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शासकीय शिक्षकों के लिए बी.एड और एम.एड. पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिये आवेदन 5 जून से

भोपाल  प्रदेश में शासकीय शिक्षा महाविद्यालयों में संचालित बी.एड एवं एम.एड पाठ्यक्रमों में प्रवेश की प्रक्रिया 5 जून 2025 से प्रारंभ की जा रही हैं। शासकीय शिक्षा महाविद्यालयों में संचालित इन पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए केवल सभी संवर्ग के शासकीय सेवारत शिक्षक ही पात्र हैं। ऐसे इच्छुक शासकीय शिक्षक जो बीएड और एमएड पाठ्क्रम में प्रवेश लेना चाहते हैं वे rsk.mponline.gov.in के माध्यम से आवेदन कर सकेंगे। स्कूल शिक्षा विभाग के राज्य शिक्षा केन्द्र द्वारा प्रदेश के सभी शासकीय शिक्षा महाविद्यालयों का जिलावार चिन्हाकंन करते हुए शिक्षा महाविद्यालय के कैचमेन्ट क्षेत्र में जिलो की संख्या और नाम निर्धारित किये गए हैं। इन महाविद्यालयों में निर्धारित जिलों में कार्यरत शिक्षकों को प्रवेश मिलेगा। एक बार प्रवेश लेने के बाद महाविद्यालय में परिवर्तन नही किया जायेगा। शासकीय शिक्षा महाविद्यालयों में संचालित बी.एड एवं एम.एड पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए निर्धारित नियम, प्रक्रिया एवं अन्य विस्तृत विवरण एमपी ऑनलाइन पोर्टल पर देखे जा सकते हैं।  

उप मुख्यमंत्री ने हिनौती गौधाम में निर्माणाधीन कार्यों का लिया जायजा

भोपाल  उप मुख्यमंत्री श्री राजेंद्र शुक्ल ने रीवा में विकासखंड गंगेव में हिनौती गौधाम में चल रहे निर्माण कार्यों का जायजा लिया। हिनौती गौधाम में गायों के रहने के लिए दो नए शेड तैयार किया जा रहे हैं। उप मुख्यमंत्री ने इन दोनों शेडों का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि हिनौती गौधाम में निर्माण कार्य चरणबद्ध ढंग से कराए जा रहे हैं। इन निर्माणाधीन शेडों के बन जाने से लगभग 500 अतिरिक्त गायों के रहने की व्यवस्था हो जाएगी। तीन निर्मित शेडों में लगभग 700 गायें रह रही हैं। गौधाम में गायों के लिए पानी, चारे और भूसे की पर्याप्त व्यवस्था है। गायों और उनके बछड़ों को पानी पीने के लिए हौज बनाए गए हैं। गायों के खुले में विचरण के लिए भी पर्याप्त स्थान है। गौधाम में विद्युत व्यवस्था बेहतर कराई गई है जिससे पर्याप्त विद्युत की आपूर्ति की जा रही है। उन्होंने निर्देश दिये कि हिनौती गौधाम के निर्माण का पूरा मास्टर प्लान स्थल में प्रदर्शित करें जिससे निर्माणाधीन कार्यों की पूरी जानकारी रहे। उप मुख्यमंत्री ने हिनौती गौधाम को मुख्य मार्ग से जोड़ने के लिए बनाई जाने वाली सड़क का पूरा ले आउट तैयार करने के भी निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि गौधाम में गायों की सेवा अच्छे तरीके से हो। इसके लिए यहां पर्याप्त कर्मचारियों की तैनाती करें। उन्होंने गायों की सेवा करने वाले कर्मचारियों को समक्ष बुलाकर उन्हें मिल रहे पारिश्रमिक आदि के बारे में जानकारी प्राप्त की। उप मुख्यमंत्री ने हिनौती गौधाम में बनाए जा रहे गेस्ट हाउस का भी निरीक्षण किया। उन्होंने इंजीनियर को गेस्ट हाउस का निर्माण कार्य निर्धारित ड्राइंग के अनुसार पूरा करने के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री ने गौशाला में नन्हीं बछिया को दुलार किया और गायों को गुड़ भी खिलाया। इस अवसर पर पूर्व विधायक त्योंथर श्री श्यामलाल द्विवेदी, संयुक्त संचालक पशुपालन डॉ. राजेश मिश्रा, राजेश पाण्डेय सहित सरपंच, अन्य जनप्रतिनिधिगण, संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।  

