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नया भारत-US समझौता जल्द हो सकता है, ट्रंप के दूत ने दी उम्मीद की खबर

नई दिल्ली भारत और अमेरिका एक और समझौते पर मुहर लगाने के बेहद करीब हैं। भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने शुक्रवार को यह खुशखबरी देते हुए कहा है कि दोनों देश क्रिटिकल मिनरल्स से जुड़े अहम समझौते को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है और आने वाले कुछ महीनों में इस पर बड़ी घोषणा हो सकती है। उन्होंने यह भी कहा है कि दोनों देश मैन्युफैक्चरिंग और नई तकनीकों के लिए जरूरी दुर्लभ खनिज की सप्लाई चेन को सुरक्षित करने के लिए इस समझौते पर तेजी से काम कर रहे हैं। सर्जियो गोर ने इस पर खुशी जताते हुए कहा, “मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि हम क्रिटिकल मिनरल्स समझौते को अंतिम रूप देने के बहुत करीब पहुंच गए हैं। यह समझौता एडवांस मैन्युफैक्चरिंग, एनर्जी सिस्टम और उभरती तकनीकों के लिए जरूरी सप्लाई चेन को सुरक्षित करने में मदद करेगा। अगले कुछ महीनों में इस पर बड़ी घोषणा होने की उम्मीद है।” सर्जियो गोर ने कहा कि आने वाले महीनों में दोनों देश ठोस नतीजे दिखा सकते हैं। उन्होंने बताया कि दोनों सरकारों में इस साझेदारी को आगे बढ़ाने की मजबूत राजनीतिक इच्छा दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा, “हम कुछ अलग देख रहे हैं। जहां पहले रुकावटें होती थीं, अब वहां प्रगति दिखाई दे रही है। अमेरिका और भारत की साझेदारी की ताकत और गति को बढ़ाने वाली कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां सामने आई हैं।” भारत-अमेरिका के रिश्तों पर क्या बोले? अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूत ने यह भी कहा है कि भारत और अमेरिका के रिश्ते ऐतिहासिक ऊंचाइयों तक पहुंचने की क्षमता रखते हैं। उन्होंने हाल में हुए कई महत्वपूर्ण समझौतों और प्रगति का जिक्र करते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच सहयोग तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि इस साझेदारी में तीन बड़ी प्रगति हुई है। पहली व्यापार के क्षेत्र में, दूसरी भरोसे और तकनीक के क्षेत्र में और तीसरी रणनीतिक समन्वय के क्षेत्र में। उनके अनुसार यह तीनों पहलू दिखाते हैं कि अमेरिका और भारत की साझेदारी किस दिशा में आगे बढ़ रही है। अंतरिम समझौते पर सहमति इस दौरान अमेरिका-भारत अंतरिम व्यापार समझौते के बारे में बोलते हुए गोर ने कहा कि दोनों देशों की अर्थव्यवस्था का आकार, लोगों की प्रतिभा और समाज में मौजूद उद्यमशीलता की ऊर्जा यह साफ दिखाती है कि सहयोग की संभावनाएं बहुत बड़ी हैं। उन्होंने कहा कि जरूरत सिर्फ गति और राजनीतिक इच्छाशक्ति की थी, ताकि इन अवसरों को ठोस परिणामों में बदला जा सके। गौरतलब है कि भारत और अमेरिका ने बीते 7 फरवरी को एक अंतरिम समझौते पर सहमति जताई थी।

बैंक फ्रॉड का खुलासा: IDFC First Bank केस में 19 जगह छापा, 90 से अधिक अकाउंट फ्रीज

नई दिल्ली आईडीएफसी फर्स्ट बैंक में 597 करोड़ रुपये के फ्रॉड मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ी कार्रवाई की है। दरअसल, ईडी ने चंडीगढ़, मोहाली, पंचकुला, गुरुग्राम और बेंगलुरु में 19 स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया। वहीं, एजेंसी ने फ्रॉड से जुड़े 90 से अधिक बैंक खाते फ्रीज कर दिए हैं। आइए डिटेल जान लेते हैं कि ईडी की जांच कहां तक पहुंची है। कहां-कहां पर छापेमारी ईडी के चंडीगढ़ क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा 12 मार्च को चलाए गए इन तलाशी अभियानों में बैंक के पूर्व कर्मचारियों रिभव ऋषि और अभय कुमार, उनके परिवार के सदस्यों से जुडे परिसर शामिल हैं। इसके अलावा, फ्रॉड से जुड़े कई लाभार्थी फर्जी कंपनी से जुड़े परिसरों में भी छापेमारी की गई। इन कंपनियों में स्वास्तिक देश प्रोजेक्ट्स, कैपको फिनटेक सर्विसेज, मां वैभव लक्ष्मी इंटीरियर्स और एसआरआर प्लानिंग गुरुस प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं। सावन ज्वैलर्स जैसे ज्वैलर्स और रियल एस्टेट डेवलपर विक्रम वधवा और उनकी व्यावसायिक संस्थाओं के परिसरों की भी तलाशी ली गई। क्या कहा जांच एजेंसी ने? जांच एजेंसी के अनुसार, इस घोटाले में हरियाणा सरकार, चंडीगढ़ नगर निगम और अन्य सरकारी खातों से संबंधित लगभग 597 करोड़ रुपये की सरकारी धनराशि का गबन शामिल था। यह धनराशि बैंक में सावधि जमा के रूप में रखी जानी थी लेकिन आरोपियों ने कथित तौर पर बिना अनुमति के इसे हड़प लिया। ईडी के मुताबिक उसने इस साल फरवरी में पंचकुला में राज्य सतर्कता और भ्रष्टाचार विरोधी ब्यूरो द्वारा आईडीएफसी फर्स्ट बैंक और एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक में हरियाणा के विकास और पंचायत विभाग के बैंक खातों में शेष राशि के मिलान में विसंगति के संबंध में दर्ज एफआईआर के आधार पर धन शोधन निवारण अधिनियम, 2002 के तहत अपनी जांच शुरू की। जांच में पता चला कि गबन की गई रकम को कई फर्जी कंपनियों के माध्यम से इधर-उधर भेजा गया था। जांचकर्ताओं ने बताया कि कथित तौर पर इस प्रक्रिया में स्वास्तिक देश प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड नामक एक फर्जी कंपनी का गठन शामिल था, जिसके जरिए सरकारी धन की बड़ी रकम को शुरू में गलत तरीके से इस्तेमाल किया गया था। इस कंपनी के साझेदार स्वाति सिंगला और अभिषेक सिंगला हैं। एक साल से चल रहा था खेल ईडी ने बताया कि बाद में अधिकांश रकम ज्वैलर्स के बैंक खातों के माध्यम से फर्जी बिलों द्वारा सोने की खरीद का दिखावा करने के लिए भेजी गई। जांचकर्ताओं के अनुसार यह धोखाधड़ी पिछले लगभग एक वर्ष से बैंक के पूर्व कर्मचारियों की मदद से की जा रही थी। आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के पूर्व कर्मचारी रिभव ऋषि पर आरोप है कि उन्होंने कई फर्जी कंपनियों का इस्तेमाल करके धनराशि को गबन किया। एजेंसी के मुताबिक अपराध की कुछ धनराशि ऋषि और उनकी पत्नी दिव्या अरोरा के बैंक खातों में स्थानांतरित की गई थी। बता दें कि रिभव ने जून 2025 में इस्तीफा दे दिया था। ईडी का दावा है कि मोहाली में परियोजनाओं के मालिक होटल व्यवसायी और रियल एस्टेट डेवलपर विक्रम वधवा ने भी बड़ी मात्रा में धनराशि का गबन किया। वधवा ने कथित तौर पर अपराध की धनराशि सीधे अपने बैंक खातों में प्राप्त की और फिर उसे प्रिस्मा रेजिडेंसी एलएलपी, किंसपायर रियल्टी एलएलपी और मार्टेल बिल्डवेल एलएलपी सहित रियल एस्टेट फर्मों में स्थानांतरित कर दिया।

