LATEST NEWS

सूर्य मित्र कृषि फीडर योजना समिट छोटे निवेशक होंगे समिट से लाभान्वित

मुख्यमंत्री डॉ. यादव सूर्य मित्र कृषि फीडर योजना समिट में होंगे शामिल सूर्य मित्र कृषि फीडर योजना समिट आज  कुशाभाऊ इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में सूर्य मित्र कृषि फीडर योजना समिट छोटे निवेशक होंगे समिट से लाभान्वित भोपाल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी देश को सौर ऊर्जा के क्षेत्र में सिरमौर बनाने के लिये “सबका साथ-सबका विकास और सबके विश्वास’’ के साथ लक्ष्य की ओर अग्रसर हैं। प्रधानमंत्री मोदी के लक्ष्य प्राप्ति में मध्यप्रदेश भी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रतिबद्धतापूर्वक निरंतर कार्य कर रहा है। मंगलवार 10 जून को कुशाभाऊ इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में छोटे निवेशकों और किसानों की सौर ऊर्जा उत्पादन में सहभागिता को सुनिश्चित करने के लिये सूर्य मित्र कृषि फीडर योजना का आयोजन किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव समिट का शुभारंभ करेंगे। समिट में नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला भी उपस्थित रहेंगे। इसमें विभिन्न सत्र आयोजित किये जायेंगे। सत्रों में विषय-विशेषज्ञों द्वारा विस्तार से जानकारी दी जायेगी। एमडी ऊर्जा विकास निगम अमनबीर सिंह बैंस प्रात: 11 बजे प्रोजेक्ट और निविदा की विशेषताओं पर प्रकाश डालेंगे। दोपहर में निविदा प्रक्रिया का प्रेजेंटेशन होगा। रिसोर्स मॉनीटरिंग सिस्टम पर विचार-विमर्श होगा। इसके अतिरिक्त मेनिट की डॉ. प्रियंका पालीवाल ‘रियेक्टिव पॉवर-ग्रिड स्टेबिलाइजेशन एण्ड इम्पेक्ट ऑन फीडर’ पर व्याख्यान देंगी। समिट में फीडर सोलराइजेशन में वित्तीय सहायता के लिये बैंकर्स का सेशन भी आयोजित किया गया है। समिट में प्रोसेस फ्लो और डिमांस्ट्रेशन पर भी प्रेजेंटेशन होंगे। समिट में इनवर्टर मैन्युफेक्चरर्स का सेशन भी होगा। समिट का शुभारंभ प्रात: 10:30 बजे सहभागियों के रजिस्ट्रेशन से होगा। “सूर्य-मित्र कृषि फीडर”- क्रियान्वयन के मुख्य बिंदु     योजना के अंतर्गत विद्युत् सबस्टेशंस की 100 प्रतिशत क्षमता तक की सौर परियोजनाओं की स्थापना की जा सकेगी।     वोकल फॉर लोकल के अंतर्गत स्थानीय उद्यमियों के लिए निवेश एवं रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। शासन के साथ 25 वर्षों तक विद्युत् क्रय अनुबंध किया जाएगा।     प्रदेश में 1900 से अधिक सबस्टेशंस पर 14500 मेगावाट क्षमता परियोजनाओं के चयन हेतु उपलब्ध हैं। परियोजनाओं को एग्रीकल्चर इन्फ्रा फंड से 7 वर्षों तक 3 प्रतिशत ब्याज में छूट का प्रावधान है।  

विधानसभा की याचिका एवं अभ्यावेदन समिति की बैठक में हुए विधायक शामिल

आष्टा  मप्र विधानसभा की याचिका एवं अभ्यावेदन समिति की आज विधानसभा भवन में कक्ष क्र 7 में बैठक सम्पन्न हुई । समिति के सदस्य के रूप में आष्टा विधायक गोपालसिंह इंजीनियर उक्त बैठक में शामिल हुए । विधानसभा भवन में याचिका एवं अभ्यावेदन समिति की बैठक में प्राप्त याचिकाओं पर सुनवाई की गई एवं सम्बंधित विभागों को आवश्यक दिशा निर्देश प्रदान किए गये ।

महाराष्ट्र सरकार के पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग का 9 सदस्यीय दल दो दिवसीय दौरे पर मध्यप्रदेश आएगा

भोपाल जल गंगा संवर्धन अभियान में मनरेगा परिषद द्वारा किए गए नवाचार को देखने महाराष्ट्र सरकार के पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग का 9 सदस्यीय दल दो दिवसीय दौरे पर मध्यप्रदेश आएगा। इस दल में महाराष्ट्र शासन के मंत्रालय, जिला और विकास खंड स्तर के अधिकारी शामिल है। वाटर शेड विभाग के अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री कमलाकर रानादेवी के नेतृत्व में दल के सदस्य 12 जून को भोपाल एवं 13 जून को रायसेन जिले के सांची विकासखंड का भ्रमण करेंगे। दल के सदस्य फील्ड में जाकर सिपरी साफ्टवेयर खेत तालाब और अमृत सरोवरों के निर्माण स्थल चयन में किस तरह से काम करता है, इसका अध्ययन करेंगे। साथ ही मनरेगा परिषद द्वारा कार्ययोजना को लेकर तैयार किए गए प्लानर ऐप के बारे में भी जानकारी प्राप्त करेंगे। जल गंगा संवर्धन अभियान अंतर्गत बारिश के पानी को बचाने के लिए बनाए जा रहे खेत तालाब, अमृत सरोवर और कूप रिचार्ज पिट का कार्य भी देखेंगे। केन्द्र सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय भूमि संसाधन विभाग द्वारा बीते दिनों राष्ट्रीय समीक्षा कार्यक्रम आयोजित किया गया था। समीक्षा कार्यक्रम में मनरेगा आयुक्त-संचालक वाटरशेड मिशन श्री अवि प्रसाद ने मध्यप्रदेश में जल संरक्षण व संवर्धन और अन्य प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के कार्यों के चयन तथा मॉनिटरिंग के लिए किए गए नवाचार सिपरी सॉफ्टवेयर का प्रस्तुतीकरण किया, जिसकी केन्द्र सरकार के अधिकारियों द्वारा प्रशंसा की गई है। केन्द्र सरकार ने राज्य के इस नवाचार को समीक्षा कार्यवाही विवरण में रेखांकित किया है। राष्ट्रीय समीक्षा में अन्य राज्यों के प्रमुख सचिवों और मुख्य कार्यपालन अधिकारियों ने भी सिपरी की उपयोगिता की सराहना की और अपने राज्यों में भी इसके उपयोग की रुचि दिखाई। अब अन्य राज्यों से भी सिपरी के अध्ययन के संबंध में प्रस्ताव प्राप्त हो रहे हैं। सिपरी सॉफ्टवेयर की मदद से खेत तालाब, अमृत सरोवर का किया गया है स्थल चयन प्रदेश में पहली बार खेत-तालाब और अमृत सरोवरों के निर्माण के लिए स्थल का चयन वैज्ञानिक पद्धति से किया गया है। इसके लिए मनरेगा परिषद द्वारा सिपरी सॉफ्टवेयर की मदद ली गई है। जल गंगा संवर्धन अभियान अंतर्गत पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की मनरेगा योजना में सभी जिलों में 78 हजार 950 खेत तालाब, 99 हजार 320 कूप रिचार्ज पिट और 1 हजार 254 अमृत सरोवरों का निर्माण कराया जा रहा है। साथ ही 2 लाख 30 हजार 749 जलदूतों ने पंजीयन कराया है। क्या है सिपरी सॉफ्टवेयर एवं प्लानर ऐप सिपरी (सॉफ्टवेयर फॉर आइडेंटीफिकेशन एंड प्लानिंग ऑफ रूरल इन्फ्रास्ट्रक्चर) सॉफ्टवेयर एक उन्न्त तकनीक का सॉफ्टवेयर है, जिसे महात्मा गांधी नरेगा, मध्यप्रदेश राज्य रोजगार गारंटी परिषद, भोपाल द्वारा एमपीएसईडीसी और इसरो के सहयोग से तैयार कराया गया है। इस साफ्टवेयर का मुख्य उद्देश्य जल संरक्षण के लिए उपयुक्त स्थलों की सटीक पहचान कर गुणवत्तापूर्ण संरचनाओं का निर्माण सुनिश्चित करना है। साथ ही यह भौगोलिक सूचना प्रणाली (जीआईएस) आधारित वैज्ञानिक पद्धतियों से जल सरंचना स्थलों के चयन को अधिक सटीक बनाता है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के मनरेगा परिषद द्वारा एक प्लानर ऐप बनाया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य है मनरेगा के उद्देश्यों एवं प्रावधानों का पालन कराते हुए कार्ययोजना को आसान तरीके से बनाया जाना। ऐप के माध्यम से ग्राम पंचायत स्तर पर लिए जाने वाले कार्यों की वार्षिक कार्ययोजना तैयार की जाती है। मध्यप्रदेश इस तरह का नवाचार करने वाला देश का पहला राज्य है। 6 एवं 7 जून को बिहार सरकार के पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के 4 सदस्यीय दल ने भोपाल आकर सिपरी सॉफ्टवेयर और प्लानर ऐप के बारे में जानकारी भी प्राप्त कर चुका है। 30 जून तक चलेगा जल गंगा संवर्धन अभियान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में बारिश के पानी की प्रत्येक बूंद का संचयन व पुराने जल स्त्रोतों का जीर्णोद्धार करने के लिए प्रदेश में तीन माह तक जल गंगा संवर्धन अभियान चलाया जा रहा है। 30 जून तक वाले इस अभियान की शुरुआत 30 मार्च को हुई थी।  

