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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सुरेश तांतेड़ के निधन पर दुख व्यक्त किया

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कला और संस्कृति क्षेत्र में दीर्घ अवधि से सक्रिय श्री सुरेश तांतेड़ के निधन पर दुख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि श्री तांतेड़ ने अपने जीवन में विभिन्न संस्थाओं के माध्यम से हजारों कला धर्मियों को प्रोत्साहित और सम्मानित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाबा महाकाल से स्व. तांतेड़ की आत्मा की शांति और उनके परिजन को यह दुख सहन करने की सामर्थ्य देने की प्रार्थना की है।  

प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल के 11 गौरवशाली वर्ष भारत के पुनर्जागरण की गौरव गाथा : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 11 गौरवशाली वर्ष पूर्ण होने की यह अवधि केवल शासन के वर्षों की गणना नहीं, बल्कि भारत के पुनर्जागरण, नव निर्माण और वैश्विक प्रतिष्ठा का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि इससे पहले भारत में नेतृत्व का संकट, नीतिगत जड़ता और व्यापक निराशा का वातावरण था। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने देश को उस अंधकार से बाहर निकालकर एक उज्ज्वल, आत्मविश्वासी और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में अग्रसर किया है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने ‘गरीब, युवा, नारी और अन्नदाता’ को विकास की मुख्य धारा में शामिल करते हुए, जन-कल्याण की योजनाओं को तीव्रता से धरातल पर उतारा है। प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत, जनधन योजना, हर घर बिजली योजना, उज्ज्वला योजना, स्वच्छ भारत मिशन जैसे क्रांतिकारी प्रयासों ने सामाजिक संरचना को सशक्त और समावेशी बनाया है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि देश में अब तक 58 करोड़ से अधिक आयुष्मान कार्ड जारी किए जा चुके हैं। देश में 70 वर्ष से अधिक आयु के लगभग 7 करोड़ वरिष्ठ नागरिकों को मुफ्त इलाज की सुविधा सुनिश्चित की गई है। करोड़ों परिवारों को पक्के आवास उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे उनका जीवन गरिमा और सुरक्षा से भर गया है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि यह प्रधानमंत्री श्री मोदी का ही साहसिक नेतृत्व था, जिसने वर्षों से लंबित ऐतिहासिक और संवेदनशील मुद्दों को निर्णायक रूप से सुलझाया—चाहे धारा 370 का हो, अयोध्या में श्रीराम मंदिर का निर्माण, तीन तलाक जैसी कुप्रथाओं का अंत हो या संसद में महिला आरक्षण विधेयक का पारित होना। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने “विकसित भारत – 2047” का जो विज़न प्रस्तुत किया है, वह भारत को आने वाले वर्षों में जर्मनी, जापान को पीछे छोड़ते हुए तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। आज भारत चौथे स्थान पर है, और आगे बढ़ने का आत्मविश्वास उसके नेतृत्व में स्पष्ट दिखाई देता है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ की भावना को चरितार्थ करते हुए प्रधानमंत्री श्री मोदी ने भारत को वैश्विक मंचों पर सशक्त आवाज दी है। जी-20 की अध्यक्षता से लेकर वैश्विक दक्षिण (ग्लोबल साउथ) की चिंता तक, उन्होंने भारत को केवल एक राष्ट्र नहीं, बल्कि विश्व कल्याण का मार्गदर्शक बनाया है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि यह 11 वर्ष केवल “शासन के वर्ष” नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की गौरवगाथा है, जिसमें हर भारतीय को गर्व है कि उसे श्री नरेन्द्र मोदी जैसा मजबूत, संवेदनशील और दूरदर्शी नेतृत्व मिला।   

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया संदर्भ पुस्तक का विमोचन

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंत्रालय में “विश्व गुरु की ओर बढ़ते कदम.. मोदीज भारत @2047” संदर्भ पुस्तक का विमोचन किया। विमोचन के अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा, नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री श्री तुलसी सिलावट सहित पुस्तक के संकलन कर्ता श्री ऊनमीत सिंह नारंग उपस्थित थे।  

होम्योपैथी स्वास्थ्य कल्याण केंद्र में अब भर्ती होने की सुविधा रहेगी

भोपाल  शासकीय होम्योपैथिक चिकित्सा महाविद्यालय एवं चिकित्सालय, आयुष परिसर मैनिट हिल्स भोपाल में स्थित “होम्योपैथी स्वास्थ्य कल्याण केंद्र” में महिलाओं में होने वाले मोटापे रोग का विशेष उपचार उपलब्ध है। होम्योपैथी वैलनेस सेंटर के लाभार्थियों को अब भर्ती होने की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी। साथ ही जोड़ों में दर्द, मोटापा एवं पॉलीसिस्टिक ओवेरियन सिंड्रोम के उपचार के लिए विशेषज्ञ उपलब्ध रहेंगे। स्वास्थ्य कल्याण केंद्र इकाई केंद्रीय आयुष मंत्रालय के सहयोग एवं योग प्राकृतिक चिकित्सा अनुसंधान परिषद के साथ मिलकर स्थापित की गई है। होम्योपैथी स्वास्थ्य कल्याण केंद्र की नोडल अधिकारी डॉ. जूही गुप्ता ने बताया कि वर्तमान परिदृश्य में महिलाओं में हार्मोन्स के बदलाव के कारण जीवन के विभिन्न पड़ावों में मोटापे की समस्या, व्यापक एवं उग्र रूप धारण कर रही है। विशेषत: कामकाजी महिलाओं में यह समस्या नित नए रूप लेती जा रही है और साथ में जोड़ों में दर्द, कार्य करने की अनिच्छा, घबराहट जैसे कई अन्य लक्षण भी उत्पन्न कर रही है। भविष्य में यह समस्या शरीर में गंभीर असंतुलन और बड़ी बीमारियों को जन्म देने का कारक बनती है। केंद्रीय मंत्रालय के निर्देशानुसार होम्योपैथी विधा एवं प्राकृतिक चिकित्सा के माध्यम से मोटापे की समस्या के संपूर्ण निदान के लिए उक्त स्वास्थ्य केंद्र में उपचार की विशेषज्ञ सुविधा उपलब्ध है। दवाओं के अतिरिक्त दिनचर्या, आहार, प्रत्याहार मालिश, हाइड्रोथेरेपी, वाष्प स्नान के माध्यम से उक्त विशेष उपचार कार्यक्रम को स्वरूप दिया गया है। उपचार की अवधि व्यक्ति विशेष की आवश्यकताओं एवं शारीरिक स्थिति के अनुसार निर्धारित की जाती है। उन्होंने बताया कि प्रत्येक व्यक्ति की दवा एवं थेरेपी विशेष रूप से स्क्रिप्ट की जाएगी एवं योग के माध्यम से इन परिणामों को और प्रभावी बनाया जाएगा। वर्तमान में होम्योपैथी स्वास्थ्य कल्याण केंद्र में प्रातः 8 बजे से रात्रि 8 बजे तक समस्त सुविधाएं एवं सेवाएं उपलब्ध हैं। मोटापे के विशेष उपचार के लिए प्रातः 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक विशेषज्ञ डॉ. प्रिया कुलदीप एवं दोपहर 2 बजे से रात्रि 8 बजे तक विशेषज्ञ डॉ. ज्योति जाट की सेवाएं उपलब्ध रहेगी। विशेष उपचार कार्यक्रम का लाभ उठाने के लिए मोबाइल क्रमांक 9202663862 पर संपर्क किया जा सकता है। “प्रथम आओ-प्रथम पाओ” के आधार पर उपचार के लिए प्रतिदिन अधिकतम 12 अपॉइंटमेंट दिए जाते हैं। होम्योपैथी वैलनेस सेंटर में भर्ती होने के लिए 9202663862 एवं 0755-2992972 नंबर उपलब्ध रहेंगे, इन नंबरों पर शासकीय कार्य दिवसों में ही संपर्क किया जा सकता है। नोडल अधिकारी डॉ. जूही गुप्ता ने बताया कि महिलाओं को विशेषज्ञ की देखरेख में विशिष्ट स्वास्थ्य लाभ प्रदान करने का यह अभिनव प्रयास है। महाविद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. एस.के. मिश्रा ने बताया कि इस सेवा के माध्यम से विशेष रूप से महिलाओं को लाभान्वित किया जाएगा।  