Gold-Silver Price Alert: गिरते दामों के बाद खरीदारी के लिए उमड़ा क्रेता जनसैलाब

भोपाल  मध्य प्रदेश के सर्राफा बाजार से शुक्रवार सुबह बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है, जिससे खरीदारी की योजना बना रहे ग्राहकों में उत्साह देखने को मिल रहा है। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर जैसे प्रमुख शहरों में आज दोनों कीमती धातुओं के दाम कम हुए हैं। जानकारी के अनुसार 13 मार्च को बाजार खुलते ही सोने और चांदी की नई दरें जारी की गईं। कीमतों में आई इस गिरावट को ग्राहकों के लिए अच्छा मौका माना जा रहा है। सोने के ताज़ा रेट (13 मार्च 2026) आज 24 कैरेट सोने की कीमत घटकर लगभग ₹15,666 प्रति ग्राम हो गई है, जबकि 10 ग्राम 24 कैरेट सोना ₹1,56,660 पर पहुंच गया है। वहीं 22 कैरेट सोने की कीमत ₹14,920 प्रति ग्राम है और 10 ग्राम 22 कैरेट सोना ₹1,49,200 में मिल रहा है। अगर 8 ग्राम सोने की बात करें तो 22 कैरेट सोना ₹1,19,360 में मिल रहा है, जो कल के मुकाबले सस्ता हुआ है। इसी तरह 24 कैरेट के 8 ग्राम सोने की कीमत ₹1,25,328 दर्ज की गई है। चांदी भी हुई सस्ती सोने के साथ-साथ चांदी के दामों में भी गिरावट देखने को मिली है। शुक्रवार को चांदी की कीमत ₹290 प्रति ग्राम हो गई है, जबकि 1 किलो चांदी ₹2,90,000 में बिक रही है। गुरुवार को यह कीमत करीब ₹3,00,000 प्रति किलो थी। क्यों घटे सोने-चांदी के दाम? बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव और वैश्विक तनाव की वजह से सोने और चांदी की कीमतों में लगातार बदलाव हो रहा है। मार्च महीने में अब तक इन धातुओं के दामों में कभी तेजी तो कभी गिरावट देखने को मिल रही है। फिलहाल आज आई गिरावट उन लोगों के लिए राहत लेकर आई है जो शादी-ब्याह या निवेश के लिए सोना-चांदी खरीदने की योजना बना रहे हैं..

शेयर बाजार में कमजोरी, निफ्टी 11 महीने बाद 23,500 के नीचे पहुंचा

मुंबई शेयर बाजार में लगातार तीसरे दिन कमजोर शुरुआत हुई है. सुबह 9:15 बजे पर सेंसेक्स 530 अंक फिसलकर 75504 के लेवल पर खुला है. निफ्टी 159 अंक गिरकर 34,480 पर ओपन हुआ है.  आपको बता दें कि 17 अप्रैल 2025 के बाद निफ्टी 23,500 के नीचे गिरा है. आज निफ्टी आईटी 0.78%, निफ्टी बैंक, 0.86 फीसदी और निफ्टी ऑटो में 1 फीसदी से ज्यादा की गिरावट और निफ्टी मेटल और फाइनेंशियल में भी बिकवाली है. वहीं, एनर्जी और फार्मा सेक्टर में खरीदारी है।  निफ्टी लूजर्स में एम एंड एम, एचडीएफसी बैंक, एल एंड टी, अल्ट्राटेक सीमेंट, टाटा स्टील शामिल हैं. इनके शेयर्स 1 फीसदी से ज्यादा फिसले हैं. वहीं, निफ्टी टॉप गेनर्स में रिलायंस, इटरनल, पॉवर ग्रिड शामिल हैं. निफ्टी के 50 में से 45 शेयर्स में गिरावट देखी गई. साथ ही, निफ्टी बैंक के सारे शेयर्स में बिकवाली नजर आई है. आपको बता दें कि ईरान और इजराल के बीच चल रहे तनाव की वजह से कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर के ऊपर रहने से रुपये पर दबाव बढ़ गया है. इसी कारण रुपया डॉलर के मुकाबले 16 पैसे गिरकर 92.35 पर पहुंच गया।  अमेरिकी बाजारों से कमजोरी के संकेत मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के अनुसार, V. K. Vijayakumar के अनुसार पश्चिम एशिया के युद्ध को लेकर बढ़ती अनिश्चितता से वैश्विक बाजारों में कमजोरी बनी हुई है और बाजार फिलहाल अस्थिर स्थिति में हैं. अमेरिकी बाजारों से कमजोरी के संकेत मिल रहा है कि बाजार में तेजी आने में अभी समय लग सकता है. ब्रेंट क्रूड करीब 100 डॉलर के आसपास रहने से निवेशक सतर्क हैं और विदेशी निवेशकों (FII) की लगातार बिकवाली के कारण बड़े ब्लूचिप शेयरों पर भी दबाव बना हुआ है. हालांकि, फार्मा सेक्टर बाकि के मजबूत बना हुआ है क्योंकि इस पर बाहरी दबाव कम है. रुपये की कमजोरी निर्यात करने वाली फार्मा कंपनियों के लिए फायदेमंद होती है. उनका कहना है कि मौजूदा चुनौतीपूर्ण माहौल में निवेशकों को घबराने की बजाय शांत रहकर नियमित निवेश जारी रखना चाहिए।  शेयर बाजार का कुल मार्केट कैप 533 अरब डॉलर से ज्यादा घटा साल 2026 में अब तक भारत के शेयर बाजार का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन (MCAP) 533 अरब डॉलर से ज्यादा घट चुका है, जो 2011 के बाद सबसे बड़ी गिरावट है. 2011 में पूरे साल के दौरान करीब 625 अरब डॉलर की मार्केट वैल्यू कम हुई थी. दिलचस्प बात यह है कि भारत के बाजार में आई यह गिरावट कई देशों जैसे Mexico, Malaysia, South Africa, Norway, Finland, Vietnam और Poland के पूरे मार्केट वैल्यू से भी ज्यादा है. वहीं यह गिरावट Chile, Austria, Philippines, Qatar और Kuwait जैसे देशों के मार्केट वैल्यू से लगभग दोगुनी है।  अमेरिकी बाजारों का हाल डाउ जोन्स, S&P 500 और नैस्डैक कम्पोजिट गुरुवार को 1.5% से ज्यादा गिरकर बंद हुए, क्योंकि ईरान द्वारा दो तेल टैंकरों पर हमले के बाद कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गईं थी. इससे महंगाई को लेकर चिंता बढ़ गई और निवेशकों ने शेयर बाजार से दूरी बनानी शुरू कर दी. डाउ जोन्स 739.42 अंक (1.56%) गिरकर 46,677.85 पर बंद हुआ, जबकि S&P 500 में 103.22 अंक (1.52%) और नैस्डैक में 404.15 अंक (1.78%) की गिरावट दर्ज की गई. बड़ी बिकवाली के बीच एनर्जी और कुछ डिफेंस शेयरों को छोड़कर ज्यादातर सेक्टर्स में तेज गिरावट देखी गई। 

