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नागरिक सुरक्षा तथा आपदा प्रबंधन की डायरेक्टर जनरल ने इन सभी होम गार्ड की बाहर पोस्टिंग की निरस्त, जारी किया नया आदेश…

भोपाल आपदा प्रबंधन के लिए प्रदेश में होम गार्ड के स्वीकृत पदों में से 38 प्रतिशत कम हैं। इंदौर में होम गार्ड के 650 पद हैं, लेकिन पद स्थापना केवल 537 की है। इनमें से भी करीब 100 होम गार्ड के जवानों की पोस्टिंग बड़े अधिकारियों के बंगलों या अन्य जगह है।  यह आपदा प्रबंधन के लिए काम ही नहीं करते हैं। अब होम गार्ड, नागरिक सुरक्षा तथा आपदा प्रबंधन की डायरेक्टर जनरल ने सभी होम गार्ड की बाहर पोस्टिंग निरस्त कर होम गार्ड लाइन में बुलाने के निर्देश दिए हैं। इन्हें आपदा प्रबंधन के काम में लगाया जाएगा। उन्हें अब अन्य विभागों में काम करने की अनुमति नहीं होगी। वापस आने वाले होम गार्ड की संवेदनशील इलाकों में तैनाती होगी या अलर्ट मोड पर रखा जाएगा। बारिश से पहले होगी वापसी पुलिस मुख्यालय से 3 जून को जारी आदेश के अनुसार, बारिश से पहले होम गार्ड जवानों को होम गार्ड लाइन में वापस बुलाया जाए। इन्हें और कहीं पदस्थ नहीं किया जाएगा। विभाग के अधिकारियों को हिदायत दी है कि अन्य स्थानों पर इनकी पोस्टिंग करने से पहले पुलिस मुख्यालय से अनुमति ली जाए। मुयालय से जारी आदेश के बाद मनचाही पोस्टिंग लेकर बंगलों या अन्य जगह काम करने वाले बेचैन हैं, क्योंकि अब तक ये जवान आपदा प्रबंधन के कार्यों से मुक्त थे। अन्य विभागों में नियुक्ति के दौरान ऑफिस के समय में ही काम करना होता है और सप्ताह में दो दिन का अवकाश भी मिल जाता है। इन विभागों में काम करते हैं जवान -ट्रैफिक पुलिस थाना। -पुलिस थाना। -कलेक्टर कार्यालय सहित अन्य सरकारी भवन। -सरकारी अफसरों के बंगले। -सरकारी अधिकारियों की सुरक्षा में। -एसडीएम और एडीएम कार्यालयों में। समीक्षा में हुआ खुलासा होम गार्ड, नागरिक सुरक्षा तथा आपदा प्रबंधन में हाल ही में डायरेक्टर जनरल प्रज्ञा ऋचा श्रीवास्तव की पोस्टिंग हुई है। उन्होंने विभागीय समीक्षा की तो खुलासा हुआ कि प्रदेश के सभी जिलों में होम गार्ड की भारी कमी है। इससे राहत एवं आपदा प्रबंधन का काम प्रभावित होता है। पता चला कि बड़ी संख्या में ऐसे होम गार्ड के जवान हैं, जिनकी पोस्टिंग होम गार्ड लाइन में है, लेकिन वे अन्य स्थानों पर काम कर रहे हैं। मौखिक आदेश पर सरकारी बिल्डिंग, अफसरों के बंगले, ट्रैफिक थाने, पुलिस थाने, बाल संप्रेषण गृह (बच्चा जेल), सरकारी अधिकारियों के सुरक्षाकर्मी के तौर पर काम कर रहे हैं। इनमें सबसे ज्यादा बंगले या अफसरों के सहयोगी सुरक्षाकर्मी के तौर पर पदस्थ हैं। इन जवानों की वापसी के बाद इन्हें बाढ़ एवं आपदा के लिहाज से संवेदनशील इलाकों में डीआरसी (डिजास्टर रिकवरी सेंटर) या फिर क्यूआरटी (क्विक रिस्पॉन्स टीम) में पदस्थ किया जाएगा। कार्रवाई की जा रही यह सामान्य प्रक्रिया है। बारिश में आपदा को लेकर तैयारी की जाती है। इन तीन महीनों के बाद स्टाफ की अधिकता हो जाती है, इसलिए जिन विभागों से बल की मांग की जाती है, वहां विभागीय अटैचमेंट कर दिया जाता है। 15 जून से 15 सितंबर तक विभागीय वापसी करते हैं। मुयालय से उसी क्रम में आदेश प्राप्त हुआ है। उसके अनुरूप कार्रवाई की जा रही है। -समित जैन, डिस्ट्रिक्ट कमांडेंट

छिंदवाड़ा में कांग्रेस जिला पंचायत अध्यक्ष संजय पुन्हार फिर से विवादों में, मामला अब मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंचा

छिंदवाड़ा  छिंदवाड़ा में कांग्रेस जिला पंचायत अध्यक्ष संजय पुन्हार फिर से विवादों में हैं। उनके जाति प्रमाण पत्र की वैधता पर फिर से जांच शुरू हो गई है। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि उन्होंने फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर चुनाव लड़ा। यह मामला पहले एसडीएम और कलेक्टर के पास गया, लेकिन अब मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंच गया है। इससे प्रशासन में हलचल है। नरेशराम गोहिया और अन्य लोगों ने पहले कलेक्टर से शिकायत की थी। बाद में यह शिकायत सीएम ऑफिस में भी भेजी गई। गृह विभाग ने कलेक्टर को जांच के आदेश दिए हैं। शिकायत में पुन्हार के चुनाव को रद्द करने की मांग की गई है। पुन्हार ने इसे राजनीतिक षड्यंत्र बताया है। उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने जांच की पुष्टि की है। इस मामले से जिले की राजनीति में गर्मी आ गई है। गलत तरीके से जाति प्रमाण पत्र बनवाने का आरोप संजय पुन्हार जो छिंदवाड़ा में कांग्रेस पार्टी से जिला पंचायत के अध्यक्ष हैं एक बार फिर मुश्किल में फंसते दिख रहे हैं। उनके जाति प्रमाण पत्र को लेकर फिर से जांच शुरू हो गई है। आरोप है कि उन्होंने गलत तरीके से अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र बनवाया और उसी के आधार पर जिला पंचायत का चुनाव लड़ा। ऐसा रहा जांच का घटनाक्रम पहले मार्च के महीने में इस मामले को लेकर एसडीएम और कलेक्टर से शिकायत की गई थी। लेकिन अब यह मामला एक नया मोड़ ले चुका है।उन पर चुनाव में फर्जी अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र उपयोग करने का आरोप लगा है। इस मामले में पहली शिकायत 16 अप्रैल को नरेशराम गोहिया और कुछ अन्य लोगों ने छिंदवाड़ा के कलेक्टर से की थी। इसके बाद 7 मई को सीएम ऑफिस में भी शिकायत भेजी गई। इस पर कार्रवाई करते हुए 27 मई को गृह विभाग, मध्यप्रदेश शासन ने छिंदवाड़ा के कलेक्टर को इस मामले की जांच करने का आदेश दिया। शिकायतकर्ताओं की मांग शिकायत में यह मांग की गई है कि संजय पुन्हार ने गलत तरीके से अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र का इस्तेमाल करके जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव लड़ा है। इसलिए, इस चुनाव को तुरंत रद्द कर दिया जाए। कलेक्टर को इस शिकायत पत्र पर जरूरी कार्रवाई करने के लिए कहा गया है। संजय पुन्हार का कहना इस पूरे मामले पर संजय पुन्हार ने अपनी बात रखी है। उन्होंने कहा कि उन्होंने पहले भी इस मामले में जांच के लिए पत्र लिखा था। लेकिन अब भोपाल से जांच के लिए पत्र लिखकर उन पर मानसिक दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने इसे राजनीतिक साजिश बताते हुए कहा कि शुक्रवार को होने वाली सामान्य सभा की बैठक से ठीक पहले यह पत्र सामने आना सिर्फ एक संयोग नहीं है, बल्कि यह एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है। डिप्टी कलेक्टर का कहना उप जिला निर्वाचन अधिकारी और डिप्टी कलेक्टर रमेश कुमार मेहरा ने इस बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सीएम ऑफिस में जिला पंचायत अध्यक्ष के जाति प्रमाण पत्र से जुड़ा एक मामला आया है। इसके बाद जांच के आदेश दिए गए हैं और नियमों के अनुसार इसकी जांच की जाएगी।

