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अमेरिका में भारतीय मूल की तुलसी उड़ा रहीं पाकिस्तान की नींद, टीम ट्रंप से परेशान पाकिस्तान

वॉशिंगटन अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप अपनी नई टीम चुन रहे हैं। बतौर अमेरिकी राष्ट्रपति यह उनका दूसरा टर्म होगा। ट्रंप अपनी नई कैबिनेट के कई सारे सदस्यों को चुन चुके हैं। ट्रंप कैबिनेट में जिन चेहरों को चुना गया है, उसने पाकिस्तान की रातों की नींद उड़ा दी है। इन चेहरों में भारतीय मूल की तुलसी गोबार्ड भी हैं, जो पहले भी पाकिस्तान को निशाने पर लेती रही हैं। इसको लेकर पाकिस्तान के पॉलिसी मेकर्स, थिंक टैंक्स और पाकिस्तानी सेना के तमाम अधिकारियों में भी काफी बेचैनी है। असल में ट्रंप की टीम के नए सदस्यों, जिनमें सेक्रेट्री ऑफ स्टेट, रक्षा सचिव, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार और जासूसी एजेंसी सीआईए चीफ, सभी पाकिस्तान के मुखर आलोचक रहे हैं। अमेरिकी विदेश नीति से खुद को खारिज होता देख पाकिस्तान नए सिरे से रणनीति बनाने में जुट गया है। एक नजर ट्रंप सरकार के उन चेहरों पर, जिसने पाकिस्तान को परेशान कर दिया है। मार्को रुबियो, सेक्रेट्री ऑफ स्टेटसीनेटर मार्को रुबियो को ट्रंप सरकार में सेक्रेट्री ऑफ स्टेट बनाया गया है। मार्को रुबियो अमेरिका में भारत समर्थित बिल पेश कर चुके हैं। इसमें पाकिस्तान को लेकर चिंता भी जताई जा चुकी है। ऐसे में मार्को को लेकर पाकिस्तान के रावलपिंडी स्थित सैन्य मुख्यालय में घंटियां बजने लगी हैं। रुबियो के प्रस्तावित बिल में भारत के खिलाफ आतंकवाद प्रायोजित करने में पाकिस्तान का हाथ बताया गया है। इसमें कहा गया था कि पाकिस्तान सरकार समर्थित प्रॉक्सी ग्रुप्स के जरिए भारत में आतंकी गतिविधियों को अंजाम दे रहा है। ऐसे में उसे अमेरिका से किसी तरह की मदद नहीं मिलनी चाहिए। ‘यूएस-इंडिया डिफेंस को-ऑपरेशन एक्ट’ नाम के इस बिल में रुबियो ने सिर्फ पाकिस्तान ही नहीं, बल्कि चीन पर भी निशाना साधा था। उन्होंने क्षेत्र में चीन के बढ़ते दखल की काट के तौर पर भारत से रक्षा सहयोग बढ़ाने की बात कही थी। बिल के मुताबिक अमेरिका को सलाह दी गई थी कि वह टेक्नोलॉजी ट्रांसफर के मामले में भारत के साथ-साथ जापान, इजरायल, दक्षिण कोरिया और नाटो को शीर्ष सहयोगी समझे। साथ ही भारत को रक्षा, तकनीक, रक्षा निवेश और सिविल स्पेस में सहयोग के जरिए पूरा सुरक्षा सहयोग देने की बात भी कही गई है। माइकल वॉल्ट्ज, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ट्रंप प्रशासन के एक अन्य अहम नाम, माइकल वॉल्ट्स भी पाकिस्तान के धुर आलोचक रहे हैं। उनके राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बनने से भी पाकिस्तान की भौहें तनी हुई हैं। वॉल्ट्ज पूर्व में पाकिस्तान को आतंकवाद को लेकर कड़ी नसीहत दे चुके हैं। उन्होंने कहा था आतंकवाद विदेश नीति का टूल नहीं हो सकता। चाहे लश्कर-ए-तैयबा हो या कोई अन्य आतंकी संगठन, स्वीकार नहीं होगा। पाकिस्तान सरकार, सेना और आईएसआई को इनसे बाहर निकलना होगा। उन्होंने पाकिस्तान पर आतंकवाद को बढ़ावा देने का दोषी बताया था। साथ ही सीमा पार आतंकवाद पर लगाम लगाने की भी सलाह दी थी। तुलसी गाबार्ड, नेशनल इंटेलिजेंस डायरेक्टर कुछ ऐसा ही रवैया तुलसी गाबार्ड भी रहा है। ट्रंप प्रशासन में राष्ट्रीय खुफिया निदेशक की अहम पोस्ट हासिल करने वाली तुलसी पाकिस्तान से सीमा पार आतंकवाद को लेकर भारत के साथ रही हैं। 2019 में पुलवामा हमले के बाद उन्होंने खुलकर भारत का साथ दिया था। इसके अलावा वह पाकिस्तान को अलकायदा प्रमुख ओसामा बिन लादेन को शरण देने के लिए लताड़ लगा चुकी हैं। ओसामा साल 2011 में पाकिस्तान के एबटाबाद में अमेरिकी नैवी सील के ऑपरेशन में मार गिराया गया था। जॉन रैटक्लिफ, सीआईए चीफ सीआईए के अगले प्रमुख जॉन रैटक्लिफ को चीन और ईरान के प्रति उनके तीखे नजरिए के लिए जाना जाता है। वह इस्लामाबाद की गतिविधियों पर भी कड़ी नजर रखेंगे। ऐसे में विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले समय में इस्लामाबाद के लिए अमेरिका के साथ संबंध निभाने में मुश्किल आएगी। अमेरिका की तरफ से पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ को आतंकवाद और आतंकियों पर कार्रवाई के लिए दबाव बढ़ना भी तय है। साथ ही यह भी समझ में आ रहा है कि डोनाल्ड ट्रम्प के मंत्रिमंडल के चयन पाकिस्तान के लिए एक संदेश है कि इस्लामाबाद उनकी प्राथमिकता सूची में नहीं है।

कुआलालंपुर से तमिलनाडु की फ्लाइट में एक लाश मिलने से हड़कंप, प्लेन में महिला को पड़ा हार्ट अटैक