Ask Grok’ अब फ्री नहीं, X और थ्रेड्स में AI सेवा के लिए लगेंगे पैसे

नई दिल्ली सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पहले Twitter) ने अपने AI फीचर ‘Ask Grok’ को लेकर बड़ा बदलाव किया है। अब यह सुविधा सभी यूजर्स के लिए फ्री में उपलब्ध नहीं रहेगी। कंपनी ने इसे पेड फीचर बना दिया है, जिसका मतलब है कि अब केवल प्रीमियम सब्सक्रिप्शन लेने वाले यूजर्स ही X थ्रेड्स में ‘Ask Grok’ का इस्तेमाल कर सकेंगे। ‘Ask Grok’ फीचर दरअसल xAI द्वारा बनाए गए AI चैटबॉट Grok AI पर बेस्ड है। यह फीचर यूजर्स को X पर चल रही किसी भी चर्चा या लंबे थ्रेड के बारे में तुरंत जानकारी लेने की सुविधा देता है। पहले यूजर किसी पोस्ट या थ्रेड में @grok टैग करके सवाल पूछ सकते थे और AI उससे जुड़ी जानकारी तुरंत दे देता था। अब कंपनी ने इस सुविधा को सीमित कर दिया है। नई नीति के अनुसार, केवल X Premium या उससे ऊपर के सब्सक्रिप्शन वाले यूजर्स ही थ्रेड्स में सीधे Grok से सवाल पूछ पाएंगे। फ्री यूजर्स के लिए यह फीचर उपलब्ध नहीं रहेगा। कैसे काम करता है ‘Ask Grok’ ‘Ask Grok’ खास तौर पर उन यूजर्स के लिए काम का था जो लंबे और मुश्किल थ्रेड्स को जल्दी समझना चाहते हैं। अगर किसी पोस्ट के नीचे सैकड़ों कमेंट या रिप्लाई होते थे, तो यूजर Grok से पूछ सकते थे कि ‘इस थ्रेड की समरी क्या है?’ या किसी टॉपिक से जुड़ी एक्सट्रा जानकारी क्या है। AI चैटबॉट पूरी बातचीत का एनालिसिस करके कुछ ही सेकेंड में छोटा और साफ जवाब देता था। इससे यूजर्स को लंबी चर्चा पढ़ने की जरूरत नहीं पड़ती थी और जानकारी जल्दी मिल जाती थी। X के मौजूदा सब्सक्रिप्शन प्लान और कीमत फिलहाल X भारत में तीन तरह के पेड सब्सक्रिप्शन प्लान ऑफर करता है। Basic प्लान: लगभग 170 रुपये प्रति माह। इसमें पोस्ट एडिट करने, लंबी पोस्ट लिखने और कुछ अतिरिक्त फीचर्स मिलते हैं, लेकिन इसमें ब्लू टिक नहीं मिलता। Premium प्लान: करीब 427 रुपये प्रति माह (वेब) और 470 रुपये प्रति माह (मोबाइल)। इस प्लान में ब्लू टिक, कम विज्ञापन, बेहतर रीप्लाई बूस्ट और Grok AI जैसी सुविधाओं का एक्सेस मिलता है। Premium+ प्लान: लगभग 2,570 रुपये प्रति माह। इसमें लगभग एड-फ्री एक्सपीरियंस, आर्टिकल पब्लिश करने की सुविधा और एडवांस AI टूल्स जैसे SuperGrok का एक्सेस मिलता है। AI पर बढ़ता फोकस आप जानते होंगे कि X के मालिक Elon Musk लंबे समय से प्लेटफॉर्म को AI-पावर्ड बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं। Grok इसी स्ट्रेटजी का हिस्सा है, जिसके जरिए X को केवल एक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म नहीं बल्कि AI-बेस्ड इन्फॉर्मेशन और डिस्कशन सेंटर बनाने की कोशिश की जा रही है। यूजर्स के लिए क्या बदलेगा ‘Ask Grok’ को पेड फीचर बनाने से अब फ्री यूजर्स के लिए AI-बेस्ड यह सुविधा उपलब्ध नहीं रहेगी। हालांकि, प्रीमियम सब्सक्राइबर्स पहले की तरह इसका इस्तेमाल कर पाएंगे और आने वाले समय में इसमें और भी नए AI फीचर्स जोड़े जा सकते हैं।

