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बालोद को CM साय ने दी 141 करोड़ रुपये की सौगात, बोले – अंतिम छोर के व्यक्ति तक सुशासन पहुंचाने हमारी सरकार प्रतिबद्ध

रायपुर हमने अटल बिहारी वाजपेयी की स्मृति में वर्ष 2025 को अटल निर्माण वर्ष घोषित किया है. इस वर्ष गुणवत्तायुक्त विकास कार्य पर पूरा ध्यान केंद्रित किया जा रहा है. सबका साथ-सबका विकास-सबका प्रयास और सबका विश्वास मूलमंत्र के साथ हर नागरिक की जिम्मेदारी है कि अपने क्षेत्र के विकास और निर्माण कार्यों की सतत निगरानी करें और विकसित छत्तीसगढ़ राज्य बनाने में अपना योगदान दें. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बुधवार को बालोद जिले के ग्राम जुगेरा में आयोजित 141 करोड़ रुपये के विकास कार्यों के लोर्कापण और शिलान्यास कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए यह बात कही. मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारी सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई संसाधन और सड़कों के रखरखाव पर फोकस करते हुए अंतिम छोर के व्यक्ति तक सुशासन पहुंचाने प्रतिबद्ध है. भारतीय प्राचीन ग्रंथों में जिसे रामराज्य कहा गया है, वही तो सुशासन है. सुशासन का सूर्याेदय हो गया है, यह सब आप लोगों के स्नेह और अपार जनसमर्थन से यह संभव हो सका है. हमें विश्वास है कि आप सबका भरोसा अटूट रहेगा. सभी मिलजुलकर विकासशील छत्तीसगढ़ को विकसित छत्तीसगढ़ बनाएंगे. सीएम साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सपना है कि कोई भी भारतीय खुले आसमान के नीचे नहीं सोएगा. हर नागरिक का पक्का मकान होगा. पक्का छत वाले मकान निर्माण की योजना प्रधानमंत्री आवास के तहत बालोद जिले में 31 हजार से अधिक परिवार लाभान्वित हुए हैं. इनमें आधे से अधिक आवास बन गए हैं. शेष का निर्माण किया जा रहा है. उन्होंने नए आवास में प्रवेशित हितग्राहियों को बधाई और शुभकामनाएं दी. मुख्यमंत्री साय ने बालोद जिले के ग्राम जुगेरा में आयोजित कार्यक्रम में 141 करोड़ रुपये के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया. उन्होंने इस अवसर पर बालोद में 400 सीटर ऑडिटोरियम के निर्माण और जुगेरा स्थित बंजारी माता मंदिर में दर्शनार्थियों की सुविधा में विस्तार के लिए डोम सेट निर्माण की भी घोषणा की. मुख्यमंत्री ने कहा कि जल्द ही बालोद में नालंदा परिसर का निर्माण होगा, इसकी स्वीकृति भी मिल चुकी हैं. उन्होंने भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट नर्सिंग अफसर के रूप में सेवा दे रही बालोद के ग्राम जमरूवा निवासी वीणा साहू की सराहना करते हुए उसके उज्जवल भविष्य की कामना की. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि बालोद जिले में बड़ी संख्या में तेंदूपत्ता हितग्राही हैं, हमने उनके हित में तेंदूपत्ता खरीदी की दर में प्रति मानक बोरा 15 सौ रुपये की अतिरिक्त वृद्धि करते हुए 5500 रूपये प्रति मानक दर से खरीदी सुनिश्चित की. हमने डौंडीलोहारा विकासखंड के मटियामोती जलाशय के नहरों का लाइनिंग मरम्मत और पुर्ननिर्माण के लिए भूमिपूजन किया है. करीब 30 करोड़ रूपये की लागत से बनने वाली इस नहर से किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिल सकेगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषक उन्नति योजना से बालोद जिले के करीब डेढ़ लाख किसान लाभान्वित हुए हैं. उनके खाते में 2023-24 में बेचे गए खरीफ सीजन के धान की राशि 686 करोड़ रूपये अंतरित की गई है, इससे किसानों में समृद्धि आयी है. किसान खुशहाल हुए हैं. हमारा मानना है कि जब हमारे अन्नदाता खुशहाल होंगे तो सभी का जीवन सुखमय रहेगा. बालोद जिले में डेढ़ लाख से अधिक किसानों के खाते में 223 करोड़ रुपये बकाया बोनस की राशि भी हमने गत वर्ष दिया है. उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि मोदी की गारंटी वाली विष्णुदेव साय की सरकार में विकास कार्यों के लिए पैसे की कोई कमी नहीं होगी. कार्यक्रम को सांसद भोजराज नाग ने भी संबोधित किया. इस अवसर पर बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे.

नशीली दवाओं के अवैध कारोबार से आरोपी ने मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र में खरीदी संपत्ति, पुलिस ने की सीज

