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अप्रवासियों पर फिर हमलावर, हम चाहते हैं कि लोग हमारे देश में आएं, लेकिन उन्हें कानूनी तरीके से आना होगा: डोनाल्ड ट्रंप

न्यूयॉर्क अमेरिका के रिपब्लिकन पार्टी के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप ने फिर से कहा है कि वह अप्रवासियों का स्वागत करते हैं, लेकिन शर्त है कि वे कानूनी तरीके से आएं। अवैध अप्रवासियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। डोनाल्ड ट्रंप ने कोलोराडो के ऑरोरा में एक चुनावी रैली में कहा, “हम चाहते हैं कि लोग हमारे देश में आएं, लेकिन उन्हें कानूनी तरीके से आना होगा।” उन्होंने अवैध अप्रवासियों के बारे में कहा, “मैं पूरे देश में आपसे यह वादा करता हूं और प्रतिज्ञा करता हूं। 5 नवंबर 2024 अमेरिका में मुक्ति दिवस होगा। इस दिन देश को ‘कब्जे’ से मुक्त कराया जाएगा।” सीमा शुल्क एवं सीमा सुरक्षा एजेंसी के अनुसार, अगस्त तक 82,610 भारतीय नागरिक अवैध रूप से सीमा पार कर चुके थे, जबकि पिछले साल यह संख्या 96,917 थी। उनकी विपक्षी पार्टी उन्हें ‘अप्रवासी विरोधी’ बताती है। लेकिन ट्रंप अवैध और वैध अप्रवासियों के बीच एक अंतर करते हैं। जबकि डेमोक्रेट्स उन्हें एक समान मानते हैं, चाहे वे वर्षों से कानूनी प्रक्रिया से गुजरे हों या अवैध रूप से प्रवेश करे रह रहे हों। उन्होंने अमेरिकी कॉलेजों से स्नातक करने वाले विदेशियों को ग्रीन कार्ड के माध्यम से वैध अप्रवासी का दर्जा देने का वादा किया है, जो डेमोक्रेट के किसी भी प्रस्ताव से कहीं आगे है, जिसमें अवैध अप्रवासियों को वैध बनाने पर ध्यान केंद्रित किया गया है। ट्रंप ने जून में कहा था, “मैं जो करना चाहता हूं और जो करूंगा, वह यह है कि जब आप कॉलेज से स्नातक होंगे, तो मुझे लगता है कि आपको अपने डिप्लोमा के हिस्से के रूप में खुद ही ग्रीन कार्ड मिल जाना चाहिए, ताकि आप इस देश में रह सकें।” अंतरराष्ट्रीय शिक्षा संस्थान के 2022-23 के आंकड़ों के अनुसार, इस नीति को लागू करना मुश्किल हो सकता है, लेकिन सैद्धांतिक रूप से यह अमेरिकी कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में पढ़ रहे लगभग 269,000 भारतीय छात्रों के लिए अच्छी खबर है। चुनावी रैली के दौरान ट्रंप ने अपने भाषण के बीच में ही एक वीडियो दिखाया जिसमें अवैध अप्रवासियों द्वारा किए गए अपराधों की खबरें थीं, जिनमें बलात्कार और हत्या से लेकर पुलिस पर गोलीबारी तक शामिल थी। ‘अप्रवासी अपराध को समाप्त करें’ और ‘अवैध लोगों को तुरंत निर्वासित करें’ लिखे ब्लैक बैकड्रॉप के सामने खड़े होकर ट्रंप ने अपनी प्रतिद्वंद्वी उपराष्ट्रपति कमला हैरिस पर ‘खुली सीमा’ नीतियों के माध्यम से आपराधिक अवैध अप्रवासियों को लाने का आरोप लगाया। उन्होंने कमला हैरिस के एक पुराने बयान का हवाला दिया, जिसमें उन्होंने कहा था कि हम अवैध रूप से सीमा पार करने वाले लोगों को अपराधी नहीं मानना ​​चाहते। डोनाल्ड ट्रंप ने अवैध अप्रवासियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की प्रतिज्ञा ली और कहा, “मैं अमेरिकी नागरिक या कानून प्रवर्तन अधिकारी की हत्या करने वाले किसी भी अप्रवासी के लिए मृत्युदंड की मांग करता हूं। ट्रंप ने कहा कि वेनेजुएला जैसे देशों में अपराध में भारी कमी आई है क्योंकि उन्होंने अपनी जेलों और मानसिक (मेंटल) अस्पतालों को खाली कर दिया है और कैदियों को अमेरिका में उत्पात मचाने के लिए भेज दिया है। उन्होंने कहा कि वह हर प्रवासी आपराधिक नेटवर्क को निशाना बनाने और उसे नष्ट करने के लिए 18वीं सदी के कानून ‘एलियन एनिमीज एक्ट’ को लागू करेंगे। लेकिन यह कानून केवल विदेशी दुश्मन देश से आने वाले लोगों पर लागू होता है। इसे सभी देशों पर लागू करना एक चुनौती होगी, क्योंकि सामूहिक निर्वासन अभियान भी एक चुनौती होगी। इस साल अगस्त तक, दुनिया भर से 2.75 मिलियन अवैध अप्रवासी अवैध रूप से प्रवेश करने की वजह से पकड़े गए थे, जबकि पिछले साल यह संख्या 3.2 मिलियन थी। ऑरोरा के मेयर माइक कॉफमैन (जो एक रिपब्लिकन हैं) ने कहा कि हालांकि वहां कुछ घटनाएं हुई हैं, लेकिन यह कहना अतिशयोक्ति होगी कि शहर वेनेजुएला के आपराधिक गिरोहों के कारण “युद्ध क्षेत्र” में तब्दील हो गया था। ट्रंप ने मंच पर एक महिला को बुलाया, जिसने एक अपार्टमेंट बिल्डिंग पर हाई-पावर राइफल से लैस वेनेजुएला के गिरोह की वीडियो रिकॉर्डिंग कर पब्लिश किया था। उन्होंने अपने भाषणों के दोहराया कि हैरिस एक “मार्क्सवादी” हैं, अयोग्य हैं, अमेरिका पतन की ओर बढ़ रहा है, वे तीसरे विश्व युद्ध को रोकेंगे, नौकरियां वापस लाएंगे, टैक्सों में कटौती करेंगे, कीमतें कम करेंगे और देश को सुरक्षित बनाएंगे।

भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा को अपने चरम पर बताते हुए देश की मजबूत राजनीतिक स्थिति के लिए सराहना व्यक्त की: मोहन भागवत