चेन्नै तमिलनाडु में एक हैरान कर देने वाली खबर सामने आई है। यहां मलेशिया की राजधानी कुआलालंपुर से तमिलनाडु की फ्लाइट में एक लाश मिलने से हड़कंप मच गया। फ्लाइट जैसे ही चेन्नई एयरपोर्ट पर लैंड की सभी यात्री उतर गए। सीट पर एक महिला बैठी थी। जब उसे उतारने के लिए आवाज लगाई गई तो पता चला कि वह प्लेन में मृत पड़ी थी। घटना के बाद एयरपोर्ट पर हड़कंप मच गया। पुलिस को सूचना दी गई और महिला के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया। पुलिस ने बताया कि महिला कुआलालंपुर से प्लेन में बैठी थी। उसे चेन्नई में उतरना था। जब प्लेन लैंड किया और सभी यात्री उतर गए तो प्लेन की सफाई के होने लगी। फ्लाइट को अगली उड़ान के लिए तैयार होना था। इसी बीच अडेंटेंट ने देखा की सीट पर एक महिला बैठी है। हार्ट अटैस से हुई मौत! उसने अफसरों को सूचना दी। महिला को आवाज लगाई गई जब वह नहीं उठी तो उसे हाथ लगाया गया, वह सीट पर गिर पड़ी। पता चला कि महिला की मौत हो चुकी थी। उसकी मौत, किस समय और कैसे हुई किसी को नहीं पता। हालांकि जिस तरह उसकी लाश मिली है, माना जा रहा है कि महिला की मौत हार्ट अटैक से हुई है। घरवालों को दी गई सूचना पुलिस ने बताया कि विमान के यहां पहुंचने पर निजी एयरलाइन के चालक दल ने महिला को बेहोश पाया, जिसके बाद चिकित्सकों ने उसकी जांच की। चिकित्सकों ने बताया कि दिल का दौरा पड़ने से महिला की मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि पास के सरकारी अस्पताल में शव भेज दिया गया। महिला तमिलनाडु के कल्लाकुरिची जिले की रहने वाली थी। उसके पासपोर्ट में लिखे पते के आधार पर घर पर सूचना भेज दी गई है।

सरकार ने रविवार को बुलाई सर्वदलीय बैठक, संसद के शीतकालीन सत्र की तैयारी तेज

नई दिल्ली सरकार ने संसद के शीतकालीन सत्र से पहले 24 नवंबर को पारंपरिक सर्वदलीय बैठक बुलायी है।संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने मंगलवार को एक्स पर अपने पोस्ट में कहा कि बैठक संसद के आगामी शीतकालीन सत्र के परिप्रेक्ष्य में बुलायी गयी है। उन्होंने कहा कि शीतकालीन सत्र 25 नवंबर से शुरू होकर 20 दिसंबर को समाप्त होगा। बैठक का उद्देश्य विपक्षी दलों को विधायी एजेंडे के बारे में जानकारी देना और बहस के लिए विषयों पर चर्चा करना है। इसके अलावा संविधान की 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर पुराने संसद भवन में संविधान सदन में कार्यक्रम आयोजित किया जायेगा।  संसद का शीतकालीन सत्र शुरू होने से पहले सरकार ने रविवार 24 नवंबर को सर्वदलीय बैठक बुलाई है। संसदीय मामलों के मंत्री किरेन रीजीजू ने एक्स पर मंगलवार को गई की एक पोस्ट में बताया कि संसद के आगामी शीतकालीन सत्र के मद्देनजर 24 नवंबर की सुबह सर्वदलीय बैठक बुलाई गई है। संसद का शीतकालीन सत्र 25 नवंबर से शुरू होगा और 20 दिसंबर को समाप्त होगा। संविधान अपनाने की 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर संविधान सदन या पुराने संसद भवन के केंद्रीय कक्ष में एक कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। सरकार द्वारा सत्र से पहले सर्वदलीय बैठक बुलाई जाती है ताकि विपक्ष को सरकार के विधायी एजेंडे की जानकारी दी जा सके और साथ ही उन मुद्दों पर चर्चा की जा सके जिन पर राजनीतिक दल संसद में बहस करना चाहते हैं। इन मुद्दों पर हंगामा तय इस संसद सत्र में कई अहम मुद्दों पर चर्चा होनी है और इसी के चलते सत्र के हंगामेदार रहने की संभावना है। इस सत्र में सबसे अहम विधेयक होगा वक्फ संशोधन विधेयक जिस पर संसद में लंबी चर्चा होगी। इसे लेकर संसद समिति का गठन भी किया गया था और इसी रिपोर्ट पर सदन में चर्चा होगी। समूचे विपक्ष इस विधेयक का विरोध कर रहा है, जिसके कारण सदन में भारी हंगामा होने के आसार हैं। वहीं, संसद में इस बार एक देश-एक चुनाव पर भी चर्चा होनी है। विपक्ष के विरोध के कारण इस पर भी हंगामे की संभावना है।

दुनिया के सबसे अमीर हिंदू मंदिर का फरमान, 300 स्टाफ में मची खलबली, VRS लो या ट्रांसफर…

तिरुपति TTD यानी तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम बोर्ड ने गैर हिन्दुओं को VRS यानी इच्छा से रिटायरमेंट या किसी अन्य विभाग में तबादला कराने के लिए कहा है। संभावनाएं जताई जा रही हैं कि इससे करीब 300 कर्मचारी प्रभावित हो सकते हैं। सोमवार को इस संबंध में प्रस्ताव भी पारित किया गया है। टीटीडी एक स्वतंत्र सरकारी ट्रस्ट है, जो तिरुपति में तिरुमाला वेंकटेश्वरा मंदिर का प्रबंधन संभालती है। रिपोर्ट के अनुसार, ट्रस्ट के अध्यक्ष बीआर नायडू ने बताया है कि गैर-हिन्दुओं को लेकर यह फैसला लिया गया है। रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से लिखा है कि बोर्ड के 7 हजार स्थाई कर्मचारियों में से यह करीब 300 को प्रभावित कर सकता है। टीटीडी में करीब 14 हजार ऐसे कर्मचारी भी हैं, जो कॉन्ट्रेक्ट पर काम कर रहे हैं। खबर है कि इस फैसले को कई कर्मचारी यूनियनों से भी समर्थन मिल रहा है। 31 अक्टूबर को टीटीडी के अध्यक्ष बने नायडू का कहना है कि सिर्फ हिन्दुओं को ही मंदिर का काम देखना चाहिए। खास बात है कि अब तक टीटीडी एक्ट तीन बार संशोधित हो चुका है, ताकि मंदिर बोर्ड और उससे जुड़े संस्थानों में सिर्फ हिन्दुओं को ही नौकरी दी जा सके। इसके अलावा साल 1989 में सरकार की तरफ से आदे भी जारी हुआ था, जिसमें टीटीडी के पदों पर सिर्फ हिन्दुओं की नियुक्ति की बात कही गई थी। रिपोर्ट के अनुसार, सूत्रों का दावा है कि इन प्रावधानों के बाद भी गैर हिन्दुओं का काम करना जारी है। खबर है कि मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू की सरकार के सत्ता में आने के बाद से ही हिन्दू कर्मचारियों की तरफ से कथित तौर पर गैर हिन्दुओं के काम करने की शिकायतें मिल रही थीं। हाल ही में नायडू सरकार ने आरोप लगाए थे कि वाईएसआरसीपी सरकार में तिरुपति के प्रसाद के लड्डू बनाने में लगने वाले घी में जानवर की चर्बी मिलाई जा रही है।

