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राष्ट्रीय सिकल सेल उन्मूलन मिशन-2047 के अंतर्गत विश्व सिकल सेल दिवस 19 जून को, बड़वानी में होगा राज्य स्तरीय कार्यक्रम

भोपाल राष्ट्रीय सिकल सेल उन्मूलन मिशन-2047 के अंतर्गत विश्व सिकल सेल दिवस 19 जून को बड़वानी में ग्राम पंचायत तलून के खेल स्टेडियम में राज्य स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु मुख्य अतिथि रहेंगी। कार्यक्रम में राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल सहित अन्य मंत्रीगण शामिल होंगे। इस अवसर पर कई नवाचारों का शुभारंभ किया जाएगा। इनमें जेनेटिक काउंसलिंग जागरूकता वीडियो और प्रभावित गर्भवती महिलाओं के लिए व्यापक दिशानिर्देश/मॉड्यूल शामिल हैं। लक्षित आयु वर्ग की शत-प्रतिशत स्क्रीनिंग पूर्ण करने वाली पंचायतों को सम्मानित किया जाएगा। कार्यक्रम दिवस में प्रदेश में सिकल सेल रोग के प्रति जागरूकता लाने की गतिविधियाँ आयोजित की जायेंगी। सिकल सेल प्रभावित 33 जिलों में विशेष परामर्श शिविर आयोजित किए जाएंगे, जहाँ उन्हें आनुवंशिक परामर्श, रोग प्रबंधन, भावी पीढ़ी के लिए संभावनाओं और आवश्यक चिकित्सकीय सेवाओं की जानकारी दी जाएगी। उप-केन्द्रों से लेकर जिला अस्पतालों तक सभी प्राथमिक एवं माध्यमिक स्वास्थ्य संस्थानों में विशेष शिविर लगाकर रोगियों की पहचान, स्क्रीनिंग तथा परिवार के अन्य सदस्यों की भी जांच की जायेगी। सिकल सेल रोगियों और उनके देखभाल कर्ताओं को पेन क्राइसिस जैसी तीव्र स्थितियों में प्रबंधन के तरीकों से अवगत कराया जाएगा। जिले की विशेष रूप से प्रभावित जनजातीय एवं ग्रामीण पंचायतों में स्क्रीनिंग और परामर्श के लिए अभियान चलाया जाएगा। राज्य स्तर पर विकसित जेनेटिक काउंसलिंग कार्ड का वितरण किया जाएगा, जिससे लोगों को आनुवंशिक जानकारी समझने में सुविधा होगी। विकलांगता योजनाओं और वित्तीय सहायता से सिकल-सेल रोगियों को जोड़ने की प्रक्रिया सरल करने के लिए यूडीआईडी कार्ड निर्माण के लिए मेगा शिविरों का आयोजन भी किया जाएगा। प्रदेश में राष्ट्रीय सिकल सेल उन्मूलन मिशन के अंतर्गत अब तक 1 करोड़ 5 लाख नागरिकों की सिकल सेल स्क्रीनिंग पूरी की जा चुकी है। इनमें 2 लाख से अधिक वाहक चिन्हित हुए और 28 हज़ार 297 लोग सिकल सेल रोग से ग्रसित पाए गए। इन मरीजों का उपचार जारी है। अब तक 75 लाख 36 हज़ार से अधिक सिकल सेल कार्ड वितरित किए जा चुके हैं। जिनसे प्रभावित नागरिक अपनी स्वास्थ्य स्थिति को समझ कर उचित उपचार प्राप्त कर रहे हैं। प्रदेश में मिशन की शुरुआत 15 नवंबर 2021 को राज्य हिमोग्लोबिनोपैथी मिशन के रूप में अलीराजपुर और झाबुआ में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में की थी। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने मिशन को 1 जुलाई 2023 को राष्ट्रीय स्तर पर शहडोल से लॉन्च किया था। वर्तमान में प्रदेश के 33 जिलों में स्क्रीनिंग जारी है, जिसमें 20 जिलों के 89 विकासखंड एवं 13 अतिरिक्त जिले (पीएम जनमन योजना) शामिल हैं। सिकल सेल उन्मूलन के लिए हमने एम्स भोपाल में नवजात शिशुओं की 72 घंटे में जाँच के लिए विशेष लैब स्थापित है। सभी चिन्हित मरीजों को हाइड्रॉक्सीउरिया, फॉलिक एसिड और निःशुल्क रक्ताधान की सुविधा प्रदान की जा रही है। गंभीर मरीजों के लिए इंदौर मेडिकल कॉलेज में बोनमेरो ट्रांसप्लांट यूनिट स्थापित की गई है, जहाँ 100 से अधिक ट्रांसप्लांट हो चुके हैं। रीवा में सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस स्थापित किया गया है। मध्यप्रदेश में मिशन के तहत 2047 तक सिकल सेल को पूरी तरह समाप्त करने के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में सतत और सशक्त प्रयास किये जा रहे है। 

