LATEST NEWS

20 मई को राजवाड़ा में लगेगा मप्र सरकार का दरबार, सीएम यादव अपने मंत्रिमंडल के साथ लेंगे अहम निर्णय

इंदौर देवी अहिल्याबाई होलकर ने इंदौर के राजवाड़ा से सुशासन की नींव रखी थी। उनके बाद होलकर वंशजों ने इंदौर सहित होलकर राज्य के विकास के बड़े निर्णय राजवाड़ा के दरबार हाल में हुई बैठकों में लिए। आजादी के पहले जिस राजवाड़ा में दरबार सजा करता था, स्वतंत्र भारत में पहली बार उसी राजवाड़ा में मोहन सरकार का दरबार लगने वाला है। 20 मई को राजवाड़ा में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अपने मंत्रिमंडल के साथ इंदौर सहित प्रदेश के विकास के कई अहम निर्णय लेंगे। कैबिनेट बैठक की तैयारी के लिए गणेश हाल और दरबार हाल को सजाया जा रहा है। यशवंतराव तृतीय ने आजादी के पहले की थी यहां बैठक होलकरकालीन ऐतिहासिक राजवाड़ा में आजादी के पहले यशवंतराव तृतीय ने दरबार हाल में अपने मंत्रिपरिषद के सदस्यों के साथ बैठक की थी। उस ऐतिहासिक क्षण का चित्र इंदौर के संग्रहालय में सहेजकर रखा हुआ है। राजवाड़ा के गणेश हॉल में जहां होलकर राजा संगीत कार्यक्रम, रंगपंचमी की गेर, ताजिये का जुलूस व खास मौकों पर बैठक करते थे। अब उसी स्थान पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में कैबिनेट की बैठक होगी। वहीं राजवाड़ा परिसर के प्रथम मंजिल पर दरबार हाल में जहां होलकर महाराज मंत्रियों के साथ अपनी रियासत के अहम मुद्दों पर चर्चा करते थे, वहां मुख्यमंत्री व कैबिनेट मंत्रियों का भोज होगा। अस्थायी सचिवालय बनेगा कैबिनेट बैठक के दौरान राजवाड़ा पर अस्थायी सचिवालय की स्थापना की जा रही है, जहां बैठक के संबंध में सभी प्रशासनिक गतिविधियां संचालित होंगी। सुरक्षा के लिए विशेष पुलिस दल तैनात किए जाएंगे। मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों के लिए लाइजनिंग अधिकारी नियुक्त होंगे। शासन की विभिन्न योजनाओं और इंदौर के विकास की प्रदर्शनी लगाई जाएगी। सामने के गार्डन को भी संवारा जा रहा है।   मालवी परंपरा और संस्कृति की दिखेगी झलक राजवाड़ा को होलकरकालीन पारंपरिक शैली में सजाया जा रहा है। बाहर और भीतर मालवी संस्कृति की झलक दिखाई देगी। मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों का स्वागत-सत्कार मालवी परंपरा से किया जाएगा। बैठक के बाद प्रथम तल पर पारंपरिक मालवी भोज का आयोजन किया गया है, जिसमें स्थानीय व्यंजन विशेष रूप से दाल-बाटी, दही बड़ा, मावा बाटी आदि परोसे जाएंगे।  

जल गंगा संवर्धन अभियान: मध्यप्रदेश सरकार ने इस अभियान’ से जल संकट के समाधान के लिये गंभीर पहल की

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में जल गंगा संवर्धन अभियान पर्यावरण और जल संरक्षण, जल संरचनाओं के पुनरुत्थान और सांस्कृतिक चेतना का समवेत संगम बन गया है। मध्यप्रदेश सरकार ने इस अभियान’ से जल संकट के समाधान के लिये गंभीर पहल की है। जल संकट देश-प्रदेश ही नहीं पूरी दुनिया की चिंता का विषय है। भारत जैसे कृषि प्रधान देश के लिए तो यह जीवन-मृत्यु का विषय है। भविष्य की चिंताओं का समाधान आज के अभियान में जल संवर्धन के प्रयासों में निहित है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रारंभ किया गया जल गंगा संवर्धन अभियान एक बहुस्तरीय आयोजन है। इसका उद्देश्य राज्य के जल स्रोतों जैसे नदियों, तालाबों, झीलों, बावड़ियों, पुराने कुओं और जलधाराओं को पुनर्जीवित करना और उन्हें सतत रूप से संरक्षित करना है। यह अभियान सरकारी योजना से आगे बढ़कर अब जन आंदोलन का स्वरूप ले चुका है। जल गंगा संवर्धन अभियान में पुराने जल-स्त्रोतों का पुनरूद्धार पुनीत कार्य- उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा ने जल गंगा संवर्धन अभियान में जबलपुर जिले में जल स्त्रोतों के संरक्षण के लिये संचालित की जा रही गतिविधियों का निरीक्षण किया। उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने जनपद पंचायत कुंडेश्वर धाम के गुरैया गांव में बने खेत तालाब, कूप रिचार्ज निर्माण और बघराजी गांव में में लैगून पद्धति से जोगी तालाब के विस्तार एवं सुदृढीकरण के कार्य का निरीक्षण किया। उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने बघराजी में जन समुदाय को संबोधित करते हुए जल संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में तत्परता से कार्य करने के लिए प्रशासन की सराहना की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में जल गंगा संवर्धन अभियान प्रदेश भर में ताल, तलैया, कुएं एवं बावड़ी सहित विभिन्न जल स्रोतों को संरक्षित करने के साथ ही प्राचीन जलस्रोतों को सूचीबद्ध कर उन्हें पुनर्जीवित किये जाने का पुनीत कार्य हो रहा है। उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने कुंडेश्वर धाम के साथ ही हनुमान ताल में जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत किए जा रहे कार्यों का निरीक्षण भी किया। हनुमान ताल के उन्नयन के लिए अमृत योजना के तहत 55 लाख 09 हजार 514 रूपए की लागत से डी-सिल्टिंग, फेंसिंग और एरिएशन के कार्य किए जा रहे हैं। ताप्ती नदी से निकाली गाद, हटाया कचरा, प्लास्टिक काई जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत बुरहानपुर में नया खेड़ा गांव के ताप्ती घाट छोटे पुल पर स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग से आयोजित श्रमदान में नेपानगर विधायक सुश्री मंजू दादू, जनपद अध्यक्ष श्री राकेश सोलंकी, जनप्रतिनिधिगण, जिला पंचायत सीईओ सुश्री लता शरणागत, अपर कलेक्टर श्री वीरसिंह चौहान, एसडीएम श्री वाखला, जनपद सीईओ श्रीमती वंदना कैथल, जिला परियोजना प्रबंधक श्रीमति संतमति खलखो, पंचायत विभाग के समस्त अधिकारी-कर्मचारी, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका सहित अन्य विभागों के अधिकारीगणों ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की। श्रमदान करने वालों ने ताप्ती नदी में उतरकर गाद, नदी पुराने कपड़े और प्लास्टिक कचरे को बाहर निकाला। नदी में जमी हरी काई को भी साफ किया गया। सीहोर जिले में जल गंगा अभियान से जगाई जन जागरुकता की अलख  अभियान में जल संरक्षण के प्रति नागरिकों और ग्रामवासियों को जागरुक बनाने के लिए अनेक गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। अभियान में जल संरक्षण के प्रति जागरूकता जगाने के लिए दीवार लेखन, जागरूकता रैली, पोस्टर-बैनर, रंगोली, ग्राम सभाएं, कलश यात्राएं, शपथ-ग्हण सहित अनेक गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। जिले के गांवों में कुओं की मरम्मत, तालाबों का जीर्णोद्धार, डैम्स की साफ-सफाई सहित अनेक कार्य किए जा रहे हैं। जल गंगा संवर्धन अभियान में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने ग्राम पंचायत जताखेड़ा के खोखरी गांव में जल संरक्षण के प्रति जन जागरूकता जगाने के लिए शिविर आयोजित किया गया। मुरैना में खिरावली तालाब का श्रमदान से जीर्णोद्धार जल संसाधन विभाग के कर्मचारियों ने जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत खिरावली तालाब के बंड पर उगे जंगल की सफाई जन सहयोग से की। कर्मचारियों और जन भागीदारी के परिश्रम से इस तालाब को पुनर्जीवन मिला है। अब यह ग्रीष्म ऋतु में भी भरा रहेगा। साथ ही आने वाले मानसून में इस पर्याप्त मात्रा में जल संग्रह होगा और स्थानीय जल स्रोतों में भी भू-जल रिचार्ज रहेगा। हरदा में प्राचीन बावड़ी का हुआ जीर्णोद्धार ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ के अंतर्गत जल स्रोतों के गहरीकरण एवं जीर्णोद्धार जैसे कार्य किए जा रहे हैं। अभियान में हरदा के कालू बाबा परिसर में स्थित प्राचीन बावड़ी में जीर्णोद्धार संचालित किया जा रहा है। इस कार्य का निरीक्षण करते हुए जिले के कलेक्टर मुख्य नगर पालिका अधिकारी को निर्माण वर्षा शुरू होने से पहले पूर्ण कराने के निर्देश दिये। प्राचीन बावड़ी का इतिहास एक बोर्ड पर लिखवाने के लिए भी कलेक्टर ने निर्देश दिया। जनभागीदारी से जन्मा भागीरथी संकल्प का प्रतीक यह अभियान भविष्य की पीढ़ियों को सुरक्षित, समृद्ध और जल-सम्पन्न मध्यप्रदेश में जुटा जन-आंदोलन बन गया है।  

