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नवरात्रि : 17 अक्टूबर से 25 अक्टूबर तक देवी पूजा, 58 साल बाद शनि-गुरु अपनी राशियों में रहेंगे

BHOPAL > शनिवार, 17 अक्टूबर से देवी पूजा का नौ दिवसीय पर्व नवरात्रि शुरू हो रहा है। ये पर्व 25 अक्टूबर तक रहेगा। इस बार नवरात्रि की शुरुआत में 17 तारीख को ही सूर्य का राशि परिवर्तन भी होगा। सुर्य तुला में प्रवेश करेगा। तुला राशि में पहले से वक्री बुध भी रहेगा। इस कारण बुध-आदित्य योग बनेगा। इसके साथ ही 58 साल बाद शनि-गुरु का भी दुर्लभ योग बन रहा है। इस नवरात्रि में शनि मकर में और गुरु धनु राशि में रहेगा। ये दोनों ग्रह 58 साल बाद नवरात्रि में एक साथ अपनी-अपनी राशि में स्थित रहेंगे। 2020 से पहले 1962 में ये योग बना था। उस समय 29 सितंबर से नवरात्रि शुरू हुई थी। इस बार पूरे नौ दिनों की रहेगी नवरात्रि इस साल नवरात्रि पूरे नौ दिनों की रहेगी। इसी दिन सूर्य तुला राशि में प्रवेश करके नीच का हो जाएगा। 17 तारीख को बुध और चंद्र भी तुला राशि में रहेंगे। चंद्र 18 तारीख को वृश्चिक में प्रवेश करेगा। लेकिन सूर्य-बुध का बुधादित्य योग पूरी नवरात्रि में रहेगा। नवरात्रि में घोड़े पर सवार होकर आएंगी देवी शनिवार से नवरात्रि शुरू होने से इस बार देवी का वाहन घोड़ा रहेगा। नवरात्रि जिस वार से शुरू होती है, उसके अनुसार देवी का वाहन बताया गया है। अगर नवरात्रि सोमवार या रविवार से शुरू होती है तो देवी का वाहन हाथी रहता है। शनिवार और मंगलवार से नवरात्रि शुरू होती है तो वाहन घोड़ा रहता है। गुरुवार और शुक्रवार से नवरात्रि शुरू होने पर देवी डोली में सवार होकर आती हैं। बुधवार से नवरात्रि शुरू होती है तो देवी का वाहन नाव रहता है।

सुशांत केस : एम्स के पैनल ने सुशांत की हत्या की आशंका को खारिज किया, यह खुदकुशी का मामला

नई दिल्ली। सुशांत सिंह राजपूत की मौत के 110 दिन बाद बड़ा खुलासा हुआ है। एम्स के पैनल ने अपनी रिपोर्ट में हत्या की आशंका से इनकार किया है। इंडिया टीवी से बातचीत में एम्स के फॉरेंसिक विभाग के हेड डॉ. सुधीर गुप्ता ने कहा, ‘यह क्लियर कट खुदकुशी का मामला है। सुशांत का मर्डर नहीं हुआ था।’ हालांकि, अभी तक सीबीआई की ओर से इसकी आधिकारिक पुष्टि होनी बाकी है। सुशांत की ऑटोप्सी रिपोर्ट की जांच के लिए 21 अगस्त को डॉ. सुधीर गुप्ता की लीडरशिप में एम्स के पांच डॉक्टर्स की टीम बनाई गई थी। इसने 28 सितंबर को अपनी रिपोर्ट सीबीआई को सौंपी थी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, टीम को विसरा में किसी तरह का जहर नहीं मिला। कूपर हॉस्पिटल को नहीं दी गई क्लीनचिट सूत्रों के मुताबिक, रिपोर्ट में सुशांत की बॉडी का पोस्टमॉर्टम करने वाले मुंबई के कूपर हॉस्पिटल के डॉक्टर्स को क्लीन चिट नहीं दी गई है। दरअसल, कूपर अस्पताल के डॉक्टर्स ने सुशांत की ऑटोप्सी की थी। बाद में इसके तरीके पर सवाल उठे थे। सुशांत के गले के निशान पर रिपोर्ट में कुछ भी नहीं बताया गया था। यहां तक की मौत की टाइमिंग का भी जिक्र नहीं था। इसके बाद सीबीआई ने इसकी जांच एम्स से कराने का फैसला किया था। मुंबई पुलिस की जांच में फाउल प्ले नहीं मिला था करीब तीन महीने पहले मुंबई पुलिस ने भी विसरा रिपोर्ट जारी की थी। पोस्टमॉर्टम के बाद सुशांत का विसरा जांच के लिए कालीना फॉरेंसिक लैब को दिया गया था। लैब ने अपनी रिपोर्ट में दिवंगत अभिनेता के शरीर में किसी भी तरह का संदिग्ध केमिकल या जहर पाए जाने की बात से इनकार किया था। रिया के वकील ने कहा- सत्यमेव जयते एम्स की रिपोर्ट पर रिया चक्रवर्ती के वकील सतीश मानशिंदे ने बयान जारी किया। उन्होंने कहा, ‘हम सीबीआई के ऑफिशियल स्टेटमेंट का इंतजार कर रहे हैं। रिया की ओर से हम लगातार यही कहते आ रहे हैं कि

पीएम मोदी ने किया 10 हजार फीट की ऊंचाई पर बनी दुनिया की सबसे लंबी अटल टनल का उद्घाटन