कुर्बानी के लिए नियमों और कानून का सख्ती से पालन किया जाए, जिलाधिकारी इसका कड़ाई से पालन कराएं -वक्फ बोर्ड

भोपाल  ईद उल अजहा (बकरीद) के पर्व को लेकर मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड की ओर से एडवाइजरी जारी करते हुए कहा गया कि कुर्बानी बंद स्थान पर दें और खुले में नमाज न पढ़ें. मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड के अधीन राज्य में मस्जिद, कब्रिस्तान, दरगाहें, मजार, कर्बला और स्कूल व मदरसे आते हैं. इनकी संख्या 15 हजार है. कुर्बानी के लिए नियमों और कानून की सख्ती बोर्ड ने अपने अधीन आने वाले सभी मुतवल्लियों (प्रबंधक) और प्रबंध समितियों को निर्देश जारी किए हैं. इन निर्देशों में कहा गया है कि कुर्बानी के लिए नियमों और कानून का सख्ती से पालन किया जाए. साथ ही, जिलाधिकारी इसका कड़ाई से पालन कराएं. बोर्ड ने एडवाइजरी में कहा कि नमाज केवल ईदगाह के अंदर और मस्जिद के परिसर में पढ़ी जाए और सड़क पर नमाज अदा करने से बचें. जरूरत होने पर स्थानीय प्रशासन को भरोसे में लेकर ईद की नमाज अदा की जाए. चयनित स्थानों पर ही करें कुर्बानी बोर्ड की ओर से जारी दिशा-निर्देशों में कहा गया है कि कुर्बानी की जगह को चारों तरफ से दीवार, टीनशेड से बंद रखें, इन स्थानों पर आवश्यक दवाइयों का छिड़काव करें. साफ-सफाई का ध्यान रखा जाना अपनी धार्मिक और नैतिक जिम्मेदारी समझें. कुर्बानी के लिए चयनित स्थानों पर ही कुर्बानी करें, उसे भली-भांति ढंक कर अपने स्थान तक ले जाएं. कुर्बानी के जानवर की अनुपयोगी चीजों को सुरक्षित और नगर निगम, पालिका द्वारा रखे कंटेनर अथवा चयनित जगहों पर ही डालें. कुर्बानी का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डालें बोर्ड के निर्देशों में कहा गया है कि प्रतिबंधित जानवरों की कुर्बानी किसी भी सूरत में न करें और सरकारी आदेशों का पूरी तरह से पालन करें. कुर्बानी का कोई वीडियो और ऑडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल न करें. बोर्ड की ओर से प्रदेश के सभी कलेक्टर्स और जिला दंडाधिकारियों को कहा गया है कि वे कुर्बानी के त्योहार को सफल बनाने की दृष्टि से जारी एडवाइजरी का सख्ती से पालन करें और इससे आमजन को अवगत कराएं ताकि राज्य शासन द्वारा जारी एडवाइजरी का पालन सुनिश्चित हो सके.  

उषा ठाकुर ने महाकाल के दरबार में पूजा-अर्चना कर देश प्रदेश की सुख समृद्धि की कामना

उज्जैन मध्य प्रदेश की पूर्व कैबिनेट मंत्री उषा ठाकुर उज्जैन में स्थित महाकाल मंदिर पहुंचीं। जहां उन्होंने भगवान महाकालेश्वर के दर्शन किए। उषा ठाकुर ने पूजा-अर्चना कर देश प्रदेश की सुख समृद्धि की कामना की हैं। वहीं मंदिर प्रबंधन समिति ने उनका स्वागत और सम्मान किया। एमपी की पूर्व कैबिनेट मंत्री व बीजेपी नेत्री उषा ठाकुर शुक्रवार को उज्जैन प्रवास पर पहुंची। जहां उन्होंने श्री महाकालेश्वर मंदिर पहुंचकर भगवान महाकाल के दर्शन किए। बाबा महाकाल की पूजा-अर्चना कर देश-प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। उन्होंने नंदी बाबा की पूजा कर उनके कानों में अपनी मनोकामना भी कही। महाकाल मंदिर प्रबंधन की ओर से समिति के सदस्य आशीष दुबे ने उषा ठाकुर का स्वागत व सम्मान किया। इस दौरान मंदिर प्रांगण में श्रद्धालुओं भी मौजूद रहे। वहीं दर्शन के पूर्व मंत्री उषा ठाकुर ने कहा कि प्रभु श्री महाकाल के चरणों का दर्शन आज प्राप्त हुआ है। बाबा महाकाल के दर्शन इसी तरह होते रहें, यही हमारे जीवन का सौभाग्य है। यहां आकर बहुत अच्छा लगा।

पति का शव मिला, पत्नी अभी भी लापता, सोनम के भाई ने कहा- हमें लगता है वह जिंदा है

इंदौर मेघालय में इंदौर के नवविवाहित जोड़े राजा रघुवंशी की हत्या के बाद उनकी पत्नी सोनम अब तक लापता हैं. इस मामले में रघुवंशी समुदाय और परिवार ने अब सीबीआई जांच की मांग को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है. मृतक राजा के भाई विपिन रघुवंशी ने इस मांग को और मुखर करते हुए कहा कि स्थानीय पुलिस की जांच पर उन्हें भरोसा नहीं है. राजा और सोनम बीती 11 मई को शादी के बंधन में बंधे थे, 20 मई को हनीमून के लिए मेघालय गए थे. 22 मई को वे शिलांग के पास मावलखियाट गांव पहुंचे और नोंग्रीट गांव के शिपारा होम स्टे में रुके. 23 मई को सुबह होम स्टे से चेकआउट करने के बाद दोनों लापता हो गए. उनकी किराए की स्कूटी 24 मई को सोहरिम में लावारिस हालत में मिली. 2 जून को वेईसावडॉन्ग झरने के पास एक गहरी खाई में राजा का शव मिला, जिसकी पहचान उनके दाहिने हाथ पर ‘राजा’ टैटू से हुई. मेघालय पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज किया और एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया, लेकिन सोनम का अब तक कोई सुराग नहीं मिला. विपिन रघुवंशी ने मीडिया से कहा, ”हम CBI जांच की मांग कर रहे हैं. राजा का शव स्कूटी मिलने की जगह से 25 किलोमीटर दूर पाया गया. हमें शक है कि उनका अपहरण कर हत्या की गई. सोनम का अपहरण हुआ हो सकता है. स्थानीय पुलिस शुरुआती 8 दिनों तक गंभीर नहीं थी.” परिवार ने आरोप लगाया कि राजा की सोने की चेन, हीरे की अंगूठी, कंगन और पर्स गायब हैं, जिससे लूट और हत्या की आशंका गहरा रही है. रघुवंशी समुदाय ने PM मोदी को लिखे पत्र में इस मामले को गंभीरता से लेने और सीबीआई से जांच करवाने की अपील की है. विपिन ने कहा, ”हमारी बहू सोनम को हर हाल में जिंदा ढूंढा जाए. हम चाहते हैं कि इस हत्याकांड की सच्चाई सामने आए.” परिवार ने यह भी आशंका जताई कि स्थानीय गैंग और स्कूटर किराए पर देने वाले व्यक्ति की इसमें भूमिका हो सकती है. मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा ने इस घटना को अभूतपूर्व बताते हुए न्याय का आश्वासन दिया है. ईस्ट खासी हिल्स के एसपी विवेक सियेम ने कहा, ”यह स्पष्ट हत्या का मामला है. हमने हत्या में प्रयुक्त ‘दाओ’ (धारदार हथियार) और राजा का मोबाइल बरामद किया है. सोनम की तलाश के लिए एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और स्थानीय स्वयंसेवकों की मदद से 150 वर्ग किमी क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन चल रहा है.” हालांकि, भारी बारिश और दुर्गम इलाका खोज को मुश्किल बना रहा है. इस बीच, इंदौर में राजा के अंतिम संस्कार के दौरान उनके घर के बाहर लगे पोस्टर, जिनमें लिखा था, ”राजा की आत्मा कह रही है- मैं मरा नहीं, मुझे मारा गया. सीबीआई जांच हो,”  अब सभी की निगाहें पीएम मोदी के जवाब और सीबीआई जांच की संभावना पर टिकी हैं. सोनम के भाई ने क्या कहा? सोनम के बड़े भाई गोविंद रघुवंशी ने कहा कि “मुझे लगता है कि इस मामले में सीबीआई जांच की जरूरत है, जैसा कि राजा रघुवंशी के परिवार ने मांग की है. सोनम और राजा के फोन में लापता होने से पहले नोंग्रियाट का टावर लोकेशन दिखाया गया था, लेकिन राजा का आखिरी इंस्टाग्राम पोस्ट वेइसाडोंग से था, जो मेघालय के प्रसिद्ध टूरिस्ट प्लेस चेरापूंजी या सोहरा के पास है. सोनम ने आखिरी बार 23 मई की दोपहर को अपनी सास से बात की थी. उसी दिन दंपत्ति लापता हो गए थे.” गोविंद रघुवंशी ने कहा कि “इतने दिन हो गए हैं और सर्चिंग में जुटी टीम को कोई सुराग नहीं मिला है. रेस्क्यू टीम को अभी तक उसका फोन या बैग नहीं मिला है. इसलिए, यह अपहरण का मामला है, हम पुलिस और बचाव दल से अपील करते हैं कि वे उम्मीद न छोड़ें और उसे जीवित खोजने के लिए अपना तरीका बदलें. जिस जगह राजा का शव मिला था, उससे लगभग 200 मीटर नीचे टनों कचरा था. अगर यह जगह सुनसान है, तो कचरा कौन डाल रहा है? यह स्थानीय लोग ही होंगे. कौन जानेगा कि उस कचरे के ढेर में एक शव फेंका गया था.” सबसे पहले जानिए कैसे हुए हनीमून मिस्ट्री की शुरुआत? इंदौर में ट्रांसपोर्ट का व्यवसाय करने वाले राजा रघुवंशी की शादी 11 मई को सोनम के साथ धूमधाम से हुई। शादी के करीब आठ दिन बाद 20 मई को दोनों हनीमून के लिए रवाना हो गए। कपल इंदौर से गुवाहाटी पहुंचा और कामाख्या माता के दर्शन किए। एक दो दिन घूमने के बाद राजा और सोनम 23 मई को मेघालय के शिलांग के लिए रवाना हुए। इस बीच राजा और सोनम की परिजनों से बात होती रही। लेकिन, बाद में उनसे बात नहीं हो सकी। 24 मई को दोनों के मोबाइल नंबर बंद हो गए। काफी इंतजार और प्रयास के बाद भी दोनों से परिवार वालों का संपर्क नहीं हो सका। इसके बाद इंदौर से सोनम के भाई गोविंद और राजा के भाई विपिन शिलांग पहुंचे और पुलिस के साथ मिलकर दोनों की तलाश शुरू की। लगातार प्रयास, पर नहीं मिली सफलता   24-25 मई के बाद से शिलांग पुलिस समेत प्रशासन की अन्य टीमें राजा और सोनम की जुटे रहे, लेकिन सफलता नहीं मिली। पहाड़ी, चट्टान और जंगली इलाका होने के कारण सर्चिंग टीम को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई बार खराब मौसम भी सर्च अभियान में बाध बना। स्थानीय पुलिस ने होम स्टे में मिले कपल के बैग खोलकर तलाशी ली, लेकिन उसमें मोबाइल फोन और आभूषण नहीं मिले। खोजी कुत्तों को दोनो के कपड़े सुंघाकर तलाश करने की कोशिश की गई, लेकिन कुत्ते जहां तक गए, वहां भी दोनों नहीं मिले। काफी प्रयास के बाद भी दोनों के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली तो परिजनों ने उनकी जानकारी देने वालों को पांच लाख का इनाम देने की घोषणा की। इधर, पुलिस लगातार दोनों के बारे में जानकारी जुटा रही थी। राजा और सोनम के गाइड से पूछताछ की जा रही थी। इस दौरान पता चला कि वे शिलांग से पचास किलोमीटर दूर डबलडेकर रूट पर घूमने के लिए गए थे। दोनों ने एक स्कूटी भी रेंट पर ली थी। स्कूटी संचालक और आसपास के … Read more

