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पंजाब के लुधियाना में शिवसेना नेता पर तीन निहंगों ने सिविल अस्पताल के बाहर उनपर तलवार से कई वार किए

लुधियाना पंजाब के लुधियाना में शिवसेना टकसाली नेता संदीप थापर उर्फ गोरा पर निहंगों ने जानलेवा हमला कर दिया। जानकारी के मुताबिक तीन निहंगों ने सिविल अस्पताल के बाहर उनपर तलवार से कई वार किए और इसके बाद वे फरार हो गए। उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। जानकारी के मुताबिक संदीप थापर शुक्रवार की सुबह संवेदना ट्रस्ट के एक कार्यक्रम में शामलि होने के लिए अस्पताल गए थे। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में देखा जा सकता है कि स्कूटी से तीन लोग पहुंचते हैं। इसके बाद व्यस्त सड़क पर ही एक आरोपी तलवार से संदीप थापर पर हमला करने लगता है। वह नीचे गिर जाते हैं। इसके बाद वह चार से पांच बार वार करता है। दूर से लोग चिल्लाते हैं को इन्हें छोड़ दो। कुछ ही सेकंड में वे स्कूटी पर बैठकर भाग जाते हैं। घटना के वक्त आसपास काफी संख्या में लोग मौजूद थे। हालांकि आरोपियों के हाथ में धारदार हथियार देखकर किसी के पास जाने की हिम्मत नहीं हुई। आरोपियों ने संदीप थापर को लहूलुहान कर दिया। वहीं उनके सिर पर गंभीर चोट आई है। तुरंत लोग उन्हें लेकर सिविल अस्पताल पहुंचे। उनकी हालत को देखते हुए डीएमसी अस्पताल रेफर कर दिया गया है। खालिस्तान के खिलाफ खूब बोलते हैं थापर जानकारी के मुताबिक थापर अकसर खालिस्तान के खिलाफ बयान देते हैं। इसके अलावा उन्होंने पंजाब में किसान आंदोलन के खिलाफ भी बयान दिए थे। जिस समय हमला हुआ उस समय थापर के साथ उनका गनमैन भी मौजूद था। हालांकि उसका कहना है कि निहंगों ने उसे पकड़ लिया और उसका हथियार छीनने की भी कोशिश की। थापर के समर्थकों का कहना था कि लंबे समय से उन्हें धमकी मिल रही थी इसके बाद उन्हें केवल एक गनमैन दिया गया था। डीसीपी जसकिरनजीत सिंह तेजा ने कहा कि अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या की कोशिश का मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस की टीम आरोपियों की तलाश में जुटी ह। जब थापर के गनमैन के बारे में डीसीपी से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि अगर कोई लापरवाही हुई है तो उसकी जांच की जाएगी। विभाग उसके खिलाफ ऐक्शन लेगा।

शिंदे सरकार ने ‘मेरी लाडली बहन योजना’ के लिए लांच किया एप, महिलाओं के पास ऑफलाइन और ऑनलाइन के विकल्प

मुंबई महाराष्ट्र सरकार ने मेरी लाडली बहन योजना में आवेदन करने के लिए नारी शक्ति दूत ऐप लांच किया है। महाराष्ट्र की एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली महायुति सरकार ने मुख्यमंत्री मेरी लाडली बहन योजना के तहत राज्य की पात्र महिलाओं को हर महीने 1500 रुपये देने का ऐलान किया है। राज्य सरकार ने आवेदन के लिए 31 अगस्त की डेडलाइन रखी है। अब सरकार ने इस योजना को लेकर राज्यभर में भारी उत्साह को देखते हुए नारी शक्ति दूत एप लांच कर दिया है, ताकि महिलाएं एप के जरिए अपने अर्जी को आसानी से जमा कर सकें। क्या है पूरी योजना? वित्त मंत्री अजित पवार ने विधानसभा सत्र में राज्य का बजट पेश करते हुए राज्य की महिला आबादी के लिए मुख्यमंत्री मेरी लाडली बहन योजना का ऐलान किया था। सरकार गरीब महिलाओं और बेटियों की 1500 रुपये प्रति महीने की आर्थिक सहायता देगी ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें। सरकार ने इसके लिए उम्र सीमा 21 से 65 साल रखी है। सरकार का दावा है कि इस योजना से महिलाओं के संपूर्ण विकास के साथ-साथ वित्तीय स्वतंत्रता हासिल होगी। योजना के लिए सरकार ने आवंटन के लिए 46 हजार करोड़ रुपये आवंटित करने का लक्ष्य रखा है। महाराष्ट्रीयन महिलाओं में इस योजना को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रिया सामने आई है। क्या है आवेदन की प्रक्रिया? मुख्यमंत्री मेरी लाडली बहन योजना के अच्छे क्रियान्वयन के लिए सीएम एकनाथ शिंदे जिला कलेक्टरों से निगरानी और पारदर्शी व्यवस्था रखने के निर्देश दिए है। योजना में आवेदन के लिए महिलाएं गूगल प्ले स्टोर से नारी शक्ति दूत एप डाउनलोड कर सकती हैं। वह एप डाउनलोड करने के बाद योजना के लाभ के लिए 31 अगस्त तक आवेदन कर सकती है। योजना का लाभ 1 जुलाई से ही मिलेगा। इसके साथ सरकार ने मुख्यमंत्री मेरी लाडली बहन योजना आवेदन तहसील कार्यालय, आंगनबाडी सेविका, सेतु कार्यालय में ऑफलाइन जमा कराने का विकल्प रखा है। महाराष्ट्र सरकार ने इस योजना का आवेदन पत्र उपलब्ध करा दिया है। मुख्यमंत्री मेरी लाडली बहन योजना के आवेदन पत्र में प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस, अजीत पवार और अदिति तटकरे की तस्वीर है। ऑफलाइन प्रक्रिया क्या है? पात्र महिलाएं घर बैठे ही योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकती हैं। इसके लिए आपको मुख्यमंत्री मेरी लाडली बहन योजना (Ladki Bahin Yojana online Form ) का पीडीएफ आवेदन पत्र डाउनलोड करना होगा। आपको इसमें अपना नाम, पता, बैंक विवरण, आधार कार्ड नंबर और अन्य सभी चीजें भरनी होंगी। इसके बाद आवेदन पत्र को आवश्यक दस्तावेजों के साथ दोबारा वेबसाइट पर अपलोड करना होगा। बैंक खाते में भुगतान करते समय आपको उसी खाते में भुगतान करना होगा जिसमें आप राशि चाहते हैं। इसमें बैंक का नाम, खाताधारक का नाम, बैंक खाता संख्या, बैंक का आईपीएससी कोड भरना होगा। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि आपका आधार उस बैंक खाते से लिंक होना चाहिए। कैसे काम करेगी एप? ऐप डाउनलोड हो जाने पर अपनी जानकारी भरें और एक प्रोफाइल बनाएं। अपना नाम और अन्य जानकारी ध्यानपूर्वक भरें। योजना के लिए आवेदन करने वाली महिला किस श्रेणी की है इसकी जानकारी भरें। मुख्यमंत्री मेरी लाडली बहन योजना पर क्लिक करें और नाम, पता, बैंक खाते का विवरण भरें। आवेदक का फोटो अपलोड करें। फिर जरूरी दस्तावेज अपलोड करें, फिर सबमिट करें। आपको एक संदेश मिलेगा कि आवेदन पूरा हो गया है। मेरी लाडली बहन योजना के लिए क्या है नियम? महिला लाभार्थी की आयु 21 वर्ष होनी चाहिए, अधिकतम उम्र सीमा 65 साल रखी गई है महिला महाराष्ट्र की निवासी हो, परिवार की वार्षिक आय ढाई लाख से अधिक न हो। यह लाभ राज्य की विवाहित, विधवा, तलाकशुदा और निराश्रित महिलाओं को मिलेगा। मेरी लाडली बहन योजना के लिए लाभार्थी महिला के पास बैंक खाता होना जरूरी है। मेरी लाडली बहन योजना चाहिए ये डॉक्युमेंट आधार कार्ड। महाराष्ट्र राज्य अधिवास प्रमाण पत्र/महाराष्ट्र राज्य जन्म प्रमाण पत्र। सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी परिवार के मुखिया का आय प्रमाण पत्र बैंक खाता पासबुक के प्रथम पृष्ठ की फोटोकॉपी। पासपोर्ट के आकार की तस्वीर। राशन पत्रिका। योजना के नियमों एवं शर्तों का अनुपालन करने के लिए अपनी सहमति।

