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सरगुजा में बोलेरो-कंटेनर सड़क दुर्घटना में 4 लोगों मौत, सीएम साय ने जताया दुःख

रायपुर छत्तीसगढ़ के सरगुजा में आज तेज रफ्तार ट्रक और बोलेरो के बीच जोरदार भिड़ंत में चार लोगों की मौत हो गई. जबकि 7 लोग घायल हुए हैं. बोलेरो सवार महाशिवरात्रि के मौके पर शिव मंदिर के दर्शन कर लौट रहे थे. घटना को लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गहरा दुःख जताया है. उन्होंने घायलों के बेहतर इलाज के लिए प्रशासन को निर्देश दिए हैं. सीएम साय ने एक्स पर ट्वीट कर लिखा कि सरगुजा जिले के सीतापुर थाना क्षेत्र में बोलेरो-कंटेनर के बीच हुई सड़क दुर्घटना में 4 लोगों की मृत्यु की खबर अत्यंत दुःखद है. हादसे में 7 लोगों के आंशिक रूप से घायल होने की भी खबर है. सरगुजा जिला प्रशासन द्वारा घायलों को त्वरित इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया है. प्रशासन को बेहतर चिकित्सकीय व्यवस्था के निर्देश दिए गए हैं. ईश्वर से दिवंगतों की आत्मा की शांति एवं शोकाकुल परिजनों को संबल प्रदान करने व घायलों के जल्द से जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं. बता दें कि यह घटना ग्राम विशुनपुर प्लांट के पास मुख्य मार्ग NH43 पर हुई. महाशिवरात्रि के पर्व पर श्रद्धालु किलकिला शिव मंदिर के दर्शन करने के लिए गए थे. यहां से सभी रेवापुर-सखौली लौट रहे थे. इसी दौरान ट्रक और श्रद्धालुओं से भरी बोलेरो क्रमांक के बीच भिड़ंत हो गई. हादसा इतना जोरदार था कि कार बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई. कार में 11 से ज्यादा लोग सवार थे. हादसे में मासूम समेत चार लोगों की मौत हो गई. जबकि 7 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए. साथ ही अन्य लोगों को मामूली चोटें आई है.

बाइक सवार लुटेरों के हौसले बुलंद, पैदल जा रहे बुजुर्ग से 90 हजार लूट

कोरबा लुटेरों के हौसले किस कदर बुलंद है, इसका नजारा कोरबा में देखने को मिला. बैंक से पैसा निकालकर पैदल जा रहे बुजुर्ग से मेन रोड पर लुटेरे पैसे लूटकर फरार हो गए. पूरी घटना सीसीटीवी में कैद हो गई है. जानकारी के अनुसार, मानिकपुर गायत्री नगर पोखरी पारा निवासी अपिकर केरकेटा एसएस प्लाजा स्थित बैंक आफ बलौदा शाखा से 90 हजार रुपए निकालकर घर जा रहे थे. इस दौरान दो बाइक सवार पास में पहुंचे और हाथ से रकम झटककर फरार हो गए. बुजुर्ग ने लुटेरों को पकड़ने के लिए एक बाइक सवार का सहारा लिया, लेकिन तब तक लुटेरे बहुत दूर निकल चुके थे. घटना की जानकारी लगते ही हड़कंप मच गया. थाना-चौकी में अलर्ट किया गया, लेकिन हाथ कुछ नहीं लगा. बहरहाल, कोतवाली थाना पुलिस मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई में जुट गई है.

महाशिवरात्रि पर शिवालयों में सुबह से ही महादेव के दर्शन और जलाभिषेक करने उमड़े श्रद्धालु

रायपुर देशभर में आज महाशिवरात्रि की धूम है. वहीं छत्तीसगढ़ में भी इस पर्व को लेकर काफी उत्साह नजर आ रहा है. प्रदेश के सभी शिवालयों में सुबह 4 बजे से ही भोलेनाथ के दर्शन करने और उनका अभिषेक करने बड़ी संख्या में भक्त पहुंच रहे हैं. भगवान शिव का विशेष श्रृंगार किया गया है और मंदिरों में भी सुंदर फूलों से साज-सज्जा की गई है. पूरा प्रदेश आज शिवमय हो गया है. प्रदेश के प्रसिद्ध शिव तीर्थों में आज महाशिवरात्रि का पर्व काफी धूम धाम से मनाए जाने की तैयारी है. विशेष पूजा और जलाभिषेक किया जा रहा है. शाम को गाजे-बाजे के साथ भगवान शिव की बारात निकाली जाएगी. जगह जगह प्रसाद वितरण भी किया जाएगा. राजिम के कुलेश्वरनाथ महादेव राजिम स्थित कुलेश्वरनाथ मंदिर में सुबह से ही भक्तों का तांता लगा हुआ है. श्रद्धालु त्रिवेणी संगम में स्नान के बाद बाबा का दर्शन करने पहुंच रहे हैं. यहां आयोजित राजिम कल्प मेले का आज भव्य समापन होगा, जिसमे सीएम साय भी शामिल होंगे. इस अवसर पर प्रदेश के कोने-कोने से श्रद्धालु पहुंचे हैं. गरियाबंद के स्वयंभू भूतेश्वरनाथ वहीं गरियाबंद स्थित विशालतम प्राकृतिक स्वयंभू शिवलिंग भगवान भूतेश्वरनाथ में भी लगी भक्तों की भीड़ लगी हुई है. भक्त श्रद्धा का फूल और हाथों में जल लेकर भगवान शिव को अर्पण कर रहे हैं. आपको बता दें, इस स्वयंभू शिवलिंग की ऊंचाई हर साल बढ़ रही है. वर्तमान में इसकी ऊंचाई 84 फिट और गोलाई 290 फिट है. सुबह से ही यहां दूर-दूर से भक्त पहुंच रहे हैं. कवर्धा के भोरमदेव कवर्धा स्थित 11 वीं शताब्दी के प्राचीन भोरमदेव मंदिर में भी भक्ति का अद्भुत दृष्य देखने को मिल रहा है. सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु दूर दूर से पहुंच कर भगवान शिव का दर्शन करने पहुंच रहे हैं. सुबह से ही मंदिर प्रांगण और गर्भगृह में हर-हर महादेव की गूंज है.

मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ को ‘प्रकृति परीक्षण अभियान’ में राष्ट्रीय सम्मान मिलने पर ने दी बधाई

रायपुर,  छत्तीसगढ़ ने भारतीय चिकित्सा पद्धति राष्ट्रीय आयोग, नई दिल्ली के तत्वावधान में आयोजित प्रकृति परीक्षण अभियान में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल कर राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान प्राप्त किया। राज्य ने स्ट्राइक रेट लक्ष्य में देशभर में तीसरा स्थान और कुल प्रकृति परीक्षण मानकों पर नौवां स्थान प्राप्त किया। इस उपलब्धि के लिए केन्द्रीय आयुष मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री प्रताप राव जाधव ने छत्तीसगढ़ को प्रशस्ति पत्र और ट्रॉफी प्रदान कर सम्मानित किया।यह सम्मान अभियान के राज्य समन्वयक डॉ. संजय शुक्ला ने ग्रहण किया। जहांगीर भाभा थियेटर, मुंबई में आयोजित अभियान के समापन समारोह में छत्तीसगढ़ को यह प्रतिष्ठित पुरस्कार प्रदान किया गया। इस उपलब्धि पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय  ने आयुष विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह स्वास्थ्य और आयुर्वेद के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ की बढ़ती उत्कृष्टता का प्रमाण है, जिससे राज्य में आयुष आधारित स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सशक्त किया जाएगा। स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने आयुष विभाग के अधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार आयुष आधारित स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक व्यापक और प्रभावी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। इस तरह की पहल न केवल नागरिकों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक बनाएगी, बल्कि प्राकृतिक चिकित्सा पद्धतियों को मुख्यधारा में लाने में भी सहायक होगी। उल्लेखनीय है कि 26 नवंबर से 25 दिसंबर 2024 तक चले इस अभियान के तहत देशभर में 1.29 करोड़ से अधिक नागरिकों का परीक्षण किया गया, जिसमें छत्तीसगढ़ ने 4.45 लाख से अधिक नागरिकों का सफलतापूर्वक परीक्षण कर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। इस अभियान में राज्य के 3551 वालंटियर्स ने योगदान दिया। इसके अतिरिक्त अभियान की महत्ता को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ में केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीनस्थ केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) के 40,000 से अधिक अधिकारियों और जवानों का भी सफलतापूर्वक प्रकृति परीक्षण किया गया, जो आयुष चिकित्सा के प्रति बढ़ती जागरूकता और विश्वास को दर्शाता है। नागरिकों के लिए निरंतर जारी रहेगा अभियान आयुष विभाग के संचालक ने बताया कि मोबाइल एप्लीकेशन आधारित इस अभियान को नागरिकों से जबरदस्त समर्थन मिल रहा है। इसे देखते हुए छत्तीसगढ़ में इस अभियान को निरंतर जारी रखने का निर्णय लिया गया है। अब राज्य के नागरिक निकटतम आयुर्वेद महाविद्यालय, जिला आयुर्वेद चिकित्सालय, आयुष विंग, स्पेशलाइज्ड थैरेपी सेंटर, शासकीय आयुर्वेद औषधालयों एवं निजी आयुर्वेद चिकित्सकों से संपर्क कर अपना प्रकृति परीक्षण करवा सकते हैं।

चुनावों के नतीजे आने के बाद राज्य निर्वाचन आयोग ने आचार संहिता समाप्त

रायपुर छत्तीसगढ़ में नगरीय निकाय और त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव 2025 सफलतापूर्वक संपन्न हो गए हैं. चुनावों के नतीजे आने के बाद राज्य निर्वाचन आयोग ने आचार संहिता समाप्त कर दी है. इस संबंध में राज्य निर्वाचन आयोग ने आदेश भी जारी किया है. आदेश में बताया गया है कि राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा 20 जनवरी 2025 को नगरपालिकाओं और त्रिस्तरीय पंचायतों के चुनाव 2025 के लिए निर्वाचन कार्यक्रम जारी किया गया था. इसके तहत 15 फरवरी 2025 को नगरीय निकाय चुनावों के परिणामों की घोषणा के बाद नगरीय क्षेत्रों में लागू आचार संहिता समाप्त कर दी गई थी. वहीं आज 25 फरवरी 2025 को त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों के परिणामों की घोषणा के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में भी आचार संहिता समाप्त कर दी गई है. नगरपालिकाओं और त्रिस्तरीय पंचायतों के चुनाव एक साथ सफलतापूर्वक संपन्न कराए गए हैं. इस अवसर पर राज्य निर्वाचन आयुक्त ने प्रदेश के नगरीय निकायों एवं पंचायतों के सभी मतदाताओं, जिला निर्वाचन अधिकारियों, रिटर्निंग अधिकारियों और जिले के सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सफलतापूर्वक चुनाव संपन्न कराने के लिए धन्यवाद और आभार व्यक्त किया है.

सरगुजा में बोलेरो और कंटेनर के बीच टक्कर, 4 लोगों की मौत, 7 लोग गंभीर रूप से घायल

सरगुजा छत्तीसगढ़ के सरगुजा में बोलेरो और कंटेनर के बीच टक्कर हो गई। हादसे में 4 लोगों की मौके पर मौत हो गई है। जबकि 7 लोग गंभीर रूप से घायल हैं। हादसे के बाद गुस्साए लोगों ने ट्रक में आग लगी दी। बोलेरो सवार महाशिवरात्रि पर मंदिर दर्शन कर लौट रहे थे। जानकारी के मुताबिक, यह हादसा नेशनल हाईवे-43 पर मंगरी और बालमपुर के बीच बुधवार दोपहर करीब 12.30 बजे हुआ है। हादसे के बाद बोलेरो पलट गई। जिससे बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। मरने वालों में एक महिला, एक बच्चा और दो पुरुष शामिल हैं। गुस्साए भीड़ ने ट्रक में लगाई आग हादसे के बाद लोग बोलेरो के अंदर ही फंस गए। जिन्हें स्थानीय लोगों की मदद से बाहर निकाला गया। सभी घायलों को सीतापुर सीएचसी अस्पताल भेजा गया है। जहां इलाज चल रहा है। हादसे में ट्रक ड्राइवर भी घायल हुआ है। घटना के बाद गुस्साए भीड़ ने ट्रक में आग लगा दी। जिसे पुलिस कर्मियों ने बुझा लिया है। किलकिला शिव मंदिर से दर्शन कर लौट रहे थे बताया जा रहा है कि, बोलेरो क्रमांक CG 15 ED 7078 में सवार होकर 11 लोग महाशिवरात्रि पर किलकिला शिव मंदिर गए थे। सुबह दर्शन कर अपने घर रेवापुर-सखौली लौट रहे थे। इसी दौरान ब्लैक स्पॉट वाली जगह पर हादसा हो गया। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।  

