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राजधानी के इस सरकारी स्‍कूल पर चलेगा रेलवे का बुलडोजर, स्कूल तोड़े जाने को लेकर रेलवे दो बार नोटिस जारी कर चुका

लखनऊ बादशाहनगर रेलवे कॉलोनी में शिक्षा विभाग द्वारा स्थापित प्राथमिक विद्यालय पर रेलवे का बुलडोजर चलेगा। इसकी नोटिस जारी होने के साथ ही शिक्षा विभाग द्वारा अब नई जमीन की तलाश शुरू हो गई है। बादशाहनगर स्टेशन के चौड़ीकरण व मेट्रो स्टेशन को जोड़ने के लिए बनाए जा रहे पुल के बीच में यह स्कूल आ रहा है। बच्चों के सामने शिक्षा का संकट है तो शिक्षा विभाग पास के विद्यालय में समायोजित करने की बात कह रहा है। खंड शिक्षा अधिकारी ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को पत्र लिखकर अस्थाई विद्यालय की व्यवस्था रेलवे कालोनी में किए जाने की मांग की है। स्कूल तोड़े जाने को लेकर रेलवे दो बार नोटिस जारी कर चुका है। हालांकि, उसने यह नहीं बताया है कि विद्यालय के लिए नया भवन कहां दिया जाएगा। जिस जमीन पर स्कूल बनाया गया था, वह भी रेलवे की है। रेलवे की सहमति से ही विद्यालय की स्थापना की गई, लेकिन अब स्टेशन का विस्तार किया जा रहा है। पूर्वोत्तर रेलवे के सीनियर सेक्शन इंजीनियर ने नोटिस में कहा कि विद्यालय जर्जर है। वहीं, एक रेलवे पुल मेट्रो से जोड़ा जाएगा। इसके काम से होने वाले कंपनी से स्कूल की इमारत गिरने का डर है। ऐसे में अब इसे तोड़ा जाएगा। प्रभारी प्रधानाध्यापिका अनीता ने रेलवे को पत्र लिखकर पास में ही दो कमरे देने की गुजारिश की है। विद्यालय में ज्यादातर रिक्शा चालकों व मजदूरों के बच्चे पढ़ते हैं। स्कूल हटने का दूर होने से उनकी पढ़ाई बाधित होगी। पांच दशक पहले से शिक्षा विभाग सीमेंट के शेड के नीचे विद्यालय का संचालन कर रहा है। ज‍िला बेसि‍क शि‍क्षा अधि‍कारी राम प्रवेश ने बताया क‍ि जमीन रेलवे की है, शिक्षा विभाग की नहीं है। ऐसे में हम रेलवे से अनुरोध करेंगे। रही बात बच्चों की पढ़ाई तो अभी अवकाश है। स्कूल खुलने पर उनकी सुविधानुसार पास के विद्यालयों में समायोजित किया जाएगा। उनकी पढ़ाई में कोई बाधा नहीं आएगी।

प्राइवेट वोल्वो बस बनी आग का गोला, बाल- बाल बची 60 यात्रियों की जान

अलीगढ़ यूपी के अलीगढ़ में बिल्हौर से हरियाणा के पानीपत जा रही एक प्राइवेट वोल्वो बस मंगलवार को सासनी गेट क्षेत्र में मथुरा हाईवे बाईपास पर अचानक आग का गोला बन गई. बस में उस समय लगभग 60 यात्री सवार थे. जानकारी के अनुसार, बस चालक ने इंजन में खराबी आने के बावजूद बस को चलाना जारी रखा, जिससे बस में भीषण आग लग गई. आग लगते ही चालक और परिचालक मौके से फरार हो गए. सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की दो गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया. सभी यात्री समय रहते बस से बाहर निकल गए और सुरक्षित हैं. प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और प्रथम दृष्टया चालक की लापरवाही आग का कारण मानी जा रही है. एआरटीओ प्रवर्तन ने भी मौके का निरीक्षण कर दस्तावेजों की जांच की है. एआरटीओ प्रवर्तन वंदना सिंह ने बस की फिटनेस और दस्तावेजों की जांच की. उन्होंने कहा कि आग लगने के कारणों की जांच यात्रियों के बयान लेकर की जाएगी और आगे की कार्रवाई की जाएगी.

चाचा ससुर के साथ भागी दो बच्चों की मां… परेशान पति ने किया ये बड़ा एलान; पीड़ित ने खुद बताई पूरी कहानी

