब रहे। साथ ही उनके मंत्रिमंडल की पूर्व सहयोगी प्रीति पटेल ने एसेक्स में विथम और सुएला ब्रेवरमैन ने फारेहैम तथा वाटरलूविले में जीत हासिल की है। ये सभी भारतीय मूल के हैं।  

1981 में इंडियन एयरलाइंस की फ्लाइट को हाईजैक करने वाले वांटेड आतंकवादी गजिंदर सिंह की पाकिस्तान में मौत

लाहौर पाकिस्तान में एक और आतंकवादी मौत के घाट उतर चुका है। 1981 में इंडियन एयरलाइंस (आईए) की फ्लाइट को हाईजैक करने वाले वांटेड आतंकवादी गजिंदर सिंह की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि उसकी मौत पाकिस्तान के एक अस्पताल में कथित तौर पर दिल का दौरा पड़ने से हुई। वह 74 वर्ष का था। गजिंदर सिंह एक कुख्यात आतंकवादी था, जो खालिस्तान समर्थक संगठन “दल खालसा” का सह-संस्थापक था। वह 1981 में इंडियन एयरलाइंस की फ्लाइट IC-423 के हाईजैकिंग के मुख्य साजिशकर्ताओं में शामिल था। यह फ्लाइट श्रीनगर से दिल्ली जा रही थी जब इसे हाईजैक किया गया था और बाद में इसे पाकिस्तान के लाहौर ले जाया गया। दल खालसा के प्रवक्ता परमजीत सिंह मंड ने बताया कि गजिंदर की बेटी बिक्रमजीत कौर ने इस खबर की पुष्टि की है। उसकी बेटी अपने पति और दो बच्चों के साथ यूके में रहती है। गजिंदर की पत्नी मंजीत कौर का जनवरी 2019 में जर्मनी में निधन हो गया था। कट्टरपंथी संगठन दल खालसा के सह-संस्थापक गजिंदर को 2002 में 20 मोस्ट वांटेड आतंकवादियों की सूची में शामिल किया गया था। वह उन पांच लोगों में शामिल था, जिन्होंने 29 सितंबर 1981 को 111 यात्रियों और छह चालक दल के सदस्यों को ले जा रहे इंडियन एयरलाइंस के विमान का अपहरण कर लिया था और उसे लाहौर में उतरने के लिए मजबूर किया था। उन्होंने जरनैल सिंह भिंडरावाले और कई अन्य खालिस्तानी चरमपंथियों की रिहाई की मांग की थी। गजिंदर सिंह और उसके साथी आतंकवादियों ने इस हाईजैकिंग के दौरान यात्रियों को बंधक बना लिया और भारतीय सरकार से अपने साथियों की रिहाई की मांग की। इस घटना के बाद, गजिंदर सिंह और उसके साथियों को पाकिस्तान में गिरफ्तार किया गया और उन्हें जेल की सजा सुनाई गई। गजिंदर सिंह का नाम भारतीय इतिहास में एक खतरनाक आतंकवादी के रूप में दर्ज है, जिसने निर्दोष लोगों की जान को खतरे में डाला और देश की सुरक्षा को चुनौती दी। इस हाईजैक की घटना में तेजिंदर पाल सिंह, सतनाम सिंह पांवटा साहिब, दलबीर सिंह और करण सिंह नाम के अन्य आतंकी भी शामिल थे। उन्हें 30 सितंबर, 1981 को पाकिस्तानी एजेंसियों ने गिरफ्तार किया, उन पर मुकदमा चलाया गया और लाहौर की एक विशेष अदालत ने सभी को 14 साल की कैद की सजा सुनाई। उन्होंने 31 अक्टूबर, 1994 को अपनी सजा पूरी की। तेजिंदर और सतनाम 1997 और 1999 में भारत लौट आए थे, जबकि दलबीर और करण स्विट्जरलैंड में राजनीतिक शरण पाने में कामयाब रहे। पता चला है कि गजिंदर 1996 में जर्मनी गया था, लेकिन भारत द्वारा आपत्ति जताए जाने के बाद उसे देश में प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई। वह किसी तरह पाकिस्तान वापस जाने में कामयाब रहा। तब से उसका कोई अता-पता नहीं है। भारत गजिंदर को वापस भेजने की मांग कर रहा था, लेकिन इस्लामाबाद अपनी जमीन पर उसकी मौजूदगी से इनकार करता रहा। सितंबर 2022 में उसने खुद ही अपने फेसबुक पेज पर पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के हसन अब्दल में गुरुद्वारा पंजा साहिब के सामने खड़े होकर अपनी तस्वीर पोस्ट करके अपनी लोकेशन का खुलासा किया था। भारत में उसका सोशल मीडिया पेज काफी समय तक ब्लॉक रहा था। सितंबर 2020 में अकाल तख्त के तत्कालीन कार्यवाहक जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह की अध्यक्षता में पांच महायाजकों ने गजिंदर को “जिलावतन सिख योद्धा” (निर्वासन में सिख योद्धा) की उपाधि से सम्मानित करने का फैसला किया था, लेकिन समारोह आयोजित नहीं किया जा सका।  