“50 हजार से कम में मिलेंगे शानदार फीचर्स! TVS Orbiter V1 स्कूटर लॉन्च

नई दिल्ली TVS Orbiter EV का नया बेस वेरिएंट लॉन्च हुआ है, जो BaaS सर्विस के साथ आएगा. कंपनी ने इस इलेक्ट्रिक स्कूटर को पिछले साल के अंत में लॉन्च किया था. अब इसका नया वेरिएंट लॉन्च किया गया है, जो ज्यादा आकर्षक कीमत पर आता है. कंपनी ने नया वेरिएंट Orbiter V1 लॉन्च किया है। BaaS यानी बैटरी-एज-ए-सर्विस के तहत स्कूटर को खरीदना सस्ता हो जाता है. इसकी वजह से स्कूटर को ओरिजनल प्राइस से कई हजार रुपये कम कीमत पर खरीदा जाता है. आइए जानते हैं इस स्कूटर की कीमत और दूसरी खास बातें। कितनी है कीमत?  TVS Orbiter V1 इलेक्ट्रिक स्कूटर की कीमत 84,500 रुपये (सब्सिडी के साथ) एक्स शोरूम रखी गई है. हालांकि, BaaS सर्विस के तहत इसकी कीमत 49,999 रुपये एक्स शोरूम हो जाती है. इस सर्विस के तहत कंज्यूमर्स को सिर्फ स्कूटर की कीमत अदा करनी होती है, जबकि बैटरी सब्सक्रिप्शन के तहत मिलती है। BaaS सर्विस के साथ ही TVS Orbiter V2 वेरिएंट को भी खरीदा जा सकता है, जिसकी कीमत 59,664 रुपये एक्स शोरूम है. सब्सक्रिप्शन प्राइस TVS Orbiter V1 के लिए 862 रुपये है. कंपनी ने कोई मिनिमम डिस्टेंस तय नहीं की है, तो आप निश्चित होकर स्टूकर को चला सकते हैं। सिंगल चार्ज में कितना चलेगा स्कूटर? TVS Orbiter V1 कंपनी का सबसे सस्ता इलेक्ट्रिक स्कूटर बन गया है. इसमें 18kWh की बैटरी दी गई है. कंपनी की मानें तो सिंगल चार्ज में ये स्कूटर 86 किलोमीटर का सफर तय कर सकता है. इसे 0 से 80 परसेंट तक चार्ज होने में सिर्फ 2 घंटे 20 मिनट का वक्त लगता है। स्कूटर में ईको और पावर मोड्स मिलते हैं. इसमें रिजनरेटिव ब्रेकिंग का फीचर भी दिया गया है. इसके अलावा हिल होल्ड असिस्ट, क्रूज कंट्रोल और पार्किंग असिस्ट जैसे फीचर्स मिलते हैं. इसे दो कलर ऑप्शन- मार्टेन कॉपर और स्टेलर सिल्वर में खरीदा जा सकता है।  Orbiter V1 में लगभग सभी इक्विपमेंट Orbiter V2 वाले ही मिलते हैं. इसमें क्रूज कंट्रोल के अलावा LED लाइटिंग, कलर LCD कल्स्टर, ब्लूटूथ और नेविगेशन जैसे फीचर्स मिलते हैं. हालांकि, Orbiter V1 की कीमत V2 के मुकाबले कम है।

महंगाई और युद्ध के बीच सोने-चांदी के दाम गिर रहे हैं, जानिए क्या है इसकी असल वजह

इंदौर  अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों ने ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदों को कमजोर कर दिया है। वहीं, मध्य पूर्व में जारी युद्ध ने तेल की कीमतों को आसमान पर पहुंचा दिया है। इन दोनों वजहों ने मिलकर सोने (Gold) की कीमतों पर दबाव बनाया है। सुबह 9:15 बजे के आसपास एमसीएक्स पर सोना अप्रैल वायदा 0.10% गिरकर 1,61,660 रुपये प्रति 10 ग्राम पर था। उस समय एमसीएक्स चांदी मई वायदा 0.57% गिरकर ₹2,66,969 प्रति किलोग्राम पर थी। दूसरी ओर ब्लूमबर्ग के मुताबिक सिंगापुर में सुबह 8:05 बजे सोने की कीमत (स्पॉट गोल्ड) 0.9% गिरकर 5,132.76 डॉलर प्रति औंस पर आ गई। वहीं, चांदी 1.5% गिरकर 84.44 डॉलर पर आ गई। दूसरी ओर, प्लैटिनम में 1% और पैलेडियम में 0.8% की गिरावट दर्ज की गई। ब्लूमबर्ग डॉलर स्पॉट इंडेक्स भी 0.2% की मजबूती के साथ बढ़त पर रहा। महंगाई और मजबूत डॉलर ने बढ़ाई सोने की मुश्किलें हालांकि, साल की शुरुआत में अमेरिका का मुख्य महंगाई आंकड़ा नियंत्रित दिख रहा था, लेकिन अब भविष्य को लेकर बढ़ती महंगाई की आशंकाओं ने फेडरल रिजर्व के लिए ब्याज दरों में कटौती की संभावना को कम कर दिया है। इस उम्मीद से डॉलर को मजबूती मिली है और डॉलर इंडेक्स में 0.3% की बढ़त देखी गई। वहीं, यूरोपीय यूनियन ने भी आगाह किया है कि इस साल उसकी महंगाई दर 3% के पार जा सकती है, जिससे वैश्विक स्तर पर महंगाई की चिंता और गहरा गई है। क्या सोने की रैली ने लिया है अस्थायी ब्रेक? ब्लूमबर्ग ने मेलबर्न की वैंटेज मार्केट्स की विश्लेषक हेबे चेन के हवाले से बताया है कि सोने का यह गिरना ‘हार मानने’ की तरह नहीं, बल्कि एक ‘ठहराव’ की तरह लग रहा है। उनका कहना है, “बढ़ती महंगाई की उम्मीदों ने डॉलर को फिर से मजबूत किया है और निकट भविष्य में फेड द्वारा दरों में कटौती की संभावनाओं को टाल दिया है। ऐसे में निवेशकों ने फिलहाल सोने से किनारा कर लिया है, क्योंकि बाजार एक समय में सिर्फ एक ही सुरक्षित निवेश को जगह दे सकता है।” सोना: सुरक्षित निवेश की चमक बरकरार, लेकिन राह आसान नहीं सोने के लिए ब्याज दरों का बढ़ना एक बाधा है, क्योंकि यह खुद कोई ब्याज नहीं देता। इसके अलावा, निवेशक जरूरत पड़ने पर अपने पोर्टफोलियो के दूसरे हिस्सों को मजबूत करने के लिए सोने को नकदी में बदल लेते हैं। युद्ध शुरू होने के बाद से एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड्स (ETF) में सोने की मात्रा में गिरावट आई है। हालांकि, पिछले हफ्ते दो साल से ज्यादा की सबसे बड़ी गिरावट के बाद, मंगलवार को इसमें कुछ निवेश दर्ज किया गया। सुरक्षित निवेश का यह दौर खत्म नहीं हुआ है इस साल सोने की कीमतों में अब तक करीब 20% की बढ़ोतरी हुई है। भू-राजनीतिक उथल-पुथल के समय एक सुरक्षित निवेश होने के कारण इसे लगातार समर्थन मिल रहा है। हालांकि, 24 फरवरी से शुरू हुए युद्ध के बाद से इसका कारोबार काफी अस्थिर रहा है और ऊपर जाने की रफ्तार थम गई है। चेन का कहना है, “सुरक्षित निवेश का यह दौर खत्म नहीं हुआ है। यह बस सांस ले रहा है।”

