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30 करोड़ रुपए की लागत से निमाड़ क्षेत्र का पहला 500 एम.व्ही.ए. क्षमता का पॉवर ट्रांसफार्मर स्थापित

भोपाल मध्य प्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) ने 400 केवी सबस्टेशन जुलवानिया में निमाड़ क्षेत्र का पहला और प्रदेश का तीसरा 500 एम.व्ही.ए. क्षमता का पॉवर ट्रांसफार्मर स्थापित किया है। इसके पहले मध्यप्रदेश में सिर्फ भोपाल में 500 एम.व्ही.ए. क्षमता के दो ट्रांसफार्मर स्थापित हुए हैं। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया कि खंडवा स्थित सिंगाजी सुपर थर्मल पॉवर प्लांट से निमाड़ क्षेत्र को सीधे विद्युत आपूर्ति के लिए 400 केवी सबस्टेशन जुलवानिया में इस ट्रांसफार्मर की व्यवस्था की गई है। उन्होंने बताया कि लगभग 30 करोड़ रुपए की अनुमानित लागत से इस ट्रांसफार्मर को स्थापित कर ऊर्जीकृत किया गया है। इस ट्रांसफार्मर के ऊर्जीकृत होने से न केवल निमाड़ क्षेत्र के कृषि उपभोक्ताओं को अगले रबी सीजन में गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति हो सकेगी बल्कि इस ट्रांसफार्मर के स्थापित होने से क्षेत्र के लिफ्ट इरिगेशन सिस्टम के लिए भी पर्याप्त मात्रा में विद्युत की उपलब्धता रहेगी। ऊर्जा मंत्री तोमर ने इस सफलता के लिए एमपी ट्रांसकों को बधाई दी है। निमाड़ क्षेत्र की पारेषण क्षमता में हुई उल्लेखनीय वृद्धि एम पी ट्रांसको के अतिरिक्त मुख्य अभियंता राजीव अग्रवाल ने बताया कि इस ट्रांसफार्मर की ऊर्जीकृत होने से निमाड़ क्षेत्र की विद्युत पारेषण व्यवस्था में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। निमाड़ क्षेत्र में एमपी ट्रांसको अपने 59 एक्स्ट्रा हाईटेंशन सब स्टेशनों के द्वारा विद्युत आपूर्ति करती है। इसमें से 400 के.व्ही. के 4 सबस्टेशन, 220 के.व्ही. के 13 एवं 132 के.व्ही. के 42 सब स्टेशन शामिल है। निमाड़ क्षेत्र की कुल स्थापित क्षमता अब 14 हजार 304 एम.व्ही.ए. की हो गई है। एम.पी. ट्रांसको की ट्रांसफारमेशन कैपेसिटी हुई 81911 एम.व्ही.ए. मध्यप्रदेश में एम.पी. ट्रांसको (मध्य प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी) अपने 417 सब स्टेशनों के माध्यम से विद्युत पारेषण करती है। इस क्षमता .वृद्धि से मध्यप्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी की कुल ट्रांसफारमेशन क्षमता बढ़कर 81 हजार 911 एम.व्ही.ए. की हो गई है। प्रदेश में एम.पी. ट्रांसको (मध्य प्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी) के कुल 1027 पॉवर ट्रांसफार्मर क्रियाशील है।  

MPIDC के अफसर भू-स्वामियों के घर-घर जाकर इकोनॉमिक कॉरिडोर योजना के बारे में बता रहे, 2410 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत

 इंदौर मुख्यमंत्री के महत्वांकाक्षी प्रोजेक्ट पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर में जमीन अधिग्रहण के लिए मप्र औद्योगिक विकास निगम (एमपीआईडीसी) द्वारा जमीन मालिकों के साथ बैठक की जा रही है। अब एमपीआईडीसी के अफसर भू-स्वामियों के घर-घर जाकर उन्हें योजना के बारे में बता रहे हैं। अफसरों की मुहिम भी रंग ला रही है। अब तक 250 बीघा से अधिक जमीन पर सहमति मिल चुकी है। वहीं, 700 से अधिक आपत्तियों का निराकरण भी हो चुका है। कॉरिडोर के लिए एमपीआईडीसी द्वारा जमीन मालिकों की जमीन के लिए सहमति पत्र लिया जा रहा है। बुधवार तक 800 से अधिक भू-स्वामी आपत्ति लगा चुके हैं, जिसमें से अधिकांश ने जमीन देने के लिए सहमति दे दी है। जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो गई है एमपीआईडीसी के कार्यकारी निदेशक राजेश राठौड़ ने बताया कि भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जहां कार्यालय में मेला और सुनवाई आयोजित की जा चुकी है। वहीं, विभाग के अफसर-कर्मचारी भू-स्वामियों के निवास पर जा रहे हैं। यहां उन्हें मुआवजा पॉलिसी, अलाटमेंट, प्रक्रिया आदि के बारे में बताया जा रहा है। इस दौरान जमीन मालिकों की शंकाओं को भी हल किया जा रहा है। अब तक सिंदोड़ा, सिंदोड़ी, नावदापंथ, बिसनावदा और रिजलाय गांव के भू-स्वामियों से मिल चुके हैं, जिनमें से अधिकांश ने समझाइश के बाद सहमति दे दी है। 36 प्रतिशत विकसित जमीन मिलेगी एमपीआईडीसी भूमि अधिग्रहण पालिसी के लिए भू-स्वामी को 60 प्रतिशत जमीन विकसित करके देगा, लेकिन जमीन का यह हिस्सा भू-स्वामी द्वारा दी गई जमीन का 36 प्रतिशत ही होगा। क्योंकि प्रोजेक्ट में 40 प्रतिशत जमीन तो विकास में ही उपयोग हो जाएगी। यह पूरा प्रोजेक्ट पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर 19.6 किमी लंबी और 75 मीटर चौड़ी सड़क के दोनों ओर 300-300 मीटर के बफर जोन में विकसित किया जाएगा। इसमें 17 गांव की कुल 1331 हेक्टेयर जमीन शामिल है। इस परियोजना की अनुमानित लागत 2410 करोड़ रुपये है और इसे तीन साल में पूरा करने का लक्ष्य है।

प्रदेश में चार लाख अधिकारियों-कर्मचारियों को मिलेगा प्रमोशन, नीचे की दो लाख पोस्ट होंगी खाली