चैक-लिस्ट बनाकर करें बाढ़-राहत और बचाव संबंधी निर्देशों का पालन : मुख्य सचिव जैन

भोपाल  मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन ने बाढ़ राहत एवं बचाव संबंधी राज्य स्तरीय समिति की बैठक में निर्देश दिये हैं कि बाढ़ राहत और बचाव संबंधी निर्देशों के दृष्टिगत एक चेक लिस्ट बनाई जाये और उक्त अनुसार सभी विभाग अगले 15 दिनों के अंदर सौंपे गये दायित्वों को पूरा करें। उन्होंने कहा कि उड़ीसा में आपदा प्रबंधन पर हुए अच्छे कार्यों को मॉडल बनाकर राज्य में उसी तरह का सिस्टम विकसित किया जाये, जिससे जनहानि से बचा जा सके। उन्होंने राजस्व, गृह, कृषि, जल संसाधन, और मौसम विभाग को मिलकर समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिये। बैठक मेंगृह विभाग को बाढ़ राहत संबंधी कार्यों का नोडल विभाग बनाये जाने का निर्णय लिया गया। मुख्य सचिव श्री जैन ने विभिन्न विभागों को बाढ़ से बचाव और राहत संबंधी अनेक दायित्व सौंपे हैं। मानसून पूर्व बाढ़ एवं अतिवृष्टि से निपटने के लिए हुई राज्य स्तरीय समिति की बैठक में गृह विभाग को सेना से समन्वय, बाढ़ बचाव उपकरणों की तैयारी, प्रशिक्षित तैराकों की सूची और नियंत्रण कक्ष से समन्वय की जिम्मेदारी दी गई। राजस्व विभाग को सभी कलेक्टर को चैक-लिस्ट अनुसार तैयारी, आपदा की स्थिति में क्षति आकलन और समय पर राहत वितरण सुनिश्चित करने का कार्य सौंपा गया है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को अस्थायी शिविरों के लिए भवन चयन, जर्जर भवनों के चिंहांकन की कार्रवाई, निचले क्षेत्रों से आबादी का स्थानांतरण और खुले बोरवेल/कुओं की सुरक्षा के निर्देश दिए गए हैं। लोक निर्माण विभागको पुलों पर बैरियर, जर्जर भवनों की मरम्मत और चेतावनी बोर्ड लगाने का कार्य सौंपा गया है। परिवहन विभागको बसों की फिटनेस जांच, ओवरलोडिंग पर नियंत्रण और बाढ़ में सुरक्षित यातायात की व्यवस्था सुनिश्चित करने का दायित्व मिला है। नगरीय विकास विभाग को नालों की सफाई, निचली बस्तियों को खाली कराने और जर्जर भवनों की मरम्मत सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। जल संसाधन विभाग को बांधों की मजबूती, जल निकासी, पूर्वानुमान और बाढ़ संभावित गांवों का चिन्हांकन करने का उत्तरदायित्व सौंपा गया है। स्वास्थ्य विभाग को बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में चिकित्सा, दवाएं, टीकाकरण और महामारी रोकथाम के लिए आवश्यक सामग्री की व्यवस्था के साथ सर्पदंश के उपचार में प्रयुक्त एंटीवेनम की पर्याप्त व्यवस्था करनी होगी। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को स्वच्छ पेयजल, शुद्धिकरण, क्लोरीन टैबलेट वितरण और निगरानी की जिम्मेदारी दी गई है। कृषि विभाग को खाद-बीज का भंडारण, समय पर वितरण और कीट-व्याधि पर निगरानी का दायित्व दिया गया है। पशुपालन विभाग को पशुचिकित्सा दल, दवाएं, चारे का भंडारण और मृत पशुओं के सुरक्षित निपटान की जिम्मेदारी सौंपी गई है। खाद्य विभाग को खाद्यान्न और आवश्यक राहत सामग्री का भंडारण, मूल्य निर्धारण और वितरण की व्यवस्था करना होगी। नर्मदा घाटी विकास विभागको बड़े बांधों से पानी छोड़ने का समन्वय, कंट्रोल रूम संचालन और बाढ़ की चेतावनी संबंधी प्रचार की जिम्मेदारी दी गई है। ऊर्जा विभाग को राहत स्थलों पर विद्युत आपूर्ति, वैकल्पिक व्यवस्था, फील्ड टीम गठन और पब्लिक सूचना की जिम्मेदारी दी गई है। महिला एवं बाल विकास विभाग को महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा, परामर्शदाताओं की मदद से सुरक्षित निष्क्रमण की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। मौसम विभाग को मानसून के दौरान वर्षा की दैनिक जानकारी और मौसम का पूर्वानुमान प्रतिदिन गृह, जल संसाधन विभाग और नर्मदा घाटी विकास प्राधिकारण को नियमित रूप से देनी होगी। दूरदर्शन तथा आकाशवाणी को भारी वर्षा तथा बाढ़ की स्थिति में जिला प्रशासन या राज्य शासन के निर्देश पर पूर्व चेतावनी और स्थानीय लोगों को सही जानकारी देते हुए सचेत करने में सहयोग करना है। उच्च स्तरीय समिति की बैठक में अपर मुख्य सचिव श्री जे.एन. कंसोटिया, डॉ. राजेश राजौरा, श्री संजय शुक्ला, प्रमुख सचिव श्री विवेक पोरवाल, श्री संदीप यादव, श्री एम. सेल्वेन्द्रन, आयुक्त श्रीमती अनुभा श्रीवास्तव के अतिरिक्त मौसम विभाग, आर्मी के अधिकारी उपस्थित थे। अन्य विभागों के अधिकारी-वर्चुअल उपस्थित रहे।  

दो माह पूर्व जन्मे चारों प्रीमेच्योर शिशु पूरी तरह स्वस्थ, मां और शिशु डिस्चार्ज

भोपाल कैलाशनाथ काटजू चिकित्सालय, भोपाल में विशेषज्ञों की देखरेख ने दो माह पूर्व जन्मे चार प्रीमेच्योर शिशुओं को नया जीवन मिला है। शिशु पूरी तरह स्वस्थ हैं और बच्चों सहित मां को डिस्चार्ज कर दिया गया है। नोडल अधिकारी डॉ. रचना दुबे ने बताया कि श्रीमती ज्योति ने एक साथ चार बच्चों को जन्म दिया। यह डिलीवरी 9 अप्रैल को हुई। विवाह के पाँच वर्षों बाद ज्योति को यह खुशी मिली थी। प्रसव प्री-टर्म (समयपूर्व) था और चारों नवजात शिशुओं का वजन अत्यंत कम था। इनमें से एक शिशु का वजन 1 किलोग्राम से भी कम था, जबकि अन्य तीन का वजन लगभग 1 किलोग्राम के आसपास था। कठिन परिस्थितियों के बावजूद चिकित्सालय की विशेषज्ञ टीम द्वारा सभी शिशुओं को सी-पैप पर रखा गया और सर्फेक्टेंट थेरेपी दी गई, जो सामान्यतः निजी अस्पतालों में अत्यंत महंगी होती है। कैलाशनाथ काटजू चिकित्सालय में यह संपूर्ण चिकित्सा सुविधा निशुल्क उपलब्ध कराई गई। चारों नवजातों को लगभग 60 दिनों तक चिकित्सालय में रखकर समुचित देखभाल प्रदान की गई। चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ की सतत निगरानी और प्रयासों के फलस्वरूप चारों नवजात शिशु पूर्णतः स्वस्थ हैं और 9 जून को माँ ज्योति को अस्पताल से विधिवत डिस्चार्ज कर दिया गया। नोडल अधिकारी डॉ. रचना दुबे के मार्गदर्शन में यह चिकित्सकीय प्रक्रिया की गई। चारों नवजात की देखभाल में प्रमुख रूप से डॉ. सुजाता जनवदे, डॉ. स्मिता सक्सेना, डॉ. ममता वर्मा, डॉ. प्रतिभा रैकवार सहित डॉ. अमित, डॉ. लोकनाथ, डॉ. निर्मला, डॉ. गरिमा, डॉ. राकेश और अस्पताल के नर्सिंग स्टाफ ने अत्यंत समर्पण और मानवीय संवेदना के साथ योगदान दिया। 

जल जीवन मिशन में ग्वालियर, भिंड, नर्मदापुरम और शहडोल जिले एफएचटीसी उपलब्ध कराने में अग्रणी