भस्म आरती की सामान्य बुकिंग श्रावण में शनिवार, रविवार और सोमवार को कैंसल रह सकती है

उज्जैन ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में श्रावण मास में सप्ताह के तीन दिन भस्म आरती की सामान्य बुकिंग सुविधा स्थगित रह सकती है। मंदिर समिति शनिवार, रविवार व सोमवार यानी भीड़ वाले दिनों में श्रद्धालुओं की संख्या सीमित करने पर विचार कर रही है। बता दें इन दिनों के लिए भस्म आरती की ऑनलाइन बुकिंग सुविधा को पहले ही ब्लॉक कर दिया गया है। यानी इन तीन दिनों में ऑफलाइन, ऑनलाइन व्यवस्था की कुल 700 सीटों पर बुकिंग नहीं होगी। महाकाल मंदिर में 11 जुलाई से श्रावण मास की शुरुआत होगी।   3 से 4 लाख श्रद्धालु पहुंचेंगे महाकाल के दर्शन को पंचांग की गणना के अनुसार 9 अगस्त तक चलने वाले इस पुण्य पवित्र मास में प्रतिदिन 3 से 4 लाख भक्तों के भगवान महाकाल के दर्शन करने आने का अनुमान है। देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं के मन में भगवान महाकाल की भस्म आरती के दर्शन की प्रबल इच्छा रहती है। भक्तों की इसी मंशा का पूरा करने के लिए मंदिर समिति भस्म आरती में चलायमान दर्शन व्यवस्था को प्रभावी रूप से लागू करने की योजना बना रही है। इसके लिए कार्तिकेय मंडपम को पूरी तरह रिक्त रखा जाएगा। नंदी व गणेश मंडपम में बैठकर भस्म आरती दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या बेहद सीमित रहेगी। खासकर शनिवार, रविवार व सोमवार को अत्यधिक भीड़ वाले दिनों में भस्म आरती की सामान्य बुकिंग सुविधा को भी बंद रखा जाएगा। भस्म आरती बुकिंग के अभी यह विकल्प ऑनलाइन – 400 स्थान ऑफलाइन – 300 स्थान प्रोटोकाल – 700 स्थान पुजारी, पुरोहित के यजमान – 400 स्थान प्रतिदिन कुल – 1800 सीट की बुकिंग इस बार श्रावण में चार सोमवार 11 जुलाई से शुरू हो रहे श्रावण मास का समापन 9 अगस्त रक्षा बंधन के दिन होगा। इस बार श्रावण मास में चार सोमवार रहेंगे। श्रावण का पहला सोमवार 14 जुलाई, दूसरा 21 जुलाई, तीसरा 28 जुलाई तथा चौथा सोमवार 4 अगस्त को रहेगा। रात 2.30 बजे खुलेंगे मंदिर के पट श्रावण मास में भगवान महाकाल भक्तों के लिए समान्य दिनों की जल्दी जागेंगे। श्रावण मास में प्रत्येक रविवार को रात 2.30 बजे मंदिर के पट खुलेंगे। पश्चात भगवान महाकाल की भस्म आरती होगी। सप्ताह के शेष दिनों में रात 3 बजे मंदिर के पट खोले जाएंगे।

सीहोर जिले में सिविल डिफेंस वॉलंटियर में 2641 स्वयंसेवकों का नामांकन किया गया, आपातकालीन समय में करेंगे काम

