LATEST NEWS

EPFO नया सिस्‍टम बैंकिंग सिस्‍टम्‍स के बराबर सुविधाएं प्रोवाइड कराएगी, वेबसाइट इंटरफेस अधिक यूजर्स-अनुकूल होगा

नईदिल्ली ईपीएफ खाताधारकों के लिए बड़ा अपडेट सामने आया है. केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मंडाविया ने ऐलान किया है कि कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) इस साल जून तक अपना नया सॉफ्टवेयर सिस्टम, EPFO 3.0 शुरू करने के लिए तैयार है.  पत्रकारों से बात करते हुए मंडाविया ने कहा कि नया सिस्‍टम देश में बैंकिंग सिस्‍टम्‍स के बराबर सुविधाएं प्रोवाइड कराएगी. साथ ही वेबसाइट इंटरफेस अधिक यूजर्स-अनुकूल होगा. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि EPFO 3.0 के लॉन्च के बाद ईपीएफओ अपने सदस्यों को ATM कार्ड जारी करेगा. उन्होंने आगे बताया कि वेबसाइट और सिस्टम में सुधार के शुरुआती चरण को जनवरी 2025 के अंत तक अंतिम रूप दे दिया जाएगा. EPFO 3.0 कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) सदस्यों के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए तैयार है. इसका उद्देश्य पहुंच में सुधार, प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करना और कर्मचारियों को उनके रिटायरमेंट फंड पर अधिक कंट्रोल देने के लिए नई सुविधाएं पेश करना है. कबसे निकाल सकेंगे एटीएम से पैसा? नए EPF विड्रॉल दिशा-निर्देशों के साथ कर्मचारियों को जल्द ही ATM कार्ड का उपयोग करके अपनी EPF सेविंग तक तेजी से पहुंचने की क्षमता मिल सकती है. इससे वे फाइनेंशियल इमरजेंसी या अप्रत्याशित खर्चों को प्रभावी ढंग से मैनेज कर सकेंगे. पिछले महीने श्रम सचिव सुमिता डावरा ने घोषणा की थी कि EPFO के कस्‍टमर्स साल 2025 तक ATM के माध्यम से अपने PF की निकासी कर सकेंगे. डावरा ने बताया कि श्रम मंत्रालय वर्तमान में ईपीएफओ से संबद्ध भारत के कर्मचारियों को लाभ पहुंचाने के लिए आईटी सेवाओं को बढ़ाने पर काम कर रहा है. कितना निकाल सकते हैं पैसा? डावरा के अनुसार, सभी सदस्‍य और बीमित व्यक्ति एटीएम के माध्यम से अपने भविष्य निधि (PF) को निकाल सकेंगे. हाल ही में मीडिया रिपोर्ट्स से पता चलता है कि लाभार्थी के खाते में कुल शेष राशि के 50% तक निकासी सीमित होगी. इसी तरह, ईपीएफओ पेंशन कंट्रीब्‍यूशन में अधिक लचीलापन पेश करने के लिए एक नई योजना लागू करने पर विचार कर रहा है. इस प्रस्ताव के तहत, कर्मचारियों के पास कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) में मौजूदा 12 प्रतिशत सीमा से अधिक या कम अंशदान करने का विकल्प होगा. मोबाइल ऐप की भी होगी सुविधा मोबाइल बैंकिंग की तरह ईपीएफ खातों के लिए एक विशेष ऐप भी तैयार हो रहा है जिसके जरिए सदस्य अपने खाते में आने वाले मासिक योगदान, पेंशन फंड से लेकर पूर्व की नौकरियों के कंट्रीब्‍यूशन आदि चीजें देख सकते हैं. इतना ही नहीं वे मोबाइल ऐप के जरिए अपने पीएफ अकाउंट को मॉनिटर भी कर सकते हैं. अभी कितना है कंट्रीब्‍यूशन? वर्तमान में, कर्मचारी और नियोक्ता दोनों ही कर्मचारी के मूल वेतन, महंगाई भत्ते और किसी भी रिटेनिंग भत्ते का 12 प्रतिशत EPF में योगदान करते हैं. कर्मचारी का पूरा योगदान EPF में आवंटित किया जाता है, जबकि नियोक्ता का 12 प्रतिशत योगदान EPF में 3.67 प्रतिशत और EPS में 8.33 प्रतिशत के रूप में विभाजित किया जाता है. इसके अतिरिक्त भारत सरकार 15,000 रुपये से कम कमाने वालों के लिए कर्मचारी पेंशन में 1.16 प्रतिशत का योगदान देती है.  

प्रतिबंधों की मार झेल रहे ईरान ने भारत से अपने रिश्ते सुधारने और सहयोग बढ़ाने की अपील की

नई दिल्ली अमेरिकी प्रतिबंधों की मार झेल रहे ईरान ने भारत से अपने रिश्ते सुधारने और सहयोग बढ़ाने की अपील की है। ईरानी अधिकारियों ने भारत से फिर से कच्चे तेल की खरीद शुरू करने और ईरानी नागरिकों को वीजा देने में राहत देने की मांग की है। ईरान का कहना है कि इन कदमों से दोनों देशों के बीच दोस्ती और आर्थिक रिश्ते और मजबूत होंगे। मगर इसके पीछे क्या ईरान की कोई मंशा है? आइए जानते हैं। ईरान की इस गुहार के पीछे मुख्य वजह अमेरिकी प्रतिबंध हैं, जिनकी वजह से उसकी अर्थव्यवस्था पर काफी दबाव है। 2019 में भारत ने अमेरिकी दबाव में ईरान से कच्चे तेल की खरीद बंद कर दी थी। हालांकि, अब ईरान चाहता है कि भारत एक बार फिर तेल खरीदने के लिए रास्ता निकाले। ईरानी अधिकारी ने साफ कहा कि भारत और ईरान को मिलकर इस मुद्दे का हल ढूंढना होगा। चाबहार बंदरगाह पर भी ईरान की खास नजर है। यह बंदरगाह अमेरिकी प्रतिबंधों के दायरे से बाहर है और भारत ने इसके विकास में काफी निवेश किया है। ईरानी अधिकारी ने कहा कि चाबहार के आसपास पेट्रो-रसायन उद्योगों में सहयोग के लिए भारत ने रुचि दिखाई है। यह बंदरगाह दोनों देशों के लिए व्यापारिक और आर्थिक संबंधों को मजबूत करने का एक अहम जरिया हो सकता है। ईरानी अधिकारी ने यह भी कहा कि रूस और ईरान पर लगे प्रतिबंध अलग हैं, और भारत ने रूस से तेल खरीदना जारी रखा है। ऐसे में ईरान उम्मीद कर रहा है कि भारत उसके लिए भी ऐसा ही कोई रास्ता निकालेगा। ईरान ने यह भी संकेत दिया कि चीन के बढ़ते प्रभाव और वैश्विक राजनीति में बदलाव के चलते अमेरिका का रुख ईरान के प्रति नरम हो सकता है। ऐसे में भारत के लिए यह मौका हो सकता है कि वह ईरान के साथ अपने रिश्तों को फिर से पटरी पर लाए। भारत के लिए ईरान की अहमियत सिर्फ तेल तक सीमित नहीं है। चाबहार बंदरगाह भारत को अफगानिस्तान और मध्य एशिया से जोड़ने का सीधा रास्ता देता है। ईरान ने साफ कर दिया है कि वह भारत के लिए किसी तरह की मुश्किल खड़ी नहीं करना चाहता, बल्कि आपसी सहयोग को नई ऊंचाइयों तक ले जाना चाहता है। ऐसे में देखना है कि क्या भारत अपने चाबहार वाले दोस्त के साथ कच्चे तेल का सौदा करता है या नहीं।

