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CM शिवराज की सभा में सिंधिया के खिलाफ जबर्दस्त नारेबाजी, स्वयंसेवकों ने किया हंगामा

भोपाल. मध्य प्रदेश में 28 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव से पहले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ सभाएं कर रहे ज्योतिरादित्य सिंधिया को जगह-जगह विरोध का सामना करना पड़ रहा है. आज अशोक नगर की सभा में सिंधिया के खिलाफ RSS स्वयंसेवकों ने हंगामा किया. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और ज्योतिरादित्य सिंधिया अशोक नगर, मुंगावली और डबरा के दौरे पर गए. चौहान और सिंधिया अशोक नगर के राजपुर की सभा में पहुंचे. इसी दौरान मुख्यमंत्री की सभा में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघके कार्यकर्ताओं ने हंगामा कर दिया. ये लोग संघ प्रचारक चेतन भार्गव पर पिछले दिनों हुई FIR का विरोध कर रहे थे. सभा में इन लोगों ने संघ प्रचारक के खिलाफ FIR वापस लेने की मांग की और जमकर नारेबाजी की. पुलिस ने इन कार्यकर्ताओं को खदेड़ दिया. हालांकि इस दौरान दोनों पक्षों के बीच काफी धक्का-मुक्की भी हुई. वहीं, अशोक नगर में सिंधिया का विरोध भी देखने मिला. यहां बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता जमा हुए और गद्दार सिंधिया वापस जाओ के नारे लगाए. बाद में पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया

आचार संहिता से घबराई तो ताबड़तोड़ ट्रांसफर और घोषणाएं

भोपाल। मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने कहा था कि मध्य प्रदेश की सरकार ने उप चुनाव टालने के लिए प्रस्ताव भेजा है परंतु चुनाव स्थगित नहीं किए जा सकते इसलिए बिहार विधानसभा चुनाव के साथ मध्य प्रदेश के विधानसभा उपचुनाव कराए जाएंगे। इसके बाद जैसे ही आज चुनाव आयोग की प्रेस कॉन्फ्रेंस की सूचना आई, आचार संहिता से घबराई शिवराज सिंह सरकार ने ताबड़तोड़ ट्रांसफर और घोषणा कर डाली। इधर चुनाव आयोग ने बिहार विधानसभा का चुनाव कार्यक्रम घोषित किया परंतु मध्यप्रदेश के लिए 29 सितंबर 2020 की तारीख सुनिश्चित कर दी। मध्य प्रदेश के पुलिस मुख्यालय ने राज्य पुलिस सेवा के 90 अधिकारियों की ट्रांसफर लिस्ट आनन-फानन में जारी कर दी। इस लिस्ट में 19 एडिशनल एसपी और शेष एसडीओपी एवं डीएसपी रैंक के अधिकारी हैं। मजेदार बात यह है कि हड़बड़ाहट में गड़बड़ी भी हो गई। बैरसिया से नीतू ठाकुर का ट्रांसफर कर दिया, जिनका सालभर पहले तबादला हो चुका है। मध्य प्रदेश कांग्रेस मीडिया सेल के उपाध्यक्ष भूपेंद्र गुप्ता ने कहा कि मध्य प्रदेश की सौदे से बनी सरकार अपने अस्तित्व को बचाने के लिए कैसे-कैसे हथकंडे अपना रही है। इसका प्रमाण है सरकार की तबादला सूची। जैसे ही सरकार को यह पता चला कि चुनाव आयोग प्रेस ब्रीफिंग करने वाला है और किसी भी क्षण उपचुनाव घोषणा हो सकती है उसके ठीक 10 मिनट पहले लगभग पुलिस अधिकारियों के तबादले कर दिए गए हैं।

शिवराज बोले- कमलनाथ नालायक थे, अपनी जोड़ी को शिव-ज्योति एक्सप्रेस का नाम दिया

भोपाल. शिवपुरी जिले में पहली बार प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया एक साथ मंच पर दिखे। मुंगावली विधानसभा क्षेत्र में पिपरई और अशोकनगर विधानसभा क्षेत्र के राजपुर गांव में दोनों नेताओं ने अपनी इस जोड़ी तो शिव-ज्योति एक्सप्रेस का नाम दिया। करोड़ों रुपए के विकास कार्यो का लोकार्पण व शिलान्यास करने के बाद दोनों की नेताओं ने कांग्रेस और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ व दिग्विजय सिंह पर जुबानी हमले किए। मुख्यमंत्री चौहान ने अशोकनगर को स्मार्ट सिटी बनाने का ऐलान किया। अगले साल अशोकनगर में कृषि महाविद्यालय खोलने का आश्वासन भी दिया। राजपुर में सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कमलनाथ जैसे मुख्यमंत्री का आचार डालेंगे क्या, जो अपने विधायकों की नहीं सुन रहे थे। इसलिए महाराज ने सरकार को सड़क पर लाकर खड़ा कर दिया। उन्होंने कहा ग्वालियर में कमलनाथ ने बोला- शिवराज सिंह नालायक है, जबकि फसल बीमा का पैसा खाने वाले, कर्जामाफी की वादाखिलाफी, कई योजनाओं को बंद करने वाले कमलनाथ ही नालायक थे। मुख्यमंत्री चौहान ने पूर्व कांग्रेस सरकार से मिले खाली खजाने पर कहा कांग्रेस की नीति, नीयत और नेता ठीक नहीं हैं, इसलिए लक्ष्मीजी उनसे रूठीं थीं। मैं रोने वाला मुख्यमंत्री नहीं हूं, इसलिए खुलेआम बोल रहा हूं प्रदेश की खराब हालत को सुधारने कर्जा लूंगा और जब स्थिति सुधर जाएगी तो वापस कर दूंगा। मेरी जनता के साथ वादाखिलाफी करने वाले कमलनाथ और दिग्विजय सिंह गद्दार : राज्यसभा सांसद बनने के बाद पहली बार जिले में आए ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा दिग्विजय सिंह और कमलनाथजी बोल रहे हैं कि जजपाल सिंह गद्दार है, ज्योतिरादित्य गद्दार है, लेकिन मैं कहता हूं कि जो नेता और जो सरकार मेरी जनता के साथ वादा खिलाफी और गद्दारी करेगी, उसके खिलाफ सिंधिया परिवार काम रखेगा। सिंधिया ने कहा कांग्रेस सरकार ने जनता के साथ वादाखिलाफी की तो प्रदेश की जनता के मान-सम्मान और विकास के लिए ज्योतिरादित्य ढाल बन गया। मोती-माधव एक्सप्रेस की तरह चलेगी शिव-ज्योति एक्सप्रेस मंच से दोनों की नेताओं ने अपनी इस नई जोड़ी को शिव-ज्योति एक्सप्रेस का नाम दिया। सिंधिया ने कहा कि जिस तरह 1980 में मोतीलाल वोरा जी और उनके पिताजी की जोड़ी को मोती-माधव एक्सप्रेस नाम दिया था, इसी तरह प्रदेश के विकास और प्रगति के लिए शिव-ज्योति एक्सप्रेस चलेगी। इस एक्सप्रेस के साथ चलने पर हर घर में खुशहाली आएगी।