सीहोर भारत-पाकिस्तान के बीच पिछले दिनों बने युद्ध जैसे हालात को देखते हुए देश में आंतरिक सुरक्षा की भी तैयारी की जा रही है। युद्ध होने की स्थिति में सीमा पर सेना जंग लड़ेगी और सिविल डिफेंस की टीम भी गृह युद्ध, दंगे और आपात स्थितियों के लिए तैयार रहेगी। मध्यप्रदेश के सीहोर जिले में सिविल डिफेंस वॉलंटियर संगठन को मजबूत करने का अभियान सफल रहा। जिले में 2641 स्वयंसेवकों का नामांकन किया गया। 12 से 17 मई के बीच 2345 स्वयंसेवकों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया। इस प्रशिक्षण में स्वयंसेवकों को आपातकालीन स्थितियों से निपटने के गुर सिखाए गए। भारत-पाकिस्तान के बीच पिछले दिनों बने युद्ध जैसे हालात को देखते हुए देश में आंतरिक सुरक्षा की भी तैयारी की जा रही है। युद्ध होने की स्थिति में सीमा पर सेना जंग लड़ेगी और सिविल डिफेंस की टीम भी गृह युद्ध, दंगे और आपात स्थितियों के लिए तैयार रहेगी। जिला प्रशासन ने सिविल डिफेंस की टीम बनाने के लिए देशभक्ति और समाजसेवा में रुचि रखने वाले युवाओं को प्रशिक्षित किया। कलेक्टर बालागुरू के. और  एसपी दीपक कुमार शुक्ला के निर्देशानुसार, प्रशिक्षण के तहत सीहोर जिले में कुल 2641 सिविल डिफेंस वॉलंटियर नामांकित किए गए हैं। इसके तहत 12 मई से 17 मई तक आयोजित प्रशिक्षण में 2345 सिविल डिफेंस स्वयंसेवकों को गहन प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रशिक्षण में स्वयंसेवकों ने उत्साह से भाग लिया और देश की सेवा के लिए पूरी तत्परता से कार्य करने की कसम खाई। आपातकालीन स्थितियों से निपटने के गुर सिखाए इस प्रशिक्षण सत्र का मुख्य उद्देश्य स्वयंसेवकों को विभिन्न आपातकालीन स्थितियों, जैसे युद्ध के समय हवाई हमले, आगजनी अथवा किसी भी प्रकार की प्राकृतिक आपदाओं के दौरान, अपनी और दूसरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के तरीकों से अवगत कराना था। प्रशिक्षण में स्वयंसेवकों को सिखाया गया कि इन विषम परिस्थितियों में वे किस प्रकार अपनी और अपने समुदाय की सुरक्षा को प्रभावी ढंग से संभाल सकते हैं। प्लाटून कमांडर महेंद्र वर्मा, अशोक पाटीदार एवं एएसआई सीएस चंदेरिया ने बताया कि यह पहल मध्यप्रदेश सरकार की आपदा प्रबंधन तैयारियों को मजबूत करने और आम नागरिकों को आपातकालीन स्थितियों में प्राथमिक प्रतिक्रियाकर्ता के रूप में सशक्त बनाने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

मध्य प्रदेश में शिक्षकों के करीब 10 हजार पदों पर नियुक्तियां होना है, नियुक्तियां हाई कोर्ट के अंतिम निर्णय के अधीन

जबलपुर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति द्वारिकाधीश बंसल की एकलपीठ ने माध्यमिक व प्राथमिक शिक्षक भर्ती परीक्षा के तहत होने वाली नियुक्तियों को इस याचिका के अंतिम निर्णय के अधीन कर दिया है। इस अंतरिम आदेश के साथ की स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव, आयुक्त लोक शिक्षण, आयुक्त आदिवासी विभाग व कर्मचारी चयन आयोग के संचालक को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। याचिकाकर्ता सतना निवासी प्रदीप कुमार पांडे की ओर से आर्यन उरमलिया ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि माध्यमिक शिक्षक (संस्कृत) पद के लिए भर्ती प्रक्रिया में पात्रता नियमों में अचानक संशोधन कर दिया गया। पात्रता शर्तों में संशोधन कर दिया याचिकाकर्ता ने वर्ष 2023 में आयोजित माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) में सफलता प्राप्त की थी और सभी आवश्यक योग्यताएं भी पूरी की थीं। लेकिन राज्य सरकार ने वर्ष 2024 में नया परीक्षा संचालन मैनुअल जारी किया, जिसमें माध्यमिक शिक्षक (संस्कृत) पद के लिए पात्रता शर्तों में संशोधन कर दिया गया। 10 हजार पदों पर होना है नियुक्तियां करीब 10 हजार पदों पर नियुक्तियां होना है। वर्ष 2018 के नियमों के अनुसार, माध्यमिक शिक्षक (संस्कृत) पद के लिए शास्त्री उपाधि (द्वितीय श्रेणी) संस्कृत साहित्य/व्याकरण के साथ अनिवार्य थी। इसी आधार पर याचिकाकर्ता ने 2023 में आयोजित पात्रता परीक्षा में भाग लिया और उसे सफलतापूर्वक उत्तीर्ण किया। वर्ष 2024 में जारी नए पात्रता मानदंड को संशोधित कर दिया, जिससे याचिकाकर्ता अयोग्य हो गया। इधर जिला शिक्षा अधिकारी कटनी का आदेश निरस्त हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति विशाल मिश्रा की एकलपीठ ने जिला शिक्षा अधिकारी कटनी के उस आदेश को निरस्त कर दिया, जिसमें याचिकाकर्ता को गलत श्रेणी में विभाजित कर वेतनमान तय किया था। कोर्ट ने मामला वापस डीईओ को भेजने और उपयुक्त वेतनमान प्रदान करने के निर्देश दिए। इसके लिए 90 दिन की मोहलत दी है। याचिकाकर्ता जबलपुर निवासी अनिल कुमार गर्ग की ओर से दलील दी गई कि याचिकाकर्ता की नियुक्ति वर्ष 1984 में विकासखण्ड मंझौली में समयपाल (टाइम कीपर) के पद पर दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी के रूप में की गई थी। दलील दी गई कि डीईओ कटनी द्वारा 12 सितंबर 2017 को आदेश जारी कर याचिकाकर्ता को अकुशल श्रेणी के वेतनमान पर नियमित किया गया।

मंत्री विजयवर्गीय ने कहा- आधुनिक युग में नौजवान पीढ़ी के लिये डिजिटल लाइब्रेरी की सुविधा बहुत उपयोगी रहेगी