भोपाल  मध्य प्रदेश में आठ साल बाद शासकीय सेवाओं में पदोन्नति की घोषणा हो गई है। चार लाख से अधिक कर्मचारियों को इसका लाभ मिल सकता है। अधिकारियों-कर्मचारियों के पदोन्नत होने से नीचे के पद रिक्त होंगे। इससे लगभग दो लाख पद भर्ती के लिए उपलब्ध होंगे। सरकार इन्हें आगामी तीन वर्षों में भरेगी। इसकी तैयारी भी पदोन्नति प्रक्रिया के समानांतर चलेगी। इसकी निगरानी मुख्य सचिव अनुराग जैन और अपर मुख्य सचिव सामान्य प्रशासन संजय दुबे के स्तर से हो रही है। तैयार कराई गई है रिक्त पदों की रिपोर्ट प्रदेश में लंबे समय से भर्ती प्रक्रिया रुकी हुई थी। नई भर्तियां नहीं होने के कारण विभागों में सभी स्तर पर पद रिक्त हो गए। इससे काम पर पड़ रहे असर को देखते हुए संविदा पर नियुक्तियां की गईं और आउटसोर्स से कर्मचारियों की व्यवस्था करने का रास्ता अपनाया गया। उधर, वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में बेरोजगारी के मुद्दे को देखते हुए तत्कालीन शिवराज सरकार ने एक लाख सरकारी रिक्त पदों पर भर्ती की प्रक्रिया आरंभ की। 70 हजार से अधिक भर्तियां हो भी गईं। मोहन सरकार ने भी इस क्रम को जारी रखा और तीन वर्षों में ढाई लाख पदों पर भर्ती की घोषणा की। इसके आधार पर सामान्य प्रशासन और वित्त विभाग ने सभी विभागों से रिक्त पदों की रिपोर्ट तैयार करवाई है। सूत्रों का कहना है कि रिक्त होने वाले पदों की गणना में पदोन्नति से उपलब्ध होने वाले पद भी शामिल हैं। चरणबद्ध होंगी भर्तियां सामान्य प्रशासन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अभी पदोन्नति के लिए पात्र अधिकारियों-कर्मचारियों को उच्च पदों का प्रभार दिया गया है। इन्हें विधिवत पदोन्नति मिलने से पद रिक्त घोषित होंगे और फिर भर्ती प्रक्रिया होगी। चूंकि, इससे सरकार का स्थापना व्यय (वेतन-भत्ते और पेंशन) बढ़ेगा, जो अभी कुल बजट का लगभग 27 प्रतिशत है, वह भी बढ़ जाएगा। स्थापना व्यय वित्तीय वर्ष 2025-26 में डेढ़ लाख करोड़ रुपये से अधिक होने का अनुमान है। यही कारण है कि चरणबद्ध भर्तियां की जाएंगी। वर्ष 2026-27 और वर्ष 2027-28 में लगभग एक-एक लाख पदों पर भर्तियां होंगी। वित्त विभाग ने भी इसी हिसाब से विभागों को तैयारी करने के निर्देश दिए हैं। भर्तियां राज्य लोक सेवा आयोग और कर्मचारी चयन मंडल के माध्यम से कराई जाएंगी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बार फिर ग्वालियर-चंबल के दौरे पर आ रहे, सेफ हाउस और पीएमओ यूनिट बनाई