भोपाल  प्रदेश में जल जीवन मिशन के अंतर्गत प्रत्येक ग्रामीण परिवार को नल के माध्यम से शुद्ध एवं सुरक्षित पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए पीएचई विभाग द्वारा सतत एवं मिशन मोड में कार्य किया जा रहा है। इस कड़ी में 8 जून 2025 को प्रदेश के पाँच जिलों—मुरैना, ग्वालियर, भिंड, नर्मदापुरम और शहडोल—ने फंक्शनल हाउसहोल्ड टैप कनेक्शन प्रदान करने की दिशा में राज्य स्तरीय प्रदर्शन में सर्वोच्च स्थान प्राप्त किया है। इन जिलों ने जल जीवन मिशन के निर्धारित मापदंडों के अनुरूप हर-घर जल कनेक्शन उपलब्ध कराने में उल्लेखनीय कार्य करते हुए प्रदेश स्तर पर मिशन के उद्देश्यों को गति प्रदान की है। इंडेक्स आधारित मानिटरिंग के अनुसार, इन जिलों द्वारा 8 जून को सबसे अधिक एफएचटीसी दर्ज किए गए, जो ग्रामीण पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को सशक्त और प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण संकेतक है। प्रदेश में मिशन की सफलता का आधार जमीनी स्तर पर की जा रही सुव्यवस्थित योजना, क्रियान्वयन की सघनता, तथा विभागीय कर्मचारियों और जिला प्रशासन के समन्वयपूर्ण प्रयास हैं। मुरैना, ग्वालियर, भिंड, नर्मदापुरम और शहडोल जिलों की पीएचई टीमों ने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद निर्धारित लक्ष्यों की पूर्ति के लिये अभियानात्मक गति से कार्य करते हुए यह उपलब्धि हासिल की है। इन जिलों की प्रगति यह भी दर्शाती है कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों, ग्राम जल एवं स्वच्छता समितियों और सामुदायिक सहभागिता के साथ समन्वय से जल जीवन मिशन की प्रभावशीलता बढ़ी है। तकनीकी अमले द्वारा गुणवत्तापूर्ण नल कनेक्शन प्रदान करने, जल स्रोतों की नियमित निगरानी करने तथा जल गुणवत्ता की जांच सुनिश्चित करने जैसे आयामों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। पीएचई विभाग द्वारा मिशन से जुड़ी समस्त गतिविधियों की नियमित समीक्षा और फील्ड स्तर पर पर्यवेक्षण सुनिश्चित किया गया है, जिससे कार्यों की पारदर्शिता और गति बनी रहे। विभाग द्वारा मिशन की सफलता को “सभी के लिए जल, सबकी भागीदारी” के सिद्धांत पर आधारित सामूहिक प्रयास का परिणाम बताया गया है। जल जीवन मिशन के अंतर्गत मध्यप्रदेश निरंतर प्रगति कर रहा है और इन पाँच जिलों का यह प्रदर्शन यह स्पष्ट करता है कि प्रदेश हर घर में नल से जल पहुंचाने के संकल्प की दिशा में मजबूत कदम बढ़ा रहा है।  

बावड़ियों का संरक्षण जल संवर्धन के लिए जरूरी, उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने किया बूंद सहेंजे बावड़ी पुस्तक का विमोचन

भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा ने सोमवार को निवास कार्यालय में जल गंगा सवंर्धन अभियान के अंतर्गत जन अभियान परिषद द्वारा प्रकाशित पुस्तक ‘ बूंद सहेजे बावड़ी’ का विमोचन किया। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण की दिशा यह में एक सतत प्रयास है जिसमें प्रदेश की बावड़ियों की जानकारी प्राप्त कर उसे स्वच्छ एवं निर्मल जल में परिवर्तित किया जाना है। श्री देवड़ा ने कहा कि मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद् की यह अनूठी पहल है। श्री देवड़ा ने कहा कि बावड़ियाँ हमारी प्राचीन जलस्त्रोत धरोहर हैं और यही जल संरक्षण का आधार रही हैं। हमारा दायित्व है कि प्रदेश में बावड़ियों की खोज कर उन्हें संरक्षित कर पीने योग्य बनाया जाए। उन्होंने कहा कि नगरिकों को यह पुस्तक धार्मिक, सांस्कृतिक, सामाजिक और ऐतिहासिक महत्व को समझने और समझाने का अवसर होगा। श्री देवड़ा ने कहा कि जल का संरक्षण आवश्यक है क्योंकि जल ही जीवन है इसके बगैर मनुष्य की कल्पना करना बेकार है । जन अभियान परिष्द जल स्त्रोतों के संरक्षण और संवर्धन के लिये जनभागीदारी में कर रही है। जन जागरूकता से बावड़ियों को सहेजने का कार्य हो रहा है । इस अवसर पर म.प्र. जनअभियान परिषद् के उपाध्यक्ष श्री मोहन नागर एवं निर्देशक डॉ. बकुल लाड़ उपस्थित रहे।  