भोपाल नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा है कि किसी शहर के संग्रहालय और शिक्षण संस्थान धरोहर के समान हैं इनका समृद्ध होना समाज के गौरव को बढ़ाता है। उन्होंने माधवराव सप्रे स्मृति समाचार पत्र संग्रहालय के गौरवशाली इतिहास की प्रशंसा की। मंत्री श्री विजयवर्गीय ने कहा कि आधुनिक युग में नौजवान पीढ़ी के लिये डिजिटल लाइब्रेरी की सुविधा बहुत उपयोगी रहेगी। मंत्री श्री विजयवर्गीय रविवार को भोपाल में अंतर्राष्ट्रीय संग्रहालय दिवस के मौके पर डिजिटल लाइब्रेरी के लोकार्पण समारोह को संबोधित कर रहे थे। समारोह में संग्रहालय की स्थापना से लेकर अब तक के सफर में सहयोग करने वाली संस्थाओं और हस्तियों का सम्मान किया गया। मंत्री श्री विजयवर्गीय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प लिया है। उनके इस संकल्प को शैक्षणिक संस्थानों को समृद्ध करके पूरा किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि सप्रे संग्रहालय की शुरूआत एक छोटे स्वरूप में हुई थी। लगभग पिछले 4 दशकों में इस संस्थान ने अपनी पहचान राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित कर ली है। पूर्व केन्द्रीय राज्य मंत्री श्री सुरेश पचौरी ने अपने उदबोधन में कहा कि श्री विजयदत्त श्रीधर ने अपनी लगन से भोपाल शहर को एक अमूल्य धरोहर दी है, जिसका लाभ लोकतंत्र के चौथे स्तंभ कहे जाने वाले पत्रकारों को निरंतर मिलता रहेगा। पूर्व केन्द्रीय मंत्री श्री पचौरी ने भारतीय स्टेट बैंक के सीएसआर फंड से दी जाने वाली मदद को सराहनीय बताया। संस्थान के संस्थापक सदस्य श्री विजयदत्त श्रीधर ने बताया कि माधवराव सप्रे स्मृति समाचार पत्र संग्रहालय एवं शोध संस्थान पुस्तकालय सेवा के 3 प्रारूप में कार्यरत है। पत्रकार एवं पाठक वर्ष 1984 से इसका लाभ उठा रहे हैं। उन्होंने बताया कि भारतीय स्टेट बैंक की सामाजिक सेवा बैंकिंग के अंतर्गत सीएसआर मद से उपलब्ध धन राशि से सप्रे संग्रहालय के 20 लाख दुर्लभ दस्तावेजों और पुराने जर्जर पृष्ठों का डिजिटलीकरण हुआ है। संग्रहालय की संदर्भ सामग्री का फायदा लेकर 1240 शोधार्थियों ने विभिन्न विश्वविद्यालयों से पीएचडी एवं डी.लिट्. की उपाधियां अर्जित की हैं। संग्रहालय में बिजली की बचत के लिये 10 किलोवाट क्षमता क सौर ऊर्जा पैनल भी लगाये गये है। समारोह में सहयोग देने वाली संस्थाओं के साथ श्री शिवकुमार अवस्थी, स्व. सुरेश शर्मा, स्व. शौकत रमूजी के उल्लेखनीय योगदान के लिये उनके परिजनों को सम्मानित किया गया।  

तेंदू पत्ता तोड़ाई और सँग्रह का कार्य चल रहा युद्ध स्तर पर : बनमण्डलाधिकारी सिंगरौली

सिंगरौली इस वन मंडल / जिला यूनियन सिंगरौली अंतर्गत तेन्दूपत्ता संग्रहण वर्ष 2025 में 173620.000 मानक बोरा का लक्ष्य संघ मुख्यालय भोपाल द्वारा निर्धारित किया गया है जिसकी प्राप्ति हेतु युद्ध स्तर पर कार्य किया जा रहा है एवं उक्त लक्ष्य की प्राप्ति हेतु इस कार्यालय द्वारा पर्यवेक्षण अधिकारी / नोडल अधिकारियों की 75 प्राथमिक वनोपज सहकारी समितियों में नियुक्ति की गयी है एवं 874 संग्रहण केन्द्र संचालित है जिसमें फड़मुंशियों को नियक्ति की जा चुकी हैं। वर्ष 2025 में तेन्दूपत्ता की दर 400 रूपय प्रति सैकड़ा शासन द्वारा निर्धारित है। अच्छी गुणवत्ता के संग्रहण हेतु समिति स्तर पर फ्लैक्स एवं बैनर तथा व्यापाक स्तर पर प्रचार-प्रसार किया गया है कि 50 पत्ते की गड्डी होनी चाहिए एवं माता दाग व कटे-फटे पत्ते नही होने चाहिए और अच्छी गुणवत्ता के पत्ते बीड़ी बनाने योग्य होना चाहिए। सभी संग्राहकों से अपेक्षा की जाती है की अच्छी गुणवत्ता एवं मानक आकार के पत्तों का संग्रहण करेंगे ।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा- संग्रहालयों के तकनीकी उन्नयन से देश-दुनिया में प्रदेश की विशेष बनी है पहचान

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और धरोहरों के प्रति युवाओं की रूचि विकसित करने के लिए नवीनतम तकनीक का उपयोग करते हुए जानकारियों का आकर्षक रूप से प्रस्तुतिकरण आवश्यक है। धरोहरों के संरक्षण के लिए भी अद्यतन तकनीक का उपयोग जरूरी है। इस दृष्टि से राज्य संग्रहालय ने इमर्सिव एक्सपीरियंस सेंटर आरंभ करने का नवाचार समयानुकूल है। प्रदेश में स्मारकों और संग्रहालयों में दर्शकों के लिए विश्वस्तरीय सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। संग्रहालयों की समृद्ध परंपरा में मध्यप्रदेश जिस प्रकार से कार्य कर रहा है, उससे देश- दुनिया में प्रदेश की विशेष पहचान बनी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव विश्व संग्रहालय दिवस के अवसर पर राज्य संग्रहालय में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने इमर्सिव एक्सपीरियन्स सेंटर का लोकापर्ण किया तथा इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर में आयोजित कार्यक्रमों का भी वर्चुअल शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हम बदलते दौर के भारत में रह रहे हैं। यह बदलाव हर क्षेत्र में देखा जा सकता है। संग्रहालय अब इतिहासकारों और शोधार्थियों के साथ-साथ जनसामान्य के लिए भी रूचि-आकर्षण और ज्ञार्नाजन के केंद्र का रूप ले रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने राज्य संग्रहालय की सराहना करते हुए कि पर्यटकों के लिए अब भोपाल की यात्रा, राज्य संग्रहालय आए बिना अधूरी रहेगी। उन्होंने कहा कि स्कूल शिक्षा- उच्च शिक्षा और पर्यटन विकास निगम संयुक्त रूप से स्कूल-कॉलेज के विद्यार्थियों के संग्रहालय भ्रमण का संभागवार क्रम बनाएं, इससे विद्यार्थी, प्रदेश की समृद्ध ऐतिहासिक धरोहर से जुड़ेंगे और राज्य संग्रहालय की खुबियों से अधिक से अधिक लोग परिचित हो सकेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उन्होंने कहा कि प्रदेश के धार्मिक, सांस्कृतिक, ऐतिहासिक केंद्रो को जन सामान्य से जोड़ने के लिए विभिन्न स्तरों पर गतिविधयां संचालित की जा रही हैं। प्रदेश के प्रमुख नगरों के मुख्य प्रवेश मार्गों पर महापुरूषों को समर्पित द्वार विकसित किए जा रहे हैं। हमारे देवस्थान अभी तक केवल पूजा-पाठ के लिए जाने जाते थे। प्रदेश में निर्मित हुए महाकाल लोक सहित अन्य लोकों ने मंदिरों को आस्था, श्रद्धा के साथ-साथ लोक रुचि का भी स्वरूप प्रदान किया है । प्राचीन भारतीय स्थापत्य कला, मुद्रा व्यवस्था सहित संपूर्ण जीवन पद्धति उन्नत स्वरूप में थी। नवीनतम तकनीक से इनके संरक्षण और प्रस्तुतीकरण से हमारी समृद्ध धरोहर को वर्तमान और आगामी पीढ़ी की रूचि के अनुकूल बनाए रखने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्य संग्रहालय परिसर में  आयोजित ‘संग्रहालय मेला’ के अंतर्गत पुरातत्व के संरक्षण और संवर्धन से संबंधित विभिन्न स्टॉल का अवलोकन किया। उन्होंने उत्खनन उपकरण के प्रकार और कार्य सहित दस्तावेजों के डिजिटलाइजेशन की जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मेले में ऐतिहासिक इमारतों के 3डी प्रिंटिंग और कॉस्टिंग से बने मिनिएचर और पीओपी से बनी मूर्तियों को सराहा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश में पहली बार वर्चुअल म्यूजियम केंद्र “आंखों देखा” का शुभारंभ किया गया, जो आगंतुकों को एक अद्वितीय डिजिटल अनुभव प्रदान करेगा। यह केंद्र इंटरैक्टिव और इमर्सिव तकनीक के माध्यम से बिना किसी फिजिकल गाइड के संग्रहालय की गहन यात्रा का अनुभव कराएगा। इससे दर्शकों को इतिहास को करीब से देखने का अनुभव मिलेगा और वे स्टीरियोस्कोपिक 3-डी में भव्य ऐतिहासिक महलों की एक रोमांचक कहानी यात्रा का अनुभव कर सकेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संचालनालय के अधिकृत मैस्कॉट वाकणकर दादा का लोकार्पण भी किया गया। यह मैस्कॉट प्रसिध्द पुरातत्वविद पद्मश्री विष्णु श्रीधर वाकणकर के कार्यों और योगदान को समर्पित किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड के त्रैमासिक न्यूज लैटर “ऑफबीट मध्य प्रदेश” के द्वितीय संस्करण का विमोचन किया । मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संचनालय पुरातत्व द्वारा प्रकाशित 11 नवीन पुस्तकों का विमोचन भी किया। इसमें भिंड जिले का पुरातत्व, रतलाम जिले का पुरातत्व, बैतूल जिले का पुरातत्व, बड़वानी जिले का पुरातत्व, कटनी जिले का पुरातत्व, भोपाल के चिचित्र शैलाश्रय, रायसेन के चिचित्र शैलाश्रय, सहित संचनालय का कंजर्वेशन मैनुअल और नियम पुस्तिका शामिल है। कार्यक्रम में प्रमुख सचिव संस्कृति श्री शिव शेखर शुक्ला ने संचालनालय पुरात्व द्वारा जारी गतिविधियों की जानकारी दी।