पश्चिमी विक्षोभ, द्रोणिका और चक्रवात के चलते प्रदेश में 9 जून तक बादल बारिश और आंधी की स्थिति बनी रहेगी

भोपाल पश्चिमी विक्षोभ, द्रोणिका और चक्रवात के चलते प्रदेश में 9 जून तक बादल बारिश और आंधी की स्थिति बनी रहेगी। आज शुक्रवार को भोपाल, नर्मदापुरम, जबलपुर, सागर, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, चंबल संभाग में कहीं कहीं बादल छाने के साथ बारिश की संभावना जताई गई है। वर्तमान में मानसून की उत्तरी सीमा मुंबई, अहिल्यानगर, आदिलाबाद, भवानीपटना, पुरी, बालुरघाट से होकर ही गुजर रही है, ऐसे में प्रदेश में मानसून की एंट्री 10 से 15 जून के बीच होने की संभावना है।15 जून के बाद पूरे प्रदेश में अच्छी वर्षा का दौर शुरू हो सकता है। आज इन जिलों में बारिश/आंधी का अलर्ट आज शुक्रवार को 45 जिलों में तेज आंधी के साथ बारिश होने की संभावना है। इस दौरान 30 से 40 किमी प्रतिघंटा के हिसाब से आंधी चल सकती है। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन, जबलपुर श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, सीहोर, राजगढ़, शाजापुर, देवास, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, आगर-मालवा, नीमच, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, बड़वानी, धार, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सागर, दमोह, नरसिंहपुर, सिवनी, मंडला, बालाघाट, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा। 10 के बाद मानसून की होगी एंट्री प्रदेश में मानसून की एंट्री 10 जून के बाद ही होने की संभावना है। मौसम विभाग की माने तो अभी मानसून महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ में एक ही जगह पर ठहरा है। पिछले कुछ दिन से ये आगे नहीं बढ़ा है। हालांकि मध्य प्रदेश में प्री मानसून की बारिश लगातार चल रही है जिस वजह से प्रदेश के तापमान में बढ़ोतरी नहीं हो रही है। लोगों को गर्मी से राहत मिली हुई है। वर्तमान में सक्रिय है कई मौसम प्रणालियां वर्तमान में एक पश्चिमी विक्षोभ यूपी के आसपास द्रोणिका के रूप में बना हुआ है। मध्य पाकिस्तान एवं उससे लगे हुए उत्तर-पश्चिमी राजस्थान पर हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात मौजूद है। दक्षिणी हरियाणा पर हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात बना है। दक्षिणी छत्तीसगढ़ से ओडिशा, झारखंड, दक्षिणी बिहार, पश्चिम बंगाल से होते हुए उत्तर-पूर्वी बांग्लादेश तक एक द्रोणिका बनी हुई है। इन मौसम प्रणालियों के असर से प्रदेश में रुक-रुक कर वर्षा का सिलसिला बना हुआ है।फिलहाल 9 जून तक मौसम ऐसा ही रहेगा। 9 जून तक ऐसा रहेगा मौसम     6 जून शुक्रवार : भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन, जबलपुर श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, सीहोर, राजगढ़, शाजापुर, देवास, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, आगर-मालवा, नीमच, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, बड़वानी, धार, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सागर, दमोह, नरसिंहपुर, सिवनी, मंडला, बालाघाट, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा में आंधी-बारिश का अलर्ट।     7 जून शनिवार : मंडला, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, बैतूल, हरदा, खंडवा, बुरहानपुर, खंडवा, इंदौर, धार, बड़वानी, झाबुआ और अलीराजपुर में तेज आंधी/हल्की बारिश।     8 जून रविवार : इंदौर, मंडला, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, बैतूल, हरदा, खंडवा, बुरहानपुर, खंडवा, धार, बड़वानी में तेज आंधी/हल्की बारिश ।     9 जून सोमवार : उज्जैन, मंडला, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर में तेज आंधी/बारिश। 26 अप्रैल से जारी है आंधी-बारिश इस बार भीषण गर्मी में भी आंधी-बारिश वाला मौसम रहा। प्रदेश में 26 अप्रैल से आंधी-बारिश का दौर शुरू हो गया था, जो 5 जून को भी जारी रहा। यानी, लगातार 41 दिन से प्रदेश के किसी न किसी जिले में पानी गिर रहा है, या आंधी चल रही है। मौसम विभाग ने अगले 4 दिन यानी, 9 जून तक ऐसा ही मौसम रहने का अनुमान जताया है। आगे नहीं बढ़ रहा मानसून इधर, प्रदेश में मानसून की एंट्री 10 जून के बाद ही होने की संभावना है। मौसम विभाग की माने तो अभी मानसून महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ में एक ही जगह पर ठहरा है। पिछले कुछ दिन से ये आगे नहीं बढ़ा है। अब जानिए, 10 साल में कैसा रहा मौसम… इस साल मई में टूटे रिकॉर्ड, गर्मी की बजाय आंधी-बारिश पूरे मई महीने में आंधी, बारिश और ओले वाला मौसम रहा। एक भी दिन ऐसा नहीं रहा, जब प्रदेश के किसी न किसी जिले में आंधी-बारिश न हुई हो। एमपी में ऐसा पहली बार हुआ। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर-जबलपुर समेत कुल 53 जिले भीग गए। सिर्फ निवाड़ी ही ऐसा जिला रहा, जहां बूंदाबांदी तो हुई, लेकिन दर्ज नहीं हो सकी। दूसरी ओर, मई महीने में बारिश के कई रिकॉर्ड भी टूटे। इंदौर में 139 साल में सबसे ज्यादा 4.6 इंच पानी गिरा। वहीं, उज्जैन में सबसे ज्यादा बारिश का ओवरऑल रिकॉर्ड बना। इससे पहले इंदौर में साल 1886 के मई महीने में 107.7 मिमी यानी, 4.2 इंच पानी गिरा था, जबकि इस बार 114.8 मिमी यानी, 4.6 इंच पानी गिर गया है। इस तरह 139 साल में इंदौर का रिकॉर्ड टूट गया है। उज्जैन में मई की बारिश का ओवरऑल रिकॉर्ड बना है। इस बार 111.8 मिमी यानी, 4.3 इंच से ज्यादा पानी गिरा है। साल 2021 में कुल मासिक बारिश 65 मिमी (2.5 इंच) हुई थी। इस हिसाब से उज्जैन में मई की बारिश का ओवरऑल रिकॉर्ड बना है। दूसरी ओर, मई में अप्रैल जितनी गर्मी नहीं रही। अप्रैल में कई शहरों में तापमान 45 डिग्री तक पहुंच गया था। इस साल मई में प्रदेश के किसी भी शहर में दिन का तापमान 43 डिग्री तक भी नहीं पहुंचा। नौतपा में भी कम ही गर्मी रही। नौगांव, खजुराहो, टीकमगढ़, ग्वालियर, दमोह, शिवपुरी जैसे शहरों में ही पारा 40 डिग्री के पार पहुंचा। बाकी शहरों में इससे काफी नीचे रहा। क्यों रहा ऐसा मौसम? मई में भीषण गर्मी की बजाय आंधी-बारिश होने के पीछे क्या वजह रही? इसके बारे में मौसम वैज्ञानिक डॉ. सुरेंद्रन ने जाना। उन्होंने बताया कि मई की शुरुआत से आखिरी तक प्रदेश में साइक्लोनिक सकुर्लेशन, वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) और ट्रफ की एक्टिविटी देखने को मिली। लगातार सिस्टम एक्टिव होते रहे। इस वजह से आंधी-बारिश का दौर भी चलता रहा। आखिरी दिन भी कुछ जिलों में मौसम बदला रहा।

