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तेज सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से आरपीएफ जवानों और ट्रेन मेनेजर ने बचाई महिला की जान

भोपाल स्टेशन पर चलती ट्रेन में चढ़ने का प्रयास कर रही महिला को सुरक्षित बचाया गया भोपाल, मंडल रेल प्रबंधक देवाशीष त्रिपाठी के मार्गदर्शन में भोपाल मंडल द्वारा यात्री सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। इसी क्रम में आज सुबह लगभग 09:02 बजे भोपाल रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म क्रमांक 01 पर एक बड़ा हादसा आरपीएफ जवानों और ट्रेन प्रबंधक की सतर्कता से टल गया। गौरतलब है कि गाड़ी संख्या 20481 जोधपुर-तिरुच्चिराप्पल्लि  हमसफर एक्सप्रेस जैसे ही भोपाल स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या 01 से प्रस्थान कर रही थी, तभी एक 35 वर्षीय महिला यात्री अपने हाथ में सूटकेस लिए ट्रेन के एसी कोच संख्या B7 में चढ़ने का प्रयास कर रही थी। ट्रेन की गति होने के कारण महिला का संतुलन बिगड़ा और वह फिसलकर प्लेटफोर्म पर गिरने लगी, तत्क्षण घटना को देख तत्काल प्लेटफॉर्म पर ड्यूटी पर तैनात रेल सुरक्षा बल (RPF) के उप निरीक्षक रविन्द्र सिंह एवं आरक्षक अनिल शर्मा ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महिला का हाथ पकड़कर उसे प्लेटफॉर्म की ओर खींच लिया और एक गंभीर दुर्घटना होने से बचा लिया। उसी समय, ट्रेन मेनेजर रोमेश चौबे ने स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए तत्क्षण आपातकालीन ब्रेक लगाकर ट्रेन को रोक दिया, जिससे महिला की जान बचाना संभव हो सका। इसके बाद महिला को सुरक्षित रूप से कोच में चढ़ाया गया। वह तिरुच्चिराप्पल्लि जा रही थी। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ कटारिया ने बताया कि भोपाल मंडल द्वारा स्टेशन परिसरों और चलती गाड़ियों में सुरक्षा व्यवस्था को लगातार मजबूत किया जा रहा है। इस घटना में शामिल आरपीएफ कर्मियों एवं ट्रेन मैनेजर की कार्यप्रणाली अत्यंत सराहनीय है और यह सभी स्टाफ के लिए प्रेरणास्रोत है। रेल प्रशासन द्वारा यात्रियों से पुनः अपील की जाती है कि चलती ट्रेन में चढ़ने का प्रयास न करें, यह अत्यंत जोखिमपूर्ण हो सकता है।

सागर के MLA देवरी विधानसभा का बदलना चाहते हैं नाम, देवरी का नाम देवपुरी करने सीएम मोहन यादव को लिखी चिट्ठी.

सागर  महानगरों, गांव और शहरों के नाम बदलना इन दिनों कोई नई बात नहीं रह गई है. इसी कड़ी में बीजेपी विधायक बृजबिहारी पटैरिया अपनी बुंदेली भाषा के आधार पर अपनी विधानसभा ‘देवरी’ का नाम बदलवाना चाहते हैं. उनका कहना है कि “इस नाम के कई अनर्थ निकलते हैं और खासकर महिलाओं से बातचीत में ये अशोभनीय लगता है. बता दें कि पटेरिया विधानसभा चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल हुए और टिकट हासिल कर चुनाव जीते हैं. देवरी का नाम देवपुरी करने सीएम को लिखी चिट्ठी देवरी विधायक बृजबिहारी पटैरिया ने अपनी मांग को लेकर मुख्यमंत्री डाॅ. मोहन यादव को चिट्ठी भेजी है. जिसमें उन्होंने लिखा मेरी विधानसभा का नाम देवरी है. जिसका बुंदेलखंड की स्थानीय भाषा में बोलने में कई अनर्थ निकलते हैं. खासकर महिलाओं के साथ बातचीत में बड़ा अशोभनीय महसूस होता है. देवरी नगर में मंदिर और देवस्थान अधिक हैं और खासकर दत्तात्रेय खंडेराव मंदिर भी स्थित है, जो प्रदेश के गिने चुने मंदिरों में से एक है. यहां हर साल लगने वाले मेले में देशभर से श्रद्धालु आते हैं. नगर का नाम पहले देवपुरी था. लेकिन 1813 में लगी भीषण अग्निकांड में पूरा नगर जल गया था. नगर का पुनर्निर्माण होने के बाद देवपुरी से अपभ्रंश होते-होते देवरी हो गया. मुख्यमंत्री से आग्रह है कि देवरी का नाम देवपुरी किया जाए. आपके द्वारा पिछले कुछ दिनों पहले शाजापुर जिले और कई नगरों और गांवों के नाम बदले गए हैं. इसलिए यहां के नागरिक, समाजसेवी, साहित्यकार और प्रबुद्ध नागरिक, नगर का नाम देवपुरी करना चाहते हैं.” सागर जिले में कई गांवों का नाम देवरी देवरी के नाम बदलने के पीछे जो स्थानीय विधायक ने तर्क दिया है, उसको लेकर क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं. कुछ लोगों को मानना है कि इस तरह से कई अन्य छोटे-बड़े गांवों के नाम बदलने की मांग उठ सकती है. इससे सरकार के खजाने पर भारी भरकम असर पड़ सकता है.

रामेश्वर शर्मा ने सीजफायर उल्लंघन पर दी कड़ी प्रतिक्रिया बोले -औकात में रहोगे तो जिन्दा रहोगे वर्ना जमींदोज कर दिए जाओगे

