LATEST NEWS

स्वास्थ्य विभाग की आउटरीच गतिविधियां प्रशंसनीय, अस्पतालों में पेशेंट फ्रेंडली एनवायरमेंट में हो उपचार: कलेक्टर भोपाल

कलेक्टर भोपाल की अध्यक्षता में हुई जिला स्वास्थ्य समिति बैठक भोपाल कलेक्टर भोपाल कौशलेंद्र विक्रम सिंह की अध्यक्षता में स्वास्थ्य कार्यक्रमों की समीक्षा हेतु जिला स्वास्थ्य समिति एवं टास्क फोर्स बैठक 21 मई को कलेक्टर कार्यालय में आयोजित की गई।  बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्रीमती इला तिवारी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी भोपाल डॉ प्रभाकर तिवारी, नगर निगम, महिला एवं बाल विकास, स्वास्थ्य कार्यक्रमों के नोडल अधिकारियों सहित शासकीय स्वास्थ्य संस्थाओं के अधिकारी एवं प्रतिनिधि उपस्थित रहे। बैठक में रैन बसेरों, जेल बंदियों, कामकाजी महिलाओं, न्यूज पेपर हॉकर्स, सिटी बस चालकों, कंडक्टर्स,  वृद्धजनों को आउटरीच गतिविधियों के माध्यम से दी गई स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी दी गई । ऑर्गन डोनेशन और राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के लाभान्वितों के लिए किए गए जागरूकता कार्यक्रमों के बारे में अवगत करवाया गया। स्वास्थ्य विभाग द्वारा आत्महत्या रोकथाम के लिए गेट कीपर्स प्रशिक्षण, डॉग हैंडलर्स प्रशिक्षण , राष्ट्रीय जलवायु परिवर्तन एवं मानव स्वास्थ्य प्रशिक्षण, पी एम श्री एयर एम्बुलेंस एवं ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में किए गए कार्यों की जानकारी साझा की गई। बैठक में कलेक्टर महोदय ने कहा कि अस्पतालों को पेशेंट फ्रेंडली बनाया जाए , जिससे वहां आने वाले मरीज को उपचार में कोई परेशानी ना हो। 70 साल से अधिक उम्र के नागरिकों के आयुष्मान कार्ड बनाने के काम में तेजी लाने के लिए नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग को संयुक्त रूप से काम करने के निर्देश दिए गए।  कलेक्टर भोपाल श्री कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने भोपाल जिले में हितग्राहियों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए की जा रही आउटरीच गतिविधियों की प्रशंसा की।  उन्होंने कहा कि बड़े अस्पतालों पर ओ पी डी लोड कम करने के लिए संजीवनी क्लीनिक को और अधिक सुदृढ़ किया जाए।   बैठक में बताया गया कि राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम अंतर्गत जिले की 77 ग्राम पंचायतें टी बी मुक्त घोषित हुई हैं। आयुष्मान भारत निरामयम योजना में 1198789 कार्ड बनाए जा चुके हैं।  जिले में 68477 ए एन सी पंजीयन हुए हैं जो की लक्ष्य का 110% है। इनमें से 89% महिलाओं को प्रथम त्रैमास में पंजीकृत किया गया। मुख्यमंत्री श्रमिक सेवा प्रसूति सहायता योजना में 10983 एवं जननी सुरक्षा योजना में 14380 महिलाओं को लाभान्वित किया गया है। एक्सटेंडेड प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान में 28513 ए एन सी जांच की गई है। जिले की 118 स्वास्थ्य संस्थानों में सुरक्षित गर्भपात की सेवाएं उपलब्ध हैं। शिशु टीकाकरण कार्यक्रम के तहत एम आर 1- 97% एवं एम आर 2- 92% है । पूर्ण टीकाकरण 110 प्रतिशत  है। जिले में जयप्रकाश जिला चिकित्सालय और डॉ कैलाशनाथ काटजू अस्पताल में स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट संचालित की जा रही है। इन यूनिट्स में पिछले साल में 1036 बच्चों को भर्ती किया गया है। इसी अवधि में सिविल अस्पताल बैरागढ़, सिविल अस्पताल बैरसिया, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोलार में न्यूबॉर्न स्टेबलाइजेशन यूनिट में 785 नवजात बच्चों को भर्ती किया गया है। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम में 17 टीम में काम कर रही है । कार्यक्रम में पिछले साल जन्मजात हृदय रोग की 66, क्लेफ्ट लिप क्लेफ्ट पेलेट की 12 , न्यूरल ट्यूब डिफेक्ट की 1,क्लब फुट की 23, कॉक्लियर इंप्लांट की 3, कंजेनिटल कैटरेक्ट की 17 सर्जरी निशुल्क की गई हैं। भोपाल जिले में पहल करते हुए निजी स्कूलों में भी स्क्रीनिंग करवाई जा रही है । निजी स्कूलों में 175925 बच्चों की स्क्रीनिंग की गई है। जिले में संचालित 5 पोषण पुनर्वास केंद्रों में 791 बच्चों को भर्ती कर उपचारित किया गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी भोपाल डॉ प्रभाकर तिवारी ने बताया कि बैठक में राष्ट्रीय वेक्टर जनित नियंत्रण कार्यक्रम,  कुष्ठ उन्मूलन, टीबी, अंधत्व नियंत्रण कार्यक्रम, तंबाखू नियंत्रण कार्यक्रम सहित विभिन्न कार्यक्रमों पर चर्चा की गई। सभी अस्पतालों को निर्देश दिए गए हैं कि ओपीडी में आने वाले 70 वर्ष से अधिक उम्र के प्रत्येक व्यक्ति के आयुष्मान और आभा आईडी बनाना सुनिश्चित किया जाए।