  इटावा उत्तर प्रदेश में रिश्तों के रिवर्स गियर ने फिर से चौका दिया है. कुछ दिनों पहले जहां अलीगढ़ में सास-दामाद के प्यार के चर्चे मीडिया के चर्चों में थे तो अब इटावा ने भी रिश्तों की लाज को बाय-बाय बोल दिया. यहां बहू अपने दो बच्चों को लेकर ससुर के साथ फरार हो गई, और जाते-जाते पति के पास रहने को एक बेटा छोड़ गई. ग्राम पूरनपुरा निवासी जितेंद्र कुमार, जो पेशे से टैक्सी चालक हैं, ने वर्ष 2014 में विवाह किया था. पति-पत्नी के तीन संतानें हैं. एक बेटा और दो बेटियां. बीती 3 अप्रैल को जब जितेंद्र कार लेकर कानपुर गया हुआ था, उसी दौरान उसकी पत्नी दोनों बेटियों को लेकर घर से चली गई. साथ में परिवार के ही एक सदस्य, चाचा ससुर नन्दराम का भी घर से गायब होना सामने आया है. लगातार एक महीने तक महिला और बच्चों की तलाश करने के बाद भी कोई सुराग नहीं लगा, जिसके बाद जितेंद्र और उसके पिता श्याम किशोर ने थाने में इसकी शिकायत दर्ज कराई. जब वहां से भी कोई ठोस जानकारी नहीं मिली, तो उन्होंने बच्चों को वापस लाने वाले को ₹20,000 इनाम देने की घोषणा कर दी. जितेंद्र के पिता श्याम किशोर का कहना है कि उनकी बड़ी बहू, परिवार के ही छोटे भाई नन्दराम के साथ घर छोड़कर चली गई है. बहू अपने बेटे को घर में ही छोड़ गई है और बेटियों को अपने साथ ले गई है. उन्होंने मांग की है कि बच्चों को परिवार को वापस दिलाया जाए. वहीं, पीड़ित पति जितेंद्र का आरोप है कि नन्दराम, जो चाचा ससुर लगते हैं, अक्सर घर आया-जाया करते थे और इसी नजदीकी का लाभ उठाते हुए वह पत्नी को अपने साथ ले गया. इस पूरे मामले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने जानकारी देते हुए कहा कि यह थाना ऊसराहार क्षेत्र के भरथियापुर चौकी का मामला है. महिला की गुमशुदगी दर्ज की गई थी और जांच के बाद पता चला कि वह अपने ही रिश्तेदार के साथ गई है. इस आधार पर विधिक धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है. जल्द ही महिला और बच्चों की बरामदगी कर ली जाएगी तथा दोषियों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.

यूपी: सरकारी विभागों में आउटसोर्स कर्मि‍यों के आएंगे अच्‍छे द‍िन! शोषण से मुक्ति के साथ म‍िलेंगे ये कई फायदे

लखनऊ सरकारी विभागों में आउटसोर्स पर काम कर रहे कार्मिकों के अच्छे दिन जल्द आने वाले हैं। उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम के गठन के लिए तैयार प्रस्ताव पर परामर्शी विभागों ने अपने परामर्श दे दिए हैं। विभागों से मिले सुझावों के बाद यह तय माना जा रहा है कि कार्मिकों के ईपीएफ, ईएसआई, बीमा, चिकित्सा, भत्ते आदि का प्रबंधन आउटसोर्स निगम करेगा, जबकि मानदेय मौजूदा व्यवस्था के तहत आउटसोर्स एजेंसियां ही देंगी। पूरा मानदेय समय से कार्मिकों के खाते में जाए इसका पर्यवेक्षणीय दायित्व निगम के पास रहेगा। परामर्शी विभागों से सुझावों के मिल जाने के बाद सचिवालय प्रशासन विभाग अब प्रस्ताव पर मुख्य सचिव का मार्गदर्शन लेगा। जिसके बाद इसे मुख्यमंत्री के अवलोकनार्थ भेजा जाएगा। मुख्यमंत्री की सहमति लेने के बाद इसे कैबिनेट के समक्ष स्वीकृति के लिए रखा जाएगा। सचिवालय प्रशासन विभाग द्वारा निगम के गठन के लिए जो प्रस्ताव परामर्शी विभागों को भेजा गया था उसमें यह प्रस्तावित किया गया था कि कर्मचारियों के मानदेय का भुगतान निगम के माध्यम से किया जाए। सूत्र बताते हैं कि परामर्शी विभाग कार्मिक, वित्त व न्याय ने तकनीकी, कानूनी और वित्तीय पहलुओं को ध्यान में रखते हुए कर्मचारियों के मानदेय का भुगतान मौजूदा व्यवस्था के मुताबिक आउटसोर्स एजेंसियों के माध्यम से ही करने का परामर्श दिया है। एजेंसियों द्वारा समय से पूरा मानदेय कर्मचारी के बैंक खाते में चला जाए इस पर निगम की निगाहें रहेंगी। प्रस्तावित मसौदे में यह सुनिश्चित किया गया है कि एजेंसियां अपने स्तर से किसी कर्मचारी हटा नही सकेंगी। आउटसोर्स की भर्तियां चतुर्थ श्रेणी को छोड़कर अन्य सभी श्रेणी में सेवायोजन पोर्टल के माध्यम से की जाएंगी। निगम का गठन हो जाने पर आउटसोर्स कार्मिकों को शोषण से मुक्ति के साथ ही अवकाश, चिकित्सा सुविधा, सामाजिक व पारिवारिक सुरक्षा का लाभ मिलने लगेगा। कार्मिक की दुर्घटना में मृत्यु होने पर उनके स्वजन को 30 लाख रुपये तक की सहायता बैंक के माध्यम से मिलेगी। इसके लिए कार्मिक को कोई प्रीमियम नहीं देना होगा। 12 आकस्मिक अवकाश और 10 चिकित्सीय अवकाश भी मिलेंगे। न्यूनतम वेतन 20 हजार रुपये और उससे अधिक हो जाएगा। जिस पद के सापेक्ष कर्मचारी को सेवा में लिया जाएगा उस पद के स्थाई कार्मिक को मिलने वाले वेतन के आसपास ही आउटसोर्स कार्मिक को मानदेय मिलने की उम्मीद है। कर्मचारी 60 वर्ष की उम्र तक आउटसोर्स की नौकरी कर सकेंगे। 1000 रुपये से लेकर 7500 रुपये तक पेंशन दिए जाने का प्रस्ताव भी है।