रक्षा उत्पादों का 2023-24 में हुआ रिकॉर्ड प्रोडक्शन, जानें डिफेंस मिनिस्टर राजनाथ सिंह ने क्या कहा

नई दिल्ली भारत का वार्षिक रक्षा उत्पादन वर्ष 2023.. 24 में 1 . 27 लाख करोड रुपए के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है।रक्षा मंत्रालय के अनुसार रक्षा उत्पादन में पिछले वर्ष की तुलना में 16.7 प्रतिशत की वृद्धि हुई है और यह वर्ष 2019-20 की तुलना में 60 प्रतिशत की वृद्धि है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में इस उपलब्धि पर कहा है कि सरकार भारत को अग्रणी वैश्विक रक्षा विनिर्माण केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि रक्षा क्षेत्र के सभी सार्वजनिक उपक्रमों , रक्षा वस्तुओं का निर्माण करने वाले अन्य सार्वजनिक उपक्रमों और निजी कंपनियों से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, देश में रक्षा उत्पादन का मूल्य रिकॉर्ड-उच्च आंकड़े यानी 1,26,887 करोड़ रुपये तक बढ़ गया है, जो पिछले वित्तीय वर्ष के रक्षा उत्पादन की तुलना में 16.7 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। वित्त वर्ष 2022-23 में रक्षा उत्पादन का मूल्य 1,08,684 करोड़ रुपये था।   प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रक्षा मंत्री द्वारा दी गई इस जानकारी पर खुशी जाहिर की है। उन्होंने राजनाथ सिंह के पोस्ट को रिपोस्ट करते हुए लिखा, ”बहुत उत्साहजनक विकास। इस उपलब्धि में योगदान देने वाले सभी लोगों को बधाई। हम अपनी क्षमताओं को और बढ़ाने और भारत को एक अग्रणी वैश्विक रक्षा विनिर्माण केंद्र के रूप में स्थापित करने के लिए एक बेहतरीन वातावरण तैयार करने के साथ इसको समग्र प्रयास के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। यह हमारे सुरक्षा तंत्र को मजबूत करेगा और हमें आत्मनिर्भर बनाएगा।” स्वदेशी रक्षा उत्पादन में अब तक की सबसे अधिक वृद्धि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अपने पोस्ट में लिखा कि रक्षा मंत्रालय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार की नीतियों और पहलों के सफल कार्यान्वयन के आधार पर वित्त वर्ष 2023-24 के दौरान मूल्य के संदर्भ में स्वदेशी रक्षा उत्पादन में अब तक की सबसे अधिक वृद्धि हासिल की है, जिसका उद्देश्य ‘आत्मनिर्भरता’ हासिल करना है। रक्षा क्षेत्र के सभी सार्वजनिक उपक्रमों (डीपीएसयू), रक्षा सामानों का निर्माण करने वाले दूसरे सार्वजनिक उपक्रमों और निजी कंपनियों से हासिल आंकड़ों के मुताबिक, देश में रक्षा उत्पादन का मूल्य 1,26,887 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। यह पिछले वित्तीय वर्ष के रक्षा उत्पादन की तुलना में 16.7% की वृद्धि को दर्शाता है। वित्त वर्ष 2022-23 में रक्षा उत्पादन का मूल्य 1,08,684 करोड़ रुपये था। श्री सिंह ने कहा कि ‘मेक इन इंडिया’ कार्यक्रम साल-दर-साल नए मील के पत्थर पार कर रहा है। उन्होंने भारत को एक अग्रणी वैश्विक रक्षा विनिर्माण केंद्र के रूप में विकसित करने के सरकार के अटूट संकल्प को दोहराया। वर्ष 2023-24 में उत्पादन के कुल मूल्य में, लगभग 79.2 प्रतिशत का योगदान सरकारी और 20.8 प्रतिशत निजी क्षेत्र द्वारा किया गया है। आंकड़ों से पता चलता है कि पूर्ण मूल्य के संदर्भ में सरकारी और निजी क्षेत्र दोनों ने रक्षा उत्पादन में लगातार वृद्धि दर्ज की है। उन्होंने रक्षा उत्पादन को सर्वकालिक उच्चतम स्तर पर ले जाने के लिए रक्षा वस्तुओं का निर्माण करने वाले सार्वजनिक उपक्रमों और निजी उद्योग सहित उद्योग को बधाई दी। रक्षा मंत्रालय के अनुसार आत्मनिर्भरता पर ध्यान देने के साथ पिछले 10 वर्षों में सरकार द्वारा लाए गए नीतिगत सुधारों/पहलों और व्यापार करने में आसानी के कारण यह उपलब्धि हासिल की गई है। स्वदेशीकरण के प्रयासों को निरंतर आधार पर आक्रामक तरीके से आगे बढ़ाया गया है।

राष्ट्रपति बाइडन ने गर्वनरों से ज्यादा नींद लेने की अपील की, कहा- रात आठ बजे के बाद कार्यक्रमों में जाने से बचें