सऊदी अरब ने इस साल 100 से ज्यादा विदेशियों को मौत की सजा दी, सबसे ज्यादा पाकिस्तानी

दुबई  सऊदी अरब ने इस साल 100 से ज्यादा विदेशियों को मौत की सजा दी है। इसे सऊदी अरब में दिए जाने वाले मृत्युदंड के आंकड़ों में अभूतपूर्व वृद्धि के तौर पर देखा जा रहा है। आधिकारिक सऊदी प्रेस एजेंसी ने बताया कि शनिवार को दक्षिण-पश्चिमी क्षेत्र नज़रान में एक यमनी नागरिक को मौत की सजा दी गई, जो देश में ड्रग्स की तस्करी करने का दोषी था। राज्य मीडिया रिपोर्टों से जुटाए गए आंकड़ों के अनुसार, 2024 में अब तक मारे गए विदेशियों की संख्या 101 हो गई है। एएफपी की रिपोर्ट के अनुसार, यह 2023 और 2022 के आंकड़ों से लगभग तिगुना है, जब सऊदी अधिकारियों ने हर साल 34 विदेशियों को मौत की सजा दी थी। सऊदी अरब ने तोड़े रिकॉर्ड बर्लिन स्थित यूरोपीय-सऊदी मानवाधिकार संगठन (ईएसओएचआर) ने कहा कि इस साल की सजाओं ने पहले ही रिकॉर्ड तोड़ दिया है। समूह के कानूनी निदेशक ताहा अल-हज्जी ने कहा, “यह एक साल में विदेशियों को दी गई सबसे बड़ी संख्या है। सऊदी अरब ने कभी भी एक साल में 100 विदेशियों को फांसी नहीं दी है।” सऊदी अरब को मृत्युदंड के अपने इस्तेमाल को लेकर लगातार आलोचना का सामना करना पड़ा है, जिसकी मानवाधिकार समूहों ने अत्यधिक और अपनी छवि को नरम करने तथा अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों और निवेशकों का स्वागत करने के प्रयासों के साथ तालमेल न रखने के रूप में निंदा की है। मौत की सजा देने वाले टॉप 3 देशों में शामिल एमनेस्टी इंटरनेशनल के अनुसार, तेल समृद्ध सऊदी अरब 2023 में चीन और ईरान के बाद दुनिया में तीसरे सबसे अधिक संख्या में कैदियों को फांसी देने वाले देशों में शामिल है। सितंबर में, एएफपी ने बताया कि सऊदी अरब ने तीन दशकों से अधिक समय में सबसे अधिक संख्या में फांसी दी है। यह आंकड़ा 2022 में 196 और 1995 में 192 के अपने पिछले उच्चतम स्तर को पार कर गया है। तब से फांसी की सजाएं तेजी से जारी हैं। रिपोर्ट के अनुसार,  इस साल कुल 274 लोगों को फांसी दी गई। इन देशों के नागरिकों को दी गई फांसी की सजा   फांसी पाने वाले विदेशी नागरिकों में पाकिस्तान, यमन, सीरिया, नाइजीरिया, मिस्र, जॉर्डन और इथियोपिया के नागरिक शामिल हैं।  पाकिस्तान से 21, यमन से 20, सीरिया से 14, नाइजीरिया से 10, मिस्र से नौ, जॉर्डन से आठ और इथियोपिया से सात शामिल हैं। सूडान, भारत और अफगानिस्तान से तीन-तीन और श्रीलंका, इरिट्रिया और फिलीपींस से एक-एक व्यक्ति को फांसी दी गई। राजनयिकों और कार्यकर्ताओं का कहना है कि विदेशी प्रतिवादियों की निष्पक्ष सुनवाई नहीं हो पाती। सजा पाने वाले विदेशी नागरिक बड़े ड्रग डीलरों के शिकार बन जाते हैं। गिरफ्तारी के समय से लेकर फांसी तक आरोपियों को अपनी बात कोर्ट के सामने रखने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।

बाइडेन ने जाते-जाते कर डाला तीसरे विश्वयुद्ध का इंतजाम ? यूक्रेन को रूस के हथियार चलाने की मंजूरी

न्यूयॉर्क अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने जाते-जाते यूक्रेन को लेकर बड़ा ऐलान कर दिया है। उन्होंने रूस में अंदर तक मार करने के लिए अमेरिका द्वारा सप्लाई की जाने वाली लॉन्ग रेंज मिसाइलों के इस्तेमाल को मंजूरी दे दी है। अमेरिकी अधइकारियों का कहना है कि युद्ध को और उलझाने से बचाने के लिए अमेरिका ने यह कदम उठाया है। बता दें कि उत्तर कोरिया ने रूस की तरफ से युद्ध करने के लिए अपने हाजरों सैनिक भेज दिए हैं। इसके अलावा उत्तर कोरिया हथियार भेजकर भी रूस की मदद करने में लगा है। इसको लेकर यूक्रेन कई बार आपत्ति जता चुका है। वहीं बताया जा रहा है कि जो बाइडेन प्रशासन ने उत्तर कोरिया के दखल को देखते हुए ही यह फैसला किया है। वहीं नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि वह राष्ट्रपति बनने के बाद रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध को खत्म करवा देंगे। अमेरिका से मंजूरी के बाद अब यूक्रेन आर्मी टैक्टिकल मिसाइल सिस्टम का इस्तेमाल रूस के खिलाफ कर पाएगा। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की और उनके पश्चिमी देशों के सहयोगी कई महीने से जो बाइडेन प्रशासन पर दबाव डाल रहे थे कि लॉन्ग रेंज मिसाइलों के इस्तेमाल की इजाजत दे दी जाए ताकि रूस में अंदर तक प्रहार किया जा सके। कहा जा रहा था कि अमेरिका के प्रतिबंध की वजह से ही यूक्रेन अपने शहरों और इलेक्ट्रिकल ग्रिड को रूसी हमले से बचा नहीं पा रहा था। यह भी खबर है कि इस मंजूरी से NATO के सभी देश सहमत नहीं हैं। यह भी दबाव है कि अमेरिका और नाटो सदस्य इस युद्ध में सीधे तौर पर शामिल ना हों। लेकिन उत्तर कोरिया ने युद्ध को बढ़ाने का पूरा प्लान तैयार कर लिया है। वहीं डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत यह दिया था कि वह यूक्रेन को कुछ जमीन छोड़ने के लिए राजी करेंगे और इसके बाद युद्ध को खत्म करने का दबाव बनाएंगे। जानकारी के मुताबिक उत्तर कोरिया से 12 हजार सैनिक रूस पहुंचे हैं। इसके अलावा उत्तर कोरिया ने रूस को घातक हथियार भी दिए हैं। डोनाल्ड ट्रंप यूक्रेन की मदद को लेकर बाइडेन प्रशासन की आलोचना करते रहे हैं। ऐसे में डोनाल्ड ट्रंप की जीत के बाद यूक्रेन चिंतित है। उन्हें लगता है कि डोनाल्ड ट्रंप के आने से ब्लादिमीर पुतिन को फायदा होगा और यू्क्रेन पर शर्त मनवाने का दबाव बनाया जाएगा। इस युद्ध में अमेरिका ही यूक्रेन के सबसे महत्वपूर्ण सहयोगी था। अमेरिका यूक्रेन को 56 अरब डॉलर से ज्यादा की मदद दे चुका है।

हल्द्वानी: ब‍िजली व‍िभाग ने 24 घरों के क्‍यों काटे कनेक्शन?