MP : 4 घंटे कार्यक्रम में बिना मास्क के गृह मंत्री, बोले- मैं ताे मास्क पहनता नहीं

इंदौर। मध्य प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा बुधवार को शहर में करीब 4 घंटे तक कई कार्यक्रमों में शामिल हुए। पहले वे अनुग्रह सहायता राशि वितरण कार्यक्रम में शामिल होने रवींद्र नाट्यगृह पहुंचे। इसके बाद नए कंट्रोल रूम का उद्घाटन किया। सभी कार्यक्रमों में गृहमंत्री बिना मास्क के नजर आए। जब उनसे इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने बेहिचक कह दिया कि वे तो मास्क पहनते ही नहीं हैं। मैं यहां क्या- किसी कार्यक्रम में मास्क नहीं पहनता, इसमें क्या होता है। दरअसल, इंदौर वही शहर है, जहां मास्क नहीं पहनने वालों पर निगम टीम चालानी कार्रवाई कर रही है। मास्क नहीं लगाने वालों पर 100 रुपए जुर्माना लिया जा रहा है। इसे लेकर विवाद भी हो रहे हैं, लेकिन गृह मंत्री का मास्क को लेकर ऐसा जवाब, जनता पर क्या असर डालेगा। कैदियों की पैरोल 2 महीने और बढ़ाई गृह मंत्री ने मीडिया से चर्चा में सांवेर जेल को लेकर कहा कि निर्माण कार्य बहुत जल्दी शुरू होगा। हम आज ही सांवेर जेल को लेकर राशि मंजूर कर देंगे। कैदियों को लेकर कहा कि जो कैदी कोरोना को लेकर 4 महीने से पैरोल पर थे। उसे दो महीने और बढ़ा दिया गया है। अस्पतालों में लापरवाही को लेकर कहा कि सभी के खिलाफ जांच के बाद कार्रवाई होगी। 2 लाख रुपए की कर्जमाफी नहीं हुई किसानों के कर्जमाफी को लेकर कहा कि दो हजार और चार हजार रुपए कर्ज माफ हुए हैं। हम बात कर रहे हैं 2 लाख रुपए के कर्जमाफी की, वो नहीं हुए हैं। आप तो कांग्रेस-भाजपा के चक्कर में मत आओ। आप मीडिया वाले किसी गांव में सीधे जाओ, 10 दिन के भीतर राहुल गांधी जो 2 लाख का कर्ज माफ करने का कहकर गए थे। गांव के 10 किसानों से पूछ लो, उनके एक लाख हुए हों, डेढ़ लाख हुए हों, दो लाख हुए हों। उन्हें कैमरे के सामने बिठा लो तो दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। कमलनाथजी चांदी की चम्मच लेकर पैदा हुए, वे क्या जानें गरीबों का दर्द मध्य प्रदेश में 15 महीने कांग्रेस की सरकार रही। कमलनाथजी मुख्यमंत्री रहे, उन्होंने गरीब के दर्द और पीड़ा को समझा ही नहीं। समझते भी कैसे- उद्योगपति हैं, बड़े आदमी के बेटे थे, सोने की चम्मच मुंह में लेकर पैदा हुए थे, गरीब का दर्द वे कहां जानते। अपने यहां शास्त्र में कहा गया है कि जाके पांव ना फटी बेमाई, वाे का जाने पीर पराई। सोने का चम्मच लेकर पैदा होने वाले कमलनाथजी को इस दर्द का एहसास ही नहीं है। दर्द का एहसास है भाजपा को, उसके नेताओं को और हमारे मुख्यमंत्री को, क्योंकि वे गरीब और किसान के बेटे हैं। यह बात प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने बुधवार को रवींद्र नाट्यगृह में कही। वे यहां अनुग्रह सहायता राशि वितरण कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे।