एमपी में 24 घंटे में 9 नए कोरोना मामले दर्ज हुए, स्वास्थ्य विभाग ने मास्क पहनने और भीड़ से बचने की अपील की

भोपाल / इंदौर मध्य प्रदेश में एक बार फिर कोरोना संक्रमण ने रफ्तार पकड़ ली है. बीते 24 घंटे में प्रदेश में कुल 9 नए कोरोना पॉजिटिव मरीज सामने आए हैं. इनमें इंदौर से 5, भोपाल और ग्वालियर से 2-2 मरीजों की पुष्टि हुई है. इसके साथ ही राज्य में कुल संक्रमितों की संख्या बढ़कर 50 हो गई है. स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, बुधवार और गुरुवार को कुल 17 नए मामले दर्ज किए गए हैं. इनमें अधिकांश मामले शहरी क्षेत्रों से हैं. इस समय प्रदेश में कुल 36 एक्टिव केस हैं, जबकि 13 मरीज इलाज के बाद ठीक हो चुके हैं. राजधानी भोपाल में फिलहाल तीन एक्टिव मरीज हैं. इंदौर एक बार फिर हॉटस्पॉट के रूप में उभरता दिख रहा है. तेजी से फैल सकता है संक्रमण विशेषज्ञों का मानना है कि गर्मी और लापरवाही के चलते संक्रमण तेजी से फैल सकता है. स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से मास्क पहनने, हाथ धोने और भीड़भाड़ से बचने की अपील की है. साथ ही, जिन लोगों ने अभी तक वैक्सीन की बूस्टर डोज नहीं ली है, उन्हें जल्द से जल्द लगवाने की सलाह दी गई है. राज्य सरकार ने फिलहाल किसी तरह की पाबंदी की घोषणा नहीं की है, लेकिन स्थिति पर नजर रखी जा रही है. स्वास्थ्य कर्मियों को अलर्ट मोड में रहने के निर्देश दिए गए हैं. वायरस के दो नए सब-वैरिएंट की हो चुकी पुष्टि बता दें दो दिन पहले ही मध्य प्रदेश में कोरोना वायरस के ओमिक्रॉन वेरिएंट के दो नए सब-वैरिएंट XFG और LF.7.9 की पुष्टि हुई थी. एमजीएम मेडिकल कॉलेज इंदौर द्वारा भेजे गए सात सैंपल्स की जीनोम सीक्वेंसिंग पुणे स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (NIV) में की गई थी, जिसमें यह जानकारी सामने आई. इंदौर शहर में  पिछले पांच दिनों में 18 मरीज मिल चुके हैं, लेकिन अभी भी जिम्मेदार इसे लेकर गंभीर नजर नहीं आ रहे हैं। शहर के अस्पतालों में स्थित ऑक्सीजन प्लांट की अभी तक माकड्रिल नहीं हुई है। वर्ष 2023 में इन्हें आखिरी बार चलाकर देखा गया था। जांच को लेकर अव्यवस्था का आलम यह है कि एकमात्र एमआरटीबी अस्पताल में ही मरीजों को कोरोना जांच की सुविधा मिल रही है, लेकिन सिर्फ दो बजे के पहले तक। इसके बाद यहां जांच करने वाला स्टाफ ही नहीं रहता है। ऐसे में मरीजों को मजबूरन निजी लैब में जाना पड़ रहा है। इसके साथ ही अभी तक मेडिकल कालेज में जीनोम सिक्वेंसिंग मशीन भी शुरू नहीं हो पाई है। जांच के लिए सैंपल भोपाल ही भेज रहे हैं। अभी शहर में कोरोना को लेकर कहीं कोई जागरूकता नजर नहीं आ रही है। बाजारों में भीड़ नजर आ रही है, लेकिन कोई मास्क नहीं लगा रहा है। सिंगापुर से आए दोस्त से मिली महिला पॉजिटिव अधिकारियों ने बताया कि गुरुवार को मिले मरीजों में 47 वर्षीय महिला सिंगापुर से आए दोस्त और 13 वर्षीय बच्ची बद्रीनाथ से लौटे व्यक्ति के संपर्क में आई थी। वहीं पुणे से लौटी 34 वर्षीय महिला के अलावा 62 वर्षीय और 30 वर्षीय पुरुष पॉजिटिव मिले हैं। इन्हें होम आइसोलेशन में ही रखा है। इंदौर में अब तक 38 मरीज मिले इंदौर में अब तक कुल 38 कोरोना मरीज मिल चुके हैं। इनमें से 30 इंदौर के और बाकी अन्य जिलों के हैं। इंदौर में अभी 20 सक्रिय मरीज हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक कोरोना से हमें घबराने की आवश्यकता नहीं है। लेकिन सतर्कता बरतते हुए भीड़ वाली जगहों पर जाने से बचना चाहिए। यदि किसी को सर्दी-खांसी है तो दूसरों के संपर्क में आने से बचना चाहिए।

मंत्री विजयवर्गीय का बयान, बोले- कम कपड़े वाली लड़कियां मुझे पसंद नहीं, सेल्फी के लिए अच्छे कपड़े पहनकर आओ