मदरसों के प्रति सरकार अपना रवैया बदले, शिक्षा के महत्व व जरूरत पर सरकार का उचित ध्यान जरूरी: मायावती

लखनऊ बहुजन समाज पार्टी (बसपा) अध्यक्ष मायावती ने उत्तर प्रदेश के सरकारी स्कूलों में छात्रों की घटती संख्या पर चिंता व्यक्त की है और निजी मदरसों के प्रति सरकार को अपने रवैये में परिवर्तन की सलाह दी है। उन्होंने एक्स पर लिखा ‘‘यूपी के प्राइमरी व अपर प्राइमरी स्कूलों में सन 2023-24 में 1.74 करोड़ दाखिले हुए, किन्तु 2024-25 में मात्र 1.52 करोड़ अर्थात स्कूल दाखिला में लगभग 22 लाख की गिरावट सरकारी स्कूल व्यवस्था की ऐसी बदहाल स्थिति गंभीर व चिन्तनीय। शिक्षा के महत्व व जरूरत पर सरकार का उचित ध्यान जरूरी। मायावती ने किया ये पोस्ट मायावती ने एक अन्य पोस्ट में कहा कि, ”फिर भी सस्ती व सुलभ व्यवस्था के तहत मदरसों आदि की प्राइवेट व्यवस्था के विरुद्ध सरकार का रवैया सहयोग का होने के बजाय उन्हें अवैध बताकर बंद करने का होना बुनियादी शिक्षा की जरूरत को और कमजोर करने वाला गैर-जरूरी व अनुचित। निजी मदरसों के प्रति सरकार अपना रवैया बदले तो बेहतर।” ‘सरकारी स्कूलों के हालात अधिकतर राज्यों में काफी खराब हैं’ बसपा प्रमुख ने आगे कहा ‘‘वैसे तो सरकारी स्कूलों के हालात देश के अधिकतर राज्यों में काफी खराब हैं किन्तु यूपी व बिहार में यह अति-दयनीय होने से बहुजन गरीब परिवारों का बहुप्रतीक्षित विकास बाधित व इनके बच्चों का भविष्य अंधकारमय। ऐसे में स्कूल शिक्षा पर ध्यान देकर इन्हें बंद करने के बजाय प्रोत्साहन जरूरी।”

ऑपरेशन सिंदूर पर स्वामी प्रसाद मौर्य के बिगड़े बोल- पाकिस्तान में घुसकर एक भी आतंकवादी को नहीं मारा

अयोध्या अपनी जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य रामनगरी अयोध्या पहुंचे। यहां उन्होंने केंद्र की मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधा। साथ ही ऑपरेशन सिंदूर पर भी तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में घुसकर एक भी आतंकवादी को नहीं मारा गया है। ऐसी क्या बात हो गई कि 24 घंटे के भीतर ही मोदी सरकार बैकफुट पर थी। सब टांय-टांय फुस्स हो गया। अयोध्या में मीडिया से बातचीत करते हुए स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी ने ऑपरेशन सिंदूर चलाया। देश को खुशी हुई कि देर आए दुरुस्त आए, ऑपरेशन सिंदूर के जरिए आतंकवाद का खत्म होगा लेकिन ऐसी क्या बात हो गई कि 24 घंटे के अंदर ही टांय-टांय फिस्स हो गया। मोदी सरकार ने बहनों के सम्मान के बजाय अपमान करने का काम किया। ऑपरेशन सिंदूर के नाम पर बहनों को धोखा दिया गया। 24 घंटे के भीतर ही बैकफुट पर आ गए। वहां घुसकर एक भी आतंकवादी नहीं मारा गया। केंद्र सरकार ने बहन और देशवासियों के आंखों में धूल झोंकने का काम किया है। स्वामी प्रसाद मौर्य ने आगे कहा कि वह जनता के सामने भाजपा का चाल चरित्र और चेहरा बेनकाब करेंगे। उन्होंने आगे यह भी कहा कि अगर लोकसभा चुनाव में 400 का आंकड़ा पार हो जाता तो आज भाजपा ने संविधान बदल दिया होता। अयोध्यावासियों को बधाई देते हुए स्वामी प्रसाद ने कहा कि जनता ने 400 का आंकड़ा पार न कराते हुए भाजपा को बैसाखी पर खड़ा कर दिया। स्वामी प्रसाद मौर्य ने वन नेशन-वन इलेक्शन पर तंज भी कसा। उन्होंने कहा कि यदि देश को एक सूत्र में बांधना है तो पहले वन नेशन-वन एजुकेशन लागू होना चाहिए। गरीब, अमीर, गांव, शहर सभी बच्चों को सम्मान शिक्षा मिलना चाहिए। यही सच्ची राष्ट्र सेवा होगी।