राज्यपाल तथा मुख्यमंत्री ने निःक्षय शिविर अभियान के उकृष्टता पुरस्कार प्रदान किए

अभियान की उपलब्धियां उत्कृष्ट टीम वर्क और प्लानिंग का नतीजा : राज्यपाल पटेल संयमित जीवन शैली पालन भारतीय संस्कृति की परिपाटी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव राज्यपाल तथा मुख्यमंत्री ने निःक्षय शिविर अभियान के उकृष्टता पुरस्कार प्रदान किए राजभवन में 100 दिवसीय निःक्षय शिविर अभियान सम्मान और स्वस्थ यकृत मिशन का किया शुभारंभ भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने सौ दिवसीय नि:क्षय शिविर अभियान के संचालन में, टी.बी. उन्‍मूलन प्रयासों को विस्‍तारित करने, समाज के विभिन्न वर्गों के सहयोग से फूड बास्केट वितरण करने और 5 हजार से अधिक टी.बी. मुक्त ग्राम पंचायतों की उपलब्धियों के लिए राज्य सरकार के प्रयासों की सराहना की है। उन्होंने कहा कि राज्य की उपलब्धियां उत्कृष्ट टीमवर्क और प्लानिंग का नतीजा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भारतीय संस्कृति में “उत्तम सुख निरोगी काया” का भाव प्राचीन काल से ही विद्यमान रहा है। परिवारों में ऋतु आधारित आहार-विहार और संयमित जीवन शैली के विचार के व्यवहार में पालन की परिपाटी रही है। राज्यपाल पटेल तथा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 100 दिवसीय निःक्षय शिविर अभियान सम्मान समारोह और स्वस्थ यकृत मिशन का शुभारंभ राजभवन स्थित सांदीपनि सभागार में किया। राज्यपाल पटेल ने कहा कि टी.बी. के उन्‍मूलन के लिए संक्रमण नियंत्रण और सही तरीके से समय पर पूरी मात्रा में दवा लेने के संबंध में भी जन जागृति के प्रयास किए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि टी.बी. की दवा को बीच में छोड़ने से रोगी दवाओं के प्रति ड्रग रजिस्टेंट हो जाता है। इससे इलाज कठिन और संक्रमण फैलने की संभावना भी बढ़ जाती है। उन्होंने नॉन-अल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज की चुनौतियों का उल्लेख करते हुए स्वस्थ यकृत मिशन शुभारंभ के लिये सरकार की सराहना की। राज्यपाल पटेल ने कार्यक्रम में स्वस्थ लिवर की जांच के लिए बताए गए आसान तरीको से जांच करने और स्वस्थ जीवन शैली अपनाने के लिए कहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पतंजलि से लेकर घेरंड संहिता तक से हमें, काया को निरोगी बनाए रखने के सूत्र प्राप्त होते हैं। भारतीय ज्ञान ग्रंथ भी यही विचार देते हैं कि जैसे पका हुआ फल अपना जीवन पूर्ण करता है, वैसे ही व्यक्ति भी अपनी जीवन यात्रा पूर्ण करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्यपाल पटेल की प्रदेश वासियों के स्वास्थ्य को लेकर संवेदनशीलता सराहनीय है। राज्य सरकार वर्ष 2028 तक प्रदेश को टी.बी. मुक्त करने के लिए प्रतिबद्ध है। इस दिशा में प्रत्येक स्तर पर सघन प्रयास जारी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में सम्मानित टी.बी. चैंपियंस के प्रयासों और टी.बी.  को हराने के उनके मन के संकल्प और प्रयासों की प्रशंसा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 72 वर्षीय पद्म भूषण डॉ. सरीन की नियमित दिनचर्या और प्रतिदिन व्यायाम करने की जानकारी देते हुए सभी को व्यायाम और नियमित दिनचर्या के लिए प्रेरित किया है। उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि सौ दिवसीय नि:क्षय शिविर अभियान में केन्द्र सरकार द्वारा केवल मध्य प्रदेश का सम्मान किया गया है। उन्होंने टी.बी. उन्‍मूलन प्रयासों के क्रियान्वयन में प्रदेश की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए बताया कि निरोगी काया अभियान के तहत 90 लाख लोगों की डायबिटीज, ब्लड प्रेशर, फैटी लिवर सहित विभिन्न रोगों की जाँच की गई है। अभियान को जारी रखते हुए शत प्रतिशत के लक्ष्य पर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में एयर एम्बुलेंस के द्वारा रोगियों को उपचार उपलब्ध कराने के साथ ही अंग प्रत्यारोपण के लिए अंग उपलब्ध कराने का कार्य भी सफलता पूर्वक किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि अंगदान, देहदान करने वालों का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ होगा। उनके परिजनों को भी गणतंत्र एवं स्वतंत्रता दिवस पर सम्मानित करने की रूप-रेखा तैयार की गई है। प्रदेश में लिवर प्रत्यारोपण सुविधा की उपलब्धता के प्रयास भी किए जा रहे हैं। इंस्टीट्यूट ऑफ लिवर एंड बिलियरी साइंसेज के संचालक पद्म विभूषण डॉ. शिव कुमार सरीन ने हेल्दी लिवर को जिद बनाकर जीवन जीने की जरूरत बताई है। उन्होंने कहा कि फैटी लिवर के प्रीवेंशन गतिविधियों में भारत दुनिया में और मध्यप्रदेश देश में अंग्रणी है। उन्होंने स्वास्थ्य शिक्षा पर बल दिया। बताया कि फैटी लिवर के प्रारंभिक लक्षणों की जांच कमर का नाप, लम्बाई और वजन के अनुपात के आधार पर की जा सकती है। उन्होंने कहा कि लिवर को स्वस्थ बनाकर डायबिटीज, सहित अनेक रोगों को नियंत्रित किया जा सकता है। कार्यक्रम में प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य चिकित्सा शिक्षा संदीप यादव ने सौ दिवसीय नि:क्षय मित्र अभियान के दौरान 23 चिन्हित जिलों में टी.बी. की सवा 6 लाख से अधिक जाँचे की गई है। नए 22 हजार से अधिक रोगियों को उपचार उपलब्ध कराया गया है। अभियान में 18 हजार से अधिक नए नि:क्षय मित्रों के द्वारा 28 हजार से अधिक फूड बास्केट वितरित किए गए हैं। आर्थिक सहायता भी 30 हजार से अधिक को डी.बी.टी. के द्वारा दी गई है। अभियान को अब पूरे प्रदेश में विस्‍तारित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि नॉन-अल्कोहलिक फैटी लिवर अभियान का लक्ष्य “यकृत बचेगा, जीवन सजेगा” है। लगभग 2.5 करोड़ लोगों की स्क्रीनिंग की जाएगी। चुनौती का सामना जीवनचर्या में परिवर्तन के द्वारा किया जाएगा। टी.बी. चैम्पियन पुरस्कार से सम्मानित विदिशा की कु. अंजली दांगी, मंडला के ओम बैगा ने उनके अनुभव साझा किए। नि:क्षय मित्र गणमान्‍य नागरिक सम्मान से जबलपुर के मीनेष कुमार जैन को 300 फूड बास्केट वितरित करने और मंदसौर के विशाल गोयल को हेन्ड हेल्ड एक्सरे मशीन प्रदान करने के लिए सम्मानित किया गया। सौ दिवसीय नि:क्षय शिविर अभियान में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने पर छिंदवाड़ा, मंदसौर, नीमच, सीहोर और नरसिंहपुर के कलेक्टर एवं उनकी टीम को सम्मानित किया गया। लगातार 3 साल से टी.बी. मुक्त सर्वाधिक ग्राम पंचायते घोषित करने के लिए सिवनी और बैतूल जिले को, ग्राम पंचायत कन्हार गांव, जिला मंडला, ग्राम पंचायत पटवा, जिला बालाघाट, ग्राम पंचायत सावरवानी, जिला छिंदवाड़ा को सम्मानित किया गया। अभियान में सामाजिक उत्तरदायित्व के तहत फूड बास्केट और उपकरणों में सहयोग के लिए आई.ओ.सी.एल., यूपिन, एन.पी.सी.आई.एल., ग्रीन. को. प्राईवेट लिमिटेड को सम्मानित किया गया। अभियान के दौरान स्वास्थ्य विभाग के उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कर्मचारियों, एस.टी.एस. उमेश शर्मा बरेली, जिला रायसेन, एस.टी.एल.एस. सिद्धेश शर्मा जिला अशोकनगर, लेब तकनीशियन सुसुषमा शर्मा, सी.एच.ओ. नरेन्द्र शर्मा विजयपुर, जिला श्योपुर, सी.एच.ओ. सुनिशा ए.ए.एम. … Read more

राजस्थान पुलिस ने अनुराधा को भोपाल में गिरफ्तार किया, 7 महीनों में 25 पुरुषों से शादी की

