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वन विहार में किंग कोबरा की मृत्यु

भोपाल वन विहार राष्ट्रीय उद्यान के संचालक ने बताया कि 18 जून बुधवार को प्रात: सी.सी.टी.व्ही. कैमरे में किंग कोबरा नागार्जुन उम्र लगभग 5 वर्ष में कोई हलचल नही पाये जाने पर सर्प बाडे में प्रवेश कर उसका परीक्षण किया गया। परीक्षण में वह मृत पाया गया। मृत किंग कोबरा सर्प का पोस्टमार्टम पशु चिकित्सकों की टीम द्वारा किया जायेगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट प्राप्त होने पर मृत्यु का कारण स्पष्ट हो सकेगा। किंग कोबरा की गतिविधि के संबंध में वन विहार के वन्यप्राणी चिकित्सा अधिकारी, पिलिकुला बायोलॉजिकल पार्क मैंगलोर कर्नाटक के पशु चिकित्सा अधिकारी से सतत संपर्क में थे। कल शाम तक नागार्जुन किंग कोबरा की गतिविधि बायोलॉजिकल पार्क के पशु चिकित्सक के अनुसार समान्य पायी गई। उल्लेखनीय है कि वन्यप्राणी आदान-प्रदान योजना अंतर्गत पिलिकुला बायोलॉजिकल पार्क मैंगलोर, कर्नाटक से 6 अप्रैल 2025 को 2 नर किंग कोबरा-नागशयना उम्र 8 वर्ष तथा नागार्जुन उम्र 5 वर्ष वन विहार राष्ट्रीय उद्यान, भोपाल लाए गये थे। बायोलॉजिकल पार्क से लाने के उपरांत वन विहार में लगातार 24 घंटे इनकी निगरानी की जा रही थी।  

11वां अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस 21 जून को आयोजित करने के संबंध मे समस्त जिला कलेक्टरों को निर्देश जारी किये

भोपाल  राज्य शासन द्वारा 11वां अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस 21 जून 2025 को आयोजित करने के संबंध मे समस्त जिला कलेक्टरों को निर्देश जारी किये गये है। जारी आदेश में अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस के लिए जिले की समस्त संस्थाओं को प्रेरित किया जायेगा, सभी कार्यक्रम आयोजकों को अपना पंजीयन कराना होगा। इसका पंजीयन लिंक https//yoga.ayush.gov.in/yoga-sangam पर होगा। अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस का कार्यक्रम जिले के पंचायत मुख्यालयों तथा पंचायत के अन्य ग्रामों एवं सभी नगरीय निकायों मुख्यालय एवं समस्त वार्डो में जनप्रतिनिधियों के सहयोग से कराया जायेगा। योग दिवस के कार्यक्रम के लिए भारत सरकार द्वारा योग निर्धारित प्रोटोकॉल अनुसार आयोजन होगा। इस कार्यक्रम के लिए जिले में पंतजलि योग संस्थान, श्रीरामचंद्र मिशन हार्टफुलनेस संस्थान, जन अभियान परिषद, म.प्र. योग आयोग एवं अन्य सहयोगी संस्थाओं से संबद्ध योग इन्स्ट्रक्टर/योगा वालेंटियर उपलब्ध है जिनकी सूची पृथक से आयुष विभाग द्वारा प्रदाय की जायेगी। प्रधानमंत्री मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. यादव का 21 जून के योग दिवस कार्यक्रम में उद्धबोधन का सीधा प्रसारण प्रदेश के समस्त ग्रामों एवं वार्डो में कराया जायेगा। कार्यक्रम सुबह 6 बजे से 7.45 बजे तक आयोजित किया जाएगा। जिसका प्रसारण लिंक म.प्र. जनसंपर्क विभाग द्वारा प्रदाय किया जायेगा। सभी जिलों में उपलब्ध योग प्रशिक्षक एवं वालेंटियर्स को ट्रेंनिग कराने के लिए आयुष विभाग द्वारा ट्रेनिंग मॉडयूल तैयार किया गया है जिसके माध्यम से दिनांक 19 एवं 20 जून को ऑनलाइन ट्रेनिंग की व्यवस्था की जाएगी, जिसकी लिंक आयुष विभाग द्वारा प्रेषित की जायेगी। योग दिवस कार्यक्रम के लिए जिले में योग आयोजन कराने वाली संस्थाओं का अधिकाधिक पंजीयन कराया जाना है। इस हेतु जिले में एक नोडल अधिकारी को नियुक्त किया जाये, नोडल अधिकारी योग दिवस कार्यक्रम उपरांत जानकारी एवं फोटो भारत सरकार के पोर्टल पर भेजने के लिए उत्तरदायी होगा। जिले के समस्त शासकीय सेवको को योग दिवस के नजदीकी कार्यक्रम में सहभागिता के लिए प्रेरित किया जाये। 

सोनम के बॉयफ्रेंड राज की दादी का हुआ निधन

 इंदौर/फतेहपुर  इंदौर के राजा रघुवंशी मर्डर केस से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। सोनम रघुवंशी ने अपने जिस प्रेमी राज के साथ मिलकर पति राजा की हत्‍या करवाई, उसकी दादी की सदमे से मौत हो गई। बताया जा रहा है कि दादी को हार्ट अटैक आ गया। इसके बाद घर में कोहराम मच गया। राजा का पैतृक गांव यूपी के फतेहपुर में है। उसकी दादी यहीं रहती थीं। राज की गिरफ्तारी पर उन्‍होंने कहा था कि पोता बेकसूर है। उसको फंसाया गया है। आपको बता दें कि राज कछवाहा मूलरूप से फतेहपुर जिले के रामपुर गांव का रहने वाला है। पुलिस ने उसे राजा रघुवंशी हत्याकांड मामले में गिरफ्तार किया है। 15 साल पहल राज का परिवार इंदौर में बस गया था। गांव में दादी और परिवार के अन्‍य लोग रहते हैं। राज कछवाहा के पिता तीन भाई थे। दो भाई रामपुर सुकेति गांव में अभी भी रहते हैं। 15 साल पहले राज कछवाहा के पिता स्थिति अच्छी नहीं थी। वह इंदौर चले गए थे। वहां फल की दुकान लगाने लगे। परिवार की हालत सुधरने पर करीब 10 साल पहले परिवार को बुला लिया, जिसमें राज की मां, दो बहनें और राज कछवाहा इंदौर चला गया। राज परिवार के साथ रहने लगा। गांव में दादी के साथ रहती थी राज की बड़ी बहन बड़ी बहन दादी के साथ गांव में रहती थी। कोरोना काल में पिता परिवार के साथ गांव आ गए। कोरोना काल में राज के पिता की मौत हो गई। इसके बाद राज कछवाहा परिवार के साथ फिर इंदौर चला गया। वहां राज कछवाह प्लाईवुड का काम करने लगा। सोनम के यहां पर राज प्लाईवुड का काम करता था। काम के दौरान उसकी सोनम से मुलाकात हुई।