उप्र में दो ट्रेनों को डिरेल करने की साजिश हुई नाकाम, लोको पायलट की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा

हरदोई उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में अराजकतत्वों द्वारा दो ट्रेनों को डिरेल करने की बड़ी साजिश को लोको पायलट की सजगता से नाकाम कर दिया गया है. यह पूरी घटना दलेलनगर और उमरताली स्टेशन के बीच घटी है. वहीं घटना की सूचना मिलते ही एसपी ने मौके पर पहुंच कर घटनास्थल का निरीक्षण किया और आवश्यक दिशा निर्देश भी दिए हैं. दोनों ट्रेनों को डिरेल करने की यह घटना दलेलनगर और उमरताली स्टेशन के बीच की है. यहाx राजधानी एक्सप्रेस (20504) जब लखनऊ की ओर जा रही थी तभी अराजकतत्वों ने डाउन ट्रैक पर अर्थिंग वायर से लकड़ी का गुटखा बांधकर ट्रेन को पटरी से उतारने की कोशिश की लेकिन लोको पायलट ने समय रहते खतरे को देखते हुए इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन को रोक दिया और ट्रैक से अवरोध हटाने के बाद रेल अधिकारियों को सूचना दी. इसके बाद जब राजधानी एक्सप्रेस सकुशल गुजर गई तो पीछे आ रही काठगोदाम एक्सप्रेस (15044) को भी डिरेल करने की कोशिश की गई है. हालांकि, इस बार भी लोको पायलट की सूझबूझ और तत्परता से हादसा टल गया. घटना की सूचना मिलते ही जीआरपी,आरपीएफ और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंचकर जांच में जुट गई है. फिलहाल पूरे मामले की छानबीन जारी है. इस मामले में पुलिस ने प्रेस नोट जारी करते हुए बताया है कि कछौना थाना क्षेत्र के दलेलनगर और उमर ताली रेलवे स्टेशन के बीच ट्रेन की पटरी पर लकड़ी का टुकड़ा पड़े होने की सूचना प्राप्त हुई थी सूचना पर जीआरपी वह स्थानीय पुलिस द्वारा घटनास्थल पर पहुंचकर निरीक्षण किया गया. जांच करने के दौरान लकड़ी का एक टुकड़ा लोहे की पट्टी से बना हुआ था प्रकरण के संबंध में रेलवे विभाग स्थानिक पुलिस द्वारा घटना के समस्त बिंदुओं पर गहनता से जांच की जा रही है साथी ही पुलिस अधीक्षक नीरज कुमार जादौन के द्वारा भी घटनास्थल का निरीक्षण किया गया और आसपास के रहने वाले व्यक्तियों से घटना के संबंध में जानकारी ली गई एवं संबंधित को आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए हैं.  

एनकाउंटर में खत्म हुआ खौफ का दौर, ढेर हुआ 1 लाख का इनामी बदमाश

गोंडा उत्तर प्रदेश की गोंडा पुलिस को बड़ी कामयाबी हासिल हुई है. एनकाउंटर में पुलिस ने 1 लाख के इनामी बदमाश सोनू उर्फ भुर्रे पासी को मार गिराया गया है. अधिकारी ने बताया कि मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने बदमाश की घेराबंदी की. लेकिन खुद को घिरता देख बदमाश ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी. इस दौरान एक गोली SHO की बुलेटप्रूफ जैकेट पर जा लगी. हालांकि, इस हमले में वह बाल-बाल बच गए. वहीं, पुलिस की जवाबी कार्रवाई में सोनू उर्फ भुर्रे ढेर हो गया. आपको बता दें कि भुर्रे ने 24 अप्रैल को चोरी की एक घटना में एक शख्स की हत्या की थी. उसके खिलाफ 40 से अधिक केस दर्ज थे. इसमें हत्या, अपहरण और लूट जैसे मामले शामिल थे. भुर्रे एक शातिर किस्म का अपराधी था, जिसने कई वारदातों को अंजाम दिया था. पुलिस काफी टाइम से उसे तलाश रही थी. बीती रात पुलिस/एसओजी टीम से उसकी मुठभेड़ हो गई जिसमें वह मारा गया. जानकारी के मुताबिक, 24 अप्रैल को गोंडा के बेगमगंज में चोरी की वारदात के दौरान एक शख्स की हत्या कर दी गई थी. इस मामले में पुलिस सोनू की सरगर्मी से तलाश कर रही थी. बीती रात सोनू से पुलिस की मुठभेड़ बेगमगंज थाना क्षेत्र में हुई. गोली लगते ही सोनू जमीन पर गिर गया, जिसपर पुलिस उसे अस्पताल ले गई, लेकिन वहां डॉक्टरों ने उसको मृत घोषित कर दिया. पुलिस ने उसके पास से तमंचा और कारतूस बरामद किया है. एनकाउंटर के दौरान जिन SHO की बुलेटप्रूफ जैकेट पर गोली लगी है, उनका नाम है नरेंद्र राय है. बदमाश की गोली से नरेंद्र राय बाल-बाल बच गए. बाकी पुलिसकर्मी भी सुरक्षित हैं. फिलहाल, सोनू उर्फ भुर्रे के परिजनों को सूचित कर दिया गया है. अब पोस्टमार्टम की कार्यवाही की जाएगी, फिर शव परिजनों को सौंपा जाएगा.  