हल्द्वानी. बिजली जलाकर बिल नहीं भरने वालों के विरुद्ध ऊर्जा निगम की कार्रवाई रविवार को भी जारी रही। इस दौरान टीम ने हल्द्वानी में 24 बकाएदारों के कनेक्शन काटे, जबकि कैंप के माध्यम से 18 लाख रुपये की रिकवरी भी की। बकाएदारों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए ऊर्जा निगम अब सीधे उनका कनेक्शन काट रहा है। इस दौरान वितरण खंडों में विभिन्न इलाकों में कैंप लगाकर बकाएदारों से वसूली भी की जा रही है।  रविवार को ऊर्जा निगम ने शहरी क्षेत्र के बनभूलपुरा व तीनपानी आदि क्षेत्र में कैंप लगाकर दो लाख रुपये की वसूली की। साथ ही 11 बकाएदारों के कनेक्शन काटे। 20 हजार से ऊपर बकायेदारों के खि‍लाफ कार्रवाई ऊर्जा निगम के अधिशासी अभियंता प्रदीप कुमार बिष्ट ने बताया कि वसूली के साथ ही 20 हजार से ऊपर बकाएदारों के कनेक्शन काटे जा रहे हैं। फिर बाद में 10 हजार से ऊपर के बकाएदारों पर कार्रवाई की जाएगी। बताया कि सोमवार को नवाबी रोड स्थित कुल्यालपुरा, गौलापार स्थित लक्ष्मपुर चौराहा, बद्रीपुरा स्थित प्राइमरी स्कूल के पास कैंप लगाया जाएगा, जो भी बकाएदार है वह कैंप में आकर बिजली बिल के रुपये दे सकता है। वहीं ऊर्जा निगम ग्रामीण के अधिशासी अभियंता वेगराज सिंह ने बताया कि ग्रामीण वितरण खंड में 13 बकाएदारों के कनेक्शन काटे हैं, जबकि 15.5 लाख की वसूली उपभोक्ताओं से की गई है।

उत्तराखंड में हाईवे पर रूकी वाहनों की रफ्तार, NH के पास भूस्खलन जारी

अल्मोड़ा. यहां क्वारब की पहाड़ी पर हो रहे भूस्खलन से अल्मोड़ा-हल्द्वानी हाईवे पर शनिवार दोपहर से यातायात ठप है। इससे मैदानी क्षेत्रों से पहाड़ और पहाड़ से मैदान की ओर जाने वाले यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बंद हो चुके हाईवे को खोलने में प्रशासन और लोनिवि लाचार नजर आ रहे हैं। क्वारब की पहाड़ी से लगातार पत्थर और मलबा गिरने का क्रम जारी है। लगातार दरक रही पहाड़ी के चलते हाइवे पर आए मलबे को साफ करना बहुत जोखिम भरा हो गया है। तीन जिलों का है मुख्य मार्ग अल्मोड़ा-हल्द्वानी राष्ट्रीय राजमार्ग यहां अल्मोड़ा समेत बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिले का मुख्य मार्ग है। लेकिन राष्ट्रीय राजमार्ग पर नैनीताल और अल्मोड़ा जिले की सीमा पर क्वारब के समीप तीन महीनों से पहाड़ी दरक रही है। जिससे यहां से वाहनों का आवागमन करना खतरे से खाली नहीं है। इधर शनिवार दोपहर को पहाड़ी का एक बड़ा हिस्सा भरभरा कर गिर गया। पहाड़ी का बड़ा हिस्सा दरकने से यहां भारी मात्रा में मलबा और बोल्डर एनएच पर गिर गए। इधर रविवार को भी पहाड़ी से लगातार पत्थर और मलबा गिरता रहा। मलबे और बोल्डर की बौछार के बीच एनएच पर गिरे मलबे को साफ करना विभाग के लिए मुश्किल भरा हो गया है। इधर मलबा नहीं हटने के कारण मार्ग पर शनिवार से ही पूरी तरह यातायात ठप है। इससे यात्रियों को हल्द्वानी पहुंचने के लिए लमगड़ा और रानीखेत मार्ग से अतिरिक्त फेरा लगा कर पहुंचना पड़ रहा है। इस कारण लोगों की जेब पर आर्थिक बोझ बढ़ गया है। वाहन चलाना तो दूर, पैदल चलना भी दूभर राष्ट्रीय राजमार्ग पर जहां पर पहाड़ी दरक रही है, उस स्थान पर वाहनों का चलना तो दूर पैदल चलना भी दूभर हो गया है। पहाड़ी से गिरते पत्थर वहां खतरा बने हुए हैं। तत्काल ट्रीटमेंट के नाम पर शुरू किया गया है कार्य, खतरा बढ़ा बीते दिनों दरकती पहाड़ी के लिए ट्रीटमेंट कार्य शुरू किया गया, लेकिन यहां अब और खतरा बढ़ गया है। जिस स्थान पर ट्रीटमेंट कार्य किया जा रहा है। उसी के बगल से पूरी पहाड़ी दरकते हुए नीचे खिसक रही है। इस बीच लोडर मशीन के आपरेटर अपनी जान जोखिम में डालकर मलबा हटाने का कार्य कर रहे हैं। पहाड़ी से लगातार मलबा और पत्थर गिर रहे हैं। जिससे वहां पर काम करने में मजदूरों को दिक्कत हो रही है। मार्ग पर यातायात सुचारू करने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। -जेसी पांडे, एई राष्ट्रीय राजमार्ग।

मणिपुर में स्कूल-कॉलेज बंद, 5000 से अधिक सुरक्षाकर्मी तैनात, भेजी जाएंगी CAPF की 50 और कंपनियां