शिमला। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को रोहतांग में अटल टनल का उद्घाटन किया। करीब 10 हजार फीट की ऊंचाई पर बनी यह दुनिया की सबसे लंबी टनल है। इसकी लंबाई 9.2 किमी है। इसे बनाने में 10 साल का वक्त लगा। हिमालय की पीर पंजाल पर्वत रेंज में रोहतांग पास के नीचे लेह-मनाली हाईवे पर इस बनाया गया है। इससे मनाली और लेह के बीच की दूरी 46 किलोमीटर कम हो जाएगी और चार घंटे की बचत होगी। इसका नाम पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर रखा गया है। उद्घाटन के बाद टनल में पहला सफर बस से लाहौल स्पीति जिले के 15 बुजुर्गों ने किया। प्रधानमंत्री मोदी ने हरी झंडी दिखाकर एचआरटीसी की बस को रवाना किया। इस मौके पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘आज सिर्फ अटल जी का ही सपना पूरा नहीं हुआ है। आज हिमाचल प्रदेश के करोड़ों लोगों का भी दशकों पुराना इंतजार खत्म हुआ है। मेरा सौभाग्य है कि मुझे आज अटल टनल के लोकार्पण का अवसर मिला। राजनाथ जी ने बताया कि मैं यहां संगठन का काम देखता था। पहाड़ों-वादियों में बहुत उत्तम समय बिताता था। जब अटल जी मनाली में आकर रहते थे, तो उनके साथ गप्पें लड़ाता था। मैं और धूमल जी जिसे लेकर अटल जी से जो बात करते रहते थे, वो आज सिद्धी बन गया है।’ ‘लोकार्पण की चकाचौंध में वे लोग पीछे रह जाते हैं जिनकी मेहनत से ये पूरा होता है। उनकी मेहनत से इस संकल्प को आज पूरा किया गया है। इस महायज्ञ में पसीना बहाने वाले, जान जोखिम में डालने वाले मेहनतकश जवानों, मजदूर भाई-बहनों और इंजीनियरों को मैं प्रणाम करता हूं।’ उन्होंने कहा, ‘ये टनल भारत के बॉर्डर इन्फ्रास्ट्रक्चर को भी नई ताकत देने वाली है। हिमालय का ये हिस्सा हो, पश्चिम भारत में रेगिस्तान का विस्तार हो या फिर दक्षिण और पूर्वी भारत का तटीय इलाका। हमेशा से यहां के इन्फ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाने की मांग उठती रही है। लेकिन लंबे समय से बॉर्डर इन्फ्रास्ट्रक्चर के प्रोजेक्ट या तो प्लानिंग के लेवल से ही नहीं निकल पाए या फिर अटक गए, लटक गए या भटक गए।’ ‘एक्सपर्ट बताते हैं कि जिस रफ्तार से 2014 में अटल टनल का काम हो रहा था, अगर उसी रफ्तार से काम चला होता तो ये सुरंग साल 2040 में जाकर पूरा हो पाती। आपकी आज जो उम्र है, उसमें 20 वर्ष और जोड़ लीजिए, तब जाकर लोगों के जीवन में ये दिन आता।’ इससे क्या फायदा होगा? टनल से मनाली और लाहौल-स्पीति घाटी 12 महीने जुड़े रहेंगे। भारी बर्फबारी की वजह से इस घाटी का छह महीने तक संपर्क टूट जाता है। टनल का साउथ पोर्टल मनाली से 25 किमी है। वहीं, नॉर्थ पोर्टल लाहौल घाटी में सिसु के तेलिंग गांव के नजदीक है। टनल से गुजरते वक्त ऐसा लगेगा कि सीधी-सपाट सड़क पर चले जा रहे हैं, लेकिन टनल के एक हिस्से और दूसरे में 60 मीटर ऊंचाई का फर्क है। साउथ पोर्टल समुद्र तल से 3000 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है, जबकि नॉर्थ पोर्टल 3060 मीटर ऊंचा है। पहले यह रिकॉर्ड चीन के नाम था अटल टनल से पहले यह रिकॉर्ड चीन के तिब्बत में बनी सुरंग के नाम था। यह ल्हासा और न्यिंग्ची के बीच 400 किमी लंबे हाईवे पर बनी है। इसकी लंबाई 5.7 किमी है। इसे मिला माउंटेन पर बनाया गया है। इसकी ऊंचाई 4750 मीटर यानी 15583 फीट है। इसे बनाने में 38500 करोड़ रुपए खर्च हुए। यह 2019 में शुरू हुई। 24 दिसंबर 2019 को इस टनल का नाम दिवंगत प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर अटल टनल रखने का फैसला किया था। टनल की विशेषताएं : इस टनल का निर्माण 2010 में शुरू हुआ था। 10.5 मीटर चौड़ी, 10 मीटर ऊंची टनल की खासियत 2958 करोड़ रुपए खर्च आया। 14508 मीट्रिक स्टील लगा। 2,37,596 मीट्रिक सीमेंट का इस्तेमाल हुआ। 14 लाख घन मीटर चट्टानों की खुदाई हुई। हर 150 मीटर की दूरी पर 4-जी की सुविधा।

MP : गैंगरेप … पीड़िता को अगवाकर 200 मीटर दूर खेत में ले गए थे लड़के, पीड़िता के से मारपीट

खरगोन। खरगोन जिला मुख्यालय से 60 किमी दूर झिरन्या के मारुगढ़ गांव में तीन लड़कों ने 15 साल की लड़की को अगवा कर गैंगरेप करने की घटना को अंजाम दिया है। पीड़िता को जान से मारने की धमकी दी गई। घटना के दौरान घर में मौजूद पीड़िता के बड़े भाई के साथ भी आरोपियों ने जमकर मारपीट की और जल्दबाजी में बाइक छोड़कर भाग निकले। इस घटना के बाद पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ और कांग्रेस ने सरकार पर सवाल उठाए हैं। कमलनाथ ने ट्वीट कर कहा – खरगोन में मासूम बेटी के साथ दरिंदगी की घटना, सीहोर में फिर एक किसान की खुदकुशी की घटना, भोपाल में युवा की रोजगार ना मिलने पर खुदकुशी की घटना इसके प्रत्यक्ष उदाहरण है। पता नहीं शिवराज सरकार कब नींद से जागेगी और ऐसी घटनाओं पर रोक लगेगी? कांग्रेस ने ट्वीट कर कहा- खरगोन में यूपी जैसी घटना, मध्यप्रदेश के खरगोन में 15 वर्षीय नाबालिग के साथ तीन अज्ञात बदमाशों ने दुष्कर्म किया और लड़की के भाई से मारपीट की। शिवराज जी, यही राक्षसराज वापस लाने के लिये विधायक ख़रीदे थे..? “बेशर्म राज” यह है घटनाक्रम घटना मंगलवार-बुधवार की दरमियानी रात की है। तीनों आरोपियों ने 15 साल की किशोरी को अगवाकर ​​​​200 मीटर दूर खेत में ले जाकर गैंगरेप किया और जान से मारने की धमकी दी। घटना के दौरान घर में मौजूद बड़े भाई के साथ आरोपियों ने जमकर मारपीट की। भाई ने फोन पर परिजन और पुलिस को सूचना दी। घटना के कुछ देर के बाद तीन आरोपी भी दिखे। वह बाइक लेने आए थे, लेकिन बाइक चालू नहीं हुई तो उसे छोड़कर भाग गए। उनकी उम्र 20-30 साल के बीच है। पुलिस को शक है कि वे क्षेत्र के होकर इंदौर आने-जाने वाले हो सकते हैं। जानकारी के मुताबिक युवक (19) और छोटी बहन (15) के साथ खेत में टापरी बनाकर एक साल से मजदूरी कर रहे थे। पीड़िता ने कहा- मेरा मुंह कपड़े से बांध दिया था ताकि चिल्ला न सकूं रात करीब 3 बजे परिजन पीड़िता को लेकर गांव पहुंचे। यहां पीड़िता रोती रही। सुबह करीब 6 बजे पीड़िता की मां पहुंची तो उसने घटनाक्रम बताया। दो घंटे के बाद पुलिस को शिकायत की। पीड़िता ने बताया कि तीनों ने मुंह पर कपड़ा बांधा था। इसमें दो युवक आदिवासी बोली में बात कर रहे थे। जबकि एक हिंदी व निमाड़ी बोल रहा था। मेरा मुंह कपड़े से बांध दिया था। ताकि में चिल्ला न सकूं। ज्यादती के बाद मुझे गाली-गलौच करते हुए खूब लात-घूंसों से मारपीट की। मेरा गला दबा रहे थे। मुझे लगा अब नहीं बच सकेंगे। इसके बाद मुझे छोड़कर भाग गए। भाई को लकड़ियों से पीटा, परिजनों ने तलाशा तो रास्ते में बहन घायल मिली पीड़िता के भाई ने बताया रात 1 बजे तीन लोग आए और भाई से पीने के लिए पानी मांगा। इसके बाद वे चले गए। 10 मिनट के बाद दोबारा आए। इस बार शराब मांगी। इंकार किया तो मारपीट शुरू कर दी। दो बदमाश बहन को उठाकर खेतों की ओर ले जाने लगे। मैंने विरोध किया तो मुझे लकड़ियों से मारा। किसी तरह उनसे छूटकर गांव की तरफ भागा। खेत मालिक व बामनपुरी में परिजनों को मोबाइल से सूचना दी। इसके बाद बाइक लेकर 5 परिजन पहुंचे। परिजन ढूंढते हुए आईटीआई कॉलेज की ओर पहुंचे। यहां रास्ते मंे बहन घायल मिली। वे आसपास दिखे तो परिजनों ने तीनों का पीछा किया, लेकिन वह नहीं मिले। आरोपियों ने पीड़िता के भाई को लकड़ियों से पीटा। उसकी जांघों में सूजन आ गया। पीठ पर लकड़ी के निशान है। आरोपी जिस बाइक से आए थे वह 3 माह पहले ही इंदौर से चोरी हुई है। पुलिस ने बाइक को आसपास के लोगों से तस्दीक कराई। ताकि घटना की जानकारी मिल सके। किसी ने बाइक के बारे में जानकारी नहीं मिली। ग्रामीणाें के अनुसार पीड़िता के 5 भाई है। वह 5वीं तक पढ़ाई करने के बाद भाई के साथ खेत पर ही रहती थी। घटनास्थल से 200 मीटर दूर आईटीआई कॉलेज और पास में निर्माणाधीन कन्या परिसर भी है। एसपी शैलेंद्र चौहान के अनुसार इंदौर में बाइक के फुटेज की जांच कर रहे हैं। आरोपी क्षेत्र के हो सकते हैं, जिनका इंदौर आना-जाना हो। पीड़िता का मेडिकल कराकर अपहरण व गैंगरेप का केस दर्ज किया है। जल्द आरोपी पकड़े जाएंगे।

