LATEST NEWS

निलंबन के साए में बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड, आईसीसी से बातचीत कर हल निकालेंगे अमीनुल हक

ढाका बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड पर आईसीसी से सस्पेंड होने का खतरा मंडरा रहा है। वजह है बीसीबी के चुनाव में कथित अनियमितता की हो रही जांच। बांग्लादेश की नई सरकार ने चुनाव में कथित हेरफेर, धांधली और अनियमितता की जांच के आदेश दिए हैं। आईसीसी को अगर ये बीसीबी के कामकाज में सरकार के दखल के रूप में लगा तो वह बोर्ड को सस्पेंड कर सकती है क्योंकि उसके हिसाब से क्रिकेट बोर्ड सरकार के दखल से मुक्त होने चाहिए। इस बीच अब नई सरकार ने इस मसले पर आईसीसी से चर्चा करने का फैसला किया है ताकि बीसीबी के निलंबन की गुंजाइश खत्म न रहे। बांग्लादेश के खेल मंत्री अमीनुल हक बीसीबी के भविष्य पर अंतिम फ़ैसला लेने से पहले आईसीसी से सलाह करेंगे। साथ ही उन्होंने एक दूसरी समिति बनाने का भी ऐलान किया है, जो यह जांच करेगी कि इस साल भारत और श्रीलंका में हुए पुरुषों के टी20 विश्व कप में बांग्लादेश क्यों हिस्सा नहीं ले पाया। बीसीबी पर क्यों लटकी आईसीसी से सस्पेंड होने की तलवार? 11 मार्च को खेल मंत्रालय ने पिछले साल हुए बीसीबी चुनावों में कथित अनियमितताओं, हेरफेर और सत्ता के दुरुपयोग के आरोपों की जांच के लिए एक जांच समिति बनाई थी। बीसीबी ने सोमवार को इसका जवाब देते हुए कहा कि इस समिति का गठन, बांग्लादेश सरकार की ओर से बोर्ड के मामलों में दखल के बराबर है। बंगलादेश के पूर्व फुटबॉल कप्तान हक ने मंगलवार को कहा कि पांच सदस्यीय समिति जब अपनी रिपोर्ट 15 कार्य दिवसों के भीतर सौंप देगी, तब वह इस मामले पर आईसीसी से चर्चा करेंगे। ‘बीसीबी चुनाव में था मोहम्मद यूनुस सरकार का सीधा हस्तक्षेप’ उन्होंने कहा, ‘हम सब जानते हैं कि पिछले साल बीसीबी चुनावों में हमारी पिछली सरकार का सीधा हस्तक्षेप था। मैंने कई बार इस बारे में बात की है। ढाका के क्लबों और जिलों से मिले आरोपों के बाद हमने जांच समिति बनाई है। मैं उनकी रिपोर्ट पढ़ूंगा, लेकिन अगला क़दम आईसीसी से बात करने के बाद ही उठाऊंगा।’ तमीम इकबाल जैसे दिग्गजों ने बीसीबी चुनाव में हेरफेर के लगाए थे आरोप बीसीबी चुनाव के समय दिग्गज पूर्व क्रिकेटर तमीम इकबाल और ढाका के कई क्लब अधिकारियों ने हेरफेर के आरोप लगाए थे। चुनाव से पहले ही बीसीबी अध्यक्ष अमीनुल इस्लाम पर भी हस्तक्षेप के आरोप लगे थे। चुनाव से कुछ सप्ताह पहले भेजे गए एक हस्ताक्षरित पत्र में अमीनुल ने खेल मंत्रालय से कुछ ज़िलों के काउंसिलरों को बदलने का अनुरोध किया था। तमीम ने यह भी आरोप लगाया था कि बीसीबी ने नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख दो बार बढ़ाई थी। तमीम इकबाल ने भी चुनाव लड़ने के लिए नामांकन भरा था लेकिन 1 अक्टूबर को उन्होंने अपना नाम वापस ले लिया था। अमीनुल इस्लाम ने 5 अक्टूबर को इन आरोपों से इनकार किया, जो कि मतदान से एक दिन पहले था। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद ICC से करेंगे चर्चा: खेल मंत्री बाग्लादेश के खेल मंत्री अमीनुल हक ने कहा कि जांचकर्ता यह भी देखेंगे कि चुनाव से पहले जिला प्रशासकों ने अपने नामांकन कैसे बदले। उन्होंने कहा, ‘जांच समिति बीसीबी के चुनाव आयुक्तों, मौजूदा बोर्ड अध्यक्ष, बीसीबी निदेशकों और सीईओ से बात करेगी। यह उन जिला प्रशासकों से भी संपर्क करेगी जिन्होंने बीसीबी काउंसिलरों का नामांकन किया था। आरोप है कि कई जिला प्रशासकों ने एक काउंसिलर का नाम भेजने के बाद, एक पत्र मिलने पर नया नाम भेज दिया था। मेरा मानना है कि इन मामलों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।’ टी20 विश्व कप के मामले में बीसीबी ने सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए भारत जाने से इनकार कर दिया था, तब आईसीसी ने बांग्लादेश की जगह स्कॉटलैंड को विश्व कप के लिए शामिल कर लिया था। हक ने कहा, ‘हम यह पता लगाने की कोशिश करेंगे कि हम विश्व कप में क्यों नहीं गए। हमें समझना होगा कि हमारी खेल कूटनीति कहां कमजोर पड़ी। इस विषय पर ईद के बाद एक जांच समिति बनाई जाएगी। हमें अपनी खेल कूटनीति को मजबूत करना होगा ताकि भविष्य में यह ग़लती दोबारा न हो।’

एशियन रेसलिंग चैंपियनशिप पर टिकीं नीलम सिरोही की उम्मीदें

नई दिल्ली जाग्रेब ओपन 2026 में रजत पदक जीतने वाली महिला पहलवान नीलम सिरोही ने कहा कि वह किर्गिस्तान के बिश्केके में होने वाली एशियन रेसलिंग चैंपियनशिप (सीनियर) के लिए जोरदार तैयारी कर रही है। ‘फिट इंडिया संडेज ऑन साइकिल’ कार्यक्रम के दौरान रविवार को यूनीवार्ता से बातचीत में नीलम ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि वह बेहद प्रतिस्पर्धी एशियन रेसलिंग चैंपियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी (ट्रायल्स में चुने जाने के बाद), क्योंकि उन्हें लगता है कि यह स्पर्धा एशियन गेम्स की तैयारी के लिए एक अहम कदम होगा। नीलम, जिन्हें ‘टारगेट एशियन गेम्स ग्रुप’ (टीएजीजी) के जरिए सरकारी मदद मिल रही है, अभी नई दिल्ली के इंदिरा गांधी स्टेडियम में चल रहे भारतीय शिविर का हिस्सा हैं। उन्होंने कहा, “अभी मैं भारतीय शिविर का हिस्सा हूं। कुछ ही दिनों में एशियन चैंपियनशिप के ट्रायल्स होंगे, मुझे उम्मीद है कि अगले महीने मैं चैंपियनशिप में हिस्सा ले पाऊंगी। एशियन गेम्स में हमारे मुख्य प्रतिद्वंद्वियों का आकलन करने के लिए यह एक अहम टूर्नामेंट होगा।” नीलम ने जापान की दो बार की ओलंपिक पदक विजेता यूई सुसाकी सराहना करते हुए कहा, “वह मेरी पसंदीदा खिलाड़ी हैं, उनकी तकनीकी क्षमताएं बहुत अच्छी हैं, और वह बहुत तेज गति से तकनीकों का इस्तेमाल करती हैं, जिससे उनके दांव बहुत असरदार हो जाते हैं।” उन्होंने कहा, “मैं पहलवानों के परिवार से आती हूं, मेरे पिता, चाचा और दादा, सभी पहलवान थे। मैं बहुत कम उम्र से ही पहलवान बनना चाहती थी, मेरे पिता ने मेरा साथ दिया। उन्होंने मुझसे पूछा नहीं, बल्कि सबको बताया कि मैं एक पहलवान बनूंगी।” आईजी स्टेडियम में चल रहे प्रशिक्षण शिविर की देखरेख कर रहीं भारतीय खेल प्राधिकरण (साइ) की कोच भारती ने कहा कि उन्हें कॉन्टिनेंटल चैंपियनशिप में ढेर सारे पदक जीतने की उम्मीद है। उन्होंने कहा, “हम अपने पहलवानों की गति बढ़ाने पर विशेष ध्यान दे रहे हैं। हमारे पास एक मजबूत टीम है और मुझे उम्मीद है कि वे सभी पदक जीतेंगे, जिनमें से अधिक स्वर्ण पदक होंगे।”  

