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अमेरिका में दो पाकिस्तानी गद्दारों को किया गिरफ्तार, वीजा फ्रॉड, अवैध इमिग्रेशन और मनी लॉन्ड्रिंग में थे संलिप्त

वाशिंगटन अमेरिका में दो पाकिस्तानी गद्दारों को गिरफ्तार किया गया है जो कि मनी लॉन्ड्रिंग और इमिग्रेशन फ्रॉड में लगे हुए थे। टेक्सास के रहने वाले आरोपियों के बारे में एफबीआई डायरेक्टर काश पटेल ने जानकारी देते हुए कहा कि अब्दुल हादी मुर्शिद और मोहम्मद सलमान नासिर नाम के शख्स रिलायबल वेंचर्स के नाम से कंपनी चलाते थे। वे वीजा फ्रॉड, अवैध इमिग्रेशन और मनी लॉन्ड्रिंग में संलिप्त थे। मुर्शिद पर अवैध रूप से अमेरिका की नागरिकता लेने की कोशिश करने का भी आरोप है। काश पटेल ने एफबीआई टीम को शाबाशी देते हुए सोशल मीडिया पर पोस्ट किया। एफबीआई ने जानकारी दी है कि अगर ये दोनों दोषी पाए जाते हैं तो दोनों को 20 साल तक की जेल हो सकती है। आरोप है कि दोनों ही फर्जी वीजा ऐप्लिकेशन के जरिए विदेशियों को अमेरिका में घुसाते थे। वे अवैध रूप से अमेरिका आ जाते थे और फिर यहीं रुक जाते थे। कई बार वे नौकरी के फर्जी दस्तावेज पेश करते थे। इसके बाद ईबी-2, ईबी-3 और एच-1बी वीजा सिस्टम के जरिए जालसाजी करते थे। दोनों आरोपी न्यूजपेपर में फर्जी नौकरी का विज्ञापन देते थे। अमेरिकियों को पहले नौकरी देने के नाम पर जब उन्हें अमेरिकी सरकार से मंजूरी मिल जाती थी तब वे वीजा सीकर्स के नाम पर ग्रीन कार्ड के लिए अप्लाई करते थे। वे वीजा सीकर्स से पैसा ले लेते थे और इसी का कुछ हिस्सा उन्हें वापस कर देते थे। वे इसे सैलरी बताते थे। एफबीआई ने बताया कि आरोपी लंबे समय से इमिग्रेशन कानून की धज्जियां उड़ा रहे थे। वे अंतरराष्ट्रीय गिरोह चला रहे थे। मुर्शीद और नासिर को 23 मई को कोर्ट में पेश किया गया। उन्हें अगली सुनवाई तक के लिए हिरासत में रखा गया है। 30 मई को फिर सुनवाई होनी है। मुर्शिद को अमेरिका की नागरिकता मिल गई है। वह अगर दोषी पाया जाता है तो उसकी नागरकिता भी चली जाएगी और 20 साल की जेल भी हो सकती है।  

पूर्व पीएम शेख हसीना ने कहा- यूनुस अमेरिका के इशारे पर देश को बेच रहे हैं और आतंकवादियों की मदद से सत्ता चला रहे

ढाका बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि यूनुस अमेरिका के इशारे पर देश को बेच रहे हैं और आतंकवादियों की मदद से सत्ता चला रहे हैं। यह हमला उस समय हुआ है जब देश में एक बार फिर प्रदर्शन तेज हो गए हैं। हाल ही में ऐसी खबरें आई थीं कि सेना द्वारा दिसंबर में चुनाव की मांग के बाद यूनुस ने इस्तीफे की धमकी दी थी। शेख हसीना ने फेसबुक पोस्ट में लिखा कि उनके पिता और बांग्लादेश के संस्थापक बंगबंधु शेख मुजीबुर रहमान ने अमेरिका को सेंट मार्टिन द्वीप देने से इनकार कर दिया था और इसके चलते उन्हें अपनी जान गंवानी पड़ी। उन्होंने लिखा, “जब अमेरिका ने सेंट मार्टिन द्वीप मांगा तब मेरे पिता ने इनकार कर दिया। उन्हें अपनी जान देनी पड़ी। मैं सत्ता में बने रहने के लिए देश को बेचने की कल्पना भी नहीं कर सकती। जिस देश की आजादी के लिए 30 लाख लोगों ने जान दी, उसे कोई एक इंच भी किसी को कैसे दे सकता है?” आतंकियों के सहारे सत्ता पर काबिज: शेख हसीना शेख हसीना ने आरोप लगाया कि यूनुस ने आतंकवादियों और प्रतिबंधित संगठनों की मदद से सत्ता हथियाई है। उन्होंने कहा, “उन्होंने आतंकियों की मदद से सत्ता छीनी है। जिन आतंकवादियों से हमने बांग्लादेश के लोगों को बचाया, आज वही खुली छूट में हैं। जेलें खाली कर दी गई हैं और सभी को छोड़ दिया गया है। अब बांग्लादेश पर आतंकियों का राज है।” अवामी लीग पर प्रतिबंध को बताया असंवैधानिक शेख हसीना ने अपनी पार्टी अवामी लीग पर लगाए गए प्रतिबंध को असंवैधानिक और अलोकतांत्रिक करार दिया। उन्होंने कहा कि अंतरिम सरकार को संविधान से छेड़छाड़ करने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा, “हमारे संविधान की नींव मुक्ति संग्राम और संघर्ष से बनी है। यह अवैध सत्ता हथियाने वाले व्यक्ति कौन होते हैं, जो संविधान से छेड़छाड़ करें? उनके पास जनमत नहीं है, न ही संवैधानिक आधार। जिस पद पर वह बैठे हैं, उसका कोई कानूनी अस्तित्व नहीं है। संसद के बिना कानून बदलना पूर्ण रूप से अवैध है।” राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बयान आने वाले दिनों में बांग्लादेश की राजनीति में बड़ी उथल-पुथल का संकेत हो सकता है। यूनुस और हसीना के बीच टकराव लगातार गहराता जा रहा है और इससे चुनावी प्रक्रिया भी प्रभावित हो सकती है।  

इस मुस्लिम देश में महिलाओं पर टूटा कहर, रातोंरात चली गई नागरिकता, बैंक अकाउंट तक हो गए बंद

