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इंदौर में आज शाम 4 बजे सिविल डिफेंस अभियान के अंतर्गत बड़ा गणपति चौराहे से राजबाड़ा तक विशाल तिरंगा यात्रा निकाली जाएगी

 इंदौर इंदौर में आज शाम 4 बजे सिविल डिफेंस अभियान के अंतर्गत बड़ा गणपति चौराहे से राजबाड़ा तक विशाल तिरंगा यात्रा निकाली जाएगी। इस यात्रा का आयोजन भारतीय जनता पार्टी द्वारा किया जा रहा है, जिसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी भाग लेंगे। यात्रा का प्रारंभ बड़ा गणपति चौराहे से होगा और समापन राजबाड़ा पर किया जाएगा। करीब डेढ़ किलोमीटर लंबी इस यात्रा की संपूर्ण व्यवस्था आठ विधानसभा क्षेत्रों के भाजपा कार्यकर्ताओं को सौंपी गई है। मुख्यमंत्री की उपस्थिति में 16 मई को आयोजित इस यात्रा की तैयारी हेतु मार्ग को देशभक्ति के रंगों से सजाया जा रहा है। विधानसभा क्षेत्रवार सजावट की जिम्मेदारी, कार्यकर्ता जुटे तैयारी में तिरंगा यात्रा के मार्ग को सजाने की जिम्मेदारी भाजपा के आठों विधानसभा क्षेत्रों की टीमों को दी गई है। सभी कार्यकर्ता आज बड़ा गणपति चौराहा पर एकत्रित होंगे, जहां से यात्रा आरंभ होगी। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र को उनके हिस्से के मार्ग की सजावट का कार्य सौंपा गया है। इसके लिए प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में अलग-अलग समय पर बैठकें आयोजित की गईं, जिनमें संबंधित क्षेत्र के विधायक, प्रमुख नेता और अधिकृत पदाधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में मंडल, वार्ड और बूथ स्तर के कार्यकर्ता भी शामिल हुए और जिम्मेदारियां तय की गईं। 200 से अधिक मंचों की तैयारी, समाजों का मिला समर्थन तिरंगा यात्रा के लिए करीब डेढ़ किलोमीटर लंबे मार्ग को पूरी तरह देशभक्ति की भावना से सजाया गया है और यह लगभग तैयार हो चुका है। दोपहर तक शेष कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा। मार्ग में यात्रा का स्वागत करने के लिए विभिन्न संगठनों द्वारा 200 से अधिक मंचों की तैयारी की जा रही है। भाजपा ने अपने नेताओं से मंच न लगाने का आग्रह किया है। पार्टी द्वारा गठित विशेष टीमें अनाज मंडी, सब्जी मंडी, लोहा मंडी और मजदूर चौक जैसे स्थानों पर जाकर लोगों से संपर्क कर रही हैं। इस यात्रा के प्रचार-प्रसार के लिए व्यापक स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। महू में 18 मई को ऐतिहासिक तिरंगा यात्रा, ऑपरेशन सिंदूर पर फोकस महू में 18 मई को सुबह 10 बजे एक और ऐतिहासिक तिरंगा यात्रा निकाली जाएगी। भाजपा जिला अध्यक्ष श्रवण सिंह चावड़ा ने बताया कि इस यात्रा का उद्देश्य भारतीय सैनिकों का मनोबल बढ़ाना और उन्हें सम्मान देना है। उन्होंने कहा कि हाल ही में पहलगाम में पाकिस्तानी आतंकियों द्वारा किए गए कायराना हमले से देश में आक्रोश फैला था, जिसका माकूल जवाब भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर के जरिए दिया। सेना ने आतंकी ठिकानों को नष्ट कर दुनिया को भारत की शक्ति का परिचय कराया। इस यात्रा में भाग लेने वाले नागरिक ऑपरेशन सिंदूर के प्रतीक चिन्ह वाली तख्तियां लेकर चलेंगे, जिन पर पाकिस्तान विरोधी नारे और भारत माता व भारतीय सेना के जयकारे लिखे होंगे। यात्रा में 90 सामाजिक संगठनों ने भाग लेकर इसे ऐतिहासिक बनाने का संकल्प लिया है।  

सरकारी कार्यक्रम में मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री विजय शाह की फोटो को हटा दी गई

इंदौर  मध्य प्रदेश के जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह एक बार फिर विवादों में घिरते नजर आ रहे हैं। इंदौर में ‘वन अधिकार अधिनियम 2006 के तहत जिला स्तरीय वन अधिकार समितियों की प्रशिक्षण कार्यशाला’ आयोजित की गई। इसमें उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब कार्यक्रम स्थल पर लगे होर्डिंग्स में मंत्री विजय शाह की मुस्कुराती तस्वीर दिखी। इस पर अधिकारियों ने ऑब्जेक्शन लिया गया तो उसे हटाया गया। वर्कशॉप में मंत्री का फोटो वाला पोस्टर देखा तो अफसरों के बीच इसी की चर्चा होने लगी। इसके बाद मंत्री को हटा कर उनकी जगह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फोटो चिपका दी गई। मौके पर पहुंचे सीनियर अधिकारियों ने नाराजगी जाहिर करते हुए पोस्टर तुरंत हटवाए और संबंधित जिम्मेदारों को फटकार लगाई। क्या है पूरा मामला पूरा घटनाक्रम इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर के फीनिक्स हॉल का है। यहां गुरुवार को ट्रेनिंग प्रोग्राम रखा गया। इसमें अशासकीय सदस्यों, वन अधिकारी समिति के सदस्यों को प्रशिक्षण दिया गया। इस दौरान वर्कशॉप के लिए पोस्टर लगाए गए। जिसमें, सीएम मोहन यादव के साथ मंत्री विजय शाह की फोटो लगी थी। इस वर्कशॉप कार्यक्रम में इंदौर उज्जैन के कलेक्टर, वन के मंडल अधिकारी, मुख्य कार्यपालन अधिकारी मौजूद थे। वहीं, कार्यक्रम जनजाति कार्य विभाग ने आयोजित कराया था। इसके मंत्री विजय शाह हैं। इसी कार्यक्रम से फोटो हटाई गई। क्यों हटाई गई तस्वीर हाल ही में मंत्री विजय शाह ने सेना की अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी पर विवादित टिप्पणी की थी। जिसके चलते हाई कोर्ट के आदेश पर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज हो चुकी है। इस प्रकरण के बाद मंत्री को विरोध का सामना करना पड़ रहा है। यही कारण माना जा रहा है कि आयोजन में उनकी तस्वीर को हटा दिया गया। प्रोटोकॉल का हुआ उल्लंघन कार्यशाला में जब इंदौर संभाग के कमिश्नर दीपक सिंह की नजर इन होर्डिंग्स पर पड़ी, तो उन्होंने नाराजगी जाहिर की। आनन-फानन में अधिकारियों ने मंत्री विजय शाह की तस्वीर को पीएम मोदी की फोटो से ढंक दिया। जिससे न केवल प्रोटोकॉल का उल्लंघन हुआ बल्कि आयोजकों की कार्यशैली पर भी सवाल उठ खड़े हुए। नियमों के अनुसार, किसी भी सरकारी आयोजन में नेताओं की तस्वीरों का तय क्रम होता है। जिसमें प्रधानमंत्री का स्थान सर्वोच्च होता है। यहां पीएम मोदी की फोटो दूसरे स्थान पर और मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की पहले स्थान पर रही, जो स्पष्ट रूप से अनुचित था। शाह की तस्वीर पर सफेद फ्लेक्स चिपका दिया अधिकारियों ने तत्काल पोस्टर से उनकी तस्वीर हटाने के निर्देश दिए। आनन-फानन में स्टाफ ने शाह की तस्वीर पर सफेद फ्लेक्स चिपका दिया। बाद में उक्त स्थान पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की तस्वीर को चस्पा किया गया। सुबह 11 बजे वन अधिकार अधिनियम को लेकर ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में कार्यशाला का शुभारंभ हुआ। लोगों ने उठाई थी आपत्ति आयोजन प्रदेश सरकार के जनजाति कार्य विभाग ने किया था। पोस्टर में मुख्यमंत्री मोहन यादव और मंत्री विजय शाह की तस्वीर नजर आ रही थी। पोस्टर में मंत्री शाह की बड़ी सी मुस्कुराती तस्वीर थी। कुछ लोगों ने आपत्ति उठाई और मंत्री शाह की तस्वीर पोस्टर पर क्यों है, तो अफसरों ने तुरंत कार्रवाई की। सरकारी कार्यक्रमों से दूर इस घटना ने साफ कर दिया कि मंत्री शाह अब सिर्फ जनता की नजरों से ही नहीं, बल्कि सरकारी कार्यक्रमों से भी दूर किए जा रहे हैं। अफसर भी उनके साथ सार्वजनिक रूप से जुड़ना नहीं चाह रहे। भले ही उन्होंने इस्तीफा नहीं दिया है, लेकिन उनकी स्थिति बेहद कमजोर नजर आ रही है। संभागीय कार्यशाला शुरू वन अधिकार अधिनियम 2006 के प्रभावी क्रियान्वयन और सामुदायिक वन अधिकारों को मजबूत करने की दिशा में एक और कदम बढ़ाते हुए गुरुवार से दो दिनी संभागीय कार्यशाला की शुरुआत ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में हुई। इसमें वन समितियों की भूमिका को लेकर भी चर्चा की गई। वक्ताओं ने ग्रामीणों को जंगल की जमीन पर अतिक्रमण रोकने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि जंगल में ग्रामीणों को वन अधिकार के अंतर्गत पट्टे दिए जाते हैं। सिर्फ खेती करने में भूमि का उपयोग करें, जबकि कुछ पट्टे से लगी जमीन पर भी अतिक्रमण करते हैं, यह बिलकुल गलत है। शुभारंभ जनजातीय कार्य विभाग के प्रमुख सचिव गुलशन बामरा और संभागायुक्त दीपक सिंह ने किया। सचिव बामरा ने बताया कि राज्य शासन वन अधिकार अधिनियम के अंतर्गत सामुदायिक अधिकारों को सशक्त बनाने की दिशा में गंभीर प्रयास कर रहा है।