भोपाल मध्‍य प्रदेश की राजधानी भोपाल के बैरसिया के कालापीपल के एक गांव में राजस्थान पुलिस ने एक संगठित विवाह ठगी गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए 23 वर्षीय अनुराधा पासवान को गिरफ्तार किया है. आरोप है कि अनुराधा ने पिछले 7 महीनों में 25 पुरुषों से शादी कर नकदी, गहने और कीमती सामान लेकर फरार हो गई थी. यह मामला तब सामने आया जब सवाई माधोपुर के निवासी विष्णु शर्मा ने 3 मई को शिकायत दर्ज कराई. उन्होंने बताया कि दो एजेंटों, सुनीता और पप्पू मीणा, ने 2 लाख रुपए लेकर अनुराधा से शादी करवाई थी. 20 अप्रैल को कोर्ट मैरिज के बाद, अनुराधा 2 मई को घर से सोने के गहने, ₹30,000 नकद और एक मोबाइल फोन लेकर फरार हो गई. पुलिस ने बताया कि ये गिरोह भोपाल से ऑपरेट हो रहा था, ये लोग आसपास के राज्‍यों में लोगों को अपना शिकार बना रहे थे. इस मामले की जांच जारी है, और पुलिस को उम्मीद है कि अनुराधा से मिली जानकारी के आधार पर वे इस गिरोह के बाकी सदस्यों को भी जल्द ही गिरफ्तार कर लेंगे. सवाई माधोपुर के निवासी विष्णु शर्मा से हुई लूट के बाद, राजस्थान पुलिस ने एक अंडरकवर ऑपरेशन शुरू किया, जिसमें एक कांस्टेबल को नकली दूल्हे के रूप में भेजा गया. एजेंटों ने जब अनुराधा की तस्वीर साझा की, तो पुलिस ने उसे भोपाल से गिरफ्तार कर लिया. जांच में पता चला कि अनुराधा एक संगठित विवाह धोखाधड़ी गैंग का हिस्सा थी. वह वैध दस्तावेजों के साथ शादी करती और कुछ ही दिनों में गहने, नकदी और इलेक्ट्रॉनिक सामान लेकर फरार हो जाती. गिरोह के अन्य सदस्य, जैसे कि रोशनी, रघुबीर, गोलू, मजबूत सिंह यादव और अर्जन, भोपाल के रहने वाले बताए हैं.इन सबकी तलाश हो रही है. अनुराधा उत्तर प्रदेश के महाराजगंज की निवासी है और पहले एक अस्पताल में काम करती थी. पति से घरेलू विवाद के बाद वह भोपाल आ गई और इस गिरोह में शामिल हो गई. शादी एजेंट व्हाट्सएप के माध्यम से दुल्हन की तस्वीरें दिखाते और शादी कराने के नाम पर दूल्हा पक्ष से 2 से 5 लाख तक की राशि लेते थे. राजस्थान पुलिस ने ‘बोगस ग्राहक’ बनकर अनुराधा से संपर्क साधा हाल ही में, उसने भोपाल में गब्बर नामक एक युवक से 2 लाख रुपये लेकर शादी कराई थी और उसे भी ठगी का शिकार बनाया था. राजस्थान पुलिस ने इस गिरोह को पकड़ने के लिए एक विशेष रणनीति अपनाई. उन्होंने ‘बोगस ग्राहक’ बनकर अनुराधा से संपर्क साधा और उसे शादी के बहाने जाल में फंसाया. जैसे ही वह शादी के लिए तैयार हुई और उसने अपना पता, फोन नंबर और फोटो दिया, पुलिस ने उसे रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया. पुलिस की शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि यह पूरा गिरोह भोपाल से ही संचालित होता था. यह गिरोह ऐसे पुरुषों को निशाना बनाता था जो शादी के लिए परेशान थे या जिनकी आर्थिक स्थिति अच्छी थी. शादी के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी पुलिस सूत्रों के अनुसार, अनुराधा पासवान मूल रूप से यूपी के महाराजगंज जिले के कोल्हुई बाजार की रहने वाली है. अनुराधा और उसके गिरोह के सदस्य खुद को गरीब और मजबूर दिखाते थे, ताकि शिकार उन पर आसानी से भरोसा कर सकें. एक बार शादी हो जाने के बाद, अनुराधा घर में घुसपैठ कर नकदी और जेवर चुराती और फरार हो जाती थी. यह माना जा रहा है कि इस गिरोह ने अब तक करोड़ों रुपये की ठगी की है. इस मामले के बाद भोपाल और राजस्‍थान पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे शादी से पहले लड़के या लड़की और उनके परिवार के बारे में पूरी जानकारी अवश्य जुटा लें और किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी से बचें.  

PM के आगमन की तैयारी का जायजा लेने पहुंचे सीएम, अधिकारियों को प्रबंध के लिए दिए दिशा-निर्देश

भोपाल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 31 मई को भोपाल आएंगे। एमपी सरकार कार्यक्रम को भव्य बनाने में जुटी हुई है। सीएम डॉ. मोहन यादव और बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने पीएम मोदी के आगमन की तैयारियों का जायजा लिया। दोनों नेताओं ने जंबूरी मैदान का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को उत्तम प्रबंध के लिए दिशा-निर्देश दिए हैं। ऐतिहासिक स्थल पर नया रिकॉर्ड बनाया जाएगा  इस दौरान सीएम ने कहा कि इस ऐतिहासिक स्थल पर नया रिकॉर्ड बनाया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आ रहे हैं। अंग्रेजी तिथि के अनुसार देवी अहिल्याबाई की जन्म तिथि है। हमारे भारत सरकार मध्य प्रदेश सरकार मिलकर अहिल्या उत्सव का कैलेंडर जारी किया है। उन्होंने कहा कि हम सब ने भी निर्णय किया है कि देवी अहिल्या के सुशासन के साथ नारी सशक्तिकरण के लिए है। नारियों के स्वावलंबन और उनके जीवन में बेहतर आ सके रोजगार आ सके। आमदनी बढ़ घर में आर्थिक रूप से उनका सम्मान बड़े स्वयं सहायता समूह को भी बढ़ावा मिले। बहन बेटियां लखपति बने, 300 से अधिक समूहों के साथ बुलाया गया है। उधमाशीलता में अलग-अलग तरीके से बहन बेटियां आगे बढ़े, उनके अपने कामों का भी प्रशिक्षण हो। 2 लाख से अधिक महिलाएं कार्यक्रम में होंगी शामिल मुख्यमंत्री डॉ मोहन ने कहा कि एक बड़ी संख्या में आयोजन होगा। 2 लाख से अधिक महिलाएं जंबूरी मैदान में आएंगी। महिला गरीब युवा के साथ जो बातचीत की है उस पर भी ध्यान दिया जाएगा। सरकार बहन बेटियों को लेकर संवेदनशील है। सरकार ने अपने कामों के बलबूते पर यह विश्वास बनाया है कि नर और नारी में सनातन पद्धति को आगे रखा है, अंतर महसूस किया है इसी प्रकार का कार्यक्रम रखा गया है। बहनों को हर स्तर में रोजगार मिले इसी दिशा में कर रहे काम मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने भोपाल में एक बड़ा आयोजन किया था। ग्लोबल इन्वेस्टर समिति इसमें भी बड़ी संख्या में लोग आए हैं। आज के दिन होने वाले कार्यक्रम की तैयारी को लेकर समीक्षा की है। अधिकारियों के साथ बैठक की है। यहां पर बड़ा आयोजन होगा। सरकार बहुत सारे स्तर पर काम कर रही है। हर क्षेत्र में बहनों के लिए रोजगार का अवसर मिल सके, इसके लिए काम कर रहे है, उनकी आर्थिक स्थिति बेहतर करने के लिए सरकार काम कर रही है। पीएम मोदी 31 मई को आएंगे भोपाल जानकारी के लिए बता दें कि देवी अहिल्या की 300वीं जयंती समारोह के अंतर्गत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 31 मई को भोपाल आएंगे। वे दो लाख से अधिक महिलाओं को संबोधित करेंगे। इस दौरान महिला सशक्तिकरण से जुड़ी कई योजनाओं का ऐलान और कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।  

मध्य प्रदेश के वेटरनरी डॉक्टरों की बढ़ी रिटायरमेंट सीमा, हाईकोर्ट ने मोहन सरकार को दिया आदेश

जबलपुर  मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सुरेश कुमार कैत व न्यायमूर्ति विवेक जैन की युगलपीठ ने अपने महत्वपूर्ण आदेश में कहा है कि एलोपैथी व आयुष चिकित्सकों की तरह वेटरनरी डॉक्टरों को भी 65 वर्ष की आयु में सेवानिवृत्ति दी जाए। कोर्ट ने सरकार को इस संबंध में आवश्यक संशोधन करने के निर्देश दिए हैं। इसी के साथ कोर्ट ने उस गजट नोटिफिकेशन के पूर्व में किए गए संशोधन को असंवैधानिक घोषित कर दिया, जिसमें केवल एलोपैथी व आयुष चिकित्सकों की सेवानिवृत्ति आयु 65 वर्ष की थी। सरकार भेदभाव नहीं कर सकती याचिकाकर्ता राजधानी भोपाल निवासी डॉ. केदार सिंह तोमर व अन्य जिलों में कार्यरत वेटरनरी सर्जनों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता केसी घिल्डियाल व सुयश मोहन गुरु ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि एलोपैथी व आयुष डॉक्टरों की तरह वेटनरी चिकित्सकों की सेवाएं एक समान हैं, इसलिए सरकार इस तरह का भेदभाव नहीं कर सकती। याचिकाकर्ताओं ने 1983 से 1988 के बीच वेटरनरी सेवा ज्वाइन की है। एलोपैथी व आयुष डॉक्टर मध्य प्रदेश लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में कार्यरत हैं, जबकि याचिकाकर्ता पशुपालन एवं डेयरी विभाग के अंतर्गत कार्यरत हैं। सरकार ने छह मई, 2011 के गजट नोटिफिकेशन में संशोधन करते हुए एलोपैथिक डॉक्टर और आयुष डॉक्टर की सेवानिवृत्ति आयु 62 से बढ़ाकर 65 वर्ष कर दी गई है। पशु चिकित्सकों ने लगाई थी रिट याचिका बता दें कि मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के ऐतिहासिक निर्णय से पशु चिकित्सा विभाग के डॉक्टरों को बड़ी राहत मिली है. हाईकोर्ट ने अपने महत्वपूर्ण निर्णय में पशु चिकित्सकों की सेवानिवृत्ति की आयु 62 वर्ष से बढ़ाकर 65 वर्ष करने का निर्देश दिया है. इस मामले में उच्च न्यायालय में रिट याचिका क्रमांक 9935/2022 डॉ केएस तोमर अध्यक्ष सपाक्स और अन्य कर्मचारी संगठनों और सहयोगी चिकित्सकों ने लगाई थी. जिसमें एलोपैथी डॉक्टर की तरह पशु चिकित्सकों के रिटायरमेंट की उम्र सीमा भी 65 वर्ष करने की मांग की गई थी. हाईकोर्ट के आदेश से ये होगा बदलाव पशु चिकित्सक अब एलोपैथी डॉक्टरों की तरह 65 वर्ष तक सेवाएं दे सकेंगे. एलोपैथिक डॉक्टरों और आयुष डॉक्टरों के समान पशु चिकित्सा डॉक्टरों को भी सेवानिवृत्ति की आयु वृद्धि का लाभ मिलेगा. हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को यह भी आदेश दिया है कि वह पशु चिकित्सा डॉक्टरों की सेवानिवृत्ति की आयु 65 वर्ष तक निर्धारित करने के लिए उचित प्रावधान और नियम भी बनाए. मध्य प्रदेश में पशु चिकित्सकों के 406 पद स्वीकृत बता दें कि मध्य प्रदेश में पशु चिकित्सकों के 406 पद स्वीकृत हैं. जिनमें 365 पदों पर डॉक्टर काम कर रहे हैं. सपाक्स अध्यक्ष डॉ. केएस तोमर ने उच्च न्यायालय के इस निर्णय के लिए आभार व्यक्त किया है और राज्य सरकार से इस निर्णय को जल्द से जल्द लागू करने की मांग की है. उन्होंने कहा कि “इस निर्णय से पशु चिकित्सा डॉक्टरों को अपनी सेवाएं और अधिक समय तक प्रदान करने का अवसर मिलेगा, जिससे पशु स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार होगा और पशुपालकों को लाभ होगा.”

