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CG बजट में आम जनता और सरकारी कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले, पेट्रोल सस्ता, DA में इजाफा

रायपुर छत्तीसगढ़ सरकार ने बजट में जनता को राहत देने वाले कई अहम फैसले किए हैं। पेट्रोल की कीमत में ₹1 प्रति लीटर की कमी की गई है, जिससे आम लोगों, किसानों और उद्योगों को लाभ होगा। इसके पहले सरकार ने थोक में डीजल खरीदी पर वैट घटाकर 17% कर दिया था, जिससे परिवहन और कृषि कार्यों की लागत में कमी आई है। वहीं, राज्य के सरकारी कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (डीए) में 3% की बढ़ोतरी की गई है, जो मार्च से लागू होगी। छत्तीसगढ़ का बजट (Chhattisgarh Budget 2025) सोमवार को पेश किया गया और सरकार ने इस में कई बड़े ऐलान किए हैं. विष्णुदेव साय की सरकार में वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने इस दौरान राज्य में पेट्रोल के दाम कम (Petrol Price Cut) किए जाने का ऐलान किया. उन्होंने बताया कि राज्य सरकार की ओर से पेट्रोल की कीमत में प्रति लीटर 1 रुपये की कटौती की गई है पेट्रोल और डीजल सस्ता होने से ट्रैक्टर, पंप सेट और अन्य कृषि यंत्रों की लागत घटेगी, जिससे किसानों का मुनाफा बढ़ेगा। इसके अलावा, चावल मिल, गन्ना फैक्ट्री और अन्य कृषि आधारित उद्योगों के लिए परिवहन और उत्पादन खर्च कम होगा, जिससे आवश्यक वस्तुएं सस्ती हो सकती हैं। महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी से सरकारी कर्मचारियों की आय बढ़ेगी, जिससे उनकी क्रय शक्ति और बाजार में मांग बढ़ेगी। सरकार का यह फैसला आम जनता, किसानों और व्यापारियों के लिए राहत लेकर आया है और इससे राज्य की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।  छत्तीसगढ़ बजट की बड़ी बातें     सरकारी कर्मचारियों के लिए नया पेंशन फंड पहली बार छत्तीसगढ़ सरकार ने “पेंशन फंड” बनाया है, ताकि सभी सरकारी कर्मचारियों की पेंशन सुरक्षित रहे। साथ ही, देश में पहली बार “छत्तीसगढ़ ग्रोथ एंड स्टेबिलिटी फंड” बनाया जा रहा है, जिससे राज्य की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। अब हर गांव में मोबाइल टॉवर और पब्लिक बसें गांवों में रहने वाले कई लोगों को फोन नेटवर्क नहीं मिलता। सरकार अब “मुख्यमंत्री मोबाइल टॉवर योजना” लेकर आई है, जिससे जंगलों और पहाड़ों में बसे गांवों में भी मोबाइल का नेटवर्क मिलेगा। इससे बच्चे ऑनलाइन पढ़ाई कर सकेंगे और लोग अपने रिश्तेदारों से आसानी से बात कर सकेंगे। इसके अलावा, कुछ गांवों में पब्लिक बसें नहीं चलतीं, क्योंकि वहाँ रहने वाले लोग कम होते हैं। अब सरकार “मुख्यमंत्री परिवहन योजना” के तहत ऐसी जगहों पर भी बसें चलाने जा रही है, ताकि गांव से ब्लॉक और जिला मुख्यालय तक लोग आसानी से आ-जा सकें। शहरों का मेकओवरः नए अस्पताल, कॉलेज और मेट्रो छत्तीसगढ़ के शहरों को और सुंदर और आधुनिक बनाने के लिए सरकार कई बड़े प्रोजेक्ट्स ला रही है:     -नवा रायपुर में “मेडिसिटी” एक ऐसा शहर जहाँ सबसे अच्छे अस्पताल होंगे।     -“एजुकेशन सिटी” यहाँ हर तरह की पढ़ाई के लिए बड़े कॉलेज और यूनिवर्सिटी बनाई जाएंगी।     -राष्ट्रीय फैशन टेक्नोलॉजी संस्थान (NIFT) जो बच्चे फैशन डिजाइनिंग सीखना चाहते हैं, उनके लिए एक खास कॉलेज खुलेगा।     -रायपुर-दुर्ग मेट्रो- अब बड़े शहरों में मेट्रो ट्रेन का सर्वे किया जाएगा, ताकि भविष्य में मेट्रो सेवा शुरू हो सके। सुरक्षा और पर्यटनः नई योजनाएं     -NSG की तर्ज पर “स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप” (SOG) यह एक खास पुलिस टीम होगी, जो खतरनाक अपराधियों से निपटेगी।     -अब राज्य में “राज्य औद्योगिक सुरक्षा बल (SISF)” का गठन होगा, जो CISF की तर्ज पर काम करेगा। इससे राज्य में उद्योगों और महत्वपूर्ण संस्थानों की सुरक्षा मजबूत होगी।     -छत्तीसगढ़ का पहला “आइकॉनिक टूरिज्म डेस्टिनेशन” रही है, जहाँ जंगल, पानी और वाइल्डलाइफ का मज़ा मिलेगा! सरकार 200 करोड़ रुपये खर्च करके नया पर्यटन स्थल बनाने जा रही है। पत्रकारों के लिए सरकार ने किया बड़ा फैसला -पत्रकारों की एक्सपोजर विजिट के लिए बजट     -पत्रकार संघ के दफ्तरों के नवीनीकरण के लिए पैसे     -पत्रकार सम्मान निधि दोगुनी कर दी गई है! गाँव-गाँव तक चमकेंगी पक्की सड़कें अब गांवों की सड़कें और मजबूत और बेहतर होंगी। इसके लिए –     -प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के लिए ₹845 करोड़     -जनजातीय क्षेत्रों की सड़कें ₹500 करोड़     -मुख्यमंत्री ग्रामीण सड़क योजना – ₹119 करोड़     -मुख्यमंत्री रिंग रोड योजना शुरू की जाएगी, इसके लिए 100 करोड़ का प्रावधान     -नई सड़कों के निर्माण के लिए 2000 करोड़ का प्रावधान। शहर और गाँव दोनों होंगे स्मार्ट     -नगर पालिकाओं का विकास ₹750 करोड़ (हर शहर को और सुंदर बनाया जाएगा)     -नगर निगमों में सुनियोजित विकास के लिए मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना शुरू की जाएगी, 500 करोड़ का प्रावधान     -नई फायर स्टेशन्स के लिए ₹44 करोड़ (सुरक्षा व्यवस्था होगी मजबूत)     -मुख्यमंत्री गृह प्रवेश सम्मान योजना के लिए 100 करोड़ का प्रावधान बस्तर-सरगुजा में पर्यटन और एडवेंचर की दुनिया अगर आप एडवेंचर के शौकीन हैं या घर से दूर प्रकृति के करीब रहना चाहते हैं, तो सरकार ने आपके लिए बस्तर और सरगुजा में होमस्टे पॉलिसी लागू की है। अब यहां आने वाले पर्यटक गांवों में रहकर स्थानीय संस्कृति और खानपान का अनुभव ले सकेंगे। इसके अलावा, जशपुर में एडवेंचर टूरिज्म और टूरिज्म सर्किट विकसित किया जाएगा, जिससे वहां आने वाले लोगों को और भी मजा आएगा। नालंदा लाइब्रेरी और विज्ञान पार्कः छात्रों के लिए नया तोहफा छात्रों की पढ़ाई को और रोचक बनाने और उन्हें प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी हेतु अनुकूल माहौल देने के लिए 17 और “नालंदा लाइब्रेरी” खोली जाएंगी। यही नहीं, विज्ञान में रुचि रखने वाले बच्चों के लिए बस्तर और सरगुजा में मोबाइल साइंस लैब शुरू की जाएगी और साइंस पार्क की स्थापना सरगुजा, बस्तर, बलरामपुर, जशपुर और रायगढ़ में होगी। अब बच्चों को किताबों से बाहर निकलकर विज्ञान को प्रयोगों के माध्यम से सीखने का मौका मिलेगा। कृषि और डिजिटल तकनीक का संगम अब किसानों को भी डिजिटल सुविधा मिलेगी! भूमि अभिलेखों (Land Records) के डिजिटलीकरण और डिजिटल क्रॉप सर्वे के लिए विशेष फंड दिया गया है। इससे किसानों को अपनी जमीन से जुड़ी जानकारी तुरंत मोबाइल या कंप्यूटर पर मिल सकेगी। स्वास्थ्य सुविधाओं में बड़ा सुधार राज्य के गरीब और निःसंतान दंपतियों के लिए रायपुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में ART सुविधा शुरू की जाएगी। इसके साथ ही, सरकारी अस्पतालों में MRI और CT स्कैन मशीनों के लिए भी बजट रखा गया है, ताकि मरीजों को अच्छी चिकित्सा सुविधा मिल सके। सभी ब्लॉकों में सिकल सेल … Read more

