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पूर्व मंत्री प्रमोद जैन भाया के खिलाफ एफआईआर को रद्द करने से राजस्थान हाईकोर्ट ने किया इंकार

जयपुर राजस्थान हाईकोर्ट ने पूर्व मंत्री प्रमोद जैन भाया, उनकी पत्नी उर्मिला जैन भाया सहित अन्य लोगों को उनके खिलाफ विभिन्न थानों में दर्ज 19 एफआईआर को रद्द करने से साफ इंकार कर दिया है। जस्टिस समीर जैन की एकल पीठ ने याचिकाएं खारिज करते हुए सभी याचिकाकर्ताओं को आगामी 10 दिनों में जांच में शामिल होने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं। पूर्व मंत्री और उनके करीबियों की ओर से दाखिल याचिकाओं में कहा गया था कि उनके खिलाफ ये मुकदमे राजनीतिक द्वेषता के चलते दर्ज किए गए हैं। याचिकाओं में यह भी आरोप लगाया गया था कि विधानसभा चुनाव हारने के बाद सत्ताधारी पार्टी के प्रभाव में आकर सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग करते हुए उनके रिश्तेदारों, दोस्तों और सहयोगियों को निशाना बनाया गया है। याचिकाकर्ताओं ने अदालत से मांग की थी कि सभी मुकदमों की जांच बारां और झालावाड़ जिले के बाहर तैनात किसी निष्पक्ष आईपीएस अधिकारी से कराई जाए। हालांकि कोर्ट ने इस तर्क को मानने से इंकार कर दिया। अदालत ने कहा कि याचिकाकर्ता ने किसी अधिकारी पर व्यक्तिगत दुर्भावना का आरोप नहीं लगाया है, ऐसे में किसी विशेष अधिकारी से जांच की मांग स्वीकार नहीं की जा सकती। राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता मनोज शर्मा ने याचिकाओं का विरोध करते हुए दलील दी कि इन मामलों में अवैध खनन, फर्जी दस्तावेज, फर्जी पट्टा और वित्तीय अनियमितताओं जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं। सभी एफआईआर के तथ्य, अपराध की प्रकृति और शिकायतकर्ता अलग-अलग हैं, इसलिए इनकी संयुक्त जांच संभव नहीं है। शर्मा ने यह भी बताया कि कोर्ट ने पूर्व में एक अंतरिम आदेश पारित कर याचिकाकर्ताओं को दंडात्मक कार्रवाई से राहत दी थी लेकिन इसके बावजूद वे जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं। कोर्ट ने यह भी टिप्पणी की कि किसी आरोपी को यह अधिकार नहीं है कि वह अपनी मर्जी से जांच अधिकारी तय करे या जांच की दिशा निर्देशित करे। दोनों पक्षों की विस्तृत बहस के बाद अदालत ने याचिकाएं खारिज करते हुए सभी संबंधितों को जांच में सम्मिलित होने के निर्देश दिए हैं।

आईएसआई के लिए जासूसी के आरोप में राजस्थान इंटेलिजेंस ने जैसलमेर के एक युवक को गिरफ्तार

जयपुर राजस्थान खुफिया विभाग ने जैसलमेर निवासी पठान खान को पाकिस्तान की इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (ISI) के लिए कथित तौर पर जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार पठान खान वर्ष 2013 में पाकिस्तान गया था, जहां वह पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी के अधिकारियों के संपर्क में आया। उसे करीब एक महीने पहले हिरासत में लिया गया था और पूछताछ के बाद 1 मई 2025 को औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया गया। उसके खिलाफ आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम, 1923 के तहत मामला दर्ज किया गया है। विज्ञप्ति में कहा गया है कि पाकिस्तान में खान को पैसों का लालच देकर जासूसी के लिए तैयार किया गया था और उसे विशेष प्रशिक्षण भी दिया गया था। सूत्रों के अनुसार पठान खान वर्ष 2013 में पाकिस्तान गया था। आशंका है कि इसी दौरान वह ISI के संपर्क में आया और भारत लौटकर जासूसी का नेटवर्क सक्रिय कर दिया। इंटेलिजेंस महानिदेशक संजय अग्रवाल ने पुष्टि की है कि पठान खान लंबे समय से ISI के हैंडलर के संपर्क में था और भारत-पाक सीमा से सटे क्षेत्रों की संवेदनशील जानकारियां पाकिस्तान भेज रहा था। पठान खान को जैसलमेर के जीरो आरडी, मोहनगढ़ क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया। करीब एक माह पूर्व उसे संदेह के आधार पर हिरासत में लिया गया था, लेकिन हालिया पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे हुए। जांच एजेंसियों ने जब उसकी गतिविधियों की गहराई से छानबीन की, तो उसके पाकिस्तान से जुड़े जासूसी नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ। सीमावर्ती क्षेत्रों की निगरानी और गोपनीय जानकारी का आदान-प्रदान जांच में सामने आया है कि पठान खान भारतीय सेना की सीमावर्ती गतिविधियों पर निगरानी रखता था और लगातार वीडियो व तस्वीरें ISI हैंडलरों को भेजता था। इसके बदले में उसे पाकिस्तान से पैसे मिलते थे। फोन कॉल्स और इंटरनेट चैट के माध्यम से उसकी ISI हैंडलर्स से नियमित बातचीत के पुख्ता सबूत मिले हैं। फिलहाल पठान खान को जयपुर लाया गया है, जहां इंटेलिजेंस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों की संयुक्त टीम उससे पूछताछ कर रही है। अधिकारी यह पता लगाने में जुटे हैं कि उसका संपर्क किन-किन लोगों से था और उसने अब तक किन सामरिक जानकारियों को उसने पाकिस्तान तक पहुंचाया है। ADG संजय अग्रवाल का कहना है कि पूछताछ से देश की सुरक्षा से जुड़ी कई और महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आ सकती हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच गहनता से जारी है।

भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से की मुलाकात

जयपुर भाजपा युवा मोर्चा के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष और वर्तमान में बीजेपी प्रदेश प्रवक्ता हिमांशु शर्मा ने राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से मुलाकात की। इस मुलाकात की फोटो हिमांशु शर्मा ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा की और लिखा कि राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से शिष्टाचार भेंट की। अशोक जी के लंबे राजनीतिक जीवन के अनुभव सभी दलों के युवा कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणा हैं। हालांकि हिमांशु शर्मा ने इसे केवल शिष्टाचार भेंट बताया, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इस मुलाकात ने नई चर्चा को जन्म दे दिया है। सोशल मीडिया पर लोग इस तस्वीर को लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। एक यूजर ने तो यहां तक लिखा, “तो आप उनके शिविर की ओर चले गए?” जिससे अटकलों को हिमांशु शर्मा को सतीश पूनिया का करीबी माना जाता है और पूनिया के प्रदेशाध्यक्ष रहते ही उन्हें भाजयुमो का नेतृत्व सौंपा गया था लेकिन बाद में सीपी जोशी के प्रदेशाध्यक्ष बनने के बाद उनकी जगह अंकित चेची को यह जिम्मेदारी दे दी गई थी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ऐसे दौर में जब राजस्थान में सियासी समीकरण तेजी से बदल रहे हैं, एक सत्तारूढ़ दल के वरिष्ठ नेता से विपक्षी पार्टी के प्रवक्ता की मुलाकात को हल्के में नहीं लिया जा सकता।

महिला ने अपने पति से स्मार्ट फोन दिलाने की मांग पूरी नहीं होने पर की आत्महत्या

बूंदी जिले के नमाना थाना क्षेत्र के गरड़दा गांव से एक दुखद और चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां पति से स्मार्ट फोन दिलाने की मांग पूरी न होने पर एक महिला ने अपनी 14 माह की बेटी के साथ पानी से भरे खदान में कूदकर आत्महत्या कर ली। महिला 24 अप्रैल से लापता थी। गुरुवार को दोनों के शव खदान में तैरते हुए मिले, जिससे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। घटना की जानकारी मिलते ही नमाना थाना पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की मदद से शवों को बाहर निकालकर बूंदी अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया। थानाधिकारी धर्मराम चौधरी ने बताया कि गरड़दा गांव के पानी से भरे खदान में दो शवों की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंचकर शवों को बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। मृतका के भाई द्वारा दर्ज करवाई गई रिपोर्ट में किसी पर संदेह नहीं जताया गया है। पुलिस के अनुसार मृतका की पहचान 28 वर्षीय विनिता भील पत्नी कैलाश और उसकी 14 माह की बेटी रिया के रूप में हुई है। विनिता मूल रूप से झाबुआ, मप्र की रहने वाली थी और उसका परिवार छह माह पहले मजदूरी के सिलसिले में गरड़दा गांव आया था। विनिता 24 अप्रैल से लापता थी और अब खदान से उसका और उसकी बच्ची का शव मिलने के बाद यह मामला चर्चा का विषय बन गया है। पुलिस प्रथम दृष्टया मामले को आत्महत्या मान रही है, लेकिन सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है। परिजनों की मौजूदगी में दोनों शवों का पोस्टमार्टम कर परिजनों को सौंप दिया गया है।

वरिष्ठ कांग्रेस नेता डॉ. गिरिजा व्यास के निधन के बाद देर रात उनका पार्थिव देह लाया गया उदयपुर

उदयपुर पूर्व केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता डॉ. गिरिजा व्यास के निधन के बाद देर रात उनका पार्थिव देह उदयपुर लाया गया। शुक्रवार सुबह 10 से 12 बजे तक दैत्य मगरी स्थित उनके आवास पर अंतिम दर्शन का समय रखा गया है। दोपहर बाद 4 बजे उदयपुर में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। गौरतलब है कि डॉ. व्यास का गुरुवार शाम अहमदाबाद के जायडस हॉस्पिटल में 81 वर्ष की उम्र में निधन हो गया था। बीती 31 मार्च को गणगौर पूजा के दौरान आग से झुलसने के बाद उनकी हालत लगातार नाजुक बनी हुई थी और कल शाम 7:15 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। डॉ. व्यास के अंतिम दर्शन के लिए शुक्रवार सुबह कांग्रेस के शीर्ष नेता उदयपुर पहुंचे। प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली दोपहर 12 बजे दैत्य मगरी स्थित उनके निवास पर पहुंचकर पार्थिव देह पर कांग्रेस का ध्वज व पुष्पचक्र अर्पित करेंगे। प्रदेश कांग्रेस महासचिव व प्रवक्ता पंकज कुमार शर्मा ने जानकारी दी कि डॉ व्यास की पार्थिव देह उनके निवास पर अंतिम दर्शन के लिए रखी गई है और शाम 4 बजे बाद उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। इस दौरान राजस्थान सरकार के पूर्व अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह राठौड़, संदीप चौधरी, पवन गोदारा और उदयपुर लोकसभा प्रत्याशी एवं पूर्व कलेक्टर तारा चंद मीणा भी उपस्थित रहेंगे। कांग्रेस कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों के साथ भाजपा के कद्दावर नेता गुलाबचंद कटारिया ने भी उनके निधन पर शोक व्यक्त किया है। डॉ. गिरिजा व्यास न सिर्फ राज्य और केंद्र सरकार में मंत्री रहीं, बल्कि राजस्थान प्रदेश कांग्रेस की अध्यक्ष और राष्ट्रीय महिला आयोग की चेयरपर्सन के रूप में भी उन्होंने उल्लेखनीय भूमिका निभाई। वे महिलाओं के अधिकार और कल्याण के लिए हमेशा मुखर रहीं। 2018 में उन्होंने उदयपुर शहर सीट से विधानसभा चुनाव लड़ा था, हालांकि उन्हें बीजेपी नेता गुलाबचंद कटारिया से पराजय मिली थी। पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की करीबी मानी जाने वाली डॉ. व्यास का राजनीतिक और सामाजिक जीवन सादगी, समर्पण और सेवा भावना से परिपूर्ण रहा। आज शाम उनका अंतिम संस्कार उदयपुर में किया जाएगा।

पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. गिरि​जा व्यास का निधन, एक महीने से अहमदाबाद में चल रहा था इलाज

अहमदाबाद पूर्व केंद्रीय मंत्री और राजस्थान कांग्रेस की अध्यक्ष रहीं डॉ गिरिजा व्यास का गुरुवार (1 मई) को निधन हो गया. आग लगने की घटना में बुरी तरह झुलस गई थीं और उनका इलाज चल रहा था. उनके निधन से राजस्थान में शोक की लहर है. सीएम भजनलाल शर्मा ने कहा कि ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को सद्गति और शोकाकुल परिजनों को यह अथाह दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करें. अशोक गहलोत ने उनके निधन पर कहा कि उनका असमय जाना हम सभी के लिए एक बड़ा आघात है. हम सभी के लिए बड़ा आघात- अशोक गहलोत अशोक गहलोत ने कहा, “पूर्व केन्द्रीय मंत्री एवं पूर्व कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष डॉ गिरिजा व्यास का निधन हम सबके लिए एक अपूरणीय क्षति है. डॉ गिरिजा व्यास ने शिक्षा, राजनीति एवं समाज सेवा के क्षेत्र में बड़ा योगदान था. उनका इस तरह एक हादसे का शिकार होकर असमय जाना हम सभी के लिए एक बड़ा आघात है. मैं ईश्वर से उनकी आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान देने की प्रार्थना करता हूं.” परिवारजनों के प्रति गहरी संवेदना- अशोक चांदना कांग्रेस नेता अशोक चांदना ने एक्स पर लिखा, “पूर्व केन्द्रीय मंत्री, वरिष्ठ कांग्रेस नेता डॉ. गिरिजा व्यास जी के निधन का समाचार अत्यंत दुःखद है. परिवारजनों एवं समर्थकों के प्रति मेरी गहरी संवेदना है. मैं ईश्वर से प्रार्थना हैं की दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान एवं परिवारजनों को यह दुःख सहने की शक्ति प्रदान करें.” राजस्थान ने एक अच्छा नेता खो दिया- बेनीवाल हनुमान बेनीवाल ने कहा, “पूर्व केन्द्रीय मंत्री डॉ. गिरिजा व्यास जी के निधन का समाचार अत्यंत दु:खद है. वे न केवल एक प्रखर वक्ता और कुशल प्रशासक थीं, बल्कि महिलाओं के अधिकारों और सामाजिक न्याय के मुद्दों पर उनका योगदान अविस्मरणीय रहेगा. राजस्थान और देश की राजनीति में उनका लंबा अनुभव और सक्रिय सहभागिता सदैव प्रेरणा का स्रोत रहेगी. राजस्थान ने एक अच्छा नेता खो दिया . मैं परमपिता परमेश्वर से प्रार्थना करता हूँ कि दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और शोक संतप्त परिजनों को यह असीम दुःख सहन करने की शक्ति दें. सादर श्रद्धांजलि.” उनका योगदान हमेशा याद रखा जाएगा- डोटासरा गोविंद सिंह डोटासरा ने श्रद्धांजलि देते हुए कहा, “केंद्रीय मंत्री रहीं वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं पूर्व पीसीसी अध्यक्ष डॉ. गिरिजा व्यास जी के निधन का समाचार अत्यंत दु:खद है. गिरिजा जी का निधन कांग्रेस परिवार के अपूरणीय क्षति है, कांग्रेस पार्टी और प्रदेश की प्रगति में उनका योगदान सदैव याद रखा जाएगा. गिरिजा जी के परिवार एवं प्रशंसकों के प्रति मेरी गहरी संवेदना है. ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति एवं परिवारजनों को संबल प्रदान करें.” नाथद्वारा में जन्मी थीं गिरिजा राजसमंद जिले के नाथद्वारा में जन्मी गिरिजा के पिता स्वतंत्रता सेनानी थे। मां शिक्षिका थीं। उन्होंने उदयपुर में आकर उदयपुर यूनिवर्सिटी (वर्तमान में मोहनलाल सुखाड़िया यूनिवर्सिटी) से स्नातक और स्नातकोत्तर किया था। बाद में दिल्ली यूनिवर्सिटी से पीएचडी की। उन्होंने उदयपुर के सुखाड़िया यूनिवर्सिटी के दर्शनशास्त्र विभाग में प्रोफेसर के रूप में भी काम किया था। ईश्वर दिवंगत आत्म को शांति दें- राजस्थान बीजेपी चीफ राजस्थान बीजेपी अध्यक्ष मदन राठौड़ ने एक्स पर लिखा, “पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. गिरिजा व्यास जी के निधन का समाचार अत्यंत शोकजनक है. ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और शोकाकुल परिवार को यह दुख सहन करने की शक्ति प्रदान करें. ॐ शांति.” महिलाओं के लिए काफी काम गिरिजा व्यास केंद्र और राज्य में मंत्री रहीं। वे राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष भी रहीं। उन्होंने राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रहते हुए महिलाओं के कल्याण को लेकर कई काम किए। गिरिजा व्यास ने 2018 में आखिरी विधानसभा चुनाव उदयपुर शहर सीट से लड़ा था। उनको बीजेपी के गुलाबचंद कटारिया ने हराया था। गिरिजा व्यास राजनीति में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के भी बहुत नजदीक रहीं। 31 मार्च को घर पर झुलसी थीं डॉ. गिरिजा व्यास 31 मार्च को उदयपुर के देत्यमगरी स्थित आवास पर गणगौर का पूजन कर रही थीं। दीपक के कारण उनकी चुन्नी में आग लग गई। घर में ही काम करने वाले एक व्यक्ति ने उनको संभाला। उदयपुर में निजी हॉस्पिटल में ले जाया गया। वहां से उनको अहमदाबाद रेफर किया गया था।  