 ग्वालियर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बार फिर ग्वालियर-चंबल के दौरे पर आ रहे हैं। पीएम मोदी आज शुक्रवार 11 अप्रैल को अशोकनगर जिले की ईसागढ़ तहसील स्थित आनंदपुर धाम में होने वाले कार्यक्रम में शामिल होंगे। इस दौरान उनका ट्रांजिट स्टे ग्वालियर में रहेगा, जहां वे आने और जाने में दोनों बार सिर्फ 5-5 मिनट के लिए रुकेंगे। पीएम मोदी दोपहर 2 बजे ग्वालियर एयरफोर्स स्टेशन पर पहुंचेंगे और यहां से सेना के हेलिकॉप्टर से अशोकनगर के लिए रवाना होंगे। कार्यक्रम के बाद वे शाम करीब 6 बजे वापस ग्वालियर लौटेंगे और यहां से दिल्ली रवाना होंगे।   12 से शुरू होगा बैसाखी मेला दरअसल, ईसागढ़ तहसील स्थित आनंदपुर धाम में 12 अप्रैल से वार्षिक बैसाखी मेले का आयोजन शुरू हो रहा है। जिसमें देश-विदेश के श्रद्धालु शामिल होंगे और आनंद सरोवर में स्नान कर गुरु महाराज के समक्ष मत्था टेकेंगे। बैसाखी मेले की शुरुआत से पहले  आज 11 अप्रैल को पीएम नरेंद्र मोदी आनंदपुर धाम पहुंचेंगे और श्रद्धा निवेदन करेंगे। मेले की तैयारियों को लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बीडी शर्मा पहले ही निरीक्षण कर चुके हैं। आनंदपुर धाम को दुल्हन की तरह सजाया गया प्रधानमंत्री के स्वागत के लिए आनंदपुर धाम को विशेष रूप से सजाया गया है। मंदिर परिसर को फूलों, झालरों और रोशनी से सजाया गया है। चारों तरफ उत्सव का माहौल है, लेकिन आमजन के लिए प्रवेश पूरी तरह से प्रतिबंधित है। ट्रस्ट के एक पदाधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि केवल कुछ चुनिंदा जिला स्तरीय पदाधिकारियों और जन प्रतिनिधियों को ही कार्यक्रम में शामिल होने की अनुमति दी गई है। 2700 पुलिसकर्मियों की तैनाती पीएम मोदी की सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने कोई कसर नहीं छोड़ी है। सेना के हेलीकॉप्टरों ने बुधवार को दो बार रिहर्सल की। पीएम के मंदिर तक पहुंचने की संपूर्ण प्रक्रिया का परीक्षण किया गया। एसपीजी के वाहन पहले ही आनंदपुर पहुंच चुके हैं। भोपाल से चलकर सुरक्षा से लैस वाहन ईसागढ़ होते हुए स्थल पर पहुंचे, जिनका वीडियो दिनभर सोशल मीडिया पर वायरल होता रहा। मीडिया और आमजन को कार्यक्रम से बाहर रखा गया इस कार्यक्रम में स्थानीय मीडिया और आमजन को बाहर रखा गया है, जिससे नाराजगी भी देखी जा रही है। जिले के मीडियाकर्मियों का कहना है कि वे शासन की योजनाओं को जनता तक पहुंचाते हैं और स्थानीय नेताओं के कार्यक्रमों की नियमित कवरेज करते हैं, लेकिन इस ऐतिहासिक कार्यक्रम से उन्हें बाहर रखा जाना उनके अधिकारों का हनन है। अधिकारियों की छुट्टियां रद्द जिले के कलेक्टर ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं और उन्हें मोबाइल चालू रखने के निर्देश दिए हैं। अन्य जिलों से भी पुलिसबल मंगवाया गया है। कुल मिलाकर आनंदपुर धाम को अभेद किले में तब्दील कर दिया गया है, जहां हर कोना सुरक्षा की निगरानी में है। पीएम का स्वागत तैयारियों की कसौटी पर पीएम मोदी का यह दौरा प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती और जिम्मेदारी दोनों है। तैयारियों में कोई कमी न रहे, इसके लिए जिला प्रशासन दिन-रात एक किए हुए है। अब सभी की निगाहें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वागत और आनंदपुर धाम में उनके प्रवास पर टिकी हैं। नो-फ्लाइंग जोन रहेगा प्रधानमंत्री मोदी की ट्रांजिट विजिट को लेकर शहर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं। ट्रांजिट विजिट के दौरान ग्वालियर में नो-फ्लाइंग जोन रहेगा। एयरफोर्स स्टेशन से तीन किलोमीटर के दायरे में किसी भी तरह की हवाई गतिविधि पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। इसके लिए जिला प्रशासन, पुलिस और एयरफोर्स के बीच बैठके भी हुई है। सेफ हाउस और पीएमओ यूनिट बनाई जा रही पीएम मोदी के लिए ग्वालियर एयरफोर्स स्टेशन पर ग्रीन रूम, सेफ हाउस और पीएमओ यूनिट तैयार की जा रही है। इन व्यवस्थाओं के लिए अधिकारियों को अलग-अलग जिम्मेदारिया सौंप दी गई हैं। तय कार्यक्रम के अनुसार, पीएम मोदी हेलिकॉप्टर से अशोकनगर जाएंगे। लेकिन, खराब मौसम होने की स्थिति में उनके लिए सड़क मार्ग का भी विकल्प तैयार किया गया है। सुरक्षा एजेंसियों ने रूट का निरीक्षण भी किया है, जिससे आपात हालात में सड़क मार्ग का इस्तेमाल किया जा सके। पुलिस कर रही होटलों की जांच पीएम की ट्रांजिट विजिट को लेकर पुलिस पूरी तरह से अलर्ट पर है। पुलिस की टीमों ने शहर के होटलों की चेकिंग, एंट्री रजिस्टरों की जांच और बाहर से आए मेहमानों की डिटेल्स खंगालनी शुरू कर दी हैं। बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और शहर के प्रवेश द्वारों पर नाकाबंदी कर तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। 

देश के बटवारे के वक्त पाकिस्तान से आए सिंधी लोगों को अब तक भारत की नागरिकता नहीं मिली, भोपाल-इंदौर में सबसे ज्यादा

भोपाल  देश बंटवारे के बाद पाकिस्तान से मध्यप्रदेश आए सैकड़ों सिंधी परिवारों को अब तक भारतीय नागरिकता नहीं मिली है। वे कलेक्टर कार्यालय का चक्कर काट रहे हैं। पूज्य सिंधी पंचायत के अध्यक्ष मधु चंदवानी के अनुसार मप्र में करीब 3000 हजार सिंधी परिवार को नागरिकता का मामला लंबित है। इनमें भोपाल और इंदौर में संख्या ज्यादा है। नागरिकता की आस रखने वालों में सात से लेकर 25 वर्ष साल पहले भारत आए सिंधियों के मामले शामिल हैं। यह स्थिति तब है जब केंद्र सरकार ने भोपाल और इंदौर कलेक्टर को सिंधियों को नागरिकता देने का अधिकार दिया है। भोपाल के ईदगाह हिल्स, बैरागढ़ (संत हिरदाराम नगर) और टीला जमालपुरा में 500 से अधिक सिंधी, सिख समुदाय के लोग लॉन्ग टर्म वीजा पर टेंपरेरी तौर पर रह रहे हैं। ये यहां निवास तो कर रहे हैं लेकिन सभी पाकिस्तानी नागरिक हैं, जिनका परमानेंट पता सिंध प्रांत है। नहीं मिलता स्पष्ट जवाब पूज्य सिंधी पंचायत के महासचिव नंद ददलानी का कहना है कि नागरिकता संबंधी मामलों में विलंब होने पर कलेक्टर कार्यालय से कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिलता। यही बताया जाता है कि प्रक्रिया जारी है। कई सालों से समाज के लोग नागरिकता(Citizenship) के इंतजार में हैं। सीएए के बाद भी प्रक्रिया में नहीं आई तेजी 2019 में नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) लागू होने के बाद सिंधियों को जल्द नागरिकता मिलने की उम्मीद बंधी थी। लेकिन अब तक संघर्ष जारी है। विदिशा के बासौदा के 65 वर्षीय नानिकराम माधवानी पिछले 35 वर्षों से नागरिकता के लिए संघर्ष कर रहे हैं। ऐसे दर्जनों सिंधी हैं, जबकि सीएए के अनुसार जो सिंधी सात साल से भारत में रह रहा है वह नागरिकता का हकदार है। हाल के वर्षों तक आने का सिलसिला जारीः देश बंटवारे के बाद बैरागढ़ में बड़ी संख्या में सिंधी आए। राज्य के गृह विभाग के सूत्रों के अनुसार भोपाल में लगभग 150 ऐसे सिंधी परिवार हैं, जिन्हें भारत आए अभी सात साल भी पूरे नहीं हुए हैं। हर दो साल में देना पड़ता है हलफनामा पाकिस्तान से आए सिंधी परिवारों को भारतीय नागरिकता(Citizenship) देने के लिए केंद्र सरकार ने 2016 में गुजरात, राजस्थान सहित मप्र सरकार को अधिकार दिया था। बावजूद इसके वर्ष 1997-98 से 2016 तक के 118 मामले अब भी लंबित हैं। इन्हें प्रत्येक दो साल में एसपी कार्यालय में हलफनामा देना पड़ता है। कलेक्टरों का ढुलमुल रवैया मप्र विधानसभा के पूर्व प्रमुख सचिव और सिंधी समुदाय के पूर्व अध्यक्ष भगवान देव इसरानी का कहना है कि नौ साल पहले नागरिकता कानून में संशोधन होने पर राज्य सरकार ने सिंधियों को नागरिकता देने के लिए सभी जिला कलेक्टरों को आदेश दिया था। लेकिन प्रक्रिया में कोई तेजी नहीं आई। 1997 से 2018 तक ऐसे 118 मामले लंबित हैं। इसमें इंदौर और भोपाल के मामले शामिल नहीं हैं।  