वैलनेस सेक्टर के प्रमुख निवेशकों से होगी वन-टू-वन चर्चा

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर वर्ष 2025 को ‘उद्योग एवं रोजगार वर्ष’ के रूप में मनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री का उद्देश्य प्रदेश में आर्थिक विकास को गति देना, औद्योगिक विस्तार को प्रोत्साहित करना और व्यापक स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित करना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव इसी श्रृंखला में उज्जैन में 5 जून गुरुवार को आयोजित ‘स्पिरिचुअल एंड वेलनेस समिट’ का शुभारंभ करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग द्वारा होटल अंजूश्री में आयोजित इस समिट में फायरसाइड चैट सत्र “वेलनेस के लिए एक नई सोच” विषय पर संवाद भी करेंगे। मुख्यमंत्री समिट में भाग लेने वाले वेलनेस सेक्टर के प्रमुख निवेशकों, नीति-निर्माताओं एवं संबंधित संस्थाओं के प्रतिनिधियों के साथ वन-टू-वन बैठक भी करेंगे। इस समिट का उद्देश्य मध्यप्रदेश को वैश्विक वेलनेस हब के रूप में स्थापित करना तथा उज्जैन को वेलनेस सेक्टर की प्रमुख केंद्र-स्थली के रूप में अंतर्राष्ट्रीय पहचान दिलाना है। इस आयोजन के माध्यम से योग, आयुर्वेद, प्राकृतिक चिकित्सा, जनजागरूकता, आध्यात्मिकता तथा वेलनेस आधारित उद्योगों में निवेश और सहयोग को प्रोत्साहित करने पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जाएगा। औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग द्वारा प्रदेश के अलावा राष्ट्रीय, अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर विभिन्न अवसरों पर निवेश संवर्धन, कौशल विकास एवं रोजगार आधारित कार्यशालाएं, एक्सपो एवं कॉन्क्लेव आदि आयोजित किये जायेंगे। वेलनेस समिट को सफल बनाने के लिए आनंद, पर्यटन एवं आयुष विभाग द्वारा समन्वित प्रयास एवं सक्रिय सहयोग किया जा रहा है। भारत के हृदयस्थल में स्थित उज्जैन एक प्राचीन और धार्मिक नगरी के रूप में प्रसिद्ध है। यह का शांत वातावरण, प्राकृतिक संसाधनों और पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों के कारण वेलनेस सेक्टर के लिए आदर्श स्थल भी है। एक दिवसीय समिट में प्रख्यात आध्यात्मिक संत / साधक, वेलनेस सेक्टर के प्रमुख निवेशक, नीति-निर्माता, आयुष और स्वास्थ्य विशेषज्ञ, वेलनेस तथा टूरिज्म ऑपरेटर्स आदि भाग लेंगे। कार्यक्रम के मुख्य सत्र को मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन संबोधित करेंगे। प्रमुख सचिव संस्कृति एवं पर्यटन विभाग रोडमेप फॉर वेलनेस सेक्टर विषय पर प्रस्तुतिकरण देंगे। परमार्थ निकेतन ऋषिकेश के स्वामी चिदानंद सरस्वती द्वारा सत्र को संबोधित किया जायेगा। समिट में मध्यप्रदेश : राइजिंग हब एण्ड उज्जैन एज द एपिसेंटर ऑफ वेलनेस विषय पर आधारित फिल्म प्रदर्शित की जायेगी। वेलनेस सेक्टर के विभिन्न विषयों पर होगी चर्चा समिट में वेलनेस सेक्टर के विकास, नीति-निर्माण, सार्वजनिक-निजी भागीदारी, सस्टेनेबल वेलनेस इन्फ्रास्ट्रक्चर और निवेश संभावनाओं पर आधारित उच्चस्तरीय पैनल चर्चाएं होंगी। सत्र की शुरुआत “आइडियेटिंग द पार्टनरशिप मॉडल” विषय पर पैनल चर्चा के साथ होगी जिसमें विषय-विशेषज्ञ अपनी बात रखेंगे। इस सत्र में इस बात पर चर्चा होगी कि वेलनेस इंफ्रास्ट्रक्चर को सुदृढ़ करने, गुणवत्ता मानकों को बेहतर बनाने और विशेष रूप से वंचित क्षेत्रों में सेवाओं की पहुंच बढ़ाने में वेलनेस सेक्टर को निवेश और सहयोग के लिए बनी नीतियाँ किस तरह प्रेरित कर सकती हैं। सत्र में “वेलनेस इको सिस्टम और वर्कफोर्स डेवलपमेंट” विषय पर पैनल चर्चा भी आयोजित की जाएगी। इस चर्चा में विशेषज्ञ पारंपरिक औषधीय प्रणालियों के समावेश, अनुसंधान में निवेश की आवश्यकता और आधुनिक चिकित्सा के साथ तालमेल जैसे पहलुओं पर प्रकाश डालेंगे। समिट मध्यप्रदेश को भारत एवं विश्व के वेलनेस मानचित्र पर स्थापित करने, वेलनेस क्षेत्र में नीति, नवाचार और निवेश के त्रिसूत्रीय मार्गदर्शन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा। समिट में भाग लेने के लिए वेलनेस क्षेत्र से जुड़े प्रतिभागी invest.mp.gov.in. पोर्टल के माध्यम से रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं।  