जनता की समस्याओं का समाधान करना एक सेवक के नाते मेरा धर्म – विधायक गोपाल सिंह इंजीनियर

जनता की समस्याओं का समाधान करना एक सेवक के नाते मेरा धर्म – विधायक गोपाल सिंह इंजीनियर जनता की समस्याओं का समाधान करना एक सेवक के नाते मेरा धर्म-विधायक गोपालसिंह इंजीनियर जनसुनवाई में जनता की सुनी समस्याएं आष्टा  प्रत्येक बुधवार को आष्टा विधायक अपने कार्यालय में सुबह 10 बजे से जनता की समस्याओं को सुनने, उन्हें हल करवाने के लिये जनसुनवाई करते है। बुधवार को प्रातः 10 बजे से कार्यालय में उपस्तिथ रह कर विधायक गोपालसिंह इंजीनियर ने जनता की समस्याओं को सुना एवं उनकी समस्याओं को हल करने के सम्बंधित अधिकारियों को निर्देश दिये । आष्टा विधायक श्री गोपालसिंह इंजीनियर जो की हर बुधवार को अपने कार्यालय में जन सुनवाई कार्यक्रम के तहत उपस्तिथ रहते है । आज भी बड़ी संख्या में क्षेत्र से नागरिक जनसुनवाई में पहुचे एवं अपनी अपनी पीड़ा से विधायक को अवगत कराया एवं आवेदन दिये। जनता से प्राप्त आवेदनों पर विधायक ने कहा एक सेवक होने के नाते आपकी समस्याओं को हल करना मेरा धर्म है। मुझे आप विधायक नही आपका सेवक ही माने । में विधायक बाद में हु पहले आपका सेवक हु । क्षेत्र की जनता की सेवा करना मेरा पहला कर्तव्य एवं धर्म है । आज आये आवेदनों को तत्काल सम्बंधित विभागों के अधिकारियों से चर्चा कर ग्रामीणों की समस्याओं का समय सीमा में तत्काल निराकरण करने के निर्देश दिये । आज जनसुनवाई में कई विभागों के जैसे आवेदन प्राप्त हुए उन्हें निराकरण हेतु भेजे गये । विधायक श्री गोपालसिंह इंजीनियर ने कार्यालय आये सभी नागरिको को भरोसा दिया कि आपकी समस्याओं का जल्द निराकरण होगा। विधायक कार्यालय से जानकारी देते हुए बताया की जनसुनवाई में ग्राम लसुड़िया पार में मंदिर के जीर्णोद्धार की मांग को लेकर ग्रामीणों ने औपचारिक भेंट की । संबल योजना संबंधित आवेदन पत्र, ग्राम बीलपान के आवास योजना सम्बंधित आवेदन,शासन के खेत तालाब योजना अंतर्गत खेत में छोटा तालाब तलाई खुदाई हेतु आवेदन,श्यामपुरा पंप फाइटर पर RDDS योजना के अंतर्गत होने वाले कार्य के संबंध में,शासकीय भूमि पर कब्जा करने की शिकायत,पुलिस प्रकरण में कार्यवाही कराने, स्वैच्छिक स्थानांतरण हेतु आवेदन पत्र,विद्युत संबंधित आवेदन पत्र एवं गल्ला मंडी आष्टा में नीलामी के बाद व्यापारी अनाज तूलाई हेतु दूसरी जगह अनाज ले जाने को बन्द कराने हेतु आवेदन प्राप्त हुए है। आई शिकायतों एवं आवेदनों को सम्बंधित विभागों को निराकरण हेतु निर्देश दिये है । विभागों की आई समस्याओं को लेकर मौके से ही सम्बंधित विभाग के अधिकारियों को आई समस्याओं के निराकरण करने के निर्देश दिये,कुछ आवेदन निराकरण हेतु सम्बंधित विभागों को भेजे गये ।

मेंटीनेंस, रिपेयरिंग के लिए टी-72 टैंक पहुंचा जबलपुर, ‘एमआरओ’ प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने में कदम

जबलपुर  मेंटीनेंस, रिपेयरिंग और ओवरहॉलिंग ‘एमआरओ’ प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने के लिए चेन्नई की हैवी वीकल फैक्ट्री से एक और टी-72 टैंक वीकल फैक्ट्री जबलपुर (वीएफजे) पहुंच गया है। अब ओवरहॉलिंग का काम प्लानिंग के तहत शुरू किया जा रहा है। टी-72 टैंक भारतीय सेना के टैंक बेडे़ का प्रमुख आधार है। वर्तमान हालातों को देखते हुए इस प्रोजेक्ट को अहम माना जा रहा है। आर्मर्ड वीकल निगम लिमिटेड के अंतर्गत वीएफजे को यह नया काम मिला है। आने वाले समय में चेन्नई के बाद वीएफजे ऐसी दूसरी आयुध निर्माणी होगी, जहां इसका उत्पादन किया जाएगा। भविष्य में जो भी नए टैंक सेना के लिए बनाए जाएंगे, उनकी सभावनाएं भी तेज होंगी। इसी लिहाज से वीएफजे में सेटअप बनाया जा रहा है। फिलहाल, ओवरहॉलिंग के बाद मैन्युफैक्चरिंग होगी। Powerful T-72 tank : दो टैंक का अनुबंध एमआरओ प्रोजेक्ट के तहत वीएफजे और हैवी वीकल फैक्ट्री के बीच दो टी-72 टैंक का अनुबंध हुआ था। सुविधाएं बढ़ने के साथ टैंक ओवरहॉलिंग के बाद इनका निर्माण शुरू हो जाएगा। इसका सेटअप फैक्ट्री में तैयार किया जा रहा है। टैंक शॉप में तमाम मशीनों के साथ ही कलपुर्जों का निर्माण और बाहर से आने वाले कलपुर्जों की व्यवस्था की जाएगी। टेस्ट ट्रैक भी बनाया जाएगा। फैक्ट्री एस्टेट में इसके लिए भूमि चिन्हित की जा रही है। कलपुर्जों को खोला चेन्नई से आए इंजीनियर और वीएफजे की विशेषज्ञ कर्मचारियों की देखरेख में दूसरे टैंक की ओवरहॉलिंग का काम शुरू हो गया है। शुरूआत बाहरी भाग से की जा रही है। बाद में इंजन और चेचिस के अलावा दूसरे प्रमुख भागों को खोलकर उनकी ओवरहॉलिंग की जाएगी। इस दौरान जिन कलपुर्जों की जरूरत होगी, उसे चेन्नई के अलावा दूसरी आयुध निर्माणियों और निजी क्षेत्र सेे लिया जाएगा। ऐसे में जबलपुर में इसके लिए एक सप्लाई चेन भी निर्मित होगी जो कि रिछाई और आधारताल औद्योगिक क्षेत्र में काम करने वाली डिफेंस एंसेलरीज के लिए बड़ा अवसर होगा। Powerful T-72 tank : एमआरओ प्रोजेक्ट के तहत दूसरा टी-72 टैंक आ गया है। अब दोनों की ओवरहॉलिंग शुरू कर दी गई है। जरूरी संसाधन जुटाए जा रहे हैं।     विपुल वाजपेयी, जनसपर्क अधिकारी वीएफजे  