गौ-शाला सम्मेलन :मुख्यमंत्री डॉ. यादव और पशु पालन राज्य मंत्री पटेल होंगे शामिल

प्रदेश स्तरीय गौ-शाला सम्मेलन 20 जून को प्रदेश स्तरीय गौ-शाला सम्मेलन का आयोजन 20 जून को दोपहर 12 बजे से मुख्यमंत्री निवास प्रांगण में किया जायेगा  गौ-शाला सम्मेलन :मुख्यमंत्री डॉ. यादव और पशु पालन राज्य मंत्री पटेल होंगे शामिल भोपाल  प्रदेश स्तरीय गौ-शाला सम्मेलन का आयोजन 20 जून शुक्रवार को दोपहर 12 बजे से मुख्यमंत्री निवास प्रांगण भोपाल में किया जायेगा। सम्मेलन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव तथा पशुपालन एवं डेयरी विकास राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार लखन पटेल शामिल होंगे। सम्मेलन में प्रदेश के समस्त जिलों से शासकीय एवं अशासकीय गौ-शाला संचालकों एवं प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया है। प्रमुख सचिव पशुपालन एवं डेयरी उमाकांत उमराव ने बताया कि सम्मेलन में गौ-शालाओं में गौवंश के व्यवस्थापन के लिए लगभग 50 करोड़ रूपये की राशि अंतरित की जाएगी। आचार्य विद्यासागर जीव दया गौ-सेवा सम्मान योजना के अंतर्गत चयनित गौ-शालाओं एवं संस्थाओं को गौ-सेवा पुरूस्कार प्रदान किए जायेंगे। कार्यक्रम में डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना के हितग्राहियों को हितलाभ वितरण किया जाएगा। सम्मेलन में नवीन गौ-शालाओं को पंजीयन प्रमाण पत्र तथा म.प्र.गौ-संवर्धन बोर्ड एवं दयोदय महासंघ के सहयोग से हितग्राहियों को ट्रेक्टर ट्राली वितरण भी किया जाएगा। “पशुपालन के क्षेत्र में प्रदेश के बढ़ते कदम” विषय पर एक लघु फिल्म का प्रदर्शन भी होगा।  

पुलिस महानिदेशक मकवाना ने विभागीय जांच वाले अधिकारी-कर्मचारी थानों, क्राइम ब्रांच और दफ्तरों में नहीं होंगे तैनात

भोपाल  मध्य प्रदेश के DGP कैलाश मकवाना ने आपराधिक प्रकरण और विभागीय जाँच में संलिप्त पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के विषय में बड़ा आदेश दिया है, पुलिस महानिदेशक ने आदेश दिया है कि ऐसे कोई भी अधिकारी कर्मचारी ना थानों में पदस्थ होंगे, ना क्राइम ब्रांच में और ना ही ये किसी अधिकारी के कार्यालय में पदस्थ किये जायेंगे, पुलिस मुख्यालय में ऐसे अधिकारियों और कर्मचारियों की जानकारी भेजने के निर्देश दिए हैं। मध्य प्रदेश के जिलों में पुलिस थानों पर लंबे समय से जमे आरक्षक, प्रधान आरक्षक, सहायक उप निरीक्षक और उप निरीक्षकों को हटाने के आदेश के बाद डीजीपी ने आईजी, डीआईजी, एसपी के कार्यालयों में लंबे समय से जमे कर्मचारियों को हटाने के निर्देश पिछले दिनों दिए थे और पिछले आदेशों का पालन नहीं करने पर नाराजगी जताई थी। अब डीजीपी ने आपराधिक प्रकरण और विभागीय जांच में संलिप्त अधिकारियों और कर्मचारियों के विषय में आदेश जारी किये है, विशेष महानिदेशक (प्रशासन) पुलिस मुख्यालय भोपाल आदर्श कटिमार ने डीजीपी के आदेश पर पुलिस आयुक्त (इन्दौर/भोपाल) और प्रदेश के सभी पुलिस अधीक्षकों (रेल सहित) के लिए आदेश जारी किया है। आदेश का पालन नहीं होने पर नाराजगी  ADGP आदर्श कटियार ने पत्र में लिखा कि 15 अक्टूबर 2014 को पुलिस मुख्यालय से जारी आदेश में आपराधिक प्रकरण एवं विभागीय जांच में संलिप्त पुलिस अधिकारियों कर्मचारियों की थानों में पदस्थापना के संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किये गये थे किन्तु देखने में यह आया है कि इन दिशा-निर्देशों का पालन नहीं किया जा रहा है। थानों, क्राइम ब्रांच और अधिकारियों के ऑफिस में तैनाती प्रतिबंधित   अतः पुनः निर्देशित किया जाता है कि जिन पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध आपराधिक प्रकरण विवेचना अथवा अभियोजन में लंबित है (दुर्घटना प्रकरण को छोड़कर) तथा जिन पुलिस कर्मियों के विरुद्ध भ्रष्टाचार, नैतिक अधोपतन, शारीरिक हिंसा एवं अवैध निरोध संबंधी आरोपों पर विभागीय जांच लंबित है उन्हें पुलिस थानों, काईम ब्रांच अथवा किसी अधिकारी के कार्यालय में तैनात नहीं किया जायेगा। अधिकारियों, कर्मचारियों की जानकारी मुख्यालय ने मांगी  एडीजीपी ने अधिकारियों को निर्देश दिए उनके अधीनस्थ इकाइयों में इस तरह के जो भी पुलिस अधिकारी, कर्मचारी हैं उनके बारे में आवश्यक कार्यवाही कर पालन प्रतिवेदन सहायक पुलिस महानिरीक्षक (कार्मिक) को ई-मेल aig admin2@mppolice.gov.in पर भेजें तथा भविष्य में भी इन निर्देशों का कड़ाई से पालन करें।