मां पीतांबरा के दर्शन के बहाने प्रियंका गांधी के रोड शो की तैयारी

भोपाल। मध्य प्रदेश में होने वाले विधानसभा उपचुनाव के जरिये सत्ता में वापसी का गणित भले ही कांग्रेस के लिए मुश्किलभरा हो, लेकिन पार्टी जीत के लिए पुरानी परिपाटी को छोड़ने में भी गुरेज नहीं कर रही है। कांग्रेस की नैया पार लगाने के लिए उपचुनाव में गांधी परिवार का चेहरा मोर्चा संभाल रहा है। मप्र कांग्रेस ने पार्टी की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा को उपचुनाव में बुलाया है। प्रियंका यहां दतिया स्थित मां पीतांबरा देवी के दर्शन के बहाने आ रही हैं। इसी बहाने वे उपचुनाव की छह सीटों से गुजरते हुए रोड शो भी करेंगी। उनका कार्यक्रम राजस्थान से सड़क मार्ग से प्रवेश कर मुरैना, ग्वालियर और डबरा होते हुए दतिया तक पहुंचने का बनाया जा रहा है। मकसद है सिंधिया से हिसाब चुकता करना दरअसल, कमल नाथ सरकार गिराने के लिए कांग्रेस ज्योतिरादित्य सिंधिया को दोषी ठहराती रही है, इसलिए वह कांग्रेस और गांधी परिवार के निशाने पर हैं। सिंधिया से हिसाब चुकता करने के लिए ही कांग्रेस उनके गढ़ में प्रियंका गांधी वाड्रा का रोड शो कराने की तैयारी में है। कांग्रेस को उम्मीद है कि प्रियंका के आने से इन क्षेत्रों में कार्यकर्ता सक्रिय होंगे, क्योंकि अभी मुश्किल यह है कि सिंधिया के प्रभाव वाला क्षेत्र होने के कारण यहां पार्टी कार्यकर्ताओं की कमी के साथ ही भरोसे के संकट से भी जूझ रही है। वह कड़ी टक्कर देने वाले प्रत्याशी के लिए भी दूसरे दलों के बागियों पर आश्रित है। पीढ़ियों से हाजिरी लगाता आया गांधी परिवार कांग्रेस प्रियंका के इस प्रस्तावित दौरे को सियासी करार देने से बच रही है। उसका तर्क है कि मां पीतांबरा के दर्शन के लिए गांधी परिवार पीढ़ियों से हाजिरी लगाता आया है। पूर्व प्रधानमंत्री पं. जवाहर लाल नेहरू, इंदिरा गांधी और राजीव गांधी यहां आकर दर्शन कर चुके हैं। 2018 में राहुल गांधी ने यहां दर्शन पूजन कर चुनावी अभियान शुरू किया था। एक तीर से कई निशाने कांग्रेस प्रियंका का रोड शो कर एक तीर से कई निशाने लगाना चाहती है। 2018 में राहुल गांधी की मंदसौर रैली ने मप्र विस चुनाव-2018 की तस्वीर ही बदल दी थी। उपचुनाव में प्रियंका भी संदेश देना चाहेंगी कि कांग्रेस में युवा नेताओं को भरपूर मौका दिया जा रहा है। प्रियंका उत्तर प्रदेश में लगातार सक्रिय हैं। रोड शो से सफलता मिलने की स्थिति में उत्तर प्रदेश में प्रियंका की पैठ और गहरी होगी। वहां भी कार्यकर्ताओं का नया कैडर मजबूत हो सकता है।

पानीपत में दिल्ली कूच कर रहे किसानों पर आंसू गैस के गोले, कई हिरासत में

चंडीगढ़। कृषि बिल को लेकर किसानों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है. पश्चिमी उत्तर प्रदेश से लेकर हरियाणा और पंजाब में किसान सड़क पर हैं और बिल को वापस लेने की मांग कर रहे हैं. हरियाणा के पानीपत में दिल्ली कूच कर रहे किसानों पर हरियाणा पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे हैं और पानी की बौछार की गई है. इसके साथ ही किसानों को हिरासत में ले लिया गया. प्रदर्शन कर रहे किसानों का कहना है कि अध्यादेश किसानों का डेथ वारंट है और इसे किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेंगे. जो पहले से उन्हें मिल रहा है, वह उसको लेकर खुश हैं. सरकार और ज्यादा देने का प्रयास ना करें. उन्होंने कहा कि सरकार किसानों को उनकी जमीन को अडानी और अंबानी को बेचने का काम कर रही है. किसान नेताओं का कहना है कि सरकार लोगों के साथ धोखा कर रही है, क्योंकि तीनों अध्यादेश पूंजीपतियों के लिए है और पूंजीपति किसान की फसल का मनचाहा एमएससी लगाएंगे, जिससे किसान की हालत और भी ज्यादा खराब होगी. आज पूरे देश का किसान रोड पर उतर कर इसका विरोध कर रहा है. भारतीय किसान यूनियन और अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति ने 25 सितंबर को भारत बंद का ऐलान किया है. भाकियू के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने बताया कि देशभर के किसान 25 सितंबर को कृषि सुधार विधेयक 2020 के विरोध में धरना प्रदर्शन और चक्का जाम करेंगे. यूपी के किसान अपने-अपने गांव, कस्बे और हाईवे का चक्का जाम करने का काम करेंगे. किसान यूनियन के महासचिव धर्मेंद्र मलिक ने कहा कि भारतीय किसान यूनियन इस हक की लडाई को मजबूती के साथ लड़ेगी. सरकार यदि हठधर्मिता पर अड़िग है तो हम किसान भी पीछे हटने वाले नहीं हैं. किसान के पेट पर सरकार ने हमला किया है, जिसे हम कभी बर्दाश्त नहीं करेंगे. इस कानून से कृषि क्षेत्र में कम्पनी राज को सरकार स्थापित कर रही है.