कुवैत कुवैत की सरकार ने रातोंरात हजारों लोगों की नागरिकता रद्द कर दी। इस लिस्ट में ज्यादातर महिलाएं हैं। लोग जब सुबह सोकर उठे तो किसी का बैंक अकाउंट बंद हो गया तो किसी की अन्य सरकारी सुविधाएं ठप हो गईं। जब पता किया तो पता चला कि उनकी नागरिकता ही खत्म हो गई है। मई 2024 में ही अमीर ने लोकतंत्र को खतरा बताया था और संविधान में संशोधन करने की घोषणा कर दी थी। सरकार उन लोगों की नागरिकता ज्यादा रद्द कर रही है जिन्हें शादी के बाद यहां की नागरिकता मिली थी। इस लिस्ट में वे महिलाएं ज्यादा शामिल हैं जिन्होंने कुवैत के पुरुषों से शादी कर नागरिकता हासिल की थी। लामा जब कुवैत सिटी में क्रेडिट कार्ड से पेमेंट करने लगीं तो पता चला कि उनका अकाउंट फ्रीज कर दिया गया है। बाद में पता चला कि उनकी नागरिकता ही छिन गई है। लामा मूल रूप से जॉर्डन की रहने वाली हैं। बता दें कि अमीर शेख मेशाल अल अहमद अल सबाह दिसंबर 2023 में कुवैत के अमीर बने थे। इसके बाद उन्होंने संसद को भंग कर दिया और संविधान के कुछ हिस्सों को भी सस्पेंड कर दिया। अब अमीर का कहना है कि उन लोगों को ही कुवैत का नागरिक माना जाएगा जिनका यहां के लोगों के साथ ब्लड रिलेशन है। अमीर ने एक स्पीच में कहा था कि कुवैत में रनहे वाले करीब 50 लाख लोगों में केवल एक तिहाई ही असली कुवैती हैं। अमीर ने कहा कि अब कुवैत में केवल ओरिजिनल लोग ही रहेंगे। लामा उन 37 हजार लोगों में शामिल हैं जिनकी अगस्त के बाद से नागरिकता जा चुकी है। इनमें 26 हजार महिलाएं ही हैं। यह कुवैत की सरकार का डेटा है। मीडिया का कहना है कि असली नंबर और भी ज्यादा हो सकते हैं। कुवैत में पहले से भी ऐसे तमाम लोग रह रहे हैं जिनके पास वहां की नागरिकता नहीं है। 1961 में ब्रिटिश सुरक्षा से अजाद होने के बाद करीब 1 लाख लोगों को नागरिकता नहीं मिल पाई थी। वहीं जिन लोगों के पास कुवैत की नागरिकता नहीं होगी उनको बैंकिंग, शिक्षा, सरकारी नौकरी और अन्य सुविधाएं भी नहीं मिल पाएंगी। कुवैत में 1987 के बाद से जिन लोगों को शादी के आधार पर नागरिकता मिली है, सरकार उनपर कार्रवाई कर रही है। आंकड़े कहते हैं कि 1992 से 2020 तक 38,505 महिलाओं शादी के आधार पर नागरिकता दी गई थी। इसके अलावा दोहरी नागरिकता वाले लोगों की भी नागरिकता छीनी जा रही है। इसके अलावा जिनको उपलब्धियों के आधार पर नागरिकता दी गई थी, उनकी भी नागरिकता रद्द की जा रही है। इस लिस्ट में पॉप सिंगर नवल और ऐक्टर दाऊद हुसैन भी शामिल हैं।  

ओवैसी ने पाकिस्तान पर किया कड़ा प्रहार, ‘नाकाम देश’ बताते हुए उसकी नीतियों की जमकर की आलोचना

नई दिल्ली ऑपरेशन सिंदूर के बाद, भारतीय सांसदों का प्रतिनिधिमंडल दुनियाभर में पाकिस्तान और आतंकवाद के बीच संबंध को उजागर करने के लिए एक अभियान चला रहा है। AIMIM सांसद असदुद्दीन ओवैसी के नेतृत्व में भारतीय डलिगेशन पश्चिमी एशिया के दौरे पर है। बहरीन में भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे असदुद्दीन ओवैसी ने पाकिस्तान पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने पड़ोसी मुल्क को ‘नाकाम देश’ बताते हुए उसकी नीतियों की जमकर आलोचना की। बहरीन में, प्रतिनिधिमंडल ने पाकिस्तान के आतंकवाद को निंदा की और बहरीन सरकार से पाकिस्तान को FATF की ग्रे लिस्ट में वापस लाने का आग्रह किया। AIMIM प्रमुख पाकिस्तान की आलोचना करते हुए कहा कि आतंकवाद केवल पाकिस्तान के कारण है। असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि निर्दोष लोगों की हत्या के लिए आतंकवादियों ने धर्म का सहारा लिया। उन्होंने कुरान की आयतों को गलत संदर्भ में पेश किया है। हमें इसे खत्म करना होगा। उन्होंने लोगों की हत्या को उचित ठहराने के लिए धर्म का इस्तेमाल किया है। इस्लाम आतंकवाद की निंदा करता है और कुरान ने स्पष्ट रूप से कहा है कि एक निर्दोष व्यक्ति की हत्या पूरी मानव जाति की हत्या के समान है। ओवैसी ने कहा, “हमारी सरकार ने हमें यहां भेजा है ताकि दुनिया को यह समझा सकें कि भारत पिछले कई सालों से किस तरह के खतरों का सामना कर रहा है। दुर्भाग्य से हमारे कई निर्दोष लोग मारे जा चुके हैं। इस समस्या की जड़ पाकिस्तान है। जब तक पाकिस्तान आतंकवादी संगठनों को समर्थन देना, मदद करना और उन्हें प्रायोजित करना बंद नहीं करता, तब तक यह खतरा बना रहेगा। उन्होंने कहा कि भारत अपने लोगों की रक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठा रहा है और अगर पाकिस्तान फिर से कोई गलती करता है तो इस बार जवाब बहुत सख्त होगा। उन्होंने पहलगाम हमले का जिक्र करते हुए बताया कि कैसे इस हमले ने आम लोगों की जिदगियां तबाह कर दीं। उन्होंने कहा, “एक महिला, जिसकी शादी को सिर्फ छह दिन हुए थे, सातवें दिन विधवा हो गई। दूसरी महिला ने दो महीने पहले शादी की थी, उसका पति भी इस हमले में मारा गया। असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि हमारे देश में एकमत है, चाहे हम किसी भी राजनीतिक संबद्धता से संबंधित हों। हमारे बीच राजनीतिक मतभेद हैं, लेकिन जब हमारे देश की अखंडता की बात आती है, तो यह सही समय है कि हमारा पड़ोसी देश इसे समझे। मैं अनुरोध करता हूं और उम्मीद करता हूं कि बहरीन सरकार पाकिस्तान को FATF की ग्रे सूची में वापस लाने में हमारी मदद करेगी, .क्योंकि इस पैसे का इस्तेमाल उन आतंकवादियों का समर्थन करने के लिए किया गया है।

तूफानी हवाओं के साथ दिल्ली-NCR में हो रही झमाझम बारिश

नई दिल्ली शुक्रवार और शनिवार को दिल्ली में जमकर बारिश हुई। बारिश के सात तेज हवाएं चलीं, जिससे पेड़ उखड़ गए। भीषण बारिश के कारण दिल्ली में गर्मी से राहत मिली है, हालांकि, लोगों मई के महीने में ऐसे मौसम की उम्मीद नहीं रहती है। दिल्ली के साथ ही देश के उत्तर-पश्चिमी कई राज्यों में बारिश और तेज हवाओं का दौर चला। कहा जा रहा है कि तेज बारिश के साथ गरज और तूफानी हवाओं का यह दौर कालबैसाखी हो सकता है। यह घटना देश के पश्चिमी हिस्सों में मानसूनी के पहले की घटना है, जो पिछले कुछ दिनों से दिल्ली में भी देखने को मिल रही है। ऐसे में यह जानना जरूरी है कि आखिर ये कालबैसाखी क्या है… कालबैसाखी या नॉरवेस्टर क्या है? कालबैशाखी को नॉरवेस्टर भी कहा जाता है। यह भयंकर आंधी के रूप में अप्रैल-मई के महीनों में पूर्वी भारत के राज्यों जैसे- पश्चिम बंगाल, उड़ीसा, असम, झारखंड और बिहार से उठती है। कालबैसाखी प्री-मॉनसून सीजन के दौरान ही देखने को मिलती है। नॉरवेस्टर शब्द की उत्पत्ति उत्तर-पश्चिम से पूर्व की ओर उठने वाला तूफान की सामान्य गति को दर्शाता है। कालबैसाखी एक स्थानीय नाम है, जिसका अर्थ अप्रैल-मई महीने की आपदा होता है। नाम के अर्थ से ही इसकी विनाशकारी प्रकृति का अंदाजा लगाया जा सकता है। दिल्ली-एनसीआर में बारिश के कई कारण रविवार को दिल्ली-एनसीआर में तेज हवाओं के साथ बारिश का दौर चला। इस दौरान बारिश के साथ ही गरज भी सुनने को मिली। इस बारिश को प्री-मानसून प्रणालियों से जोड़कर देखा जा सकता है। एक ही समय पर दिल्ली में बारिश के लिए कई कारक जिम्मेदार हैं। इससे बारिश के पूरे सिस्टम को पाकिस्तान और जम्मू-कश्मीर से दिल्ली-एनसीआर से होते हुए उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में लाकर छोड़ा है। ये भूमध्य सागर पर उत्पन्न होते हैं। ये कम दबाव वाले सिस्टम हैं जो दिल्ली एनसीआर सहित उत्तर भारत में बेमौसम बारिश के लिए जिम्मेदार होते हैं। मई के महीने ये सिस्टम गर्मी और नमी के साथ मिलकर गरज और भारी बारिश का कारण बन जाते हैं। अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से भी नमी के साथ मिलकर एक पश्चिमी विक्षोभ ने दिल्ली-एनसीआर में भारी बारिश की है।  