होम ग्राउंड एडवांटेज ही सबसे बड़ी ताकत: Ramit Tandon बोले- देश में खेलना जरूरी

मुंबई स्क्वाश के दिग्गज खिलाड़ी रामित टंडन की नजरें इस साल सितंबर में होने वाले एशियाई खेलों के लिए अपनी फॉर्म के शीर्ष पर होने के ‘बड़े लक्ष्य’ पर टिकी है लेकिन भारत का यह पूर्व नंबर एक खिलाड़ी अभी इंडियन ओपन में घरेलू टूर्नामेंट में खेलने के अवसर का पूरा लुत्फ उठाना चाहता है। टंडन उभरती हुई महिला स्टार अनाहत सिंह के साथ बुधवार से यहां शुरू हो रहे जेएसडब्ल्यू इंडियन ओपन में हिस्सा लेंगे। उनका मानना है कि यह टूर्नामेंट भारतीय खिलाड़ियों को विदेश यात्रा नहीं करने के बावजूद खेलने का बेहतरीन मौका देता है। टंडन ने कहा, ‘‘यह बहुत शानदार है, खासकर ऐसे समय में जब यात्रा बहुत अधिक प्रभावित है। इससे आसान कुछ नहीं हो सकता कि आप बस एक घरेलू उड़ान लें और अपने ही घर के पास होने वाले टूर्नामेंट में खेलने पहुंच जाएं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘इसके बावजूद स्वदेश में खेलना हमेशा खास होता है। आप उन लोगों के सामने खेलते हैं जिनसे आप प्यार करते हैं और जिन्होंने आपकी खेल यात्रा में आपका साथ दिया है। एक भारतीय स्क्वाश खिलाड़ी के तौर पर मुझे ऐसा करने का मौका उतनी बार नहीं मिलता जितना मेरे साथियों को अमेरिका या ब्रिटेन में मिलता है इसलिए मैं हमेशा भारत लौटने का बेसब्री से इंतजार करता हूं। खासकर सीसीआई मेरे लिए बहुत खास रहा है।’’ टंडन ने कहा कि टूर्नामेंट में हिस्सा लेने के लिए दुनिया भर में यात्रा करने से शरीर पर असर पड़ता है जिसके बारे में अधिक बात नहीं होती। उन्होंने कहा, ‘‘यात्रा, जिसके बारे में लोगों ने अधिक बात नहीं की है, वह सच में शरीर पर असर डालती है।’’ टंडन ने कहा, ‘‘आप प्रतियोगिताओं के लिए अमेरिका या ब्रिटेन जाने के लिए 12 घंटे (या) 14 घंटे की उड़ान लेते हैं जबकि अमेरिका या ब्रिटेन में रहने वाले खिलाड़ियों के लिए यह काफी आसान होता है, है ना?’’ उन्होंने कहा, ‘‘तो एक भारतीय के तौर पर अगर आप साल में लगभग 12 बार यात्रा कर रहे हैं तो आप उतनी ही बार जेट लैग (समय के अंतर से होने वाली थकान) का भी सामना कर रहे होते हैं। आप उन लंबी उड़ाने की थकान झेल रहे होते हैं।’’ टंडन ने कहा कि स्वदेश में खेलने के फायदों को देखते हुए इस अवसर का पूरा लाभ उठाना बेहद जरूरी है।  

मीनाक्षी गोयत का दमदार प्रदर्शन, अंतिम पंघाल को हराकर एशियाई चैंपियनशिप टीम में जगह पक्की

नई दिल्ली भारतीय महिला कुश्ती के 53 किग्रा वर्ग में एक बड़ा फेरबदल देखने को मिला है। सोनीपत में पूर्व राष्ट्रीय कोच कुलदीप मलिक के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण लेने वाली मीनाक्षी गोयत ने दिग्गज पहलवान अंतिम पंघाल को शिकस्त देकर आगामी एशियाई चैंपियनशिप के लिए भारतीय टीम में अपना स्थान पक्का कर लिया है। ट्रायल के दौरान मीनाक्षी ने अपने पुराने “आत्म-संदेह” को पीछे छोड़ते हुए शानदार रक्षात्मक खेल दिखाया। उन्होंने पहले 6-2 की बढ़त बनाई और फिर मुकाबले के आखिरी क्षणों में ‘विन बाय फॉल’ (चित करके) के जरिए दो बार की विश्व चैंपियनशिप पदक विजेता अंतिम को धूल चटा दी। विनेश फोगाट के वर्ग बदलने के बाद इस कैटेगरी में अंतिम का दबदबा माना जा रहा था, जिसे मीनाक्षी ने अपनी मजबूत पकड़ से तोड़ दिया। इस जीत के साथ ही मीनाक्षी अब 6 से 11 अप्रैल तक किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में आयोजित होने वाली एशियाई चैंपियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी। जीत के बाद उत्साहित मीनाक्षी ने कहा कि उन्होंने पिछली गलतियों से सीखा और बड़े नाम के दबाव में आने के बजाय अपनी क्षमता पर भरोसा किया। इसी ट्रायल के दौरान 50 किग्रा वर्ग में नीलम ने भी बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए टीम में जगह बनाई। अन्य महिला वर्गों में मानसी अहलावत (62 किग्रा), मनीषा भानवाला (57 किग्रा), नेहा सांगवान (59 किग्रा) और हर्षिता (72 किग्रा) सहित कई अन्य पहलवानों ने भी अपने-अपने भार वर्ग में जीत दर्ज कर भारतीय दल में स्थान सुरक्षित किया है। महिला पहलवानों के साथ-साथ पुरुष फ्रीस्टाइल वर्ग के ट्रायल भी संपन्न हुए, जिसमें स्टार पहलवानों ने अपना दबदबा कायम रखा। 57 किग्रा में अंकुश और 61 किग्रा में अमन सहरावत ने शानदार जीत के साथ टीम में प्रवेश किया। इसके अलावा सुजीत कलकल (65 किग्रा), जयदीप (74 किग्रा) और विक्की (97 किग्रा) ने भी अपने प्रतिद्वंद्वियों को हराकर एशियाई चैंपियनशिप का टिकट हासिल किया है। भारतीय कुश्ती संघ को उम्मीद है कि युवाओं और अनुभवी पहलवानों का यह संतुलित दल किर्गिस्तान में पदकों की झड़ी लगाएगा। मीनाक्षी की इस जीत ने साबित कर दिया है कि भारतीय कुश्ती में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है और नए चेहरे वैश्विक मंच पर चमकने को तैयार हैं।  

IPL से पहले धोनी ने नंबर 7 को किया अलविदा, जानें जडेजा से इस बदलाव का क्या है संबंध