UPSC ने IFS परीक्षा का परिणाम घोषित किया, राजगढ़ की अंजली सोंधिया ने प्रदेश भर में पहला स्थान हासिल किया

 राजगढ़ संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने  भारतीय वन सेवा (IFS) परीक्षा 2024 का परिणाम घोषित कर दिया है, इसमें राजगढ़ निवासी अंजली सोंधिया ने प्रदेश भर में पहला स्थान हासिल किया है, वहीं देशभर में 9वां रैंक हासिल कर जिले का नाम राष्ट्रीय पटल पर रोशन किया है. इस सफलता पर उनको जिला कलेक्टर गिरीश कुमार मिश्रा और एसपी आदित्य मिश्रा ने बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है. अंजली ने राजगढ़ का नाम किया रोशन भारतीय वन सेवा 2024 की परीक्षा में 143 उम्मीदवारों ने सफलता हासिल की है. इन्हीं में से राजगढ़ जिले के गांव चंदरपुरा निवासी अंजली सोंधिया ने प्रदेश में पहली रैंक हासिल की है, वहीं पूरे भारतवर्ष में 9वां रैंक हासिल किया है. अंजली सोंधिया ने कहा, “सोमवार को रिजल्ट घोषित हुआ तो मैं स्क्रॉल करके नीचे के पेजों पर खुद का नाम तलाश रही थी. हालांकि, मेरा नाम पहले ही पेज पर मौजूद था. जिसके बाद परिवार में खुशी की लहर दौड़ पड़ी.” क्या बोली टॉपर? अंजली ने कहा, “जब मैं 12वीं कक्षा में थी उसी दौरान UPSC पास करने का मन बना लिया था. मुझे चौथे प्रयासों के बाद यह सफलता मिली है. मैंने अपनी पढ़ाई को निरंतर जारी रखा. इसी की वजह से मुझे लोक सेवा संघ की भारतीय वन सेवा परीक्षा में देश में 9 वीं रैंक मिली है. मैं खुद को भाग्यशाली मानती हूं कि मुझे फॉरेस्ट में सेवा करने का मौका मिला है. शुरू से ही मेरा प्रकृति से जुड़ाव रहा है, अब मुझे उसकी रक्षा करने का सौभाग्य मिला है.” आज भी समाज में है नातरा-झगड़ा जैसी कुप्रथाएं गौरतलब है कि, मध्य प्रदेश के 55 जिलों में से राजगढ़ एक जिला है, जो कि नीति आयोग के पिछड़े जिलों की सूची में शामिल है. जहां बाल विवाह और नातरा-झगड़ा जैसी कुप्रथाएं आज भी समाज में प्रचलित हैं. इसी जिले में अंजली ने लोक सेवा संघ की भारतीय वन सेवा की परीक्षा में 9वां स्थान हासिल कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है. करेड़ी गांव निवास अंजली के मामा बबलू पटेल ने कहा, “अंजली के पिता सुरेश एक किसान थे, उनका देहांत लगभग दो वर्ष पहले लंबी बीमारी के बाद हो गया था. अंजली के पिता का सपना था कि बेटी एक बड़ी अफसर बने. अंजली ने पिता की मौत के बाद भी हार नहीं मानी और अपने पिता के सपने को पूरा कर दिखाया है. हमें उस पर गर्व है.”

मुख्यमंत्री यादव का जबरा फैन सामने आया, हाथ पर बनवाया टैटू, कहा- मरते दम तक …….

भोपाल  मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव का जबरा फैन सामने आया है। इस युवक ने ऐसा टैटू बनवाया जो किसी ने सोचा भी न होगा। यह प्रशंसक बाकी फैन्स से थोड़ा अलग है। आपने एक्टर, एक्ट्रेस या खिलाड़ियों की दीवानगी लोगों के सिर चढ़कर बोलती देखी होगी, लेकिन किसी राजनेता या किसी सीएम को लेकर इतनी चाहत बहुत कम देखने और सुनने को मिलती है, लेकिन मध्य प्रदेश के सीएम डॉ मोहन यादव का यह फैन बाकी चाहने वालों से थोड़ा हटकर है। जी हां… इस युवक का नाम दीपक शर्मा है, जो विदिशा जिले का रहने वाला है। दीपक शर्मा, प्रदेश के मुखिया डॉ मोहन यादव का बहुत बड़ा प्रशंसक है। दीपक ने बताया कि वह डॉ मोहन यादव का बहुत बड़ा फैन है। सीएम के प्रति दीवानगी के चलते उसने अपने हाथ पर टैटू तक गुदवा लिया है। उसका कहना है कि यह टैटू मरते दम तक अमर रहेगा।

झाबुआ में मतांतरित परिवार ने बहू की जिद के कारण वापस सनातन धर्म अपनाने यानी घर वापसी के लिए तैयार

 झाबुआ  मध्य प्रदेश के झाबुआ जिले में मतांतरित एक परिवार के पांच सदस्य बहू की जिद के कारण वापस सनातन धर्म अपनाने यानी घर वापसी के लिए तैयार हो गए। दरअसल, बहू ने शादी के चंद घंटों बाद ही साफ कर दिया था कि उसे सिर्फ सनातन धर्म को मानने वालों के ही साथ रहना है। शादी से पहले उसे मालूम नहीं था कि उसकी जिस परिवार में शादी हो रही है, वह सनातन धर्म का पालन नहीं करते हैं, बल्कि पूर्व में ईसाई धर्म अपना चुके हैं। ऐसे में, 19 वर्षीय संगीता भाबर ने पति आशीष मचार से विवाह के अगले ही दिन गत 18 अप्रैल को अपने ससुराल वालों से साफ कह दिया कि यदि उन्होंने सनातन धर्म में वापसी नहीं की तो वह घर में नहीं रहेगी। लंबे समय से सनातन धर्म से दूर थे इस पर दोनों पक्षों में यह विवाद गहराने लगा कि शादी से पहले दूसरे धर्म को मानने की बात क्यों छिपाई गई? दूसरी ओर वर पक्ष कहता रहा है कि वह लंबे समय से सनातन धर्म से दूर है। मध्यस्थता करवाने वालों को यह बात पता थी। शादी से पहले अन्य धर्म के होने की बात छिपाई गई इस बीच 10 मई को पिता व मामा के साथ झाबुआ थाने में संगीता ने रिपोर्ट दर्ज करवा दी कि शादी से पहले अन्य धर्म के होने की बात छिपाई गई। अब उस पर भी मतांतरण के लिए दबाव बनाया जा रहा है। संगीता के ससुर गज्जू व पति आशीष को आरोपित बनाया गया। उनकी गिरफ्तारी हुई। जेल जाना पड़ा। जमानत पर रिहा हुए हैं। सोमवार को ढेबरबड़ी के उंडवा फलिये में रहने वाले ग्रामीणों का समूह गज्जू व स्वजन के साथ झाबुआ आया। उन्होंने कहा कि बहू की इच्छा अनुसार वे सनातन धर्म को अपनाने के लिए तैयार हैं। इसके बाद वधू पक्ष भी रिश्ते को वापस स्वीकारने को सहर्ष तैयार हो गया। मंगलवार को वर पक्ष के लोग बहू को लेने के लिए बिसौली गए। परिवार के सदस्य करेंगे घर वापसी गज्जू मचार ने बताया कि वह 20 साल पहले ईसाई धर्म से जुड़ गया। अब बहू के कारण वापस सनातन धर्म अपनाने को तैयार है। परिवार के पांच सदस्य घर वापसी करेंगे। ढेबरबड़ी के सरपंच रसिया ने बताया कि शादी के तत्काल बाद सुसराल में जब ईसाई धर्म की रस्म देखी तो बहू को यह अच्छा नहीं लगा था। अब मामला खत्म हो गया है। परिवार के सदस्य वापस सनातन धर्म से जुड़ने को तैयार हो गए हैं। उनके घर वापसी का शीघ्र ही आयोजन होगा, जिसमें संत आकर आशीर्वाद देंगे।