सिलाई कला मंडल को गुड गवर्नेंस मॉडल के रूप में करें विकसित

भोपाल मध्यप्रदेश राज्य सिलाई कला मंडल के संचालक मंडल की बैठक मंगलवार को भोपाल के शिवाजी नगर स्थित पालिका भवन में आयुक्त नगरीय प्रशासन एवं विकास श्री संकेत भोंडवे की अध्यक्षता में हुई। बैठक में सिलाई कला मंडल के अध्यक्ष श्री मनोहर लाल महेश्वरी, सदस्य श्री सुरेश माहेश्वरी, श्री मांगीलाल सोलंकी सहित नगरीय निकायों से आए हुए सिलाई व्यवसाय से जुड़े हितग्राही मौजूद थे। बैठक में आयुक्त, नगरीय प्रशासन एवं विकास श्री भोंडवे ने निर्देश दिए कि सिलाई कला मंडल को “गुड गवर्नेंस मॉडल” के रूप में विकसित करने के लिये एक पंचवर्षीय कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि समाज के सभी वर्गों को मंडल से शत-प्रतिशत जोड़ने एवं इससे जुड़ी समस्त जानकारी को पोर्टल पर प्रदर्शित किया जाये। उन्होंने कहा कि नगरीय निकाय स्तर पर शिक्षित युवाओं की कौशल वृद्धि के लिए सिलाई एवं अन्य व्यवसायों से संबंधित तकनीकी प्रशिक्षण, डिप्लोमा एवं सर्टिफिकेट कोर्स प्रारंभ किये जायें। उन्होंने कहा कि सिलाई व्यवसाय से जुड़ी जानकारी देने के लिये संभाग स्तर पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया जाये। बैठक में सचिव सचिव श्री बी.डी. भुमरकर ने सिलाई कला मंडल की गतिविधियों की जानकारी दी। सिलाई कला मंडल के अध्यक्ष श्री माहेश्वरी ने आयुक्त नगरीय प्रशासन एवं विकास को स्मृति चिन्ह भेंट किया।  

अपर मुख्य सचिव राजन ने दो दिवसीय इन्क्यूबेटर कार्यशाला का किया शुभारम्भ

भोपाल  उच्च शिक्षा विभाग एवं एम.पी. स्टार्टअप सेंटर के संयुक्त तत्वावधान में, भोपाल स्थित आर.सी.वी.पी. नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी में दो दिवसीय इन्क्यूबेटर कार्यशाला का अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा श्री अनुपम राजन ने दीप प्रज्वलन कर शुभारम्भ किया। अपर मुख्य सचिव श्री राजन ने स्टार्ट अप के बारे में व्यापक रूप से जागरूकता लाने के लिए एवं प्राध्यापको द्वारा और अधिक रूचि लेने के लिए कहा। श्री राजन ने प्रदेश में अटल इन्क्यूबेशन सेंटर के माध्यम से स्टार्टअप के लिए विद्यार्थियों को प्रेरित करने का सन्देश भी दिया। आयुक्त उच्च शिक्षा श्री निशांत बरबड़े ने इन्क्यूबेशन सेंटर्स की भूमिका एवं उनके महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। एम.पी. स्टार्टअप सेंटर की कार्यकारी निदेशक डॉ. आभा ऋषि ने प्रतिभागियों को इन्क्यूबेशन की प्रक्रिया, उसकी उपयोगिता एवं शैक्षणिक संस्थानों में इसके समावेश के बारे में जानकारी दी। कार्यशाला में विषय विशेषज्ञों द्वारा विभिन्न सत्रों का संचालन किया गया, इसमें आरएनटीयू, भोपाल के सीईओ श्री रोनाल्ड फर्नांडिज, डॉ. मोनी थॉमस, डायरेक्टर जेएनकेवीवी, जबलपुर एवं सीए अनिरुद्ध प्रताप सिंह कंसलटेंट, एलएनसीटी भोपाल ने भी विचार साझा किये। कार्यशाला में प्रदेश के12 निजी विश्वविद्यालयों, 16 शासकीय विश्वविद्यालयों, 18 स्वायत्त महाविद्यालयों एवं 1 संबद्ध महाविद्यालय में स्थापित इन्क्यूबेशन सेंटर के नोडल अधिकारी एवं कार्यकारी समिति के एक सदस्य ने सहभागिता की। इसके बादआरएनटीयू, भोपाल के अटल इनक्यूबेशन सेंटर (एआईसी) में फील्ड विजिट किया गया, इसमें आरएनटीयू, भोपाल के एआईसी में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे युवाओं ने प्रेरक अनुभव साझा किये।  

प्रदेश के बाहर से आयातित तुअर पर मंडी फीस से पूर्णतः छूट दिए जाने का निर्णय

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंगलवार को मंत्रालय में सम्पन्न हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा मुख्यमंत्री मजरा-टोला सड़क योजना अंतर्गत प्रदेश के सुदूर बसाहटों मजरा/टोला/धोनी/पुरा इत्यादि को बारहमासी सम्पर्कता प्रदान करने 21 हजार 630 करोड़ रूपये की सैद्धांतिक स्वीकृति दी गई। स्वीकृति अनुसार योजना का क्रियान्वयन 2 चरणों में किया जायेगा। वित्तीय वर्ष 2025-26 से 2029-30 तक पहले चरण एवं वित्तीय वर्ष 2030-31 से 2034-35 तक दूसरे चरण में कुल अनुमानित 30 हजार 900 कि.मी. मार्ग का निर्माण होगा। योजना का क्रियान्वयन राज्य मद से किया जायेगा। योजना के संबंध में मध्यप्रदेश ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण की साधिकार समिति को निर्णय लिये जाने के लिए अधिकृत किया गया है। स्वीकृति अनुसार न्यूनतम 20 आवास और 100 से अधिक जनसंख्या वाले 6 हजार वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्रफल वाले ऐसे क्षेत्र, जिसके 50 मीटर की दूरी में पूर्व से बारहमासी सड़क न हो, को बसाहट के अंतर्गत लिया जायेगा। इसके लिए बसाहट की जनसंख्या के घटते क्रम में विधानसभा क्षेत्रवार प्राथमिकता सूची तैयार की जायेगी। सांसद, क्षेत्रीय विधायक और जिला पंचायत सदस्यों के परामर्श पर ग्रामीणजनों की स्थानीय आवश्यकता जैसे – सुरक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा आदि के आधार पर बसाहटों की प्राथमिकता में कलेक्टर द्वारा लिपिबद्ध कारणों से सूची में परिवर्तन किया जा सकेगा। अंतिम प्राथमिकता सूची का राज्य स्तर पर प्रकाशन किया जायेगा। योजना अंतर्गत 20 हजार 600 बसाहटों को मुख्य मार्ग से जोड़ने के लिए लगभग 30 हजार 900 किलोमीटर मार्ग का निर्माण किया जायेगा। प्रदेश के बाहर से आयातित तुअर पर मंडी फीस से पूर्णतः छूट दिए जाने का निर्णय मंत्रि-परिषद द्वारा प्रदेश में तुअर दाल उद्योगों की आवश्यकता के दृष्टिगत प्रदेश में बाहर से आयातित तुअर पर मंडी शुल्क से पूर्णतः छूट दिए जाने का निर्णय लिया गया। छूट दिए जाने से प्रदेश में तुअर दाल की पर्याप्त उपलब्धता होगी। साथ ही परिवहन बढेगा और रोजगार में वृद्धि होगी। झाबुआ, सिंगरौली, देवास, नर्मदापुरम में वर्किंग वूमन हॉस्टल निर्माण का सैद्धांतिक अनुमोदन मंत्रि-परिषद द्वारा झाबुआ, सिंगरौली, देवास और नर्मदापुरम में कामकाजी महिलाओं के जीवन को आसान बनाने के उद्देश्य से SASCI (स्पेशल असिस्टेंस टू स्टेट्स फॉर कैपिटल इनवेस्टमेंट) 2024-25 योजना अंतर्गत स्वीकृत 350 सीट्स की क्षमता वाले 4 वर्किंग वूमन हॉस्टल के निर्माण का सैद्धांतिक अनुमोदन दिया गया है। योजना पी.पी.पी मोड में संचालित की जायेगी। योजना पर 40 करोड़ 59 लाख रूपये खर्च होंगे। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में ”जिला विकास सलाहकार समिति” के गठन की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा जिले के विकास योजना के लिए रोडमेप तैयार करने और जिले की दीर्घकालीन विकास योजनाएं बनाने के लिए सभी जिलों में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में “जिला विकास सलाहकार समिति” का गठन किये जाने का अनुमोदन दिया गया। उल्लेखनीय है कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट भाषण में मध्यप्रदेश के समस्त जिलों में जिला विकास सलाहकार समिति का गठन किये जाने संबंधी निर्देश दिये गये थे। जिला विकास सलाहकार समिति में जिले के प्रभारी मंत्री उपाध्यक्ष होंगे। सांसद, जिले के समस्त विधायक, जिला मुख्यालय के महापौर या नगरपालिका अध्यक्ष, जिला पंचायत अध्यक्ष, जिले के सभी जनपद अध्यक्ष के साथ उद्योग, व्यापार, प्रगतिशील किसान, समाज सेवी, चिकित्सा, विधि आदि क्षेत्रों के 20 प्रतिनिधियों को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। कलेक्टर समिति के सदस्य सचिव होंगे। समिति के उद्देश्यों में जिले की जनता, जनप्रतिनिधियों व अन्य हितधारकों की जरूरतों और सुझावों के अनुसार जिले के दीर्घकालीन विकास की योजनाएँ बनाना है। साथ ही समिति जिले के परंपरागत कौशल को चिन्हित कर प्रधानमंत्री के वोकल फॉर लोकल” के सिद्धांत के दृष्टिगत उन्हें राष्ट्रीय और अन्तराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ावा देते हुए जिले की समृ‌द्धि का रोडमैप तैयार करेगी। जिले की स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए शासकीय योजनाओं को बेहतर तरीके से लागू करने के सुझावों पर समिति विचार करेगी। जिले में स्थानीय प्रयासों से प्रचलित नवाचारों को एक योजना के रूप में मूर्त रूप देना। जिले में रोजगार सृजन एवं विकसित मध्यप्रदेश के लक्ष्यों के संबंध में सुझाव, उद्योग, व्यापार, जल संरचनाओं के संरक्षण, निर्यात, कृषि, खनिज आदि क्षेत्रों में जिले की कार्ययोजना के लिए सुझाव देना शामिल है। 