प्राचीन बावडि़यों को चिन्हित कर किये जा रहे हैं जल संरक्षण के कार्य

भोपाल प्रदेश स्तर पर 30 मार्च से शुरू हुआ जल गंगा संवर्धन अभियान लगातार जारी है। अभियान में 30 जून तक निरंतर गतिविधियाँ हों, इसके लिये जिला प्रशासन द्वारा लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। अभियान में चिन्हित की गयीं बावड़ियों की सफाई कर अंतिम रूप दिया जा रहा है। जन-सामान्य को इनके ऐतिहासिक महत्व के बारे में भी जानकारी दी जा रही है। राजस्व अधिकारियों की समीक्षा बैठक में भी अब तक किये गये कार्यों की समीक्षा की गयी है। दीपों से जगमगायी प्राचीन बावड़ी मंडला जिले में जल गंगा संवर्धन अभियान में जन-भागीदारी से नदी-तालाबों के आस-पास सफाई कार्य किये जा रहे हैं। महाराजपुर संगम घाट स्थित बावड़ी में “बावड़ी उत्सव” का आयोजन कलेक्टर श्री सोमेश मिश्रा के निर्देर्शन में हुआ। परम पूज्य संत श्री भीमदेव जी आचार्य काशी विश्वनाथ वैदिक गुरुकुल और माँ नर्मदा गौशाला जिलहरी घाट, गाजीपुर और अन्य संतों के साथ बावड़ी उत्सव मनाया गया। कार्यक्रम की शुरूआत में माँ नर्मदा के चित्र पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्वलित किया गया। कार्यक्रम में बताया गया कि प्राचीन काल में बावड़ियाँ वर्षा के पानी को एकत्रित करने और भूजल स्तर को बनाए रखने के लिए बनाई जाती थीं। शुष्क क्षेत्रों में, वे जल उपलब्धता में मौसमी उतार-चढ़ाव से निपटने में मदद करती थीं। बावड़ियाँ सामाजिक मेलजोल के लिए एक महत्वपूर्ण स्थान हुआ करती थीं। कार्यक्रम में बताया गया कि बाबडी का निर्माण कार्य वर्ष 1890 में किया गया था। इस बावड़ी की संरचना ऐसी हैं कि इसमें नर्मदा जलधारा हमेशा बनी रहती हैं। जल गंगा संवर्धन अभियान के सभी निर्माण कार्य जल्द हों पूरे नीमच जिले मेंजल गंगा संवर्धन अभियान में सभी कार्य तेजी से पूरे किये जा रहे हैं। कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा ने जनपद सीईओ एवं सभी सहायक यंत्रियो को निर्देश दिये कि वे उन कामों का दौरा कर निरीक्षण करें, जहाँ जल स्रोतों की सफाई का कार्य अभी भी चल रहा है। बैठक में सेक्टरवार नवीन खेत-तालाब निर्माण, डगवेल रिचार्ज और प्राचीन जल-स्रोत संबंधी कार्यों का प्रस्तुतिकरण किया गया। जिले में 22 अमृत सरोवरों, 731 खेत-तालाब और 1900 कुआँ रिचार्ज के कार्य जारी हैं। बावड़ी उत्सव मनाया गया उज्जैन जिले में मध्यप्रदेश जन-अभियान परिषद द्वारा जल गंगा संवर्धन अभियान में बावड़ी उत्सव मनाया गया। यह उत्सव ग्राम रुई स्थित प्राचीन श्री भैरव बाबा की बावड़ी पर किया गया। महिलाओं द्वारा शिव मंदिर पर पूजन-अर्चन कर बावड़ी तक ढोल के साथ कलश यात्रा निकाली गई। ग्रामीणों को जल संरक्षण का महत्व बताते हुए प्राचीन जल संरचनाओं की उपयोगिता एवं आवयश्कता बताई गई। ग्रामीणों को जल संरचनाओं में कूड़ा-कचरा और अन्य अपशिष्ट पदार्थों को न डालने की शपथ दिलाई गई। जिला पंचायत सदस्य श्री अमर सिंह ने वाटर हॉर्वेस्टिंग, नए तालाबों का निर्माण एवं वर्षा के जल को सहजने की बात कही। महिदपुर में गंगा दशहरा में बावड़ी उत्सव का आयोजन ग्राम सुहागपुरा स्थित पटेलों की बावड़ी पर किया गया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से पौध-रोपण, दीपोत्सव, सुंदरकांड का आयोजन किया गया। जल स्रोतों का निरीक्षण टीकमगढ़ जिले में कलेक्टर श्री विवेक श्रोत्रिय ने जल गंगा सबर्धन अभियान अंतर्गत कुओं की सफाई व वर्षा पूर्व कराई जा रही नालों की सफाई का निरीक्षण किया। उन्होंने कन्या महाविद्यालय के पास स्थित नाला, पशु चिकित्सालय के पास की बावड़ी, बंडा नहर की चल रही सफाई कार्य का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि जल स्रोतों की सफाई और मरम्मत का कार्य आवश्यक रूप से आने वाले 7 दिन में पूर्ण कर लिया जाये। उन्होंने वर्षाकाल के दौरान जिले में व्यापक स्तर पर किये जाने वाले पौध-रोपण के लिये तैयार की गई कार्य-योजना की जानकारी ली। जल स्रोतों को पुनर्जीवित करें सागर में कमिश्नर डॉ. वीरेंद्र सिंह रावत ने कलेक्टर कार्यालय में आयोजित राजस्व अधिकारियों की बैठक में जल गंगा संवर्धन अभियान में किये जा रहे कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि जल गंगा संवर्धन अभियान 30 जून तक जारी रहेगा। इसके अंतर्गत सभी पुराने जल स्रोतों को पुनर्जीवित किया जाए और उनका संरक्षण किया जाए। कमिश्नर श्री रावत ने कहा कि सभी राजस्व अधिकारी जन-प्रतिनिधियों से समन्वय के साथ कार्य करें। उन्होंने कहा कि अभियान के अंतर्गत कार्यों को गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए। सागर कलेक्टर श्री संदीप जी.आर. ने बताया कि जिले में पानी रोकने के लिए कार्य किया जा रहा है। उन्होंने इस अभियान के माध्यम से छोटे नदी, नालों, बावड़ियों को पुनर्जीवित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सभी ग्राम पंचायत भवनों में रेन वाटर हॉर्वेस्टर सिस्टम तैयार करने के निर्देश दिये। कलेक्टर ने कहा कि जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत किए जाने वाले निर्माण कार्यों की एसडीएम मौके पर जाकर स्थल निरीक्षण करें। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि जल स्रोतों के पास चेक डैम बनाया जाए, जिससे पानी रोका जा सके साथ ही रिचार्ज पिट भी बनाएं, जिससे जल संवर्धन का कार्य भी किया जा सके। उन्होंने कहा कि हम सभी को जागरूक रहते हुए इस दिशा में लगातार प्रयास करना होगा। जल संरक्षण के लिए समाज के सभी वर्गों की भूमिका है। उन्होंने जन सामान्य से भी अपील की है कि वे अपने घरों में रेनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम के साथ-साथ रिचार्ज पिट/सम्पवेल भी अवश्य बनवाएं।

शहर के पॉश इलाके सिटी सेंटर में रेड माउंटेन मसाज पार्लर पर देह व्यापार का भंडाफोड़ हुआ, पुलिस ने मारा छापा

ग्वालियर शहर के पॉश इलाके सिटी सेंटर में रेड माउंटेन मसाज पार्लर पर देह व्यापार का भंडाफोड़ हुआ है। यहां युवक और युवतियां आपत्तिजनक हालत में मिले। यहां से पांच सेक्स वर्कर को भी पकड़ा गया। पुलिस ने जब मसाज पार्लर की तलाशी ली तो यहां से कई संदिग्ध वस्तुएं भी बरामद हुई हैं। पुलिस ने मैनेजर, पार्लर संचालक और ग्राहकों पर एफआइआर दर्ज की है।   काफी समय से मिल रही थी पुलिस को सूचना सिटी सेंटर इलाके में मसाज पार्लर की आड़ में देह व्यापार का अड्डा चलने की सूचना पुलिस को लंबे समय से मिल रही थी। एएसपी कृष्ण लालचंदानी ने सीएसपी हिना खान के नेतृत्व में महिला थाना प्रभारी, अजाक थाना प्रभारी सहित महिला पुलिसकर्मियों की टीम बनाई। एक सिपाही को यहां ग्राहक बनाकर भेजा गया। जैसे ही यहां उससे डील कर ली तो उसने पुलिस अधिकारियों को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस फोर्स ने दबिश दी। यहां दो कमरों में अनैतिक स्थिति में दो युवक सेक्स वर्कर के साथ पकड़े गए। यहां पांच सेक्स वर्कर मिलीं। इनसे पूछताछ हुई तो देह व्यापार की पुष्टि हुई। जब तलाशी ली तो संदिग्ध वस्तुएं भी बरामद हुई। हर दिन आते थे 5 से 6 ग्राहक महिला पुलिस अधिकारियों ने जब सेक्स वर्कर से पूछताछ की तो इन्होंने बताया कि एक ग्राहक को सर्विस देने के एवज में इन्हें एक हजार रुपये मिलते थे। मैनेजर ग्राहक से दो हजार रुपये लेता था। इसमें से एक हजार संचालक को जाते थे। एक हजार रुपये इन्हें मिलते थे। हर दिन पांच से छह ग्राहक आते थे। आपत्तिजनक हालत में मिले दो ग्राहक देह व्यापार का भंडाफोड़ करने के बाद एसएसपी धर्मवीर सिंह ने बताया कि रेड माउंटेन मसाल पार्लर की आड़ में देह व्यापार हो रहा था। यहां दो ग्राहक आपत्तिजनक स्थिति में पकड़े गए हैं। जिन पर FIR दर्ज की उनमें मालिक दीपक तोमर उर्फ विवेक तोमर व भानु भदौरिया, मैनेजर विक्रम शर्मा और ग्राहक अमित भदौरिया, सूरज छावड़िया शामिल हैं।