राहुल गांधी गिरफ्तार, धक्कामुक्की में राहुल जमीन पर गिरे, गैंगरेप पीड़ित के परिवार से मिलने जा रहे थे

नोएडा । उत्तर प्रदेश के हाथरस में गैंगरेप पीड़ित के परिवार से मिलने जा रहे राहुल गांधी और प्रियंका को ग्रेटर नोएडा में पुलिस ने पहली बार रोका तो दोनों कार से उतरकर पैदल ही आगे बढ़ गए। कुछ देर बाद ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेस-वे के इकोटेक-1 थाना इलाके में पुलिस ने राहुल को गिरफ्तार कर लिया। इससे पहले धक्कामुक्की में राहुल जमीन पर गिर गए। पुलिसवाले ने राहुल की कॉलर भी पकड़ी। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि राहुल के हाथ में चोट लगी है। राहुल ने कहा, “पुलिस ने मुझे धक्का दिया, लाठी चार्ज किया, मुझे जमीन पर गिराया। मैं पूछना चाहता हूं कि क्या इस देश में सिर्फ मोदी जी ही चल सकते हैं? क्या सामान्य आदमी नहीं चल सकता। हमारी गाड़ियां रोकी गई थीं, इसलिए हमने पैदल चलना शुरू किया। मैं गैंगरेप पीड़ित के परिवार से मिलना चाहता हूं, ये मुझे रोक नहीं पाएंगे।” राहुल ने पुलिस से पूछा कि किस धारा में आप मुझे गिरफ्तार कर रहे हैं, जनता और मीडिया को बताइए? पुलिस ने कहा कि सर, वो सबको बता दिया जाएगा। आपने धारा-188 का वॉयलेशन किया है। धारा 188 क्या है? 1897 के महामारी कानून के सेक्शन 3 में जिक्र है कि अगर कोई कानून के निर्देशों और नियमों को तोड़ता है, तो उसे आईपीसी की धारा 188 के तहत गिरफ्तार किया जा सकता है। उसे सजा भी दी जा सकती है। इस संबंध में किसी सरकारी कर्मचारी के निर्देशों का उल्लंघन करने पर भी यह धारा लगाई जा सकती है। 4 साल पहले राहुल-प्रियंका को नोएडा जाने से रोका गया था 2016 में भी राहुल और प्रियंका गैंगरेप पीड़ित के परिवार से मुलाकात करने के लिए नोएडा पहुंचे थे, लेकिन तत्कालीन सपा सरकार ने उन्हें रोक दिया था। इसके बाद दोनों को दिल्ली लौटना पड़ा था। प्रियंका का सवाल प्रियंका ने ट्वीट कर कहा है कि गैंगरेप की शिकार लड़की के पिता को जबरदस्ती ले जाया गया। सीएम से वीसी के नाम पर बस दबाव डाला गया। वे जांच की कार्रवाई से संतुष्ट नहीं हैं। अभी पूरे परिवार को नजरबंद रखा है। बात करने पर मना है। क्या धमकाकर उन्हें चुप कराना चाहती है सरकार? हाथरस के मामले में प्रियंका लगातार याेगी सरकार पर हमले कर रही हैं। उन्होंने बुधवार को ट्वीट कर मुख्यमंत्री से 3 सवाल पूछे। सबसे बड़ा सवाल यही था कि परिजन से जबरदस्ती छीनकर पीड़ित के शव को जलवा देने का आदेश किसने दिया? गांव को छावनी बनाया गया पीड़ित के गांव में पुलिस जवानों की तैनाती की गई है। कोई भी बाहरी व्यक्ति पीड़ित के घर तक न पहुंच सके, इसके लिए गांव के बाहर मेन रोड पर बैरिकेड लगाए गए हैं। मीडिया को भी गांव में आने की परमिशन नहीं है। गांव के एंट्री पॉइंट पर एडीएम लेवल के अधिकारी भी तैनात हैं। पुलिस ने कहा- दुष्कर्म की पुष्टि नहीं हाथरस के एसपी विक्रांत वीर ने कहा है कि अलीगढ़ अस्पताल की मेडिकल रिपोर्ट में पीड़ित के शरीर पर जख्मों की बात है, लेकिन दुष्कर्म की पुष्टि नहीं की गई है। डॉक्टर्स का कहना है कि फोरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही इस बारे में कुछ कहा जा सकता है। उत्तर प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लगा देना चाहिए बसपा अध्यक्ष मायावती ने कहा है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ महिलाओं की सुरक्षा नहीं कर सकते तो उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए। केंद्र सरकार से अपील करती हूं कि योगी को उनकी जगह पर यानी गोरखनाथ मठ भेज देना चाहिए। अगर उन्हें वह भी पसंद नहीं तो राम मंदिर के निर्माण की जिम्मेदारी दे देनी चाहिए। केंद्र सरकार को उत्तर प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लगा देना चाहिए। कुछ लोग पॉलिटिकल टूरिज्म कर रहे केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी का कहना है कि उत्तर प्रदेश की घटनाओं का सभी को दुख है और चाहते हैं कि दोषियों को सजा मिले। इसके लिए उत्तर प्रदेश सरकार की कोशिशों के नतीजे जल्द नजर आएंगे। कुछ लोग पॉलिटिकल टूरिज्म के जरिए तनाव बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं, ऐसा नहीं होना चाहिए। सपा कार्यकर्ताओं को पुलिस ने रोका राहुल-प्रियंका के पहुंचने से पहले समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता पीड़ित के गांव तक पहुंचे, लेकिन पुलिस ने बैरिकेड लगाकर उन्हें गांव के अंदर जाने से रोक दिया। विरोध में सपा कार्यकर्ता धरने पर बैठ गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। क्या है पूरा मामला? हाथरस जिले के चंदपा इलाके के गांव में 14 सितंबर को 4 लोगों ने 19 साल की युवती से गैंगरेप किया था। आरोपियों ने युवती की रीढ़ की हड्डी तोड़ दी और उसकी जीभ भी काट दी थी। दिल्ली में इलाज के दौरान पीड़ित की मौत हो गई। चारों आरोपी गिरफ्तार कर लिए गए हैं।