ऊर्जा मंत्री तोमर ने कहा- पूर्व क्षेत्र विद्युत कंपनी की नई पहल, लॉंच किया V मित्र ऐप

भोपाल  ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया है कि मध्यप्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने एक अभिनव मोबाइल एप्लीकेशन ‘विद्युत मित्र (V-Mitra)’ विकसित किया है। यह ऐप कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट और गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध है। V मित्र ऐप क्या है V मित्र ऐप के माध्‍यम से आमजन अब स्‍वयं बिजली चोरी, मीटर में छेड़छाड़, अवैध विद्युत कनेक्‍शन, अवैध पॉवर एक्सटेंशन, एक ही स्‍थान पर एक से अधिक बिजली कनेक्शन, बिजली कनेक्‍शन का अवैध रूप से विस्‍तार एवं अधिक लोड का इस्‍तेमाल करने वालों की शिकायत कर सकेंगे  और की गई शिकायतों की लाइव मॉनिटरिंग भी कर सकेंगे। V मित्र ऐप “जनता का ऑडिट, जनता के द्वारा, जनता के लिए” के सिद्धांत पर काम करता है । V मित्र ऐप कैसे डाउनलोड करें  V मित्र ऐप को गूगल प्‍ले स्‍टोर में जाकर आसानी से डाउनलोड क‍िया जा सकता है। उपयोगकर्ता को शिकायत करने के लिए पंजीकरण कराना आवश्‍यक है, इसके लिए क‍िसी भी दस्‍तावेज की आवश्‍यकता नहीं होगी, अब क‍िसी भी स्‍थान से शिकायत दर्ज करायी जा सकती है। जानकारी देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जायेगी। ऐप मोबाइल के जीपीएस द्वारा स्‍वयं लोकेशन कैप्‍चर करता है। शिकायतकर्ता अवैध कनेक्शन या मीटर छेड़छाड़ जैसी घटनाओं की तस्वीरें आसानी से अपलोड कर सकते हैं।  ऐप की मुख्य विशेषता यह है कि यह उपयोगकर्ता को गूगल को-ऑर्डिनेट्स के माध्यम से अपने स्थान के 750 मीटर के दायरे में आने वाले सभी उपभोक्ताओं का विवरण देखने की सुविधा देता है। शिकायत कैसे करें जिस बिजली उपभोक्ता की शिकायत की जाना है, उस उपभोक्ता का IVRS नंबर दर्ज करना होगा और फिर की जा रही अनियमितता चुनाव करते हुए फोटो अपलोड कर रिपोर्ट सबमिट करना होगा। यदि IVRS नंबर उपलब्ध नहीं है, तो ऐप स्वचलित रूप से उपयोगकर्ता के वर्तमान स्थान की GPS लोकेशन कैप्चर करेगा। यहां भी फोटो अपलोड करनी होगी । पुरस्कार शिकायतकर्ता की शिकायत पर कंपनी की सतर्कता जाँच टीम संबंधित स्थल पर पहुँचकर जाँच करेगी। शिकायत सही पाये जाने पर इनाम की राशि सीधे शिकायतकर्ता द्वारा लिंक क‍िये गये बैंक अकाउंट में ट्रांसफर की जायेगी, जो अधिकतम 50 हजार रुपये तक हो सकती है। शिकायत का लगातार अपडेट मिलता रहेगा। शिकायत के विरूद्ध क‍िसी भी प्रकार की अपील नहीं होने पर इनाम की राशि 7 दिन में बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी जायेगी। आम नागरिक ऐप पर की गई शिकायतों के लंबित, प्रक्रियाधीन एवं पूर्ण होने की जानकारी प्राप्‍त कर सकते हैं। अनियमितता की श्रेणी के अनुसार, कंपनी ने इनाम राशि अलग-अलग स्लैब में तय की है। गलत जानकारी पर इनाम नहीं मिलेगा। क्या V मित्र ऐप उपभोक्ता शिकायत प्लेटफॉर्म है V मित्र ऐप केवल निगरानी के लिए है, यह उपभोक्ता की व्यक्तिगत शिकायतें (जैसे बिलिंग त्रुटियाँ, मीटर विवाद, मीटर कनेक्‍शन, बिजली कटौती) हल करने के लिए नहीं है। उसके लिए कंपनी के हेल्पलाइन नंबर 1912 या Nidaan पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज कर सकते हैं।  उपयोगकर्ताओं की सहायता के लिए कंपनी ने ऐप उपयोग की स्पष्ट दिशा-निर्देशों वाली एक पुस्तिका (यूज़र गाइड) भी प्रकाशित की है। इसके अतिरिक्त, कंपनी ने उपभोक्ता संबंधित जानकारी जैसे कि IVRS नंबर, लोड, श्रेणी, पता आदि सभी 24 जिलों के लिए अपनी वेबसाइट http://www.mpez.co.in पर सार्वजनिक कर दी है। कोई भी आम नागरिक इस जानकारी को देख सकता है।  