महिला स्टेशन मास्टर को शादी का झांसा देकर होटल में किया दुष्कर्म, मामला दर्ज

बिलासपुर शादी का झांसा देकर महिला स्टेशन मास्टर से दुष्कर्म करने का मामला सामने आया है. पीड़िता ने नागपुर रेल मंडल में कार्यरत स्टेशन मास्टर अनमोल घनश्याम वाकोडिकर के खिलाफ मामला दर्ज कराया है. तारबाहर पुलिस रिपोर्ट दर्ज कर जांच में जुट गई है. जानकारी के मुताबिक, पीड़िता महिला स्टेशन मास्टर रायगढ़ क्षेत्र की रहने वाली है. आरोपी अनमोल घनश्याम वाकोडिकर नागपुर रेल मंडल में स्टेशन मास्टर के पद पर पदस्थ है. कार्य के दौरान दोनों की मुलाकात हुई और जान-पहचान बढ़ने के बाद दोनों की दोस्ती प्रेम में बदल गई. इस बीच अनमोल ने मुलाकात करने के लिए पीड़िता को बिलासपुर बुलाया, जहां सीएमडी चौक स्थित एक होटल में दोनों की मुलाकात हुई. इस दौरान आरोपी अनमोल ने शादी करने का झांसा देकर पीड़िता के साथ दुष्कर्म किया. पीड़िता ने आरोपी से शादी करने के लिए कहा, तो उसने इंकार कर दिया. जिसके बाद महिला तारबाहर थाने पहुंची और रिपोर्ट दर्ज करवाई. तारबाहर पुलिस अपराध दर्ज कर जांच में जुटी है.

कृष्णा पब्लिक स्कूल की तेज रफ्तार बस पलटी, टला बड़ा हादसा, बच्चे नहीं थे सवार

रायपुर राजधानी में आज स्कूली बच्चों के साथ बड़ा हादसा होते होते टला. कृष्णा पब्लिक स्कूल की बस विधानसभा रोड पर पलट गई. बस तेज रफ्तार में थी और स्कूली बच्चों को पिक (लेने) करने जा रही थी, इसी दौरान ड्राइवर ने बस पर नियंत्रण खो दिया, जिससे बस अनियंत्रित होगई और पेड़ से टकराकर वहीं पलट गई. राहत की बात यह रही कि स्कूल बस में कोई बच्चे सवार नहीं थे, केवल ड्राइवर और कंडक्टर ही सवार थे. वरना कोई बड़ी अनहोनी भी हो सकती थी. वहीं इस दुर्घटना ने स्कूली बच्चों की सुरक्षित यात्रा पर सवाल खड़े कर दिए हैं. देखना यह होगा कि स्कूल प्रशासन इस मामले में क्या एक्शन लेता है.

फार्मा, रियल एस्टेट और आईटी क्षेत्र के प्रतिनिधियों ने की मुख्यमंत्री से मुलाकात

रायपुर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ औद्योगिक विकास और नव उद्यमिता के लिए अपार संभावनाओं से भरा राज्य है। यह राज्य वन, खनिज और ऊर्जा संसाधनों से समृद्ध है और बिजली उत्पादन में सरप्लस राज्यों में शामिल है। इन संसाधनों के चलते यहाँ उद्योगों की स्थापना के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध है। सरकार निवेशकों और नव उद्यमियों को हरसंभव सहयोग प्रदान कर रही है, ताकि प्रदेश में आर्थिक विकास और रोजगार के नए अवसरों को प्रोत्साहित किया जा सके। उन्होंने राजधानी स्थित अपने निवास कार्यालय में फार्मा, रियल एस्टेट और आईटी क्षेत्र के प्रतिनिधियों से चर्चा के दौरान यह बात कही। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, सचिव डॉ. बसवराजू एस., पी. दयानंद, राहुल भगत, उद्योग सचिव रजत कुमार और प्रबंध संचालक विश्वेष झा उपस्थित थे। नई औद्योगिक नीति 2024-30 से उद्योग स्थापना होगी आसान मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में नई औद्योगिक विकास नीति 2024-30 लागू की गई है, जिससे निवेशकों के लिए उद्योग स्थापित करना पहले से अधिक सरल और सुविधाजनक हो गया है। इसके तहत ऑनलाइन आवेदन और त्वरित प्रोसेसिंग की व्यवस्था की गई है, जिससे निवेश प्रक्रिया पारदर्शी और तेज़ बनी है। इसके अतिरिक्त, ‘सिंगल विंडो 2.0’ प्रणाली लागू की गई है, जिससे सभी आवश्यक स्वीकृतियाँ आसानी से मिल रही हैं और निवेशकों को किसी तरह की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ रहा है। नए औद्योगिक पार्क से निवेश को मिलेगा बढ़ावा मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार नए औद्योगिक पार्कों की स्थापना कर रही है, जिससे उद्योगपतियों को आवश्यक बुनियादी ढाँचा और संसाधन उपलब्ध होंगे। इससे नव उद्यमियों को भी सशक्त वातावरण मिलेगा, जिससे वे अपनी व्यावसायिक यात्रा को मजबूती से आगे बढ़ा सकें। इस पहल से न केवल औद्योगिक इकाइयों की संख्या बढ़ेगी, बल्कि प्रदेश में रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। छत्तीसगढ़ में रिकॉर्ड निवेश प्रस्ताव, पहली बार सेमीकंडक्टर और एआई सेक्टर को बढ़ावा मुख्यमंत्री साय ने बताया कि नई औद्योगिक नीति लागू होने के बाद अब तक छत्तीसगढ़ को 1.23 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं। प्रदेश में एआई, आईटी, डाटा सेंटर, फार्मास्युटिकल, रियल एस्टेट और रोबोटिक्स जैसे सेक्टरों को विशेष प्रोत्साहन दिया गया है। इसके परिणामस्वरूप, छत्तीसगढ़ में पहली बार सेमीकंडक्टर, डाटा सेंटर और एआई आधारित उद्योगों की स्थापना के लिए निवेश प्रस्ताव मिले हैं, जो प्रदेश के औद्योगिक विकास में एक बड़ा मील का पत्थर साबित होंगे। औद्योगिक निवेश को लेकर सकारात्मक संवाद मुख्यमंत्री साय ने बैठक के दौरान उद्योग जगत के प्रतिनिधियों को आश्वस्त किया कि छत्तीसगढ़ सरकार उद्यमियों को हरसंभव सहायता प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश की औद्योगिक नीति स्पष्ट, पारदर्शी और निवेशक-अनुकूल हैं, जिससे देश-विदेश के उद्योगपतियों को छत्तीसगढ़ में व्यापार स्थापित करने के लिए आवश्यक सुविधाएं दी जा रही हैं। मुख्यमंत्री साय ने निवेशकों को आमंत्रित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार उनके व्यापार को सफल बनाने में हरसंभव सहयोग देगी। राज्य की नई औद्योगिक पहल प्रदेश को आर्थिक प्रगति और नवाचार के नए दौर में ले जाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इस अवसर पर कई प्रतिष्ठित उद्यमियों और निवेशकों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई, जिनमें प्रमुख रूप से मैनकाइंड फार्मा से गौरव चौहान, एम्बेसी रीट के सीईओ विकास खडोलिया, यूअरस्टोरी की संस्थापक श्रद्धा शर्मा और मायट्री स्कूल ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप के फाउंडर रोहित कश्यप शामिल थे।

नगर सरकार ‘अटल विश्वास पत्र’ में किए गए सभी वादों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

रायपुर नगर पालिक निगम अंबिकापुर के नवनिर्वाचित महापौर एवं पार्षदों का शपथ ग्रहण समारोह आज अंबिकापुर में पीजी कॉलेज हॉकी स्टेडियम में संपन्न हुआ। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह की उपस्थिति में कलेक्टर विलास भोसकर ने महापौर श्रीमती मंजूषा भगत और पार्षदों को 8-8 के समूह में शपथ दिलाई। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि नगर निगम अंबिकापुर का यह शपथ ग्रहण समारोह जनता के विश्वास, लोकतांत्रिक मूल्यों और नगर के विकास के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक है।नगर सरकार ‘अटल विश्वास पत्र’ में किए गए सभी वादों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।उन्होंने कहा कि जनता ने जिस विश्वास के साथ महापौर और पार्षदों को चुना है, वे उस पर खरा उतरेंगे।  उन्होंने कहा कि अंबिकापुर को स्वच्छ, स्मार्ट और समृद्ध नगर बनाने के लिए सभी को एकजुट होकर काम करना होगा। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने नव निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को शुभकामनाएँ देते हुए नगर के विकास में पारदर्शिता और प्रभावी प्रशासन पर जोर दिया। इस अवसर पर कृषि मंत्री राम विचार नेताम, सरगुजा सांसद चिंतामणि महाराज, अंबिकापुर विधायक राजेश अग्रवाल, लुण्ड्रा विधायक प्रबोध मिंज, छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष विश्व विजय सिंह तोमर सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