न्यूयॉर्क राष्ट्रपति चुनाव की डिबेट के बीच में सो जाने के आरोपों में घिरे जो बाइडेन ने पिछले दिनों मान लिया था कि वह थके हुए थे। इसके चलते डिबेट के दौरान लगभग सो गए थे। यही नहीं उन्होंने स्वीकार किया था कि डिबेट के दौरान उनका प्रदर्शन कमजोर था। अब उन्होंने एक और बात कही है, जिसे लेकर विवाद गहरा सकता है। जो बाइडेन का कहना है कि उन्हें ज्यादा नींद की जरूरत है और कम समय ही काम कर पाएंगे। यहां तक कि रात 8 बजे के बाद वह कोई काम नहीं चाहते या फिर किसी कार्यक्रम का शेड्यूल रात 8 बजे के बाद नहीं चाहते।   न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार उन्होंने यह बात अपने समर्थक करीब दो दर्जन लोगों के सामने कही, जिनमें की गवर्नर भी शामिल थे। जो बाइडेन ने भले ही कहा है कि मैं थक गया हूं और मुझे ज्यादा नींद की जरूरत है, लेकिन अब तक इस बात पर अड़े हुए हैं कि वह राष्ट्रपति चुनाव की रेस में बने रहेंगे। हालांकि डेमोक्रेटिक पार्टी के बीच एक बड़ा वर्ग ऐसा है, जो चाहता है कि अब बाइडेन रेस से पीछे ही हट जाएं। उनकी जगह पर उपराष्ट्रपति कमला हैरिस को मौका मिलना चाहिए। माना जा रहा है कि 81 साल के राष्ट्रपति ने खुद के ज्यादा सोने की जरूरत इसलिए बताई है क्योंकि उनके ऊपर काफी समय से दबाव है। वह कई बार अपनी बात से बहक गए थे और बात करते-करते कुछ अलग ही चीजें बोलने लगे थे। उनकी इस हालत के चलते डेमोक्रेट्स के बीच चिंता की स्थिति है। वह चाहते हैं कि जो बाइडेन का ऐसा रुख ट्रंप के मुकाबले पार्टी को कमजोर करेगा। एक तरफ डोनाल्ड ट्रंप आक्रामक प्रचार कर रहे हैं तो वहीं जो बाइडेन कमजोर दिख रहे हैं। इसके बाद भी जो बाइडेन इस बात पर अड़े हुए हैं कि वह राष्ट्रपति चुनाव की रेस से नहीं हटेंगे। गवर्नर्स के साथ मीटिंग में भी जो बाइडेन ने यही कहा। इस बैठक में कई गवर्नर आए थे और कुछ लोग ऑनलाइन ही जुड़े थे। बाइडेन ने बताया था- क्यों लग गई थी डिबेट के दौरान आंख ट्रंप के साथ डिबेट में खुद के कमजोर दिखने की वजह भी जो बाइडेन ने बताई। उन्होंने कहा कि मैं इस डिबेट से पहले यूरोप समेत कई देशों में लंबी यात्राएं करके आया था। इसके चलते थकान हो गई थी और डिबेट के दौरान आंख लग गई। अमेरिका में कई लोग मानते हैं कि बाइडेन का प्रदर्शन कमजोर है, लेकिन बाइडेन ने कहा कि उनके ऊपर काम का बोझ ज्यादा है। ऐसे में वह थोड़ा रेस्ट चाहते हैं। खासतौर पर देर रात तक चलने वाले इवेंट्स से वह बचना चाहते हैं। पार्टी की बढ़ती चिंताओं के बीच की बैठक मानसिक और शारीरिक फिटनेस को लेकर पार्टी में  बढ़ती चिंताओं को शांत करने के लिए बाइडन ने उपराष्ट्रपति कमला हैरिस और डेमोक्रेटिक गवर्नर्स के साथ बैठक की। यह बैठक तब हुई है जब पार्टी में आवाज उठ रही है कि ट्रंप को टक्कर देने के लिए एक मजबूत उम्मीदवार को मौका दिया जाना चाहिए। एक रिपोर्ट के मुताबिक बैठक में बाइडन ने 12 से ज्यादा डेमोक्रेटिक गवर्नरों के एक समूह को बताया कि उन्हें ज्यादा सोना, काम के घंटे कम और करने और रात आठ बजे के बाद के कार्यक्रमों में ना जाने के लिए कहा है।  चुनावी बहस के बाद ट्रंप ने बनाई बढ़त बाइडन के खराब प्रदर्शन के बाद डेमोक्रेट पार्टी में ही उन्हें राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी से हटाने की मांग उठने लगी है। पहले भी ये चर्चा थी, लेकिन बहस के बाद इसे लेकर स्वर तेज होने लगे हैं। पिछले सप्ताह हुई बहस के बाद राष्ट्रपति पद की दौड़ में डोनाल्ड ट्रंप ने जो बाइडन पर छह अंकों की बढ़त बना ली है। मीडिया के नए पोल में यह खुलासा हुआ है। गौरतलब है कि पहली बहस के दौरान डोनाल्ड ट्रंप, जो बाइडन पर भारी पड़े थे, जिसकी पूरी दुनिया में चर्चा हुई। पोल के अनुसार, डोनाल्ड ट्रंप को 48 प्रतिशत और जो बाइडन को 42 प्रतिशत लोगों ने समर्थन दिया।   

जम्मू-कश्मीर में अमरनाथ यात्रा के बाद चुनावों का ऐलान, शाह ने BJP नेताओं दिए हैं निर्देश

नई दिल्ली जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 30 की समाप्ति के बाद से ही लोगों को वहां विधानसभा चुनाव का इंतजार है। इसके साथ ही नई सरकार का इंतजार भी खत्म हो जाएगा। अब जो खबर सामने आ रही है उसके मुताबिक, अमरनाथ यात्रा 19 अगस्त को समाप्त हो रही है। इसके बाद जम्मू-कश्मीर में विधानसभा के चुनाव कराए जा सकते हैं। सूत्रों से मिल रही जानकारी के मुताबिक, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बीजेपी नेताओं को चुनाव की तैयारी करने के निर्देश भी दिए हैं। गुरुवार को देर रात हुई बैठक में अमित शाह और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने जम्मू-कश्मीर भाजपा के कई नेताओं के साथ विधानसभा चुनाव को लेकर बैठक की है। उन्होंने प्रदेश के नेताओं को बताया है कि भाजपा राज्य की सभी 90 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। आपको बता दें कि अगस्त 2019 में राज्य के विशेष दर्जे को खत्म करने से पहले नवंबर 2018 में जम्मू-कश्मीर की विधानसभा भंग कर दी गई थी। राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित किया गया था। भाजपा नेतृत्व ने राज्य के नेताओं को यह भी बताया है कि भाजपा राज्य में किसी भी पार्टी के साथ चुनाव पूर्व गठबंधन नहीं करेगी। हालांकि, सूत्रों ने कहा कि सीटों का समायोजन और समान विचारधारा वाले दलों के साथ चुनावी समझौता हो सकता है। इसके अलावा, विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी किसी भी मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार को पेश नहीं करेगी। आने वाले दिनों में प्रमुख केंद्रीय मंत्रियों और भाजपा के राष्ट्रीय नेताओं के राज्य का दौरा करने की उम्मीद है। पार्टी राज्य में लोगों के साथ एक जनसंपर्क कार्यक्रम भी शुरू करेगी। सूत्रों के अनुसार, भाजपा राज्य के नेतृत्व और संगठन में फिलहाल कोई बदलाव नहीं करेगी। आपको बता दें कि रविंदर रैना प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। देर रात करीब दो घंटे तक चली बैठक में रविंद्र रैना, जम्मू-कश्मीर से भाजपा सांसद जितेंद्र सिंह और जुगल किशोर शर्मा के अलावा और भी कई बड़े नेता शामिल हुए। सूत्रों ने यह भी कहा कि जम्मू-कश्मीर, झारखंड, महाराष्ट्र और हरियाणा विधानसभा चुनावों की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है।  

गंगोत्री-गोमुख ट्रेक मार्ग पर चीड़वासा नाले में बहे दो कावंडिए, रेस्क्यू अभियान जारी