मध्यप्रदेश के 21 जिलों में गरज चमक के साथ बारिश का अलर्ट, कल से लू चलेगी

भोपाल मध्यप्रदेश में आंधी-बारिश के बीच गर्मी का असर भी देखने को मिलेगा। मौसम विभाग ने 17 मई से उत्तरी हिस्से के जिलों में हीट वेव यानी, गर्म हवाएं चलने का अलर्ट जारी किया है। इससे पहले शुक्रवार को इंदौर, उज्जैन समेत 21 जिलों में बारिश हो सकती है अगले कुछ दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में तेज आंधी और बारिश का सिलसिला जारी रहने वाला है। मौसम विभाग की मानें तो साइक्लोनिक सर्कुलेशन और टर्फ लाइन की सक्रियता के चलते 19 मई तक राज्य में मौसम बिगड़ा रहेगा। खासतौर पर शुक्रवार से अगले चार दिन तक कई जिलों में तेज हवाओं के साथ बौछारें पड़ने की संभावना जताई गई है। इस बीच कुछ क्षेत्रों में तापमान में वृद्धि होगी, जबकि उत्तरी जिलों में लू का प्रभाव देखने को मिलेगा। कहीं बारिश तो कहीं लू का अलर्ट राज्य के 21 जिलों में शुक्रवार को बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, 17 मई से उत्तर मध्यप्रदेश के जिलों में लू की स्थिति बन सकती है। खासकर निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर जैसे क्षेत्रों में तापमान 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ने की संभावना है। हालांकि, भोपाल और ग्वालियर जैसे इलाकों में गर्मी का प्रभाव अभी बना रहेगा। 25 मई से शुरू होगा नौतपा इस साल 25 मई से शुरू हो रहे नौतपा का असर पहले जैसा तीव्र नहीं रहेगा। हालांकि, इस दौरान कहीं-कहीं हल्की बारिश या बूंदाबांदी की संभावना जताई गई है। आमतौर पर नौतपा को साल की सबसे तपती अवधि माना जाता है, लेकिन इस बार इसका प्रभाव कुछ कम रहने वाला है। अगले तीन दिन ऐसा रहेगा मौसम     17 मई : शुक्रवार को बुंदेलखंड के निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में लू का प्रभाव देखने को मिलेगा। वहीं, प्रदेश के कई अन्य जिलों जैसे नीमच, मंदसौर, इंदौर, उज्जैन, बड़वानी, धार, शाजापुर, देवास, नर्मदापुरम, बैतूल, मंडला और सिवनी में बारिश के आसार हैं।     18 मई : शनिवार को छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में एक बार फिर लू का अलर्ट जारी किया गया है। जबकि इंदौर, देवास, उज्जैन, नर्मदापुरम, बड़वानी, बैतूल, डिंडौरी और अन्य जिलों में तेज आंधी और वर्षा की चेतावनी दी गई है।     19 मई : रविवार को प्रदेशभर में मौसम और अधिक सक्रिय रहेगा। भोपाल, जबलपुर, इंदौर, उज्जैन, विदिशा, सीहोर, रायसेन, नरसिंहपुर सहित 30 से अधिक जिलों में बारिश और आंधी की संभावना है। वहीं निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में लू का असर बना रह सकता है। एक साथ सक्रिय कई मौसम प्रणालियां दक्षिणी गुजरात में ऊपरी हवा में चक्रवात, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल से लेकर उत्तरी छत्तीसगढ़ होते हुए मध्यप्रदेश तक बनी द्रोणिका और अन्य मौसमी तंत्रों की सक्रियता के चलते पूरे प्रदेश में मौसम का मिजाज बदला-बदला रहेगा। इन सबका संयुक्त प्रभाव आने वाले दिनों में प्रदेश में अस्थिर मौसम की स्थिति बनाए रखेगा। सिवनी में 9 घंटे में डेढ़ इंच से ज्यादा बारिश, ग्वालियर-खजुराहो में गर्मी बढ़ी गुरुवार को भी प्रदेश में तेज आंधी, बारिश और गर्मी वाला मौसम रहा। सिवनी में 9 घंटे में डेढ़ इंच से ज्यादा पानी गिर गया। वहीं, इकलौते हिल स्टेशन पचमढ़ी में पौन इंच बारिश दर्ज की गई। उज्जैन, टीकमगढ़, धार, मंडला में भी बारिश हुई। बैतूल, झाबुआ, रतलाम, उज्जैन, बुरहानपुर, छिंदवाड़ा, हरदा, अलीराजपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, बालाघाट, रायसेन, नर्मदापुरम और इंदौर जिलों में रात के समय मौसम बदला रहा। इधर, गुरुवार को कई शहरों में गर्मी का असर देखने को मिला। खजुराहो में 43.4 डिग्री, नौगांव में 42.7 डिग्री, शिवपुरी-रीवा में 42 डिग्री, सतना में 41.6 डिग्री, गुना में 41.3 डिग्री, सीधी में 41.2 डिग्री और उमरिया में पारा 40 डिग्री दर्ज किया गया। पचमढ़ी में सबसे कम 32.2 डिग्री सेल्सियस रहा। पांच बड़े शहरों की बात करें तो ग्वालियर सबसे गर्म रहा। यहां पारा 43 डिग्री दर्ज किया गया। भोपाल में 37.3 डिग्री, इंदौर में 36.4 डिग्री, उज्जैन में 37 डिग्री और जबलपुर में पारा 38.5 डिग्री सेल्सियस रहा।