बस्तर क्षेत्र अब नई संभावनाओं और उपलब्धियों की ओर अग्रसर – मुख्यमंत्री साय

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि अबूझमाड़ पीस हाफ मैराथन सिर्फ एक खेल आयोजन नहीं है, बल्कि यह बस्तर की समृद्ध संस्कृति, शांति और विकास का प्रतीक बन चुका है। इस प्रतिष्ठित मैराथन में देश-विदेश के हजारों धावकों ने भाग लिया और अमन, चैन और खुशहाली का स्पष्ट संदेश दिया। उन्होंने कहा कि यह आयोजन न केवल क्षेत्रीय खेल प्रतिभाओं को बढ़ावा देता है, बल्कि सामाजिक समरसता और सौहार्द को भी मजबूत करता है। मुख्यमंत्री साय ने इस आयोजन को बस्तर क्षेत्र के लिए गौरवपूर्ण क्षण बताते हुए कहा कि राज्य सरकार के प्रयासों से बस्तर में शांति और विकास की नई राह खुली है।इससे पहले, बस्तर ओलंपिक में भी 1 लाख 65 हजार से अधिक प्रतिभागियों की ऐतिहासिक भागीदारी देखी गई थी, जिससे यह स्पष्ट होता है कि बस्तर क्षेत्र अब नई संभावनाओं और उपलब्धियों की ओर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार क्षेत्रीय प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है और यह आयोजन उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। मुख्यमंत्री साय ने इस आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि खेल और विकास के माध्यम से बस्तर क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव आ रहा है। अबूझमाड़ पीस हाफ मैराथन न केवल एक खेल आयोजन है, बल्कि यह बस्तर में शांति और सद्भाव के संदेश को भी मजबूती प्रदान कर रहा है। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में इस आयोजन को और भव्य बनाया जाएगा ताकि यह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बस्तर की पहचान बने। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि अबूझमाड़ पीस हाफ मैराथन न केवल खेल के प्रति जागरूकता को बढ़ाता है, बल्कि स्थानीय युवाओं को खेल के माध्यम से नए अवसर प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बस्तर की सकारात्मक छवि को स्थापित करने में सहायक होगा। मुख्यमंत्री ने इस भव्य आयोजन में भाग लेने वाले सभी धावकों को शुभकामनाएँ दीं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। हजारों धावकों की ऐतिहासिक भागीदारी, विजेताओं को मिले आकर्षक पुरस्कार नारायणपुर जिले में आयोजित अबूझमाड़ पीस हाफ मैराथन 2025  में 11 हजार से अधिक धावकों ने भाग लिया, जिसमें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय धावकों की शानदार प्रतिस्पर्धा देखने को मिली। इस मैराथन में उत्तर प्रदेश के अक्षय कुमार ने पुरुष वर्ग में और इथियोपिया की हिवेत जेब्रीवाहिद ने महिला वर्ग में बाजी मारी। पुरुष 21 किमी वर्ग में अक्षय कुमार (उत्तर प्रदेश) ने 01 घंटा 02 मिनट 15 सेकंड में दौड़ पूरी कर पहला स्थान प्राप्त किया, जबकि महिला 21 किमी वर्ग में इथियोपिया की हिवेत जेब्रीवाहिद ने 01 घंटा 13 मिनट 01 सेकंड में दौड़ पूरी कर जीत दर्ज की। 10 किमी और 5 किमी वर्ग में भी रोमांचक प्रतिस्पर्धा रही, जहां उत्तर प्रदेश की अमृता पटेल और सूरजपुर की सोनिका राजवाड़े ने क्रमशः 10 किमी और 5 किमी महिला वर्ग में पहला स्थान प्राप्त किया। पुरुष 10 किमी वर्ग में उत्तर प्रदेश के मोनू कुमार और 5 किमी वर्ग में स्थानीय धावकों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। विजेताओं को मिले आकर्षक पुरस्कार और सम्मान प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त विजेताओं को 1.5 लाख रुपये, द्वितीय स्थान प्राप्त विजेताओं को 1 लाख रुपये और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विजेताओं को 75 हजार रुपये का पुरस्कार दिया गया। शीर्ष 10 स्थान प्राप्त करने वालों को भी पुरस्कार दिया गया। स्थानीय प्रतिभाओं को भी 5-5 हजार रुपये की नकद राशि देकर सम्मानित किया गया। मैराथन का शुभारंभ संसदीय कार्य, वन एवं जलवायु परिवर्तन, जल संसाधन, कौशल विकास एवं सहकारिता मंत्री केदार कश्यप, सांसद महेश कश्यप और धरसींवा विधायक अनुज शर्मा ने किया। कार्यक्रम में बस्तर आईजी सुंदरराज पी, कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाई, वरिष्ठ अधिकारीगण, जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी एवं हजारों दर्शक उपस्थित थे।

रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया सहकारिता विभाग के वार्षिक कैलेंडर का विमोचन

रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया सहकारिता विभाग के वार्षिक कैलेंडर का विमोचन “सहकार से समृद्धि” की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय में सहकारिता विभाग की गतिविधियों पर आधारित वार्षिक कैलेंडर का विमोचन किया। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री अरुण साव, विजय शर्मा, सहकारिता मंत्री केदार कश्यप सहित सभी कैबिनेट मंत्रीगण उपस्थित थे। मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर सहकारिता विभाग के अधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि “सहकार से समृद्धि” के मूलमंत्र पर आधारित यह कैलेंडर राज्य सरकार द्वारा सहकारिता के क्षेत्र में किए जा रहे नवाचारों और उपलब्धियों का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि जनकल्याणकारी योजनाओं में सहकारिता की भागीदारी छत्तीसगढ़ को समृद्धि और विकास के नए आयामों तक ले जाएगी। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सहकारिता को मिली मान्यता मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा वर्ष 2025 को ‘अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष’ घोषित किया गया है। इसी परिप्रेक्ष्य में, भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय द्वारा “सहकार से समृद्धि” अभियान के तहत विविध गतिविधियाँ पूरे छत्तीसगढ़ में आयोजित की जा रही हैं। वार्षिक कैलेंडर में समाहित योजनाएँ एवं कार्ययोजना सहकारिता विभाग के इस वार्षिक कैलेंडर में ग्राम, जिला एवं प्रदेश स्तर पर संचालित विभिन्न गतिविधियों को शामिल किया गया है। इन गतिविधियों में धान खरीदी एवं भंडारण प्रक्रिया का विस्तार, प्रधानमंत्री जन औषधि स्टोर एवं कॉमन सर्विस सेंटर की स्थापन,  विश्व स्तर पर विशाल अन्न भंडारण के लिए नवीन गोदामों का निर्माण, किसानों को एटीएम कार्ड प्रदान करना एवं पैक्स में माइक्रो एटीएम के माध्यम से भुगतान सुविधा, नवीन पैक्स सोसाइटी, डेयरी एवं मत्स्य सहकारी समितियों का पंजीयन एवं सशक्तिकरण के सम्बन्ध में जानकारी दी गई है। वार्षिक कैलेंडर के विमोचन के साथ राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ को सहकारिता आधारित आर्थिक विकास की दिशा में आगे ले जाने का एक और मजबूत कदम उठाया है। मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर सहकारिता विभाग को बधाई देते हुए आशा व्यक्त की कि यह पहल राज्य के सहकारी तंत्र को और अधिक प्रभावी, पारदर्शी एवं लाभदायक बनाएगी। इस अवसर पर मुख्य सचिव अमिताभ जैन, अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू, सहकारिता सचिव डॉ. सी. आर. प्रसन्ना, आयुक्त सहकारिता एवं पंजीयक सहकारी संस्थाएँ  कुलदीप शर्मा, अपर आयुक्त सहकारिता एवं प्रबंध संचालक अपेक्स बैंक एल. कांडे सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। इसके अलावा, सहायक पंजीयक मनीष खोबरागड़े, अपेक्स बैंक के प्रबंधक अभिषेक तिवारी, लेखा अधिकारी प्रभाकर कांत यादव सहित विभाग के कई गणमान्य अधिकारी इस अवसर पर उपस्थित थे।

रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद् की 24वीं बैठक 3 मार्च को

रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ मंत्रिपरिषद् की 24वीं बैठक सोमवार, 3 मार्च 2025 को दोपहर 12:00 बजे आयोजित की जाएगी। यह बैठक छत्तीसगढ़ विधानसभा स्थित  मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रतिकक्ष में होगी।

नक्सलियों संगठनों के पास सिर्फ 14 नक्सली कमांडर बचे, नक्सलवाद मुक्त करने का लक्ष्य हो रहा पूरा : आईजी पी सुंदरराज

रायपुर छत्तीसगढ़ में माओवादियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई हो रही है। मार्च 2026 तक को नक्सलवाद मुक्त करने का लक्ष्य रखा गया है। माओवादियों के खात्मे के लिए केंद्र सरकार टारगेट के 365 दिन की उल्टी गिनती शुरू हो गई है। बस्तर के आईजी पी सुंदरराज के अनुसार, नक्सलियों संगठनों के पास सिर्फ 12 से 14 नक्सली कमांडर बचे हैं। बस्तर में नक्सलियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई हो रही है। जिस कारण से नक्सली संगठन कमजोर पड़ रहे हैं। आईजी पी सुंदरराज ने बताया- “जनवरी 2024 से अब तक 300 से ज़्यादा माओवादी मारे जा चुके हैं, ऐसे में बस्तर संभाग में बमुश्किल 400 हथियारबंद कैडर बचे हैं। उन्होंने कहा कि माओवादियों की सेंट्रल कमेटी भी काफी कमजोर हो गई है और उसके पास सिर्फ 12-14 एक्टिव कमांडर बचे हैं। ये संख्याएं सुरक्षा एजेंसियों को भरोसा दिलाती हैं कि वे मार्च 2026 तक नक्सलवाद को खत्म करने के केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के संकल्प को पूरा करने में सक्षम होंगी।” केवल 1200 नक्सलवादी बचे आईजी ने कहा कि बस्तर संभाग में अब केवल 1,200 माओवादी बचे हैं। उनके लिए हिंसा छोड़कर आत्मसमर्पण करने या सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ का दरवाज़ा खुला है। 2021 से अब तक 385 नक्सलियों के मारे जाने के बाद, बस्तर में लगभग 400 नियमित सशस्त्र कैडर बचे हैं। बाकी 700-800 मिलिशिया पुरुष हैं जो सपोर्ट सिस्टम के रूप में काम करते हैं, वे चेतना नाट्य मंच और दंडकारण्य आदिवासी किसान मजदूर संघ जैसे सांस्कृतिक विंग के सदस्य हैं। सेंट्रल कमेटी भी सिकुड़ रही है। हमारी मुख्य चिंता- वर्दीधारी लोग हैं, जो ज़्यादातर PLGA संरचनाओं और बटालियन 1 के वरिष्ठ स्तर के कैडर हैं। हिडमा करता है नेतृत्व बटालियन 1 का नेतृत्व खूंखार माओवादी कमांडर हिडमा कर रहा है। जिसका गृह क्षेत्र अब सुरक्षा बलों के कब्जे में है। हिडमा के गांव में पुलिस कैंप की स्थापना की गई है। वहीं, सड़क, पानी और बिजली जैसी बुनियादी जरूरतें पूरी हो रही हैं। पुलिस के अनुसार, पिछले चार सालों में कई सेंट्रल कमेटी के सदस्य उम्र संबंधी बीमारियों के कारण मर चुके हैं या गिरफ़्तार किए गए हैं। जो बचे हैं वे भी नक्सलियों के खात्मे के साथ अपने आप खत्म हो जाएंगे। सुंदरराज ने कहा कि मिलिशिया के सदस्य अक्सर पीएलजीए के कट्टर कार्यकर्ताओं की तरह ही खतरनाक साबित होते हैं, लेकिन ध्यान उन्हें मुख्यधारा में लाने पर है, क्योंकि वे ‘जिसका दम उसके हम’ वाक्यांश को समझते हैं। आईजी ने कहा, “उन्हें एहसास है कि उन्हें एक उपकरण के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। एक बार जब वे बाड़ के इस तरफ आ जाते हैं, तो वे केवल विकास और सुविधाएँ चाहते हैं। हालांकि, सुरक्षा विशेषज्ञों ने टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया कि ये संख्याएं केवल एक धारणा है और नक्सलियों की सटीक संख्या बताना संभव नहीं है। “निश्चित रूप से, माओवादियों को हाल ही में भारी नुकसान हुआ है और वे कगार पर पहुंच गए हैं। उनकी आक्रामकता लगभग समाप्त हो गई है, फिर भी आगे एक लंबी लड़ाई है।” प्रभुत्व का क्षेत्र कम हुआ पी सुंदरराज ने कहा- अगर अगले साल नक्सलवाद वास्तव में खत्म हो जाता है, तो कोई भी गारंटी नहीं दे सकता है कि 31 मार्च, 2026 के बाद कोई हिंसा नहीं होगी, लेकिन नक्सलियों को खत्म करने के पूरे अभियान का फोकस एक बिंदु एजेंडे पर आधारित नहीं है। उनके प्रभुत्व का क्षेत्र कम हो गया है, उनकी ताकत पहले जैसी नहीं रही, सुरक्षा शिविर लोगों की चाहत के मुताबिक विकास ला रहे हैं, इसलिए हमें वांछित लक्ष्य तक पहुंचने की उम्मीद है।”