देहरादून/उत्तरकाशी  गोमुख ट्रैक पर चीड़वासा के पास पुल टूटने से कांवड़िए फंस गए, जिनमें से 8 लोगों को पुलिस ने सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया है, जबकि 32 अन्य कांवड़ियों को निकालने के लिए रेस्क्यू अभियान चल रहा है। पुल टूटने के कारण गुरुवार को दिल्ली निवासी दो कांवड़िए बह गए थे। उत्तराखंड में इन दिनों चारधाम यात्रा चल रही है। चारधाम यात्रा के लिए भले ही तीर्थयात्रियों की संख्या कम हो गई हो, लेकिन कांवड़ियों ने कांवड़ लेकर गोमुख पहुंचना शुरू कर दिया। पिछले दिनों से कई कांवड़िए गोमुख ट्रैक पर कांवड़िए पहुंच रहे हैं। 40 कांवड़िए गए थे गुरुवार को गोमुख में 40 कांवड़िए गए थे। उनकी वापसी के दौरान चीड़वासा के पास नदी पर बना पुल टूट गया, जिससे कांवड़िए नदी पार नहीं कर पाए। कांवड़ियों के नदी के दूसरे छोर पर फंसने की सूचना पर गंगोत्री पुलिस चौकी से एसडीआरएफ को सूचना दी गई। अंधेरा और नदी के उफान पर होने के कारण रेस्क्यू अभियान नहीं चलाया जा सका। सुबह का उजाला होते ही एसडीआरएफ ने रेस्क्यू अभियान शुरू किया। एसडीआरएफ ने दोपहर तक आठ कांवड़ियों को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया था, जबकि अन्य लोगों को निकालने के लिए रेस्क्यू अभियान जारी था। एसडीआरएफ रेस्क्यू टीम इंचार्ज सावर सिंह ने बताया कि बाकी कांवड़ियों के रेस्क्यू के लिए टीम लगातार काम कर रही है, जल्द ही सभी को सुरक्षित निकाल लिया जाएगा। उत्तरकाशी आपदा कांट्रोल रूम से मिली जानकारी के अनुसार, गुरुवार दोपहर करीब 3 बजे गंगोत्री-गोमुख ट्रेक मार्ग पर गंगोत्री से 9 किमी आगे चीड़वासा के पास हिमखंड पिघलने से चीड़वासा नाले में अचानक पानी बढ़ गया. जिससे नाले पर बनी अस्थायी लकड़ी की पुलिया क्षतिग्रस्त हो गई. बताया जा रहा है जिस वक्त पुलिया क्षतिग्रस्त हुई, उस वक्त कांवड़िए गुजर रहे थे. जिसमें दो कांवड़िए भी नाले में बह गए. वन विभाग की टीम मौके पर मौजूद है. इसके अलावा पुलिस और एसडीआरएफ की टीम कांवड़ियों की खोजबीन कर रही है. साथ ही पुलिया की मरम्मत की जा रही है. बताया जा रहा है कि अभी गोमुख की तरफ भोजवासा के पास 35 यात्री जीएमवीएन के विश्राम गृह और आश्रम में सुरक्षित रुके हुए हैं. बताया जा रहा है कि नाले में बहे दोनों कांवड़ियों के नाम सूरज और मोनू है. जो दिल्ली के निवासी बताए जा रहे हैं. ये लोग गंगा जल लेने गोमुख जा रहे थे. तभी हादसे का शिकार हो गए. बता दें कि भगवान शिव का जलाभिषेक और सावन महीने के लिए देश के विभिन्न प्रांतों से कांवड़िए गंगाजल लेने गोमुख की तरफ आते हैं. आजकल पर्यटक भी गोमुख ट्रेक पर घूमने जा रहे हैं. वहीं, उत्तरकाशी जिलाधिकारी मेहरबान सिंह बिष्ट ने गंगोत्री नेशनल पार्क के उप निदेशक से इस घटना के बारे में जानकारी ली. साथ ही नाले में बहे लोगों की खोजबीन के लिए सर्च और रेस्क्यू अभियान चलाने को कहा है. इसके अलावा गोमुख क्षेत्र में रुके यात्रियों की सुरक्षित निकासी और नाले पर तत्काल वैकल्पिक पुलिया बनाने के निर्देश दिए हैं. दिल्ली के दो कांवड़िए बह गए विदित हो कि दिल्ली के दो कांवड़िए सूरज और मोनू गुरुवार को उफनती नदी में बह गए। नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण नदी पर बना लकड़ी का अस्थायी पुल टूट गया था। इस दौरान पुल से गुजर रहे दो कांवड़िए भी नदी के तेज बहाव में भी गए, जबकि उनका एक साथी पुल पार करने के कारण बच गया।

World Bank में IAS निकुंज श्रीवास्तव‌ नियुक्त, 3 साल के लिए वर्ल्ड बैंक में ED के सीनियर एडवाइजर बने

नईदिल्ली सीनियर IAS अधिकारी निकुंज श्रीवास्तव से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है. 1998 बैच के MP कैडर के IAS अधिकारी निकुंज श्रीवास्तव को वाशिंगटन डीसी में विश्व बैंक के मुख्यालय में कार्यकारी निदेशक (Executive Director) के वरिष्ठ सलाहकार (Senior Advisor) के रूप में नियुक्त किया गया है.  वह तीन वर्ष के कार्यकाल के लिए इस पद पर रहेंगे. बता दें कि केंद्र सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DOPT) ने बुधवार को नियुक्ति आदेश (appointment order) जारी किया. वर्तमान में मध्य प्रदेश में राजस्व विभाग के प्रमुख सचिव के रूप में कार्यरत श्रीवास्तव ने भोपाल और ग्वालियर के कलेक्टर और नगरीय प्रशासन विभाग (Urban Administration Department) में आयुक्त जैसे अहम पदों पर कार्य किया है. उन्हें उनके सख्त और स्मार्ट प्रशासनिक दृष्टिकोण (smart administrative approach) के लिए जाना जाता है. कौन हैं निकुंज श्रीवास्तव वरिष्ठ IAS निकुंज कुमार श्रीवास्तव इस समय मध्य प्रदेश शासन के राजस्व विभाग के प्रमुख सचिव (PS) हैं. वे पूर्व में भोपाल के कलेक्टर भी रहे हैं. पूर्व में नगरीय प्रशासन विभाग में कमिशनर भी रह चुके हैं. इसके पहले वे ग्वालियर जिले के भी कलेक्टर रह चुके हैं. वे एक सख्त और स्मार्ट अधिकारी के तौर पर पहचाने जाते हैं. इन्हें भी मिली जिम्मेदारी आदेश में त्रिपुरा कैडर के 1995 बैच के IAS आशुतोष जिंदल को वॉशिंगटन डीसी में इकॉनमिक विंग भारत एंबेसी में मिनिस्टर इकॉनमी नियुक्त किया गया है. उनकी यह नियुक्ति केंद्र सरकार में एडिशनल सेक्रेटरी स्तर पर की गई है. इसके साथ ही मणिपुर कैडर के 2008 बैच के IAS ऋषिकेश अरविंद मोडक को वॉशिंगटन डीसी वर्ल्ड बैंक में एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर नियुक्त किया गया है. अंशिका अरोड़ा IES 2010 बैच को वर्ल्ड ट्रेड ऑर्गेनाइजेशन जिनेवा में काउंसलर नियुक्त किया गया है. आशुतोष सलिल महाराष्ट्र कैडर IAS 2010 बैच को ब्रुसेल्स में भारत सरकार के एंबेसी में एडवाइजर और प्रशांत चंद्रन IES 2007 बैच को ढाका में मल्टी सेक्टरल टेक्निकल एंड इकोनामिक कोऑपरेशन सेक्रेटेरिएट में डायरेक्टर नियुक्त किया गया है.