अब भारतीय न्याय संहिता में इसे लेकर कानून ही बन गया, किस सेक्शन में है सजा का प्रावधान

नई दिल्ली देश में ‘लव जिहाद’ के मामलों की काफी चर्चा रही है। ऐसे मामलों से कैसे निपटा जाए, इस पर भी बात होती रही है। लेकिन अब भारतीय न्याय संहिता में इसे लेकर कानून ही बन गया है। इससे लव जिहाद जैसे मामलों से निपटने में आसानी होगी और तय कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की जा सकेगी। अब धार्मिक पहचान छिपाकर शादी करने या फिर गुमराह करने के मामलों में भारतीय न्याय संहिता के तहत 10 साल की सजा होगी। इसे भारतीय न्याय संहिता के सेक्शन 69 में वर्णित किया गया है। इसके तहत ऐसे मामलों को डील किया जाएगा, जिनमें आरोप हो कि संबंधित व्यक्ति ने पहचान छिपाकर विवाह किया है या फिर रिलेशन बनाए। इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता रुद्र विक्रम सिंह ने भी अपनी पुस्तक ‘दंड संहिता से न्याय संहिता तक’ में विस्तार से जानकारी दी है। रुद्र विक्रम सिंह लिखते हैं, ‘शादी के नाम पर धोखेबाजी या पहचान छिपाकर शादी करने को अपराध घोषित किया गया है। लव जिहाद जैसे षड्यंत्रों से निपटने के लिए सजा तय की गई है। क्लॉज 69 कहता है कि जो कोई भी धोखे से या महिला से शादी करने का वादा करके उसके साथ यौन संबंध बनाता है और बाद में मुकर जाता है तो ऐसे मामले अपराध की श्रेणी में होंगे। इनमें 10 साल तक की सजा मिलेगी।’ वहीं रेप के मामले में अब तक धारा 376 के तहत कार्रवाई होती थी और रेप की परिभाषा को 375 में तय किया गया था। अब भारतीय न्याय संहिता के सेक्शन 63 में बलात्कार की परिभाषा तय की गई है और 64 में उसके लिए सजा का प्रावधान है। रेप के मामलों में दोषी के लिए कम से कम 10 साल की सजा का प्रावधान है और इसे उम्रकैद तक बढ़ाया जा सकता है। वहीं धारा 70 (2) में नाबालिग से रेप की सजा तय की गई है। 16 साल से कम उम्र की लड़की से रेप की सजा बढ़ाकर 20 साल कर दी गई है। नाबालिग से दुष्कर्म में मौत की सजा का भी प्रावधान है। 12 साल से कम उम्र की नाबालिग से दुष्कर्म में कम से कम 20 साल की सजा या फिर मौत की सजा होगी। ऐसे अपराधों में तीन साल के अंदर आ जाएगा फैसला ‘दंड संहिता से न्याय संहिता तक’ में अधिवक्ता रुद्र विक्रम लिखते हैं, ‘भारतीय न्याय संहिता लागू होने से तमाम मामले तेजी से निपट जाएंगे। इसके तहत तीन साल से कम की सजा वाले मामलों में समरी ट्रायल किया जाएगा। अब तीन साल से कम की सजा वाले केसों में मजिस्ट्रेट समरी ट्रायल कर सकेगा। इसके तहत पुलिस को 90 दिन में चार्जशीट दाखिल करनी होगी। परिस्थिति के आधार पर अदालत 90 दिन का समय और दे सकती है। इस तरह 180 दिन यानी छह महीने के अंदर चार्जशीट पुलिस को फाइल करनी होगी ताकि ट्रायल शुरू हो सके।  