युद्धपोत को समंदर में उतारने के दौरान ही हादसा, अधिकारियों पर गिरी गाज

उत्तर कोरिया उत्तर कोरियाई प्राधिकारियों ने हाल में नौसेना के डिस्ट्रॉयर शिप का जलावतरण असफल रहने के मामले में शिपयार्ड के तीन अधिकारियों को हिरासत में लिया है। देश के सरकारी मीडिया ने यह जानकारी दी। जानकारी के मुताबिक पोत को समंदर में उतारने के दौरान ही हादसा हो गया और यह क्षतिग्रस्त हो गया। किम जोंग उन ने घटना पर नाराजगी जताते हुए कहा था कि यह आपराधिक लापरवाही के कारण हुआ है। उत्तर कोरिया की नौसेना के लिए अहम माना जा रहा 5,000 टन वजनी विध्वंसक युद्धपोत अपने जलावतरण समारोह के दौरान बुधवार को क्षतिग्रस्त हो गया था। इस कार्यक्रम में उत्तर कोरिया के नेता किम भी शामिल हुए थे। उपग्रह से प्राप्त तस्वीरों में पोत स्थल पर एक ओर पड़ा हुआ और नीले रंग के कवर से ढका नजर आ रहा है। पोत के कुछ हिस्से पानी में डूबे दिख रहे हैं। देश के दूसरे डिस्ट्रॉयर शिप के जलावतरण में विफलता किम के लिए शर्मिंदगी की बात है। किम अमेरिकी नेतृत्व वाली सैन्य चुनौतियों से निपटने के लिए नौसैनिक बलों को मजबूत करने पर जोर देते हैं। उत्तर कोरिया ने पिछले महीने अपने पहले विध्वंसक पोत का जलावतरण किया था। यह भी 5,000 टन वजनी पोत है। सरकारी मीडिया ने बताया कि यह पोत उत्तर कोरिया का सबसे बड़ा एवं सबसे उन्नत युद्धपोत है और इसे परमाणु मिसाइल सहित विभिन्न हथियारों को ले जाने के लिए बनाया गया है। आधिकारिक ‘कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी’ (केसीएनए) ने बताया कि कानून प्रवर्तन अधिकारियों ने चोंगजिन शिपयार्ड के मुख्य अभियंता, पोत के एक हिस्से के निर्माण से जुड़ी कार्यशाला के प्रमुख और प्रशासनिक मामलों के उप प्रबंधक को हिरासत में ले लिया है। प्राधिकारियों ने बताया कि वे बुधवार को जलावतरण असफल रहने के लिए जिम्मेदार हैं। केसीएनए ने पहले बताया था कि उत्तर कोरिया के केंद्रीय सैन्य आयोग ने इस घटना की जांच शुरू करते हुए चोंगजिन शिपयार्ड के प्रबंधक हांग किल हो को तलब किया है। उत्तर कोरिया की प्रमुख सैन्य समिति ने शुक्रवार को कहा था कि जिम्मेदार लोगों को इस ‘अक्षम्य आपराधिक कृत्य’ के लिए जिम्मेदार ठहराया जाएगा। उत्तर कोरिया ने जलावतरण के दौरान युद्धपोत को कोई गंभीर नुकसान पहुंचने की बात से इनकार किया है। उसने कहा कि पोत के निचले में खरोंच आई और समुद्री का कुछ पानी पोत के एक हिस्से में भर गया जिसे निकालने, पोत की मरम्मत करने और खरोंचों को ठीक करने में कुल 10 दिन लगेंगे।  

पीएम नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बीजेपी-एनडीए की बैठक , विकास पर प्रेजेंटेशन देंगे सीएम और डिप्टी सीएम

नई दिल्ली पीएम नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बीजेपी-एनडीए के सीएम और डिप्टी सीएम की बैठक नई दिल्ली स्थित अशोक होटल में शुरू हो गई है। बैठक में NDA के तहत शासित 20 राज्यों के करीब 20 मुख्यमंत्री और 18 उपमुख्यमंत्री शामिल हो रहे हैं। यह बैठक पूरे दिन चलने की संभावना है। बैठक में सभी राज्यों के सीएम और डिप्टी सीएम विकास पर प्रेजेंटेशन देंगे। वहीं ऑपरेशन सिंदूर और जातिगत जनगणना पर चर्चा होगी। साथ ही  इस बैठक का उद्देश्य ‘विकसित भारत @2047′ की रूपरेखा तैयार करना और सुशासन  के मॉडल पर साझा रणनीति बनाना है। बैठक में गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा भी मौजूद हैं। बैठक में ऑपरेशन सिंदूर की कामयाबी के लिए सशस्त्र बलों और पीएम मोदी को बधाई देने के लिए एक प्रस्ताव पारित किया जाएगा। इसके अलावा बैठक में जाति जनगणना को लेकर भी प्रस्ताव पारित किया जाएगा। अगले महीने मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल का पहला साल पूरा हो रहा है। इन राज्यों के सीएम हुए शामिल बैठक में तमाम दिग्गज नेता हिस्सा ले रहे हैं.बिहार के सीएम नीतीश कुमार भी अपने उपमुख्यमंत्री के साथ बैठक में शामिल हो रहे हैं। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा, त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा, मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के साथ-साथ दोनों उपमुख्यमंत्री अरुण साव और विजय शर्मा और आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण भी बैठक में शामिल हुए हैं। इस बैठक में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी शामिल हो रहे हैं। ऐसा माना जा रहा है कि आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए नीतीश कुमार की बातों और मांगों पर विशेष ध्यान रहेगा। यह बैठक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बीच नई सरकार बनने के बाद पहली आधिकारिक बातचीत है। इसमें बिहार की पुरानी और नई योजनाओं के लिए केंद्र से समर्थन की बात प्रमुख रूप से उठेगी। इस बैठक में किन मुद्दों पर होगी चर्चा     ऑपरेशन सिंदूर: एनडीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्री ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा कर सकते हैं और देश के सेना की इस बड़ी उपलब्धि को लोगों को बताने के लिए रोड मैप बनाया जा सकता है।     जातिगत जनगणना:हाल ही में मोदी सरकार ने जातिगत जनगणना करवाने का फैसला लिया था। देश के कई राज्यों की तरफ से इसकी मांग होती रही थी. इस मुद्दे पर भी चर्चा की संभावना है।     विकसित भारत @2047′ की रूपरेखा बनेगी:एनडीए के तमाम दल पीएम मोदी के विकसित भारत @2047 के संकल्प को लेकर सहमत हैं और इसे लेकर लंबी चर्चा हो आज के बैठक में होने की संभावना है। शनिवार को नीति आयोग की बैठक ली इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को नई दिल्ली के भारत मंडपम में नीति आयोग की 10वीं गवर्निंग काउंसिल की बैठक की अध्यक्षता की। इसमें पीएम ने कहा- हमें टीम इंडिया की तरह काम करना होगा। विकसित भारत हर भारतीय का लक्ष्य है। जब हर राज्य विकसित होगा, तो भारत विकसित होगा। इस बैठक में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्री और उपराज्यपाल, केंद्रीय मंत्री और नीति आयोग के उपाध्यक्ष, सदस्य और CEO शामिल हुए। नीति आयोग के स्टेटमेंट के मुताबिक, इस साल बैठक की थीम ‘विकसित भारत के लिए विकसित राज्य’ है। बैठक में भारत को 2047 तक विकसित बनाने के लिए राज्यों की भूमिका पर जोर दिया जाएगा। केंद्र और राज्य सरकारों के बीच बेहतर समन्वय को लेकर भी चर्चा होगी। केंद्र सरकार ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को देश के सामने मौजूद विकास से जुड़ी चुनौतियों के बारे में बताया। इसके अलावा भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने के लिए राज्य किस तरह आधारशिला बन सकते हैं, यह भी बताया गया। बैठक में उद्यमिता, कौशल और देश भर में स्थायी रोजगार के अवसर बढ़ाने के उपायों पर भी चर्चा की गई।