केन्द्रीय सचिव हरिरंजन राव और डॉ. पल्लवी जैन गोविल ने खेल और युवा कल्याण की गतिविधियों और योजनाओं का किया अवलोकन

भोपाल  सचिव खेल मंत्रालय एवं महानिदेशक भारतीय खेल प्राधिकरण श्री हरिरंजन राव और सचिव युवा कल्याण डॉ. पल्लवी जैन गोविल ने सोमवार को भोपाल में मध्यप्रदेश की खेल और युवा कल्याण की गतिविधियों का अवलोकन किया और योजनाओं की विस्तृत जानकारी ली। सचिव श्री हरिरंजन राव ने सुबह उद्धवदास मेहता भाईजी सेन्ट्रल रीजनल सेन्टर, भारतीय खेल प्राधिकरण गौरा-गांव, बिशनखेड़ी की सुविधाओं का अवलोकन किया। उन्होंने खेल और युवा कल्याण विभाग की शूटिंग, घुड़सवारी अकादमी, स्पोर्ट्स सांइस सेन्टर का भी अवलोकन किया। अतिरिक्त मुख्य सचिव खेल और युवा कल्याण श्री मनु श्रीवास्तव के साथ तात्याटोपे स्टेडियम स्थित ध्यानचंद कॉन्फ्रेन्स हॉल में बैठक हुई। बैठक में सचिव खेल मंत्रालय श्री हरिरंजन राव, संचालक खेल और युवा कल्याण श्री राकेश गुप्ता, संचालक रीजनल सेन्ट्रल सेन्टर श्री अभिषेक सिंह, सचिव साई श्री विष्णुकांत तिवारी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में खेल संचालक श्री राकेश गुप्ता द्वारा विभाग की खेल और युवा कल्याण गतिविधियों एवं योजनाओं का प्रेजेन्टेशन दिया गया। खेल अकादमियों पर आधारित लघु फिल्म और खेलो बढ़ो अभियान की फिल्म को भी प्रदर्शित किया गया। सचिव श्री हरिरंजन राव ने मध्यप्रदेश के खेल और युवा कल्याण की गतिविधियों की मुक्त कंठ से सराहना करते हुए भारत सरकार से हर संभव मदद का अश्वासन दिया। माय भारत पोर्टल से जुड़ें विभिन्न विभाग सचिव, युवा कार्यक्रम मंत्रालय डॉ. पल्लवी जैन गोविल ने यूथ हॉस्टल भोपाल का अवलोकन किया और तात्याटोपे स्टेडियम में एन.वॉय.के. और माय भारत के अधिकारियों से भेंट कर गतिविधयों की जानकारी ली। डॉ. गोविल ने टी.टी. नगर खेल स्टेडियम पहुँचकर माय भारत योजना की राज्य स्तरीय समीक्षा की। उन्होंने युवाओं की भागीदारी को सशक्त करने के लिए सुझाव दिए। ‘माय भारत’ पोर्टल एवं एप के उपयोग को सशक्त करने के लिये तकनीकी सुधार के बारे में भी चर्चा की। उन्होंने प्रदेश के विभिन्न विभागों को ‘माय भारत’ प्लेटफॉर्म से जोड़ने पर बल दिया। बैठक में राज्य निदेशक श्री अतुल निकम ने ‘माय भारत (मेरा युवा भारत)’ योजना की गतिविधियों और उद्देश्यों पर प्रस्तुति दी। बैठक के समापन पर जिला युवा अधिकारी भोपाल श्रीमती निक्की राठौर ने आभार माना। बैठक में उपनिदेशक श्री रोहित यादव, श्री विनोद चतुर्वेदी, श्री हर्षल तलस्कर, श्री पंकज गोस्वामी, श्री राजेंद्र शर्मा, श्री सागर वाधवानी एवं खेल विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।  

कार्यकाल के अंतिम दिन सी एम एच ओ भोपाल डॉ तिवारी ने अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ की बैठक