कई बार भारतीय उच्चायोग के सामने धरना दे चुके खालिस्तानियों ने फिर से उत्पात मचाया

नई दिल्ली कनाडा में खालिस्तानी तत्व लगातार अतिवादी कदम उठा रहे हैं। कई बार भारतीय उच्चायोग के सामने धरना दे चुके खालिस्तानियों ने फिर से उत्पात मचाया। ओटावा में स्थित भारतीय उच्चायोग के सामने एक बार फिर से सिख्स फॉर जस्टिस नाम के खालिस्तानी संगठन के लोगों ने धरना दिया। इन लोगों ने करीब साढ़े 4 घंटों तक उच्चायोग को घेर कर रखा। इन लोगों का मकसद था कि भारतीय उच्चायुक्त संजय कुमार वर्मा को घेर कर रखा जाए। हालांकि इस दौरान कुछ भारत समर्थक भी वहां पहुंचे, जिनके हाथों में तिरंगे झंडे थे। ये लोग खालिस्तानियों का विरोध कर रहे थे। बीते एक साल से कम के अंदर ही कनाडा में ऐसे 20 प्रदर्शन हो चुके हैं। पिछले साल 18 जून को खालिस्तानी हरदीप सिंह निज्जर की कनाडा के सरे में हत्या हो गई थी। निज्जर के मारे जाने के बाद पहली बार 8 जुलाई, 2023 को प्रदर्शन हुआ था। खालिस्तानी कई बार भारतीय उच्चायोग के अधिकारियों को घेर चुके हैं और एक बार तो झड़प की कोशिश भी की थी। हालांकि तब कनाडा के सुरक्षाकर्मियों के चलते बीच-बचाव कर लिया गया था। हर घटना के दौरान भारत ने सुरक्षा को लेकर चिंता जताई थी और कनाडा से सुरक्षा व्यवस्था देने की मांग की थी। इसके चलते कनाडा ने सुरक्षा तो दी, लेकिन उसने कभी भी खालिस्तानियों पर रोक नहीं लगाई। गुरुवार को भारतीय उच्चायोग के सामने जुटे खालिस्तानियों ने भारत विरोधी नारे लगाए। ये लोग वहां करीब साढ़े 4 घंटे तक डटे रहे। एक वरिष्ठ अधिकारी ने इस प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा में कमी पर चिंता जताई। उन्होंने कहा, ‘सुरक्षा कम थी। हमने कनाडा सरकार के समक्ष शिकायत दर्ज करा दी है।’ हालांकि अधिकारी ने कहा कि आंदोलन कर रहे खालिस्तानियों के चलते हमें कोई बाधा नहीं आई। बीते साल जुलाई से ही खालिस्तानी कनाडा में उग्र हैं। इन लोगों ने ‘किल इंडिया’ नाम से कैंपेन भी चलाया था। इसके अलावा भारतीय अधिकारियों की आपत्तिजनक तस्वीरें भी उन्होंने लहराई थीं। कनाडा में खालिस्तानियों को तब ज्यादा बढ़ावा मिला, जब पीएम जस्टिन ट्रूडो ने संसद में भारतीय एजेंट्स पर निज्जर की हत्या का आरोप लगाया। उन्होंने संसद में कहा था कि निज्जर की हत्या में भारतीय एजेंट्स का हाथ है। उनके इस आरोपों से खालिस्तानी तत्वों को बढ़ावा मिला है। इसके अलावा 4 भारतीय नागरिकों को अब तक इस मामले में कनाडा में अरेस्ट भी किया गया है। अब तक कनाडा इस मामले में कोई सबूत नहीं दे सका है। इन खालिस्तानी तत्वों ने कई बार मंदिरों को भी कनाडा में नुकसान पहुंचाया है।  

वेतन-भत्तों में अंतर समझिए, नियमित सैनिकों से कितना अलग है अग्निवीरों का मुआवजा?