हाई कोर्ट ने राज्य और केंद्र से सवाल किया है कि नाबालिगों के बीच प्रेम संबंधों के लिए सिर्फ लड़कों को ही क्यों पकड़ा जाता

नैनीताल उत्तराखंड हाई कोर्ट ने एक ऐसा सवाल किया है, जो अक्सर पूछा जाता है। हाई कोर्ट ने सवाल किया है कि नाबालिगों के बीच प्रेम संबंधों के लिए सिर्फ लड़कों को ही क्यों पकड़ा जाता है, जबकि लड़कियों को छोड़ दिया जाता है? दरअसल, उत्तराखंड हाईकोर्ट ने नाबालिग लड़कियों के साथ प्रेम और अन्य गतिविधियों में शामिल किशोर लड़कों की गिरफ्तारी के खिलाफ जनहित याचिका सुनवाई की। याचिका पर विचार-विमर्श करते हुए केंद्र और राज्य सरकारों को यह स्पष्ट करने का निर्देश दिया है कि ऐसी गतिविधियों में शामिल लड़कों को ही क्यों पकड़ा जाता है, जबकि लड़कियों को छोड़ दिया जाता है। वकील मनीषा भंडारी की ओर से दायर जनहित याचिका की सुनवाई चीफ जस्टिस रितु बाहरी और जस्टिस राकेश थपलियाल ने की। याचिका में कहा गया है कि नाबालिग लड़कों और लड़कियों के बीच प्रेम संबंधों से जुड़े मामलों में हमेशा लड़के को ही दोषी माना जाता है। जनहित याचिका में कहा गया है कि यहां तक कि जब लड़की बड़ी हो जाती है, तब भी लड़के को हिरासत में ले लिया जाता है और उसे अपराधी माना जाता है। प्रेम प्रसंग के मामलों में लड़का ही अंत में खुद को जेल में पाता है, जबकि उसे पकड़ने के बजाय परामर्श दिया जाना चाहिए। 20 नाबालिग अभी भी हिरासत में सुनवाई के दौरान यह बात सामने आई कि 20 नाबालिग अभी इसी तरह के आरोपों में हिरासत में हैं। कोर्ट ने याचिका को स्वीकार किया और फिर से कहा कि राज्य इस बात पर विचार कर सकता है कि क्या दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 161 के तहत लड़के का बयान दर्ज करना पर्याप्त होगा? उसकी गिरफ्तारी की आवश्यकता क्या जरूरी है। अदालत ने सुझाव दिया कि अधिक से अधिक उसे ऐसी चीजों में लिप्त न होने की सलाह दी जा सकती है, लेकिन उसे गिरफ्तार नहीं किया जाना चाहिए। इसके अलावा, अदालत ने प्रस्ताव दिया कि राज्य ऐसी स्थितियों में पुलिस विभाग के आदेश के पालन के लिए व्यापक दिशा-निर्देश जारी कर सकता है।  

नर्स और फैक्ट्री वर्कर का बेटा किएर स्टार्मर बनेगा UK का PM, ऋषि को मिली करारी हार