अमित शाह ने कहा- केजरीवाल को जब दिल्ली के इंफ्रास्ट्रक्चर पर काम करने का मौका मिला तब उन्होंने अपना शीश महल बनबाया

नई दिल्ली केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को नई दिल्ली में कामकाजी महिला छात्रावास सुषमा भवन का उद्घाटन किया। उन्होंने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए दिल्ली सरकार पर जमकर निशाना साधा। आरोप लगाया कि केजरीवाल को जब दिल्ली के इंफ्रास्ट्रक्चर पर काम करने का मौका मिला, तब उन्होंने अपना भवन बनाने का काम किया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, “मेरे घर पर कुछ बच्चे मिलने आए थे तो मैंने उनसे पूछा कि केजरीवाल जी ने क्या किया? तो एक बच्चे ने कहा कि उन्होंने एक 45 करोड़ रुपये का शीशमहल खुद के लिए बनाया। राजनीति में आए तब कहते थे हम सरकारी गाड़ी नहीं लेंगे, सरकारी बंगला नहीं लेंगे। आज 50 हजार गज में दिल्लीवासियों के 45 करोड़ रुपये से अपने लिए शीश महल बनाया। केजरीवाल को दिल्ली की जनता को हिसाब देना पड़ेगा।” उन्होंने आगे कहा, “अरविंद केजरीवाल को जब दिल्ली के इंफ्रास्ट्रक्चर पर काम करने का मौका मिला, तब उन्होंने अपना भवन बनाने का काम किया। दिल्ली के इंफ्रास्ट्रक्चर की चिंता नहीं की। उन्होंने शराब घोटाला किया, मोहल्ला क्लिनिक के नाम पर भ्रष्टाचार किया और दवाओं के नाम पर घोटाला किया। इतना ही नहीं, सीसीटीवी के नाम पर घोटाला किया, बस खरीद में घोटाला किया और सबसे बड़ी घोटाला निजी सुविधाओं के लिए, अपना शीशमहल बनाने के लिए किया। दिल्ली की जनता को अरविंद केजरीवाल को जवाब देना पड़ेगा।” केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सुषमा स्वराज को भी याद किया। उन्होंने कहा, “मुझसे बांसुरी स्वराज मिलने आई थी और उन्होंने मुझे बताया कि कामकाजी महिला छात्रावास बनाया जा रहा है, जिसका नाम सुषमा भवन रखा जाएगा। तब मैंने खुद कहा था मुझे हॉस्टल का साइज नहीं पूछना है, मगर सुषमा जी के नाम से हॉस्टल बना है तो मैं यहां जरूर आऊंगा। यहां आने का निमंत्रण मैंने मांग कर लिया है, क्योंकि इस हॉस्टल का उद्घाटन करना मेरे लिए आनंद का विषय है।” उन्होंने आगे कहा, “इस भवन में करीब 80 बहनें काम करेंगी, उनके सुरक्षित रहने की सुविधा एक ऐसी नेता के नाम से जुड़ रहा है जो भारत की महिला शक्ति को जागरूक और संगठित करने की प्रेरणास्रोत रही हैं। सुषमा स्वराज हम सब भाजपा कार्यकर्ताओं के लिए हमेशा पार्टी की महान नेता के रूप में चिर स्मरणीय रहेंगी। उन्होंने भारत के संसदीय राजनीति के इतिहास में सुषमा स्वराज ने एनडीए-1 और एनडीए-2 दोनों सरकारों में महत्वपूर्ण विभागों की मंत्री की जिम्मेदारी बखूबी संभाली।” केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा, “इस देश का लोकतांत्रिक इतिहास सुषमा स्वराज को विदेश मंत्री या स्वास्थ्य मंत्री के रूप में नहीं जानेगा, बल्कि उन्हें एक संघर्ष करने वाली विपक्ष की नेत्री के रूप में याद रखेगा। सुषमा ही थीं, जिन्होंने यूपीए-2 सरकार के 12 लाख करोड़ के घोटाले को संसद भवन में उजागर किया था। विपक्ष के नेता का पद लोकतंत्र में कितना महत्वपूर्ण होता है, इसका जब उदाहरण दिया जाएगा, तब सुषमा जी को जरूर याद किया जाएगा।”

बंगाल बीजेपी में समन्वय की कमी की खबरें निराधार हैं, पार्टी में तालमेल से हो रहा काम: मंत्री डॉ. सुकांत मजूमदार