इंफाल  भारत का उत्तर-पूर्वी राज्य मणिपुर एक बार फिर हिंसा की आग में सुलग रहा है। केंद्र ने पूर्वोत्तर राज्य में सुरक्षा और कानून व्यवस्था की स्थिति के मद्देनजर 5,000 से ज्यादा कर्मियों वाली सीएपीएफ की 50 कंपनियां भेजने का फैसला किया है। इनमें से 35 यूनिट केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) से और बाकी बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (BSF) से होंगी। सीआरपीएफ के डायरेक्टर जनरल ए.डी. सिंह और अन्य केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) के वरिष्ठ अधिकारी भी राज्य में मौजूद हैं। इसी बीच, मणिपुर के सीएम एन बीरेन सिंह ने सोमवार को 6 बजे एनडीए के मंत्रियों और विधायकों की एक मीटिंग बुलाई है। अधिकारियों ने कहा कि यह मीटिंग इसलिए बुलाई गई है ताकि कानून-व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा की जा सके। यह पूरा का पूरा घटनाक्रम ऐसे टाइम में हो रहा है जब एनपीपी के सात विधायकों ने बीजेपी के नेतृत्व वाली सरकार से समर्थन वापस ले लिया है। एनपीपी ने दावा किया कि राज्य की बीरेन सिंह सरकार पूर्वोत्तर राज्य में समस्या को हल करने में पूरी तरह से नाकामयाब साबित हुई है। एनपीपी के बीजपी से समर्थन वापस लेने से भी बीजेपी पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। बीजेपी के पास अपने 32 विधायकों के साथ बहुमत हासिल है। एन बीरेन सिंह के नेतृत्व वाली सरकार को नगा पीपुल्स फ्रंट के पांच विधायकों और जेडीयू के छह विधायकों का भी समर्थन हासिल है। इस बीच, मुख्यमंत्री के सचिव निंगथौजम ज्योफ्रे ने मणिपुर अखंडता पर समन्वय समिति को लिखे पत्र में इंफाल घाटी में शक्तिशाली निकाय से आग्रह किया कि वह इस जरूरी मोड़ पर किसी भी तरह के हिंसक आंदोलन से बचे। COCOMI ने सरकारी ऑफिस बंद रखने का किया था आह्वान COCOMI ने पहले कहा था कि कुकी-हमार उग्रवादियों द्वारा हमलों और हत्याओं से लोगों की जिंदगी और संपत्तियों की सुरक्षा करने में केंद्र विफल रहा है और इसके विरोध में सभी सरकारी ऑफिस को बंद रखेंगे। इस बीच, पुलिस ने कहा कि जिरीबाम जिले में संपत्ति को नुकसान पहुंचा रही भीड़ और सुरक्षा बलों के बीच झड़प के दौरान गोलीबारी में एक प्रदर्शनकारी की मौत हो गई। पुलिस ने पुष्टि की कि गोलीबारी में एक व्यक्ति की मौत हो गई, लेकिन कहा कि यह तुरंत साफ नहीं है कि किसने गोली चलाई, जबकि चश्मदीदों ने दावा किया कि गोलीबारी सुरक्षा बलों की दिशा से हुई थी। यह घटना रविवार देर रात हुई जब उग्रवादियों द्वारा अगवा की गई महिलाओं और बच्चों की हत्या के विरोध में आंदोलनकारी जिरीबाम पुलिस स्टेशन क्षेत्र के बाबूपारा में संपत्तियों को नुकसान पहुंचा रहे थे। एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि गोलीबारी में एक शख्स की मौत हो गई है। यह तुरंत साफ नहीं है कि किसने गोली चलाई। उन्होंने कहा कि मरने वाले की पहचान के अथौबा के तौर पर हुई है। यह करीब 20 साल का था। कांग्रेस और बीजेपी के ऑफिस और जिरीबाम के निर्दलीय विधायक के घर में प्रदर्शनकारियों के एक ग्रुप ने तोड़फोड़ की। अधिकारियों ने कहा कि वह संपत्तियों से फर्नीचर, कागज और अन्य चीजें बाहर ले आए और इमारत के सामने उनमें आग लगा दी। पांच लोगों के शवों का हुआ पोस्टमार्टम समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, एक सूत्र ने कहा कि असम के सिलचर कस्बे में एक सरकारी अस्पताल में जिरीबाम जिले से लापता हुए पांच लोगों के शवों का पोस्टमार्टम पूरा हो गया है। 11 नवंबर को सुरक्षा बलों और कुकी-जो उग्रवादियों के बीच मुठभेड़ के बाद जिरीबाम से लापता हुए छह लोगों में से पांच के शव पिछले कुछ दिनों में असम के कछार में जिरी नदी और बराक नदी में पाए गए और उन्हें सिलचर मेडिकल कॉलेज लाया गया। इतना ही नहीं एक सूत्र ने पीटीआई को बताया कि एसएमसीएच में सभी पांच शवों का पोस्टमार्टम किया गया है। संबंधित डॉक्टर रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया में हैं। इस बीच, भारतीय जनता पार्टी मणिपुर प्रदेश एससी मोर्चा के उपाध्यक्ष के ऋषिकांत ने व्यक्तिगत कारणों का हवाला देते हुए इस्तीफा दे दिया है। 15 नवंबर को बीजेपी के जिरीबाम मंडल के पदाधिकारियों और कार्यकारी सदस्यों ने भी जिरीबाम और पूरे मणिपुर में की अशांति का हवाला देते हुए राज्य अध्यक्ष को अपना इस्तीफा सौंप दिया था। क्या है मणिपुर विधानसभा की तस्वीर 60 सदस्यीय मणिपुर विधानसभा में भाजपा के पास 37 सीटें हैं। एनपीपी, जिसके सात विधायक हैं, ने पहले बीरेन सिंह सरकार को बाहरी समर्थन दिया था क्योंकि वह एनडीए का हिस्सा है। गौरतलब है कि एनपीपी के समर्थन वापस लेने से एन बीरेन सिंह सरकार को फिलहाल कोई खतरा नहीं है।   इंफाल में स्कूल-कॉलेज बंद   इंफाल पश्चिम और इंफाल पूर्व में कर्फ्यू लगाए जाने के बीच, मणिपुर सरकार ने कई जिलों में राज्य विश्वविद्यालयों सहित संस्थानों, कॉलेजों को बंद करने की घोषणा की । इंफाल में सभी स्कूल, कॉलेज 19 नवंबर तक बंद रहेंगे। 