चेन्नई  इंडियन प्रीम‍ियर लीग (IPL) 2026 से पहले चेन्नई सुपर किंग्स (Chennai Super Kings) के पूर्व कप्तान महेंद्र स‍िंह धोनी ( MS Dhoni) ने अपने जर्सी नंबर में बदलाव कर क्रिकेट जगत में हलचल मचा दी है. लंबे समय तक नंबर 7 के साथ पहचान बना चुके धोनी अब नंबर 8 में नजर आ सकते हैं. हालांकि यह जर्सी चेन्नई टीम के येलो कलर में नहीं है। धोनी ने सोशल मीडिया पर एक रहस्यमयी पोस्ट शेयर करते हुए लिखा- कुछ नंबर आपके साथ रहते हैं… लेकिन आज, मैं 8 पर स्विच कर रहा हूं, आपको जल्द ही पता चल जाएगा क्यों. इस मैसेज ने फैन्स  और एक्सपर्ट्स के बीच कई तरह की अटकलों को जन्म दे दिया है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या यह बदलाव महज एक प्रमोशनल स्टंट है या इसके पीछे कोई भावनात्मक या रणनीतिक कारण छिपा है. वहीं ऐसा भी अनुमान है कि यह बदलाव टीम के अंदर जर्सी नंबर मैनेजमेंट से जुड़ा हो सकता है। एक थ्योरी यह भी सामने आई है कि यह फैसला रवींद्र जडेजा से जुड़ा हो सकता है, जो पहले नंबर 8 पहनते थे. पर अब वो राजस्थान रॉयल्स का हिस्सा बन चुके हैं, जिससे यह नंबर खाली हो गया था. ऐसे में धोनी का इस नंबर को अपनाना एक तरह का ट्रिब्यूट भी माना जा रहा है, लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। वहीं, कुछ क्रिकेट एक्सपर्ट्स इसे एक ब्रांडिंग और मार्केटिंग मूव भी मान रहे हैं.IPL जैसे बड़े मंच पर जर्सी नंबर बदलना फैन्स  की दिलचस्पी बढ़ाने और मर्चेंडाइज सेल्स को बूस्ट करने का जरिया भी हो सकता है। यह भी संभव है कि CSK टीम मैनेजमेंट आने वाले सीजन के लिए नई रणनीति पर काम कर रहा हो, जिसमें सीनियर खिलाड़ियों के रोल और पहचान को नए तरीके से पेश किया जा रहा है। फिलहाल, धोनी या फ्रेंचाइजी की ओर से इस बदलाव की असली वजह पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है. लेकिन एक बात तय हैधोनी का हर कदम सोच-समझकर उठाया गया होता है, और इस बार भी इसके पीछे कोई बड़ा कारण जरूर होगा, जिसका खुलासा जल्द हो सकता है 2023 में धोनी की जर्सी BCCI ने की थी र‍िटायर  महेंद्र‍ सिंह धोनी की 7 नंबर की जर्सी को BCCI ने साल 2023 में रिटायर करने का फैसला किया था. इससे पूर्व 2017 में भी महान बल्लेबाज सच‍िन तेंदुलकर की सिग्नेचर 10 नंबर जर्सी को भी हमेशा के लिए र‍िटायर कर दिया गया था. धोनी का जन्म 7 जुलाई 1981 को हुा था, ऐसे में उनकी जन्म की तारीख की वजह से ही उन्होंने इस नंबर को अपनाया था।

टी20 वर्ल्ड कप जैसी ड्रामेबाजी अब FIFA में भी, ईरान ने बायकॉट और धमकी से बढ़ाई मुश्किलें

  नई दिल्ली FIFA World Cup 2026 को लेकर ठीक वैसा ही विवाद सामने आया है, जैसा करीब एक महीने पहले आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप में सामने आया था. टी20 वर्ल्ड कप में बांग्लादेश ने सुरक्षा व्यवस्था का हवाला देते हुए भारत आकर मैच खेलने से इनकार कर दिया था. और अब इसी तरह ईरान की फुटबॉल टीम ने सुरक्षा कारणों से अमेरिका में मैच खेलने पर चिंता जताई है. बता दें कि फीफा वर्ल्ड कप 11 जून से शुरू होगा और 19 जुलाई तक चलेगा। क्रिकेट वर्ल्ड कप में बांग्लादेश ने भी भारत की बजाय न्यूट्रल ग्राउंड की मांग करते हुए अपने मैच श्रीलंका या पाकिस्तान शिफ्ट करने की मांग उठाई थी. और अब फीफा वर्ल्ड कप में भी उसी तरह ईरान ने अपने मैच मैक्सिको शिफ्ट कराने की मांग की है. इसके बाद Mexico ने बड़ा ऑफर देते हुए कहा है कि अगर जरूरत पड़ी तो वह ईरान के मैच अपने यहां आयोजित कर सकता है। क्या बोले मैक्सिको के राष्ट्रपति मैक्सिको की राष्ट्रपति Claudia Sheinbaum ने कहा कि अगर फुटबॉल की विश्व संस्था FIFA चाहे तो मैक्सिको ईरान के मैच होस्ट करने के लिए तैयार है और इसमें देश को कोई दिक्कत नहीं होगी. ईरान फुटबॉल फेडरेशन ने पहले ही फीफा से अनुरोध किया है कि उनके मैचों को अमेरिका से बाहर किसी दूसरे देश में शिफ्ट किया जाए. हाल ही में क्षेत्र में बढ़े सैन्य तनाव और अमेरिका से जुड़े हमलों के बाद ईरान की टीम को खिलाड़ियों की सुरक्षा को लेकर चिंता है। वर्ल्ड कप तीन देशों में होगा FIFA वर्ल्ड कप 2026 पहली बार तीन देशों की मेजबानी में खेला जाएगा। यह टूर्नामेंट अमेरिका, मैक्सिको और कनाडा में आयोजित होना है. अभी ईरान के ग्रुप स्टेज के कुछ मैच अमेरिका के अलग-अलग शहरों में खेले जाने तय हैं। वीजा और राजनीतिक माहौल की भी चिंता सिर्फ सुरक्षा ही नहीं, बल्कि ईरान को वीजा नियम, यात्रा प्रतिबंध और राजनीतिक माहौल को लेकर भी चिंता है। अधिकारियों का मानना है कि इन कारणों से टीम की तैयारी और टूर्नामेंट में हिस्सा लेने पर असर पड़ सकता है। मैच शिफ्ट करना आसान नहीं हालांकि इस समय मैचों का शेड्यूल, स्टेडियम और टिकटिंग पहले ही तय हो चुकी है। ऐसे में किसी मैच को दूसरे देश में शिफ्ट करना आसान नहीं होगा. फिलहाल फीफा ने इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। क्या वर्ल्ड कप से हट सकता है ईरान? अगर ईरान की चिंताओं का समाधान नहीं होता है, तो ऐसी संभावना भी जताई जा रही है कि टीम टूर्नामेंट में हिस्सा लेने के फैसले पर फिर से विचार कर सकती है. यह मामला दिखाता है कि अंतरराष्ट्रीय राजनीति का असर खेलों पर भी पड़ सकता है। फिलहाल मैक्सिको ने अपने दरवाजे खोल दिए हैं, लेकिन अंतिम फैसला फीफा को ही लेना होगा. बता दें कि टी20 वर्ल्ड कप में भी आखिरी में बांग्लादेश को बाहर होना पड़ा था और उसकी जगह स्कॉटलैंड को वर्ल्ड कप के लिए चुना गया था।