लंदन ब्रिटेन चुनाव के लिए शुक्रवार को वोटों की गिनती जारी है. एग्जिट पोल के अनुरूप मुख्य विपक्षी लेबर पार्टी ने प्रचंड जीत हासिल की है. 14 साल के इंतजार के बाद देश में लेबर पार्टी की सरकार बनने जा रही है. अब तक के नतीजों में लेबर पार्टी 410 सीटें जीत चुकी है जबकि सत्तारूढ़ कंजर्वेटिव पार्टी अभी तक सिर्फ 119 सीटें ही जीत पाई है. 650 में से 641 सीटों पर नतीजों का ऐलान किया जा चुका है. लिबरल डेमोक्रेट्स ने अभी तक 71 सीटों, स्कॉटिश नेशनल पार्टी ने आठ सीटों, रिफॉर्म यूके ने चार सीटों, प्लेड सिमरू, सिन फेन और डीयूपी ने चार-चार सीटों पर जीत दर्ज की है. जबकि ग्रीन पार्टी चार सीट पर जीत हासिल कर पाई है. PM मोदी ने ब्रिटेन चुनाव में ऐतिहासिक जीत पर किएर स्टार्मर को दी बधाई। किएर स्टार्मर के नेतृत्व वाली लेबर पार्टी ने प्रधानमंत्री ऋषि सुनक के नेतृत्व वाली कंजर्वेटिव पार्टी के 14 साल के शासन को खत्म करके शानदार जीत के संकेत दिए हैं. हालांकि अभी यूके के प्रधानमंत्री चुनाव के आधिकारिक नतीजे घोषित नहीं हुए हैं. इस बीच लेबर पार्टी के किएर स्टार्मर के बारे में जानना जरूरी हो जाता है, जो संभवतः इस प्रंचड जीत के बाद ब्रिटेन के अगले प्रधानमंत्री होंगे. कौन हैं किएर स्टार्मर? किएर रॉडनी स्टार्मर (Keir Starmer) एक ब्रिटिश राजनेता और वकील हैं. स्टार्मर का जन्म 2 सितंबर 1962 को इंग्लैंड के सरी में ऑक्सटेड नामक छोटे से शहर में हुआ था. एएफपी की रिपोर्ट के अनुसार, परिवार के चार बच्चों में से एक, उनका पालन-पोषण लंदन के बाहर एक छोटे से शहर में एक तंगी भरे घर में हुआ. उनके पिता एक फैक्ट्री में टूल बनाने का काम करते थे, जिन्होंने स्टार्मर नाम लेबर पार्टी के पहले नेता किएर हार्डी के नाम पर रखा था. स्टार्मर की मां हॉस्पिटल में नर्स थीं. स्टार्मर जब छोटे थे तभी एक गंभीर बीमारी की वजह से उनकी मां का निधन हो गया था. मां का साया सिर से उठ जाने की वजह से उन्हें बचपन से ही काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा है. यूनिवर्सिटी में पढ़ाई करने वाले परिवार के पहले सदस्य थे कई मुश्किलों के बावजूद स्टार्मर ने कभी हार नहीं मानी. वे बचपन से ही पढ़ाई में अच्छे थे, परीक्षाओं में अच्छे नंबर लाने की वजह से ही उनका एडमिशन एक प्रतिष्ठित हाई स्कूल में हुआ था. वे यूनिवर्सिटी जाकर पढ़ाई करने वाले अपने परिवार में पहले थे. 1985 में लीड्ल यूनिवर्सिटी से लॉ में बैचलर डिग्री हासिल की. इसके बाद 1986 में ऑक्सफ़ोर्ड विश्वविद्यालय के सेंट एडमंड हॉल से सिविल लॉ से ग्रेजुएट हुए. गरीबों की मुफ्त में दी कानूनी सलाह लॉ की पढ़ाई करने के बाद, स्टार्मर ने काफी समय तक गरीबों को मुफ्त में कानूनी सलाह दी. वे कई बड़े मामलों में गरीबों की ओर से पैरवी करते थे, उन्हें मानवाधिकारों से जुड़े से मामलों में विशेषज्ञता हासिल है. उन्होंने ट्रेड यूनियनों, मैकडॉनल्ड्स विरोधी प्रचारकों और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मौत की सजा पाए कैदियों की वकालत की. 2007 में विक्टोरिया अलेक्जेंडर से हुई थी शादी स्टार्मर ने 2007 में विक्टोरिया अलेक्जेंडर से शादी की और उनके दो बच्चे हैं. स्टार्मर, एक प्रतिभाशाली संगीतकार भी हैं. उन्होंने नॉर्मन कुक के साथ स्कूल में वायलिन की शिक्षा ली, जिन्होंने बाद में हाउसमार्टिन्स के लिए डीजे फैटबॉय स्लिम के रूप में प्रसिद्धि प्राप्त की थी. जब स्टार्मर को पहली बार मिली अलग पहचान 2003 में, स्टार्मर ने राजनीति की ओर रुख करना शुरू किया, उत्तरी आयरलैंड में पुलिस द्वारा मानवाधिकार कानूनों का पालन सुनिश्चित करने की भूमिका निभाकर कई लोगों को हैरान कर दिया था. इसके पांच साल बाद, उन्हें लेबर प्रधानमंत्री गॉर्डन ब्राउन के द्वारा इंग्लैंड और वेल्स के लिए सार्वजनिक अभियोजन निदेशक (DPP) के रूप में नियुक्त किया गया. वे 2008 से 2013 तक इस पद पर रहे. उन्होंने व्यय घोटाले में शामिल सांसदों, फोन-हैकिंग में फंसे पत्रकारों और इंग्लैंड में दंगों में भाग लेने वाले युवाओं का नेतृत्व किया. महारानी एलिजाबेथ ने दी थी प्रतिष्ठित नाइट की उपाधि नाइट की उपाधि ब्रिटेन में दी जाने वाली सबसे प्रतिष्ठित उपाधियों में से एक है और यह राजशाही द्वारा दी जाती है. महारानी एलिजाबेथ द्वितीय ने साल 2014 में बकिंघम पैलेस में स्टार्मर को नाइट की उपाधि दी थी, जिसके बाद नाम के साथ ‘सर’ कहा जाता है. लेकिन स्टार्मर को यह कभी पसंद नहीं आया, वे चाहते हैं कि लोग उनके नाम के साथ किसी टाइटल का इस्तेमाल न करें. एक न्यूज इंटरव्यू में स्टार्मर ने कहा था, ‘ जब मैं डीपीटी था, तो सभी लोग मुझे डायरेक्टर कहते थे लेकिन मैंने मना किया, मुझे किएर स्टार्मर ही कहें.’ स्टार्मर का राजनीतिक सफर साल 2015 में स्टार्मर पहली बार संसद के लिए चुने गए. वह 2015 से 2024 तक होलबोर्न और सेंट पैनक्रास से संसद सदस्य हैं. वे एक साल तक ब्रिटेन की शैडो कैबिनेट में इमीग्रेशन मिनिस्टर थे. इसके अलावा स्टार्मर 2016 से 2020 तक यूरोपीय संघ (EU) से बाहर निकलने के लिए शैडो राज्य सचिव भी थे. अप्रैल 2020 में स्टार्मर को लेबर पार्टी का अध्यक्ष चुना गया था. वे ब्रिटेन की संसद में साल 2020 से प्रतिपक्ष और लेबर पार्टी के नेता हैं. उन्होंने लेबर पार्टी के वैचारिक रुख को दूर-दराज़ के वामपंथी रुख से राजनीतिक मध्यमार्ग की ओर मोड़ा है. पूरे अभियान के दौरान, मतदाताओं को उनका संदेश यही रहा है कि लेबर सरकार बदलाव लाएगी. उनका पूरा पेशेवर जीवन जरूरतमंद लोगों को न्याय दिलाने के लिए रहा है.  अब वे 61 वर्ष की उम्र में ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री बनेंगे. भारत के लिए यूके इलेक्शन महत्व भारत और ब्रिटेन दोनों देशों के बीच व्यापार को बढ़ावा देने के लिए दो साल से अधिक समय से प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर बातचीत कर रहे हैं. लेबर पार्टी की प्रचंड जीत से दोनों देशों के बीच एफटीए पर चल रही वार्ता के डायनामिक्स में बदलाव आ सकता है. यदि सर्वेक्षण सटीक होते हैं, तो अन्य यूरोपीय देशों की तरह ब्रिटेन में भी वर्तमान सरकार बदल जाएगी. बता दें कि जीत के बाद किएर स्टार्मर ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि हमने कर दिखाया. आपने इसी के लिए प्रचार किया था, आपने … Read more

पाकिस्तान जाएंगे PM मोदी? इस खास मकसद से न्योता भेज रही है शहबाज शरीफ सरकार

इस्लामाबाद पाकिस्तान का कहना है कि अक्टूबर में होने वाली शंघाई सहयोग संगठन की मीटिंग की वह मेजबानी करेगा और इसमें भारत समेत सभी सदस्य देशों के राष्ट्राध्यक्षों को आमंत्रित करेगा। ऐसे में यह बड़ा सवाल होगा कि भारत की ओर से किसे भेजा जाता है। बीते करीब एक दशक से दोनों देशों के बीच संबंध सामान्य नहीं हैं। पीएम नरेंद्र मोदी ने सत्ता में आने के बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के साथ अच्छे रिश्तों की पहल की थी। उन्हें शपथ ग्रहण समारोह में बुलाया था और फिर एक बार अचानक पाकिस्तान भी गए थे। यह मौका नवाज शरीफ के जन्मदिन का था। 2015 में उनका यह दौरा अहम था क्योंकि 10 साल बाद कोई भारतीय पीएम पाकिस्तान पहुंचा था। फिर इसके बाद पठानकोट, उड़ी जैसे आतंकी हमले हुए और भारत ने पाकिस्तान को करारा जवाब देते हुए एयर स्ट्राइक और सर्जिकल स्ट्राइक जैसे ऐक्शन लिए। दोनों देशों के बाद तब से ही रिश्ते खराब हैं और अब करीब 9 साल बीत चुके हैं। इस दौरान किसी भी भारतीय मंत्री या पीएम ने पाकिस्तान का दौरा नहीं किया है। हालांकि बीते साल बिलावल भुट्टो जरदारी जरूर गोवा आए थे, जब एससीओ देशों के विदेश मंत्रियों की मीटिंग बुलाई गई थी। ऐसे में अब भारत की ओर से कौन इस मीटिंग में प्रतिनिधित्व करता है, इस पर सभी की नजरें होंगी। पाक के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मुमताज जहरा बलोच ने कहा कि एससीओ शासनाध्यक्ष परिषद (सीएचजी) की अध्यक्षता के रूप में पाकिस्तान इस वर्ष अक्टूबर में एससीओ शासनाध्यक्ष बैठक की मेजबानी करेगा। यह पूछे जाने पर कि क्या पाकिस्तान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निमंत्रण देगा। बलोच ने कहा, ‘इसकी अध्यक्षता पाकिस्तान के पास है, इसलिए अध्यक्ष के रूप में हम एससीओ सदस्य देशों के सभी शासनाध्यक्षों को निमंत्रण भेजेंगे।’ उन्होंने कहा, ‘हम उम्मीद करते हैं कि अक्टूबर में आयोजित होने वाली शासनाध्यक्षों की बैठक में एससीओ के सभी सदस्यों का प्रतिनिधित्व होगा।’ उन्होंने कहा कि अक्टूबर में आयोजित होने वाले शिखर सम्मेलन से पहले मंत्रिस्तरीय बैठक और वरिष्ठ अधिकारियों की कई दौर की बैठकें होंगी। जिनमें एससीओ सदस्य देशों के बीच वित्तीय, आर्थिक, सामाजिक-सांस्कृतिक और मानवीय सहयोग पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। बलोच ने यह भी कहा कि पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय राजनीति में किसी गुट का हिस्सा नहीं बनेगा क्योंकि वह सभी देशों के साथ अच्छे संबंध रखने में विश्वास रखता है।  