जुलाई माह में आरपीएससी की भर्ती परीक्षाओं के आवेदन में सुधार के लिए 7 मई तक का दिया समय

जयपुर जुलाई माह में आरपीएससी द्वारा आयोजित करवाई जाने वाली भर्ती परीक्षाओं के लिए अभ्यर्थी यदि अपने फार्म की डिटेल में कोई बदलाव करना चाहते हैं तो उसके लिए आज से विकल्प खोल दिए गए हैं। इसके लिए 7 मई तक अभ्यर्थी ई-मित्र के जरिए अपना नाम, जन्मतिथि, फोटो, जेंडर व अन्य संशोधन कर सकेंगे। इस संबंध में विस्तृत सूचना विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध करवा दी गई है। संशोधन के लिए ई-मित्र या ऑनलाइन बैंकिंग के माध्यम से 500 रुपए का शुल्क जमा करवाना होगा। सभी संशोधन ऑनलाइन ही होंगे। इसके लिए आयोग ने अपने ऑनलाइन पोर्टल https://rpsc.rajasthan.gov.in पर लिंक उपलब्ध करवाया है। जुलाई में 2025 में होंगी ये परीक्षाएं आयोग की ओर से जुलाई में तकनीकी सहायक भू-भौतिकी (भूजल विभाग) परीक्षा-2024 तथा बायो केमिस्ट (चिकित्सा शिक्षा विभाग) परीक्षा 2024 का अयोजन  दिनांक 7 जुलाई 2025 और कनिष्ठ रसायनज्ञ (भूजल विभाग) परीक्षा 2024  एवं सहायक परीक्षण अधिकारी (सार्वजनिक निर्माण विभाग) परीक्षा 2024 का आयोजन 8 जुलाई को किया जाएगा। वहीं सहायक निदेशक (विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग) परीक्षा 2024 का आयोजन 9 जुलाई 2025 एवं अनुसंधान सहायक (मूल्यांकन विभाग) परीक्षा 2024 का आयोजन 10 जुलाई 2025 को होगा। इन सभी परीक्षाओं के लिए अभ्यर्थी 7 मई तक अपने फार्म में संशोधन कर सकेंगे।

शादी से लौटते वक्त तेज रफ्तार कार पलटी, महिला की मौत, 4 गंभीर घायल

उदयपुर उदयपुर के गोगुंदा थाना क्षेत्र में कल एक भीषण सड़क हादसे में एक महिला की मौत हो गई, जबकि चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। यह हादसा उस समय हुआ जब यह परिवार विवाह समारोह से लौट रहा था और उनकी कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकराने के बाद खाई में गिर गई। जानकारी के अनुसार रावतभाटा निवासी बाबू सिंह भाटी अपने परिवार के साथ आबू रोड के वाटेरा गांव में एक विवाह समारोह में शामिल होकर लौट रहे थे। गोगुंदा-पिंडवाड़ा हाईवे पर नया गुड़ा गांव के पास तेज रफ्तार के कारण कार असंतुलित होकर तीन बार पलटी और खाई में जा गिरी। कार में बाबू सिंह की पत्नी सुशीला कंवर, पुत्र कुलदीप सिंह, बहू अंजलि भाटी और पोती परी भी सवार थीं। हादसे की सूचना मिलते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए और तुरंत 108 एंबुलेंस तथा पुलिस को सूचना दी। कुछ ही देर में ईसवाल चौकी से हेड कांस्टेबल रघु विश्नोई और हाईवे पेट्रोलिंग टीम के भगवत सिंह झाला मौके पर पहुंचे। सभी घायलों को 108 एंबुलेंस की मदद से उदयपुर जिला अस्पताल पहुंचाया गया। इलाज के दौरान सुशीला कंवर ने दम तोड़ दिया जबकि बच्ची परी, कुलदीप सिंह, अंजलि भाटी और बाबू सिंह की हालत गंभीर बताई जा रही है। पुलिस ने मृतका के शव को मोर्चरी में रखवाया है और पोस्टमार्टम की कार्रवाई परिजनों के आने के बाद की जाएगी। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