केंद्र सरकार वाहन चालकों के लिए लाई FASTag PASS, 3 हजार रुपए में करें साल भर सफर

नई दिल्ली टोल नाके पर हाई फाई टोल टैक्स को लेकर अक्सर विवाद की स्थिति पैदा होते आपने देखा होगा। मामला तब और खराब हो जाता है जब फास्ट टैग रिचार्ज ख़त्म हो जाए। लेकिन इन समस्याओं का अंत करने केंद्र सरकार अब एक योजना लेकर आ रही है। जानकारी के अनुसार केंद्र सरकार जल्द ही FASTag से जुड़ी एक नई पॉलिसी शुरू करने जा रही है, जिसके तहत वहां चालकों को मात्र 3000 रुपए में सालभर का वार्षिक पास मिलेगा। इस पास से वाहन चालक एक साल तक किसी भी टोल प्लाजा पर भुगतान किए बिना हाईवे और एक्सप्रेसवे पर यात्रा कर सकेंगे। इस योजना से अक्सर यात्रा करने वाले चालकों का पैसा और समय दोनों बचेगा। इस योजना का सबसे अधिक लाभ रोजमर्रा टोल नाकों से सफर करनेवाले ट्रक और बड़े वाहनों को मिलेगा। हालांकि, यह योजना “Distance Based Pricing” प्रणाली पर आधारित होगी, यानी पास विशेष दूरी या क्षेत्र तक ही मान्य होग। किस वजह से लाई गई यह योजना ? FASTag Pass को लाने के पीछे सरकार का मुख्य उद्देश्य टोल प्लाजा पर ट्रैफिक जाम, समय की बर्बादी और कैश ट्रांजैक्शन को खत्म करना है। अगर ज्यादा वाहन चालक यह वार्षिक पास लेते हैं, तो भविष्य में टोल नाकों को पूरी तरह हटाने की दिशा में कदम बढ़ाए जा सकते हैं। आसानी से मिल जाएगा FASTag Pass गौरतलब है कि, इस वार्षिक पास को लेने के लिए वाहन मालिकों को किसी भी नए दस्तावेज की जरूरत नहीं होगी। यह पास सीधे आपके मौजूदा FASTag अकाउंट से रिचार्ज किया जा सकेगा। गौरतलब है कि, पहले सरकार ने 15 वर्षों के लिए 30,000 रुपए वाला पास लॉन्च किया था, लेकिन लोगो ने इसमें कुछ ख़ास दिलचस्पी नहीं ली तो वह योजना अब बंद कर दी गई है।

4 जून तक मध्य भारत में भी शुरू हो जाएगी झमाझम बारिश, 26-27 मई के दौरान तमिलनाडु, पुडुचेरी, तेलंगाना में अलर्ट

नई दिल्ली दक्षिण पश्चिम मानसून शनिवार को केरल पहुंच गया। 16 साल में यह पहला मौका है जब मानसून ने 8 दिन पहले दस्तक दी है। आमतौर पर 1 जून से केरल में मानसून की बारिश शुरू होती है। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, सब कुछ ठीक रहा तो 4 जून से मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, गुजरात सहित मध्य भारत के बड़े हिस्से में भी बारिश शुरू हो जाएगी। पिछली बार केरल में मानसून इतनी जल्दी 2009 और 2001 में आया था, जब 23 मई से बारिश शुरू हो गई थी। केरल में मानसून के आगमन से पहले अनुकूल परिस्थितियां विकसित हो गई थीं। पिछले दो दिनों में केरल के कई हिस्सों में भारी बारिश हुई है। इसका कारण निम्न दबाव का क्षेत्र और आगे बढ़ रहा मानसून सिस्टम है। आईएमडी ने मुताबिक, केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, तटीय आंध्र प्रदेश के साथ ही दक्षिण, मध्य और उत्तर बंगाल की खाड़ी के कुछ और हिस्सों और पूर्वोत्तर राज्यों में 22 से 27 मई के दौरान दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं। 29 मई से 4 जून के दौरान मानसून के दक्षिण प्रायद्वीपीय और पूर्वोत्तर भारत के शेष हिस्सों के साथ ही पूर्व और मध्य भारत के कुछ और हिस्सों में आगे बढ़ जाएगा। इस दौरान देश के अन्य हिस्सों मे प्री-मानसून बारिश जारी रहेगी। इस तरह आगे बढ़ेगा मानसून मौसम विभाग के अनुसार, 28 मई तक मानसूनी हवा को सही तरीके से साथ आगे बढ़ाने के सिस्टम बन रहे हैं। अरब सागर में कोंकण-गोवा तट पर एक कम दबाव का क्षेत्र बन रह है। वहीं तेलंगाना और मध्य प्रदेश में कम दबाव के बीच चलने वाली दो ट्रफ भी मानसून को आगे बढ़ने में मदद करेगी। पंजाब और असम में चक्रवाती तूफान की स्थिति भी मानसून की मदद करेगी। शनिवार तक अरब सागर में बना कम दबाव का क्षेत्र उत्तर की ओर बढ़ने लगेगा। आईएमडी के अधिकारियों ने कहा कि इससे मानसूनी हवाएं मजबूत हो सकती हैं। हालांकि, उन्होंने कहा कि इस प्रणाली के चक्रवात में बदलने की संभावना कम है।

अगर आप अपने आधार विवरण को अपडेट करने में देरी कर रहे हैं, तो 14 जून से पहले मुफ्त में अपडेट करें अपना आधार