तुर्किए और अजरबैजान जाने वाले 50 प्रतिशत पर्यटकों निरस्त की बुकिंग

इंदौर  हाल ही में भारत-पाकिस्तान के बीच हुए संघर्ष के दौरान तुर्किए और अजरबैजान न सिर्फ पाकिस्तान के समर्थन में रहे, बल्कि ड्रोन व अन्य हथियार भी दिए। इसके बाद से ही तुर्किए और अजरबैजान के बहिष्कार की मांग जोर पकड़ रही है। अब भारतीय इन दोनों देशों की पर्यटन अर्थव्यवस्था पर प्रहार करने की तैयारी में हैं। तुर्किए और अजरबैजान बहिष्कार का प्रभाव इंदौर में भी दिखाई दे रहा है और मई-जून के लिए बुकिंग करवा चुके 50 प्रतिशत पर्यटक इसे निरस्त करवा चुके हैं। खुद ही कैंसल करवा रहे हैं टूर की बुकिंग बता दें, तुर्किए और अजरबैजान की यात्रा करने वाले अधिकांश पर्यटक स्वत: बुकिंग निरस्त करवा रहे हैं, वहीं ट्रैवल एजेंट भी पर्यटकों से इन देशों की बुकिंग निरस्त करने का अनुरोध कर अन्य देशों का विकल्प सुझा रहे हैं। ट्रैवल एजेंटों के संगठन भी अपनी ओर से इन बुकिंग को निरस्त कर रहे हैं। मई-जून में जाते हैं सबसे ज्यादा टूरिस्ट मध्य प्रदेश से हर वर्ष गर्मी में करीब चार हजार पर्यटक तुर्किए व अजरबैजान की यात्रा करते हैं। इनमें से करीब 2500 पर्यटक अकेले इंदौर के होते हैं। सर्वाधिक बुकिंग मई और जून के लिए ही की जाती है, क्योंकि इस समय बच्चों के स्कूलों की छुट्टियां रहती है। ऐसे में लोग इस समय इन देशों की यात्रा करना अधिक पसंद करते हैं। वहीं, अब मई-जून के लिए इन देशों में यात्रा करने के लिए बुकिंग करवा चुके इंदौरियों ने इसे निरस्त करवाना शुरू कर दिया। कुछ ने अपनी यात्रा की जगह बदल दी है। अजरबैजान में मिलता है यूरोप सा माहौल अजरबैजान के बाकू को सर्वाधिक पसंद किया जाता है। यहां पर्यटकों को यूरोप जैसा वातावरण मिलता है। यूरोप अजरबैजान की तुलना में महंगा है और यहां पर्यटन के लिए करीब 15 दिन का टूर बनाना पड़ता है, जबकि अजरबैजान यूरोप के मुकाबले सस्ता है और यहां की वीजा प्रक्रिया भी काफी आसान है। यहां एक सप्ताह में जाकर आया जा सकता है। इसके साथ ही यह एमआइसीई डेस्टिनेशन भी है, जिसके चलते कार्पोरेट मीटिंग के लिहाज से भी काफी पसंद किया जाता है। तुर्किए का रोमांच करता है आकर्षित तुर्किए में कई रोमांचक गतिविधियां होती हैं, जो पर्यटकों को आकर्षित करती हैं। यहां का हाल एयर बैलून एडवेंचर काफी पसंद किया जाता है। इसके साथ ही यहां का आर्किटेक्ट और कला सहित अन्य ऐतिहासिक शहर जैसे इस्तांबुल पर्यटकों द्वारा पसंद किए जाते हैं। हर साल बढ़ रहा पर्यटन इंदौर से तुर्किए और अजरबैजान जाने वाले भारतीयों की संख्या हर साल बढ़ रही है। ट्रैवल कंपनी के संचालक राजेश चौबे ने बताया कि पिछले साल के मुकाबले इन दोनों देशों की यात्रा करने वाले पर्यटकों की संख्या करीब 20 प्रतिशत तक बढ़ी थी, लेकिन बुकिंग निरस्त करवाने के कारण इसका व्यापक प्रभाव पड़ेगा। देशभर में निरस्त हो रही बुकिंग पाकिस्तान का साथ देने पर तुर्किए और अजरबैजान का पर्यटन काफी हद तक प्रभावित होगा। ट्रैवल एजेंट्स एसोसिएशन आफ इंडिया के मप्र-छत्तीसगढ़ चेयरमैन हेमेंद्र सिंह जादौन के अनुसार, इन देशों के लिए बुकिंग निरस्त करवाने का क्रम लगातार जारी है। अब तक अजरबैजान की करीब पौने तीन लाख और तुर्किए की करीब ढाई लाख बुकिंग निरस्त हो चुकी है।

कथावाचक पंडित धीरेंद्र शास्त्री को भड़काऊ बयान के विरुद्ध शहडोल कोर्ट ने नोटिस जारी किया

 शहडोल  कथावाचक पंडित धीरेंद्र शास्त्री के एक भड़काऊ बयान के विरुद्ध दायर परिवार पर न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी शहडोल सीता शरण यादव ने नोटिस जारी कर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को 20 मई को सुबह 11 बजे न्यायालय में उपस्थित होकर परिवाद पर पक्ष रखने को कहा है। जारी नोटिस के अनुसार महाकुंभ 2025 के संदर्भ में पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने सार्वजनिक रूप से प्रयागराज में कहा था कि महाकुंभ में हर व्यक्ति को आना चाहिए, जो नहीं आएगा वह पछताएगा और देशद्रोही कहलाएगा। इस बयान को लेकर शहडोल जिला न्यायालय के अधिवक्ता एवं पूर्व शासकीय अधिवक्ता संदीप तिवारी ने गहरी आपत्ति जताई। संविधान की मूल भावना के खिलाफ बताया गया बयान उनका कहना है कि यह वक्तव्य न केवल भारतीय संविधान की मूल भावना, विशेष रूप से धर्मनिरपेक्षता और व्यक्तिगत स्वतंत्रता, के विरुद्ध है, बल्कि यह भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत दंडनीय अपराध भी है। उन्होंने अपने परिवाद में कहा कि सेना सैनिक, अस्पतालों में सेवा दे रहे डॉक्टर, कानून व्यवस्था में लगे पुलिसकर्मी, न्यायपालिका के सदस्य, पत्रकार या कोई भी नागरिक जो अपने कर्तव्यों के कारण महाकुंभ में उपस्थित नहीं हो पाता, क्या उसे देशद्रोही कहा जा सकता है? यह वक्तव्य न केवल असंवेदनशील है बल्कि सामाजिक वैमनस्य फैलाने वाला भी है। कोई कार्रवाई नहीं होने पर ली कोर्ट की शरण इस मामले को लेकर 4 फरवरी 2025 को थाना सोहागपुर, शहडोल में शिकायत दर्ज की गई थी। पुलिस द्वारा कार्रवाई न होने पर, शिकायत पुलिस अधीक्षक को भेजी गई। कोई कार्रवाई न होने पर 3 मार्च 2025 को मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी, शहडोल के समक्ष परिवाद प्रस्तुत किया गया। अब अदालत ने 11 मई को धीरेंद्र शास्त्री को विधिवत नोटिस जारी कर 20 मई 2025 को प्रकरण में सुनवाई के लिए तलब किया है।