‘Oil Strike’ ने हिलाया शेयर बाजार, इन 10 स्टॉक्स में भारी गिरावट, मचा हाहाकार

मुंबई शेयर बाजार में एक बार फिर कोहराम (Stock Market Crash) मचा है. गुरुवार को खुलने के साथ ही सेंसेक्स-निफ्टी दोनों इंडेक्स धड़ाम हो गए. अमेरिका-इजरायल के साथ ईरान युद्ध के चलते पैदा हुआ तेल संकट और भारत में एलपीजी संकंट (LPG Crisis In India) का सीधा असर मार्केट पर देखने को मिला है. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला Sensex खुलने के साथ ही 978 अंक फिसल गया, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का Nifty 275 अंक से ज्यादा की गिरावट लेकर ट्रेड कर रहा था. इस बीच जोमैटो, इंडिगो, आईसीआईसीआई बैंक समेत कई दिग्गज स्टॉक धड़ाम नजर आए. बता दें कि गुरुवार को अचानक फिर क्रूड के दाम (Crude Oil Price Surge) में 9 फीसदी के आसपास का उछाल आया।  सेंसेक्स-निफ्टी में फिर हाहाकार मिडिल ईस्ट युद्ध के बीच तेल संकट के चलते शेयर बाजार पर भी Oil Strike जारी है और ये संभलने का नाम नहीं ले रहा है, सप्ताह के चौथे कारोबारी दिन बाजार में कारोबार की शुरुआत होने पर बीएसई का सेंसेक्स अपने पिछले बंद 76,863 के लेवल से टूटकर 76,369 पर ओपन हुआ और फिर कुछ ही मिनटों में बिखरते हुए 978 अंक फिसकर 75,871 पर आ गया. बात एनएसई निफ्टी की करें, तो इसमें भी खुलने के साथ ही हाहाकार मचा नजर आया है. ये 50 शेयरों वाला इंडेक्स अपने पिछले कारोबारी बंद 23,866 के मुकाबले गिरकर 23,674 पर ओपन हुआ और फिर सेंसेक्स की तरह ही फिसलते हुए 23,556 पर आ गया।  विदेशों से मिले थे खराब सिग्नल  शेयर बाजार में गिरावट के संकेत पहले से ही विदेशी बाजारों से मिल रहे थे. जहां बीते कारोबारी दिन अमेरिका शेयर बाजारों में तगड़ी गिरावट देखने को मिली थी, तो वहीं गुरुवार को एशियाई शेयर मार्केट भी क्रैश नजर आए थे. गिफ्ट निफ्टी भी 180 अंक से ज्यादा की गिरावट लेकर कारोबार कर रहा था. इन ग्लोबल निगेटिव संकेतों के भारतीय शेयर बाजार खुलने के साथ ही धराशायी हो गया।   1597 शेयर खुलते ही धड़ाम कमजोर ग्लोबल संकेतों के बीच आई Indian Stock Market में गिरावट के चलते Nifty 23,700 से नीचे आ गया. शुरुआती कारोबार में जहां 643 शेयरों ने मामूली बढ़त के साथ कारोबार शुरू किया, तो वहीं 1597 कंपनियों के शेयर खुलने के साथ ही धड़ाम हो गए. इसके अलावा 159 शेयरों की फ्लैट ओपनिंग हुई, यानी इनकी स्थिति में कोई चेंज नहीं दिखा।  शुरुआती कारोबार में Interglobe Aviation, ICICI Bank, LT, Kotak Mahindra Bank, TMPV, Eternal, IndiGo, ICICI Bank जैसे शेयर सबसे ज्यादा गिरावट में कारोबार कर रहे थे।  सबसे ज्यादा टूटे ये 10 शेयर  बात करें, बाजार में गिरावट के बीच सबसे ज्यादा टूटने वाले 10 शेयरों के बारे में, तो बीएसई की लार्जकैप कैटेगरी में शामिल Eternal (Zomato) Share 4.30%, M&M Share 3.20%, Maruti Share 2.25%, Trent Share 2.10%, IndiGo Share 2% और ICICI Bank Share 1.90% की गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे.  इसके अलावा मिडकैप में शामिल Bharat Forge Share 4%, APL Apollo Share 2.90%, Supreme India Share 2.74% और Ashok Leyland Share 2.60% टूटकर ट्रेड कर रहे थे। 

भारत बना iPhone मैन्युफैक्चरिंग का बड़ा केंद्र, Apple का उत्पादन 53% बढ़ा

नई दिल्ली  दिग्गज अमेरिकी टेक्नोलॉजी कंपनी एप्पल ने 2025 में भारत में उत्पादन करीब 53 प्रतिशत बढ़ाया है और इस दौरान करीब 5.5 करोड़ यूनिट्स की असेंबली की है, यह आंकड़ा इससे पहले के वर्ष में 3.6 करोड़ यूनिट्स था। यह जानकारी रिपोर्ट्स में दी गई। ब्लूमबर्ग की ओर से जारी रिपोर्ट में कहा गया कि एप्पल अमेरिका में चीनी उत्पादों पर लगने वाले टैरिफ से बचने के लिए भारत में अपने करीब एक चौथाई फ्लैगशिप प्रोडक्ट्स का उत्पादन कर रहा है। रिपोर्ट में कहा गया कि एप्पल वैश्विक स्तर पर प्रतिवर्ष लगभग 22-23 करोड़ आईफोन का उत्पादन करता है, जिसमें भारत की हिस्सेदारी तेजी से बढ़ रही है। इसकी वजह सरकार द्वारा प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (पीएलआई) के तहत मिलने वाला प्रोत्साहन है। पीएलआई के तहत मिलने वाले प्रोत्साहन ने चीन की तुलना में कमजोर आपूर्ति श्रृंखलाओं और रसद संबंधी चुनौतियों जैसी संरचनात्मक लागत संबंधी कमियों को दूर करने में मदद की है। एप्पल अब भारत में फॉक्सकॉन टेक्नोलॉजी ग्रुप, टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स और पेगाट्रॉन कॉर्प जैसे आपूर्तिकर्ताओं के माध्यम से आईफोन 17 सीरीज के सभी मॉडल, जिनमें प्रो और प्रो मैक्स मॉडल भी शामिल हैं, का निर्माण करती है। आईफोन 15 और 16 जैसे पुराने मॉडल घरेलू बिक्री और निर्यात के लिए स्थानीय स्तर पर ही बनाए जा रहे हैं। भारत में बिक्री 9 अरब डॉलर से अधिक हो जाने के बाद, एप्पल अपने रिटेल नेटवर्क का विस्तार कर रहा है और अब इसके छह स्टोर हो चुके हैं। साथ ही, कंपनी इस साल के अंत में भारत में एप्पल पे लॉन्च करने की तैयारी कर रही है। इंडस्ट्री के आंकड़ों के अनुसार, 2025 में भारत से निर्यात होने वाली सबसे मूल्यवान वस्तु एप्पल का आईफोन बन गया है। इस दौरान देश में स्थित प्लांट्स से एप्पल ने लगभग 23 अरब डॉलर मूल्य के आईफोन निर्यात किए गए, जिनमें से अधिकतर अमेरिका भेजे गए। जनवरी-दिसंबर की अवधि में कुल 30.13 अरब डॉलर मूल्य के निर्यात के साथ, स्मार्टफोन पहली बार भारत की शीर्ष निर्यात श्रेणी बन गई है। कुल स्मार्टफोन निर्यात में एप्पल की हिस्सेदारी 76 प्रतिशत रही है। 