राजिम कुंभ कल्प मेला का भव्य समापन, मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे मुख्यमंत्री साय

राजिम 12 फरवरी से माघ पूर्णिमा के दिन शुरू हुआ राजिम कुंभ कल्प मेला आज 26 फरवरी को महाशिवरात्रि के अवसर पर भव्य समापन की ओर बढ़ रहा है. इस ऐतिहासिक आयोजन में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे. उनके साथ उपमुख्यमंत्री अरुण साव, कैबिनेट मंत्री विजय शर्मा, सांसद, विधायक और अन्य जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहेंगे. इस अवसर पर देशभर से महामंडलेश्वर, साधु-संत और धर्मगुरु भी इस भव्य आयोजन में शामिल होकर अपनी उपस्थिति से इसे और भी गौरवमयी बनाएंगे. राजिम कुंभ कल्प मेला, जो धार्मिक और सांस्कृतिक आस्था का प्रतीक है, के समापन समारोह में प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होंगे, जो इस महापर्व की दिव्यता और उल्लास का अनुभव करेंगे.

वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए बस्तर के कमिश्नर-आईजी और कलेक्टर-एसपी को मुख्य सचिव अमिताभ जैन ने दिए निर्देश

रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु  देव  साय की  पहल  पर  बस्तर की समृद्ध जनजातीय कला एवं संस्कृति के धरोहर को पुनर्जीवित  करने  बस्तर पंडुम का भव्य  आयोजन  किया  जाएगा।  यह  आयोजन  मार्च  में होगा। इस संबंध में मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन ने मंगलवार शाम को वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए बस्तर के कमिश्नर-आईजी सहित सातों जिले के कलेक्टर एवं एसपी को आवश्यक तैयारी एवं व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए। इस दौरान प्रमुख सचिव अनुसूचित जाति एवं आदिम जाति विकास विभाग श्री सोनमणि बोरा, सचिव संस्कृति विभाग श्री अनबलगन पी सहित राज्य शासन के वरिष्ठ उच्चाधिकारी मौजूद रहे।            वीडियो कांफ्रेंसिंग में सचिव संस्कृति श्री अनबलगन पी ने बताया कि बस्तर के जनजातीय समुदाय के लोगों विशेषकर युवाओं के मध्य समरसता और एकता स्थापित करने की इस अनूठी पहल से बस्तर की जनता में विश्वास,शान्ति और विकास को बढ़ावा मिलेगा। बस्तर पंडुम का आयोजन ब्लॉक, जिला और संभाग स्तर पर किया जाएगा। जिसमें जनजातीय नृत्य, गीत, नाट्य सहित जनजातीय वाद्य यंत्रों का प्रदर्शन, जनजातीय वेशभूषा एवं आभूषण का प्रदर्शन, जनजातीय कला एवं गोदना का प्रदर्शन तथा जनजातीय व्यंजन एवं पेय पदार्थों का प्रदर्शन विधाओं को शामिल किया गया है। साथ ही केवल संभाग स्तर आयोजन में जनजातीय रीति-रिवाज एवं तीज-त्यौहार पर आधारित प्रदर्शनी को समाहित किया गया है। ब्लॉक स्तर के बस्तर पंडुम में सभी कलाकारों एवं प्रतिभागियों को ओपन एंट्री दी जाएगी। इसके बाद चयनित दल एवं प्रतिभागी जिला स्तर और जिला स्तर से चयनित दल एवं प्रतिभागी संभाग स्तर के बस्तर पंडुम में अपनी सहभागिता निभाएंगे। बस्तर पंडुम के प्रत्येक स्तर को बस्तर में उत्सव की तरह मनाया जायेगा जिसमें समाज प्रमुखों, वरिष्ठ नागरिकों, जनप्रतिनिधियों को अतिथि के रूप में आमंत्रित किया जायेगा। जिला एवं संभाग स्तर पर बड़े स्तर के कलाकारों को आमंत्रित कर कार्यक्रम प्रस्तुति का अवसर प्रदान किया जाएगा। साथ ही मेहमान कलाकारों के रूप में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के दलों को आमंत्रित किया जाएगा। बस्तर पंडुम के प्रत्येक स्तर पर विजेता दलों एवं प्रतिभागियों को नगद पुरस्कार एवं प्रमाण पत्र सहित फोटो फ्रेम भेंटकर सम्मानित किया जायेगा। इस आयोजन के प्रत्येक स्तर पर निःशुल्क भोजन एवं आवागमन हेतु वाहन की व्यवस्था सहित ठहरने की सुविधा उपलब्ध कराया जाएगा। वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान कलेक्टोरेट के एनआईसी कक्ष में कमिश्नर बस्तर श्री डोमन सिंह, आईजी श्री सुंदरराज पी., कलेक्टर श्री हरिस एस एवं एसपी श्री शलभ सिन्हा और अन्य अधिकारी उपस्थित थे। बस्तर: अद्वितीय जनजातीय कला एवं संस्कृति के लिए विश्व प्रसिद्ध         दंडकारण्य के घने जंगल में बसा बस्तर अपने अद्वितीय जनजातीय कला एवं संस्कृति के लिए विश्व प्रसिद्ध है, यहां की जनजातीय समाज घने जंगल, पहाड़ी एवं दुर्गम स्थानों में निवासरत है, जिनकी एक विशेष बोली-भाषा, खान-पान, रहन-सहन सहित कला-संस्कृति तथा तीज-त्यौहार हैं। बस्तर की नैसर्गिक सुंदरता भी अप्रतिम है जो देश-दुनिया के पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करती है।