नागपुर राष्‍ट्रीय स्‍वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत ने नागपुर में आयोजित विजयादशमी उत्सव में उपस्थित स्वयंसेवकों को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने मोदी सरकार के कुछ प्रमुख सिद्धांतों का समर्थन किया। उनके भाषण में भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा, देश की प्रगति, शांतिपूर्ण चुनावों की प्रक्रिया, और विभिन्न चुनौतियों का सामना करने की बात शामिल थी। मोहन भागवत ने ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ के सिद्धांत की प्रशंसा करते हुए कहा कि इसे अब दुनिया भर में व्यापक रूप से स्वीकार किया जा रहा है। उन्होंने भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा को अपने चरम पर बताते हुए देश की मजबूत राजनीतिक स्थिति के लिए सराहना व्यक्त की। उन्होंने पिछले एक दशक में भारत की अद्भुत प्रगति का जश्न मनाया। उन्होंने कहा कि आज भारत एक मजबूत और अधिक सम्मानित राष्ट्र बन चुका है, जिसकी वैश्विक विश्वसनीयता ऊंचाई पर है। उन्होंने कहा कि देश सभी क्षेत्रों में प्रगति कर रहा है और सामाजिक समझ विकसित हो रही है। इसका एक उदाहरण जम्मू-कश्मीर में शांतिपूर्ण चुनावों का संचालन है, जो भारत की बढ़ती प्रतिष्ठा और वैश्विक पहचान में योगदान दे रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि कुछ दुष्ट शक्तियां भारत की प्रगति को बाधित करने की कोशिश कर रही हैं। भागवत ने कहा कि विभिन्न दिशा से देश को अस्थिर करने के लिए साजिशें रची जा रही हैं। योग के वैश्विक महत्व पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि योग न केवल एक वैश्विक प्रवृत्ति बन रहा है, बल्कि इसके मूल सिद्धांत भी व्यापक रूप से लोकप्रिय हो रहे हैं। उन्होंने भारत के पर्यावरण संबंधी मुद्दों के प्रति वर्तमान दृष्टिकोण की सराहना की, जिसे दुनिया भर में गर्मजोशी से अपनाया जा रहा है। पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा आरजी कर मेडिकल कॉलेज में हैवानियत के मामले में अव्यवस्था की निंदा करते हुए उन्होंने इसे समाज के लिए शर्मनाक घटना बताया, जिससे समाज की छवि धूमिल हुई है। उन्होंने कहा कि अपराधियों को बचाने के प्रयासों से यह स्पष्ट होता है कि अपराध, राजनीति और विषाक्त संस्कृति का एक डिस्टर्बिंग नेक्सस है, जो हमारे समुदाय को कमजोर कर रहा है।

मेहसाणा में निर्माण स्थल दर्दनाक हादसा, मिट्टी का भारी ढांचा धसा, 7 मजदूरों की दर्दनाक मौत

नई दिल्ली गुजरात के मेहसाणा जिले के जसालपुर गांव में शनिवार को एक निर्माण स्थल पर मिट्टी का भारी ढांचा धंस गया, जिसमें 7 मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गई. यह हादसा दोपहर के समय हुआ जब मजदूर एक फैक्ट्री के भूमिगत टैंक के लिए गहरा गड्ढा खोद रहे थे. पुलिस इंस्पेक्टर प्रह्लादसिंह वघेला ने घटना की पुष्टि की और बताया कि काम के दौरान अचानक मिट्टी धंस गई, जिससे मजदूर उसके नीचे दब गए. वघेला ने कहा, “अब तक 7 शव बरामद किए जा चुके हैं, और हमें आशंका है कि तीन से चार अन्य मजदूर अब भी दबे हो सकते हैं.” मेहसाणा के एसपी तरुण दुग्गल ने बताया कि कंस्ट्रक्शन साइट पर मिट्टी धंसने की घटना में सात लोगों की मौत हो गई है. निर्माण का काम किसी प्राइवट कंपनी की देखरेख में हो रहा था. मजदूरों के परिवार का रो-रो कर बुरा हाल स्थानीय लोगों में इस हादसे के बाद हड़कंप मच गया. सामने वीडियो में देखा जा सकता है कि किस तरह मजदूरों के परिवार वालों का रो-रो कर बुरा हाल है. कंस्ट्रक्सन साइट पर देखा जा सकता है कि जेसीबी की मदद से मिट्टी हटाने का काम किया जा रहा है. घटना ने सुरक्षा मानकों की अनदेखी और मजदूरों की कार्य स्थलों पर सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं. घटना स्थल पर चल रहा राहत-बचाव का काम घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और बचाव दल मौके पर पहुंच गए और तत्काल राहत कार्य शुरू कर दिया गया. बचाव कार्य की बेहद चुनौतीपूर्ण रही क्योंकि धंसी हुई मिट्टी के नीचे कुछ और भी मजदूरों के फंसे होने की संभावना है. घटना की जांच चल रही है, और प्रशासन ने भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के उपायों को लागू करने का आश्वासन दिया है. पूरा क्षेत्र शोक में डूबा हुआ है, और पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता देने का वादा किया गया है.

PM मोदी के पास वैश्विक राजनेता बनने का मौका, Russia Ukraine War को शांत कराने में सक्षम – फरीद जकारिया

नई दिल्ली रूस-यूक्रेन युद्ध पर विदेश नीति के जानकार फरीद जकारिया ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि यूक्रेन जंग भारत के लिए बड़ा मौका है। भारत को शांतिदूत बनकर अपनी कूटनीतिक ताकत दिखानी चाहिए। जकारिया ने पीएम मोदी की वैश्विक छवि की तारीफ करते हुए कहा कि पीएम मोदी रूस-यूक्रेन युद्ध में एक महत्वपूर्ण मध्यस्थ की भूमिका निभा सकते हैं। ‘मोदी निभा सकते हैं बड़ी भूमिका’ एक न्यूज चैनल से बात करते हुए जकारिया ने कहा कि दुनिया में बहुत कम नेता ऐसे हैं जो रूस और यूक्रेन दोनों से प्रभावी ढंग से बात कर सकते हैं। उन्होंने सिर्फ दो नाम लिए, पहला तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैय्यप एर्दोगन और दूसरा प्रधानमंत्री मोदी। जकारिया ने कहा कि यूक्रेन में जंग थमी हुई है। बहुत कम लोग ऐसे हैं जिनके पास दोनों पक्षों से बात करने की विश्वसनीयता है… अगर प्रधानमंत्री मोदी खुद को मध्यस्थ के रूप में पेश करते हैं, तो मुझे लगता है कि वह बहुत रचनात्मक भूमिका निभा सकते हैं… मेरा मानना है कि एर्दोगन से भी ज्यादा मोदी इसमें भूमिका निभा सकते हैं। ‘वैश्विक राजनेता बनने का मौका’ जकारिया ने कहा कि रूस-यूक्रेन युद्ध में मध्यस्थता करना पीएम मोदी के लिए एक वैश्विक राजनेता बनने का शानदार मौका है। उन्होंने माना कि भारत पारंपरिक रूप से विदेश नीति के मामलों में तटस्थ रहता है। लेकिन, अगर भारत चाहे तो वह एक बहुत ही व्यावहारिक और रचनात्मक भूमिका निभा सकता है। ‘भारत की छवि होगी मजबूत’ जकारिया के अनुसार, ऐसा कदम न केवल वैश्विक कूटनीति के लिए फायदेमंद होगा, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की छवि को भी ऊंचा उठाएगा। हालांकि, उन्होंने जोर देकर कहा कि इसके लिए पीएम मोदी को दोनों देशों के बीच मध्यस्थता की चुनौतीपूर्ण भूमिका निभानी होगी, जो अक्सर मुश्किलों और आलोचनाओं से भरी होती है। जकारिया ने कहा, ‘अगर मोदी चाहें तो यह उनके लिए एक वैश्विक राजनेता बनने का शानदार मौका है।’ उन्होंने शांति की तलाश में भारतीय नेता के कूटनीतिक कौशल और उनके मंच को महत्वपूर्ण बताया। रूस और यूक्रेन दोनों में अच्छी साख जकारिया के बयान से साफ है कि भारत के पास रूस-यूक्रेन युद्ध को खत्म करने में अहम भूमिका निभाने की क्षमता है। पीएम मोदी की रूस और यूक्रेन दोनों से अच्छी साख है। ऐसे में, वह शांति वार्ता शुरू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। हालांकि, यह देखना होगा कि भारत इस चुनौती को स्वीकार करता है या नहीं। अगर भारत मध्यस्थता करने का फैसला करता है, तो यह एक ऐतिहासिक कदम होगा। इससे ना सिर्फ युद्ध खत्म करने में मदद मिलेगी, बल्कि वैश्विक मंच पर भारत की छवि भी मजबूत होगी।