जून में पहली बार प्रदेश के 7 शहरों में पारा 45 डिग्री या इससे अधिक दर्ज किया गया, खजुराहो शहर सबसे गर्म रहा

भोपाल  जून में पहली बार प्रदेश के 7 शहरों में पारा 45 डिग्री या इससे अधिक दर्ज किया गया। इससे पहले अप्रैल में इतनी गर्मी रही थी। जबकि 24 शहरों में तापमान 40 डिग्री या इससे ज्यादा रहा। मध्य प्रदेश में लगातार डेढ़ महीने से चल रहे आंधी बारिश के बीच एक बार फिर से तापमान में बढ़ोतरी शुरु हो गई है। जून में पहली बार प्रदेश के 7 शहरों में पारा 45 डिग्री या इससे अधिक दर्ज किया गया। इससे पहले अप्रैल में इतनी गर्मी रही थी। जबकि 24 शहरों में तापमान 40 डिग्री या इससे ज्यादा रहा। खजुराहो शहर सबसे गर्म रहा सोमवार को छतरपुर का खजुराहो शहर सबसे गर्म रहा। यहां पारा 45.8 डिग्री तक पहुंच गया। टीकमगढ़ में 45.4 डिग्री, ग्वालियर, नर्मदापुरम-सागर में 45.2 डिग्री, नौगांव और गुना में तापमान 45 डिग्री रहा। बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में सबसे ज्यादा 43.4 डिग्री, जबलपुर में 42.6 डिग्री, उज्जैन में 42 डिग्री और इंदौर में 39.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। प्रदेश के अधिकतम तापमान वाले शहर शहर             अधिकतम तापमान खजुराहो         45.8 डिग्री टीकमगढ़       45.4 डिग्री ग्वालियर        45.2 डिग्री नर्मदापुरम      45.2 डिग्री सागर            45.2 डिग्री             15 जून तक पहुंचेगा मध्य प्रदेश में मानसून पिछले 12 दिन से मानसून महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ में एक ही जगह पर ठहरा है। इस वजह से एमपी में इसकी एंट्री लेट हो रही है। अगले 2 से 3 दिन तक मानसून के आगे बढ़ने की संभावना कम ही है। यानी, मानसून 15 जून तक प्रदेश में प्रवेश कर सकता है। इस बार मई जून में आंधी-बारिश वाला मौसम रहा। प्रदेश में 26 अप्रैल से आंधी-बारिश का दौर शुरू हो गया था, जो 8 जून को भी जारी रहा। यानी, लगातार 44 दिन से प्रदेश के किसी न किसी जिले में पानी गिर रहा है, या आंधी चल रही है। रविवार को भी कई जिलों में बारिश का दौर बना रहा। प्रदेश में अगले 3 दिन ऐसा रहेगा मौसम 10 जून: ग्वालियर, भिंड, मुरैना, श्योपुर, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में लू चल सकती है। पन्ना, कटनी, डिंडौरी, मंडला, बालाघाट, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, बैतूल, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन और बड़वानी में बारिश हो सकती है। 11 जूनः ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर में लू का अलर्ट है। वहीं, बड़वानी, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, बैतूल, पांढुर्णा, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, सागर, दमोह, सिवनी, जबलपुर, कटनी, पन्ना, सतना, मैहर, उमरिया, मंडला, बालाघाट, डिंडौरी, अनूपपुर, शहडोल, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में गरज-चमक और बारिश का असर रह सकता है। 12 जून: जबलपुर, विदिशा, सीहोर, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, डिंडौरी, अनूपपुर, उमरिया, शहडोल, दमोह, छतरपुर, सतना, मैहर, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में हल्की बारिश होने की संभावना है।  

सीएम मोहन यादव ने कहा- भोपाल में बाबा का धाम बनाने का राम राज बाबा नीब करौरी चैरिटेबल ट्रस्ट का संकल्प स्वागत योग्य

भोपाल मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा है कि भोपाल, सनातन संस्कृति के केंद्र के रूप में पहचान बनाने की दिशा में एक और कदम आगे बढ़ा है। कैंची धाम वाले नीम करोली महाराज के हनुमत धाम के निर्माण से भोपाल की आभा और कीर्ति बढ़ेगी। भोपाल में राजा भोज के नाम से भोज द्वार बनाने का संकल्प लिया था, हनुमत धाम निर्माण भी इसी दिशा में एक कदम है। सम्राट विक्रमादित्य सहित भारतीय संस्कृति से जुड़े सभी गौरवशाली पक्षों को यहां प्रदर्शित किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ यादव कैंची धाम वाले नीब करोली महाराज के रतनपुर भोपाल में बन रहे हनुमत धाम के भूमि पूजन कार्यक्रम को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन से वर्चुअली संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर प्रकाशित स्मारिका “कैंची धाम वाले नीब करोली महाराज-बाबा का हनुमत धाम” का विमोचन भी किया।   मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भोपाल में बाबा का धाम बनाने का राम राज बाबा नीब करौरी चैरिटेबल ट्रस्ट का संकल्प स्वागत योग्य है। बाबा से जुड़े कार्यक्रम में सम्मिलित होना सौभाग्य का विषय है। धाम निर्माण का संकल्प एक अध्यात्मिक युग के सूत्रपात जैसा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कैंची धाम की महिमा देश-विदेश में अनुभव की जा रही है। वैश्विक स्तर पर उनके अनुभवों और संदेशों से लोग प्रेरणा ले रहे हैं। भोपाल का यह धाम सम्पूर्ण प्रदेश और आस-पास के राज्यों के लिए बाबा के आशीर्वाद का केन्द्र बनेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने धाम के लिए डॉ. बृजेश श्रीवास्तव द्वारा भूमि समर्पित करने के लिए उनकी सराहना करते हुए भूमि दान को अनुकरणीय पहल बताया। 

45 से कम उम्र के होंगे जिलाध्यक्ष, 5 साल का अनुभव जरूरी, पार्टी जिलाध्यक्ष के लिए 6 नामों का पैनल करेगी तैयार