दूधिया रोशनी से जगमगाया आमला का रेल्वे खेल मैदान ।

Amla’s railway playground glowed with milky light. हरिप्रसाद गोहेआमला । नगर के रेल्वे कालोनी क्षेत्र स्थित रेलवे खेल मैदान में बुधवार से रात्रि कालीन टेनिसबाल क्रिकेट खेल प्रतियोगिता का भव्य शुभारभ हुआ । उक्त आयोजित प्रतियोगिता नगर पालिका परिषद आमला एवं रेल्वे इंस्टीट्यूट आमला के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित की जा रही है। जिसमे ऑनर द्वारा आकसन कर बेहतर टीमों का चयन किया गया। चयनित खिलाड़ी रेल्वे स्टेडियम में दूधिया रोशनी में अपने खेल का प्रदर्शन करेंगे। आयोजन समिति ने नगर की खेल प्रेमी जनता से उपस्थित हो प्रतियोगिता को सफल बनाने अपील की है । नगर पालिका अध्यक्ष नितिन गाडरे से प्राप्त जानकारी अनुसार प्रतियोगिता का भव्य शुभारंभ आमला विधायक डाक्टर योगेश पंडाग्रे द्वारा किया गया।प्रतियोगिता रात्रि में दूधिया रोशनी में आयोजित होंगी जिसमे अंचल के ग्रामों से लेकर जिले से खिलाड़ी पहुंच अपने बेहतर खेल का प्रदर्शन करेंगे। इस अवसर पर प्रमुख रूप से नगर पालिका परिषद आमला अध्यक्ष नितिन गाडरे, सारणी नगर पालिका अध्यक्ष किशोर बर्दे, आमला नगर पालिका उपाध्यक्ष किशोर माथनकर, सारणी नगर पालिका उपाध्यक्ष जगदीश पवार, पार्षद अलका मानकर, पद्मनी भंमरकर, संजय राठौर, सुनील उईके, अमित हुरमाडे, राकेश धामोडे शैलेंद्र राठौर, रोमी बिलगिए ,मयूर सुरजेकर, सहित खेल प्रेमी जनता उपस्थित रहे।

प्रदेश में जल गंगा संवर्धन अभियान जन भागीदारी से निंरतर जारी, जन भागीदारी से चल रहे हैं पानी सहेजने के कार्य

भोपाल प्रदेश में जल गंगा संवर्धन अभियान जन भागीदारी से निंरतर जारी है। समाज का प्रत्येक तबका इस कार्य में स्वयं को जोड़ रहा है। प्रशासनिक अमला भी समान रूप से इस अभियान में शामिल हो रहा है। जन सहयोग से चौपड़ा की सफाई की गई अशोकनगर जिले के ईसागढ़ विकासखंड में माता देवकानी मंदिर के पास चौपड़ा जन भागीदारी से सफाई अभियान में ग्रामीणों ने भागीदारी की। स्थानीय लोगों द्वारा बताया गया कि चौपड़ा प्राचीन जल स्त्रोत रहा है। पहले यह जल स्त्रोत पानी से भरा रहता था। साथ-सफाई के अभाव में अब यह सूखता जा रहा है। जन अभियान परिषद के कार्यकर्ताओं ने ग्रामीणों को शामिल कर चौपड़ा की साफ-सफाई कराई और शपथ दिलाकर भविष्य में भी इसे संरक्षित करने की शपथ दिलाई गई। अशोकनगर जिले में नवांकुर संस्था द्वारा दीवार लेखन से जन सामान्य को जल संरक्षण का महत्व बताया जा रहा है। सरदारपुर में माही नदी सहित पुराने जल स्त्रोतों का होगा जल संरक्षण धार जिले के सरदारपुर नगर में एक प्रेरणादायी पहली की शुरूआत हुई। जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत पुरानी उपेक्षित जल स्त्रोतों को पुनर्जीवित करने का बीड़ा प्रशासन और आम नागरिकों ने उठाया है। माही नदी के तट पर अभियान की विधिवत शुरूआत हुई विभिन्न संस्थाओं के स्वयं सेवक श्रमदान कर घाट क्षेत्र की सफाई कर रहे हैं। माही नदी के पास ऐतिहासिक कुआं, शनिदेव मंदिर के पीछे आम के बागीचे में स्थित 3 पुराने कुए, ताल कटोरा मैदान का ब्रिटिश कालीन कुआं और प्राचीन बावड़ी के सफाई कार्य को भी इसके शामिल किया गया है। सरदारपुर की ब्रांड एम्बेसडर डॉ. शीरीन कुरैशी ने नगरवासियों को जल संरक्षण की शपथ दिलाई। उन्होंने कहा कि इस पवित्र अभियान को जन आंदोलन का रूप देना है। प्रसिद्ध कथा वाचक पं. प्रदीप मिश्रा एवं विधायक श्री राय ने किया श्रमदान सीहोर शहर में सीवन उत्थान समिति के आहवान पर प्रसिद्ध कथावाचक पं. प्रदीप मिश्रा, विधायक श्री सुदेश राय सहित अनेक जन-प्रतिनिधियों एवं नागरिकों ने जल गंगा संवर्धन अभियान में सीवन नदी में श्रमदान किया। श्रमदान के दौरान पं. प्रदीप मिश्रा ने कहा कि नदी का गहरीकरण एक सराहनीय पहल है। सीहोर विधायक श्री सुदेश राय ने कहा कि हम सबका प्रयास होना चाहिए कि सीवन नदी में साल भर पानी का बहाव रहे। उन्होंने कहा कि सीवन नदी के सौंदर्यीकरण के लिये हरसंभव प्रयास किये जायेंगे। उन्होंने राय परिवार की ओर से इस अभियान के लिये 10 लाख रूपये देने की भी घोषणा की। बोदरी नदी में जल गंगा संरक्षण अभियान छिंदवाड़ा शहर की प्रमुख नदी बोदरी है। बोदरी नदी के तट के ग्राम मटकुली में जन भागीदारी से सफाई का कार्य शुरू किया गया। सफाई कार्य में जुड़े कार्यकर्ताओं को जल स्त्रोतों के संरक्षण की शपथ दिलाई गई। 200 वर्ष पुरानी बावड़ी पर श्रमदान शाजापुर में सुन्दरसी की 200 वर्ष पुरानी बावड़ी पर श्रमदान कर सफाई की गई। श्रमदान में शामिल कार्यकर्ताओं को शपथ दिलाई गई कि हम से अपने क्षेत्र के आस-पास जल स्त्रोतों की सफाई और संरक्षण का कार्य निस्वार्थ भावना से करेंगे। श्रमदान के दौरान यह तय किया गया कि‍इस अभियान में अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी विशेष रूप से महिलाओं की भागीदारी को भी सुनिश्चित किया जायेगा।  

मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ में सहभागिता कर जल संरक्षण के प्रति जनजागरूकता का संदेश दिया

भोपाल पंचायत एवं ग्रामीण विकास व श्रम मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल ने गुरुवार को गुना जिले की ग्राम पंचायत पुरैनी अंतर्गत ग्राम कंजा में स्थित कूनो नदी के उद्गम स्थल पर ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ में सहभागिता कर जल संरक्षण के प्रति जनजागरूकता का संदेश दिया। इस अवसर पर बालिकाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में सिर पर कलश धारण कर यात्रा निकाली। मंत्री श्री पटेल ने सभी बालिकाओं का तिलक कर उनके चरण स्पर्श किए। इसके बाद उन्होंने कूनो नदी के उद्गम स्थल पर पहुंचकर ग्रामीणों से संवाद करते हुए इस स्थान के ऐतिहासिक महत्व की जानकारी ली। उद्गम स्थल पर वैदिक मंत्रोच्चार के साथ कलश पूजन एवं भूमि-पूजन किया गया। आवन गुरुकुल के आचार्य एवं छात्रों ने मंत्रोच्चार किया। कार्यक्रम में गुना विधायक श्री पन्नालाल शाक्य सहित जनप्रतिनिधिगण एवं अधिकारी उपस्थित रहे। पौधरोपण के लिए समर्पित दृष्टिकोण रखें मंत्री श्री पटेल ने कहा कि नदियां सदियों से समाज की जल आवश्यकताओं को पूरा करती आ रही हैं। उन्होंने पौधरोपण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हमें ऐसे पौधे लगाने चाहिए जो भू-जल स्तर बनाए रखने में सहायक हों। उन्होंने पौधरोपण के लिए तीन प्रमुख बातों पर बल दिया। उपयुक्त स्थान का चयन पौधों की तार फेंसिंग द्वारा सुरक्षा एवं पानी की व्यवस्था सुनिश्चित करना। मंत्री श्री पटेल ने कलेक्टर श्री कन्याल को कहा कि, ऐसी शासकीय भूमि का चयन किया जाए जहाँ पौधे सुरक्षित रूप से पनप सकें और एक दिन विशाल वृक्ष बन सकें। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस कार्य के लिये आवश्यक सभी सहयोग उनकी ओर से उपलब्ध कराया जाएगा। महिला स्व-सहायता समूहों की प्रदर्शनी को मिला प्रोत्साहन मंत्री श्री पटेल ने मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत स्व-सहायता समूहों द्वारा निर्मित उत्पादों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों एवं स्थानीय नागरिकों द्वारा उत्पादों की खरीदारी की गई, जिससे समूहों को आर्थिक प्रोत्साहन प्राप्त हुआ। कार्यक्रम के अंत में जनपद पंचायत के फायर फाइटर टैंकर की कार्यक्षमता का प्रदर्शन और उपयोगिता बताई गई।  

जबलपुर में तेज रफ्तार कार रेलिंग तोड़ गोमती नदी में गिरी, चार की मौत, कार में दारू की बोतल भी मिली

जबलपुर जिला मुख्यालय से 45 दूर गुरुवार दोपहर एक तेज रफ्तार कार रैलिंग तोड़ती हुई नदी में जा गिरी। हादसे में चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। दो गंभीर घायलों को नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है। कार सवार नरसिंहपुर जिले के नजदीकी गांव चरगवां से जबलपुर आ रहे थे। सूचना पर चरगवां थाना प्रभारी अभिषेक प्यासी दल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थानीय लोगों की मदद से कार में फंसे लोगों को बाहर निकलवाया। कार में कुल छह लोग सवार थे। यह थी पूरी घटना एक धार्मिक स्थल के दर्शन करके लौट रहे एक ही परिवार के छह लोग जिस कार में सवार थे, वह बेकाबू होकर जबलपुर जिले के चरगवां थाना क्षेत्र में पुल की रेलिंग तोड़कर गोमती नदी में जा गिरी। गुरुवार को हुए इस हादसे में चार लोगों की मौत हो गई और दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार अत्यधिक तीव्र गति से आ रही थी। चूंकि कार के अंदर शराब की बोतल, एक बकरा और एक मुर्गा मिला है, इसलिए कार चालक के नशे में होने की आशंका व्यक्त की जा रही है। समझा जा रहा है कि बकरे और मुर्गे को वे खरीदकर घर ले जा रहे थे। मृतक किशन पटेल (40), महेन्द्र पटेल (35), सागर पटेल (17), राजेन्द्र पटेल (36) और घायल जितेंद्र पटेल और मनोज पटेल जबलपुर जिले के भेड़ाघाट थाना क्षेत्र के चौकीताल के निवासी हैं और आपस में स्वजन हैं। वे कार से गोटेगांव स्थित दादा दरबार में गए थे। दर्शन करने के बाद सभी घर लौट रहे थे। पुलिस घटना का कारण पता करने के लिए जांच कर रही है।  