रामलीला का फायदा उठाकर हरिद्वार जेल से फरार हुए दो कैदी, पुलिस महकमे में मचा हड़कंप

हरिद्वार उत्तराखंड के हरिद्वार से हैरान करने वाला मामला सामने आया है। दरअसल,  हरिद्वार ज़िला कारागार में चल रही रामलीला का फायदा उठाकर दो कैदी फरार हो गए है। वहीं इस घटना के बाद पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया है। साथ ही जेल प्रशासन पर कैदियों पर कड़ी निगरानी व सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे है। फिलहाल,हरिद्वार पुलिस दोनों फरार कैदियों की तलाश में जुट गई है। प्राप्त सूचना के मुताबिक हरिद्वार जिला कारागार से दो कैदियों के फरार होने की खबर सामने आई है। दरअसल, पिछले कुछ दिनों से ज़िला कारागार में रामलीला चल रही थी। साथ ही कुछ निर्माण भी कराया जा रहा था। इसके चलते कारागार में एक सीढ़ी लगी हुई थी जहां से दोनों कैदी मौके का फायदा उठाकर फरार हो गए। सूत्रों की मानें तो जेल से फरार हुआ एक कैदी वाल्मीकि गैंग का है और हत्या के मामले में सजा काट रहा था। साथ ही दूसरा आरोपी किडनैपिंग के मामले में जेल में था। फिलहाल,इन दोनों के भागने से जेल प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। इसमें सवाल यह उठ रहा है कि जिले की सबसे सुरक्षित जेल से कैदी कैसे फरार हो जाते है। साथ ही  इसकी उच्चस्तरीय जांच की जानी चाहिए। वहीं इस मामले में जिलाधिकारी हरिद्वार ने पुष्टि करते हुए कहा कि जेल प्रशासन की इस लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। बताया गया कि इसमें कैदी पंकज निवासी रुड़की और रामकुमार निवासी गोंडा उत्तर प्रदेश शामिल है। इसमें आरोपी पंकज हत्या के मामले में आजीवन कारावास काट रहा था, जबकि अपराधी रामकुमार विचाराधीन कैदी है। इसके अतिरिक्त पुलिस दोनों फरार कैदियों की तलाश कर रही है।

जिस जेल हाई सिक्योरिटी जेल में है बाबा राम रहीम, उसी में बड़ी वारदात, 3 युवकों की कर दी गई हत्या

रोहतक रोहतक के सुनारिया जेल हाई सिक्योरिटी कही जाने वाली जेल में से एक है। वहां से एक बार फिर वर्चस्व को लेकर गैंगवार की खबर सामने आई है। कहा जा रहा है कि गुरुवार सुबह जेल के अंदर कैदियों पर हमले हुए थे जिसे अब गैंगवार से जोड़कर देखा जा रहा है। इससे पहले भी लॉरेंस बिश्नोई के सहयोगी गैंगस्टर राहुल बाबा पर हमला हुआ था और उसका बदला लेने के लिए उसने सुमित प्लोटरा के भाई समेत तीन युवकों की हत्या कर इस वारदात को अंजाम दिया है। गौर रहे कि साध्वी यौन शोषण के मामले में डेरा सच्चा सौदा राम रहीम भी इसी जेल में अपनी सजा काट रहा है। बता दें कि इस जेल में कैदियों के बीच अब तक कई बार बड़े झगड़े हो चुके हैं। इसी जेल में गुरमीत राम रहीम भी हत्या और यौन शोषण के मामले में सजा काट रहा है। फिलहाल, इस समय वह पैरोल पर बाहर हैं, लेकिन सवाल यह उठता है कि इतनी हाई सिक्योरिटी होने के बाद भी हर साल इस घटनाएं होती ही रहती है। दरअसल, जेल में कंबल को लेकर 12 कैदियों के बीच विवाद शुरू हुआ था, इसके बाद गुरुवार को यह विवाद बढ़ गया जानलेवा हमले में तब्दील हो गया। इस विवाद में रोहतक के रहने वाले नसीब, नीरज कंसाला, प्रदीप कंसाला, गिरावड़ निवासी नीरज, सोनीपत के रहने वाले गंगाना निवासी प्रदीप, गोहाना के रहने वाले पवन और आदि एक गुट में शामिल थे, तो वहीं दूसरे गुट में गिरावड़ के रहने वाले नीरज, सुनारिया चौक निवासी प्रियंकल, नवीन,  प्रहलाद,  रोहतक के रहने वाले श्रीराम नगर निवासी कृष्ण, झज्जर के खानपुर खुर्द रहने वाले पवन और आदि कैदियों के बीच विवाद हो गया। इस घटना के दौरान 10 बंदी घायल हो गए। जेल उपाधीक्षक की ओर से दी गई शिकायत पर सभी 12 लोगों के खिलाफ केस दर्ज कराई गई है। इस मामले को लेकर पुलिस अधीक्षक हिमांशु गर्ग की ओर से जांच कमेटी बनाई गई है।

ढाका में दुर्गा पूजा का पांच दिवसीय त्योहार माँ दुर्गा के आह्वान के साथ शुरू हुआ था, मां की मूर्ति पर फेंका पेट्रोल बम