धोनी और 5 अन्य दिग्गजों के लिए 2026 IPL हो सकता है आखिरी सीजन

नई दिल्ली इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के 19वें सीजन की शुरुआत 28 मार्च को होने जा रही है. आईपीएल 2026 का ओपनर मुकाबला रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) और सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) के बीच बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में होना है. अभी भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (BCCI) ने शुरुआती 20 मुकाबलों का ही शेड्यूल जारी किया है. बाकी मैचों का शेड्यूल जल्द आने की संभावना है। आगामी आईपीएल सीजन कुछ दिग्गज खिलाड़ियों के लिए आखिरी साबित हो सकता है. इन खिलाड़ियों ने वर्षों तक अपनी टीमों के लिए शानदार प्रदर्शन किया है और लीग को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई है. लेकिन अब उम्र, फिटनेस और टीम कॉम्बिनेशन को देखते हुए ये प्लेयर्स आगामी सीजन के बाद आईपीएल से रिटायरमेंट लेने का फैसला कर सकते हैं. आइए जानते हैं ऐसे ही पांच खिलाड़ियों के बारे में… 1.महेंद्र सिंह धोनी: चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी आईपीएल के सबसे लोकप्रिय खिलाड़ियों में शामिल हैं. हालांकि उनकी उम्र और फिटनेस को देखते हुए माना जा रहा है कि 2026 सीजन उनके लिए आखिरी हो सकता है. जुलाई 2026 में धोनी 45 साल के हो जाएंगे. पिछले कुछ सीजन में घुटने की समस्या के बावजूद उन्होंने छोटी लेकिन प्रभावी इनिंग्स खेलकर टीम को जीतें दिलाईं. सीएसके के सीईओ काशी विश्वनाथन ने पुष्टि की है कि वह इस पूरे सीजन में खेलेंगे, लेकिन कई फैन्स मानते हैं कि यह उनका इमोशनल फेयरवेल सीजन हो सकता है. धोनी की ही कप्तानी में सीएसके ने अपने पांचों आईपीएल खिताब जीते हैं। 2. सुनील नरेन: कैरेबियाई बॉलिंग ऑलराउंडर कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के सबसे भरोसेमंद खिलाड़ियों में एक रहे हैं. कोलकाता नाइट राइडर्स के लिए उन्होंने आईपीएल में 192 विकेट लिए हैं और हाल के वर्षों में विस्फोटक ओपनर के रूप में भी खुद को साबित किया है. देखा जाए तो नरेन ने बल्ले से आईपीएल में 1780 रन बनाए हैं. मई में 38 साल के होने जा रहे नरेन पहले ही इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास ले चुके हैं. अब बढ़ती उम्र और फिटनेस चुनौतियों के कारण वह आईपीएल 2026 के बाद इस लीग से बतौर प्लेयर विदा ले सकते हैं। 3. ईशांत शर्मा: भारतीय तेज गेंदबाज ईशात शर्मा ने आईपीएल में कुल 7 टीमों के लिए मुकाबले खेले हैं. ईशांत का अंतरराष्ट्रीय करियर लगभग खत्म हो चुका है और वो नवंबर 2021 के बाद से टीम इंडिया से बाहर हैं. युवा तेज गेंदबाजों की बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच आईपीएल 2026 उनके करियर का अंतिम सीजन बन सकता है. ईशांत ने भारत के लिए 105 टेस्ट मैचों में 311 विकेट लिए और टीम की यादगार जीतों का हिस्सा रहे. आईपीएल के पिछले दो-तीन सीजन में ईशांत ने सहयोगी गेंदबाज की भूमिका निभाई है. फिलहाल गुजरात टाइटन्स (GT) का हिस्सा ईशांत अब 37 साल के हो चुके हैं और जल्द ही अपने करियर को लेकर बड़ा फैसला ले सकते हैं। 4. अजिंक्य रहाणे: तकनीकी रूप से मजबूत बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे ने आईपीएल में 5032 रन बनाए हैं और वो 6 टीमों के लिए खेल चुके हैं. 2023 के सीजन में चेन्नई सुपर किंग्स के साथ उनका शानदार पुनरुत्थान देखने को मिला था. बाद में वो कोलकाता नाइट राइडर्स से जुड़े. पिछले साल उन्होंने कोलकाता नाइट राइडर्स की कप्तानी भी की, जहां टीम 8वें स्थान पर रही. इस सीजन भी रहाणे ही कोलकाता नाइट राइडर्स की कप्तानी करते नजर आ सकते हैं. जून में 38 साल के होने जा रहे रहाणे के लिए यह सीजन आखिरी हो सकता है। 5. मिचेल स्टार्क: ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाज मिचेल स्टार्क भी उन खिलाड़ियों में शामिल हैं जिनका आईपीएल 2026 के बाद भविष्य अनिश्चित माना जा रहा है. स्टार्क दुनिया के सबसे खतरनाक बाएं हाथ के तेज गेंदबाजों में गिने जाते हैं. कोलकाता नाइट राइडर्स को 2024 में खिताब जिताने में अहम भूमिका निभाने के बाद स्टार्क दिल्ली कैपिटल्स (DC) से जुड़े. 36 साल की उम्र और इंटरनेशनल क्रिकेट के व्यस्त कार्यक्रम को देखते हुए वह अपना वर्कलोड कम कर सकते हैं, इसलिए आईपीएल में बतौर खिलाड़ी उनका ये आखिरी सीजन हो सकता है. स्टार्क पहले ही टी20 इंटरनेशनल को अलविदा कह चुके हैं और उनका फोकस टेस्ट एवं ओडीआई क्रिकेट पर है।

क्रिकेट में हासिल किए ऊंचे प्रतिशत, सूर्या बोले- पढ़ाई में 50-60% से आगे कभी नहीं बढ़ा

नई दिल्ली सूर्यकुमार यादव को भले ही पढ़ाई में बहुत अधिक सफलता नहीं मिली लेकिन क्रिकेट के मैदान पर उन्होंने आखिरकार 80 प्रतिशत अंक हासिल कर लिए हैं। सूर्यकुमार की अगुवाई में भारत ने हाल में टी20 विश्व कप खिताब का सफलतापूर्वक बचाव किया। इस जीत का भरपूर आनंद ले रहे सूर्यकुमार का भारतीय कप्तान के रूप में जीत का रिकॉर्ड 80 प्रतिशत है। मुंबई के रहने वाले सूर्यकुमार स्वाभाविक रूप से अपने इन आंकड़ों से बेहद खुश थे, क्योंकि शिक्षा ग्रहण करते समय वह कभी इतने अधिक नंबर लेकर नहीं आए थे। ‘मैं 50-60 का आंकड़ा पार नहीं कर पाया’ सूर्यकुमार ने 2024 में टी20 कप्तान का पद संभालने के बाद लगातार सफलता हासिल की। उनकी अगुवाई में भारत ने अभी तक जो 52 मैच खेले हैं उनमें से 42 मैच में उसे जीत मिली है। सूर्यकुमार ने इस बारे में पूछे जाने पर कहा, ”मुझे लगता है कि स्कूल और कॉलेज में मैंने जो प्रतिशत हासिल करने की कोशिश की वह अब मुझे क्रिकेट में मिल रही है।” उन्होंने कहा, ”वहां (स्कूल या कॉलेज में) मैं कभी 50-60 प्रतिशत का आंकड़ा पार नहीं कर पाया। लेकिन यह (जीत की दर 80 प्रतिशत) सुनकर वास्तव में बहुत अच्छा लग रहा है। मैं वैसे आंकड़ों पर बहुत ज्यादा गौर नहीं करता हूं लेकिन किसी को भी किसी भी खेल में हारना पसंद नहीं होता और मुझे भी जीतना पसंद है।” सूर्यकुमार के पिता इलेक्ट्रिकल इंजीनियर थे सूर्यकुमार के पिता अशोक कुमार यादव भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (बीएआरसी) में इलेक्ट्रिकल इंजीनियर थे। लेकिन सूर्यकुमार का कभी पढ़ाई लिखाई में मन नहीं लगा और उनके परिवार ने क्रिकेट में उनके सपनों को साकार करने के लिए पूरा सहयोग दिया। उन्होंने कहा, ”मेरे परिवार ने मुझे पढ़ाई में अच्छा करने के लिए बहुत प्रेरित किया लेकिन कुछ समय बाद ही उन्हें समझ में आ गया कि इस लड़के को पढ़ाई में कोई दिलचस्पी नहीं है। यह लड़का उनके हाथ नहीं आएगा।” ‘अगर कुछ हासिल नहीं होता है तो फिर हम…’ सूर्यकुमार ने कहा, ”लेकिन उन्होंने खेल में मेरा हमेशा समर्थन किया क्योंकि उन्होंने पाया कि इसमें मुझे पूरा आनंद आ रहा है और मुझे खेलना पसंद है। इसलिए उन्होंने कहा, ‘ठीक है, जाओ खेलो। अगर कुछ हासिल नहीं होता है तो फिर ख्याल रखने के लिए हम तो हैं ही।” हमेशा मुस्कुराते रहने वाले इस दिग्गज बल्लेबाज ने हालांकि ऐसी नौबत नहीं आने दी जिससे कि उन्हें ‘प्लान बी’ का सहारा लेना पड़े।