हाथरस के बाद अब बलरामपुर जिले में दलित युवती से गैंगरेप, कमर और पैर तोड़ दिए

बलरामपुर। उत्तर प्रदेश में हाथरस के बाद अब बलरामपुर जिले के गैंसड़ी इलाके में दलित युवती से गैंगरेप की घटना सामने आई है। यहां 22 साल की छात्रा को पहले किडनैप किया। फिर नशे के इंजेक्शन से बेहोश कर 2 आरोपियों ने दुष्कर्म किया। लड़की की हालत इतनी बिगड़ गई कि उसकी मौत हो गई। पुलिस ने साहिल और शाहिद नाम के आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके खिलाफ गैंगरेप और हत्या का केस दर्ज किया गया है। युवती कॉलेज की फीस जमा करने के लिए मंगलवार सुबह 10 बजे घर से निकली थी। शाम तक नहीं लौटी तो घरवालों ने फोन किया, लेकिन फोन बंद था। शाम करीब 7 बजे युवती गंभीर हालत में रिक्शे से घर पहुंची। उसके हाथ पर कैनुला लगा था, बेहोशी की हालत में थी। बोल भी नहीं पा रही थी। परिजन तुरंत डॉक्टर के पास ले गए। फिर डॉक्टर के कहने पर लखनऊ ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही युवती की मौत हो गई। ‘पेट में बहुत तेज जलन है, हम मर जाएंगे’ लड़की की मां ने बताया कि बेटी कॉलेज से लौट रही थी, रास्ते में कार में आए 3-4 लोगों ने उसे अगवा कर लिया। उसे नशे के इंजेक्शन देकर दुष्कर्म किया गया। आरोपियों ने बेटी की कमर और पैर भी तोड़ दिए, इसलिए न तो वह खड़ी हो पा रही थी और न ही बोल पा रही थी। बस इतना ही कह पाई कि पेट में बहुत तेज जलन हो रही है, हम मर जाएंगे। पुलिस ने कहा- किराना स्टोर का मालिक ही मास्टरमाइंड पुलिस का कहना है कि वारदात गैंसड़ी गांव में एक किराना स्टोर के पीछे के कमरे में हुई। पीड़ित की सैंडल उसी कमरे के बाहर मिली हैं। दुकान मालिक ही घटना का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। आरोपियों ने दुष्कर्म और मारपीट के बाद पास के ही डॉक्टर से पीड़ित का इलाज करवाने की कोशिश की थी। पुलिस ने अंतिम संस्कार में फिर जल्दबाजी दिखाई न्यूज एजेंसी आईएएनएस की रिपोर्ट के मुताबिक, अंतिम संस्कार में पुलिस ने हाथरस के मामले की तरह ही जल्दबाजी दिखाई। बलरामपुर की पीड़ित का का अंतिम संस्कार भी भारी पुलिस बल की तैनाती में मंगलवार रात को ही करवा दिया गया। यह बात भी सामने आ रही है कि पुलिस ने मामला दबाने की कोशिश की थी। हालांकि, लोगों का कहना है कि पीड़ित परिवार की सहमति से ही अंतिम संस्कार किया गया।

MP : सीहोर में किसान ने घर में फांसी लगाकर की आत्महत्या, 7 लाख का बैंक का कर्ज था

सीहोर। प्रकृति की मार से बर्बाद हुए किसान अब खुदकुशी की राह पर चल पड़े हैं। इसका कारण यह है कि एक तरफ सोयाबीन की फसल पूरी तरह से बर्बाद हो चुकी है तो दूसरी तरफ बैंक और सोसायटियों के कर्ज की चिंता उनको सता रही है। बुधवार को गांव नापलाखेड़ी में 55 वर्षीय एक किसान ने घर में ही फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। परिजनों का कहना है कि उन पर 7 लाख का बैंक का कर्ज था और फसलें खराब होने से वे बहुत परेशान थे। जबकि इस मामले में प्रशासन पारिवारिक विवाद बता रहा है।  इसी दिन केंद्र सरकार की टीमे भी नुकसान का निरीक्षण करने आई थी। मृतक के बड़े बेटे संतोष वर्मा ने बताया कि उनकी 6 एकड़ जमीन है। इसमें सोयाबीन बोई थी जो पूरी तरह से खराब हो चुकी है। घर सहित अन्य कामों के लिए उन्होंने बैंक और सोसायटी से करीब 7 लाख रुपए का कर्ज लिया था। फसलें खराब होने के बाद से ही वे चिंता में थे कि आखिर कर्ज कैसे चुकाएंगे। कुछ दिनों से वे ज्यादा परेशान थे। बेदाखेड़ी में देखा खेत आष्टा | बुधवार को टीम भोपाल-इंदौर हाईवे पर स्थित बेदाखेड़ी गांव पहुंची। गांव के अंतिम छोर पर रुकी और 10 मिनट रूककर एक किसान का खेत देखा तथा चर्चा कर आगे के लिए रवाना हो गई। इसके बाद डाबरी, डोडी में भी कुछ देर फसलों का जायजा लिया। बेदाखेड़ी गांव में किसान हिम्मत सिंह के खेत पर पहुंचकर फसल को देखा। 10 मिनट के अंतराल में रोड किनारे के खेत देखने के बाद किसानों से चर्चा कर निकल गए। बहुत देर कर दी आते-आते भारत सरकार की इंटर मिनिस्ट्रियल सेंट्रल टीम ने जिले में विभिन्न गांवों में फसलों का निरीक्षण किया। हालांकि टीम उस समय आई है जब 70 प्रतिशत से अधिक रकबे में फसलों की कटाई हो चुकी है। टीम में संयुक्त सचिव भारत सरकार राजवीर सिंह, ,अवर सचिव हरित कुमार शाक्य शामिल थे। इछावर विधायक करण सिंह वर्मा, सीहोर विधायक सुदेश राय, कलेक्टर अजय गुप्ता भी टीम के साथ रहे।