लुधियाना लुधियाना जिले में स्थित रामगढ़ सरदारन गांव के मृतक अग्निवीर अजय सिंह (23) के परिवार ने दावा किया है कि उनके बेटे की मौत के छह महीने बाद भी उन्हें केंद्र या सेना से कोई अनुग्रह राशि नहीं मिली है। इस मुद्दे को लेकर खूब राजनीतिक बयानबाजी भी हो रही है। इस सप्ताह की शुरुआत में, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि जनवरी में बारूदी सुरंग विस्फोट में मारे गए अग्निवीर अजय कुमार के परिवार को सरकार से वित्तीय सहायता नहीं मिली। इसके जवाब में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने संसद में बताया कि ड्यूटी के दौरान मारे गए अग्निवीर को 1 करोड़ रुपये का मुआवजा मिलता है। हालांकि राहुल ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करके राजनाथ सिंह पर सदन से झूठ बोलने का आरोप लगाया। अब खुद सेना ने इस तरह के दावों को खारिज किया है। भारतीय सेना ने कहा कि परिवार को देय राशि में से 98.39 लाख रुपये का भुगतान पहले ही किया जा चुका है। इसने स्पष्टीकरण में कहा कि कुल राशि लगभग 1.65 करोड़ रुपये होगी। सरकारी सूत्रों ने बताया कि 1.65 करोड़ रुपये में केंद्र सरकार से 48 लाख रुपये और वित्तीय संस्थानों से सहमति पत्र के तहत बीमा के रूप में 50 लाख रुपये शामिल हैं। इसमें 39,000 रुपये की अतिरिक्त राशि; अनुग्रह राशि के रूप में 44 लाख रुपये; सेना कल्याण कोष से 8 लाख रुपये; कार्यकाल पूरा होने तक वेतन शेष के रूप में 13 लाख रुपये; और सेवा निधि के रूप में 2.3 लाख रुपये शामिल हैं। सेना ने कहा कि शहीद अग्निवीर के परिवार को पहले ही 98.39 लाख रुपये का भुगतान किया जा चुका है। बीमा और अनुग्रह राशि मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, अग्निवीरों और नियमित सैनिकों के बीच युद्ध में हताहतों के लिए मुआवजे की व्यवस्था अलग तरह से काम करती है। नियमित सैनिकों की मृत्यु को पांच श्रेणियों में वर्गीकृत किया जाता है – A से E – जबकि अग्निवीरों की मृत्यु को तीन श्रेणियों में रखा जाता है – X, Y और Z. श्रेणी ए (नियमित सैनिकों के लिए) और श्रेणी एक्स (अग्निवीरों के लिए) की मौतें सैन्य कारणों में नहीं आती हैं। यानी वे मौतें जो सैन्य कारणों से नहीं हुई हैं उन्हें श्रेणी ए और श्रेणी एक्स में रखा जाता है। श्रेणी बी और सी में रखी गई मौतें सैन्य सेवा के कारण होती हैं और इसमें ड्यूटी पर दुर्घटनाएं शामिल हैं। अग्निवीरों के लिए, इन मौतों को श्रेणी वाई (Y) में रखा गया है। नियमित सैनिकों की श्रेणी D और E व अग्निवीरों की श्रेणी Z की मौतों को हिंसा, प्राकृतिक आपदाओं, दुश्मन की कार्रवाई, सीमा पर झड़पों और युद्ध जैसी स्थितियों में रखा जाता है। यानी अगर कोई नियमित सैनिक हिंसा, प्राकृतिक आपदाओं, दुश्मन की कार्रवाई, सीमा पर झड़पों और युद्ध जैसी स्थितियों में शहीद होता है तो उसे श्रेणी D और E रखा