मुख्यमंत्री ने ली जयपुर मेट्रो-फेज 2 की अहम बैठक, आमजन की सुगमता को देखते हुए निर्धारित करें मेट्रो का रूट

जयपुर मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने गुरूवार को मेट्रो कॉरिडोर (फेज-2) की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) के संबंध में महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मेट्रो फेज-2 की डीपीआर में प्रस्तावित सीतापुरा से अंबाबाड़ी तथा विद्याधर नगर तक भविष्य की आवश्यकता तथा आमजन की सुगमता को देखते हुए मेट्रो स्टेशन बनाए जाएं।   उन्होंने कहा कि जयपुर एक ऐतिहासिक और तेजी से बढ़ता शहर है और मेट्रो का विस्तार यहां की बढ़ती आबादी और यातायात दबाव को संतुलित करने में अहम भूमिका निभाएगा। राज्य सरकार की मंशा है कि जयपुरवासियों के लिए सुगम एवं अत्याधुनिक परिवहन तंत्र विकसित किया जाए जिससे जयपुर स्मार्ट सिटी की दिशा में देशभर में मॉडल शहर बने। श्री शर्मा ने कहा कि मेट्रो फेज-2 के तहत प्रोजेक्ट में खर्चे व लागत का समुचित आकलन किया जाये ताकि वित्तीय संसाधनों का सदुपयोग होने के साथ ही आमजन के लिए भी बेहतर परिवहन सुविधा उपलब्ध करवाई जा सके। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने मेट्रो की डीपीआर में प्रस्तावित रूट, अनुमानित लागत, परियोजना की व्यवहार्यता तथा वित्तीय मॉडल की जानकारी ली। रेलवे स्टेशन-एयरपोर्ट के नजदीक बनाएं मेट्रो स्टेशन मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि परियोजना में आमजन की सुविधा को सर्वाेपरि रखते हुए रूट का निर्धारण किया जाए। उन्होंने कहा कि मेट्रो स्टेशन ऐसे स्थानों पर बनाए जाएं जो आम लोगों की पहुंच में हों, और इसके साथ-साथ रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट के नजदीक मेट्रो स्टेशन बनाया जाना सुनिश्चित करें जिससे मेट्रो की उपयोगिता अधिकतम हो। बैठक में मुख्यमंत्री को अधिकारियों ने मेट्रो परियोजना के संबंध में विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। इस अवसर पर अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त श्री अखिल अरोड़ा, अतिरिक्त मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री) श्री शिखर अग्रवाल, प्रमुख सचिव (मुख्यमंत्री) श्री आलोक गुप्ता, जयपुर मेट्रो रेल कॉर्पाेरेशन के सीएमडी श्री वैभव गालरिया, जयपुर विकास प्राधिकरण आयुक्त श्रीमती आनंदी सहित जयपुर मेट्रो से संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

भगवान महावीर के संदेशों में निहित है जीवन का सार – वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री

जयपुर वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री संजय शर्मा ने गुरूवार को अलवर में श्री महावीर जयन्ती के पावन पर्व पर सकल जैन समाज द्वारा आयोजित शोभायात्रा एवं महाआरती कार्यक्रम में शिरकत की।   श्री शर्मा ने श्री महावीर जयन्ती की प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भगवान महावीर जी ने सत्य, अहिंसा, अस्तेय, ब्रह्मचर्य एवं अपरिग्रह आदि मूल्यों पर बल दिया। उनके प्रवचनों का सार त्याग, संयम, प्रेम, करूणा और सचादार में निहित है। उन्होंने कहा कि भगवान महावीर जी की शिक्षाएं अहिंसा के माध्यम से मुक्ति का मार्ग दिखाती हैं। भगवान महावीर ने अहिंसा का पालन शारीरिक, मानसिक और वाचिक रूप से करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जब दुनिया में तनाव व वैमन्स्य फैल रहा है तो भगवान महावीर का यह संदेश हमें अपने भीतर के अंहिसा के भाव को जाग्रत करने की प्रेरणा देता है। भगवान महावीर जी ने शांति, सद्भावना और मानव सेवा का संदेश देकर समाज को एक सूत्र में पिरोने का काम किया है। वन मंत्री ने कहा कि भगवान महावीर जी के इन गुणों को सभी लोगों को आत्मसात करना चाहिए। श्री शर्मा ने शोभायात्रा के दौरान श्रृद्धालुओं पर पुष्प वर्षा की एवं महाआरती में शामिल होकर भगवान श्री महावीर जी से प्रदेश की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की।

भोपाल में सौ साल की उम्र के पूर्व डीजीपी के साथ हुई मारपीट

भोपाल केयरटेकर ने पैसों के लिए उनका गला दबोचा और धमकाया। केयरटेकर का नाम रफीक है जो निजी एजेंसी के माध्यम से काम पर रखा गया था ।वो डरा धमकाकर पैसे ऐंठना चाहता था। संयोग से एक्स डीजीपी के घर खाना बनाने का काम करने वाली गीता उसी समय घर पहुंची और गीता को देखकर रफीक ने कदम पीछे खींचे।एचएम जोशी 1948 बैच के रिटायर्ड आईपीएस ऑफिसर हैं और 80 के दशक में मध्यप्रदेश के डीजीपी रहे। जोशी केयरटेकर के हर महीने 18 से 20 हजार रुपये तन्खा भी देते थे। एक्स डीजीपी ने हबीबगंज पुलिस थाने में मामले की शिकायत की है।