Bigg Boss 14: सबसे चर्चित कंटेस्टेंट हैं राधे मां, हर हफ्ते लेंगी 25 लाख रुपए

मुंबई। टेलीविजन का सबसे कॉन्ट्रोवर्शियल रियलिटी शो एक बार फिर से नए सीजन के साथ वापसी करने को तैयार है. शो के 14 सीजन को लेकर फैंस खासा एक्साइटेड है खासकर कंटेस्टेंट की लिस्ट को लेकर. इस बार सबसे चर्चित कंटेस्टेंट हैं राधे मां. शो के शुरू होने से पहले ही राधे मां सबसे ज्यादा चर्चाओं में हैं. वहीं अब मीडिया रिपोर्ट्स में उनकी फीस से लेकर मेकर्स से एक बात पर असहमति तक कई तरह के चौंकाने वाले दावे सामने आए हैं. बिग बॉस के घर में मेकर्स ने राधे मां की एंट्री कंफर्म कर दी है. बीते मंगलवार राधे मां का एक वीडियो कलर्स चैनल के ऑफिशियल ट्विटर एकाउंट पर शेयर किया गया था, जिसमें वो बिग बॉस के घर में एंट्री लेती दिख रही थीं. वहीं बैकग्राउंड में उनकी आवाज भी सुनाई दे रही थी. इस बीच मीडिया रिपोर्ट में राधे मां की फीस को लेकर दावा किया जा रहा है. बताया जा रहा है कि राधे मां की फीस इतनी तगड़ी है कि वो ‘बिग बॉस 14’ की सबसे ज्यादा फीस पाने वाली कंटेस्टेंट बन गई हैं. इस रिपोर्ट में बिग बॉस फैन पेज के हवाले से बताया जा रहा है कि राधे मां को बिग बॉस के घर में रहने के लिए हर हफ्ते 25 लाख रुपए दिए जाएंगे. ये ऑफर इस सीजन में आने वाले सभी कंटेस्टेंट से ज्यादा है. हालांकि अभी इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है. इसके अलावा स्पॉटबॉय की एक रिपोर्ट में राधे मां और शो के मेकर्स बीच असहमति का दावा किया जा रहा है. इस रिपोर्ट में बताया गया है कि बिग बॉस के मेकर्स ने उनसे उनका त्रिशूल घर के बाहर ही छोड़कर जाने के लिए कहा था लेकिन राधे मां इसके लिए तैयार नहीं हुईं. बताया जा रहा है कि बिग बॉस के कंटेस्टेंट्स के लिए नियम है कि वो कोई ऐसी चीज घर में लेकर नहीं जा सकते जिससे सामने वाले को नुकसान पहुंच सके. अब देखना होगा कि इस असहमति का अंजाम क्या होगा.

क्या भारत में गुजर गया कोरोना वायरस संक्रमण का पीक ? रिकवरी रेट 100% बढ़ा

नई दिल्ली। भारत में कोरोना वायरस संक्रमण के मामले साढ़े 61 लाख के करीब पहुंच चुके हैं। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से मंगलवार सुबह 8 बजे जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक पिछले 24 घंटे में 70,589 नए मामले सामने आने के बाद देश में संक्रमितों की संख्या बढ़कर 61,45,291 हो गई। पिछले कुछ दिनों से कोविड-19 के डेली केसेज में कमी आई है तो क्या भारत में कोरोना का पीक गुजर चुका है? आइए आंकड़ों के जरिए इस सवाल का जवाब तलाशते हैं। भारत में 12 सितंबर से 22 सितंबर तक कोरोना वायरस संक्रमण के हर दिन 90,000+ मामले सामने आए। 17 सितंबर को 93,199 नए मामले सामने आए जो अब तक किसी एक दिन में संक्रमण का सबसे बड़ा आंकड़ा है। हालांकि, पिछले कुछ दिनों से कोरोना के नए मामलों में लगातार गिरावट आ रही है। देश में करीब एक महीने बाद मंगलवार को कोविड-19 के एक दिन में 75 हजार से कम नए मामले सामने आए और एक हजार से कम लोगों की मौत हुई है। भारत में पहली बार नए मामलों में लगातार गिरावट पहली बार भारत में कोरोना के मामलों में इतने लंबे समय तक लगातार गिरावट देखने को मिली है। इस दौरान एवरेज डेली टेस्ट भी बढ़े हैं, फिर भी नए मामलों में थोड़ा ही सही लेकिन लगातार गिरावट उम्मीदें बढ़ाने वाला है। इसी तरह टेस्ट पॉजिटिविटी रेट भी 8.7 प्रतिशत से गिरकर 7.7 प्रतिशत पर आ चुका है। भारत में कोरोना के केस लगातार बढ़ रहे हैं, लेकिन केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़े बताते हैं कि बड़ी संख्या में मरीज इस बीमारी को मात भी दे रहे हैं। ताजा आंकड़ों के मुताबिक, पिछले महीने की तुलना में सितंबर में रिकवरी रेट 100 फीसदी बढ़ा है। वहीं, अब तक सामने आए कुल मरीजों में से 82 फीसदी स्वस्थ्य हो चुके हैं। बता दें, देश में कुल मरीजों का आंकड़ा साठ लाख के पार हो गया है। वहीं एक्टिव मरीजों की संख्या 10 लाख से कम है। जिन राज्यों में पहले कोरोना तेजी से फैल रहा था, वहां अब राहत के संकेत मिल रहे हैं। मसलन दिल्ली में सोमवार को 1984 नए मामले सामने आए जो कि करीब एक महीने में सबसे कम हैं।