ढाका बांग्लादेश की राजधानी ढाका के ताती बाजार इलाके में दुर्गा पूजा पंडाल पर अज्ञात लोगों ने पेट्रोल बम फेंका, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। वायरल हो रहे वीडियो में एक घायल व्यक्ति को अस्पताल ले जाते हुए दिखाया गया है। इस घटना के बाद, हमलावर मौके से फरार हो गए। दुर्गा पूजा का पांच दिवसीय त्योहार बुधवार को माँ दुर्गा के आह्वान के साथ शुरू हुआ था। गुरुवार को चट्टोग्राम के जत्रा मोहन सेन हॉल में दुर्गा पूजा के मंच पर आधा दर्जन लोगों ने इस्लामी क्रांति का आह्वान करते हुए गाने गाए। इस घटना से स्थानीय हिंदू समुदाय में रोष फैल गया। इसके बाद पूजा समिति के संयुक्त महासचिव सजल दत्ता समेत सात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने से तनाव और बढ़ गया है। प्रसिद्ध बांग्लादेशी लेखिका तस्लीमा नसरीन ने घटना पर नाराजगी जताते हुए सोशल मीडिया पर लिखा, “जिहादी दुर्गा पूजा पंडाल में इस्लामी जिहादी गाने गा रहे हैं। सोचिए अगर हिंदू मस्जिद में नमाज़ के दौरान ‘हरे राम हरे कृष्ण’ गाने लगें तो?” पूजा के दौरान हुई इन घटनाओं ने पूरे देश में चिंता और तनाव का माहौल पैदा कर दिया है। बता दें कि बांग्लादेश में 1 अक्टूबर से दुर्गा पूजा के दौरान अब तक 35 घटनाएं हो चुकी हैं। पुलिस ने इन मामलों में 11 केस दर्ज किए हैं, 24 जनरल डायरी (GD) बनाई गई हैं और 17 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस महानिरीक्षक (IGP) मोहम्मद मोइनुल इस्लाम ने बताया कि देशभर में 32,000 से अधिक पंडालों में पूजा मनाई जा रही है। उन्होंने शुक्रवार को ढाका के बनानी पूजा मंडप का दौरा किया।

खाने में थूकना, पेशाब करना यह सभ्य मानव समाज के लिए कलंक है, मुस्लिम धर्मगुरुओं को कट्टरता से इनका का विरोध करना चाहिए- योगगुरु

 हरिद्वार योगगुरु स्वामी रामदेव ने मुस्लिम धर्मगुरुओं से मुस्लिम युवकों के खाने में थूकने, पेशाब आदि करने की घटनाओं का पुरजोर विरोध करने का आह्वान किया है. योगगुरु ने आश्चर्य जताते हुए कहा कि ऐसी घटनाओं पर मुस्लिम धर्मगुरु चुप्पी साधे हुए है. उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं से मुस्लिम धर्म और कुरान पाक का प्रचार नहीं होता है. मुसलमान और कुरान ऐसी घटनाओं से बदनाम हो रहे है. शनिवार को कनखल के दिव्य योग मंदिर में योगगुरु स्वामी रामदेव और आचार्य बालकृष्ण ने कन्या पूजन किया. इस दौरान योगगुरु और आचार्य ने लोगों को दशहरा की शुभकामनाएं दी. हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर वायरल थूकने, पेशाब करने और गंदगी फैलाने की वीडियो पर बोलते हुए योगगुरु ने कहा कि ऐसी घटनाओं का मुस्लिम मुल्लों, मौलवियों और धर्मगुरु को आगे आकर बोलना चाहिए. स्वामी रामदेव ने कहा कि ऐसी घटनाओं से इस्लाम का प्रचार नहीं होता है. कई दफा घटनाएं हो गई है. मुस्लिम धर्मगुरु ऐसी घटनाओं पर मौन हो जाते है. ऐसी घटनाएं रोकने के लिए मुस्लिम धर्मगुरुओं को बोलना चाहिए. कट्टरता से घटनाओं का विरोध करना चाहिए. यह सभ्य मानव समाज के लिए कलंक जैसी घटनाएं है. वायरल हो रहे वीडियो गौरतलब है कि बीते कुछ दिनों में गाजियाबाद और नोएडा समेत तमाम जगहों पर खाना बनाते समय उसमें थूकने और पेशाब करने के वीडियो वायरल हो रहे हैं. ये तमाम वीडियो सोशल मीडिया पर छाए हुए हैं. हालांकि योगी सरकार ने इस वीडियो के सामने आने के बाद अधिकारियों को निर्देश दिया है. सीएम योगी आदित्यनाथ ने होटल्स और रेस्टोरेंट में जांच करने के साथ ही सीसीटीवी लगाने का निर्देश दिया है. साथ ही पुलिस और प्रशासन से ऐसी घटनाओं पर कड़ा एक्शन लेने के लिए कहा गया है. जबकि अन्य राज्यों में भी ऐसी घटनाओं पर एक्शन की मांग हो रही है.  बढ़ रहा है गैर-मुस्लिमों से दुश्मनी का भाव मुसलमान जहां हैं, वहां बस दो ही मानसिकता के साथ काम कर रहे हैं। पहली- गैर-मुस्लिमों को जैसे भी हो सके, प्रताड़ित करो, उनका धर्म भ्रष्ट करो और दूसरी- तरह-तरह के जिहाद से उनका धर्म परिवर्तन करवाओ। अब तो लगातार मिल रहे प्रमाणों से यह साबित सा हो गया है कि मुसलमान न हिंदुओं के साथ सामंजस्य चाहते हैं और ना हिंदुस्तान को अपना मानते हैं। लेकिन उनकी मांग यह है कि हिंदू समावेशी विचारों से तनिक भी नहीं भटकें, धर्मनिरपेक्षता का दामन न छोड़ें। फिर पारदर्शिता से परहेज क्यों? किसकी दुकान है, यह बताने में क्या हर्ज? क्यों बात-बात में इस्लाम को खतरे में देखने वाला मुसलमान अपने होटलों, ढाबों के नाम हिंदू देवी-देवताओं पर रखेगा? उत्तर प्रदेश और कांवड़ यात्रा के मार्ग ही नहीं, पूरे देश में अगर कोई कुछ छिपाकर कारोबार कर रहा है तो क्या वह गुनाह नहीं है? इतना दोहरपान लाते कहां से हैं, जनाब? मुसलमानों और कथित मुस्लिम हितैषी राजनीति के ठेकेदारों के दोहरेपेन की पराकाष्ठा देखें। जो आज हिंदुओं को कांवड़ यात्रा के अनुष्ठान में भी मुसलमानों के थूक, पेशाब वाली खाने-पीने की चीजें स्वीकार करने को कह रहे हैं, वही मुसलमानों की हलाल कॉस्मेटिक्स, हलाल दवाई और यहां तक कि हलाल होटल, हलाल यात्रा तक की तरफदारी करते हैं।  मुख्तार अब्बास नकवी, जावेद अख्तर, असदुद्दीन ओवैसी, एसटी हसन समेत उन तमाम मुसलमानों की गैरत कैसे मर गई जब मुसलमानों ने हलाल इकॉनमी खड़ी कर ली? इनमें से किसकी हिम्मत है जो मुसलमानों से पूछ ले कि आखिर चौबीसों घंटे, हर जगह, हर चीज में हलाल, हलाल की रट लगाने की क्या जरूरत है?  बल्कि उलटा ये हलाल के लिए मुसलमानों को उकसाएंगे, उनका साथ देंगे, हजार तरह के तर्क देंगे। लेकिन हिंदुओं को समावेशी होना चाहिए। हिंदुओं को तो मंदिरों में भी गंगाजल नहीं मुसलमानों का पेशाब पीकर जाना चाहिए। क्या ये यही चाहते हैं? इनमें है कोई माई का लाल जो दावा करे कि मुसलमान खाने-पीने के सामानों में थूक नहीं रहे, पेशाब नहीं कर रहे, उसे हर तरह से अपवित्र और गंदा नहीं कर रहे? है इनमें हिम्मत कि सोशल मीडिया और मुख्य धारा के मीडिया में आ रही थूक, पेशाब वाली खबरों और प्रमाण के रूप में पेश किए जा रहे वीडियोज को नकार दें?

