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Sensex:सेंसेक्स 1000 अंक टूटकर संभला, निफ्टी 24,400 अंक से नीचे

Sensex: Sensex recovers after falling 1000 points, Nifty below 24,400 points

Sensex: Sensex recovers after falling 1000 points, Nifty below 24,400 points केंद्रीय बजट से पहले घरेलू शेयर बाजार में हरे निशान पर कारोबार की शुरुआत हुई है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण सुबह 11 बजे लोकसभा में बजट पेश करेंगी। इससे पहले घरेलू बेंचमार्क इंडेक्स सकारात्मक ढंग से कारोबार करते दिख रहे हैं। सुबह नौ बजकर 36 मिनट पर सेंसेक्स 28.52 (0.03%) अंकों की बढ़त के साथ 80,555.17 के स्तर पर कारोबार करता दिखा। दूसरी ओर, निफ्टी में 17.41 (0.07%) अंकों की मजबूती के साथ 24,526.65 के स्तर पर कारोबार होता दिखा। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स में 200 अंकों की बढ़त दिखी जबकि निफ्टी 22550 के पार पहुंच गया पर ऊपरी स्तरों से बाजार में बिकवाली दिखी। वित्त मंत्री के बजट भाषण के बाद कारोबार में सेंसेक्स 1000 अंक लुढ़का, जबकि निफ्टी 24,150 अंक से नीचे रहा। हालांकि, थोड़ी देर बाद ही सेंसेक्स 1000 अंक टूटकर संभल गया और 400 अंक पर पहुंचा। वहीं निफ्टी 24,400 अंक से नीचे रहा। भाषण शुरू होते ही बाजार लाल निशान में फिसलावित्त मंत्री के बजट भाषण के शुरू होने साथ ही बाजार लाल निशान में फिसले। उनका बजट भाषण इस समय भी जारी है। बजट भाषण शुरू होते है बाजार में फिसलन शुरू हो गई। फिलहाल, बीएसई का सेंसेक्स 127 अंक की गिरावट के साथ कारोबार कर रहा है। जबकि निफ्टी में 53 अंकों की गिरावट नजर आई। वहीं बैंक निफ्टी में करीब 90 अंकों की कमजोरी देखने को मिली। कृषि से जुड़े स्टॉक में उछालकृषि क्षेत्र को 1.52 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए जाने की घोषणा के बाद कृषि से जुड़े स्टॉकों में 10 फीसदी उछाल देखा। वहीं, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा झींगा पालन की योजना की घोषणा के बाद एपेक्स फ्रोजन फूड्स, अवंती फीड्स, वॉटरबेस शेयर में आठ फीसदी तक उछाल आया। बजट के दिन सेंसेक्स के 30 शेयरों का हाल निफ्टी के सबसे मजबूत और सबसे कमजोर शेयर

युवा उद्यमी ”अतुल तिवारी” ने कम आयु में ही स्थापित की Earnup Consultants, भारतीय राजनीतिक और प्रतिष्ठान्वित व्यक्तियों के साथ सहयोग करते हुए बनाई अपनी पहचान.

Young entrepreneur Atul Tiwari established Earnup Consultants at a young age, creating his identity by collaborating with prominent Indian politicians and respected personalities. नई दिल्ली, 22 दिसम्बर 2023: युवा उद्यमी अतुल तिवारी ने अपनी तकनीकी और समाजशास्त्र की शिक्षा के साथ ही कम आयु में ही Earnup Consultants नामक मीडिया और पीआर कंपनी की स्थापना की है, जो उसके प्रत्याशित और व्यक्तिगत सांविदानिकता को आगे बढ़ाती है। अतुल ने अपने करियर की शुरुआत में ही राजनीतिक उम्मीदवारों के साथ मिलकर काम करना शुरू किया और उन्हें उनकी प्रचार-प्रसार की आवश्यकताओं में सहायता करने का कारण बना। उनकी गहन ज्ञानवर्धन और उत्कृष्टता की भावना ने उन्हें कई राजनीतिक चुनावों में सफलता प्राप्त करने में मदद की है। उनकी कंपनी, Earnup Consultants, ने न केवल राजनीतिक क्षेत्र में, बल्कि सेलिब्रिटी इन्फ्लूएंसर्स और ब्रांड्स के साथ भी सहयोग करके अपने ग्राहकों को उनके उद्यमी स्वप्नों की पूर्ति में सहायता की है। उनका निरंतर उत्कृष्टता की दिशा में प्रयास ने उन्हें ब्रांड प्रमोशन, सार्वजनिक रिश्तों की बनावट और प्रतिष्ठा निर्माण के क्षेत्र में एक मान्यता प्राप्त करने में सफल बना दिया है। अतुल तिवारी ने अपनी अनौपचारिक शिक्षा और श्रमशीलता के साथ ही एक उद्यमी के रूप में एक मिलकर बनाई हुई कंपनी के माध्यम से समाज को प्रेरित किया है। उनकी कड़ी मेहनत, उत्साह, और स्वदेश भक्ति ने उन्हें एक उद्यमी के रूप में सम्मान अर्जित करने का साक्षी बना दिया है। आज, उनकी कंपनी Earnup Consultants भारतीय सामाजिक सीमा के बाहर उभर रही है और उन्हें एक प्रगामी समृद्धि के दिशा में अग्रणी स्थान दिलाने में सफलता हासिल की है।

राइस मिल में सत्यापन और चैक पोस्ट की निगरानी जैसे कार्यो में जुटा अमला.