मध्य प्रदेश में 28 सीटों पर 3 नवंबर को वोटिंग, 10 नवंबर को नतीजे

नई दिल्ली। चुनाव आयोग ने मंगलवार को 56 विधानसभा सीटों और एक लोकसभा सीट के लिए उपचुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया। मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात और उत्तर प्रदेश समेत 10 राज्यों की 54 विधानसभा सीटों पर 3 नवंबर को मतदान होगा। वहीं, बिहार की एक लोकसभा सीट और मणिपुर की दो विधानसभा सीटों पर 7 नवंबर को वोट डाले जाएंगे। सभी सीटों के नतीजे 10 नवंबर को आएंगे। असम, केरल, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल की 7 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव का ऐलान नहीं किया गया है। चुनाव आयोग का कहना है कि इन राज्यों में कुछ मुश्किलें हैं, इसलिए मौजूदा स्थिति में उपचुनाव नहीं करवाने का फैसला लिया गया। भाजपा अपनी सत्ता बचाने और कांग्रेस नेता कमलनाथ छह महीने पहले खोई सत्ता वापस पाने की लड़ाई लड़ रहे हैं। इस उपचुनाव में कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आए ज्योतिरादित्य सिंधिया की साख भी दांव पर लगी है, क्योंकि जिन 28 सीटों पर उपचुनाव हो रहा है उनमें 16 सीटें सिंधिया के प्रभाव वाले ग्वालियर-चंबल क्षेत्र की है। 28 में से 27 पर पहले कांग्रेस का कब्जा था 28 सीटों में से 27 पर पहले कांग्रेस का कब्जा था। प्रदेश में 230 सदस्यीय राज्य विस में बहुमत के लिए 116 सीटें होना जरूरी हैं। अगर भाजपा उपचुनाव में बेहतर प्रदर्शन करती है तो उसकी सरकार और स्थिर होगी। वहीं, दूसरी तरफ कांग्रेस की कोशिश है कि वह 20 या उससे ज्यादा सीटें जीत ले, जिससे की एक बार फिर प्रदेश में सत्ता पलट सकती है।

उत्तराखंड के दौरे पर गयीं उमा भारती को कोरोना, हरिद्वार के पास क्वारंटीन

भोपाल। एमपी की पूर्व सीएम उमा भारती की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव हैं। वह अभी उत्तराखंड के दौरे पर हैं। उमा बीते दिनों पहाड़ की यात्रा पर गई थीं। उन्होंने केदारनाथ में दर्शन करते हुए वीडियो भी डाला था। कोरोना पॉजिटिव होने के जानकारी उन्होंने खुद ही ट्वीट कर दी है। रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद उमा भारती ने ऋषिकेश और हरिद्वार के बीच स्थित वंदे मातरम कुंज में खुद को क्वारंटीन किया है। उमा भारती ने देर रात ट्वीट कर लिखा है कि मैं आपकी जानकारी के लिए यह डाल रही हूं कि मैंने अपनी पहाड़ यात्रा की समाप्ति के अंतिम दिन प्रशासन को आग्रह करके कोरोना टेस्ट की टीम को बुलवाया, क्योंकि मुझे 3 दिन से हल्का बुखार था। मैंने हिमालय में कोविड के सभी विधिनिषेध एवं सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया। फिर भी मैं कोरोना पॉजिटिव निकली हूं। पूर्व सीएम ने बताया कि मैं अभी हरिद्वार और ऋषिकेश के बीच वंदे मांतर कुंज में क्वारंटीन हूं, जो कि मेरे परिवार के जैसा है। 4 दिन बाद फिर से टेस्ट कराऊंगी और स्थिति ऐसी ही रही, तो डॉक्टरों के परामर्श के अनुसार निर्णय लूंगी। मेरे संपर्क में आए लोगों से अपील है कि वो अपनी कोरोना टेस्ट करवाए एवं सावधानी बरते। गौरतलब है एमपी की पूर्व सीएम उमा भारती एमपी उपचुनाव के लिए चुनाव प्रचार के बाद हिमालय की यात्रा पर निकल गई थीं। यात्रा खत्म कर वह फिर से एमपी की राजनीति में सक्रिय होतीं। लेकिन उससे पहले ही वह कोरोना की चपेट में आ गई हैं। एमपी बीजेपी के नेताओं ने उन्हें जल्द स्वस्थ होने की कामना की है।

ड्रग्स मामले में पूछताछ के दौरान तीन बार रोईं फिल्म अभिनेत्री दीपिका पादुकोण

मुंबई. नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने शनिवार को दीपिका पादुकोण से करीब 6 घंटे तक पूछताछ की। रिपोर्ट्स की मानें तो सवाल-जवाब के दौरान दीपिका एक बार नहीं, बल्कि तीन बार रो पड़ी थीं। बताया जा रहा है कि इस दौरान एनसीबी के अधिकारियों ने उन्हें इमोशनल कार्ड न खेले की नसीहत दी थी। इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, दीपिका की आंखों में आंसू देख एनसीबी के अधिकारियों ने उनके हाथ जोड़ लिए। साथ ही कहा कि इमोशनल कार्ड खेलने की बजाय वे सबकुछ सच-सच बताती हैं, तो उनके लिए बेहतर होगा। दीपिका ने मानी ड्रग्स चैट की बात रिपोर्ट्स के मुताबिक, एनसीबी की पूछताछ में दीपिका पादुकोण ने ड्रग्स चैट करने की बात स्वीकार की। हालांकि, उन्होंने ड्रग्स लेने की बात से इनकार किया। दीपिका ने एनसीबी को बताया कि उनका पूरा ग्रुप डूप लेता है, जो कि सिगरेट है। इसमें कई नशीली चीजें होती हैं। रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि एनसीबी ने जब दीपिका से चैट में इस्तेमाल हुए वीड और हशीश शब्दों के बारे में पूछा तो उन्होंने स्पष्ट जवाब नहीं दिया। जब उनसे पूछा गया कि वो जो डूप लेती हैं, क्या उसमें ड्रग्स भी होती है तो एक्ट्रेस ने चुप्पी साध ली। एक्ट्रेस के कई जवाबों से एनसीबी के अधिकारी संतुष्ट नहीं हुए। दीपिका के दो फोन जब्त किए गए सूत्रों के मुताबिक, शनिवार को दीपिका के एनसीबी दफ्तर पहुंचने के बाद अधिकारियों ने सबसे पहले उन्हें आरोपों के बारे में बताया। डेटा का बैकअप लेने के लिए उनके 2 मोबाइल फोन ले लिए गए। उनसे कहा गया कि इस मामले में किसी संदिग्ध या आरोपी से बात नहीं करेंगी। उसके बाद एक अंडरटेकिंग पर साइन करवाए गए। उनसे कहा गया कि 3 फेज में पूछताछ की जाएगी, इसके लिए 3-4 राउंड हो सकते हैं। सुशांत सिंह राजपूत डेथ केस से जुड़े ड्रग्स मामले की जांच कर रही एनसीबी के हाथ तीन साल पुरानी वॉट्सऐप ग्रुप चैट लगी थी। 28 अक्टूबर 2017 को हुई इस चैट में दीपिका, उनकी मैनेजर करिश्मा प्रकाश और सुशांत की टैलेंट मैनेजर जया साहा के बीच ड्रग्स को लेकर हुई बातचीत हुई थी। चैट में दीपिका ने ‘हैश’ और ‘वीड’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल करते हुए करिश्मा से पूछा था कि माल है क्या? इसके बाद दीपिका और करिश्मा को समन भेजा गया था। करिश्मा ने एनसीबी को बताया था कि इस वॉट्सऐप ग्रुप की एडमिन खुद दीपिका थीं। कोर्ट में पेश किए जाएंगे स्टेटमेंट शनिवार को एनसीबी ने दीपिका के अलावा सारा अली खान और श्रद्धा कपूर से भी पूछताछ की। इससे एक दिन पहले एजेंसी के सामने रकुल प्रीत सिंह की पेशी हुई थी। एनसीबी के डिप्टी डायरेक्टर एमए जैन का कहना है कि पूछताछ के दौरान उन्होंने जितने भी स्टेटमेंट रिकॉर्ड किए हैं, वो कोर्ट में सबमिट किए जाएंगे। जैन के मुताबिक, ड्रग्स एंगल में अब तक 18-19 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

