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विधानसभा चुनाव: ईवीएम में 1031 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला होगा कल, प्रदेश की 90 विधानसभा सीटों पर होगी वोटिंग

चंडीगढ़ पांच साल के बाद वोट देकर अपनी सरकार चुनने की जिस घड़ी का इंतजार हरियाणा की जनता को था, वह आ गई है और शनिवार को विधानसभा चुनाव का मतदान है जिसमें 1031 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला होगा। हरियाणा के मुख्य चुनाव अधिकारी पंकज अग्रवाल के अनुसार कुल 2,03,54,350 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे। प्रदेश की सभी 90 विधानसभा क्षेत्रों में कुल 1031 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे है और मतदान के लिए 20,632 पोलिंग बूथ बनाएं गए है। मतदान सुबह सात बजे से शाम छह बजे तक होगा। 930 पुरुष और 101 महिलाएं हैं उम्मीदवार अग्रवाल ने बताया कि 2,03,54,350 मतदाताओं में 1,07,75,957 पुरूष, 95,77,926 महिलाएं और थर्ड जेंडर 467 मतदाता है। 18 से 19 आयु वर्ग के 5,24,514 युवा मतदाता है। इसी प्रकार, 1,49,142 दिव्यांग मतदाता है। जिसमें से 93,545 पुरुष व 55,591 महिला व छह थडर् जेंडर मतदाता है। उन्होंने बताया 85 वर्ष से अधिक आयु के 2,31,093 मतदाता हैं। जिसमें से 89,940 पुरुष व 1,41,153 महिला मतदाता है। इसके अलावा, 100 वर्ष की आयु से अधिक के मतदाताओं की संख्या 8,821 है। जिसमें से 3,283 पुरुष व 5,538 महिला मतदाता है। इसके अतिरिक्त, 1,09,217 सर्विस मतदाता है। जिसमें से 1,04,426 पुरुष व 4791 महिला मतदाता है। प्रत्याशियों में 930 पुरूष व 101 महिलाएं उम्मीदवार चुनाव लड रही है। कई सीटों पर चुनाव बहुकोणीय होने की संभावना कुल 1031 उम्मीदवारों में से 464 निर्दलीय उम्मीदवार है। चुनाव बहुकोणीय है। सत्तारूढ़ भारतीय जनता पाटर्ी (भाजपा) और मुख्य विपक्षी दल काँग्रेस के अलावा चुनावी मैदान में जननायक जनता पाटर्ी-आजाद समाज पार्टी, गठबंधन, इंडियन नैशनल लोकदल-बहुजन समाज पाटर्ी गठजोड़ और आम आदमी पार्टी भी हैं। मुख्य मुकाबला भाजपा और काँग्रेस में माना जा रहा है। जहां भाजपा‘नॉन-स्टॉप हरियाणा’व‘भरोसा दिलसे, भाजपा फिर से’के नारे के साथ हैट्रिक लगाने की उम्मीद कर रही है, वहीं काँग्रेस ‘भाजपा जा रही है, काँग्रेस आ रही है’ और ‘हाथ बदलेगा हालात’ के नारों के साथ सत्ता में वापसी का दावा कर रही है। अन्य दल भी ‘किंगमैकर’ बनने से लेकर अपने बूते सरकार बनाने तक के दावे कर रहे हैं। छोटे दलों, रिश्तेदारों के एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ने से लेकर बागियों सहित बड़ी संख्या में निर्दलीय प्रत्याशियों के मैदान में होने से राजनीतिक दलों के प्रत्याशियों का खेल बिगाड़ने की संभावनाओं के कारण कई सीटों पर मुकाबला कड़ा व रोचक हो गया है। वीआईपी सीटों पर सभी की रहेंगी निगाहें जिन सीटों पर लोगों की नजर रहेगी उनमें कुरुक्षेत्र जिले की लाड़वा (मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी यहाँ से प्रत्याशी हैं), सोनीपत जिले की गढ़ी सांपला किलोई (पूर्व मुख्यमंत्री व नेता प्रतिपक्ष भूपेन्द्र सिंह हुड्डा प्रत्याशी हैं) जींद जिले की उचाना कलाँ (पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला यहाँ से प्रत्याशी हैं) और जुलाना (काँग्रेस ने पहलवान विनेश फोगाट को टिकट दिया है), हिसार (यहाँ अमीरतम महिला प्रत्याशी सावित्री जिंदल भाजपा से बगावत कर चुनाव लड़ रही हैं जबकि उनके पुत्र नवीन जिंदल लोकसभा चुनाव में भाजपा के टिकट पर जीतकर सांसद बने हैं), सिरसा जिले की डबवाली जहां चौटाला कुनबे से तीन सदस्य – काँग्रेस के अमित सिहाग, भाजपा से इनेलो गए आदित्य चौटाला और जजपा से दिग्विजय चौटाला आपस में भिड़ रहे हैं), एलानाबाद 2019 के विधानसभा चुनाव में यह एकमात्र सीट थी, जिस पर इनेलो को जीत हासिल हुई थी। अभय सिंह चौटाला ने किसान आंदोलन में दिया था इस्तीफा किसान आंदोलन के समर्थन में अभय सिंह चौटाला ने इस्तीफा दिया था और फिर उपचुनाव में जीते थे), भिवानी जिले की तोशाम (हाल ही में अपनी माँ किरण चौधरी के साथ काँग्रेस छोड़कर भाजपा में गई बंसीलाल परिवार की श्रुति चौधरी का मुकाबला उनके चचेरे भाई अनिरुद्ध चौधरी से है) और अंबाला शहर और अंबाला छावनी (शहर से जहां पूर्व मंत्री निर्मल सिंह काँग्रेस प्रत्याशी हैं, उनकी बेटी चित्र सरवारा छावनी से काँग्रेस से बगावत कर निर्दलीय चुनाव लड़ रही हैं और पूर्व गृह मंत्री अनिल विज को टक्कर दे रही हैं) आदि हैं।  

मराठी को अभिजात भाषा का दर्जा, मराठी भाषा के देश की संस्कृति में योगदान के प्रमाण दिए हैं, संजय राउत ने जताई खुशी