भोपाल के ऐशबाग का विवादित 90 डिग्री मोड़ वाले फ्लाईओवर को रिडिजाइन किया जाएगा

भोपाल  मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में बना ऐशबाग रेलवे ओवर ब्रिज (ROB) अपने उद्घाटन से पहले ही विवादों में घिर गया था, लेकिन अब ‘आजतक’ की खबर का असर दिखाई दे रहा है. इस ब्रिज के 90 डिग्री वाले खतरनाक मोड़ को लेकर उठे सवालों के बाद रेलवे ने डिजाइन में बदलाव के लिए अतिरिक्त जमीन देने की सहमति दे दी है.  इस ब्रिज की डिजाइन के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था, जिसके बाद PWD सूत्रों ने बताया कि रेलवे की ओर से जमीन उपलब्ध कराने पर ब्रिज की रेलिंग को तोड़कर 90 डिग्री वाले मोड़ को और घुमावदार बनाया जाएगा. इससे पुल की चौड़ाई तीन फीट तक बढ़ जाएगी, जिससे वाहनों को मोड़ने के लिए अतिरिक्त जगह मिलेगी. इंजीनियरों की टीम मशीनों के साथ बुधवार को ब्रिज के सेंटर पॉइंट का मेजरमेंट करने भी पहुंची.  18 करोड़ रुपये की लागत से बना यह 648 मीटर लंबा ब्रिज घनी आबादी और बेतरतीब ट्रैफिक वाले ऐशबाग क्षेत्र में बनाया गया है. इसकी डिजाइन में 90 डिग्री का तीखा मोड़ होने से हादसों की आशंका जताई जा रही थी.  तीन जांच टीमों ने दिए अहम सुझाव सरकार ने इस फ्लाईओवर की सुरक्षा जांच के लिए तीन अलग-अलग टीमें गठित की थीं, जिनकी रिपोर्ट में कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए हैं:     एनएचएआई अधिकारी आरओ एस.के. सिंह ने सुझाव दिया कि ब्रिज पर 30 किमी/घंटा से अधिक रफ्तार की अनुमति न हो, ब्रिज की दीवार ऊंची की जाए, सटीक संकेत और पर्याप्त लाइटिंग व्यवस्था हो, और फुटपाथ को तोड़कर ब्रिज में शामिल किया जाए।     एमपीआरडीसी इंजीनियर ने सुझाव दिए कि बड़े वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित किया जाए, जब तक चौड़ीकरण नहीं हो जाता, ब्रिज पर यातायात सीमित रखा जाए, तेज गति को रोकने के लिए रोड डिजाइन में परिवर्तन किया जाए, और जहां सड़कों का मिलन बिंदु है, वहां दीवार मोटी और ऊंची हो।     इसके अलावा, इस बात पर भी विचार चल रहा है कि इस ब्रिज से केवल दोपहिया वाहनों को ही गुजरने की अनुमति दी जाए। निर्माण में आईं तकनीकी चुनौतियाँ इस ब्रिज के निर्माण में कई तकनीकी चुनौतियाँ थीं। एक ओर मेट्रो लाइन, दूसरी तरफ रेलवे लाइन और तीसरी तरफ स्टेडियम स्थित है। यह ब्रिज लगभग 5 लाख की आबादी की आवाजाही का मुख्य जरिया है। वर्ष 2022 में रेलवे ने राज्य सरकार से परामर्श किए बिना फाटक बंद कर दिया था, जिससे आवागमन बुरी तरह बाधित हुआ। इस आपातकालीन परिस्थिति में ब्रिज निर्माण का निर्णय लेना आवश्यक हो गया था। अफसर ने कहा… सरकार को सौंपी गई जांच रिपोर्ट में कहा है कि 90 डिग्री मोड़ वाले फ्लाईओवर का निर्णय सामूहिक था, इसलिए किसी एक अभियंता की गलती नहीं मानी जा सकती। रेलवे ने भी निर्माण की विधिवत अनुमति दी थी। नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव लोनिवि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर यूजर मनीष चौधरी ने लिखा, “ये भोपाल का ऐशबाग रेल ओवर ब्रिज, जिसे PWD ने पूरे 10 साल में तैयार किया है, मानो कोई ‘इंजीनियरिंग चमत्कार’ हो. ऐसी संरचनाएं जनता की ज़रूरत नहीं, अधिकारियों की जेबें भरने के लिए बनाई जाती हैं. यह पुल न सिर्फ ट्रैफिक जाम का नया केंद्र बनेगा, बल्कि 90 डिग्री का ये मोड़ बड़े हादसे को न्योता देगा.”   “मौत 90 डिग्री का कोण बना कर आएगी. डेवलपमेंट का यह एंगल मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में निकल कर आया है. 18 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं.” जब इस मुद्दे पर PWD मंत्री राकेश सिंह से पत्रकारों ने सवाल किया, तो उन्होंने कहा, “पुल बनने के बाद अचानक कुछ विशेषज्ञ आते हैं और इस तरह की बात करते हैं, जबकि कोई भी पुल बनाते समय कई तकनीकी पहलुओं को देखा जाता है. अगर ये कोई आरोप है, तो इसकी जांच कराई जाएगी.” अब रेलवे और पीडब्ल्यूडी के इस कदम से ब्रिज की सुरक्षा और ट्रैफिक सुगमता में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है.  