अपेक्स बैंक द्वारा अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर सहकारिता में महिलाओं की भूमिका विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया।

अपेक्स बैंक संगोष्ठी को संबोधित  करते हुए संयुक्त आयुक्त सहकारिता एवं ओएसडी अपेक्स बैंक  अरूणा दुबे द्वारा विषय से संबंधित उद्बोधन दिया एवं सभी का स्वागत किया ।  इस कार्यक्रम में अपेक्स बैंक के प्रबंध संचालक की  धर्मपत्नी  इंदु गुप्ता, उपसचिव सहकारिता की धर्मपत्नी  रंजना सिन्हा सहित,  विभा तिवारी सहित बैंक की समस्त महिला अधिकारी/कर्मचारियों ने भाग लिया। इस कार्यक्रम में नुक्कड़ नाटक, अंताक्षरी, गीत-संगीत का आयोजन भी किया गया, जिसमें समस्त बैंक कर्मी महिलाओं की सक्रिय भागीदारी रही ।

FUEL क्राइसिस के बीच इलेक्ट्रिक कार खरीदने वालों के लिए बड़ी डील, कंपनी ने की घोषणा

मुंबई पश्चिमी एशिया में जंग के बादल गहराते जा रहे हैं. तेल के कुओं के आसपास तनाव बढ़ा तो दुनिया भर के बाजारों में हलचल तेज हो गई. कच्चे तेल की कीमतें आसमान छूने लगीं और इसका सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ता दिख रहा है. ऐसे वक्त में जब पेट्रोल-डीजल महंगा होने का डर हर देश को सता रहा है, ऑटोमोबाइल कंपनियां इलेक्ट्रिक वाहनों को आगे बढ़ाने में जुट गई हैं. इसी कड़ी में VinFast ने एक नई पहल शुरू की है, जिसका मकसद लोगों को पेट्रोल-डीजल वाली गाड़ियों के बजाय इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर ले जाना है।  वियतनामी कंपनी विनफास्ट ने ट्रेड गैस फॉर इलेक्ट्रिक (Trade Gas for Electric) नाम से एक नया कैंपेन शुरू किया है. यह प्रोग्राम एक साथ कई एशियाई बाजारों में लागू किया जा रहा है, जिनमें वियतनाम, भारत, इंडोनेशिया और फिलीपींस शामिल हैं. इस स्कीम के तहत अगर ग्राहक अपनी पुरानी पेट्रोल गाड़ी को एक्सचेंज कर नई VinFast इलेक्ट्रिक कार खरीदते हैं तो उन्हें 3 प्रतिशत का एक्स्ट्रा डिस्काउंट दिया जाएगा. वहीं इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदने वाले ग्राहकों को 5 प्रतिशत तक का डिस्काउंट मिलेगा।  कंपनी के मुताबिक यह छूट पहले से चल रहे ऑफर्स के ऊपर दी जाएगी. यानी ग्राहकों को एक साथ कई फायदे मिल सकते हैं. इससे इलेक्ट्रिक वाहन खरीदना पहले के मुकाबले ज्यादा सस्ता और आसान हो सकता है।  इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने के लिए कंपनी की मोबिलिटी यूनिट ग्रीन एंड स्मार्ट मोबिलिटी (GSM) ने अपनी राइड-हेलिंग सर्विसेज में भी छूट का ऐलान किया है. 11 मार्च से 31 मार्च 2026 के बीच Xanh SM (वियतनाम) और Green SM (इंडोनेशिया) की सर्विसेज का इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों को किराए में 10 प्रतिशत तक की छूट का फायदा मिलेगा।  कंपनी का कहना है कि इससे इलेक्ट्रिक वाहनों से सफर करना और भी किफायती बनेगा. साथ ही ज्यादा लोग इको-फ्रेंडली ट्रांसपोर्ट ऑप्शन की ओर मुखर होंगे. कंपनी ने यह भी संकेत दिया है कि यह प्रोग्राम फिलहाल लिमिटेड टाइम पीरियड के लिए शुरू किया गया है, लेकिन अगर ग्लोबल मार्केट में फ्यूल प्राइस में इजाफा बना रहता है तो इसे आगे भी बढ़ाया जा सकता है।  VinFast में ग्लोबल सेल्स की डिप्टी सीईओ डुओंग थी थू ट्रांग का कहना है कि, ‘ट्रेड गैस फॉर इलेक्ट्रिक’ प्रोग्राम दुनिया भर में बदलती इकोनॉमिकल और जियो-पॉलिटिकल कंडिशन को देखते हुए शुरू किया गया है. ऐसे में विनफास्ट ग्रीन इकोसिस्टम के जरिए एक सॉल्यूशन लेकर आया है. इससे लोगों के डेली लाइफ में फ्यूल प्राइसेस का असर कम होगा साथ ही पॉल्यूशन पर भी लगाम लगेगी।  VinFast की कारें विनफास्ट के इंडियन पोर्टफोलियो में फिलहाल दो कार मॉडल हैं और दोनों ही SUV सेगमेंट में आते हैं. कंपनी की सबसे सस्ती कार VinFast VF6 है, जिसकी शुरुआती कीमत करीब 17.29 लाख रुपये रखी गई है. वहीं लाइनअप की सबसे महंगी कार VinFast VF7 है, जिसकी कीमत करीब 26.79 लाख रुपये तक जाती है. आने वाले समय में कंपनी दो नए मॉडल लॉन्च करने की योजना बना रही है, जिनमें Limo Green और VF3 शामिल हैं. माना जा रहा है कि इन मॉडलों के आने से इलेक्ट्रिक कार सेगमेंट में कम्पटीशन और बढ़ेगा। 

बाजार में राहत! इजरायल-ईरान तनाव के बीच सोना-चांदी के दाम गिरे, MCX गोल्ड ₹1.63 लाख से कम