बकाया बिजली बिल भुगतान नहीं करने पर गुना जिले के सुरेंद्र कपूर पर हुई शस्त्र लायसेंस निलंबन की कार्रवाई

भोपाल मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी कार्यक्षेत्र के भोपाल, नर्मदापुरम, ग्वालियर एवं चंबल संभाग के अंतर्गत आने वाले 16 जिलों में बिजली बिल जमा नहीं करने वाले उपभोक्ताओं के खिलाफ जिला मजिस्ट्रेट द्वारा शस्त्र लायसेंस निलंबन की कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में जिला मजिस्ट्रेट गुना श्री किशोर कुमार कन्याल द्वारा शस्त्र लाइसेंस निलंबन का नोटिस देने के बाद भी बिजली का बकाया बिल जमा नहीं करने वाले श्री सुरेंद्र कपूर निवासी कालापाठा कैंट जिला गुना का शस्त्र लायसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर शस्त्र संबंधित थाने में जमा करने के आदेश दिए गए हैं। श्री सुरेंद्र कपूर के ऊपर बिजली कंपनी की लगभग 8 लाख से अधिक बिल बकाया है जिसे नोटिस देने के बाद भी जमा नहीं कराया गया है। उल्लेखनीय है कि मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी कार्यक्षेत्र के जिलों में जिला मजिस्ट्रेट द्वारा आर्म्स डीलर लाईसेंस एवं शस्त्र लाईसेंस की स्वीकृति एवं नवीनीकरण के लिए बिजली कंपनी से नोड्यूज प्राप्त किया जाना अनिवार्य किया गया है। कंपनी द्वारा गृह विभाग, म.प्र.शासन के आदेश के अनुसार कंपनी कार्यक्षेत्र के ऐसे शस्त्रधारी बिजली उपभोक्ता जिनके द्वारा बकाया विद्युत बिलों का समय पर भुगतान नहीं किया जा रहा है, साथ ही ऐसे शस्त्रधारी बिजली उपभोक्ता जो अनधिकृत बिजली का उपयोग अथवा बिजली चोरी करते पाए जाएंगे उनके आर्म्स डीलर लाईसेंस और शस्त्र लाईसेंस को जिला मजिस्ट्रेट के माध्यम से निलंबित कराने की कार्यवाही की जा रही है। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने कहा है कि जो भी शस्त्र लाईसेंसधारी उपभोक्ता अपनी बकाया बिल राशि जमा नहीं करते हैं तो उनके शस्त्र लाईसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित करवाने की कार्यवाही की जाएगी।  

मुख्यमंत्री का कर्मचारी हितैषी निर्णयों के लिऐ मध्यप्रदेश राज्य कर्मचारी संघ ने किया अभिनंदन