बिलासपुर नशे के कारोबारी ने अलग-अलग राज्यों में दो करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति बनाई थी। पुलिस की टीम ने जांच के बाद मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, हरियाणा स्थित जमीन को सीज किया है। साथ ही बैंक में जमा रुपयों को होल्ड कराया गया है। आरोपित के शेयर भी जब्त कर लिए गए हैं। मामले को पुलिस सफेमा कोर्ट में पेश करेगी। न्यायालय के आदेश पर संपत्ति जब्त की जाएगी। एसपी रजनेश सिंह ने बताया कि सिविल लाइन पुलिस ने नशीली दवाओं के कारोबार से जुड़ी सृष्टि कुर्रे को गिरफ्तार किया है। उससे पूछताछ में पता चला कि वह गिन्नी जांगड़े, संजीव उर्फ सुच्चा सिंह छाबड़ा से नशीली दवाएं मंगाती थी। इसके बाद पुलिस की टीम ने सृष्टि के संपर्क की जांच शुरू कर दी। इस दौरान पुलिस ने संजीव उर्फ सुच्चा सिंह को मध्य प्रदेश के जबलपुर से गिरफ्तार किया। करीब दो करोड़ रुपये की है पूरी संपत्ति आरोपित को न्यायालय के आदेश पर जेल भेज दिया गया। इसके बाद पुलिस ने उसके संपत्ति की जांच शुरु की। इसमें पता चला कि लंबे समय नशीली दवाओं के अवैध कारोबार में सक्रिय रहकर मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र में संपत्ति खरीदी। साथ ही हरियाणा में एक करोड़ से अधिक की जमीन का सौदा कर 20 लाख रुपये एडवांस दिया था। पुलिस ने राजस्व विभाग से इसकी जानकारी लेकर संपत्ति सीज कर लिया है। साथ ही शेयर और बैंक एकाउंट को होल्ड कराया गया है। पूरी संपत्ति लगभग दो करोड़ रुपये की है। आरोपित की संपत्ति जबलपुर में 4,190 वर्गफुट जमीन, निर्माणाधीन मकान-दुकान, कीमत 65 लाख।     महाराष्ट्र के नागपुर मौदा में चार दुकान व एक जमीन कीमत 1.08 करोड़ रुपये।     हरियाणा के फरीदाबाद में जमीन खरीदने के लिए दिए 20 लाख रुपये एडवांस।     कंपनी के माध्यम से खरीदे गए चार लाख 96 हजार रुपये के शेयर जब्त किए गए।     आरोपित और उसकी बहू के खाते में जमा सात लाख 77 हजार रुपये भी मिले हैं। फर्जी कंपनी बनाकर अवैध कमाई को करता था वैध एएसपी अनुज कुमार ने बताया कि आरोपित ने अपने पुराने पता टिकरापारा से छाबड़ा कंस्ट्रक्शन के नाम पर फर्म तैयार की थी। इससे वह रुपये का लेन-देन करता था। साथ ही मुनाफा बताकर नशे के अवैध कारोबार से कमाई संपत्ति को वैध कर रहा था। आरोपित के बैंक खातों की जांच में पता चला कि अवैध कमाई को पहले उसने अपने रिश्तेदारों के खाते में जमा किया। इसके बाद अपने फर्म के खाते में लेकर अलग-अलग जगहों पर निवेश कर रहा था। क्या है सफेमा कोर्ट तस्करी से कमाई की संपत्ति को जब्त कर पुलिस पूरे मामले को सफेमा (स्मगलर्स एंड फॉरेन एक्सचेंज मेनीपुलेटर्स कोर्ट) में पेश करती है। इसमें नशीली दवाओं के अवैध कारोबार से 10 साल के भीतर कमाई संपत्ति की जांच की शामिल है। आरोपित को न्यायालय में संपत्ति की जानकारी देनी होती है। सुनवाई के बाद कोर्ट संपत्ति के संबंध में निर्णय देती है। मुंबई रीजन में बड़ी कार्रवाई सिविल लाइन पुलिस की ओर से साल 2024 में नशे के कारोबार से गोदावरी जांगड़े के खिलाफ सफेमा कोर्ट में आवेदन पेश किया। यह पूरे छत्तीसगढ़ में पहला मामला था। इसके बाद साल 2025 में भी सुच्चा सिंह के खिलाफ कार्रवाई की गई है। सफेमा कोर्ट के मुंबई रीजन में छत्तीसगढ़ के साथ ही गुजरात, गोवा, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ राज्यों और दमन और दीव तथा दादरा और नगर हवेली के संघ शासित प्रदेश आते हैं। नशे के कारोबारी की संपत्ति सीज करने मुंबई रीजन में स्टेट पुलिस की बड़ी कार्रवाई है।

जवानों का मनोबल बढ़ाने की जरूरत, एक हजार बौखलाए नक्सलियों ने बढ़ाई सरकार की चुनौती

रायपुर नक्सल विरोधी मुहिम के बीच छत्तीसगढ़ के बस्तर में सक्रिय एक हजार सशस्त्र नक्सली सरकार के लिए बड़ी चुनौती हैं। खुफिया सूत्रों के अनुसार, साल भर पहले बस्तर में ढाई हजार नक्सली सक्रिय थे। इनमें से 220 से अधिक नक्सलियों को सुरक्षा बल के जवानों ने गत 13 महीनों में मार गिराया है। करीब 1,200 से अधिक नक्सली या तो आत्मसमर्पण कर चुके हैं या गिरफ्तार किए जा चुके हैं। गिरफ्त में आए नक्सलियों ने पुलिस को बताया है कि नक्सलियों की नई भर्तियां रुकी हुई हैं। पुराने और वरिष्ठ कैडर के नक्सली या तो आत्मसमर्पण कर रहे हैं या फिर गिरफ्तार किए जा रहे हैं। इसी के चलते नक्सली बौखलाए हुए हैं। हालांकि, नक्सल विशेषज्ञों का मानना है कि सक्रिय नक्सलियों के अलावा बस्तर में नक्सलियों के ओवर ग्राउंड वर्कर व समर्थकों की संख्या चार हजार के आस-पास है। समय-समय पर नक्सली इन समर्थकों को बंदूक उठाने या अपने मिशन में इस्तेमाल भी करते हैं। तेज करना होगा अभियान बीजापुर जिले में सोमवार को नक्सलियों ने आइईडी लगाकर जवानों के वाहन को विस्फोट कर उड़ा दिया, जिसमें डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड (डीआरजी) के आठ जवान बलिदान हो गए और एक वाहन चालक की शहादत हुई है। इसके बाद एक बार फिर बस्तर में जवानों के मनोबल को बढ़ाने की आवश्यकता महसूस हो रही है। विशेषज्ञों के अनुसार केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की ओर से मार्च 2026 तक नक्सलवाद खत्म करने के तय किए गए लक्ष्य को पूरा करने के लिए अभियान तेज करना होगा।