मोदी सरकार के कल्याणकारी योजनाओं ने करोड़ों लोगों का जीवन बदलने का कार्य किया: विष्णुदत्त शर्मा

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष व सांसद श्री विष्णुदत्त शर्मा ने भाजपा प्रदेश कार्यालय में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार के 11 वर्ष पूर्ण होने पर पत्रकार-वार्ता को संबोधित किया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि 2014 में पद संभालने के बाद से प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी देश के लिए हर कीमत चुकाने को तैयार रहे हैं। उन्होंने कई कड़े फैसले लिये और तुष्टिकरण की राजनीति को समाप्त कर दिया। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में ऐतिहासिक फैसले लिए जो पहले कभी नहीं हुए। जो काम अर्थव्यवस्था के डॉक्टर नहीं कर सके वे काम मोदी जी ने कर दिखाया। आज आर्थिक, सामरिक, कूटनीतिक सहित हर क्षेत्र में भारत का डंका बज रहा है। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में भारत की लोकतांत्रिक यात्रा पिछले 11 वर्षों में एक स्वर्णिम युग के रूप में दर्ज हो चुकी है। यह वह कालखंड है, जब देश ने युगपुरुष मोदी जी के कुशल, दूरदर्शी और जन-समर्पित नेतृत्व में विकास, समावेशन और आत्मनिर्भरता की नई गाथा लिखी है। सरकार की नीतियां आज 140 करोड़ भारतीयों के जीवन को न सिर्फ आसान बना रही हैं, बल्कि उन्हें नए अवसर, नई उम्मीदें और नया आत्मविश्वास भी दे रही हैं। भारत एक नए आत्मविश्वास के साथ वैश्विक मंच पर अग्रणी भूमिका निभा रहा है। यह देश अब चुनौतियों से पीछे नहीं हटता, बल्कि उन्हें अवसर में बदलता है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष व सांसद श्री विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में पिछले 11 वर्षों में हमारी सरकार ‘‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास’’ के मंत्र को लेकर आगे बढ़ी है। यह सफलतम 11 साल सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण के लिए समर्पित रहे हैं। इसका परिणाम है कि भारत ने जनकल्याण और विकास की दृष्टि से कई ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा संचालित प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना, पीएम उज्जवला योजना जन-धन योजना, आयुष्मान भारत योजना, किसान सम्मान निधि, ड्रोन दीदी, स्व-सहायता समूह जैसे कई कल्याणकारी कदम करोड़ों हितग्राहियों के जीवन बदलने में महत्वपूर्ण साबित हुए हैं। प्रधानमंत्री मोदी जी ने देशवासियों के लिए अपने समर्पण से हर क्षेत्र में भारत को आगे बढ़ाया है और जन-जन में आत्मविश्वास का संचार किया है। बीते 11 वर्षों में सरकार के कामों को समर्थन देने के साथ ही संपूर्ण देश मोदी जी के साथ विकसित भारत निर्माण के पथ पर चल पड़ा है। मोदी जी के साहसिक निर्णयों से आई अनुकूलता-डॉ. मोहन यादव  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने अपने 11 वर्षों के कार्यकाल में अनेक साहसिक निर्णय लिए। 2014 के पहले की सरकारें भ्रष्टाचार में आकंठ डूबी थी और देश की जनता में नकारात्मकता, निराशा और अविश्वास का माहौल था। प्रधानमंत्री मोदी जी के आने के बाद राजनीतिक व्यवस्था में सकारात्मकता, पारदर्शिता और परिणाम का समावेश हुआ। देश आशावाद से भर गया, लोगों में भरोसा जगा कि “मोदी है, तो मुमकिन है। ”यह केवल नारा नहीं, बल्कि जनमानस की धारणा बन गई है। राज्यसभा में बहुमत न होते हुए भी पूरे देश में जीएसटी लागू किया। शाहबानो केस में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बावजूद कांग्रेस की राजीव गांधी सरकार ने कदम पीछे खींच लिए थे, लेकिन प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने तीन तलाक विरोधी कानून बनाकर मुस्लिम बहनों को परेशानियों से मुक्ति दिलाई। न्यायालय की महत्ता को स्थापित करते हुए उन्होंने सदियों पुराने राम मंदिर विवाद का पटाक्षेप किया और अयोध्या में राम मंदिर के भूमिपूजन से लेकर उसका लोकार्पण भी किया। जबकि सोमनाथ मंदिर के जीर्णोद्धार के भूमिपूजन कार्यक्रम में जाने से तत्कालीन प्रधानमंत्री पं. नेहरू ने इनकार कर दिया था। डॉ. यादव ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में धारा 370 देश के माथे पर विभाजन की लकीर की तरह थी। विरोधी दल ये धमकी दे रहे थे कि अगर धारा 370 हटाई गई, तो देश में आग लग जाएगी, खून की नदियां बह जाएंगी। लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ और मोदी जी ने बड़ी सहजता से धारा 370 समाप्त कर दी। ऑपरेशन सिंदूर के माध्यम से प्रधानमंत्री जी ने आतंकवादियों पर जो प्रहार किए, उसके बाद पाकिस्तान की भाषा बोलने वाले लोग देश हित की बात करने लगे हैं। जब नायक शक्ति संपन्न हो, सरकार सक्षम हो तो ऐसी ही अनुकूलता आती है। मोदी जी ने अपने साहस से वातावरण बदल दिया। विदेशों में बज रहा भारत का डंका  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि कांग्रेस के जमाने में देश कहने भर को गुटनिरपेक्ष रहा, लेकिन वास्तविक गुटनिरपेक्षता मोदी जी के कार्यकाल में आई है। पड़ोसी देशों और दुनिया में भारत की छवि बदली है। हम अमेरिका से अपनी जरूरत का सामान लेते हैं और हर तरह के विरोध को नकारते हुए रूस से भी सस्ता तेल खरीदते हैं। रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच हम अपने छात्रों को वहां से निकालते हैं और भारत माता की जय बोलते हुए कई पाकिस्तानी छात्र भी वहां से निकलने में कामयाब हो जाते हैं। हम ईरान से उसके बंदरगाह का उपयोग करने का समझौता करते हैं, तो श्रीलंका को मदद देकर कर्ज से उबारते हैं और भूटान की रक्षा के लिए चीन के सामने अंगद के पैर की तरह जम जाते हैं। नेपाल में जब भूकंप आया, तो मानवीय सहायता पहुंचाने वाला भारत ही पहला देश था। पाकिस्तान से संबंध सुधारने के लिए भी प्रधानमंत्री श्री मोदी जी ने कई बार प्रयास किए, लेकिन यह बात उसे समझ नहीं आई। यह भारत की नीतियों का ही परिणाम है कि पाकिस्तान के साथ हालिया विवाद के दौरान अफगानिस्तान हमारे साथ खड़ा रहा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के कार्यकाल में मुस्लिम देशों में भी भारत के प्रति अनुकूलता आई है।  प्रधानमंत्री जी ने देश की अर्थव्यवस्था को ऐतिहासिक गति दी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि 1947 में आजादी के समय भारत दुनिया की 15 वें नंबर की अर्थव्यवस्था वाला देश था। श्रद्धेय अटलजी की गठबंधन वाली सरकार ने अपने स्तर पर अर्थव्यवस्था में सुधार के प्रयास किए। इसके बाद डॉक्टर मनमोहन सिंह की सरकार आई, जो पहले वित्त मंत्री भी थे, लेकिन भारत की अर्थव्यवस्था 11 … Read more