भोपाल  सी एम एच ओ भोपाल डॉ प्रभाकर तिवारी द्वारा कार्यकाल के अंतिम दिन  स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की बैठक ली गई। जिसमें स्वास्थ्य विभाग की सेवाओं को निरंतर रूप से समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए। इस दौरान विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों ने डॉ तिवारी को नए दायित्व के लिए शुभकामनाएं दी।   अब राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन में संभालेंगे दायित्व  डॉ तिवारी आज राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन मध्यप्रदेश कार्यालय में नवीन पदभार ग्रहण करेंगे। शासन द्वारा इनका प्रमोशन करते हुए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कार्यालय में वरिष्ठ संयुक्त संचालक बनाया गया है। उनके स्थान पर डॉ मनीष शर्मा को भोपाल सीएमएचओ बनाया गया है। डॉ प्रभाकर तिवारी को 5 साल पूर्व कोविड की विषम परिस्थितियों के बीच में भोपाल सीएमएचओ का प्रभार दिया गया था, इस दौरान उन्होंने राज्यस्तरीय अधिकारियों और जिला प्रशासन के सहयोग से महामारी नियंत्रण में उल्लेखनीय कार्य किया था।   कम्युनिटी बेस्ड एप्रोच की निरंतरता को बनाए रखना जरूरी  विभागीय बैठक में डॉ तिवारी ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग भोपाल द्वारा अंत्योदय की अवधारणा के अनुरूप श्रमिक पीठों, रैन बसेरों, तंग बस्तियों, घरों में काम करने वाले दीदियों, स्वच्छता कर्मियों, बस ड्राइवर, कंडक्टर्स, वृद्धाश्रमों, जेल बंदियों, न्यूज पेपर हॉकर्स तक पहुंचकर स्वास्थ्य सेवाएं दी गईं हैं। इन हितग्रहियों का निरंतर फॉलोअप आवश्यक है। पिछले 5 सालों में संजीवनी क्लीनिक की संख्या दो गुना से भी अधिक हुई हैं। बड़े अस्पतालों के ओ पी डी लोड को कम करने के लिए स्थानीय लोगों को सामान्य बीमारियों के उपचार के लिए इन स्वास्थ्य संस्थाओं में आने के लिए प्रेरित किया जाए।    प्रशिक्षणों से प्राप्त जानकारी का उपयोग सेवाओं की बेहतरी के लिए  डॉ तिवारी ने कहा कि अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, गांधी मेडिकल कॉलेज, निजी मेडिकल कॉलेजों के विशेषज्ञों से प्राप्त जानकारी का उपयोग स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतरी के लिए किया जाए। विभाग द्वारा सुसाइड प्रीवेंशन के लिए गेटकीपर्स ट्रेनिंग, नगर निगम के साथ डॉग हैंडलर्स ट्रेनिंग, एम्स के साथ पेलेटिव केयर, पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य जैसे कई महत्वपूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रम भी किए गए हैं।   सामाजिक सरोकारों से भी जुड़ा सी एम एच ओ कार्यालय  पिछले कुछ सालों में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय भोपाल ने सामाजिक सरोकारों से जुड़कर भी सेवाओं का विस्तार किया है। इसके तहत अंगदान को बढ़ावा देने के लिए अंगदान करने वालों के परिजनों को सम्मानित किया गया। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत उपचार से स्वस्थ हुए बच्चों को मुख्य धारा से जोड़ने और उनके मनोबल को बढ़ाने के लिए सांस्कृतिक प्रस्तुतियां , क्रिकेट मैच सहित विभिन्न कार्यक्रम करवाए गए। गैर शासकीय संगठनों का सहयोग लेकर मोबाइल वेन से आई स्क्रीनिंग, चश्मा वितरण, वृद्धजनों के लिए फिजियोथेरेपी, डेंगू मलेरिया जागरूकता, घर बैठे ऑनलाइन ओ पी डी अपाइंटमेंट सिस्टम शुरू किया गया। सी एम एच ओ कार्यालय की विशाल तिरंगा यात्रा, रहवासी समितियों में आयुष्मान शिविर, धार्मिक-सामाजिक आयोजनों में स्वास्थ्य शिविर की सेवाएं दी गई हैं।        ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट सहित अनेक राष्ट्रीय स्तर के आयोजनों में स्वास्थ्य विभाग ने अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। पी एम श्री एयर एम्बुलेंस की सेवाओं आमजन तक पहुंचाने , प्राइवेट स्कूलों में आर बी एस के टीम द्वारा स्क्रीनिंग शुरू की गई है।  जिले की 35 स्वास्थ्य संस्थाओं का नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस स्टैंडर्ड के तहत प्रमाणीकरण हुआ है । इनमें से कोलुआ कला को देश भर में सर्वाधिक अंकों के साथ यह सर्टिफिकेट मिला है।

विधानसभा की याचिका एवं अभ्यावेदन समिति की बैठक में हुए विधायक शामिल

आष्टा  मप्र विधानसभा की याचिका एवं अभ्यावेदन समिति की आज विधानसभा भवन में कक्ष क्र 7 में बैठक सम्पन्न हुई । समिति के सदस्य के रूप में आष्टा विधायक गोपालसिंह इंजीनियर उक्त बैठक में शामिल हुए । विधानसभा भवन में याचिका एवं अभ्यावेदन समिति की बैठक में प्राप्त याचिकाओं पर सुनवाई की गई एवं सम्बंधित विभागों को आवश्यक दिशा निर्देश प्रदान किए गये ।

भोपाल सनातन संस्कृति के केंद्र के रूप में बना रहा है पहचान मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भोपाल, सनातन संस्कृति के केंद्र के रूप में पहचान बनाने की दिशा में एक और कदम आगे बढ़ा है। कैंची धाम वाले नीम करोली महाराज के हनुमत धाम के निर्माण से भोपाल की आभा और कीर्ति बढ़ेगी। भोपाल में राजा भोज के नाम से भोज द्वार बनाने का संकल्प लिया था, हनुमत धाम निर्माण भी इसी दिशा में एक कदम है। सम्राट विक्रमादित्य सहित भारतीय संस्कृति से जुड़े सभी गौरवशाली पक्षों को यहां प्रदर्शित किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव कैंची धाम वाले नीब करोली महाराज के रतनपुर भोपाल में बन रहे हनुमत धाम के भूमि पूजन कार्यक्रम को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन से वर्चुअली संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर प्रकाशित स्मारिका “कैंची धाम वाले नीब करोली महाराज-बाबा का हनुमत धाम” का विमोचन भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भोपाल में बाबा का धाम बनाने का राम राज बाबा नीब करौरी चैरिटेबल ट्रस्ट का संकल्प स्वागत योग्य है। बाबा से जुड़े कार्यक्रम में सम्मिलित होना सौभाग्य का विषय है। धाम निर्माण का संकल्प एक अध्यात्मिक युग के सूत्रपात जैसा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कैंची धाम की महिमा देश-विदेश में अनुभव की जा रही है। वैश्विक स्तर पर उनके अनुभवों और संदेशों से लोग प्रेरणा ले रहे हैं। भोपाल का यह धाम सम्पूर्ण प्रदेश और आस-पास के राज्यों के लिए बाबा के आशीर्वाद का केन्द्र बनेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने धाम के लिए डॉ. बृजेश श्रीवास्तव द्वारा भूमि समर्पित करने के लिए उनकी सराहना करते हुए भूमि दान को अनुकरणीय पहल बताया। खेल एवं युवा कल्याण तथा सहकारिता मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग तथा सांसद श्री वी.डी. शर्मा ने भी अपने विचार रखे। मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में श्री हितानंद शर्मा, श्री आशीष अग्रवाल, डॉ. बृजेश श्रीवास्तव, श्री नितेन्द्र शर्मा, श्रीमती अनिता अग्निहोत्री तथा बाबा नीम करौरी की पौत्र-वधु श्रीमती शैलजा शर्मा उपस्थित थीं। रतनपुर स्थित कार्यक्रम स्थल पर सांसद भोपाल श्री आलोक शर्मा, विधायक श्री रामेश्वर शर्मा एवं श्री भगवानदास सबनानी, बाबा नीब करौरी के पौत्र डॉ. धनंजय शर्मा, वरिष्ठ पत्रकार श्री राकेश अग्निहोत्री सहित जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।  

मुख्यमंत्री सुगम बस योजना की होगी शुरूआत, मुख्यमंत्री ने की गाडरवाड़ा में गौशाला निर्माण की घोषणा