मुख्यमंत्री साय छत्तीसगढ़ की एक-एक जनता के हित के लिए कार्य कर रहे हैं – बाबा बागेश्वर

रायपुर : बागेश्वर धाम में ऐतिहासिक आयोजन : 251 निर्धन कन्याओं का विवाह बागेश्वर धाम द्वारा संपन्न होगा बागेश्वर धाम में धार्मिक भक्ति, सामाजिक समर्पण और राष्ट्रीय एकता का अनूठा संगम देखने को मिला: मुख्यमंत्री साय मुख्यमंत्री साय छत्तीसगढ़ की एक-एक जनता के हित के लिए कार्य कर रहे हैं – बाबा बागेश्वर रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज बागेश्वर धाम में चल रहे शिवरात्रि महोत्सव और 251 निर्धन कन्याओं के सामूहिक विवाह समारोह में शामिल हुए।बागेश्वर धाम में धार्मिक भक्ति, सामाजिक समर्पण और राष्ट्रीय एकता का अनूठा संगम देखने को मिला। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ संत परंपरा और धर्मनिष्ठा की भूमि है। भगवान श्रीराम ने अपने वनवास का अधिकांश समय यहीं बिताया था। हमें गर्व है कि बागेश्वर धाम में इस दिव्य आयोजन में शामिल होने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि संस्कार और संस्कृति किसी भी व्यक्ति के जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं। नक्सलवाद मुक्त छत्तीसगढ़ का संकल्प मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार नक्सलवाद के खात्मे की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठा रही है। डबल इंजन सरकार के सहयोग से यह संकल्प लिया गया है कि 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद का पूरी तरह उन्मूलन किया जाएगा। प्रदेश के सुरक्षा बल मजबूती से इस अभियान में लगे हुए हैं, और गृह मंत्री विजय शर्मा के नेतृत्व में यह मिशन सफलतापूर्वक आगे बढ़ रहा है। धर्मांतरण पर रोक और घर वापसी अभियान मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के धार्मिक और सांस्कृतिक संतुलन को बनाए रखने के लिए सरकार धर्मांतरण रोकथाम और घर वापसी अभियान को भी प्रोत्साहित कर रही है। मुख्यमंत्री साय ने स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव जी के योगदान को याद करते हुए कहा कि धर्मांतरण के विरुद्ध हमारी सरकार कठोर नीति अपनाएगी और समाज को उसकी मूल पहचान से जोड़ेगी। समाज सेवा का नया अध्याय: 251 निर्धन कन्याओं का विवाह बागेश्वर धाम द्वारा आयोजित 251 निर्धन कन्याओं के सामूहिक विवाह को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह है। इस आयोजन में वैदिक रीति-रिवाज से कन्याओं का विवाह संपन्न होगा, सभी नवविवाहित जोड़ों को गृहस्थी का संपूर्ण सामान प्रदान किया जाएगा।  आध्यात्मिक ऊर्जा और सामाजिक समरसता का संगम मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बागेश्वर धाम का यह आयोजन सनातन धर्म की महिमा को पुनर्स्थापित करने, समाज में एकता और सद्भाव को बढ़ावा देने और गरीब कन्याओं के भविष्य को संवारने का ऐतिहासिक अवसर है।छत्तीसगढ़ सरकार इस आयोजन में भागीदारी कर स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रही है और भविष्य में भी ऐसे सामाजिक एवं धार्मिक कार्यों में योगदान देने के लिए संकल्पित है। सरल स्वभाव के धनी हैं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय – पूज्य धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जी महाराज कार्यक्रम में बाबा बागेश्वर ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सराहना करते हुए कहा कि इस पावन कार्य को संपूर्णता देने के लिए छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री स्वयं उपस्थित हैं। वे बहुत ही सरल स्वभाव के हैं और छत्तीसगढ़ की एक-एक जनता के हित के लिए कार्य कर रहे हैं। उनके नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार आज एक बड़ा अनूठा कार्य कर रही है, जो गौरव का विषय है। राज्य को अगले दो वर्षों के भीतर नक्सल प्रभावित क्षेत्र से पूरी तरह मुक्त करने का संकल्प लिया गया है। केंद्र सरकार और राज्य सरकार दोनों  इस दिशा में निरंतर कार्य कर रहे हैं, ताकि छत्तीसगढ़ समृद्ध और शांतिपूर्ण प्रदेश बन सके। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ को धान का कटोरा कहा जाता है, और जब हम छत्तीसगढ़ जाते हैं, तो एक बात हमेशा कहते है – छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया। यह प्रदेश धर्म और संस्कृति की भूमि है, और हम प्रार्थना करते हैं कि यह भूमि हमेशा खुशहाल और धन-धान्य से परिपूर्ण बनी रहे। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा सहित अन्य गणमान्य जनप्रतिनिधि और श्रद्धालुजन उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शहरों में कामकाजी महिलाओं के सुरक्षित व सस्ते आवास के लिए राशि मुहैया कराने भारत सरकार को दिया धन्यवाद