मुंबई शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने शुक्रवार को मराठी को अभिजात भाषा का दर्जा दिए जाने पर खुशी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि पिछले 15-20 सालों से शिवसेना और महाराष्ट्र के अन्य मराठी सांसदों ने इस मांग के लिए लगातार प्रयास किए हैं। उन्होंने कहा कि हर मुख्यमंत्री ने इस संबंध में प्रस्ताव भेजा है और मराठी भाषा के देश की संस्कृति में योगदान के प्रमाण दिए हैं। कई बार हमें नकारात्मक प्रतिक्रियाएं भी मिलीं, विशेषकर पिछली सरकार के दौरान। इसके बावजूद, हर संसद सत्र में महाराष्ट्र के सांसदों ने मराठी को अभिजात भाषा का दर्जा देने की मांग की। अंततः कल यह घोषणा हुई कि मराठी भाषा को भी अन्य चार भाषाओं के साथ अभिजात दर्जा मिल गया है। हम इस फैसले का स्वागत करते हैं। उन्होंने कहा कि यह एक लंबी मांग थी, जो अब पूरी हुई है। इसके कारण मराठी भाषा को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी और कई विश्वविद्यालयों में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका होगी। यह भाषा छत्रपति शिवाजी महाराज, संत ज्ञानेश्वर, डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर, बालासाहेब ठाकरे और महात्मा फुले की भाषा है। इस फैसले से इस भाषा की प्रतिष्ठा और सम्मान बढ़ेगा। राउत ने कहा कि बालासाहेब ठाकरे ने एक समय मराठी भाषा को कम आंका जाने के बावजूद उसे प्रतिष्ठा दिलाने का काम किया था। अब जब मराठी भाषा को सरकारी स्तर पर प्रतिष्ठा मिली है, तो मेरा केंद्र सरकार से आग्रह है कि मराठी लोगों का रोजगार जो अन्य राज्यों में चला जाता है, उसे रोका जाए। मराठी भाषा के साथ-साथ मराठी लोगों को उनके अधिकार का रोजगार महाराष्ट्र में मिलना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि इस फैसले में सबका योगदान है, और किसी को भी श्रेय लेने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। कुछ लोग जैसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी श्रेय लेने की कोशिश करेंगे, लेकिन हमें आपकी दया और कृपा की आवश्यकता नहीं है। मराठी भाषा महान है, यह वीरों और संतों की भाषा है।  

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में ही हिमाचल प्रदेश और देश का भविष्य उज्ज्वल : नड्डा

बिलासपुर  केन्द्र में भाजपा की लगातार तीसरी बार सरकार बनने के बाद शुक्रवार काे पहली बार अपने जिला बिलासपुर पहुंचे भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष व केंद्रीय स्वास्थ्य परिवार कल्याण व रसायन मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने कहा कि विकास के मामले में भाजपा नंबर वन है। हिमाचल में कोई विकास का पत्थर है तो उस पर भाजपा का निशान ही मिलेगा। केंद्रीय मंत्री नड्डा ने कहा कि मंडी, हमीरपुर, चंबा, सिरमौर में मेडिकल कॉलेज, मदर और चाइल्ड केयर नूरपुर सुंदरनगर टांडा, सुपर स्पेशलिटी हस्पताल शिमला, कैंसर सेंटर शिमला, पीजीआई ऊना, बिलासपुर एम्स, हाइड्रो इंजीनियर कॉलेज, तीन सीमेंट फैक्ट्री, बल्क ड्रग पार्क, मेडिकल डिवाइस पार्क ये सब भाजपा ने स्थापित किया। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में ही हिमाचल प्रदेश और देश का भविष्य उज्ज्वल है। नड्डा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी जहां भी होती है, वहां जातिवाद, अलगावाद, राष्ट्रीय विरोधी तत्व विराजमान होते हैं। कांग्रेस का काम भाई को भाई, मज़हब को मज़हब से लड़ने का है, तुष्टिकरण, भाई भतीजावाद की राजनीति कांग्रेस पार्टी करती है। कांग्रेस है तो भ्रष्टाचार है, ड्रग का कारोबार बढ़ता है, देश में 5600 करोड़ की ड्रग्स में कांग्रेस का नेता संलिप्त पाया गया है। इससे हरियाणा पंजाब हिमाचल खतरे में है। ड्रग्स का कारोबार तो हिमाचल की धरती पर भी है, कांग्रेस पार्टी जहां भी आएगी वहां ड्रग्स का कारोबार बडेगा। उन्होंने कहा कि अमेरिका, चीन, ऑस्टेलिया, जापान की आर्थिक स्थिति चरमरा रही है। हम 11वीं से 5वीं अर्थव्यवस्था बन गए हैं और आने वाले तीन साल में तीसरे नंबर की अर्थव्यवस्था बनाने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस भारत को अनपढ़ाें का देश कहती थी। इंटरनेट से जनता को दूर रखना चाहती थी। आज आधार जन धन ने कांग्रेस का भ्रष्टाचार का तंत्र समाप्त कर दिया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सुक्खू सरकार ने जो प्रदेश को जो भाजपा ने दिया था वो भी ले लिया। नड्डा ने कहा कि कांग्रेस के नेता सपने दिखा कर वोट लेते थे और चुनाव समाप्त् होते ही सपने भी समाप्त हो जाते थे। नड्डा ने कहा कि हिमाचल में साै फीसदी भ्रष्ट सरकार चल रही है। सुक्खू सरकार की बुद्धि और मति दोनो भ्रष्ट हो चुकी है। इन्होंने तो टायलेट पर भी टैक्स लगा दिया। ऐसी कांग्रेस सरकार को प्रदेश में रहने का हक नहीं। मोदी सरकार ने हिमाचल को 93 हजार आवास योजना में घर दिए, कांग्रेस सरकार कोई भी हिसाब नहीं देती। नड्डा ने मुख्यमंत्री पर निशाना लगाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री सुक्खू की दो भाषाएं हैं। चुनाव में कहते है कि हिमाचल को केंद्र से कुछ नहीं मिला और दिल्ली में सरकार का धन्यवाद कर कहते हैं, सब किस मिल रहा है। नड्डा ने स्पष्ट रूप से कहा कि केंद्र सरकार अगर प्रदेश की मदद न करे तो एक भी दिन प्रदेश सरकार नहीं चलेगी। केंद्र में 500 करोड़ रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट, 800 करोड़ ग्रांट हर महीने देती है अगर यह नहीं आएगा तो कांग्रेस सैलरी पेंशन भी नहीं दे पाएगी। उन्होंने कहा कि सुक्खू पहले मुख्यमंत्री हैं, जिसमे पहली तारीख को सैलरी नहीं दी।  

महाराष्ट्र प्रवास के दौरान प्रधानमंत्री मोदी विकास की विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे

नई दिल्ली प्रधानमंत्री प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शनिवार को महाराष्ट्र का एक दिवसीय दौरा करेंगे और वहां वाशिम, ठाणे और मुंबई में विकास की विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। यह जानकारी प्रधानमंत्री कार्यालय ने शुक्रवार को एक विज्ञप्ति के माध्यम से दी। विज्ञप्ति के अनुसार, श्री मोदी वाशिम में कल लगभग 23,300 करोड़ रुपये की कृषि और पशुपालन क्षेत्र से संबंधित विभिन्न पहलों का शुभारंभ करेंगे। प्रधानमंत्री वहां बंजारा समुदाय की समृद्ध विरासत की झांकी प्रस्तुत करने के लिए , पीएम बंजारा विरासत संग्रहालय का उद्घाटन करेंगे। महाराष्ट्र के इस दौरे में प्रधानमंत्री ठाणे में 32,800 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। प्रधानमंत्री कार्यालय ने कहा है कि इन परियोजनाओं का मुख्य फोकस क्षेत्र में शहरी गतिशीलता को बढ़ावा देना शामिल है। प्रधानमंत्री मुंबई मेट्रो लाइन 3 चरण-1 के आरे जेवीएलआर से बीकेसी को जोड़ने वाले खंड का कल उद्घाटन करेंगे। वह ठाणे इंटीग्रल रिंग मेट्रो रेल परियोजना और एलिवेटेड ईस्टर्न फ्रीवे एक्सटेंशन की आधारशिला भी रखेंगे। प्रधानमंत्री नवी मुंबई हवाईअड्डा प्रभाव अधिसूचित क्षेत्र (एनए आईएनए) परियोजना की आधारशिला भी रखेंगे। प्रधानमंत्री कार्यालय की विज्ञप्ति के अनुसार, श्री मोदी कल पहले वाशिम पहुंच कर पूर्वाह्न करीब 11:15 बजे पोहरादेवी स्थित जगदंबा माता मंदिर में दर्शन करेंगे। वह वाशिम में संत सेवालाल महाराज और संत रामराव महाराज की समाधि पर भी श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। दोपहर करीब 12 बजे श्री मोदी वहां कृषि एवं पशुपालन क्षेत्र से जुड़ी करीब 23,300 करोड़ रुपये की कई पहलों की शुरुआत करेंगे। शाम करीब 4 बजे प्रधानमंत्री ठाणे में 32,800 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। शाम करीब चार बजे प्रधानमंत्री ठाणे में 32,800 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। इसके बाद शाम करीब छह बजे बीकेसी मेट्रो स्टेशन से वह बीकेसी से आरे जेवीएलआर, मुंबई तक चलने वाली मेट्रो ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे। वह बीकेसी और सांताक्रूज स्टेशनों के बीच मेट्रो में यात्रा भी करेंगे।  

भारत में सितंबर में व्हाइट कॉलर नौकरियों में 6 प्रतिशत की वृद्धि, आईटी क्षेत्र में बढ़े अवसर

नई दिल्ली भारत में व्हाइट-कॉलर हायरिंग एक्टिविटी में सितंबर में सालाना आधार पर 6 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि देखी गई। इस तेजी की वजह आईटी और एफएमसीजी क्षेत्र में क्रमश: 18 प्रतिशत और 23 प्रतिशत नौकरियों का बढ़ना रहा। यह जानकारी शुक्रवार को आई एक रिपोर्ट में दी गई। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और मशीन लर्निंग (एमएल) से जुड़ी नौकरियों में भी 31 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है, जो कि टेक टैलेंट की बढ़ती मांग को दर्शाता है। नौकरी जॉबस्पीक इंडेक्स के अनुसार, भारत का लीडिंग व्हाइट-कॉलर हायरिंग एक्टिविटी इंडीकेटर सितंबर में 2,727 अंक तक पहुंच गया। टेक के साथ तेल और गैस जैसे क्षेत्रों को लेकर मजबूत वृद्धि देखी गई। वहीं, दिलचस्प बात यह रही कि गैर-पारंपरिक आईटी हब में भी वृद्धि दर्ज हुई है। जयपुर में आईटी नौकरियों में सालाना आधार पर 47 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि कोलकाता में 32 प्रतिशत की वृद्धि हुई। इस क्षेत्र में 16 वर्ष से अधिक अनुभव वाले पेशेवरों की भर्ती में सालाना आधार पर 35 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई। यूनिकॉर्न और विदेशी बहुराष्ट्रीय कंपनियां इस वृद्धि का नेतृत्व कर रही थी, जिनकी वृद्धि क्रमशः 16 प्रतिशत और 14 प्रतिशत थी। एफएमसीजी क्षेत्र में, मुंबई और बेंगलुरु प्रमुख ड्राइवर के रूप में उभरे। इन शहरों में एफएमसीजी भूमिकाओं में क्रमशः 49 प्रतिशत और 43 प्रतिशत की वृद्धि हुई। रिपोर्ट में कहा गया है कि 16 वर्ष से अधिक अनुभव वाले एफएमसीजी पेशेवरों की नियुक्ति में 70 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि हुई, जो इस क्षेत्र में वरिष्ठ प्रतिभाओं की मजबूत मांग को दर्शाता है। वैश्विक क्षमता केंद्रों (जीसीसी) ने नियुक्तियों में सालाना आधार पर 12 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। नौकरी के मुख्य व्यवसाय अधिकारी डॉ. पवन गोयल ने कहा, “हायरिंग एक्टिविटी में 6 प्रतिशत की समग्र वृद्धि उत्साहजनक है, लेकिन सबसे अधिक उत्साहजनक बात यह है कि भर्ती में धीमेपन के बाद हम तकनीकी क्षेत्र में मजबूत सुधार देख रहे हैं।”