मुख्यमंत्री साय की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक में लिए गए अनेक महत्वपूर्ण निर्णय

रायपुर वर्ष 2025-26 की आबकारी नीति वर्ष 2024-25 की भांति होगी। वित्तीय वर्ष 2025-26 में 674 मदिरा दुकानें तथा आवश्यकता अनुसार प्रीमियम मदिरा दुकानें संचालित करने का निर्णय भी यथावत् रखा गया है। देशी मदिरा की आपूर्ति पूर्ववत् रेट ऑफर प्रभावी रहेगा। विदेशी मदिरा थोक क्रय, वितरण छत्तीसगढ़ स्टेट बेवरेजेस कार्पाेरेशन लिमिटेड द्वारा होगा। मदिरा पर लागू अधोसंरचना विकास शुल्क यथावत् रहेगा। विदेशी मदिरा फुटकर दुकानों पर 9.5 प्रतिशत की दर से लगने वाला अतिरिक्त आबकारी शुल्क समाप्त होगा। मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ लोक परिसर (बेदखली) (संशोधन) विधेयक-2025 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया। मंत्रिपरिषद द्वारा ईज ऑफ डुइंग बिजनेस के हित को देखते हुए ई-प्रोक्योरमेंट के लिए गठित सशक्त समिति को समाप्त करने का निर्णय लिया। चूंकि वर्तमान में पीएफआईसी द्वारा 100 करोड़ रूपए से उपर की परियोजनाएं स्वीकृत किए जा रहे हैं। बड़ी आईटी परियोजनाओं के संबंध में पहले से सशक्त समिति अनुमोदन की अनिवार्यता होने से अनुमोदन प्रक्रिया का डुप्लिकेशन होता है। इस कारण सशक्त समिति को समाप्त करने का निर्णय लिया। छत्तीसगढ़ राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में लंबित प्रकरणों के त्वरित निराकरण और उपभोक्ता मामलों की समयबद्ध सुनवाई के लिए सदस्य का एक नवीन पद सृजित करने का निर्णय लिया गया। खरीफ विपणन वर्ष 2022-23, 2023-24 एवं 2024-25 के समर्थन मूल्य योजना में धान एवं चावल परिवहन की दर के लिए गठित राज्य स्तरीय समिति की अनुशंसा दर को स्वीकृत करने का निर्णय लिया गया। छत्तीसगढ़ श्रम विधियां संशोधन एवं विविध प्रकीर्ण उपबंध विधेयक-2025 के माध्यम से कारखाना अधिनियम-1948, औद्योगिक विवाद अधिनियम-1947 तथा ट्रेड यूनियन अधिनियम-1976 में संशोधन के प्रारूप का अनुमोदन किया गया। रजिस्ट्रीकरण अधिनियम-1908 (छत्तीसगढ़ संशोधन) विधेयक-2025 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया। रजिस्ट्री ऑफिसों के नियमित रूप से संचालन के लिए वाणिज्यिक कर (पंजीयन) विभाग में उप पंजीयक के पदोन्नति श्रेणी के रिक्त 9 पदों की पूर्ति के लिए पांच वर्ष की अर्हकारी सेवा में एक बार के लिए छूट प्रदान करने का निर्णय लिया गया।   राज्य में 01 नवम्बर 2024 से औद्योगिक विकास नीति 2024-30 प्रभावशील है। इसे और अधिक प्रभावी बनाने के लिए वाणिज्य एवं उद्योग विभाग द्वारा छत्तीसगढ़ शासन भण्डार क्रय नियम-2002 में प्रस्तावित संशोधन के प्रारूप का अनुमोदन किया गया। छत्तीसगढ़ सरकार एवं व्यक्ति विकास केन्द्र इंडिया (द आर्ट ऑफ लिविंग) के मध्य आजीविका सृजन एवं ग्रामीण छत्तीसगढ़ का कल्याण विषयक एमओयू के लिए राज्य सरकार के सुशासन एवं अभिसरण विभाग को अधिकृत किया गया।

वित्त मंत्री चौधरी बोले- सरकार का यह बजट छत्तीसगढ़ को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा

रायपुर छत्तीसगढ़ में कल यानी सोमवार 3 मार्च को मुख्य बजट पेश होने से पहले वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने आज महत्वपूर्ण प्रेसवार्ता की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का दूसरा बजट छत्तीसगढ़ को नई ऊंचाइयों पर ले जाने वाला होगा। सरकार को लगभग सवा साल हो गया है, कल साय सरकार का दूसरा बजट पेश किया जाएगा, जो छत्तीसगढ़ के विकास को गति देने वाला होगा। पिछली बार की तुलना में इस बार बजट का आकार बड़ा होगा। PCC चीफ के बयान पर किया पलटवार कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज द्वारा बजट को ‘बर्बादी का बजट’ बताए जाने पर वित्त मंत्री ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि “बजट आने से पहले ही विपक्ष आलोचना कर रहा है। कांग्रेस की सोच हमेशा नकारात्मक रही है।” वित्त मंत्री ने बताया कि जब छत्तीसगढ़ का गठन हुआ था, तब बजट मात्र 5000 करोड़ रुपये का था, जो अब कई गुना बढ़ चुका है। उन्होंने कहा कि इस बार भी बजट का आकार बढ़ेगा और यह प्रदेश को विकसित छत्तीसगढ़ की ओर ले जाने वाला होगा। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री साय की नीतियों का जिक्र करते हुए कहा कि पीएम मोदी भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए काम कर रहे हैं और मुख्यमंत्री साय भी उसी दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। इस साल छत्तीसगढ़ के गठन के 25 वर्ष पूरे हो रहे हैं और यह अटल जी की जन्मशताब्दी का वर्ष भी है, ऐसे में बजट विकासोन्मुखी होगा। उन्होंने सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए बताया कि किसानों को बोनस दिया गया, 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी की गई और कई अन्य योजनाएं सफलतापूर्वक लागू की गईं। ओपी चौधरी ने कहा कि यह बजट पिछले बजट का अगला चरण होगा और विकसित भारत का मार्ग प्रशस्त करेगा।

बलरामपुर में पैसों का लालच देकर स्कूली छात्राओं के भविष्य से खिलवाड़, धान खरीदी केंद्र पर कराई हमाली

बलरामपुर छत्तीसगढ़ के बलरामपुर में स्कूली छात्रों को मजदूरी कराने का शर्मनाक मामला सामने आया है. जहां चंद पैसों का लालच देकर स्कूली छात्राओं के भविष्य से खिलवाड़ किया जा रहा है. जिन हाथों में किताबें होनी चाहिए उन हाथों से हमाली का काम कराया जा रहा है.   यह पूरा मामला बलरामपुर जिले के शासकीय धान खरीदी केंद्र वाड्रफनगर का है. जानकारी के मुताबिक, स्कूली छात्राओं को परीक्षा के समय पैसे का लालच देकर काम करने के लिए बुलाया गया. ये छात्राएं कन्या हायर सेकेंडरी स्कूल में 7वीं, 9वीं और 11वीं कक्षा में पढ़ती हैं. 

युवक पर शराब की बोतल और चाकू से हमला, सिर और पेट पर गंभीर चोटे

कोरबा कोरबा के बालको थाना क्षेत्र अंतर्गत लालघाट शराब दुकान के पास नया रिसदा रोड पर मारपीट की घटना सामने आई है। बाइक सवार एक युवक पर तीन युवकों ने बीयर बोतल और चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। युवक के सिर और पेट पर गंभीर चोटे आए हैं। बताया जा रहा है कि 25 वर्षीय लालघाट निवासी अजीत यादव बाइक में सवार होकर रिसदा की तरफ जा रहा था। इस दौरान बाइक पर सवाल तीन युवकों ने रास्ता रुकवाया उसके बाद सीधे बीयर की बोतल और चाकू से उसे पर हमला कर दिया। 25 वर्षीय लालघाट निवासी अजीत यादव ने बताया कि भदरापारा निवासी विजय ने अपने दो साथियों के साथ मारपीट की घटना कोअंजाम दिया है। अजीत यादव ने बताया कि कुछ महीने पहले विजय की किसी दूसरे युवकों के साथ मारपीट की घटना सामने आई थी। जिसमें वह बचाव करने गया हुआ था, पुरानी रंजीत को लेकर उसने उसके साथ मारपीट की घटना को अंजाम दिया है। किसी तरह वह वहां से जान बचाकर भागा तब उसकी जान बची। मारपीट के दौरान आसपास लोग तमाशा देखते रहे, लेकिन किसी ने भी बचाने की कोशिश नहीं की। मारपीट की घटना के बाद सभी मौके से फरार हो गए। इस घटना की सूचना पर बालको थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनाक्रम की जानकारी लेते हुए घायल युवक को कोरबा के जिला मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया। उसका उपचार जारी है युवक के सिर और पेट पर चोट आई है। बालको थाना पुलिस ने इस मामले में मामला दर्ज कर फरार आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।

भाजपा-कांग्रेस के 13 और एक निर्दलीय पार्षद ने शपथ ग्रहण समरोह का किया बहिष्कार

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही. पेंड्रा के असेम्बली हॉल हाई स्कूल में आज नवनिर्वाचित अध्यक्ष और पार्षदों का शपथ ग्रहण समरोह हुआ. इस कार्यक्रम में पूर्व कैबिनेट मंत्री जयसिंह अग्रवाल शामिल होने पहुंचे, लेकिन केवल नवनिर्वाचित निर्दलीय अध्यक्ष राकेश जालान और एक निर्दलीय पार्षद ने ही शपथ ली. वहीं भाजपा-कांग्रेस के 13 और एक निर्दलीय पार्षद ने शपथ ग्रहण समरोह का बहिष्कार करते हुए इससे दूरी बना रखी. दरअसल, राकेश जालान नगरीय निकाय चुनाव से पहले कांग्रेस के ही सदस्य थे. उन्होंने चुनाव में टिकट नहीं मिलने पर निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़कर कांग्रेस प्रत्याशी को 199 वोटो के अंदर से हराया था. साथ ही सभी 15 वार्डों में कांग्रेस पार्टी के खिलाफ ही काम कर कांग्रेस प्रत्याशी को हराया था. जिसके बाद राकेश जालान सहित 13 कांग्रेसियों को निष्कासित किया गया था. नगरीय निकाय चुनाव के रिजल्ट आने के 14 दिन के अंदर इन बागी नेताओं को पुनः कांग्रेस में जगह दे दी गई. जिससे नाराज होकर पंकज कांग्रेस के 6 पार्षदों ने आज आयोजित शपथ ग्रहण कार्यक्रम का बहिष्कार किया. साथ ही 7 भाजपा के पार्षद और एक निर्दलीय पार्षद ने भी कार्यक्रम का बहिष्कार किया. वहीं भाजपा पार्षद विधायक अमर अग्रवाल के साथ नजर आए. कार्यक्रम को लेकर पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने कहा कि जो भी व्यक्ति किसी पद पर बैठता है, उसकी कार्य क्षमता पर काफी कुछ निर्भर करता है. राकेश जालान पहले भी निर्दलीय अध्यक्ष बने थे, और जब कांग्रेस में शामिल हुए थे तभी भी बहुत काम हुआ. आगे भी काम होगा, क्षमतावान है इसलिए बेहतर काम होंगे. कांग्रेस के जो अध्यक्ष और पदाधिकारी है, उन्हें मेरा खुला समर्थन है. कांग्रेस के नाराज नवनिर्वाचित पार्षदों और कार्यकर्ताओं का कहना है कि नगर पालिका परिषद पेंड्रा में कांग्रेस विपक्ष में रहेगी. जो अध्यक्ष है, वह निर्दलीय है, वह हमारे पार्टी के नहीं हैं. आने वाले समय में यह मतभेद बढ़ते हुए नजर आ सकता है.