पंडित प्रदीप मिश्रा को फिर से मांगनी पड़ी माफी! सामने आई ये बड़ी वजह

 सीहोर        कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं. महाराष्ट्र में कथा के दौरान भगवान चित्रगुप्त पर की गई उनकी टिप्पणी को लेकर कायस्थ समाज ने तीखा विरोध जताया, जिसके बाद उन्हें माफी मांगनी पड़ी. पंडित प्रदीप मिश्रा ने माफी मांगते हुए कहा, “मेरे किसी कथन से यदि किसी समाज या व्यक्ति को ठेस पहुंची हो या उनका मन दुखा हो, तो मैं क्षमा मांगता हूं.” जानकारी के अनुसार, मिश्रा ने कथा के दौरान भगवान चित्रगुप्त के बारे में कथित तौर पर ‘अभद्र भाषा’ का उपयोग किया था, जिसके बाद कई शहरों में विरोध शुरू हो गया. कई साधु-संतों और कथावाचकों ने भी उनके बयान की निंदा की थी. बयान को लेकर माफी मांगनी पड़ी प्रसिद्ध कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा को फिर अपने बयान को लेकर माफी मांगनी पड़ी है। उन्होंने महाराष्ट्र में 14 जून को प्रवचन के दौरान भगवान चित्रगुप्त को ‘मुछंदर’ कहकर अभद्र टिप्पणी की थी। उस पर पूरे देश में कायस्थ समाज भड़का हुआ था। पंडित प्रदीप मिश्रा ने पत्रकारों से कही ये बात मंगलवार को सीहोर के कुबेरेश्वर धाम में पत्रकारों से बातचीत में पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा कि महापुराण की कथा महाराष्ट्र में चल रही थी, उसमें यमराज, चित्रगुप्त महाराज और भगवान शिव की भक्ति का प्रसंग चल रहा था। उसी में वह बात निकली थी। राधा रानी मामले में भी पंडित प्रदीप मिश्रा का काफी विरोध हुआ था प्रदीप मिश्रा ने आगे कहा कि किसी के हृदय को ठेस पहुंचाना कभी शिव महापुराण नहीं जानती। फिर भी यदि किसी व्यक्ति को या समाज को मेरी वाणी से ठेस पहुंची हो तो मैं क्षमा मांगता हूं। बता दें कि इसके पहले राधा रानी मामले में भी पंडित प्रदीप मिश्रा का काफी विरोध हुआ था और तब भी माफी मांगने को मजबूर होना पड़ा था। मंगलवार को सीहोर के कुबेरेश्वर धाम में पत्रकारों से बातचीत में पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा कि महापुराण की कथा महाराष्ट्र में चल रही थी, उसमें यमराज, चित्रगुप्त महाराज और भगवान शिव की भक्ति का प्रसंग चल रहा था। उसी में वह बात निकली थी। राधा रानी मामले में भी पंडित प्रदीप मिश्रा का काफी विरोध हुआ था प्रदीप मिश्रा ने आगे कहा कि किसी के हृदय को ठेस पहुंचाना कभी शिव महापुराण नहीं जानती। फिर भी यदि किसी व्यक्ति को या समाज को मेरी वाणी से ठेस पहुंची हो तो मैं क्षमा मांगता हूं। बता दें कि इसके पहले राधा रानी मामले में भी पंडित प्रदीप मिश्रा का काफी विरोध हुआ था और तब भी माफी मांगने को मजबूर होना पड़ा था।

चम्बल के जंगल का जायजा लेने पहुंचे चीते, मादा चीता माधवी ने ताबड़तोड़ शिकार किए

मुरैना  कूनो नेशनल पार्क की बाउंड्री लांघकर चम्बल के बीहड़ में घुसी मादा चीता माधवी ने ताबड़तोड़ शिकार किए हैं. मुरैना क्षेत्र में एकसाथ 5 बकरियों को अपना निवाला बनाने के बाद चीता माधवी अपने कुनबे के साथ कूनो वापस लौट गई है. चीता माधवी के कुनबे ने यहां कई दिनों तक आतंक मचाया. चीतों के कूनो पार्क में वापस लौटने से ग्रामीण भयमुक्त हो गए है. वहीं, फॉरेस्ट विभाग द्वारा पीड़ित किसानों को बकरियों का मुआवजा देने की कार्रवाई की जा रही है. कुनबे संग मादा चीता ने लांघी कूनों की सरहद दरअसल, मादा चीता माधवी अपने 4 शावकों के साथ कूनो नेशनल पार्क की सीमा लांघकर चम्बल के बीहड़ में घुस गई थी. वह सबलगढ़ के जंगल से होते हुए रविवार सुबह पगारा डैम के आसपास दिखाई दी. ग्रामीणों ने मादा चीता को कुनबे के साथ आराम से सड़क पर विचरण करते देखा तो दहशत में आ गए. इसके बाद मादा चीता और उसके कुनबे की लोकेशन पगारा कोठी, नरहेगा और खोह का पुरा के आसपास देखी गई. कूनो राष्ट्रीय उद्यान से लगभग 50 किलोमीटर दूर खुले में चीतों के झुंड को देखकर ग्रामीण घबराए हुए थे. वहीं वन विभाग ने लोगों से अलर्ट रहने के अपील की थी. 5 बकरियों का चीता ने किया शिकार यहां पर मादा चीता ने खोह का पुरा गांव निवासी विशाल बघेल की 3 बकरियों को अपना शिकार बनाया. इसके बाद मंगलवार को अपने शावकों के साथ देवगढ़ गांव के पास बीहड़ में नजर आई. यहां पर भी चीतों ने रामअवतार गुर्जर और पूरन गुर्जर की 2 बकरियों का शिकार किया. इस मामले में एसडीओ फारेस्ट माधो सिंह ने कहा, “एक सप्ताह पहले मादा चीता माधवी अपने 4 शावकों के साथ चंबल के बीहड़ में आ गई थी. उसने पिछले 2 दिन में 5 बकरियों का शिकार किया है. आज वह अपने कुनबे के साथ कूनो की ओर पलायन कर गई है. पीड़ित किसानों को बकरियों का हर्जाना दिया जाएगा.” 

ग्वालियर में पुलिस विभाग में फिर बड़ा तबादला.. 829 पुलिसकर्मियों के बदल गये थाने, PHQ ने जारी किया आदेश

ग्वालियर  मध्य प्रदेश के ग्वालियर में बेहतर पुलिसिंग और ट्रांसपेरेंसी बनाने के लिए एसएसपी धर्मवीर सिंह यादव ने बड़ी सर्जरी की है. जिले के अलग-अलग पुलिस थानों और सर्किल में लंबे समय से तैनात 829 कर्मचारियों का तबादला किया गया है. इनमें कई पुलिसकर्मी ऐसे थे, जो 4 साल से ज्यादा समय से एक हो थाने में पदाथ थे. कुछ तो ऐसे भी मिले जो पिछले 10 वर्षों से एक ही जगह पर जमे बैठे थे. आरक्षक से एसआई तक 829 ट्रांसफर ग्वालियर एसएसपी के आदेश से जारी हुई तबादला सूची में कुल 829 पुलिसकर्मियों के नाम हैं, जो जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में पदस्थ हैं. इस सूची में 13 एसआई (सब इंस्पेक्टर), 43 एएसआई (असिटेंट सब इंस्पेक्टर), 209 प्रधान आरक्षक और 563 आरक्षकों के नाम हैं. बेहतर पुलिसिंग के लिए जरूरी थे तबादले इतने पुलिसकर्मियों का एक साथ किसी जिले में तबादला चौंकाने वाला है. हालांकि, इस पर ग्वालियर एसएसपी धर्मवीर सिंह यादव ने कहा,” यह तबादला प्रक्रिया पूरी तरह नियमों के तहत की गई है. इसका मुख्य उद्देश्य पुलिसिंग में सुधार लाना है. लंबे समय तक एक ही स्थान पर जमे रहने से न केवल कर्मियों की निष्पक्षता पर प्रश्न उठते हैं, बल्कि जनता के साथ पुलिस के व्यवहार और अपराध नियंत्रण में भी गिरावट आती है.” उन्होंने स्पष्ट किया है कि यह प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी और जो भी पुलिसकर्मी नियमों के विरुद्ध एक ही स्थान पर लंबे समय तक तैनात पाए जाएंगे. उनके विरुद्ध भी कार्रवाई की जाएगी. डीजीपी के निर्देश का किया गया पालन एसएसपी के मुताबिक “प्रदेश के डीजीपी कैलाश मकवाना ने सभी जिलों को निर्देश जारी किए थे कि पुलिस विभाग में निष्पक्षता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं. ग्वालियर जिले में इस आदेश का कड़ाई से पालन करते हुए तबादले किए गए हैं.” इतने बड़े पैमाने पर तबादलों से पुलिस महकमे में भी हलचल मच गई है, जिन पुलिसकर्मियों का ट्रांसफर हुआ है. उन्हें भी जल्द नई पोस्टिंग पर रिपोर्ट करने के आदेश दिए गए हैं. 