लॉरेंस विश्नोई के नाम पर मांगी दो करोड़ की यूट्यूबर से रंगदारी

हल्द्वानी. यूट्यूबर सौरभ जोशी (Saurabh Joshi) से लॉरेंस विश्नोई के नाम पर दो करोड़ की रंगदारी मांगी गई है। उनके घर पर पत्र भेजकर कहा गया है कि दो करोड़ रुपये नहीं दिए तो परिवार के एक सदस्य को जान की कीमत चुकानी पड़ेगी। यूट्यबर सौरभ जोशी (Saurabh Joshi) ने पुलिस को बताया है कि वह हल्द्वानी की ओलिविया कालोनी रामपुर रोड का निवासी है। उन्हें किसी अज्ञात व्यक्ति की ओर से एक धमकी भरा पत्र प्राप्त हुआ है। इस पत्र में मेरे और मेरे परिवार के सदस्यों को जान से मारने की धमकी दी गई है। करन विश्नोई के नाम से लिखा पत्र पत्र भेजने वाले ने लिखा है कि “ नमस्ते श्री सौरव जोशी, मैं करन विश्नोई, लॉरेंस विश्नोई गैंग से हूं, यह पत्र आपको एक महत्वपूर्ण सूचना देने के लिए भेजा जा रहा है। हमारे बास लांरेस बिश्नोई ने आपको हमारी गैंग को दो करोड़ रुपये नकद देने का आदेश दिया है। यदि आप नकद राशि नहीं देते है तो आपको या आपके परिवार के किसी भी सदस्य को मारने का आदेश दिया गया है। हम पांच दिन तक आपके जवाब का इंतजार करेगें।’ पत्र में धमकी भरे लहजे में आगे लिखा गया- ‘यदि आपने कोई भी जवाब नहीं दिया या फिर पुलिस में शिकायत करने की कोशिश की या इस बात को अपने परिवार के अलावा किसी अन्य व्यक्ति से साझा किया तो आपके परिवार से एक सदस्य कम हो जाएगा। हम आपके जवाब का इंतजार करेगें और दुआ करेंगे कि आप सही फैसला लें। क्योंकि एक भी गलत कदम आपके परिवार की जान ले सकता है, यदि आपको हमसे बात करनी हो तो हम आपको हमारा इंस्टाग्राम आईडी दे रहे है। जिसे हमारी गैंग ऑपरेट करती है। आइडी भी दी है। अंत में जय महाकाल लिखा है।’ सौरभ (Saurabh Joshi) का कहना है कि इस धमकी से वह अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर चितिंत हैं। कोतवाल राजेश कुमार यादव ने बताया कि तहरीर के आधार पर अज्ञात पर धमकी व रंगदारी मांगने की धारा में प्राथमिकी कर जांच की जा रही है।

अंतरिम डीजीपी बोले – डीजीपी की नियुक्ति के लिए उत्तराखंड सरकार भी उप्र की प्रक्रिया अपनाए

देहरादून. उत्तराखंड के अंतरिम पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अभिनव कुमार ने प्रदेश पुलिस अधिनियम 2007 के प्रावधानों का हवाला देते हुए राज्य सरकार से उत्तर प्रदेश की तरह पुलिस प्रमुख पद पर नियुक्ति प्रक्रिया अपनाने का अनुरोध किया। उत्तराखंड में डीजीपी की नियुक्ति के लिए पारदर्शी और स्वतंत्र प्रक्रिया के वास्ते प्रदेश के गृह सचिव शैलेश बगौली को दिए अपने प्रत्यावेदन में कुमार ने कहा कि वर्तमान में प्रदेश के पुलिस प्रमुख की नियुक्ति को लेकर अपनाई जा रही प्रक्रिया में संघ लोक सेवा आयोग एवं गृह मंत्रालय की निर्णायक भूमिका है जो उनके विचार से ‘संवैधानिक व व्यवहारिक दृष्टिकोण’ से उचित नहीं है । भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के 1996 बैच के अधिकारी कुमार ने इस संबंध में पुलिस अधिनियम 2007 के प्रावधानों की ओर ध्यान दिलाया जिसके तहत राज्य सरकार एक समिति का गठन करेगी जो स्क्रीनिंग के बाद योग्य अधिकारियों का एक पैनल तैयार करेगी और इसमें से ही राज्य सरकार डीजीपी की नियुक्ति करेगी। उन्होंने कहा कि इस अधिनियम में यह भी प्रावधान है कि इस पैनल में अधिकारियों की संख्या पुलिस महानिदेशक स्तर के स्वीकृत पदों की संख्या के तीन गुने से अधिक नहीं होगी। इस परिप्रेक्ष्य में उन्होंने कहा कि हाल में उत्तर प्रदेश में उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के अनुसार डीजीपी की नियुक्ति के लिए नए नियम लागू किए गए हैं ताकि पुलिस बल के प्रमुख की निुयक्ति में संवैधानिक व्यवस्था और शीर्ष अदालत के निर्णय के अनुरूप राज्य सरकार की निर्णायक भूमिका बनी रहे । उन्होंने कहा, “चूंकि पुलिस व्यवस्था भारतीय संविधान की अनुसूची सात की सूची दो के तहत राज्य विषय है । यह महत्वपूर्ण है कि उत्तराखंड सरकार भी ऐसे नियमों को लागू करने पर विचार करे ताकि डीजीपी की नियुक्ति में पारदर्शिता और स्वायत्तता के साथ राज्य सरकार की निर्णायक भमिका भी सुनिश्चित हो सके।” कुमार की डीजीपी के पद पर अंतरिम नियुक्ति पिछले साल 30 नवंबर को की गई थी।

दुष्यंत कुमार गौतम बोले – सेवा परमो धर्म है राजनीति में, वो ही चुनाव जीतते हैं

देहरादून. केदारनाथ सीट पर 20 नवंबर को उपचुनाव के लिए वोटिंग होने जा रही है। ऐसे में राजनीतिक दलों के नेता जनता के बीच लगातार जा रहे हैं। नेता वोटरों को लुभाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। केदारनाथ चुनाव में एक बार फिर कांग्रेस केदारनाथ में आई आपदा को लेकर जनता के बीच जा रही है। जिस पर भाजपा के वरिष्ठ नेता दुष्यंत कुमार गौतम ने प्रतिक्रिया दी है। उनका कहना है कि कांग्रेस आपदा में अवसर तलाश रही है, लेकिन राजनीति में सेवा परमो धर्म है। सेवा करने वाले ही चुनाव जीतते हैं। दुष्यंत कुमार गौतम ने रविवार को पत्रकारों के एक सवाल के जवाब में कहा कि कांग्रेस के लोग आपदा की बात करें तो यह बड़ा दुर्भाग्यपूर्ण लगता है। उनके समय में जो आपदा आई थी, उन्होंने उस दौरान किस तरह से काम किया था, वहां की जनता भूली नहीं है। उन्होंने कहा कि केदारनाथ धाम में पुनर्निर्माण का कार्य तेजी के साथ चल रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का केदारनाथ धाम से विशेष लगाव है, जिसकी वजह से आज केदार घाटी को पूरी तरह से विकसित किया जा चुका है। यहां जो विकास हुआ है जनता इसे स्वीकार करती है। राजनीति क्षेत्र में सेवा परमो धर्म है। सेवा ही वाले चुनाव जीतते हैं। ये देवभूमि है, यहां के लोग उन्हें नहीं चुनेंगे। झूठ की राजनीति करने वालों को जनता नकार देगी। केदारनाथ की जनता कांग्रेस के बहकावे में नहीं आने वाली है। बता दें कि केदारनाथ विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए वोटिंग 20 नवंबर को होगी। 90540 मतदाता 173 पोलिंग बूथ पर अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। यहां, पंजीकृत मतदाताओं में 44765 पुरुष और 45775 महिलाएं शामिल हैं। भाजपा और कांग्रेस ने चुनाव जीतने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। यह चुनाव भाजपा और कांग्रेस के लिए साख का सवाल भी बन चुका है।