बीजेपी की नई फौज तैयार, अनुभव-कुशलता और युवा जोश का सामंजस्य

नई दिल्ली. आठ महीने के लंबे इंतजार और तमाम कयासों के बाद बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने अपनी टीम की घोषणा कर दी. जेपी नड्डा को पिछले बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह की जो टीम मिली थी, उसमें उन्होंने कई अमूलचूल परिवर्तन करते हुए अपनी टीम में अनुभव, संगठन कुशलता के साथ-साथ युवा जोश का सामंजस्य बैठाने की कोशिश की है. जेपी नड्डा ने अपनी टीम में वैसे तो कई बड़े-बड़े फैसले लिए हैं लेकिन सबसे चौंकाने वाला फैसला आरएसएस से बीजेपी में आए राम माधव और मुरलीधर राव को हटाना है. राम माधव ने ही मोदी सरकार बनने के बाद जम्मू कश्मीर में पीडीपी के साथ सरकार बनवाकर घाटी में पार्टी को मजबूती दी थी. उसके बाद असम, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर एक के बाद एक सरकार बनाने में अहम भूमिका निभाई थी. मिजोरम, नगालैंड और मेघालय में गठबंधन की सरकार बनाकर पूर्वोत्तर भारत में भी बीजेपी के पैर जमाने का काम किया था. हरियाणा में 2014 और 2019 में सरकार बनाने में बड़ी भूमिका निभाने वाले डॉ अनिल जैन को भी महासचिव पद से हटा दिया गया है. छत्तीसगढ़ में रमन सिंह से छत्तीस का आंकड़ा रखने वाली सरोज पांडेय भी महासचिव पद से मुक्त कर दी गई हैं. इनकी जगह जिन चेहरों को नड्डा ने टीम में जगह दी वो अचंभित करते हैं. जिन्हें प्रमोशन मिला है उनमें तरुण चुग पंजाब से आते हैं और अभी तक राष्ट्रीय सचिव के पद पर काम कर रहे थे, दिल्ली के प्रभारी थे. हालांकि दिल्ली विधानसभा चुनाव में पार्टी की क्या पर्फोमेंस रही, ये किसी से छुपी नहीं है. इन चेहरों पर जताया भरोसा पिछले कुछ समय से बीजेपी ने जिस दलित चेहरे पर सबसे ज्यादा भरोसा जताया है उनमें दुष्यंत कुमार गौतम का नाम शामिल है. इन पर नड्डा ने भरोसा जताते हुए अपनी टीम में महासचिव बनाया हैं. कर्नाटक के सीटी रवि को महासचिव बनाया गया हैं. सीटी रवि कर्नाटक सरकार में संस्कृति, कन्नड़ और पर्यटन मामलों के मंत्री हैं और उनकी मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा से खास नहीं बनती है. इसलिए वो मंत्री पद से इस्तीफा देकर बीजेपी महासचिव के तौर पर काम करेंगे. इसके अलावा महिला कोटे से कांग्रेस से बीजेपी में आईं एनटी रामाराव की बेटी डी पुरदेंश्वरी को महासचिव बनाया गया है. चेन्नई में जन्मी पुरदेंश्वरी मनमोहन सिंह सरकार में मानव संसाधन विकास राज्य मंत्री रही हैं. जाहिर है कि उन्हें आंध्र प्रदेश की नुमाइंदगी करने के लिए राम माधव की जगह दी गई है. डी पुरदेंश्वरी 2019 के लोकसभा में विशाखापट्टनम से चुनाव लड़ी थी और उनकी जमानत भी जब्त हो गई थी. असम चुनाव को देखते हुए नड्डा ने सांसद दिलीप सैकिया को महासचिव बनाया है. सैकिया असम में पिछलें दो दशकों से संगठन में कई पदों पर काम कर चुके हैं. तेजस्वी सूर्या को बड़ी जिम्मेदारी जेपी नड्डा की नई टीम पर संगठन महासचिव बीएल संतोष की प्रभाव अच्छा खासा दिखता हैं. सीटी रवि को महासचिव के पद पर ताजपोशी और उनके करीबी माने जाने वाले युवा सांसद तेजस्वी सूर्या को भी संगठन में बड़ी जिम्मेदारी दी गई है. उन्हें पूनम महाजन की जगह युवा मोर्चा का अध्यक्ष बनाया गया है. अनंत कुमार का कर्नाटक बीजेपी में ही नही बल्कि केंद्रीय बीजेपी नेतृत्व में बड़ा नाम था. उनके निधन के बाद उनकी पत्नी तेजस्वनी लोकसभा सीट बेंगलुरू दक्षिण से दावेदार थीं. हालांकि बीएल संतोष ने पूरी ताकत लगाकर अनंत कुमार की पत्नी की जगह तेजस्वी सूर्या को टिकट दिलाया था. जेपी नड्डा की नई टीम में तीन पूर्व मुख्यमंत्रियों को उपाध्यक्ष बनाया गया है. वसुंधरा राजे और रमन सिंह पहले से ही अमित शाह की टीम से उपाध्यक्ष थे. इस बार झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास का नया नाम जुड़ गया हैं. नड्डा की नई टीम राष्ट्रीय उपाध्यक्षों में भी कुछ नाम चौंकाते हैं जैसे मुकुल रॉय. हालांकि मुकुल रॉय को तृणमूल कांग्रेस से बीजेपी में आए लंबा अरसा हो चुका है. लेकिन उन्हें सरकार के बजाए संगठन में जिम्मेदारी मिली. पश्चिम बंगाल चुनाव में उनकी बड़ी भूमिका रहने वाली है. इसके अलावा पूर्व केंद्रीय मंत्री राधा मोहन सिंह और झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया है. उमा भारती, प्रभात झा, विनय सहस्त्रबुद्धे, ओम माथुर, श्याम जाजू और अविनाश राय खन्ना की उपाध्यक्ष पद से छुट्टी कर दी गई है . प्रवक्ता बीजेपी ने 23 प्रवक्ताओं की भारी-भरकम फौज बनाई है. राज्यसभा सांसद अनिल बलूनी इसकी अगुवाई करेंगे. इसमें पूर्व सूचना प्रसारण मंत्री राज्यवर्धन राठौड़ और सांसद हिना गवित, सांसद राजू बिस्टा, सांसद राजीव चंद्रशेखर, तेजतर्रार सांसद अपराजिता सारंगी समेत कई युवा चेहरों को जगह दी गई हैं लेकिन मीनाक्षी लेखी को प्रवक्ता पद से मुक्ति दे दी गई है. जेपी नड्डा ने अपनी टीम में दूसरी पार्टियों से आए नेताओ को भी तरजीह देते हुए उन्हें संगठन में जगह दी है. जेपी नड्डा की इस टीम में नए-पुराने चेहरों का सामंजस्य बैठाने की कोशिश की गई है. नड्डा ने अपनी टीम में बड़ी संख्या में महिलाओं और युवाओं के अनुभव का ध्यान रखते हुए स्थान दिया हैं. सबसे खास बात ये हैं कि उन्होंने अपनी टीम जातिगत आधार पर और सभी राज्यों को प्रतिनिधित्व देते हुए चुनी है. पद खाली वहीं सबसे चौंकाने वाली बात ये है कि तमाम कोशिश के बाद भी जेपी नड्डा संगठन की दृष्टि से सबसे महत्वपूर्ण पद महासचिव पर सभी 10 महासचिवों की नियुक्ति नहीं कर पाए हैं. संगठन के हिसाब से संगठन महासचिव समेत 10 महासचिव होने चाहिए लेकिन अभी एक महासचिव पद खाली है. मतलब साफ है कि कहीं न कहीं पार्टी में ऐसे अनुभवी लोगों की कमी है जिनको महासचिव बनाया जाए. वहीं अमित शाह के 6 साल अध्यक्षीय कार्यकाल में दो महासचिव समेत कई संगठन के पद खाली रहे. सूत्रों के मुताबिक जिन नेताओं को नड्डा की टीम में जगह नहीं मिली हैं, उन्हें केंद्र सरकार में मंत्री बनाया जा सकता हैं. माना जा रहा है कि केंद्र सरकार में मंत्रिमंडल में फेरबदल भी जल्द होगा.