दिव्यांगजन अपनी क्षमता, योग्यता, संघर्षशीलता और सकारात्मकता के आधार पर समाज में अपना स्थान बनाते हैं : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि दिव्यांगजन अपनी क्षमता, योग्यता, संघर्षशीलता और सकारात्मकता के आधार पर समाज में अपना स्थान बनाते हैं। यह आत्मविश्वास ही उन्हें विशेष पहचान देता है। मध्यप्रदेश सरकार उन्हें हर स्तर पर प्रोत्साहित करने और सहयोग प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि परमात्मा हमारे शरीर में भले ही कोई एक गुण कम करता है, लेकिन बदले में कई गुण बढ़ाकर भी देता है। दिव्यांगजन समाज के महत्वपूर्ण अंग हैं। उनकी अपने-अपने क्षेत्र में योग्यताएं हैं। राज्य सरकार ने दिव्यांगजनों के लिए शासकीय नौकरियों (सीधी भर्ती) में अतिरिक्त 2 प्रतिशत आरक्षण दिया है।  सरकार की भावना सर्वे भवन्तु सुखिन: रही है। दिव्यांगजन के लिए अनेक कल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं। उनकी परेशानियां दूर करने के लिए सरकार सदैव तत्पर है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिव्यांग शब्द प्रदान करने से समाज का दृष्टिकोण सकारात्मक रूप से बदला है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव दिव्यांगजन को नियुक्ति पत्र तथा अन्य हितलाभ  वितरण कार्यक्रम को पंडित खुशीलाल शर्मा शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय एवं संस्थान के सभागार में संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ईश्वर ने पृथ्वी पर हमारे जन्म की रचना की है। परमात्मा ने जरूरतमंदों के लिए कुछ बेहतर पुण्य कर्म करने का अवसर भी दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महाकवि सूरदास, अष्टावक्र, सकुरात, स्वामी रामभद्राचार्य, सुप्रसिद्ध संगीतकार श्री रविंद्र जैन का उदाहरण देते हुए कहा कि शारीरिक सौंदर्य और शारीरिक पूर्णता से नहीं अपितु विशेषज्ञता पूर्ण क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान देकर इन महान व्यक्तित्वों ने समाज में योगदान दिया और इतिहास में स्थान बनाया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लोक निर्माण, पुरात्व और जल संसाधन विभागों के दिव्यांगजन को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। उन्होंने हितग्राहियों को स्मार्टफोन एवं मोटराइज्ड साइकिल का वितरण भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दिव्यांग अधिकार अधिनियम 2016 की ब्रेल लिपि में विकसित पुस्तिका का विमोचन किया। कार्यक्रम में लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह तथा सामाजिक न्याय मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाह भोपाल महापौर श्रीमती मालती राय तथा विधायक श्री भगवान दास सबनानी विशेष रूप से उपस्थित थे। दिव्यांग विद्यार्थियों ने इस अवसर पर स्वागत गीत प्रस्तुत किया। मुख्यमंत्री डॉ.यादव तथा अतिथिगण को तुलसी का पौधा भेंट कर स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लोक निर्माण मंत्री श्री राकेशसिंह के आज ही के दिन जन्म दिवस  होने पर उनका अभिवादन किया तथा शुभकामनाएं दी। प्रदेश में 2600 पदों पर की गई दिव्यांगजन की भर्ती सामाजिक न्याय एवं समाज कल्याण मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाहा ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश की संस्कृति को संजोए रखने के लिए संकल्पित हैं। उनके नेतृत्व में राज्य सरकार गरीब, किसान (अन्नदाता), युवा और नारी कल्याण के लिए अनेक योजनाएं संचालित कर रही है। दिव्यांगजन के लिए भी अनेक कल्याणाकारी कार्य किये जा रहे है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मार्गदर्शन उनकी संवेदनशीलता परिलक्षित होती है।  दिव्यांगजनों को शिक्षण-प्रशिक्षण, कौशल उन्नयन, छात्रवृत्ति आदि का लाभ भी दिया जा रहा है। देश भर में दिव्यांगजन के लिए 4 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान है, लेकिन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उन्हें नौकरियों में 6 प्रतिशत आरक्षण दिया है। प्रदेश में 2600 पदों पर दिव्यांगजनों की भर्ती की गई है। दिव्यांगजन को कृत्रिम अंगों के लिए भटकना न पड़े इस उद्देश्य से उनकी सुविधा और सुगमता सुनिश्चित करने के लिए के लिए कृत्रिम अंग वितरण के लिए जिला स्तर पर कैंप लगाए जा रहे हैं। इसके लिये राजस्थान की महावीर संस्था को दायित्व सौंपा गया है। सभी को सम्मान से जीने का अधिकार देना मुख्यमंत्री डॉ. यादव का संकल्प लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव दिव्यांगजनों के प्रति अत्यंत संवेदनशील हैं। वे सदैव दिव्यांगजन से संवाद के लिए तत्पर रहते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का संकल्प है कि सबको सम्मान से जीने का अधिकार मिले और समाज के किसी भी व्यक्ति को किसी की दया पर जीवन न जीना पड़े। जब सरकार संवेदनशील होती है तो वह अपनी जिम्मेदारी बखूबी समझती है। आज दिव्यांगजन को नियुक्ति मिलना उनके और पूरे परिवार के लिए बड़ी खुशी का अवसर है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव भारत की प्राचीन संस्कृति को आगे बढ़ा रहे हैं। साथ ही विरासत के साथ विकास और जनहित के कार्य प्राथमिकता से पूर्ण हो रहे हैं। कार्यक्रम में वरिष्ठ अधिकारी एवं बड़ी संख्या में दिव्यांगजन उपस्थित थे। कार्यक्रम में लोक निर्माण विभाग के 33 उप यंत्रियों, पुरातत्व विभाग के 10 और जल संसाधन‍ विभाग के 5 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए। इसके साथ ही 97 हितग्राहियों को उनकी आवश्यकता के अनुसार उपकरण उपलब्ध कराए गए।