ब्राजील को झटका: नेमार नहीं खेलेंगे वर्ल्ड कप वॉर्मअप मैच, फिटनेस पर सवाल

रियो डी जनेरियो दुनिया के सबसे मशहूर फुटबॉल खिलाड़ियों में से एक नेमार को सोमवार को फ्रांस और क्रोएशिया के खिलाफ फ्रेंडली मुकाबलों के लिए ब्राजील की टीम में जगह नहीं दी गई। यह मैनेजर कार्लो एंसेलोटी के लिए इस साल के फीफा वर्ल्ड कप के लिए अपनी टीम को फाइनल करने से पहले खिलाड़ियों को परखने का आखिरी मौका है। नेमार रविवार को अपनी हालिया चोट से उबरने के बाद मैदान पर लौटे। वह ब्राजील के सीरी ए में 90 मिनट तक मैदान पर खेले और उन्होंने कोरिंथियंस के साथ सैंटोस के 1-1 के घरेलू ड्रॉ में एक असिस्ट भी किया। सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, 27 लोगों की लिस्ट में नेमार के न होने के बावजूद एंसेलोटी ने 34 साल के खिलाड़ी के संयुक्त राज्य अमेरिका, मैक्सिको और कनाडा में होने वाले वर्ल्ड कप में खेलने की संभावनाओं से इनकार नहीं किया। एंसेलोटी ने कहा, “मैंने इस बार उन्हें टीम में क्यों नहीं रखा, क्योंकि वह 100 प्रतिशत फिट नहीं है और हमें ऐसे खिलाड़ियों की जरूरत है जो 100 प्रतिशत फिट हों। नेमार अगर पूरी तरह से फिट हो जाते हैं, तो वह अभी वर्ल्ड कप की टीम में शामिल हो सकते हैं।” ब्राजील 26 मार्च को बोस्टन में फ्रांस से और पांच दिन बाद ऑरलैंडो में क्रोएशिया से खेलेगा। साउथ अमेरिकन टीम अपना वर्ल्ड कप कैंपेन 13 जून को मोरक्को के खिलाफ शुरू करेगी। इसके बाद 19 जून को हैती और 24 जून को ग्रुप सी में स्कॉटलैंड से ब्राजील का सामना होगा। एंसेलोटी ने कहा कि नेमार को तकनीकी स्तर पर कुछ साबित करने की जरूरत नहीं है। नेमार को बाहर रखने का फैसला उनके बैकरूम स्टाफ के साथ मिलकर लिया गया था। रियल मैड्रिड के पूर्व बॉस ने कहा, “यह एक शारीरिक मूल्यांकन है, तकनीकी नहीं। बॉल के साथ वह बहुत अच्छे हैं, लेकिन उन्हें शारीरिक तौर पर सुधार करने की जरूरत है, क्योंकि कोचिंग स्टाफ और मेरे लिए वह अपनी काबिलियत के हिसाब से 100 प्रतिशत फिट नहीं हैं। यही वजह है कि उन्हें अपनी क्षमता के 100 प्रतिशत तक पहुंचने के लिए काम करना होगा। यह मेरी और स्टाफ में हर उस व्यक्ति की राय है जो उनके गेम देखते हैं।” ब्राजील की टीम में फ्लैमेंगो के सेंटर-बैक लियो परेरा, गैलाटसराय के मिडफील्डर गैब्रियल सारा, ब्रेंटफोर्ड के स्ट्राइकर इगोर थियागो और बोर्नमाउथ के फॉरवर्ड रेयान के रूप में 4 नए खिलाड़ियों को जगह दी गई है। ल्योन की तरफ से खेलते हुए शानदार फॉर्म में चल रहे युवा खिलाड़ी एंड्रिक को भी टीम में रखा गया है। ब्राजील टीम का स्क्वॉड गोलकीपर: एलिसन (लिवरपूल), बेंटो (अल-नासर), एडरसन (फेनरबाचे) डिफेंडर: वेस्ली (एएस रोमा), एलेक्स सैंड्रो (फ्लेमेंगो), डगलस सैंटोस (जेनिट सेंट पीटर्सबर्ग), मार्क्विनहोस (पेरिस सेंट जर्मेन), गेब्रियल मैगलहेस (आर्सेनल), ब्रेमर (जुवेंटस), डैनिलो (फ्लेमेंगो), इबानेज (अल-अहली), लियो परेरा (फ्लेमेंगो) मिडफील्डर: एंड्री सैंटोस (चेल्सी), कैसेमिरो (मैनचेस्टर यूनाइटेड), डैनिलो (बोटाफोगो), फैबिन्हो (अल-इत्तिहाद), गेब्रियल सारा (गैलाटासराय) फॉरवर्ड: एंड्रिक (ओलंपिक लियोनिस), इगोर थियागो (ब्रेंटफोर्ड), लुइज हेनरिक (जेनिट सेंट पीटर्सबर्ग), रेयान (बोर्नमाउथ), जोआओ पेड्रो (चेल्सी), गेब्रियल मार्टिनेली (आर्सेनल), माथियस कुन्हा (मैनचेस्टर यूनाइटेड), राफिन्हा (बार्सिलोना), विनीसियस जूनियर (रियल मैड्रिड)।  

पत्नी नहीं, मेरी सबसे बड़ी सपोर्ट सिस्टम – सूर्यकुमार यादव ने देविशा को दिया खास सम्मान