कटिहार में नवजात बच्चे सहित BPSC शिक्षिका की मौत

कटिहार बिहार के कटिहार जिले से दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है, जहां ऑटो और हाइवा की सीधी भिड़ंत में BPSC शिक्षिका और उसकी गोद में बैठी बेटी की मौत हो गई। वहीं तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। इस घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। जानकारी के अनुसार, घटना जिले के प्राणपुर थाना क्षेत्र के कुशियारी के समीप की है। बताया जा रहा है कि मृतका अपनी मां और नवजात बेटी के साथ प्राणपुर से कटिहार की ओर ऑटो से आ रही थी। इसी दौरान ऑटो की हाइवा के साथ भीषण टक्कर हो गई। इस हादसे में BPSC शिक्षिका और उसके बच्चे की मौत हो गई जबकि ऑटो सवार तीन अन्य गंभीर रूप से जख्मी हो गए, जिन्हें  इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। वहीं इस घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया है। साथ ही पुलिस ने हाइवा को जब्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है। मृतका की पहचान सिंपल कुमारी के रूप में हुई, जिन्होंने प्राणपुर थाना क्षेत्र के उत्क्रमित मध्य विद्यालय, केवाला में बतौर शिक्षिका अपना योगदान दिया  

एक्शन मोड में लखनऊ के प्रभारी मंत्री सुरेश खन्ना, सुबह-सुबह पलटन लेकर निरीक्षण पर निकले

लखनऊ योगी सरकार में सबसे वरिष्ठ और प्रदेश की वित्त व्यवस्था संभालने के साथ लखनऊ के प्रभारी मंत्री सुरेश खन्ना एक्शन मोड में आ गए हैं. सुबह 7 बजे से लगातार वो राजधानी की सीमा से सटे इलाकों का निरीक्षण कर रहे हैं. सुबह जोन 8 के निरीक्षण के बाद उनके साथ चल रहे लोंगो को लगा कि अब घर चलना है तभी सुरेश खन्ना ने कहा कि गाड़ी जोन-5 अमौसी स्टेशन की तरफ ले लो. अभी बरसात का मौसम आने वाला है ऐसे में ड्रेनेज का मामला हमेशा सुर्खियों में रहता है. ऐसे में नालों की दुरुस्तीकरण और शहर की साफ सफाई के लिए वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने जरूरी निर्देश दिए. मौके पर नगर आयुक्त गौरव कुमार, अपर आयुक्त ललित कुमार, डॉ. अरविंद राव, जोनल अधिकारी नंदकिशोर और अजीत राय भी मौजूद रहे. शहर की व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के लिए मंत्री का ताबड़तोड़ दौरा जारी है. लापरवाही बर्दाश्त नहीं सुरेश खन्ना वित्त मंत्री और प्रभारी मंत्री लखनऊ ने मीडिया को दिए बयान में स्पष्ट कहा कि जनता से जुड़े और जनहित के कार्यो में लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी. सभी अधिकारी जनता से सामंजस्य बनाकर उनकी समस्याओं का निराकरण करने की तरफ ध्यान केंद्रित करें.

संभल जामा मस्जिद सर्वे केस में इलाहाबाद हाईकोर्ट से मस्जिद कमेटी को झटका, सर्वे का रास्ता साफ