सपा नज़र ब्राह्मण वोटों पर , 75 जिलों में भगवान परशुराम का भव्य मंदिर बनवाएगी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में कास्ट पॉलीटिक्स हावी है। खासकर 16% ब्राह्मणों को अपने पाले में लाने के लिए सपा हो या कांग्रेस कोई कोर कसर नहीं छोड़ना चाहती है। आम आदमी पार्टी तो यूपी में जातिगत सर्वे भी करा चुकी है। जिस पर सांसद संजय सिंह पर राजद्रोह का केस भी दर्ज है। मंगलवार को सपा के पूर्व मंत्री व राष्ट्रीय प्रवक्ता अभिषेक मिश्रा ने उरई में कहा कि, सपा प्रदेश के 75 जिलों में भगवान परशुराम का भव्य मंदिर बनवाएगी। इसके लिए चेतना पीठ के नाम से ट्रस्ट बन गया है। इस सरकार में हर जाति व वर्ग परेशान पूर्व मंत्री अभिषेक ने योगी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि, पूरे प्रदेश में ब्राह्मणों के साथ-साथ अन्य जातियों पर अन्याय हो रहा है। इनके सांसद-विधायक टीवी पर बैठकर ब्राह्मणों को जूते मारने की बात कहते है, वहीं इस सरकार में युवा वर्ग, किसान परेशान है। जो लोग सरकारी नौकरी कर रहे उनको सरकार ने 3 माह से वेतन नहीं दिया है और जिनको वेतन दे रही है, उनका केवल 40% ही दिया जा रहा है। इसे समाजवादी पार्टी कभी भी बर्दाश्त नहीं करेगी और इसके लिए लगातार संघर्ष करती रहेगी। चार बार मुख्यमंत्री रहीं मायावती तब क्यों नहीं बनवाया मंदिर उन्होंने मायावती पर भी हमला बोला। कहा कि मायावती चार बार यूपी में मुख्यमंत्री रह चुकी हैं, तीन बार उन्होंने भाजपा के साथ सरकार बनाई, जबकि एक बार ब्राह्मणों के सहयोग से सरकार बनाई थी, लेकिन उन्होंने भगवान परशुराम का एक भी मंदिर नहीं बनाया और जब वह कह रही हैं कि सरकार आते ही वह मंदिर बनाएगी, लेकिन सपा सरकार में न होते हुए भी अभी से ही मंदिर का निर्माण कराने लगी है। उन्होंने कहा कि सपा सरकार बनते ही हर वर्ग का विशेष ध्यान रखा जाएगा, बैक डोर से कंपनियों को फायदा पहुंचाने के लिए लाया गया कृषि बिल अभिषेक मिश्रा ने कहा कि प्रदेश में भाजपा सरकार द्वारा 5 साल संविदा का कानून लागू करने की योजना थी, जैसा कि वह गुजरात में इसे लागू कर चुकी थी। लेकिन हाईकोर्ट के आदेश पर वहां पर वापस लेना पड़ा और जब यहां युवाओं ने आवाज उठाई तो सरकार को बैकफुट पर आना पड़ा। वहीं, किसानों के साथ भाजपा सरकार ने अंग्रेजों से काले कानून के तहत कृषि बिल लाया है। जिसमें बैक डोर से कंपनियों को ले जाकर किसानों की कमर को तोड़ना है। सपा सरकार आते ही यूपी में किसानों के हित को ध्यान में रखते हुए उनके लिए अलग कानून लाया जाएगा, जिससे किसानों को सही एमएसपी मिल सके।

MP : शहरी क्षेत्रों में सरकारी जमीन पर काबिज लोगों को दिए जाएंगे स्थायी पट्टे

भोपाल. मध्य प्रदेश कैबिनेट ने एक बड़ा निर्णय लेते हुए प्रदेशभर में शहरी क्षेत्रों में सरकारी जमीन (नजूल की भूमि) पर काबिज लोगों को स्थायी पट्टे मिल सकेंगे। सरकार 53 साल बाद नजूल भूमि के नियम बदलने जा रही है। इसके लिए हर जिले में कलेक्टर, संभाग में कमिश्नर और राजधानी भोपाल में मुख्य सचिव की अध्यक्षता में समिति बनाई जाएंगी। नजूल की भूमि का पूरा ब्योरा एक क्लिक मेंं ऑनलाइन देखा जा सकेगा। गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कैबिनेट की बैठक की जानकारी देते हुए कहा कि गौशालाओं के लिए 10 एकड़ तक नजूल की जमीन एक रुपए सालाना लाइसेंस फीस पर दी जाएगी। यानि ये एक तरह से मुफ्त होगी। राज्य सरकार 2020 नजूल भूमि निवर्तन निर्देश लागू करने जा रही है। अब राजस्व भूमि का संधारण किया जाएगा नरोत्तम मिश्रा ने की बैठक में 50 साल बाद नगरीय क्षेत्रों की शासकीय भूमि के धारकों को भू अधिकार पत्र देकर उन्हें स्वामित्व दिया जाएगा। नजूल निवर्तन निर्देश दिया गया गया है। वर्तमान में नगरीय क्षेत्रों में नजूल भूमि, आबादी भूमि धारणा अधिकार सुनिश्चित एवं राजस्व वसूली के लिए कोई भूमि अभिलेख संधारित नहीं था। जो इसके बाद अब होगा। नगरीय क्षेत्र में शासकीय भूमि में काबिज अधि भोगियों को भूमि स्वामी प्रमाणपत्र अथवा स्थायी पट्टा किए जाने का प्रस्ताव है। विभाग द्वारा तैयार किए गए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित वरिष्ठ सचिव समिति द्वारा भी इसमें अनुशंसाएं की गई हैं। जब हम गांव में पट्टा दे रहे हैं तो शहर में क्यों नहीं ? गृह मंत्री ने कहा 1967 से राज्य शासन द्वारा नजूल भू खंडों के अधिपत्य अभिलेख तैयार करने और उसके प्रमाणपत्र तैयार करने के निर्देश शासन देगा। ये कार्रवाई प्रदेश के सभी नगरों में शुरू होगी। जहां पर नजूल भूमि का रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है, वहां पर उपलब्ध होगा। इसकी आवश्यकता क्यों है, वो इसलिए कि भू धारकों को पट्टा देने के साथ ही नजूल भूमि का अभिलेख तैयार करने और इससे राजस्व वसूली करने की जरूरत है। अब इसके बाद स्थायी पट्टा मिल सकेगा। जैसे ग्वालियर में जेसी मिल में लोग सालों से रह रहे हैं। जब हम गांवों में पट्टा दे रहे हैं और मालिक बना रहे हैं तो फिर शहर में क्यों नहीं। जमीन कैसे दी जा सकेगी राज्य शासन के किसी भी विभाग को हस्तांतरण द्वारा, स्थायी पट्टे पर द्वारा, स्थानीय निकाय को भू-स्वामी के हक में दी जाकर, नीलामी द्वारा भू स्वामी के हक में दी जाकर। खाली पड़ी भूमि को मेला लगाने के लिए लाइसेंस द्वारा दी जा कर। योजना बनाकर निर्माण के लिए बाजार, बस स्टैंड इत्यादि के लिए बाजार मूल्य 50 फीसदी प्रीमियम। आबादी योजना के लिए बाजार मूल्य के लिए 60 फीसदी प्रीमियम पर। मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय राजनीतिक दलों को सक्षम प्राधिकार राज्य सरकार को होगी, लेकिन ऐसे मामले में कैबिनेट की मंजूरी जरूरी होगी। अब एनओसी के लिए नहीं भटकना होगा नजूल के एनओसी के लिए अब भटकना नहीं पड़ेगा। अब ये व्यवस्था समाप्त की जा रही है। इसे फ्री कर दिया गया। नजूल की भूमि का लैंड बैंक तैयार किया ज रहा है। एक क्लिक पर पूरे नजूल की जानकारी हर कोई ले सकेगा। कमजोर वर्गों को आधे प्रीमियम पर भूमि आवंटित की जाएगी। सहकारी बैंकों के मामले में 50 फीसदी प्रीमियम पर भूमि दी जाएगी। चैरिटेबल संस्थाओं को रियायती दरों पर भूमि दी जाएगी। गौशालाओं के लिए 10 एकड़ तक की भूमि एक रुपए वार्षिक लाइसेंस फीस पर दी जाएगी मतलब गौशालाओं के लिए भूमि निशुल्क कर दी गई है। स्थायी पट्टे वित्त विभाग की सहमति से 99 साल के लिए दिए जाएंगे। 77 लाख किसानों के खातों में 25 सितंबर को एक क्लिक में भेजी जाएगी 4-4 हजार की राशि नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि उसमें किसान कल्याण निधि जोड़कर 10 हजार रुपए साल तय कर दी है। प्रदेश सरकार ने इसमें 4 हजार रुपए जोड़ा गया है। 77 लाख किसानों के खाते में 25 सितंबर को दीन दयाल उपाध्याय जी के जन्मदिन पर ये राशि एक क्लिक में भेजी जाएगी। बुधवार से राजस्व विभाग का अमला और पटवारी इसके डेटा कलेक्शन के लिए जुट जाएंगे। 77 लाख के अलावा, जो किसान मानते हैं कि वह पात्र हैं, लेकिन उनका नाम नहीं है। वह अपना नाम इस लिस्ट में जुड़वाएं। उन सभी के डेटा को कंप्लीट करने का काम कल से होगा। फिर चाहे वो 80 लाख हो जाएं या 90 लाख हो जाएं। सभी को इसका लाभ मिलेगा।