पाकिस्तान के मीडिया ने छेड़ा प्रोपेगंडा अभियान, मंत्री शाह का बयान बना हथियार

भोपाल  मध्यप्रदेश के जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह ने कर्नल सोफिया कुरैशी पर विवादास्पद बयान दिया था, जिसे लेकर देश में लोगों ने कड़ी प्रतिक्रिया जाहिर की थी। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने भी मामले का संज्ञान लिया और मंत्री से माफी मांगने को कहा है। पाकिस्तानी चैनल्स से फैलाया जा रहा नफरती एजेंडा इस बीच पाकिस्तान ने मंत्री विजय शाह के बयान को एक टूल का तरह इस्तेमाल कर प्रोपेगैंडा चलाने का काम किया है। पाकिस्तान के सरकारी चैनल पीटीवी ने इस बयान को भारत में मुस्लिम के प्रति कथित नफरत के प्रमाण के तौर पर प्रस्तुत किया है। पाकिस्तान के चैनल्स ने एक प्रोपेगैंडा के तहत विजय शाह के बयान को इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है और पीटीवी के अलावा जीओ न्यूज, द डैली जंग सहित कई पाकिस्तानी मीडिया आउटलेट्स ने इस बयान पर खबरें प्रकाशित कर दुनिया में मुस्लिम समुदाय में भारत की छवि धूमिल करने की कोशिश की है। पीटीवी का प्रोपेगैंडा पीटीवी ने बुधवार देर रात प्रसारित अपने प्राइम टाइम कार्यक्रम में कहा है, “भारत के हिन्दू बीजेपी के सीनियर नेता विजय शाह ने एक वफादार मुस्लिम महिला अफसर को दहशतगर्दों की कतार में खड़ा कर दिया है। मोदी के भारत में मुस्लिम के प्रति नफरत इस हद तक बढ़ चुकी है कि अब सेना के उच्च अधिकारी और महिलाएं भी सुरक्षित नहीं हैं।” पीटीवी, जीओ न्यूज और जंग टीवी ने आरोप लगाया कि भारत में मुसलमानों को मुख्यधारा से बाहर धकेला जा रहा है और अब जो लोग सेना जैसी संस्थाओं में भी अपनी सेवा दे रहे हैं, उन्हें संदेह की नजर से देखा जा रहा है। पाकिस्तान द्वारा कर्नल सोफिया के बहाने भारत की छवि को ‘अल्पसंख्यक विरोधी राष्ट्र’ के रूप में प्रचारित करने की कोशिश की जा रही है। सिर्फ पाकिस्तानी टीवी चैनल्स ही नहीं, पाकिस्तानी सोशल मीडिया हैंडल्स से भी इस मुद्दे को लेकर नफरती एजेंडे और भारत के खिलाफ दुष्प्रचार को तेज कर दिया गया है। क्या कहते हैं विशेषज्ञ? पाकिस्तान द्वारा भारत के खिलाफ चलाए जा रहे प्रोपेगैंडा को लेकर विशेषज्ञों का मानना है कि यह बयान अब सिर्फ विवादित बयान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पाकिस्तान द्वारा इसे भारत की धार्मिक समरसता और लोकतांत्रिक छवि के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय अभियान का हिस्सा बनाने की कोशिश है। राजनीतिक और कूटनीतिक जानकारों का मानना है कि एमपी के मंत्री का यह बयान ने पाकिस्तान और अन्य विरोधी ताकतों को भारत पर हमला करने का अवसर दे दिया है। हालांकि, मध्यप्रदेश हाई कोर्ट ने स्वत:संज्ञान लेते हुए मंत्री विजय शाह के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। लेकिन, न तो भाजपा और न ही मध्यप्रदेश सरकार ने उनके खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई की है। ठोस कार्रवाई नहीं होने से आग में घी पड़ रहा विशेषज्ञ मानते हैं कि अब यह मामला केवल एक विवादित बयान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पाकिस्तान द्वारा इसे भारत की धार्मिक समरसता और लोकतांत्रिक छवि के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय अभियान का हिस्सा बनाने की कोशिश है। राजनीतिक और कूटनीतिक गलियारों में यह चिंता बढ़ रही है कि मंत्री शाह की टिप्पणी ने पाकिस्तान और अन्य विरोधी ताकतों को भारत पर हमला करने का अवसर दे दिया है। हालांकि हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए मंत्री विजय शाह के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है, लेकिन न तो भाजपा नेतृत्व और न ही मध्य प्रदेश सरकार ने उनके खिलाफ अब तक कोई ठोस कार्रवाई की है। इससे मामला लगातार गरमाता जा रहा है और पड़ोसी देश पाकिस्तान को भारत के खिलाफ दुष्प्रचार फैलाने का एक और बहाना मिल गया है।

विवादित टिप्पणी करने वाले मंत्री विजय शाह के खिलाफ आज SC में सुनवाई, कोर्ट के रुख पर BJP की निगाहें

भोपाल  मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री विजय शाह (Vijay Shah Controversial Remark) की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। कर्नल सोफिया पर विवादित बयान देने के बाद से वो कानूनी चंगुल में फंस गए हैं। आज सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की सुनावई होनी है। विजय शाह ने कर्नल सोफिया (Colonel Sophia Qureshi) पर विवादित टिप्पणी की तो मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने विजय शाह के खिलाफ FIR दर्ज करने का आदेश दे दिया। विजय शाह ने जब इस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी, तो सर्वोच्च न्यायालय ने भी इसपर रोक लगाने से साफ इनकार कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने लगाई थी फटकार बीते दिन सीजेआई बीआर गवई ने हाईकोर्ट के आदेश में हस्तक्षेप करने से मना कर दिया। साथ ही उन्होंने मंत्री कुवंर विजय सिंह को भी जमकर फटकार लगाई। मंत्री विजय शाह ने सुप्रीम कोर्ट से अर्जेंट हियरिंग की मांग की थी, जिसे ठुकराते हुए आज (16 मई) की तारीख दे दी गई थी। विजय शाह को फटकार लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा था-     राज्य के कैबिनेट मंत्री जैसे संवैधानिक पद पक बैठे व्यक्ति को बहुत सोच समझकर बोलना चाहिए। आपसे इस तरह के बयान की उम्मीद नहीं की जा सकती है। आप मंत्री होकर इस तरह की भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं? क्या यह आपको शोभा देता है? जबलपुर हाईकोर्ट के आदेश पर दर्ज हुई FIR बता दें कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद एमपी सरकार में मंत्री विजय शाह ने कर्नल सोफिया को ‘आतंकवादियों की बहन’ कहा था। उनके इस बयान पर सख्त रुख अपनाते हुए एमपी हाईकोर्ट ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 152, 196 (1)(b) और 197(1)(c) के तहत केस दर्ज करने का आदेश दिया था। विजय शाह ने मांगी माफी मामला गंभीराने के बाद मंत्री विजय शाह ने अपने बयान पर माफी भी मांगी थी। उनका कहना था कि मैं सपने में भी कर्नल सोफिया के बारे में गलत नहीं सोच सकता। सोफिया ने जाति और धर्म से ऊपर उठकर देश की सेवा की है। मैं उन्हें सलाम करता हूं। अगर जोश में मेरे मुंह से कुछ गलत निकल गया हो तो उसके लिए मैं माफी चाहता हूं। इस्तीफे का बन रहा है दबाव विजय शाह का यह बयान सियासी गलियारों में भी चर्चा का विषय बन गया है। एमपी सरकार पर विजय शाह को मंत्री पद से हटाने का दबाव बन रहा है। खबरों की मानें तो मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने विजय शाह से मुलाकात की थी। मगर, उन्होंने इस्तीफा देने से साफ मना कर दिया है। अब सबकी नजर आ सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई पर टिकी है।

CM यादव सरकार की टेक्सटाइल नीति, रणनीतियों और निर्यात को प्रोत्साहन देने वाले किये गये प्रयासों पर विशेष संबोधन देंगे

इंदौर प्रदेश में मानव निर्मित फाइबर, होम टेक्सटाइल और तकनीकी टेक्सटाइल के निर्यात की संभावनाओं को तलाशने और उन्हें बढ़ावा देने के उद्देश्य से 16 मई को इंदौर में टेक्सटाइल एक्सपो का आयोजन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शाम 5 बजे सेमिनार का शुभारंभ करेंगे। राज्य सरकार और मैन मेड एंड टेक्नीकल टेक्सटाइल्स एक्सपोर्ट प्रमोशन कॉउंसिल (MATEXIL) के संयुक्त तत्वावधान में होटल मैरियट में सेमिनार का आयोजन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव राज्य सरकार की टेक्सटाइल नीति, रणनीतियों और निर्यात को प्रोत्साहन देने वाले किये गये प्रयासों पर विशेष संबोधन देंगे। प्रमुख सचिव औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन राघवेन्द्र कुमार सिंह राज्य की टेक्सटाइल नीति और नई पहलों पर प्रस्तुति देंगे। साथ ही भारत टेक्स 2026 के संबंध में जानकारी दी जायेगी। टेक्सटाइल पार्क की संभावनाओं, निर्यात में वृद्धि की रणनीतियों और क्षेत्रीय निवेश के अवसरों पर विशेषज्ञों द्वारा विचार रखे जायेंगे।  

मंत्री बागरी ने समस्याओं के त्वरित समाधान के लिये कलेक्टर एवं वन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए

डिंडोरी नगरीय विकास एवं आवास तथा डिंडोरी जिले की प्रभारी मंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी ने 14 और 15 मई को डिंडोरी जिले का दौरा किया। प्रभारी मंत्री का दो दिवसीय दौरा जिले में विकास की प्रगति के मूल्यांकन और जन-कल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर केन्द्रित रहा। इस दौरान उन्होंने अनेक शासकीय कार्यक्रमों में भाग लिया, विभागीय समीक्षा बैठकों की अध्यक्षता की और विकास कार्यों का भूमि-पूजन किया। राज्य मंत्री श्रीमती बागरी ने डिंडोरी में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने विभागीय योजनाओं और विकास कार्यों की विस्तृत जानकारी प्राप्त की और अधिकारियों को कार्य में पारदर्शिता व गति लाने के निर्देश दिए। बैठक में कलेक्टर सुश्री नेहा मरव्या, पुलिस अधीक्षक श्री वह्नि सिंह, स्थानीय विधायकगण, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री रुद्रेश परस्ते, जिलाध्यक्ष श्री चमरू सिंह नेताम सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। राज्य मंत्री श्रीमती बागरी ने तेंदूपत्ता संग्रहण कार्य से जुड़ी आदिवासी महिलाओं से भेंट की और उनकी समस्याएँ सुनीं। उन्होंने समस्याओं के त्वरित समाधान के लिये कलेक्टर एवं वन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए। राज्य मंत्री श्रीमती बागरी ने अमरपुर में मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह योजना के कार्यक्रम में सम्मिलित होकर 256 नव-विवाहित जोड़ों को आशीर्वाद प्रदान कर प्रति जोड़े 49 हजार रूपये के चेक वितरित किए। इस अवसर पर सांसद श्री फग्गन सिंह कुलस्ते, कलेक्टर, एसपी सहित जन-प्रतिनिधि उपस्थित रहे। राज्य मंत्री श्रीमती बागरी ने दूसरे दिन नर्मदा मंदिर डैम घाट से वीर शहीदों की स्मृति में तिरंगा यात्रा का नेतृत्व किया। इस दौरान उन्होंने अपने संबोधन में पहलगाम की घटना का उल्लेख करते हुए भारतीय सेना के ऑपरेशन सिंदूर की वीरगाथा सुनाई और कर्नल सोफिया कुरैशी एवं विंग कमांडर व्योमिका सिंह जैसे सैन्य अधिकारियों की भूमिका की सराहना की। उन्होंने नगर परिषद डिंडोरी में अमृत 2.0, कायाकल्प 2.0 और मुख्यमंत्री अधोसंरचना योजना (तृतीय चरण) के अंतर्गत चार विकास कार्यों का भूमि-पूजन किया जिसमें पार्क सौंदर्यीकरण, सीसी रोड निर्माण जैसे लगभग 8.15 करोड़ रूपये की लागत के कार्य शामिल हैं। उन्होंने ग्राम शहपुर में आयोजित मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह योजना कार्यक्रम में सम्मिलित होकर 188 नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद एवं 49 हजार रूपये के चेक वितरित किए गए। राज्य मंत्री श्रीमती बागरी ने अपने दो दिवसीय प्रवास के दौरान अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे जनसमस्याओं के निराकरण को प्राथमिकता दें और सभी विकास कार्यों को समय-सीमा एवं गुणवत्ता के साथ पूर्ण करें। उन्होंने आमजन से सीधे संवाद कर शासन की योजनाओं की स्थिति जानी और त्वरित समाधान के लिए प्रशासन को सक्रिय रहने के निर्देश दिए।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कोई भी ताकत भारत को आगे बढ़ने से नहीं रोक सकती

ऑपरेशन सिंदूर के माध्यम से दुनिया ने देखा नया शक्ति संपन्न भारत : मुख्यमंत्री डॉ. यादव  PM मोदी ने ऑपरेशन सिंदूर से दुनिया के सामने हमारी सेनाओं के साहस और शौर्य के प्रमाण दे दिए -CM यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कोई भी ताकत भारत को आगे बढ़ने से नहीं रोक सकती मुख्यमंत्री ने किया तिरंगा यात्रा को संबोधित रोशनपुरा चौराहे से निकली यात्रा में सभी समाज और धर्मगुरूओं के साथ नागरिकों ने की व्यापक भागीदारी भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि बदलते दौर के भारत ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ऑपरेशन सिंदूर के माध्यम से दुनिया के सामने हमारी सेनाओं के साहस और शौर्य के प्रमाण दे दिए हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने स्पष्ट कर दिया है कि आपरेशन सिंदूर रूकेगा नहीं, हमारे घर के किसी भी कोने में कोई भी आतंकवादी गतिविधि करेगा तो भारत उसे घर में घुसकर मारेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरूवार की शाम भोपाल के रोशनपुरा चौराहे से प्रारंभ हुई तिरंगा यात्रा में शामिल होने के बाद सभा को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर विभिन्न धर्मगुरू, वरिष्ठ सांसद वीडी शर्मा, सांसद आलोक शर्मा, महेंद्र सिंह जी, मंत्री विश्वास सारंग, भोपाल की महापौर श्रीमती मालती राय, विधायक रामेश्वर शर्मा, भगवानदास सबनानी के अलावा राहुल कोठारी, सुमित पचौरी, रविंद्र यति और अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। हाथों में तिरंगा लिए अनेक समुदायों के प्रतिनिधि, आम नागरिक बड़ी संख्या में तिरंगा यात्रा में उत्साह से शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कोई भी ताकत भारत को आगे बढ़ने से नहीं रोक सकती। लोकतंत्र मजबूत हो रहा है। हम सब सेना को सम्मान देने के लिए इस यात्रा में एकत्रित हुए हैं। ऑपरेशन सिंदूर से दुनिया ने हमारे हथियार भी देखे, हमारी एकजुटता भी देखी, हमारे देश का पराक्रम भी देखा और पुरूषार्थ भी देखा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज हम सब पूरा देश आनंदित है। लगातार तिरंगा यात्राओं के माध्यम से पूरी दुनिया में संदेश जा रहा है। हमारे लिए सौभाग्य का क्षण है। भोपाल देश का दिल है। हमारे राफेल ने कमाल कर दिया। भारतीय सेना ने ऐतिहासिक शौर्य का प्रदर्शन किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत का आजादी के बाद यह चौथा युद्ध था। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में तीनों सेनाओं ने मिलकर जिस प्रकार का योगदान देकर आजादी के बाद चौथे युद्ध में 4 दिन में पाकिस्तान को धूल चटाने का काम किया, वह अभूतपूर्व है। हमारे देश की सेना ने ऐसा कार्य किया है, जो न भूतो न भविष्यति। पलक झपकने से पहले ही ब्रह्मोस मिसाइल ने एक के बाद एक बड़े-बड़े एयर वेज को ध्वस्त कर दिया। पाकिस्तान को समझ में ही नहीं आया कि वह करे क्या। हमने देखा रात के 11:30 बजे जब पाकिस्तान के प्रधानमंत्री अपने राष्ट्रपति से बात करने गए तो उनकी आवाज नहीं निकल रही थी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री के शब्दों में कोई हमें छेड़ो मत और अगर छेड़ोगे तो हम छोड़ेंगे नहीं। यह बदलते दौर का भारत है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दुश्मनों को जवाब देने में हमारी सेना पूरी तरह सक्षम है और हम कहीं से भी ढूंढकर दुश्मन को मार गिराएंगे। भारत दुश्मन को घर में घुसकर मारेगा। भारत का ऑपरेशन सिंदूर स्ट्राइक के रूप में मशहूर हो गया है। सांसद वीडी शर्मा ने कहा कि तीनों सेनाओं ने आतंकवादियों का खात्मा किया। गत 22 अप्रैल को पाकिस्तान प्रेरित आतंकवाद ने पहलगाम में बहनों के सिंदूर मिटाने का कार्य किया था। इसके बाद भारत ने जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तान के आतंकवादी शिविरों को ध्वस्त कर दिया। सेनाओं के सम्मान में आज भोपाल हाथ में तिरंगे लेकर सड़कों पर निकला है। प्रधानमंत्री मोदी ने बहनों के सिंदूर का सम्मान सुरक्षित रखने के लिए आतंवादियों को दुनिया के किसी भी कोने से ढूंढ निकालने का संकल्प लिया। सभी समाजों के धर्मगुरू और नागरिक तिरंगे और सेना के सम्मान में एकजुट हैं। कार्यक्रम के अंत में रविन्द्र यति ने आभार व्यक्त किया।  

हमें अपने सारे काम विवेक के साथ करना है, परंतु उसके साथ आनंद का समावेश होना भी बहुत जरूरी-आर्य