विजन 2047 की दिशा में मध्यप्रदेश का निर्णायक कदम, जिला विकास योजनाओं को मिलेगा डाटा का आधार

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में आत्मनिर्भर जिला विकसित मध्य प्रदेश के संकल्प को अब मूर्त-रूप देते हुए जिला घरेलू उत्पाद रिपोर्ट तैयार की गई है। यह रिपोर्ट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस सोच को साकार करने की दिशा में ठोस पहल है जिसके अनुसार विकसित भारत का संकल्प देश के हर जिले में लिया जाएगा। यह पहल पूरे देश में अभिनव है। योजना आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग द्वारा आज भोपाल में अटल बिहारी वाजपेई सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान में जिला घरेलू उत्पाद रिपोर्ट 2022-23 का विमोचन किया गया। अपर मुख्य सचिव संजय कुमार शुक्ला ने कहा कि डाटा आधारित नीति निर्माण के लिए जिला स्तर पर आर्थिक आंकड़ों का यह प्रयास अत्यंत सराहनीय है। उन्होंने इसे मध्यप्रदेश के विजन 2047 की दिशा में एक निर्णायक कदम बताया। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य जिलों को आर्थिक विकास की धुरी बनाते हुए बॉटम अप दृष्टिकोण को प्रोत्साहित करना है। यह रिपोर्ट राज्य के सभी जिलों की आर्थिक गतिविधियों का विश्लेषण प्रस्तुत करती है जो न केवल नीति निर्माण को डाटा आधारित बनाएगा साथ ही राज्य के विजन 2047 को जमीन पर भी उतारेगा। रिपोर्ट के अनुसार 2022-23 में इंदौर, भोपाल, जबलपुर और उज्जैन जैसे जिलों ने राज्य के सकल घरेलू उत्पाद में सर्वाधिक योगदान दिया है। प्रति व्यक्ति आय के आंकड़ों में भी यही जिले शीर्ष पर रहे हैं। प्राथमिक क्षेत्र यानी कृषि वानिकी, पशुपालन, मछली पालन में राज्य का जीव्हीए में 45% का योगदान है जबकि द्वितीय क्षेत्र निर्माण और विनिर्माण तथा तृतीय क्षेत्र सेवाएं, व्यापार वित्त में क्रमशः 19% और 36% का योगदान दर्ज किया गया है। छिंदवाड़ा, धार, बालाघाट इंदौर और भोपाल जैसे जिलों ने विभिन्न क्षेत्रों में अग्रणी प्रदर्शन किया है। इससे पहले इंडिया फाउंडेशन और मध्यप्रदेश योजना एवं सांख्यिकी विभाग तथा राज्य नीति आयोग के बीच दो औपचारिक समझौते पर हस्ताक्षर हुए। यह साझेदारी भविष्य में डाटा इन्नोवेशन हब और रिसर्च एनालिसिस यूनिट की स्थापना की दिशा में एक ठोस पहल होगी जिससे नीति निर्माण की प्रक्रिया अधिक सशक्त, स्थानीयकृत और विश्लेषणात्मक हो सकेगी। पूर्व उपाध्यक्ष नीति आयोग एवं पहले इंडिया फाउंडेशन के अध्यक्ष राजीव कुमार, अपर मुख्य सचिव संजय कुमार शुक्ला, राज्य सांख्यिकी आयोग के अध्यक्ष प्रवीण श्रीवास्तव एवं वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि राजीव कुमार की कार्यक्रम के पहले मुख्य सचिव के साथ औपचारिक मुलाकात और चर्चा हुई। इंडिया फाउंडेशन के सहयोग से राज्‍य नीति आयोग ने एम एण्ड ई की स्थापना तथा संरचनात्मक सुधार पर सहयोग की चर्चा हुई। अपर मुख्य सचिव संजय कुमार शुक्ला ने डीडीपी रिपोर्ट की प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। आयुक्त आर्थिक एवं सांख्यिकी ऋषि गर्ग ने स्वागत भाषण दिया। संयुक्त संचालक आर्थिक एवं सांख्यिकी विश्वजीत रैकवार ने धन्यवाद ज्ञापन दिया। कार्यक्रम में सभी जिलों से अनुरोध किया गया कि वह इस रिपोर्ट को अपनी विकास योजनाओ का आधार बनाएं और राज्य को आत्मनिर्भर और समावेशी अर्थव्यवस्था की ओर ले जाए।  

भोपाल में लड़कियों को मतांतरण के लिए मजबूर किया गया, NCW की रिपोर्ट में चौंका देने वाले खुलासे