रायपुर : कामकाजी महिलाओं की सुरक्षित आवास की बड़ी जरूरत होगी पूरी : रायपुर और बिलासपुर में बनेंगे छह महिला छात्रावास केन्द्रीय वित्त मंत्रालय द्वारा विशेष पूंजीगत सहायता के तहत 202 करोड़ स्वीकृत रायपुर में तीन, बिलासपुर में दो और नया रायपुर में बनेगा एक छात्रावास मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शहरों में कामकाजी महिलाओं के सुरक्षित व सस्ते आवास के लिए राशि मुहैया कराने भारत सरकार को दिया धन्यवाद रायपुर छत्तीसगढ़ के दो सबसे बड़े शहरों रायपुर और बिलासपुर में कामकाजी महिलाओं की सुरक्षित एवं सस्ते आवास की बड़ी जरूरत जल्द पूरी होगी। केन्द्रीय वित्त मंत्रालय ने राज्यों के लिए विशेष पूंजीगत सहायता योजना (Scheme for Special Assistance to States for Capital Investment 2024-25) के अंतर्गत रायपुर, बिलासपुर और नया रायपुर में छह कामकाजी महिला छात्रावासों (Working Women’s Hostel) के लिए 202 करोड़ रुपए मंजूर किए हैं। इस राशि से रायपुर नगर निगम द्वारा तेलीबांधा और टाटीबंध में 250-250 सीटर तथा भैंसथान में 223 सीटर महिला छात्रावास बनाए जाएंगे। वहीं बिलासपुर के तिफरा और सिरगिट्टी में सीएसआईडीसी द्वारा 224-224 सीटर छात्रावास का निर्माण किया जाएगा। नया रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण नया रायपुर में एक हजार सीटर छात्रावास बनाएगी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शहरों में कामकाजी महिलाओं के सुरक्षित एवं सस्ते आवास के लिए राशि मुहैया कराने भारत सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया है। उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि सुशासन के साथ-साथ महिला सशक्तीकरण तथा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन ‘विकसित भारत-2047’ के लक्ष्य को हासिल करने राज्य शासन ने वर्किंग वीमेन हॉस्टल बनाने के लिए भारत सरकार को प्रस्ताव प्रेषित किया था।उन्होंने इसकी मंजूरी मिलने पर राज्य की महिलाओं की ओर से भारत सरकार को धन्यवाद ज्ञापित किया है। उन्होंने कहा कि छात्रावासों के निर्माण से तीनों शहरों में कामकाजी महिलाओं को सुरक्षित आवास मिलेगा।   केन्द्रीय वित्त मंत्रालय द्वारा विशेष पूंजीगत सहायता के तहत नया रायपुर में एक हजार सीटर महिला छात्रावास के लिए 103 करोड़ 22 लाख रुपए, रायपुर के टाटीबंध और तेलीबांधा में 250-250 सीटर छात्रावास के लिए क्रमशः 15 करोड़ 10 लाख रुपए और 15 करोड़ पांच लाख रुपए मंजूर किए हैं। रायपुर के ही भैंसथान में 223 सीटर छात्रावास के लिए 17 करोड़ 23 लाख रुपए स्वीकृत किए गए हैं। भारत सरकार द्वारा बिलासपुर के तिफरा और सिरगिट्टी में 224-224 सीटर छात्रावास के लिए क्रमशः 26 करोड़ 15 लाख रुपए और 25 करोड़ 25 लाख रुपए मंजूर किए गए हैं।

मुख्यमंत्री साय छत्तीसगढ़ की एक-एक जनता के हित के लिए कार्य कर रहे हैं : बाबा बागेश्वर

रायपुर,  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय  आज बागेश्वर धाम में चल रहे शिवरात्रि महोत्सव और 251 निर्धन कन्याओं के सामूहिक विवाह समारोह में शामिल हुए। बागेश्वर धाम में धार्मिक भक्ति, सामाजिक समर्पण और राष्ट्रीय एकता का अनूठा संगम देखने को मिला। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ संत परंपरा और धर्मनिष्ठा की भूमि है। भगवान श्रीराम ने अपने वनवास का अधिकांश समय यहीं बिताया था। हमें गर्व है कि बागेश्वर धाम में इस दिव्य आयोजन में शामिल होने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि संस्कार और संस्कृति किसी भी व्यक्ति के जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं। नक्सलवाद मुक्त छत्तीसगढ़ का संकल्प मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार नक्सलवाद के खात्मे की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठा रही है। डबल इंजन सरकार के सहयोग से यह संकल्प लिया गया है कि 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद का पूरी तरह उन्मूलन किया जाएगा। प्रदेश के सुरक्षा बल मजबूती से इस अभियान में लगे हुए हैं, और गृह मंत्री श्री विजय शर्मा के नेतृत्व में यह मिशन सफलतापूर्वक आगे बढ़ रहा है। धर्मांतरण पर रोक और घर वापसी अभियान मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के धार्मिक और सांस्कृतिक संतुलन को बनाए रखने के लिए सरकार धर्मांतरण रोकथाम और घर वापसी अभियान को भी प्रोत्साहित कर रही है। मुख्यमंत्री श्री साय ने स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव जी के योगदान को याद करते हुए कहा कि धर्मांतरण के विरुद्ध हमारी सरकार कठोर नीति अपनाएगी और समाज को उसकी मूल पहचान से जोड़ेगी। समाज सेवा का नया अध्याय: 251 निर्धन कन्याओं का विवाह बागेश्वर धाम द्वारा आयोजित 251 निर्धन कन्याओं के सामूहिक विवाह को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह है। इस आयोजन में वैदिक रीति-रिवाज से कन्याओं का विवाह संपन्न होगा, सभी नवविवाहित जोड़ों को गृहस्थी का संपूर्ण सामान प्रदान किया जाएगा।  आध्यात्मिक ऊर्जा और सामाजिक समरसता का संगम मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बागेश्वर धाम का यह आयोजन सनातन धर्म की महिमा को पुनर्स्थापित करने, समाज में एकता और सद्भाव को बढ़ावा देने और गरीब कन्याओं के भविष्य को संवारने का ऐतिहासिक अवसर है।छत्तीसगढ़ सरकार इस आयोजन में भागीदारी कर स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रही है और भविष्य में भी ऐसे सामाजिक एवं धार्मिक कार्यों में योगदान देने के लिए संकल्पित है। सरल स्वभाव के धनी हैं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय – पूज्य धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जी महाराज कार्यक्रम में बाबा बागेश्वर ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सराहना करते हुए कहा कि इस पावन कार्य को संपूर्णता देने के लिए छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री स्वयं उपस्थित हैं। वे बहुत ही सरल स्वभाव के हैं और छत्तीसगढ़ की एक-एक जनता के हित के लिए कार्य कर रहे हैं। उनके नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार आज एक बड़ा अनूठा कार्य कर रही है, जो गौरव का विषय है। राज्य को अगले दो वर्षों के भीतर नक्सल प्रभावित क्षेत्र से पूरी तरह मुक्त करने का संकल्प लिया गया है। केंद्र सरकार और राज्य सरकार दोनों  इस दिशा में निरंतर कार्य कर रहे हैं, ताकि छत्तीसगढ़ समृद्ध और शांतिपूर्ण प्रदेश बन सके। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ को धान का कटोरा कहा जाता है, और जब हम छत्तीसगढ़ जाते हैं, तो एक बात हमेशा कहते है – छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया। यह प्रदेश धर्म और संस्कृति की भूमि है, और हम प्रार्थना करते हैं कि यह भूमि हमेशा खुशहाल और धन-धान्य से परिपूर्ण बनी रहे। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा सहित अन्य गणमान्य जनप्रतिनिधि और श्रद्धालुजन उपस्थित थे।