इंदौर  कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने महिलाओं के पहनावे पर टिप्पणी की है. इंदौर में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि विदेशों में कम कपड़े पहनने वाली लड़कियों को सुंदर माना जाता है, लेकिन वे इस सोच से सहमत नहीं हैं. उनके इस बयान ने विवाद को जन्म दे दिया है, खासकर तब जब हाल ही में एक अन्य कैबिनेट मंत्री विजय शाह का कर्नल सोफिया पर दिया बयान भी चर्चा में था. कैलाश विजयवर्गीय ने कहा, ”एक पाश्चात्य कहावत है, जो अच्छी नहीं है. विदेशों में कम कपड़े पहनने वाली लड़की को अच्छा मानते हैं, लेकिन हमारे यहां अच्छे कपड़े, श्रृंगार और गहने पहनने वाली लड़की को सुंदर माना जाता है.” उन्होंने आगे कहा, ”विदेशों में यह भी कहते हैं कि जैसे कम कपड़े पहनने वाली लड़की सुंदर होती है, वैसे ही कम बोलने वाला नेता भी अच्छा होता है. मैं इस कहावत को नहीं मानता. मेरे लिए महिलाएं देवी का स्वरूप हैं, उन्हें अच्छे कपड़े पहनने चाहिए.” हालांकि, बयान के अंत में उन्होंने विवादास्पद टिप्पणी करते हुए कहा, ”मुझे कम कपड़े पहनने वाली लड़कियां अच्छी नहीं लगतीं. जब बच्चियां सेल्फी लेने आती हैं, तो मैं कहता हूं, बेटा, पहले अच्छे कपड़े पहनकर आना, फिर सेल्फी लेंगे.” यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और इसे लेकर बहस छिड़ गई है. कुछ लोग इसे उनकी व्यक्तिगत राय मान रहे हैं, जबकि अन्य इसे महिलाओं के पहनावे पर अनुचित टिप्पणी बता रहे हैं. यह मामला ऐसे समय में सामने आया है, जब विजय शाह के एक बयान को लेकर विवाद अभी ठंडा भी नहीं हुआ था. कैलाश विजयवर्गीय के इस बयान से नया विवाद खड़ा होने की संभावना है.  

न्याय कीआस में पूर्व MLA की पत्नी ने खुद पर डाला केरोसिन, MP के इस तहसील कार्यालय में हुआ हाईवोल्टेज ड्रामा

कटनी  कटनी एक बड़ी खबर सामने आई है.  जिले के बड़वारा तहसील में गुरुवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब बड़वारा से कांग्रेस के पूर्व विधायक विजय राघवेंद्र सिंह की पत्नी रंजीता सिंह ने तहसील कार्यालय में आत्मदाह करने का प्रयास किया. जिसके बाद मौके पर मौजूद लोगों की तत्परता से हादसा टल गया. घटना की जानकारी लगते ही बड़वारा पुलिस तहसील कार्यालय पहुंच गई. मामले पर रंजीता सिंह ने नायब तहसीलदार पर पक्षपात रवैया का आरोप लगाया है. पूर्व विधायक की पत्नी रंजीता सिंह ने कहा कि उनका जमीन का मामला विलायत कला में पिछले छह महीने से तहसील में चल रहा है. लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है. नायब तहसीलदार मैडम कोई सुनवाई नहीं कर रही है और आज न्याय के लिए यहां आई लेकिन उनकी सुनवाई नहीं होने से अपने ऊपर केरोसिन डाल ली. ‘…जवाबदारी मैडम की होगी’ यदि उन्हें न्याय नहीं मिलेगा तो यही तहसील में आत्महत्या कर लेंगी. जिसकी जवाबदारी मैडम की होगी. उन्हें आश्वासन दिया गया है कि एक हफ्ते में उनकी जमीन पर कार्रवाई हो जाएगी और उनकी जमीन उन्हें सौंप दी जाएगी. जानें क्या बोले एसडीओपी एसडीओपी ने बताया कि उन्हें जानकारी मिली है कि पूर्व विधायक की पत्नी ने न्याय न मिलने के कारण आत्महत्या करने के लिए केरोसिन डाला है. उन्होंने अनुरोध किया है कि उन्हें 7 दिन का समय दिया है कि नाजायज कब्जाधारी व्यक्ति को तहसीलदार कब्जा हटाने के लिए लिखकर देंगे तो आदेशानुसार वह कार्रवाई करेंगे.

एमपीएल सीजन-2 सिंधिया कप 2025 के लिए भोपाल लेपर्ड्स ने की अपनी टीम की घोषणा, अरशद खान होंगे कैप्टन

एमपीएल सीजन-2 सिंधिया कप 2025 के लिए भोपाल लेपर्ड्स ने की अपनी टीम की घोषणा, अरशद खान होंगे कैप्टन •    मध्य प्रदेश लीग (MPL) “सिंधिया कप” के पहले सीजन की सफलता के बाद,  अब दूसरा सीजन ग्वालियर में होने जा रहा है।   भोपाल भोपाल की टीम भोपाल लेपर्ड्स ने  “सिंधिया कप 2025” के लिए अपनी टीम की घोषणा की और साथ ही नई जर्सी का अनावरण भी किया। यह कार्यक्रम जागरण लेकसिटी यूनिवर्सिटी, भोपाल के श्री गुरुदेव गुप्ता मीडिया स्टूडियो में आयोजित किया गया। भोपाल लेपर्ड्स का स्लोगन रहेगा “पंजा जीत का”। मीडिया को संबोधित करते हुए, टीम के मालिक अभिषेक मोहन गुप्ता ने बताया कि टीम ने आगामी सीजन के लिए कैसी तैयारी की है। उन्होंने कहा कि टीम क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन करने और खिलाड़ियों के विकास पर फोकस कर रही है। हेड कोच संजय पांडे ने टीम के प्रशिक्षण के बारे में बताया। टीम के कप्तान अरशद खान ने अपने आईपीएल (IPL) के अनुभव से सीख कर आगामी सीजन में टीम का नेतृत्व करने के लिए अपना विजन साझा किया। 12 जून से होगा नए सीजन का आगाज MPL का नया सीजन 12 जून, 2025 को श्रीमंत माधवराव सिंधिया क्रिकेट स्टेडियम, ग्वालियर में शुरू होगा। टीम भोपाल लेपर्ड्स अपना पहला मैच 13 जून को जबलपुर रॉयल लायंस के खिलाफ खेलेगी। मध्य प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन के तत्वावधान में, ग्वालियर डिवीजन क्रिकेट एसोसिएशन पूरे मध्य प्रदेश में उभरती क्रिकेट प्रतिभाओं को मंच प्रदान करने में अपनी भूमिका को मजबूत कर रहा है। भोपाल लेपर्ड्स की टीम में होंगे कौन-कौन खिलाड़ी? MPL सीजन 2 के लिए भोपाल लेपर्ड्स की टीम का नेतृत्व कप्तान अरशद खान और उप-कप्तान कमल त्रिपाठी करेंगे। टीम में अनिकेत वर्मा, गौतम रघुवंशी, माधव तिवारी, हर्ष दीक्षित, कुलदीप गेही, शुभम कुशवाह, गौरव पिचोनिया, शिवांग कुमार, यश दुबे, कुणाल राय, अदीब उर रहमान, रोशन केवट, आयुष मनकर, हिमांशु शिंदे, अक्षय सिंह और आयुष आनंद शामिल हैं। प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की यह टीम मध्य प्रदेश लीग के दूसरे सीजन में भोपाल लेपर्ड्स का प्रतिनिधित्व करेगी। पिछले साल यानी 2024 में, मध्य प्रदेश T20 लीग (MPL) के फाइनल में टीम भोपाल लेपर्ड्स फर्स्ट रनर-अप थी। भोपाल लेपर्ड्स के प्रायोजक मध्य प्रदेश प्रीमियर लीग (सिंधिया कप) 2025 में भाग ले रही भोपाल लेपर्ड्स ने सीजन के लिए अपने आधिकारिक प्रायोजकों की घोषणा की है। टीम ने फिटब्लिस बाय एसके, जागरण लेकसिटी यूनिवर्सिटी, श्रूसबरी इंटरनेशनल स्कूल भोपाल, हर्ष एक्सप्रेस और ह्यूमल इंडिया के साथ पार्टनरशिप की है। बता दें कि फ्रेंचाइजी का संचालन एचएमजी सेंटर फॉर स्पोर्ट्स एक्सीलेंस के अंतर्गत होता है, जो अभिषेक मोहन गुप्ता के नेतृत्व में मध्य प्रदेश की एक अग्रणी खेल प्रबंधन संस्था है। एचएमजी के खेल पोर्टफोलियो में लेकसिटी फुटबॉल क्लब भी शामिल है, जो मध्य प्रदेश प्रीमियर लीग और आई-लीग 3 दोनों में हिस्सा लेती है।