निर्वाचन आयोग ने नगर निगम चुनाव में 14 प्रत्याशियों को चुनाव खर्च का सही विवरण न देने पर अयोग्य घोषित किया

भोपाल  मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग ने जून 2022 में हुए भोपाल नगर निगम चुनाव में 14 प्रत्याशियों को चुनाव खर्च का सही विवरण न देने पर अयोग्य घोषित कर दिया है। इनमें से 12 प्रत्याशियों पर दो वर्ष का प्रतिबंध, जबकि 2 पर पांच वर्ष का प्रतिबंध लगाया गया है। मध्यप्रदेश नगर पालिक निगम अधिनियम की धारा 14 क के तहत, पार्षद चुनाव में भाग लेने वाले प्रत्येक प्रत्याशी को नामांकन की तारीख से चुनाव परिणाम की घोषणा तक के सभी खर्चों का विवरण 30 दिनों के भीतर दाखिल करना अनिवार्य है। आयोग ने पाया कि इन प्रत्याशियों ने कई अवसर दिए जाने के बावजूद चुनाव खर्च का ब्यौरा उपलब्ध नहीं कराया। भोपाल के उप जिला निर्वाचन अधिकारी मध्यप्रदेश दीपक पांडेय ने कहा कि राज्य निर्वाचन आयोग ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया है। (   वार्ड संख्या प्रत्याशी का नाम प्रतिबंध     राधिका धीरेन्द्र सिंह 2 वर्ष (वार्ड नं- 1)     महेंद्र वानखेड़े 2 वर्ष (वार्ड नं- 1)     वैशाली गोस्वामी 2 वर्ष (वार्ड नं- 3)     माधु चांदवानी 2 वर्ष (वार्ड नं- 4)     किशोर साधवानी 2 वर्ष(वार्ड नं- 4)     अब्दुल हलीम 2 वर्ष (वार्ड नं- 22)     शराफत उल्ला खां 2 वर्ष (वार्ड नं- 22)     शजर उल्ला 5 वर्ष (वार्ड नं- 24)     सतीश विश्वकर्मा 2 वर्ष (वार्ड नं- 36)     अशरफ खान 5 वर्ष (वार्ड नं- 39)     ज्योति खर 2 वर्ष (वार्ड नं- 45)     मंजू विश्वकर्मा 2 वर्ष (वार्ड नं- 80)     लता अहिरवार 2 वर्ष (वार्ड नं- 81)     सुभाष काटे 2 वर्ष (वार्ड नं- 83)

सोशल मीडिया पर विवादित टिप्पणी करने वाली महिला प्रोफेसर को हाईकोर्ट ने दी जमानत …

जबलपुर  एमपी हाईकोर्ट ने एक मुस्लिम महिला प्रोफेसर को जमानत दे दी है। प्रोफेसर पर सोशल मीडिया में धार्मिक भावनाओं को भड़काने वाली टिप्पणी करने का आरोप है। जस्टिस ए के सिंह की एकलपीठ ने कहा कि आरोपी को अनिश्चितकाल तक जेल में नहीं रखा जा सकता। कोर्ट ने महिला प्रोफेसर को कुछ शर्तों के साथ जमानत दी है। प्रोफेसर ने व्हाट्सअप ग्रुप में एक विवादित वीडियो और मैसेज पोस्ट किया था। माता सीता को लेकर की थी टिप्पणी डिंडौरी में अतिथि प्रोफेसर के तौर पर काम करने वाली डॉ. नसीम बानो ने यह पोस्ट किया था। उन्होंने सीता माता के अपहरण का एक कार्टून वीडियो व्हाट्सअप ग्रुप में डाला था। इसके साथ ही, उन्होंने पहलगाम में हुए आतंकी हमले का जिक्र भी किया था। उन्होंने लिखा था कि आतंकवादियों द्वारा धर्म पूछकर गोली मारना और जय श्री राम के नारे लगाकर मारना, दोनों में कोई अंतर नहीं है। इन धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा डिंडौरी कोतवाली पुलिस ने डॉ. नसीम बानो के खिलाफ B.N.S., 2023 की धारा 196, 299 और 353(2) के तहत मामला दर्ज किया था। पुलिस ने उन पर धार्मिक भावनाओं को भड़काने और सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने का आरोप लगाया था। 28 अप्रैल से जेल में थी प्रोफेसर हाईकोर्ट में जस्टिस ए के सिंह की एकलपीठ ने इस मामले की सुनवाई की। कोर्ट ने पाया कि महिला प्रोफेसर 28 अप्रैल 2025 से जेल में हैं। ट्रायल कोर्ट ने 30 अप्रैल 2025 को उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी। कोर्ट को यह भी पता चला कि उनके खिलाफ कोई और आपराधिक मामला दर्ज नहीं है। कोर्ट ने कहा कि एक शिक्षित व्यक्ति और कॉलेज में प्रोफेसर होने के नाते, डॉ. बानो को व्हाट्सअप पर मैसेज भेजने में ज्यादा सावधानी बरतनी चाहिए थी। हालांकि, कोर्ट ने यह भी कहा कि सिर्फ धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले मैसेज या वीडियो भेजने के आधार पर किसी को अनिश्चितकाल तक जेल में नहीं रखा जा सकता। कोर्ट ने दी सशर्त जमानत कोर्ट ने डॉ. नसीम बानो को सशर्त जमानत दी है। इसका मतलब है कि उन्हें कुछ शर्तों का पालन करना होगा। अगर वे इन शर्तों का पालन नहीं करती हैं, तो उनकी जमानत रद्द भी हो सकती है। कोर्ट ने यह भी कहा कि इस मामले की जांच जारी रहेगी और ट्रायल कोर्ट अपना काम करेगी।