राज्यपाल डेका से परिवीक्षाधीन वन सेवा के अधिकारियों ने की भेंट

रायपुर, राज्यपाल रमेन डेका से आज राजभवन में भारतीय वन सेवा के 2023 बैच के परिवीक्षाधीन अधिकारियों ने सौजन्य भेंट की। श्री डेका ने उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दी तथा भविष्य के लिए मार्गदर्शन भी दिया। श्री डेका ने कहा कि अपने कर्तव्यों का पालन ईमानदारी व अनुशासन के साथ करें । उन्होंने पर्यावरण संरक्षण पर विशेष ध्यान देने की समझाइश दी और कहा कि वनों की सुरक्षा और संरक्षण व देश के विकास के लिए बहुत महत्वपूर्ण है, इसलिए इस कार्य को अपना प्रथम कर्तव्य मानना चाहिए। राज्यपाल ने परिवीक्षाधीन अधिकारियों को अपने कार्य मेें नवाचार करने के लिए प्रेरित और प्रोत्साहित किया। इस अवसर पर प्रभारी अतिरिक्त प्रधान मुख्य वन संरक्षक  नवीद शजाउद्दीन तथा वन सेवा के परिवीक्षाधीन अधिकारी  श्वेता कम्बोज, तन्मय कौशिक , गौतम पदीभर और  सुमेध संजय सुरवाडे उपस्थित थे।

राज्यपाल डेका से डॉ. सी.व्ही. रमन विश्वविद्यालय के कुलाधिपति ने भेंट की

रायपुर, राज्यपाल रमेन डेका से आज राजभवन में डॉ. सी.व्ही. रमन विश्वविद्यालय के कुलाधिपति डॉ अरूण आर जोशी ने सौजन्य भेंट की। श्री डेका ने यू.सी.जी के गाइडलाइन के अनुसार कार्य करने और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए आवश्यक निर्देश दिए। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. अरविंद तिवारी सहित डॉ. नितिन वत्स व डॉ. उषा किरण अग्रवाल उपस्थित थे। 

उद्योग मंत्री ने टीपी नगर जोन के चार वार्डों में रखी 82.58 लाख के कार्यों की आधारशिला

रायपुर , वाणिज्य उद्योग और श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन ने कोरबा नगर निगम क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 14 में चार वार्डों में कुल 82.58 लाख के कार्यों का भूमिपूजन किया। मंत्री श्री देवांगन ने इस अवसर पर कहा कि आज टीपी नगर जोन के वार्डों को इतने कार्यों की सौगात विष्णुदेव की सरकार में मिल रहा है। मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि आप लोगों से हमने जो वादा किया था उसे अक्षरसः निभाने का काम मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय जी की सरकार में हो रहा है। आने वाले वर्षों में आपको विकास और तेज गति से दिखने लगेगी। इस अवसर पर जिला उपाध्यक्ष प्रफुल्ल तिवारी, वॉर्ड क्रमांक 16 के पार्षद नरेंद्र देवांगन कोसाबाड़ी मंडल के अध्यक्ष डॉ. राजेश राठौर, कोरबा मंडल के अध्यक्ष योगेश मिश्रा, उमा भारती सराफ, ज्योति वर्मा, मंजू सिंह, अजय विश्वकर्मा, पार्षद धनसाय साहू, चन्दन सिंह, हार बाई यादव, सुशील गर्ग, स्मिता सिंह समेत अन्य उपस्थित थे। इन कार्यों की रखी गई आधारशिला वार्ड क्र. 02 सी.सी. रोड निर्माण कार्य अमर चंद्रा घर से भागी चंद्रा घर तक लागत रूपए 8 लाख, वार्ड क्र. 02 तुलसी नगर सामुदायिक भवन में अतिरिक्त विकास कार्य लागत 5 लाख, वार्ड  03 नदी किनारे पचरी निर्माण कार्य 10 लाख, वार्ड 3 क्षेत्रांतर्गत विकास कार्य, 10 लाख, वार्ड क्र. 03 राताखार में स्थित शासकीय माध्यमिक शाला में अतिरिक्त कक्ष का निर्माण कार्य, लागत 14.58 लाख, वार्ड क्र. 13 झरनापारा मोहल्ला स्थित सामुदायिक भवन में अतिरिक्त कक्ष निर्माण कार्य, लागत 5 लाख, वार्ड क्र. 14 पानी टंकी के पास सामुदायिक भवन में अतिरिक्त कक्ष एवं विस्तार कार्य 15 लाख, वार्ड क्र. 14 क्षेत्रांतर्गत पम्प हाउस में झोपड़ीपारा मैग्जिनभाठा, अटल आवास के पीछे रोड नाली निर्माण कार्य,10 लाख,वार्ड क्र. 14 पम्प हाउस में आदर्श श्रमिक क्लब के सामने बस स्टॉप का निर्माण कार्य, लागत 5 लाख कुल 82.58 लाख के कार्यों का आज भूमिपूजन और शिलान्यास कर कार्यों का श्री गणेश किया गया।

मंत्री रामविचार नेताम पहुंचे बलरामपुर रामानुजगंज गौशाला, गोवंश की पूजा, किया लोकार्पण और शिलान्यास