प्रयागराज  उत्तर प्रदेश के संभल जिले में स्थित शाही जामा मस्जिद में हरिहर मंदिर होने के दावे के मामले में मस्जिद कमेटी को इलाहाबाद हाई कोर्ट से झटका मिला है। एएसआई द्वारा सर्वे कराए जाने के आदेश के खिलाफ मस्जिद कमेटी की ओर हाई कोर्ट में दाखिल रिवीचन याचिका खारिज हो चुकी है, जिससे मस्जिद के सर्वे का रास्ता साफ होता नजर आ रहा है। रिवीचन याचिका पर सुनवाई करते हुए इलाहाबाद हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति आरआर अग्रवाल ने मामले में अंतरिम आदेश को विखंडित करते हुए यह आदेश दिया है। एडवोकेट शर्मा ने आगे कहा, “आदेश दो बातों पर आएगा: पहला यह कि क्या सिविल जज सीनियर डिवीजन संभल को सर्वे का आदेश देने का अधिकार था या नहीं। और दूसरा: याचिका सिविल जज सीनियर डिवीजन, संभल की अदालत में सुनी जाएगी, या किसी अन्य अदालत में।” हाई कोर्ट यह तय करेगा कि सर्वे का आदेश सही था या नहीं। साथ ही, यह भी तय करेगा कि मामले की सुनवाई किस अदालत में होगी। पहले, सुप्रीम कोर्ट ने 29 अप्रैल को कमेटी ऑफ मैनेजमेंट, शाही जामा मस्जिद, सम्भल को उत्तर प्रदेश के अधिकारियों की स्टेटस रिपोर्ट पर जवाब दाखिल करने के लिए दो सप्ताह का समय दिया था। रिपोर्ट में कहा गया था कि विवादित कुआं मस्जिद के बाहर स्थित है। यानी, कुआं मस्जिद की जमीन पर नहीं है। बेंच ने मुस्लिम पक्ष की दलीलें नामंजूर कीं और फैसला सुनाया. इससे पहले मस्जिद कमेटी ने सर्वे आदेश पर रोक लगाने की मांग की थी. इलाहाबाद हाईकोर्ट में 13 मई को बहस पूरी हो गई थी और कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था. हिंदू पक्ष ने हरिहर मंदिर होने का दावा करते हुए संभल सिविल कोर्ट में याचिका दाखिल की थी. हिंदू पक्ष की याचिका पर संभल सिविल कोर्ट ने सर्वे का आदेश दिया था. इस पर मस्जिद कमेटी ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में मामले की पोषणीयता को चुनौती दी.  8 जनवरी 2025 से हाईकोर्ट ने अंतरिम आदेश देते हुए सिविल कोर्ट के सर्वे आदेश पर रोक लगा रखी थी. इससे पहले 28 अप्रैल को हुई सुनवाई के दौरान इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण यानी ASI को 48 घंटे के अंदर सर्वे और रिपोर्ट पर अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया था. संभल में पिछले साल 24 नवंबर 2024 को शाही जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान बवाल हुआ था, जिसमें 5 लोगों की मौत हुई थी और 29 पुलिसकर्मी घायल हुए थे. इस घटना के बाद संभल में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं. इस पूरी हिंसा की जांच एसआईटी कर रही है. यह मामला कई दिनों तक चर्चा का विषय रहा है.  सर्वे कराने से किसी को क्या दिक्कत, बोले वीएचपी प्रवक्ता वीएचपी प्रवक्ता विनोद बसंल ने कहा कि संभल जामा मस्जिद के सर्वे से किसी को क्या ही दिक्कत होगी। भारत का न्यायालय हमेशा सच के साथ होता है। अब कोर्ट ने सर्वे के लिए बोला है। यहां मंदिर की स्थापना होगी। हाईकोर्ट से मुस्लिम पक्ष को बड़ा झटका संभल जामा मस्जिद सर्वे में मुस्लिम पक्ष को बड़ा झटका लगा है। हाईकोर्ट ने याचिका खारिज कर दी है। इसके साथ ही अब जामा मस्जिद के सर्वे का रास्ता साफ हो गया है। हाईकोर्ट ने मुस्लिम पक्ष की याचिका खारिज करते हुए कहा कि सर्वे का मुकदमा आगे चलेगा।  

2027 के लिए सरकार और संगठन का प्लान, विधायकों का रिपोर्ट कार्ड जल्द होगा तैयार

लखनऊ आपने आज तक बैंक की ऑडिट, कोई कार्य चल रहा है तो उसकी ऑडिट रिपोर्ट सुनी या देखी होगी. लेकिन अब योगी सरकार विधायकों का ऑडिट रिपोर्ट तैयार कराने वाली है. 2027 में प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने हैं. जिसे लेकर सरकार और संगठन ने प्लान तैयार कर लिया है. लिहाजा विधायकों का रिपोर्ट कार्ड जल्द तैयार किया जाएगा. दरअसल, जनता से किये वायदे और विधायक की विधानसभा में हुए कार्यो की जमीनी हकीकत का आंकलन करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भाजपा विधायकों के विधानसभाओं का ऑडिट कराएंगे. ये ऑडिट विधानसभा चुनाव 2027 से पहले करवाया जाएगा और पार्टी में उच्च पदस्थ सूत्रों की मानें तो इस रिपोर्ट कार्ड पर ही वर्तमान विधायक का टिकट निर्भर करेगा. हैट्रिक की तैयारी बीजेपी चुनाव से पहले विधायकों की कार्यप्रणाली को कसौटी पर कसकर तभी टिकट देने के मूड में है. जिसको लेकर अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने विधायको का सर्वे करवाने का निर्णय लिया है. सूत्रों की मानें तो टिकट बांटने से पहले सभी विधायकों का आंकलन जरूरी बताया जा रहा है. इसके अलावा दो बार पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने के बाद भारतीय जनता पार्टी अब हैट्रिक लगाने की तैयारी कर रही है.