सागर से लापता सेना के लेफ्टिनेंट कर्नल चार दिन बाद होटल में पाए गए

सागर  महार रेजीमेंट सेंटर (MRC) सागर में पदस्थ लेफ्टिनेंट कर्नल प्रदीप कुमार निगम चार दिन से लापता थे। वे गुरुवार को मिल गए हैं। बताया जा रहा है कि कैंट थाना पुलिस और सेना विजिलेंस को वे यूपी के ललितपुर में मिले हैं, जहां वे एक होटल में किराए से कमरा लेकर रुके थे। पुलिस उन्हें सकुशल सागर ले आई है। उनके लापता होने से लेकर अब तक के बीच क्या हुआ इस मामले में उनसे पूछताछ चल रही है। सागर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी ने लेफ्टिनेंट कर्नल निगम के मिलने की पुष्टि की है। मॉर्निंग वॉक पर निकले तो गायब सोमवार सुबह मॉर्निंग वॉक पर निकले महार रेजिमेंट सेंटर (MRC) में पदस्थ लेफ्टिनेंट कर्नल प्रदीप कुमार निगम अचानक गायब हो गए थे। सेना ने पहले अपने स्तर पर उन्हें तलाश किया था। जब नहीं मिले तो शाम को कैंट थाने में इसकी सूचना देकर उनके लापता होने की शिकायत दर्ज कराई गई थी। लापता लेफ्टिनेंट कर्नल अपना मोबाइल फोन घर पर छोड़ गए थे। आशंका जताई जा रही थी कि उनके साथ कोई अनहोनी न घट गई हो! लेकिन भगवान का शुक्र रहा कि कोई घटना नहीं घटी। एटीएम कार्ड के ट्रांजैक्शन से पकड़े गए पुलिस को उनके एटीएम कार्ड से ललितपुर के एक इलाके में पैसे निकाले जाने की जानकारी मिली तो तत्काल पुलिस एक्शन में आ गई और टीम ललितपुर पहुंच गई। यहां थोड़ी मशक्कत के बाद लेफ्टिनेंट कर्नल निगम एक होटल में मिल गए। वे उक्त होटल में किराए से कमरा लेकर रूके हुए थे। पुलिस अधिकारी और टीम उन्हें सकुशल सागर लेकर आ गई है। कैंट थाने में उनके साथ बीते चार दिन में घटी घटनाओं और उनके ललितपुर पहुंचने को लेकर पूछताछ कर रही है। ललितपुर कैसे पहुंचा नहीं पता पुलिस सूत्रों के अनुसार पूछताछ में शुरूआती तौर पर उन्होंने बताया है कि मुझे होश ही नहीं है कि मैं ललितपुर कैसे पहुंच गया। उनकी पत्नी सहित परिवार के सदस्य और सेना के अधिकारी कैंट थाने पहुंच गए हैं। लापता हुए निगम जिन कपड़ों में गायब हुए थे, वे उन्हीं कपड़ों में पुलिस को मिले हैं। पुलिस और सेना के अफसर उनके हर एंगल को ध्यान में रखते हुए पूछताछ कर रहे हैं। गौरतलब है कि उन्हें खोजने के लिए सेना और पुलिस ने एमआरसी के आसपास के इलाके सहित कैंट थाना क्षेत्र के सभी सीसीटीवी फुटेज खंगाले थे। आर्मी इंटेलिजेंस और पुलिस भी सक्रिय थी। परिजन और सेना ने सोशल मीडिया के माध्यम से भी उनको तलाशने का प्रयास किया था।

इंदौर मेंहोंगे महिला क्रिकेट विश्व कप 2025 के मैच

ग्वालियर मध्य प्रदेश के इंदौर को एक बड़ी जिम्मेदारी मिली है। यह जिम्मेदारी अंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट से जुड़ी है। ऐसा इसलिए क्योंकि महिला क्रिकेट विश्व कप 2025 की शुरुआत होनी है। जिसके मैच इंदौर के होलकर स्टेडियम में भी होंगे। इसकी जानकारी केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने दी है। उनका कहना है कि होने वाले सभी मैच बेहद रोमांचक होंगे। बता दें कि महिला वनडे विश्व कप 2025 के वेन्यू का ऐलान कर दिया गया है। 8 टीमों का यह टूर्नामेंट 30 सितंबर से 2 नवंबर तक भारत और श्रीलंका के पांच अलग-अलग शहरों – बेंगलुरु, गुवाहाटी, इंदौर, विशाखापत्तनम और कोलंबो में आयोजित किया जाएगा। भारतीय टीम बेंगलुरु में पहला मैच खेलेगी। वहीं पाकिस्तान अपने सभी मैच कोलंबो में खेलेगा। 2 नवंबर को होने वाला फाइनल बेंगलुरु या कोलंबो में होगा। यह इस बात पर निर्भर करेगा कि पाकिस्तान फाइनल मुकाबले के लिए क्वालीफाई होता है या नहीं। 2024 में खेला गया था आखिरी टी-20 मध्यप्रदेश को 2018 के बाद लगातार 7वें साल आईपीएल का एक भी मैच नहीं मिला है। इससे यहां के फैंस मायूस नजर आ रहे हैं। 14 जनवरी 2024 को इंदौर में आखिरी इंटरनेशनल टी-20 मैच खेला गया था। यह मैच होलकर स्टेडियम में भारत और अफगानिस्तान के बीच था। इसके बाद यह माना जा रहा था कि 2025 के शेड्यूल में इंदौर को एक मैच जरूर मिल सकता है। इंदौर के होलकर स्टेडियम में अब तक 9 इंटरनेशनल मैच और इतने ही आईपीएल मैच हो चुके हैं।

उज्जैन के विकास कार्यों के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव का धार्मिक गुरु चिदानंद सरस्वती ने व्यक्त किया आभार