बलरामपुर रामानुजगंज बलरामपुर रामानुजगंज ग्राम पंचायत देवीगंज में संचालित श्री श्याम श्यामा गौशाला में शेड निर्माण कार्य के शिलान्यास, सामुदायिक गाय शेड लोकार्पण कार्यक्रम व गौ पूजन कार्यक्रम में कृषि मंत्री राम विचार नेताम, पत्नी जिला पंचायत सभापति पुष्पा नेताम के साथ पहुंचकर विधि विधान से पूजा अर्चना किया एवं गौवंश को गुड़, चारा खिलाया। इस अवसर पर उन्होंने सामुदायिक भवन एवं गोदाम निर्माण की घोषणा भी की। नेताम सपत्नी गौशाला परिसर में वृक्षारोपण भी किया। इस अवसर पर नेताम ने गौ सेवा और पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डाला उन्होंने कहा कि श्री श्याम श्यामा गौशाला गौ माता की सेवा के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण और सनातन संस्कृति को सशक्त बनाएगा।सनातन संस्कृति में गौ माता का स्थान अत्यंत पूज्नीय और महत्वपूर्ण है। जैसे जन्म देने वाली मां अपने शिशु का पालन पोषण करती है वैसे ही गौ माता अपने अमृत तुल्य दूध से संपूर्ण मानव जाति का भरण पोषण करती है। गौ सेवा न केवल हमारी परंपरा और धर्म का हिस्सा है बल्कि यह समस्त जीव जगत के प्रति हमारे कर्तव्य का प्रतीक भी है। भाजपा मंडल अध्यक्ष सीताराम गुप्ता एवं वरिष्ठ भाजपा नेता सुनील तिवारी ने कहा कि हम सब का सौभाग्य है की गौशाला समिति से जुड़कर हम सब गौ सेवा के कार्य में लगे हुए हैं। गौ भक्त बद्री यादव एवं आनंद चौबे ने गौशाला के संबंध में विस्तार से अपनी बात रखते हुए कहां की हम बहुत ही सौभाग्यशाली है कि गौ सेवा के कार्य करने का मौका हम सबको मिल रहा है। कार्यक्रम का संचालन विनय पांडे एवं आभार प्रदर्शन गौ भक्त बद्री यादव के द्वारा किया गया। महिला ने गौशाला के लिए दान की जमीन श्याम श्याम गौशाला के लिए गांव की खोजमनी कोरवा के द्वारा 50 डिसमिल जमीन दान में दी गई ।है जिसका नेताम ने जमकर प्रशंसा की उन्होंने कहा कि जो बड़ा दिल खोजमणि ने दिखाया वह हम सबके लिए अनुकरणीय है। नेताम ने खोज मनी कोरवा का सम्मान शाल श्रीफल देकर किया वहीं चरवाहो व गौ भक्त सुनील तिवारी एवं आनंद चौबे का भी सम्मान शाल श्रीफल देकर किया। बद्री एवं आनंद ने गौ सेवा की की मिसाल पेश गौशाला से जुड़े बद्री यादव एवं आनंद चौबे के द्वारा विगत कई वर्षों से गौशाला का संचालन विभिन्न विपरीत परिस्थितियों में भी किया गया। गौ भक्ति उनकी ऐसी थी कि तमाम प्रकार की परेशानी के बावजूद भी श्रद्धापूर्वक गौ सेवा के कार्य में लग रहे। गौ भक्त बद्री यादव एवं आनंद चौबे की प्रशंसा कृषि मंत्री राम विचार नेताम सहित गौ सेवा आयोग एवं यहां पहुंचने वाले जिला एवं प्रदेश स्तर के अधिकारियों ने भी कई बार की।

दृष्टिबाधित बच्चों के लिए उपलब्ध कराया गया ’एनी डिवाइस’