जाकिर नाइक का पाकिस्तान में जमकर हुआ भव्य स्वागत, अब सरकार की हो रही जमकर फजीहत

इस्लामाबाद विवादित इस्लामी उपदेशक जाकिर नाइक के स्वागत का विरोध अब पाकिस्तान में भी होने लगा है। हेट स्पीच और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आरोपी जाकिर नाइक का पाकिस्तान में रेड कॉर्पेट पर स्वागत किया गया है। वहीं अब लोगों का कहना है कि पाकिस्तानी सरकार राजनीतिक और आर्थिक हालातों से लोगों का ध्यान हटाने के लिए इस तरह के लोगों का कार्यक्रम करवा रही है और उनका भव्य स्वागत कर रही है। 58 साल के जाकिर नाइक तीन दशक में पहली बार पाकिस्तान पहुंचा था। उसे पाकिस्तानी सरकार ने आमंत्रण दिया था। वह शहबाज शरीफ से भी मिला। इस्लामाबाद के अलावा भी कई शहरों में उसके कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। जाकिर नाइक ने सफाई देते हुए कहा कि उसने भारत में किसी कानून का उल्लंघन नहीं किया है। लेकिन इस्लाम के दुश्मनों ने उसको निशाने पर लिया। शहबाज शरीफ ने उसे ऐसे समय में बुलाया है जब कि उनकी सरकार पर विपक्ष को स्थान ना देने और लोकतंत्र को तार-तार करने के आरोप लग रहे हैं। शहबाज शरीफ सरकार के आलोचक नजरुल इस्लाम ने कहा कि जब सरकार को पता है कि अक्टूबर का महीना उसके लिए काफी कठिन होने वाला है तब उसने जाकिर नाइक को बुला लिया है।बता दें कि भारत में वह धार्मिक वैमनस्यता फैलाना का आरोपी है। अपने भाषणों में वह इस्लाम से इतर अन्य धर्मों के बारे में जहर उगलता था। पाकिस्तान में भी कई संगठनों ने कहा है कि जाकिर नाइक वहां विष घोलने का काम कर रहा है। पहले से ही कट्टरवाद से ग्रसित पाकिस्तान में वह और भी नफरत फैलाना चाह रहा है। न्यूक्लियर फिजिसिस्ट पवरवेज हूदभॉय ने कहा, कई देशों में जाकिर नाइक को बैन किया गया है। वहीं पाकिस्तान में इस तरह उसका स्वागत होना शर्म की बात है। पाकिस्तान स्वीट होम फाउंडेशन के एक कार्यक्रम में जाकिर नाइक लड़कियों को बेटियां कहने पर इतना भड़क गया कि वह मंच छोड़कर ही चला गया। यहां अनाथ लड़कियों को पुरस्कार देने के लिए उसे बुलाया गया था। पाकिस्तानी मीडिया के मुताबिक एंकर ने लड़कियो को बेटियां कहा तो जाकिर नाइक ने आपत्ति जताते हुए कहा कि आप उन्हें छू नहीं सकते तो बेटियां भी नहीं कह सकते। जाकिर नाइक का कहना है कि लड़कियां गैर महरम होती हैं। इसका मतलब वह अनजान हैं। उनसे शादी की जा सकती है। भारत में जांच एजेंसियों के शिकंजा कसने के बाद वह मलेशिया भाग गया था। 2016 से वह मलेशिया में ही रह रहा था।

सुबह जब हर कोई दुर्गा पूजा में व्यस्त था तो बहुत से जिहादियों और गुंडों ने मेरे घर पर हमला किया: भाजपा नेता

कोलकाता पश्चिम बंगाल के भाजपा नेता अर्जुन सिंह के घर पर बम फेंके गए हैं और गोलियां चलाई गई हैं। भाजपा नेता ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि सुबह 8:30 बजे यह हमला हुआ है। अर्जुन सिंह उत्तर 24 परगना के रहने वाले हैं और वहीं पर उनके घर में ही बने दफ्तर पर यह अटैक किया गया है। सिंह ने दावा किया कि बम के चलते उन्हें मामूली जख्म भी आया है। अर्जुन सिंह ने इस संबंध में एक वीडियो भी एक्स पर डाला है। उन्होंने इस वीडियो के साथ कैप्शन में लिखा, ‘आज सुबह जब हर कोई दुर्गा पूजा में व्यस्त था तो बहुत से जिहादियों और गुंडों ने मेरे घर पर हमला कर दिया। यह हमला एनआईए के मामलों में आरोपी नमित सिंह के नेतृत्व में किया गया।’ उन्होंने कहा कि इस हमले में टीएमसी के स्थानीय पार्षद का बेटा भी शामिल है। इनकी ओर से मेरे घर और दफ्तर पर हमला किया गया है। यही नहीं उन्होंने पुलिस पर भी आरोप लगाया कि हमले के दौरान उसने कोई ऐक्शन नहीं लिया और मूकदर्शक बनी रही। उन्होंने कहा कि इन लोगों ने मेरे घर पर 15 बम फेंके और करीब एक दर्जन बार फायरिंग भी की गई। अर्जुन सिंह की ओर से शेयर किया गया वीडियो वायरल हो रहा है, लेकिन इसकी स्वतंत्र तौर पर पुष्टि नहीं की जा सकी है। कई प्रत्यक्षदर्शियों ने भी बताया कि इतनी बड़ी संख्या में बम फेंके गए कि मौके पर अंधेरा सा छा गया। अर्जुन सिंह का घर उत्तर 24 परगना के जगतदाल पुलिस थाने के अंतर्गत आता है। इस घटना पर थाने के एक अधिकारी ने कहा कि अब तक किसी के घायल होने की जानकारी नहीं है। मौके पर पुलिस फोर्स को जांच के लिए भेजा गया है। इसके अलावा व्यवस्था को संभालने के लिए अतिरिक्त बलों की भी तैनाती की गई है। अर्जुन सिंह पहले टीएमसी में भी रह चुके हैं। वह टीएमसी के पार्थ भौमिक के मुकाबले लोकसभा चुनाव में हार गए थे। वहीं टीएमसी के स्थानीय विधायक सोमनाथ श्याम ने अर्जुन सिंह के आरोपों को गलत बताया है। उन्होंने कहा कि सिंह ने खुद ही 4 राउंड फायरिंग कराई थी।

बांग्लादेश में हिंदुओं को धमकी अगर दुर्गा पूजा मनाई तो खैर नहीं… रद्द किए जा रहे आयोजन

ढाका बांग्लादेश में तख्तापलट के बाद वहां रहने वाले हिंदुओं को काफी उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा है। दुर्गा पूजा के दौरान भी यह थमने का नाम नहीं ले रहा है। इसकी गूंज अमेरिका तक में सुनाई देने लगी है। हालांकि, बांग्लादेश की सरकार ने दुर्गा पूजा से पहले अतिरिक्त सुरक्षा उपाय करने का फैसला किया है। लेकिन इस बात पर अभी भी संदेह है कि सुरक्षा संबंधी चिंताओं के बावजूद बंगाली भाषी हिंदू समुदाय इस साल अपना सबसे बड़ा त्योहार मना पाएगा या नहीं। हिंदू समुदाय के नेताओं ने अपनी चिंताएं व्यक्त की हैं। कुछ बंगाली हिंदू इस साल नवरात्रि उत्सव रद्द करने पर विचार कर रहे हैं। दुर्गा पूजा के खिलाफ सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो भी डाले जा रहे हैं। हालांकि उन वीडियो की अभी तक पुष्टि नहीं की जा सकी है। खुलना के डाकोप में कई मंदिरों को कथित तौर पर गुमनाम पत्र मिले, जिसमें धमकी दी गई है। उन्हें कहा गया है कि जब तक प्रत्येक मंदिरों से 5 लाख टका रंगदारी के तौर पर नहीं मिल जाते हैं, तब तक उन्हें दुर्गा पूजा मनाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। बांग्लादेशी अखबार डेली स्टार ने डाकोप के कमरखोला सर्वजनिन दुर्गा पूजा उत्सव समिति के अध्यक्ष शेखर चंद्र गोल्डर के हवाले से कहा, “हमारे सदस्य अब इसमें रुचि नहीं रखते हैं। इस साल हमें पूजा रोकनी होगी।” विभिन्न पूजा उत्सव समितियों के नेताओं को दिए गए पत्रों में यह भी कहा गया है कि अनुपालन न करने पर गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। शुक्रवार को चार मंदिरों के प्रतिनिधियों ने डाकोप पुलिस स्टेशन में एक मामला दर्ज कराया। डेली स्टार ने प्रभारी अधिकारी सिराजुल इस्लाम के हवाले से कहा, “हम मामले की जांच कर रहे हैं। हम सेना की टीम के साथ नियमित रूप से गश्त कर रहे हैं।”