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि उनका और राज्य सरकार का गाडरवारा के नागरिकों के साथ विकास और विश्वास का रिश्ता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के किसानों को कृषि आधारित उद्योग लगाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। कृषि उद्योग समागम मेला भी लगाए जा रहे हैं। कृषि आधारित उद्योग लगाने वाले किसानों को 50 प्रतिशत तक की सब्सिडी दी जाएगी। कृषि उद्योग से जुड़े रोजगार परक कारखाने बनायेंगे, जहां काम करने वाले को 5 हजार रुपये महिने भी दिये जायेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गाडरवाड़ा में गौशाला निर्माण किए जाने और प्रदेशवासियों को सुगम परिवहन सेवा भी उपलब्ध करवाने की भी घोषणा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को नरसिंहपुर जिले के गाडरवाड़ा में 80 करोड़ रूपये से अधिक के निर्माण और विकास कार्यों का भूमिपूजन तथा लोकार्पण करने के बाद जनसभा को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश विकास की नई ऊंचाईयों को छू रहा है। विश्व में देश का मान-सम्मान बढ़ा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के सेवा एवं सुशासन के 11 वर्ष पूर्ण हो रहे हैं। विकास की नई उपलब्धियां सभी के सामने हैं। उनके कार्यकाल में तीन तलाक का कानून पास हुआ, जिसके क्रियान्वयन में कहीं भी कोई विरोध नहीं हुआ। धारा 370 हटाने पर देश के अंदर एक आनंद का माहौल रहा। पहलगांव की घटना में पूरा देश एकजुट हुआ और पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब दिया गया। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने अयोध्या में भगवान श्री रामलला की प्राण प्रतिष्ठा कर देश में सनातन संस्कृति को नई ऊंचाई प्रदान की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में गरीब, युवा, किसान और महिला सशक्तिकरण की दिशा में तेजी से कार्य हो रहे हैं और इसका समाज में व्यापक असर भी दिख रहा है।  नई पीढ़ी को शिक्षित करने की मुहिम मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नव प्रवेशित बच्चों का तिलक लगाकर स्वागत कर उन्हें पुस्तकें प्रदान की। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को बेहतर शिक्षा देने का प्रबंध किया जा रहा है, ताकि बच्चे देश के लोकतंत्र, सभ्यता व संस्कृति को जान सकें और अपने उज्ज्वल भविष्य के सपने को साकार कर सकें। महिला सशक्तिकरण प्राथमिकता मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नारी सशक्तिकरण की दिशा में भी प्रदेश सरकार कई कल्याणकारी कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि लाड़ली बहना की राशि 5 साल में तीन हजार रुपये कर दी जायेगी। पहले साल में एक बार रक्षाबंधन का त्यौहार आता था, लेकिन अब लाड़ली बहना योजना की राशि आने से हर महीने बहनों के लिए त्यौहार जैसा माहौल रहता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि परिसीमन के बाद लोकसभा व विधानसभा चुनाव में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण दिया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रिमोट के माध्यम से 80 करोड़ 46 लाख 30 हजार रुपये के 135 निर्माण कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। उन्होंने 56 करोड़ 58 लाख 6 हजार रुपये के 67 निर्माण कार्यों का लोकार्पण और 23 करोड़ 88 लाख 24 हजार रुपये के 68 निर्माण कार्यों का भूमिपूजन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के विकास के कार्यों में कोई कोर कसर नहीं रखी जायेगी। जिले के विकास के लिए मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह द्वारा जो प्रस्ताव दिए गए हैं, उन्हें पूर्ण किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वृहद स्तर पर सोलर पॉवर कनेक्शन प्रदाय किए जाएंगे, जिससे किसानों को बिजली की समस्या से मुक्ति मिलेगी। मुख्यमंत्री सुगम बस योजना की प्रदेश में होगी शुरूआत मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यात्रियों की सुविधा के दृष्टिगत शीघ्र ही पूरे प्रदेश में “मुख्यमंत्री सुगम बस योजना” प्रारंभ की जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य परिवहन निगम पुनः पूरे प्रदेश में बसों का संचालन करेगा। उन्होंने कहा कि सांईखेड़ा में 132 केव्ही का विद्युत सबस्टेशन बनेगा। उन्होंने 60 करोड़ रुपये की लागत से चीचली- सालीचौका 20 किमी सड़क बनाने की घोषणा की और 27 करोड़ रुपये की लागत से अर्जुनगांव से गाडरवारा 17.50 किमी की सड़क बनाने की घोषणा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कांसे, पीतल का उपयोग करें इससे चीचली सहित हमारे आसपास के भाई-बहनों को काम मिलेगा। उन्होंने कहा कि इस बार गुरू पूर्णिमा एवं कृष्ण जन्माष्टमी धूमधाम से मनाई जायेगी। दशहरे में रावण का दहन तो होगा ही, साथ ही शस्त्र-पूजन भी किया जायेगा। जल संरक्षण की दिशा में जल गंगा संवर्धन अभियान और नदी जोड़ो परियोजना के काम तेजी से चल रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शिक्षकों एवं विद्यार्थियों का किया सम्मान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कक्षा 10 वीं व 12 वीं में प्रदेश की प्रावीण्य सूची में शामिल होने वाले विद्यार्थियों और शैक्षणिक कार्य में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले शिक्षकों का भी प्रतिमात्मक रूप से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के दौरान स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह ने मुख्यमंत्री के प्रति कृतज्ञता प्रकट करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गाडरवारा को डेढ़ साल में 350 करोड़ रुपये की सौगात दी है और इस क्षेत्र को विकास की राह पर पहुंचाया है। मुख्यमंत्री को 2 करोड़ रुपये की लागत से गाडरवारा तालाब के सौंदर्यीकरण के लिए भी धन्यवाद दिया।  

अगर मन में पढ़ने की लगन हो, तो… सौंसर में सात फेरे लेने के बाद पति संग परीक्षा केंद्र पहुंची दुल्हन

छिंदवाड़ा अगर मन में पढ़ने की लगन हो, तो रास्ते खुद-ब-खुद बन जाते हैं। लाल जोड़े में सजी, हाथों में मेंहदी, माथे पर सिंदूर और गले में मंगलसूत्र आमतौर पर इस रूप में दुल्हन विदा होकर ससुराल जाती है, लेकिन सौंसर में नवविवाहिता ने ऐसी मिसाल पेश की, जिसकी चर्चा हर कोई कर रहा है। नवविवाहिता वसुधा ने विवाह के सात फेरे लिये, घड़ी देखी और सीधा परीक्षा केंद्र पहुंच गई।   रविवार को विवाह और सोमवार को बीएड की परीक्षा दुल्हन ने अपने सुनहरे कल के सपने को उत्तर पुस्तिका के लाईनों में अंकित कर दिया। ये अनोखी मिसाल पेश की है, दुल्हन बनी वसुधा ने, वसुधा का रविवार को विवाह हुआ और सोमवार को अपने जीवन साथी ऋषभ पालीवाल के साथ शासकीय महाविद्यालय सौंसर पहुंची और बीएड की परीक्षा दी। वसुधा एक निजी शिक्षण संस्था संचालक प्रशांत वाडेकर एवं हिना वाडेकर की पुत्री हैं । जिसका विवाह ऋषभ पालीवाल के साथ हुआ है। अन्य परीक्षार्थियों की नजरें ठहर गई परीक्षा केंद्र में जब अन्य परीक्षार्थी सजी संवरी दुल्हन को उत्तर पुस्तिका भरते हुए देख रहे थे तो सभी की नजरें ठहर गई, लेकिन वसुधा की कलम नहीं रूकी। उसके चेहरे पर एक अनोखा आत्मविश्वास था जो बता रहा था कि, यह दुल्हन सिर्फ घर ही नहीं भविष्य भी संवारने आई है। ‘शिक्षा किसी रस्म के आगे नहीं झुकती’, दुल्हन ने कहा वसुधा ने बताया कि विवाह एक पड़ाव हो सकता है, लेकिन पढ़ाई एक यात्रा है। शिक्षा किसी रस्म के आगे नहीं झुकती। एक शिक्षित महिला ही परिवार और समाज को आगे बढ़ाती है । शिक्षा के प्रति ऐसा समर्पण कम ही देखने को मिलता है।