नेत्रहीन बच्चों के भविष्य की बेहतरी के लिए प्रशासन का एक और उत्कृष्ट प्रयास ब्रेल लिपि का उन्नत स्वरूप है ’’एनी डिवाइस’’ रायपुर, वर्तमान समय में दिव्यांग छात्र छात्राओं को आधुनिक शिक्षा प्रणाली से जोड़ने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से नये-नये तकनीक और उपकरणों का शिक्षा के क्षेत्र में समावेश किया जा रहा है। ताकि दिव्यांग बच्चों के शैक्षणिक विकास को एक नया दिशा दिया जा सके। और हम सभी जानते है कि ब्रेल लिपि के माध्यम से दृष्टिबाधित व्यक्ति पढ़ने लिखने में सामर्थ्य हासिल कर सकते है दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा जिले के गीदम विकासखंड अन्तर्गत जावंगा में स्थित आवासीय विद्यालय ’’सक्षम’’ का संचालन किया जा रहा है। यह छत्तीसगढ़ का पहला ऐसा संस्थान हैं जहां दिव्यांग बच्चों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए अत्याधुनिक मशीनों के माध्यम से प्रशिक्षित शिक्षकों द्वारा प्रशिक्षण दिया जाता है। यहां वर्तमान में विभिन्न दिव्यांग श्रेणी के 94 बालिकाओं, एवं 90 बालक अध्ययनरत है इनमें 16 बालिकाएं एवं 12 बालक दृष्टिबाधित श्रेणी में है। इस संस्थान में बच्चों को सर्वांगीण शिक्षा के साथ-साथ आत्मविश्वास बढ़ाने के सभी उपाय किए जा रहे हैं। यहां बच्चे अपने दैनिक कार्यों को आसानी से पूरा कर लेते हैं। ये बच्चे दूसरे बच्चों की तरह सामान्य स्कूलों में सुबह की पाली में जाते हैं। दोपहर को इनकी विशेष प्रशिक्षण की कक्षाएं होती हैं जहां इनकी जरूरतों के अनुरूप इन्हें चीजें सिखायी जाती हैं। इसके साथ ही जिला प्रशासन के प्रयास अनुरूप दंतेवाड़ा जिले में नेत्रहीन बच्चों के लिए शिक्षा और तकनीक का जो समावेश हो रहा है, वह एक सराहनीय पहल है। इस क्रम में जिला प्रशासन द्वारा सक्षम स्कूल में दृष्टिबाधित बच्चों को एक विशेष उपकरण ’’एनी डिवाइस’’ प्रदान किया गया है। दृष्टिबाधित बच्चों के लिए एक क्रांतिकारी उपकरण यह एक स्मार्ट लर्निंग टूल है, जो ब्रेल लिपि सीखने और पढ़ने में बच्चों की मदद करता है। एनी डिवाइस खासतौर पर उन बच्चों के लिए डिजाइन किया गया है जो देखने में असमर्थ हैं। यह डिवाइस टच और ऑडियो फीचर्स के माध्यम से बच्चों को ब्रेल अक्षरों को पहचानने और लिखने में सहायता करता है। कैसे काम करता है एनी डिवाइस? बच्चे अपनी उंगलियों से डिवाइस पर ब्रेल अक्षरों को छूते हैं। डिवाइस तुरंत ऑडियो में अक्षर का नाम और उसकी ध्वनि सुनाता है। इसमें इंटरएक्टिव गेम्स और क्विज भी होते हैं, जो बच्चों को सीखने में मजेदार अनुभव प्रदान करते हैं। बच्चों को होने वाले फायदे ’’एनी डिवाइस“ से बच्चे ब्रेल लिपि आसानी से सीख सकते है। इसके साथ ही यह डिवाइस बच्चों को आत्मनिर्भर बनने में मदद करता है, जिससे वे अपनी पढ़ाई में दूसरों पर कम निर्भर रहते हैं। सीखने का यह नया तरीका बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ता है और उन्हें नई ऊंचाइयों तक पहुंचने के लिए प्रेरित करता है। जिला प्रशासन का यह प्रयास दृष्टिबाधित बच्चों के भविष्य को बेहतर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। 2013 में सक्षम विद्यालय की स्थापना से लेकर अब ब्रेल लिपि के उन्नयन और “एनी डिवाइस” के उपयोग तक, यह प्रयास नेत्रहीन बच्चों के जीवन में बड़ा बदलाव ला रहा है। इस संबंध में बच्चों को पढ़ा रहे शिक्षक श्री अमित यादव ने बताया कि 2015 से ब्रेल लिपि बच्चों को पढ़ा रहे है लेकिन अब जिला प्रशासन के सहयोग से हमें एक नया डिवाइस मिला है पहले ब्रेल मशीन में एक साथ लिख सकते थे लेकिन अब एनी डिवाइस के माध्यम से बच्चे और अच्छे से पढ़ाई कर सकते है और अन्य प्रकार की सुविधा मिलेगी, जिससे बच्चों और अच्छे से पढ़ पाएगें। ब्रेल लिपि पहले से ही नेत्रहीन बच्चों के लिए पढ़ने-लिखने का एक अनूठा साधन है। अब इस नई तकनीक, “एनी डिवाइस,” के माध्यम से बच्चों को न केवल पढ़ाई बल्कि गेम, गाने और अन्य डिजिटल सुविधाओं का भी अनुभव हो रहा है। यह ’’डिवाइस वॉइस असिस्टेंस’’ जैसी तकनीक से लैस है, जो बच्चों को आत्मनिर्भर और आधुनिक शिक्षा प्रणाली से जोड़ने में मदद करती है। दंतेवाड़ा प्रशासन का यह कदम समाज के उन वर्गों के लिए प्रेरणा है, जिन्हें विशेष ध्यान और सहयोग की आवश्यकता है। यह शिक्षा में समावेशिता और तकनीकी विकास का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करता है।

HMPV को लेकर आवश्यक सुझाव एवं दिशा निर्देश तैयार किए जाने हेतु तकनीकी समिति का गठन

डॉ.एस.के. पामभोई की अध्यक्षता में 5 सदस्यीय टीम देगी HMPV को लेकर अपना अभिमत रायपुर, भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस (HMPV) के संबंध में सभी राज्यों को जागरूकता हेतु निर्देशित किया गया है। इसी क्रम में छत्तीसगढ़ राज्य में ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस (HMPV) संक्रमण के संबंध में वर्तमान / अद्यतन स्थिति पर सतत् निगरानी बनाए रखने हेतु एक तकनीकी समिति का गठन किया गया है। HMPV के संक्रमण के रोकथाम, बचाव, जागरूकता एवं आगामी कार्ययोजना के संबंध में आवश्यक सुझाव एवं दिशा निर्देश तैयार किए जाने हेतु इस तकनीकी समिति का गठन किया गया है। इस समिति में संचालक, महामारी नियंत्रण डॉ.एस.के. पामभोई अध्यक्ष के रूप में हैं। इनके साथ सदस्य के रूप में उपसंचालक डॉ. खेमराज सोनवानी, उपसंचालक डॉ. धर्मेन्द्र गहवई, राज्य सलाहकार आईएसडीपी आकांक्षा राणा तथा राज्य सलाहकार आईएसडीपी चयनिका नाग शामिल हैं। यह तकनीकी समिति राज्य में HMPV के संबंध में समय-समय पर अपना प्रतिवेदन अभिमत स्वास्थ्य विभाग को प्रस्तुत करेगी।