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा सिकल सेल एक आनुवांशिक एवं असाध्य रक्त विकार है, जो पीढ़ी दर पीढ़ी स्थानांतरित होता है

सिकल सेल रोग उन्मूलन के राष्ट्रीय संकल्प को मध्यप्रदेश कर रहा साकार : उप मुख्यमंत्री शुक्ल विश्व सिकल सेल दिवस 19 जून को 33 जिलों में लगेंगे विशेष शिविर, राज्य स्तरीय समारोह बड़वानी में  उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा सिकल सेल एक आनुवांशिक एवं असाध्य रक्त विकार है, जो पीढ़ी दर पीढ़ी स्थानांतरित होता है भोपाल  उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष-2047 तक देश को सिकल सेल मुक्त बनाने के लक्ष्य को लेकर सब एकजुट होकर कार्य कर रहे हैं। सिकल सेल रोग के उन्मूलन के राष्ट्रीय संकल्प को मध्यप्रदेश दृढ़ता से साकार कर रहा है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि सिकल सेल एक आनुवांशिक एवं असाध्य रक्त विकार है, जो पीढ़ी दर पीढ़ी स्थानांतरित होता है। इसमें लाल रक्त कणिकाएँ अर्द्धचंद्राकार हो जाती हैं, जिससे ऑक्सीजन प्रवाह बाधित होता है और व्यक्ति को तीव्र दर्द, संक्रमण व अंग क्षति जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। यह रोग विशेषत: जनजातीय समुदायों में अधिक पाया जाता है और मध्यप्रदेश जैसे जनजातीय बाहुल्य राज्य के लिए एक बड़ी स्वास्थ्य चुनौती है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि विश्व सिकल सेल दिवस के अवसर पर 19 जून को बड़वानी में राज्य स्तरीय समारोह का आयोजन होगा। कार्यक्रम में राज्यपाल मंगुभाई पटेल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शामिल होंगे। इस अवसर पर प्रदेश के प्रभावित 33 जिलों में परामर्श, स्क्रीनिंग, रोग प्रबंधन और निःशुल्क उपचार के लिये विशेष शिविर लगाये जायेंगे। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया है कि सब मिलकर यह संकल्प लें कि वर्ष 2047 तक मध्यप्रदेश को सिकल सेल मुक्त बनाएंगे। हर नागरिक की स्क्रीनिंग कराएं, विवाह पूर्व सिकल सेल कार्ड को अनिवार्य रूप से अपनाएं और समाज में संकोच नहीं, समाधान का संदेश फैलाएं। एक करोड़ 6 लाख नागरिकों की स्क्रीनिंग उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि राज्य सरकार ने सिकल सेल उन्मूलन को स्वास्थ्य न्याय का विषय मानते हुए इसे मिशन मोड में अपनाया है। उन्होंने कहा कि यह गर्व का विषय है कि मध्यप्रदेश आज सिकल सेल स्क्रीनिंग में देश में प्रथम स्थान पर है। अब तक 1 करोड़ 6 लाख से अधिक नागरिकों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है। 2 लाख से अधिक सिकल सेल वाहक एवं 29,277 रोगी चिन्हित हुए हैं। 80 लाख 9 हज़ार से अधिक सिकल सेल कार्ड वितरित किए जा चुके हैं। 26,115 मरीजों को हाइड्रॉक्सी यूरिया दवा से उपचार उपलब्ध कराया गया है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि सभी चिन्हित रोगियों को निःशुल्क दवा, टीकाकरण, रक्ताधान और जेनेटिक परामर्श उपलब्ध कराया जा रहा है। एम्स भोपाल में नवजातों की 72 घंटे में जांच हेतु विशेष प्रयोगशाला कार्यरत है। इंदौर मेडिकल कॉलेज में 100 से अधिक बोनमेरो ट्रांसप्लांट सफलतापूर्वक किए गए हैं। रीवा में “सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर प्रीनेटल डायग्नोसिस ऑफ हीमोग्लोबिनोपैथीज़” प्रभावी रूप से कार्यशील है। जनजातीय स्कूलों, छात्रावासों और महाविद्यालयों में नियमित रूप से स्क्रीनिंग शिविरों का आयोजन किया जा रहा है ताकि रोग की पहचान प्रारंभिक स्तर पर हो सके और प्रभावी उपचार सुनिश्चित किया जा सके। कुंडली मिले या न मिले, शादी से पहले सिकल सेल कार्ड जरूर मिलाएं उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने नागरिकों से आग्रह किया है कि “कुंडली मिले या न मिले, शादी से पहले सिकल सेल कार्ड जरूर मिलाएं।” उन्होंने कहा कि यदि दोनों युवा सिकल सेल वाहक होते हैं तो उनके बच्चों में गंभीर सिकल सेल रोग होने की आशंका बहुत अधिक होती है इसलिये विवाह से पहले सिकल सेल जांच कराना केवल व्यक्तिगत ही नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ी के स्वास्थ्य की रक्षा का एक सामाजिक उत्तरदायित्व भी है।  

मध्य प्रदेश में बदला रहेगा मौसम, 5 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