सिंहस्थ 2028 उज्जैन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा के अनुरूप सिंहस्थ-2028 के अवसर पर माँ क्षिप्रा के पावन स्नान के लिये उज्जैन पधारने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं के आनंदमयी महाकुंभ स्नान के लिये अधिकारियों का त्रि-दिवसीय प्रशिक्षण सत्र का समापन हुआ। इस अवसर पर राज्य आनंद संस्थान भोपाल निदेशक सत्यप्रकाश आर्य ने कहा कि आप अपने काम पर गर्व करें और जिंदगी को गरिमामयी बनाकर जीवन को आनंद के साथ जिये। उन्होंने नैतिक मुल्यों पर आधरित जीवन यापन में और प्रशासनिक क्षेत्र में बेहतर माहौल और समन्वय बनाय रखने की बात कहीं। निदेशक आर्य प्रशासन अकादमी में आयोजित त्रि-दिवसीय प्रशिक्षिण सत्र में उज्जैन संभाग के अधिकारियों को संबोधित कर रहे थे। राज्य आनंद सास्थान के निदेशक आर्य ने कहा कि हमें अपने सारे काम विवेक के साथ करना है, परंतु उसके साथ आनंद का समावेश होना भी बहुत जरूरी है। ऐसे कार्य जिसमें आनंद न हो, उसे आनंद मूल्य की परिधी में नहीं रखा जा सकता। काम ऐसा करें दूसरों के लिये प्रेरणादायी हो। मौन से बड़ा कौन प्रशिक्षण सत्र में मौन के महत्व के महत्व पर विचार रखते हुए वक्ताओं ने आत्म शांति के लिये मौन के महत्व को बताया। प्रात: 7 बजे से योगाभ्यास से प्रारंभ प्रशिक्षण में सत्र के अंतिम दिन 7:30 बजे से 11 बजे तक मौन रखा गया। 3:30 घंटे मौन रखकर “मौन से बड़ा कौन6 वाक्य के महत्व को प्रैक्टिकली समझाया गया। शाम को छोटे-छोट ग्रुप बनाकर स्वयं को समझने, आत्मचिन्तन की कला के साथ जीवन मुल्यों को कैसे जिया जाये आदि प्रशिक्षण सत्र के प्रमुख भाग रहे। वीडियो फिल्म के माध्यम से मन की स्वच्छता को बढ़ाने का संदेश दिया गया। उज्जैन से आए मास्टर ट्रेनर डॉ. प्रवीण जोशी ने कहा कि, सिंहस्थ 2028 के मद्देनजर इस प्रशिक्षण में विभिन्न विभागों के शासकीय सेवकों को अल्पविराम का विस्तृत परिचय, लाइफ बैलेंस शीट, मेरे रिश्ते, चिंता का दायरा प्रभाव का दायरा, फ्रीडम ग्लास जैसे टूल्स से प्रतिभागियों को परिचय कराया गया है। कार्यशाला में उज्जैन संभाग के प्रमुख और जिले प्रमुख लगभग 40 प्रतिभागी उपस्थित हुए। विभिन्न सत्रों में संस्थान के मास्टर ट्रेनर डॉ. समीरा नईम देवास से, डॉ. प्रवीण जोशी उज्जैन से, संजय पांडेय उमरिया से, शिरीष सुमन शर्मा शाजापुर से, डॉ. अमित मुखर्जी पंचगनी से, अजीत महतों भोपाल से विशेष उपस्थित रहे।  

वंदे भारत ट्रेन में कंपन मापने के लिए डिवाइस का किया गया सफल परीक्षण, सफर और भी आरामदायक हुआ

 जबलपुर  वंदे भारत एक्सप्रेस की यात्रा को और आरामदायक बनाने के लिए जबलपुर रेल मंडल ने एक डिवाइस (एक्स्लेरोमीटर) तैयार की है। इस डिवाइस की सहायता से वंदे भारत ट्रेन के पटरियों पर फर्राटा भरने के दौरान कंपन मापा जा रहा है। यात्रियों को झटका महसूस हो उसके पूर्व ही यह डिवाइस समस्या का पता लगा रही है। अपनी तरह की यह अलग डिवाइस भारतीय रेल में जबलपुर ने पहली बार तैयार की गई है। प्रारंभिक रूप से डिवाइस का उपयोग रीवा-रानी कमलापति और रानी कमलापति-नई दिल्ली वंदे भारत एक्सप्रेस में किया जा रहा है। ट्रेन की सवारी के दौरान ज्यादा झटके महसूस नहीं होते इससे यात्रियों का सफर आरामदायक हुआ है। रेलवे के पास अभी तक चलती ट्रेन में कंपन मापने के लिए कोई उपकरण नहीं था। इस उपकरण के बनने से वंदे भारत एक्सप्रेस के कोच के पहियों और संस्पेंशन सिस्टम की स्थिति का पता लगाने में सहायता मिल रही है। ट्रेन कोच में व्हील शेलिंग जैसी समस्या का आरंभिक चरण में पता चलने से उसमें सुधार कर लिया जाता है। यात्रियों को ट्रेन की सवारी के दौरान ज्यादा झटके महसूस नहीं होते हैं। इसे कोच के फ्लोर पर रखते हैं यह एक पोर्टेबल/स्थांतरित किए जा सकने वाली डिवाइस है, इसे वंदे भारत ट्रेन के कोच के फ्लोर एरिया पर किसी भी स्थान पर रखा जाता है, ताकि इसमे लगे दो एक्स्लेरोमीटर की मदद से कंपन स्तर को मापा जा सके। फिर ग्राफ प्लाट करके कंपन मूल्य/डेटा का विश्लेषण कर, सुधार कर उपाय निकाला जा सके। इस डिवाइस के उपयोग के दौरान एक टेक्नीशियन रहता है, वह इसके संचालन पर नजर रखता है। एक महीने में तैयार की गई डिवाइस जबलपुर रेल मंडल के मैकेनिकल विभाग के अधिकारी चाहते थे कि वंदे भारत में यात्री झटके महसूस करें, उससे पूर्व ही उन्हें पता चल जाए। ताकि उसमें सुधार कर आरामदाय यात्रा का अनुभव दिया जा सके। इसमें सबसे बड़ी बाधा कंपन मापने के लिए कोई यंत्र का न होना था। तब मैकेनिकल इंजीनियरों की टीम ने यंत्र बनाने पर काम शुरू किया। तत्कालीन सीआरएसई समीर लोहानी और डीएमई स्वप्निल पाटिल की टीम ने एक माह में ही कंपन मापने के यंत्र का अविष्कार कर लिया। दूसरी ट्रेनों में भी उपयोग होगा मंडल रेल प्रबंधक कमल कुमार तलरेजा के निर्देश पर इस डिवाइस की छह माह तक दोनों वंदे भारत ट्रेनों में ट्रायल चली। परिणाम बेहतर मिलने के बाद इस डिवाइस का विवरण रेलवे बोर्ड को भेजा गया है। डिवाइस की संख्या बढ़ाकर इसका उपयोग अन्य ट्रेनों के कंपन मापने के लिए भी किए जाने की योजना है। यात्री गाड़ी की समस्या को शुरुआत में ही करते हैं दूर     मंडल के यांत्रिक विभाग द्वारा यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से नवाचार किया गया है। इसके माध्यम से यात्री गाड़ियों में आने वाली समस्याओं को शुरुआती चरण में डिटेच कर व दूर कर गाड़ियों का समयपालन सुनिश्चित किया जाता है। – डॉ. मधुर वर्मा, वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक  

भोपाल मेट्रोपोलिटन रीजन में भोपाल, विदिशा, सीहोर, रायसेन व राजगढ़ शामिल, बनेगी ग्रेटर केपिटल सिटी