मॉरिटानिया के तट रक्षकों ने पांच साल की एक बच्ची समेत नौ लोगों को बचा लिया, 89 प्रवासी मृत मिले

नोउअक्चोत्त मॉरिटानिया के तट रक्षकों ने दक्षिण-पश्चिमी मॉरिटानिया के एनडियागो के पास 89 अवैध प्रवासियों के शव बरामद किए हैं। समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने मॉरिटानियाई समाचार एजेंसी के हवाले से बताया कि प्रवासी मछली पकड़ने वाली बोट पर सवार थे। बोट एनडियागो शहर से चार किलोमीटर दूर अटलांटिक महासागर में फंसी हुई थी। रिपोर्ट के अनुसार, मॉरिटानिया के तट रक्षकों ने पांच साल की एक बच्ची समेत नौ लोगों को बचा लिया। रिपोर्ट में जीवित बचे लोगों के हवाले से बताया गया है कि यह बोट छह दिन पहले सेनेगल-गाम्बिया सीमा से यूरोप की ओर रवाना हुई थी। इसमें 170 प्रवासी सवार थे। वे सेनेगल-गाम्बिया बॉर्डर होते हुए यूरोप जा रहे थी, लेकिन अटलांटिक महासागर में पानी के भंवर में फंस गए। समुद्र तट से करीब 4 किलोमीटर दूर उनकी नाव फंसी थी। खतरे का सिग्नल मिलते ही नौसेना के जवान मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक डूबने से 89 लोग दम तोड़ चुके थे। बचाए गए लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं 70 से ज्यादा लोग लापता बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश में बड़े पैमाने रेस्क्यू ऑपरेशन चल रहा है। यमन और अफगानिस्तान में हो चुके हादसे बता दें कि अब से पहले यमन और अफगानिस्तान में ऐसे ही 2 बड़े हादसे हो चुके हैं। यमन में अदन शहर के पास समुद्र तट में नाव डूब गई थी। इस हादसे में करीब 45 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी और 140 के करीब लोग लापता हुए थे, जिनका आज तक कुछ पता नहीं चल पाया है। हादसे का शिकार हुए लोग हॉर्न ऑफ अफ्रीका से थे और रेड सी को पार करने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन भंवर में फंस गए। बता दें कि अकसर प्रवासी मजदूर अच्छे काम की तलाशमें सऊदी अरब पहुंचने के लिए ईस्टर्न रूट पर सफर पर निकलते हैं। यमन के लाल सागर को क्रॉस करने का प्रयास करते हैं, लेकिन भंवर में फंसकर डूबने से या भूख प्यास से मर जाते हें। यमन में हुए हादसे से पहले अफगानिस्तान में बड़ा हादसा हुआ था। यहां एक नदी पार करते समय नाव पलटकर डूब गई थी। हादसे में 20 लोगों ने अपनी जान गंवाई थी।

6 दिनों में हिम शिवलिंग के दर्शन करने वालों की संख्या सवा लाख पार, उत्साहित हैं यात्री

श्रीनगर अमरनाथ यात्रा पर जाने वाले भोले बाबा के भक्तों का उत्साह चरम पर है। भारी बारिश के बीच भी यात्रियों के कदम नहीं रुक रहे। वीरवार को 5600 यात्री पवित्र गुफा की ओर बढ़े और पूर्व में गए 24978 यात्रियों ने हिम शिवलिंग के दर्शन किए। बुधवार को एक दिन में सर्वाधिक 30 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने माथा टेका था। यात्रा के सात दिनों में दर्शन करने वालों का आंकड़ा सवा लाख पार कर चुका है। जानकारी के अनुसार जम्मू से सातवें जत्थे में 4487 पुरुष, 1011 महिलाएं, 10 बच्चे और 188 साधु बालटाल और पहलगाम रूट के लिए रवाना हुए। कड़ी सुरक्षा के बीच जम्मू के भगवती नगर यात्री निवास से 219 वाहनों के माध्यम से सुबह 3 बजे के बाद जत्था रवाना हुआ। इसमें 3668 यात्री पहलगाम और 2028 बालटाल आधार शिविर के लिए रवाना हुए। 52 दिवसीय अमरनाथ यात्रा 29 जून को कश्मीर के दोनों आधार शिविरों से शुरू हुई थी और 19 अगस्त को समाप्त होगी। वर्ष 2023 में 4.5 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने बाबा बर्फानी के दर्शन किए थे। शुक्रवार को यात्रा का आठवां जत्था जम्मू से रवाना होना है। इस बीच मौसम विज्ञान केंद्र श्रीनगर ने आज और कल भारी बारिश की चेतावनी दी है। ऐसे में यात्रा बाधित हो सकती है लेकिन श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड ने इसके लिए किसी तरह की सूचना नहीं दी है।  

हत्या मामले में अभिनेता दर्शन की न्यायिक हिरासत 18 जुलाई तक बढ़ाई गई

बेंगलुरु शहर स्थित एक अदालत ने  रेणुकास्वामी हत्या मामले में आरोपी कन्नड़ अभिनेता दर्शन थुगुदीपा, उनकी मित्र पवित्रा गौड़ा और अन्य की न्यायिक हिरासत 18 जुलाई तक बढ़ा दी। दर्शन और पवित्रा सहित सभी 17 आरोपियों को बेंगलुरु और तुमकुरु जेलों से वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया क्योंकि उनकी न्यायिक हिरासत आज समाप्त हो रही थी। पुलिस सूत्रों के अनुसार, अभिनेता के प्रशंसक 33 वर्षीय रेणुकास्वामी ने गौड़ा को अश्लील संदेश भेजे थे। इससे गुस्साए दर्शन ने रेणुकास्वामी की हत्या कर दी जिसका शव नौ जून को सुमनहल्ली में एक बरसाती नाले के पास मिला था। अधिकारियों का कहना है कि चित्रदुर्ग में दर्शन के फैन क्लब का हिस्सा और आरोपियों में से एक राघवेंद्र नामक व्यक्ति रेणुकास्वामी को इस बहाने यहां के आरआर नगर स्थित एक शेड में लाया था कि अभिनेता उससे मिलना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि इसी शेड में उसे प्रताड़ित किया गया और उसकी हत्या कर दी गई।