BSF की ओर से संदिग्ध ड्रॉपिंग जोन में तलाशी अभियान शुरू किया, हेरोइन और पिस्तौल भेजने की कोशिशें नाकाम

पंजाब पंजाब के फिरोजपुर में सीमा सुरक्षा बल (BSF) ने पाकिस्तानी ड्रोन का मार गिराया। इस ड्रोन के जरिए हेरोइन और पिस्तौल ले जाने की कोशिश थी। बीएसएफ के प्रवक्ता ने बताया कि ड्यूटी पर तैनात सतर्क बीएसएफ जवानों ने सीमावर्ती क्षेत्र में एक ड्रोन गतिविधि को रोकने के लिए गोलीबारी की और इसे निष्क्रिय करने के लिए तकनीकी जवाबी उपाय सक्रिय कर दिए। इसके बाद, BSF की ओर से संदिग्ध ड्रॉपिंग जोन में तलाशी अभियान शुरू किया गया। प्रवक्ता ने बताया कि सैनिकों ने फिरोजपुर इलाके में गिरे हुए ड्रोन को एक पैकेट संदिग्ध हेरोइन के साथ सफलतापूर्वक बरामद कर लिया। बरामद ड्रोन की पहचान चीन में निर्मित डीजेआई मविक-3 क्लासिक के रूप में की गई है। अधिकारियों ने बताया कि बीएसएफ पंजाब के जवानों की ओर से 24 घंटे के अंदर यह दूसरी जब्ती थी, जहां एक ड्रोन और नशीले पदार्थ बरामद किए गए। इससे पहले अमृतसर में BSF ने शुक्रवार को हेरोइन ले जा रहे एक ड्रोन को मार गिराया। प्रवक्ता ने बताया कि सुबह के समय ड्यूटी पर तैनात सतर्क बीएसएफ जवानों ने जिला अमृतसर के सीमावर्ती क्षेत्र में एक ड्रोन गतिविधि देखी और फिर उसे मार गिराया गया। कश्मीर घाटी में घुसपैठ की कोशिशें तेज दूसरी ओर, बीएसएफ के सीनियर अधिकारी ने कहा कि सर्दियों का मौसम नजदीक होने के साथ ही कश्मीर घाटी में घुसपैठ की कोशिशें तेज हो गई है। करीब 150 आतंकवादी नियंत्रण रेखा (LoC) के पार विभिन्न लांच पैड पर इंतजार कर रहे हैं, लेकिन सुरक्षा बल ऐसी किसी भी प्रयास को विफल कर देंगे। बीएसएफ के महानिरीक्षक अशोक यादव ने कहा, ‘घुसपैठ की कोशिश जारी हैं। विभिन्न एजेंसियों से प्राप्त खुफिया सूचनाओं के आधार पर हम सीमा पर नियंत्रण की योजना बनाने के लिए सेना के साथ समन्वय करते हैं। हम लांचिंग पैड पर आतंकवादियों की संख्या को भी ध्यान में रखते हैं, जिससे हमें अपनी रणनीति बनाने और आतंकियों को काबू करने की योजना को आकार देने में मदद मिलती है।’

इंटरनेशनल फोरम में हिस्सा लेने पहुंचे पाकिस्तानी राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने की खास मांग

अश्गाबात तुर्कमेनिस्तान में इंटरनेशनल फोरम में हिस्सा लेने पहुंचे पाकिस्तानी राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने खास मांग की है। फोरम से इतर बातचीत में उन्होंने तुर्किए और पाकिस्तान के बीच रेल और रोड बनाने पर जोर दिया है। इसका मकसद दोनों देशों के बीच व्यापारिक और आर्थिक सहयोग को बढ़ाना है। इस इंटरनेशनल फोरम में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भी मौजूद थे। इसके अलावा कई अन्य मुस्लिम देशों के राष्ट्राध्यक्ष भी इसमें हिस्सा लेने पहुंचे थे। यह बातचीत तुर्कमेनिस्तान की राजधानी में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय फोरम से इतर हुई। इस दो दिवसीय फोरम का आयोजन प्रसिद्ध तुर्कमेन दार्शनिक और कवि मैग्टिमगुली फरागी की 300वीं जयंती पर हुआ था। गुरुवार को तुर्कमेनिस्तान पहुंचे पाकिस्तानी राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने इस मौके पर भाषण दिया। उन्होंने पड़ोसी देशों के बीच मजबूत क्षेत्रीय संपर्क और गहरे सांस्कृतिक और आर्थिक सहयोग की जरूरत पर जोर दिया। फोरम से इतर जरदारी ने विभिन्न राष्ट्रप्रमुखों से भी मुलाकात की। तुर्कीए की संसद के स्पीकर नुमान कुर्तुलमस के साथ बैठक में राष्ट्रपति जरदारी ने पाकिस्तान और तुर्की के बीच व्यापार और आर्थिक सहयोग बढ़ाने के लिए बेहतर रेल संपर्क की मांग की। इस बैठक के दौरान उपप्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार और बलोचिस्तान के मुख्यमंत्री सरफराज बुग्ती भी मौजूद रहे। बैठक के दौरान जरदारी ने तुर्की की प्रशंसा करते हुए उन्हें पाकिस्तान का एक ईमानदार मित्र और मुस्लिम दुनिया के लिए एक मजबूत आवाज बताया। दोनों नेताओं ने फलस्तीन और लेबनान में गंभीर मानवीय स्थिति पर चिंता जताई। राष्ट्रपति जरदारी ने कहा कि तुर्कीए आर्थिक शक्ति बनने की राह पर है। उन्होंने देश की सफलता और समृद्धि के लिए शुभकामनाएं व्यक्त कीं। राष्ट्रपति जरदारी ने तुर्कमेन राष्ट्रपति सर्दार बर्दीमुहामेदोव से भी मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने राष्ट्रपति के पिता गुरबांगुली बर्दीमुहामेदोव के साथ अपनी पिछली बैठकों को याद किया और दोनों देशों के बीच मजबूत संबंधों पर बात की। जरदारी ने आपसी संबंधों को और मजबूत बनाने तथा दोनों देशों के बीच आदान-प्रदान बढ़ाने के महत्व पर जोर दिया। जरदारी ने इस दौरान रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से भी बातचीत की। इस दौरान दोनों ने द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने पर जोर दिया। दोनों राष्ट्रप्रमुखों ने एक-दूसरे के देशों की आधिकारिक यात्रा करने के लिए आपसी निमंत्रण का आदान-प्रदान भी किया।

इजरायल ने जबालिया क्षेत्र में आतंकवाद विरोधी अभियान की घोषणा की थी, अब बरपाया कहर, 20 से ज्यादा लोगों की मौत