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि आम आदमी के जीवन को सुगम बनाने के लिए सुव्यवस्था स्थापित करना राज्य सरकार का उद्देश्य है। इस मंशा का सफल क्रियान्वयन सरकार के कर्मचारियों पर निर्भर करता है, इस दृष्टि से प्रदेश के कर्मचारी सच्चे कर्म योगी हैं। कर्मचारियों के परिश्रम और समर्पण से ही जनकल्याण और विकास के पथ पर हमारा प्रदेश अग्रसर है। कर्मचारियों की कर्तव्य निष्ठा से जनहित की योजनाओं के क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश, देश के अग्रणी राज्य में शामिल हुआ है। प्रदेश के कर्मचारी सरकार और जनता के बीच नल और नील की तरह सेतु बनाने का कार्य कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रवींद्र भवन में मध्यप्रदेश राज्य कर्मचारी संघ के अभिनन्दन समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा गत माह लिए गए कर्मचारी हितैषी निर्णयों के लिऐ मध्य प्रदेश राज्य कर्मचारी संघ ने रविंद्र भवन में उनका अभिनंदन किया। कर्मचारी संघ के सदस्यों ने अंगवस्त्रम भेंट कर मुख्यमंत्री डॉ.यादव का तिलक किया। इसके साथ ही उन्हें शॉल, श्रीफल और स्मृति चिन्ह भी भेंट किया। कर्मचारी संघ की ओर से मुख्यमंत्री डॉ.यादव को वृहद आकार की मालाएं पहनाकर उनका अभिनंदन किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलित करने के बाद मां सरस्वती और पूर्व वरिष्ठ श्रमिक नेता स्व. दत्तोपंत ठेंगड़ी के चित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर विधायक श्री भगवानदास सबनानी, मध्यप्रदेश राज्य कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष श्री हेमंत श्रीवास्तव तथा महामंत्री श्री जितेंद्र सिंह विशेष रूप से उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कर्मचारी संघ की ओर से कर्मचारियों को स्वास्थ्य बीमा योजना का लाभ प्रदान करने की मांग स्वीकृत करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार कर्मचारी कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। प्रदेश की डबल इंजन सरकार ने केंद्र सरकार का अनुसरण करते हुए प्रदेश के कर्मचारियों का महंगाई भत्ता केंद्र के समान करने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही 9 वर्षों से लंबित हाउस रेंट अलाउंस की मांग को भी पूरा किया गया है। इसके साथ ही अधिकारियों- कर्मचारियों और उनके परिवारों की सुविधा को देखते हुए प्रदेश में स्थानांतरण नीति का क्रियान्वयन किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने कर्मचारियों की लंबित समस्याओं के समाधान का वादा किया था। क्रमबद्ध रूप से सभी समस्याओं का निराकरण किया गया है। रिक्त पदों पर भर्ती के लिए विशेष अभियान संचालित हैं। पुलिस में सभी पद भरे गए हैं। इसके साथ ही सभी जिलों में बैंड की पुलिस बैंड की स्वीकृति प्रदान की गई है। रिक्त हुए पदों को प्रतिवर्ष लोक सेवा आयोग की परीक्षा आयोजित कर भरने की प्रक्रिया सुनिश्चित की जा रही है। शासकीय कर्मचारियों की सुविधा के लिए शासकीय आवास की व्यवस्था प्राथमिकता पर की जा रही है। प्रदेश में लोक परिवहन के लिए बस सेवा भी आरंभ होने जा रही है मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि न्यू मार्केट में बने 3000 नवीन आवासों का लोकार्पण कर कर्मचारियों को आवंटित किया गया। यह कर्मचारियों के जीवन को अधिक आरामदायक बनाने का एक प्रयास है। इसी प्रकार आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, मिनी आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, सहायिकाओं को प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के बीमा कवर का लाभ देने की स्वीकृति दी गई। प्रधानमंत्री श्री मोदी की पहल पर स्वास्थ्य बीमा का सुरक्षा कवच अधिकांश देशवासियों को उपलब्ध कराया जा रहा है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कर्मचारियों की स्वास्थ्य बीमा संबंधी मांग स्वीकृत करने की घोषणा भी की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार से रोजगार के अवसरों में वृद्धि हो रही है। राज्य सरकार रोजगार परक उद्योगों को विशेष प्रोत्साहन उपलब्ध करा रही है। प्रदेश में दुग्ध उत्पादन को भी 9 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत करने का लक्ष्य है। प्रधानमंत्री श्री मोदी द्वारा निर्धारित चारों श्रेणियों, युवा- महिला- किसान- गरीब की बेहतरी के लिए प्रदेश में अनेकों गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। प्रदेश में बिजली, पानी, सड़क और अधोसंरचना की स्थिति कई राज्यों से बेहतर है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अभिनंदन के लिए कर्मचारियों का आभार व्यक्त करते हुए विश्वास जताया कि सरकार और कर्मचारी प्रदेशवासियों के जीवन की बेहतरी के लिए एक टीम की तरह लगातार काम करते रहेंगे।  

हरदा दक्षिण संभाग उपकेंद्र ऑपरेटर के साथ मारपीट करने वाले आरोपी के खिलाफ एफ आई आर दर्ज

भोपाल मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा हरदा वृत्त के पोखरनी वितरण केन्द्र अंतर्गत शासकीय कार्य मैं बाधा डालने एवं  ऑपरेटर से मारपीट करने वाले आरोपित के विरूद्ध एफ.आई.आर दर्ज कराई गई है। सहायक प्रबंधक टिमरनी मोनिका सिंह ठाकुर ने बताया कि उपेंद्र पोखरनी ऑपरेटर प्रकाश ग्वहारिया पिता मोहन लाल ग्वाहरिया के साथ कुलदीप रायखेरे ने गलौच कर जान से मारने की धमकी देते हुए शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाई। इसके खिलाफ थाना टिमरनी में एफआईआर दर्ज कराई गई है। आरोपित श्री कुलदीप रायखेरे ने मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के पोखरनी वितरण केन्द्र सब स्टेशन में आपरेटर के पद पर पदस्थ आउटसोर्स कर्मचारी श्री प्रकाश गुहारिया से जबरदस्ती सब स्टेशन के गेट का ताला खुलवाकर मारपीट की तथा विद्युत उपकरणों को क्षति पहुंचाने की कोशिश की। रात में बिजली चली जाने की बात कहते हुए आरोपित द्वारा मारपीट की गई और कंट्रोल पैनल में लाइट मारकर रिले तोड़ दिया गया। जिससे पूरे क्षेत्र की लाइट चली गई। इसके बाद ऑपरेटर प्रकाश गुहारिया ने उक्त घटना के संबंध में थाना टिमरनी पहुंचकर एफआईआर दर्ज कराई गई है। बिजली कंपनी के मैदानी कर्मचारियों और अधिकारियों को ड्यूटी के दौरान असामाजिक तत्वों द्वारा मारपीट / दुर्व्यवहार की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने तुरन्त एफ.आई. आर. कराने के निर्देश दिए हैं। कंपनी ने कहा है कि प्रायः देखने में आ रहा है कि बिजली कर्मियों पर ड्यूटी के दौरान असामाजिक तत्वों द्वारा मारपीट / दुर्व्यवहार किया जा रहा है। चूंकि ऐसी घटनाएं विद्युत अधिकारियों और कर्मचारियों का मनोबल गिराती हैं, इसलिए कंपनी के कार्यक्षेत्र में कार्यरत सभी नियंत्रणकर्ता अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि मैदानी अधिकारियों/कर्मचारियों के साथ होने वाले दुर्व्यवहार या मारपीट की घटनाओं को पूरी गंभीरता से लिया जाए। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध संचालक श्री क्षितिज सिंघल ने ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों/कर्मचारियों से दुर्व्यवहार या मारपीट के मामलों को शासकीय कामकाज में बाधा डालने के तौर पर लिया जाकर तुरंत कानूनी कार्यवाही के निर्देश दिए हैं। कंपनी ने मैदानी अधिकारियों/कर्मचारियों से कहा है कि विद्युत आपूर्ति की स्थिति पर लगातार नजर रखें और जिले के कलेक्टर / पुलिस अधीक्षक से संपर्क कर किसी भी अप्रिय स्थिति में उनसे आवश्यक सहयोग प्राप्त करें।  