एमपीसीडीएफ तथा सहकारी दुग्ध संघों की गतिविधियों के एण्ड टू एण्ड डिजिटाइलेशन की ओर पहला कदम

भोपाल एमपी स्टेट कोआपरेटिव डेयरी फेडरेशन लिमिटेड (एमपीसीडीएफ) भोपाल में राष्ट्रीय डेरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) द्वारा प्रबंधन संभालने के बाद एमपीसीडीएफ द्वारा डिजिटाइलेशन की ओर कदम बढा दिए गए है। जिससे इसकी प्रमुख गतिविधियों को ऑनलाइन संपादित किया जा सकेगा। राष्ट्रीय डेरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) की मदद से मध्य प्रदेश स्टेट कोऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन (एमपीसीडीएफ) ने अपनी मुख्य गतिविधियों को डिजिटल बनाने के लिए ईआरपी सिस्टम लागू कर दिया है।  इसके अलावा, एनडीडीबी ने एक मोबाइल ऐप आधारित दूध संग्रहण प्रणाली विकसित की है, जिससे किसानों को दूध के सही मूल्य और समय पर भुगतान मिल सकेगा। यह ऐप ईआरपी सिस्टम से जुड़ा होगा, जिससे भुगतान प्रक्रिया तेज और पारदर्शी हो जाएगी। यह एप स्वचालित दूध संग्रहण प्रणाली की स्थापना लागत को भी कम करेगा। इससे डेयरी संघों को आर्थिक फायदा होगा। इस मोबाइल ऐप को इंदौर दूध संघ के मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा लॉन्च किया गया, जो डेयरी क्षेत्र में टेक्नोलॉजी आधारित परिवर्तन की शुरुआत का संकेत है। एमपीसीडीएफ के प्रबंध संचालक डॉ. संजय गोवाणी ने ने इस डिजिटल पहल को पारदर्शिता की दिशा में बड़ा कदम बताया और कहा कि इसे अन्य दूध संघों में भी जल्द लागू किया जाएगा। यह पहल भारत के डेयरी क्षेत्र में नया मील का पत्थर साबित होगी, जिससे किसानों को सही मूल्य और समय पर भुगतान मिलेगा, और दूध संग्रहण प्रक्रिया अधिक सुव्यवस्थित और प्रभावी बनेगी। यह डिजिटल बदलाव मध्यप्रदेश में सहकारी डेयरी क्षेत्र में विभिन्न गतिविधियों के क्रियान्वयन को सुव्यवस्थित करने, दक्षता बढ़ाने और अधिक जवाबदेही लाने में सक्षम रहेगा।