MP : विदिशा में फसल बीमा की राशि काे लेकर किसानाें का एक घंटे तक चक्काजाम

विदिशा। फसल बीमा की राशि और खराब हुई फसल के सर्वे की मुआवजा राशि को लेकर मंगलवार को देवास-कानपुर हाईवे के धतूरिया गांव के पास किसान सड़क पर उतर आए। किसानों ने नेशनल हाईवे 146 पर चक्काजाम कर दिया। किसानों का कहना था कि बीमा राशि की सूची में हमारा नाम नहीं है। चक्काजाम के कारण दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। इन गांवों के किसान शामिल चिड़ोरिया, खाईखेड़ा, मिर्जापुर, पांझ, कुआखेड़ी, सन, भैरोखेड़ी, रुसल्ला, कराखेड़ी, मदनखेड़ी, धारुखेड़ी, डाबर, पड़रात, धतूरिया, पीपरहूंठा, अबेला, तिलक, भदारबड़ा गांव, हिरनई, खरी, काफ, मूड़रा, ठर्र आदि गांव के किसान यहां काफी संख्या में जुट गए थे। किसानों के आगे सिविल लाइंस पुलिस बेबस नजर आई। वहीं, कांग्रेस नेताओं के नेतृत्व में किसानों ने बीमा राशि को लेकर सुनवाई नहीं होने से कलेक्टोरेट में प्रदर्शन किया। इसके अलावा राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के कार्यकर्ताओं ने किसानों की समस्याओं को लेकर किसानों ने जमकर नारेबाजी की। किसान जुटते गए, पुलिस को भनक भी नहीं लगी सागर रोड के एक दर्जन से ज्यादा गांव के किसान बीमा राशि को लेकर सागर हाईवे पर धतूरिया के पास एकत्रित हुए। सैकड़ों की संख्या में किसान पूर्व सूचना पर जुटते गए लेकिन सिविल लाइंस पुलिस को इस बात की भनक नहीं लगी। सिविल लाइंस थाना प्रभारी कमलेश सोनी के ढीले रवैये की वजह से आंदोलन को और ज्यादा बल मिला। एकत्रित हुए किसानों ने करीब एक घंटे तक जाम लगाए रखा। बात करनी की बजाय थाना प्रभारी किसानों ने बदतमीजी कर रहे थे। इस वजह से नाराज किसानों ने हाईवे पर एक घंटे तक जाम लगा दिया। दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई। कई गांवों के किसानों को नहीं मिली बीमा राशि, नेता और अफसर कर रहे गड़बड़ी कांग्रेस नेता देवेंद्रसिंह राठौर, डॉ राजेन्द्रसिंह दांगी, नरेन्द्र रघुवंशी, पोपसिंह, दीवान किरार, प्रकाश कक्का, सुनील रघुवंशी , पांझ पंचायत के सरपंच तोरन सिंह का कहना था कि पिछले साल खरीफ फसल को बहुत नुकसान हुआ था। लेकिन जहां नुकसान हुआ वहां किसानों को राशि नहीं दी गई। कंपनी, अफसरों और नेताओं के साथ मिलकर गड़बड़ी करती है। हाईवे पर जाम के बाद कृषि: संचालक एएस चौहान किसानों से चर्चा करने पहुंचे। डीडीए ने बताया कि एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी ने प्रदेश के 22 जिलों में बीमा किया था। 416 हलकों में बीमा आया है और 171 में नहीं आया है। कंपनी के अधिकारियों से चर्चा हुई। बाकी हलकों की राशि आने की उम्मीद है। वहीं विदिशा विधायक शशांक भार्गव ने प्रधानमंत्री, कृषि मंत्री और मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर विसंगति को दूर करने की मांग की। कांग्रेस भी उतरी किसानों के लिए कांग्रेस नेताओं ने बीमा नहीं मिलने पर किसानों के साथ कलेक्टोरेट में प्रदर्शन किया। कांग्रेस जिलाध्यक्ष कमल सिलाकारी, पूर्व विधायक डॉ मेहताबसिंह यादव आदि नेताओं का कहना था कि बीमा राशि वितरण सही ढंग से की जाए। जहां नुकसान हुआ था वहां बीमा नहीं मिला। वहीं राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के कार्यकर्ताओं ने भी इसका विरोध कर प्रदर्शन किया।