20 मई से UPPCL के कर्मचारी करेंगे कार्य बहिष्कार

लखनऊ लखनऊ में बिजली कर्मियों का 72 घंटे का कार्य बहिष्कार 20 मई से शुरू हो रहा है. जिसमें UPPCL और सहयोगी निगमों के कर्मचारी शामिल होंगे. यह आंदोलन कई मांगों को लेकर किया जा रहा है. जिसमें पूर्वांचल और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगमों के निजीकरण के विरोध में बिजली कर्मचारियों का प्रदर्शन शामिल है. ज्ञात हो कि सरकार ने विद्युत निगमो की गुणवत्ता बढ़ाने का हवाला देकर पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम को निजी हाथों में सौंपने का फैसला किया है. जिसको लेकर पिछले कुछ महीनों से विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है. इसके अलावा पुरानी पेंशन की बहाली और डेली वेज अर्थात भत्तों की वृद्धि के लिए आज से शुरू होने वाले कार्य बहिष्कार में शामिल किया गया है. बता दें कि ये विरोध बीते साल दिसंबर से चल रहा है. दक्षिणांचल और पूर्वांचल डिस्कॉम को निजी हाथों में सौंपने को लेकर कर्मचारी संघ इसका विरोध कर रहा है. इसे देखते हुए शुक्रवार को ही डिस्कॉम प्रबंधन ने किसी भी तरह की बिजली आपूर्ति व्यवस्था को बाधित नहीं होने देने के लिए व्यापक इंतजाम कर दिया था. जगह-जगह कंट्रोल रूम बनाए गए थे. इसके अलावा बिजली कर्मियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई थी.

नूंह से पाकिस्तान को गुप्त सूचनाएं भेजने वाला तारीफ गिरफ्तार

नूंह हरियाणा पुलिस और केंद्रीय जांच एजेंसियों ने नूंह जिले में पाकिस्तानी जासूसी नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए तावडू उपमंडल के गांव कांगरका से तारीफ पुत्र हनीफ को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी दो दिन पहले राजाका गांव से अरमान की जासूसी के आरोप में हुई गिरफ्तारी के बाद हुई है। तारीफ की चैट से हुआ बड़ा खुलासा तारीफ पर आरोप है कि वह व्हाट्सएप के जरिए भारतीय सैन्य गतिविधियों से जुड़ी गोपनीय जानकारी दिल्ली स्थित पाकिस्तान उच्च आयोग में तैनात दो कर्मचारियों को उपलब्ध करा रहा था। मामले में नूह पुलिस ने भारतीय दंड संहिता, ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट, 1923 और देशद्रोह की धाराओं के तहत आरोपी मोहम्मद तारीफ निवासी कांगरका थाना सदर तावडू पाकिस्तान उच्च आयोग में तैनात पाकिस्तानी नागरिक आसिफ बलोच और जाफर के विरुद्ध मामला दर्ज किया गया है। हरियाणा पुलिस सूत्रों के अनुसार, गुप्त सूचना मिली कि तारीफ निवासी लंबे समय से भारतीय सेना और डिफेंस तैयारियों से जुड़ी संवेदनशील जानकारी दुश्मन देश पाकिस्तान में भेज रहा है। जो लोगों को पाकिस्तान जाने के लिए वीजा लगवाने के लिए बोलता था। जिसे हिरासत में लेकर पूछताछ और उसके मोबाइल को जब्त कर जांच करने पर संदिग्ध चैटिंग मिल सकती है। बावला राधा स्वामी सत्संग के पास से हिरासत में लिया इसी सूचना के आधार पर चंडीगढ़ विशेष पुलिस बल और केंद्रीय जांच एजेंसी ने तावडू सीआईए और सदर थाना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में उसे गांव बावला राधा स्वामी सत्संग के समीप से रविवार देर शाम हिरासत में लिया गया। हिरासत में लेने से पहले पुलिस टीम को सामने देख तारीफ ने अपने मोबाइल में कुछ चैटिंग को डिलीट करने का भी प्रयास किया था। जांच में सामने आया कि उसके मोबाइल में पाकिस्तानी व्हाट्सएप नंबर से थे कुछ डाटा भी डिलीट पाया गया। उसके मोबाइल फोन की जांच में पाकिस्तानी नंबरों से चैट, फोटो, वीडियो और सैन्य गतिविधियों की तस्वीरें मिलीं, जो उसने पाकिस्तान के किसी नंबर पर भेजी थी। वह दो अलग अलग सिम कार्ड के जरिए पाकिस्तानी नंबरों से लगातार संपर्क में था। पूछताछ करने पर खुलासा हुआ कि पाकिस्तान उच्चायोग दिल्ली में स्थित कर्मचारी आसिफ बलोच को भारत देश की सैन्य गतिविधियां और खुफिया सूचनाओं को भेजता था। तारीफ ने आसिफ बलोच को दी गुप्त सूचनाएं इसके बदले में आसिफ बलोच समय-समय पर उन्हें रुपए देता था। दिल्ली दूतावास से आसिफ बलोच का तबादला होने के बाद दूसरे कर्मचारी जाफर से उनकी मुलाकात दिल्ली में हुई थी। जिस प्रकार से तारीफ, आसिफ बलोच को सैन्य गतिविधियों की गुप्त सूचनाओं दे रहा था, उसी प्रकार जाफर को भी सैन्य गतिविधियों की खुफिया जानकारियां दी। इस तरह से तारीफ ने पाकिस्तान उच्च आयोग के कर्मचारियों को देश की खुफिया जानकारी साझा कर देश की अखंडता, एकता और देश की सुरक्षा के लिए खतरा पैदा किया है। इस संदर्भ में तावडू सदर थाने में उपरोक्त तीनों आरोपियों के विरुद्ध केस दर्ज किया गया है।