नई दिल्ली टी20 विश्व कप विजेता कप्तान सूर्यकुमार यादव ने अपनी जिंदगी और करियर में पत्नी देविशा शेट्टी की भूमिका पर खुलकर बात की है। इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि कैसे करीब 8 साल पहले पत्नी से एक बहुत ही छोटी सी बातचीत ने उनकी जिंदगी बदल दी, करियर को लेकर नजरिया बदल दिया। उनकी पत्नी के सीधे सरल सवाल ने ही उन्हें राष्ट्रीय टीम में जगह बनाने के लिए कड़ी मेहनत करने को प्रेरित किया और अब जबकि सूर्यकुमार यादव विश्व कप विजेता कप्तान बन चुके हैं, तो वे अपनी ‘बेहद निश्छल’ पत्नी देविशा की जितनी भी प्रशंसा करें वह कम है क्योंकि उन्होंने ही उन्हें इस मुकाम पर पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। यह साल 2018 की बात है जब देविशा शेट्टी ने सूर्यकुमार से एक सरल सवाल पूछा, ‘अगर आप भारत के लिए खेलना चाहते हैं, तो आपकी क्या योजना है?’ उस ‘बेहद सादगीपूर्ण बातचीत’ के आठ साल बाद सूर्यकुमार की अगुवाई में भारत ने टी20 विश्व कप में अपने खिताब का सफलतापूर्वक बचाव किया। सूर्यकुमार ने ‘पीटीआई वीडियो’ के साथ एक पॉडकास्ट साक्षात्कार के दौरान उस बातचीत को याद करते हुए कहा, ‘हमारी शादी 2016 में हुई थी जब मैं केकेआर के लिए खेल रहा था। सब कुछ बहुत सहजता से आगे बढ़ रहा था। मैं अच्छा खेल रहा था, खेल का आनंद ले रहा था। जब मैं 2018 में मुंबई इंडियंस में शामिल हुआ तो वह तब तक के मेरे सफर और दिनचर्या को देखती रही। मुझे लगता है कि इसके बाद हमने चीजों को थोड़ा अलग तरीके से करना शुरू कर दिया था।’ उन्होंने कहा, ‘उसने (सूर्यकुमार की पत्नी) मुझसे कहा कि आपके साथ आयु वर्ग में खेलने वाले सभी खिलाड़ी अब भारत के लिए खेल रहे हैं। आपके मन में क्या है? मैंने कहा, ‘मुझे भी भारत के लिए खेलना है।’ उसने पूछा, ‘कैसे खेलोगे?’ इस 35 वर्षीय खिलाड़ी ने अपनी पत्नी के साथ उनके करियर को बदलने वाली बातचीत के बारे में कहा, ‘वह संक्षिप्त सी बातचीत थी। वह किसी तरह की बहस नहीं बल्कि संक्षिप्त चर्चा थी। लेकिन निश्चित तौर पर यह इस बारे में चर्चा थी कि आप अपने लक्ष्य की ओर एक कदम आगे कैसे बढ़ा सकते हैं। अगर मैं भारत के लिए खेलना चाहता हूं और भारत को जीत दिलाना चाहता हूं, तो मैं यह कैसे कर सकता हूं?’ एक बार जब अंतिम लक्ष्य हासिल करने की दिशा में अतिरिक्त प्रयास करने का फैसला कर लिया गया तो उनकी जिंदगी में कुछ चुनौतियां भी सामने आई लेकिन सूर्यकुमार और देविशा ने एक जोड़े के रूप में उस रास्ते पर चलना शुरू कर दिया। उन्होंने कहा, ‘हमें कई चीजों में कटौती करनी पड़ी। इनमें खान-पान से लेकर सप्ताहांत में दोस्तों से मिलना, शनिवार-रविवार को आराम, सोमवार से शुक्रवार तक के कार्यक्रम शामिल थे। हमने इस तरह से शुरुआत की और 2018 में आईपीएल में मेरा प्रदर्शन (512 रन) बहुत अच्छा रहा। मैंने घरेलू क्रिकेट में भी अच्छा प्रदर्शन किया।’ सूर्यकुमार ने कहा, ‘उस साल मुझे मुंबई इंडियंस की तरफ से पारी की शुरुआत करने का भी मौका मिला और मैंने रन भी बनाए। हमने 2019 और 2020 में भी यही सिलसिला जारी रखा और मैं एक अलग ही मूड में था। उसने देखा कि वह चीजों का अधिक आनंद लेने लगा है। मेरे लिए 2020 (आईपीएल में फिनिशर के तौर पर 480 रन) और भी बेहतर रहा और फिर 2021 में मुझे भारतीय टीम में चुना गया।’ बेहद मिलनसार कप्तान ने कहा कि देविशा पर्दे के पीछे रहकर उनकी ताकत बनी रहीं। उन्होंने कहा, ‘उसने सच्ची बातें बताकर नेपथ्य में रहते हुए मुझ पर बहुत प्रभाव डाला है। अगर वह आपकी अर्धांगिनी है तो वह हमेशा आपके प्रति ईमानदार रहेगी क्योंकि वह सिर्फ आपकी तरक्की चाहती हैं। अगर आप साथ मिलकर आगे बढ़ना चाहते हैं तो आपके बीच बातचीत में निश्छलता होना जरूरी है।’ भारतीय कप्तान ने कहा, ‘कई बार ऐसा करना मुश्किल भी रहा लेकिन कुल मिलाकर यह अच्छा रहा। अगर आज मैं इस मुकाम पर खड़ा हूं तो इसमें उन बातचीत का बहुत बड़ा योगदान रहा है।’ देविशा ने कभी भी उनकी क्रिकेट को लेकर हस्तक्षेप नहीं किया क्योंकि वह उनका क्षेत्र नहीं था, लेकिन उन्होंने उन्हें क्रिकेट से परे जीवन के बारे में सलाह दी। सूर्यकुमार ने कहा, ‘मैं उसे इसका पूरा श्रेय देता हूं क्योंकि उसने मुझे सिर्फ क्रिकेट में मेरे करियर को लेकर सलाह ही नहीं दी, बल्कि जीवन से जुड़ी कई बातें बताईं। मुझे क्या करना चाहिए? किसी खास परिस्थिति से कैसे निपटना चाहिए? मुझे खुद को कैसे पेश करना चाहिए?’ और सबसे महत्वपूर्ण उन्होंने घर में प्रवेश करने से पहले क्रिकेट को दरवाजे पर छोड़ने के लिए कहा। घर पर वह सुपरस्टार सूर्यकुमार यादव नहीं बल्कि सिर्फ सूर्या हैं। उन्होंने कहा, ‘उसने मुझसे कहा कि क्रिकेट को घर के अंदर लेकर मत आना। यह सब महत्वपूर्ण बातें थी जो मैंने सीखी। आपको अपनी उपलब्धियों के बावजूद विनम्र और जमीन से जुड़े रहना चाहिए। घर पर आप सूर्यकुमार यादव नहीं हैं इसलिए सहज व्यवहार करें। खाना खाने के बाद प्लेट को बर्तन धोने वाले स्थान पर रख दें। यह छोटी-छोटी बातें आपके जीवन में बहुत महत्व रखती हैं।’  

बांग्लादेश क्रिकेट में नया विवाद, ICC लगाएगी बैन चेतावनी, सरकार को मिली हिदायत

 नई दिल्ली  बांग्लादेश क्रिकेट में इस वक्त बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने सरकार को साफ चेतावनी दी है कि बोर्ड के मामलों में हस्तक्षेप से इंटरनेशनल लेवल पर गंभीर परिणाम हो सकते हैं। दरअसल, खेल मंत्रालय ने पिछले साल हुए BCB चुनाव में कथित गड़बड़ियों की जांच के लिए 5 सदस्यीय कमेटी बनाई है. इस कमेटी को 11 मार्च से 15 कार्यदिवस के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है. जांच में ‘अनियमितता, हेरफेर और सत्ता के दुरुपयोग’ जैसे आरोपों की पड़ताल की जाएगी। क्रिकइंफो की र‍िपोर्ट के मुताब‍िक- BCB ने अपने बयान में साफ किया कि इस मामले को लेकर इंटरनेशनल क्रिकेट काउंस‍िल (ICC) के वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा हो चुकी है. बोर्ड का कहना है कि किसी भी लोकतांत्रिक तरीके से चुने गए क्रिकेट बोर्ड में सरकारी दखल ICC के नियमों के खिलाफ माना जाता है, जिससे बांग्लादेश पर बैन का खतरा भी पैदा हो सकता है. इससे पहले जिम्बाब्वे और श्रीलंका जैसे देशों पर इसी वजह से कार्रवाई हो चुकी है. ध्यान रहे ICC ने पहले भी सरकारी दखल के लिए जिम्बाब्वे और श्रीलंका समेत कई क्रिकेट बोर्ड को सस्पेंड किया था। सरकार से सीधे बातचीत की मांग BCB ने कहा कि वह शिकायत करने से पहले नेशनल स्पोर्ट्स काउंसिल से सीधे बात करना चाहता है, ताकि गजट के ‘इरादे और असर’ को समझा जा सके. साथ ही बोर्ड ने जांच कमेटी को पूरी तरह खत्म करने की मांग भी रखी है, ताकि क्रिकेट की स्थिरता बनी रहे। तमीम इकबाल के आरोप से भड़का विवाद पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब बांग्लादेश के पूर्व कप्तान तमीम इकबाल ने BCB अध्यक्ष अमीनुल इस्लाम पर चुनाव प्रक्रिया में दखल देने का आरोप लगाया. तमीम का दावा था कि चुनाव से पहले अमीनुल ने खेल मंत्रालय को पत्र लिखकर कुछ जिलों के काउंसलर बदलने को कहा. इसके अलावा नामांकन की तारीख दो बार बढ़ाने का भी आरोप लगाया गया. हालांकि, अमीनुल इस्लाम ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया था। चुनाव के बाद भी नहीं थमा बवाल 1 अक्टूबर को तमीम इकबाल ने अपनी उम्मीदवारी वापस ले ली थी. 6 अक्टूबर को चुनाव हुए, लेकिन इसके बाद भी विवाद थमा नहीं. ढाका क्लब अधिकारियों और कई अन्य समूहों ने चुनाव में ‘इंजीनियरिंग’ का आरोप लगाया. नतीजों के कुछ घंटों के भीतर ही खेल मंत्रालय को अपने एक निदेशक उम्मीदवार को वापस लेना पड़ा. उनके राजनीतिक संबंध सोशल मीडिया पर सामने आ गए। ढाका लीग का बहिष्कार BCB चुनाव के बाद हालात और बिगड़ गए. ढाका के कई क्लब (कैटेगरी-2) ने मौजूदा बोर्ड को ‘गैरकानूनी’ करार दिया और 2025-26 सीजन की ढाका लीग का बहिष्कार कर दिया।