इजरायली सेना ने लात-घूंसों से पिटाई की और पैंट खोलकर कार के बोनट पर लेटा दिया

गाजा इजरायली सेना आईडीएफ क्रूरता पूर्वक फिलिस्तीनी आतंकियों का सफाया करने में लगी है। हमास और इजरायल के बीच जंग को नौ महीने का वक्त हो गया है लेकिन, न ही हमास ने पूरी तरह से घुटने टेके हैं और न ही इजरायल ने अपना ऑपरेशन रोका है। इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू कह चुके हैं कि अस्थाई युद्धविराम पर विचार किया जा सकता है लेकिन, जंग तब तक नहीं रुकेगी जब तक उसके दो मकसद पूरे नहीं हो जाते। पहला- हमास का पूर्ण खात्मा और दूसरा- इजरायली बंधकों की रिहाई। गाजा और राफा शहरों में इजरायली सेना अपने ऑपरेशन के दौरान न सिर्फ आतंकियों बल्कि निर्दोष फिलिस्तीनियों पर भी जुल्म कर रही है। इसकी हालिया बानगी तब देखने को मिली, जब इजरायली सेना ने दो फिलिस्तीनी युवकों को कार की बोनट पर बांधकर परेड कराई। आईडीएफ के जुल्म के शिकार इन युवकों ने इजरायली सेना की घिनौनी करतूत बयां की है। उन्होंने बताया कि कार की बोनट पर बांधने से पहले सेना ने उनके पैर पर गोली मारी। उसके बाद लात-घूंसों से पिटाई की और पैंट खोलकर कार के बोनट पर लेटा दिया। इस दौरान वह सेना के आगे गिड़गिड़ा रहे थे। इजरायली सेना के जुल्म के शिकार युवकों के नाम मुजाहिद अबादी बलास और 23 वर्षीय समीर डबाया है। बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, दोनों ने अस्पताल में भर्ती के दौरान खुलासा किया कि कैसे इजरायली सेना ने उनके साथ बेहद बुरा सलूक किया। दोनों युवकों का कहना है कि कुछ दिन पहले सेना ने उनके साथ ऐसा बर्ताव किया था। ऐसी जानकारी मिली है कि आईडीएफ ने एक ही नंबर की कार पर दोनों युवकों को अलग-अलग समय पर बोनट पर लेटाकर परेड कराई थी। यह घटना सेना के ऑपरेशन वाली जगह जेनिन के बाहरी इलाक़े जबारियात पर अंजाम दी गई थी। पैर पर गोली मारी और फिर पैंट उतरवाई समीर ने बताया कि इजरायली सेना ने उन पर पीछे से गोली मारी। गोली उसके पैर पर लगी थी। वह जब जमीन पर लेटा था और खून लगातार बह रहा था तो सेना के जवानों ने उसकी बिल्कुल सुध नहीं ली। कुछ देर में जवान उसके पास आए और लात-घूंसों से मारने लगे। जब उसने उठने की कोशिश की तो बंदूक के पिछले हिस्से से उसके सिर और शरीर के बाकी हिस्से पर कई बार मारा गया। इसके बाद उसे जबरन खड़ा करवाया। पैंट उतरवाई और पूरी तरह से नंगा कर दिया। इसके बाद उन्हें कार के बोनट पर लेटने को कहा आईडीएफ ने युवकों के साथ की घिनौनी करतूत समीर ने आगे बताया कि सेना ने जब उसे कार के बोनट पर लेटने को कहा तो कार का आगे का हिस्सा काफी गर्म था। इतना कि वह सहन तक नहीं हो पा रहा था। इस दौरान वह सेना के जवानों के आगे गिड़गिड़ा रहा था लेकिन, जवानों का दिल नहीं पसीजा। उससे कहा गया कि अगर वह अपनी जान बचाना चाहता है तो उसे ये करना होगा। इसके बाद उसे रस्सियों से बांधकर कार की बोनट पर लेटा दिया। इस दौरान वह लगातार प्रार्थना कर रहा था। उसने बताया कि उसे ऐसा लग रहा था कि यह उसका अंतिम पल है। हालांकि गनीमत रही कि दोनों की जान बच गई। आईडीएफ ने माना- हमारे जवानों से गलती हुई उधर, फिलिस्तीनी युवकों को कार की बोनट पर लेटाकर परेड कराने के मामले में इजरायली सेना की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काफी आलोचना हो रही है। आईडीएफ ने इस मामले में बयान दिया है कि यह करतूत वाकई गलत है और आईडीएफ इस तरह के कृत्य को कभी बढ़ावा नहीं देता है। आईडीएफ ने मामले में जांच शुरू कर दी है।  

22वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन में भाग लेने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 8 और 9 जुलाई को रूस जायेंगे

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आधिकारिक रूसी दौरे का ऐलान हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 8 और 9 जुलाई को रूस की दो दिवसीय यात्रा पर जाएंगे, जहां वह 22वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे जहां इन दोनों देशों के बीच बहुआयामी संबंधों की संपूर्ण समीक्षा की जाएगी। विदेश मंत्रालय ने बताया कि रूस की अपनी यात्रा समाप्त करने के बाद मोदी ऑस्ट्रिया जाएंगे, जो 41 वर्षों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की ऑस्ट्रिया की पहली यात्रा होगी। करीब पांच साल में मोदी की यह पहली रूस यात्रा होगी। रूस की उनकी पिछली यात्रा 2019 में हुई थी जब उन्होंने व्लादिवोस्तोक में एक आर्थिक सम्मेलन में शिरकत की थी। मोदी की पुतिन के साथ आगामी वार्ता में कोई भी विषय अछूता नहीं होगा: क्रेमलिन इससे पहले क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने मंगलवार को कहा कि राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बीच संबंधों की “अत्यंत भरोसेमंद प्रकृति” को देखते हुए, दोनों नेताओं के बीच यहां होने वाली मुलाकात में कोई भी विषय उनके लिए अछूता नहीं होगा। रूस की सरकारी समाचार एजेंसी टीएएसएस ने पेस्कोव के हवाले से बताया कि पुतिन और मोदी अपनी बैठक के दौरान क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा, व्यापार तथा एजेंडे के अन्य सभी विषयों पर चर्चा करेंगे। पुतिन और मोदी के बीच वार्ता में किन विषयों पर चर्चा होगी, इस बारे में पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए क्रेमलिन अधिकारी ने कहा, “हम (रूस और भारत) संयुक्त रूप से समन्वय प्रक्रियाओं में भाग लेते हैं, इसलिए क्षेत्रीय मामले, क्षेत्रीय सुरक्षा और वैश्विक सुरक्षा हमेशा एजेंडे में सबसे ऊपर रहता है। इसके अलावा, निश्चित रूप से, हमारा द्विपक्षीय व्यापार और आर्थिक संपर्क हमेशा एक केंद्र बिंदु होता है।” प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा को “बहुत महत्वपूर्ण” बताते हुए अधिकारी ने कहा कि मॉस्को और नयी दिल्ली में विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग विकसित करने की “पारस्परिक राजनीतिक इच्छाशक्ति” है। पेस्कोव ने कहा, “राष्ट्रपति पुतिन और प्रधानमंत्री मोदी के बीच संबंधों की बहुत भरोसेमंद प्रकृति को देखते हुए, हम उम्मीद कर सकते हैं कि एजेंडे में शामिल सभी मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान होगा और मुद्दे कई हैं।”

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