मध्यप्रदेश अपार संभावनाओं वाला प्रदेश: मुख्यमंत्री डॉ. यादव गंगा दशहरा और पर्यावरण दिवस पर “स्पिरिचुअल और वेलनेस समिट” का आयोजन मध्यप्रदेश की वृहद प्राकृतिक और आध्यात्मिक धरोहर का निरूपण निवेशकों से उपलब्ध अवसर का लाभ लेकर मध्यप्रदेश में निवेश करने का आह्वान किया नाइपर उज्जैन मेडिसिटी में नॉलेज पार्टनर की भूमिका निभाएगा उज्जैन के विकास कार्यों के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव का धार्मिक गुरु चिदानंद सरस्वती ने व्यक्त किया आभार मध्यप्रदेश बहुत प्यारी धरती, यहाँ सब कुछ है: धार्मिक गुरु सरस्वती उज्जैन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश अपार संभावनाओं वाला प्रदेश है। मध्यप्रदेश को प्रकृति का पूर्ण स्नेह प्राप्त है। भारत के हृदय स्थल में स्थित मध्यप्रदेश में उत्कृष्ट एयर कनेक्टिविटी, रेल नेटवर्क और हाईवे हैं जो देश के हर कोने से मध्यप्रदेश की पहुँच को सुगम बनाते हैं। इन बुनियादी ढाँचों का सतत् विस्तार जारी है। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सतना और दतिया एयरपोर्ट का शुभारंभ कर इन सुविधाओं को और समृद्ध किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वैदिक मन्त्रोचार की पवित्र ध्वनि के बीच दीप प्रज्ज्वलित कर उज्जैन में स्पिरिचुअल और वेलनेस समिट-2025 के मुख्य सत्र का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज गंगा दशहरा और पर्यावरण दिवस के अवसर पर स्पिरिचुअल और वेलनेस समिट का आयोजन किया गया है। यह अवसर मध्यप्रदेश की वृहद प्राकृतिक और आध्यात्मिक धरोहर का निरूपण भी है। उन्होंने कहा कि भारत की संस्कृति और जीवनशैली आज पूरे विश्व का ध्यान आकृष्ट कर रही है। भारतीय संस्कृति में प्रकृति प्रेम और पूजन अभिन्न अंग है। भारतीय जीवनदृष्टि केवल रोगों के उपचार तक सीमित नहीं है, बल्कि ऐसी जीवनशैली को प्रोत्साहित करती है जिसमें व्यक्ति स्वस्थ रहे और रोगों की संभावना ही न हो। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश को मेडिकल हब बनाने की दिशा में ठोस प्रयास किए जा रहे हैं। उज्जैन में मेडिसिटी की स्थापना की जा रही है और मेडिकल कॉलेज की स्थापना हेतु मात्र ₹1 में 25 एकड़ भूमि प्रदान की जा रही है। निजी क्षेत्र को अस्पताल संचालन में भी हरसंभव सहयोग दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में यह वर्ष उद्योग वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। रीजनल इंडस्ट्री कॉनक्लेव, ग्लोबल इन्वेस्टर समिट और सेक्टर आधारित समिट के आयोजन से हर क्षेत्र, हर सेक्टर में निवेश को प्रोत्साहित किया जा रहा है। प्रदेश में 18 नवीन इन्वेस्टर फ्रेंडली पॉलिसी के माध्यम से निवेश प्रक्रिया को सहज और आकर्षक बनाया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जीआईएस में 30 लाख करोड़ से अधिक का निवेश प्रस्ताव और 21 लाख 40 हज़ार से अधिक रोजगारों के सृजन के प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। उन्होंने कहा कि रोजगारपरक उद्यमों के लिए 5 हज़ार रुपए प्रति व्यक्ति के मान से विशेष प्रोत्साहन सरकार द्वारा दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश पॉवर सरप्लस है, शांति का टापू है, कुशल मैनपॉवर, उत्कृष्ट अधोसंरचना और प्राकृतिक, आध्यात्मिक स्थल इसे स्पिरिचुअल और वेलनेस क्षेत्र में निवेश के लिए आदर्श स्थल बनाते हैं। उन्होंने कहा कि नीतिगत सहयोग के साथ-साथ 100 करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्तावों के लिए विशेष सहयोग कस्टमाइज्ड नीति के रास्ते भी उपलब्ध हैं। उन्होंने समस्त निवेशकों से मध्यप्रदेश में निवेश करने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के समक्ष नाइपर (नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ फार्मास्यूटिकल एजुकेशन एंड रिसर्च) और एमपीआईडीसी के मध्य एमओयू का हस्तांतरण हुआ। प्रमुख सचिव औद्योगिक नीति और निवेश प्रोत्साहन विभाग राघवेन्द्र कुमार सिंह और नाइपर के संचालक शैलेन्द्र सराफ़ ने एमओयू साझा किया। नाइपर उज्जैन मेडिसिटी में नॉलेज पार्टनर की भूमिका निभाएगा। मध्यप्रदेश की समृद्ध प्राकृतिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक धरोहर तथा उज्जैन की समग्र धार्मिक और आध्यात्मिक विरासत पर लघु फ़िल्मों का प्रदर्शन किया गया। चिदानंद सरस्वती महाराज ने स्पिरिचुअल और वेलनेस सेंटर स्थापना के लिए दिया आशय पत्र परमार्थ निकेतन के धार्मिक गुरु चिदानंद सरस्वती ने कहा कि मध्यप्रदेश बहुत प्यारी धरती है। यहाँ सब कुछ है। उन्होंने कहा कि आज के उज्जैन में अधोसंरचना विकास को देखकर नहीं लगता कि यह पुराना उज्जैन है। उन्होंने उज्जैन के विकास कार्यों के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार व्यक्त किया। महाकाल लोक की भव्यता अनुपम है। चारों धाम की यात्रा पूर्ण करने के बाद लोग महाकाल लोक आना चाहते हैं। आज भारत के धार्मिक नगर पर्यटन में शीर्ष पर पहुँच रहे हैं। यह समय है जब निवेशक इस अवसर का लाभ उठायें और पर्यटन अधोसंरचना सुदृढ़ीकरण में सहभागी बनें। आने वाले सिंहस्थ में यहाँ अपार संभावनाओं का सृजन होने जा रहा है। देश विदेश से करोड़ों पर्यटकों का आगमन होगा। उसके लिए हम सभी को अभी से तैयार रहना होगा। गुरु चिदानंद सरस्वती महाराज ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को ओंकारेश्वर और महाकालेश्वर के समीप स्पिरिचुअल और वेलनेस सेंटर स्थापना के लिए आशय पत्र दिया। मुख्य सचिव अनुराग जैन ने कहा कि मध्यप्रदेश में पर्यटन के लिए अनुकूल वातावरण हैं। प्रदेश में जंगल, जंगली जानवर, पवित्र नदियां हैं, वहीं धार्मिक पर्यटन के लिए महाकाल तथा ओंकारेश्वर दो ज्योतिर्लिंग और अन्य आकर्षक धार्मिक स्थल हैं। प्रदेश में आकर्षक हेरिटेज हैं, कई पुराने अच्छे रजवाड़े हैं, जिन्हे हेरिटेज के रूप में विकसित किया गया हैं। पूरे देश मे यूनेस्को के 62 हेरिटेज धरोहरों में से 18 हेरिटेज मध्यप्रदेश में है। मध्यप्रदेश देश के मध्य होने से यहाँ पहुँचना आसान है। प्रधानमंत्री ने टूरिज़्म बढ़ाने पर जोर दिया हैं। टूरिज़्म बढ़ाने के लिए स्वच्छता सबसे आवश्यक हैं। सबसे स्वच्छ शहर “इंदौर” मध्यप्रदेश में है। इन्दौर ही नहीं अन्य शहरों में भी स्वच्छता की स्थिति बेहतर है। इन्दौर की स्वच्छता पश्चिमी देशों के समतुल्य हैं। प्रदेश में इन्वेस्टमेंट के लिए 18 नई पॉलिसीज बनाई हैं और कुछ पुरानी पॉलिसीज हैं। इनमें निवेशकों को आकर्षित करने के लिए प्रमुख रूप से आर्थिक मदद और इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराने का प्रावधान किया जो देश के अन्य राज्यों की तुलना में बराबरी का हैं या बेहतर हैं। निवेशकों को प्रोजेक्ट शुरू करने के लिए आवश्यक अनुमतियां एनओसी को सुविधाजनक बनाया गया। प्रदेश में सबसे पहले राइट टू पब्लिक डिलीवरी सिस्टम लागू किया गया,जिसमें निर्धारित अवधि में अनुमतियां जारी होगी। इस अवसर पर भण्डारी ग्रुप के चेयरमैन विनोद भण्डारी ने उज्जैन में बन रहे मेडिकल टूरिज्म पर प्रकाश डाला। प्रमुख सचिव पर्यटन एवं संस्कृति शिवशेखर … Read more

मध्यप्रदेश देश का वेलनेस मिशन का ग्लोबल इंजन बनने को तत्पर, मध्यप्रदेश भारत के वेलनेस मिशन के नेतृत्व को तैयार