30 साल बाद नक्सलियों की राजधानी पामेड़ में शुरू हुई बस सेवा

जगदलपुर दक्षिण बस्तर का नाम सुनते ही लोगों के मन में गोलियों की तड़तड़ाहट के साथ ही निर्दोष ग्रामीणों की हत्या से लेकर अन्य कई तस्वीरे सामने आ जाती हैं। जिसके कारण आमजनों के अंदर ख़ौफ़ देखने को मिलता है, वही दक्षिण बस्तर के अंतिम छोर में पुलिस के द्वारा चलाये गए अभियान के चलते अब वहां खून खराबा नही बल्कि यात्री बसों के हॉर्न सुनाई दे रहे हैं। कल तक जो इलाका नक्सलियों के कब्जे में था , अब उस इलाके में पुलिस ने अपनी पैठ जमाते हुए कैम्प के साथ ही वहां के ग्रामीणों को बेहतर सुविधा उपलब्ध करा रहे है, जिसका सबसे सुखद परिणाम यह आ रहा है कि अब बीजापुर जैसे नक्सल प्रभावित क्षेत्र के अंतिम गाँव में बसे पामेड़ में अब बसों का आवाजाही शुरू हो गया है। बता दें कि बीजापुर जिले का एक ऐसा गाँव पामेड़ जो कभी नक्सलियों की राजधानी के रूप में जाना जाता था, सरकार व जवानों की कड़ी मेहनत के चलते अब वहां विकास तेजी से बढ़ रहा है, पामेड़ इलाके की बात करे तो कभी वहां पर दुपहिया वाहन भी देखने को लोग तरस जाते थे, अब उसी पामेड़ में 30 वर्षो के बाद यात्री बस की सेवा शुरू हो गई है। बीजापुर और तेलंगाना की सीमा पर बसा यह पामेड़ गाँव, उस  इलाके के 7 पंचायतों को भी जोड़ता है, सरकार के साथ ही पुलिस जवानों के अथक प्रयास से बीते 4 माह के अंदर इस गाँव मे विकास की बड़ी गाथा लिखी गई है, इस इलाके में सड़क और कैंप के साथ ही मूलभूत सुविधाओं का विस्तार भी तेजी से शुरू हो गया है, जिसकी शुरुआत इस इलाके के ग्रामीणों के लिए शुरू हुई यात्री बस की सेवा है, बस सेवा के चलते अंदरूनी इलाकों के ग्रामीणों को पहले तेलंगाना से होते हुए अपने गृहगांव तक जाना पड़ता था, लेकिन अब वे बीजापुर से सीधे पामेड़ अपने घर पहुंच रहे हैं। देखा जाए तो आजादी के बाद से  पामेड़ इलाके तक सड़क थी, 50 साल पहले भी सड़क हुआ करती थी, लेकिन उस मार्ग में वाहनों का आवाजाही कम होता था, जिसके चलते धीरे-धीरे इस इलाके में नक्सलियों ने अपनी पैठ बनाई और पूरे क्षेत्र को अपने कब्जे में ले लिया, नक्सलियों के दबाव और होने वाले वारदातों को देखने के बाद इसे कुछ ही समय में इस इलाके को नक्सलियों की राजधानी कहा जाने लगा,  अब नक्सलियों को खदेड़ने के लिए सरकार ने यहां विकास की गाथा लिखने की शुरुआत की, जिसके चलते सबसे पहले इस क्षेत्र में कैंप स्थापित किए गए फिर सड़कों का जाल बिछाने का काम शुरू किया गया, बीजापुर से सुबह पामेड़ के लिए जाने वाली बस आवापल्ली, बासागुड़ा,तररेम,चिन्नागेल्लूर, गुंडेम कोंडापल्ली जीडपल्ली करवगट्टा और धर्माराम होते हुए पामेड़ पहुंचती है, जिसमें रोजाना बड़ी संख्या में यात्री सफर करने लगे हैं, इन इलाकों में विकास के साथ ही सुविधाओं के साथ ही नक्सलियों को खदेड़ने में सबसे बड़ा श्रेय जवानों को जाता है जो दिन-रात नक्सली इलाके में डटकर लोगों को विकास की मुख्य धारा से जोड़ने में लगे हैं। जिन इलाकों में कभी दुपहिया वाहन तक सही रूप से नहीं चलाते थे अब उन इलाकों में चार पहिया वाहनों के साथ यात्री बसें दौड़ने लगी है, 50 वर्षो तक जिन सुविधाओं के लिए ग्रामीण तरस रहे थे वह सारी सुविधा पामेड़ इलाके के ग्रामीणों के लिए बहुत तेजी से बढ़ रही है, इस इलाके में आधार कार्ड, राशन कार्ड के अलावा राशन दुकान भी गांव में संचालित की जा रही है, बताया जा रहा है कि नक्सलियों के ख़ौफ़ के चलते पामेड़ में काम करने वाले जवानों के लिए वेतन से लेकर अखबार तक हेलीकॉप्टर से मदद से भेजा जाता था, लेकिन अब सड़क बनने और बस सेवा के शुरू हो जाने से जवानों का यह कठिन सफर खत्म हो चुका है, जवानों और ग्रामीणों के लिए इस इलाके में मोबाइल कनेक्टिविटी का भी विस्तार भी हो चुका है जिससे वह अपने परिवार वालों से बात कर सकते है।

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