नई दिल्ली अगर आप अपने आधार विवरण को अपडेट करने में देरी कर रहे हैं, तो अब समय आ गया है। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) 14 जून, 2025 तक मुफ्त ऑनलाइन अपडेट की सुविधा दे रहा है। उसके बाद, आपको किसी भी बदलाव के लिए 50 रुपये का मामूली शुल्क देना होगा। आप बिना किसी केंद्र पर जाए, अपने घर बैठे myAadhaar पोर्टल के माध्यम से अपना आधार अपडेट कर सकते हैं – लेकिन केवल चुनिंदा जनसांख्यिकीय विवरणों के लिए। और UIDAI के नियमों के अनुसार, आपको हर 10 साल में अपनी पहचान का प्रमाण (PoI) और पते का प्रमाण (PoA) अपडेट करना होगा। आप मुफ्त में ऑनलाइन क्या अपडेट कर सकते हैं? पोर्टल के माध्यम से, आप बिना किसी शुल्क के निम्नलिखित जानकारी अपडेट कर सकते हैं: नाम (कुछ वर्ण सीमा के भीतर) – जन्म तिथि – पता – लिंग – भाषा वरीयताएँ नोट: बायोमेट्रिक डेटा – जैसे उंगलियों के निशान, आईरिस स्कैन और तस्वीरें आप UIDAI वेबसाइट पर अपना पिन कोड दर्ज करके निकटतम केंद्र का पता लगा सकते हैं।

एस-400 ने 300 KM से ज्यादा की दूरी पर हवाई लक्ष्य को मार गिराकर सबसे लंबे समय तक मार करने का विश्व रिकॉर्ड बनाया

नई दिल्ली  यूक्रेन युद्ध के दौरान पश्चिमी देशों की मीडिया ने रूसी S-400 एयर डिफेंस सिस्टम को बदनाम करने की हर मुमकिन कोशिश की। उसे नाकाम बताया, लेकिन पाकिस्तान के खिलाफ S-400 ने जैसा कमाल किया है, उसे देखकर पश्चिमी देश परेशान है। भारत के रूसी हथियारों ने जिस तरह से पाकिस्तान को धूल चटाया है, वो पश्चिमी देशों को बर्दाश्त नहीं हो रहा है। एक वजह ये भी है कि पश्चिमी देशों की मीडिया ने पाकिस्तान के समर्थन में उसका भोपूं बन जाने का फैसला किया। एस-400 के पराक्रम के बारे में धीरे धीरे खुलासे होने लगे हैं और यूरेशियन टाइम्स की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान की लंबी दूरी की मिसाइलों के खिलाफ एस-400 सौ फीसदी कामयाब और प्रभावी साबित हुआ है। एस-400 ने पाकिस्तान के कई क्रूज मिसाइलों और विनाशकारी ड्रोन को मार गिराया, जिससे भारत को अपने सैन्य ठिकानों को सुरक्षित रखने में मदद मिली। आपको बता दें कि भारत ने 5.4 अरब डॉलर की लागत से रूस से एस-400 एयर डिफेंस सिस्टम के पांच यूनिट खरीदे थे। जिनमें से रूसे ने अभी तक तीन एस-400 की ही डिलीवरी दी है। दो एस-400 की डिलीवरी मिलना अभी बाकी है। रूस से एस-400 खरीदने की वजह से अमेरिका ने CAATSA के तहत प्रतिबंध लगाने की भी धमकी दी थी, लेकिन भारत एस-400 खरीदने के फैसले से पीछे नहीं हटा। S-400 ने कैसे गिराया पाकिस्तानी AWACS एयरक्राफ्ट? यूरेशियन टाइम्स ने अपनी रिपोर्ट में विश्वसनीय सूत्रों के हवाले से बताया है कि भारतीय S-400 ने 314 किलोमीटर की दूरी पर किसी हवाई लक्ष्य को भेदकर एक रिकॉर्ड बनाया है। अधिकारी ने कहा कि एस-400 ने 300 किलोमीटर से ज्यादा की दूरी पर हवाई लक्ष्य को मार गिराकर SAM (सरफेस टू एयर मिसाइल) द्वारा सबसे लंबे समय तक मार करने का विश्व रिकॉर्ड बनाया है। इस दौरान एस-400 ने पाकिस्तान वायु सेना की आंख माने जाने वाले SAAB Erieye-2000 फ्लाइंग रडार, यानि AWACS एयरक्राफ्ट को मार गिराया था। ऐसा करके भारतीय एस-400 ने एक अनोखा रिकॉर्ड बना दिया है। अधिकारी का नाम नहीं छापने की शर्त पर यूरेशियन टाइम्स ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि SAAB Erieye-2000 का ये दूसरा नुकसान था। इससे पहले, पाकिस्तान के एयर मार्शल मसूद अख्तर (सेवानिवृत्त) ने खुलासा किया था, कि 9-10 मई की रात को भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान ब्रह्मोस मिसाइल से पाकिस्तान वायु सेना के एक AWACS विमान को मार गिराया था। लेकिन भारतीय अधिकारी ने कहा है कि AWACS को ब्रह्मोस से नहीं, बल्कि एस-400 से मारा गया था। रिपोर्ट्स के मुताबिक अभी तक किसी भी SAM ने इतनी ज्यादा दूरी से किसी हवाई लक्ष्य को नष्ट नहीं किया है। लेकिन एस-400 ने 314 किलोमीटर से पाकिस्तानी AWACS एयरक्राफ्ट को मार गिराकर पूरी दुनिया में एक नया रिकॉर्ड बना दिया है। एस-400 की वजह से बाद में पाकिस्तान के फाइटर जेट्स ने उड़ान भरना ही बंद कर दिया था। जिसकी वजह से भारतीय वायुसेना के विमानों ने एक के बाद एक पाकिस्तानी वायुसेना के एयरबेस को निशाना बनाना शुरू कर दिया था। भारत ने पाकिस्तान के कई एयरबेस पर हमले किए थे और भारी नुकसान पहुंचाया था। एस-400 के नये ऑर्डर दे सकता है भारत भारत के पास फिलहाल एस-400 के तीन यूनिट्स हैं। जिनमें से दो को भारत ने पश्चिमी मोर्चे पर जबकि एक को पूर्वी मोर्चे पर तैनात कर रखा है। भारत अभी भी रूस से 2 और यूनिट की डिलीवरी का इंतजार कर रहा है। लेकिन यूक्रेन युद्ध की वजह से रूस डिलीवरी देने में देरी कर रहा है। इस बीच भारत के नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर अजीत डोभाल जल्द ही मॉस्को का दौरा करने वाले हैं। इस दौरान वो रूस से बाकी बचे 2 यूनिट्स की डिलीवरी के अलावा कुछ और एस-400 डिफेंस सिस्टम का भी ऑर्डर दे सकते हैं। वहीं कुछ रिपोर्ट्स में ये भी कहा गया है कि एस-400 की जगह भारत एस-500 ‘प्रोमेथियस’ को खरीदने का भी फैसला कर सकता है, जिसकी क्षमता धरती के लोअर ऑर्बिट तक मार करने की है। S-500 प्रोमेथियस रूस की अगली पीढ़ी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल और एंटी-बैलिस्टिक मिसाइल सिस्टम है। अल्माज़-एंटे ने इसे डेवलप किया है और इसका ऑपरेशनल रेंज 600 किमी तक है। यह हाइपरसोनिक हथियारों, बैलिस्टिक मिसाइलों और यहां तक कि लोअर-ऑर्बिट में स्थिति सैटेलाइट्स को भी मार गिराने की क्षमता रखता है। हालांकि इसकी कीमत काफी ज्यादा होने की संभावना है। रूस ने अभी तक एस-500 की कीमत का खुलासा नहीं किया है, लेकिन इसकी कीमत 4 से 5 अरब डॉलर के बीच होने की संभावना है। एस-500 खरीदकर भारत, चीन और पाकिस्तान के स्टील्थ फाइटर जेट को न्यूट्रल कर सकता है।