मणिपुर-नागालैंड सीमा क्षेत्र में भूकंप के झटके महसूस किए गए, भूकंप की तीव्रता 3.6 मापी

इंफाल मणिपुर-नागालैंड सीमा क्षेत्र में शुक्रवार को भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। अधिकारियों ने बताया कि रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 3.6 मापी गई है। मणिपुर आपदा प्रबंधन अधिकारी ने बताया कि भूकंप के झटके राज्य के उत्तरी उखरुल जिले और उससे सटे नगालैंड में भी महसूस किए हैं। यह पहाड़ी जिला म्यांमार की सीमा से भी सटा हुआ है। अधिकारियों ने बताया कि भूकंप से किसी प्रकार के जानमाल के नुकसान की कोई खबर सामने नहीं आई है। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (एनसीएस) के अनुसार, भूकंप सतह से 30 किमी की गहराई पर आया। पहाड़ी पूर्वोत्तर क्षेत्र में कम से कम एक राज्य में हर हफ्ते भूकंप आता है, जिसमें ज्यादातर भूकंप की तीव्रता 3 से 4 होती है। पहाड़ी पूर्वोत्तर राज्यों, विशेषकर असम, मिजोरम और मणिपुर में लगातार आए हल्के से मध्यम भूकंपों ने अधिकारियों को चिंतित कर दिया है। भूकंप के कारण बिल्डरों को भूकंपरोधी संरचनाएं बनाने के लिए बाध्य होना पड़ रहा है। भूकंपविज्ञानी पहाड़ी पूर्वोत्तर क्षेत्र को दुनिया का छठा सबसे अधिक भूकंप-जनित खतरे वाला क्षेत्र मानते हैं। 1950 में आए 8.7 तीव्रता वाले भूकंप ने ब्रह्मपुत्र नदी के प्रवाह को बदल दिया था, जो उत्तर-पूर्व के प्रमुख व्यावसायिक केंद्र गुवाहाटी शहर से होकर गुजरती है। बता दें कि उखरुल में हाल ही में दो नागा गांवों के निवासियों के बीच सीमा विवाद को लेकर झड़प हो गई थी, जिसमें चार लोग मारे गए थे और 24 से ज्यादा लोग घायल हुए थे।

विदेश मंत्री एस जयशंकर जाएंगे पाकिस्तान, जानें आखिर क्यों जा रहे पड़ोसी देश

नईदिल्ली  पाकिस्तान में होने वाली एससीओ समिट में भारत की ओर से हिस्सा लेने विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर जाएंगे. वहां की राजधानी इस्लामाबाद में यह बैठक 15-16 अक्टूबर, 2024 को होगी, जिसमें एस जयशंकर ही इंडिया का प्रतिनिधित्व करेंगे. इस बात की जानकारी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शुक्रवार (04 अक्टूबर) को दी. विदेश मंत्री डॉ. जयशंकर फिलहाल श्रीलंका  के दौरे पर हैं, वहां पर उन्होंने श्रीलंका के राष्ट्रपति और विदेश मंत्री से मुलाकात की है. एबीपी न्यूज़ के सवाल क्या ये दौरा पाकिस्तान से रिश्ते सुधारने के तौर पर देखा जाए? इस पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि विदेश मंत्री का इस्लामाबाद जाना SCO को लेकर है. इससे ज़्यादा इस बारे में ना सोचा जाए. पड़ोसी पहले की नीति पर हो रहा काम विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि इन दिनों पड़ोसी प्रथम की नीति पर काम हो रहा है और इसी नीति पर हम आगे बढ़ रहे हैं. मालदीव के राष्ट्रपति 7 अक्टूबर से भारत दौरे पर आ रहे हैं. वो दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु का भी दौरा करेंगे. यह उनकी पहली द्विपक्षीय यात्रा होगी. इजरायल-ईरान संघर्ष पर क्या है भारत का रुख? एबीपी न्यूज़ के सवाल पर कि क्या भारत तनाव को कम करना का प्रयास करेगा? इस पर रणधीर जायसवाल ने कहा कि ईरान-इजरायल तनाव में सभी पक्ष संयम से काम लें. इस हालात में आम लोगों की सुरक्षा आवश्यक है. सभी मामलों को बातचीत से सुलझाया जाए. क्या है SCO का महत्व? शंघाई सहयोग संगठन के शिखर सम्मेलन से पहले मंत्रिस्तरीय वार्ता और वरिष्ठ अधिकारियों की कई दौर की बैठकें होंगी। इसमें सदस्य देशों के बीच वित्तीय, आर्थिक, सामाजिक-सांस्कृतिक और मानवीय सहयोग पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। आपको बता दें कि SCO भारत, चीन, रूस, पाकिस्तान, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान और उजबेकिस्तान का एक प्रभावशाली आर्थिक व सुरक्षा समूह है। पाकिस्तान के विदेश कार्यालय की प्रवक्ता मुमताज ज़हरा बलूच ने कहा था कि 15-16 अक्टूबर को होने वाली बैठक में भाग लेने के लिए सदस्य देशों के प्रमुखों को निमंत्रण भेजा गया है. इसी के तहत भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी निमंत्रण भेजा गया है. उन्होंने कहा कि कुछ देशों ने पहले ही बैठक में भागीदारी की पुष्टि कर दी है, जिसके बारे में उचित समय पर जानकारी दी जाएगी. वरिष्ठ अधिकारियों के बीच होंगी कई दौर की बैठकें बता दें कि इस्लामाबाद में होने वाले इस समिट से पहले मंत्रिस्तरीय बैठक और वरिष्ठ अधिकारियों की कई दौर की बैठकें होंगी जो SCO सदस्य देशों के बीच वित्तीय, आर्थिक, सामाजिक-सांस्कृतिक और मानवीय सहयोग पर केंद्रित होंगी. SCO में भारत, चीन, रूस, पाकिस्तान, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान शामिल हैं, भारत ने पिछले साल की थी मेजबानी भारत ने पिछले साल वर्चुअल मोड में आयोजित SCO शिखर सम्मेलन की मेजबानी की थी और इसमें पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने ऑनलाइन हिस्सा लिया था. हालांकि पाकिस्तान के तत्कालीन विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी गोवा में SCO विदेश मंत्रियों की परिषद की 2 दिवसीय बैठक में भाग लेने के लिए मई 2023 में भारत आए थे, जो लगभग 12 वर्षों में भारत का दौरा करने वाले पहले पाकिस्तानी विदेश मंत्री थे. भारत और पाकिस्तान के बीच तनावपूर्ण संबंधों का एक लंबा इतिहास रहा है, जिसका मुख्य कारण कश्मीर मुद्दा और पाकिस्तान से होने वाला सीमा पार आतंकवाद है. भारत ये कहता रहा है कि वह पाकिस्तान के साथ सामान्य पड़ोसी संबंध चाहता है.