अजमेर में होटल में लगी आग, चार की मौत, खिड़कियों से कूदे लोग

अजमेर अजमेर के डिग्गी बाजार इलाके में आज सुबह एक दर्दनाक हादसा हो गया। यहां स्थित नाज होटल में सुबह करीब 8 बजे भीषण आग लग गई। होटल में ठहरे जायरीन जब तक कुछ समझ पाते, तब तक लपटें पूरी इमारत को निगल चुकी थीं। आग इतनी तेजी से फैली कि लोगों को भागने का मौका तक नहीं मिला। चीख-पुकार, जान बचाने की जद्दोजहद और हर तरफ मची अफरा-तफरी में लोगों ने जान बचाने के लिए खिड़कियों से कूदने की कोशिशें भी कीं। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक एसी फटने के बाद लगी आग थोड़ी ही देर में ऊपर की मंजिलों तक जा पहुंची। इसी बीच आग में फंसी एक मां ने बचने का कोई रास्ता नहीं दिखने पर अपने डेढ़ साल के मासूम को खिड़की से नीचे फेंक दिया। हालांकि नीचे खड़े लोगों ने किसी तरह बच्चे को पकड़ लिया, जिससे उसकी जान बच गई लेकिन वह मामूली तौर पर झुलस गया। हादसे में अब तक 4 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि मासूम सहित 5 लोग झुलस गए हैं। घायलों को जवाहरलाल नेहरू अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। तंग गलियों में स्थित इस पांच मंजिला होटल तक दमकल की गाड़ियां भी समय पर नहीं पहुंच पाईं और आधे घंटे की देरी से पहुंचीं। तब तक बहुत देर हो चुकी थी। रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान कई दमकलकर्मी और पुलिसकर्मी भी धुएं और गर्मी की वजह से बेहोश हो गए। घटना की जानकारी मिलते ही अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हिमांशु जांगिड़ समेत पुलिस बल मौके पर पहुंचा और राहत व बचाव कार्य शुरू किया गया। इस हादसे ने एक बार फिर होटल सुरक्षा मानकों पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं क्योंकि नाज होटल में न तो पर्याप्त अग्निशमन यंत्र थे, न ही कोई इमरजेंसी प्लान।

अजमेर में बड़ा हदसा होटल में आग, बच्चे सहित चार जिंदा जले: मां ने मासूम को खिड़की से फेंका

अजमेर  शहर के डिग्गी बाजार इलाके के एक होटल में अलसुबह भीषण आग लग गई. इस हादसे में 4 लोग बुरी तरह झुलस गए, जिनकी इलाज के दौरान मौत हो गई है. डिग्गी बाजार स्थित नाज होटल में सुबह करीब 8 बजे आग लगी. देखते ही देखते आग होटल की 5वीं मंजिल तक पहुंच गई, जिससे लोगों को होटल से बाहर निकलने का मौका ही नहीं मिला. इस दौरान एक मां ने अपने बच्चे को आग से बचाने के लिए होटल की खिड़की से नीचे फेंक दिया. होटल में बड़ी संख्या में जायरीन ठहरे हुए थे. कई लोगों ने खिड़कियों से कूदकर अपनी जान बचाई. अजमेर पुलिस रेंज में डीआईजी ओम प्रकाश ने बताया कि आग लगने की सूचना मिलने के बाद ही तत्काल प्रशासन और पुलिस की ओर से रेस्क्यू अभियान चलाया गया. इसमें दमकल और नागरिक सुरक्षा से जुड़े हुए जवान भी मौजूद थे. उन्होंने बताया कि होटल से कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है. इस प्रयास में रेस्क्यू टीम में शामिल दो-तीन लोगों को धुएं के कारण घबराहट हुई है और उनकी तबीयत बिगड़ी है, जिन्हें जेएलएन अस्पताल भेजा गया है. पांचवी मंजिल तक रेस्क्यू टीम ने खंगाला होटल : अजमेर जिला कलेक्टर लोक बंधु में बताया कि आग में झुलसने और धुएं में दम घुटने के कारण चार लोगों की मौत हुई है. इनमें एक बच्चा शामिल है. वहीं, तीन लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं. प्रशासन का प्रयास है कि घायलों का बेहतर उपचार किया जाए. होटल की पांचवी मंजिल तक रेस्क्यू टीम ने चेक कर लिया है अब होटल में कोई नहीं है. मृतकों में 40 वर्षीय दिल्ली के मोती नगर निवासी मोहम्मद जाहिद, 20 वर्षीय युवक, 40 वर्षीय व्यक्ति, 30 वर्षीय महिला और एक बच्चा शामिल है. वहीं, घायलों में कृष्ण, अलका, धवन और इब्राहिम हैं. राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी 4 की मौत : अजमेर के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉक्टर अनिल सामरिया के मुताबिक झुलसने के बाद इलाज के लिए आठ लोगों को अस्पताल लाया गया था, जिनमें से एक महिला, दो पुरुष और एक बच्चे ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया, जबकि तीन लोगों की हालत गंभीर है. अजमेर फायर अधिकारी जगदीश प्रसाद के मुताबिक होटल में आग लगने के बाद कई लोग फंसे हुए थे. टीम ने एक बच्चे सहित पांच लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला, जिनमें से कुछ बेहोशी की हालत में थे. खिड़की से कई लोगों को निकाला उन्होंने बताया कि जब हम अंदर पहुंचे, तो कई लोग अचेत अवस्था में मिले, जिनमें एक बच्चा भी शामिल था. वहीं, दो महिलाएं घायल अवस्था में मिली. इसके बाद घायलों को तत्काल अजमेर के नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार जारी है. फायर अधिकारियों के अनुसार, प्राथमिक रूप से यह आशंका जताई जा रही है कि आग शॉर्ट सर्किट की वजह से लगी. हालांकि वास्तविक कारण की जांच की जा रही है. वहीं, होटल के नजदीक तंग गली होने के कारण बचाव कार्य में भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ा. धमाके की आवाज हुई और तुरंत ही लग गई भीषण आग : पार्षद भारती श्रीवास्तव ने बताया कि होटल से तेज धमाका हुआ था. इसके बाद आग इतनी भीषण हो गई. उन्होंने बताया कि होटल में जायरीन ठहरे हुए थे. होटल में कई लोग कमरों में सो रहे थे लिहाजा खिड़की दरवाजे भी बंद थे. भीषण आग और धुएं के कारण लोगों का जब दम घुटने लगा तब अफरातफरी का माहौल हुआ. इस दौरान एक व्यक्ति ने होटल की खिड़की से छलांग लगा दी. वहीं, एक बच्चे को भी उसकी मां ने होटल खिड़की से नीचे फेंक दिया. शॉर्ट सर्किट से यह हादसा होना माना जा रहा है. देवनानी ने जताया दुख : राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष एवं अजमेर उत्तर से विधायक वासुदेव देवनानी ने डिग्गी बाजार स्थित होटल में लगी आग पर कहा कि कलेक्टर को इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच करवाने के निर्देश दिए हैं. साथ ही इस हादसे में जिन लोगों की मौत हुई है, उन सभी लोगों शिनाख्त कर उनके परिजनों को सूचना दी जाए. मृतकों के आश्रितों और घायलों की मानवता के नाते और नियमों के अनुसार मदद की जाए. देवनानी ने कहा कि इस तरह की हादसे की पुनरावृत्ति न हो इसलिए इस हादसे की समीक्षा की जाए और उसके अनुसार ही अग्रिम कार्रवाई की योजना बनाई जाए.