बैडमिंटन कोर्ट से ओलंपिक पोडियम तक, भारतीय महिला खिलाड़ी की प्रेरणादायक कहानी

नई दिल्ली भारतीय बैडमिंटन की दिग्गज खिलाड़ी साइना नेहवाल आज अपना 36वां जन्मदिन मना रही हैं। अपने शानदार खेल और ऐतिहासिक उपलब्धियों के दम पर उन्होंने बैडमिंटन की दुनिया में भारत का नाम ऊंचा किया है। साइना उन खिलाड़ियों में शामिल हैं जिन्होंने भारतीय बैडमिंटन को अंतरराष्ट्रीय मंच पर नई पहचान दिलाई। साइना नेहवाल का जन्म और शुरुआती सफर साइना नेहवाल का जन्म 17 मार्च 1990 को हरियाणा के हिसार में हुआ था। बचपन से ही उन्हें खेलों में रुचि थी और उन्होंने कम उम्र में ही बैडमिंटन को अपना करियर बनाने का फैसला कर लिया था। कड़ी मेहनत और लगातार अभ्यास की बदौलत साइना ने जल्दी ही राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना ली। धीरे-धीरे वह भारतीय बैडमिंटन की सबसे भरोसेमंद खिलाड़ियों में शामिल हो गईं और देश को कई बड़े टूर्नामेंट में यादगार जीत दिलाई। लंदन ओलंपिक में रचा इतिहास साइना नेहवाल ने साल 2012 के लंदन ओलंपिक में इतिहास रचते हुए भारत को बैडमिंटन में पहला ओलंपिक मेडल दिलाया। उन्होंने इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर पूरे देश को गर्व महसूस कराया। यह उपलब्धि इसलिए भी खास थी क्योंकि इससे पहले किसी भी भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी ने ओलंपिक में पदक नहीं जीता था। साइना की इस जीत ने भारत में बैडमिंटन को नई लोकप्रियता दिलाई और युवा खिलाड़ियों को इस खेल की ओर आकर्षित किया। इंडोनेशिया ओपन में ऐतिहासिक जीत साल 2009 में साइना ने एक और बड़ा कारनामा किया था। उन्होंने इंडोनेशिया ओपन सुपर सीरीज बैडमिंटन टूर्नामेंट का खिताब अपने नाम किया। इस उपलब्धि के साथ वह यह प्रतिष्ठित खिताब जीतने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी बनीं। इस जीत ने अंतरराष्ट्रीय बैडमिंटन सर्किट में साइना की पहचान को और मजबूत कर दिया और वह दुनिया की शीर्ष खिलाड़ियों में गिनी जाने लगीं। कॉमनवेल्थ गेम्स में शानदार प्रदर्शन साइना नेहवाल ने कॉमनवेल्थ गेम्स में भी भारत के लिए कई मेडल जीते हैं। उन्होंने कुल तीन गोल्ड मेडल अपने नाम किए हैं। सिंगल्स इवेंट में उन्होंने 2010 और 2018 के कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड जीतकर इतिहास रचा। इसके अलावा 2018 में उन्होंने मिक्स्ड डबल्स में भी गोल्ड मेडल जीता था। वहीं 2010 के कॉमनवेल्थ गेम्स में मिक्स्ड टीम इवेंट में सिल्वर और 2006 में मिक्स्ड टीम इवेंट में ब्रॉन्ज मेडल भी हासिल किया। इस तरह साइना कॉमनवेल्थ गेम्स में कुल पांच मेडल जीत चुकी हैं। साइना पर बनी बॉलीवुड फिल्म साइना नेहवाल की प्रेरणादायक कहानी पर साल 2021 में बॉलीवुड फिल्म भी बनाई गई थी। इस फिल्म का नाम साइना रखा गया था। फिल्म में अभिनेत्री परिणीति चोपड़ा ने साइना का किरदार निभाया था, जबकि इसका निर्देशन अमोल गुप्ते ने किया था। आज भी साइना नेहवाल खेल जगत में एक प्रेरणा मानी जाती हैं। वह सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय रहती हैं और अपने फैंस के साथ अक्सर तस्वीरें और वीडियो साझा करती रहती हैं।  

सलमान आगा के रन आउट पर गरमाया माहौल, एबी डिविलियर्स और डेल स्टेन ने बांग्लादेश को सुनाई खरी-खोटी

इस्लामाबाद पाकिस्तान और बांग्लादेश के बीच खेले गए दूसरे वनडे मुकाबले के दौरान एक ऐसी घटना घटी जिसने क्रिकेट जगत में खेल भावना पर एक नई बहस छेड़ दी है। दरअसल, पाकिस्तान की पारी के 38वें ओवर में सलमान आगा का एक ऐसा रन आउट देखने को मिला, जब वे गेंदबाज के सहयोग के लिए गेंद दे रहे थे, लेकिन गेंदबाज ने इसका फायदा उठाते हुए उन्हें रन आउट कर दिया। अब इस पर दक्षिण अफ्रीका के दो दिग्गज क्रिकेटरों की प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। दक्षिण अफ्रीका के महान बैटर एबी डिविलियर्स और दिग्गज गेंदबाज डेल स्टेन ने सलमान अली आगा के रनआउट वाली घटना को हास्यास्यद, निराशाजनक और खेल भावना के विपरीत बताया है। एबी डिविलियर्स ने बताया यह गलत है एबी डिविलियर्स ने इस घटना पर नाराजगी जताते हुए इसे बुनियादी खेल भावना के विपरीत बताया है। उन्होंने इस पर नाराजगी जताते हुए कहा, “यह बुनियादी खेल भावना है। वह बल्लेबाज रन नहीं ले रहा था, वह केवल गेंद उठाकर गेंदबाज को देना चाहता था और सॉरी कहना चाह रहा था, लेकिन गेंदबाज ने उसे आउट कर दिया। यह गलत है।” स्टेन ने कहा यह निराशाजनक है डेल स्टेन ने भी इस घटना पर कड़ा रुख अख्तियार किया है और बांग्लादेशी खिलाड़ियों की जमकर आलोचना की है। उ्होंने इसे निराशानजक बताया है और साथ ही साथ हास्यास्पद भी कहा है। स्टेन ने निराशा व्यक्त करते हुए कहा कि नियमों के अनुसार बल्लेबाज को अपना बल्ला क्रीज में रखना चाहिए, लेकिन यहां बल्लेबाज की मंशा साफ थी। स्टेन ने कहा, “यह बहुत निराशाजनक है। जब एक बल्लेबाज रन लेने की कोशिश नहीं कर रहा है और सिर्फ आपकी मदद करने के लिए गेंद उठा रहा है, तब आप उसे आउट कर देते हैं? यह हास्यास्पद है, ऐसा करना बंद करें।” स्टेन का कहना है कि इस तरह की घटनाएं नियमों की आड़ में खेल भावना की हत्या करने जैसी हैं। डिविलियर्स ने दिया उदाहरण पूर्व दक्षिण अफ्रीकी बल्लेबाज एबी डिविलियर्स ने इस घटना की तुलना करते हुए उदाहरण दिया कि क्या कोई गेंदबाज किसी बल्लेबाज को धक्का देकर या गिराकर उसे आउट करने का प्रयास करेगा। मेरी समझ में बिल्कुल नहीं। डिविलियर्स ने कहा कि सलमान आगा केवल मदद कर रहे थे और गेंदबाज मेहदी हसन मिराज ने इसका फायदा उठा लिया जो सरासर गलत है। उन्होंने इसे बुनियादी खेल भावना का उल्लंघन करार दिया है। उन्होंने माना है कि गेंदबाज का इसका फायदा नहीं उठाना चाहिए था। 13 मार्च को दूसरे वनडे में हुई थी यह घटना बता दें कि यह घटना पाकिस्तान और बांग्लादेश के बीच तीन मैचों की वनडे शृंखला के दूसरे मैच में ढाका के शेरे बांग्ला स्टेडियम में पाकिस्तान की पारी के 38वें ओवर की चौथी गेंद के बाद हुई जब मेहदी हसन मिराज ने सलमान अली आगा को रन आउट कर दिया। यह मैच 13 मार्च को खेला गया था और इसे पाकिस्तान ने 128 रनों के बड़े अंतर से डीएलएस मैथड से जीत लिया था।