भोपाल  भोपाल को ग्रेटर केपिटल की तर्ज पर विकसित करने के लिए भोपाल विकास प्राधिकरण को भोपाल मेट्रोपोलिटन रीजन (Bhopal Metropolitan Region)का नोडल एजेंसी बनाया है। इंदौर में भी आइडीए का यह जिमा सौंपा गया है। भोपाल मेट्रोपोलिटन रीजन में भोपाल, विदिशा, सीहोर, रायसेन व राजगढ़ शामिल हैं। प्रमुख सचिव शहरी आवास एवं विकास संजय शुक्ला के अनुसार बीडीए कंसलटेंट तय कर आगामी प्लानिंग बनाएगा। यह उच्चाधिकारियों की मंजूरी के बाद आगे बढ़ेगी।भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर और राजगढ़ को मिलाकर मेट्रोपोलिटन सिटी बनाने की कवायद शुरू कर दी गई है। इसके तहत अगले 14 महीने में पांचों जिलों का सर्वे करने के साथ रीजनल डेवलपमेंट एंड इंवेस्टमेंट प्लान बनाया जाएगा। इस प्लान के आधार पर भोपाल को मेट्रोपोलिटन सिटी बनाया जाना है। बुधवार को संभागायुक्त संजीव सिंह के कार्यालय में पांचों जिलों के कलेक्टर्स की मौजूदगी में बीडीए के सीईओ श्यामवीर सिंह ने प्रजेंटेशन दिया। इसमें डीपीआर को लेकर बात रखी गई। आठ हजार वर्ग किलोमीटर का क्षेत्र कवर होगा संभागायुक्त ने बताया कि पांच जिलों के आठ हजार वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र को कवर करेगा और इसमें पांच जिले शामिल होंगे, जिसमें भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर और राजगढ़ शामिल किया गया है। इन जिलों को जोड़ने से महानगर की आबादी 35 लाख हो जाएगी। चार स्टेज में काम किया जाएगा। पहले चरण में टीम का गठन, सर्वे, बैठकें आयोजित कर अमलीजामा पहनाना, वर्कप्लान फाइनल करना, सभी विभागों का सर्वे अपने अपने एरिया में करना और विधानसभावार 18 विभागों का डेटा जुटाने का काम किया जाएगा, जबकि आखिरी स्टेज में इंजीनियरिंग, लागत अनुमान और वर्कप्लान की डीपीआर तैयार की जाएगी। दो जून को डीपीआर बनाने के लिए टेंडर निकाला जाएगा। इसके आधार पर टैंडर लेने वाली कंपनी को डीपीआर बनाने का काम सौंपा जाएगा। इस डीपीआर के लिए 18 विभागों से डेटा मांगा गया है। ये तहसील होंगी शामिल     भोपाल जिला : हुजूर, बैरसिया, कोलार     विदिशा जिला : विदिशा शहर, ग्यारसपुर, गुलाबगंज     रायसेन जिला : रायसेन, औबेदुल्लागंज, गौहरगंज     सीहोर जिला : सीहोर शहर, आष्टा, इच्छावर, श्यामपुर, जावर     राजगढ़ जिला : राजगढ़, नरसिंहगढ़, पचोर ये भी होंगे काम     पांचों जिलों के गांव और शहरों को एक दूसरे से जोड़ा जाएगा     सड़कों को एक दूसरे से जोड़कर आवागमन आसान किया जाएगा     इन शहरों शुरू होगा उद्योगों का विकास     इन जिलों के पर्यटन क्षेत्रों को जोड़ा जाएगा     सैटेलाइट से गांवों को चिह्नित किया जाएगा     कचरा डिस्पोजल और सीवेज सिस्टम भी डेवलप किया जाएगा ऐसे होगा काम ● सीहोर- भोपाल की प्लानिंग कर तालाब व कैचमेंट संरक्षण का काम होगा। ● मंडीदीप औद्योगिक क्षेत्र को भोपाल से जोडकऱ काम किया जाएगा। ● अन्य जिलों में स्थित भोपाल के पास की वैश्विक धरोहरें सांची, भीमबैठका और अन्य पर भोपाल से काम तय हो जाएगा। ● मेट्रो का नेटवर्क भी पास के क्षेत्रों तक बढ़ाने की राह खुलेगी। टूरिस्ट सेंटर व सर्किट की प्लानिंग मेट्रोपॉलिटन रीजन में सेटेलाइट टाउन बनाकर नए आवासीय क्षेत्र विकसित किए जाएंगे। अतिरिक्त आबादी को इसमें बसाया जाएगा। शहरी क्षेत्र की बजाय रीजन के रूरल एरिया में विशेष आवासीय क्षेत्र बनाकर लोगों को बसाएंगे और कार्यस्थल पर आवाजाही के लिए पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बेहतर करेंगे। इतना ही नहीं, रीजन में नए टूरिस्ट सेंटर व सर्किट तय किए जाएंगे। इस तरह होगा विकास का खाका क्षेत्रीय कनेक्टिविटी की योजना ग्रोथ सेंटर को चिन्हित करना सेटेलाइट टाउन के लिए क्षेत्र चिन्हित करना टूरिस्ट सेंटर व सर्किट भी तय होगा पर्यावरणीय विकास के लिए पूरा मैनेजमेंट तय करना बेहतर कृषि भूमि का संरक्षण प्लान कैपिटल इन्वेस्टमेंट प्लान होगा, जिसमें रोड, प्राकृतिक नाले, जनसुविधाएं व सेवाओं के साथ रीजन के आर्थिक विकास का पूरा मैप रहेगा। टूरिस्ट सेंटर व सर्किट की प्लानिंग भोपाल मेट्रोपॉलिटन रीजन का प्राथमिक मैप तैयार है। बेहतर प्लान के साथ रीजन तय करेंगे। भोपाल का स्वरूप बदलेगा, विकास की संभावनाएं बढ़ेगी। – संजीव सिंह, संभागायुक्त व प्रशासक बीडीए एमपी में 9 शहरों को मिलाकर बनेंगे 2 मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र, 6 संभागों का होगा डेवलपमेंट  मध्यप्रदेश में औद्योगिक विकास और निवेशकों को बढ़ावा देने के साथ-साथ नगरों के सुव्यवस्थित विकास के लिए दो मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र बनाने की कवायद शुरू हो गई है। पहला मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र इंदौर-उज्जैन-देवास और धार को मिलाकर और दूसरा मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र भोपाल-सीहोर, रायसेन-विदिशा-ब्यावरा (राजगढ़) को मिलाकर विकसित किया जाएगा।  केंद्र के विजन के मुताबिक राज्य के प्रमुख संभाग मुख्यालय ग्वालियर, सागर, रीवा, जबलपुर, नर्मदापुरम और शहडोल को रीजनल इकोनॉमिक ग्रोथ हब के रूप में विकसित करने की तैयारी है। सरकार का यह प्रयास अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के साथ-साथ रोजगार, व्यापार और निवेश के नये अवसरों को भी बढ़ावा देने के लिए किया जा रहा है। सुविधाओं में होगा सुधार जानकारी के तहत इंदौर मेट्रोपॉलिटन सिटी में इंदौर का 100 प्रतिशत क्षेत्र शामिल किया जाएगा, जबकि उज्जैन का 44 प्रतिशत धार और नागदा का भी कुछ हिस्सा इसमें जोड़ा जाएगा। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य औद्योगिक और शहरी विकास को संगठित तरीके से आगे बढ़ाना है, जिससे आधारभूत सुविधाओं में सुधार हो और निवेशकों को आकर्षित किया जा सके। 5 जिलों की बदल जाएगी सूरत, जानिए कैसे मेगा रोड प्रोजेक्ट से 80 लाख को होगा फायदा  मध्य प्रदेश के पांच जिलों – भोपाल, विदिशा, सीहोर, रायसेन और नर्मदापुरम की सूरत अब जल्द ही बदलने वाली है। राज्य सरकार ने इन क्षेत्रों में मेगा रोड प्रोजेक्ट की शुरुआत की है, जिसका उद्देश्य इन जिलों के बीच बेहतर कनेक्टिविटी स्थापित करना है। इस परियोजना के तहत, आने वाले समय में इन क्षेत्रों के लोग 80 लाख की आबादी तक को फायदा पहुंचने की उम्मीद है। इन जिलों को भोपाल से बेहतर कनेक्ट करने के लिए सड़क नेटवर्क पर काम तेज कर दिया गया है और कंसल्टेंट तय करने की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। अगले एक महीने में इन पांच जिलों से जुड़े रोड नेटवर्क का सर्वे भी पूरा कर लिया जाएगा। सीएम का ग्रेटर राजधानी की बात करना हाल ही में भोपाल में आयोजित आंबेडकर ब्रिज के लोकार्पण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वृहद राजधानी के निर्माण की बात की थी। इस घोषणा के बाद से ही इस दिशा में कार्य शुरू हो गया था और अब वृहद राजधानी के रूप में भोपाल और आसपास के इलाकों … Read more