नाडा में बेरोजगारी ले रही विकराल रूप,वेटर की जॉब के लिए भी मारामारी, भारतीयों पर भी स्थिति का असर

ओटावा  कनाडा में बढ़ती बेरोजगारी और घरों के संकट पर एक बार फिर बहस तेज हो गई है। कनाडा के ब्रैम्पटन से वेटर की जॉब के लिए लगी का वीडियो सामने आने के बाद ये बहस हो रही है। वेटर बनने के लिए हजारों की संख्या में छात्र इंटरव्यू के लिए पहुंचे हैं, जिनमें ज्यादातर भारतीय हैं। इसने उन हजारों भारतीयों की चिंता को बढ़ा दिया है, जो किसी भी तरह से कनाडा जाने का सपना देखते हैं। वेटर के लिए हजारों लोगों का पहुंचना बताता है कि कनाडा में अच्छी स्थिति नहीं बची है। रमनदीप सिंह मान ने एक्स पर कनाडा में वेटर की जॉब के लिए लाइन में लगे भारतीय छात्रों का ये वीडियो शेयर किया है। वीडियो शेयर करते हुए उन्होंने लिखा, ‘ब्रैम्पटन में एक रेस्तरां ने वेटर की कुछ जॉब के लिए विज्ञापन निकाला। इसके बाद करीब 3000 छात्र इंटरव्यू के लिए आए। नौकरी के लिए आए इन छात्रों में ज्यादातर भारतीय हैं।’ कनाडा जाने से पहले सोचें छात्र रमनदीप सिंह ने आगे कहा कि कनाडा में रोजगार की स्थिति खराब होने के साथ-साथ घरों की कमी ने जीवनयापन की लागत को काफी ज्यादा बढ़ा दिया है। इसने वहां के लोगों, खासतौर से विदेशियों के जीवन को मुश्किल बनाकर रख दिया है। ऐसे में सुनहरे सपनों लेकर कनाडा जाने वाले छात्रों को इस पर फिर से सोचने की जरूरत है। कनाडा में कुछ महीने के भीतर इस तरह कई मामले सामने आ गए हैं। इसी साल जून में एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। वीडियो में टोरंटो में टिम हॉर्टन्स आउटलेट के बाहर नौकरी के लिए छात्रों की लंबी कतार देखी गई थी। इन छात्रों में भी ज्यादातर संख्या भारतीयों की थी, जो इस फास्ट फूड चेन में एक छोटी नौकरी की तलाश में थे। कनाडा रहा है भारतीयों का फेवरेट कनाडा काफी समय से भारतीयों का पसंदीदा स्थान रहा है। छात्र वीजा से वर्क परमिट, स्थायी निवास और फिर नागरिकता मिल जाने से कनाडा में बसना भी आसान रहा है। ये चीजें कनाडा को एक सपनों का देश बनाती थीं, जहां जाकर अच्छा जीवन जिया जा सके। ऐसे में बड़ी तादाद में भारतीय युवा बीते वर्षों में कनाडा गए हैं। कनाडा इस समय प्रॉपर्टी की ऊंची कीमतें, नौकरियों की कमी और बढ़ते अपराध की वजह से खूबसूरत ख्वाब की जगह एक दुःस्वप्न में बदल रहा हैं। कनाडा में सबसे बड़ी परेशानी जो लोगों के सामने आ रही है, वह नौकरियों का संकट है।फिलहाल कनाडा में काम पाने के लिए लोगों को काफी ज्यादा संघर्ष करना पड़ रहा है।

इजरायल ने हिजबुल्लाह के मिसाइल प्रोजेक्ट चीफ महमूद यूसुफ अनीसी को बनाया निशाना

तेल अवीव इजरायल का लेबनान में हिज्बुल्लाह के खिलाफ हवाई और जमीनी कार्रवाई जारी है. इजरायली रक्षा बलों ने हिज्बुल्लाह की मिसाइल प्रोडक्शन यूनिट के चीफ एक्सपर्ट महमूद यूसुफ अनीसी को मार गिराने का दावा किया है. इजरायली सेना ने इंटेलिजेंस इनपुट के आधार पर बेरूत में यह ऑपरेशन चलाया था. आईडीएफ के मुताबिक महमूद यूसुफ अनीसी के पास मैकेनिकल इंजीनियरिंग के क्षेत्र में व्यापक अनुभव था. वह हिज्बुल्लाह के वेपन प्रोडक्शन चेन में एक महत्वपूर्ण व्यक्ति था. इजरायली सेना ने एक बयान में कहा, ‘महमूद यूसुफ अनीसी ने 15 वर्षों से अधिक समय तक हिज्जबुल्लाह के लिए रणनीतिक हथियारों के विकास पर सक्रिय रूप से काम किया. वह टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में हिज्जबुल्लाह के प्रमुख विशेषज्ञों में से एक बन गया और अपने अनुभव का इस्तेमाल आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए हथियार निर्माण में करने लगा.’ इस बीच खबर है कि इजरायल ने हसन नसरल्लाह का उत्तराधिकारी माने जा रहे हाशिम सफीद्दीन को भी निशाना बनाया है. न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने सूत्रों के हवाले से बताया कि इजरायल ने बेरूत में एक हवाई हमले में हिज्बुल्लाह के वरिष्ठ अधिकारी हाशिम सफीद्दीन  को निशाना बनाया, जिसे ईरान समर्थित मिलिशिया समूह का अगला चीफ माना जा रहा है. हालांकि, आईडीएफ या हिज्बुल्लाह की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है.  रिपोर्ट के मुताबिक संभवतः सफीद्दीन एक बंकर में हिज्बुल्लाह के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर रहा था, तभी गुरुवार आधी रात को इजरायल ने बेरूत पर भीषण हवाई हमले किए. इजरायल द्वारा नसरल्लाह को मारने के बाद से यह क्षेत्र में सबसे भारी बमबारी में से एक थी. समाचार आउटलेट एक्सियोस ने लेबनानी मीडिया के हवाले से कहा, ताजा इजरायली हमला नसरल्लाह की हत्या से कहीं बड़ा था. हताहतों की संख्या अभी तक ज्ञात नहीं है. हाशिम सफीद्दीन हिज्बुल्लाह के राजनीतिक मामलों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है और समूह की जिहाद परिषद का सदस्य है. जिहाद परिषद ही हिज्बुल्लाह के सैन्य अभियानों का प्रबंधन करता है. अमेरिका ने सफीद्दीन को 2017 में आतंकवादी घोषित किया था. हसन नसरल्लाह के ममेरे भाई हाशिम सफीद्दीन को आमतौर पर हिज्बुल्लाह में ‘नंबर दो’ माना जाता है, और उसके ईरानी शासन के साथ भी घनिष्ठ संबंध हैं.  