भोपाल नगर निगम ने नीमच में स्थापित किया 10 मेगावाट का सौर ऊर्जा संयंत्र: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि वर्तमान और भावी पीढ़ी को अपने गौरवशाली अतीत से जोड़ना और उन्हें अपनी समृद्ध सांस्कृतिक चेतना को जानने का सजीव अवसर प्रदान करना आवश्यक है। प्रदेश के नगरों के मुख्य प्रवेश मार्गों पर महापुरूषों की स्मृति में बन रहे सांस्कृतिक द्वार इस दिशा में प्रभावी भूमिका निभाएंगे। गौरवशाली अतीत से प्रेरणा लेकर युवा पीढ़ी के उज्जवल भविष्य निर्माण के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। राजा भोज सहित अन्य महापुरूषों के गौरवशाली इतिहास को पाठ्यक्रमों में शामिल किया गया है। मुख्यमंत्री यादव भोपाल में नर्मदापुरम मार्ग पर समरधा  में निर्मित होने वाले भोज-नर्मदा द्वार के भूमि-पूजन अवसर पर उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भोपाल नगर निगम द्वारा नीमच में स्थापित 10 मेगावाट  सौर ऊर्जा संयंत्र का  इस कार्यक्रम से वर्च्युअल लोकार्पण भी किया। इस अवसर पर नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय, खेल युवक कल्याण एवं सहकारिता मंत्री श्री विश्वास सारंग, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर, भोपाल महापौर श्रीमती मालती राय, भोपाल सांसद श्री आलोक शर्मा, विधायक श्री रामेश्वर शर्मा और विधायक श्री भगवान दास सबनानी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भोपाल प्रदेश की राजधानी है। यहां प्रदेश के विभिन्न अंचलों की संस्कृति और इतिहास को अभिव्यक्ती प्रदान की जाएगी। भोपाल के प्रमुख प्रवेश मार्गों पर निर्मित होने वाले 9 द्वारों पर माँ नर्मदा के तट पर विद्यमान प्रमुख तीर्थों सहित सभी महत्वपूर्ण ऐतिहासिक, सांस्कृतिक संदर्भ उकेरे जाएंगे। उज्जैन में निर्मित महामृत्युंजय द्वार, विभिन्न काल में उज्जैन के इतिहास और प्रमुख घटनाओं को अभिव्यक्त करता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राजा भोज की प्रतिभा, योग्यता और पराक्रम पर विस्तार से प्रकाश डाला। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पाकिस्तान के विरूद्ध ऑपरेशन सिंदूर में भारत की जीत, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की नेतृत्व क्षमता और भारतीय सेना के शौर्य व पराक्रम का प्रत्यक्ष प्रमाण है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बहन कर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने विश्व के सामने ऑपरेशन सिंदूर में आंतकियों के विरूद्ध की गई कार्रवाई को सशक्त रूप से प्रस्तुत कर नारी शक्ति के सामर्थ्य का प्रकटीकरण किया है। हम आत्मनिर्भर नगर निगम व नगर पालिका के सपने को साकार करने की ओर अग्रसर हो रहे हैं: मंत्री श्री विजयवर्गीय नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नेतृत्व में हम आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के साथ-साथ आत्मनिर्भर नगर निगम व नगर पालिका के सपने को साकार करने की ओर अग्रसर हो रहे हैं। भोपाल नगर निगम द्वार नीमच में सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करना, आत्मनिर्भता की ओर एक प्रभावी कदम है। भोपाल महापौर श्रीमती मालती राय ने बताया कि 5 करोड़ रुपए की लागत से “भोज-नर्मदा द्वार” का निर्माण होगा। उन्होंने कहा कि भोपाल नगर निगम द्वारा नीमच में स्थापित किए जा रहे सोलर पैनल से उत्पादित बिजली का उपयोग भोपाल की जल प्रदाय व्यवस्था  के संचालन में किया जाएगा। कार्यक्रम को विधायक श्री रामेश्वर शर्मा ने भी संबोधित किया।  

नवाचार से गति पकड़ता जा रहा है मध्यप्रदेश सहकारी आंदोलन गतिमान हुआ

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व और सहकारिता मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग के कुशल मार्गदर्शन में सहकारिता विभाग में नित नये नवाचार किये जा रहे हैं और नवाचार से गति पकड़ता जा रहा है मध्यप्रदेश सहकारी आंदोलन गतिमान हुआ है। केन्द्रीय सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने भोपाल के राज्य स्तरीय सहकारी सम्मेलन में बताया कि राज्यों में प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों (पैक्स) के कम्प्यूटराइजेशन के कार्य में मध्यप्रदेश देश में प्रथम रहा। उन्होंने शत-प्रतिशत उपलब्धि के लिये प्रदेश की सराहना की। अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष-2025 के लिये लगभग हर माह सहकारिता संबंधी आयोजन करने का संकल्प लेकर काम किया जा रहा है। इसमें अधिकारियों-कर्मचारियों के आचरण और व्यवहार की ऑनलाइन ट्रेनिंग करवायी जा रही है। नवाचार और अच्छा कार्य करने वालों को साल के अंत में उत्कृष्ट कर्मी के रूप में सम्मानित भी किया जायेगा। सहकारी आंदोलन को मजबूत करने के लिये मध्यप्रदेश की हर पंचायत पर पैक्स स्थापित किये जायेंगे। सहकारिता के महत्व के प्रति लोगों में जागरूकता लाने के लिये विभाग के तहत सभी स्तर के विभागीय कार्यालय, सहकारी संस्थाओं में “स्वभाव स्वच्छता-संस्कार स्वच्छता’’ अभियान के तहत स्वच्छता दिवस कार्यक्रम मनाया गया। नई दिल्ली के इण्डिया हेबिटेड सेंटर में आयोजित 100वें राष्ट्रीय स्कॉच समिट में मध्यप्रदेश के सहकारिता विभाग के राज्य सहकारी विपणन संघ (मार्कफेड) को उनके फर्टिलाइजर सप्लाई चैन ऑटोमेशन प्रोजेक्ट आईएफएसएस को प्रतिष्ठित स्कॉच अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में को-ऑपरेटिव पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (सीपीपीपी) के तहत सहकारिता क्षेत्र में कुल 2305 करोड़ राशि में 19 एमओयू हुए। यह एक क्रांतिकारी पहल है, जब नये सीपीपीपी मॉडल के तहत इतने एमओयू सहकारिता क्षेत्र में हुए। विभाग की गतिविधियों पर निरन्तर ध्यान दिया जा रहा है। सहकारिता विभाग में 25 कर्मचारियों के आश्रितों को अनुकम्पा नियुक्ति दी गयी। अब विभाग में अनुकम्पा नियुक्ति का एक भी प्रकरण लंबित नहीं है। इसी प्रकार अपेक्स बैंक एवं जिला सहकारी बैंकों में आईबीपीएस से भर्ती प्रक्रिया की जा रही है। अपेक्स बैंक में 47 अधिकारियों की भर्ती प्रक्रिया पूर्ण हुई है और 197 की भर्ती प्रक्रियाधीन है। जिला सहकारी बैंकों में 1099 समिति प्रबंधक और 1568 बैंकिंग सहायक की भर्ती प्रक्रिया पूर्ण की गयी है और 2675 पदों पर भर्ती की अनुमति प्राप्त कर ली गयी है। मध्यप्रदेश में भारत सरकार से प्राप्त मॉडल बायलॉज सभी पैक्स में लागू कर पैक्स को बहुउद्देश्यीय बनाया गया है। प्रत्येक ग्राम पंचायत में एम-पैक्स की स्थापना की जा रही है। प्रथम चरण में 637 नये एम-पैक्स के गठन की कार्यवाही शुरू है। प्रदेश में ग्रामीण स्तर पर बैंकिंग सुविधा आमजन को उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला सहकारी केन्द्रीय बैंकों की 773 शाखाओं और उनसे संबद्ध 4000 पैक्स संस्थाओं द्वारा लगभग 4800 माइक्रो एटीएम का संचालन किया जा रहा है। माइक्रो एटीएम के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्र में सरल एवं शीघ्र लेन-देन की बैंकिंग सुविधाएँ प्राप्त हो रही हैं। मध्यप्रदेश सरकार किसानों को उन्नत बीज उपलब्ध कराने की दिशा में भी काम कर रही है। बीज संघ को उन्नत स्तर पर पहुँचाने का प्रयास जारी है। बीज संघ से चीता बीज के नाम से नया ब्रॉण्ड लांच किया जा रहा है। पैक्स के माध्यम से चीता बीज का वितरण किया जायेगा। अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष में मध्यप्रदेश ने भी कैलेण्डर बनाकर सहकारी आंदोलन के माध्यम से लोगों को जोड़ने और पारदर्शिता लाने का काम किया है। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के माध्यम से सेवाओं की पूर्ति पर भी काम किया जा रहा है। गाँव की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिये राष्ट्रीय स्तर पर 3 शीर्ष स्तर की संस्थाएँ बनायी गयी हैं। इससे सहकारी आंदोलन सशक्त हुआ है। भारत सरकार द्वारा देश की सभी सहकारी संस्थाओें की जानकारी राष्ट्रीय सहकारी डेटाबेस (एनसीडी) पोर्टल पर अपलोड करायी जा रही है। मध्यप्रदेश की सभी सहकारी संस्थाओं की एन्ट्री पोर्टल पर कर दी गयी है। मध्यप्रदेश, भारत सरकार की सहकारिता की गतिविधियों में लगातार कदम से कदम मिलाकर सहकारिता आंदोलन को गति देने का काम कर रहा है। आने वाले समय में मध्यप्रदेश सहकारिता के कई आयामों में अग्रणी होगा।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रेरणा भारद्वाज को पुन: मेयर चुने जाने पर दी बधाई