गाजा उत्तरी गाजा पट्टी के जबालिया शहर पर हुए इजरायली हमले में 20 से ज्यादा लोग मारे गए। वहीं, दर्जनों लोग घायल हो गए और लापता हैं। यह जानकारी फिलिस्तीनी अल अक्सा प्रसारक ने शुक्रवार को दी। इस सप्ताह की शुरुआत में, इजरायल रक्षा बलों (आईडीएफ) ने जबालिया क्षेत्र में एक नए आतंकवाद विरोधी अभियान की घोषणा की थी। गौरतलब है कि इससे पहले गुरुवार को मध्य गाजा पट्टी में विस्थापित व्यक्तियों को आश्रय देने वाले एक स्कूल पर हमले में 28 फिलिस्तीनी मारे गये और 54 अन्य घायल हो गये। गाजा में संघर्ष सात अक्टूबर, 2023 को दक्षिणी इजरायल पर हमास के हमले के कारण शुरू हुआ। इसमें करीब 1,200 लोग मारे गये और लगभग 250 बंधक बनाये गये थे। गाजा स्थित स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा गुरुवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, हमास के हमले के जवाब में गाजा में चल रहे इजरायली सैन्य अभियानों में 42,065 लोगों की मौत हुई है और 97,886 अन्य घायल हुए हैं। गुरुवार को हुए हमले में फिलिस्तीन रेड क्रिसेंट सोसाइटी (पीआरसीएस) ने की टीमों ने दीर अल-बलाह शहर में पीआरसीएस मुख्यालय के पास स्थित राफिदा स्कूल को इजरायली सेना द्वारा निशाना बनाये जाने के बाद हताहतों की मदद की। चिकित्साकर्मियों ने बताया कि एम्बुलेंस कर्मियों और नागरिक सुरक्षा तंत्र ने बच्चों और महिलाओं सहित कई लोगों के शव बरामद किये, जिनमें से कुछ के शरीर के टुकड़े-टुकड़े हो गये थे।

UAE से महादेव ऐप के मालिक की अब रेड नोटिस के आधार पर अधिकारियों ने उसके प्रत्यर्पण की मांग की

नई दिल्ली महादेव ऑनलाइन बुकिंग ऐप के प्रमोटरों में से एक और 6,000 करोड़ रुपये के अवैध सट्टेबाजी मामले में मुख्य आरोपी सौरभ चंद्राकर के प्रत्यर्पण की कोशिशें शुरू हो गई हैं। चंद्राकर को पिछले हफ्ते संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में गिरफ्तार किया गया था। अब इंटरपोल की रेड नोटिस के आधार पर भारतीय अधिकारियों ने उसके प्रत्यर्पण की मांग की है। मामले से परिचित लोगों ने यह जानकारी दी। प्रवर्तन निदेशालय (ED), केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) और छत्तीसगढ़ पुलिस के अधिकारी विदेश मंत्रालय के जरिए प्रत्यर्पण दस्तावेजों पर काम कर रहे हैं। इस तरह चंद्राकर को जल्द से जल्द भारत वापस लाने की प्रयास जारी है। सूत्रों के अनुसार, हाल ही में दुबई में गिरफ्तार किए गए चंद्राकर को अगले कुछ दिनों में भारत को प्रत्यर्पित कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रवर्तन निदेशालय दुबई के अधिकारियों को चंद्राकर के प्रत्यर्पण के लिए आवश्यक दस्तावेज भेजने की प्रक्रिया में जुटा है, जिसके बाद वहां की अदालत से संपर्क किया जाएगा। दुबई में भारतीय वाणिज्य दूतावास के सूत्रों ने बताया कि उन्हें यूएई अधिकारियों से अभी तक कुछ भी नहीं मिला है। बताया जाता है कि चंद्राकर 2019 में दुबई चला गया था। इससे पहले वह छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के भिलाई शहर में अपने भाई के साथ जूस फैक्ट्री नाम से जूस की दुकान चलाता था। राजनेताओं और नौकरशाहों की संलिप्तता का आरोप ईडी ने आरोप लगाया है कि महादेव ऑनलाइन बुक गेमिंग और सट्टेबाजी ऐप है। इसमें उसकी जांच से छत्तीसगढ़ के विभिन्न बड़े पद के राजनेताओं और नौकरशाहों की संलिप्तता सामने आई है। चंद्राकर और रवि उप्पल दोनों ही छत्तीसगढ़ के रहने वाले हैं। ED ने इस मामले में अब तक कुल 11 लोगों को गिरफ्तार किया है और 2 आरोप-पत्र भी दाखिल किए गए हैं। इनमें कहा गया कि चंद्राकर ने फरवरी 2023 में संयुक्त अरब अमीरात के रास अल खैमाह में शादी की और इसमें कारीब 200 करोड़ रुपये नकद खर्च किए गए। एजेंसी ने आरोप लगाया कि चंद्राकर के रिश्तेदारों को भारत से यूएई लाने के लिए निजी जेट किराए पर लिये गए थे। साथ ही, शादी में प्रदर्शन करने के लिए मशहूर हस्तियों को मोटी रकम भुगतान की गई थी।

देशभर के मदरसों में पढ़ रहे बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा को लेकर एनसीपीसीआर ने फंडिंग पर रोक लगाने के दिए निर्देश