SC ने किया नई SIT का गठन, CBI और FSSAI के अधिकारी भी होंगे शामिल

नई दिल्ली  सुप्रीम कोर्ट ने तिरुपति लड्डू बनाने में जानवरों की चर्बी के इस्तेमाल के आरोपों की जांच के लिए शुक्रवार को एक स्वतंत्र विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह करोड़ों लोगों की आस्था का सवाल है। कोर्ट ने इस पूरे मामले की जांच के पांच सदस्यीय एसआईटी गठित करने का आदेश दिया जिसमें सीबीआई, पुलिस और FSSAI के अधिकारी शामिल होंगे। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने तिरुपति लड्डू विवाद पर सुप्रीम कोर्ट से कहा कि यदि आरोपों में थोड़ी भी सच्चाई है तो यह अस्वीकार्य है। तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट को सुझाव दिया कि एसआईटी जांच की निगरानी केंद्र सरकार के किसी वरिष्ठ अधिकारी द्वारा की जाए। 30 सितंबर को इस मामले की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने मेहता से यह तय करने में सहायता करने को कहा था कि राज्य द्वारा नियुक्त एसआईटी द्वारा जांच जारी रहनी चाहिए या किसी स्वतंत्र एजेंसी द्वारा जांच की जानी चाहिए। तिरुपति मंदिर में प्रसाद के लड्डू बनाने में जानवरों की चर्बी के कथित इस्तेमाल के मामले में सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच के अनुरोध वाली याचिका समेत अन्य दूसरी याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला सामने आया। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हम अदालत को राजनीतिक युद्धक्षेत्र के रूप में इस्तेमाल नहीं होने देंगे। पिछले महीने की शुरुआत में आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने दावा किया था कि राज्य में पिछली जगन मोहन रेड्डी के नेतृत्व वाली सरकार के दौरान तिरुपति में लड्डू तैयार करने में पशु चर्बी का उपयोग किया गया था, जिससे एक बड़ा राजनीतिक विवाद पैदा हो गया था। सुप्रीम कोर्ट ने पिछली सुनवाई के दौरान आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू के सार्वजनिक बयान पर सवाल उठाया था। सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि लैब रिपोर्ट बिल्कुल स्पष्ट नहीं है। कोर्ट ने पूछा कि इस बात का क्या सबूत है कि तिरुपति मंदिर में लड्डू बनाने में दूषित घी का इस्तेमाल किया गया था। अदालत को राजनीतिक लड़ाई का अखाड़ा नहीं बना सकते कोर्ट ने कहा कि हम अदालत को राजनीतिक लड़ाई के अखाड़े में तब्दील होने की इजाजत नहीं दे सकते. नई SIT में CBI के दो अधिकारी, आंध्र प्रदेश सरकार के दो प्रतिनिधि और FSSAI का एक सदस्य शामिल है. SIT जांच की निगरानी CBI डायरेक्टर करेंगे. इसके साथ ही स्पष्ट हो गया है कि तिरुपति बालाजी का प्रसाद बनाने में प्रयोग होने वाले घी में मिलावट के आरोपों की जांच राज्य सरकार की SIT नहीं करेगी. जस्टिस बी आर गवई और जस्टिस के वी विश्वनाथन की पीठ के समक्ष सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि SIT की क्षमता को लेकर उन्हें कोई संदेह नहीं है. हम चाहते हैं कि सेंट्रल पुलिस फोर्स के किसी सीनियर अधिकारी को जांच की निगरानी सौंप दी जाए. मैंने मुद्दे की जांच की. इसमें एक बात स्पष्ट है कि यदि इस आरोप में सच्चाई का कोई अंश है तो यह अस्वीकार्य है. देशभर में भक्त हैं. खाद्य सुरक्षा भी जरूरी है. मुझे एसआईटी के सदस्य जो जांच कर रहे है उन पर कोई आपत्ति नही है. वहीं, इससे पहले आंध्र प्रदेश सरकार के वकील ने कहा कि अगर SIT में किसी अधिकारी को कोर्ट जोड़ना चाहता है तो हमे कोई दिक्कत नहीं है. याचिकाकर्ता की ओर से कपिल सिब्बल ने कोर्ट से कहा कि कल फिर इसको लेकर बयान जारी किया गया. सिब्बल ने मांग की कि कोर्ट इस मामले की जांच का जिम्मा SIT के बजाए किसी स्वतंत्र जाँच एजेंसी को सौप दे. इस पर कोर्ट ने कहा कि ये करोड़ों लोगों की आस्था का मामला है. हम नहीं चाहते कि ये सियासी ड्रामा बन जाए. कोर्ट ने सुझाव दिया कि पांच लोगों की SIT बनाई जा सकती है, जिसमें सीबीआई के दो अधिकारी और FSSAI का एक सदस्य शामिल हो. यानी इस मामले की जांच के लिए स्वतंत्र जांच एजेंसी हो, जिसमें सीबीआई के दो आधिकारी, राज्य सरकार के दो अधिकारी और एक अधिकारी FSSAI से होगा.