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भारतीय मूल की सुश्री प्रेरणा भारद्वाज को बकिंघमशायर(यूनाइटेड किंगडम) काउंसिल में एक बार पुनः मेयर चुने जाने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोशल मीडिया एक्स पर कहा कि सुश्री भारद्वाज ने अपनी यह उपलब्धि बाबा महाकाल और मां बगलामुखी को समर्पित की है, जो अपनी मातृभूमि से उनके सतत् जुड़ाव के संस्कार का प्रेरणादायक प्रमाण है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सुश्री भारद्वाज के उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि हमारी बहन प्रेरणा भारद्वाज अपने सेवा कार्यों और समर्पण से भारत राष्ट्र की प्रतिष्ठा को नई ऊंचाइयों पर प्रतिस्थापित करेंगी।  

खुशी-खुशी डेट पर पहुंचा शादीशुदा मर्द, पत्नी बनी मिस्ट्री गर्ल, पति फंसा जाल में, काउंसलिंग से बचा रिश्ता

ग्वालियर मध्य प्रदेश के ग्वालियर में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। माधौगंज थाना क्षेत्र में 23 वर्षीय युवती ने अपने पति को रंगे हाथों पकड़ने के लिए फिल्मी तरीका अपनाया। साल 2023 में एक प्राइवेट कंपनी में काम करने वाले अतुल से ब्याही युवती को अपने पति की हरकतों पर शक हुआ जिसके बाद उसने ऐसा जाल बिछाया कि पति के होश उड़ गए। ऑनलाइन प्यार की खुली पोल दरअसल शादी के कुछ महीनों बाद ही अतुल का व्यवहार बदलने लगा था। उसका घंटों फोन पर व्यस्त रहना, बिना वजह घर से बाहर जाना, मोबाइल पर लॉक लगाकर रखना और देर रात तक सोशल मीडिया पर एक्टिव रहना पत्नी को खटकने लगा। शक धीरे-धीरे यकीन में बदल गया। जब पत्नी ने सवाल किए तो अतुल हमेशा कंपनी या क्लाइंट का बहाना बनाता रहा। पत्नी को उसकी बातों पर भरोसा नहीं हुआ और उसने सच जानने के लिए एक योजना बनाई। पत्नी बनी मिस्ट्री गर्ल, पति फंसा जाल में पत्नी ने अपनी बहन की मदद से एक नया सिम कार्ड लिया और एक फर्जी इंस्टाग्राम प्रोफाइल बनाई। प्रोफाइल पर एक खूबसूरत लड़की की तस्वीर लगाई गई और नाम भी बदला गया। फिर इस फेक आईडी से अतुल को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी गई। हैरानी की बात यह रही कि अतुल ने तुरंत रिक्वेस्ट स्वीकार कर ली और चैटिंग शुरू कर दी। दो महीने तक पत्नी ने बड़ी चालाकी से ऑनलाइन बातें कीं। चैट में प्यार भरी बातें हुईं मिलने की प्लानिंग हुई और भविष्य के सपने भी सजाए गए। जब कभी कॉल पर बात करने की नौबत आई तो पत्नी अपनी बहन से बात करवा देती थी। रेस्टोरेंट में हुआ फेस-ऑफ, पति के छूटे पसीने आखिरकार वह दिन आ गया जब पत्नी ने अपने पति को रंगे हाथों पकड़ने का फैसला किया। उसने फेक प्रोफाइल से अतुल को शहर के एक मशहूर रेस्टोरेंट में मिलने के लिए बुलाया। अतुल बिना किसी शक के मिलने के लिए राजी हो गया और समय से पहले ही वहां पहुंच गया लेकिन जैसे ही उसने अपनी ऑनलाइन गर्लफ्रेंड की जगह अपनी असली पत्नी को सामने देखा उसके होश उड़ गए। उसका चेहरा पीला पड़ गया और जुबान लड़खड़ाने लगी। अतुल ने पहले तो बहाना बनाने की कोशिश की और कहा कि वह एक क्लाइंट से मिलने आया है लेकिन पत्नी ने जब उसका मोबाइल निकालकर चैट हिस्ट्री दिखाई तो उसका झूठ पकड़ा गया। रेस्टोरेंट में जमकर हंगामा हुआ और मामला सीधा थाने पहुंच गया। पत्नी ने पति पर धोखा देने का आरोप लगाते हुए तलाक की मांग की जबकि पति ने उल्टा पत्नी पर मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया। काउंसलिंग से बचा रिश्ता मामले की गंभीरता को देखते हुए महिला थाना पुलिस ने दोनों को काउंसलिंग सेंटर भेजा। काउंसलर महेंद्र शुक्ला ने लगातार एक महीने तक दोनों की काउंसलिंग की। बातचीत और समझाने के बाद अतुल ने अपनी गलती स्वीकार की और भविष्य में ऐसा न करने का वादा किया। आखिरकार दोनों ने तलाक का फैसला टाल दिया और अपने रिश्ते को एक और मौका देने का फैसला किया। इस फिल्मी अंदाज में हुए खुलासे और सुलह ने सभी को हैरान कर दिया।  

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

slot olympus

sbobet

slot thailand

sbobet