MP : उपचुनाव से पहले 14 IASके तबादले, ग्वालियर, सागर और जबलपुर के कमिश्नर बदले

भोपाल. मध्य प्रदेश की अट्ठाइस विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव से पहले राज्य सरकार ने बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है. मंगलवार रात जारी हुए आदेश में 14 आईएएस अधिकारियों के तबादले कर दिए हैं. इन तबादलों में ग्वालियर, सागर और जबलपुर संभाग के कमिश्नर को बदल दिया गया है. इन तीनों संभाग के कमिश्नर को मंत्रालय से अटैच किया गया है और उन्हें सचिव बनाया गया है. जबकि संभाग में नए कमिश्नर की नियुक्ति कर दी गई है. ग्वालियर के कमिश्नर एम.बी ओझा मंत्रालय में सचिव बनाए गए हैं. उनकी जगह अब आशीष सक्सेना ग्वालियर संभाग के नए कमिश्नर होंगे. इसी तरह सागर संभाग के कमिश्नर जनक जैन को मंत्रालय में सचिव बनाया गया है. उनकी जगह अब मुकेश शुक्ला सागर के नए कमिश्नर होंगे. वहीं जबलपुर के कमिश्नर रहे महेश चौधरी को मंत्रालय में सचिव बनाया गया है. उनकी जगह अब बी चंद्रशेखर जबलपुर संभाग के नए कमिश्नर होंगे. दरअसल कुछ वक्त पहले चुनाव आयोग की तरफ से निर्देश जारी किए गए थे कि अगले छह महीने में रिटायर होने वाले और तीन साल से ज्यादा समय से जमे अधिकारियों को जिलों से हटाया जाए. ग्वालियर, सागर और जबलपुर संभाग के कमिश्नर का तबादला इसी से जोड़कर देखा जा रहा है. यह अधिकारी बदले गए – 14 आईएएस अधिकारियों की नई पदस्थापना – ग्वालियर, सागर, जबलपुर संभाग के कमिश्नर बदले गए – ग्वालियर कमिश्नर एमबी ओझा मंत्रालय में सचिव बनाए गए – आशीष सक्सेना ग्वालियर संभाग के नए कमिश्नर होंगे – जनक जैन सागर संभाग के कमिश्नर मंत्रालय में सचिव बनाए गए – मुकेश शुक्ला सागर के नए कमिश्नर होंगे – महेश चौधरी जबलपुर कमिश्नर मंत्रालय में सचिव बनाए गए – बी चंद्रशेखर जबलपुर संभाग के नए कमिश्नर होंगे – एम के अग्रवाल आयुक्त सहकारी संस्थाएं बनाये गए – मसूद अख्तर, गृह विभाग में सचिव बनाए गए – संजीव सिंह, आयुक्त आदिवासी विकास बनाए गए – शिल्पा गुप्ता, उप सचिव, पंचायत एवं ग्रामीण विकास – सूफिया फारूकी, सीईओ, रोजगार गारंटी परिषद – प्रीति मैथिल, संचालक, कृषि विभाग – गणेश शंकर मिश्रा, आयुक्त, संस्थागत वित्त – षणमुख प्रिया, सीईओ, राज्य कौशल विकास एवं रोजगार निर्माण बोर्ड

कमलनाथ ने कहा- किसानों की कर्ज माफी पर झूठ बोलने के लिए शिवराज और सिंधिया माफी मांगे