Implementation of processes such as verification at the rice mill and monitoring of check posts. Special Correspondent Sahara Samachaar, Balaghat. बालाघाट। इन दिनों जिला प्रशासन द्वारा समर्थन मूल्य पर उपार्जन कार्यो को लेकर संजीदगी से कार्य किये जा रहे है। कलेक्टर ड़ॉ. गिरीश कुमार मिश्रा द्वारा लगातार समीक्षा बैठकों में दिए गए निर्देशों का असर फील्ड में भी दिखाई देने लगा है। राजस्व अधिकारियों के अलावा सम्बंधित विभागों का अमला खरीदी केंद्रों पर आवश्यक व्यवस्थाओं का जायजा लेकर व्यवस्थाएं दुरुस्त करने में सक्रिय है। मंगलवार को कटंगी अनुभाग अंतर्गत सावंगी, नांदलेसरा, टेकारी, बोथवा, चिकमारा, मानेगांव, कटंगी केंद्रों में धान खरीदी कार्य तहसीलदार छवि पंत की निगरानी में प्रारम्भ कराया गया। वही उपार्जन के लिए दिए अन्य निर्देशों के पालन संलग्न है। कई खरीदी केंद्रों पर बड़ी संख्या में किसानों व जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में श्रीगणेश किया गया। वारासिवनी एसडीएम कामिनी ठाकुर ने अश्विन राइस मिल खैरलांजी में धान का भौतिक सत्यापन जैसी गतिविधियों के द्वारा निरीक्षण किया। वही तहसीलदार वंदना कुशराम ने धान के एफएक्यू की जानकारी प्राप्त करते हुए निरीक्षण किया। इस तरह राजस्व विभाग सहित कई विभागों के अधिकारी कर्मचारी उपार्जन कार्यो की निगरानी में सक्रिय है।

पार्टियों ने काटा टिकट, तो विधानसभा सचिवालय ने कहा, बंगला खाली करो

Parties have issued tickets, so the Legislative Assembly Secretariat has said, Vacate the bungalow. छिनेगा यशोधरा राजे से बंगला, चुनाव नहीं लड़ने वाले विधायकों को नोटिस, विधानसभा सचिवालय ने 30 बेटिकट विधायकों को भेजा पत्र भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव में दोनों बड़ी पािर्टयों भाजपा और कांग्रेस ने इनकमवेंशी के कारण लगभग ढाई दर्जन के क्या टिकट काट दिए कि अब उनका बंगला भी छिनने वाला है। यानि इधर पार्टियों ने टिकट काटा, तो उधर, जैसे लोकसभा में राहुल गांधी का बंगला िछनने की जल्दबाजी की गई, उसी तरह विधानसभा सचिवालय ने भी बेटिकट वाले माननीयों को बंगला खाली करने का नोटिस थमा दिया है। इससे इन माननीयों की भोपाल में रहने को लेकर बेचैनी बढ़ गई है। नई विधानसभा के गठन तक आवास में रह सकते मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए मतदान पूरा हो चुका है। अब तीन दिसंबर को मतगणना होनी है। जिसमें 16वीं विधानसभा के सदस्यों के नाम सामने आ जाएंगे। नई विधानसभा सदस्यों को आवास उपलब्ध कराने के लिए विधानसभा सचिवालय ने भी अपनी तैयारी तेज कर दी है। इसके लिए सचिवालय ने उन विधानसभा सदस्यों को नोटिस जारी कर दिया है, जो चुनाव नहीं लड़ रहे हैं। ऐसे भाजपा और कांग्रेस के 30 वर्तमान विधायकों को नोटिस देकर आवास खाली करने को कहा गया है। हालांकि वर्तमान विधायक नई विधानसभा के गठन तक आवास में रह सकते हैं। नए विधायकों को लेकर टेंशन में विधानसभा सचिवालय नए विधायकों के जीतने के बाद उन्हें भोपाल में सरकार द्वारा आवास मुहैया कराया जाता है। इसको लेकर विधानसभा सचिवालय ने राज्य सरकार को भी पत्र लिखा है। इसमें नए विधायकों के चुन कर आने पर उनके लिए गेस्ट हाउस और रेस्ट खाली रखने को कहा गया है। इस संबंध में राज्य सरकार की तरफ से भी विभिन्न विभागों को लिखा गया है।

दीपावली धनतेरस पर बाजार में दिखी ग्राहकों की रौनक, सजा बाजार.