15.51 किलोमीटर लंबे रेलवे ट्रैक का निर्माण दो चरणों में 1115.65 करोड़ रुपये से होगा, रेलवे ट्रैक की निविदा जारी

कानपुर मंधना-अनवरगंज एलीवेटेड रेलवे ट्रैक के निर्माण की निविदा 15 मई को जारी कर दी गई है। 30 जुलाई तक निविदा की अंतिम तारीख है। दो चरणों में 15.51 किलोमीटर लंबे रेलवे ट्रैक का निर्माण दो चरणों में 1115.65 करोड़ रुपये से होगा। पहले ये धनराशि 995 करोड़ रुपये बताई गई थी। निर्माण कार्य दो साल में 2027 तक पूरा करने की मियाद रखी गई है। छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय के सामने भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी के नाम से नया रेलवे स्टेशन व भवन बनेगा, जबकि कल्याणपुर व रावतपुर स्टेशन खत्म हो जाएंगे। इसके निर्माण से दो लोकसभा क्षेत्रों कानपुर व अकबरपुर के अंतर्गत 18 रेलवे क्रासिंगें खत्म हो जाएंगी, जिससे 50 लाख आबादी जाम से मुक्त हो जाएगी। जीटी रोड के समानांतर ट्रैक निर्माण से डेढ़ दर्जन से अधिक बाजारों में कारोबारी खुशहाल होंगे। पीएम मोदी कर सकते हैं शिलान्यास रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने हर अड़चन दूर करने के लिए सीएम योगी आदित्यनाथ की सराहना भी की थी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इस परियोजना का शिलान्यास कर सकते हैं। इसके लिए सांसद रमेश अवस्थी की तरफ से प्रधानमंत्री कार्यालय को पत्र भी भेजा जा चुका है। वर्ष 2004 में 21 साल पहले एलीवेटेड रेलवे ट्रैक की परियोजना को लेकर कवायद शुरू हुई थी। इसके बाद लगातार ये मुद्दा उठाया जाता रहा। 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान शिलान्यास तक बात पहुंची पर फिर मामला उलझ गया। कानपुर सांसद रमेश अवस्थी ने इस परियोजना को धरातल पर उतारने का वादा चुनाव जीतते ही किया था। उन्होंने लगातार प्रयास करके अब एलीवेटेड ट्रैक परियोजना को धरातल पर लाने का तानाबाना बुन दिया है। पिछले दिनों मंडलायुक्त के. विजयेन्द्र पांडियन ने रेलवे अफसरों के साथ अटल बिहारी बाजपेयी स्टेशन के लिए कृषि विभाग की भूमि देखी थी। परियोजना में राज्य सरकार के अंश के तहत भूमि व लगभग 150 भवनों, दुकानों के अधिग्रहण की मुआवजा धनराशि के लिए 52 करोड़ का प्रस्ताव भेजा, जो मंजूर कर लिया गया है। पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी अभय गुप्ता ने बताया था कि रेल मंत्रालय से डीपीआर समेत सभी स्वीकृति मिल चुकी हैं। अब कोई बाधा शेष नहीं है। जरीब चौकी रेलवे क्रासिंग पर ओवरब्रिज के लिए शासनादेश व धनराशि के लिए काम पूरा हो चुका है। यह परियोजना कानपुर में विकास की बड़ी लकीर साबित होगी। जीटी रोड के समानांतर मंधना-अनवरगंज एलीवेटेड रेलवे ट्रैक लाइफ लाइन जैसा है। उत्तर से दक्षिण के लिए प्रतिदिन 20 लाख से अधिक लोग आवाजाही करते हैं, जबकि दूसरे जिलों समेत 50 लाख लोगों में कर्मचारी, मरीज व कारोबारी आते-जाते हैं। दो साल ट्रेनें रहेंगी डायवर्ट, ट्रैक होगा तैयार पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी के अनुसार, परियोजना का निर्माण दो साल में पूरा होगा। ट्रैक निर्माण की आधारशिला के साथ लगभग 50 ट्रेनों का डायवर्जन होगा, जो दो साल 2027 तक रहेगा। उस समय ट्रेनें दिल्ली-हावड़ा, दिल्ली से वाया लखनऊ, बरेली से दिल्ली हावड़ा रेलवे ट्रैक से निकाली जाएंगी। पैसेंजर ट्रेनें मंधना तक चलेंगी। ट्रैक निर्माण शुरू होते ही क्रासिंगें खत्म कर दी जाएंगी।

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