नई दिल्ली राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) के चेयरपर्सन प्रियंक कानूनगो ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण पत्र जारी किया है, जिसमें उन्होंने देशभर में मदरसों में पढ़ रहे बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा को लेकर सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों और प्रशासकों को निर्देशित किया है। इस पत्र का उद्देश्य मदरसों और बच्चों के संवैधानिक अधिकारों के बीच उत्पन्न हो रहे टकराव को समाप्त करना है। पत्र की मुख्य बातें प्रियंक कानूनगो ने पत्र में उल्लेख किया है कि NCPCR, 2005 के बाल अधिकार संरक्षण अधिनियम के तहत स्थापित एक वैधानिक निकाय है, जिसका मुख्य उद्देश्य बच्चों के अधिकारों की रक्षा करना और इस संदर्भ में विभिन्न मुद्दों की निगरानी करना है। उन्होंने यह भी कहा कि आयोग को 2015 के बाल न्याय (देखभाल और संरक्षण) अधिनियम और 2009 के मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा के अधिकार (RTE) अधिनियम के सही और प्रभावी कार्यान्वयन की निगरानी करने का अधिकार प्राप्त है। पत्र में यह बताया गया है कि RTE अधिनियम का उद्देश्य बच्चों को समान शिक्षा का अवसर प्रदान करना है, लेकिन मदरसों की स्थिति के कारण बच्चों के मौलिक अधिकारों और अल्पसंख्यक समुदायों के अधिकारों के बीच टकराव उत्पन्न हो गया है। धार्मिक संस्थानों को RTE अधिनियम से छूट मिलने के कारण कई बच्चे औपचारिक शिक्षा प्रणाली से बाहर हो गए हैं, जिससे उनके शिक्षा के अधिकार का उल्लंघन हो रहा है। NCPCR की रिपोर्ट का महत्व इस पत्र के साथ NCPCR ने “गार्जियंस ऑफ फेथ या ओप्रेसर्स ऑफ राइट्स: कंस्टीट्यूशनल राइट्स ऑफ चिल्ड्रन वर्सेस मदरसा” शीर्षक से एक विस्तृत रिपोर्ट भी प्रस्तुत की है। इस रिपोर्ट में कुल 11 अध्याय शामिल हैं, जो मदरसों के इतिहास, उनकी कार्यप्रणाली और बच्चों के शिक्षा अधिकारों के उल्लंघन के विभिन्न पहलुओं को छूते हैं। रिपोर्ट में यह भी स्पष्ट किया गया है कि केवल एक मदरसा बोर्ड का गठन या UDISE कोड प्राप्त करना यह सुनिश्चित नहीं करता कि मदरसे RTE अधिनियम की शर्तों का पालन कर रहे हैं। वित्तीय सहायता पर रोक NCPCR ने सभी राज्यों में मदरसों और मदरसा बोर्डों को राज्य से मिलने वाली वित्तीय सहायता को रोकने और उन्हें बंद करने की सिफारिश की है। आयोग ने यह स्पष्ट किया है कि मदरसा बोर्ड नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं, और ऐसे में इनकी गतिविधियों को नियंत्रित करना अत्यंत आवश्यक है।   बच्चों के दाखिले की दिशा में सुझाव पत्र में यह भी सुझाव दिया गया है कि सभी गैर-मुस्लिम बच्चों को मदरसों से बाहर निकालकर स्कूलों में दाखिल कराया जाए। वहीं, मुस्लिम समुदाय के बच्चों को, चाहे वे मान्यता प्राप्त हों या न हों, औपचारिक स्कूलों में दाखिल कराने की दिशा में कदम उठाने का निर्देश दिया गया है। NCPCR का यह प्रयास बच्चों को एक सुरक्षित, स्वस्थ और उत्पादक वातावरण में बढ़ने का अवसर प्रदान करना है। उनका लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी बच्चे देश के निर्माण की प्रक्रिया में प्रभावी ढंग से योगदान कर सकें। NCPCR की अपेक्षाएँ इस रिपोर्ट की एक प्रति सभी मुख्य सचिवों के लिए संलग्न की गई है, ताकि वे आवश्यक कार्रवाई कर सकें। NCPCR की इस पहल का उद्देश्य बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए मदरसों की फंडिंग पर रोक लगाना है। यह कदम न केवल बच्चों के शिक्षा अधिकारों को सशक्त करेगा, बल्कि समाज में समानता और न्याय को भी बढ़ावा देगा। इस प्रकार, NCPCR ने एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए बच्चों के अधिकारों की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाए हैं। यह स्थिति न केवल शिक्षा के अधिकार को बढ़ावा देगी, बल्कि समाज में सामाजिक न्याय और समानता को भी स्थापित करने में सहायक होगी। आयोग की यह पहल इस बात का प्रमाण है कि बच्चों के भविष्य के लिए उचित और सख्त कदम उठाने की आवश्यकता है, ताकि सभी बच्चों को उनके अधिकारों का पूरा लाभ मिल सके और वे एक उज्ज्वल भविष्य की ओर बढ़ सकें।

दुर्गा पूजा मंडपों में कट्टरपंथियों ने किया इस्लामिक क्रांति का आह्वान, बांग्लादेश में दशहरे का माहौल बिगड़ा!

ढाका बांग्लादेश में हिंदुओं के साथ हो रहे भेदभाव के मामले रूके नहीं थे कि अब दुर्गा पूजा के दौरान भी हिंदुओं को कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। 1 अक्टूबर से देश भर में चल रहे दुर्गा पूजा समारोह से संबंधित 35 घटनाएं हुई हैं। इसमें 11 मामले दर्ज किए गए हैं और 17 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। दुर्गा पूजा मंडप से कट्ट्ररपंथियों ने इस्लामिक क्रांति का आह्वान किया है। ढाका ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक, आईजीपी मोहम्मद मोइनुल इस्लाम ने कहा कि देश भर में 32,000 से ज्यादा मंडपों में दुर्गा पूजा मनाई जा रही है। 35 घटनाएं सामने आई हैं। हर एक मामले में या तो केस दर्ज किया गया है या जीडी दर्ज की गई है और उसके अनुसार कार्रवाई की गई है। पिछले 11 दिनों में 11 मामले दर्ज किए गए हैं, जबकि मामूली तोड़फोड़ और चोरी जैसी घटनाओं के लिए 24 जीडी दर्ज की गई हैं। अब तक इन घटनाओं में शामिल होने के आरोप में 17 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। मंडप से इस्लामी क्रांति का आह्नान इससे पहले गुरुवार के दिन ढाका से करीब 250 किलोमीटर की दूरी पर चटगांव के दुर्गा पूजा मंडप के मंच पर आधा दर्जन से ज्यादा लोगों ने इस्लामी क्रांति का आह्वान करते हुए एक गीत गाया। इससे लोगों में भारी गुस्सा फैल गया। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, चटगांव मेट्रोपॉलिटन पुलिस ने शुक्रवार को इस्लामी क्रांति का आह्वान करने के आरोप में दो लोगों को अरेस्ट किया है। पूजा समिति के महासचिव सजल दत्ता समेत सात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। इस मामले पर आईजीपी ने कहा, ‘हमने चटगांव में हुई घटना के सिलसिले में गुरुवार को छापेमारी के बाद दो लोगों को गिरफ्तार किया। घटना का कोई खास मकसद था या नहीं, इसकी जांच की जा रही है। कभी-कभी स्थानीय घटनाएं सूचना के तेजी से फैलने के कारण व्यापक ध्यान आकर्षित करती हैं। हमें छोटी घटनाओं को बड़ी घटनाओं में बदलने से रोकने के लिए सतर्क रहना चाहिए।’ मोहम्मद यूनुस भी मंदिर का करेंगे दौरा पांच दिन के हिंदू धार्मिक उत्सव की शुरुआत बुधवार को देवी दुर्गा के आह्वान के साथ में हुई। इस पूरे कार्यक्रम का समापन रविवार को देवी दुर्गा की मूर्तियों के विसर्जन के साथ में होगा। इसी बीच, नोबेल पुरस्कार विजेता और बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुखिया मोहम्मद यूनुस प्रमुख शक्तिपीठों में से एक सदियों पुराने ढाकेश्वरी मंदिर का दौरा करेंगे। बांग्लादेश की आबादी में से 8 फीसदी हिंदुओं की आबादी है। यहां पर शेख हसीना के प्रधानमंत्री पद को छोड़ने के बाद में हिंदुओं को काफी नुकसान झेलना पड़ा है। अंतरिम सरकार के प्रमुख भी जाएंगे मंदिर पांच दिवसीय हिंदू धार्मिक उत्सव की शुरुआत बुधवार को देवी दुर्गा के आह्वान के साथ हुई, जिसे महा षष्ठी कहा जाता है. समारोह का समापन रविवार को देवी दुर्गा की मूर्तियों के विसर्जन के साथ होगा. इस बीच रविवार को मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस राष्ट्रीय राजधानी के मध्य में स्थित प्रमुख शक्तिपीठों में से एक, सदियों पुराने ढाकेश्वरी राष्ट्रीय मंदिर का दौरा करेंगे. बांग्लादेश की 170 मिलियन आबादी में हिंदुओं की संख्या लगभग 8 प्रतिशत हैं जिन्हें 5 अगस्त को प्रधानमंत्री शेख हसीना के निष्कासन के बाद भड़की छात्र-नेतृत्व वाली हिंसा के दौरान भारी नुकसान झेलना पड़ा. इस दौरान हिंदुओं के व्यवसायों और संपत्तियों में तोड़फोड़ की गई और और मंदिरों पर भी हमले किए गए. 17 लोग अरेस्ट अखबार ढाका ट्रिब्यून ने पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) एमडी मोइनुल इस्लाम के हवाले से बताया, “1 अक्टूबर से, देशभर में चल रहे दुर्गा पूजा समारोह के दौरान 35 अप्रिय घटनाएं हुई हैं, जिसके कारण 11 मामले दर्ज किए गए हैं, 24 सामान्य डायरी (जीडी) दर्ज की गई हैं और 17 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है.” इस्लाम ने शुक्रवार को ढाका में एक पूजा मंडप का दौरा किया, जिसके बाद उन्होंने संवाददाताओं को बताया कि देश भर में 32,000 से अधिक मंडपों में दुर्गा पूजा मनाई जा रही है. आईजीपी इस्लाम ने आश्वासन दिया कि पुलिस के पास घटनाओं में शामिल लोगों का रिकॉर्ड है. उन्होंने कहा,  “इन घटनाओं में शामिल किसी भी व्यक्ति को न्याय के कटघरे में लाया जाएगा.अगर कोई भी दुर्गा पूजा के दौरान अराजकता फैलाने या दुर्भावनापूर्ण गतिविधियों में शामिल होने का प्रयास करता है तो हम सख्त कार्रवाई करेंगे.” चटगांव में हुए हमले के बारे में एक सवाल का जवाब देते हुए, आईजीपी ने कहा, गुरुवार को छापेमारी के बाद दो लोगों को गिरफ्तार किया गया और इसके पीछे के मकसद का पता लगाने की कोशिश की जा रही है. सोने का मुकुट हो गया था चोरी इससे पहले शुक्रवार को बांग्लादेश पुलिस ने कहा कि उन्होंने सोने के मुकुट की चोरी के सिलसिले में एक व्यक्ति की पहचान की है और इसे बरामद करने के लिए बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान शुरू किया है. एक निजी समाचार चैनल ने दिखाया कि जब मंदिर में कोई नहीं था तो सफेद टी-शर्ट और जींस पहने एक युवक मंदिर में घुसा. उसने मुकुट का सुनहरा हिस्सा निकाला और उसे जेब में रख लिया. बांग्लादेश हिंदू बौद्ध ईसाई एकता परिषद के नेता कृष्ण मुखर्जी ने कहा, “यह चोरी का एक साधारण मामला हो सकता है या यह एक सुनियोजित साजिश का मामला भी हो सकता है. हम मांग करते हैं कि मामले की उचित जांच की जाए और इसमें शामिल लोगों को न्याय के कटघरे में लाया जाए.” तीनों सेना प्रमुखों ने किया मंदिरों का दौरा इस बीच, सरकारी समाचार एजेंसी बांग्लादेश संगबाद संघ (बीएसएस) ने कहा कि तीनों सेनाओं के प्रमुख – सेना प्रमुख जनरल वाकर-उज-जमा, नौसेना प्रमुख एडमिरल एम नजमुल हसन और वायु सेना प्रमुख एयर मार्शल हसन महमूद खान – ने शुक्रवार को ढाका में रमना काली मंदिर का दौरा किया. युवा और खेल सलाहकार आसिफ महमूद सजीब भुइयां ने शुक्रवार को खुलना में गल्लामारी हरिचंद टैगोर मंदिर और बागमारा गोविंदा मंदिर में दुर्गा पूजा पूजा मंडपों में पहुंचे और हिंदू समुदाय के सदस्यों के साथ शुभकामनाएं साझा कीं.