भोपाल आतंकवादी ठिकानों के ध्वस्त हो जाने से बौखलाया पाकिस्तान अब लगातार सीजफायर का उल्लंघन कर रहा है, पाकिस्तानी सेना ने देर रात जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा जिले में नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर गोलाबारी की। इसके बाद रात में ही कुपवाड़ा, बारामूला, उरी और अखनूर इलाकों में फिर गोलाबारी की। पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में ऑपरेशन सिंदूर चलाकर भारत ने पाकिस्तान और पीओके में बने आतंकवादी ठिकानों को ठिकाने लगा दिया उनपर मिसाइल स्ट्राइक पर उन्हें ध्वस्त कर दिया उसके बाद से ही पाकिस्तान बौखला गया है और सीजफायर का उल्लंघन कर रहा है पाकिस्तान की तरफ से मंगलवार को पूरी रात पाकिस्तानी सेना ने पुंछ, बारामुला, राजोरी जिले की एलओसी  के पास वाले गांवों पर तोपों से भारी गोलाबारी की। पाकिस्तानी गोलाबारी में चार बच्चों समेत 15 नागरिकों की मौत हो गई, जबकि 57 लोग घायल हो गए, इसमें अभी तक 12 मृतकों के नाम सामने आए हैं। हालाँकि पाकिस्तान की इस हरकत का भारत ने भी मुंहतोड़ जवाब दिया है, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्थिति पर नजर बनाये हुए हैं और गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, एनएसए डोभाल एवं तीनों सेनाओं के अध्यक्षों और सीडीएस से लगातार संपर्क बने हुए हैं और लगातार मीटिंग कर आगे की रणनीति पर चर्चा कर रहे हैं। उधर मध्य प्रदेश के भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने पाकिस्तान द्वारा किये जा रहे सीजफायर उल्लंघन पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है, उन्होंने पाकिस्तान को तीखे लहजे में चेतावनी देते हुए कहा- औकात में रहोगे तो जिन्दा रहोगे वर्ना जमींदोज कर दिए जाओगे, यदि तुम आतंकवाद पैदा करोगे तो जैसे तुमने हमारी जानें ली हैं हम आतंकवादियों की जानें लेंगे। आतंकियों को मिट्टी में मिला दिया पाकिस्तान और पीओके में भारतीय सेना द्वारा की गई एयर स्ट्राइक ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा का बयान सामने आया है। उन्होंने इस सैन्य कार्रवाई को देश की अस्मिता, बेटियों के सम्मान और स्वाभिमान से जुड़ी लड़ाई करार दिया। शर्मा ने कहा कि भारतीय सेना ने उन आतंकियों को मिट्टी में मिला दिया जिन्होंने भारत की बेटियों का सिंदूर उजाड़ा था। विधायक शर्मा ने कहा कि देश की तीनों सेनाओं- थल सेना, जल सेना और वायु सेना ने मिलकर वह जवाब दिया है, जिसकी अपेक्षा हर भारतीय को थी। जिन आतंकियों ने धर्म पूछकर निर्दोष नागरिकों को मारा, आज उन्हें हमारी सेना ने धूल चटा दी है। यह ऑपरेशन इस बात का प्रतीक है कि अगर भारत की बेटियों का सिंदूर उजड़ता है, तो यह देश उसे दुर्गा और चंडी की शक्ति बनकर वापसी में जवाब देता है।  शर्मा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भारत की जनता की ओर से बधाई देते हुए कहा कि यह कार्रवाई उनके संकल्प और नेतृत्व का परिणाम है। यह सिर्फ जवाबी कार्रवाई नहीं, बल्कि भारत के स्वाभिमान की लड़ाई है। यह झंडे, राष्ट्रगान और एकता की लड़ाई है,” शर्मा ने कहा। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि वे इस राष्ट्रीय स्वाभिमान के क्षण में एकजुट रहें और सेना के साथ खड़े हों। शर्मा ने यह भी कहा कि जो आतंकी ठिकाने अब भी बाकी हैं, उन पर भी कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए। विधायक ने ऑपरेशन सिंदूर को श्रद्धांजलि बताया उन शहीदों के लिए, जिनकी जान आतंकी हमलों में गई। “जब तक आतंकवाद का पूरी तरह खात्मा नहीं होगा, तब तक यह लड़ाई जारी रहेगी।  हम ढूंढ ढूंढ कर केवल आतंकवादी मार रहे हैं उन्होंने पाकिस्तान से कहा ध्यान रखना हमारे सिखों पर या किसी अन्य पर भूल से भी हमला मत कर देना ये बहुत घातक होगा, हम ढूंढ ढूंढ कर केवल आतंकवादी मार रहे हैं अभी हमने एक भी पाकिस्तानी नागरिक को हाथ नहीं लगाया है लेकिन जो आतंकवादी है उनको कब्रिस्तान और जहन्नुम पहुंचने का काम भारत की सेना ने किया है और करती रहेगी। भारत की सेनाओं में जनता का दिल जीत लिया है भाजपा विधायक ने कहा हम दुनिया के नक्शे से आतंकवाद को खत्म कर देंगे और यदि  पाकिस्तान भी अपने आप को आतंकवादी  देश घोषित करेगा तो फिर इसके बारे में भी भारत की सेना विचार करेगी, प्रधानमंत्री मोदी और भारत की सेनाओं में देश की जनता का दिल जीत लिया है।

मालेगांव ब्लास्ट केस का फैसला 31 जुलाई तक टला, NIA कोर्ट ने मुंबई हाईकोर्ट से मांगा समय, साध्वी प्रज्ञा बोलीं-सत्यमेव जयते

भोपाल मालेगांव बम धमाके के मामले में मुंबई की एक विशेष एनआईए कोर्ट का फैसला टल गया है। अब इस मामले में कोर्ट 31 जुलाई को अपना फैसला सुना सकती है। आपको बता दें कि स्पेशल कोर्ट ने मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से पूर्व सांसद रही साध्वी प्रज्ञा ठाकुर समेत अन्य दोषियों को सजा सुनाने के लिए मुंबई हाईकोर्ट से समय मांगा है। इसी के चलते आज सभी आरोपी एनआईए कोर्ट में पेश हुए थे।  आपको बता दें कि, 29 सितंबर 2008 को महाराष्ट्र के मालेगांव में ब्लास्ट हुआ था। इस ब्लास्ट में 6 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 101 आम लोग घायल हुए थे। शुरुआत में मामले की जांच महाराष्ट्र एटीएस ने की थी। साल 2011 में केस नेशनल इन्वेस्टीगेशन एजेंसी को सौंपा गया था। मुख्य आरोपी पूर्व सांसद प्रज्ञा ठाकुर भोपाल की पूर्व सांसद साध्वी प्रज्ञा ठाकुर इस केस में मुख्य आरोपी है। उनके अलावा लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद पुरोहित समेत इस आतंकी हमले में कुल 12 आरोपी हैं। इन सभी पर आतंकी साजिश, हत्या, धार्मिक उन्माद फैलाने के आरोप लगे हैं। फिलहाल, देखना दिलचस्प होगा कि क्या मुबई हाईकोर्ट इस मामले में 31 जुलाई 2025 को फैसला सुनाता है या फिर कोई अगली तारीख दी जाएगी। महाराष्ट्र के मालेगांव ब्लास्ट मामले में फैसला टल गया है। गुरुवार को एनआईए की स्पेशल कोर्ट ने मुंबई हाईकोर्ट से दोषियों को सजा सुनाने के लिए 31 जुलाई तक का समय मांगा है। माना जा रहा है कि अब एनआईए कोर्ट 31 जुलाई को फैसला सुनाएगा। इससे पहले गुरुवार सुबह मामले में साध्वी प्रज्ञा सिंह समेत सभी आरोपी और पीड़ित कोर्ट पहुंचे। केस की मुख्य आरोपी भोपाल की पूर्व सांसद साध्वी प्रज्ञा ठाकुर हैं। साध्वी के अलावा लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद पुरोहित समेत कुल 12 आरोपी हैं, जिन पर आतंकी साजिश, हत्या, धार्मिक उन्माद फैलाने के आरोप हैं। 29 सितंबर 2008 को मालेगांव में ब्लास्ट हुआ था। इसमें 6 लोगों की मौत हो गई थी और 101 घायल हुए थे। शुरुआत में मामले की जांच महाराष्ट्र एटीएस ने की थी। साल 2011 में केस नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) को सौंप दिया गया। एनआईए ने प्रज्ञा सिंह समेत केस के आरोपियों को क्लीनचिट दे दी थी, लेकिन कोर्ट ने कहा कि आरोपियों को मुकदमे का सामना करना पड़ेगा। अप्रैल 2025 में एनआईए ने यू-टर्न लेते हुए मुंबई की स्पेशल कोर्ट में याचिका दायर करते हुए कहा कि आरोपियों को बेकसूर मानने की बात गलत है, उन्हें कड़ी सजा मिलनी चाहिए। साध्वी ने कहा- सत्यमेव जयते पर मेरा विश्वास कोर्ट के बाहर प्रज्ञा ठाकुर ने कहा- आज डिसीजन होना था, ऐसा नहीं है। जज साहब ने तारीख दी थी। अगली तारीख में डिसीजन होगा, ये तय है। जज साहब ने कहा कि इसमें एक लाख से अधिक पेज हैं। बड़ा केस है। इसमें समय लगता है। किसी के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए। सबको न्याय मिले। अगली तारीख 31 जुलाई दी है। इसमें सभी को उपस्थित होना चाहिए। ठाकुर ने कहा- सत्यमेव जयते पर मेरा पूर्ण विश्वास है। जिस व्यक्ति पर आरोप लगता है या तो वो जानता है या ईश्वर जानता है। सरकारी पक्ष की ओर से कैपिटल पनिसमेंट की मांग के सवाल पर प्रज्ञा ने कहा- एटीएस चाहती तो मेरी मुंडी उसी दिन मरोड़ देती। उनकी इतनी दुश्मनी है। पता नहीं क्यों है? मैं विधर्मियों के लिए उनकी दुश्मन हूं और हमेशा रहूंगी। जो देशविरोधी हैं…देश के गद्दार हैं, उनकी मैं दुश्मन हूं। वकील बोले- 31 जुलाई को पता चल जाएगा कि कैसे फंसाया गया साध्वी प्रज्ञा सिंह के वकील जेपी मिश्रा ने बताया- 19 अप्रैल को केस आर्गुमेंट से क्लोज हुआ। कोर्ट ने आज 8 मई को केवल सभी आरोपियों को हाजिर रहने के लिए कहा था। सभी ने हाजिरी लगाई। दीदी (प्रज्ञा) भी मौजूद रहीं। अब 31 जुलाई को जजमेंट आएगा। कोई सबूत हो या न हो, जो प्रॉसिक्यूट करता है, वह कहता है कि सबको सजा दो। हम कहते हैं, सबको छोड़ दो। कोर्ट सबूतों के आधार पर डिसाइड करता है कि छोड़ना है या सजा देना है। उन्होंने कहीं नहीं कहा कि कैपिटल पनिशमेंट दो। फांसी दो, कहीं नहीं है। 31 जुलाई को जजमेंट आएगा तो दुनिया को मालूम पड़ जाएगा कि कौन निर्दोष है और आरोपियों को कैसे फंसाया गया। मिश्रा ने कहा- केस में 17 साल लगे, इसके लिए हम लोग जिम्मेदार नहीं हैं, प्रॉसिक्यूशन जिम्मेदार है। झूठा मकोका लगाया। सुप्रीम कोर्ट ने मकोका कैंसिल किया। इसमें 8 साल लग गए। नौ-नौ साल तक लोगों को जेल में रखा गया। ये उस समय के एटीएस की बदमाशी थी, नहीं तो इतना समय नहीं लगता। 323 गवाहों में से 32 ने बदल दिए थे बयान नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी ने अदालत से आरोपियों के साथ किसी भी तरह की नरमी न बरतने का आग्रह किया था। हालांकि, सुनवाई के दौरान 323 गवाहों में से 32 ने अपने बयान वापस ले लिए थे।