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में अटल जी का देश के कायाकल्प का स्वप्न हो रहा है साकार: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरूवार को धार जिले के बदनावर के ग्राम खेड़ा में आयोजित कार्यक्रम में 5800 करोड़ रूपए की लागत वाली 10 राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं एवं संबद्ध अधोसंरचना निर्माण कार्यों का भूमि-पूजन एवं लोकार्पण किया। केन्द्रीय मंत्री श्री गडकरी ने कहा कि मध्यप्रदेश में डबल इंजन की सरकार है। यहां तेजी से विकास हो रहा है। सबको सुखी, समृद्ध और सशक्त बनाने का विजन लेकर मुख्यमंत्री डॉ. यादव बड़ी तेजी से प्रदेश को विकास के पथ पर आगे ले जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राजमार्ग सिर्फ एक मार्ग नहीं, यह जन-जन का जीवन बदलने वाले प्रगति पथ होते हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व में पिछले 10 सालों में हम देश की अधोसंरचना में व्यापक बदलाव लेकर आए हैं। देश को विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाना है, इसमें मध्यप्रदेश की भागीदारी भी होगी। म.प्र. में विकास की ललक दिखाई देती है, इसलिए हम इसे देश के विकास का सबसे बड़ा अंशभागी राज्य बनायेंगे। केन्द्रीय मंत्री श्री गडकरी ने घोषणा करते हुए कहा कि अगले तीन साल में हम मध्यप्रदेश में उपलब्ध राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क को अमेरिका से अच्छा और सुंदर बनायेंगे। उन्होंने कहा कि अगले एक साल में हम देश में तीन लाख करोड़ रूपए से अधिक के राष्ट्रीय राजमार्ग व अन्य अधोसंरचना निर्माण कार्य पूरे करेंगे। उन्होंने कहा कि किसी भी देश-प्रदेश के विकास के लिए 4 प्रमुख संसाधनों जल, ऊर्जा, परिवहन और अधोसंरचनात्मक विकास की जरूरत होती है और उन्हें खुशी है कि मध्यप्रदेश इन चारों संसाधनों के विकास पर तेजी से बढ़ रहा है। केन्द्रीय मंत्री ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव की मांग पर की 6 नई परियोजनाएं मंजूर केन्द्रीय मंत्री श्री गडकरी ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव की मांग पर मंच से ही केन्द्रीय सड़क निधि से 12 हजार करोड़ रूपए लागत से 400 कि.मी. लंबाई 6 नई राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं के निर्माण एवं विकास कार्यों को मंजूरी दी। केन्द्रीय मंत्री ने मध्यप्रदेश में 33 हजार करोड़ रूपए की लागत से एनएचएआई द्वारा निर्मित किए जाने वाले 5 नए ग्रीनफील्ड इकॉनामिक कॉरिडोर निर्माण कार्य, रिंग रोड, एलिवेटेड कॉरीडोर, सेतु एवं अन्य निर्माण कार्यों को भी मंजूरी देते हुए इन निर्माण कार्यों के पूर्ण होने की समय-सीमा भी घोषित की। राजमार्ग होते हैं हैप्पीनेस लाने वाले हाइवे केन्द्रीय मंत्री श्री गडकरी ने कहा कि सड़क परियोजनाओं के पूरा होने पर क्षेत्र का विकास होगा। युवाओं को रोजगारमिलेगा, गरीबी दूर होगी। किसानों की फसल को अच्छा दाम मिलेगा। रोड कनेक्टिविटी बढ़ेगी और लोगों के जीवन में खुशहाली आएगी। उन्होंने कहा कि राजमार्ग हैप्पीनेस लाने वाले हाई-वे होते हैं। हम मध्यप्रदेश के गांव-गांव को सड़कों से जोड़ेंगे, ताकि यहां सबको शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य उपचार और विकास का लाभ मिले। सभी राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं से सिंहस्थ-2028 के सफल आयोजन में मिलेगी भरपूर मदद : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देश में अमृतकाल चल रहा है। पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी ने देश का कायाकल्प करने का जो स्वप्न देखा था, प्रधानमंत्री श्री मोदी अटल जी के उसी स्वप्न को साकार करने की दिशा में अनथक गति से अग्रसर हैं। उन्होंने कहा कि इसी अमृतकाल में हमारा देश, विश्व का सबसे अच्छा देश बनकर उभरेगा। सड़कें विकास का सहज पैमाना होती है। इसलिए गांव-गांव तक रोड कनेक्टिविटी बढ़ाकर हम मध्यप्रदेश की जनता की जिन्दगी में बदलाव लाने की दिशा में तेजी से बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि हम रोड कनेक्टिविटी बढ़ाकर गांव के साथ-साथ शहरों को भी स्मार्ट सिटी बनाने के लिए प्रयासरत हैं। उन्होंने कहा कि इंदौर और भोपाल जल्द ही मेट्रोपॉलिटिन सिटी बनेंगे। ग्रामीण हो या शहरी सभी को इसका लाभ मिलेगा। उन्होंने केन्द्रीय मंत्री श्री गडकरी द्वारा मुक्त हृदय से मध्यप्रदेश को 5800 करोड़ रूपए लागत की 10 राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की सौगात देने के लिए आभार जताते हुए कहा कि श्री गडकरी देश के राजमार्ग विकास पुरूष हैं। उनके नेतृत्व में देश में तेजी से अधोसंरचनात्मक विकास हो रहा है। उन्होंने कहा कि मालवा अंचल को सीधे तौर पर लाभान्वित करने वाली इन सभी राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं से सरकार को सिंहस्थ-2028 के सफल आयोजन में भरपूर मदद मिलेगी। ज्योर्तिलिंग महाकालेश्वर, सोमनाथ और ओंकारेश्वर को जोड़ेंगे एक सूत्र में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम विरासत से विकास की ओर बढ़ रहे हैं। अपनी विरासतों को समृद्ध कर लोगों को जोड़ रहे हैं। केन्द्र सरकार की मदद से हम श्री महाकालेश्वर ज्योर्तिलिंग को केन्द्र में रखकर इसे गुजरात स्थित सोमनाथ ज्योर्तिलिंग और ओंकारेश्वर से एक सूत्र में जोड़ेंगे। इसके लिए हमने केन्द्र सरकार से मांग की है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार केन्द्र सरकार के साथ कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ेगी, जिससे विकासरूपी अमृत का सर्वाधिक लाभ मध्यप्रदेश को मिले। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केन्द्रीय मंत्री से मध्यप्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्गों का नेटवर्क और बढ़ाने की मांग करते हुए अपना विस्तृत मांग पत्र उनके समक्ष रखा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमने जो भी मांगा, केन्द्रीय मंत्री श्री गडकरी ने हमें समय-समय पर वो सब दिया, पर हम यही नहीं रूकेंगे। प्रदेश के हित में हम नई राष्ट्रीय परियोजनाओं के लिए सतत् मांग करेंगे। सिंहस्थ : 2028 के बेहतर आयोजन और श्रद्धालुओं के सहज और सुगम आवागमन के लिए मध्यप्रदेश में एक स्ट्रांग रोड नेटवर्क की स्थापना के लिए हमेशा प्रयत्नशील रहेंगे। इन सड़क परियोजनाओं का हुआ भूमि-पूजन और लोकार्पण केन्द्रीय मंत्री श्री गडकरी और मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन-बदनावर खंड पर नवनिर्मित 4 लेन सड़क, उज्जैन-गरोठ के खेड़ा खजुरिया से सुहागड़ी तक 4/6 लेन ग्रीनफील्ड हाई-वे, उज्जैन-गरोठ के सुहागड़ी से बर्डिया अमरा तक 4/6 लेन ग्रीनफील्ड हाई-वे, जीरापुर-सुसनेर-मध्यप्रदेश एवं राजस्थान बॉर्डर खंड पर पेव्ड शोल्डर के साथ 2 लेन सड़क और बाकानेर घाट पर पेव्ड शोल्डर के साथ अतिरिक्त 3 लेन सड़क का भी लोकार्पण किया। इसी प्रकार संदलपुर-नसरुल्लागंज खंड पर 4-लेन सड़क, चंदेरी-पिछोर खंड पर पेव्ड शोल्डर के साथ 2 लेन सड़क, इंदौर-गुजरात खंड पर 7 फ्लाई ओवर एवं अंडरपास, शाजापुर, कनासिया एवं एमआईडीसी इंडस्ट्रियल एरिया में 3 फ्लाई ओवर, अंडरपास तथा रसलपुर जंक्शन पर फ्लाई ओवर के कार्यों का भूमि-पूजन किया। भव्य आयोजन के लिये हार्दिक आभार : केन्द्रीय राज्यमंत्री श्रीमती ठाकुर केंद्रीय महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री … Read more