On Diwali Dhanteras, the market witnessed a surge in customers, creating a festive atmosphere. The market was adorned with decorations. Special Corrospondent. कटनी। दीपावली एक प्रमुख त्यौहार है पहले से ही इसकी तैयारियां जोरों पर दिखाई देती हैं बाजारों में अच्छी खासी रौनक दिखी हर तरफ ग्राहकी की हुई नजर आई धनतेरस के दिन शुक्रवार को देशभर के खुदरा बाजारों में जबरदस्त भीड़ देखने को मिली। सोने-चांदी के अलावा वाहनों, इलेक्ट्रॉनिक्स, बर्तन और अन्य उत्पादों की भी अच्छी खरीद-बिक्री हुई। कटनी में 100 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार हुआ। बहिन अकेले देश की राजधानी दिल्ली में 5,000 करोड़ रुपये की खरीद-बिक्री हुई। इस धनतेरस खरीदारी को लेकर माहौल काफी अच्छा रहा। पिछले साल की तुलना में इस बार करीब 43 फीसदी अधिक बिक्री हुई है। धनतेरस के दिन कुल बिक्री में वाहनों की हिस्सेदारी 30 करोड़ रुपये तक रही। 10 करोड़ का सोना 30 करोड़ रुपये के इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पाद बिके। 5 करोड़ के बर्तन बिके, जबकि 1 करोड़ रुपये की पूजा सामानों की खरीद-बिक्री हुई। इसके अलावा, लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियों, मिट्टी के दीये, सजावटी सामान, बंदनवार और झाड़ू की बिक्री भी पिछले साल से बेहतर रही। इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादों की बिक्री में 20% तक तेजीधनतेरस पर इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादों की बिक्री पिछले साल की तुलना में 15-20 फीसदी अधिक रही। धनतेरस पर शहर में अच्छी भीड़ देखने को मिली। पिछले धनतेरस के मुकाबले विभिन्न श्रेणी के उत्पादों में 15 फीसदी की तेजी दर्ज की गई है। होम अप्लायंसेस के विक्रेताओं इस बार प्रीमियम इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादों की मांग बढ़ी है। मूल्य के लिहाज से देखें तो इन उत्पादों की बिक्री पिछले साल से 20-25 फीसदी बढ़ी है। सोना की कीमतों में हालिया गिरावट का असर, हल्के आभूषणों की मांगऑल इंडिया जेम एंड ज्वेलरी डोमेस्टिक काउंसिल (जीजेसी) के निदेशक दिनेश जैन ने बताया कि सोने की कीमतें कारोबार के लिए अनुकूल हैं। कीमतों में हालिया गिरावट से उपभोक्ताओं में सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिली। हीरे की कीमतें गिरने से युवा पीढ़ी में हल्के वजन के आभूषणों की मांग रही। दीपावली को लेकर बाजारों में अच्छी रौनक देखने को मिली

सिंगापुर स्थित साइबर सुरक्षा फर्म साइफर्मा की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत विश्व स्तर पर सबसे अधिक लक्षित देश.

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According to a report by the cybersecurity firm Cyfirma located in Singapore, India is the most targeted country on a global scale. Manish Trivedi इकोनॉमिक टाइम्स और द वायर हिंदी की रिपोर्ट के अनुसार, सिंगापुर स्थित साइबर सुरक्षा फर्म साइफर्मा (Cyfirma) की ‘2023 इंडिया थ्रेट लैंडस्केप रिपोर्ट’ के अनुसार, भारत विश्व स्तर पर सबसे अधिक लक्षित देश है, जो सभी साइबर हमलों में से 13.7% का सामना करता है. 9.6% हमलों के साथ अमेरिका दूसरा सबसे अधिक लक्षित देश है. इसके बाद इंडोनेशिया और चीन ने क्रमश: 9.3% और 4.5% हमलों का सामना किया. साइफर्मा के संस्थापक और मुख्य कार्यकारी कुमार रितेश ने इकोनॉमिक टाइम्स को बताया कि वैश्विक औसत की तुलना में भारत में विदेशी सरकार-प्रायोजित साइबर हमलों का अनुपात भी अधिक है.उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर पिछले तीन वर्षों में लगभग 68 प्रतिशत साइबर हमले सरकार प्रायोजित थे. उन्होंने कहा, ‘अगर आप भारत की संख्या को देखें, तो यह थोड़ा अधिक 72% है.’ कमजोर साइबर सुरक्षाजहां डिजिटलीकरण ने साइबर सुरक्षा की आवश्यकता को तेज कर दिया है, वहीं भारत के साइबर सुरक्षा नियम कमजोर और अपर्याप्त हैं. पिछले साल 30 नवंबर को इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) की वेबसाइट को 24 घंटे में हैकिंग के लगभग 6,000 प्रयासों का सामना करना पड़ा था. यह अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के पांच सर्वरों को रैनसमवेयर द्वारा हैक किए जाने के एक सप्ताह बाद हुआ था. अनुमानित 1.3 टेराबाइट डेटा एन्क्रिप्ट किया गया था. हैकर्स ने एम्स के लिए अपने ही डेटा तक पहुंच को असंभव बना दिया था. 31 अक्टूबर 2023 को बड़े पैमाने पर हुए एक डेटा उल्लंघन में आईसीएमआर के पास मौजूद 81.5 करोड़ से अधिक भारतीयों की जानकारी डार्क वेब पर बेच दी गई थी.

12 महीनों में भारत में लगभग 60% स्वास्थ्य सेवा (हेल्थकेयर) संगठनों को साइबर अटैक का सामना करना पड़ा.