उज्जैन में युवतियों के साथ हैवानियत के आरोपियों का पुलिस ने जुलूस निकाला

उज्जैन उज्जैन के बिछड़ौद में नाबालिग लड़कियों को फंसा उनके साथ गंदी साजिश करने वाले आरोपियों का पुलिस ने गुरूवार को जुलूस निकाला। इस दौरान वहां भारी सुरक्षा बल मौजूद था। बता दें कि बिछड़ौद के लोगों की मांग थी कि जिन आरोपियों ने उनकी बहन बेटियों को झांसे में ले दोस्ती की और उनके अश्लील वीडियो बनाए उनका गांव में जुलूस निकाला जाए। पुलिस को आरोपियों के मोबाइल से 9 लड़कियों के 16 अश्लील वीडियो और फोटो मिले हैं। फिलहाल पुलिस गंभीरता से मामले की जांच कर रही है। 9 लड़कियों के 16 वीडियो फोटो आए सामने बता दे कि, आरोपी(Ujjain Love Jihad) इकरार, उजैर पठान, राजा रंगरेज, जुबेर मंसूरी, जुनेद मंसूरी, फेज खान को कोर्ट में पेश कर एक दिन के रिमांड पर लिया है। पुलिस का कहना है कि सभी आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। उनके गिरोह में और कितने युवक शामिल हैं। साथ ही एक-एक आरोपी के मोबाइल डेटा सहित उनका सोशल प्लेटफार्म प्रोफाइल खंगाला जा रहा है। आशंका है कि आरोपियों ने इसी तरह गांव व आसपास की अन्य लड़कियों को भी टॉरगेट किया हो। अब तक 7 आरोपियों के मोबाइल से गांव की 9 लड़कियों के 16 वीडियो और अश्लील फोटो मिले हैं। इसमें एक महिला का वीडियो भी सामने आया है। वहीं चार लड़कियों की शिकायत पर एफआइआर दर्ज हो सकी। पुलिस ने किया था शॉर्ट एनकाउंटर बुधवार तड़के 4 बजे लव जिहाद मामले में आरोपा फरमान मंसूरी ने बहाने से पुलिस आरक्षक की राइफल छीनकर दो फायर कर भागने की कोशिश की, लेकिन पुलिस पुलिस शॉर्ट एनकाउंटर कर उसके पैर के नीचले हिस्से में गोली मारी और उसे पकड़ लिया।

बुंदेलखंड में पली-बढ़ी कर्नल सोफिया कुरैशी, इस स्कूल में हासिल की प्राथमिक शिक्षा, तीन पीढ़ियों से सेना में कुरैशी खानदान