विटामिन D हो पर्याप्त तो कोरोना वायरस से मौत का खतरा आधा: स्टडी

भोपाल। कोरोना वायरस के जिन मरीजों में पर्याप्त मात्रा में विटामिन D की मात्रा मौजूद होती है उनकी मौत का खतरा 52 फीसदी कम होता है. एक नई स्टडी में इस बात की जानकारी मिली है. अमेरिका की बोस्टन यूनिवर्सिटी के रिसर्चर्स ने यह स्टडी की है. रिसर्चर्स को इस बात की जानकारी मिली है कि जिन मरीजों में विटामिन डी की मात्रा पर्याप्त रूप से मौजूद थी, वैसे मरीजों के हॉस्पिटल में भर्ती होने के बाद मौत का खतरा आधा हो गया. वहीं, गंभीर रूप से बीमार पड़ने का खतरा भी विटामिन डी की वजह से 13 फीसदी कम पाया गया. स्टडी के दौरान पता चला कि जिन मरीजों में विटामिन डी की पर्याप्त मात्रा मौजूद है, उनके वेंटिलेटर पर रखे जाने की जरूरत भी 46 फीसदी कम हो गई. वैज्ञानिकों का कहना है कि व्यक्ति के इम्यून सिस्टम में विटामिन डी का अहम रोल होता है जिसकी वजह से कोरोना मरीजों को फायदा होता है. बता दें कि औसतन अमेरिका के 42 फीसदी लोगों में विटामिन डी की कमी पाई जाती है. वहीं, अश्वेत और बुजुर्ग लोगों में भी तुलनात्मक रूप से विटामिन डी की कमी अधिक होती है और ऐसे लोग कोरोना के भी अधिक शिकार हो रहे हैं. इससे पहले बोस्टन यूनिवर्सिटी के ही माइकल हॉलिक को एक रिसर्च में पता चला था कि ऐसे लोग जिनमें पर्याप्त मात्रा में विटामिन डी मौजूद है, उनके कोरोना वायरस से संक्रमित होने का खतरा 54 फीसदी कम होता है. पिछली स्टडी को ही आगे बढ़ाने पर वैज्ञानिकों को कोरोना मरीजों और विटामिन डी के संबंधों को लेकर नई जानकारी मिली. हॉलिक की टीम ने तेहरान के अस्पताल के 235 कोरोना मरीजों के सैंपल लिए थे. कुल 67 फीसदी मरीजों में विटामिन डी की मात्रा 30 ng/mL से कम थी. एक्सपर्ट का कहना है कि अन्य बीमारियों से जूझ रहे लोगों में भी विटामिन डी की मात्रा कम होती है, इसलिए स्पष्ट तौर से यह कहना मुश्किल है कि विटामिन डी की कमी नहीं होती तो कितने लोगों की जान बच सकती थी.

UP व दक्षिण भारत की ओर जाने वाली ट्रेनें फुल, दशहरा-दिवाली पर होने लगी वेटिंग

भोपाल। दशहरा और दीपावली के आसपास के दिनों में उत्तर प्रदेश व दक्षिण भारत तरफ जाने वाली लगभग सभी स्पेशल ट्रेनों में वेटिंग की स्थित बन गई है। एसी और स्लीपर दोनों ही श्रेणी में अभी से ही वेटिंग मिल रही है। ऐसे में यदि इन प्रदेशों तरफ आवागमन करने वाली स्पेशल ट्रेनों की संख्या नहीं बढ़ाई गई, तो यात्रियों को त्योहारों के समय अपने घरों को लौटने में खासी परेशानी उठाना पड़ सकती है। हालांकि रेल मंत्रालय के अधिकारियों का कहना है कि 10 अक्टूबर के पहले कुछ स्पेशल ट्रेनें और बढ़ाए जाने की संभावना है। इसके लिए विभिन्न रेल मंडलों से प्रस्ताव व वेटिंग मांगी गई है। नई ट्रेनों की मांग: फीरोजपुर, जम्मू, रायपुर, कोटा, अमृतसर, पुणे, अहमदाबाद के लिए स्पेशल ट्रेनों की मांग बढ़ने लगी है। रेल यात्री उपयोगकर्ता व सलाहकार समिति के सदस्य निरंजन वाधवानी का कहना है कि हर दिशा में ट्रेनों का संचालन शुरू किया जाए।

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