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In the last 12 months, nearly 60% of healthcare organizations in India had to face cyberattacks. Manish Trivedi नई दिल्ली: पिछले 12 महीनों में भारत में लगभग 60% स्वास्थ्य सेवा (हेल्थकेयर) संगठनों को साइबर अटैक का सामना करना पड़ा है. इकोनॉमिक टाइम्स ने यूके स्थित साइबर सुरक्षा फर्म सोफोस के एक नए अध्ययन का हवाला देते हुए बताया है कि इनमें से, साइबर अपराधी लगभग 75% रैंसमवेयर अटैक में डेटा को सफलतापूर्वक एन्क्रिप्ट करने में सक्षम थे, जो पिछले तीन वर्षों में एन्क्रिप्शन की सबसे ऊंची दर है. अख़बार ने साइबर सुरक्षा फर्म के अध्ययन का हवाला देते हुए बताया कि यह पिछले साल किए गए 61% डेटा एन्क्रिप्शन के मुकाबले बड़ी वृद्धि है. बताय गया है कि केवल 24% स्वास्थ्य सेवा संगठन साइबर अपराधियों द्वारा उनके डेटा को एन्क्रिप्ट करने से पहले रैंसमवेयर के अटैक को रोकने में सक्षम थे. रिपोर्ट के अनुसार, यह आंकड़ा 2022 में 34% था. पिछले साल 30 नवंबर को इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) की वेबसाइट पर 24 घंटे में करीब 6,000 हैकिंग प्रयास हुए थे. यह अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के पांच सर्वरों को रैंसमवेयर द्वारा हैक किए जाने के हफ्तेभर बाद हुआ था. अनुमान ही कि इसमें 1.3 टेराबाइट डेटा एन्क्रिप्ट किया गया था. हैकर्स ने एम्स के लिए अपने ही डेटा तक पहुंच को असंभव बना दिया था. 31 अक्टूबर, 2023 को बड़े पैमाने पर हुए डेटा ब्रीच (सेंधमारी) में आईसीएमआर के साथ 81.5 करोड़ से अधिक भारतीयों की जानकारी डार्क वेब पर बेची गई. लेकिन हेल्थकेयर क्षेत्र डेटा ब्रीच का नया निशाना क्यों बन रहा है? साइबर जोखिम प्रबंधन फर्म एरेटे के अध्यक्ष एपीएसी राज शिवाराजू ने हिंदुस्तान टाइम्स को बताया कि पुराने सॉफ्टवेयर, पुराने सिस्टम और साइबर सुरक्षा में अपर्याप्त निवेश ने स्थिति खराब कर दी है. जैसे-जैसे भारत स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र को डिजिटल बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, ऑनलाइन सिस्टम को सुरक्षित करना तेजी से महत्वपूर्ण हो गया है. ट्रेंड माइक्रो की 2023 रिपोर्ट के अनुसार, 2023 की पहली छमाही में साइबर सुरक्षा जोखिम की घटनाओं के लिए भारत को अमेरिका और ब्राजील के बाद तीसरा सबसे खराब देश बताया गया. साइबर ख़तरे का हाल कोलंबिया स्थित साइबर सुरक्षा कंपनी टेनेबल की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि इससे भी अधिक चिंता की बात यह है कि भारतीय कंपनियां लगभग आधे साइबर अटैक को नहीं रोक सकती हैं. यह रिपोर्ट 825 आईटी और साइबर सुरक्षा पेशेवरों के ऑनलाइन अध्ययन पर आधारित है, जिनमें से 69 भारतीय थे. टेनेबल इंडिया के कंट्री मैनेजर कार्तिक शाहनी ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया, ‘आज के खतरे के माहौल में जब तक संगठन साइबर अटैक पर प्रतिक्रिया देते हैं, तब तक बाजी आधी हारी जा चुकी होती है.’ रिपोर्ट के अनुसार, इसका कारण आईटी और साइबर सुरक्षा टीमों के बीच समन्वय की कमी है, जिसे 43% भारतीय संगठनों ने स्वीकार किया है. शाहानी ने कहा कि संगठनों में आईटी और सुरक्षा टीमों के बीच लक्ष्यों के अलग होने के परिणामस्वरूप तालमेल की स्पष्ट कमी होती है, जिससे साझा लक्ष्य की दिशा में एकजुट होकर काम करना चुनौतीपूर्ण हो जाता है. अध्ययन में उत्तर देने वाले कम से कम 78% भारतीयों का मानना है कि उनके संगठन प्रिवेंटिव साइबर सुरक्षा के लिए समर्पित ज़्यादा संसाधनों के साथ साइबर अटैक से बेहतर बचाव कर सकते हैं. हालांकि, रिपोर्ट में कहा गया है कि 10 में से केवल सात (71%) संगठनों का कहना है कि उनकी आईटी टीमें पैचिंग और सुधार की तुलना में अपटाइम के बारे में अधिक चिंतित हैं. बेहतर साइबर सुरक्षा के लिए कौशल की कमी इसके अलावा, भारत के साइबर सुरक्षा उद्योग में मांग और आपूर्ति के बीच गहरी खाई है. चीन के बाद सक्रिय इंटरनेट यूजर्स की दूसरी सबसे बड़ी संख्या होने के बावजूद भारत में वैश्विक साइबर सुरक्षा नौकरियों का केवल 6% है. बिजनेस स्टैंडर्ड की एक रिपोर्ट के अनुसार, मई 2023 तक इस उद्योग में केवल 40,000 नौकरियां थीं. रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में साइबर सुरक्षा पेशेवरों की मांग बढ़ रही है, लेकिन उद्योग को जरूरी कौशल को लेकर बड़ी चुनौती का सामना कर रहा है, जहां मांग-आपूर्ति के बीच का अंतर 30% है. रिपोर्ट के अनुसार, भारत का साइबर सुरक्षा कार्यबल 2023 में लगभग 0.3 मिलियन था, जो 2022 में 0.21 मिलियन और 2021 में 0.1 मिलियन था. इसकी तुलना में, साइबर सुरक्षा पेशेवरों का वैश्विक कार्यबल लगभग 4.7 मिलियन था. इसमें यह भी कहा गया है कि साइबर सुरक्षा राजस्व के मामले में भारत 222 बिलियन डॉलर के वैश्विक राजस्व में से 2.50 बिलियन डॉलर का अनुमानित राजस्व पैदा कर रहा है. यह रिपोर्ट द वायर हिंदी की एक रिपोर्ट पर आधारित है 