 छतरपुर  भारतीय सेना ने बीती रात पाकिस्तान में अलग-अलग 9 ठिकानों में एयर स्ट्राइक कर जवाबी हमला किया। इस हमले की जानकारी देने के लिए सेना ने बुधवार की सुबह प्रेस ब्रीफिंग की। प्रेस को ब्रीफ करने के दौरान सेना में कर्नल सोफिया कुरैशी (Sophia Qureshi), विंग कमांडर व्योमिका सिंह (Vyomika Singh) के साथ विदेश सचिव विक्रम मिस्त्री मौजूद रहे। प्रेस ब्रीफिंग करने वाली कर्नल सोफिया कुरैशी का संबंध छतरपुर के नौगांव बुंदेलखंड (Madhya Pradesh) से है। कर्नल सोफिया कुरैशी का जन्म 1976 में पुणे में हुआ। जन्म के बाद सोफिया के पिता परिवार को लेकर मध्य प्रदेश के छतरपुर के नौगांव में शिफ्ट हो गए। इनका पुस्तैनी मकान नौगांव में ही है। सोफिया ने प्राथमिक शिक्षा नौगांव में ही हासिल की। उन्होंने पहली से तीसरी कक्षा तक नौगांव के जीटीसी स्कूल से पढ़ाई की। कर्नल सोफिया नौगांव में पली बढ़ी। पिता फौज में होने के कारण उनका स्थानांतरण होता रहा। कर्नल सोफिया कुरैशी का नाम चर्चा में आते ही मध्य प्रदेश का सीना भी गर्व से फूल गया। जैसे ही ऑपरेशन सिंदूर के बाद सेना की प्रेस ब्रीफिंग हुई और सोफिया कुरैशी ने पत्रकारों को संबोधित किया तो पूरे नौगांव के साथ ही प्रदेशभर में खुशी की लहर दौड़ गई। चचेरे भाई मोहम्मद रिजवान कुरैशी ने बताया कि सोफिया ने नौगांव के शासकीय आदर्श प्राथमिक शाला जीटीसी में पढ़ाई की है। वहीं रिजवान कुरैशी ने पहलगाम आतंकी हमले की निंदा की और ऑपरेशन सिंदूर की तारीफ की। उन्होंने कहा कि भारत ने मुहंतोड़ जवाब दिया है। हमें गर्म है। सोफिया कुरैशी ने बड़ौदा में आगे की पढ़ाई कर सेना ज्वाइन की। सोफिया की शादी सेना में कर्नल तजुद्दीन से हुई है। सोफिया के पिता ताज मोहम्मद कुरैशी भी आर्मी में थे। पिता से लेकर चाचा, दादा, चचेरी बहन और चचेरा भाई सेना के माध्यम से देश की सेवा कर रहे हैं। मिशन पूरा हुआ, कैसा लगा, धमाका कर दिया न। कर्नल सोफिया कुरैशी का जन्म रंगरेज मोहल्ले में 12 दिसंबर 1975 को हुआ। उनकी प्राथमिक शिक्षा नौगांव के शासकीय जीटीसी प्राथमिक स्कूल से हुई। नौगांव में उनके चाचा का परिवार रहता है। बहन ने परिवार का सम्मान बढ़ाया सोफिया के चचेरे भाई मैकेनिकल इंजीनियर मोहम्मद रिजवान ने दैनिक भास्कर से बात करते हुए कहा, सोफिया कर्नल बन चुकी है। उसने नौगांव में रहकर एक से पांच तक जीटी स्कूल में पढ़ाई की। नौगांव शहर के लोगों को बेटी पर गर्व है। रिजवान ने कहा, भारतीय सेना ने पाकिस्तान को जो मुंहतोड़ जवाब दिया है, उससे हर भारतीय का सिर गर्व से ऊंचा हो गया है। पूरी दुनिया को आपरेशन सिंदूर की जानकारी बहन सोफिया ने दी, इससे परिवार का सम्मान और बढ़ गया है। आतंकवादियों ने हमारे टूरिस्ट्स को मारा था। भारत ने 9 आतंकी ठिकानों पर मिसाइल दागी हैं। यह बहुत जरूरी था। पुलवामा आतंकी हमले में भी हमारे कई जवान शहीद हुए थे। भारत ने बहुत सुन लिया, अब हमारी सेना मुंहतोड़ जवाब दे रही है। सोफिया का पूरा परिवार भारतीय सेना में सोफिया के पिता ताज मुहम्मद कुरैशी बीएसएफ में सूबेदार के पद से रिटायर्ड हैं। उनके चाचा इस्माइल कुरैशी और वली मुहम्मद भी बीएसएफ में सूबेदार रहे हैं। पिता की नौकरी के कारण सोफिया की आगे की पढ़ाई बड़ौदा और रांची में हुई। बड़ौदा में पढ़ाई पूरी होने के बाद सोफिया का चयन भारतीय सेना में हुआ। वे लेफ्टिनेंट से कैप्टन, फिर झांसी में मेजर और गांधीनगर में लेफ्टिनेंट कर्नल के पद पर रहीं। वर्तमान में वे कर्नल के पद पर सेवारत हैं। उनके पति ताजुद्दीन कुरैशी भी सेना में मेजर हैं। ‘बेटी ने बहनों-माताओं के सिंदूर का बदला लिया’ सोफिया के पिता ताज मोहम्मद कुरैशी ने कहा, हमारी बेटी ने देश के लिए बहुत बड़ा काम किया है, हमें उस पर गर्व है। पाकिस्तान को नष्ट कर देना चाहिए। मेरे दादा, पिता और मैं सभी सेना में था। अब बेटी सेना में है। मां हलीमा कुरैशी ने कहा, बेटी ने बहनों और माताओं के सिंदूर का बदला ले लिया है। सोफिया पिता और दादा के पदचिह्नों पर चलना चाहती थीं। बचपन में ही कहती थी कि सेना में जाना है। सोफिया ने पहले भी किया देश का नेतृत्व सोफिया ने 2016 में एक्सरसाइज फोर्स-18 में भारतीय टीम का नेतृत्व किया। यह भारत का सबसे बड़ा विदेशी सैन्य अभियान था। इसमें वह एकमात्र महिला कमांडर थीं। सोफिया ने 6 साल तक संयुक्त राष्ट्र के शांति रक्षा अभियानों (Peacekeeping Operations) में सेवा दी। नौगांव से सोफिया का रिश्ता मल्टीनेशनल फील्ड ट्रेनिंग एक्सरसाइज में भारतीय सेना का नेतृत्व कर चुकीं सोफिया कुरैशी का जन्म नौगांव के रंगरेज मोहल्ले में हुआ. उनके पिता ताज मोहम्मद कुरैशी BSF में सूबेदार के पद से रिटायर हुए हैं. सोफिया का जन्म 12 दिसंबर 1975 को हुआ. उनकी प्राथमिक शिक्षा नौगांव के शासकीय जीटीसी प्राथमिक स्कूल में हुई. इसके बाद उनके पिता का स्थानांतरण बड़ौदा, रांची और फिर बड़ौदा हुआ, जिसके कारण सोफिया की शिक्षा तमाम स्थानों पर हुई. सोफिया के चाचा इस्माइल कुरैशी और वली मोहम्मद भी बीएसएफ में सूबेदार के पद पर कार्यरत थे, जबकि उनके पिता ताज मोहम्मद भी सेना से रिटायर हुए. इस कारण उनके घर में शुरू से ही देशभक्ति का माहौल रहा. सेना में जाने की प्रेरणा सोफिया को उनके परिवार से मिली. सोफिया कुरैशी ने बड़ौदा में प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण होकर सेना में चयन प्राप्त किया. इसके बाद वे लेफ्टिनेंट बनीं, फिर पदोन्नति के साथ कैप्टन, झांसी में मेजर और गांधीनगर में लेफ्टिनेंट कर्नल के रूप में कार्यरत रहीं. वर्तमान में वे कर्नल के पद पर सेना में देश की सेवा कर रही हैं.

पूछताछ के बाद फर्जी डॉक्टर नरेंद्र को वापस दमोह लाया गया और जिला जेल भेज दिया

दमोह दमोह मिशन अस्पताल में सात मौत के आरोपी डॉ. नरेंद्र यादव उर्फ एन जॉन कैम को छत्तीसगढ़ से वापस दमोह जेल लाया गया है। छत्तीसगढ़ के पूर्व विधानसभा अध्यक्ष राजेंद्र शुक्ल के गलत इलाज से हुई मौत का आरोप भी डॉ. कैम पर लगा था, जिसे बिलासपुर पुलिस चार दिन की रिमांड पर दमोह से अपने साथ लेकर गई थी। वहां से पूछताछ के बाद उसे वापस दमोह लाया गया और जिला जेल भेज दिया गया। हालांकि, डॉक्टर का हर बार यही जवाब है कि उसे न्यायालय पर भरोसा है। बता दें कि मिशन अस्पताल में सात मौत के आरोपी डॉ. नरेंद्र यादव को जब पुलिस प्रयागराज से गिरफ्तार कर लाई थी। उसके बाद उसे दस दिन की रिमांड पर दमोह पुलिस ने लिया था। लगातार पूछताछ के बाद डॉक्टर से कई अहम सुराग लगे थे। इसी बीच छत्तीसगढ़ के पूर्व विधानसभा अध्यक्ष राजेंद्र शुक्ल की मौत का मामला भी सामने आया था। परिजनों ने बताया था कि 2006 में इसी डॉक्टर के इलाज से शुक्ला की मौत हुई थी, जिसके बाद बिलासपुर के सरकंडा थाने में आरोपी डॉक्टर यादव पर मामला दर्ज हुआ था। इधर, दस दिन की रिमांड खत्म होने के बाद डॉक्टर नरेंद्र को एक मई तक जेल भेज दिया गया था। दोबारा न्यायालय आने पर छत्तीसगढ़ पुलिस ने आरोपी को साथ ले जाने चार दिन की रिमांड ली थी और डॉक्टर को बिलासपुर ले जाया गया था। जहां से पूछताछ के बाद चार दिन की रिमांड खत्म होने पर बिलासपुर से वापस दमोह लाया गया। दमोह पहुंचने पर उसे जेल भेजा गया, अब उसे 14 मई को फिर से न्यायालय में पेश किया जाएगा। बंद हो गया मिशन अस्पताल डॉक्टर के इलाज से हुई सात मौत के मामले के बाद प्रशासन से मिशन अस्पताल के कैथ लैब सील करने के बाद उसका लाइसेंस निलंबित कर दिया था। उसके बाद अस्पताल बंद हो गया, यहां अब मरीजों का कोई इलाज नहीं किया जाता।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हेलीकॉप्टर दुर्घटना में तीर्थ यात्रियों की मृत्यु पर शोक जताया