डकैती, अपहरण और मर्डर का मामला, राजा रघुवंशी के परिजनों ने की CBI जांच की मांग

इंदौर मेघालय में शव मिलने के बाद राजा रघुवंशी (Raja Raghuwanshi) के परिजनों ने मौत के मामले में सीबीआई (CBI) जांच की मांग की है. मृतक के भाई विपिन रघुवंशी का कहना है कि उनका भाई आत्महत्या नहीं कर सकता. शादी के बाद दोनों बहुत खुश थे. जहां उनकी किराए की स्कूटी खड़ी थी, वहां से 25 किलोमीटर दूर राजा का शव मिला है. इसलिए आशंका है कि उनका अपहरण कर वेइसाडोंग फॉल्स ले जाया गया. जहां शव मिला भी है, वह ऐसी जगह है, जहां चारो ओर बाउंड्री की गई है. मृतक के भाई ने बताया कि दंपती ने सोने के गहने पहने हुए थे. राजा के शव के पास से दो अंगूठियां, एक सोने की चेन, कंगन, पर्स और मोबाइल गायब मिला है. अगर यह आत्महत्या होती तो यह सबी चीजें गायब नहीं मिलतीं. हालांकि स्थानीय पुलिस परिवार के इस आरोप से सहमत नहीं है कि यह अपहरण, लूटपाट और हत्या का मामला है. 11 मई को शादी के बाद गए थे हनीमून मनाने इंदौर के नवदंपती राजा रघुवंशी और सोनम रघुवंशी की शादी 11 मई को हुई थी. 20 मई को हनीमून मनाने के लिए गुवाहटी गए थे. वहां से घूमने के लिए ओसरा हिल्स या चेरापूंजी पहुंचे थे. इसके बाद 23 मई से उनका परिजनों से संपर्क नहीं हो पाया और परिजनों ने 24 मई को इंदौर पुलिस से शिकायत की थी. फिर एमपी पुपुलिस ने शिलॉन्ग पुलिस ने संपर्क किया और फिर उनकी तलाश शुरू कर दी. पुलिस के अनुसार, कपल 22 मई को किराए के स्कूटर पर मावलखियात गांव पहुंचा और वहां से नोंग्रियाट गांव में प्रसिद्ध ‘लिविंग रूट ब्रिज’ देखने के लिए 3000 सीढ़ियां उतरकर गया. वे रात भर एक होमस्टे में रुके और 23 मई की सुबह वहां से निकले. इसके कुछ घंटों बाद वे लापता हो गए. 24 मई को उनका स्कूटर शिलांग-सोहरा मार्ग पर एक कैफे के पास लावारिस हालत में मिला, जिसके बाद पुलिस ने स्थानीय ग्रामीणों की मदद से तलाशी शुरू की. सोहरा (चेरापूंजी) में लापता सोनम की तलाश जारी. 11 दिन बाद सोमवार को ड्रोन की मदद से राजा का शव नोंग्रियाट गांव से 20 किलोमीटर दूर वेई सॉडॉन्ग झरने के पास 100 फीट गहरी खाई में मिला. विवेक सिएम ने बताया कि शव की पहचान राजा के दाहिने हाथ पर बने ‘राजा’ टैटू और कलाई पर मौजूद वाटरप्रूफ स्मार्टवॉच से हुई. घटनास्थल से एक महिला की सफेद शर्ट, पेंट्रा 40 की दवा की पट्टी, एक टूटी मोबाइल फोन एलसीडी स्क्रीन और स्मार्टवॉच बरामद हुई. पुलिस ने हत्या और सबूत मिटाने का मामला दर्ज कर SIT का गठन किया, जिसका नेतृत्व SP (सिटी) हर्बर्ट खारकोंगोर कर रहे हैं. राजा के भाई सचिन रघुवंशी ने इंदौर में पत्रकारों से कहा, “शव इतना सड़ चुका था कि चेहरा पहचानना मुश्किल था. राजा की सोने की अंगूठियां, चेन, और बटुआ गायब हैं, जिससे हत्या का शक पक्का होता है. मैं सरकार से मांग करता हूं कि CBI इसकी जांच करे ताकि सच सामने आए. मैंने अपने भाई को खो दिया, लेकिन सोनम को नहीं खोना चाहता. सरकार हर हाल में उन्हें ढूंढे.” सचिन ने सेना की मदद से तलाशी की मांग की और स्थानीय होटल कर्मचारियों, गाइड और स्कूटर किराए देने वालों पर संदेह जताते हुए सख्त पूछताछ की मांग की. बीती 11 मई को हुई थी राजा संग सोनम की शादी. सोनम की तलाश के लिए मेघालय पुलिस, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF), स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (SDRF), और वेस्ट जैंतिया हिल्स डिस्ट्रिक्ट एडवेंचर माउंटेनियरिंग क्लब की टीमें जुटी हैं. मंगलवार को NDRF की 17 सदस्यीय टीम ड्रोन, पर्वतारोहियों, और विशेष पुलिस बलों के साथ सोहरा में शामिल हुई. हालांकि, 29-31 मई को सोहरा में 500 मिमी बारिश, भूस्खलन और बाढ़ ने तलाशी को मुश्किल बनाया, जिसके कारण 30 मई को अभियान अस्थायी रूप से रोकना पड़ा. इस दौरान पूर्वी खासी और जैंतिया हिल्स में छह लोगों की मौत और 10 से अधिक लोगों के घायल होने की खबरें आईं. सर्च ऑपरेशन में शामिल तमाम एजेंसियों की टीम. राजा का शव पोस्टमार्टम के लिए उत्तर पूर्वी इंदिरा गांधी क्षेत्रीय स्वास्थ्य एवं आयुर्विज्ञान संस्थान (NEIGRIHMS), शिलांग भेजा गया है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट से यह स्पष्ट होगा कि राजा की हत्या खाई में फेंकने से पहले हुई या बाद में. इंदौर के सांसद शंकर लालवानी और राज्यसभा सांसद सुमेर सिंह सोलंकी ने मेघालय के DGP आई नोंगरांग और मुख्य सचिव डीपी वाहलांग के साथ बचाव कार्यों के बारे में चर्चा की. मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड के. संगमा ने कहा, “हम पर्यटकों को अपने परिवार की तरह मानते हैं. मैं व्यक्तिगत रूप से तलाशी और बचाव कार्यों की निगरानी कर रहा हूं.” मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने राजा की मौत पर शोक जताया और सोनम की तलाश के लिए हरसंभव मदद का आश्वासन दिया. यह घटना मेघालय में पर्यटकों की सुरक्षा पर सवाल उठा रही है. इस साल अप्रैल में हंगरी के पर्यटक पुस्कास ज़ोल्ट भी लिविंग रूट ब्रिज के पास लापता हुए थे और 12 दिन बाद उनकी लाश मिली थी. पुलिस ने उनकी मौत को दुर्घटना बताया था. राजा और सोनम के मामले में परिवार और स्थानीय लोग गहन जांच की मांग कर रहे हैं. SIT अब होटल कर्मचारियों, गाइड और स्कूटर किराए देने वालों से पूछताछ कर रही है और पुलिस का कहना है कि सभी संभावनाओं की जांच की जा रही है. ड्रोन की मदद से मिला शव, पत्नी की तलाश तलाशी के लिए पुलिस, एसडीआरएफ, एसओटी और वेस्ट जैंतिया हिल्स डिस्ट्रिक्ट एडवेंचर माउंटेनियरिंग क्लब (West Jaintia Hills District Adventure Mountaineering Club) के खोजी दल को लगाया था. घटनास्थल पर खराब मौसम के कारण भी तलाशी में काफी परेशानी आई. इस दौरान 2 जून को पुलिस के ड्रोन ने लगभग 12 बजे राजा रघुवंशी का शव रियात अरलियांग में वेइसाडोंग झरने की खाई देखा. यह जगह पूर्वी खासी हिल्स (East Khasi Hills) जिले के ओसरा क्षेत्र में आती है. दुर्गम स्थान होने के कारण शव को लगभग साढ़े 3 बजे निकाला गया और शिलॉन्ग पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया. हत्या का केस दर्ज कर जांच कर रही पुलिस शव को राजा के परिजनों ने पहचान लिया. उसके दायें हाथ पर “राजा” लिखा टैटू बना था. पूर्वी … Read more

ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने भोपाल में टेन्ट में किया रात्रि विश्राम

ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने भोपाल में टेन्ट में किया रात्रि विश्राम भोपाल ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने पर्यावरण सुरक्षा के अपने संकल्प के तहत मंगलवार की रात भोपाल स्थित अपने सरकारी आवास के समीप पार्क में टेन्ट में रात्रि विश्राम किया। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने मंगलवार को संकल्प अनुसार टेन्ट में रात्रि विश्राम किया। उन्होंने कहा कि यह संकल्प केवल प्रतीक नहीं, बल्कि पर्यावरण के प्रति एक जीवंत प्रतिबद्धता है। इसका उद्देश्य प्राकृतिक जीवनशैली अपनाकर सभी को यह संदेश देना है कि हमारे दैनिक जीवन में छोटे-छोटे बदलाव भी बड़े परिणाम ला सकते हैं। उन्होंने विश्वास जताते हुए कहा कि जब विचार और व्यवहार में सामंजस्य होता है, तभी संकल्पों की सार्थकता पूर्ण होती है।  