छत्तीसगढ़ का बजट अब बढ़कर हुआ एक लाख 75 हजार 342 करोड़ रूपए

छत्तीसगढ़ को वित्तीय सुधारों के कारण केन्द्र सरकार से मिली सर्वाधिक 6000 करोड़ की प्रोत्साहन राशि ऋण की अग्रिम अदायगी के लिए 2250 करोड़ का प्रावधान उपभोक्ताओं को बिजली बिल में राहत देने 326.97 करोड़ रूपए औद्योगिक क्षेत्रों में 76 करोड़ से होंगे अधोसंरचनात्मक कार्य     रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सरकार का तृतीय अनुपूरक बजट आज विधानसभा में ध्वनिमत से पारित हुआ। वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने वर्ष 2024-25 के लिए 19762 करोड़ 12 लाख 42 हजार 523 रूपए का तृतीय अनुपूरक बजट प्रस्तुत किया। चर्चा पश्चात पारित हुए उक्त अनुपूरक बजट को मिलाकर वित्तीय वर्ष 2024-25 में राज्य के बजट का आकार कुल 01 लाख 75 हजार 342 करोड़ रूपए का हो गया है। इसमें मुख्य बजट के रूप में पारित 1 लाख 47 हजार 446 करोड़, प्रथम अनुपूरक बजट में 7 हजार 329 करोड़ रूपए, द्वितीय अनुपूरक बजट में 805 करोड़ 71 लाख 74 हजार 286 रूपए और तृतीय अनुपूरक बजट में 19762 करोड़ 12 लाख 42 हजार 523 रूपए शामिल है।     वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने तृतीय अनुपूरक बजट पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की जनता प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की गारंटी पर भरोसा करती है। सरकार बनने के 12 दिनों बाद ही मोदी जी की गारंटी के अनुरूप सरकार ने 12 लाख से अधिक किसानों को दो साल के बकाया बोनस राशि 3716 करोड़ रूपए का भुगतान किया। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने समर्थन मूल्य पर इस वर्ष 149 लाख टन धान की खरीदी की है, जो अपने आप में रिकॉर्ड है। उन्होंने कहा कि 31 जनवरी को धान खरीदी समाप्त हुई और एक सप्ताह के भीतर 25 लाख 49 हजार किसानों के बैंक खाते में 12 हजार करोड़ रूपए का भुगतान एकमुश्त किया गया। पूरे देश में इतना बड़ा ट्रांजैक्शन किसान भाइयों के खाते में करने का अपने आप में इतिहास है, यह एक रिकॉर्ड है। वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि मुझे यह बताते हुए गर्व हो रहा है कि हमने विभिन्न वित्तीय सुधारों के माध्यम से केंद्र सरकार से 6,000 करोड़ से अधिक की प्रोत्साहन राशि प्राप्त की है, जो देश में सर्वाधिक है। वित्तीय संतुलन बनाए रखने, पूंजीगत व्यय बढ़ाने व विकास योजनाओं को तेज करने की दिशा में यह बड़ा कदम है। पिछले सवा साल में छत्तीसगढ़ में गुड गवर्नेंस रहा है। यही कारण है कि छत्तीसगढ़ की जनता ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की नेतृत्व वाली सरकार पर भरोसा जताते हुए अपना लगातार समर्थन दिया है। वित्त मंत्री श्री चौधरी ने आगे कहा कि हम वित्तीय अनुशासन के साथ सुधारवादी बजट लेकर आए हैं। अनुपूरक बजट में वित्तीय अनुशासन व सुधारों के जरिए पुराने घाटों को भरने व ब्याज बचत करते हुए भुगतान-देनदारी निपटाने के लिए बड़ा प्रावधान किया गया है, ताकि विकास में कोई बाधा न आए। हमारा लक्ष्य सुव्यवस्थित वित्तीय प्रबंधन के साथ छत्तीसगढ़ को प्रगति की ऊंचाइयों तक ले जाना है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन,छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड और पुलिस हाउसिंग इन तीनों को मिलाकर लगभग 3500 करोड़ का लोन है, जो महंगे ब्याज दरों पर चल रहे हैं, इस अनुपूरक बजट में इन तीनों लोन का हम प्री पेमेंट कर रहे हैं। इससे प्रतिवर्ष 50 करोड़ से अधिक का ब्याज बचेगा। वित्त मंत्री ने कहा कि औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए राजनांदगांव जिले, जांजगीर-चांपा जिले एवं नवा रायपुर अटल नगर में फार्मास्यूटिकल पार्क की स्थापना के लिए अतिरिक्त बजट का प्रावधान किया गया है। औद्योगिक संस्थान, इंजीनियरिंग पार्क की स्थापना के लिए भी 76 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। रायपुर, नवा रायपुर, बिलासपुर में वर्किंग वूमेन हॉस्टल के निर्माण के लिए 34 करोड़ का प्रावधान किया गया है।     तृतीय अनुपूरक बजट 2024-25 में पुलिस प्रशिक्षण शालाएं के लिए 3 करोड़, जिला चिकित्सालय के लिए 145 करोड़ रूपए, निवृत्ति वेतन भोगियों को देय 1 हजार 278 करोड़, परिवार पेंशन के लिए 320 करोड़, पुलिस 500 करोड़, राज्य सहकारी विपणन संघ को खाद्यान्न उपार्जन में हुई हानि का प्रतिपूर्ति 600 करोड़, लघु एवं लघुतम सिंचाई योजनाएं 125 करोड़, सेवा एवं मूल्य निवृत्ति पुरस्कार 37 करोड़, एनीकट/स्टापडेम का निर्माण 15 करोड़, नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण के लिए 1 हजार 43 करोड़, नए औद्योगिक क्षेत्रों की स्थापना 195 करोड़, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र 86 करोड़, सड़कों के निर्माण कार्य हेतु लिए गए ऋण की अदायगी के लिए 2 हजार 250 करोड़, कृषि पंपो को निःशुल्क विद्युत प्रदाय हेतु अनुदान 2 हजार 200 करोड़, अन्तोदय अन्न योजनांतर्गत चना का प्रदाय 451 करोड़, उपभोक्ताओं को विद्युत शुल्क में राहत हेतु सब्सिडी 326 करोड़, राज्य सहकारी विपणन संघ को खाद्यान्न उपार्जन में हुए व्ययों की प्रतिपूर्ति 600 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है।