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उत्तराखंड के उत्तरकाशी में हुई हेलीकॉप्टर दुर्घटना में तीर्थ यात्रियों की असामयिक मृत्यु पर गहन शोक व्यक्त किया है। जानकारी के मुताबिक यह हेलीकॉप्टर गंगोत्री धाम जा रहा था, जो गंगनानी के पास अचानक हादसे का शिकार हो गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरुवार को सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर कहा कि राज्य सरकार इस मुश्किल वक्त में शोकाकुल परिजन के साथ है। उन्होंने ईश्वर से इस गहन दु:ख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाबा महाकाल से दिवंगतों की आत्मा की शांति एवं घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की प्रार्थना की है।  

मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने विश्व रेडक्रॉस दिवस पर मानवता के सेवकों को किया नमन

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को विश्व रेडक्रॉस दिवस 2025 के अवसर पर किसी भी संकट की घड़ी में मानवता की सेवा में तत्पर स्वयंसेवकों को सादर नमन किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर कहा कि विश्व बंधुत्व और मानव कल्याण की भावना से कार्य करने वाले ये स्वयंसेवक समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। उन्होंने कहा कि रेडक्रॉस के स्वयंसेवक विपरीत परिस्थितियों में भी मानव जीवन की रक्षा और सहायता के लिए प्रतिबद्ध रहते हैं। संकट में फंसे नागरिकों को राहत पहुंचाना , जीवन रक्षक सहायता देना और सामाजिक समरसता बनाए रखना इनका परम कर्तव्य है। ऐसे सेवाभावी लोग मानवता के सच्चे प्रहरी हैं। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी नागरिकों से अपील की है कि वे समाज सेवा के कार्यों में आगे आएं और जरूरतमंदों की सहायता करें। विश्व रेडक्रॉस दिवस हर साल 8 मई को मनाया जाता है, जो रेडक्रॉस के संस्थापक हेनरी ड्यूनेंट की जयंती का प्रतीक है। यह दिन मानव सेवा, करुणा और दया के मूल्यों को सम्मानित करने का अवसर प्रदान करता है।  

मुख्यमंत्री मकरोनिया में 1119 जोड़ों के सामूहिक विवाह सम्मेलन में हुए वर्चुअली शामिल

सामूहिक विवाह सामाजिक समरसता का प्रतीक : मुख्यमंत्री डॉ. यादव समाज में आ रहा सकारात्मक बदलाव प्रशंसनीय: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री मकरोनिया में 1119 जोड़ों के सामूहिक विवाह सम्मेलन में हुए वर्चुअली शामिल नवविवाहित जोड़ों को सफल वैवाहिक जीवन का दिया आशीर्वाद भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सामूहिक विवाह कार्यक्रम समाज में समरसता, एकता और मितव्ययिता का उत्कृष्ट उदाहरण हैं। उन्होंने कहा कि एक ही मंडप में कई जोड़ों का विवाह होना सामाजिक चेतना और बदलती सोच का प्रतीक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरुवार को मुख्यमंत्री निवास से सागर जिले की नरयावली विधानसभा क्षेत्र के ग्राम रजाखेड़ी बजरिया (मकरोनिया) में सम्पन्न सामूहिक विवाह सम्मेलन में वर्चुअली शामिल हुए। मुख्यमंत्री कन्यादान योजना में हुए सामूहिक विवाह सम्मेलन में कुल 1119 जोड़ों का एक ही मंडप में विवाह कराया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद दिया और उनके सुखद वैवाहिक जीवन की कामना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अब सामूहिक विवाह समाज द्वारा प्रसन्नतापूर्वक सहजता से अपनाए जा रहे हैं, जो यह दर्शाता है कि हमारे समाज की मानसिकता में सकारात्मक परिवर्तन हो रहा है। यह बेहद प्रशंसनीय और अनुकरणीय है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के वैवाहिक आयोजनों से वर-वधू दोनों ही पक्षों का आर्थिक बोझ कम हो जाता है और इससे सामाजिक एकता को भी बल मिलता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी से आत्मीय अपील की कि हम सब इसी प्रगतिशील सोच को अपनाएं और समाज में सद्भाव, सहयोग एवं सादगी को प्रोत्साहित करें। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कन्यादान योजना से अब तक लाखों जोड़ों का विवाह कराया जा चुका है। यह योजना जरुरतमंद परिवारों के लिए एक वरदान की तरह है। उन्होंने वर-वधू से कहा कि वे सरकार की सभी योजनाओं का लाभ लेकर अपने उज्ज्वल भविष्य की ओर आगे बढ़ें। हमारी सरकार सबके रोजगार और सबके हितों की चिंता कर रही है। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में वर-वधू को आशीर्वाद देने के लिए श्री हितानंद शर्मा विशेष रूप से उपस्थित थे। खजुराहो सांसद श्री विष्णु दत्त शर्मा ने वर-वधू को आशीर्वाद देते हुए कहा कि समाज के जरुरतमंद परिवारों की बेटियों का विवाह का जिम्मा अब सरकार ने ले लिया है। बेटियों के हित में पूरी सरकार साथ हैं। मध्यप्रदेश सरकार ने देश में एक मिसाल पेश की है। यहां धन के अभाव के कारण किसी गरीब परिवार को अपनी बेटी के विवाह के लिए क़र्ज़ नहीं लेना पड़ता। यहां सरकार कन्यादान योजना में अपने खर्च पर बेटियों का विवाह कराती है। कार्यक्रम स्थल से उप मुख्यमंत्री एवं सागर जिले के प्रभारी मंत्री श्री राजेन्द्र कुमार शुक्ल ने कहा कि मुख्यमंत्री कन्यादान विवाह योजना एक अत्यंत महत्वाकांक्षी योजना है। इससे समाज में व्यापक स्तर पर बदलाव देखने को मिला है। उन्होंने सभी जोड़ों को आशीर्वाद देते हुए बताया कि आज ही सभी जोड़ों के खाते में योजना में कुल 6 करोड़ 37 लाख रुपए की धनराशि हस्तांतरित की जा रही है। सम्मेलन के आयोजक नरयावली विधायक इंजीनियर प्रदीप लारिया ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि सबके सहयोग से मुख्यमंत्री कन्यादान योजना में इस सामूहिक सम्मेलन में कुल 1119 जोड़ों का विधिवत विवाह संपन्न कराया गया है। कार्यक्रम स्थल में खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता अधिकार संरक्षण मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत, विधायक सागर श्री शैलेंद्र जैन, विधायक बीना श्रीमती निर्मला सप्रे, विधायक बंडा श्री वीरेंद्र लंबरदार, अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधिगण, वर-वधू और बड़ी संख्या में उनके परिजन भी उपस्थित थे। जनप्रतिनिधिगण, वर-वधू और बड़ी संख्या में उनके परिजन भी उपस्थित थे।  

राजस्व विभाग ने पटवारियों के लिए अलग तबादला नीति की जारी, लोकायुक्त केस वालों का नहीं होगा ट्रांसफर

भोपाल मध्यप्रदेश शासन के राजस्व विभाग ने पटवारियों के अंतर्जिला संविलियन के लिए नई नीति 2025 जारी की है, जिसमें कई नई शर्तें और प्रक्रियाएं निर्धारित की गई हैं। इस नीति के तहत पटवारी अब अपनी गृह तहसील में पदस्थ नहीं हो सकेंगे और एक बार जिला आवंटित हो जाने के बाद उसमें कोई बदलाव भी संभव नहीं होगा। नीति में यह भी उल्लेख है कि यदि संविलियन आदेश जारी होने के 15 दिनों के भीतर पटवारी उपस्थिति नहीं देता है, तो आदेश निरस्त माना जा सकता है। संविलियन प्रक्रिया पर विभाग का निर्णय अंतिम और बाध्यकारी होगा। पटवारी को एक बार जिला मिलने के बाद उसे उस जिले में उपस्थिति देनी ही पड़ेगी जिसके लिए उसने अप्लाई किया है। उस जिले में भी खाली पद होने की स्थिति में ही ट्रांसफर किया जाएगा। राजस्व विभाग ने ये साफ कर दिया है कि आरक्षण नियमों के अनुसार ही ट्रांसफर किए जाएंगे। तीन साल बाद तबादलों से हटी रोक आपको बता दें कि मध्य प्रदेश में आखिरी बार तबादला नीति 2021-22 में लागू की गई थी। उसके बाद अब तक कोई नई नीति नहीं आई है। अब डॉ मोहन सरकार में नई तबादला नीति 2025 लागू होगी। इस ट्रांसफर पॉलिसी को सामान्य प्रशासन विभाग ने तैयार किया है, जिसे कैबिनेट की मंजूरी मिल चुकी है। पटवारी परीक्षा 2022 के परिणाम 16 फरवरी 2024 से पहले नियुक्त पटवारी ही सामान्य स्थिति में संविलियन के लिए पात्र होंगे। इसके बाद नियुक्त पटवारी केवल विशेष परिस्थितियों जैसे पति/पत्नी का शासकीय पदस्थापन, गंभीर बीमारी या आपसी आधार पर ही आवेदन कर सकेंगे। संविलियन के बाद जिला कलेक्टर द्वारा तहसील में पदस्थापना की जाएगी, लेकिन गृह तहसील में किसी भी पटवारी की पदस्थापना नहीं की जाएगी। ऑनलाइन आवेदन करना होगा आवेदन केवल ऑनलाइन माध्यम से स्वीकार किए जाएंगे। इसके लिए उनको आयुक्त भूअभिलेख को  ऑनलाइन देना होगा। ऑफलाइन आवेदन या दस्तावेज स्वीकार नहीं होंगे। आवेदन में विशिष्ट श्रेणी जैसे चयन का वर्ग एससी, एसटी, ओबीसी, ईडब्ल्यूएस, अनारक्षित एवं उपवर्ग ओपन, महिला, भूतपूर्व सैनिक, दिव्यांग बताना होगा। संविलियन उन्हीं जिलों में होगा, जहां रिक्त पद उपलब्ध होंगे और आरक्षण नियमों एवं जिला रोस्टर का पालन किया जाएगा। एक बार जिला आवंटित हो जाने पर फिर से जिला परिवर्तन की अनुमति नहीं होगी और पटवारी को अनिवार्यतः कार्यभार ग्रहण करना होगा। नवीन जिले में कार्यभार ग्रहण करने के बाद पटवारी की वरिष्ठता उसकी प्रथम नियुक्ति तिथि से मानी जाएगी और विभागीय दायित्व भी वहीं से होंगे। तबादले के लिए ऐसे आवेदन कर सकेंगे पटवारी     तबादले के लिए आवेदन करने वाले पटवारी आयुक्त भू-अभिलेख को ऑनलाइन प्रक्रिया के आवेदन करेंगे।     आवेदन में अपनी विशिष्ट श्रेणी जैसे चयन का वर्ग एससी, एसटी, ओबीसी, ईडब्ल्यूएस, अनारक्षित तथा उपवर्ग ओपन, महिला, भूतपूर्व सैनिक दिव्यांग की स्थिति बतानी होगी।     तबादले के लिए कोई ऑफलाइन दस्तावेज स्वीकार नहीं होंगे।     जिले के पटवारियों के ऑनलाइन आवेदन में दी गई जानकारी का सत्यापन जिला कलेक्टर द्वारा ऑनलाइन ही किया जाएगा।     आवेदन पत्रों की जांच के बाद संविलियन के लिए पात्र और अपात्र आवेदकों की सूची आयुक्त भू-अभिलेख मप्र ‌द्वारा तैयार की जाकर विभाग को भेजी जाएगी। संविलियन आदेश राज्य शासन के अनुमोदन से आयुक्त भू-अभिलेख द्वारा जारी किए जाएंगे। संविलयन के लिए इन शर्तों का पालन जरूरी     जिस जिले में संविलयन चाहा गया है, उस जिले में संबंधित वर्ग के रिक्त पद उपलब्ध होने की स्थिति में ही संविलयन किया जाएगा।     आरक्षण के प्रावधानों एवं जिला आरक्षण रोस्टर के परिपालन में ही संविलयन किया जा सकेगा।     आदेश जारी होने के 15 दिन के भीतर पटवारी को संविलयन किये गये जिले में उपस्थिति देनी होगी।     जिले के अंदर पदस्थापना जिला कलेक्टर द्वारा की जाएगी परंतु किसी भी पटवारी को उसके गृह तहसील में पदस्थ नहीं किया जायेगा।     संविलियन आदेश में किसी भी प्रकार के संशोधन की अनुमति नहीं होगी।     संविलियन पर एक बार जिला आवंटित हो जाने पर पुनः जिला परिवर्तन की पात्रता नहीं होगी।     प्रशासनिक कारणों से किए गए संविलियन में ही पटवारी ‌द्वारा नए जिले में पदभार ग्रहण करने पर उस जिले की संधारित सूची में पटवारी की वरिष्ठता की गणना उसकी संवर्ग में प्रथम नियुक्ति दिनांक से की जाएगी। उधर, डीजीपी ने निरस्त किया रीवा आईजी का आदेश डीजीपी कैलाश मकवाना ने रीवा रेंज के आईजी गौरव राजपूत का आदेश निरस्त कर दिया। उन्होंने 1 मई को एसपी रीवा, सीधी, सतना, मैहर, मऊगंज, सिंगरौली को आदेश जारी किया था। कहा था कि चौकी प्रभारियों, सहायक उपनिरीक्षकों के साथ सब इंस्पेक्टरों और निरीक्षकों के कोई भी तबादले बगैर उनके अनुमोदन के नहीं किए जाएंगे। डीजीपी ने इस आदेश को निरस्त करते हुए कहा है कि यह निर्देश सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी तबादला नीति की कंडिका 8 में तय किए गए प्रावधानों के विरुद्ध है इसलिए आईजी रीवा के निर्देश निरस्त किए जाते हैं।