सौम्या चौरसिया को मिली जमानत, पर जेल से नहीं आ पाएंगी बाहर

रायपुर लंबे समय से जेल में कैद सौम्या चौरसिया के लिए राहत भरी खबर आई है. आय से अधिक संपत्ति मामले में नियत समयावधि में चार्जशीट दाखिल न होने पर एसीबी/ईओडब्लू स्पेशल कोर्ट ने सौम्या चौरसिया को जमानत दे दी है. लेकिन सौम्या चौरसिया अभी जेल से बाहर नहीं आ पाएंगी क्योंकि उनके विरुद्ध कोल लेव्ही का केस चल रहा है. एसीबी/ईओडब्लू कोर्ट में न्यायाधीश निधि शर्मा तिवारी के समक्ष सौम्या चौरसिया के अधिवक्ता फैजल रिज़वी ने 7 जनवरी को ज़मानत आवेदन पेश किया था. अधिवक्ता के आवेदन में बताया कि नियत समयावधि साठ दिन हो चुके हैं और चालान पेश नहीं हुआ है इसलिए ज़मानत दी जाए. इस आवेदन के बाद एसीबी/ईओडब्लू की ओर से आवेदन देकर बहस के लिए आज का समय मांगा गया. एसीबी की ओर से श्लोक श्रीवास्तव और मिथिलेश वर्मा ने यह तर्क दिया कि एसीबी के प्रकरण में चार्जशीट दाखिल करने की मियाद 60 दिन बल्कि 90 दिन है. इस पर बचाव पक्ष के अधिवक्ता फैजल रिज़वी ने हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के न्याय दृष्टांत के साथ यह तर्क किया कि चार्जशीट दाखिल करने की अवधि 60 दिन है. बचाव पक्ष की ओर से बीएनएसएस 187(3) का उल्लेख करते हुए न्यायालय से अनुरोध किया कि इसमें भी साठ दिवस की अवधि निर्धारित है. लेकिन जेल में रहेंगी सौम्या रायपुर की विशेष अदालत (एसीबी/ईओडब्लू) ने बचाव पक्ष के अधिवक्ता फैजल रिज़वी के तर्कों से सहमत होते हुए सौम्या चौरसिया को ज़मानत दे दी. ईडी के कोल लेव्ही स्कैम में सौम्या चौरसिया को सुप्रीम कोर्ट से पूर्व में ज़मानत मिल चुकी है, आय से अधिक संपत्ति मामले में भी उन्हें रायपुर अदालत से ही ज़मानत मिल गई है. लेकिन सौम्या चौरसिया अभी जेल से बाहर नहीं आ पाएंगी क्योंकि उनके विरुद्ध एसीबी/इओडब्लू ने कोल लेव्ही केस में केस दर्ज कर रखा है, और इस प्रकरण में उन्हें ज़मानत नहीं मिल सकी है. मामले की जानकारी देते हुए ACB/EOW के वकील सौरभ पांडे ने बताया कि 60 दिन की समयावधि में चालान पेश नहीं करने पर जमानत का लाभ देते हुए कोर्ट ने सौम्या चौरसिया को जमानत दी है, लेकिन वो अभी जेल में ही रहेगी.

6 जनवरी को आईईडी ब्लास्ट में सुदर्शन वेट्टी हुए थे शहीद, छत्तीसगढ़-बीजापुर में पिता को दो माह के मासूम ने दी अंतिम विदाई

बीजापुर. जिले के कुटरू इलाके में नक्सलियों ने कायराना हरकत को अंजाम देते हुए आईईडी विस्फोट किया था जिसमें आठ जवान बलिदान हुए थे। इस हादसे में एक ड्राइवर की भी मौत हो गई थी। यह घटना उस समय हुई जब डीआरजी और बस्तर फाइटर्स के जवान एक ऑपरेशन से लौट रहे थे। इस भीषण हमले में मौके पर ही सभी जवान बलिदान हो गए जिनमें वाहन चालक भी शामिल था। घटना इतनी भयावह थी कि शहीद जवानों के शव क्षत-विक्षत हालत में मिले। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने शहीदों को श्रद्धांजलि दी और संकल्प लिया कि नक्सलवाद का जड़ से खात्मा किया जाएगा। उन्होंने 2026 तक नक्सलवाद को समाप्त करने का लक्ष्य दोहराया। दंतेवाड़ा जिला मुख्यालय में शहीद हुए सभी जवानों को पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। सलामी के साथ उनकी शहादत को नमन किया गया और यह सुनिश्चित करने की प्रतिज्ञा ली गई कि उनकी कुर्बानी व्यर्थ नहीं जाएगी। इस दौरान मानवीय संवेदनाओं को झकझोर देने वाला सामने आया, जहां शहीद जवान सुदर्शन वेट्टी के अंतिम संस्कार में उनके दो महीने के मासूम बेटे ने पिता को अंतिम विदाई दी। इस दौरान मौजूद हजारों लोगों की आंखें नम हो गई थीं। हर कोई गमगीन था।