भोपाल भोपाल में हिंदू लड़कियों को लव जिहाद का शिकार बनाकर उनसे दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग के बहुचर्चित मामले में राष्ट्रीय महिला आयोग की जांच में बड़ा राजफाश हुआ है।मध्यप्रदेश के भोपाल में कॉलेज में पढ़ने वाली हिंदू छात्राओं से रेप और ब्लैकमेलिंग केस में NCW यानी नेशनल कमीशन फॉर वूमेन की जांच समिति ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं. इस मामले में महिला आयोग की फैक्ट फाइंडिंग कमेटी का कहना है कि आरोपियों ने छात्राओं को महंगे गिफ्ट और लग्जरी गाड़ियों का लालच देकर फंसाया था. पीड़ित लड़कियों को मतांतरण के लिए मजबूर किया गया भोपाल में तीन से पांच मई के बीच आए आयोग के जांच दल ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि पीड़ित लड़कियों को मतांतरण के लिए मजबूर किया जाता था। इस अपराध के पीछे बड़े संगठित नेटवर्क की आशंका व्यक्त करते हुए आयोग ने कहा है कि आरोपितों ने छात्राओं को महंगे उपहार, वस्त्र और मोटर साइकिलों के माध्यम से आकर्षित कर प्रेमजाल में फंसाया। आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो बनाए उन्हें नशीला पदार्थ खिलाकर उनकी आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो बनाए। इनके माध्यम से ब्लैकमेल किया। आयोग ने राज्य सरकार से इस संबंध में गहन जांच कराने की सिफारिश की है। बता दें कि मामले को स्वत: संज्ञान लेते हुए राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने तीन सदस्यीय जांच दल गठित किया था। इस प्रकरण में अभी तक छह पीड़ित लड़कियां सामने आ चुकी हैं, इनमें दो सगी बहनें हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, आरोपियों ने पीड़ित छात्राओं पर दबाव डाला कि वे अपनी परिचित अन्य लड़कियों को भी उनसे दोस्ती करने के लिए लाएं, अन्यथा वीडियो को वायरल कर दिया जाएगा. मामले की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्षा विजया रहाटकर ने एक तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित की. इस समिति ने बीती 3 मई से 5 मई तक भोपाल में पीड़ित छात्राओं, उनके परिजनों, पुलिस अधिकारियों और शैक्षणिक संस्थानों के प्रतिनिधियों से मुलाकात कर जांच की. समिति ने उन स्थानों का भी दौरा किया जहां पीड़िताओं को नशीली दवाएं देकर उनके साथ अमानवीय कृत्य किए गए. जांच समिति में निर्मल कौर, आईपीएस (सेवानिवृत्त), पूर्व पुलिस महानिदेशक, झारखंड (अध्यक्ष),   निर्मला नायक, अधिवक्ता, उच्च न्यायालय, जबलपुर (सदस्य), और  आशुतोष पांडे, अवर सचिव, राष्ट्रीय महिला आयोग (सदस्य) शामिल थे. कमेटी के प्रमुख निष्कर्षों में खुलासा हुआ कि आरोपियों ने छात्राओं को महंगे गिफ्ट, कपड़ों और घुमाने का लालच देकर प्रेमजाल में फंसाया. उन्हें नशीले पदार्थ देकर आपत्तिजनक तस्वीरें खींची गईं और ब्लैकमेल किया गया. पीड़िताएं मानसिक और सामाजिक दबाव में हैं, फिर भी उन्होंने साहस दिखाकर FIR दर्ज कराई. आरोपियों की सामान्य पारिवारिक स्थिति के बावजूद उनकी विलासितापूर्ण जीवनशैली ड्रग तस्करी जैसे संगठित अपराध की संभावना को दर्शाती है. कमेटी ने पाया कि आरोपियों ने पीड़िताओं पर धर्मांतरण के लिए दबाव डाला, जो एक साजिशपूर्ण नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है. कमेटी ने सुझाव दिया कि इसकी राज्यव्यापी जांच की जाए और यह पता लगाया जाए कि क्या आरोपियों को किसी संगठन से वित्तीय सहायता मिल रही थी. मुख्य आरोपित फरहान खान सहित पांच को पुलिस ने गिरफ्तार किया मुख्य आरोपित फरहान खान सहित पांच को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक फरार है। इसके बाद प्रदेश के अन्य जिलों में भी लव जिहाद के मामले सामने आए हैं। आयोग ने झारखंड की पूर्व डीजीपी निर्मल कौर के नेतृत्व में टीम बनाई थी। टीम ने पीड़ित छात्राओं, उनके स्वजन, संबंधित थाना क्षेत्रों के पुलिस अधिकारियों और शैक्षणिक संस्थानों के प्रतिनिधियों से मुलाकात कर जांच की। समिति ने उन स्थानों का भी दौरा किया, जहां आरोपितों ने पीडि़ताओं को नशीली दवाएं खिलाकर उनके साथ गलत काम किया। राज्यव्यापी जांच के लिए आयोग ने कहा राष्ट्रीय महिला आयोग ने रिपोर्ट में कहा है कि आरोपितों का तरीका सुनियोजित है और गिरोह बनाकर अपराध किया गया। उनके द्वारा पीडि़त छात्राओं पर मतांतरण के लिए भी दबाव डाला जाता रहा। ऐसे मामलों का पता लगाने के लिए राज्यव्यापी जांच की जा सकती है। किसी संगठन द्वारा वित्त पोषित जा रहा? यह भी पता लगाया जा सकता है कि क्या इन्हें किसी संगठन द्वारा वित्त पोषित किया जाता है। आरोपितों की पारिवारिक स्थिति बहुत अच्छी नहीं है परंतु उनकी जीवनशैली अत्यधिक विलासितापूर्ण है, जिस कारण ड्रग्स तस्करी जैसे संगठित अपराध की आशंकाओं की जांच की भी आवश्यकता दिखती है। वीडियो वायरल करने की दी धमकी आरोपियों ने लालच देकर छात्राओं को फंसाया. इसके बाद नशा देकर उनके साथ दुष्कर्म किया और अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल किया. इसके बाद आरोपियों ने पीड़िताओं को धमकाया भी कि वे दूसरी छात्राओं को इनके चंगुल में फंसाए, अगर ऐसा नहीं किया तो उनके वीडियो सोशल मीडिया पर डाल दिए जाएंगे. सीएम को सौंपी रिपोर्ट महिला आयोग का कहना है कि इस मामले में सिर्फ यौन अपराध ही नहीं, बल्कि जबरन धर्म परिवर्तन और संगठित आपराधिक नेटवर्क की भी भूमिका सामने आ रही है. जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट सीएम मोहन यादव और राज्यपाल मंगुभाई पटेल को सौंपी है. इसमें पीड़िताओं को न्याय दिलाने के लिए कठोर कार्रवाई की मांग की है. ॉ बड़े नेटवर्क की आशंका जांच समिति ने रिपोर्ट में कहा है कि कुछ मामलों में पीड़िताओं पर धर्म परिवर्तन का दबाव भी डाला गया है. इसके साथ ही यह भी पाया गया कि आरोपी सामान्य आर्थिक स्थिति से थे, लेकिन उनकी जीवन-शैली इशारा करती है कि उनके तार ड्रग तस्करी या फिर किसी बड़े आपराधिक नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं. बता दें कि NCW की टीम 3 से 5 मई तक भोपाल दौरे पर रही. टीम ने इस दौरान पीड़ित छात्राओं, उनके परिवारों, पुलिस अधिकारियों और कॉलेज प्रशासन से मुलाकात की थी. बाहरी फंडिंग की जांच की सिफारिश महिला आयोग ने यह भी सिफारिश की है कि राज्य सरकार इस पूरे मामले की गहराई से जांच कराए, जिसमें बाहरी फंडिंग, वैचारिक प्रभाव और प्राइवेट संस्थानों द्वारा सरकारी योजनाओं, जमीन और शिक्षा निधियों के दुरुपयोग की संभावना को भी शामिल किया जाए.  

प्याज के भाव औंधे मुंह गिर जाने से किसानों की उम्मीदों पर पानी फिरा

गुना सब्जी में जायका बढ़ाने वाली प्याज की अकड़ निकल गई है। 15 दिन पहले तक यह 15 रुपए किलों में थोक में बिक रही थी, अब स्थिति यह है कि पांच रुपए किलों में भी इसे कोई नहीं खरीद रहा है। प्याज के भाव औंधे मुंह गिर(Onion Rate Decreases) जाने से किसानों की उम्मीदों पर पानी फिर गया है। स्थानीय स्तर पर ही प्याज की अच्छी पैदावार होने की वजह से इसके भाव नरम थे। लेकिन पिछले कई दिनों से मौसम में आए परिवर्तन और बारिश से इसके खराब होने का अंदेशा पैदा हो गया है। इस वजह से किसान मंडी में प्याज बेचने के लिए बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं।  मंगलवार को नानाखेड़ी स्थित थोक सब्जी मंडी में प्याज की बंपर आवक रही, लेकिन इस हिसाब से खरीददार नहीं पहुंचे। इस कारण से इसके दाम 10 रुपए किलो घट गए। 15 रुपए किलों में बिकने वाली प्याज को पांच रुपए में भी कोई खरीदने को तैयार नहीं था। इस वजह से किसान परेशान होते रहें, उनका कहना था कि ऐसी स्थिति रहीं तो गुना तक आने का भाड़ा तक निकलना मुश्किल हो जाएगा। गुना में ही इस बार अच्छी पैदावार पिछली बार प्याज की कम पैदावार होने की वजह से इसके दाम आसमान पर पहुंच गए थे। थोक में ही 25 से 30 रुपए किलों में बिकी थी। यही वजह रही कि किसानों इस बार भी अच्छा लाभ कमाने के चक्कर में बड़े रकबे में प्याज की खेती की है। पिपरौदा निवासी किसान कमलेश सिंह ने बताया कि पिछली बार प्याज महंगी बिकी थी, इसी को देखते हुए इस बार ज्यादातर किसानों ने प्याज की बोवनी की तरफ रुझान किया। इसकी अधिक पैदावार होने से इसके दाम गिर गए हैं। क्योंकि प्याज एक ऐसी उपज है, जिसे लंबे समय तक सुरक्षित नहीं रखा जा सकता है। इसलिए किसान इसे जल्दी से जल्दी बेचना चाहता है। इधर बारिश और तेज गर्मी की वजह से भी इसके खराब होने की आशंका है। महाराष्ट्र की थोक मंडियों में भी स्थिति बुरी प्याज कारोबारी(Onion Rate Decreases) इमरान राईन ने बताया कि महाराष्ट्र की थोक मंडियों में प्याज एक रुपए से लेकर 7 रुपए प्रति किलोग्राम तक बिक रही है। इसमें ज्यादातर ऐसी प्याज है, जो लंबे समय तक सुरक्षित रखी जा सकती है। हालांकि पिछली बार महाराष्ट्र की मंडी में ही प्याज 15 से 20 रुपए किलों बिकी थी। इसी तरह एशिया की सबसे बड़ी प्याज मंडी लासलगांव में प्याज के भाव में गिरावट है। राज्य की दूसरी मंडियों में हालात और भी खराब हैं। इस बार स्थानीय स्तर पर अच्छी पैदावार की वजह से बाहर से भी प्याज नहीं मंगाई जा रही है। इसका असर हर मंडी पर पड़ा है।