ग्वालियर :अस्पताल में जिस यूनिट की ड्यूटी इमरजेंसी में रहेगी, वह संपूर्ण यूनिट अलर्ट मोड पर रहेगी

ग्वालियर पाकिस्तान से लड़ाई की आशंका के बीच एमपी के ग्वालियर शहर में आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए जेएएच में तैयारी शुरू हो गई है। अस्पताल में जिस यूनिट की ड्यूटी इमरजेंसी में रहेगी, वह संपूर्ण यूनिट अलर्ट मोड पर रहेगी। इस संबंध में जीआरएमसी के डीन डॉ. आरकेएस धाकड़ ने कॉलेज के बोर्ड रूम में निर्देश दिए कि सभी विभागाध्यक्ष, संबंधित इंचार्ज एवं अस्पताल प्रबंधन से जुड़े सभी अधिकारी एवं कर्मचारी अपना फोन 24 घंटे चालू रखेंगे। पानी, बिजली और अग्नि सुरक्षा के लिए अलग-अलग दल गठित किए जाएं। जेएएच के अधीक्षक डॉ. सुधीर सक्सेना और सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक अधीक्षक डॉ. गिरजाशंकर गुप्ता को निर्देश दिए कि आईसीयू व वार्ड में उपलब्ध बिस्तरों की संख्या के साथ प्रतिदिन भर्ती और डिस्चार्ज होने वाले मरीजों की जानकारी उपलब्ध कराएं। ट्रॉमा के एक्सटेंशन की करें व्यवस्था आपात स्थिति में ट्रॉमा का एक्सटेंशन किस स्थान पर एवं कितनी संख्या में किया जा सकता है, इसकी तैयारी करके रखें। चिकित्सालय के सभी विभागों-वार्डों में इमरजेंसी दवाओं एवं अन्य आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करें। चिकित्सालय में ऑक्सीजन की पर्याप्त उपलब्धता एवं अन्य वैकल्पिक व्यवस्थाएं सुनिश्चित किया जाना एवं मैनी फोल्ड संबंधित सभी व्यवस्था सुदृढ़ रखी जाएं। एंबुलेंस के साथ स्ट्रेचर की रखें व्यवस्था अस्पताल की सभी एंबुलेंस तैयार रखें। जो एंबुलेंस संचालन की स्थिति में नहीं हैं, उन्हें ठीक कराकर संचालन में लिया जा सकता है तो तत्काल ठीक कराएं। वहीं स्ट्रेचर पॉइंटों पर स्ट्रेचर तैयार रखें। कोई भी अधिकारी, कर्मचारी, डॉक्टर बिना अधोहस्ताक्षरकर्ता की लिखित अनुमति के मुख्यालय से बाहर नहीं जांएगे।

इंदौर – आपातकालीन स्थिति की तैयारियां तेज, सभी अस्पतालों की छतों पर बने रेडक्रॉस के निशान

 इंदौर एमपी के इंदौर शहर में देश में आपात स्थिति के साथ ही 8 मई को रेडक्रॉस डे होने पर शासन से मिले निर्देश के बाद एमवायएच सहित इंदौर शहर के 253 अस्पतालों की छत पर रेडक्रॉस की प्रतिकृति बनाई गई। 8 मई को रेडक्रॉस डे मनाया जाता है। वहीं फिलहाल आपात स्थिति को देखते हुए यह निर्देश दिए गए हैं। सीएमएचओ डॉ. बीएस सैत्या ने बताया कलेक्टर की तरफ से यह निर्देश प्राप्त हुए, जिसके बाद सभी अस्पतालों को सूचना दी गई। क्यों बनाया जाता है रेडक्रॉस का साइन अस्पतालों की छत पर रेडक्रॉस का साइन इसलिए बनाया जाता है ताकि यह स्पष्ट रूप से दर्शाया जा सके कि यह एक स्वास्थ्य सुविधा है। इसका उद्देश्य केवल घायलों का इलाज करना है। रेडक्रॉस का साइन एक अंतरराष्ट्रीय प्रतीक है जिसे जिनेवा संधियों के तहत मान्यता प्राप्त है। हवाई सेनाओं को सूचित करता है कि यहां केवल चिकित्सा कार्य हो रहे हैं। प्रथम व द्वितीय विश्व युद्ध हो चुकी है मॉकड्रिल प्रथम व द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान भी इंदौर में मॉकड्रिल व ब्लैक आउट हो चुका है। इतिहासकार जफर अंसारी ने बताया कि प्रथम विश्व युद्ध व द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान यह हुआ था। इसके बाद आजादी के बाद हुए दो युद्धों के दौरान भी ब्लैक आउट व मॉकड्रिल किया गया था। प्रथम विश्व युद्ध के दौरान महाराजा बड़वानी को फ्रांस एंबुलेंस कोर में पोस्ट किया गया था। इंदौर में प्रथम विश्व युद्ध के दौरान मिल संचालकों व साहूकारों ने बड़ी सहायता भेजी थी। द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान 1943 में ब्लैक आउट हुआ था व मॉकड्रिल भी हुई थी। उस दौरान महाराजा यशवंत राव होलकर ने इसे आयोजित कराई थी। रियासत के अंदर हवाई हमले, युद्ध से बचने के लिए लोगों को जागरूक किया था।

बोर्ड परीक्षा के रिजल्ट में दमोह मेरिट सूची में सबसे अंतिम पायदान पर आया, अब टीचर देंगे एग्जाम

दमोह दमोह जिला बोर्ड परीक्षा के रिजल्ट में फिर पिछड़ गया है। इस बार प्रदेश की मेरिट सूची में सबसे अंतिम पायदान पर आया है, जिसके बाद अब कलेक्टर ऐसे शिक्षकों पर शिकंजा कंसने जा रहे हैं, जिन स्कूलों का रिजल्ट 30 प्रतिशत से कम रहा है। अब शिक्षकों को खुद की परीक्षा देनी होगी और 50 प्रतिशत अंकों के साथ पास होना भी जरूरी है। इन शिक्षकों की परीक्षा जून माह में आयोजित होगी जिसके लिए कलेक्टर सुधीर कोचर ने आदेश भी जारी कर दिया है। इसकी तैयारी अभी से चालू हो गई है। पहले चरण में स्कूलों की सूची तैयार की जा रही है। इनमें पढ़ाने वाले शिक्षकों की विषयवार परीक्षा 8 जून को होगी। बता दें कि कक्षा दसवीं एवं बारहवीं का परीक्षा परिणाम मंगलवार को घोषित किया गया था, जिसमें दमोह जिले का 10वीं और 12वीं का रिजल्ट सबसे अंतिम स्थान यानी 52वें नंबर पर रहा। इससे पहले 2024 में भी यही स्थिति थी। प्रदेश स्तर पर दमोह जिला पिछड़ा था। इस पर अब ऐसे स्कूलों के विषय विशेषज्ञ शिक्षकों की परीक्षा ली जा रही है, जिनका परीक्षा परिणाम 30 प्रतिशत से कम रहा। इनमें पढ़ाने वाले शिक्षक योग्य हैं कि नहीं इसका आंकलन परीक्षा के माध्यम से होगा। इसका बकायदा सिलेबस तैयार किया जा रहा है और बोर्ड परीक्षा के तर्ज पर शिक्षकों की परीक्षा भी होगी। इस संबंध में कलेक्टर ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को पत्र जारी कर सूचित किया है। पत्र में कहा गया है कि हायर सेकेंडरी, हाईस्कूल के परीक्षा परिणाम में अनेक शिक्षकों के परीक्षा परिणाम 30 प्रतिशत से कम आए हैं। ऐसे शिक्षकों की परीक्षा आठ जून को आयोजित की जानी है। परीक्षा में शिक्षक पुस्तक के साथ शामिल हों तथा प्रत्येक शिक्षक को न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक के साथ पास होना आवश्यक है अन्यथा संबंधित के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई प्रस्तावित की जाएगी। बैठक में रिजल्ट की समीक्षा होगी बता दें कि जिले में हायर सेकेंडरी एवं हाईस्कूल में लगभग 1200 शिक्षक शिक्षिकाएं पदस्थ हैं। इनमें अंग्रेजी, गणित, हिंदी, संस्कृत, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान सहित सभी विशेषज्ञों की सूची तैयार कराई जानी है, जिनके विषय में रिजल्ट 30 प्रतिशत से कम रहा है। ऐसे शिक्षकों को परीक्षा में बुलाया जाएगा। यदि ये शिक्षक परीक्षा में पास नहीं हो पाते हैं तो अनुशासनात्मक कार्रवाई प्रस्तावित की जाएगी। जिला शिक्षा अधिकारी एसके नेमा ने बताया कि जल्द ही सभी प्राचायों की बैठक बुलाकर रिजल्ट की समीक्षा की जाएगी, जिसमें जिम्मेदारी तय होगी। 