डोनाल्ड ट्रंप बोले- अमेरिकियों का रेप-मर्डर कर रहे, राष्ट्रपति बना तो उन्हें मौत की सजा दूंगा, कमला …

न्यूयॉर्क अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रवासियों को लेकर बड़ा बयान दिया है। कोलोराडो के ऑरोरा में चुनावी रैली के दौरान उन्होंने प्रवासियों का खतरनाक अपराधी के तौर जिक्र किया। साथ ही, ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी नागरिकों को मारने वाले प्रवासियों के लिए मौत की सजा होनी चाहिए। साल 2024 के राष्ट्रपति चुनाव में उन्होंने आप्रवासन विरोधी काफी बयानबाजी की है, जिसकी मतदाताओं के बीच खूब चर्चा भी हो रही है। ट्रंप ने  जब यह बयान दिया, उस वक्त वह वेनेजुएला गैंग ट्रेन डी अरागुआ के सदस्यों के पोस्टरों से घिरे हुए थे। उन्होंने कहा कि अगर वह फिर से राष्ट्रपति बनते हैं तो गैंग के गुर्गों को निशाना बनाने के लिए ‘ऑपरेशन ऑरोरा’ चलाएंगे। रिपब्लिकन पार्टी की ओर से डोनाल्ड ट्रंप राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार हैं। 5 नवंबर के चुनाव अभियान के अंतिम हफ्तों में उन्होंने आव्रजन विरोधी बयानबाजी तेज कर दी है। ट्रंप का चुनावी मुकाबला डेमोक्रेटिक उम्मीदवार कमला हैरिस से होना है। जनमत सर्वे से पता चला है कि अवैध आप्रवासन अमेरिकी मतदाताओं के लिए चिंता का विषय है। ज्यादातर वोटर्स ट्रंप को इस मामले में सक्षम अच्छे व्यक्ति के रूप में देखते हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में ट्रंप की ओर से कुछ और ऐसे बयान दिए जा सकते हैं, जो अवैध प्रवासियों के खिलाफ होंगे। चुनाव में मतदाताओं के एक बड़े वर्ग का इस बात को लेकर ट्रंप को समर्थन भी मिल सकता है। ट्रंप केवल अपने बारे में सोच रहे, बोलीं कमला हैरिस दूसरी ओर, राष्ट्रपति चुनाव के लिए डेमोक्रेटिक पार्टी की उम्मीदवार कमला हैरिस ने डोनाल्ड ट्रंप पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि वह केवल अपने बारे में ही सोचते हैं और अमेरिकियों की जरूरतों को पूरा करने के लिए उनके पास कोई योजना नहीं है। एरिजोना में अपने हजारों समर्थकों को संबोधित करते हुए हैरिस ने कहा कि ट्रंप ने राष्ट्रपति चुनाव से पहले किसी भी तरह की बहस करने से आधिकारिक तौर पर इनकार कर दिया है। उन्होंने इसे मतदाताओं के साथ नाइंसाफी बताया। हैरिस ने कहा, ‘मुझे भी लगता है कि यह उनका बहुत ही कमजोर कदम है। अगर वह बहस नहीं भी करते हैं, तो भी इस चुनाव में अंतर पहले से ही स्पष्ट नजर आ रहा है।’

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