कोलकाता पश्चिम बंगाल भाजपा अध्यक्ष और केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. सुकांत मजूमदार ने शनिवार को कहा कि बंगाल बीजेपी में समन्वय की कमी की खबरें निराधार हैं। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि ऐसा नहीं है कि पार्टी में तालमेल नहीं है, हम एक हैं। भाजपा में किसी व्यक्ति का स्थान महत्वपूर्ण नहीं है, हम विचारधारा के लिए भाजपा से जुड़े हैं। ऐसे में हम सबके लिए विचारधारा सबसे महत्वपूर्ण है। जब भाजपा में कोई नहीं था तब भी मैं भाजपा में था, हम एक ही विचारधारा से जुड़े थे। पश्चिम बंगाल में भाजपा के सदस्यता अभियान को लेकर मजूमदार ने कहा कि 40 लाख सदस्यता हो चुकी है और यह अभियान 10 जनवरी तक जारी रहेगा और आने वाले समय में हम संगठन पर्व पर ध्यान दे रहे हैं। हमारा लक्ष्य 50 लाख तक पहुंचना है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार को कहा कि बीएसएफ बांग्लादेश से आतंकवादियों और घुसपैठियों को राज्य में प्रवेश करने में मदद कर रहा है और इस वजह से क्षेत्र में व्यवधान पैदा हो रहा है। सीएम बनर्जी के इस बयान प्रतिक्रिया देते हुए मजूमदार ने कहा कि जो राजदार पकड़े गए, वो उस इलाके से पकड़े गए, जहां उस इलाके के लोगों ने उन्हें छिपाकर रखा था। हमें बताएं कि वहां से भाजपा और टीएमसी को कितने वोट मिलते हैं, वो डेटा लाया जाए। हम ममता बनर्जी और पुलिस महानिदेशक को चुनौती दे रहे हैं कि उन्हें कहां से पकड़ा गया है, हमें उस क्षेत्र का नाम बताएं, अगर टीएमसी में हिम्मत है तो उस क्षेत्र का डेटा पेश करे। वहीं पासपोर्ट में धोखाधड़ी एवं एक पुलिसकर्मी की गिरफ्तारी के संबंध में सुकांत मजूमदार ने कहा कि पुलिस की संलिप्तता के बिना यह मामला संभव नहीं है। मैं आपका ध्यान विशेष रूप से इस तथ्य की ओर आकर्षित करना चाहूंगा कि ममता बनर्जी की सरकार ने ओबीसी-ए एक विशेष श्रेणी बनाई और खास धार्मिक समूहों को विशेष लाभ दिया गया।

जम्मू-कश्मीर के बांदीपोरा जिले में सेना का एक ट्रक सड़क से फिसलकर खाई में गिर गया, इस दौरान 2 सैनिक शहीद

जम्मू-कश्मीर जम्मू-कश्मीर के बांदीपोरा जिले में शनिवार को एक दर्दनाक हादसा हुआ, जब सेना का एक ट्रक सड़क से फिसलकर खाई में गिर गया। इस दुर्घटना में दो सैनिकों ने अपनी जान गंवा दी, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। अधिकारियों ने बताया कि यह हादसा एसके पायन इलाके के पास हुआ। घायल सैनिकों को तत्काल इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। यह हादसा सेना के जवानों के कठिन और चुनौतीपूर्ण कार्यों को उजागर करता है, जो वे देश की सुरक्षा के लिए निभाते हैं। पिछले महीने इसी तरह की एक घटना जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में हुई थी, जहां एक सेना का ट्रक 300 फीट गहरी खाई में गिर गया था। उस हादसे में पांच सैनिकों की दर्दनाक मौत हो गई थी, जबकि पांच अन्य घायल हुए थे। सेना के व्हाइट नाइट कोर ने उस समय एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा था, “#पुंछ सेक्टर में ऑपरेशनल ड्यूटी के दौरान वाहन दुर्घटना में पांच बहादुर सैनिकों की दुखद मौत पर #व्हाइटनाइट कोर के सभी रैंक अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं।” इस ताजा घटना ने फिर से सेना के जवानों की सेवा और बलिदान को याद दिलाया है। जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने इस हादसे पर शोक व्यक्त करते हुए कहा, “यह घटना बेहद दुखद है। शहीदों के परिवारों के प्रति मेरी संवेदनाएं हैं और घायल सैनिकों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं।” कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी इस घटना पर संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा, “मैं शहीदों को अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं और घायल सैनिकों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं। शोक संतप्त परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदना है।”

राज्य सरकार ने कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी के साथ ही रिटायरमेंट की आयु बढ़ाने का भी लिया फैसला

आंध्र प्रदेश आंध्र प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों के लिए साल की शुरुआत में दो बड़ी खुशखबरियां सामने आ सकती हैं। राज्य सरकार ने कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (DA) में बढ़ोतरी के साथ ही रिटायरमेंट की आयु बढ़ाने का भी फैसला लिया है। सूत्रों के मुताबिक, सरकार कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति आयु में दो साल का इजाफा कर सकती है, जिसे वर्तमान में 60 साल से बढ़ाकर 62 साल किया जा सकता है। आंध्र प्रदेश सरकार की कैबिनेट बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा की गई थी, और अब जल्द ही इस फैसले के बारे में आदेश जारी किए जाने की उम्मीद है। सरकार ने यह भी घोषणा की है कि कर्मचारियों के रुके हुए बकाया का भुगतान भी शीघ्र किया जाएगा। AP NGO के प्रदेश अध्यक्ष शिव रेड्डी और महासचिव विद्यासागर ने हाल ही में विजयवाड़ा में एक कार्यक्रम में इस आश्वासन की पुष्टि की थी कि मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए कदम उठा रहे हैं। इसके अतिरिक्त, कर्मचारियों ने मांग की है कि उन्हें अमरावती सीमा के भीतर भूखंड आवंटित किए जाएं और CPS प्रणाली को समाप्त कर पुरानी पेंशन प्रणाली को बहाल किया जाए। राज्य सरकार द्वारा लिए गए ये फैसले कर्मचारियों के लिए राहत की खबर साबित हो सकते हैं, और भविष्य में उनके हित में और भी निर्णय लिए जा सकते हैं।

डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन नियमों का सरकार ने ड्राफ्ट किया जारी