मंत्री शुक्ला ने ली मध्यप्रदेश ऊर्जा विकास निगम के संचालक मंडल की बैठक

भोपाल नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री एवं ऊर्जा विकास निगम के अध्यक्ष राकेश शुक्ला ने विभागीय सभी योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक लोगों को देने के निर्देश दिये है। मंत्री शुक्ला ने मध्यप्रदेश ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड की 196 वीं बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक में बुधवार को ऊर्जा विकास निगम के मुख्यालय में उक्त निर्देश दिये। नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री शुक्ला ने प्रदेश के किसानों के लिए सौर ऊर्जा आधारित पीएम कुसुम “ए” और “सी”योजना के साथ प्रधानमंत्री कृषक मित्र सूर्य योजना के साथ महत्वपूर्ण विषयों पर समीक्षा के बाद स्वीकृति प्रदान की। बैठक में अपर मुख्य सचिव मनु श्रीवास्तव, ऊर्जा विकास निगम के प्रबंध संचालक अमनवीर सिंह बैंस सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।  

‘रिश्वतकांड’ मामला: इमारत के निर्माण के लिए उनसे 5 लाख रुपये की रिश्वत लेने के बाद 15 लाख रुपये की फिर से की डिमांड

इंदौर इंदौर में 4 मंजिला इमारत को बम से उड़ाए जाने के बाद अब ‘रिश्वतकांड’ का धमाका हो गया है। नगर निगम की ओर से चार दिन पहले की गई कार्रवाई के बाद अब इमारत के मालिक ने दावा कि है कि इमारत के निर्माण के लिए उनसे 5 लाख रुपये की रिश्वत ली जा चुकी थी और 15 लाख रुपये की फिर से डिमांड की गई थी। इससे इनकार करने पर बारूद लगाकर उड़ा दिया गया। मेयर ने पूरे मामले की जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त ऐक्शन की बात कही है। इंदौर नगर निगम ने योजना क्रमांक 54, पीयू-4 में नाले से 9 मीटर की दूरी के दायरे में बनाई गई चार मंजिला बिल्डिंग को पहले तो पोकलेन के माध्यम से तोड़ा और फिर बाद में बम लगाकर उड़ा दिया। अब इमारत के मालिक डॉ. इजहार मुंशी ने कहा कि वह इस इमारत में अस्पताल खोलना चाहते थे। उन्होंने नक्शा भी पास करवाया था। लेकिन रिश्वत वाली डिमांड पूरी नहीं करने की वजह से इसे गिरा दिया गया है। डॉ. इजहार मुंशी स्वास्थ्य विभाग में मेडिकल ऑफिसर के पद पर नियुक्त थे। 31 मई 2025 को वह रिटायर हो चुके हैं। डॉ. मुंशी ने लाइव हिन्दुस्तान से कहा कि वह इस इमारत में अस्पताल खोलना चाहते थे। उनके परिवार में कुल 19 डॉक्टर हैं। हाई कोर्ट में याचिका दायर करने जा रहे डॉ. मुंशी ने बताया कि 22 नवंबर 2020 को उन्होंने बिल्डिंग का नक्शा पास कराया था। बिल्डिंग ऑफिसर ने पहले उनसे 5 लाख रुपये रिश्वत ली और अब 15 लाख मांगने लगा। उन्होंने बताया कि काम शुरू करने के बाद वहां एक ड्रेनेज लाइन दिखी। तत्काल अधिकारी से संपर्क किया तो उन्होंने ड्रेनेज लाइन छोड़कर काम शुरू करने को कहा। बाद में अधिकारी मौके पर पहुंच गए और उन्होंने कहा कि इमारत का निर्माण नक्शे के विपरीत हो रहा है। निगम आयुक्त ने जोनल कार्यालय के क्षेत्र में तैनात भवन अधिकारी और भवन निरीक्षक का ट्रांसफर कर दिया है। महापौर परिषद के सदस्य और भवन अनुज्ञा शाखा के प्रभारी राजेश उदावत ने प्रदेश के नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को लेटर लिखकर कहा है कि गलत तरीके से इस भवन का नक्शा मंजूर करने वाले इंजीनियर असित खरे को ही अब इस जोनल कार्यालय पर पदस्थ कर दिया गया है। भवन अधिकारी के रूप में उन्होंने गलत नक्शा पास किया गया था। उन्होंने खरे और कंसल्टेंट इंजीनियर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। निगम में नेता प्रतिपक्ष चिंटू चौकसे ने इस मामले में इस जोनल कार्यालय के भवन अधिकारी और भवन निरीक्षक को निलंबित कर उनके खिलाफ विभागीय जांच करने के लिए आवाज उठाई है। उनका कहना है कि इंजीनियरों को जोनल कार्यालय से हटकर अन्य स्थान पर तैनात कर देना कोई कार्रवाई नहीं है, बल्कि पूरे मामले की गड़बड़ी से ध्यान हटाने की कोशिश है। इंदौर के मेयर पूषयमित्र भार्गव ने कहा, ‘वह मकान जिस तरह से तोड़ा गया है उसमें कई प्रश्न चिह्न हैं। इसमें जो भी दोषी हैं उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। मैंने मकान मालिक से कहा है कि वह लिखित में शिकायत दें। उनके पास जो तथ्य हैं वह दें, उसकी जांच करेंगे। जिन परिस्थितियों में वह मकान टूटा है, जिस तरह नियमों का पालन करके किसी मकान को तोड़ा जाना है, वह पहली नजर में नहीं दिख रहा है। वह मकान बना कैसे, यदि वहां के बीओ, बीआई समय पर काम करते तो इतनी बड़ी इमारत नहीं बनती। आईडीए का प्लॉट लिया किसी ने, नक्शा पास कराया था। नक्शे के विपरीत कुछ बना था तो उतना ही तोड़ना था।’  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राजगढ़ निवासी राइफल मैन छोगमल रूहेला के शहीद होने पर शोक व्यक्त किया

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सिक्किम में भूस्खलन से असम राइफल्स के राइफल मैन, राजगढ़ निवासी छोगमल रूहेला के शहीद होने पर शोक व्यक्त कर श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शहीद रूहेला ने अपना जीवन देश के प्रति कर्तव्य निर्वहन के लिए समर्पित कर दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त की है।  

सर्वे भवन्तु सुखिन: की भावना से कार्य कर रही राज्य सरकार, दिव्यांगजन की परेशानी दूर करने सदैव तत्पर- मुख्यमंत्री डॉ. यादव