राज्यमंत्री जायसवाल ने कहा- बेटियाँ अब किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं

भोपाल कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री दिलीप जायसवाल ने सेवा भारती माधव मंडल, भोपाल द्वारा बालिकाओं के आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर सहभागिता की। उन्होंने बालिकाओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि बेटियां अब किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं और वे विभिन्न क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रही हैं। श्री जायसवाल ने कहा कि राज्य सरकार ने बेटियों को आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित कर समान अवसर  उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने महिला सशक्तिकरण पर जोर देते हुए कहा कि महिलाओं को समाज में बराबरी का दर्जा दिलाने के लिए काम किया जा रहा है। बालिकाओं की शिक्षा और स्वास्थ्य पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। राज्यमंत्री श्री जायसवाल ने कहा कि सेवा भारती द्वारा 13 वर्ष से 18 वर्ष की बालिकाओं को जूडो, मार्शल आर्ट एवं कराटे का प्रशिक्षण देकर आत्मरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। श्री जायसवाल ने कहा कि सेवा भारती का यह प्रयास बालिकाओं को आत्मनिर्भर और सुरक्षित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने कार्यक्रम का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। बालिकाओं को तुलसी का पौधा भेंट कर प्रोत्साहित किया। कार्यक्रम में माधव मंडल की अध्यक्ष श्रीमती मंजुलता शर्मा, मंडल प्रभारी श्री राम रघुवंशी, समाजसेवी श्री उमेश और बड़ी संख्या मं छात्राएं उपस्थित थीं।   

प्रदेश के सभी कर्मचारियों के डाटा को समय पर अपडेट करने के निर्देश जिम्मेदार अधिकारियों को दिये: जगदीश देवड़ा

भोपाल उप मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री श्री जगदीश देवड़ा ने प्रदेश के सभी कर्मचारियों के डाटा को समय पर अपडेट करने के निर्देश जिम्मेदार अधिकारियों को दिये हैं। उन्होंने निर्देशित किया है कि डाटा अपडेशन में देरी पर संबंधित डीडीओ की जिम्मेदारी तय की जाए। उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने बताया कि डाटा क्लीनिंग एक्सरसाइज एक सतत् प्रक्रिया है, जिससे सेवानिवृत्त होने वाले, प्रतिनियुक्ति पर रहने वाले कर्मचारियों, मृत कर्मचारियों एवं अन्य विभिन्न स्थितियों में अन्य स्थानों पर कार्य करने वाले कर्मचारियों का डाटा अपडेट किया जाता है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के कर्मचारियों का डाटा सत्यापन किया गया है और अभी तक कोई भी कर्मचारी संदिग्ध नहीं पाया गया है अर्थात किसी भी कर्मचारी को किसी भी प्रकार से कोई भी आर्थिक लाभ नियमों के विपरीत नहीं मिला है। उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने बताया कि डाटा क्लीन करने की प्रक्रिया के बाद IFMIS NEXT GEN मे Data Migration करना सुविधाजनक होगा। इससे शुद्ध डाटा की फीडिंग हो सकेगी। उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने बताया कि प्रदेश में आयुक्त कोष एवं लेखा द्वारा गठित स्टेट फाइनेंशियल इंटेलिजेंस सेल (SFIC) द्वारा विभिन्न डाटा सेट्स का परीक्षण तथा विश्लेषण निरंतर हो रहा है। सरकार द्वारा सुशासन के दृष्टिगत की जाने वाली कार्यवाही में IFMIS डाटा से संज्ञान में आया कि प्रदेश में 36 हजार 26 नियमित, 8 हजार 784 गैर नियमित कुल मिलाकर 44 हजार 810 कर्मचारियों का वेतन आहरित नहीं किया गया है। शासन स्तर से वेतन आहरण नहीं होने के कारणों का पता लगाने के लिये निर्देश जारी किये गये। संभावित कारणों की पड़ताल होने पर जांच में सामने आया कि त्यागपत्र देने वाले कर्मचारी, सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारी, प्रतिनियुक्ति पर जाने वाले कर्मचारी,बगैर एम्पलाई कोड वाले कर्मचारी और मृत कर्मचारियों का डाटा समय पर अपडेट नहीं होने से कर्मचारियों का डाटा मिसमेच हुआ है। शासन स्तर से इनकी वास्तविक संख्या ज्ञात करते हुए IFMIS में DDO तथा कोषालय अधिकारी स्तर से डेटाबेस में आवश्यक अपडेट कराने के उद्देश्य से समस्त DDO से जानकारी कोषालय अधिकारियों के माध्यम से एकत्रित कर भविष्य में सभी प्रविष्टियां समय पर करने के निर्देश दिये गये हैं। आयुक्त कोष एवं लेखा ने बताया है कि इस सन्दर्भ में ऐसे नियमित एवं गैर नियमित कर्मचारियों की डाटा सम्बन्धी जानकारी प्राप्त की गई है, जिनका वेतन IFMIS कोषालय प्रणाली से आहरित नहीं हुआ है, (यह अन्य किसी प्रणाली से आहरित हो सकता है यथा प्रतिनियुक्ति, स्थानीय निकाय आदि)। इसके साथ अन्य संभावित कारणों को DDO के माध्यम से एकत्रित किया गया है। आयुक्त कोष एवं लेखा ने बताया कि प्रथम दृष्टया DDO से सत्यापन उपरांत जानकारी विश्लेषण करने पर अभी तक कोई संदिग्ध कर्मचारी परिलक्षित नहीं हुआ है। समस्त DDO को एम्पलाई कोड के समक्ष उपयुक्त flagging करने तथा एग्जिट एंट्री इत्यादि के माध्यम से डेटाबेस अद्यतन करने के निर्देश दिये गये हैं।  

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