बिजली कंपनी द्वारा पारेषण-वितरण तंत्र में नवीन अधोसंरचना के विस्तार से राज्य में बिजली की निरंतर उपलब्धता की जा रही है सुनिश्चित

रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने ऊर्जा विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में राज्य में बिजली आपूर्ति की स्थिति, भविष्य की आवश्यकताओं और अधोसंरचना विकास की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की। बैठक में यह पाया गया कि बढ़ती ऊर्जा मांग को देखते हुए राज्य में विद्युत अधोसंरचना के सुदृढ़ीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री जी ने राज्य की दीर्घकालिक ऊर्जा आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए रणनीतिक योजनाओं की समीक्षा की और उनकी त्वरित क्रियान्वयन के निर्देश दिए। समीक्षा के मुख्य बिन्दु राज्य में विद्युत की आपूर्ति, उपलब्धता तथा आगामी परियोजनाएं रहीं। बैठक में बताया गया कि राज्य में विगत वर्षों में मांग में वृद्धि दर्ज की गई है परंतु मांग के अनुरूप बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित नहीं हो पायी। राज्य में नये पॉवर प्लांट लगाने हेतु कोई योजना नहीं बनाई गई। मुख्यमत्री जी द्वारा आगामी 10 वर्षों की मांग को देखते हुए तैयारी की समीक्षा की गई। पॉवर कंपनी द्वारा यह ध्यान में लाया गया कि आगामी वर्षों में कोरबा में उत्पादन कंपनी द्वारा 1320 मेगावाट क्षमता के ताप विद्युत संयंत्र की स्थापना की जायेगी। इसके अतिरिक्त एनटीपीसी द्वारा राज्य में स्थापित की जा रही संयंत्रों से 50 प्रतिशत बिजली के क्रय हेतु अनुबंध किए गए है, जिससे 1200 मेगावाट बिजली राज्य को वर्ष 2027-28 तक प्राप्त होगी। इसके अतिरिक्त भविष्य की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए आगामी वर्षों में अतिरिक्त विद्युत उत्पादन क्षमता हासिल करने की कार्य योजना बनाकर उस पर गंभीरता से अमल किया जा रहा है। ताप विद्युत उत्पादन क्षमता बढ़ाने के अलावा पम्प स्टोरेज धारित जल विद्युत संयंत्र, बैटरी स्टोरेज सौर ऊर्जा संयंत्र का उत्पादन बढ़ाने के लिए भी बड़े पैमाने पर विभिन्न परियोजनाएं तेजी से आगे बढ़ाई जा रही है। इससे सामान्य अवधि के अतिरिक्त पीक लोड के समय बिजली उपलब्ध रहेगी। अंतर्राज्यीय पारेषण परियोजनाओं के माध्यम से अन्य राज्यों में उपलब्ध सरप्लस बिजली का उपयोग राज्य में करने हेतु वृहद स्तर पर कार्य किया जा रहा है। आर.डी. एस. एस. योजना के तहत लाईन लॉस में कमी लाकर बिजली उपलब्धता बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। केन्द्रीय क्षेत्र के ताप बिजली घरों से विद्युत प्राप्त करने के लिए अधिक से अधिक पॉवर पर्चेस एग्रीमेंट किया गया है। बैठक में बताया गया कि प्रदेश में कोई भी घोषित अथवा अघोषित बिजली कटौती नहीं की जा रही है। छत्तीसगढ़ राज्य देश के उन चुनिनंदा राज्यों में से एक है जो किसानों को अधिक मात्रा में तथा सस्ती बिजली उपलब्ध कराती है उल्लेखनीय है कि राज्य के किसानों को 18 घंटे मुफ्त में बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। यहां तक कि विद्युत आपूर्ति में आकस्मिक कमी होने पर राज्य की पॉवर कंपनी द्वारा महंगी दरों पर भी एक्सचेंज के माध्यम से विद्युत का क्रय कर किसानों एवं उपभोक्ताओं को निरंतर बिजली उपलब्ध कराई जाती है। विद्युत उपभोक्ता सेवा के लिए ऑनलाईन आईटी सॉल्यूशन्स के बड़े उपाय भी किये गये है। बिजली मितान बॉट सेवा में उपभोक्ता व्हाट्सअप के माध्यम से अपनी शिकायतें दर्ज करते हुए समाधान प्राप्त कर सकते है। मोर बिजली एप, 1912 सेवा एवं लोकल कॉल सेंटर आदि उपायों के भी उत्साहजनक परिणाम मिले है।

छत्तीसगढ़ को ‘प्रकृति परीक्षण अभियान’ में राष्ट्रीय सम्मान: मुख्यमंत्री साय ने दी बधाई