यूट्यूबर सौरभ जोशी से गैंग ने मांगी फिरौती, परिवार के एक सदस्य को मारने की दी धमकी

हल्द्वानी उत्तराखंड के फेमस यूट्यूबर सौरभ जोशी को लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने पत्र भेजकर नकद दो करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी है। वहीं, पांच दिन में पैसा नहीं देने पर परिवार के एक सदस्य को जान से मार देने की भी धमकी दी गई है। इस मामले में हल्द्वानी कोतवाली पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी हैं। लॉरेंस बिश्नोई गैंग द्वारा जोशी को धमकी मिलने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। फिलहाल, पुलिस की टीमें मामले की जांच में जुट गई हैं। सौरभ जोशी की तहरीर पर पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा एसपी सिटी प्रकाश चंद्र ने जानकारी दी है कि ओलिविया रामपुर रोड हल्द्वानी निवासी यूट्यूबर सौरभ जोशी ने पुलिस को तहरीर सौंपी है। इसमें कहा गया है कि उन्हें एक धमकी भरा पत्र मिला जिसमें 2 करोड़ रुपए की रंगदारी मांगी गई है। साथ ही रकम नहीं देने पर परिवार के एक सदस्य को जान से मारने की धमकी दी गई है। सौरभ ने पुलिस को दी तहरीर में कहा है कि वह बहुत भयभीत हैं। उधर पुलिस ने सौरभ की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सौरभ जोशी के इंस्टाग्राम पेज पर भी धमकी दी गई है। फिलहाल, पुलिस सीसीटीवी कैमरे और सर्विलांस के आधार पर पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। पत्र में ये लिखा है – “नमस्ते  सौरव जोशी, मैं करन बिश्नोई ,लॉरेंस बिश्नोई गैंग से हूं , यह पत्र आपको एक महत्वपूर्ण सूचना देने के लिए भेजा जा रहा है। हमारे बॉस लॉरेंस बिश्नोई ने आपको हमारी गैंग को दो करोड़ रुपये नकद देने का आदेश दिया है। यदि आप नकद राशि नहीं देते है तो आपको या आपके परिवार के किसी भी सदस्य को मारने का आदेश दिया गया है। वहीं, आगे पत्र में लिखा है कि “हम पांच दिन तक आपके जवाब का इंतजार करेगें। यदि आपने कोई भी जवाब नही दिया या फिर पुलिस में शिकायत करने की कोशिश की या इस बात को अपने परिवार के अलावा किसी अन्य व्यक्ति से साझा किया तो आपके परिवार से एक सदस्य कम हो जाऐगा।” पत्र में लिखा कि, “हम आपके जवाब का इंतजार करेंगे और दुआ करेंगे कि आप सही फैसला ले क्योंकि एक भी गलत कदम आपके परिवार की जान ले सकता है। यदि आपको हमसे बात करनी हो तो हम आपको हमारा इंस्टाग्राम आईडी दे रहे है। जिसे हमारी गैंग ऑपरेट करती है karanbishnoi5672, जय महाकाल” मामले की जांच में जुटी पुलिस वहीं, इस मामले में एसपी सिटी हल्द्वानी का कहना है कि यूट्यूबर सौरभ जोशी की तहरीर के आधार पर संबंधित के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। इसी के साथ ही एसपी ने कहा कि पुलिस जांच में जुट गई है। इसके अतिरिक्त शीघ्र ही पुलिस द्वारा मामले का पर्दाफाश करने का आश्वासन दिया है।