81.5 मिलियन भारतीय उपयोगकर्ताओं के संवेदनशील व्यक्तिगत डेटा डार्क वेब पर लीक.

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Sensitive personal data of 81.5 million Indian users leaked on the dark web. मनीष त्रिवेदीनई दिल्ली, भारतीय इतिहास में सबसे बड़ा डेटा ब्रीच. 81.5 करोड़ भारतीय उपयोगकर्ताओं के व्यक्तिगत डेटा लीक हो गया है81.5 मिलियन भारतीय उपयोगकर्ताओं के संवेदनशील व्यक्तिगत डेटा डार्क वेब पर लीक हो गया है। जानकारी में आधार और पासपोर्ट विवरण, नाम, फोन नंबर और अस्थायी और स्थायी पते शामिल हैं।डेटा भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) द्वारा COVID-19 टेस्टिंग के दौरान जुटाई गई जानकारी से आता है।US मूल के साइबर सुरक्षा कंपनी रिसिक्यूरिटी के रिपोर्ट के अनुसार, 815 मिलियन भारतीयों की व्यक्तिगत पहचान सूचना डार्क वेब पर बेची जा रही है। आधार और पासपोर्ट जानकारी के साथ-साथ नाम, फ़ोन नंबर और पतों के विवरण ऑनलाइन बिक रहे हैं।

देश राज्यों से बड़ी खबरें.

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National Headlines and State News 1 सरदार पटेल जयंती पर अमृत कलश यात्रा आज,विजय चौक पर मेरी माटी मेरा देश-अमृत कलश यात्रा का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम में देश भर से 7500 कलशों में मिट्टी लेकर अमृत कलश यात्रा दिल्ली पहुंचेगी। यात्रा में शामिल लोग देश के विभिन्न हिस्सों से पौधे भी लेकर आएंगे 2 उपराष्ट्रपति बोले-कानूनी मामलों में उलझें तो सड़कों पर न उतरें, गुवाहाटी में कहा- लोग समन मिलते ही प्रदर्शन करते हैं, वे भी न्यायपालिका पर भरोसा रखें 3 जम्मू कश्मीर: केंद्र शासित प्रदेश बनने के चार साल बाद महकने लगे विकास और खुशहाली के फूल, पत्थरबाजी इतिहास के पन्नों में सिमटा 4 नागरिकों को राजनीतिक चंदे का स्रोत जानने का अधिकार नहीं, सुप्रीम कोर्ट में बोली सरकार 5 कोविड के कारण भर्ती, ज्यादा मेहनत वाले काम… ICMR स्टडी में पता चली अचानक मौतों की वजह 6 गड़बड़ी फैलाने की ताक में भारत विरोधी ताकतें, केरल में धमाके के बाद दिल्ली-NCR समेत देशभर में अलर्ट 7 दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को ईडी ने भेजा नोटिस, दो नवंबर को पूछताछ के लिए बुलाया 8 मराठा आरक्षण पर देर रात CM-डिप्टी CM की बैठक, दो सांसदों और एक विधायक ने इस्तीफा दिया, प्रदर्शनकारियों ने दो विधायकों के घर जलाए 9 मराठा आरक्षण के समर्थन में एकनाथ शिंदे गुट के 2 सांसदों का इस्‍तीफा, हेमंत पाटिल संग हेमंत गोडसे का राजीनामा 10 ‘मुझे डर लगता, प्रियंका-राहुल जब आते कुछ भी कह जाते’, वसुंधरा राजे ने कहा- जरूरी नहीं है कि यह उस पर अडिग रहे; किसानों का कर्जा आज भी माफ नहीं हुआ 11 सीएम गहलोत के बेटे वैभव गहलोत से ED ने की पूछताछ, 16 नवंबर को फिर बुलाया 12 राजस्थान:बीजेपी का 10 और कांग्रेस का 3 सीटों पर विरोध, चौथी लिस्ट के लिए दोनों पार्टी में फंसा है अभी भी पेंच ! 13 सीएम गहलोत के बेटे वैभव गहलोत से ED ने की पूछताछ, 16 नवंबर को फिर बुलाया 14 अस्पताल से छूटते ही ED की हिरासत में ममता के मंत्री ज्याेति प्रिया मलिक, देर रात हुआ ऐक्शन 15 अफगानिस्तान ने श्रीलंका को भी 7 विकेट से हराया, वर्ल्ड कप 2023 में जीता तीसरा मैच 16 ‘गाजा में सीजफायर के लिए कहना, मतलब इजरायल को हमास के सामने सरेंडर करने के लिए कहने जैसा है’; नेतन्याहू की दो टूक

जानबूझकर कर्ज न चुकाने वालों पर बकाया राशि 100 करोड़ रुपये प्रतिदिन से अधिक की गति से बढ़ी.