भोपाल मध्य प्रदेश में आंधी बारिश का दौर जारी है। प्रदेश के 5 जिलों में बुधवार को भारी बारिश का अलर्ट है। भारी बारिश के अलर्ट वाले जिलों में धार, झाबुआ, रतलाम, नीमच और मंदसौर शामिल हैं। मौसम विभाग ने कहा है कि आज भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर समेत पूरे प्रदेश में बारिश, तेज आंधी और गरज-चमक वाला मौसम रहेगा। अलग-अलग स्थानों पर बनी चार मौसम प्रणालियों के असर से मानसून के आगे बढ़ने का सिलसिला बना हुआ है।  अब तक प्रदेश के इंदौर समेत 19 जिलों में मानसून की एंट्री हो गई है। वहीं, अगले 24 घंटे के अंदर भोपाल, उज्जैन-जबलपुर में भी मानसून पहुंच सकता है।  4 सिस्टम सक्रिय, तूफान और बारिश का कॉम्बो भोपाल की वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन के मुताबिक, ” वर्तमान में बारिश और आंधी के 4 सिस्टम सक्रिय हैं. पड़ोसी राज्य गुजरात में निम्न दबाव का क्षेत्र और एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन एक्टिव है. इसके साथ ही पश्चिमी विक्षोभ और ट्रफ लाइन की एक्टिविटी भी देखने को मिल रही है. यही वजह है कि अगले 24 घंटे से पूरे प्रदेश में मौसम बदल जाएगा. इस दौरान मध्य प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश हो सकती है.” आज इन जिलों में बारिश का अलर्ट मौसम विभाग के मुताबिक आज बुधवार को इंदौर उज्जैन संभाग, खासतौर पर रतलाम, नीमच, धार, झाबुआ और मंदसौर में भारी बारिश हो सकती है. इसके साथ ही मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के साथ-साथ जबलपुर, ग्वालियर समेत कई जिलों में तेज आंधी और गरज-चमक का अलर्ट है. वहीं नरसिंहपुर, जबलपुर और कटनी में तूफानी हवाओं के साथ बारिश हो सकती है. प्रदेश के ज्यादातर जिलों में 40 से 60 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, इसे लेकर मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. बता दें कि मध्यप्रदेश के इंदौर समेत 20 जिलों में मॉनसून ने दस्तक दे दी है. प्रदेश के 19 जिलों में पहुंचा मानसून  इंदौर समेत प्रदेश के 19 जिलों में मंगलवार तक मानसून पहुंच गया। इस दौरान प्रदेश में आंधी-बारिश का दौर भी जारी रहा। मंगलवार को सिंगरौली में आकाशीय बिजली गिरने से दो बच्चियों की मौत हो गई। वहीं, भोपाल, राजगढ़, धार, रतलाम, छिंदवाड़ा, जबलपुर, मंडला, सतना, टीकमगढ़ समेत कई जिलों में बारिश दर्ज की गई। बारिश की वजह से दिन के तापमान में भी गिरावट हुई है। शिवपुरी में ही पारा सबसे ज्यादा 40 डिग्री रहा। वहीं, सबसे कम तापमान इकलौते हिल स्टेशन पचमढ़ी में 28.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। 5 बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में 34.4 डिग्री, इंदौर में 32.2 डिग्री, ग्वालियर में 38.5 डिग्री, उज्जैन में 33 डिग्री और जबलपुर में पारा 34.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। प्रदेश में आंधी-बारिश के 4 सिस्टम एक्टिव मौसम विभाग की सीनियर वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि वर्तमान में आंधी और बारिश के 4 सिस्टम एक्टिव है। गुजरात क्षेत्र और पड़ोसी हिस्से में लो प्रेशर एरिया (कम दवाब क्षेत्र) और एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम सक्रिय है। वहीं, वेस्टर्न डिस्टरबेंस और टर्फ की एक्टिविटी भी देखने को मिल रही है। इस वजह से अगले चार दिन तक पूरे प्रदेश में मौसम बदला रहेगा। कुछ जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है। यानी, 24 घंटे में सवा 4 इंच पानी गिर सकता है। एमपी में एक दिन लेट पहुंचा मानसून इस बार देश में मानसून 8 दिन पहले ही आ गया था। वहीं, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में यह तय समय से पहले पहुंच गया। ऐसे में अनुमान था कि मध्यप्रदेश में यह जून के पहले सप्ताह में ही आ जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। पिछले 15 दिन से मानसून महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ में एक ही जगह पर ठहरा रहा। इस वजह से एमपी में इसकी एंट्री नहीं हो पाई। 13-14 जून को मानसून आगे बढ़ा। बावजूद यह प्रदेश में 1 दिन लेट हो गया। बता दें कि एमपी में मानसून के प्रवेश की सामान्य तारीख 15 जून ही है। पिछले साल यह 21 जून को एंटर हुआ था।इस बार एक दिन लेट पहुंचा मानसून इस बार देश में मानसून 8 दिन पहले ही आ गया था। महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में यह तय समय से पहले पहुंच गया था। ऐसे में अनुमान था कि मध्यप्रदेश में यह जून के पहले सप्ताह में ही आ जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। पिछले 15 दिन से मानसून महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ में एक ही जगह पर ठहरा रहा। इस वजह से एमपी में इसकी एंट्री नहीं हो पाई। 13-14 जून को मानसून आगे बढ़ा। यह प्रदेश में 1 दिन लेट हो गया। बता दें कि एमपी में मानसून के प्रवेश की सामान्य तारीख 15 जून ही है। पिछले साल यह 21 जून को एंटर हुआ था। सिंगरौली में बिजली गिरने से 2 बच्चियों की मौत इससे पहले मंगलवार को प्रदेश में आंधी-बारिश का दौर जारी रहा। सिंगरौली में आकाशीय बिजली गिरने से दो बच्चियों की मौत हो गई। वहीं, भोपाल, राजगढ़, धार, रतलाम, छिंदवाड़ा, जबलपुर, मंडला, सतना, टीकमगढ़ समेत कई जिलों में बारिश दर्ज की गई। बारिश की वजह से दिन के तापमान में भी गिरावट हुई है। शिवपुरी में पारा सबसे ज्यादा 40 डिग्री रहा। वहीं, सबसे कम तापमान इकलौते हिल स्टेशन पचमढ़ी में 28.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। 5 बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में 34.4 डिग्री, इंदौर में 32.2 डिग्री, ग्वालियर में 38.5 डिग्री, उज्जैन में 33 डिग्री और जबलपुर में पारा 34.5 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। अभी आंधी-बारिश के 4 सिस्टम एक्टिव सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि फिलहाल आंधी और बारिश के 4 सिस्टम एक्टिव हैं। गुजरात क्षेत्र और पड़ोसी हिस्से में लो प्रेशर एरिया (कम दवाब क्षेत्र) और एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम सक्रिय है। वेस्टर्न डिस्टरबेंस और टर्फ की एक्टिविटी भी देखने को मिल रही है। इस वजह से अगले चार दिन तक पूरे मध्यप्रदेश में मौसम बदला रहेगा। कुछ जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है। 24 घंटे में सवा 4 इंच पानी गिर सकता है। भीषण गर्मी से मिलने लगी राहत प्रदेश के कई जिलों में हल्की बारिश व तेज हवाओं से दिन के तापमान में गिरावट दर्ज की गई है. इससे भीषण गर्मी से राहत जरूर मिली है लेकिन जब … Read more