सुक्खू सरकार की ‘टॉयलेट एक प्रेम कथा’, जिस पर हो-हल्ला होने के बाद अब देना पड़ेगा TAX

शिमला हिमाचल प्रदेश की सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार अब राज्य में टॉयलेट सीट टैक्स वसूल करने की तैयारी में है। लोगों पर अब उनके घरों में मौजूद टॉयलेट सीट्स की संख्या के आधार पर टैक्स चुकाना होगा। दरअसल, वित्तीय संकट से जूझ रही राज्य सरकार ने हाल ही में इस संबंध में अधिसूचना जारी की है। सीवरेज और पानी के बिल से जुड़ी सरकारी अधिसूचना में कहा गया है कि शहरी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को अपने घर में बने टॉयलेट की हर एक सीट के लिए 25 रुपये का शुल्क देना होगा। सीवरेज बिल के साथ यह अतिरिक्त शुल्क जल शक्ति विभाग के खाते में ट्रांसफर किया जाएगा। सरकारी अधिसूचना में कहा गया है कि सीवरेज बिल पानी के बिल का 30 प्रतिशत होगा। नोटिफिकेशन के अनुसार, जो लोग अपने सोर्स से पानी का उपयोग करते हैं और केवल सरकारी विभाग से सीवरेज कनेक्शन का उपयोग करते हैं, उन्हें हर महीने प्रति टॉयलेट सीट 25 रुपये का शुल्क देना होगा। विभाग ने इसे लेकर आदेश सभी मंडल अधिकारियों को जारी कर दिए हैं। इससे पहले पहाड़ी राज्य में पानी के बिल जारी नहीं किए जाते थे। बीजेपी सरकार ने घोषणा की थी कि अगर वह सत्ता में आई तो मुफ्त पानी दिया जाएगा। लेकिन हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार ने अब हर कनेक्शन पर 100 रुपये महीने पानी का बिल जारी करने का आदेश दिया है। इसकी शुरुआत अक्टूबर से हो गई है। शहरी क्षेत्रों में रहने वालों को इन नए सरकारी शुल्कों का खामियाजा भुगतना पड़ सकता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि आमतौर पर लोग अपने घरों में कई टॉयलेट बनवाते हैं और अब प्रत्येक टॉयलेट सीट पर शुल्क लगाया जाएगा। हिमाचल प्रदेश में कुल 5 नगर निगम, 29 नगर पालिकाएं और 17 नगर पंचायतें हैं, जिनमें कुल मिलाकर लगभग 10 लाख लोग रहते हैं। सरकार के नए आदेश से राज्य की एक बड़ी आबादी पर असर पड़ने की उम्मीद है। टॉयलेट टैक्स को लेकर बीजेपी नेता शहजाद पूनावाला ने कांग्रेस पर हमला बोला है। उन्होंने कहा, ‘जहां भी कांग्रेस आई, वहां महंगाई लाई, बर्बादी लाई। अब हिमाचल प्रदेश में, अपने वादों से राज्य को दिवालिया बनाने के बाद, हम देख रहे हैं कि कैसे लोगों पर लगातार टैक्स लगाया जा रहा है। यहां तक ​​कि कांग्रेस पार्टी ने टॉयलेट को भी नहीं बख्शा। कांग्रेस पार्टी बहुत सारे वादे करती है, लेकिन वे कभी उन्हें पूरा नहीं करते। वे बस राज्यों को दिवालिया बनाते हैं और इस तरह के टैक्स लगाते हैं।’ कई मीडिया आउटलेट्स ने ऐसी खबरें प्रकाशित की थीं कि सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली हिमाचल प्रदेश सरकार ने पहाड़ी राज्य में टॉयलेट सीट टैक्स लगाने का फैसला किया है. इस नई नीति के तहत हिमाचल प्रदेश के लोगों से उनके घरों में टॉयलेट सीटों की संख्या के आधार पर हर महीने 25 रुपये सीवरेज टैक्स लिया जाएगा. हालांकि, सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार ने इन खबरों का खंडन किया है. यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि हिमाचल प्रदेश वर्तमान में वित्तीय संकट का सामना कर रहा है. पिछले महीने राज्य कर्मचारियों का वेतन और पेंशनर्स की पेंशन समय पर नहीं ​जारी किया जा सकता था और इसमें 5 दिन की देरी हुई थी. अगस्त में सीएम सुक्खू ने ऐलान किया था कि वह और राज्य के मुख्य संसदीय सचिव अगले दो महीने तक अपना वेतन और भत्ते नहीं लेंगे.  उन्होंने विधानसभा के अन्य सदस्यों से भी अपील की थी कि वे स्वेच्छा से अपना वेतन और भत्ते छोड़कर इस आर्थिक संकट से निपटने में राज्य की मदद करें.

इजरायली हमले में हिजबुल्लाह के टॉप कमांडर हाशेम सफीदीन को निशाना बनाया

बेरूत हिजबुल्लाह के खतरनाक कमांडर नसरल्लाह को मारने के बाद भी इजरायल चैन से नहीं बैठा है। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि बेरूत में हुए ताजा इजरायली हमले में हिजबुल्लाह के टॉप कमांडर हाशेम सफीदीन को निशाना बनाया गया। नसरल्लाह की मौत के बाद कहा है जा रहा है कि हाशेम को ही हिजबुल्लाह की कमान मिलने वाला है। हालांकि, इजरायली रक्षा बलों (आईडीएफ) या हिजबुल्लाह की ओर से अभी तक इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। न्यू यॉर्क टाइम्स के अनुसार आधी रात को इजरायल ने बेरूत पर लगातार कई हवाई हमले किए। इस बात की संभावना है कि उस समय सफीदीन एक भूमिगत बंकर में वरिष्ठ हिजबुल्लाह अधिकारियों के साथ बैठक में शामिल था। इजरायल द्वारा नसरल्लाह को मारे जाने के बाद से इस क्षेत्र में यह सबसे भारी बमबारी थी। समाचार आउटलेट एक्सियोस के अनुसार, इजरायली हमला नसरल्लाह को मारने वाले हमले से कहीं अधिक बड़ा था। इसमें कितने लोगों की जान गई है इसका अभी पता नहीं चल सका है। आपको बता दें कि 2017 में हाशेम सफीदीन को संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा आतंकवादी घोषित किया गया था। वह हिजबुल्लाह के राजनीतिक मामलों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। वह समूह की जिहाद परिषद का भी सदस्य है। नसरल्लाह के चचेरे भाई सफीदीन को आम तौर पर हिजबुल्लाह में ‘नंबर दो’ माना जाता था और ईरानी शासन के साथ भी उसके घनिष्ठ संबंध हैं। नसरल्लाह ने हिजबुल्लाह की परिषदों में सफीदीन को कई प्रभावशाली पदों पर नियुक्त किया था। सफीदीन कई मौकों पर समूह का प्रवक्ता भी रह चुका है। अमेरिकी विदेश विभाग ने 2017 में और सऊदी अरब ने भी उसे आतंकवादी घोषित किया है। इज़राइल ने यह भी दावा किया है कि उसने हाल ही में बेरूत में हिजबुल्लाह की खुफिया शाखा को निशाना बनाकर किए गए हवाई हमले में हिजबुल्लाह के एक और अधिकारी मोहम्मद अनीसी को मार गिराया है।

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