इंदौर  अंतरराष्ट्रीय बुलियन कीमतों में सुस्ती के बीच बुधवार को Multi Commodity Exchange of India (MCX) पर सोना और चांदी की कीमतें गिरावट के साथ खुलीं। अप्रैल फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट के लिए Gold का MCX रेट 0.09% गिरकर ₹1,63,149 प्रति 10 ग्राम पर खुला, जबकि पिछला बंद ₹1,63,303 था। इसके बाद बिकवाली का दबाव बढ़ा और सोने की कीमत 0.43% गिरकर ₹1,62,600 तक पहुंच गई। मई फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट के लिए Silver की MCX कीमत 0.31% गिरकर ₹2,76,988 प्रति किलोग्राम पर खुली, जबकि पिछला बंद ₹2,77,850 था। चांदी की कीमत ₹2,850 (लगभग 1.02%) गिरकर ₹2,75,000 प्रति किलोग्राम के स्तर तक आ गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी दबाव वैश्विक बाजार में भी सोने और चांदी के वायदा भाव में गिरावट दर्ज की गई। COMEX पर सोना आज 5,194 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर खुला, जबकि पिछला बंद भाव 5,242.10 डॉलर प्रति औंस था। खबर लिखे जाने तक सोना 22.50 डॉलर की गिरावट के साथ करीब 5,219.60 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता देखा गया। इस साल अब तक सोने ने 5,586.20 डॉलर प्रति औंस का उच्चतम स्तर भी छुआ है। वहीं चांदी की बात करें तो COMEX पर चांदी का वायदा भाव 88.50 डॉलर प्रति औंस पर खुला, जबकि पिछला बंद भाव 89.59 डॉलर था। कारोबार के दौरान यह करीब 0.82 डॉलर की गिरावट के साथ 88.77 डॉलर प्रति औंस के आसपास ट्रेड कर रही थी। इस साल चांदी ने 121.79 डॉलर प्रति औंस का उच्चतम स्तर छू लिया है।  स्पॉट गोल्ड की कीमत 0.4% बढ़कर $5,213.99 प्रति औंस हो गई जबकि अप्रैल डिलीवरी के लिए अमेरिकी गोल्ड फ़्यूचर्स 0.4% गिरकर $5,221.80 हो गए। स्पॉट सिल्वर की कीमत 0.6% बढ़कर $88.89 प्रति औंस हो गई। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान के बाद डॉलर दबाव में आया जिसमें उन्होंने संकेत दिया कि ईरान के साथ चल रहा युद्ध खत्म होने के करीब हो सकता है। एशियाई कारोबार के दौरान स्पॉट गोल्ड करीब 1% बढ़कर 5,145 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गया जबकि स्पॉट सिल्वर की कीमतों में लगभग 4% की तेज उछाल दर्ज की गई और यह 87.9 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गई। ऐसे में निवेशकों की नजर आज सोना-चांदी की कीमतों और वैश्विक संकेतों पर बनी हुई है। पढ़ें भारत में आज सोने का भाव कितना है?  दुनिया की छह बड़ी मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी मुद्रा की स्थिति दर्शाने वाला डॉलर इंडेक्स 98.85 पर आ गया है,जो कि सोमवार को 99 के ऊपर था। इसके अलावा, सोने और चांदी में तेजी की एक वजह वैश्विक अस्थिरता को माना जा रहा है।  हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दिए एक इंटरव्यू में कहा कि ईरान के खिलाफ अमेरिकी अभियान “बहुत जल्द” समाप्त हो जाएगा। ट्रंप ने जीत को उस बिंदु के रूप में परिभाषित किया है जब तेहरान के पास ऐसे हथियार विकसित करने की क्षमता नहीं रह जाएगी जो अमेरिका, इजरायल या उसके सहयोगियों के लिए खतरा बन सकें।  वहीं, ईरान ने भी ट्रंप के इस बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने ईरानी के सरकारी मीडिया पर कहा कि यह वाशिंगटन नहीं, तेहरान तय करेगा कि संघर्ष कब समाप्त करना है। इससे वैश्विक स्तर पर अस्थिरता और बढ़ गई है, जिससे सोने और चांदी में खरीदारी को बढ़ावा मिला है।

Instagram में तकनीकी खराबी, ऐप और पोर्टल नहीं कर रहे काम, हजारों यूजर्स ने किया रिपोर्ट

नई दिल्ली Instagram की सर्विस अचानक ठप पड़ गईं और बहुत से यूजर्स ने इसको लेकर रिपोर्ट्स भी किया. यूजर्स ने बताया है कि ऐप और पोर्टल दोनों प्रभावित हुए हैं. यूजर्स को फीड एक्सेस करने में प्रॉब्लम आ रही है। आउटेज को ट्रैक करने वाली वेबसाइट डाउन डिटेक्टर पर सैकडों यूजर्स ने रिपोर्ट की और बताया कि उनको इंस्टाग्राम पर प्रॉब्लम हो रही है. बहुत से यूजर्स फीड को एक्सेस नहीं कर पा रहे हैं यानी वह नए पोस्ट आदि को चेक नहीं कर पा रहे है। डाउनडिटेक्टर के मुताबिक, इस आउटेज की शुरुआत सुबह 9 बजे के आसपास हुई है. हालांकि अभी तक कंपनी ने इस संबंध में कोई जानकारी नहीं दी है। अमेरिका में दिखा सबसे ज्यादा असर  Instagram की सर्विस पर असर दुनियाभर में दिखाई दिया है. इसमें सबसे ज्यादा असर अमेरिका में दिखाई दिया. जहां करीब 12 हजार यूजर्स ने रिपोर्ट की है. हालांकि सवा दस के आसपास सर्विस दोबारा पटरी पर लौटने लगी हैं।  भारत में भी दिखा असर  Instagram की सर्विस भारत में भी प्रभावित दिखाई दीं, जहां करीब 1 हजार लोगों ने रिपोर्ट ने की है. यूके में भी इंस्टाग्राम की सर्विस प्रभावित हुई हैं।  एक पॉपुलर ऐप है Instagram  Instagram एक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म है. इस प्लेटफॉर्म पर यूजर्स फोटो और वीडियो को शेयर करते हैं. साथ ही इंस्टाग्राम पर रील्स आदि को भी पसंद किया जाता है. इस प्लेटफॉर्म सेलिब्रिटी आदि भी मौजूद हैं, जो रेगुलर पोस्ट करते हैं।

चंडीगढ़ बैंक फ्रॉड मामला: IDFC फर्स्ट बैंक ने 645 करोड़ रुपये के दावों का निपटारा किया