2025 आम महोत्सव 8.0 का मीडिया संवाद

भोपाल  प्रश्न : नाबार्ड क्या है और इसकी स्थापना का क्या उद्देश्य था? उत्तर : राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड), जिसकी स्थापना 1982 में देश में कृषि और ग्रामीण विकास को बढ़ावा देने के लिए हुई थी।   आज नाबार्ड ने देश के कृषि व ग्रामीण विकास में अपने अनूठे कार्यक्रमों के माध्यम से अलग पहचान बनाई है। इसमें एपीओ, एमईडीपी, एलईडीपी, वाटरशेड, वित्तीय साक्षरता, आदिवासी समुदाय के विकास हेतु टीडीएफ कार्यक्रम शामिल हैं।   प्रश्न : टीडीएफ़ क्या है ? इसके उद्देश्य कौन सी परियोजनाएं चलाई जाती है ? उत्तर: नाबार्ड ने 2003-04 में अपने लाभ में से 50 करोड़ रुपये की राशि से जनजातीय विकास निधि (टीडीएफ) बनाई जिसका मुख्य उद्देश्य आदिवासी समुदाय की सतत आजीविका के साधनों का सृजन करना था। टीडीएफ के तहत वाडी तथा नॉन वाडी परियोजनाएं चलाई गई। अभी वाडी परियोजनाओं को ट्राइब्स के नाम से जाना जाऐगा। इन परियोजना का उद्देश्य क्षेत्र की क्षमता और जनजातीय जरूरतों के आधार पर स्थायी आय प्रदान  करने वाली गतिविधियों को अपनाकर, सामुदायिक भागीदारी के आधार पर जनजातीय परिवारों के एकीकृत विकास के अनुकरणीय मॉडल तैयार करना है। साथ ही जनजातीय संस्थाओं का निर्माण और उन्हें मजबूत करना, जिससे समुदाय नीति निर्माण, कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में भागीदार बन सकें और सामाजिक और आर्थिक स्थिति में सुधार कर सकें। सामुदायिक संस्थाओं को बढ़ावा देना, इनपुट आपूर्ति, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण, एकत्रीकरण, प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन और विपणन को सुविधाजनक बनाना है । इसके अलावा जनजातीय किसानों को मूल्य श्रृंखला में एकीकृत करना है, जिससे उन्हें उपभोक्ता मूल्य का अधिक हिस्सा प्राप्त हो सके।  प्रश्न : नाबार्ड द्वारा वर्तमान में मध्यप्रदेश में कितनी परियोजनायें कार्यान्वित हैं? उत्तर: मध्य प्रदेश में अभी तक 31 जिलों में 102 परियोजाएं मंजूर की जा चुकी है तथा इन परियोजनाओं से अभी तक 78126 आदिवासी परिवारों को लाभ मिला है। वर्तमान में राज्य के 19 जिलों में 23 परियोजनाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा है ।  प्रश्न : इन वाड़ी परियोजनाओं के मुख्य उत्पाद क्या है?  उत्तर: इन वाड़ी परियोजना में, आदिवासी परिवार रसायन मुक्त और उच्च गुणवत्ता वाले फलों का उत्पादन करते हैं, जिसमें प्रमुख उपज विभिन्न किस्मों के आम, अमरूद, नींबू, आंवला तथा सीताफल आदि हैं ।  साथ ही कटनी जिले में नॉन वाडी के तहत मेडिसन हर्ब वाली परियोजना भी चल रही है।  प्रश्न: आम महोत्सव का उद्देश्य  क्या है ?  उत्तर: वाड़ी परियोजना के अंतर्गत आदिवासी परिवारों द्वारा उत्पादित फलों का अधिकतम मूल्य प्राप्त हो सके, इसके लिए नाबार्ड हमेशा प्रयसरत रहा है, जिसमें आम महोत्सव एक मुख्य आयोजन है।  इस महोत्सव का मुख्य उद्देश हमारे आदिवासी किसानों द्वारा उत्पादित आमों के लिए प्रदेश के मुख्य शहरो में बाजार उपलब्ध करवाना, मूल्य संवर्धन तथा विपणन के विभिन्न पहलुओं से अवगत करना है । इस महोत्सव आम को वाडी से सीधा भोपालवासियों की प्लेट तक पहुँचाने का कार्य करता है। इस कार्यक्रम को क्रेता और विक्रेता द्वारा अत्यधिक सराहा जाता रहा है।  प्रश्न : इस वर्ष आम महोत्सव का आयोजन कब किया जा रहा है ? उत्तर: इस वर्ष नाबार्ड द्वारा “ राज्य स्तरीय आम महोत्सव” के आठवें संस्कारण का आयोजन दिनांक 10 से 14 जून 2025 तक किया जा रहा है। साथ ही रीवा तथा छिंदवाडा में जिला स्तरीय आम महोत्सव का भी आयोजन किया जा रहा है। प्रश्न: आम महोत्सव कहाँ आयोजित किया जा रहा है ? उत्तर:  राज्य स्तरीय आम महोत्सव का आयोजन नाबार्ड, मध्य प्रदेश क्षेत्रीय कार्यालय, ई- 5, अरेरा कालोनी, बिट्टन मार्केट, भोपाल में किया जा रहा है।  प्रश्न: आम महोत्सव में आम कहाँ-कहाँ से आ रहे हैं ?  उत्तर:  राज्य के लगभग हर कोने जैसे छिंदवाड़ा, झाबुआ, अलीराजपुर, रीवा, सतना, मंडला, शहडोल आदि जिलों के नाबार्ड समर्थित वाड़ी परियोजना के स्वादिष्ट और रसायन मुक्त आम, इस महोत्सव में बिक्री हेतु उपलब्ध होंगे। महोत्सव में लगभग 20 टन आम बिक्री हेतु उपलब्ध होंगे। प्रश्न: कौन से आम की किस्म की इस बार मुख्य आकर्षण होगी ? उत्तर : जी आई टैग सुंदरजा तथा नूरजहाँ आम के साथ ही साथ केसर, तोतापरी, आम्रपाली, दशहरी, लंगड़ा, चौसा, नारंगी, सिंदूरी, राजपुरी आदि विविध आम की किस्में इस बारे आम महोत्सव में उपलब्ध होंगे ।  प्रश्न: सुंदरजा और नूरजहां आम की क्या खासियत है ? उत्तर: सुंदरजा आम एक अनूठी किस्म है इस आम को शुगर के रोगी भी खा सकते हैं। अपनी इसी विशेषता के लिए यह विश्व प्रसिद्ध हो चुका है। यह आम बहुतायात में विदेशों में जाता है। यह किस्म मध्य प्रदेश के रीवा जिले के गोविंदगढ़ कस्बे में बहुत होती है। इसे जीआई टैग प्राप्त है।  दूसरा आकर्षण का केंद्र नूरजहां आम है। इस विशाल आकर वाले आम को देखने व खरीददारों के लिए लोग दूर-दूर से आते हैं।  इसका वजन लगभग 1.5 से 3 किलों से बीच में होता है। यह आम अधिक रसीला होता है, इसका छिलका पतला होते है और गूठली (बीज) भी छोटा होता है।  प्रश्न : पिछली बार की तुलना में इस बार कितनी विशेषता वाले आम आ रहे हैं ? उत्तर :  पिछली बार की तुलना में इस बार और आधिक किस्म के आम बिक्री हेतु उपलब्ध होंगे, साथ ही साथ पिछली बार नूरजहान आम केवल अवलोकन के लिए उपलब्ध था इस बार बिक्री हेतु भी उपलब्ध रहेगा ।

बिरसा मुंडा अस्मिता, स्वायत्तता और सांस्कृतिक पहचान के प्रतीक: मसकोले

हरदा क्रांति सूर्य धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा को उनके 125 वें शहादत दिवस पर सोमवार को अजाक्स जिला कार्यालय हरदा में भगवान बिरसा मुंडा के चित्र पर माल्यार्पण किया जाकर दीप प्रज्ज्वलित कर श्रद्धा सुमन अर्पित किए । अजाक्स के पूर्व जिलाध्यक्ष रमेश मसकोले ने कहा कि कहा कि बिरसा मुंडा का जीवन और शहादत भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में आदिवासी समाज के साहस और उनके जल-जंगल-जमीन के लिए किए गए बलिदान का प्रतीक है। आदिवासी समाज के लोग आज भी उन्हें भगवान की तरह पूजा करते हैं। अजाक्स की जिलाध्यक्ष श्रीमती सीमा निराला ने कहा कि उनके नेतृत्व ने आदिवासियों को अन्याय के खिलाफ लड़ने के लिए प्रेरित किया और उन्हें अपनी पारंपरिक भूमि और संस्कृति के महत्व का एहसास कराया। इस अवसर पर अजाक्स के जिला संरक्षक राजकुमार मसकोले, कोषाध्यक्ष बालाराम आहके, जी. डी. दुधे, हरदा ब्लाक अध्यक्ष रामचंद्र अहिरवार, जिला सचिव पंचम ऊईके, शासकीय अधिवक्ता सुखराम बामने, रामस्वरूप झरानिया आदि अन्य लोग उपस्थित रहें।  