वक्फ संशोधन बिल के विरोध में मुस्लिम समुदाय ने शांतिपूर्ण ढंग से बत्ती गुल कर जताया विरोध

अजमेर अजमेर में कल रात केंद्र सरकार द्वारा संसद में पारित वक्फ संशोधन कानून के विरोध में मुस्लिम समुदाय ने शांतिपूर्ण ढंग से विरोध जताया। यह विरोध प्रदर्शन ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के आह्वान पर किया गया, जिसमें अजमेर के विभिन्न मुस्लिम बहुल इलाकों में ‘बत्ती गुल’ कार्यक्रम का व्यापक असर देखने को मिला। इस दौरान रात 9 से 9:15 बजे तक लोगों ने अपने घरों, दुकानों और प्रतिष्ठानों की लाइटें बंद रखकर बिल के प्रति अपनी असहमति दर्ज कराई। यह आंदोलन दरगाह शरीफ से सटे कई इलाकों में सक्रिय रूप से देखने को मिला। अंदरकोट, कमानी गेट, लंगर खाना गली, खादिम मोहल्ला, चौधर मोहल्ला, शीशा खान, लोंगिया, कुंदन नगर, लोहा खान, चौरासीवास और नई सड़क जैसे क्षेत्रों में रहवासियों ने इस विरोध में बढ़-चढ़कर भाग लिया। इन क्षेत्रों में लोगों ने सामूहिक रूप से अंधेरा कर शांतिपूर्ण ढंग से सरकार तक अपनी आवाज पहुंचाने की कोशिश की। मुस्लिम समुदाय का कहना है कि वक्फ संशोधन बिल मुस्लिम समाज की धार्मिक और सामाजिक संस्थाओं के अधिकारों का हनन है। इस कानून के तहत वक्फ संपत्तियों को सरकारी हस्तक्षेप के दायरे में लाना, समुदाय की स्वायत्तता को प्रभावित करता है। इसीलिए इसे जनविरोधी और अल्पसंख्यक विरोधी बताया जा रहा है। विरोध प्रदर्शन में कई प्रमुख समाजसेवी और धार्मिक नेताओं मुख्तार अहमद नवाब, काजी मुनव्वर अली, इस्तखार सिद्दीकी, हुमायूं खान, मोहम्मद आजाद, आरिफ हुसैन, गुलाम मोईनुद्दीन, मोहम्मद अलीमुद्दीन, सादिक खान, अकबर हुसैन, नवाज खान, रियाज मंसूरी, इमरान खान, शरफुद्दीन मुल्तानी, शफीक नवाब, शमी नगारची और जब्बार मुल्तानी सहित कई लोगों ने भाग लिया और वक्फ संपत्तियों की रक्षा के लिए एकजुटता का संदेश दिया। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार से मुस्लिम समुदाय की धार्मिक आजादी और संपत्ति अधिकारों का सम्मान करते हुए बिल को वापस लेने की अपील की।

गांधी सागर से राणा प्रताप सागर में आएगा लगभग 892 एमसीयूएम पानी, कोटा, बूंदी, बारां, चित्तौड़गढ़ और उदयपुर की बुझेगी प्यास

जयपुर मध्यप्रदेश के गांधी सागर बांध से रावतभाटा स्थित राणा प्रताप सागर बांध में लगभग 892 मिलियन घन मीटर जल आएगा। राजस्थान सरकार ने मध्यप्रदेश सरकार की मांग पर उनकी महत्वाकांक्षी पंप स्टोरेज परियोजना के निर्माण के लिए गांधी सागर बांध का जलस्तर घटाने के परिप्रेक्ष्य में यह अहम निर्णय लिया है। मध्यप्रदेश सरकार द्वारा आगामी सप्ताह में ही गांधी सागर बांध से जल प्रवाह कार्य शुरू किए जाने की संभावना है। इस निर्णय से राजस्थान के कोटा, बूंदी, बारां, चित्तौड़गढ़ और उदयपुर को सिंचाई व पेयजल संकट से निजात मिल सकेगी। राणा प्रताप सागर बांध की कुल भराव क्षमता 352.81 मीटर है और मौजूदा समय में यह अपनी क्षमता का लगभग 70 प्रतिशत भरा हुआ है। इसमें कुल 2905 मिलियन क्यूबिक मीटर पानी आ सकता है और फिलहाल यह 2026 मिलयन क्यूबिक मीटर के स्तर तक भरा हुआ है। उल्लेखनीय है कि इस संबंध में प्रमुख अभियंता जल संसाधन विभाग, मध्यप्रदेश ने 29 मार्च को जल संसाधन विभाग, राजस्थान को पत्र लिखा था। इसमें गांधी सागर बांध के जलस्तर को कम करने के लिए राजस्थान सरकार से अनुरोध किया गया था। वर्तमान में गांधी सागर बांध का जलस्तर 395.003 मीटर है। राणा प्रताप सागर में ही गुंजाइश चंबल नदी प्रणाली के तहत राजस्थान में राणा प्रताप सागर बांध, जवाहर सागर बांध और कोटा बैराज स्थित हैं। तीनों ही जगह जल भंडारण की क्षमता सीमित है। वर्तमान में उपलब्ध जलस्तर के अनुसार राणा प्रताप सागर बांध में लगभग 892 एमसीयूएम, जवाहर सागर बांध में 10.76 एमसीयूएम और कोटा बैराज में 3.60 एमसीयूएम तक ही जल संग्रहीत किया जा सकता है। ऐसे में गांधी सागर बांध से राणा प्रताप सागर बांध में उपलब्ध शेष भराव लगभग 892 एमसीयूएम की सीमा तक ही जल प्रवाहित किया जा सकेगा।   ग्रीष्मकाल के दृष्टिगत रहेगा उपयोगी राजस्थान सरकार ने व्यापक विश्लेषण एवं भविष्य की आवश्यकताओं के दृष्टिगत महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। राणा प्रताप सागर बांध में संग्रहित जल आगामी ग्रीष्मकाल में पेयजल, सिंचाई और औद्योगिक जरूरतों को पूरा करने में उपयोगी साबित होगा। राणा प्रताप सागर बांध से विद्युत उत्पादन के लिए भी जल का समुचित उपयोग सुनिश्चित किया जा सकेगा।   यह निर्णय हमारी सरकार की दूरदर्शी नीति, जल आवश्यकताओं और परस्पर सहयोग की दृष्टि से लिया गया है। भविष्य में भी दोनों राज्यों के बीच जल संसाधनों के समुचित प्रबंधन और उपयोग के लिए समन्वय बना रहेगा। -सुरेश सिंह रावत, जल संसाधन मंत्री

बाल विवाह के खिलाफ धर्मगुरु खुद आगे बढ़कर अभियान में दे रहे समर्थन : रवि सिंह बघेल

बालोतरा अक्षय तृतीया और शादी-ब्याह के इस मौसम में बाल विवाह रोकने की मुहिम को बड़ा बल मिला है। जिले में कार्यरत संगठन सृष्टि सेवा समिति ने विभिन्न धर्मों के विवाह संपन्न कराने वाले पुरोहितों के बीच जागरूकता अभियान चलाया, जिसे जबरदस्त सफलता मिली है। अभियान के तहत अब जिले के कई मंदिरों और मस्जिदों के बाहर बोर्ड लगाए गए हैं, जिन पर साफ लिखा है कि यहां बाल विवाह की अनुमति नहीं है। संगठन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रवि सिंह बघेल ने बताया कि धर्मगुरु खुद आगे बढ़कर बाल विवाह के खिलाफ अभियान में समर्थन दे रहे हैं, यह देखकर गर्व महसूस हो रहा है। हमें पूरा विश्वास है कि इस अक्षय तृतीया पर जिले में एक भी बाल विवाह नहीं होगा। बता दें कि सृष्टि सेवा समिति, देश के सबसे बड़े बाल अधिकार नेटवर्क जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रन का सहयोगी संगठन है, जो 2030 तक भारत को बाल विवाह मुक्त बनाने के लक्ष्य पर काम कर रहा है। पिछले दो साल में संगठन ने स्थानीय प्रशासन के सहयोग से जिले में लगभग 300 बाल विवाह रुकवाए हैं। बघेल ने बताया कि बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006 के तहत बाल विवाह करवाना न केवल अपराध की श्रेणी में आता है बल्कि 18 वर्ष से कम आयु की बच्ची से विवाह कर उसके साथ संबंध बनाना पॉक्सो कानून के तहत बलात्कार की श्रेणी में शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि विवाह संपन्न कराने वाले पंडित, मौलवी, पादरी सहित आयोजन से जुड़े अन्य लोग भी इसके तहत कानूनी कार्रवाई के दायरे में आते हैं। जेआरसी के आंकड़ों के अनुसार संगठन देशभर में अब तक दो लाख से ज्यादा बाल विवाह रुकवा चुका है और पांच करोड़ से ज्यादा लोगों को बाल विवाह के खिलाफ शपथ दिला चुका है। बालोतरा-बाड़मेर में इस अभियान का नेतृत्व कर रहे जिला समन्वयक राजेंद्र सिंह ने प्रेस वार्ता में बताया कि अगर पुरोहित वर्ग बाल विवाह कराना बंद कर दे तो देश में इस अपराध का सफाया संभव है। हमें खुशी है कि बालोतरा-बाड़मेर में यह परिवर्तन तेजी से आ रहा है।  