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Outstanding amount on intentionally unpaid loans has been increasing at a rate of more than 100 crore rupees per day. दिल्ली, द वायर हिंदी की एक रिपोर्ट के अनुसार मार्च 2019 से जानबूझकर कर्ज न चुकाने वालों पर बकाया राशि 100 करोड़ रुपये प्रतिदिन से अधिक की गति से बढ़ी है. इसका तात्पर्य यह है कि तब से विलफुल डिफॉल्टर्स पर बकाया राशि कम से कम 1.2 ट्रिलियन या 1.2 लाख करोड़ रुपये की वृद्धि हुई है. बिजनेस स्टेंडर्ड ने अपनी रिपोर्ट में इस संबंध में जानकारी दी है. द हिंदू के मुताबिक, मार्च 2019 के बाद से प्रति दिन 100 करोड़ रुपये की यह भारी वृद्धि 22 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किए गए उस दावे को पूरी तरह खारिज करती है कि पिछली यूपीए सरकार ने ‘घोटालों’ से बैंकिंग क्षेत्र को ‘बर्बाद’ कर दिया था, जबकि उनकी सरकार ने इसके ‘अच्छे वित्तीय स्वास्थ्य’ की बहाली की है. बिजनेस स्टैंडर्ड की रिपोर्ट ट्रांसयूनियन सिबिल के आंकड़ों पर आधारित है. अखबार ने लिखा है कि डेटा को वित्तीय संस्थानों द्वारा अपडेट किया जाता है. आंकड़े नवीनतम उपलब्ध संख्याओं को दर्शाते हैं. आगे कहा गया है, ‘यह राशि और भी अधिक हो सकती है क्योंकि कम से कम एक राष्ट्रीयकृत बैंक और एक निजी क्षेत्र के बैंक ने अभी तक जून के आंकड़े नहीं दिए हैं. कम से कम चार तिमाहियों से लगातार कुल राशि 3 लाख करोड़ रुपये से अधिक बनी हुई है.’ भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने हाल ही में प्रस्ताव दिया है कि ऋण के गैर-निष्पादित संपत्ति बनने के छह माह के भीतर जानबूझकर कर्ज न चुकाने वालों को विलफुल डिफॉल्टर्स घोषित किया जाना चाहिए. केंद्रीय बैंक ने अक्टूबर के अंत तक प्रस्ताव पर सार्वजनिक टिप्पणियां मांगी हैं. निजी क्षेत्र के बैंकों और अन्य वित्तीय संस्थानों ने ऐसे ऋणों (जो वापस नहीं किए जा रहे हैं) में उनकी हिस्सेदारी में थोड़ी वृद्धि देखी है, लेकिन चिंता की बात यह है कि सार्वजनिक बैंकों को सबसे ज्यादा नुकसान हो रहा है. जून 2023 में विलफुल डिफॉल्टर्स द्वारा न चुकाए गए कर्ज में उनकी हिस्सेदारी 77.5 फीसदी थी. जानबूझकर कर्ज न चुकाने वालों पर दस राष्ट्रीयकृत बैंकों का 1.5 लाख करोड़ रुपये और बकाया है, जिसमें से भारतीय स्टेट बैंक के 80,000 करोड़ रुपये (जून माह तक) शामिल हैं. निजी क्षेत्र के बैंकों का बकाया कुल मिलाकर 53,500 करोड़ रुपये है.