अमरनाथ यात्रा शुरू होने से पहले सेवा प्रदाताओं और टट्टुओं के पंजीकरण में तेजी

जम्मू/श्रीनगर   वार्षिक श्री अमरनाथ जी यात्रा-2025 के निर्बाध और शांतिपूर्ण संचालन के लिए उन्नत ढांचा स्थापित करने के लिए मंडलायुक्त कश्मीर विजय कुमार बिधूड़ी ने अधिकारियों की एक बैठक बुलाई, जिसमें आधार शिविरों और पवित्र गुफा के रास्ते में विभिन्न विभागों द्वारा किए जा रहे कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। बैठक की अध्यक्षता करते हुए मंडलायुक्त ने अधिकारियों को आवश्यक विकास कार्यों को प्रभावी ढंग से निष्पादित करने और निर्धारित समय सीमा के भीतर उन्हें पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने मौसम संबंधी आपात स्थितियों का सामना करने के लिए आधार शिविरों की क्षमता बढ़ाने का भी आह्वान किया। साथ ही, मंडलायुक्त ने श्रम और पशुपालन विभागों से यात्रा शुरू होने से पहले लक्ष्य को पूरा करने के लिए सेवा प्रदाताओं और टट्टुओं के पंजीकरण में तेजी लाने का आग्रह किया। उन्होंने यात्रियों को सुविधाओं की उपलब्धता के बारे में जानकारी देने के लिए प्रमुख स्थानों पर साइनेज लगाने के लिए भी कहा। विभिन्न स्थानों पर यात्रियों के पंजीकरण के संबंध में मंडलायुक्त ने अन्य स्थानों के अलावा नौगाम और अनंतनाग रेलवे स्टेशनों पर आर.एफ.आई.डी. काऊंटर स्थापित करने का निर्देश दिया। उन्होंने बी.आर.ओ. को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि पवित्र गुफा तक जाने वाले मार्ग गड्ढों से मुक्त हों। बैठक के दौरान श्रीनगर, अनंतनाग, बड़गाम, गांदरबल और बांदीपोरा के उपायुक्तों के अलावा के.पी.डी.सी.एल., एफ.सी.एस. एंड सी.ए., पी.एच.ई., आर. एंड बी., एस.एम.सी., स्वास्थ्य, पर्यटन, सोनमर्ग विकास प्राधिकरण, पहलगाम विकास प्राधिकरण सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने श्री अमरनाथ जी यात्रा-2025 के तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए चल रहे कार्यों और योजनाओं के बारे में बैठक में जानकारी दी।

यूनुस और सेना प्रमुख के बीच जुबानी जंग से बांग्लादेश का सियासी माहौल गर्म, यूनुस सत्ता में बने रहने की कोशिश में बनाई रणनीति

ढाका बांग्लादेश एक बार फिर नेतृत्व संकट से घिर गया है. ढाका की राजनीति संवेदनशील मोड़ पर आ खड़ी हुई है. देश के अंतरिम सरकार के प्रमुख सलाहकार और नोबेल पुरस्कार विजेता डॉ. मुहम्मद यूनुस अब खुद को बढ़ते दबावों के बीच घिरा पा रहे हैं. सेना प्रमुख जनरल वाकर-उज़-ज़मान की दो टूक चेतावनी के बाद यूनुस इस्तीफा देने पर विचार कर रहे हैं और प्लान B की तैयारी में जुट गए हैं. कहा जा रहा है कि यूनुस अब सत्ता में बने रहने के लिए सड़कों पर ताकत दिखाने जा रहे हैं. वहीं, राजनीतिक गलियारों और सैन्य हलकों में उनकी मंशा को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं. पिछले साल बांग्लादेश में जनविरोध के बाद सत्ता में उलटफेर हुआ था और 84 साल के यूनुस के हाथों में सत्ता सौंपी गई थी. बांग्‍लादेश के आर्मी चीफ जनरल वकर-उज-जमान ने रॉयटर्स को दिए इंटरव्यू में कहा था कि मुहम्मद यूनुस अगले डेढ़ साल तक सत्ता में रहेंगे. इसी बीच चुनाव कराए जाएंगे और नई सरकार का गठन होगा.उन्होंने आगे कहा था, हम जल्द ही देश में लोकतांत्रिक प्रक्रिया शुरू करना चाहते हैं. बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने आर्मी को मजिस्ट्रेट की पावर सौंपी है, जिसके बाद अंदेशा लगाया जा रहा था कि शायद अब सेना के हाथ में देश की सत्ता होगी और दोनों मिलकर सरकार चलाएंगे. सेना प्रमुख ने साफ किया था कि जब तक अंतरिम सरकार रहेगी, तब तक सेना उसके पीछ रहकर काम करेगी. यह तब तक चलेगा, जब तक कि यूनुस देश में चल रहे सुधारों को पूरा नहीं कर लेते हैं. आर्मी चीफ ने यह भी आश्वासन दिया था कि वे अंतरिम सरकार के साथ हमेशा खड़े रहेंगे, कैसी भी परिस्थिति हो. अब विवाद क्यों भड़का… दरअसल, सेना प्रमुख जनरल वाकर-उज़-ज़मान ने यूनुस के सुधार एजेंडे को खारिज कर दिया है और दिसंबर 2025 तक चुनाव कराने का आह्वान किया. जनरल वाकर-उज़-ज़मान ने पहली बार सार्वजनिक तौर पर कहा कि अंतरिम सरकार का काम सिर्फ चुनाव कराना है, नीतिगत निर्णय लेना नहीं. सैन्य मामलों में हस्तक्षेप, आंतरिक सुरक्षा में एकपक्षीय निर्णय और बाहरी शक्तियों के दबाव को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. सेना को हर रणनीतिक और सुरक्षा नीति में विश्वसनीय साझेदार की तरह शामिल किया जाना चाहिए. यह बयान यूनुस की सत्ता को खुली चुनौती के रूप में देखा गया. ज़मान ने इस बात पर भी जोर दिया कि अंतरिम सरकार कोई भी ऐसा महत्वपूर्ण निर्णय ना ले, जिससे बांग्लादेश की स्थिरता और संप्रभुता पर असर पड़े. ऐसे मुद्दों को भविष्य में निर्वाचित सरकार पर छोड़ दिया जाए. बुधवार को सेना प्रमुख ने स्पष्ट किया कि अब और देरी नहीं चलेगी. सेना को नजरअंदाज कर रणनीतिक फैसले नहीं लिए जा सकते हैं. सेना प्रमुख ने बार-बार यह स्पष्ट किया है कि वे सैन्य अधिग्रहण के खिलाफ हैं. वे यूनुस से बस यही उम्मीद करते हैं कि वे स्वतंत्र, निष्पक्ष और समावेशी चुनाव करवाएं ताकि सत्ता का सुचारू और शांतिपूर्ण हस्तांतरण निर्वाचित सरकार को हो सके, जिसके बाद सेना वापस अपने बैरक में जा सकती है. बुधवार को उन्होंने यह भी स्पष्ट कर दिया कि सेना अब भीड़तंत्र और अराजकता, अंतरिम सरकार द्वारा सैन्य मामलों में किसी भी तरह का हस्तक्षेप और बांग्लादेश की संप्रभुता और स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण निर्णयों में सेना को दरकिनार करने के किसी भी प्रयास को बर्दाश्त नहीं करेगी. उन्होंने जोर देकर कहा कि सभी सुरक्षा और रणनीतिक मामलों में सैन्य नेतृत्व से सलाह ली जानी चाहिए और पीठ पीछे कुछ भी नहीं किया जाना चाहिए. यूनुस आर्मी चीफ के खिलाफ ही रच रहे साजिश, भारत के दुश्मनों के साथ सीक्रेट मीट…  बांग्लादेश में सियासी माहौल फिर से गर्म हो गया है. यूनुस और सेना प्रमुख के बीच जुबानी जंग चल रही है. ऐसे में यूनुस सेना प्रमुख को हटाना चाहते हैं. अंतरिम सरकार के प्रमुख और नोबेल पुरस्कार विजेता मुहम्मद यूनुस ने भारत विरोधी दलों की एक अहम बैठक बुलाई है, लेकिन इस बैठक में क्या बात होगी, यह अभी रहस्य बना हुआ है. ढाका की सड़कों पर चर्चा है कि यूनुस अगले पांच साल तक सत्ता में बने रहना चाहते हैं. इसके लिए उनके समर्थक ‘मार्च फॉर यूनुस’ नाम से एक विशाल जनसभा की तैयारी कर रहे हैं. दूसरी तरफ, सेना प्रमुख की सख्त चेतावनी और राजनीतिक दलों की नाराजगी ने इस ड्रामे को और रोचक बना दिया है. मोहम्मद यूनुस अब सीक्रेट मीटिंग कर रहे हैं. यूनुस ने  बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) और जमात-ए-इस्लामी के नेताओं के साथ अलग-अलग बैठकें बुलाई हैं. बीएनपी के एक नेता ने बताया कि यूनुस के दफ्तर ने उन्हें इस बैठक के लिए आमंत्रित किया है. लेकिन, इन बैठकों का असली मकसद क्या है, यह कोई नहीं जानता. हालांकि उनके इस तरह के मीटिंग करने से माना जा रहा है मोहम्मद यूनुस सत्ता छोड़ने के मूड में नहीं हैं और वह सेना प्रमुख को ही विलेन बनाकर हटाना चाहते हैं. गुरुवार को यूनुस ने NCP नेता नाहिद इस्लाम से मुलाकत की थी. माना जा रहा है कि दोनों मिलकर सेना प्रमुख जनरल वाकर-उज-जमान को हटाने की रणनीति बना रहे हैं. नाहिद वही भारत विरोधी नेता है, जिसने पिछले साल शेख हसीना की सरकार के खिलाफ छात्र आंदोलन को लीड किया था. नाहिद और यूनुस की मुलाकात के बाद ये अटकलें और तेज हो गई हैं. यूनुस पांच साल संभालेंगे सत्ता? यूनुस इस पूरी लड़ाई में अपनी चालें चल रहे हैं. एक तरह वह इस्तीफा देने की बात कर रहे हैं वहीं दूसरी ओर अपने समर्थकें के जरिए प्रदर्शन करवा रहे हैं. यूनुस के समर्थकों ने ढाका के मशहूर शाहबाग चौराहे पर शनिवार को ‘मार्च फॉर यूनुस’ नाम से एक बड़ी रैली की घोषणा की है. शहर में पोस्टर लगाए जा रहे हैं और सोशल मीडिया पर ‘पांच साल तक यूनुस को सत्ता में रखो’ और ‘पहले सुधार, फिर चुनाव’ जैसे नारे ट्रेंड कर रहे हैं. समर्थकों का कहना है कि यूनुस को देश में सुधार लाने के लिए लंबा समय चाहिए. लेकिन इस रैली की टाइमिंग ने सबके कान खड़े कर दिए हैं. आर्मी चीफ की चेतावनी सेना प्रमुख जनरल वाकर-उज-जमान ने साफ कहा है कि बिना चुनाव के सत्ता में बने रहना गैरकानूनी है. सेना ने यूनुस सरकार को दिसंबर … Read more