जाएगा वहीं इसी स्थिति में अग्निवीर को श्रेणी Z में रखा जाएगा। बीमा सभी नियमित सैनिक सेना समूह बीमा कोष में हर महीने 5,000 रुपये का योगदान करते हैं, जिससे उन्हें 50 लाख रुपये का बीमा मिलता है। अग्निवीरों का बीमा 48 लाख रुपये का है, लेकिन वे इस बीमा के प्रीमियम के लिए अपने वेतन से कोई योगदान नहीं देते हैं। बीमा राशि सभी सैनिकों और अग्निवीरों को दी जाती है, चाहे उनकी मृत्यु का कारण कुछ भी हो। तीनों सेनाओं ने बैंकों के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसके तहत अग्निवीरों सहित सभी रक्षा कर्मियों के वेतन को रक्षा वेतन पैकेज के तहत जमा किया जाता है। इन कर्मियों का बैंकों द्वारा उनकी नीतियों के अनुसार विभिन्न राशियों के लिए बीमा किया जाता है। अनुग्रह राशि जिन अग्निवीरों की मृत्यु सैन्य सेवा के कारण हुई हो या ऑपरेशन के दौरान हुई हो उनके लिए 44 लाख रुपये की अनुग्रह राशि निर्धारित की गई है। वहीं नियमित सैनिक के लिए अनुग्रह राशि 25 लाख रुपये, 35 लाख रुपये या 45 लाख रुपये हो सकती है, जो हताहत की प्रकृति पर निर्भर करता है। अग्निवीरों या नियमित सैनिकों की मृत्यु अगर सैन्य सेवा के कारण नहीं हुई है तो वे किसी भी अनुग्रह राशि के लिए पात्र नहीं है। हालांकि राज्य सरकारों की ओर से दी जाने वाली अनुग्रह राशि राज्य के आधार पर शून्य से लेकर 1 करोड़ रुपये तक होती है। यह उन अग्निवीरों और नियमित सैनिकों दोनों पर लागू होती है जो या तो ड्यूटी पर मारे जाते हैं या विकलांग हो जाते हैं। इसके अलावा भी, अग्निवीरों और नियमित सैनिकों को ऑपरेशन के दौरान मृत्यु होने पर 8 लाख रुपये और किसी अन्य कारण से मृत्यु होने पर 2.5 लाख रुपये दिए जाते हैं। अग्निवीरों के लिए सेवा निधि सेवा निधि एक अंशदायी योजना है जो केवल अग्निवीरों के लिए लागू है। जिन लोगों की मृत्यु सैन्य सेवा के कारण नहीं हुई है उन्हें मृत्यु की तिथि तक जमा की गई राशि, सरकार के अंशदान और ब्याज के साथ मिलती है। ड्यूटी या ऑपरेशन के दौरान मरने वाले अग्निवीरों को सेवा निधि घटक सहित चार वर्ष तक की असेवा अवधि के लिए पूरा वेतन मिलता है। केवल नियमित सैनिकों के लिए कुछ लाभ केवल नियमित सैनिकों के लिए हैं। ग्रेच्युटी और मासिक पारिवारिक पेंशन केवल नियमित सैनिकों को ही उपलब्ध है। ग्रेच्युटी अधिकतम 25 लाख रुपये तक सीमित है। सैनिकों के परिवार को साधारण पारिवारिक पेंशन मिलती है, जो 10 साल तक के लिए अंतिम वेतन का 50% और उसके बाद 30% है। सैन्य सेवा के कारण होने वाली मौतों के मामले में, एक विशेष पारिवारिक पेंशन लागू होती है, जो सैनिक के अंतिम वेतन का 60% होती है। ऑपरेशन में मारे गए सैनिकों के लिए, एक उदार पारिवारिक पेंशन (Liberalised Family Pension) होती है, जो अंतिम वेतन का 100% होती है और परिवार को दी जाती है।

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet