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मोबाइल नंबर फ्रॉड तो नहीं, सरकार लाई नया टूल

नई दिल्ली देश में बढ़ रहे साइबर अपराधों ने सरकार को भी चिंता में डाला है। इससे निपटने के लिए सरकारी स्‍तरों पर काम तेज किए गए हैं। भारत सरकार के दूरसंचार विभाग यानी डीओटी ने एक टूल पेश किया है। इसका नाम है फाइनेंशल फ्रॉड रिस्‍क डिटेक्‍टर यानी एफआरआई। रिपोर्ट्स के अनुसार, यह टूल डिजिटल इंटेलिजेंस प्‍लेटफॉर्म का हिस्‍सा है जिसका मकसद ऐसे मोबाइल नंबरों को आइडेंटिफाइ करना है जो साइबर धोखाधड़ी से जुड़े हो सकते हैं। कहा जा रहा है कि ऐसे नंबरों को बहुत जल्‍द फाइनेंशल इंस्‍टीट्यूशंस के साथ जैसे बैंक आदि से शेयर किया जाएगा। इसका फायदा यह होगा कि किसी ऑनलाइन पेमेंट से पहले यूजर को यह मालूम चल जाएगा कि जिस नंबर पर पर पेमेंट करने जा रहे हैं, कितना रिस्‍की है। तीन कैटिगरी में बांटे जाएंगे मोबाइल नंबर मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, एफआरआई के अंतर्गत आने वाले मोबाइल नंबरों को तीन कैटिगरी में बांटा जाएगा। मीडियम, हाई या वेरिहाई। वेरिहाई का मतलब ऐसे मोबाइल नंबरों से है, जिन पर पेमेंट करने पर धोखाधड़ी की संभावना बहुत अधिक है। सवाल हो सकता है कि नंबर आइडेंटिफाई कैसे किए जाएंगे। दरअसल, सरकार को उसके अलग-अलग पोर्टलों पर लोगों की कंप्‍लेंट मिल रही हैं, जिनमें ऐसे मोबाइल नंबरों की शिकायत है जिनके जरिए धोखाधड़ी की गई। ये नंबर चक्षु प्‍लेटफॉर्म, एनसीआरपी यानी साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल आदि पर रिपोर्ट किए गए हैं। इसके अलावा बैंकों के पास भी ऐसी शिकायतें आती हैं, जिनमें ग्राहक अपने साथ हुई धोखाधड़ी के बारे में बताते हैं और मोबाइल नंबरों का जिक्र करते हैं। PhonePe इस्‍तेमाल कर रहा नया टूल रिपोर्टों के अनुसार, फोनपे ने एफआरआई टूल का इस्‍तेमाल करना शुरू कर दिया है। यह ऐप ऐसे नंबरों पर ट्रांजैक्‍शंस को रोकता है जिन्‍हें हाई रिस्‍क कैटिगरी में रखा गया है। ऐसे नंबर जो मीडियम रिस्‍की होते हैं उन पर पेमेंट करने वालों को अलर्ट भेजा जाता है। रिपोर्टों के अनुसार, अब पेटीएम, गूगलपे जैसे यूपीआई प्‍लेटफॉर्म्‍स ने एफआरआई सिस्‍टम को इंटीग्रेट करना शुरू कर दिया है। रिपोर्ट के अनुसार, यूपीआई सर्विस प्राेवाइडर तो इस टूल का इस्‍तेमाल करेंगे ही, NBFC भी इस टूल की मदद से लोगों को आगाह करेंगी। दूरसंचार विभाग चाहता है कि एफआरआई टूल का इस्‍तेमाल हर जगह किया जाएगा ताकि ऑनलाइन धोखाधड़ी को कम करने में मदद मिले। इससे देश का डिजिटल इन्‍फ्रास्‍ट्रक्‍चर और मजबूत व‍ सिक्‍योर होगा। दावा है कि यह टूल, रियल टाइम में काम करता है और जैसे-जैसे फ्रॉड से जुड़े नंबर सामने आते हैं उन्‍हें बैंकों और यूपीआई प्‍लेटफॉर्म्‍स के साथ शेयर किया जाता है।

बिना किसी टोल से गुजरे ही लोगों के FasTag से कट गया टोल टैक्स, ऐसे मिलेगा रिफंड

नई दिल्ली पिछले दिनों कुछ ऐसे मामले सामने आए थे जहां बिना किसी टोल से गुजरे ही लोगों के FasTag से टोल टैक्स कट गया था। वहीं 250 मामलों में भारतीय राजमार्ग प्रबंधन कंपनी लिमिटेड ने टॉल ऑपरेटरों पर 1 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया था। यह मामले FASTag वॉलेट से गलत कटौती या टोल की तय रकम से ज्यादा टैक्स वसूलने से जुड़े थे। बता दें कि एक रिपोर्ट के अनुसार IHMCL को हर महीने औसतन लगभग 50 ऐसी शिकायतें मिलती हैं।अगर कभी आपके साथ भी ऐसा होता है कि आपके FasTag से गलत या जरूरत से ज्यादा रकम काट ली जाए, तो परेशान होने की जरूरत बिलकुल नहीं है। दरअसल आप कुछ आसान तरीकों का इस्तेमाल करके गलत या ज्यादा कटे पैसे का रिफंड पा सकते हैं। अगर आपके साथ ऐसा नहीं भी हुआ है, तो भी इस तरह की जानकारी होना फायदेमंद रहता है। चलिए जानते हैं पैसे वापस पाने का आसान तरीका। गलत डिडक्शन क्यों होता है FasTag से गलत पैसे कट जाने पर रिफंड कैसे पाना है, इस बारे में जानने से पहले यह जान लेना चाहिए कि FasTag से पैसों की गलत कटौती होती कैसे है? दरअसल इस बारे में जानकारों का कहना है कि ऐसा तब होता है जब किसी की गाड़ी का FasTag टोल प्लाजा पर ठीक से रीड नहीं हो पाता। इसके बाद टोल ऑपरेटर मैनुअल तरीके से गाड़ी की डिटेल्स सिस्टम में भरता है। इस डिटेल को भरने में हुई गलती से उन लोगों के टैग से पैसा कट जाता है जिनका नंबर सिस्टम में गलत भरा जा रहा होता है। कॉल के जरिए शिकायत अगर आप FasTag से गलत डिडक्शन की शिकायत कॉल के जरिए करना चाहते हैं, तो आप 1033 हेल्पलाइन नंबर पर कॉल कर सकते हैं। कॉल पर आपसे डिडक्शन के संबंध में मांगी गई सारी जानकारी उपलब्ध करानी होगी। इसके बाद आपकी शिकायक की जांच IHMCL करेगा और गलत डिडक्शन होने पर आपको रिफंड जारी किया जाएगा। इतना ही नहीं ऐसा होने पर टोल ऑपरेटर पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया जाता है। ईमेल के जरिए शिकायत अगर आप FasTag से गलत डिडक्शन की शिकायत ईमेल के जरिए करना चाहते हैं, तो falsededuction@ihmcl.com पर सारी डिटेल्स के साथ ईमेल कर सकते हैं। इसमें आपको अपने FasTag ID, गाड़ी के नंबर, गलत डिडक्शन से जुड़ी सारी जानकारी भेजनी होगी। इसके बाद आपके रिफंड का प्रोसेस शुरू हो जाएगा। बैंक या FasTag प्रोवाइडर को शिकायत अगर आप FasTag में हुए गलत डिडक्शन की शिकायत बैंक या FasTag प्रोवाइडर से करना चाहते हैं, तो इसके लिए आप ट्रांजेक्शन आईडी (Transaction ID), कटौती की तारीख और समय, गाड़ी नंबर जैसी डिटेल्स के साथ इनकी वेबसाइट या कस्टमर केयर अधिकारी से बात करके कर सकते हैं।

चल रहा है बुरा वक्त तो करें ये काम, सुख-समृद्धि और सफलता चूमेगी कदम

भारत के स्वर्णिम इतिहास में कई बड़े-बड़े विद्वान हुए जिनकी कही गई बातें आज भी हमारे जीवन को सही दिशा दिखाने का काम करती हैं। इन्हीं में से एक थे महान दार्शनिक और कूटनीतिज्ञ आचार्य चाणक्य।जीवन का शायद ही कोई ऐसा क्षेत्र हो, जिसके बारे में आचार्य को ज्ञान नहीं था। आज हम आचार्य के बताए कुछ कुछ जीवन सूत्रों के बारे में ही जानेंगे। जैसा कि हम सभी को अपने जीवन में कई उतार-चढ़ावों का सामना करना पड़ता हैं। कई बार व्यक्ति के जीवन में इतना बुरा समय भी आ जाता है कि उस दौरान सब कुछ एकदम खत्म सा हो गया लगता है। आचार्य चाणक्य ने अपनी नीति में बताया है कि जब व्यक्ति के सामने ऐसा बुरा समय आए तो उसे क्या करना चाहिए कि वो बुरा समय जल्द की अच्छे समय में तब्दील हो जाए। आइए जानते हैं- कड़ी मेहनत का ना छोड़ें साथ आचार्य चाणक्य के अनुसार यदि व्यक्ति के जीवन में बहुत ही बुरा समय चल रहा है तो उसे हताश या निराश हो कर बैठने के बजाए कड़ी मेहनत का सहारा लेना चाहिए। यदि व्यक्ति अपने मजबूत इरादों के साथ कड़ी मेहनत पर अटल रहता है, तो बुरा समय भी ज्यादा दिनों तक नहीं टिकता। वहीं अगर वह निराश हो कर मेहनत से किनारा कर लेता है तो ये बुरा समय उसे कहीं का नहीं छोड़ता। जीवन में रखें लक्ष्य आचार्य चाणक्य के अनुसार व्यक्ति के जीवन में एक निश्चित लक्ष्य का होना बेहद जरूरी है। यदि जीवन का लक्ष्य तय है तो मुश्किल से मुश्किल समय भी आसानी से कट जाता है। वहीं अगर किसी व्यक्ति को अपना लक्ष्य ही नहीं पता तो वो कठिन परिस्थितियों के आते ही भटकाव की स्थिति में चला जाता है, जहां से निकालना उसके लिए बहुत मुश्किल हो जाता है। आचार्य के अनुसार यदि कठिन परिस्थितियों के चलते आपका लक्ष्य पाना असंभव लग रहा है, तो उसे छोड़ने के बजाय उसे पाने के तरीके में बदलाव करें और निरंतर प्रयास में लगे रहें। करते रहें नए और बेहतर अवसरों की तलाश केवल प्रतिभावान होना ही काफी नहीं है बल्कि सही समय पर सही अवसर मिलना भी बेहद जरूरी है। आचार्य चाणक्य की नीति के अनुसार बुरा वक्त होते हुए भी नए और बेहतर अवसरों की तलाश में लगे रहना चाहिए। आचार्य कहते हैं कि आलसी लोग हमेशा सही अवसर ना मिलने की शिकायत में लगे रहते हैं। वहीं मेहनती इंसान स्वयं सही अवसर की तलाश करता है और अपना अच्छा समय खुद लाता है। आचार्य के अनुसार परेशानी को ले कर बैठने के बजाए उसके समाधान को ले कर चिंतित होना ज्यादा बेहतर है। चीजों को ना समझें असंभव आचार्य चाणक्य के अनुसार संसार की कोई भी चीज असंभव नहीं है। अगर आप किसी ऐसी स्थिति में फंसे हुए हैं जहां से निकालना आपको असंभव लग रहा है, तो सबसे पहले खुद को समझाएं कि असंभव जैसा कुछ भी नहीं है। आचार्य के मुताबिक सही दिशा में लगातार कठिन परिश्रम करते रहने से आप हर स्थिति को अपने अनुकूल मोड़ सकते हैं।

फोन में नहीं है नेटवर्क तो मत हो परेशान, ऐसे करें कॉल

लिफ्ट, बेसमेंट या फिर किसी ऐसी जगह जहां मोबाइल में नेटवर्क न आ रहा हो और आपका कॉल करना निहायत जरूरी हो तो आप क्या करेंगे? यदि आपके मोबाइल फोन में नेटवर्क नहीं आ रहा तब भी लोगों को न केवल कॉल कर सकते है बल्कि उनकी कॉल रिसीव भी कर सकते हैं। इसके लिए आपको ये करना होगा… 1. सबसे पहले आपको लिबोन एप्प अपने स्मार्टफोन में डाउनलोड करना होगा। इस ऐप का नया फीचर रीच मी आपको बिना मोबाइल नेटवर्क के भी बात करने की सहूलियत देता है। 2. इस फीचर का फायदा उठाने के लिए आपको वाई-फाई ऑन करना होगा। दरअसल वाई-फाई ऑन होने से आप बिना मोबाइल नेटवर्क के भी आसानी से कॉल कर सकेंगे। 3. इस नए फीचर की अच्छी बात यह है कि अगर आप किसी कॉल को नहीं लेना चाहते तो उसे वॉयस मेल भेज सकते है, इसके लिए आप वीओआईपी सर्विस का सहारा ले सकते है। 4. रीच मी फीचर की खासियत है कि सभी कॉल आपके रेगुलर मोबाइल नंबर से ही रिसीव होंगे। 5. बस एक बात का ध्यान रखें कि लिबन ऐप से कॉल करने के लिए जरूरी है कि रिसीवर (जिसे व्यक्ति को आप कॉल मिलाना चाहते है) के मोबाइल में भी यह ऐप होना जरूरी है।  

नजरअंदाज करना मतलब खतरा, यदि डेस्क जॉब है तो ये जरूर करें

मॉर्निंग वॉक, रेगुलर एक्सरसाइज करने के बाद भी कई बार प्रॉपर तरीके से फिटनेस मेंटेन नहीं हो पाती। खासकर उनके लिए फिटनेस मेंटेन करना ज्यादा मुश्किल होता है, जो डेस्क जॉब करते हैं। डेस्क जॉब में लम्बी सिटिंग थकान पैदा कर देती है। साथ ही कमर दर्द, गर्दन में दर्द, सर्वाइकल पेन जैसी फिजिकल प्रॉब्लम भी ले आती है। इसका काम पर भी असर पड़ता है। इन्हें नजरअंदाज करना मतलब अपने लिए और खतरा बढ़ाना। ऐसे में जॉब डेस्क वाले एक्सपर्ट के बताए कुछ टिप्स फॉलो करें, तो किसी हद तक फिटनेस प्रॉब्लम्स को दूर किया जा सकता है… -अपनी गाड़ी को ऑफिस से दूर पार्क करें, जिससे थोड़ा पैदल चल सकें। क्योंकि ऑफिस में पूरा दिन बैठने की वजह से शरीर अकड़ जाता है। ऐसे में गाड़ी तक ले जाने वाली छोटी-सी वॉक तो बनती ही है। -लिफ्ट का इस्तेमाल कम से कम करें। स्टेयर्स चढ़ें, जिससे शरीर की नसें खुलेंगी और शरीर मूवमेंट करता रहेगा। इससे पेन की प्रॉब्लम कम होगी। -खूब पानी पीएं। पानी पीने से शरीर हमेशा हाइड्रेट रहेगा। आंखों को थोड़ी देर आराम देने के लिए ठंडे पानी के छींटे मारें या फिर उन्हें बंद करके रिलेक्स हो जाएं। -सोशल साइट्स या फोन पर गेम खेलकर टाइमपास करने के बजाय ऑफिस में थोड़ा चलें। अपने सहकर्मी की सीट तक जाएं, उससे बातें करें। ऑनलाइन टाइमपास को अवॉइड करें। -ऑफिस में जिम है, तो उसका इस्तेमाल करें। नहीं है तो सीट पर बैठकर भी थोड़ी एक्सरसाइज की जा सकती है। ऐसा करके शरीर फिट रहेगा। -डेस्क पर बैठै-बैठे अगर आपकी मांसपेशियां अकड़ जाती हैं, तो सीट थोड़ी स्ट्रेच कर लीजिए। बॉडी का पॉश्चर देखें, उसे सही करें। फिटनेस के लिए ये भी बढिया ऑप्शन है।  

उम्र से पहले लग रही हैं बूढ़ी तो लेना शुरू करें ये चीज

अगर आप उम्र से पहले बूढ़ी नजर आ रही हैं तो अपने खान-पान में पर्याप्त विटामिन लेना शुरू कर दें। विटामिन की कमी से आपकी खूबसूरती धीरे-धीरे गायब होने लगती है। आंखों के नीचे काले घेरे और बालों का झड़ना भी विटामिन्स की कमी से होता है। विशेषज्ञों की मानें तो ब्यूटी क्रीम कभी वह असर नहीं दिखा सकती जो अच्छा खाने से शरीर के अंदर से आपको मिल सकता है। सिर्फ जरूरत है जो खाना आप खा रहे हैं उसमे कौन-कौन से जरूरी पोषक तत्व हैं, इस पर गौर करने की। आप जो खा रहे हैं वह केवल स्वाद के लिए नहीं हो बल्कि उससे शरीर के लिए जरूरी विटामिन और मिनरल भी मिलना जरूरी है। अपनी खूबसूरती को बरकरार रखने के लिए जानें किस खाद्य पदार्थ को लेने से आप कौन सा विटामिन मिलता है… 1. विटामिन ए से पाएं स्वस्थ त्वचा आमतौर पर महिलाएं झुरियों से परेशान रहती हैं, अगर आप अपनी त्वचा से झुर्रियां, महीन रेखाएं और बढ़ती उम्र के अन्य लक्षणों को कम करना चाहती हैं तो अपनी डाइट में विटामिन ए शामिल कर सकती है। विटामिन ए की कमी से चेहरा ड्राई और बेजान होने लगता है। मुहांसे होने की वजह भी विटामिन ए की कमी होती है। विशेषज्ञों की मानें तो विटामिन ए त्वचा के दोबारा निर्माण में सहायक होती है। घाव को जल्दी भरने, डैमेज स्किन को ट्रीट करने और दाग धब्बों से बचाने में भी सहायक है। स्किन डिजीज सोरायसिस होने पर भी रेटिनोइड्स अप्लाई करने की सलाह दी जाती है जो की विटामिन ए का स्त्रोत है। अंडा, दूध, हरी पत्तेदार सब्जियां, गाजर, कद्दू आदि से विटामिन ए की पूर्ति होती है। 2. विटामिन ई करता है फ्री रेडिकल्स से त्वचा का बचाव स्वस्थ त्वचा के लिए विटामिन ई से बेहतर कोई नहीं है। यह एक प्रभावी एंटी ऑक्सीडेंट है जो कि फ्री रेडिकल्स से त्वचा का बचाव करता है। स्मोकिंग, पोलुशन और सन एक्सपोजर की वजह से फ्री रेडिकल होती हैं। विशेषज्ञों की मानें तो विटामिन ई त्वचा को एजिंग से बचाव करता है। विटामिन ई को भोजन में शामिल करने से त्वचा के सेल्स मजबूत होते हैं, जिससे त्वचा पर प्रदूषण या सुन एक्सपोजर का प्रभाव कम पड़ता है। अपनी डाइट में ओलिव, सुंफ्लोवेर सीड, मूंगफली, बादाम, वीट जर्म और हरी पत्ते दार सब्जी शामिल कर सकते हैं। 3. विटामिन सी से पाएं चमकता चेहरा चमकता चेहरा पाना है तो विटामिन से अच्छा कोई विकल्प नहीं है। विटामिन ई की तरह विटामिन सी भी एंटी ऑक्सीडेंट गुणों से भरपूर है। यह कोलेजन को उच्च मात्रा में प्रोड्यूस करता है जो त्वचा के सेल्स की मरम्मत का काम करता है। विटामिन सी से त्वचा में चमक आती है। विटामिन सी त्वचा को जवां और मुलायम बनाता है और त्वचा में कसाव लाता है। अधिकतर फ्रूट में विटामिन सी पाया जाता है। डाइट में खट्टे रसीले फल, ब्रॉकली, फूल गोभी, टमाटर और खीरा आदि फ्रूट को शामिल कर चेहरे की रंगत को बरकरार रख सकते हैं। 4. विटामिन बी काम्प्लेक्स से चेहरा बनेगा बेदाग चेहरे पर दाग होते ही टेंशन शुरू हो जाती है। आपको जानकर आश्चर्य होगा कि विटामिन बी1 शरीर में रक्त संचार को बढ़ाता है। बी3 त्वचा में ऑक्सीजन के स्तर को बनाये रखता है। इससे त्वचा मुहांसोे और दाग धब्बों से बची रहती है। विटामिन बी काम्प्लेक्स त्वचा की चमक बढ़ाकर उसे प्रॉब्लम फ्री रखता है। त्वचा में नेचुरल ग्लो का कारण भी विटामिन बी काम्प्लेक्स को माना जाता है। रोजाना अंडे का पीला हिस्सा, नट और किशमिश, टमाटर, ओटमील, केला और चावल को डाइट में शामिल कर इसे पाया जा सकता है। 5. विटामिन के लिए खूब पीएं पानी आखों के नीचे काले घेरे होना आम समस्या होती जा रही है। विटामिन के आंखों के नीचे के काले घेरे दूर करने में सहायक है। इसके लिए पानी प्रचुर मात्रा में पीजिये। विशेषज्ञों की मानें तो पानी में प्राकर्तिक तौर पर त्वचा के लिए जरूरी मिनरल्स भी होते हैं। खूब पानी पीने से शरीर के विषैले पदार्थ बाहर निकलते हैं। इससे आप त्वचा को स्वस्थ बना सकती हैं। बस जरूरत है खूब पानी पीने की। एक्सपर्ट ओपिनियन… ब्यूटी एक्सपर्ट टीना का कहना है कि डाइट में तो विटामिन से युक्त खाद्य पदार्थ उपयोग में लेना ही चाहिए। साथ ही फ्रूट फेशियल से त्वचा को हैल्दी बनाया जा सकता है। डाइट एक्सपर्ट सुधा शर्मा की मानें तो अच्छी डाइट से व्यक्ति की पर्सनेलिटी शो होती है। रोजाना डाइट में विटामिनयुक्त भोजन लेने से शरीर को पूरा पोषण मिलता है और आपके चेहरे पर अलग ही ग्लो नजर आता है।  

खुद में करें ये सुधार नहीं टूटेगा रिश्ता

लव मैरिज के बाद जिंदगी शादी के पहले जैसी नहीं रहती. ऐसे में कई कपल्स रिश्ते को संभालने की बजाय झगड़े में पड़ जाते हैं. कई मामलों में रिश्ता टूटने की कगार तक पहुंच जाता है. ऐसे में कुछ बातों का ध्यान रखें. आज तमाम युवा लव मैरिज करते हैं लेकिन इस रिश्ते को आपको एक जिम्मेदारी के साथ निभाना भी पड़ता है. कई बार देखने को मिलता है कि प्रेम विवाह के वाद भी कपल्स के बीच लड़ाई-झगड़े होने लगते हैं. लेकिन वो झगड़े कम होने बजाय बढ़ने लगें तो ये आपके रिलेशनशिप के लिए खतरे की घंटी हो सकती है. दरअसल, लव मैरिज के बाद भी रिश्ते को उतनी इज्जत देनी जरूरी है, जबकि ज्यादातर कपल लव मैरिज के बाद रिश्ते को सामान्य बना देते हैं. जब आप अपने पार्टनर को लेकर बहुत ही लापरवाह होने लगते हैं, तब रिश्ते में समस्या आने लगती है. असल जिंदगी को समझें कई लोग फिल्मों को देखकर प्यार तो कर बैठते हैं, लेकिन उसे निभाने के वक्त पर उस तरह से गंभीरता नहीं दिखा पाते. यही कारण है कि अपनी बचकानी हरकतों के कारण आप शादी के बाद इस प्यारभरे रिश्ते को संभाल पाने में असक्ष्म रह जाते हैं. ऐसे में आपको यह समझना होगा कि रियल लाइफ फिल्मी दुनिया से बेहद अलग होती है. असल जिंदगी से उसकी तुलना करना सही नहीं है. एक-दूसरे को समय देना भी है जरूरी शादी के पहले आप एक-दूसरे के साथ अक्सर क्वालिटी टाइम बिताते रहे होंगे, लेकिन मैरिज के बाद कपल्स ज्यादातर घर के कामों में इतने व्यस्त हो जाते है कि एक-दूसरे को वक्त देना भूल जाते हैं. ऐसे में उनके बीच दूरियां बढ़ने लगती है और हर छोटी बात पर नोक-झोक शुरू हो जाती है. इसलिए पार्टनर्स के बीच एक-दूसरे के साथ बिताए गए लम्हों की कमी नहीं होनी चाहिए, जो न सिर्फ उनके बीच प्यार को बरकरार रखता है बल्कि लड़ाई से ज्यादा प्यारभरे पल याद दिलाता है. एक-दूसरे से हमेशा सच बोलने की कोशिश करें हर एक रिश्ते की नींव सच्चाई पर टिकी होती है. ऐसे में अगर आप सोचते हैं कि अपने पार्टनर से झूठ बोलकर काम चला लेंगे, तो ऐसा मुमकिन नहीं है. एक न एक दिन आपका झूठ सामने आ ही जाएगा और आपका रिश्ता पूरी तरह से बिखर जाएगा. बेहतर यही है कि अगर आप अब तक अपने साथी से सच नहीं बोलते आए, तो अब शादी के बाद इसमें सुधार करें और सच के आधार पर अपने रिलेशनशिप को चलाएं. अपने पार्टनर का विश्वास जीतें और उनसे कुछ भी छिपाने का प्रयास न करें. एक-दूसरे का सम्मान करें अपने साथी का सम्मान करना कभी न छोड़ें भले ही आपके वीच कितनी भी वड़ी वहस क्यों न हो जाए. लड़ाई के दौरान हमेशा इस बात का ख्याल रखें कि शब्दों की गरिमा कभी टूटने न पाएं, वरना आपके वोले गए शब्द तीर की तरह पार्टनर के दिल को चुभसकते हैं. साथ ही हमेशा के लिए आपका रिश्ता कमजोर हो सकता है. बात चाहें कैसी भी हो, लेकिन कभी भी पब्लिक प्लेस या किसी के सामने अपने पार्टनर को उल्टा सीधा न तोलें. उनकी रिस्पेक्ट हमेशा करें.

गूगल का नया अपडेट बदल देगा मोबाइल की दुनिया

नई दिल्ली Google I/O शुरू होने वाला हो और आने वाले नए फीचर्स की बात न हो भला ऐसे कैसे हो सकता है। दरअसल Google भी Samsung और Motorola की तरह एक बड़े ही काम का फीचर लेकर आने वाला है। इस फीचर की मदद से आपकी जेब में रखा स्मार्टफोन सिर्फ एक फोन नहीं रहेगा बल्कि पूरी तरह से कंप्यूटर बन जाएगा। बता दें कि हम बात कर रहे हैं डेस्कटॉप मोड की जो कि फिलहाल Samsung, डेक्स मोड के नाम से और Motorola Smart Connect के नाम से उपलब्ध कराती हैं। चलिए डिटेल में जानते हैं कि यह फीचर कैसे काम करेगा और कब आएगा। क्या है नया फीचर जैसा कि हमने पहले बताया यह नया फीचर Samsung के Dex और Motorola के Smart Connect फीचर के जैसा डेस्कटॉप मोड होगा। अगर आप dex और smart connect फीचर से परीचित नहीं हैं, तो बता दें कि यह एक ऐसा मोड है जिसमें आप अपने स्मार्टफोन को एक कंप्यूटर की तरह इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके लिए आपको अपने फोन को एक बड़ी डिस्प्ले से कनेक्ट करना होता है और अलग से माउस और कीबोर्ड को भी कनेक्ट करना पड़ता है। इसके बाद डिस्प्ले पर आपको एक पीसी जैसा इंटरफेस इस्तेमाल करने के लिए मिलता है। इसे आप एक कंप्यूटर की ही तरह इस्तेमाल कर सकते हैं। बता दें कि कुछ कंपनियां फोन को डिस्प्ले के साथ वायरलेस तरीके से कनेक्ट करने का ऑप्शन भी देते हैं। बशर्ते डिस्प्ले में वायरलेस कनेक्शन का ऑप्शन मौजूद हो। इसी तरह कुछ कंपनियों के डेक्सटॉप मोड में आप फोन की स्क्रीन को ही एक ट्रैक पैड की तरह इस्तेमाल करते हुए माउस का काम ले सकते हैं। कब आएगा डेस्कटॉप मोड फिलहाल Google I/O के चलते एंड्रॉयड 16 के चर्चे चारों तरफ हैं। ये नया एंड्रॉयड वर्जन अगले महीने से एलिजिबल यूजर्स के लिए उपलब्ध हो जाएगा। हालांकि Google के डेस्कटॉप मोड के आने की उम्मीज एंड्रॉयड 17 में है। जानकारों का मानना है कि गूगल अपनी नई पिक्सल लाइनअप के साथ पेश कर सकता है। बता दें कि Google के डेस्कटॉप मोड का खुलासा 2023 में एक सोर्स कोड के जरिए हुआ था। हालांकि अब लगने लगा है कि Google इसे जल्द लॉन्च करने के मूड में है। क्या खास होगा Google के फीचर में इस फीचर को लेकर जो जानकारी सामने आ रही है उसके मुताबिक इस फीचर को Google ‘डेस्कटॉप मोड’ का नाम देगा। इसमें मल्टीटास्किंग फीचर्स के साथ साइज में छोटा बड़ा होने वाली विंडोज का फीचर भी मिलेगा। इसके अलावा इसके काफी हद तक क्रोम OS की तरह दिखने की भी उम्मीद है। बता दें कि क्रोम OS गूगल का अपना ही ऑपरेटिंग सिस्टम है जो कि वह गूगल की क्रोमबुक्स में इस्तेमाल करता है। इसे मोबाइल के एंड्रॉयड और पीसी के विंडोज OS के बीच का माना जा सकता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक इस मोड को इस्तेमाल करने के लिए फोन को एक तार के जरिए स्क्रीन से कनेक्ट करना होगा। वहीं कुछ रिपोर्ट्स कह रही हैं कि Google वायरलेस कनेक्शन का सपोर्ट भी इस फीचर के साथ दे सकता है। जानकारों का यह भी कहना है कि दूसरे एंड्रॉयड फोन्स पर आने से पहले ये फीचर गूगल अपने पिक्सल डिवाइसेज पर उपलब्ध करा सकता है।

Google स्टोरेज टेंशन खत्म!, Gmail लाया नया फीचर

नई दिल्ली Google आपको फ्री अकाउंट के साथ 15GB की स्टोरेज मुफ्त देता है। आज के डेटा वाले युग में यह 15GB कहां खप जाती है पता ही नहीं चलता। ऐसे में लोग Google को पैसे चुका कर अतिरिक्त स्टोरेज प्लान खरीदते हैं। बता दें कि Google द्वारा दी जाने वाली 15GB की फ्री स्टोरेज का एक बड़ा हिस्सा आपके ईमेल भी इस्तेमाल करते हैं। यहां बड़ी बात यह है कि इस फ्री स्टोरेज में से अधिक्तर हिस्सा ऐसी ईमेल खर्च कर देती हैं, जो कि आपके किसी काम की नहीं होतीं। इन तमाम बातों को ध्यान में रखते हुए, Google आपके लिए Gmail ऐप में एक बड़े ही काम का फीचर लेकर आया है। इसकी मदद से आप ऐसे ईमेल से एक क्लिक में छुटकारा पा सकेंगे जो कि बेकार में आपकी Gmail स्टोरेज को खर्च कर रहे हैं। साथ ही हो सकता है कि इसकी मदद से आप अपने Google अकाउंट में इतनी जगह खाली कर सकें कि आपको अतिरिक्त स्टोरेज के लिए कोई पैसा न खर्च करना पड़े। Manage Subscription फीचर क्या है? Google अपने Gmail ऐप में बहुत ही काम का फीचर लेकर आया है। इसकी मदद से आप उन ईमेल्स से छुटकारा पा सकेंगे जो कि रोजाना हजारों की तादाद में आपके इनबॉक्स को भरती हैं। अक्सर जब हम किसी वेबसाइट पर विजिट करते हैं या किसी वेबसाइट की कोई सर्विस इस्तेमाल करते हैं, तो अनजाने में उसके न्यूजलेटर या सर्विस से जुड़े अपडेट्स के ईमेल के लिए भी साइन अप कर देते हैं। कुछ वेबसाइट्स जान-बूझ कर इन ईमेल लेटर्स के लिए सब्सक्राइब करवाती हैं। इन ईमेल्स से छुटकारा दिलाने के लिए ही Google ने Gmail ऐप में Manage Subscription नाम का फीचर जोड़ा है। इसका इस्तेमाल करते हुए आप सभी फालतू के ईमेल अनसब्सक्राइब कर सकेंगे और अपनी Google स्टोरेज को भी बेकार की चीजों में खर्च होने से बचा सकेंगे। ऐसे करें इस्तेमाल इस फीचर को इस्तेमाल करने के लिए सबसे पहले अपने अपने Gmail ऐप को अपडेट कर लें। इसके बाद आपको अपने Gmail ऐप में टॉप लेफ्ट कॉर्नर में दिए हैमबर्गर मेन्यू में जाना है। वहां नीचे की ओर स्क्रॉल करने के बाद आपको Manage Subscription नाम का फीचर मिलेगा। इस पर टैप करने के बाद आपको उन सभी जगहों की एक लंबी लिस्ट मिलेगी जहां से आपको रोजाना ढेरों ईमेल्स भेजे जा रहे है। इनके नाम के आगे आपको अनसब्सक्राइब करने का आइकन दिखाई देगा। इन पर क्लिक करके आप आसानी से इस तरह के ईमेल्स को अनसब्सक्राइब कर पाएंगे। इससे आपकी Google स्टोरेज का एक बड़ा हिस्सा बच पाएगा। गौर करने वाली बात इस फीचर को Google धीरे-धीरे रोलआउट कर रहा है। खबर लिखने तक यह फीचर हमारे Android स्मार्टफोन पर उपलब्ध था लेकिन iPhone के लिए यह अभी नहीं आया था। ऐसे में अगर आपके लिए भी यह फीचर फिलहाल नहीं आया है, तो अपनी Gmail या Google ऐप को अपडेट रखें और चेक करते रहें।

किसी को भी हो सकती है आंखों की बीमारी काला मोतिया

चालीस वर्षीय संतोष पिछले कुछ दिनों से इस बात से परेशान हैं कि बार-बार उनके चश्मे का नंबर बदल रहा है। साथ ही उन्हें अंधेरे में बहुत कम दिखाई देता है। उन्होंने तुरन्त डॉक्टर से सम्पर्क किया। विभिन्न परीक्षणों से इस बात की पुष्टि हुई कि उन्हें ग्लूकोमा है। डॉक्टर ने बताया चूंकि उनका रोग अभी पहले चरण में ही है इसलिए दवा से इसे नियंत्रित किया जा सकता है।   ग्लूकोमा या काला मोतिया आंखों की एक ऐसी बीमारी है जो किसी को भी हो सकती है। इस बीमारी के विषय में सबसे चिंताजनक बात यह है कि इससे ग्रस्त ज्यादातर लोग इस बात को नहीं जानते कि उन्हें ग्लूकोमा है क्योंकि इस बीमारी के कोई स्पष्ट लक्षण नहीं होते इसलिए मरीज को तभी चल पाता है जबकि उसकी आंखों की दृष्टि क्षमता का ह्रास शुरू हो चुका होता है। इलाज शुरू होने के बाद भी नुकसान की भरपाई नहीं की जा सकती। सही इलाज के द्वारा केवल आगे होने वाले नुकसान को रोका जा सकता है।   आक्वेयस हयमर एक तरल पदार्थ है जो हर वक्त हमारी आंखों में बहता रहता है। यह तरल पदार्थ हमारी आंखों के लैंस, आयरिस तथा कार्निया को पोषण देता है। इस तरल पदार्थ को प्रवाहित करने वाले नाजुक जाल में यदि कोई रुकावट आ जाती है या उसे सही जगह तक ले जाने वाली नस में कोई रुकावट उत्पन्न हो जाती है तो आईओपी अर्थात इंट्रा आक्सुलर प्रेशर (आंखों में दबाव) इतना बढ़ जाता है कि आप्टिक नर्व को रक्त पहुंचाने वाली रक्त वाहिनी को नुकसान पहुंचने लगता है। यदि इसका जल्द से जल्द इलाज न किया जाए तो आइओपी के कारण आप्टिक नर्व को बहुत नुकसान पहुंचता है जिस कारण दिमाग से आंखों का सम्पर्क खत्म हो जाता है और व्यक्ति पूरी तरह अंधा हो जाता है। आप्टिक नर्व में हुए नुकसान की पुनः भरपाई संभव नहीं होती।   ग्लूकोमा बहुत हद तक अनुवांशिक भी होता है। लघु दृष्टि दोष अर्थात् मायोपिया एवं मधुमेह से पीड़ित व्यक्तियों को भी ग्लूकोमा होने की आशंका ज्यादा होती है। वे लोग जिनकी आंखों में आंतरिक दबाव असामान्य रूप से बहुत अधिक हों उन्हें भी यह बीमारी होने की पूरी-पूरी संभावना होती है। वे लोग जो लंबे समय से स्टीरायड या कोर्टिजोन का उपयोग कर रहे हों उन्हें भी ग्लूकोमा होने की संभावना होती है। आंखों में किसी प्रकार की चोट लगने के कारण भी यह रोग हो सकता है।   समय रहते ग्लूकोमा को पकड़ने के लिए जरूरी है कि साल में कम से कम एक बार आंख की जांच जरूर करवा लेनी चाहिए। इसके कई ऐसे अप्रत्यक्ष लक्षण होते हैं जिन पर ध्यान दिया जाए तो ग्लूकोमा पर जल्दी नियंत्रण किया जा सकता है जैसे अंधेरे में कम दिखना, चश्मे का नबंर बार-बार बदलना या प्रकाश के चारों ओर इन्द्रधनुषी मंडल दिखना।   मरीज को ग्लूकोमा है यह जानने के बाद डॉक्टर कई प्रकार की जांचों के द्वारा ग्लूकोमा के प्रकार तथा उससे हुई दृष्टि क्षमता की क्षति का पता लगाते हैं। टोनोमेट्री टैस्ट आंखों में इंट्रा आक्युलर प्रेशर जांचने के लिए किया जाता है। आप्थल्मोस्कोपी टैस्ट आप्टिक नर्व में होने वाली हानि को जांचने के लिए किया जाता है। प्रत्येक आंख की दृष्टि क्षेत्र का परीक्षण करने के लिए पेरिमेट्री टैस्ट किया जाता है। एक अन्य टैस्ट गोनियोस्कोपी के द्वारा आंखों के ड्रेनेज एंगल का निरीक्षण किया जाता है।   ग्लूकोमा के इलाज के लिए दवाई, लेजर तथा सर्जरी का सहारा लिया जाता है। यदि प्रारंभिक अवस्था में ही इसका पता लग जाए तो दवाई द्वारा इसका उपचार किया जाता है। बाद में डॉक्टर ग्लूकोमा के प्रकार तथा उसके कारण हुई दृष्टिक्षमता की हानि को ध्यान में रखकर लेजर या सर्जरी की सलाह देते हैं।   ग्लूकोमा के सही इलाज के लिए जरूरी है कि किसी विशेषज्ञ से इसका इलाज करवाएं। सबसे जरूरी है कि दवा से संबंधित डॉक्टरी निर्देशों का ध्यानपूर्वक पालन करें। दवा की मात्रा को कभी खुद ही कम या ज्यादा नहीं करें। चूंकि इस रोग से पूर्ण मुक्ति संभव नहीं है इसलिए आंखों की नियमित जांच कराना बहुत जरूरी है इसमें लापरवाही आंखों के लिए घातक हो सकती है।  

कंपनी ला रही भारत में तीन स्मार्टफोन्स, एक क्लिक में बदल जाएगी स्क्रीन

Alcatel भारतीय बाजार में रिएंट्री कर रहा है. कंपनी भारत में अपने नए स्मार्टफोन्स को लेकर आ रही है. कंपनी तीन नए स्मार्टफोन को लॉन्च करने वाला है, जो Alcatel V3 सीरीज का हिस्सा होंगे. ब्रांड के अपकमिंग स्मार्टफोन्स इस महीने के आखिरी में यानी 27 मई को लॉन्च होंगे. इन स्मार्टफोन्स को भारत में Nxtcell की टीम लॉन्च करेगी, जिसके साथ माधव सेठ भी जुड़े हुए हैं. Alcatel के स्मार्टफोन्स Flipkart पर बिक्री के लिए उपलब्ध होंगे. कंपनी ने ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर माइक्रो साइट लाइव कर दी है, जिस पर कई सारी डिटेल्स मौजूद हैं. तीन फोन्स को लॉन्च करेगी कंपनी कंपनी 27 मई को होने वाले इवेंट में तीन नए स्मार्टफोन्स को लॉन्च करेगा. कंपनी Alcatel V3 Pro, Alcatel V3 Classic और Alcatel V3 Ultra को लॉन्च करेगी. ब्रांड का कहना है कि उनके स्मार्टफोन्स में गेम चेंजिंग डिस्प्ले टेक्नोलॉजी मिलेगी. हाल में कंपनी ने अपने अपकमिंग फोन्स के कुछ फीचर्स की जानकारी दी है. Alcatel के स्मार्टफोन में NXTPAPER प्लेटफॉर्म दिया जाएगा. इस प्लेटफॉर्म के साथ TCL के स्मार्टफोन्स यूरोपियन मार्केट में उपलब्ध हैं. इस डिस्प्ले टेक्नोलॉजी की वजह से यूजर्स एक क्लिक में स्मार्टफोन Ink Mode में चला जाएगा. क्या होगा फोन में खास? कंपनी ने अपने तमाम स्मार्टफोन्स के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं दी है. हालांकि, ब्रांड अपने अल्ट्रा मॉडल को स्टायलस के साथ लॉन्च कर सकता है. इसके अलावा यूजर्स को एक एडिशनल बटन मिलेगा, जिसकी मदद से वे NXTPAPER मोड में एंट्री कर पाएंगे. इस मोड को ऑन करते ही स्मार्टफोन नॉर्मल और कलरफुल मोड से मोनोक्रोम मोड में चला जाएगा. रिपोर्ट्स की मानें, तो ब्रांड ग्लोबल मार्केट में मौजूद TCL 50 Pro NXTPAPER फोन को रिब्रांड करके भारत में लॉन्च कर सकता है. ये स्मार्टफोन MediaTek Dimensity 6300 प्रोसेसर, 32MP के फ्रंट कैमरा और 108MP के रियर कैमरा के साथ आ सकता है. फोन में 5010mAh की बैटरी दी जा सकती है.  

गर्मियों में ऐसे रहे बीमारियों से दूर

गर्मी में दिल को त्वचा तक रक्त पहुंचाने के लिए काफी जोर लगाना पड़ता है। ऐसे में तापमान के 42 डिग्री पर पहुंचने पर यह जरूरी हो जाता है कि हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन, फ्लू, चिकन पॉक्स और डायरिया से बचने के लिए सावधानी बरती जाए। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के मानद महासचिव डॉ. के.के. अग्रवाल ने कहा, गर्मियों में उम्रदराज लोगों, बच्चों और दिल के रोगियों, डायबिटीज और हाइपरटेंशन के मरीजों को समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए बचाव जरूरी है। उन्होंने कहा कि प्यास न भी लगे, तब भी पानी पीते रहना चाहिए। दिल के रोगियों को तीव्र गर्मी में घर के अंदर ही रहना चाहिए, क्योंकि गर्मी में दिल को त्वचा तक रक्त पहुंचाने के लिए काफी जोर लगाना पड़ता है। ज्यादा मेहनत जानलेवा हो सकती है। जंक फूड और सड़क किनारे से कुछ खरीदकर न खाएं, क्योंकि गर्मी में खाना जल्दी खराब होता है। कुछ आम बीमारियां: हीट स्ट्रोक गर्मी में ज्यादा देर काम करने से शरीर के ओवरहीट होने से होता है। ऐसे व्यक्ति का इमरजेंसी इलाज करना चाहिए, नहीं तो उसके कई अंग काम करना बंद कर सकते हैं। लगातार तरल पदार्थ लेने, गर्मी से बचने, हवादार कपड़े पहनने से काफी राहत मिलती है। शरीर में पानी की कमी होने से डिहाइड्रेशन होता है। ज्यादा व्ययाम, गंभीर डायरिया, उल्टी, बुखार या ज्यादा पसीना इसके आम कारण हैं। व्यायाम के वक्त पानी न पीना या गर्मी में वैसे भी डीहाइड्रेशन हो सकता है। छोटे बच्चों, उम्रदराज लोगों और पुरानी बीमारी वालों को ज्यादा खतरा है। इसलिए गर्मी में पानी पीते रहना जरूरी है। चिकनपॉक्स और मीजल्स भी गर्मी में होते हैं, क्योंकि तब इसके वायरस तेजी से फैलाते हैं। इसलिए सबको इसका वैक्सीनेशन लेना जरूरी है। मूत्र मार्ग में संक्रमण भी बच्चों और बड़ों की आम बीमारी है। औरतों को अक्सर पता नहीं चलता कि उनमें पानी की कमी हो रही है और पानी न पीने से संक्रमण होता है। डॉ. अग्रवाल ने कहा कि गर्मी में भी पानी उबालकर पीना चाहिए, क्योंकिपानी की गुणवत्ता में कमी हो जाती है। पानी में अगर ऑर्सेनिक, जंग, कीटनाशक आदि मिला हो तो उसे पीने से डायरिया, हैजा, टायफायड वगैरह हो सकता है।  