रायपुर छत्तीसगढ़ को ‘प्रकृति परीक्षण अभियान’ में राष्ट्रीय सम्मान: मुख्यमंत्री साय ने दी बधाई छत्तीसगढ़ ने भारतीय चिकित्सा पद्धति राष्ट्रीय आयोग, नई दिल्ली के तत्वावधान में आयोजित प्रकृति परीक्षण अभियान में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल कर राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान प्राप्त किया। राज्य ने स्ट्राइक रेट लक्ष्य में देशभर में तीसरा स्थान और कुल प्रकृति परीक्षण मानकों पर नौवां स्थान प्राप्त किया। इस उपलब्धि के लिए केन्द्रीय आयुष मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) प्रताप राव जाधव ने छत्तीसगढ़ को प्रशस्ति पत्र और ट्रॉफी प्रदान कर सम्मानित किया।यह सम्मान अभियान के राज्य समन्वयक डॉ. संजय शुक्ला ने ग्रहण किया। जहांगीर भाभा थियेटर, मुंबई में आयोजित अभियान के समापन समारोह में छत्तीसगढ़ को यह प्रतिष्ठित पुरस्कार प्रदान किया गया। इस उपलब्धि पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आयुष विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह स्वास्थ्य और आयुर्वेद के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ की बढ़ती उत्कृष्टता का प्रमाण है, जिससे राज्य में आयुष आधारित स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सशक्त किया जाएगा। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने आयुष विभाग के अधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार आयुष आधारित स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक व्यापक और प्रभावी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। इस तरह की पहल न केवल नागरिकों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक बनाएगी, बल्कि प्राकृतिक चिकित्सा पद्धतियों को मुख्यधारा में लाने में भी सहायक होगी। उल्लेखनीय है कि 26 नवंबर से 25 दिसंबर 2024 तक चले इस अभियान के तहत देशभर में 1.29 करोड़ से अधिक नागरिकों का परीक्षण किया गया, जिसमें छत्तीसगढ़ ने 4.45 लाख से अधिक नागरिकों का सफलतापूर्वक परीक्षण कर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। इस अभियान में राज्य के 3551 वालंटियर्स ने योगदान दिया। इसके अतिरिक्त अभियान की महत्ता को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ में केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीनस्थ केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) के 40,000 से अधिक अधिकारियों और जवानों का भी सफलतापूर्वक प्रकृति परीक्षण किया गया, जो आयुष चिकित्सा के प्रति बढ़ती जागरूकता और विश्वास को दर्शाता है। नागरिकों के लिए निरंतर जारी रहेगा अभियान आयुष विभाग के संचालक ने बताया कि मोबाइल एप्लीकेशन आधारित इस अभियान को नागरिकों से जबरदस्त समर्थन मिल रहा है। इसे देखते हुए छत्तीसगढ़ में इस अभियान को निरंतर जारी रखने का निर्णय लिया गया है। अब राज्य के नागरिक निकटतम आयुर्वेद महाविद्यालय, जिला आयुर्वेद चिकित्सालय, आयुष विंग, स्पेशलाइज्ड थैरेपी सेंटर, शासकीय आयुर्वेद औषधालयों एवं निजी आयुर्वेद चिकित्सकों से संपर्क कर अपना प्रकृति परीक्षण करवा सकते हैं।

फाइलेरिया के रोकथाम एवं जागरूकता के लिए सामूहिक दवा सेवन 27 फरवरी से 13 मार्च तक

गरियाबंद राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत शासन द्वारा फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम का आयोजन किया जायेगा। फाइलेरिया के रोकथाम एवं जागरूकता के लिए सामूहिक दवा सेवन गतिविधि के जरिये 27 फरवरी से 13 मार्च 2025 तक विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जायेगा। यह कार्यक्रम राजिम और छुरा क्षेत्र में विशेष रूप से चलाया जायेगा। इसके तहत बूथ लगाकर, घर-घर भ्रमण, मॉप-अप राउंड एवं एमडीए कॉर्नर गतिविधि कर दवाईयों का वितरण किया जायेगा। इसके तहत फाइलेरियारोधी डीईसी की गोली और कृमि नाशक अल्बेंडाजोल की गोली बच्चों और बड़ों को सेवन कराया जा जायेगा। कार्यक्रम के तहत 27 फरवरी से 02 मार्च तक बूथ लगाकर  आंगनबाड़ी स्कूल एवं शैक्षणिक संस्थानों दवा का सेवन कराया जायेगा। इसी प्रकार 03 मार्च से 10 मार्च तक घर-घर भ्रमण कर समुदाय स्तर पर दवा वितरण किया जायेाग। छूटे हुए जनसंख्या को 11 से 13 मार्च तक मॉप-अप राउंड के तहत दवा का सेवन कराया जायेगा। इसके अलावा 15 दिवसीय इस अभियान के दौरान स्वास्थ्य केन्द्रों में भी ओपीडी के पास बूथ लगाकर दवा का सेवन कराया जायेगा। कलेक्टर श्री दीपक अग्रवाल ने फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के सुचारू क्रियान्वयन के लिए आवश्यक निर्देश दिये है। उन्होंने छुरा एवं राजिम क्षेत्र के एसडीएम, जनपद सीईओ, शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को समन्वय कर कार्यक्रम को सक्रियतापूर्वक क्रियान्वित करने के निर्देश दिये है। साथ ही आवश्यक संख्या में अधिकारी – कर्मचारियों की ड्यूटी लगाकर गंभीरतापूर्वक विभिन्न गतिविधियों को संचालित करने के निर्देश दिये है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ गार्गी यदु पाल ने बताया कि फाइलेरिया एक संक्रामक बीमारी है जो कि मादा क्यूलेक्स नामक मच्छर के काटने से होता है। इस बीमारी में व्यक्ति के पैर हाथी पैर की तरह हो जाते है, इस कारण से इसे हाथी पांव कहते है। संक्रमित व्यक्ति को काटने के बाद किसी स्वस्थ व्यक्ति को यदि यह मच्छर काटता है तो उसमें एक साल बाद इस बीमारी के लक्षण दिखाई देते हैं। मुख्यतः हाथी पांव बीमारी के परजीवी शरीर के लिम्फ नोड्स, लिम्फ वाहिकाओं को प्रभावित करता है। शर्म या संकोच न करते हुए अंडकोष में सूजन, पैरों में सूजन होने पर नजदीकी अस्पताल जाकर इसकी जाँच अवश्य कराना चाहिए । प्रारंभिक जांच में बीमारी का पता चलने पर दवाइयों के सेवन से हाथी पांव बीमारी से पूर्ण रूप से बचा जा सकता है। साथ ही मच्छरों के प्रसार को रोकने तथा बीमारी से बचाव हेतु सोते समय मच्छरदानी का उपयोग, घरों के आसपास साफ सफाई के अलावा पानी के गड्डों, टूटे बर्तन, गमलों, में पानी जमा न होने देना या जला हुआ तेल डालना चाहिए। अनुपयोगी कुंआ में भी जला हुआ तेल डालना चाहिए। इससे मच्छरों के पनपने के स्त्रोत को नियंत्रित कर सकते हैं। प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी हाथी पांव बीमारी से बचाव और नियंत्रण हेतु फाइलेरिया रोधी डीईसी की गोली और कृमि नाशक अल्बेंडाजोल की गोली सेवन के लिए विशेष कार्यक्रम स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाया जा रहा है।

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