कल्चर समिट 2025— सुनिश्चित करना होगा कि एआई हमारी परंपराओं को खतरे में न डाले : केंद्रीय मंत्री शेखावत

जयपुर, केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस भविष्य है लेकिन हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि यह संस्कृतियों, विविध परंपराओं या रचनात्मक समुदायों को खतरे में न डाले। यूएई के अबू धाबी में चल रहे कल्चर समिट—2025 मोंडिएकल्ट में मंत्री स्तरीय संवाद में ‘संस्कृति और मानव रचनात्मकता पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का प्रभाव’ शीर्षक वाले सत्र में श्री शेखावत ने बताया कि भारत पारदर्शी, समावेशी, नैतिक, जिम्मेदार और हमारी समृद्ध सभ्यतागत विरासत में निहित एआई के निर्माण में वैश्विक नेता के रूप में उभर रहा है। श्री शेखावत ने संयुक्त अरब अमीरात के संस्कृति मंत्री श्री शेख सलेम बिन खालिद अल कासिमी, स्पेन के संस्कृति मंत्री श्री अर्नेस्ट उर्टसुन और यूनेस्को में संस्कृति के सहायक महानिदेशक श्री अर्नेस्टो रेनाटो ओटोन रामिरेज के साथ चर्चा भी की। कला संग्रहालय लौवर का दौरा— श्री शेखावत ने कला संग्रहालय लौवर, अबू धाबी का दौरा किया। उन्होंने कहा कि यह संग्रहालय कला, वास्तुकला और कहानी कहने का एक अद्भुत संगम है, जो संस्कृतियों को जोड़ता है। श्री शेखावत ने कहा कि यह अद्भुत संग्रहालय मानव रचनात्मकता के माध्यम से एक अनूठी यात्रा प्रदान करता है। यह साझा करना भी अद्भुत है कि लौवर को जिन्होंने बनाया है, वो दिल्ली में भारत के युगे युगीन संग्रहालय को भी डिजाइन कर रहे हैं, जो दुनिया के सबसे बड़े सांस्कृतिक स्थलों में से एक होगा।

लोकसभा स्पीकर बिरला ने की पेयजल परियोजनाओं की समीक्षा बैठक, प्रोजेक्ट लटकाने वालों को ब्लैकलिस्ट करने की चेतावनी

कोटा कोटा जिला परिषद सभागार में सोमवार को कोटा-बूंदी संसदीय क्षेत्र की विभिन्न पेयजल परियोजनाओं और व्यवस्थाओं की समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के साथ जलदाय मंत्री कन्हैयालाल चौधरी और ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर भी उपस्थित रहे। बैठक में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे संवेदनशीलता के साथ कार्य करें और गर्मी के मौसम को ध्यान में रखते हुए आमजन को निर्बाध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि जनता को राहत पहुंचाने के कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक के दौरान कई परियोजनाओं में देरी की जानकारी मिलने पर बिरला ने जलदाय मंत्री चौधरी से कहा कि परियोजनाओं को लटकाने वाले ठेकेदारों को तत्काल चेतावनी दी जाए और यदि सुधार नहीं होता तो उन्हें स्थायी रूप से ब्लैक लिस्ट कर दिया जाए। लोकसभा अध्यक्ष ने निर्देश दिए कि जिन क्षेत्रों में जल संकट अधिक है, वहां समग्र आकलन कर नए प्रस्ताव तैयार किए जाएं। साथ ही समर कंटीजेंसी योजना के तहत हैंडपंप, ट्यूबवेल, टंकी और पाइप लाइन से जुड़े अधूरे कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा कर आमजन को राहत प्रदान की जाए। बैठक में नवनेरा, परवन-अकावद, बोराबास-मंडाना और रामगंजमंडी जलापूर्ति परियोजनाओं सहित प्रमुख योजनाओं पर भी विस्तार से चर्चा हुई। अधिकारियों ने जल जीवन मिशन, अमृत 2.0 योजना तथा बजट घोषणाओं के तहत स्वीकृत कार्यों की प्रगति से भी अवगत कराया। बिरला ने कहा कि नई पेयजल योजनाओं का प्रारूप तैयार करते समय आगामी 50 वर्षों की आवश्यकताओं के साथ-साथ पशुधन, खनन क्षेत्र और उद्योगों की संभावित मांग को भी ध्यान में रखा जाए। उन्होंने सख्त निर्देश दिए कि पेयजल पाइप लाइन और सीवरेज लाइन के लिए खोदी गई सड़कों की समय पर मरम्मत सुनिश्चित की जाए। साथ ही भविष्य में किसी भी सड़क निर्माण या इंटरलॉकिंग कार्य से पहले सभी भूमिगत कार्य पूरे करने के निर्देश भी दिए, ताकि सड़कों को बार-बार तोड़ने से जनता को असुविधा न हो। जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री कन्हैयालाल चौधरी ने बैठक में अवैध जल कनेक्शनों पर रोक लगाने और पुलिस सहयोग से उन्हें हटाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गरडदा परियोजना में जल उपलब्धता और डिजाइन के अनुसार ही कनेक्शन स्वीकृत किए जाएं तथा पाइप लाइन बिछाने के बाद मलबे का उचित निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। चौधरी ने अधिकारियों को क्षेत्रीय दौरे कर परियोजनाओं की फील्ड मॉनिटरिंग करने और आवश्यकता के अनुसार जल आपूर्ति बढ़ाने के भी निर्देश दिए।

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