एमपी में प्री-पेड मीटर से बिजली उपभोक्ताओं को मिलेगा लाभ, दरों में मिलेगी राहत, मोबाइल एप और एसएमएस के जरिए मिलेगा बिल

जबलपुर मध्य प्रदेश विद्युत वितरण कंपनियां अब स्मार्ट मीटर के बाद प्री-पेड मीटर की सुविधा देने जा रही हैं। सबसे पहले कंपनियां सरकारी कार्यालयों में प्री-पेड मीटर बदलने पर जोर दे रही हैं। एक-दो माह में सबसे पहले सभी सरकारी कार्यालयों में लगे स्मार्ट मीटर को प्री-पेड सुविधा में बदला जाएगा। इसके बाद आम उपभोक्ताओं के मीटर बदलने का काम शुरू होगा। इस मीटर में मोबाइल बैलेंस की तरह ही बिजली जलाने से पहले अग्रिम राशि से रिचार्ज करना होगा। हर दिन बिजली की खपत के साथ ही बैलेंस भी कम होता जाएगा। उपभोक्ताओं को बैलेंस चेक करने की भी सुविधा होगी। 9.25 लाख स्मार्ट मीटर लगाए गए हैं दरअसल, बिजली कंपनियां फिलहाल स्मार्ट मीटर लगा रही हैं। प्रदेश के 21 जिलों में पूर्व वितरण कंपनी द्वारा 9.25 लाख स्मार्ट मीटर लगाए गए हैं। स्मार्ट मीटर को ही प्री-पेड में बदला जा सकता है। ऐसे में, योजना बहुत जल्द उपभोक्ताओं के स्मार्ट मीटर प्री-पेड मीटर में बदलने की है। उपभोक्ताओं को सुविधा देना चाहती है बिजली कंपनी एक अधिकारी ने बताया कि स्मार्ट मीटर का पूरा डेटा मीटर डेटा मैनेजमेंट सिस्टम (एमडीएम) में दर्ज होता है, जिसकी केंद्रीयकृत निगरानी की जाती है। बिजली कंपनी अब उपभोक्ताओं को यह सुविधा देना चाहती है कि वह मोबाइल की तरह ही प्री-पेड भुगतान कर बिजली का उपयोग करे। जबलपुर में घरेलू, गैरघरेलू, औद्यौगिक उपभोक्ताओं को चिह्नित कर उनके यहां स्मार्ट मीटर को प्री-पेड की तरह उपयोग कर आकलन किया जाएगा। पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने ऐसे 50 प्री-पेड मीटर उद्योग, गैरघरेलू और घरेलू उपभोक्ताओं के यहां लगाकर उनके परिणाम का आकलन शुरू कर दिया है। इसके परिणाम सकारात्मक मिल रहे हैं। एसएमएस और एप के जरिए प्रतिदिन की बिलिंग हो रही है। मोबाइल एप और एसएमएस के जरिए उपभोक्ता को बकाया राशि की जानकारी भी मिल रही है। भरोसा पैदा करना है उद्देश्य पहले चरण में 21 हजार मीटर लगाने की तैयारी है। अधिकारियों ने बताया कि संभाग स्तर से ब्लाक स्तर के सरकारी महकमें में यह मीटर लगाया जाना है। सरकारी भवनों में मीटर लगाने के पीछे एक उद्देश्य जनता में भरोसा पैदा करना भी है कि यह मीटर उपयोगी है। इसके अलावा बिजली कंपनी सरकारी विभाग खासतौर पर पुलिस स्टेशन, तहसील जैसे कार्यालय के बकाया बिल से परेशान है, उनकी वसूली में समय लगता है, जिस वजह से बिजली कंपनी को आर्थिक क्षति होती है ऐसे में कंपनी प्री पेड मीटर लगाकर पहले ही राशि लेना चाह रही है। हर दिन की खपत की मिलेगी जानकारी प्री-पेड उपभोक्ता को उसके मोबाइल नंबर, मेल और एप के जरिए मीटर से हो रही बिजली की खपत की जानकारी मिलेगी। कंपनी हर दिन का शेष राशि भी बताएगी और सूचना के जरिए अपडेट करेगी कि बिजली रिचार्ज की कब जरूरत होगी। पूरी प्रक्रिया मोबाइल के रिचार्ज और उसके उपयोग जैसी होगी। इसके लिए न्यूनतम 100 रुपये से बिजली रिचार्ज होगी। इसके ऊपर उपभोक्ता स्वेच्छा से जरूरत के अनुसार राशि से बिजली रिचार्ज कर सकता है। ये मिलेगा लाभ प्री-पेड मीटर लगाने पर टैरिफ में 25 पैसे प्रति यूनिट की दर से बिजली की दर में राहत मिलती है। उपभोक्ता को अभी सालाना खपत का 45 दिन का औसत बिल के बराबर की राशि सुरक्षा निधि के रूप में जमा करनी होती है, यह राशि प्री-पेड मीटर में जमा करने की जरूरत नहीं होगी।

प्रदेश सरकार ने एकीकृत टाउनशिप नीति को दी मंजूरी, जमीन मालिक स्वयं कर सकेंगे डेवलपमेंट

भोपाल अब भोपाल विकास प्राधिकरण और हाउसिंग बोर्ड जैसी सरकारी निर्माण एजेंसियों की भूमिका खत्म होने जा रही है। शहरी विकास एवं आवास विभाग की एकीकृत टाउनशिप नीति-2025 के लागू होने से अब रियल एस्टेट विकास में निजी निवेश को और बढ़ावा मिलेगा। बिल्डर्स किफायती आवास बनाएंगे।  राजधानी समेत अन्य शहरों में निजी रियल एस्टेट एजेंसियों बड़ी-बड़ी टाउनशिप विकसित करेंगी। नीति के तहत कम से कम 40 हेक्टेयर की नई आवासीय टाउनशिप निजी डेवलपर विकसित करेंगे। हालांकि, सडक़, बिजली, पानी और अन्य जरूरी अधोसंरचनाएं सरकार ही विकसित करेगी। इसके लिए राज्य व जिला स्तर पर तय कमेटी आवेदन मंजूर करेगी। ऐसे मिलेगा शहर को लाभ अब सरकार कॉलोनी तक इंफ्रास्ट्रक्चर देगी। भेल, बैरागढ़, करोद, कोलार में बड़ी टाउनशिप विकसित करने की योजना है। यहां 500 हेक्टेयर जमीन सीलिंग की खाली है। यहां सेटेलाइट टाउन बनेंगे। जमीन मालिक भी कर सकेंगे विकसित टाउनशिप में 18 मीटर व 30 मीटर चौड़ी सड़के होंगी। इनके आसपास ही कालोनियां विकसित होंगी। ताकि मुख्य मार्ग पर पहुंच आसान हो। लैंड पुलिंग में बदलाव किए हैं, जिसमें जमीन मालिक खुद टाउनशिप विकसित कर सकेंगे। ऐसे मिलेगी सुविधा राज्य सरकार भूमि अधिग्रहण में सहायता करेगी। बुनियादी ढांचा प्रदान करेगी और समय पर मंजूरी सुनिश्चित करेगी। नोडल एजेंसी एकल खिडक़ी मंजूरी प्राधिकरण के रूप में काम करेगी और विभिन्न विभागों से वैधानिक मंजूरी प्राप्त करने में मदद करेगी। यह है पॉलिसी की खास बातें प्रदेश सरकार ने फरवरी 2025 में एकीकृत टाउनशिप नीति को मंजूरी दी थी। नियमानुसार नगरीय निकाय सीमा में 40 हेक्टेयर भूमि में टाउनशिप विकसित की जा सकेगी। अधिसूचित वन, जल निकाय, राष्ट्रीय उद्यान और वन्यजीव अभयारण्य, रक्षा संपदा, छावनी बोर्ड, पर्यावरण-संवेदनशील क्षेत्र, अधिसूचित खदान, खनन क्षेत्र, एसईजेड, वन्यजीव गलियारे और ऐतिहासिक तथा पुरातात्विक स्थानों पर यह लागू नहीं होगी।

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