नई दिल्ली आईडीएफसी फर्स्ट बैंक ने मंगलवार को बताया कि उसने अपनी चंडीगढ़ शाखा में हुए धोखाधड़ी मामले से जुड़े दावों के रूप में 645 करोड़ रुपए का भुगतान कर दिया है। यह राशि बैंक के शुरुआती अनुमान से लगभग 55 करोड़ रुपए ज्यादा है। बैंक ने यह भी कहा कि जांच के दौरान अब तक कोई नई गड़बड़ी सामने नहीं आई है। बैंक ने स्टॉक एक्सचेंज को दी जानकारी में कहा कि पहले 590 करोड़ रुपए की मूल राशि का अनुमान लगाया गया था, लेकिन बाद में मिले दावों के आधार पर कुल 645 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया है। बैंक के अनुसार, यह सभी दावे उसी घटना और उसी चंडीगढ़ शाखा से जुड़े हैं; कोई नया मामला सामने नहीं आया है। बैंक ने यह भी बताया कि सभी संबंधित खातों का मिलान पूरा कर लिया गया है और 25 फरवरी 2026 के बाद से देश भर में कोई नया दावा नहीं मिला है। बैंक ने कहा कि उसने अपने सिद्धांतों के अनुसार प्रभावित ग्राहकों को यह भुगतान किया है और आगे भी धोखाधड़ी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई जारी रखेगा ताकि नुकसान की राशि की वसूली की जा सके। आईडीएफसी फर्स्ट बैंक ने बताया कि इस घटना के बावजूद बैंक की जमा राशि (डिपॉजिट बेस) स्थिर बनी हुई है। 28 फरवरी तक बैंक का कुल डिपॉजिट 2,92,381 करोड़ रुपए था, जबकि दिसंबर के अंत में यह 2,91,133 करोड़ रुपए था। बैंक ने अपने ग्राहकों का धन्यवाद करते हुए कहा कि यह सिर्फ चंडीगढ़ की एक शाखा से जुड़ी अलग घटना है। बैंक का लिक्विडिटी कवरेज रेशियो (एलसीआर) भी मौजूदा तिमाही में 114 प्रतिशत के आरामदायक स्तर पर है। बैंक को उम्मीद है कि भविष्य में भी डिपॉजिट और लोन की वृद्धि पहले की तरह जारी रहेगी। इससे पहले बैंक ने बताया था कि हरियाणा सरकार के खातों से जुड़े लगभग 590 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी का मामला सामने आया था, जिसमें बैंक के कुछ कर्मचारियों की भूमिका की जांच की जा रही है। मामले की जांच के लिए बैंक ने केपीएमजी को फॉरेंसिक ऑडिट सौंपा है, जिसकी अंतिम रिपोर्ट चार से पांच सप्ताह में आने की उम्मीद है। साथ ही जांच पूरी होने तक बैंक ने चार अधिकारियों को निलंबित भी कर दिया है। घटना के बाद हरियाणा सरकार ने आईडीएफसी फर्स्ट बैंक और एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक को सरकारी कामकाज से तत्काल प्रभाव से हटा दिया है।

गैस की कमी रोकने के लिए सरकार का सख्त फैसला, एलपीजी पर एसेंशियल कमोडिटीज एक्ट लागू

नई दिल्ली देश में रसोई गैस की सप्लाई को सुचारु बनाए रखने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। होटलों और रेस्तरां में कमर्शियल एलपीजी की कमी की खबरों के बीच सरकार ने एसेंशियल कमोडिटीज (ईसी) एक्ट लागू कर दिया है, ताकि घरेलू रसोई गैस की आपूर्ति बिना किसी बाधा के जारी रह सके। सरकार ने रिफाइनरियों और पेट्रोकेमिकल यूनिट्स को निर्देश दिया है कि वे एलपीजी के उत्पादन को अधिकतम स्तर तक बढ़ाएं। इसके साथ ही इन इकाइयों को प्रमुख हाइड्रोकार्बन स्ट्रीम्स को एलपीजी पूल की ओर डायवर्ट करने के लिए कहा गया है, ताकि घरेलू उपयोग के लिए गैस की उपलब्धता बढ़ाई जा सके और सप्लाई स्थिर बनी रहे। इसी के साथ सरकार ने नेचुरल गैस (सप्लाई रेगुलेशन) ऑर्डर 2026 भी जारी किया है। इस आदेश के तहत प्राकृतिक गैस, एलएनजी और री-गैसिफाइड एलएनजी के उत्पादन और अलग-अलग सेक्टरों में उसके आवंटन को नियंत्रित किया जाएगा। इसका उद्देश्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों को प्राथमिकता के आधार पर गैस उपलब्ध कराना है। सरकार के मुताबिक, प्राथमिकता वाले सेक्टरों में घरेलू पीएनजी सप्लाई, परिवहन के लिए सीएनजी, एलपीजी उत्पादन, पाइपलाइन कंप्रेसर के लिए ईंधन, फर्टिलाइजर प्लांट, चाय उद्योग और अन्य महत्वपूर्ण औद्योगिक उपभोक्ता शामिल हैं। इस व्यवस्था को लागू करने की जिम्मेदारी भारतीय गैस प्राधिकरण लिमिटेड (गेल) को सौंपी गई है, जो पेट्रोलियम प्लानिंग एंड एनालिसिस सेल (पीपीएसी) के साथ मिलकर सेक्टर-वार गैस आवंटन और सप्लाई व्यवस्था की निगरानी करेगा। उधर, बाजार में घबराहट के कारण बढ़ती मांग को देखते हुए सरकार ने घरेलू एलपीजी सिलेंडर की दोबारा बुकिंग के लिए न्यूनतम इंतजार अवधि 21 दिनों से बढ़ाकर 25 दिन कर दी है। अधिकारियों के अनुसार, ईरान से जुड़े युद्ध और मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के कारण लोगों में सप्लाई बाधित होने का डर पैदा हो गया था, जिससे बड़ी संख्या में लोगों ने घबराकर सिलेंडर बुक कराना शुरू कर दिया। अधिकारियों का कहना है कि देश में एलपीजी की पर्याप्त उपलब्धता है। बुकिंग अवधि बढ़ाने का फैसला केवल स्टॉक और इन्वेंट्री को बेहतर तरीके से संभालने के लिए लिया गया है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, घबराहट में की गई बुकिंग के कारण एलपीजी की मांग में करीब 15 से 20 प्रतिशत तक बढ़ोतरी दर्ज की गई है। एक अधिकारी ने बताया कि औसतन एक परिवार साल में 14.2 किलोग्राम के 7 से 8 एलपीजी सिलेंडर ही इस्तेमाल करता है और सामान्य परिस्थितियों में उन्हें छह हफ्तों से पहले नया सिलेंडर लेने की जरूरत नहीं पड़ती। इस बीच एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि फिलहाल पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी का कोई फैसला नहीं लिया गया है। सरकारी तेल कंपनियां, इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम, अभी के लिए लागत का अतिरिक्त दबाव खुद ही वहन करेंगी। उन्होंने कहा कि सरकार अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार पर लगातार नजर बनाए हुए है, लेकिन फिलहाल खुदरा ईंधन कीमतें बढ़ाने की कोई तत्काल योजना नहीं है।वहीं, संसद को भी बताया गया है कि भारत के पास इस समय कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों का कुल 74 दिनों का भंडारण क्षमता मौजूद है। यह भंडार किसी भी प्रतिकूल परिस्थिति, जैसे भू-राजनीतिक तनाव या युद्ध की स्थिति में सप्लाई बाधित होने पर देश को संभालने में मदद कर सकता है।

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