पेट्रोल-डीजल बचाने के 5 तरीके, हर महीने बचेंगे हजारों रुपए

Increase Car Mileage: पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों के बीच कार मालिकों के लिए उसका माइलेज सबसे जरूरी होता है. कार पुरानी हो तो कार का माइलेज भी कम हो जाता है. अगर आप भी अपनी कार के कम माइलेज से परेशान हैं और उसे कई बार मैकेनिक से सही कराकर भी अच्छा माइलेज नहीं ले पा रहे हैं तो चिंता मत कीजिए. डॉक्टर अकबर खान ( B.H.M.S. ) लेखक 2017 से ऑटोमोबाइल क्षेत्र में रुचि रखते है ।। यहां आज आपको कुछ ऐसी टिप्स बताने जा रहे हैं, जिन्हें फॉलो कर आप आसानी से कार से ज्यादा माइलेज प्राप्त कर सकते हैं. अगर ऐसा हुआ तो आपके काफी रुपये बचेंगे. स्पीड लिमिट पर रखें ध्यान अगर आप अपनी कार को ध्यान से तरीके से चलाएंगे तो इससे आपकी कार का माइलेज और इंजन दोनों बेहतर काम करते हैं. ऐसे में गियर, ब्रेक और क्लच इन तीनों का सही तरकी से इस्तेमाल करना जरूरी है. क्लच पर लगातार पैर रख कर कार चलाना भी नुकसानदायक साबित हो सकता है इसका असर माइलेज और इंजन दोनों पर पड़ता है. कार की स्पीड लिमिट 60- से 80 किलोमीटर प्रति घंटा रखने की कोशिश करें टाइम टू टाइम सर्विस कार और बाइक, दोनों की टाइम टू टाइम सर्विस कारना बेहद जरूरी है. अगर आप अपनी कार में आने वाली छोटी-छोटी परेशानियों को नजरअंदाज करेंगे तो इसका असर आगे चलकर बड़ी परेशानी खड़ी कर सकता है. इससे आपको मोटी चपत भी लग सकती है. बिना बात के ना चलाएं AC बिना बात के कार में एसी ना चलाएं. ऐसा करने से फ्यूल पर ज्यादा बोझ पड़ सकता है. एसी का इस्तेमाल ना करके आप 20 फीसदी फ्यूल बचा सकते हैं. मौसम ठीक हो या फिर कार अंदर से ठंडी हो तो बेफिजूल कार में एसी ना चलाएं. रेड लाइट या ट्रैफिक में करें कंट्रोल महानगरों में ट्रैफिक लाइट की स्थिति भयावह है और लगातार बढ़ती जा रही है. ऐसे शहरों में रेड लाइट पर घंटों का जाम लगता है. ऐसी स्थिति में गाड़ी के इंजन को बंद कर देना चाहिए. इससे तेल की बचत होती है. टायर प्रेशर कार के टायरों उचित हवा का प्रेशर रखने से न सिर्फ आप फ्यूल की बचत कर सकते हैं, बल्कि इससे टायरों की लाइफ भी लंबी होती है. टायर पर ज्यादा प्रेशर न पड़े और मैन्युफैक्चरर के निर्देश के मुताबिक टायर को इंफ्लेट किया जाए, इस चीज की जिम्मेदारी ड्राइवर की होनी चाहिए. अगर ज्यादा लोड या वजन कैरी करना चाहते हैं तो वीइकल हैंडबुक को पढ़कर उसके मुताबिक टायर प्रेशर में सुधार करें.

भिंड रेत खदान पर कलेक्टर, एसपी का छापा। अवैध रेत उत्खनन में लगे 20 डंपर और 1 जेसीबी जब्त।

ग्वालियर/ भिंड। मध्य प्रदेश के भिंड जिले में बीती रात को पुलिस और जिला प्रशासन ने अवैध रेत खनन व परिवहन पर बड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर डॉ संजीव श्रीवास्तव और पुलिस अधीक्षक मनीष खत्री को जिले में लगातार हो रहे अवैध रेत खनन और परिवहन की शिकायतें मिल रही थीं। शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन की टीम और पुलिस टीम लहार क्षेत्र की पर्रायच रेत खदान पर दबिश दी। यहां रेत से भरे खड़े वाहनों पर रॉयल्टी टोकन नहीं मिले। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने रेत से भरे 20 डंपरों और एक जेसीबी मशीन को जब्त कर लिया। जबकि अवैध रेत उत्खनन में लगी रेत माफिया गैंग पुलिस को आता देख नदी में कूदकर मौके से फरार हो गई। पुलिस अधीक्षक मनीष खत्री ने छापामार कार्रवाई के दौरान खुद मोर्चा संभाला। इस छापामार कार्यवाही से माइनिंग विभाग को दूर रखा गया था। प्राप्त जानकारी के अनुसार भिंड कलेक्टर और एसपी को बुधवार की रात सूचना मिली रेत टेंडर कंपनी राघवेंद्र कुमार सिंह की सहायक एजेंसी पवार मेक द्वारा पर्रायच रेत खदान पर अवैध उत्खनन कराया जा रहा है। जबकि कंपनी के पास रेत डंप की परमिशन अमायन क्षेत्र में है। इस पर अफसरों ने टारगेट पर्रायच खदान मिशन तैयार किया। एसपी ने घेराबंदी को लेकर गोहद एसडीओपी, मेहगांव एसडीओपी और लहार एसपीडीओपी बुलाया। इसके साथ मालनपुर थाना, गोदह, गोहद चौराहा, अमायन और लहार थाना पुलिस फोर्स को साथ लिया। इसके बाद भिंड कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव व एसपी मनीष खत्री बुधवार की रात करीब साढ़े 12 बजे लहार थाना क्षेत्र की रेत खदान पर पहुंचे। प्रशासनिक अफसरों की गाड़ियां आता देख रेत माफिया वाहन छोड़कर भाग खड़े हुए। वे नदी में कूंदकर भागे और गांव में छिप गए। मौके पर प्रशासनिक अफसरों ने रेत के डंप, जेसीबी, बीस डंपर व उनके चालकों को पकड़ा तो इनमें से किसी के पास रॉयल्टी टोकन नहीं मिले। जिसके बाद अधिकारियों ने पकड़े गए डंपरों और जेसीबी मशीन को जब्त कर थाने में खड़े करवा दिया। पुलिस ने अधिकारियों के निर्देश पर मामला दर्ज कर लिया है। यहां गौर करने वाली बात यह है कि भिंड कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव की ये दूसरी कार्रवाई है जब माइनिंग अफसर को साथ लिए बगैर रेत खदान पर कार्रवाई की है। इससे पहले गिरवाासा रेत खदान पर भी इसी तर्ज पर कार्रवाई की थी। दोनों जगह लहार एसडीएम नवीन शर्मा को अपने साथ लेकर पहुंचे। परंतु हर बार माइनिंग अफसर करीब एक घंटे बाद बुलाए गए। पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों द्वारारा जिस तरीके से माइनिंग अफसर और माइनिंग विभाग को छापेमारी की कार्यवाही से दूर रखा जा रहा है, उसने अफसर को सवालों के घेरे में लाकर खड़ा कर दिया है।