भगवान बद्रीनाथ धाम के कपाट शुभ मुहूर्त में बंद हुए, हुआ चार धाम यात्रा का समापन

 देहरादून श्री बद्रीनाथ धाम (हि.स.)। विश्व प्रसिद्ध श्री बद्रीनाथ धाम के कपाट रविवार को सेना के बैंड की भक्तिमय धुनों के बीच विधि-विधान से जय बद्री विशाल के उद्घोष के साथ रात नौ बजकर सात मिनट पर शीतकाल के लिए बंद हो गए। इसी के साथ अब चारधाम यात्रा शीतकाल तक के लिए बंद हो गई। रविवार को 10 हजार से अधिक श्रद्धालु भगवान बदरी विशाल के दर्शन किए और कपाट बंद होने के साक्षी बने। बर्फीले पहाड़ और सर्द बयार भी इसके साक्षी बने। कपाट बंद होने के अवसर पर बदरीनाथ पुष्प सेवा समिति ऋषिकेश ने मंदिर को फूलों से सजाया था, जो आकर्षक छटा बिखेर रही थी। स्थानीय लोक कलाकारों, महिला मंगल दल बामणी, पांडुकेश्वर की ओर से लोकनृत्य व जागर आदि प्रस्तुति दी गई। इसमें लोक संस्कृति की झलक दिखी। इस अवसर पर दानीदाताओं व सेना ने श्रद्धालुओं के लिए भंडारे का आयोजन किया था और श्रद्धालुओं ने पंक्तिबद्ध होकर प्रसाद चखा। तीर्थयात्रियों की चहल-पहल से अलग ही माहौल था। बीकेटीसी अध्यक्ष ने जताया आभार, श्रद्धालुओं को दी शुभकामनाएं बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के अध्यक्ष अजेंद्र अजय ने चारधाम यात्रा समापन के अवसर पर सभी श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दी और बद्रीनाथ धाम यात्रा से जुड़े सभी विभागों-संस्थाओं का आभार जताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में इस बार चारधाम यात्रा में रिकार्ड 48 लाख से अधिक तीर्थयात्री दर्शन को पहुंचे हैं। चमोली जनपद के जिलाधिकारी संदीप तिवारी ने बद्रीनाथ धाम यात्रा समापन के अवसर पर भगवान बदरीविशाल के दर्शन किए। उन्होंने कहा कि प्रशासन व मंदिर समिति के समन्वयन से बद्रीनाथ धाम यात्रा कुशलतापूर्वक संपन्न हुई है और रिकार्ड संख्या में तीर्थयात्री पहुंचे हैं। उन्होंने बताया कि बद्रीनाथ धाम में मास्टर प्लान का कार्य तेजी से चल रहा है। इससे तीर्थयात्रियों को अधिक सुविधाएं मिलेंगी। इस वर्ष सवा 14 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने किए भगवान बद्री विशाल के दर्शन बीकेटीसी मुख्य कार्याधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल ने बताया कि इस यात्रा वर्ष बद्रीनाथ धाम यात्रा का सफल समापन हो गया है। इस वर्ष सवा 14 लाख से अधिक तीर्थयात्रियों ने भगवान बद्री विशाल के दर्शन किए हैं। मंदिर समिति ने तीर्थयात्रियों के सरल व सुगम दर्शन व्यवस्था की। एक घंटे 37 मिनट में पूरी हुई कपाट बंद होने की प्रक्रिया रात्रि 7.30 बजे से कपाट बंद होने की प्रक्रिया शुरू हुई। रावल अमरनाथ नंबूदरी, धर्माधिकारी राधाकृष्ण थपलियाल, वेदपाठी रविंद्र भट्ट, अमित बंदोलिया ने कपाट बंद करने की प्रक्रिया पूरी की। उद्धव जी एवं कुबेर जी बद्रीनाथ मंदिर के गर्भगृह से बाहर आए। इसके बाद रावल अमरनाथ नंबूदरी स्त्री रूप धारण कर मां लक्ष्मी को मंदिर गर्भगृह में विराजममान किया। तत्पश्चात रात्रि सवा आठ बजे भगवान बदरी विशाल को माणा महिला मंगल दल द्वारा बुनकर तैयार किया गया घृत कंबल ओढ़ाया गया। उसके बाद रात नौ बजकर सात मिनट पर रावल अमरनाथ नंबूदरी ने बद्रीनाथ धाम के कपाट बंद किए। 13 नवंबर से शुरू हो गई थीं पंच पूजाएं उल्लेखनीय है कि 13 नवंबर से पंच पूजाएं शुरू हो गई थी। पंच पूजाओं के अंतर्गत पहले दिन भगवान गणेश की पूजा हुई, शाम को इसी दिन भगवान गणेश के कपाट बंद हो गए। दूसरे दिन बृहस्पतिवार 14 नवंबर को आदि केदारेश्वर मंदिर तथा शंकराचार्य मंदिर के कपाट बंद हुए। तीसरे दिन शुक्रवार 15 नवंबर को खडग पुस्तक पूजन तथा वेद ऋचाओं का वाचन बंद हो गया। चौथे दिन शनिवार 16 नवंबर मां लक्ष्मी का कढ़ाई भोग चढ़ाया गया। रविवार 17 नवंबर को रात नौ बजकर सात मिनट पर बद्रीनाथ धाम के कपाट बंद हो गए। बीकेटीसी ने हक-हकूकधरियों को दी है आगामी यात्रा की जिम्मेदारी कपाट बंद होने की तिथि तय होने के बाद विजयदशमी पर 12 अक्टूबर को बद्रीनाथ धाम की आगामी यात्रा के लिए हक-हकूकधरियों को बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति ने पगड़ी भेंट कर यात्रा वर्ष 2025 के लिए भंडार की जिम्मेदारी दी थी। 18 नवंबर को पांडुकेश्वर प्रस्थान करेगी उद्धव-कुबेर व आदिगुरू शंकराचार्य की गद्दी बीकेटीसी मीडिया प्रभारी डा. हरीश गौड़ ने बताया कि रविवार की रात भगवान बदरी विशाल के कपाट बंद होने के बाद 18 नवंबर सोमवार को प्रात: 10 बजे उद्धव जी, कुबेर जी एवं रावल जी सहित आदिगुरू शंकराचार्य की गद्दी योग बदरी पांडुकेश्वर प्रस्थान करेगी। उद्धव जी एवं कुबेर जी शीतकाल में पांडुकेश्वर प्रवास करेंगे। 18 नवंबर को पांडुकेश्वर प्रवास के बाद 19 नवंबर को आदिगुरू शंकराचार्य की गद्दी रावल धर्माधिकारी वेदपाठी सहित श्री नृसिंह मंदिर जोशीमठ प्रस्थान करेगी। इसके बाद योग बदरी पांडुकेश्वर तथा श्री नृसिंह मंदिर जोशीमठ में शीतकालीन पूजाएं भी शुरू हो जाएंगी।

उत्तर पश्चिम भारत के राज्यों में अगले पांच दिनों में न्यूनतम तापमान के तीन डिग्री तक गिरने का अलर्ट जारी किया: मौसम विभाग

नई दिल्ली उत्तर भारत में अब ठंड होने लगी है। कई राज्यों में तो सुबह और रात के समय घना कोहरा भी देखने को मिल रहा। मौसम विभाग ने उत्तर पश्चिम भारत के राज्यों में अगले पांच दिनों में न्यूनतम तापमान के तीन डिग्री तक गिरने का अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही, मौसम विभाग ने यह भी चेतावनी दी है कि अगले दो दिनों तक, बिहार, उत्तर प्रदेश, उत्तरी राजस्थान, पंजाब, हरियाणा जैसे राज्यों में सुबह और रात के समय बहुत घना कोहरा छाया रहेगा। मौसम विभाग के अनुसार, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल, केरल, माहे में 17 और 18 नवंबर को हल्की से मध्यम बारिश होगी। आंधी तूफान व बिजली कड़कने की भी चेतावनी है। अंडमान और निकोबार में भी इस हफ्ते तक बारिश का अलर्ट है। उत्तर भारत की बात करें तो पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, उत्तरी राजस्थान, उत्तरी यूपी, बिहार में 17 की रात और 18 नवंबर की सुबह तक बहुत घना कोहरा देखने को मिलेगा। वहीं, हिमाचल प्रदेश में भी अगले पांच दिनों तक घना कोहरा छाया रहेगा। सब हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, पश्चिमी असम, मेघालय में 18 नवंबर तक कोहरे के छाए रहने का अनुमान है। मध्य महाराष्ट्र, कोंकण, गोवा, उत्तरी कर्नाटक, पंजाब, उत्तर प्रदेश, बिहार, मराठवाड़ा, तटीय कर्नाटक के इलाकों में न्यूतनम तापमान औसत से अधिक चल रहा है। आज मैदानी इलाकों में सबसे कम तापमान दिल्ली में 11.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है। दिल्ली-एनसीआर में पिछले 24 घंटों में न्यूनतम तापमान में थोड़ी और गिरावट आई है। अधिकतम तापमान 28-30 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है, जबकि न्यूनतम तापमान 12-17 डिग्री सेल्सियस के बीच है। अधिकतम तापमान औसत से एक डिग्री जहां ज्यादा है, तो मिनिमम टेम्प्रेचर औसत से कई जगह चार डिग्री सेल्सियस तक अधिक बना हुआ है।  

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