चार माह में पियर्स निर्माण पूर्ण कर हटाए जाएंगे बैरिकेड्स, मंत्री सारंग ने करोंद मेट्रो निर्माण कार्य का किया निरीक्षण

भोपाल सहकारिता मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने करोंद चौराहे पर मेट्रो निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। उन्होंने पूरे रूट का दौरा कर व्यापारियों सहित आम नागरिकों से बात की। निरीक्षण में मंत्री श्री सारंग ने उपस्थित अधिकारियों को निश्चित समयावधि में गुणवत्तायुक्त कार्य करने के साथ ही रहवासियों की समस्याओं के निदान के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि मेट्रो परियोजना के साथ करोंद चौराहे पर यातायात एवं नागरिकों के आवागमन में कोई व्यवधान नहीं हो, यह सुनिश्चित किया जाये। मेट्रो परियोजना के साथ यातायात सुगम बनाने के लिये अधिकारियों को दिये निर्देश निरीक्षण के दौरान स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों ने मंत्री श्री सारंग को अवगत कराया कि पियर्स निर्माण के चलते की गई बैरिकेडिंग से आवागमन में कठिनाई हो रही है। साथ ही करोंद चौराहे पर ट्रैफिक का अत्यधिक दबाव रहने के कारण दिन के समय जाम की स्थिति उत्पन्न हो रही है। मंत्री श्री सारंग ने करोंद चौराहे से हाउसिंग बोर्ड तक लगाई गई बैरिकेडिंग के पास सड़क के बाएं ओर बने डक्ट को हटाने के निर्देश दिए, जिससे अतिरिक्त मार्ग उपलब्ध हो सके और ट्रैफिक दबाव कम हो। साथ ही पथ विक्रेताओं को व्यवस्थित ढंग से अन्य स्थान पर स्थानांतरित करने के भी निर्देश अधिकारियों को दिये गए। 4 माह में पियर्स का काम होते ही हटेंगे बैरिकेड्स मेट्रो अधिकारियों द्वारा जानकारी दी गई कि करोंद चौराहे से निशातपुरा फाटक तक कुल 70 पियर्स का प्रस्तावित निर्माण कार्य प्रगति पर है और इसे आगामी 4 माह में पूर्ण कर लिया जाएगा। मंत्री श्री सारंग ने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा, “निर्धारित समय सीमा में पियर्स निर्माण कार्य पूर्ण कर बैरिकेड्स हटाए जाएं, जिससे नागरिकों को राहत मिल सके। सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखा जाए और मेट्रो कॉर्पोरेशन निर्माण कार्य की एक स्पष्ट टाईम लाइन एवं कैलेंडर तैयार करे।” निरीक्षण के दौरान विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे, जिनमें मेट्रो रेल परियोजना, लोक निर्माण विभाग, नगर निगम, ट्रैफिक पुलिस एवं जिला प्रशासन के प्रतिनिधि शामिल थे।  

जंगल के रास्ते में अचानक ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर पलट गया, जिससे पति-पत्नी की मौके पर ही मौत, छह माह की बेटी जिन्दा बची

डिंडौरी जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र में ट्रैक्टर इंजन पलटने से दबकर पति-पत्नी की मौत हो गई। उनकी 6 माह की बच्ची की जान बच गई है। बताया गया कि जंगल के रास्ते में हादसा हुआ। बच्ची की रोने की आवाज सुनकर मौके पर ग्रामीण पहुंचे। थाना प्रभारी हरिशंकर तिवारी ने बताया कि मोहन दास ग्राम रामगुड़ा से दुनिया बगाड़ तक निर्माणाधीन प्रधानमंत्री सड़क परियोजना में ट्रैक्टर ड्राइवर के रूप में काम करता था। बुधवार को वह दिनभर काम करने के बाद पत्नी रानू बाई और 6 माह की बच्ची को लेने ट्रैक्टर से रामगुड़ा पहुंचा।   बच्ची की आवाज सुन पहुंचे ग्रामीण वापस लौटते समय जंगल के रास्ते में अचानक ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर पलट गया, जिससे पति-पत्नी की मौके पर ही मौत हो गई। बच्ची ट्रैक्टर से दूर जाकर गिरी, जिससे उसकी जान बच गई। उसकी रोने की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे। बच्ची को परिजनों को सौंपा सूचना मिलते ही शाहपुर पुलिस मौके पर पहुंची। शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल लाया गया। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। बच्ची फिलहाल परिजनों की देखरेख में सुरक्षित है।

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