गुना कलेक्टर की संवेदनशीलता और मानवीयता ने लोगों का ध्यान खींचा, मिली सरहाना

गुना  मध्य प्रदेश के गुना में कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वह एक दिव्यांग को व्हीलचेयर पर सहारा देते नजर आ रहे हैं. इस मानवीय संवेदना से भरे कृत्य ने लोगों का दिल जीत लिया है.  एक हादसे में अपने पैर गंवा चुके दिव्यांग हरवीर रजक अपनी पत्नी के साथ जनसुनवाई में कलेक्टर कन्याल के पास पहुंचे थे. उन्होंने व्हीलचेयर और पेंशन की गुहार लगाई. कलेक्टर ने तत्काल कार्रवाई करते हुए हरवीर को नई व्हीलचेयर, 10 हजार रुपए की आर्थिक सहायता और प्रतिमाह 600 रुपये की दिव्यांग पेंशन स्वीकृत कराई. पेंशन को जनपद पंचायत गुना के मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा पेंशन पोर्टल के माध्यम से प्रभावी किया गया. कलेक्टर कन्याल ने सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के प्रभारी उपसंचालक अब्दुल गफ्फार को त्वरित निर्देश दिए. इतना ही नहीं, वह इतने भावुक हुए कि खुद हरवीर को व्हीलचेयर पर बैठाकर जनसुनवाई कक्ष से बाहर तक छोड़ने आए. व्हीलचेयर, आर्थिक सहायता और पेंशन मिलने के बाद हरवीर की खुशी का ठिकाना नहीं रहा. उन्होंने हाथ जोड़कर कलेक्टर को धन्यवाद दिया. हरवीर रजक ने बताया कि हादसे के बाद उनकी जिंदगी मुश्किल हो गई थी, लेकिन कलेक्टर की मदद ने उन्हें नया सहारा दिया. वहीं, कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल ने कहा, “हरवीर ने आवेदन दिया था कि हादसे में उनके पैर खराब हो गए हैं. शासकीय योजनाओं के तहत उन्हें मदद दी गई है. जरूरतमंद की सेवा करना हमारा कर्तव्य है.” यह घटना इसलिए चर्चा में आई, क्योंकि शाजापुर कलेक्टर रहते हुए आईएएस अफसर किशोर कन्याल ने एक ट्रक ड्राइवर से बहस के दौरान कह दिया था कि ”तुम्हारी औकात क्या है?” इस पूरे वाकए का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ था. लेकिन इस बार उनकी संवेदनशीलता और मानवीयता ने लोगों का ध्यान खींचा है.   

छतरपुर में 2 लड़कियों ने की समलैंगिक शादी, हलफनामा दे परिवार से तोड़ा नाता

छतरपुर  जिले में एक बार फिर दो युवतियों के समलैंगिक विवाह का मामला सामने आया है। एक 21 साल की लड़की ने 24 साल की लड़की से ही शादी कर ली है। इस शादी की चर्चा खूब हो रही है। शपथ पत्र सामने आया तो मामले का खुलासा हुआ। दरअसल, नौगांव तहसील के ग्राम मऊसहांनिया की दो युवतियों ने आपसी सहमति से विवाह कर लिया है। उन्होंने शपथ-पत्र के जरिए अपने परिजनों को इसकी जानकारी दी। इस शादी को लेकर प्रशासन पूरी तरह मौन है। वहीं गांव के समाज में इसको लेकर हलचल तेज हो गई है। मऊसहानियां की 21 वर्षीय क्रांति ने शपथ-पत्र देकर स्वयं को बालिग बताते हुए अपनी मर्जी से एक युवती से विवाह करने की बात कबूल की है। उसने कहा है कि उसने बीते वर्ष 9 दिसंबर 2023 को ग्राम मऊसहानियां की ही निवासी 24 वर्षीय गायत्री रैकवार से प्रेम करते हुए समलैंगिक विवाह किया है। शपथ-पत्र में बताया खुद को बालिग क्रांति ने 17 जून 2025 को तहसील कार्यालय में शपथ-पत्र प्रस्तुत कर स्पष्ट किया कि वह अब पूरी तरह से बालिग है और अपने मन से यह निर्णय लिया है। उसने शपथ-पत्र में यह भी उल्लेख किया कि वह अपनी जीवनसाथी के साथ रह रही है। और अब अपने माता-पिता व परिवार के किसी भी सदस्य से कोई संबंध नहीं रखना चाहती। उसने कहा कि वह अपनी मर्जी से जीना चाहती है। भविष्य में परिवार या रिश्तेदारों में से कोई भी व्यक्ति उसे परेशान करता है या किसी भी प्रकार की शिकायत करता है, तो उसके लिए वह स्वयं जिम्मेदार होगी। युवती बोलीं- अब परिवार से कोई संबंध नहीं 21 वर्षीय युवती ने शपथपत्र में कहा कि मैं बालिग हूं, शिक्षित हूं और मानसिक रूप से सक्षम हूं। यह रिश्ता मेरी मर्जी से है। मैंने परिवार को नहीं बताया और अब कोई संबंध नहीं रखती। अगर कोई विवाद हुआ तो उसकी जिम्मेदारी मेरी होगी। परिवार के लोग इस रिश्ते को स्वीकार नहीं कर रहे, इसलिए हमने सुरक्षा के लिए कानूनी रास्ता चुना है। दो साल पहले की थी मंदिर में शादी दूसरी युवती ने बताया कि वह 12वीं पास है और दो साल पहले 9 दिसंबर 2023 को दोनों ने मंदिर के पास विवाह किया था। तब से अपने-अपने घर में रह रही थी। उन्होंने कहा कि हम दोनों बालिग हैं। परिवार साथ नहीं रहने दे रहा, इसलिए कोर्ट में शपथपत्र देकर शादी की है। अब साथ रहेंगे। टीआई बोले- अब तक कोई शिकायत नहीं आई नौगांव थाना प्रभारी सटीक सिंह ने बताया कि दोनों युवतियां सुरक्षा के लिए आई थीं। एक दिन पहले उनके माता-पिता गुमशुदगी की रिपोर्ट देने आए थे। लेकिन अब तक थाने में इस मामले को लेकर कोई शिकायत नहीं आई है। परिवार से कोई मतलब नहीं शपथ-पत्र के अनुसार, क्रांति ने समाज के किसी भी दबाव को नकारते हुए अपनी मर्जी से जीवनसाथी चुना है और अब वह अपने जीवन का निर्णय स्वयं लेने को स्वतंत्र है। बता दें कि इस तरह का यह कोई पहला मामला नहीं है। इसके पहले भी नौगांव क्षेत्र के दौरिया गांव की युवती ने लड़कर असम की रहने वाली युवती से समलैंगिक विवाह किया है। बीते दो महीने के अंतराल में ही दो समलैंगिक विवाह होने से समाज और प्रशासन में हलचल बनी हुई है।  

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