सेवा में मिला सम्मान से ग्वार बंजारा समाज परेशान: रमेश सिंह

भोपाल सामाजिक बन्धुओं स अमरजीत सिंह एवं स रमेश सिंह को हर जगहों पर सेवा के लिए सम्मान मिलता है तो ग्वार बंजारा समाज भोपाल और इटारसी के कुछ लोगों को अपमान और माफी मंगवाने का अधिकार किसने दिया। समाज में एक दूसरे को झूठी कहानी से भड़कना और समाज में लड़ाई झगडे को बढ़ावा देने की कोशिश करना फिर सम्भावना जताना की यह बात कह कर बात कों टालना,अगर बैठक या पंचायत हुई तो लड़ाई होना निश्चित है  अब तो कुछ लोगो ने यह बात कहना शुरू कर दिया है? कि स रमेश सिंह भोपाल ग्वार बंजारा समाज से लड़ रहा है जिला संचालक, आयुक्त जाहागीरा बाद भोपाल शासन में शिकायत दर्ज करा कर नोटिस करवाई करा रहा है और उक्त संस्था के लिए नोटिस भेजकर अपना और समाज का समय खराब कर रहा है ऐसे नोटिसों श्री अनिल नायक ऊर्फ अरविंद के साथ जो इस समाज में है स रमेश सिंह क्या बिगाड़ लेगा? मैं समाज को स्पष्ट बात बता देना चाहूंगा कि यह लड़ाई में द्वारा शुरू नहीं कि है इस लड़ाई के मुख्य सूत्रधार श्री शिवनारायण नायक,श्री सोनू भाई ठाकुर ने बाबा लख्खी शाह बंजारा समाज के साथ लड़ी है उन्होंने पहला शिकायती पत्र उनके द्वारा अध्यक्ष श्री अनिल नायक ऊर्फ अरविंद और सचिव श्री खूब सिंह के लिए एक पत्र  लिखा था और बह पत्र उनके पतों पर कोरियर द्वारा भेजा गया था अध्यक्ष श्री अनिल नायक ऊर्फ अरविंद ने और सचिव श्री खूब सिंह ने अपने पतों पर आयी चिठ्ठी शिकायत पत्र नहीं लिया गया जिसकी सूचना के तौर पर श्री तारा सिंह जों उक्त संस्था में उपाध्यक्ष है चान्दबड में रहते हैं हमारे द्वारा उनको भी अवगत कराया गया था और साथ ही उनको बताया भी था ? श्री तारा सिंह का कहना था कि समाज में मेरी कोई बात सुनता नहीं है उक्त संस्था का अध्यक्ष श्री अनिल नायक ऊर्फ अरविंद ने समाज में भ्रम फैला दिया है कि ऐसी शिकायतों से कुछ होने वाला नहीं है तो जिला संचालक, आयुक्त ने आप लोगों को क्यों  नोटिस दै रहा है  शासन ने बार बार चेतावनी के बाद समाज में समझौता कर पालन नहीं किया गया एक प्रश्न पूछें उक्त संस्था श्री अनिल नायक ऊर्फ अरविंद ने  किस तरह चालाकी से समाज और सदस्यों को झूठी कहानी समाज में इसके द्वारा बताई गई इस तरह समाज चलाएंगे श्री गुरदीप सिंह के जुर्माने की राशि का क्या हुआ उनके घर निमंत्रण क्यौ रोकें जा रहै है जों लोग परजात में शादी कर लेते हैं उन्हें कब समाज में वन्द एवं खोल देते हैं समाज में सभी सामाजिक बन्धुओं को जानकारी अध्यक्ष के द्वारा  देना आवश्यक है ऐसा नहीं चलेगा कि समाज में मांगलिक मोत म्यैत कार्यक्रम के समय ही ये मुद्दा क्यों उठाया जाता है क्यों तभी ये लोग चुहा बिल्ली का खेल खेलते हैं ग्वार बंजारा समाज भोपाल और इटारसी में कुछ जज बैठे हैं जो समाज में समन्वय और शान्ति स्थापित नहीं होने देना चाहते हैं इटारसी में लख्खी बंजारा भोपाल या अन्य जगहों से आयें निमंत्रण रोकना इनका उद्देश्य है भोपाल में श्री रमेश तलवार, श्रीमती माया गोर इन्होंने निमंत्रण के ठेकेदार बने जों अपना घर नहीं बचा पाए वो समाज क्या ख़ाक चलाएंगे ये लोग अपनी पुरानी रंजिशें को लेकर मुझसे स रमेश सिंह से प्रयोजित ऐजेंडे को लेकर लड़ और मेरा अपमान भी कर रहे हैं इन्हें समाज में क्या हो रहा है इससे इन्हें कोई मतलब नहीं है सिर्फ स रमेश सिंह स रमेश सिंह ही नजर आ रहा है अगर कोई इनसे पूछे तो एक वाक्य को सभी ने रट लगा रखी है हमने उन्हें कोई वन्द चालू नहीं किया है ये व्यक्ति गत है तो घरों में फोन करके और इनके छोटे छोटे बच्चों को भी शामिल किया हुआ है ऐसे कृत्य में संलिप्त हैं ऐसे में मांगलिक कार्यों में बहु वेटी को रोका जाता है क्या कसूर है उन बच्चों को जिन्हें समाज में गुटबाजी का शिकार होना पड़ता है अगर जरा सी भी शर्म बची है श्री अनिल नायक ऊर्फ अरविंद मैं तो समाज में जागरूकता पैदा करें ना कि निमंत्रण के लिए समाज में ढोंग नहीं रचें कोई पूछे श्री रमेश तलवार से फिर वो श्री तारा सिंह से माया गोर पूछे फिर वो कहैगा की श्री अनिल नायक, श्री मनोज कुमार, श्री राजा पवार,ऐसे में निमंत्रण दैने वाला बैचारा क्या करें ? जरा चिन्तन मनन करने कि जरूरत है हम लोग भी 63 साल के हों गये है हम  सत्तर सालों से यहीं कुछ देखते चले आ रहे हैं कुछ भी नहीं वदलाव नहीं आया है  अब तक हम बही पर अटकै है  मैं रमेश सिंह बड़े ही विनम्र भाव से समाज को एक बात बताना चाहता हूं कि मैं समाज से नहीं लड़ रहा हूं वल्कि श्री अनिल नायक ऊर्फ अरविंद ने कुछ समाजिक बन्धुओं को मेरे घर पर आयें थे और मुझे ग्वार बंजारा समाज में आजीवन सदस्य बनाने का आवेदन और रूपए 4500 और मेंरे छोटे भाई प्रीतम सिंह से भी 4500 की राशि चेक द्वारा श्री शिवनारायण नायक ने नकदी प्राप्त की थी 2021 में इस समाज में चाहे मेरी सदस्यता की बात हो या अध्यक्ष चुनाव की बात हो,ग्वार बंजारा समाज भोपाल संस्था ने मुझे धोखा ही दिया है साथ ही इनके तार इटारसी के साथ मिलें हुए हैं इस कारण मेरे अध्यक्ष पद पर इटारसी समाज ने एक व्यक्ति के आवेदन आया है इस बार की पुष्टि 2021 में चुनाव अधिकारी श्री करण सिंह ने मुझे अपने मोबाइल फोन पर कहां गया था कि आपका अध्यक्ष पद का आवेदन निरस्त किया गया है क्योंकि हमै इटारसी से हमें चिठ्ठी भेजीं गई है मैं द्वारा इसका जिम्मेदार हूं इस सामाजिक कृत्य का सिर्फ श्री अनिल नायक ऊर्फ अरविंद ही जिम्मेदार है इस व्यक्ति ने समाज में एक वर्ग को झूठी कहानी सुनाकर समाज में गुटबाजी को बढ़ावा दे कर अपनी मनमानी चला रहा है इसके सहयोगी है श्री रमेश तलवार, श्री तारा सिंह, श्रीमती माया गोर, श्री मनोज सिंह, श्री हरनाम सिंह, श्री राजा पवार हैं  ये समाज में अंतर्जातीय विवाह पर जुर्माना, और इनके खिलाफ शिकयत और जबाब तलव करने वाले व्यक्ति चाहे स रमेश … Read more