मध्य प्रदेश में ओले, बारिश और आंधी का दौर जारी, 6 जिलों में बारिश के साथ ओले भी गिरने का अनुमान

भोपाल मध्य प्रदेश का मौसम बदला हुआ है लगातार प्रदेश में बारिश ओले गिर रहे हैं। मौसम विभाग का कहना है कि प्रदेश के ऊपर दो साइक्लोनिक सर्कुलेशन, एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस और एक टर्फ एक्टिव है। इस वजह से ओले, बारिश और आंधी का दौर चल रहा है। गुरुवार को भी ऐसा मौसम रहेगा। पश्चिमी हिस्से यानी, इंदौर संभाग के 6 जिलों में बारिश के साथ ओले भी गिर सकते हैं। इनमें खंडवा, खरगोन, बड़वानी, धार, अलीराजपुर और झाबुआ शामिल हैं। वहीं, इंदौर, जबलपुर समेत 22 जिलों में तेज आंधी का अलर्ट है। इनमें श्योपुर, मुरैना, भिंड, नीमच, मंदसौर, रतलाम, आगर-मालवा, उज्जैन, देवास, शाजापुर, पांढुर्णा, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर, शहडोल, सिंगरौली में है। कई जिलों के तापमान में आई गिरावट बुधवार को प्रदेश के मौसम का मिजाज बदला रहा। कई जिलों में बारिश हुई और आंधी चली। जिससे दिन के तापमान में भी गिरावट हुई है। इंदौर में पारे में 3.8 डिग्री की गिरावट के बाद 28.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इंदौर पचमढ़ी से भी ठंडा रहा। पचमढ़ी में तापमान 29.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे कम रहा। किसी भी शहर में तापमान 40 डिग्री के पार नहीं पहुंचा। नरसिंहपुर में सबसे ज्यादा 39.6 डिग्री पहुंचा। खजुराहो में 39.4 डिग्री, रीवा में 38.5 डिग्री, सीधी-मंडला में 38.4 डिग्री, उमरिया में 38.1 डिग्री और शिवपुरी-सतना में 38 डिग्री दर्ज किया गया। बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में 31.4 डिग्री, ग्वालियर में 37 डिग्री, उज्जैन में 29 डिग्री और जबलपुर में पारा 36.8 डिग्री सेल्सियस रहा। इसलिए बदला प्रदेश का मौसम मौसम विभाग की सीनियर वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि वेस्टर्न डिस्टरबेंस, टर्फ और साइक्लोनिक सर्कुलेशन की वजह से प्रदेश में मौसम बदला हुआ है। गुरुवार को कई जिलों के लिए अलर्ट जारी किया है। ऐसा ही मौसम 11 मई तक बना रहेगा। कई जिलों में बारिश हुई, आंधी चली इससे पहले भी मौसम का मिजाज बदला रहा। कई जिलों में बारिश हुई और आंधी चली। जिससे दिन के तापमान में भी गिरावट हुई है। बुधवार को इंदौर में पारे में 3.8 डिग्री की गिरावट के बाद 28.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इंदौर पचमढ़ी से भी ठंडा रहा। पचमढ़ी में तापमान 29.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे कम रहा। बुधवार को किसी भी शहर में तापमान 40 डिग्री के पार नहीं पहुंचा। नरसिंहपुर में सबसे ज्यादा 39.6 डिग्री पहुंचा। खजुराहो में 39.4 डिग्री, रीवा में 38.5 डिग्री, सीधी-मंडला में 38.4 डिग्री, उमरिया में 38.1 डिग्री और शिवपुरी-सतना में 38 डिग्री दर्ज किया गया। बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में 31.4 डिग्री, ग्वालियर में 37 डिग्री, उज्जैन में 29 डिग्री और जबलपुर में पारा 36.8 डिग्री सेल्सियस रहा। इन चार सिस्टम से बदला मौसम सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि वेस्टर्न डिस्टरबेंस, टर्फ और साइक्लोनिक सर्कुलेशन की वजह से प्रदेश में मौसम बदला हुआ है। गुरुवार को कई जिलों के लिए अलर्ट जारी किया है। ऐसा ही मौसम 11 मई तक बना रहेगा। अगले 4 दिन ऐसा रहेगा मौसम 8 मईः खंडवा, खरगोन, बड़वानी, धार, अलीराजपुर, झाबुआ में ओले गिरने का अलर्ट है। श्योपुर, मुरैना, भिंड, नीमच, मंदसौर, रतलाम, आगर-मालवा, उज्जैन, इंदौर, देवास, शाजापुर, पांढुर्णा, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, सिवनी, बालाघाट, मंडला, जबलपुर, डिंडौरी, अनूपपुर, शहडोल, सिंगरौली में गरज-चमक, आंधी और हल्की बारिश का दौर बना रहेगा। 9 मई: ग्वालियर, जबलपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, सागर, दमोह, कटनी, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, रायसेन, नरसिंहपुर, नर्मदापुरम, हरदा, बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट में गरज-चमक और बारिश की स्थिति बनी रह सकती है। 10 मई: भोपाल, ग्वालियर, इंदौर, जबलपुर, उज्जैन,रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, बड़वानी, धार, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, विदिशा, आगर-मालवा, राजगढ़, शाजापुर, देवास, हरदा, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, सागर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, कटनी, रीवा, मऊगंज, मुरैना, भिंड, दतिया, सीधी और सिंगरौली में हल्की बारिश, गरज-चमक और तेज आंधी चल सकती है। 11 मई: इंदौर, भोपाल, जबलपुर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, निवाड़ी, टीकमगढ़, सागर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, बैतूल, नर्मदापुरम, रायसेन, विदिशा, सीहोर, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, देवास, शाजापुर, खरगोन, बड़वानी, छतरपुर, दमोह, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, कटनी, मैहर, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, रीवा, सतना, पन्ना में गरज-चमक, आंधी और बारिश की स्थिति बन सकती है।

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