न्यायालयों में तृतीय श्रेणी कर्मचारियों को एक की जगह अब दो सप्ताह का अवकाश

जबलपुर मध्य प्रदेश में कार्यरत न्यायालयीन कर्मचारियों के अच्छी खबर है, जबलपुर उच्च न्यायालय ने सभी न्यायालयों में पदस्थ तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों के ग्रीष्मकालीन अवकाश में वृद्धि की है, उच्च न्यायालय ने इसके लिए अलग अलग आदेश जारी किये हैं मध्य प्रदेश के न्यायालयों में काम करने वाले कर्मचारियों  के लिए अभी तक एक सप्ताह के ग्रीष्मकालीन अवकाश की सुविधा प्रदान की गई थी यानि न्यायालयों में ग्रीष्मकालीन अवकाश की अवधि में कर्मचारी एक सप्ताह का अवकाश ले सकता था लेकिन अब इसमें बदलाव करते हुए वृद्धि की गई है। तृतीय श्रेणी कर्मचारियों को एक की जगह अब दो सप्ताह का अवकाश   हाई कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि  05 जुलाई 2018 की कंडिका-4 में दिए आदेश में आंशिक संशोधन करते हुए, जिला स्थापना एवं कुटुम्ब न्यायालय की स्थापना पर कार्यरत ऐसे कर्मचारी जिनका वेतनमान छठवे वेतन आयोग के अनुसार ग्रेड-पे रुपये 3600/- एवं उससे अधिक है, ऐसे कर्मचारियों को एक सप्ताह के स्थान पर अब दो सप्ताह का ग्रीष्मकालीन अवकाश स्वीकृत किया जाता हैं एवं रुपये 3600/- ग्रेड पे से कम वेतनमान प्राप्त करने वाले समस्त कर्मचारियों को (चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को छोड़कर) एक सप्ताह के स्थान पर 10 दिवस का ग्रीष्मकालीन अवकाश स्वीकृत किया जाता है। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के अवकाश में भी वृद्धि इसी तरह उच्च न्यायालय ने चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के अवकाश में भी वृद्धि की है, कोर्ट ने अपने आदेश में बताया कि समस्त नियमित चतुर्थ श्रेणी कर्मचारीगण, उच्च न्यायालय मध्यप्रदेश जबलपुर द्वारा 17 मई 2025 को दिए गए आवेदन को स्वीकार करते हुए मुख्यपीठ जबलपुर ने 09 मई 2025 को दिए आदेश मेंआंशिक संशोधन करते हुए चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को स्वीकृत 1 सप्ताह के ग्रीष्मकालीन अवकाश को बढ़ाकर 10 दिवस का ग्रीष्मकालीन अवकाश स्वीकृत किया जाता है।

सुप्रीम कोर्ट ने किया आईएफएस को कमजोर करने वाले मप्र सरकार के आदेश को किया खारिज

Supreme Court rejects MP government’s order weakening IFS भोपाल। सर्वोच्च न्यायालय ने बुधवार को मप्र सरकार द्वारा 29 जून, 2024 को जारी किए गए एक विवादास्पद आदेश को खारिज कर दिया। इस आदेश में कहा गया था कि गैर-वन अधिकारी – विशेष रूप से कलेक्टर और संभागीय आयुक्त – प्रधान मुख्य वन संरक्षक सहित वरिष्ठ भारतीय वन सेवा (IFS) अधिकारियों की कार्य-निष्पादन मूल्यांकन प्रक्रिया में भाग लेंगे। सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार के एपीएआर संशोधन प्रक्रिया के आदेश को अनुचित ठहराते हुए वर्ष 2002 में पूर्ववर्ती आदेश को यथावत रखा। यानि अब डीएफओ और एपीसीसीएफ के एपीएआर में कलेक्टर कमिश्नर और प्रमुख सचिव टिप्पणी नहीं लिखेंगे। उच्चतम न्यायालय के आदेश से आईएफएस अफसर की जहां जीत हुई है वही प्रदेश के नौकरशाही खासकर एसीएस अशोक वर्णवाल की किरकिरी हुई है।पर्यावरण अधिवक्ता गौरव कुमार बंसल और अन्य द्वारा दायर याचिका के बाद भारत के मुख्य न्यायाधीश माननीय न्यायमूर्ति गवई की अध्यक्षता वाली पीठ ने माननीय न्यायमूर्ति मसीह के साथ मिलकर यह फैसला सुनाया। बुधवार को सुप्रीम न्यायालय ने प्रशासनिक औचित्य और पारिस्थितिकी संवेदनशीलता के सिद्धांतों को बरकरार रखते हुए आदेश को निर्णायक रूप से रद्द कर दिया। पीठ ने अपने फैसले में यह भी कहा कि हमें यह मानने में कोई संकोच नहीं है कि विवादित सरकारी आदेश प्रकृति में अवमाननापूर्ण है, क्योंकि यह सरकारी आदेश इस न्यायालय के दिनांक 22 सितम्बर 2000 और 19 अप्रैल 2024 के पूर्वोक्त आदेशों का उल्लंघन करता है और इसे इस न्यायालय से स्पष्टीकरण/संशोधन मांगे बिना ही जारी किया गया है। हम ऐसे सरकारी आदेश जारी करने के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ अवमानना ​​कार्यवाही शुरू कर सकते थे। हालांकि, हम ऐसा करने से खुद को रोकते हैं। उक्त सरकारी आदेश इस न्यायालय के निर्देशों का उल्लंघन करने के कारण रद्द किए जाने योग्य है और इसे रद्द किया जाना चाहिए। अधिवक्ता बंसल ने आदेश की संवैधानिकता और प्रशासनिक सुदृढ़ता को चुनौती देते हुए तर्क दिया कि इसने भारतीय वन सेवा की संस्थागत अखंडता का उल्लंघन किया है और वन संरक्षण प्रयासों को कमजोर किया है। उन्होंने प्रस्तुत किया कि महत्वपूर्ण वन और वन्यजीव संरक्षण कार्य का आकलन करने में गैर-वन अधिकारियों को शामिल करना न केवल अनुचित होगा, बल्कि टी.एन. गोदावर्मन थिरुमुलपाद बनाम भारत संघ (2000) और संतोष भारती बनाम मध्य प्रदेश राज्य जैसे ऐतिहासिक पर्यावरण मामलों में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा स्थापित कानूनी मिसालों के भी विपरीत होगा। मामले को गंभीरता से लेते हुए सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि राज्य का आदेश भारतीय वन सेवा की स्वायत्तता और तकनीकी अध्यादेश का उल्लंघन करता है और भारत के वन प्रशासन के लिए इसके दूरगामी परिणाम हैं। क्या थी एपीएआर लिखने की नई व्यवस्था? 29 जून 24 को जारी आदेश के तहत राज्य शासन ने प्रभागीय वन अधिकारी (डीएफओ) से लेकर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (पीसीसीएफ) तक के भारतीय वन सेवा अधिकारियों के लिए एपीएआर चैनल के संबंध में एक नई व्यवस्था शुरू की है। राज्य शासन के आदेश खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है। याचिका कर्ता एडवोकेट गौरव कुमार बंसल ने अपने याचिका में कहा है कि 29 जून 24 के अपने आदेश के तहत मध्य प्रदेश राज्य ने प्रभागीय वन अधिकारी (डीएफओ) से लेकर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (पीसीसीएफ) तक के भारतीय वन सेवा अधिकारियों के लिए पीएआर चैनल के संबंध में एक नई व्यवस्था शुरू की है। आईएफएस का संरक्षण जरूरी जहां भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारियों का समग्र काम राजस्व और प्रशासनिक मामलों पर केंद्रित है और भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारियों का काम कानून और व्यवस्था पर केंद्रित है, वहीं भारतीय वन सेवा (आईएफएस) अधिकारियों का काम प्रकृति में अधिक तकनीकी है। वह पर्यावरण की सुरक्षा और संरक्षण के लिए समर्पित हैं। इस अद्वितीय भूमिका के कारण, कई बार भारतीय वन सेवा (आईएफएस) अधिकारियों को अक्सर चुनौतियों का सामना करना पड़ता है जब उनके संरक्षण प्रयास राज्य अधिकारियों द्वारा अपनाए गए विकासात्मक उद्देश्यों से टकराते हैं। ऐसे आईएफएस अफसरों का संरक्षण अधिक जरूरी है। अतः एपीआर लिखने की प्रक्रिया में संशोधन गैर वाजिब है।

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

slot olympus

sbobet

slot thailand

sbobet