भोपाल। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने शनिवार को ग्वालियर में मुख्यमंत्री शिवराज को चुुनौती कहा था कि वह आमने-सामने बैठ जाएं, मैं उन्हें 26 लाख किसानों के कर्ज माफी का पूरा रिकॉर्ड दे दूंगा। प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मंगलवार को बयान जारी कर कहा कि कांग्रेस सरकार द्वारा किसानों की ऋण माफी पर पहले दिन से ही मुख्यमंत्री शिवराज सिंह और कांग्रेस छोड़कर भाजपा में गए ज्योतिरादित्य सिंधिया झूठ बोलते रहे हैं। इस झूठ की राजनीति का पर्दाफाश स्वयं शिवराज सरकार ने सोमवार को विधानसभा में कर दिया है। शिवराज सरकार ने स्वीकार किया कि प्रदेश में प्रथम और द्वितीय चरण में कांग्रेस की सरकार ने 51 जिलों में 26 लाख 95 हजार किसानों का 11 हजार 600 करोड़ रुपए से अधिक का कर्ज माफ किया है। प्रदेश की जनता से सफेद झूठ बोलने और गुमराह करने की घृणित राजनीति के लिए शिवराज सिंह और ज्योतिरादित्य सिंधिया को तत्काल प्रदेश की जनता से माफी मांगना चाहिए । कमलनाथ ने कहा कि ग्वालियर दौरे के दौरान मैंने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को किसानों की ऋण माफी के मुद्दे पर खुली बहस करने की चुनौती दी थी। वे इस मुद्दे पर खुली बहस करते, उसके पहले ही उनकी सरकार ने विधानसभा में स्वीकार कर लिया कि कांग्रेस सरकार ने 26 लाख 95 हजार किसानों का ऋण माफ किया था। जबकि स्वीकृति की प्रकिया में शेष पांच लाख नब्बे हजार किसानों की संख्या को भी स्वीकार किया है। भाजपा की झूठ की राजनीति का पर्दाफाश हुआ पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि सदन के पटल पर जो सच्चाई भाजपा सरकार ने स्वीकार की है, इससे शिवराज सिंह व भाजपा की झूठ की राजनीति का पर्दाफाश हो चुका है और मेरे द्वारा पहले दिन से ही किसान ऋण माफी की जो संख्या और सूची दी जा रही थी, वह सच साबित हुई है। मैं शुरू से ही यह कहता आ रहा हूं कि भाजपा चाहे जितना झूठ बोल ले लेकिन जो सच्चाई है, वह इस प्रदेश की जनता जानती है और हमारे किसान भाई इसके गवाह है। इसी सच्चाई को सदन में भाजपा सरकार के कृषि मंत्री ने लिखित में स्वीकार भी किया है । अब बाकी किसानों की कर्ज माफी की प्रक्रिया शुरू करनी चाहिए कमलनाथ ने कहा कि सच्चाई को स्वीकार करने के बाद शिवराज सरकार को शेष किसानों की ऋण माफी की प्रक्रिया को शीघ्र शुरू करना चाहिए । उन्होंने कहा कि विधानसभा में जो बहाना ऋण माफी योजना की समीक्षा का बनाया गया है, वह बताता है कि भाजपा और शिवराज सिंह किसानों के विरोधी है। शिवराज सरकार कोई समय-सीमा भी बताने को तैयार नहीं है, जिससे स्पष्ट होता है कि वे किसानों की कर्ज माफी करना ही नहीं चाहते।

MP : शिवराज सरकार ने माना- कमलनाथ सरकार में 51 जिलों में माफ हुआ किसानों का कर्ज

भोपाल. मध्य प्रदेश में किसान कर्ज माफी को लेकर अब तक पिछली कांग्रेस सरकार पर हमलावर सत्‍तारूढ़ बीजेपी ने माना है कि कमलनाथ सरकार में किसान कर्ज माफी हुई है. किसान कर्ज माफी के मुद्दे पर अब तक बीजेपी के आरोप झेल रही कांग्रेस ने प्रदेश सरकार पर जवाबी हमला करना शुरू कर दिया है. पूर्व मंत्री और मौजूदा कांग्रेस विधायक डॉक्टर गोविंद सिंह ने कहा है कि कांग्रेस बार-बार यह कह रही है कि कमलनाथ सरकार में किसानों का कर्जा माफ हुआ है, लेकिन बीजेपी किसान कर्ज माफी के मामले पर भ्रम फैलाने का काम कर रही है. अब विधानसभा में सरकार के जवाब से साफ हो गया है कि किसानों का कर्जा माफ हुआ है. डॉक्टर गोविंद सिंह ने दावा किया है कि उनके विधानसभा क्षेत्र में किसानों का दो लाख रुपए तक का भी कर्जा माफ हुआ है. विधानसभा में कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह (के एक सवाल पर कृषि मंत्री कमल पटेल ने जवाब दिया कि प्रदेश में 51 जिलों में किसान कर्ज माफी हुई है. राज्य सरकार ने विधानसभा में बताया कि 27-12-2019 से पहले किसान कर्ज माफी का पहला चरण और 27-12-2019 के बाद किसान कर्ज माफी का दूसरा चरण चलाया गया था. राज्य सरकार ने यह भी माना है कि प्रदेश में किसानों का एक लाख रुपए तक का कर्जा माफ हुआ है. राज्य सरकार ने गुना, बमोरी, राघोगढ़, मधुसूदनगढ़, चाचौड़ा, कुंभराज और आरोन में भी 17403 किसानों का एक लाख रुपए तक का कर्जा माफ होने की जानकारी दी. राज्य सरकार के विधानसभा में दिए गए जवाब के मुताबिक, प्रदेश के सभी जिलों में किसान कर्ज माफी हुई है. कमलनाथ सरकार ने किया था यह वादा इस बीच, कृषि मंत्री कमल पटेल ने एक बार फिर पूर्व की कांग्रेस सरकार पर निशाना साधा है. कृषि मंत्री कमल पटेल के मुताबिक, कमलनाथ सरकार ने 10 दिन के अंदर कर्ज माफी का वायदा किया था, लेकिन एक भी किसान का दो लाख रुपए तक का कर्जा माफ नहीं हुआ है. कृषि मंत्री कमल पटेल पिछली सरकार किसान कर्ज माफी के नाम पर किसानों के साथ धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया.

शिवराज जी, ये इंदौर में क्या हो रहा है? ना जीवित इंसान सुरक्षित है और ना शव?

पिछले एक हफ्ते में इंदौर में मरीजों के साथ-साथ शवों से भी जो बदसलूकी की घटनाएं सामने आ रही हैं, उससे शहर की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े हो गए हैं। एमवाय की मर्चुरी में शव का कंकाल बन जाना, पांच दिन तक दो महीने के बच्चे का शव बॉक्स में पड़ा रहना, कोरोना मरीज की मौत के बाद परिजन को बिना बताए शव रूम में रखवा देने के बाद सोमवार को यूनिक अस्पताल में एक कोविड मरीज के शव को चूहों द्वारा कुतरा जाना और एमटीएच अस्पताल में एक मरीज की फिर से मौत हो जाना जैसे मामले ने शहर की स्वास्थ्य सेवाओं पर सवालिया निशान खड़ा कर दिए हैं। इस पूरे मामले में पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भी ट्वीट कर चिंता जाहिर की है। उन्होंने लिखा – मुख्यमंत्री शिवराज जी, ये आपके सपनों के शहर इंदौर में क्या हो रहा है? ना जीवित इंसान सुरक्षित है और ना शव? पूर्व सीएम का ट्वीट मुख्यमंत्री शिवराज जी, ये आपके सपनों के शहर इंदौर में क्या हो रहा है? ना जीवित इंसान सुरक्षित है और ना शव? शव कंकाल बन रहे हैं, नवजात का शव मुर्दाघर में रख भुला दिया जाता है और अब शव को चूहे द्वारा कुतरे जाने की घटना सामने आयी है। मानवता को शर्मशार करने वाली इन घटनाओं से परिवार की भावनाएं आहत हो रही हैं, इंसानियत – मानवता तार-तार हो रही है? स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली की सामने आ रही इन तस्वीरों पर सरकार कड़ा निर्णय ले, दोषियों पर सख़्त कार्यवाही करे। यह है मामला इतवारिया बाजार के रहने वाले नवीन चंद जैन (87 साल) को सांस लेने में तकलीफ होने पर 17 सितंबर को यूनीक अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। परिजन के अनुसार, बुजुर्ग का कोविड वार्ड में इलाज चल रहा था। रविवार रात करीब 3 बजे उनकी मौत की सूचना दी गई। कहा गया कि निगम की गाड़ी उन्हें अंतिम संस्कार के लिए लेकर जाएगी। जब हम दोपहर 12 बजे अस्पताल पहुंचे तो हमने देखा कि शव को जगह-जगह चूहों ने कुतर रखा है। हमने प्रबंधन से बात की तो उनका कहना था कि हमसे गलती हो गई।

MP : सिंधिया को घेरने के लिए पायलट को चुनाव मैदान में उतारेगी कांग्रेस

भोपाल। मध्य प्रदेश में होने वाले विधानसभा के उप-चुनाव में कांग्रेस ने अपने से अलग हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को घेरने की रणनीति पर काम करना शुरू कर दिया है। इसके लिए उनके पुराने दोस्त और राहुल गांधी के करीबियों को चुनाव प्रचार के मैदान में उतारा जा सकता है। राज्य में होने वाले विधानसभा के उप-चुनाव सियासी तौर पर कांग्रेस के पूर्व नेता और वर्तमान में भाजपा के सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया के लिए सबसे अहम माने जा रहे हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि उन्होंने कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थामा तो कमलनाथ की सरकार गिर गई और भाजपा को फिर से सत्ता संभालने का मौका मिला। राज्य में जिन 28 विधानसभा सीटों पर उप-चुनाव होने वाले हैं उनमें से 16 सीटें ग्वालियर-चंबल इलाके से आती हैं और इन क्षेत्रों की हार-जीत सिंधिया के राजनीतिक भविष्य से जुड़ी हुई है। ऐसा इसलिए, क्योंकि ग्वालियर-चंबल इलाके को सिंधिया का प्रभाव क्षेत्र माना जाता है। पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को इस इलाके में भारी बढ़त मिली थी। सिंधिया के करीब रहे नेताओं को मैदान में उतार सकती है कांग्रेस कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि पार्टी ने सिंधिया को घेरने के लिए युवाओं की टीम चुनाव प्रचार में उतारने का मन बनाया है। इस टीम में राहुल गांधी के करीबियों में शामिल सचिन पायलट, आरपीएन सिंह, जितेंद्र सिंह सहित कई युवा नेताओं को प्रचार में आगे किया जा सकता है। कांग्रेस युवा नेताओं की जरिए सिंधिया को घेरना चाहती है और उसके लिए कभी सिंधिया के करीबी रहे साथी सबसे ज्यादा उपयोग के लायक लग रहे हैं। सिंधिया के दोस्त पायलट करेंगे कांग्रेस का प्रचार सूत्रों के मुताबिक, बीते रोज प्रदेशाध्यक्ष कमलनाथ के दिल्ली दौरे के दौरान भी चुनाव प्रचार की रणनीति पर चर्चा हुई है। राज्य में कई विधानसभा क्षेत्रों में गुर्जर मतदाता है और वे चुनावी नतीजों को भी प्रभावित करते है। लिहाजा कमलनाथ चाहते हैं कि पायलट को उप-चुनाव के प्रचार में उनका उपयोग किया जाए। कमलनाथ पायलट को प्रचार के लिए राज्य में लाकर दूसरे नेताओं के प्रभाव को भी पार्टी के भीतर कम करना चाह रहे हैं। सिंधिया के प्रभाव को पायलट कम कर सकते हैं राजनीतिक विश्लेषक अरविंद मिश्रा का मानना है कि कांग्रेस में सचिन पायलट की पहचान उर्जावान और अपनी बात को बेवाक तरीके से कहने वाले नेता की तो है ही, साथ ही आमजन के बीच भी पायलट को पसंद किया जाता है। सिंधिया के जाने से कांग्रेस को नुकसान हुआ है, उप-चुनाव में सिंधिया के प्रभाव को रोकने में कांग्रेस का नए और चमकदार चेहरे का उपयोग कारगर हो सकता है। कांग्रेस अगर ऐसा करने में सफ ल होती है तो चुनाव और भी रोचक हो जाएंगे। कांग्रेस चार सचिवों की नियुक्ति पहले ही कर चुकी है कांग्रेस से जुड़े सूत्रों का कहना है कि मध्यप्रदेश में कांग्रेस की सियासत के नए समीकरण बन रहे हैं। प्रदेशाध्यक्ष कमल नाथ चाहते हैं कि राज्य के उन नेताओं को ही सक्रिय किया जाए जो उनके करीबी हैं, वही दूसरे राज्यों के उन नेताओं को राज्य में प्रचार के लिए भेजा जाए जिनकी राहुल गांधी और प्रियंका गांधी से नजदीकियां हैं। राज्य में आगामी विधानसभा के उपचुनाव में नई कांग्रेस देखने को मिल सकती है। वैसे भी उपचुनाव के लिए पार्टी हाईकमान ने चार सचिवों की पहले ही तैनाती की है और वे कमलनाथ के साथ पार्टी हाईकमान के बीच रहकर चुनावी रणनीति को जमीनी स्तर पर उतारने में लगे हैं।

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