प्रधानमंत्री जनमन योजना से संवर रही विशेष पिछड़ी जनजाति परिवार की जिंदगी

पक्के छत के साथ गंगाराम के परिवार को मिला सुरक्षित जीवन कोण्डागांव जिले के दूरस्थ विकासखण्ड बड़ेराजपुर से 12 कि.मी. की दूरी पर स्थित ग्राम पंचायत कोसमी के चनाभर्री जहां विशेष पिछड़ी जनजाति समूह के 10 कमार परिवार निवासरत हैं। ग्राम पंचायत कोसमी अन्तर्गत चनाभर्री बसाहट वनग्राम में आता है, जो जंगल से लगा हुआ है। इन परिवारों का मुख्य व्यवसाय कृषि एवं वनोपज पर आधारित हैं, जिससे वे अपना गुजर-बसर करते हैं। प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान (जनमन) अंतर्गत चनाभर्री को विशेष पिछड़ी जनजाति समूह के बसाहट के रूप में चिन्हाकित कर यहां निवासरत सभी 10 कमार परिवारों को केंद्र एवं राज्य शासन की सभी योजनाओं से जोड़कर उन्हें सभी बुनियादी सुविधाएं पहुंचाने के लिए कार्य किया जा रहा है। जिला प्रशासन द्वारा सभी विभागों के समन्वित प्रयासों से योजना के बेहतर क्रियान्वयन का प्रयास किया जा रहा है। चनाभर्री निवासी श्री गंगाराम मरकाम उन्हीं कमार जनजाति परिवारों में से एक हैं, जिन्हें जनमन योजनान्तर्गत प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्का आवास का लाभ मिला है। गंगाराम आज पक्का आवास पाकर बहुत खुश हैं और इससे उनके जीवन में एक बदलाव की शुरुआत हुई है। गंगाराम के परिवार का झोपड़ी में बीत रहा था जीवन आर्थिक कठिनाइयों से जूझ रहे गंगाराम का परिवार पहले कच्चा झोपड़ीनुमा मकान में रहकर गुजर-बसर करते थे, जो लकड़ी और छत में प्लास्टिक को डाल कर बनाए थे। गंगाराम अपनी पत्नी और माता-पिता के साथ रहते हैं और उनके माता-पिता वृद्ध हो चुके हैं। गंगाराम घर चलाने के लिए बांस से विभिन्न प्रकार के घरेलु उपयोग के परम्परागत समान बनाते हैं और इस कार्य में उनकी पत्नी गंगाराम का हाथ बटाती है। गंगाराम अपनी पत्नी के साथ मिलकर वनोपज का भी संग्रहण करते हैं, जिसमें चार-चिरोंजी, महुआ आदि शामिल है। इन उत्पादों को गंगाराम विश्रामपुरी बाजार में बेचने के लिए लाते हैं और इससे जो आय प्राप्त होता है, उससे घर की छोटी-मोटी जरूरतों को पूरा करते हैं। गंगाराम बताते हैं कि इससे उनके परिवार का गुजारा बड़े ही मुश्किल से हो पाता है। जंगल से लगे होने के कारण उनके परिवार को सांप, बिच्छू और अन्य वन्यजीवों के खतरों का भी सामना करना पड़ता था। गंगाराम बरसात के दिनों को याद करते हुए बताते हैं कि बरसात के मौसम में झोपड़ी से पानी टपकता था, जो हमारे परिवार के लिए एक बड़ी समस्या थी, क्योंकि छत से पानी टपके से झोपडी में पानी भर जाता था। इससे दैनिक जीवन में उपयोग होने वाली चीजे ख़राब हो जाती थी और इससे गंगाराम के परिवार को कई तरह से मुश्किलों का सामना करना पढता था। बरसात के मौसम में तेज बारिश और तेज धुप से घर के छत में लगाए गए प्लास्टिक ख़राब हो जाती थी तब गंगाराम के मन में पक्का मकान का ख्याल आता था पर आय के सीमित साधन होने के कारण गंगाराम के लिए पक्का मकान बनाना एक सपना जैसा था। जनमन योजना से मिला पक्का मकान, गंगाराम का जीवन हुआ आसान गंगाराम को जनमन योजना अंतर्गत वर्ष 2023-24 में आवास की स्वीकृति मिली। आवास स्वीकृति के पश्चात श्री गंगाराम का अपने स्वयं का पक्का मकान बनाने की उम्मीद पूरा होते दिखाई दी एवं प्रथम किश्त की राशि मिलते ही सपने को पूरा करने की दिशा मिल गई, जिसके पश्चात जिला, जनपद एवं ग्राम पंचायत स्तर के तकनीकी मार्गदर्शन के आधार पर आवास निर्माण कार्य प्रारंभ किया गया। कार्य के प्रगति के आधार पर किश्त की राशि प्राप्त होते गया, वैसे-वैसे कार्य के स्तर बढ़ते-बढ़ते आज पूर्ण कर उनके सपनों का घर बन कर तैयार हो गया। शासन से प्राप्त मनरेगा अंतर्गत 90 दिवस मजदूरी की राशि 23 हजार 850 एवं आवास की अनुदान राशि 02 लाख सहित कुल 02 लाख 23 हजार 850 रुपए राशि का सदुपयोग करते हुए गंगाराम द्वारा समयबद्ध तरीके से आवास निर्माण का कार्य पूर्ण किया गया। चूंकि आय कम होने के कारण घर का गुजारा बड़े ही मुश्किल से हो पाता था, उस स्थिति में स्वयं का पक्का मकान निर्माण कराया जाना किसी सपने से कम नहीं था। प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना ने गंगाराम के पक्का मकान का सपना सच कर दिया और कच्ची मकान से जिन परेशानियों से गंगाराम का परिवार गुजर था उन सभी परेशानियों से अब उन्हें निजात मिली है। चनाभर्री निवासी श्री गंगाराम का परिवार जो पहले कच्चे झोपड़ी में रहते थे, आज अपने पक्के मकान में रहकर सुरक्षित और सुकूनभरा जीवन जी रहे हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना के साथ ही गंगाराम को प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत गैस कनेक्शन भी मिला है, जिससे उनका रसोई धुंआमुक्त हुआ है और धुंए से होने वाले दुष्प्रभाव से भी मुक्ति मिली है। शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से गंगाराम और उनका परिवार का जीवन पहले से बेहतर और आसान हुआ है। उन्होेंने इसके लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को धन्यवाद दिया।

उपमुख्यमंत्री शर्मा ने कानून व्यवस्था और नक्सल ऑपरेशन को लेकर पुलिस विभाग की समीक्षा बैठक की

रायपुर छत्तीसगढ़ में कानून व्यवस्था और नक्सल ऑपरेशन को लेकर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा आज मंत्रालय में पुलिस विभाग की समीक्षा बैठक ले रहे. यह बैठक देर शाम तक चलेगी. बैठक में अपर मुख्य सचिव मनोज पिंगुवा, पुलिस महानिदेशक अशोक जुनेजा, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत के अलावा अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद हैं. बता दें कि दो दिन पहले बीजापुर में बड़ी नक्‍सली घटना हुई थी, जिसमें डीआरजी के 8 जवान और एक ड्राइवर शहीद हुए थे. इस घटना के बाद इस बैठक को बेहद अहम माना जा रहा है. बताया जा रहा है कि डिप्‍टी सीएम विजय शर्मा नक्‍सल विरोधी अभियान की विस्‍तार से समीक्षा करेंगे. साथ ही पुलिस के आला अफसरों के साथ प्रदेश में लॉ एंड आर्डर पर भी विस्तार से चर्चा करेंगे.