दिव्यांगजन अपनी क्षमता, योग्यता, संघर्षशीलता और सकारात्मकता के आधार पर समाज में अपना स्थान बनाते हैं – मुख्यमंत्री डॉ. यादव राज्य सरकार दिव्यांगजन को शासकीय नौकरियों (सीधी भर्ती) में दे रही है अतिरिक्त 2 प्रतिशत आरक्षण – मुख्यमंत्री डॉ. यादव सर्वे भवन्तु सुखिन: की भावना से कार्य कर रही राज्य सरकार, दिव्यांगजन की परेशानी दूर करने सदैव तत्पर- मुख्यमंत्री डॉ. यादव महाकवि सूरदास और स्वामी रामभद्राचार्य ने अपनी विशेषज्ञता से इतिहास में स्थान बनाया मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दिव्यांगजन को नियुक्ति पत्र, स्मार्टफोन एवं मोटराइज्ड साइकिलें वितरित कीं सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण संचालनालय ने किया आयोजन भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि दिव्यांगजन अपनी क्षमता, योग्यता, संघर्षशीलता और सकारात्मकता के आधार पर समाज में अपना स्थान बनाते हैं। यह आत्मविश्वास ही उन्हें विशेष पहचान देता है। मध्यप्रदेश सरकार उन्हें हर स्तर पर प्रोत्साहित करने और सहयोग प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि परमात्मा हमारे शरीर में भले ही कोई एक गुण कम करता है, लेकिन बदले में कई गुण बढ़ाकर भी देता है। दिव्यांगजन समाज के महत्वपूर्ण अंग हैं। उनकी अपने-अपने क्षेत्र में योग्यताएं हैं। राज्य सरकार ने दिव्यांगजनों के लिए शासकीय नौकरियों (सीधी भर्ती) में अतिरिक्त 2 प्रतिशत आरक्षण दिया है।  सरकार की भावना सर्वे भवन्तु सुखिन: रही है। दिव्यांगजन के लिए अनेक कल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं। उनकी परेशानियां दूर करने के लिए सरकार सदैव तत्पर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिव्यांग शब्द प्रदान करने से समाज का दृष्टिकोण सकारात्मक रूप से बदला है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव दिव्यांगजन को नियुक्ति पत्र तथा अन्य हितलाभ  वितरण कार्यक्रम को पंडित खुशीलाल शर्मा शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय एवं संस्थान के सभागार में संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ईश्वर ने पृथ्वी पर हमारे जन्म की रचना की है। परमात्मा ने जरूरतमंदों के लिए कुछ बेहतर पुण्य कर्म करने का अवसर भी दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महाकवि सूरदास, अष्टावक्र, सकुरात, स्वामी रामभद्राचार्य, सुप्रसिद्ध संगीतकार रविंद्र जैन का उदाहरण देते हुए कहा कि शारीरिक सौंदर्य और शारीरिक पूर्णता से नहीं अपितु विशेषज्ञता पूर्ण क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान देकर इन महान व्यक्तित्वों ने समाज में योगदान दिया और इतिहास में स्थान बनाया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लोक निर्माण, पुरात्व और जल संसाधन विभागों के दिव्यांगजन को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। उन्होंने हितग्राहियों को स्मार्टफोन एवं मोटराइज्ड साइकिल का वितरण भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दिव्यांग अधिकार अधिनियम 2016 की ब्रेल लिपि में विकसित पुस्तिका का विमोचन किया। कार्यक्रम में लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह तथा सामाजिक न्याय मंत्री नारायण सिंह कुशवाह भोपाल महापौर श्रीमती मालती राय तथा विधायक भगवान दास सबनानी विशेष रूप से उपस्थित थे। दिव्यांग विद्यार्थियों ने इस अवसर पर स्वागत गीत प्रस्तुत किया। मुख्यमंत्री डॉ.यादव तथा अतिथिगण को तुलसी का पौधा भेंट कर स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लोक निर्माण मंत्री राकेशसिंह के आज ही के दिन जन्म दिवस  होने पर उनका अभिवादन किया तथा शुभकामनाएं दी। प्रदेश में 2600 पदों पर की गई दिव्यांगजन की भर्ती सामाजिक न्याय एवं समाज कल्याण मंत्री नारायण सिंह कुशवाहा ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश की संस्कृति को संजोए रखने के लिए संकल्पित हैं। उनके नेतृत्व में राज्य सरकार गरीब, किसान (अन्नदाता), युवा और नारी कल्याण के लिए अनेक योजनाएं संचालित कर रही है। दिव्यांगजन के लिए भी अनेक कल्याणाकारी कार्य किये जा रहे है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मार्गदर्शन उनकी संवेदनशीलता परिलक्षित होती है।  दिव्यांगजनों को शिक्षण-प्रशिक्षण, कौशल उन्नयन, छात्रवृत्ति आदि का लाभ भी दिया जा रहा है। देश भर में दिव्यांगजन के लिए 4 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान है, लेकिन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उन्हें नौकरियों में 6 प्रतिशत आरक्षण दिया है। प्रदेश में 2600 पदों पर दिव्यांगजनों की भर्ती की गई है। दिव्यांगजन को कृत्रिम अंगों के लिए भटकना न पड़े इस उद्देश्य से उनकी सुविधा और सुगमता सुनिश्चित करने के लिए के लिए कृत्रिम अंग वितरण के लिए जिला स्तर पर कैंप लगाए जा रहे हैं। इसके लिये राजस्थान की महावीर संस्था को दायित्व सौंपा गया है। सभी को सम्मान से जीने का अधिकार देना मुख्यमंत्री डॉ. यादव का संकल्प लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव दिव्यांगजनों के प्रति अत्यंत संवेदनशील हैं। वे सदैव दिव्यांगजन से संवाद के लिए तत्पर रहते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का संकल्प है कि सबको सम्मान से जीने का अधिकार मिले और समाज के किसी भी व्यक्ति को किसी की दया पर जीवन न जीना पड़े। जब सरकार संवेदनशील होती है तो वह अपनी जिम्मेदारी बखूबी समझती है। आज दिव्यांगजन को नियुक्ति मिलना उनके और पूरे परिवार के लिए बड़ी खुशी का अवसर है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव भारत की प्राचीन संस्कृति को आगे बढ़ा रहे हैं। साथ ही विरासत के साथ विकास और जनहित के कार्य प्राथमिकता से पूर्ण हो रहे हैं। कार्यक्रम में वरिष्ठ अधिकारी एवं बड़ी संख्या में दिव्यांगजन उपस्थित थे। कार्यक्रम में लोक निर्माण विभाग के 33 उप यंत्रियों, पुरातत्व विभाग के 10 और जल संसाधन‍ विभाग के 5 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए। इसके साथ ही 97 हितग्राहियों को उनकी आवश्यकता के अनुसार उपकरण उपलब्ध कराए गए।  