भोपाल मध्य प्रदेश कांग्रेस में संगठन सृजन अभियान के अंतर्गत जिलाध्यक्षों के चयन के लिए सख्त मानदंड तय किए गए हैं। पार्टी प्रत्येक जिले से जिलाध्यक्ष पद के लिए छह नामों का पैनल तैयार करेगी। इस पैनल में प्राथमिकता 45 वर्ष से कम आयु के उन कार्यकर्ताओं को दी जाएगी जिन्होंने पार्टी में कम से कम 5 वर्षों तक काम किया हो।  कांग्रेस में जिलाध्यक्षों के लिए नए नियम पार्टी ने यह निर्देश रविवार को वर्चुअल बैठक के दौरान प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी द्वारा 165 पर्यवेक्षकों को दिए। इस बैठक में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार भी मौजूद रहे। हरीश चौधरी ने स्पष्ट किया कि यह बदलाव युवाओं को नेतृत्व में लाने की दिशा में एक ठोस प्रयास है। हालांकि, यदि किसी जिले में कोई वरिष्ठ और प्रभावशाली नेता है, तो उसके नाम पर भी विचार किया जा सकता है — लेकिन कारण स्पष्ट रूप से दर्ज होना चाहिए। इसके साथ ही, जातीय संतुलन का विशेष ध्यान रखते हुए निर्देश दिए गए हैं कि पैनल में अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़ा वर्ग या महिला उम्मीदवार में से किसी एक को जरूर शामिल किया जाए। संगठन और चुनाव कार्य होंगे अलग-अलग संगठनात्मक मजबूती के लिए एक और बड़ा निर्णय लिया गया है। अब पार्टी के संगठन पदाधिकारियों को चुनाव लड़ने की अनुमति नहीं होगी। यदि कोई संगठन पदाधिकारी चुनाव लड़ना चाहता है, तो उसे पद से इस्तीफा देना होगा। यह निर्णय पार्टी के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी की उपस्थिति में आयोजित राजनीतिक मामलों की समिति की बैठक में लिया गया। पार्टी ने क्या कहा? पार्टी का मानना है कि चुनाव और संगठन को अलग रखने से दोनों कार्य बेहतर तरीके से संचालित किए जा सकते हैं। हाल के चुनावों में देखा गया कि संगठन के पदाधिकारी चुनाव लड़ने में व्यस्त हो जाते हैं जिससे संगठनात्मक गतिविधियां प्रभावित होती हैं। इस निर्णय से पार्टी को चुनावी रणनीति और संगठनात्मक मजबूती दोनों में संतुलन मिलेगा।

एनटीए 14 जून को नीट यूजी का परिणाम घोषित कर देगी, नीट यूजी दोबारा नहीं होगी, सोमवार को यह स्पष्ट हो गया

इंदौर नीट यूजी दोबारा नहीं होगी, सोमवार को यह स्पष्ट हो गया। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) 14 जून को नीट यूजी का परिणाम घोषित कर देगी। मप्र हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने सोमवार को हुई सुनवाई में एनटीए को याचिका दायर करने वाले 75 छात्रों के परिणाम छोड़कर शेष का परिणाम घोषित करने की अनुमति दे दी। याचिका दायर करने वाले 75 छात्रों के मामले में 16 जून को अंतिम बहस होगी। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं ने मांग की थी कि मामले का अंतिम निराकरण होने तक एमबीबीएस की 75 सीटें आरक्षित रखी जाएं, लेकिन कोर्ट ने इसे अस्वीकार कर दिया। कोर्ट ने कहा कि 14 जून को परिणाम घोषित होने के तुरंत बाद काउंसलिंग शुरू नहीं होगी, इसलिए सीटें आरक्षित रखने का कोई मतलब नहीं। वैसे भी कोर्ट 16 जून को अंतिम सुनवाई कर ही रही है। चार मई को पूरे देश में एक साथ आयोजित हुई नीट यूजी के लिए इंदौर में 49 सेंटर बनाए गए थे। परीक्षा के दिन इंदौर में मौसम बदला और जोरदार बारिश के चलते पूरे शहर में बिजली गुल हो गई। परीक्षा केंद्रों पर बिजली गुल होने पर कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं थी। कई परीक्षा केंद्र में अंधेरा छा गया और परीक्षार्थियों को मोमबत्ती की रोशनी में परीक्षा देना पड़ी।   आधा घंटा चली बहस, कोर्ट ने दी परिणाम घोषित करने की अनुमति सोमवार को न्यायमूर्ति पवन कुमार द्विवेदी के समक्ष याचिकाओं की सुनवाई हुई। सालिसीटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि घोषित परीक्षा कार्यक्रम के हिसाब से एनटीए को 14 जून को नीट यूजी का परिणाम जारी करना है, लेकिन कोर्ट ने इंदौर के प्रभावित सेंटरों के 8790 परीक्षार्थियों के परिणाम घोषित करने पर रोक लगा रखी है। इस वजह से पूरा परीक्षा परिणाम अटक रहा है। हम कोर्ट से प्रार्थना करते हैं कि वह याचिका दायर करने वाले 75 छात्रों को छोड़कर शेष सभी परीक्षार्थियों का परिणाम घोषित करने की अनुमति दे दे। याचिकाकर्ताओं की ओर से पैरवी कर रहे एडवोकेट नीतिन भाटी, मृदल भटनागर ने इसका विरोध किया और मांग की कि एनटीए को परिणाम घोषित करने की अनुमति दी जाती है तो याचिकाकर्ताओं के हित में 75 सीटें आरक्षित रखी जाएं। मामले में करीब आधा घंटा बहस चली। याचिकाकर्ता ऐसे भी जिनका कुछ लेना-देना नहीं सुनवाई के दौरान ही कोर्ट को बताया गया कि कुछ ऐसे छात्रों ने भी याचिका दायर कर दी है जिनका अव्यवस्था से कुछ लेना देना नहीं है। इन याचिकाकर्ताओं के परीक्षा केंद्र पूरी तरह से अप्रभावित थे, लेकिन सिर्फ परीक्षा दोबारा आयोजित करने की मांग लेकर वे कोर्ट में आ गए हैं। सभी पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने एनटीए से कहा कि वह याचिका दायर करने वाले 75 छात्रों को छोड़कर शेष का परिणाम घोषित करने के लिए स्वतंत्र है। शीघ्र सुनवाई की जाए, हमें अपील भी करना पड़ सकती है याचिकाकर्ताओं की ओर से एडवोकेट भटनागर ने मांग की कि मामले में शीघ्रता से सुनवाई की जाए। वर्तमान में याचिकाओं की सुनवाई एकल पीठ के समक्ष चल रही है। अगर हमें यहां राहत नहीं मिली तो हमें अपील दायर करना पड़ सकती है। इसमें समय लगेगा। इस पर कोर्ट ने कहा कि हम मामले में 16 जून को अंतिम सुनवाई कर लेंगे।

राष्ट्रीय सिकल सेल उन्मूलन मिशन-2047 के अंतर्गत विश्व सिकल सेल दिवस 19 जून को, बड़वानी में होगा राज्य स्तरीय कार्यक्रम