लोक निर्माण विभाग ने सभी काम किए निरस्त, छत्तीसगढ़-बीजापुर के ठेकेदार सुरेश चन्द्राकर का पंजीयन तत्काल निलंबित

रायपुर। लोक निर्माण विभाग ने बीजापुर के ठेकेदार सुरेश चन्द्राकर का पंजीयन तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए उसे दिए गए सभी कार्य निरस्त कर दिए हैं। बस्तर परिक्षेत्र जगदलपुर के विभागीय मुख्य अभियंता की अनुशंसा पर प्रमुख अभियंता कार्यालय द्वारा सुरेश चंद्राकर का पंजीयन निलंबित किया गया है। मुख्य अभियंता द्वारा लोक निर्माण विभाग में पंजीकृत सुरेश चंद्राकर “अ” वर्ग ठेकेदार, बीजापुर के पत्रकार श्री मुकेश चंद्राकर हत्याकांड के मुख्य आरोपी के रूप में समाचार पत्रों में प्रकाशित किए जाने तथा गिरफ्तार किए जाने के कारण उसके पंजीयन को निलंबित किए जाने की अनुशंसा की गई थी। मुख्य अभियंता की अनुशंसा को दृष्टिगत रखते हुए विभाग ने सुरेश चंद्राकर का पंजीयन तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। वहीं सुरेश चंद्राकर को दिए गए सड़क निर्माण के कार्यों को लंबे समय तक बंद पाए जाने तथा कार्यों की धीमी गति के कारण उसे दिए गए सभी कार्यों को निरस्त कर दिया गया है।

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में बढ़ा आर्थिक सशक्तिकरण, छत्तीसगढ़-कोण्डागांव के विश्रामपुरी की ईश्वरी बनी लखपति दीदी

रायपुर। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को लेकर शुरू की गई लखपति दीदी पहल ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का एक उल्लेखनीय माध्यम बन रही है। यह पहल राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के तहत महिलाओं को आजीविका गतिविधियों से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने और उनकी वार्षिक आय को एक लाख रुपये से अधिक तक पहुंचाने के उद्देश्य से शुरू की गई थी। इस पहल ने देशभर में हजारों महिलाओं की जिंदगी बदली है उन्ही में से एक हैं कोंडागांव जिले के विश्रामपुरी की इश्वरी मरकाम। कोण्डागांव जिले के विश्रामपुरी की इश्वरी मरकाम आज बिहान से जुड़कर अन्य ग्रामीण महिलाओं के लिए एक मिसाल बनी है। इश्वरी 2017 में समूह से जुड़ी हैं और आजीविका के छोटे-छोटे गतिविधियां कर आज अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ की है। इश्वरी अपने पति और दो बच्चों के साथ छोटा परिवार में रहती हैं। उनके पति कृषि कार्य करते हैं, लेकिन परिवार की जरूरतों और बच्चों की पढ़ाई के खर्च पूरे करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। इस कठिन परिस्थिति से उबरने के लिए इश्वरी ने महिला स्व-सहायता समूह का सहारा लिया और अपने जीवन को बदलने की ठानी। इश्वरी उन दिनों को याद करते हुए बताई की उस समय बड़ी मुश्किल से हमारा घर चलता था। परिवार की जरूरतों को पूरा करने के लिए हम महीनों से पैसे इक्कठे करते थे तब जाकर हमारी छोटी-छोटी जरूरतों को पूरा कर पाते थे। इश्वरी ने बताया की बिहान से जुड़ने के बाद मेरे अन्दर एक आत्मविश्वास जगा है, आज मैं अपनी बात सबके बीच रख पाती हूँ। समूह से जुड़ने के बाद इश्वरी ने सीआईएफ की राशि का उपयोग कर विभिन्न आजीविका गतिविधियों की शुरुआत की। उन्होंने कृषि कार्य, फैंसी दुकान संचालन और स्कूलों में मध्यान्ह भोजन बनाने का कार्य कर रही हैं। इसके अलावा वे बीसी सखी के रूप में भी सेवाएं प्रदान कर रही हैं। आर्थिक स्थिति में हुआ सुधार इश्वरी आज अपनी मेहनत और लगन से अलग-अलग स्रोतों से एक लाख रुपये से अधिक वार्षिक आय अर्जित कर रही है। इश्वरी को कृषि कार्य से 35 हजार रुपए, फैंसी दुकान से 60 हजार और मध्यान्ह भोजन योजना से 24 हजार रुपए तक की आमदनी हो रही है। साथ ही उन्हें छत्तीसगढ़ शासन के महतारी वंदन योजना से भी हर महीने एक हजार रूपये प्राप्त हो रहा है। आज इन सभी आय स्रोतों से उनकी आर्थिक स्थिति पहले से कहीं बेहतर हो गई है। अब उनके बच्चों की पढ़ाई में आर्थिक तंगी नहीं आती और परिवार का जीवन स्तर पहले से अधिक बेहतर हो गया है। महिला सशक्तिकरण की दिशा में कदम इश्वरी मरकाम की सफलता महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम है। उनकी सफलता यह साबित करती है कि जब महिलाओं को सही अवसर और संसाधन मिलते हैं, तो वे अपने जीवन को आत्मनिर्भरता और सफलता की ओर ले जा सकती हैं। इश्वरी कहती हैं, “बिहान योजना ने मुझे और मेरे जैसी कई महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने का अवसर दिया है। अब मैं अपने परिवार की जरूरतों को पूरा करने में सक्षम हूं और मेरे बच्चों की पढ़ाई में किसी भी प्रकार की बाधा नहीं है।” उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को इस पहल के लिए धन्यवाद दिया,  जो ग्रामीण महिलाओं के जीवन को सशक्त और समृद्ध बना रही है।

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