प्रदेश के बाहर से आयातित तुअर पर मंडी फीस से पूर्णतः छूट दिए जाने का निर्णय

प्रदेश की 20 हजार 600 सुदूर बसाहटों को मुख्य मार्ग से जोड़ने 21 हजार 630 करोड़ रूपये की सैद्धांतिक स्वीकृति मुख्यमंत्री मजरा-टोला सड़क योजना अंतर्गत 30 हजार 900 किलोमीटर सड़क का होगा निर्माण प्रदेश के बाहर से आयातित तुअर पर मंडी फीस से पूर्णतः छूट दिए जाने का निर्णय झाबुआ, सिंगरौली, देवास, नर्मदापुरम में वर्किंग वूमन हॉस्टल निर्माण का अनुमोदन मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में जिला विकास सलाहकार समिति” के गठन की स्वीकृति मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद का निर्णय भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंगलवार को मंत्रालय में सम्पन्न हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा मुख्यमंत्री मजरा-टोला सड़क योजना अंतर्गत प्रदेश के सुदूर बसाहटों मजरा/टोला/धोनी/पुरा इत्यादि को बारहमासी सम्पर्कता प्रदान करने 21 हजार 630 करोड़ रूपये की सैद्धांतिक स्वीकृति दी गई। स्वीकृति अनुसार योजना का क्रियान्वयन 2 चरणों में किया जायेगा। वित्तीय वर्ष 2025-26 से 2029-30 तक पहले चरण एवं वित्तीय वर्ष 2030-31 से 2034-35 तक दूसरे चरण में कुल अनुमानित 30 हजार 900 कि.मी. मार्ग का निर्माण होगा। योजना का क्रियान्वयन राज्य मद से किया जायेगा। योजना के संबंध में मध्यप्रदेश ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण की साधिकार समिति को निर्णय लिये जाने के लिए अधिकृत किया गया है। स्वीकृति अनुसार न्यूनतम 20 आवास और 100 से अधिक जनसंख्या वाले 6 हजार वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्रफल वाले ऐसे क्षेत्र, जिसके 50 मीटर की दूरी में पूर्व से बारहमासी सड़क न हो, को बसाहट के अंतर्गत लिया जायेगा। इसके लिए बसाहट की जनसंख्या के घटते क्रम में विधानसभा क्षेत्रवार प्राथमिकता सूची तैयार की जायेगी। सांसद, क्षेत्रीय विधायक और जिला पंचायत सदस्यों के परामर्श पर ग्रामीणजनों की स्थानीय आवश्यकता जैसे – सुरक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा आदि के आधार पर बसाहटों की प्राथमिकता में कलेक्टर द्वारा लिपिबद्ध कारणों से सूची में परिवर्तन किया जा सकेगा। अंतिम प्राथमिकता सूची का राज्य स्तर पर प्रकाशन किया जायेगा। योजना अंतर्गत 20 हजार 600 बसाहटों को मुख्य मार्ग से जोड़ने के लिए लगभग 30 हजार 900 किलोमीटर मार्ग का निर्माण किया जायेगा। प्रदेश के बाहर से आयातित तुअर पर मंडी फीस से पूर्णतः छूट दिए जाने का निर्णय मंत्रि-परिषद द्वारा प्रदेश में तुअर दाल उद्योगों की आवश्यकता के दृष्टिगत प्रदेश में बाहर से आयातित तुअर पर मंडी शुल्क से पूर्णतः छूट दिए जाने का निर्णय लिया गया। छूट दिए जाने से प्रदेश में तुअर दाल की पर्याप्त उपलब्धता होगी। साथ ही परिवहन बढेगा और रोजगार में वृद्धि होगी। झाबुआ, सिंगरौली, देवास, नर्मदापुरम में वर्किंग वूमन हॉस्टल निर्माण का सैद्धांतिक अनुमोदन मंत्रि-परिषद द्वारा झाबुआ, सिंगरौली, देवास और नर्मदापुरम में कामकाजी महिलाओं के जीवन को आसान बनाने के उद्देश्य से SASCI (स्पेशल असिस्टेंस टू स्टेट्स फॉर कैपिटल इनवेस्टमेंट) 2024-25 योजना अंतर्गत स्वीकृत 350 सीट्स की क्षमता वाले 4 वर्किंग वूमन हॉस्टल के निर्माण का सैद्धांतिक अनुमोदन दिया गया है। योजना पी.पी.पी मोड में संचालित की जायेगी। योजना पर 40 करोड़ 59 लाख रूपये खर्च होंगे। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में ”जिला विकास सलाहकार समिति” के गठन की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा जिले के विकास योजना के लिए रोडमेप तैयार करने और जिले की दीर्घकालीन विकास योजनाएं बनाने के लिए सभी जिलों में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में “जिला विकास सलाहकार समिति” का गठन किये जाने का अनुमोदन दिया गया। उल्लेखनीय है कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट भाषण में मध्यप्रदेश के समस्त जिलों में जिला विकास सलाहकार समिति का गठन किये जाने संबंधी निर्देश दिये गये थे। जिला विकास सलाहकार समिति में जिले के प्रभारी मंत्री उपाध्यक्ष होंगे। सांसद, जिले के समस्त विधायक, जिला मुख्यालय के महापौर या नगरपालिका अध्यक्ष, जिला पंचायत अध्यक्ष, जिले के सभी जनपद अध्यक्ष के साथ उद्योग, व्यापार, प्रगतिशील किसान, समाज सेवी, चिकित्सा, विधि आदि क्षेत्रों के 20 प्रतिनिधियों को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। कलेक्टर समिति के सदस्य सचिव होंगे। समिति के उद्देश्यों में जिले की जनता, जनप्रतिनिधियों व अन्य हितधारकों की जरूरतों और सुझावों के अनुसार जिले के दीर्घकालीन विकास की योजनाएँ बनाना है। साथ ही समिति जिले के परंपरागत कौशल को चिन्हित कर प्रधानमंत्री के वोकल फॉर लोकल” के सिद्धांत के दृष्टिगत उन्हें राष्ट्रीय और अन्तराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ावा देते हुए जिले की समृ‌द्धि का रोडमैप तैयार करेगी। जिले की स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए शासकीय योजनाओं को बेहतर तरीके से लागू करने के सुझावों पर समिति विचार करेगी। जिले में स्थानीय प्रयासों से प्रचलित नवाचारों को एक योजना के रूप में मूर्त रूप देना। जिले में रोजगार सृजन एवं विकसित मध्यप्रदेश के लक्ष्यों के संबंध में सुझाव, उद्योग, व्यापार, जल संरचनाओं के संरक्षण, निर्यात, कृषि, खनिज आदि क्षेत्रों में जिले की कार्ययोजना के लिए सुझाव देना शामिल है।  