भोपाल राष्ट्रीय सिकल सेल उन्मूलन मिशन-2047 के अंतर्गत विश्व सिकल सेल दिवस 19 जून को बड़वानी में ग्राम पंचायत तलून के खेल स्टेडियम में राज्य स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु मुख्य अतिथि रहेंगी। कार्यक्रम में राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल सहित अन्य मंत्रीगण शामिल होंगे। इस अवसर पर कई नवाचारों का शुभारंभ किया जाएगा। इनमें जेनेटिक काउंसलिंग जागरूकता वीडियो और प्रभावित गर्भवती महिलाओं के लिए व्यापक दिशानिर्देश/मॉड्यूल शामिल हैं। लक्षित आयु वर्ग की शत-प्रतिशत स्क्रीनिंग पूर्ण करने वाली पंचायतों को सम्मानित किया जाएगा। कार्यक्रम दिवस में प्रदेश में सिकल सेल रोग के प्रति जागरूकता लाने की गतिविधियाँ आयोजित की जायेंगी। सिकल सेल प्रभावित 33 जिलों में विशेष परामर्श शिविर आयोजित किए जाएंगे, जहाँ उन्हें आनुवंशिक परामर्श, रोग प्रबंधन, भावी पीढ़ी के लिए संभावनाओं और आवश्यक चिकित्सकीय सेवाओं की जानकारी दी जाएगी। उप-केन्द्रों से लेकर जिला अस्पतालों तक सभी प्राथमिक एवं माध्यमिक स्वास्थ्य संस्थानों में विशेष शिविर लगाकर रोगियों की पहचान, स्क्रीनिंग तथा परिवार के अन्य सदस्यों की भी जांच की जायेगी। सिकल सेल रोगियों और उनके देखभाल कर्ताओं को पेन क्राइसिस जैसी तीव्र स्थितियों में प्रबंधन के तरीकों से अवगत कराया जाएगा। जिले की विशेष रूप से प्रभावित जनजातीय एवं ग्रामीण पंचायतों में स्क्रीनिंग और परामर्श के लिए अभियान चलाया जाएगा। राज्य स्तर पर विकसित जेनेटिक काउंसलिंग कार्ड का वितरण किया जाएगा, जिससे लोगों को आनुवंशिक जानकारी समझने में सुविधा होगी। विकलांगता योजनाओं और वित्तीय सहायता से सिकल-सेल रोगियों को जोड़ने की प्रक्रिया सरल करने के लिए यूडीआईडी कार्ड निर्माण के लिए मेगा शिविरों का आयोजन भी किया जाएगा। प्रदेश में राष्ट्रीय सिकल सेल उन्मूलन मिशन के अंतर्गत अब तक 1 करोड़ 5 लाख नागरिकों की सिकल सेल स्क्रीनिंग पूरी की जा चुकी है। इनमें 2 लाख से अधिक वाहक चिन्हित हुए और 28 हज़ार 297 लोग सिकल सेल रोग से ग्रसित पाए गए। इन मरीजों का उपचार जारी है। अब तक 75 लाख 36 हज़ार से अधिक सिकल सेल कार्ड वितरित किए जा चुके हैं। जिनसे प्रभावित नागरिक अपनी स्वास्थ्य स्थिति को समझ कर उचित उपचार प्राप्त कर रहे हैं। प्रदेश में मिशन की शुरुआत 15 नवंबर 2021 को राज्य हिमोग्लोबिनोपैथी मिशन के रूप में अलीराजपुर और झाबुआ में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में की थी। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने मिशन को 1 जुलाई 2023 को राष्ट्रीय स्तर पर शहडोल से लॉन्च किया था। वर्तमान में प्रदेश के 33 जिलों में स्क्रीनिंग जारी है, जिसमें 20 जिलों के 89 विकासखंड एवं 13 अतिरिक्त जिले (पीएम जनमन योजना) शामिल हैं। सिकल सेल उन्मूलन के लिए हमने एम्स भोपाल में नवजात शिशुओं की 72 घंटे में जाँच के लिए विशेष लैब स्थापित है। सभी चिन्हित मरीजों को हाइड्रॉक्सीउरिया, फॉलिक एसिड और निःशुल्क रक्ताधान की सुविधा प्रदान की जा रही है। गंभीर मरीजों के लिए इंदौर मेडिकल कॉलेज में बोनमेरो ट्रांसप्लांट यूनिट स्थापित की गई है, जहाँ 100 से अधिक ट्रांसप्लांट हो चुके हैं। रीवा में सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस स्थापित किया गया है। मध्यप्रदेश में मिशन के तहत 2047 तक सिकल सेल को पूरी तरह समाप्त करने के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में सतत और सशक्त प्रयास किये जा रहे है। 