ऐसे पता लगाएं कहीं आपका फोन भी तो नहीं हो रहा है टैप?

स्मार्टफोन आज जिंदगी की जरूरत बन चुका है, गलती से कहीं छूट जाए तो ढ़ेरों बातें दिमाग में हलचल मचा देती है कि कहीं किसी ने चुरा तो नहीं लिया, कहीं गलत हाथों में तो नहीं पड़ गया। वैसे भी टेक्नोलॉजी इतनी एडवांस हो चुकी है कि कोई चाहे तो वह न केवल आपकी बातें सुन सकता है बल्कि आपके मैसेजेस भी आसानी से पढ़ सकता है, इतना ही नहीं आपकी लोकेशन को जीपीएस के द्वारा मॉनिटर भी कर सकता है। यह सब काम आपका फोन टैप करके आसानी से किए जा सकते हैं। ऐसे में प्राइवेसी को लेकर चिंता होना स्वाभाविक है, लेकिन पता कैसे चलेगा कि आपका फोन टैप हो रहा है? आपकी नजर में तो वह हमेशा आपके ही पास रहता है। आपकी इसी परेशानी को समझते हुए आज हम आपको कुछ ऐसे टिप्स देंगे, जिनसे आप समझ जाएंगे कि कोई आपके फोन को टैप कर रहा है… -जब फोन इस्तेमाल न कर रहे हो तो सुनें अगर आप इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं तो फोन चुपचाप पड़े रहना चाहिए, लेकिन बिना यूज के भी अगर आप इसमें बीप, क्लिक या अन्य किसी प्रकार के शोर की आवाज सुन रहे हैं तो बहुत संभव है कि इसमें टैपिंग सॉफ्टवेयर या हार्डवेयर इंस्टॉल किया गया है। -बैटरी के टेम्परेचर पर ध्यान दें बिना इस्तेमाल के भी अगर आपके फोन की बैटरी असाधारण तरीके से गर्म हो जाती है और आपको इसका कारण समझ नहीं आ रहा तो बहुत हद तक संभव है कि इसमे कोई टैपिंग सॉफ्टवेयर बैकग्राउंड में चल रहा है और आपके फोन की बैटरी का लगातार इस्तेमाल कर रहा है तभी वह इतना गर्म हो रही है। -फोन को बंद करने की कोशिश में देरी हो अगर फोन देर से बंद हो या फिर पूरी तरह न हो, यह अजीब व्यवहार संकेत देता है कि कोई आपके फोन को टैप करके कंट्रोल कर रहा है। -जब आपके सीक्रेट लीक हो जाए अगर आपने अपनी कोई निजी या सीक्रेट बात चंद विश्वसनीय लोगों को बताई है और अचानक उसी बात का हल्का सा जिक्र किसी के मुंह से सुन लें तो समझ लें कि आपका फोन टैप हो रहा है। जैसे-आप किसी ऊंची पोजिशन पर ऑफिस में हैं तो बहुत संभव है कि आपकी बातें छिपकर सुनी जाए ताकि आपको नीचे किया जा सकें। अगर आपको जानना है कि कोई विश्वासपात्र यह कर रहा है या नहीं तो उससे कोई झुठी बात कहिए और फिर देखिए क्या वह फैल जाती है, अगर हां तो समझ लीजिए कि फोन पर उससे डिस्कस की गई आपकी सीक्रेट बात सीक्रेट नहीं रही। -बैकग्राउंड के शोर को सुने अगर बात करते समय आप बैकग्राउंड में बहुत शोर सुने तो बहुत संभव है कि पीछे से आने सुनाई दे रहा यह शोर फोन टैप करने के कारण हो रहा है। -अपने फोन को अन्य इलेक्ट्रोनिक उपकरणों के पास इस्तेमाल करें अगर आपको शक है कि आपका फोन टैप हो रहा है तो अपनी अगली कॉल आने पर रेडियो या टेलीविजन के पास जाए, अगर यहां फोन पर बात करते समय कुछ बाधा पैदा हो तो समझ लें कि फोन टैप हो रहा है। दरअसल कुछ बग्स या टैप एफएम रेडियो के पास फ्रीकवेंसी का इस्तेमाल करते हैं। -ध्यान दें कि फोन कितना जल्दी चार्ज करना पड़ता है अगर फोन की बैटरी लाइफ बिना किसी कारण के अचानक कम होने लगी है, इसे जल्दी-जल्दी चार्ज करना पड़ता है तो हो सकता है कि टैपिंग सॉफ्टवेयर बैटरी की खपत कर रहा है क्योंकि वह बैकग्राउंड में लगातार चल रहा है।  

आधार कार्ड, पैन कार्ड को मौत के बाद ऑनलाइन कर सकते है बंद

नई दिल्ली  व्‍यक्ति के जीते-जी उसके पास कई डॉक्‍युमेंट्स होते हैं जैसे आधार कार्ड, पैन कार्ड, जिनका इस्‍तेमाल रोजमर्रा के कागजी कामों में होता है। जब किसी की मृत्‍यु हो जाती है तो अक्‍सर परिवार के लोग उसके आधार, पैन समेत बाकी डॉक्‍युमेंट्स काे संभालकर रख देते हैं। लेकिन जिम्‍मेदारी यहीं खत्‍म नहीं होती। एक्‍सपर्ट का कहना है कि व्‍यक्ति की मौत के बाद कम से कम उसके आधार और पैन कार्ड को कैंसल करवा देना चाहिए, क्‍योंकि उसके मिसयूज होने का खतरा रहता है। अपराधी कई बार ऐसे डॉक्‍युमेंट्स को हासिल करके फ्रॉड और आर्थिक लेनदेन कर सकते हैं। व्‍यक्ति की मौत के बाद उसके पैन और आधार को ऑनलाइन कैंसल करवाया जा सकता है। कैसे? आइए जानते हैं। ​मौत के बाद व्‍यक्ति का पैन कार्ड कैसे कैंसल कराएं कोई भी पैन कार्ड उसकी ऑफ‍िशियल एक्‍सपायरी डेट तक वैलिड रहता है। अगर किसी का आकस्मिक निधन हो जाए तो उसके पैन कार्ड को कैंसल करा देना चाहिए। ऐसा नहीं कराने पर कोई उस पैन कार्ड पर अकाउंट खोल सकता है, गलत तरह से लोन ले सकता है। पैन कार्ड कैंसल कराने का ऑफलाइन तरीका भी है और ऑनलाइन भी। ऑफलाइन तरीके में एक आवेदन पत्र देना होता है। पत्र में मृतक का पूरा नाम, मृत्‍यु की तारीख, पैन कार्ड कैंसल करवाने का कारण और साथ में उस व्‍यक्ति की डिटेल दी जाती है जो पैन कार्ड कैंसल करवा रहा है जैसे मृतक व्‍यक्ति का बेटा या पत्‍नी। साथ में कुछ डॉक्‍युमेंट्स जैसे- डेथ सर्टिफ‍िकेट आदि अटैच करना होता है। वह आवेदन इनकम टैक्‍स डिपार्टमेंट में एओ के पास जमा कराया जाता है। इनकम टैक्‍स के ई-फाइलिंग पोर्टल से एओ की डिटेल मिल जाती है। NSDL की वेबसाइट पर जाएं अगर आप यह काम ऑनलाइन करवाना चाहते हैं तो Form 49A भरना होगा, जोकि NSDL की वेबसाइट पर मिल जाएगा। वहां पैन करेक्‍शन ऐप्‍लिकेशन के ऑप्‍शन में जाकर पैन कैंसल की रिक्‍वेस्‍ट देनी होगी। उसके बाद तमाम डॉक्‍युमेंट नजदीकी NSDL PAN सर्विस सेंटर में जमा करवाने होंगे। मौत के बाद व्‍यक्ति का आधार कार्ड कैसे कैंसल कराएं रिपोर्टों के अनुसार, आधार कार्ड को कैंसल कराने का कोई विकल्‍प फ‍िलहाल उपलब्‍ध नहीं है। लेकिन आप मृतक का बायोमेट्रिक डेटा लॉक करवा सकते हैं। बायोमेट्रिक डेटा लॉक होने से मृतक के फ‍िंगरप्रिंट्स, आइरिस स्‍कैन आदि से छेड़छाड़ नहीं की जा सकेगी। बायोमेट्रिक डेटा को लॉक करने का सबसे आसान तरीका है एसएमएस के जरिए। मृतक के रजिस्‍टर्ड मोबाइल नंबर से 1947 पर एसएमएस भेजना होगा। उसमें टाइप करना होगा GETOTP और स्‍पेस देकर आधार नंबर के आखिरी 4 डिजिट लिखने होंगे। ओटीपी आने के बाद एक और एसएमएस इस फॉर्मेट में करें- LOCKUID < आधार के आखिरी 4 नंबर > <6 डिजिट OTP> आप यूआईडीएआई की वेबसाइट पर भी यह काम कर सकते हैं। वेबसाइट पर जाकर लॉग इन करें। माई आधार सेक्‍शन में जाकर Lock/Unlock Biometrics को सिलेक्‍ट करें। वहां फ‍िर से आधार नंबर डालें और ओटीपी से वेरिफाई करें। आखिर में Lock Biometrics पर क्लिक कर दें। ऐसा करना क्‍यों जरूरी है हाल के दिनों में ऑनलाइन फ्रॉड काफी ज्‍यादा बढ़ गए हैं। यह कोई नहीं जानता कि कब किसके साथ साइबर अपराध हो जाए। अगर कोई मृत व्‍यक्ति के आधार-पैन के साथ फर्जीवाड़ा होता है तो उसके परिवार के लिए सिचुएशन को संभालना बहुत मुश्किल हो जाएगा। ऐसे में जरूरी है कि समय रहते इन डॉक्‍युमेंट्स काे कैंसल करवा दिया जाए प्रोटेक्‍ट कर लिया जाए।

इन स्टेप्स को फॉलो कर गलत UPI पेमेंट को ले वापस

नई दिल्ली UPI सर्विस के आने के बाद से कैश का इस्तेमाल कम होता गया है। हालांकि डिजिटली पेमेंट करने का एक नुकसान ये है कि अगर कभी गलती से किसी गलत अकाउंट पर पेमेंट हो जाए, तो उसे वापस पाने के लिए पापड़ बेलने पड़ जाते हैं। अगर आप भी ऐसा सोचते हैं, तो आप गलत हैं। दरअसल गलत अकाउंट पर UPI पेमेंट करने पर आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है। ऐसा होने पर पैसे वापस पाने की एक आसान प्रक्रिया है, जिसे फॉलो करके आप बड़े आसानी से जल्द से जल्द अपने पैसे वापस पा सकते हैं। चलिए आज इस पूरे प्रोसेस के बारे में जानते हैं। पहले उस अकाउंट होल्डर से बात करें कभी भी किसी गलत अकाउंट पर UPI पेमेंट हो जाने पर सबसे पहले आपको तुरंत उस अकाउंट के मालिक से बात करनी चाहिए। अक्सर लोग समझते हैं कि गलती से पेमेंट हो जाना आम बात है। अगर आपको सीधा उसी शख्स से पैसे वापस मिल जाएं, तो आपको बाकी की प्रक्रिया में जाना ही नहीं पड़ेगा और आपका काफी समय बच जाएगा। हालांकि डिजिटल फ्रॉड के बढ़ते मामलों के बीच हो सकता है कि अगर आप उस शख्स से संपर्क करें जिसके खाते में गलती से पेमेंट कर दी गई है, तो वह आपको सही से जवाब न दें। ऐसे में आपको आगे बताई गई प्रक्रिया को फॉलो करना है। तुरंत संबंधित बैंक से संपर्क करें गलत अकाउंट में UPI पेमेंट करने के तुरंत बाद आपको अपने बैंक से संपर्क करना चाहिए। आप कस्टमर केयर या ब्रांच जाकर संपर्क कर सकते हैं। बैंक आपसे पेमेंट की डिटेल लेगा और एक जांच प्रक्रिया शुरू करेगा। इस प्रक्रिया में बैंक उस बैंक से संपर्क करता है जिसमें पैसा गया है। अगर पैसे रिसीवर ने खर्च नहीं किया होगा, तो बैंक आपकी मदद से उसे रिवर्स करा सकता है। ध्यान रहे कि गलत पेमेंट होने के 48 घंटे के अंदर बैंक से संपर्क करना जरूरी होता है। बैंक से संपर्क न हो पाने की स्थिति में 18001201740 पर कॉल करके भी शिकायत दर्ज करवाई जा सकती है। UPI ऐप के कस्टमर सपोर्ट से शिकायत करें आपने जिस भी UPI ऐप जैसे कि Google Pay, PhonePe, Paytm, BHIM आदि से पेमेंट की है उसके अपने “Help” या “Support” सेक्शन में जाकर कस्टमर केयर से बात करें। वहां आप अपनी गलत पेमेंट की शिकायत करवा सकते हैं। इसके बाद ऐप की टीम आपके बैंक और रिसीवर बैंक से मिलकर केस की जांच करती है। अगर गलती साबित होती है और पैसे रिसीवर ने वापिस देने पर सहमति दी, तो रिफंड मिल सकता है। यह प्रक्रिया कुछ दिन ले सकती है, लेकिन कई मामलों में मदद जल्द भी मिलती है। NPCI या RBI को शिकायत दर्ज करें अगर बैंक या UPI ऐप से समाधान नहीं मिलता है, तो आप NPCI यानी कि National Payments Corporation of India या RBI के आधिकारिक शिकायत पोर्टल पर शिकायत कर सकते हैं। NPCI की वेबसाइट https://www.npci.org.in और RBI की वेबसाइट https://cms.rbi.org.in है। वहां शिकायत फॉर्म भर कर और जरूरी दस्तावेज अपलोड कर दें। NPCI या RBI आपके मामले की जांच करके बैंक को निर्देश दे सकता है कि वो उचित कदम उठाए। यह थोड़ा लंबा प्रोसेस हो सकता है, लेकिन असरदार होता है।

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