स्पिरिचुअल एंड वेलनेस समिट-2025 उज्जैन मध्यप्रदेश बनेगा ग्लेाबल वेलनेस सेंटर : मुख्यमंत्री डॉ. यादव समिट में आये 1,929 करोड़ रूपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव मध्यप्रदेश भारत के वेलनेस मिशन के नेतृत्व को तैयार मध्यप्रदेश देश का वेलनेस मिशन का ग्लोबल इंजन बनने को तत्पर समिट में हुआ नीति-निवेश अध्यात्म और समाज कल्याण का संगम मुख्यमंत्री का निवेशकों को आमंत्रण : मध्यप्रदेश आएं ओर भारत को विश्व गुरू बनाने की यात्रा में सहभागी बनें उज्जैन स्पिरिचुअल एंड वेलनेस समिट-2025 उज्जैन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन में “स्पिरिचुअल एंड वेलनेस समिट” में कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के “हील इंडिया” और ‘लाइफ स्टाइल’ (LiFE) जैसे दूरदर्शी विचारों से प्रेरित होकर मध्यप्रदेश को समग्र जीवनशैली और वेलनेस नवाचार का ग्लोबल सेंटर बनाया जा रहा है। समिट के माध्यम से प्रदेश ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वह भारत के वेलनेस मिशन का नेतृत्व करने को पूरी तरह तैयार है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समिट को एक परिवर्तनकारी पहलबताया और कहा कि यहां नीति, निवेश, अध्यात्म और समाज कल्याण का संगम हुआ है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश अब  भारत के वेलनेस मिशन का ग्लोबल इंजन बनने को तत्पर है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समिट में वेलनेस और हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र के निवेशकों से14 वन-टू-वन बैठकेंकीं, जिनमें बुनियादी ज़रूरतों, निवेश समर्थक नीतियों और प्राथमिकताओं पर चर्चा हुई। समिट में 1929 करोड़ रूपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि विश्व पर्यावरण दिवस और गंगा दशहरा एक ही दिन होने का सुखद संयोग हुआ है। इस अवसर पर ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान का प्रदेश में पुनः शुभारंभ किया गया है। इस अभियान के अंतर्गत प्रदेश में 5 करोड़ पौधे रोपे गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि उनकी सरकार रोजगार सृजन के लिए तेजी से काम कर रही है। धार्मिक स्थानों पर सभी चिकित्सा पद्धतियों के बड़े केन्द्र बनाने के पीछे आशय यही है कि दुनिया भर के लोगों को स्वास्थ्य के साथ अध्यात्म भी प्राप्त हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पिछले साल सभी संभागीय मुख्यालयों पर हुई रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव और फरवरी में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में हुए ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट 30 लाख करोड़ रूपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, यहां 21 लाख 75 हजार रोजगार सृजन होने की संभावना भी है। उन्होंने कहा कि हमने 2025 को उद्योग वर्ष घोषित किया है और लगातार सेक्टर वार समिट का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मंदसौर और नरसिंहपुर में एग्री समिट के अलावा इंदौर में आईटी समिट के अच्छे परिणाम आए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि नीति आयोग ने प्रदेश को तेज गति से आगे बढ़ने वाले राज्यों में अग्रणी माना है। मध्यप्रदेश में सरप्लस बिजली के साथ उत्कृष्ट अधोसंरचना और नई नीतियों के चलते निवेशकों ने यहां का रूख किया है। उन्होंने एमएसएमई सहित अन्य उद्योग को घोषित नीति अनुसार 5000 करोड़ रूपये का अनुदान दिये जाने का उल्लेख भी किया।       मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश स्पष्ट नीति, सक्षम प्रशासन और मजबूत नेतृत्व के साथ निवेशकों को स्थायित्व और सफलता की गारंटी देता है। उन्होंने सभी वेलनेस उद्यमियों और संस्थाओं से प्रदेश में निवेश करने और उज्जैन से शुरुआत करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, “मध्यप्रदेश आएं, और भारत को विश्वगुरु बनाने की यात्रा में भागीदार बनें।” समिट में एनआईपीआर अहमदाबाद और एमपीआईडीसी के बीच समझौता हुआ, जिसके अंतर्गत उज्जैन मेडिकल डिवाइस पार्क को तकनीकी और शैक्षणिक सहायता प्राप्त होगी। यह पार्क टेस्टिंग और प्रमाणीकरण हब के रूप में विकसित किया जाएगा। समिट में शिवंदरसिंह संस्‍थापक एराहॉस्पिटैलिटी, मुकुंदप्रसाद डायरेक्‍टर लीजरहोटल्सग्रुप, अशोक पटेल चेयरमेन ट्रैवलपैक, शरदथडानी एमडी मेफ़ेयरट्रैवल्स एवं सुधीर एमवी सीएओ जिंदल नेचुरोकेयर इंस्टिट्यूट द्वारा निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए।   परमार्थ निकेतन ऋषिकेश के स्वामी चिदानंद सरस्वती ने आध्यात्मिक संबोधन दिया और उज्जैन में केंद्र स्थापित करने के लिए राज्य सरकार को आशय पत्र (एलओआई) सौंपा। लीज़र होटल्स, शतायु आयुर्वेद और भंडारी ग्रुप के प्रतिनिधियों ने मध्यप्रदेश को वेलनेस निवेश के लिए उपयुक्त गंतव्य बताया। प्रमुख निवेश प्रस्तावों में भंडारी ग्रुप –984 करोड़ रूपये, अमलतास ग्रुप –400 करोड़ रूपये, सीएचएल हॉस्पिटल ग्रुप –200 करोड़ रूपये, लेटेंट डेवकॉन, लाभम ग्रुप, शथायू आयुर्वेद, रॉयल ऑर्किड, शांतिगिरी आश्रम, जिंदल ग्रुप सहित अन्य निवेशकों के प्रस्ताव शामिल हैं। पैनल चर्चा में तैयार हुआ विज़न रोडमैप समिट में दो पैनल सत्र आयोजित किए गए, जिनमें वेलनेस इन्फ्रास्ट्रक्चर, सिंहस्थ आधारित मेडिकल टूरिज्म, रोज़गार सृजन, और कौशल विकास जैसे विषयों पर विचार हुआ। मुख्य सत्र में वेलनेस विज़निंग  में प्रदेश का समग्र रोडमैप प्रस्तुत किया गया।   स.क्र. नाम पद कंपनी प्रस्‍तावित निवेश (करोड) 1 डॉ विनोद भंडारी फाउंडर एवं चेयरमैन भंडारी ग्रुप 984 2 सुरेश सिंह भदौरिया फाउंडर एवं चेयरमैन अमलतास ग्रुप 400 3 राजुलभार्गव डायरेक्‍टर सीएचएलहॉस्पिटलग्रुप 200 4 देवांगकपाडिया डायरेक्‍टर लेटेन्‍टडेवकॉन 100 5 युगांशसोनी डायरेक्‍टर लाभमग्रुप 100 6 डॉ. मृत्युंजयस्वामी सीईओएवंएमडी शथायुआयुर्वेद 75 7 सुदीपरॉय डायरेक्‍टर रॉयलऑर्किडहोटल 50 8 स्वामीचितासुधनज्ञानतपस्वी जोनलहेड शांतिगिरीआश्रम 10 9 हितेश्वरसिंहसिसौदिया सीईओएवंएमडी सनसेटडेज़र्टकैंप 10      

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में स्वावलंबन और आत्मनिर्भरता की दिशा में सशक्त कदम

उज्जैन खादी और ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी), सूक्ष्म, लघु व मध्यम उद्यम मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) के अंतर्गत मंगलवार को आयोजित एक ऑनलाइन कार्यक्रम के माध्यम से देशभर के 8794 लाभार्थियों को 300 करोड़ रुपये की मार्जिन मनी सब्सिडी संवितरित की गई। यह संवितरण करीब 884 करोड़ रुपये के ऋण स्वीकृति के सापेक्ष किया गया। यह आयोजन मुंबई स्थित केवीआईसी के केंद्रीय कार्यालय, इर्ला रोड, विले पार्ले (पश्चिम) से सम्पन्न हुआ, जिसमें केवीआईसी के अध्यक्ष मनोज कुमार ने लाभार्थियों को सब्सिडी ऑनलाइन माध्यम से जारी की। इस अवसर पर केवीआईसी की सीईओ सुरूपराशि के साथ ही केंद्रीय कार्यालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। इस संवितरण में देश के सभी छह जोन की भागीदारी रही। दक्षिण क्षेत्र के आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, तमिलनाडु, केरल, पुडुचेरी के लिए 2445 परियोजनाएं स्वीकृत हुईं, जिसके लिए 80.26 करोड़ रुपये की सब्सिडी संवितरित की गई। मध्य जोन में उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड की 2366 परियोजनाओं के लिए 91.13 करोड़ रुपये की सब्सिडी संवितरित की गई। पूर्वी भारत में बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल व अंडमान निकोबार और पूर्वोत्तर के असम, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम और त्रिपुरा के लिए कुल 2167 परियोजनाओं को करीब 62.68 करोड़ की सब्सिडी प्रदान की गई। उत्तर क्षेत्र के हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, पंजाब, राजस्थान की 1320 परियोजनाओं के लिए 41.80 करोड़ रुपये की सब्सिडी दी गई। वहीं पश्चिम क्षेत्र के गुजरात, महाराष्ट्र, गोवा में 496 परियोजनाओं को 24.12 करोड़ रुपये की सब्सिडी प्राप्त हुई। इस तरह देशभर के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार को सशक्त बनाने के लिए यह एक व्यापक और प्रभावी अभियान सिद्ध हुआ। संवितरण कार्यक्रम के अवसर पर अध्यक्ष मनोज कुमार ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व और दूरदर्शी मार्गदर्शन में पीएमईजीपी योजना ने आज भारत में स्व-रोजगार का एक मजबूत और प्रभावी आधार तैयार किया है। खादी और ग्रामोद्योग आज केवल एक उत्पाद नहीं, बल्कि यह आत्मनिर्भर भारत के सपनों का सार है। इस योजना ने लाखों युवाओं को न केवल रोजगार दिया है, बल्कि उन्हें उद्यमशीलता की शक्ति से भी जोड़ा है।” उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) जब से शुरू हुआ है तब से लेकर वित्त वर्ष 2024-25 तक ग्रामीण और शहरी भारत में उद्यमिता और आत्मनिर्भरता का स्तंभ बन चुकी है। योजना के अंतर्गत अब तक कुल 10,18,185 सूक्ष्म उद्यमों की स्थापना की जा चुकी है, जिनके लिए भारत सरकार द्वारा 73,348.39 करोड़ रुपये का ऋण स्वीकृत किया है। इसमें लाभार्थियों को 27,166.07 करोड़ रुपये की मार्जिन मनी सब्सिडी प्रदान की गई है। इस योजना के माध्यम से अब तक देश में 90,04,541 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष व परोक्ष रूप से रोजगार प्राप्त हुआ है, जो इसे देश की सबसे प्रभावी स्वरोजगार योजनाओं में से एक है।  

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