चैक-लिस्ट बनाकर करें बाढ़-राहत और बचाव संबंधी निर्देशों का पालन : मुख्य सचिव जैन

भोपाल  मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन ने बाढ़ राहत एवं बचाव संबंधी राज्य स्तरीय समिति की बैठक में निर्देश दिये हैं कि बाढ़ राहत और बचाव संबंधी निर्देशों के दृष्टिगत एक चेक लिस्ट बनाई जाये और उक्त अनुसार सभी विभाग अगले 15 दिनों के अंदर सौंपे गये दायित्वों को पूरा करें। उन्होंने कहा कि उड़ीसा में आपदा प्रबंधन पर हुए अच्छे कार्यों को मॉडल बनाकर राज्य में उसी तरह का सिस्टम विकसित किया जाये, जिससे जनहानि से बचा जा सके। उन्होंने राजस्व, गृह, कृषि, जल संसाधन, और मौसम विभाग को मिलकर समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिये। बैठक मेंगृह विभाग को बाढ़ राहत संबंधी कार्यों का नोडल विभाग बनाये जाने का निर्णय लिया गया। मुख्य सचिव श्री जैन ने विभिन्न विभागों को बाढ़ से बचाव और राहत संबंधी अनेक दायित्व सौंपे हैं। मानसून पूर्व बाढ़ एवं अतिवृष्टि से निपटने के लिए हुई राज्य स्तरीय समिति की बैठक में गृह विभाग को सेना से समन्वय, बाढ़ बचाव उपकरणों की तैयारी, प्रशिक्षित तैराकों की सूची और नियंत्रण कक्ष से समन्वय की जिम्मेदारी दी गई। राजस्व विभाग को सभी कलेक्टर को चैक-लिस्ट अनुसार तैयारी, आपदा की स्थिति में क्षति आकलन और समय पर राहत वितरण सुनिश्चित करने का कार्य सौंपा गया है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को अस्थायी शिविरों के लिए भवन चयन, जर्जर भवनों के चिंहांकन की कार्रवाई, निचले क्षेत्रों से आबादी का स्थानांतरण और खुले बोरवेल/कुओं की सुरक्षा के निर्देश दिए गए हैं। लोक निर्माण विभागको पुलों पर बैरियर, जर्जर भवनों की मरम्मत और चेतावनी बोर्ड लगाने का कार्य सौंपा गया है। परिवहन विभागको बसों की फिटनेस जांच, ओवरलोडिंग पर नियंत्रण और बाढ़ में सुरक्षित यातायात की व्यवस्था सुनिश्चित करने का दायित्व मिला है। नगरीय विकास विभाग को नालों की सफाई, निचली बस्तियों को खाली कराने और जर्जर भवनों की मरम्मत सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। जल संसाधन विभाग को बांधों की मजबूती, जल निकासी, पूर्वानुमान और बाढ़ संभावित गांवों का चिन्हांकन करने का उत्तरदायित्व सौंपा गया है। स्वास्थ्य विभाग को बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में चिकित्सा, दवाएं, टीकाकरण और महामारी रोकथाम के लिए आवश्यक सामग्री की व्यवस्था के साथ सर्पदंश के उपचार में प्रयुक्त एंटीवेनम की पर्याप्त व्यवस्था करनी होगी। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को स्वच्छ पेयजल, शुद्धिकरण, क्लोरीन टैबलेट वितरण और निगरानी की जिम्मेदारी दी गई है। कृषि विभाग को खाद-बीज का भंडारण, समय पर वितरण और कीट-व्याधि पर निगरानी का दायित्व दिया गया है। पशुपालन विभाग को पशुचिकित्सा दल, दवाएं, चारे का भंडारण और मृत पशुओं के सुरक्षित निपटान की जिम्मेदारी सौंपी गई है। खाद्य विभाग को खाद्यान्न और आवश्यक राहत सामग्री का भंडारण, मूल्य निर्धारण और वितरण की व्यवस्था करना होगी। नर्मदा घाटी विकास विभागको बड़े बांधों से पानी छोड़ने का समन्वय, कंट्रोल रूम संचालन और बाढ़ की चेतावनी संबंधी प्रचार की जिम्मेदारी दी गई है। ऊर्जा विभाग को राहत स्थलों पर विद्युत आपूर्ति, वैकल्पिक व्यवस्था, फील्ड टीम गठन और पब्लिक सूचना की जिम्मेदारी दी गई है। महिला एवं बाल विकास विभाग को महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा, परामर्शदाताओं की मदद से सुरक्षित निष्क्रमण की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। मौसम विभाग को मानसून के दौरान वर्षा की दैनिक जानकारी और मौसम का पूर्वानुमान प्रतिदिन गृह, जल संसाधन विभाग और नर्मदा घाटी विकास प्राधिकारण को नियमित रूप से देनी होगी। दूरदर्शन तथा आकाशवाणी को भारी वर्षा तथा बाढ़ की स्थिति में जिला प्रशासन या राज्य शासन के निर्देश पर पूर्व चेतावनी और स्थानीय लोगों को सही जानकारी देते हुए सचेत करने में सहयोग करना है। उच्च स्तरीय समिति की बैठक में अपर मुख्य सचिव श्री जे.एन. कंसोटिया, डॉ. राजेश राजौरा, श्री संजय शुक्ला, प्रमुख सचिव श्री विवेक पोरवाल, श्री संदीप यादव, श्री एम. सेल्वेन्द्रन, आयुक्त श्रीमती अनुभा श्रीवास्तव के अतिरिक्त मौसम विभाग, आर्मी के अधिकारी उपस्थित थे। अन्य विभागों के अधिकारी-वर्चुअल उपस्थित रहे।  

दो माह पूर्व जन्मे चारों प्रीमेच्योर शिशु पूरी तरह स्वस्थ, मां और शिशु डिस्चार्ज

भोपाल कैलाशनाथ काटजू चिकित्सालय, भोपाल में विशेषज्ञों की देखरेख ने दो माह पूर्व जन्मे चार प्रीमेच्योर शिशुओं को नया जीवन मिला है। शिशु पूरी तरह स्वस्थ हैं और बच्चों सहित मां को डिस्चार्ज कर दिया गया है। नोडल अधिकारी डॉ. रचना दुबे ने बताया कि श्रीमती ज्योति ने एक साथ चार बच्चों को जन्म दिया। यह डिलीवरी 9 अप्रैल को हुई। विवाह के पाँच वर्षों बाद ज्योति को यह खुशी मिली थी। प्रसव प्री-टर्म (समयपूर्व) था और चारों नवजात शिशुओं का वजन अत्यंत कम था। इनमें से एक शिशु का वजन 1 किलोग्राम से भी कम था, जबकि अन्य तीन का वजन लगभग 1 किलोग्राम के आसपास था। कठिन परिस्थितियों के बावजूद चिकित्सालय की विशेषज्ञ टीम द्वारा सभी शिशुओं को सी-पैप पर रखा गया और सर्फेक्टेंट थेरेपी दी गई, जो सामान्यतः निजी अस्पतालों में अत्यंत महंगी होती है। कैलाशनाथ काटजू चिकित्सालय में यह संपूर्ण चिकित्सा सुविधा निशुल्क उपलब्ध कराई गई। चारों नवजातों को लगभग 60 दिनों तक चिकित्सालय में रखकर समुचित देखभाल प्रदान की गई। चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ की सतत निगरानी और प्रयासों के फलस्वरूप चारों नवजात शिशु पूर्णतः स्वस्थ हैं और 9 जून को माँ ज्योति को अस्पताल से विधिवत डिस्चार्ज कर दिया गया। नोडल अधिकारी डॉ. रचना दुबे के मार्गदर्शन में यह चिकित्सकीय प्रक्रिया की गई। चारों नवजात की देखभाल में प्रमुख रूप से डॉ. सुजाता जनवदे, डॉ. स्मिता सक्सेना, डॉ. ममता वर्मा, डॉ. प्रतिभा रैकवार सहित डॉ. अमित, डॉ. लोकनाथ, डॉ. निर्मला, डॉ. गरिमा, डॉ. राकेश और अस्पताल के नर्सिंग स्टाफ ने अत्यंत समर्पण और मानवीय संवेदना के साथ योगदान दिया। 

जल जीवन मिशन में ग्वालियर, भिंड, नर्मदापुरम और शहडोल जिले एफएचटीसी उपलब्ध कराने में अग्रणी