भोपाल में तो सुबह से बादल छाए रहे, दोपहर बाद रिमझिम बारिश होने लगी

भोपाल मध्यप्रदेश में बुधवार को भी मौसम बदला रहा। राजधानी भोपाल और शाजापुर समेत कुछ जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश हुई है। भोपाल में तो सुबह से बादल छाए रहे। दोपहर बाद रिमझिम बारिश होने लगी। शाजापुर में करीब आधे घंटे पानी गिरा। मौसम विभाग ने कई जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया है। सिवनी, बालाघाट, बैतूल, छिंदवाड़ा, देवास और सीहोर में आकाशीय बिजली चमकने के साथ तेज आंधी चल सकती है। जिसकी रफ्तार 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक रह सकती है। इसके अलावा इंदौर, राजगढ़, आगर, मंदसौर, उज्जैन, भोपाल, रायसेन, विदिशा, दमोह, कटनी, पन्ना, सतना, जबलपुर में बिजली चमकने के साथ हल्की आंधी चलने की संभावना है। बुरहानपुर, झाबुआ, बड़वानी, खंडवा, हरदा, नर्मदापुरम, सागर, पांढुर्ना, नरसिंहपुर, छतरपुर, अशोकनगर, गुना, रीवा, सिंगरौली और डिंडोरी में भी मौसम बदला रहेगा। अभी प्री-मासून एक्टिविटी सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि मानसून से पहले प्रदेश में प्री-मानसून की एक्टिविटी जारी है। सिस्टम की वजह से प्रदेश में कहीं तेज आंधी चल रही है तो कहीं बारिश हो रही है। अगले चार दिन यानी, 6 जून तक ऐसा ही मौसम बना रहेगा। अभी एक ही जगह पर ठहरा मानसून इधर, प्रदेश में मानसून की एंट्री 10 जून के बाद ही होने की संभावना है। मौसम विभाग की मानें तो अभी मानसून महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ में एक ही जगह पर ठहरा है। पिछले कुछ दिन से ये आगे नहीं बढ़ा है।

जमीन के नीचे 16 मीटर की गहरी सुरंग में कान्ह नदी के नीचे मेट्रो गुजरेगी, शुरू होगा अंडर ग्राउंड मेट्रो का काम

इंदौर गांधी नगर से रेडिसन चौराहे तक अक्टूबर तक मेट्रो चलाने का लक्ष्य है। इसके साथ ही मेट्रो के अंडर ग्राउंड हिस्से का काम शुरू होगा। भविष्य के इंदौर की लाइफ लाइन मेट्रो होगी। जमीन के नीचे 16 मीटर की गहरी सुरंग में कान्ह नदी के नीचे मेट्रो गुजरेगी और इससे जमीन तल पर बनी इमारों पर कोई असर नहीं होगा। दिल्ली में 1997 में मेट्रो का निर्माण शुरू हुआ था। आज भी वहां की जरुरत के मुताबिक अलग-अलग रुट पर मेट्रो चल रही है। इंदौर में भी अभी मेट्रो शुरू हुई। भविष्य इंदौर शहर के विस्तार व जरूरत के मुताबिक नए रूट पर मेट्रो का निर्माण किया जाएगा। इस तरह अब आगामी वर्षो में इंदौर में मेट्रो का विस्तार जारी रहेगा। एयरपोर्ट से अंडर ग्राउंड मेट्रो स्टेशन को सबवे से कनेक्टिविटी मिलेगी। दिल्ली के राजीव चौक की तर्ज पर रीगल का अंडरग्राउंड मेट्रो स्टेशन तैयार किया जाएगा। यह ऐसा स्टेशन होगा जिससे भविष्य में शहर में एक छोर से दूसरे हिस्से तक बनने वाली नई मेट्रो लाइन भी कनेक्ट हो सकेगी। ये बातें नईदुनिया के विमर्श कार्यक्रम में इंदौर मेट्रो के अधिकारियों ने कही।   इंदौर देश की पहली मेट्रो जहां सबसे पहले रिंग मॉडल तैयार हुआ     गांधी नगर क्षेत्र खाली जमीन आसानी से उपलब्ध होने के कारण वहां पर मेट्रो डिपो बनाया गया।     यही वजह है कि सुपर कारिडोर पहले वायडक्ट बना। इस वजह से उस क्षेत्र में सबसे पहले मेट्रो चलाई गई।     दिल्ली मुंबई में ट्रेफिक के दबाव का पीछा करते हुए मेट्रो का निर्माण किया गया।     ये बातें मेट्रो के कंसल्टेंट एसएन झा ने कही।     उन्होंने बताया कि इंदौर मेट्रो निर्माण में चीन के बीजिंग, शंघाई शहरों का माडल अपनाया गया।     इसके तहत इंदौर में ट्रैफिक का दबाव को ध्यान में रखने के साथ उस क्षेत्र में मेट्रो चलाई गई जहां भविष्य में बसाहट होगी। मेट्रो के जीएम (एलिवेटेड) रणवीर सिंह राजपूत ने बताया कि शहर में मेट्रो चलाने का उद्देश्य यह है कि दो पहिया व बसों के अलावा कारों से चलने वाले भी इसमें सफर कर सके। इसमें उन्हें लग्जरी के अनुभव के साथ सुरक्षा व कम समय में पहुंचने की सुविधा मिल सकेगी। मेट्रो के जीएम (अंडरग्राउंड) अजय कुमार ने बताया कि मेट्रो के एलिवेटेड हिस्से के मुकाबले अंडरग्राउंड हिस्से के निर्माण में 25 फीसद ज्यादा समय लगता है। इंदौर में कान्ह नदी के नीचे से मेट्रो की अंडर ग्राउंड सुरंग जाएगी। पुणे के अलावा कोलकाता की हुगली नदी के नीचे से भी अंडर ग्राउंड मेट्रो निकाली गई है। इंदौर में जमीन तल से 16 से 17 मीटर नीचे मेट्रो की सुरंग बनाई जाएगी। दिल्ली के हौज खास में अंडर ग्राउंड मेट्रो की दो लाइने क्रास कर रही है। ऐसे में वहां पर जमीन तल से 32 मीटर नीचे से मेट्रो जा रही है। मेट्रो के एलिवेटेड हिस्से को बनाने के मुकाबे अंडर ग्राउंड हिस्सा बनाने में ज्यादा समय व खर्च लगता है।    

मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बाढ़ से बचाव उच्च स्तरीय बैठक 6 को

भोपाल वर्षा पूर्व बाढ़ से बचाव के संबंध में राज्य स्तर पर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित उच्चस्तरीय समिति की बैठक 6 जून 2025 को मुख्य सचिव प्रतिकक्ष में होगी। बैठक में आपदा प्रबंधन के लिए गृह विभाग नोडल विभाग है। बचाव व राहत कार्य की स्थिति में विभाग सेना से समन्वय स्थापित कर कार्य करता है। बैठक में अपर मुख्य सचिव, गृह, जल संसाधन एवं नर्मदा घाटी विकास, वन, कृषि उत्पादन, आयुक्त, सहकारिता, ऊर्जा, लोक निर्माण, नगरीय विकास एवं आवास, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता सरंक्षण, महिला एवं बाल विकास, प्रमुख सचिव, वित्त, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, आयुष, मछुआ कल्याण तथा मत्स्य, पुशपालन, खनिज साधन, राजस्व एवं पुर्नवास, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा, सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, सचिव, किसान कल्याण एवं कृषि, जनसंपर्क, भू-अभिलेख एवं बंदोबस्त,ग्वालियर, परिवहन, प्रबंध संचालक, म.प्र. राज्य इलेक्ट्रानिक विकास निगम, पुलिस महानिदेशक, महानिदेशक, नगर सेवा एवं नागरिक सुरक्षा, सचिव, गृह एवं समन्वयक राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरिण, कमाण्डेंट 11 बीएन एन.डी.आर.एफ. वाराणसी उत्तरप्रदेश, स्टेशन कमाण्डर, सेना मुख्यालय सब एरिया भोपाल, निदेशक, मौसम विज्ञान(आईएमडी) भोपाल, संचालक, केन्द्रीय जल आयोग भोपाल, स्टेशन डायरेक्ट, आकशवाणी भोपाल, सचिव, भारतीय रेडक्रास सोसायटी भोपाल, डिविजनल, रेलवे मैनेजर, सेंट्रल रेलवे भोपाल, स्टेशन डायरेक्टर, दूरदर्शन भोपाल, केन्द्रीय भू-जल बोर्ड, राज्य सुदूर संवेदन केन्द्र विज्ञान भवन, जल विज्ञान डेटा सेंटर, के अधिकारी उपस्थित रहेंगे।  

सरकार की प्राथमिकता, प्रत्येक नागरिक को सुचारु, सुरक्षित और सुलभ विद्युत सेवा उपलब्ध कराना : ऊर्जा मंत्री

ऊर्जा मंत्री ने भोपाल में किया विद्युत उप केन्द्रों का औचक निरीक्षण उपयंत्री की वेतन वृद्धि रोकी ऊर्जा मंत्री ने निरीक्षण के दौरान ट्रिपिंग, अनियमित विद्युत आपूर्ति और रखरखाव से जुड़ी चुनौतियों पर गहन चर्चा की सरकार की प्राथमिकता, प्रत्येक नागरिक को सुचारु, सुरक्षित और सुलभ विद्युत सेवा उपलब्ध कराना : ऊर्जा मंत्री भोपाल ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बुधवार की सुबह भोपाल स्थित कोटरा नेहरू नगर एवं 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र, भदभदा (शहर संभाग दक्षिण) का औचक निरीक्षण किया । इस दौरान उन्होंने विद्युत आपूर्ति की व्यवस्थाओं की जानकारी ली। निरीक्षण को विद्युत सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार, जनहित की आवश्यकताओं की पूर्ति तथा कर्मचारियों के हितों की रक्षा की दृष्टि से एक महत्वपूर्ण पहल बताया। ऊर्जा मंत्री ने निरीक्षण के दौरान ट्रिपिंग, अनियमित विद्युत आपूर्ति और रखरखाव से जुड़ी चुनौतियों पर गहन चर्चा की। उन्होंने संबंधित इंजीनियरों को निर्देश दिये कि किसी भी प्रकार की तकनीकी गड़बड़ी या लापरवाही को तत्काल दूर किया जाए। ऊर्जा मंत्री तोमर ने भदभदा विद्युत वितरण केन्द्र के निरीक्षण के दौरान लापरवाही पाए जाने पर संबंधित कनिष्ठ अभियंता की वेतनवृद्धि रोकने के निर्देश दिए। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने उपकेन्द्र परिसरों में स्वच्छता, तकनीकी उपकरणों की स्थिति तथा उनकी कार्यक्षमता को लेकर भी विशेष निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि उपकेन्द्रों की नियमित सफाई, तकनीकी संसाधनों का समय पर रखरखाव तथा कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय करना निर्बाध विद्युत आपूर्ति की मूलभूत शर्तें है ऊर्जा मंत्री तोमर ने नेहरु नगर में स्थानीय निवासियों से चर्चा करते हुए स्पष्ट किया कि सरकार की प्राथमिकता, प्रत्येक नागरिक को सुचारु, सुरक्षित और सुलभ विद्युत सेवा उपलब्ध कराना है। इसके लिए कार्यकुशलता एवं त्वरित कार्रवाई को सुनिश्चित किया जाएगा।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पूर्व राज्यसभा सांसद श्रद्धेय प्रभात झा की जयंती पर किया पुण्य-स्मरण

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पूर्व राज्यसभा सांसद तथा मध्यप्रदेश भारतीय जनता पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष स्व. श्री प्रभात झा की जयंती पर उनका पुण्य स्मरण किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि श्रद्धेय प्रभात झा आजीवन संगठन के लिए समर्पित रहे। उनके प्रखर राष्ट्रवादी विचार देश की युवा शक्ति के लिए सदैव प्रेरणादायी रहेंगे।  

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