अब राज से भी सोनम की बेवफाई! अपनी गर्दन बचाकर कबूल की आधी बात

प्रेग्नेंट है सोनम रघुवंशी? मेडिकल रिपोर्ट ने और उलझाई राजा मर्डर केस की गुत्थी सोनम नेपाल भागने वाली थी ? फिर क्यों किया सरेंडर, सिर्फ रात में करती थी सफर अब राज से भी सोनम की बेवफाई! अपनी गर्दन बचाकर कबूल की आधी बात इंदौर इंदौर कपल केस में रोज नए-नए खुलासे हो रहे हैं। पुलिस ने यूपी के गाजीपुर से सोमवार को सोनम रघुवंशी को गिरफ्तार किया। इसके बाद पूरे मामले ने यू-टर्न ले लिया। जिसे अब तक विक्टिम माना जा रहा था वो ही सोनम अब मुख्य आरोपी बताई जा रही है। वहीं राजा रघुवंशी के मर्डर में सोनम के बॉयफ्रेंड राज कुशवाह समेत अन्य तीन लोगों का नाम सामने आया है। अब इस केस में एक नया मोड़ सामने आया है- सोनम की प्रेग्नेंसी की खबर। मेडिकल जांच ने इस केस को और रहस्यमयी बना दिया है। प्रेग्नेंसी टेस्ट: सच या सस्पेंस? 9 जून 2025 को सोनम की मेडिकल जांच तीन महिला डॉक्टरों की टीम ने की। सोनम की शारीरिक और मानसिक स्थिति कमजोर पाई गई। वह डरी हुई थीं, लेकिन उनके शरीर पर कोई चोट के निशान नहीं मिले। प्रेग्नेंसी टेस्ट के नतीजे असंतोषजनक रहे, जिसका मतलब है कि यह स्पष्ट नहीं हो सका कि सोनम गर्भवती हैं या नहीं। न्यूज18 की रिपोर्ट के मुताबिक, डॉक्टरों ने सुझाव दिया है कि सात दिन बाद अल्ट्रासाउंड किया जाए ताकि स्थिति साफ हो सके। यह असमंजस जांच को और जटिल बना रहा है। अगर सोनम प्रेग्नेंट हैं, तो यह बच्चा राजा का है या किसी और का? यह सवाल नई उलझन बन गया है। नेपाल भागने वाली थी सोनम ? फिर क्यों किया सरेंडर, सिर्फ रात में करती थी सफर इंदौर के रहने वाले राजा रघुवंशी की हत्या के मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, पत्नी सोनम रघुवंशी को भी रिमांड पर भेजा गया है। इसी बीच खबरें हैं कि मेघालय के शिलॉन्ग में पति राजा को मौत के घाट उतारने के बाद सोनम ने देश छोड़ने का ही प्लान बना लिया था। हालांकि, इसे लेकर पुलिस ने आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, हत्यारों ने सोनम के सामने ही राजा को मौत के घाट उतारा था। यह वारदात सोहरा में की गई थी। हत्यारों ने शव को खाई में फेंका और अलग-अलग हो गए। फिलहाल, पुलिस ने सोनम की प्लानिंग और शिलॉन्ग से गाजीपुर आने को लेकर आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा है, लेकिन खबरें हैं कि वह नेपाल भागने की तैयारी कर रही थी। इतना ही नहीं वारदात के बाद वह सिर्फ रात में ही सफर करती थी। कैसे चलाया खर्च एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, शादी में मिले गहने और करीब 9 लाख रुपये लेकर सोनम शिलॉन्ग गई थी। हत्या के बाद वह इनकी मदद से ही सफर तय कर रही थी और नेपाल भागने की तैयारी में थी। कहा जा रहा है कि दो युवकों ने सोनम के छिपने और रहने में मदद की थी। पूरी प्लानिंग थी तो क्यों कर दिया सरेंडर खबरें हैं कि हनीमून ट्रिप के दौरान सोनम लगातार हत्यारों के संपर्क में बनी हुई थी। जब मीडिया में तीनों के पकड़े जाने की खबरें आईं तो सोनम ने भी उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में सरेंडर कर दिया। हालांकि, अब तक यह साफ नहीं हो सका है कि सोनम ने शिलॉन्ग से गाजीपुर तक का सफर कैसे तय किया। 2 जून को खाई में राजा की लाश मिली थी और इसके बाद से ही सोनम की तलाश जारी थी। एक दिन पहले ही आईएएनएस से बातचीत में IG पुलिस पी मारक ने कहा, ‘सोनम ने बीती रात दबाव में आकर सरेंडर किया है, जिसके बाद गिरफ्तारियों की संख्या 4 पर पहुंच गई है। एक आरोपी अब भी फरार है। कोर्ट कार्यवाही के लिए सोनम को वापस मेघालय लाया जाएगा।’ राजा के बाद राज से भी सोनम की बेवफाई अपनी दुल्हन को लेकर हनीमून मनाने इंदौर से मेघालय गए राजा रघुवंशी की हत्या के बाद उसकी पत्नी सोनम रघुवंशी को गिरफ्तार किया गया है। मेघालय पुलिस का कहना है कि सोनम ने अपने आशिक राज के साथ मिलकर हत्याकांड की साजिश रची और सुपारी देकर राजा की हत्या कराई। गिरफ्तारी के बाद यूपी पुलिस ने सोनम रघुवंशी से शुरुआती पूछताछ की जिसमें उसने खुद को बेकसूर बताया। हालांकि, सोनम ने राज और उसके दोस्तों को कातिल माना पर वजह कुछ और बताई। टाइम्स ऑफ इंडिया ने एक रिपोर्ट में बताया है कि गाजीपुर पुलिस ने सोनम को हिरासत में लेने के बाद कुछ देर पूछताछ की जिसमें उसने दावा किया कि लूटपाट के लिए राजा की हत्या की गई है। उसने राज और उसके दोस्तों पर लगे हत्या के इल्जाम को सही माना। सोनम ने राज और उसके दोस्तों की ओर इशारा करते हुए गाजीपुर पुलिस से कहा, ‘मैंने अपने पति की हत्या नहीं की। उन्होंने (राज और उसके दोस्त) गहनों के लिए उसे मार डाला।’ कई सवालों के जवाब नहीं दे पाई सोनम सोनम ने जोर देकर बार-बार दोहराया कि राजा रघुवंशी की हत्या में उसकी कोई भूमिका नहीं है। हालांकि, वह कई अहम सवालो के जवाब नहीं दे सकी है। मसलन, वह पिछले 16 दिनों से कहां थी, वह कैसे वारदात वाली जगह से निकली, वाराणसी-गाजीपुर हाईवे पर काशी ढाबे तक कैसे पहुंची, जोकि घटनास्थल से 1200 किलोमीटर से अधिक दूर है। सोनम को अब शिलॉन्ग पुलिस अपने साथ ले गई है जहां उसका आरोपियों से आमना-सामना कराया जाएगा। सोनम, राज और अन्य तीन आरोपियों से पूछताछ के बाद मेघालय पुलिस पूरे घटनाक्रम से पर्दा उठा सकती है। क्या-क्या हुआ है अभी तक 11 मई को शादी के बाद 20 को सोनम और राजा हनीमून के लिए मेघालय गए थे। यहां अचानक दोनों लापता हो गए। 2 जून को राजा की लाश शिलॉन्ग में एक गहरी खाई में बरामद की गई। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से पता चला कि धारदार हथियार से राजा की हत्या की गई है। करीब 16 दिनों तक लापता रहने के बाद सोनम अचानक यूपी के गाजीपुर में एक ढाबे पर मिली। मेघालय और इंदौर की पुलिस ने शुरुआती जांच के आधार पर सोनम उसके कथित प्रेमी राज को मुख्य साजिशकर्ता बताया है। वहीं, राज … Read more

प्रदेश की पहली महिला एवरेस्ट विजेता मेघा परमार को भी दिया जाए विक्रम अवार्ड, हाईकोर्ट में याचिका दायर

जबलपुर माउंट एवरेस्ट सहित विश्व की चार पर्वत चोटी फतह करने के बावजूद विक्रम अवार्ड नहीं दिये जाने को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। जस्टिस अमित सेठ की एकलपीठ ने सुनवाई के बाद सरकार को दो सप्ताह में जवाब पेश करने निर्देश जारी किए हैं। एकलपीठ ने इस दौरान याचिकाकर्ता को सरकार के समक्ष अभ्यावेदन पेश करने निर्देश जारी किए हैं।   याचिकाकर्ता मेघा परमार की तरफ से दायर की गई याचिका में कहा गया था कि वह माउंट एवरेस्ट फतह करने वाली प्रदेश की पहली महिला है। उसके दल में भावना डेहरिया भी शामिल थीं, जो उनके बाद चोटी पर पहुंची थीं। इसके अलावा माउंट कोस्कियस,माउंट किलिमन तथा माउंट एल्ब्रस की चोटी भी उसने भावना से पहले फतह की थी। याचिका के साथ दोनों का टाइमिंग डाटा भी पेश किया गया था। याचिका में राहत चाही गई थी कि योग्यता के अनुसार भावना के साथ उसे भी विक्रम अवॉर्ड प्रदान किया जाना चाहिए था। याचिका पर पहले चरण में हाईकोर्ट जस्टिस एके सिंह तथा जस्टिस अमित सेठ ने सुनवाई की। याचिकाकर्ता की तरफ से बताया गया कि साल 2019 में विक्रम अवार्ड रूल्स में संशोधन करते हुए एडवेंचर गेम को भी शामिल किया गया था। नियम के अनुसार एडवेंजर गेम में लिए एक खिलाड़ी को विक्रम अवार्ड दिया जाए। साल 2016 में एवरेस्ट फतह करने वाले प्रदेश के दो पुरुष को साल 2022 में विक्रम अवार्ड प्रदान किया गया था। सरकार पूर्व में एडवेंचर गेम में सिर्फ एक खिलाड़ी को विक्रम अवार्ड देने का नियम शिथिल कर चुकी है। दोनों खिलाड़ी योग्य हैं तो दोनों को विक्रम अवार्ड प्रदान किया जाना चाहिए। युगलपीठ ने याचिका पर सुनवाई करते एकलपीठ ने निर्देश जारी किये थे। दूसरे चरण में जस्टिस अमित सेठ की एकलपीठ के द्वारा याचिका की सुनवाई की गई। सुनवाई के दौरान सरकार की तरफ से बताया गया कि विक्रम अवार्ड प्रदान करने के लिए खिलाड़ियों के नाम की घोषणा हो चुकी है। उसमें परिवर्तन नहीं किया जा सकता है। इसके अलावा याचिका में भावना को अनावेदक नहीं बनाने जाने का मुद्दा भी उठाया गया। याचिकाकर्ता की तरफ से बताया गया कि वह भावना को विक्रम अवार्ड दिए जाने के खिलाफ नहीं है। इसलिए उसे अनावेदक नहीं बनाया गया था। कानूनी प्रक्रिया के तहत आवश्यक होने पर वह याचिका में संशोधन करना चाहते हैं। एकलपीठ ने सुनवाई के बाद उक्त आदेश जारी किये। एकलपीठ ने याचिकाकर्ता को यह स्वतंत्रता दी है कि वह इस संबंध में सरकार के समक्ष अभ्यावेदन पेश कर सकती है। याचिकाकर्ता की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक तन्खा ने पैरवी की।  

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