भोपाल  प्रदेश में जल जीवन मिशन के अंतर्गत प्रत्येक ग्रामीण परिवार को नल के माध्यम से शुद्ध एवं सुरक्षित पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए पीएचई विभाग द्वारा सतत एवं मिशन मोड में कार्य किया जा रहा है। इस कड़ी में 8 जून 2025 को प्रदेश के पाँच जिलों—मुरैना, ग्वालियर, भिंड, नर्मदापुरम और शहडोल—ने फंक्शनल हाउसहोल्ड टैप कनेक्शन प्रदान करने की दिशा में राज्य स्तरीय प्रदर्शन में सर्वोच्च स्थान प्राप्त किया है। इन जिलों ने जल जीवन मिशन के निर्धारित मापदंडों के अनुरूप हर-घर जल कनेक्शन उपलब्ध कराने में उल्लेखनीय कार्य करते हुए प्रदेश स्तर पर मिशन के उद्देश्यों को गति प्रदान की है। इंडेक्स आधारित मानिटरिंग के अनुसार, इन जिलों द्वारा 8 जून को सबसे अधिक एफएचटीसी दर्ज किए गए, जो ग्रामीण पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को सशक्त और प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण संकेतक है। प्रदेश में मिशन की सफलता का आधार जमीनी स्तर पर की जा रही सुव्यवस्थित योजना, क्रियान्वयन की सघनता, तथा विभागीय कर्मचारियों और जिला प्रशासन के समन्वयपूर्ण प्रयास हैं। मुरैना, ग्वालियर, भिंड, नर्मदापुरम और शहडोल जिलों की पीएचई टीमों ने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद निर्धारित लक्ष्यों की पूर्ति के लिये अभियानात्मक गति से कार्य करते हुए यह उपलब्धि हासिल की है। इन जिलों की प्रगति यह भी दर्शाती है कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों, ग्राम जल एवं स्वच्छता समितियों और सामुदायिक सहभागिता के साथ समन्वय से जल जीवन मिशन की प्रभावशीलता बढ़ी है। तकनीकी अमले द्वारा गुणवत्तापूर्ण नल कनेक्शन प्रदान करने, जल स्रोतों की नियमित निगरानी करने तथा जल गुणवत्ता की जांच सुनिश्चित करने जैसे आयामों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। पीएचई विभाग द्वारा मिशन से जुड़ी समस्त गतिविधियों की नियमित समीक्षा और फील्ड स्तर पर पर्यवेक्षण सुनिश्चित किया गया है, जिससे कार्यों की पारदर्शिता और गति बनी रहे। विभाग द्वारा मिशन की सफलता को “सभी के लिए जल, सबकी भागीदारी” के सिद्धांत पर आधारित सामूहिक प्रयास का परिणाम बताया गया है। जल जीवन मिशन के अंतर्गत मध्यप्रदेश निरंतर प्रगति कर रहा है और इन पाँच जिलों का यह प्रदर्शन यह स्पष्ट करता है कि प्रदेश हर घर में नल से जल पहुंचाने के संकल्प की दिशा में मजबूत कदम बढ़ा रहा है।  

बावड़ियों का संरक्षण जल संवर्धन के लिए जरूरी, उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने किया बूंद सहेंजे बावड़ी पुस्तक का विमोचन

भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा ने सोमवार को निवास कार्यालय में जल गंगा सवंर्धन अभियान के अंतर्गत जन अभियान परिषद द्वारा प्रकाशित पुस्तक ‘ बूंद सहेजे बावड़ी’ का विमोचन किया। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण की दिशा यह में एक सतत प्रयास है जिसमें प्रदेश की बावड़ियों की जानकारी प्राप्त कर उसे स्वच्छ एवं निर्मल जल में परिवर्तित किया जाना है। श्री देवड़ा ने कहा कि मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद् की यह अनूठी पहल है। श्री देवड़ा ने कहा कि बावड़ियाँ हमारी प्राचीन जलस्त्रोत धरोहर हैं और यही जल संरक्षण का आधार रही हैं। हमारा दायित्व है कि प्रदेश में बावड़ियों की खोज कर उन्हें संरक्षित कर पीने योग्य बनाया जाए। उन्होंने कहा कि नगरिकों को यह पुस्तक धार्मिक, सांस्कृतिक, सामाजिक और ऐतिहासिक महत्व को समझने और समझाने का अवसर होगा। श्री देवड़ा ने कहा कि जल का संरक्षण आवश्यक है क्योंकि जल ही जीवन है इसके बगैर मनुष्य की कल्पना करना बेकार है । जन अभियान परिष्द जल स्त्रोतों के संरक्षण और संवर्धन के लिये जनभागीदारी में कर रही है। जन जागरूकता से बावड़ियों को सहेजने का कार्य हो रहा है । इस अवसर पर म.प्र. जनअभियान परिषद् के उपाध्यक्ष श्री मोहन नागर एवं निर्देशक डॉ. बकुल लाड़ उपस्थित रहे।  