नई दिल्ली इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने डिजिटल पर्सनल डेटा सुरक्षा एक्ट के लिए ड्राफ्ट नियम जारी किए हैं, जिसके अनुसार डेटा फिड्युसरी (एक ऐसी संस्था या व्यक्ति, जो पर्सनल डेटा की सुरक्षा और गोपनीयता की जिम्मेदारी लेता है) के लिए बच्चे के किसी भी पर्सनल डेटा को प्रोसेस करने से पहले माता-पिता सहमति लेना अनिवार्य होगा। यह एक्ट अगस्त 2023 में संसद में पारित किया गया था और सरकार 18 फरवरी, 2025 तक एमवाईजीओवी पोर्टल के जरिए ड्राफ्ट नियमों पर लोगों के सुझाव मांग रही है। ड्राफ्ट नियमों के अनुसार, “डेटा फिड्युसरी को यह सुनिश्चित करने के लिए उचित तकनीकी और संगठनात्मक उपाय अपनाने होंगे कि बच्चे के किसी भी पर्सनल डेटा को प्रोसेस करने से पहले माता-पिता की वेरीफाई सहमति प्राप्त की जाए। इसके अलावा, यह जांचा जाना भी जरूरी होगा कि माता-पिता के रूप में खुद की पहचान करने वाला व्यक्ति वयस्क हो, जिसकी पहचान की जा सकती है।” पहचान सरकार द्वारा जारी आईडी या डिजिटल लॉकर जैसी पहचान सेवाओं से जुड़े डिजिटल टोकन के जरिए सत्यापित करनी होगी। सरकार के इस फैसला का उद्देश्य अलग-अलग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और वेबसाइट पर बच्चे की प्राइवेसी सुनिश्चित करना है। ड्राफ्ट नियमों में यह भी कहा गया है कि सहमति प्रबंधकों को डेटा प्रोटेक्शन बोर्ड के साथ रजिस्टर्ड होना चाहिए और उनकी मिनिमम नेथ वर्थ 12 करोड़ रुपये होनी चाहिए। नियमों में एक रेगुलेटरी बॉडी के रूप में डेटा प्रोटेक्शन बोर्ड की स्थापना का प्रस्ताव है जो रिमोट हियरिंग के साथ एक डिजिटल ऑफिस के रूप में काम करेगा। ड्राफ्ट नियमों के अनुसार, एक डेटा फिड्युसरी अपने कब्जे में या अपने नियंत्रण में पर्सनल डेटा की रक्षा करेगा, जिसमें उसके द्वारा या उसकी ओर से डेटा प्रोसेसर द्वारा किए गए किसी भी प्रोसेसिंग को लेकर, पर्सनल डेटा ब्रीच को रोकने के लिए सुरक्षा उपाय करना शामिल है। ऐसे कदमों में एन्क्रिप्शन के जरिए पर्सनल डेटा को सुरक्षित करना और डेटा के लिए इस्तेमाल कंप्यूटर रिसोर्स तक पहुंच को नियंत्रित करने के लिए उचित उपाय शामिल होंगे। नियमों में डेटा फिड्युसरी के लिए यह भी अनिवार्य किया गया है कि वह किसी भी पर्सनल डेटा ब्रीच की सूचना तुरंत “प्रत्येक प्रभावित डेटा प्रिंसिपल को छोटे, साफ और स्पष्ट तरीके से और बिना किसी देरी के” दे। नियमों में आगे कहा गया है कि भारत के बाहर पर्सनल डेटा की प्रोसेसिंग प्रतिबंधित होगी। हालांकि, केंद्र सरकार द्वारा विशेष आदेश जारी किया जाता है कि दूसरे देश, दूसरे देश की किसी संस्था या व्यक्ति को पर्सनल डेटा उपलब्ध करवाया जाए तो डेटा फिड्युसरी को ऐसा करना होगा। मंत्रालय ने कहा है कि परामर्श के दौरान किए गए सबमिशन का खुलासा नहीं किया जाएगा और नियमों को अंतिम रूप देने के बाद केवल प्राप्त फीडबैक का सारांश प्रकाशित किया जाएगा। नियमों पर टिप्पणी करते हुए, डेलॉइट इंडिया के पार्टनर मयूरन पलानीसामी ने कहा, “हमें लगता है कि सहमति के प्रबंधन में व्यवसायों को कुछ जटिल चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा क्योंकि यह कानून का मूल है।”  

पीएम मोदी ने दिलजीत से कहा- हिंदुस्तान के एक गांव का लड़का जब दुनिया में नाम रोशन करता है तो अच्छा लगता है

नई दिल्ली पंजाबी सिंगर दिलजीत दोसांझ ने हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की है। इस मुलाकात का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है, जिसमें दोनों के बीच बातचीत हो रही है। वीडियो में देखा जा सकता है कि सिंगर दिलजीत सबसे पहले फूलों का गुलदस्ता लेकर आते हैं और पीएम मोदी उनका अभिवादन करते हैं। इसके बाद पीएम मोदी ने दिलजीत से कहा, “हिंदुस्तान के एक गांव का लड़का जब दुनिया में नाम रोशन करता है तो अच्छा लगता है। आप नसीब वाले हैं कि आपके परिवार ने आपका नाम दिलजीत रखा, आप लोगों के दिल जीत रहे हैं।” इसके बाद दिलजीत ने कहा, “हम किताबों में पढ़ते थे कि मेरा भारत महान। लेकिन, जब मैं पूरा भारत घूमा तो मुझे पता चला कि यह बात क्यों कहते हैं। मेरा भारत महान है और यहां योग का जादू सबसे बड़ा है।” इस पर पीएम मोदी ने कहा कि जिसने योग की ताकत को अनुभव किया है, वही उसकी ताकत जानता है। दिलजीत ने पीएम मोदी के अब तक के सफर पर भी बात की। उन्होंने कहा कि जब हम आपकी यात्रा को देखते हैं कैसे आपका हिमाचल जाना और सब कुछ छोड़ देना हुआ। फिर भगवान का इतना आशीर्वाद मिलना, यह भगवान की मर्ज़ी ही है। इसके बाद पीएम मोदी ने पर्यावरण के विषय पर बात करते हुए कहा, “भारत में हम हर इंसान और पौधे में भी परमात्मा देखता है। रीसायकल रीयूज जैसी अवधारणा हमारे खून में है। हम फेंक देने वाले कल्चर के लोग नहीं हैं। आप भी अपने कार्यक्रमों के द्वारा यह जरूर कर सकते हैं कि भारत के लोग पर्यावरण की रक्षा कैसे करते हैं। जैसे मैंने अभी एक कार्यक्रम शुरू किया “एक पेड़ मां के नाम”, जिसमें हम अपनी मां को याद करते हैं। मां जिंदा है तो उन्हें साथ ले जाओ और पेड़ लगाओ। वो मां की जीवन समृद्धि बन जाएगी। यदि मां जिंदा नहीं है तो फोटो लेकर जाओ और मां को कहो कि ये पड़े तुम्हारे लिए हैं।” इसके बाद पीएम मोदी ने दिलजीत से उनके अनुभव पर बात करते हुए कहा, “जब आप बाहर संगीत के बड़े समारोह में जाते हैं, तो बाकी लोगों की भाषा, उनका स्टाइल, नए इमोशन होते हैं। तो आप क्या अनुभव करते है? पंजाबी सनसनी दिलजीत दोसांझ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बातचीत में कहा कि भारत में कोचेला से भी बड़ा संगीत समारोह हो सकता है, क्योंकि देश की संस्कृति समृद्ध है। ऐसे इवेंट के लिए दुनिया भर से लोग आते हैं। अगर हम ढाबे में बैठकर खाना खा रहे हैं और कोई राजस्थान में गा रहा है, तो उसकी आवाज इतनी सुरीली होती है कि हम हैरान हो जाते हैं। क्योंकि वह व्यक्ति प्रोफेशनल नहीं है, फिर भी वह मुझसे बेहतर गा रहा है। इतनी ज्यादा उनके अंदर कला है।” इस पर पीएम मोदी ने हिंदुस्तान को दुनिया का क्रिएटिव वर्ल्ड सेंटर बनाने की अपनी इच्छा के बारे बताया। उन्होंने कहा, “मेरे मन में एक कल्पना है। मैं कई वर्षों से सोच रहा था, लेकिन अब वह मैं इसको कर रहा हूं। हमारे यहां दुनिया की सबसे ज्यादा फिल्में बनती हैं। मैं चाहता हूं कि दुनिया में सबसे बड़ी क्रिएटिव इंडस्ट्री यहां हो। मैं दुनिया के क्रिएटिव वर्ल्ड को इकट्ठा करने वाला हूं। एक बार जर्मनी की चांसलर एंजेला मर्केल से मुलाकात के दौरान संगीत के विषय पर चर्चा हुई। मैंने उनसे कहा कि मेरे देश में सूर्योदय के पहले और सूर्योदय के बाद का संगीत भी अलग-अलग होता है। हमारे यहां हर पहर का संगीत होता है। हमारे यहां गम की परिस्थिति है तो अलग संगीत है और खुशी का माहौल है तो अलग संगीत है।” पीएम मोदी ने आगे सिख इतिहास पर बता करते हुए कहा कि सचमुच में साहिबजादों का बलिदान बहुत बड़ा है, लेकिन पंजाब में सिख परंपरा ने उसको जिस तरह से निभाया है वो अद्भुत है। मैं यहां आकर 26 दिसंबर को वीर बाल दिवस मनाता हूं। मैं देश के हर बच्चे को चाहता हूं कि वह समझे कि कैसे वीरता होती थी। आस्था क्या होती थी। पीएम मोदी ने सिख धर्म के प्रति श्रद्धा पर बात करते हुए आगे कहा कि कच्छ के अंदर तलपट में गुरुद्वारा है। 2001 में जब भूकंप आया था तब गुरुद्वारे को काफी नुकसान हुआ था। गुरु नानक देव जी वहां रहे थे। गुरुद्वारा के नुकसान से मुझे बड़ी गहरी चोट पहुंच थी। तब मैं कच्छ में एक स्वयंसेवक के तौर पर काम करता था। भूकंप के नौ महीने के बाद मैं मुख्यमंत्री बना था। इसके बाद मैं कच्छ गया और मैंने पहला काम तय किया कि मैं एक गुरुद्वारा को बनाऊंगा। मैंने तय किया कि मैं गुरुद्वारा वैसा ही बनाऊंगा जैसा उस समय बना था। इसके लिए मैं राजस्थान से आर्टिस्टों को लेकर आया। उन्होंने गुरुद्वारा जैसा था वैसा बनाया। इसके बाद सिंगर दिलजीत ने कहा, “मैंने हाल ही में आपका एक इंटरव्यू देखा था। उसमें जब आप अपनी मां और गंगा मां के बारे में बात कर रहे थे और उस दौरान जब आप इमोशनल हो गए थे, तो वो मेरे दिल को छू गया। हमारे लिए प्रधानमंत्री एक बहुत बड़ा पद है, लेकिन कभी-कभी हम यह भूल जाते हैं कि उस पद के पीछे एक बेटा और इंसान भी है। ऐसे ही जब आप अपनी मां और गंगा मां के बारे में बात कर रहे थे उसने दिल को छू लिया था। असल में यह बात दिल से निकली है, इसलिए दिल तक गई है।” सिंगर दिलजीत ने अहमदाबाद में गिफ्ट सिटी में एक शो करने का जिक्र किया। इसके बाद पीएम मोदी ने कहा कि गिफ्ट सिटी भी मेरा एक ड्रीम प्रोजेक्ट था। पीएम मोदी ने दिलजीत से कहा कि आपने शोहरत समेत सभी चीजों को पचाया है। इसे आपके माता-पिता के संस्कार कहें या गुरु की कृपा, आपने किसी चीज को अपने ऊपर हावी नहीं होने दिया। बातचीत के समापन के दौरान दिलजीत ने पीएम मोदी को पंजाबी में एक गाना गाकर भी सुनाया। गाने को सुनते हुए पीएम मोदी ने पास पड़ी मेज को तबले की तरह बजाया दिलजीत का साथ दिया।  

‘गांव के लोगों को गरिमापूर्ण जीवन देना मेरी सरकार की प्राथमिकता है, हमारा विजन है: पीएम मोदी

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की राजधानी में स्थित भारत मंडपम में ‘ग्रामीण भारत महोत्सव 2025’ का उद्घाटन किया. ये कार्यक्रम 9 जनवरी तक चलेगा. इस अवसर पर पीएम मोदी ने कहा कि साल 2014 से ही केंद्र सरकार लगातार, हर पल ग्रामीण भारत की सेवा में लगी हुई है. इसके परिणाम भी नजर आ रहे हैं, क्यों्कि जब इरादे नेक होते हैं तो नतीजे भी संतोष देने वाले होते हैं. पीएम मोदी ने कहा, ‘गांव के लोगों को गरिमापूर्ण जीवन देना मेरी सरकार की प्राथमिकता है. हमारा विजन है, भारत के गांव के लोग सशक्त बनें, उन्हें गांव में ही आगे बढ़ने के ज्यादा से ज्यादा अवसर मिले, उन्हें पलायन न करना पड़े, गांव के लोगों का जीवन आसान हो, इसलिए हमने गांव-गांव में मूलभूत सुविधाओं की गारंटी का अभियान चलाया.’ पीएम मोदी ने केंद्र की ग्रामीणों के लिए बनाई गई योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा, ‘हमारी सरकार ने गांव के हर वर्ग के लिए विशेष नीतियां बनाई हैं. दो-तीन दिन पहले ही कैबिनेट ने ‘पीएम फसल बीमा योजना’ को एक वर्ष अधिक तक जारी रखने की मंजूरी दे दी है. दुनिया में डीएपी का दाम बढ़ रहा है, आसमान छू रहा है, लेकिन हमने निर्णय किया कि हम किसान के सिर पर बोझ नहीं आने देंगे और सब्सिडी बढ़ाकर डीएपी का दाम स्थिर रखा है. हमारी सरकार की नीयत, नीति और निर्णय ग्रामीण भारत को नई ऊर्जा से भर रहे हैं.’ कृषि के अलावा भी हमारे गांव में अलग अलग तरह के पारंपरिक कला और कौशल से जुड़े हुए कितने ही लोग काम करते हैं. रूरल इकोनॉमी और लोकल इकोनॉमी में इनका बड़ा योगदान रहा है, लेकिन पहले इनकी भी उपेक्षा हुई. अब हम उनके लिए पीएम विश्वकर्मा योजना चला रहा हैं. ये योजना देश के लाखों विश्वकर्मा साथियों को आगे बढ़ने का मौका दे रही है. पहले की सरकारों ने एससी-एसटी और ओबीसी की आवश्यकताओं की ओर ध्यान नहीं दिया. गांव से पलायन होता रहा, गरीबी बढ़ती रही, गांव और शहर के बीच की खाई बढ़ती रही, जिन्हें किसी ने नहीं पूछा, उन्हें मोदी ने पूजा है. जो इलाके दशकों से विकास से वंचित थे, अब उन्हें बराबरी का हक मिल रहा है.  

भारत के प्रसिद्ध न्यूक्लियर साइंटिस्ट आर चिदंबरम का हुआ निधन, पोखरण परमाणु परिक्षण में निभाई थी अहम भूमिका

नई दिल्ली भारत के प्रसिद्ध भौतिक विज्ञानी और परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले डॉ. राजगोपाला चिदंबरम का शनिवार को निधन हो गया। वह 88 वर्ष के थे। परमाणु ऊर्जा विभाग (डीएई) के अनुसार, डॉ. चिदंबरम ने मुंबई के जसलोक अस्पताल में अंतिम सांस ली। डीएई ने एक बयान में कहा, “हम अत्यंत दुख के साथ सूचित करते हैं कि डॉ. राजगोपाला चिदंबरम का आज सुबह (4 जनवरी 2025) 3:20 बजे निधन हो गया। उनका योगदान हमेशा याद किया जाएगा। भारत की वैज्ञानिक और रणनीतिक क्षमताओं में उनका अद्वितीय योगदान रहा है।” डॉ. चिदंबरम का करियर और योगदान डॉ. चिदंबरम का जन्म 1936 में हुआ था और वह चेन्नई के प्रेसीडेंसी कॉलेज और भारतीय विज्ञान संस्थान, बेंगलुरु के छात्र रहे थे। उन्होंने भारत सरकार के प्रमुख वैज्ञानिक सलाहकार (2001-2018) के रूप में भी कार्य किया। इसके अलावा, वह भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र के निदेशक (1990-1993) और परमाणु ऊर्जा आयोग के अध्यक्ष (1993-2000) रहे। चिदंबरम ने 1974 में भारत के पहले परमाणु परीक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और 1998 में पोखरण-द्वितीय परमाणु परीक्षण के दौरान परमाणु ऊर्जा विभाग की टीम का नेतृत्व किया। इन योगदानों के कारण भारत को एक परमाणु शक्ति के रूप में स्थापित किया गया। वैज्ञानिक दृष्टिकोण और अनुसंधान में योगदान चिदंबरम ने उच्च दाब भौतिकी, क्रिस्टलोग्राफी और पदार्थ विज्ञान में महत्वपूर्ण शोध किया। उनके कार्यों ने इन क्षेत्रों में वैज्ञानिक समुदाय की समझ को नया दिशा दी। उन्होंने भारत में आधुनिक पदार्थ विज्ञान अनुसंधान की नींव रखी और देश में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी की प्रगति को नई दिशा दी। अन्य क्षेत्रों में योगदान चिदंबरम ने भारत में सुपर कंप्यूटरों के स्वदेशी विकास की पहल की और राष्ट्रीय ज्ञान नेटवर्क की संकल्पना को तैयार किया, जिससे देशभर के शैक्षणिक और अनुसंधान संस्थानों को जोड़ा गया। इसके अलावा, उन्होंने ग्रामीण प्रौद्योगिकी और इलेक्ट्रॉनिक लेनदेन सुरक्षा जैसी पहलें शुरू की, जिससे भारत के विकास को और बल मिला। पुरस्कार और सम्मान चिदंबरम को 1975 में पद्मश्री और 1999 में पद्म विभूषण जैसे प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। उन्हें कई विश्वविद्यालयों से मानद डॉक्टरेट की उपाधि मिली और वह कई भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय विज्ञान अकादमियों के सदस्य थे। डीएई सचिव ने निधन को अपूरणीय क्षति बताया डीएई के सचिव अजीत कुमार मोहंती ने चिदंबरम के निधन को अपूरणीय क्षति बताया। उन्होंने कहा, “डॉ. चिदंबरम का योगदान भारतीय परमाणु शक्ति और रणनीतिक आत्मनिर्भरता को मजबूत करने में अभूतपूर्व था। उनका निधन भारतीय वैज्ञानिक समुदाय और देश के लिए अपूरणीय क्षति है।” डीएई ने चिदंबरम को “अग्रणी, प्रेरणादायी नेता और समर्पित मार्गदर्शक” के रूप में याद किया। इस दुख की घड़ी में सभी ने उनके परिवार और प्रियजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की।

माता-पिता और दादा-दादी के PR बंद!, यह घोषणा एक सरकारी निर्देश के माध्यम से की गई, गजट में प्रकाशित हुई

कनाडा कनाडा सरकार ने माता-पिता और दादा-दादी के लिए स्थायी निवास प्रायोजन के नए आवेदन अस्थायी रूप से बंद कर दिए हैं। यह घोषणा एक सरकारी निर्देश के माध्यम से की गई, जो कनाडा गजट में प्रकाशित हुई। सरकार ने कहा है कि वह परिवार पुनर्मिलन के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन फिलहाल वह पिछले साल प्राप्त आवेदनों की प्रक्रिया पूरी करने पर ध्यान केंद्रित करेगी। इमिग्रेशन मंत्री मार्क मिलर का कहना है कि यह कदम सरकार के इमिग्रेशन और परिवार पुनर्मिलन के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए सबसे उपयुक्त होगा। इसके अलावा, अन्य इमिग्रेशन श्रेणियों में भी नए प्रायोजन अस्थायी रूप से रोक दिए गए हैं ताकि पुराने आवेदनों के बैकलॉग को समाप्त किया जा सके। सरकार की तीन साल की इमिग्रेशन योजना के अनुसार, कुल इमिग्रेशन में कमी की जाएगी, लेकिन इस साल माता-पिता और दादा-दादी के प्रायोजन के माध्यम से 24,000 से अधिक लोगों को स्वीकार करने का लक्ष्य है। नए निर्देश के तहत 2024 में पारिवारिक पुनर्मिलन कार्यक्रम के माध्यम से अधिकतम 15,000 आवेदन ही संसाधित किए जाएंगे। 2024 में, इस प्रोग्राम के तहत 35,700 लोगों को आवेदन जमा करने के लिए चुना गया था। इनमें से सरकार ने 20,500 आवेदन स्वीकार करने का लक्ष्य रखा था। हालांकि, 2023 के अंत तक 40,000 से अधिक प्रायोजन आवेदन लंबित थे। सरकार द्वारा संसद में प्रस्तुत 2024 की वार्षिक इमिग्रेशन रिपोर्ट के अनुसार, एक प्रायोजन आवेदन को पूरा होने में औसतन 24 महीने का समय लगता है। यह रिपोर्ट द कैनेडियन प्रेस द्वारा 3 जनवरी, 2025 को प्रकाशित की गई थी।  

सरकार नए नियमों से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कसेगी लगाम, लगेगा 250 करोड़ रुपए जुर्माना

नईदिल्ली नई दिल्ली। केंद्र सरकार सोशल मीडिया और इंटरनेट से जुड़े मामलों को लेकर नए नियम बनाने जा रही है। इसके लिए डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम 2023 लाया जाएगा। नए बदलाव के अनुसार 18 साल के कम उम्र के बच्चों को अपना सोशल मीडिया अकाउंट बनाने के लिए माता-पिता की सहमति लेनी होगी। केंद्र ने  डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम 2023 के मसौदा नियमों को प्रकाशित किया। MeitY (Ministry of Electronics and Information Technology) ने बताया है कि आम लोग मसौदा पर अपनी राय दे सकते हैं। बता सकते हैं कि क्या बदलाव किए जाने चाहिए। MyGov.in पर जाकर आम लोगों को अपनी राय दर्ज कराने का मौका दिया गया है। 18 फरवरी 2025 के बाद इन सुझावों पर सरकार गौर करेगी। इंटरनेट पर व्यक्तिगत डेटा के दुरुपयोग रोकेंगे नए नियम सोशल मीडिया पर दी जाने वाली व्यक्तिगत जानकारी का दुरुपयोग बढ़ा है। बच्चे इसके शिकार हो रहे हैं। इसे देखते हुए सरकार सख्त कानून बना रही है। नए नियमों के तहत बच्चों और विकलांग लोगों के व्यक्तिगत डेटा की सुरक्षा के लिए सख्त उपाय किए गए हैं। व्यक्तिगत डेटा संभाल रही संस्थाओं को नाबालिगों से संबंधित किसी भी व्यक्तिगत डेटा को प्रोसेस करने से पहले माता-पिता या अभिभावक की सहमति लेनी होगी। सहमति सत्यापित करने के लिए सरकार द्वारा जारी आईडी या डिजिटल पहचान टोकन का इस्तेमाल करना होगा। शैक्षिक संस्थानों और बाल कल्याण संगठनों को नियमों के कुछ प्रावधानों से छूट दी जा सकती है। नए नियमों में इंटरनेट यूजर के अधिकारों को बढ़ाया जाएगा। यूजर अपने डेटा को हटाने की मांग कर सकेंगे। कंपनियों से पारदर्शिता की मांग कर सकेंगे कि उनका डेटा क्यों जुटाया जा रहा है। नियमों का उल्लंघन करने पर लग सकता है 250 करोड़ रुपए जुर्माना अगर कोई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म या कंपनी नियमों का उल्लंघन करती है तो उसपर 250 करोड़ रुपए तक जुर्माना लगाया जा सकता है। उपभोक्ताओं को यह अधिकार दिया जाएगा कि वे डेटा जुटाए जाने को चुनौती दे सकें और जवाब मांग सकें कि उसके डेटा का इस्तेमाल किस लिए किया गया है। नए नियम में “ई-कॉमर्स संस्थाएं”, “ऑनलाइन गेमिंग मध्यस्थ” और “सोशल मीडिया मध्यस्थ” जैसे महत्वपूर्ण डिजिटल मध्यस्थों को परिभाषित किया गया है। प्रत्येक के लिए खास दिशानिर्देश दिए गए हैं। मसौदे के अनुसार सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ऐसे मध्यस्थ हैं जो मुख्य रूप से उपयोगकर्ताओं के बीच ऑनलाइन बातचीत सक्षम करते हैं। इसमें सूचना शेयर करना, भेजना और संशोधित करना शामिल है। नए नियमों का पालन हो यह तय करने के लिए सरकार एक डेटा संरक्षण बोर्ड स्थापित करने की योजना बना रही है। यह डिजिटल नियामक निकाय के रूप में काम करेगा।  

प्रधानमंत्री प्रवासी भारतीय दिवस के लिए 8 जनवरी को ओडिशा जाएंगे

भुवनेश्वर  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 9 ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में 18वें प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे। 8 से 10 जनवरी तक आयोजित होने वाले सम्मेलन का समापन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू करेंगी। पहली बार आयोजन की जिम्मा संभाल रही ओडिशा सरकार ने 50 देशों से 3,500 प्रवासीओं आकर्षित करने का लक्ष्य रखा है । राज्य सरकार के अनुमान के अनुसार, तीन दिवसीय सम्मेलन में कुल उपस्थिति लगभग 7,500 होगी, जिसमें स्थानीय भागीदारी भी शामिल है। गृह विभाग के अधिकारियों के अनुसार पिछले कुछ दिनों में दैनिक पंजीकरण की संख्या 150 से अधिक हो गई है, जबकि एक सप्ताह पहले यह संख्या केवल 40-50 अनुरोध प्रति दिन थी। क्या है पूरा कार्यक्रम? इस सम्मेलन के मुख्य अतिथि के रूप में त्रिनिदाद और टोबैगो की राष्ट्रपति क्रिस्टीन कार्ला कंगालू शामिल होंगी। सम्मेलन की शुरुआत 8 जनवरी को युवा प्रवासी भारतीय दिवस के साथ होगी। इसके अगले दिन, 9 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी 18वें प्रवासी भारतीय दिवस का उद्घाटन करेंगे। सम्मेलन का समापन 10 जनवरी को प्रवासी भारतीय सम्मान पुरस्कार समारोह के साथ होगा, जिसमें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू इस आयोजन को सुशोभित करेंगी और समापन भाषण देंगी। भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के समय से 2003 में आरंभ हुआ यह सम्मेलन को नई दिल्ली, मुंबई, कोच्चि, हैदराबाद, जयपुर, चेन्नई, वाराणसी, बेंगलुरु और इंदौर जैसे शहरों में आयोजन किया जा चुका है। 2021 में कोविड महामारी के दौरान एक वर्चुअल मोड का सम्मेलन भी हुआ था। ग्रैंड वेलकम की है तैयारी भुवनेश्वर पहली बार 2025 के प्रवासी भारतीय दिवस संस्करण की मेज़बानी कर रहा है। शहर की नगर पालिका और राज्य सरकार के विभिन्न विभागों ने सम्मेलन के साथ-साथ कई सांस्कृतिक और मनोरंजन कार्यक्रमों की योजना बनाई है। इनमें रात का फ्ली मार्केट, आदिवासी मेला, खाद्य महोत्सव, राजरानी संगीत फेस्टिवल, मुक्तेश्वर नृत्य महोत्सव और एकाम्र महोत्सव जैसे प्रमुख आयोजन शामिल हैं। इस विशाल समारोह के आयोजन के लिए राज्य सरकार ने नवंबर महीने में 125 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया था। भुवनेश्वर में खास तैयारियां निमंत्रित विशेष अतिथियों के लिए मुंबई से 5 डबल डेकर बसें और 10 प्रीमियम बसें मंगवाई गई हैं। इन बसों के माध्यम से अतिथियों को ओडिशा के प्रमुख पर्यटन स्थलों का भ्रमण कराया जाएगा, जिनमें कलिंग युद्ध स्थली, पुरी जगन्नाथ मंदिर, ब्लू फ्लैग समुद्री तट और कोणार्क के विख्यात सूर्य मंदिर सहित कुल 31 प्रमुख स्थल शामिल हैं। इन स्थलों पर जाने के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। इंडियन एसोसिएशन ऑफ टूर ऑपरेटर्स (आईएटीओ) की ओडिशा शाखा के चेयरमैन गगन सारंगी ने बताया कि राज्य के अधिकांश टूर और ट्रैवल पार्टनर्स ने सम्मेलन के दौरान कैब और वेकेशन स्टे की बुकिंग में वृद्धि की पुष्टि की है। पूर्वोदय मिशन का हिस्सा भुवनेश्वर में आयोजित हो रहा यह 18वां प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन भारत सरकार की ‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी’ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के ‘पूर्वोदय मिशन’ के साथ पूरी तरह संरेखित है। इन योजनाओं का उद्देश्य भारत के पूर्वी क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देना और उनकी निवेश क्षमता को उजागर करना है। ओडिशा की 482 किमी लंबी तटरेखा दक्षिण-पूर्व एशिया के देशों के सामने एक महत्वपूर्ण अवसर प्रस्तुत करती है।

पानीपुरी बेचने वाले कुछ विक्रेताओं को जीएसटी विभाग से नोटिस मिलने का दावा किया गया, सोशल मीडिया पर खबर वायरल

नई दिल्ली हाल ही में सोशल मीडिया पर एक चौंकाने वाली खबर वायरल हो रही है, जिसमें पानीपुरी बेचने वाले कुछ विक्रेताओं को जीएसटी विभाग से नोटिस मिलने का दावा किया गया है। कारण? ऑनलाइन भुगतान प्लेटफॉर्म जैसे RazorPay और PhonePe के जरिए उनके लेन-देन 40 लाख रुपये से अधिक हो गए हैं। यह खबर जितनी हैरान करने वाली है, उससे ज्यादा मजेदार प्रतिक्रियाओं के कारण सुर्खियां बटोर रही है। सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस खबर सामने आते ही सोशल मीडिया पर लोगों ने इस मुद्दे को हल्के-फुल्के अंदाज में लिया। एक यूजर ने लिखा, “अब समय आ गया है कि वह अपने ब्रांड का नाम ‘PP Waterballs’ रखकर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कदम रखें।” वहीं, एक और ने मजाक करते हुए कहा, “पानीपुरी का लंदन में निर्यात करने का बेहतरीन मौका है।” सड़क विक्रेता और जीएसटी आमतौर पर, भारत में छोटे सड़क विक्रेता जीएसटी या आयकर के दायरे में नहीं आते क्योंकि उनकी आय सीमित होती है। जीएसटी पंजीकरण केवल उन कारोबारियों के लिए जरूरी है जिनका वार्षिक टर्नओवर 40 लाख रुपये से अधिक हो। इसी तरह, आयकर उन्हीं पर लागू होता है जिनकी आय 2.5 लाख रुपये सालाना से ज्यादा हो। डिजिटल लेन-देन से बढ़ा प्रभाव आजकल ग्राहक ऑनलाइन भुगतान करना ज्यादा पसंद करते हैं, जिससे इन विक्रेताओं की कुल लेन-देन राशि बढ़ रही है। यह बदलाव छोटे व्यवसायों को टैक्स के दायरे में ला सकता है। नकद लेन-देन की तुलना में ऑनलाइन लेन-देन ट्रैक करना आसान होता है, जिससे ये विक्रेता कर अधिकारियों की नजर में आ रहे हैं। सोशल मीडिया का मजाकिया पक्ष इस पूरे मामले ने सोशल मीडिया पर हलचल मचा दी है। एक यूजर ने लिखा, “अब पानीपुरी से GST वसूलने का वक्त आ गया है!” जबकि दूसरे ने कहा, “शायद करियर बदलने का सही समय है।” हालांकि, मजाक और हल्के-फुल्के अंदाज के बीच यह मामला गंभीर सवाल उठाता है कि डिजिटल भुगतान का बढ़ता चलन छोटे विक्रेताओं के लिए टैक्स नियमों को कैसे बदल सकता है।  

सरकार को निजीकरण पर ध्यान देने की बजाए शिक्षा पर ज्यादा खर्च करने की जरूरत: राहुल गांधी

नई दिल्ली कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष एवं लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने शिक्षा को समाज के हर व्यक्ति का अधिकार बताते हुए कहा है कि सरकार को निजीकरण पर ध्यान देने की बजाए शिक्षा पर ज्यादा खर्च करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि शिक्षा और सरकारी संस्थानों को मजबूत बनाने की जरूरत है और इस पर सरकार को ज्यादा पैसा खर्च करना चाहिए ताकि शिक्षा को बढ़ावा मिले और इसके स्तर को और बेहतर बनाया जा सके। श्री गांधी ने कहा “मेरा मानना है कि किसी भी सरकार की सबसे बड़ी जिम्मेदारी अपने लोगों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की गारंटी देना है। इसे निजीकरण और वित्तीय प्रोत्साहनों के माध्यम से हासिल नहीं किया जा सकता। हमें शिक्षा और सरकारी संस्थानों को मजबूत बनाने पर बहुत अधिक पैसा खर्च करने की आवश्यकता है।”  

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

slot olympus

sbobet

slot thailand

sbobet