देश का पहला बुलेट ट्रेन स्टेशन अहमदाबाद में बनकर तैयार, 2029 से दौड़ेगी ट्रेन…

 अहमदाबाद  भारत की पहली बुलेट ट्रेन परियोजना अब नई ऊँचाइयों पर पहुंच चुकी है। मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट के लिए 300 किलोमीटर लंबा वायाडक्ट लगभग पूरा हो चुका है, जिससे यह प्रोजेक्ट अपनी मंजिल के और करीब आ गया है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और गुजरात के राज्य परिवहन मंत्री ने हाल ही में इस बड़ी उपलब्धि की जानकारी फोटो और वीडियो के साथ साझा की है। यह बुलेट ट्रेन का पहला स्टेशन गुजरात के सूरत शहर में बनाया गया है। बुलेट ट्रेन के लिए 300 किलोमीटर का मजबूत वायाडक्ट तैयार मुंबई से अहमदाबाद तक बुलेट ट्रेन का मार्ग करीब 500 किलोमीटर का होगा। अब तक इस मार्ग पर 300 किलोमीटर लंबा वायाडक्ट तैयार हो चुका है। वायाडक्ट एक ऊँचा पुल जैसा ढांचा होता है जो ट्रेन को सड़क, नदियों और अन्य बाधाओं के ऊपर से गुज़रने में मदद करता है। इस 300 किलोमीटर में से 257.4 किलोमीटर का निर्माण फुल स्पैन लॉचिंग तकनीक से किया गया है, जो एक आधुनिक और तेज़ तरीका है। यह तकनीक पारंपरिक तरीकों की तुलना में 10 गुना तेजी से काम करती है। इस विधि से गर्डर (लंबे लोहे या कंक्रीट के टुकड़े) को सीधे उसके स्थान पर स्थापित किया जाता है। हर एक गर्डर लगभग 970 टन वजन का होता है। इस वजह से काम तेजी से पूरा हो पा रहा है। अब तक का काम कितना हुआ पूरा? इस बड़े प्रोजेक्ट में अब तक:     383 किलोमीटर पियर्स (उठाए गए खंभे)     401 किलोमीटर फाउंडेशन (नींव)     326 किलोमीटर गर्डर कास्टिंग (गर्डर बनाने का काम) पूरा किया जा चुका है। इसके अलावा कई नदी पुल, स्टील और पीएससी ब्रिज, और स्टेशन बिल्डिंग भी बनाए जा चुके हैं। इस बुलेट ट्रेन के रास्ते में कुल 12 स्टेशन बन रहे हैं, जिनमें से सूरत में देश का पहला बुलेट ट्रेन स्टेशन लगभग तैयार है। जापान दो बुलेट ट्रेन गिफ्ट करेगा बीते महीने खबर आई कि जापान भारत को दो शिंकानसेन ट्रेन E5 और E3 गिफ्ट करेगा. जापान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, इनकी डिलीवरी 2026 की शुरुआत में हो सकती है. जापान इस वक्त शिंकानसेन की E10 सीरीज पर काम कर रहा है. रिपोर्ट के मुताबिक, जापान और भारत 2030 की शुरूआत में एक साथ E10 सीरीज की ट्रेन भी पटरी पर उतारने की योजना बना रहे हैं. भारत में इस प्रोजेक्ट का जिम्मा भारतीय रेलवे की सहायक कंपनी ‘नेशनल हाई स्पीड रेल कॉरपोरेशन (NHSRC) को दिया गया है. गुजरात में बिछा दिया गया ट्रैक बेड गुजरात के लगभग 157 किलोमीटर हिस्से में ट्रेन के लिए ट्रैक बेड (रेल पटरी के नीचे की सतह) बिछा दिया गया है। ये एक बड़ा संकेत है कि ट्रेन के ट्रायल रन की तैयारी हो रही है। उम्मीद है कि अगले साल यानी 2026 में ट्रायल रन शुरू हो सकता है। 2029 तक ट्रेन शुरू होने की उम्मीद रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया है कि पूरी बुलेट ट्रेन सेवा 2029 तक शुरू हो जाएगी। इसके बाद मुंबई से अहमदाबाद तक की यात्रा केवल 2 से 3 घंटे में पूरी हो सकेगी, जो अभी कई घंटों तक लगती है। यह भारत की यात्रा की दुनिया में एक बड़ी क्रांति होगी। इस प्रोजेक्ट की सबसे खास बात यह है कि इसके लिए जरूरी उपकरण और मशीनरी भारत में ही बनाए जा रहे हैं। लॉन्चिंग गैंट्री, ब्रिज गैंट्री, और गर्डर ट्रांसपोर्टर्स जैसे भारी मशीनें देश में ही निर्मित की जा रही हैं। इससे भारत की आत्मनिर्भरता और टेक्नोलॉजी में भी मजबूती आई है। बुलेट ट्रेन के वायाडक्ट के दोनों ओर कुल 3 लाख से ज्यादा नॉइज़ बैरियर लगाए जा रहे हैं। ये बैरियर ट्रेन के तेज आवाज को कम करते हैं जिससे आसपास के इलाके शांति से रह सकें। महाराष्ट्र और गुजरात दोनों में बुलेट ट्रेन के लिए विशेष डिपो भी बन रहे हैं जहां ट्रेन का रखरखाव और मरम्मत होगी। इसके अलावा जापान से शिंकासेन ट्रेन के कोच आने की उम्मीद है। अगर सब ठीक रहा तो अगस्त 2026 तक सूरत से बिलीमोरा के बीच ट्रेन चलाने की योजना है। क्या खास है फुल स्पैन लॉचिंग तकनीक? फुल स्पैन लॉचिंग तकनीक एक ऐसी नई विधि है जिससे पुल के गर्डर को बड़े पैमाने पर और तेज़ी से स्थापित किया जा सकता है। इस तकनीक से निर्माण की गति बढ़ जाती है, जिससे समय और लागत दोनों बचती हैं। भारत में पहली बार इस तकनीक का इतना बड़ा उपयोग किया जा रहा है।

IAF ने पाकिस्तान पर चार बड़े हवाई हमले किए थे, जिसके बाद पाकिस्तान अमेरिका से सीजफायर की गुहार लगाने लगा

नई दिल्ली  भारत के ऑपरेशन सिंदूर के खिलाफ पाकिस्तान ने 10 मई को ऑपरेशन बनयान अल-मरसूस चलाया। लेकिन यह ऑपरेशन सिर्फ आठ घंटे ही चला। सूत्रों के मुताबिक 10 मई की रात भारतीय वायुसेना (IAF) ने पाकिस्तान पर चार बड़े हवाई हमले किए थे। इंडियन एयरफोर्स ने पाकिस्तान के एयर बेस, हवाई जहाज और एयर डिफेंस सिस्टम को तबाह कर दिया जिसके बाद पाकिस्तान अमेरिका से सीजफायर की गुहार लगाने लगा। इंडियन एयरफोर्स ने पाकिस्तान को झुकने पर मजबूर किया भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमानों ने पाकिस्तान पर सटीक निशाना लगाने वाली मिसाइलें दागीं। रफाल विमानों से SCALP मिसाइलें दागी गईं। SU-30 MKI विमानों से ब्रह्मोस मिसाइलें दागी गईं। इन मिसाइलों ने चकलाल में स्थित नूर खान एयरबेस पर हमला किया। यह पाकिस्तान के उत्तरी एयर कमांड-कंट्रोल नेटवर्क का हिस्सा था। पहले हमले में ही यह तबाह हो गया। आखिरी हमला जैकोबाबाद और भोलारी एयर बेस पर किया गया। लेकिन तब तक पाकिस्तान हार मान चुका था, वह अमेरिका से युद्ध रोकने के लिए कह रहा था। पाकिस्तान ने 10 मई को सुबह 1:00 बजे ऑपरेशन बनयान अल-मरसूस शुरू किया था। उसने कहा कि वह अगले 48 घंटों में भारत के एयर बेस को तबाह कर देगा। लेकिन भारत ने पाकिस्तान पर जोरदार हमला किया। उसने हवा से सतह पर मार करने वाली कई मिसाइलें इस्तेमाल कीं। यह ऑपरेशन सुबह 9:30 बजे ही खत्म हो गया। S-400 ऑपरेशन सिंदूर के दौरान 11 बार काम किया भारत का S-400 एयर डिफेंस सिस्टम आदमपुर में है। इसने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान 11 बार काम किया। इसने पाकिस्तान के SAAB-2000 एयरबोर्न अर्ली वार्निंग सिस्टम को मार गिराया। यह सिस्टम पाकिस्तान के अंदर 315 किलोमीटर दूर था। S-400 एक ऐसा सिस्टम है जो हवा में आने वाले खतरों को भांप लेता है और उन्हें मार गिराता है। IAF के पास इस बात के सबूत हैं कि उसकी मिसाइलों ने एक C-130J विमान, एक JF-17 और दो F-16 लड़ाकू विमानों को भी मार गिराया। IAF ने SCALP और ब्रह्मोस मिसाइलों को एक साथ इस्तेमाल किया ताकि निशाना चूक न जाए। 7 मई को भारत ने नौ आतंकी कैंपों पर हमला किया था। सात कैंपों को अलग-अलग तरह के गोला-बारूद से निशाना बनाया गया। सेना, वायुसेना और नौसेना ने मिलकर यह हमला किया था। मुरिदके और बहावलपुर में मौजूद आतंकी ठिकानों पर SCALP और ब्रह्मोस मिसाइलों से हमला किया गया। ये मिसाइलें सटीक निशाना लगाती हैं। सूत्रों के अनुसार, 10 मई को भारत ने लाहौर में चीन में बने LY-80 एयर डिफेंस सिस्टम को HARPY कामिकेज़ ड्रोन से मार गिराया। इसके अलावा, कराची के मलीर में HQ-9 (S-300 का चीनी वर्जन) को भी एक भारतीय मिसाइल ने तबाह कर दिया। पाकिस्तान के DGMO ने युद्धविराम की गुहार लगाई भारतीय नौसेना 10 मई की सुबह कराची नौसेना बंदरगाह पर हमला करने के लिए तैयार थी। उसका जहाजी बेड़ा मकरान तट से 260 मील दूर था। लेकिन पाकिस्तान के DGMO ने फोन करके कहा कि अगर भारत ने ब्रह्मोस मिसाइलों से बंदरगाह पर हमला किया तो वह जवाबी कार्रवाई करेगा। पाकिस्तान की धमकी से भारतीय सेना और सरकार डरे नहीं। लेकिन 10 मई की दोपहर तक पाकिस्तान के DGMO ने युद्धविराम की गुहार लगाई।

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