प्राचीन बावडि़यों को चिन्हित कर किये जा रहे हैं जल संरक्षण के कार्य

भोपाल प्रदेश स्तर पर 30 मार्च से शुरू हुआ जल गंगा संवर्धन अभियान लगातार जारी है। अभियान में 30 जून तक निरंतर गतिविधियाँ हों, इसके लिये जिला प्रशासन द्वारा लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। अभियान में चिन्हित की गयीं बावड़ियों की सफाई कर अंतिम रूप दिया जा रहा है। जन-सामान्य को इनके ऐतिहासिक महत्व के बारे में भी जानकारी दी जा रही है। राजस्व अधिकारियों की समीक्षा बैठक में भी अब तक किये गये कार्यों की समीक्षा की गयी है। दीपों से जगमगायी प्राचीन बावड़ी मंडला जिले में जल गंगा संवर्धन अभियान में जन-भागीदारी से नदी-तालाबों के आस-पास सफाई कार्य किये जा रहे हैं। महाराजपुर संगम घाट स्थित बावड़ी में “बावड़ी उत्सव” का आयोजन कलेक्टर श्री सोमेश मिश्रा के निर्देर्शन में हुआ। परम पूज्य संत श्री भीमदेव जी आचार्य काशी विश्वनाथ वैदिक गुरुकुल और माँ नर्मदा गौशाला जिलहरी घाट, गाजीपुर और अन्य संतों के साथ बावड़ी उत्सव मनाया गया। कार्यक्रम की शुरूआत में माँ नर्मदा के चित्र पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्वलित किया गया। कार्यक्रम में बताया गया कि प्राचीन काल में बावड़ियाँ वर्षा के पानी को एकत्रित करने और भूजल स्तर को बनाए रखने के लिए बनाई जाती थीं। शुष्क क्षेत्रों में, वे जल उपलब्धता में मौसमी उतार-चढ़ाव से निपटने में मदद करती थीं। बावड़ियाँ सामाजिक मेलजोल के लिए एक महत्वपूर्ण स्थान हुआ करती थीं। कार्यक्रम में बताया गया कि बाबडी का निर्माण कार्य वर्ष 1890 में किया गया था। इस बावड़ी की संरचना ऐसी हैं कि इसमें नर्मदा जलधारा हमेशा बनी रहती हैं। जल गंगा संवर्धन अभियान के सभी निर्माण कार्य जल्द हों पूरे नीमच जिले मेंजल गंगा संवर्धन अभियान में सभी कार्य तेजी से पूरे किये जा रहे हैं। कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा ने जनपद सीईओ एवं सभी सहायक यंत्रियो को निर्देश दिये कि वे उन कामों का दौरा कर निरीक्षण करें, जहाँ जल स्रोतों की सफाई का कार्य अभी भी चल रहा है। बैठक में सेक्टरवार नवीन खेत-तालाब निर्माण, डगवेल रिचार्ज और प्राचीन जल-स्रोत संबंधी कार्यों का प्रस्तुतिकरण किया गया। जिले में 22 अमृत सरोवरों, 731 खेत-तालाब और 1900 कुआँ रिचार्ज के कार्य जारी हैं। बावड़ी उत्सव मनाया गया उज्जैन जिले में मध्यप्रदेश जन-अभियान परिषद द्वारा जल गंगा संवर्धन अभियान में बावड़ी उत्सव मनाया गया। यह उत्सव ग्राम रुई स्थित प्राचीन श्री भैरव बाबा की बावड़ी पर किया गया। महिलाओं द्वारा शिव मंदिर पर पूजन-अर्चन कर बावड़ी तक ढोल के साथ कलश यात्रा निकाली गई। ग्रामीणों को जल संरक्षण का महत्व बताते हुए प्राचीन जल संरचनाओं की उपयोगिता एवं आवयश्कता बताई गई। ग्रामीणों को जल संरचनाओं में कूड़ा-कचरा और अन्य अपशिष्ट पदार्थों को न डालने की शपथ दिलाई गई। जिला पंचायत सदस्य श्री अमर सिंह ने वाटर हॉर्वेस्टिंग, नए तालाबों का निर्माण एवं वर्षा के जल को सहजने की बात कही। महिदपुर में गंगा दशहरा में बावड़ी उत्सव का आयोजन ग्राम सुहागपुरा स्थित पटेलों की बावड़ी पर किया गया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से पौध-रोपण, दीपोत्सव, सुंदरकांड का आयोजन किया गया। जल स्रोतों का निरीक्षण टीकमगढ़ जिले में कलेक्टर श्री विवेक श्रोत्रिय ने जल गंगा सबर्धन अभियान अंतर्गत कुओं की सफाई व वर्षा पूर्व कराई जा रही नालों की सफाई का निरीक्षण किया। उन्होंने कन्या महाविद्यालय के पास स्थित नाला, पशु चिकित्सालय के पास की बावड़ी, बंडा नहर की चल रही सफाई कार्य का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि जल स्रोतों की सफाई और मरम्मत का कार्य आवश्यक रूप से आने वाले 7 दिन में पूर्ण कर लिया जाये। उन्होंने वर्षाकाल के दौरान जिले में व्यापक स्तर पर किये जाने वाले पौध-रोपण के लिये तैयार की गई कार्य-योजना की जानकारी ली। जल स्रोतों को पुनर्जीवित करें सागर में कमिश्नर डॉ. वीरेंद्र सिंह रावत ने कलेक्टर कार्यालय में आयोजित राजस्व अधिकारियों की बैठक में जल गंगा संवर्धन अभियान में किये जा रहे कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि जल गंगा संवर्धन अभियान 30 जून तक जारी रहेगा। इसके अंतर्गत सभी पुराने जल स्रोतों को पुनर्जीवित किया जाए और उनका संरक्षण किया जाए। कमिश्नर श्री रावत ने कहा कि सभी राजस्व अधिकारी जन-प्रतिनिधियों से समन्वय के साथ कार्य करें। उन्होंने कहा कि अभियान के अंतर्गत कार्यों को गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए। सागर कलेक्टर श्री संदीप जी.आर. ने बताया कि जिले में पानी रोकने के लिए कार्य किया जा रहा है। उन्होंने इस अभियान के माध्यम से छोटे नदी, नालों, बावड़ियों को पुनर्जीवित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सभी ग्राम पंचायत भवनों में रेन वाटर हॉर्वेस्टर सिस्टम तैयार करने के निर्देश दिये। कलेक्टर ने कहा कि जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत किए जाने वाले निर्माण कार्यों की एसडीएम मौके पर जाकर स्थल निरीक्षण करें। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि जल स्रोतों के पास चेक डैम बनाया जाए, जिससे पानी रोका जा सके साथ ही रिचार्ज पिट भी बनाएं, जिससे जल संवर्धन का कार्य भी किया जा सके। उन्होंने कहा कि हम सभी को जागरूक रहते हुए इस दिशा में लगातार प्रयास करना होगा। जल संरक्षण के लिए समाज के सभी वर्गों की भूमिका है। उन्होंने जन सामान्य से भी अपील की है कि वे अपने घरों में रेनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम के साथ-साथ रिचार्ज पिट/सम्पवेल भी अवश्य बनवाएं।

शहर के पॉश इलाके सिटी सेंटर में रेड माउंटेन मसाज पार्लर पर देह व्यापार का भंडाफोड़ हुआ, पुलिस ने मारा छापा

ग्वालियर शहर के पॉश इलाके सिटी सेंटर में रेड माउंटेन मसाज पार्लर पर देह व्यापार का भंडाफोड़ हुआ है। यहां युवक और युवतियां आपत्तिजनक हालत में मिले। यहां से पांच सेक्स वर्कर को भी पकड़ा गया। पुलिस ने जब मसाज पार्लर की तलाशी ली तो यहां से कई संदिग्ध वस्तुएं भी बरामद हुई हैं। पुलिस ने मैनेजर, पार्लर संचालक और ग्राहकों पर एफआइआर दर्ज की है।   काफी समय से मिल रही थी पुलिस को सूचना सिटी सेंटर इलाके में मसाज पार्लर की आड़ में देह व्यापार का अड्डा चलने की सूचना पुलिस को लंबे समय से मिल रही थी। एएसपी कृष्ण लालचंदानी ने सीएसपी हिना खान के नेतृत्व में महिला थाना प्रभारी, अजाक थाना प्रभारी सहित महिला पुलिसकर्मियों की टीम बनाई। एक सिपाही को यहां ग्राहक बनाकर भेजा गया। जैसे ही यहां उससे डील कर ली तो उसने पुलिस अधिकारियों को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस फोर्स ने दबिश दी। यहां दो कमरों में अनैतिक स्थिति में दो युवक सेक्स वर्कर के साथ पकड़े गए। यहां पांच सेक्स वर्कर मिलीं। इनसे पूछताछ हुई तो देह व्यापार की पुष्टि हुई। जब तलाशी ली तो संदिग्ध वस्तुएं भी बरामद हुई। हर दिन आते थे 5 से 6 ग्राहक महिला पुलिस अधिकारियों ने जब सेक्स वर्कर से पूछताछ की तो इन्होंने बताया कि एक ग्राहक को सर्विस देने के एवज में इन्हें एक हजार रुपये मिलते थे। मैनेजर ग्राहक से दो हजार रुपये लेता था। इसमें से एक हजार संचालक को जाते थे। एक हजार रुपये इन्हें मिलते थे। हर दिन पांच से छह ग्राहक आते थे। आपत्तिजनक हालत में मिले दो ग्राहक देह व्यापार का भंडाफोड़ करने के बाद एसएसपी धर्मवीर सिंह ने बताया कि रेड माउंटेन मसाल पार्लर की आड़ में देह व्यापार हो रहा था। यहां दो ग्राहक आपत्तिजनक स्थिति में पकड़े गए हैं। जिन पर FIR दर्ज की उनमें मालिक दीपक तोमर उर्फ विवेक तोमर व भानु भदौरिया, मैनेजर विक्रम शर्मा और ग्राहक अमित भदौरिया, सूरज छावड़िया शामिल हैं।

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

slot olympus

sbobet

slot thailand

sbobet