डबरा एसडीएम, पद पर रहने लायक नहीं, सीएम से करेंगीं शिकायत:- इमरती देवी

ग्वालियर। डबरा तहसील परिसर में एसडीएम कार्यालय के बाहर एक किसान द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या का प्रयास करने के मामले में एसडीएम के असंवेदनशील बयान पर पूर्व मंत्री इमरती देवी ने नाराजगी व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से शिकायत करने की बात कही है। जनसुनवाई में शिकायत का निराकरण न होने से परेशान किसान ने तहसील परिसर में ही एक पेड़ पर फांसी लगाकर आत्महत्या करने का प्रयास किया लेकिन वहां मौजूद लोगों व पुलिसकर्मियों ने सूझबूझ से किसान को बचा लिया लेकिन जब इस घटना के बाद डबरा एसडीएम प्रखर सिंह से पत्रकारों द्वारा पूछा गया कि आगे इस तरह की घटना न हो, उसके लिए आपके क्या प्रयास रहेंगे तो उनका जवाब था “हम हर जगह उपस्थित तो नहीं रह सकते हैं, लोग जो करना चाहें स्वतंत्र हैं”। शिवराज और महाराज से करूंगी शिकायत:- इमरती देवी एसडीएम प्रखर सिंह द्वारा दिए गए इस बयान को लेकर लघु उद्योग निगम की अध्यक्ष और पूर्व मंत्री इमरती देवी ने भी भारी आक्रोश जताया है। इतना ही नहीं, इमरती ने एसडीएम द्वारा दिए गए इस गैर ज़िम्मेदाराना बयान पर सीएम शिवराज और ज्योतिरादित्य सिंधिया से शिकायत करने की भी बात कही है। इमरती देवी ने कहा की जिस पद के यह अधिकारी हैं, उस पद की जिम्मेदारी संभालना इनका काम है। चाहे फिर वह जिम्मेदारी आम इंसान को लेकर हो या किसान को लेकर। एसडीएम द्वारा कोई कुछ भी करने को स्वतंत्र है वाली बात पर इमरती ने सवाल किया ‘तो फिर अधिकारी शहर में क्या कर रहे हैं। हमारा डबरा हर बात में खुद ही सक्षम है फिर यहां ऐसे अधिकारी की पोस्टिंग की क्या जरूरत।’ उन्होने गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि कल को अगर किसान इनके सामने पेट्रोल डालकर आग लगाएगा तब भी यह क्या बैठकर देखते ही रहेंगे और कहेंगे करो जो करना है। इमरती देवी ने कहा कि एक अधिकारी द्वारा कहे गए ऐसे शब्द बेहद ही निंदनीय हैं और मैं इसकी शिकायत सीएम शिवराज और ज्योतिरादित्य सिंधिया से निश्चित ही करूंगी। जहां एक और हमारे सीएम, हमारे महाराज सिंधिया और हम सभी जनप्रतिनिधि और जन सेवक रात में 12 बजे भी अगर किसी व्यक्ति को परेशानी हो उसके लिए मौजूद रहते हैं तो यह कर्तव्य एक अधिकारी का भी होता है। अधिकारी सिर्फ कुर्सी पर बैठकर तनख्वाह पाने के लिए नहीं होता है। अधिकारी को आमजन खासकर किसान के लिए बेहद नरम होना चाहिए और उनकी परेशानियों को तसल्ली से सुनना चाहिए। एसडीएम की बात करते हुए इमरती ने यह भी कहा कि सिर्फ अतिक्रमण हटाना ही इनका काम नहीं है, जनता की सेवा करना इनका काम है। आखिर में इमरती देवी ने कहा कि वह निश्चित तौर पर एसडीएम को डबरा से हटाने के लिए सीएम से मांग करेंगी। यह है पूरा मामला। पिछोर के बाबूपुर क्षेत्र निवासी कैलाश परिहार की गांव में 15 बीघा के लगभग जमीन है। जिस पर वह खेती करता है। पिछले काफी समय से जमीन पर रास्ते को लेकर विवाद चल रहा है। किसान का कहना है कि वह लगातार जनसुनवाई में भी आवेदन देता है, लेकिन उसकी आज तक कोई भी सुनवाई नहीं हुई। किसान ने गांव के ही दबंग राजा बघेल,अमर सिंह बघेल,हरि सिंह ,बेताल ने जमीन के रास्ते पर कब्जा करने का आरोप लगाया है। जिसकी शिकायत वो कई बार जनसुनवाई में कर चुका है, लेकिन जब समस्या का समाधान न होने पर वो आक्रोशित हो गया और पीपल के पेड़ पर फांसी लगाने का प्रयास किया। किसान को देखकर आसपास के लोग और तहसील के कर्मचारी पहुंचे। उन्होंने उसे पेड़ से उतारा। इसके बाद प्रशासन ने किसान को पुलिस थाने भेजा।

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