क्रिस गेल का 175 रन तोड़ना है…, वैभव सूर्यवंशी ने आईपीएल में अपनी महत्वाकांक्षाओं के बारे में किया खुलासा

मुंबई  भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (BCCI) का वार्षिक नमन अवॉर्ड्स समारोह 15 मार्च (रविवार) को नई दिल्ली में हुआ. इस समारोह में युवा क्रिकेट सनसनी वैभव सूर्यवंशी भी शरीक हुए. वैभव को इस दौरान संजू सैमसन, हार्दिक पंड्या और अभिषेक शर्मा के साथ स्टेज पर आमंत्रित किया गया, जहां कमेंटेटर हर्षा भोगले ने इन खिलाड़ियों से खास बातचीत की. बातचीत के दौरान भोगले ने वैभव से एक ऐसा सवाल पूछा, जिसने क्रिकेट फैन्स का ध्यान खींच लिया।  हर्षा भोगले ने वैभव सूर्यवंशी से पूछा कि इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में कौन सा रिकॉर्ड वो तोड़ना चाहेंगे? बिहार से आने वाले इस युवा बल्लेबाज ने बेहद आत्मविश्वास के साथ अपना बड़ा सपना जाहिर किया और कहा कि वह आईपीएल में क्रिस गेल के 175 रनों के ऐतिहासिक रिकॉर्ड को धराशायी करना चाहते हैं।     बता दें कि कैरेबियाई दिग्गज क्रिस गेल ने आईपीएल 2013 के दौरान रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की ओर खेलते हुए पुणे वॉरियर्स इंडिया के खिलाफ एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में सिर्फ 66 गेंदों पर नाबाद 175 रन बना दिए थे, जो टी20 क्रिकेट के इतिहास का सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर है।  अंडर-19 विश्व कप में मचाया था धमाल वैभव सूर्यवंशी ने कम उम्र में ही अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से क्रिकेट जगत को चौंका दिया है. साल 2026 के आईसीसी अंडर-19 वर्ल्ड कप फाइनल में उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ सिर्फ 80 गेंदों में 175 रन ठोककर इतिहास रच दिया था. उनकी इस पारी में 15 चौके और 15 छक्के शामिल रहे. सूर्यवंशी की इस धमाकेदार इनिंग्स ने भारत को उस मुकाबले में शानदार जीत दिलाई थी।  वैभव सूर्यवंशी का नाम पहले ही कई रिकॉर्ड्स से जुड़ चुका है. वह आईपीएल में सबसे कम उम्र में शतक लगाने वाले बल्लेबाज बन चुके हैं. 2025 के आईपीएल सीजन में उन्होंने सिर्फ 35 गेंदों में सेंचुरी जड़कर सबको चौंका दिया था. उनकी बल्लेबाजी की सबसे बड़ी खासियत है निडर अंदाज, आक्रामक शॉट्स और लगातार बाउंड्री लगाने की क्षमता।  इसी वजह से क्रिकेट एक्सपर्ट्स उन्हें भविष्य का बड़ा स्टार मानते हैं. करियर की शुरुआत में ही इतने बड़े लक्ष्य तय करना वैभव सूर्यवंशी के आत्मविश्वास को दिखाता है. अगर उनका बल्ला इसी तरह चलता रहा तो आने वाले समय भारतीय टीम को एक और विस्फोटक मैच-विनर बल्लेबाज मिल सकता है।   

सुनील गावस्कर ने सनराइजर्स पर किया हमला, पाकिस्तानी खिलाड़ियों को पैसा देने को भारतीयों की हत्या में योगदान बताया

मुंबई  इंग्लैंड की क्रिकेट लीग ‘द हंड्रेड’ में भारतीय कंपनी सन ग्रुप के स्वामित्व वाली फ्रेंचाइजी के पाकिस्तानी खिलाड़ी को खरीदने का मामला शांत नहीं हुआ है। सनराइजर्स लीड्स ने हाल में हुई नीलामी में अबरार अहमद को खरीदा था। इस पर भारत में सोशल मीडिया पर काफी तीखी प्रतिक्रिया सामने आई। अब महान क्रिकेटर सुनील गावस्कर ने कहा है कि तीखी प्रतिक्रियाएं स्वाभाविक हैं। उन्होंने सनराइजर्स लीड्स के कदम की बेहद तल्ख शब्दों में आलोचना की है। गावस्कर ने कहा है कि पाकिस्तानी क्रिकेटरों को दी गई फीस भारतीयों की मौत में योगदान देना है। काव्या मारन सनराइजर्स लीड्स की सह-मालकिन हैं। द हंड्रेड की नीलामी में उनकी फ्रेंचाइजी ने पाकिस्तानी स्पिनर अबरार अहमद को 1 लाख 90 हजार पाउंड में खरीदा जो भारतीय रुपये में करीब 2.3 करोड़ है। इतना ही नहीं, सनराइजर्स के कोच डेनियल वेटोरी ने नीलामी के बाद ये भी कहा कि पाकिस्तान के एक और स्पिनर उस्मान तारिक भी फ्रेंचाइजी के रेडार पर थे। सुनील गावस्कर ने मिड-डे के लिए अपने कॉलम में लिखा है, ‘द हंड्रेड में एक भारतीय ओनर की फ्रेंचाइजी द्वारा पाकिस्तानी खिलाड़ी को खरीदने पर मचा हंगामा बिल्कुल भी हैरान नहीं करता। जब से नवंबर 2008 में मुंबई हमला हुआ, भारतीय फ्रेंचाइजी ओनर्स ने आईपीएल में पाकिस्तानी खिलाड़ियों को नजरअंदाज किया। देरी से ही सही, यह असहास हुआ कि किसी पाकिस्तानी खिलाड़ी को दी जाने वाली फीस, अप्रत्यक्ष तौर पर भारतीय सैनिकों और आम नागरिकों की मौत में योगदान देना है। पाकिस्तानी खिलाड़ी खुद को मिले पैसे पर अपनी सरकार को इनकम टैक्स देते हैं। उससे हथियार और बारूद खरीदे जाते हैं। इसी वजह से भारतीय संस्थाओं ने पाकिस्तानी कलाकारों और स्पोर्ट्सपर्सन को बुलाना बंद कर दिया।’ गावस्कर ने आगे लिखा है, ‘कोई भारतीय संस्था या उसकी कोई ओवरसीज सब्सिडियरी जो पेमेंट कर रही है, अगर मालिक भारतीय है तब वह भारतीयों के हताहत होने में योगदान कर रहा/रही है। यह बहुत ही सामान्य बात है। द हंड्रेड की टीम के कोच डेनियल वेटोरी न्यूजीलैंड से हैं। वह शायद इस सामान्य सी बात को नहीं समझ पाए होंगे, इसलिए वह अपनी टीम में कुछ पाकिस्तानी खिलाड़ियों को चाहते थे। लेकिन ओनर को हालात की समझ होनी चाहिए और उन्हें इस खरीद को हतोत्साहित करना चाहिए था। क्या एक ऐसे फॉर्मेट के टूर्नामेंट को जीतना जिसे कोई दूसरा देश नहीं खेलता, भारतीयों की जान से ज्यादा महत्वपूर्ण है।’ आईपीएल की 2008 में जब शुरुआत हुई तब पाकिस्तानी खिलाड़ी भी उसमें खेले थे। उसी साल नवंबर को मुंबई में पाकिस्तान से आए आतंकियों ने भीषण हमला किया था। मुंबई आतंकी हमले के बाद आईपीएल में पाकिस्तानी खिलाड़ियों के खेलने पर रोक लग गई। उसके 11 साल बाद 2019 में पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले में आत्मघाती हमला हुआ था। अभी पिछले साल पहलगाम में पाकिस्तानी आतंकियों ने धर्म पूछकर सैलानियों की बर्बर हत्या की थी।

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet