LATEST NEWS

ईडी हल्दिया, दुर्गापुर और कोलकाता समेत राज्य के कई निजी मेडिकल कॉलेजों पर छापेमारी की

कोलकाता प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मंगलवार को पूर्वी मेदिनीपुर के हल्दिया में मेडिकल कॉलेज एडमिशन कोटा भ्रष्टाचार मामले में तलाशी अभियान चलाया। ईडी हल्दिया, दुर्गापुर और कोलकाता समेत राज्य के कई निजी मेडिकल कॉलेजों पर छापेमारी कर रही है। कथित तौर पर, इस मामले में पैसे के बदले फर्जी प्रमाण जमा किए गए और मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश दिए गए। इस साल सितंबर में सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने इस मामले पर चिंता जताई थी। पूरे देश में 28 जगहों पर एमबीबीएस एडमिशन में कोटा भ्रष्टाचार की खबरें आई हैं। प्रत्येक छापामारी दल को केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) के जवानों द्वारा सुरक्षा प्रदान की गई। सूत्रों ने बताया कि मेडिकल दाखिलों में करोड़ों रुपये की अनियमितताएं मुख्य रूप से राज्य में संचालित कुछ निजी मेडिकल कॉलेजों में हुई हैं। सूत्रों ने बताया कि हल्दिया में छापेमारी और तलाशी अभियान तामलुक से पूर्व माकपा लोकसभा सदस्य लक्ष्मण सेठ के आवास पर चलाया जा रहा है। सेठ हल्दिया में निजी मेडिकल और डेंटल कॉलेजों का संचालन करने वाला एक गैर सरकारी संगठन चलाते हैं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पश्चिम बंगाल में संचालित आठ निजी मेडिकल कॉलेज ईडी की जांच के दायरे में थे। सूत्रों ने बताया कि ईडी ने बिधाननगर सिटी पुलिस के तहत इलेक्ट्रॉनिक कॉम्प्लेक्स पुलिस स्टेशन द्वारा दर्ज की गई शिकायत के आधार पर जांच शुरू की थी। एनआरआई कोटे के तहत मेडिकल प्रवेश में अनियमितताओं को सबसे पहले सितंबर में पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने उजागर किया था। शुभेंदु अधिकारी ने आरोप लगाया कि ऐसे कई प्रवेशों में भारी नकदी लेनदेन के बदले फर्जी प्रमाण पत्र तैयार करना शामिल था। उन्होंने राज्य स्वास्थ्य विभाग से जुड़े कुछ वरिष्ठ अधिकारियों पर भी अनियमितताओं में शामिल होने का आरोप लगाया था।  

IANS की रिपोर्ट के अनुसार चिन्मय दास की बेल के लिए पैरवी करने को कोई वकील ही तैयार नहीं, बेल के लिए करना होगा इंतजार

ढाका इस्कॉन के संत चिन्मय कृष्ण दास को बांग्लादेश में जेल से बाहर निकलने के लिए इंतजार करना होगा। मंगलवार को केस की सुनवाई थी, लेकिन उनकी पैरवी के लिए कोई वकील ही नहीं पहुंचा। खबर है कि कट्टरपंथियों के डर से वकील उनका केस लेने से ही डर रहे हैं। इसी के चलते जब मंगलवार को अदालत लगी तो उनकी पैरवी के लिए कोई नहीं था। इस पर बेंच ने उनकी बेल अर्जी पर सुनवाई के लिए 2 जनवरी, 2025 की नई तारीख तय की है। IANS की रिपोर्ट के अनुसार चिन्मय दास की बेल के लिए पैरवी करने को कोई वकील ही तैयार नहीं हुआ है। इससे पहले उनके एक वकील पर हमला भी हुआ है, जो फिलहाल आईसीयू में एडमिट हैं और उनकी हालत गंभीर है। बांग्लादेश सम्मिलित सनातनी जागरण जोते के प्रवक्ता रहे चिन्मय कृष्ण दास को बीते सोमवार को देशद्रोह के मामले में अरेस्ट कर लिया गया था। वह हिंदुओं और इस्कॉन के खिलाफ हिंसा के विरोध में हुए एक प्रदर्शन में शामिल हुए थे। इसके बाद उन पर देशद्रोह का आरोप लगाते हुए केस दर्ज किया गया और एयरपोर्ट से गिरफ्तार कर लिया गया। चिन्मय कृष्णदास पर इस तरह की कार्रवाई किए जाने की भारत समेत दुनिया भर में निंदा हो रही है। कनाडा, अमेरिका जैसे देशों में रह रहे हिंदुओं ने भी इस ऐक्शन की निंदा की है और वहां विरोध प्रदर्शन हुए हैं। चिन्मय कृष्ण दास ब्रह्मचारी का बांग्लादेश में अच्छा प्रभाव रहा है। वह बांग्लादेश चटग्राम में इस्कॉन के डिविजनल ऑर्गनाइजिंग सेक्रेटरी रहे हैं। उनके वकील रामेन रॉय पर भी सोमवार को हमला हुआ है। वह फिलहाल अस्पताल में भर्ती हैं और उनका इलाज चल रहा है। चिन्मय दास ने भी इस पर बयान जारी किया है। उनका कहना है कि रामेन रॉय का अपराध यही था कि अदालत में उन्होंने उनकी पैरवी की थी। खबरों के अनुसार इस्लामिक कट्टरपंथियों ने रामेन रॉय के घर पर हमला किया था और फिर उन्हें भी जमकर पीटा गया। इस घटना में वह गंभीर रूप से घायल होने के बाद अस्पताल में एडमिट हैं। इस्कॉन कोलकाता के प्रवक्ता ने कहा कि रामेन रॉय फिलहाल अस्पताल में एडमिट हैं। वह अपने जीवन के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने एक्स पर लिखा, ‘एडवोकेट रामेन रॉय के लिए प्रार्थना करें। उनकी एक ही गलती थी कि उन्होंने अदालत में चिन्मय कृष्ण दास की पैरवी की थी।’ बता दें कि भारत ने भी बांग्लादेश के हालातों पर चिंता जताई है और वहां की सरकार से कहा है कि हिंदुओं पर हमले न किए जाएं।

कौन है अबू मुहम्मद अल-जोलानी, इन विद्रोहियों ने एक हफ्ते से भी कम समय में सीरियाई सेना को घुटनों पर ला दिया

सीरिया मिडिल ईस्ट में सीरिया के बड़े शहर अलेप्पो पर सरकार विरोधी विद्रोहियों हयात तहरीर अल-शाम ने कब्ज़ा कर लिया है। इन विद्रोहियों ने एक हफ्ते से भी कम समय में सीरियाई सेना को घुटनों पर ला दिया। सीरिया को इन विद्रोहियों को पीछे धकेलने के लिए रूसी सेना की मदद लेनी पड़ी, लेकिन फिर भी पलड़ा विद्रोहियों का ही भारी लग रहा है। तहरीर अल-शाम सीरिया में इस्लामिक कानून चाहता है, इसका अभी सीरिया से बाहर ऐसा कुछ करने का इरादा नहीं है। आठ साल पहले सीरिया को इसे हराने के लिए रूस और ईरान की मदद लेनी पड़ी थी। इजरायल भी इस आतंकी ग्रुप को अपने लिए खतरा मानता है। ये आतंकी यहूदियों को अपना दुश्मन मानते हैं। इस लिहाज से सीरिया में इनकी बढ़त इजरायल के लिए खतरे की घंटी भी है। इन विद्रोहियों का सरदार है- अबू मुहम्मद अल-जोलानी। अबू मुहम्मद अल-जोलानी के सिर पर अमेरिकी सरकार ने 10 मिलियन डॉलर का ईनाम रखा है। इसके बावजूद उसका और उसकी विद्रोही सेना का उत्तर-पश्चिम सीरिया के महत्वपूर्ण इलाकों पर कब्जा है। जोलानी उत्तर-पश्चिमी सीरिया में बशर अल-असद शासन के खिलाफ आंदोलन का मुख्य नेता है और अलेप्पो प्रांत के कई क्षेत्रों पर उसका नियंत्रण है। यह इलाका सीरियाई गृहयुद्ध से विस्थापित हुए लगभग 30 लाख लोगों का घर है और इसे सरकार विरोधी आंदोलन का गढ़ माना जाता है। कौन है जोलानी आठ साल बाद फिर से सीरिया गृह युद्ध की चपेट में है। सप्ताह भर पहले आश्चर्यजनक रूप से सीरिया के भीतर विद्रोही गुट उभर आए हैं और बशर अल-असद की सरकार को जड़ से उखाड़ने के लिए आतुर हैं। बीबीसी मॉनिटरिंग के मुताबिक, जोलानी का असली नाम, जन्मतिथि और जन्म स्थान और नागरिकता को लेकर एक नहीं कई जानकारियां हैं। संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के मुताबिक, जोलानी का जन्म 1975 से 1979 के बीच हुआ था, जबकि इंटरपोल के मुताबिक, उनकी जन्मतिथि 1975 है। अमेरिकी टीवी नेटवर्क पीबीएस के अनुसार, उसका असली नाम अहमद हुसैन है। चैनल को दिए इंटरव्यू में उसका बताया था कि उसका जन्म 1982 में सऊदी अरब की राजधानी रियाद में हुआ था, जहां उनके पिता पेट्रोलियम इंजीनियर के तौर पर काम करते थे। 1989 में, उसका परिवार सीरिया लौट आया और उनका पालन-पोषण दमिश्क के पास हुआ। कुछ रिपोर्टों के अनुसार, उसने दमिश्क में मेडिकल की पढ़ाई की, लेकिन पढ़ाई के दौरान ही वह अलकायदा के संपर्क में आ गया। वह 2003 में अमेरिका पर हमले का भी जिम्मेदार था। अलकायदा से इस्लामिक स्टेट में रहा ऐसा कहा जाता है कि वह जल्द ही इराक में अल-कायदा के नेता अबू मुसाब अल-जरकावी का करीबी सहयोगी बन गया, लेकिन 2006 में अल-जरकावी की मृत्यु के बाद, वह लेबनान चला गया, जहां उसने लेबनानी आतंकवादी समूह जुंद अल-शाम के आतंकियों को ट्रेनिंग दी। उसके बाद उसके इराक लौटने की खबरें हैं जहां उसे अमेरिकी सेना ने गिरफ्तार कर लिया और कुछ समय तक जेल में रहने के बाद जब 2008 में रिहा किया गया तो वह तथाकथित इस्लामिक स्टेट में शामिल हो गया। 13 साल पहले सीरिया लौटा कुछ रिपोर्टों के अनुसार, जोलानी अगस्त 2011 में सीरिया लौट आया और राष्ट्रपति बशर अल-असद से लड़ने के लिए अल-कायदा की एक शाखा खोली। हालांकि, एक लेबनानी अखबार का दावा है कि जोलानी वास्तव में इराकी नागरिक हैं और उसका नाम फालुजा के अल-जुलान नामक क्षेत्र के नाम पर रखा गया है और वह उसी क्षेत्र का है।

सुरक्षाबलों को आतंकियों के छिपे होने की जानकारी मिली थी, किया एक आतंकी ढेर, मुठभेड़ जारी

जम्मू जम्मू-कश्मीर में दाचीगाम जंगल के ऊपरी इलाकों में सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ में एक आतंकी को मार गिराया है। सुरक्षाबलों को इस इलाके में आतंकियों के छिपे होने की जानकारी मिली थी। इसी सूचना के आधार पर सुरक्षाकर्मियों ने इलाके में घेराबंदी और तलाशी अभियान शुरू किया। आतंकियों ने खुद को गिरा देख सुरक्षाबलों पर फायरिंग कर दी। इसके बाद जवानों में भी जवाबी कार्रवाई शुरू की। जवानों ने एक आतंकी को मार गिराया है। फिलहाल, अभी दोनों ओर से गोलीबारी जारी है। इससे पहले कश्मीर जोन पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ एक पोस्ट में कहा, “विशिष्ट खुफिया इनपुट के आधार पर, सुरक्षाबलों के संयुक्त दलों ने दाचीगाम जंगल के ऊपरी इलाकों में सीएएसओ (घेराबंदी और तलाशी अभियान) शुरू किया है। ऑपरेशन जारी है।” बता दें कि आतंकवादियों द्वारा किए गए कई हमलों के बाद हाल के दिनों में सुरक्षाबलों ने आतंकवादियों के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। 20 अक्टूबर को आतंकवादियों ने गांदरबल जिले के गगनगीर इलाके में एक बुनियादी ढांचा परियोजना कंपनी के श्रमिकों के शिविर पर हमला किया था। इस हमले में सात लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद 24 अक्टूबर को बारामूला जिले के गुलमर्ग के बोटापथरी इलाके में सेना के वाहन पर हमला कर आतंकवादियों ने सेना के तीन जवानों और दो नागरिक कुलियों की हत्या कर दी थी। वहीं, 2 नवंबर को श्रीनगर में पर्यटक स्वागत केंद्र के पास व्यस्त संडे मार्केट में आतंकवादियों ने ग्रेनेड फेंका था। इसमें एक 42 वर्षीय महिला की मौत हो गई थी, जबकि नौ अन्य नागरिक घायल हो गए थे। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने इन दो हमलों के बाद कहा कि इन हमलों में शामिल लोगों को भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।  

मौसम विभाग का अलर्ट, टला नहीं चक्रवात फेंगल का खतरा, कई राज्यों में हो रही बारिश , बढ़ी सर्दी

नई दिल्ली उत्तर भारत में सर्दियां दस्तक दे चुकी हैं। लोग गर्म कपड़ों, रजाई और कंबल पर आश्रित हो रहे हैं। वहीं दक्षिण भारत में चक्रवात और भारी बारिश ने लोगों को परेशान किया है। मौसम विभाग (आईएमडी) ने केरल के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। विभाग ने खासकर केरल और माहे में बहुत भारी बारिश का अनुमान लगाया है, जबकि तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, रायलसीमा, लक्षद्वीप, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। इस बार कम पड़ेगी सर्दी वहीं मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, इस साल दिसंबर 2024 से फरवरी 2025 तक सर्दी का मौसम कुछ नरम रहने की उम्मीद है। देश के ज्यादातर हिस्सों में ठंड की तीव्रता कम होगी और न्यूनतम तापमान औसत से ज्यादा रहेगा। जहां आमतौर पर सर्दियों में 5-6 दिन शीतलहर चलती है, इस बार यह संख्या घटकर 2-4 दिनों तक सीमित रह सकती है। दक्षिण प्रायद्वीपीय इलाकों में हालांकि सामान्य या उससे कम तापमान रहने की संभावना है। पिछले नवंबर में पश्चिमी विक्षोभ की अनुपस्थिति ने मौजूदा गर्म मौसम को और बढ़ावा दिया। वहीं, दक्षिण भारत में चक्रवात फेंगल के कारण भारी बारिश जारी है। केरल में रेड अलर्ट, कई इलाकों में भारी बारिश का खतरा केरल के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। चक्रवात ‘फेंगल’ अब कमजोर होकर तमिलनाडु और कर्नाटक के अंदरूनी इलाकों में निम्न दबाव का क्षेत्र बन चुका है। इसके चलते उत्तर और मध्य केरल में भारी बारिश और गरज के साथ बिजली चमकने की संभावना है। मौसम विभाग ने कासरगोड, कन्नूर, वायनाड, कोझिकोड, और मलप्पुरम जिलों में रेड अलर्ट जारी किया है। पलक्कड़, इडुक्की, और कोट्टायम जिलों के लिए ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किए गए हैं। बंगलुरु और कर्नाटक में बारिश का सिलसिला जारी चक्रवात के असर से बंगलुरु समेत दक्षिण कर्नाटक में भी बारिश जारी है। दक्षिण कन्नड़ जिले में 3 दिसंबर को भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना को देखते हुए स्कूल और कॉलेज बंद रखने के आदेश दिए गए थे। पुडुचेरी में भारी बारिश के चलते सभी स्कूल और कॉलेज आज 3 दिसंबर को बंद रहे। वहीं मुख्यमंत्री एन रंगास्वामी ने घोषणा की कि चक्रवात से प्रभावित राशन कार्ड धारकों को 5 हजार रुपये की राहत राशि दी जाएगी। हिमाचल में रिकॉर्ड सूखा, 124 साल का टूटा रिकॉर्ड हिमाचल प्रदेश में नवंबर 2024 सबसे सूखे महीनों में से एक रहा। राज्य में सामान्य 19.7 मिमी की तुलना में केवल 0.2 मिमी बारिश हुई। आईएमडी के मुताबिक, अक्टूबर और नवंबर में वर्षा की कमी का कारण मौसमी सिस्टम में बदलाव है। इस मौसम का असर देश के अलग-अलग हिस्सों में अलग तरह से महसूस हो रहा है, लेकिन विशेषज्ञ इसे जलवायु परिवर्तन का संकेत मान रहे हैं।

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने जाते-जाते यूक्रेन को दी सहायता, दिया ऐसा घातक हथियार भड़क उठे मानवाधिकार संगठन

वॉशिंगटन अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने अगले महीने खत्म हो रहे अपने कार्यकाल के अंतिम दिनों में यूक्रेन को 725 मिलियन डॉलर यानी करीब 6139 करोड़ रुपए की बड़ी सैन्य मदद देने जा रहे हैं। इसका उद्देश्य युद्ध के मैदान में न केवल रूस का मुकाबला करना है बल्कि कीव को रणक्षेत्र में आगे बढ़ाना है। इस सहायता पैकेज के साथ अमेरिका यूक्रेन को कई किस्म के हथियार भी उपलब्ध करा रहा है, जिसमें कई ड्रोन रोधी सिस्टम, हाई मोबिलिटी आर्टिलरी रॉकेट सिस्टम (HIMARS) और एंटी पर्सनल लैंड माइंस भी शामिल है। राष्ट्रपति बाइडेन द्वारा HIMARS जैसे घातक हथियार सौंपने के बाद चर्चा का बाजार गर्म है और आर्मी टैक्टिकल मिसाइल सिस्टम (ATACMS) को लेकर कई किस्म की अटकलें लगाई जा रही है, जिसकी लंबी दूरी की मारक क्षमता है। यूक्रेन लंबे समय से इसका इस्तेमाल रूस के खिलाफ 186 मील अंदर तक करना चाह रहा है। हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि यूक्रेन को भेजे जा रहे इस सैन्य खेप में ATACMS को शामिल किया जा रहा है या नहीं। बड़ी बात ये है कि अमेरिका इस नए खेप में यूक्रेन को एंटीपर्सनल लैंड माइंस देने जा रहा है, जिसका कई मानवाधिकार संगठनों ने आलोचना की है। एमनेस्टी इंटरनेशनल ने बाइडेन प्रशासन के इस कदम को विनाशकारी करार दिया है और कहा है कि इसके इस्तेमाल से नागरिक आबादी को लंबे समय तक खतरा हो सकता है। बता दें कि एंटी-पर्सनल माइन या एंटी-पर्सनल लैंडमाइन (APL) एक प्रकार की बारूदी सुरंग है, जिसे मनुष्यों के खिलाफ उपयोग के लिए डिजायन किया गया है, जबकि एंटी-टैंक माइन्स का टारगेट वाहन होते हैं। उधर, अमेरिकी सरकार ने इसे यूक्रेन के लिए तत्काल जरूरी बताया है और कहा है कि यह स्थाई नहीं है। अमेरिका का तर्क है कि इससे नागरिकों को अप्रत्याशित नुकसान से बचाने के उपाय किए गए हैं। अमेरिका का कहना है कि इसका डिजायन ऐसा है कि ये लैंड माइन्स एक निश्चित समयावधि के बाद निष्क्रिय हो जाते हैं। पिछले करीब तीन साल से यूक्रेन और रूस 620 मील लंबी सीमा रेखा पर युद्ध लड़ रहे हैं, इसलिए यूक्रेन को भौगोलिक इलाकों में रूसी सैनिकों की बढ़त को रोकने के लिए इस एंटी पर्सनल लैंड माइन्स को तुरूप का पत्ता समझा जा रहा है।

डोनाल्ड ट्रंप के आने से घबराया है व्यापार जगत? जयशंकर बोले- लेन-देन होता रहेगा

नई दिल्ली डोनाल्ड ट्रंप अगले महीने अमेरिकी राष्ट्रपति का पदभार संभालने वाले हैं। उससे पहले भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों पर संभावित ट्रंप प्रशासन के प्रभाव को लेकर चिंताएं उठ रही हैं। अब इन चिंताओं को दूर करते हुए विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के बीच हमेशा कुछ न कुछ लेन-देन होता रहेगा। उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच रणनीतिक मेलजोल में हाल के वर्षों में गहराई आई है। इससे आपसी सहयोग को और बढ़ाने के लिए अनुकूल माहौल बना है। विदेश मंत्री ने सीआईआई पार्टनरशिप समिट में बोलते हुए कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे प्रशासन का आगमन व्यापारिक क्षेत्रों के लिए एक बड़ा बदलाव है। उन्होंने कहा, “एकमात्र सुरक्षित भविष्यवाणी यह है कि इसमें अनिश्चितता का कुछ स्तर रहेगा। विभिन्न देशों ने पहली ट्रंप सरकार से अनुभव लिए हैं और संभवतः इससे सीखकर दूसरे कार्यकाल के लिए अपनी रणनीतियां बनाएंगे।” जयशंकर ने कहा, “जहां तक भारत का संबंध है, मैं यकीन से कह सकता हूं कि अमेरिका के साथ रणनीतिक मेलजोल समय के साथ केवल गहरा हुआ है। इससे सहयोग के लिए अधिक संभावनाएं बनी हैं। निश्चित रूप से, दो बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच हमेशा कुछ लेन-देन होते रहेंगे। लेकिन आर्थिक और तकनीकी क्षेत्रों में भरोसेमंद साझेदारी का मामला हाल के वर्षों में और मजबूत हुआ है।” जयशंकर ने अमेरिक के राष्ट्रपति के रूप में डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल और भारत के लिए इससे जुड़े निहितार्थों पर कहा कि अमेरिका के साथ भारत का रणनीतिक तालमेल समय के साथ और गहरा हुआ है जो कई सहयोगी अवसर प्रदान करता है। उन्होंने कहा, ‘‘दूसरे ट्रंप प्रशासन का आगमन भी स्पष्ट रूप से व्यापारिक हलकों में एक प्रमुख विचारणीय विषय है। जाहिर है, एकमात्र सुरक्षित भविष्यवाणी एक हद तक अप्रत्याशित ही है।’’ सुरक्षा और निवेश को लेकर सतर्कता जरूरी उन्होंने कहा कि आने वाले समय में दोनों देशों के बीच ऐसे साझेदारी के ढांचे तैयार करने होंगे जो परस्पर लाभकारी माने जाएं। बिना चीन का नाम लिए जयशंकर ने कहा कि आर्थिक निर्णयों और निवेश को लेकर राष्ट्रीय सुरक्षा का ध्यान रखना जरूरी है। विदेश मंत्री एस.जयशंकर ने चीन द्वारा अपनाई जा रही आक्रामक व्यापार प्रथाओं को लेकर बढ़ती वैश्विक चिंताओं के बीच सोमवार को कहा कि निवेश समेत आर्थिक निर्णयों के दौरान “राष्ट्रीय सुरक्षा की शर्त” को भी ध्यान में रखने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा, “यह पसंद हो या नहीं, हम तेजी से शस्त्रीकरण के युग में नहीं बल्कि (सुविज्ञ निर्णयों का) लाभ उठाने के युग में हैं। इसलिए, नीति निर्माताओं को निवेश सहित आर्थिक निर्णयों के मामले में राष्ट्रीय सुरक्षा को ध्यान में रखना होगा।’’ वैश्विक दक्षिण पर आर्थिक दबाव और भारत की भूमिका जयशंकर ने अमेरिका-चीन विवाद और यूक्रेन संघर्ष का जिक्र करते हुए कहा कि ग्लोबल साउथ महंगाई, कर्ज, मुद्रा की कमी और व्यापार में अस्थिरता का सामना कर रहा है। उन्होंने कहा, “दुनिया कठिन दौर से गुजर रही है और ऐसे समय में अधिक मित्र और साझेदारों की जरूरत होती है।” पड़ोस में हाल में हुए बदलावों का जिक्र करते हुए विदेश मंत्री ने कहा कि आज के समय में अर्थव्यवस्थाएं और समाज पहले से कहीं अधिक जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा, “कोविड, यूक्रेन संघर्ष या वित्तीय संकट के दौरान हमने साथ मिलकर काम किया और इसका सामूहिक लाभ उठाया। हालांकि, आतंकवाद जैसी चुनौतियों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। सहयोग से हटने की लागत चुकानी पड़ती है।” जयशंकर ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि चुनौतियों के बावजूद भारत और अमेरिका के बीच मजबूत रणनीतिक और आर्थिक साझेदारी के लिए अभी भी व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं।

भारत और तालबिान के बीच गर्मजोशी के संकेत, तालिबान ने दिल्‍ली में राजदूत बनाए जाने के लिए नामों का सुझाव दिया

काबुल भारत और अफगानिस्‍तान में राज कर रहे तालिबान के बीच दोस्‍ती नई ऊंचाई पर पहुंचने जा रही है। यही नहीं भारत और तालबिान सरकार के बीच रणनीतिक सहयोग भी बढ़ने जा रहा है जो पहले संभव नहीं था। दोनों के बीच गर्मजोशी के संकेत के तहत अफगान तालिबान ने नई दिल्‍ली में राजदूत बनाए जाने के लिए कई नामों का सुझाव दिया है। अफगान मीडिया के मुताबिक इसमें नजीब शाहीन भी शामिल हैं जो मुहम्‍मद सुहैल शाहीन के बेटे हैं। यह वही सुहैल शाहीन हैं जो कतर में तालिबान के राजनीतिक कार्यालय के प्रवक्‍ता हैं। दोहा स्थित तालिबानी कार्यालय ने ही अमेरिका के साथ डील के लिए बातचीत की थी। द संडे गार्डियन की रिपोर्ट के मुताबिक नजीब का नाम सामने आना यह दिखाता है कि अफगानिस्‍तान सरकार भारत को कितना ज्‍यादा महत्‍व दे रही है। अब तालिबानी सरकार चाहती है कि भारत सरकार तेजी से और मजबूती के साथ अफगानिस्‍तान से राजनयिक रिश्‍ते बढ़ाए। तालिबानी सरकार के एक अधिकारी ने कहा कि यह इस तरह के रिश्‍ते बनाने के लिए सबसे अच्‍छा समय है क्‍योंकि अफगानिस्‍तान के साथ अच्‍छे रिश्‍ते से भारत यहां पर आधारभूत ढांचे को विकसित कर सकेगा। साथ ही अंतरराष्‍ट्रीय राजनीति में भारत को अफगानिस्‍तान का समर्थन मिल सकेगा। ‘भारत साथ दे तो पाकिस्‍तान की छुट्टी’ अफगान अधिकारी ने कहा कि भारत के लिए यह रणनीति इसलिए कारगर है क्‍योंकि इससे पूरे इलाके में पाकिस्‍तान की भूमिका खत्‍म हो जाएगी। भारत को अफगानिस्‍तान को पाकिस्‍तान पर से व्‍यापार और अन्‍य जरूरी चीजों के लिए निर्भरता को कम करने में मदद करनी चाहिए। पाकिस्‍तान का डीप स्‍टेट बहुत लंबे समय से अफगानिस्‍तान का इस्‍तेमाल अपने फायदे के लिए कर रहा है। साथ ही पाकिस्‍तान अपनी सेना और एजेंटों के माध्‍यम से अफगानिस्‍तान के कूटनीतिक संबंधों को निर्देशित करता रहा है। तालिबान और पाकिस्‍तान के बीच इन दिनों तनाव अपने चरम पर है। दोनों की सेनाओं में लड़ाई भी हो चुकी है। अफगान अधिकारी ने उम्‍मीद जताई कि जिस तरह से भारत अफगानिस्‍तान में हेल्‍थकेयर सेक्‍टर में काम कर रहा है, उससे अफगान जनता की अन्‍य पड़ोसी देशों पर से निर्भरता कम हो जाएगी। उन्‍होंने कहा कि इससे अफगान जनता और अधिकारियों में भारत के प्रति गुडविल बढ़ेगा। अफगानिस्‍तान में 1000 लोगों पर मात्र 0.33 ही डॉक्‍टर हैं जो कम से कम 2.5 डॉक्‍टर होना चाहिए। यह विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन के मानक से बहुत कम है। डब्‍ल्‍यूएचओ के मुताबिक अफगानिस्‍तान में 134 ही हॉस्पिटल हैं। अफगान अधिकारी ने कहा कि जब अमेरिकी सेना वापस लौटी थी तब कहा गया था कि अफगान‍िस्‍तान पाकिस्‍तानी आतंकी संगठन लश्‍कर का गढ़ बन जाएगा लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

बांग्लादेशी पर्यटकों के लिए Tripura में न कमरे मिलेंगे, न भोजन

गुवाहाटी  बांग्लादेश से आने वाले पर्यटकों को कमरे नहीं देने का ऐलान ऑल त्रिपुरा होटल एंड रेस्टोरेंट्स एसोसिएशन (ATHROA) ने किया है। एसोसिएशन के महासचिव ने बताया कि भारतीय ध्वज का अपमान और हिंदू अल्पसंख्यकों पर हमलों के बाद कल हुई आपात बैठक में यह फैसला लिया गया। उन्होंने कहा कि भारत एक धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र है और सभी धर्मों का सम्मान करता है। “कुछ कट्टरपंथियों ने हमारे देश के झंडे का अपमान किया और अल्पसंख्यकों पर हमला किया।” उन्होंने यह भी कहा कि पहले भी ऐसी घटनाएं हुई हैं, लेकिन अब स्थिति हद से ज्यादा बिगड़ गई है। इससे पहले अगरतला में सैकड़ों लोगों ने बांग्लादेश सरकार के खिलाफ विरोध रैली निकाली थी।  कुछ निजी अस्पतालों ने भी बांग्लादेशी नागरिकों को इलाज नहीं देने की घोषणा की थी। त्रिपुरा सरकार भी इस मामले में बांग्लादेश के खिलाफ सख्त रुख अपना रही है। त्रिपुरा सरकार ने बांग्लादेश को 135 करोड़ रुपये का बिजली बकाया जल्द चुकाने को कहा है। बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की स्थिति चिंताजनक बंद्योपाध्याय ने कहा कि बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ कट्टरपंथियों के अत्याचार बढ़ते जा रहे हैं। उन्होंने इसे गंभीर समस्या बताते हुए कहा कि ऐसी घटनाएं अब बर्दाश्त से बाहर हो चुकी हैं। उन्होंने कहा कि त्रिपुरा हमेशा सभी धर्मों और समुदायों का सम्मान करता है, लेकिन यह कदम बांग्लादेश में हो रही घटनाओं के खिलाफ उठाया गया है। अस्पतालों का भी विरोध इससे पहले त्रिपुरा के आईएलएस मल्टी-स्पेशलिटी हॉस्पिटल ने बांग्लादेशी मरीजों का इलाज करने से इनकार कर दिया था। यह अस्पताल बांग्लादेशी नागरिकों के बीच काफी लोकप्रिय है, लेकिन अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचारों के खिलाफ यह फैसला लिया गया। कोलकाता के जेएन रे अस्पताल ने भी इसी तरह का कदम उठाते हुए बांग्लादेशी मरीजों का इलाज बंद करने का फैसला किया। अस्पताल के अधिकारी ने कहा कि भारत ने बांग्लादेश की स्वतंत्रता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। लेकिन इसके बावजूद वहां से भारत-विरोधी गतिविधियां हो रही हैं। प्रदर्शनकारियों ने घेरा बांग्लादेश उच्चायोग इस बीच, त्रिपुरा की राजधानी अगरतला में प्रदर्शनकारियों का एक समूह बांग्लादेश उच्चायोग परिसर में घुस गया। इस घटना पर भारतीय विदेश मंत्रालय ने खेद जताया है। बांग्लादेश के खिलाफ यह विरोध लगातार तेज होता जा रहा है, और “बांग्लादेश बॉयकॉट मूवमेंट” राज्य में जोर पकड़ता दिख रहा है।

केरल में बस में घुसी तेज रफ्तार कार, 5 एमबीबीएस छात्रों की मौत, बस से टकराने के बाद कार के उड़ गए परखच्चे

अलाप्पुझा  केरल के अलाप्पुझा में सोमवार रात एक भयानक सड़क हादसे में पांच MBBS छात्रों की मौत हो गई। ये छात्र जिस कार में सफ़र कर रहे थे, उसकी केरल राज्य सड़क परिवहन निगम (KSRTC) की बस से टक्कर हो गई। हादसा रात लगभग 10 बजे कलाकोड के पास हुआ। इस टक्कर में कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। छात्रों को कार तोड़कर बाहर निकाला गया। पुलिस के अनुसार, मृतक एक सरकारी मेडिकल कॉलेज के MBBS छात्र थे। कार में कुल सात लोग सवार थे, जिनमें से पांच की मौत हो गई। बस में सवार यात्रियों को मामूली चोटें आईं। हादसे के बाद सड़क पर यातायात प्रभावित रहा। हादसे के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है। टीडी मेडिकल कॉलेज के थे छात्र जानकारी के अुसार, मृतक छात्र TD मेडिकल कॉलेज, अलाप्पुझा के प्रथम वर्ष के छात्र थे। मृतकों की पहचान लक्षद्वीप के देवनंदन, मुहम्मद इब्राहिम, आयुष शाजी, श्रीदीप वलसन और मुहम्मद जब्बार के रूप में हुई है। हादसा इतना भयानक था कि उनकी कार पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई। रेस्क्यू टीम को कार में फंसे छात्रों को निकालने के लिए मेटल कटर का इस्तेमाल करना पड़ा। हादसे में पांच छात्रों की मौत सभी घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने पांच छात्रों को मृत घोषित कर दिया। बस को भी नुकसान पहुंचा, लेकिन बस में सवार यात्रियों को मामूली चोटें आईं। भारी बारिश के कारण सड़क पर फिसलन होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, पुलिस मामले की जांच कर रही है और हादसे के सही कारणों का पता लगाने की कोशिश कर रही है।

बांग्लादेश में हिंदू पुजारी चिन्मय दास के वकील पर घातक जानलेवा हमला, हालत गंभीर

कोलकाता बांग्लादेश में हिंदू धर्मगुरु चिन्मय कृष्ण दास प्रभु के मामले की लड़ाई लड़ रहे वकील रमन राय पर हमला हुआ है। गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस्कॉन कोलकाता के प्रवक्ता राधारमण दास ने सोमवार को यह दावा किया। वकील रमन राय के लिए प्रार्थना करने की अपील दास ने इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर की गई एक पोस्ट में लिखा, ”कृपया वकील रमन राय के लिए प्रार्थना करें। उनकी केवल यही गलती थी कि उन्होंने अदालत में चिन्मय कृष्ण प्रभु का बचाव किया। इस्लामी कट्टरपंथियों ने उनके घर में तोड़फोड़ की और उन पर गंभीर हमला कर उन्हें आइसीयू में पहुंचा दिया, जहां वह अपनी जिंदगी के लिए संघर्ष कर रहे हैं।” एक बंगाली चैनल से चर्चा में दास ने बताया कि यह घटना बांग्लादेश में धार्मिक अल्पसंख्यकों के अधिकारों की वकालत करने वालों पर बढ़ते खतरों को बताती है। गौरतलब है कि बीते 25 नवंबर को चिन्मय दास को बांग्लादेश में गिरफ्तार किया गया था और मंगलवार को अदालत ने उनकी जमानत खारिज करते हुए जेल भेज दिया था। भारतीय दस्तावेज के साथ 29 बांग्लादेशी धरे मणिपुर के सीएम एन बीरेन सिंह ने बताया कि 29 संदिग्ध बांग्लादेशियों को इंफाल पश्चिम जिले से पकड़ा गया है और उनके पास से असम में जारी हुए आधार कार्ड बरामद किए गए हैं। एक गुप्त सूचना के बाद सोमवार को पुलिस ने बेकरी में काम कर रहे लोगों को धरा गया। बांग्लादेश सांप्रदायिक गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं करेगा एएनआइ के अनुसार बांग्लादेश के विदेश सलाहाकर मोहम्मद तौहीद हुसैन ने बताया कि यह सरकार सभी को साफ बताना चाहती है कि वो किसी भी तरह की सांप्रदायिक गतिविधि को बर्दाश्त नहीं करेगी। सरकार हिंदू और मुस्लिम को एक बराबर देखती है। कानून अपने हिसाब से काम करेगा। अगर कोई गड़बड़ी करता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मांट्रियल में प्रदर्शन कनाडा में बांग्लादेशी हिंदुओं ने इस्कॉन बांग्लादेश के समर्थन में प्रदर्शन किया। उन्होंने सरकार से अंतरिम बांग्लादेशी सरकार से उनके यहां अल्पसंख्यकों के अधिकारों के प्रति सम्मान की मांग की। उन्होंने एकजुटता, शांति और न्याय की मांग की। वहां पर कट्टरपंथियों को खुला छोड़ दिया गया है और वो हर जगह कब्जा कर रहे हैं। बांग्लादेश के साथ व्यापार बंद करने का एलान आइएएनएस के अनुसार असम के श्रीभूमि जिले के कम से कम 500 व्यापारियों ने घोषणा की है कि वे बांग्लादेश के साथ आयात-निर्यात नहीं करेंगे। करीमगंज जिला आयात-निर्यात समन्वय समिति के अमरेश राय ने कहा कि वे बांग्लादेश में इसाइयों और हिंदुओं के साथ धार्मिक अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा का विरोध करते हैं। संयुक्त रूप से फैसला लिया गया है कि बांग्लादेश में हालात सामान्य होने तक व्यापार नहीं किया जाएगा। बांग्लादेशी अल्पसंख्यक आयोग ने जताई चिंता बांग्लादेशी हिंदू बौद्ध इसाई एकता परिषद ने चिट्टागोंग में 70 अल्पसंख्यक वकीलों और दो पत्रकारों पर लगाए गए झूठे और परेशान करने वाले मामलों को दर्ज किए जाने पर चिंता जताई है। बीते 30 नवंबर को कोतवाली पुलिस थाने में देसी बम विस्फोट और वाहनों को नष्ट किए जाने के मामले पर रिपोर्ट दर्ज की थी।  

महाराष्ट्र : आरपीएफ जवान पर शादी का झांसा देकर बलात्कार करने के आरोप में मामला दर्ज

ठाणे. पुलिस ने रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के एक जवान के खिलाफ महाराष्ट्र के ठाणे जिले में 30 वर्षीय एक महिला के साथ बलात्कार करने और उसे धमकाने के आरोप में मामला दर्ज किया है। एक अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि आरोपी ने 2022 में महिला से दोस्ती की थी। उन्होंने कहा कि वह उसे कल्याण में विभिन्न स्थानों पर ले गया, जहां उसने कथित तौर पर उससे शादी करने के बहाने पिछले दो वर्षों में कई मौकों पर उसके साथ बलात्कार किया। एमएफसी पुलिस स्टेशन के अधिकारी ने बताया कि बाद में, आरोपी ने महिला से शादी करने से इनकार कर दिया और संबंध तोड़ दिया। उसने महिला को किसी से भी कुछ कहने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी। उन्होंने कहा कि महिला की शिकायत के आधार पर पुलिस ने शनिवार को भारतीय न्याय संहिता की धारा 64 (1) (बलात्कार) और 351 (2) (आपराधिक धमकी) के तहत आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की। मामले की जांच की जा रही है।

रिपोर्ट में खुलासा – मणिपुर में 2017 से 19,000 एकड़ से अधिक क्षेत्र में फैली अवैध अफीम को नष्ट किया गया

इंफाल. मणिपुर में 2017 से लेकर अब तक कम से कम 12 जिलों में कुल 19,135.6 एकड़ क्षेत्र में अवैध तरीके से उगाई गई अफीम को नष्ट किया गया है। राज्य सरकार की एक आधिकारिक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई। सुदूर संवेदी और भौगोलिक सूचना प्रणाली (जीआईएस) तकनीक का उपयोग करके अफीम की खेती की मैंपिंग और आकलन से पता चला है कि इस अवधि के दौरान कांगपोकपी जिले में सबसे ज्यादा 4,454.4 एकड़ क्षेत्र में फैली अफीम की खेती नष्ट की गई, इसके बाद उखरुल में 3,348 एकड़ और चुराचांदपुर में 2,713.8 एकड़ में अफीम की खेती नष्ट की गई। रिपोर्ट में कहा गया कि टेंग्नौपाल में 2,575 एकड़, चंदेल में 1,982.5 एकड़ और सेनापति में 1,682 एकड़ में अफीम की खेती को नष्ट किया गया। इससे पता चला कि 2021-22 में नौ जिलों में अफीम की खेती का रकबा 28,598.91 एकड़ था जो 2023-24 में घटकर 11,288.1 एकड़ रह गया। अध्ययन के अनुसार, 2023 और 2024 के बीच अफीम की खेती में 2022-23 की तुलना में 32.13 प्रतिशत की कमी आई है। मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने पिछले माह सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा था कि राज्य सरकार अवैध अफीम की खेती पर अंकुश लगाने के अपने संकल्प को लेकर प्रतिबद्ध है।

एयरलाइन इंडस्ट्री के सारे सीक्रेट एयरहोस्टेस ने खोले बोलीं- प्लेन के टॉयलेट में शारीरिक संबंध, पायलट के साथ पार्टी…

लंदन. एयरलाइन हमारी यात्रा को बेहद आसान बनाता है। इस यात्रा को आसान बनाने में पायलट से लेकर एयर होस्टेस और एयरलाइन के स्टाफ लगे होते हैं। एक एयर होस्टेस ने अब एयरलाइन से जुड़े सीक्रेट का खुलासा कर दिया है। द सन की रिपोर्ट के मुताबिक 28 साल की इस एयर होस्टेस ने अपना अनुभव बताते हुए कहा कि वह आज तक ऐसे किसी भी पायलट से नहीं मिली, जो अपनी पत्नी को धोखा देते हुए दूसरी महिलाओं के साथ न रहा हो। बताया कि अपने कैरियर में वह अब तक पांच पायलट के साथ उड़ान भर चुकी हैं। एयर होस्टेस ने कहा कि कई बार उन्होंने लोगों को शौचालय में शारीरिक संबंध बनाते देखा है। दरअसल हवाई यात्रा के दौरान प्लेन में शारीरिक संबंध बनाने को आम भाषा में ‘माइल हाई क्लब’ कहते हैं। उन्होंने कहा कि आज तक वह माइल हाई क्लब का हिस्सा नहीं बनी हैं। इसके पीछे का कारण बताते हुए उन्होंने कहा कि ऐसा इसलिए क्योंकि उड़ान के दौरान आराम करते समय पायलट जिस बेड पर सोते हैं वह बेहद छोटा होता है। यहां दो लोग फिट नहीं हो सकते। इसके अलावा उन्होंने कहा कि वह टॉयलेट में ऐसा नहीं कर सकती थीं, क्योंकि वह बेहद गंदे होते हैं। यात्री प्लेन में बनाते हैं संबंध उन्होंने कहा, ‘मैं यह सोच कर कांप उठती हूं। लेकिन इससे यात्रियों को परेशानी नहीं होती। हम कई बार कपल्स को साथ में टॉयलट से निकलते हुए देखते हैं। ऐसे लोग जो पहली बार अपनी सीट पर ही मिलते हैं।’ उन्होंने कहा कि फ्लाइट क्रू उन्हें तब तक कुछ नहीं कहता जब तक दूसरे यात्रियों को इससे समस्या न हो। उन्होंने कहा कि क्रू के ज्यादातर लोग मौज-मस्ती प्लेन से बाहर करते हैं। ज्यादातर हम ऐसी जगह रुकते हैं, जहां होटल, स्विमिंग पूल, शराब और कसीनो हो। जमकर पीते हैं शराब एयर होस्टेस ने दावा किया कि उनके स्टाफ के ऐसे लोग जो ज्यादातर शादीशुदा हैं, वह भी अपने पार्टनर के साथ ‘चीट’ करने से परहेज नहीं करते। उन्होंने कहा कि पायलट और केबिन स्टाफ के बीच संबंध होते रहते हैं। लेकिन बहुत से कर्मचारी स्थानीय लोगों या कॉलगर्ल के साथ संबंध बनाते हैं। उन्होंने कहा कि वह ऐसे दो पायलट और दो एयर होस्टेस को जानती हैं जो सभी साथ में संबंध बनाते हैं। उन्होंने कहा कि यह कोई आश्चर्य की बात नहीं है, क्योंकि हम बस से होटल के रास्ते में ही खूब शराब पी चुके होते हैं। उड़ान से पहले पायलट नहीं पीते शराब उन्होंने कहा कि हमें जब कभी-कभी ज्यादा पार्टी करनी होती है तो हम फर्स्ट क्लास से शैंपेन और थोड़ा कैवियार साथ में ले आते हैं। शराब पूरी रात चलती है। अगर हमें कई दिनों तक रुकना हो तो और भी ज्यादा शराब चलती है। उन्होंने बताया कि दक्षिण अफ्रीका में हमें कई बार पांच दिनों की पेड छुट्टी मिलती है, इसलिए ज्यादातर कर्मचारियों को यही रूट पसंद होता है। पायलट उड़ान से 24 घंटे पहले शराब पीना बंद कर देते हैं। उन्होंने कहा कि वह अपनी जॉब बहुत पसंद करती हैं।

क्रिकेट स्टेडियम के लिए मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने केएससीए को 50 एकड़ भूमि सौंपी

तुमकुरु (कर्नाटक). मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम बनाने के लिए सोमवार को तुमकुरु में 50 एकड़ जमीन कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ (केएससीए) को सौंपी। एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने जिले में विकास को बढ़ावा देने के लिए परियोजना की क्षमता पर जोर दिया। सिद्धरमैया ने कहा, ‘‘हमने एक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम बनाने के लिए कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ को 50 एकड़ जमीन आवंटित की है। यह पहल क्षेत्र की आर्थिक वृद्धि और समग्र विकास में योगदान देगी।’’ उन्होंने केएससीए से क्रिकेट प्रेमियों की अपेक्षाओं पर खरा उतरते हुए निर्माण में तेजी लाने का आग्रह किया। सिद्धरमैया ने आश्वासन दिया कि मैसुरु में इसी तरह की एक और परियोजना के लिए भी भूमि आवंटित की जाएगी। उन्होंने कहा, ‘‘कर्नाटक क्रिकेट राज्य संघ ने मैसुरु में एक स्टेडियम के लिए भूमि की मांग की है। हम इस मांग को भी पूरा करेंगे।’’ गृह मंत्री और जिला प्रभारी मंत्री जी परमेश्वर समेत अन्य मंत्री भी कार्यक्रम में मौजूद थे।

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

slot olympus

sbobet

slot thailand

sbobet