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भारत की सैन्य ताकत को बढ़ावा, डीआरडीओ की एयर-टू-एयर मिसाइल में बड़ी सफलता

नई दिल्ली डीआरडीओ ने एक बड़ी तकनीकी सफलता हासिल की है। ओडिशा के तट के पास चांदीपुर स्थित इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज से सॉलिड फ्यूल डक्टेड रैमजेट तकनीक का सफल परीक्षण किया गया। इस तकनीक की मदद से अब देश लंबी दूरी की एयर-टू-एयर में मार करने वाली मिसाइलें विकसित कर सकेगा, जिससे दुश्मनों पर रणनीतिक बढ़त मिलेगी। इस सफल परीक्षण के साथ भारत उन चुनिंदा देशों की सूची में शामिल हो गया है जिनके पास यह उन्नत तकनीक मौजूद है। डीआरडीओ के अनुसार, यह महत्वपूर्ण परीक्षण मंगलवार सुबह 10.45 बजे हुआ। परीक्षण के दौरान मिसाइल को पहले जमीन से लगाए गए बूस्टर की मदद से तेज रफ्तार दी गई। इसके बाद उसके सभी अहम हिस्सों ने बिल्कुल उम्मीद के मुताबिक काम किया। इसमें बिना नोजल वाला बूस्टर, सॉलिड फ्यूल डक्टेड रैमजेट मोटर और फ्यूल फ्लो कंट्रोल सिस्टम शामिल थे। पूरी उड़ान के दौरान मिले आंकड़ों से यह साफ हुआ कि सिस्टम ने सही तरीके से काम किया। इस परीक्षण पर बंगाल की खाड़ी के किनारे तैनात कई आधुनिक उपकरणों से लगातार नजर रखी गई। इस लॉन्च को डीआरडीओ की अलग-अलग प्रयोगशालाओं के वरिष्ठ वैज्ञानिकों ने देखा। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस सफलता के लिए डीआरडीओ और इससे जुड़े उद्योगों की तारीफ की। वहीं, डीआरडीओ प्रमुख और रक्षा अनुसंधान एवं विकास विभाग के सचिव डॉ. समीर वी. कामत ने भी पूरी टीम को इस सफल उड़ान परीक्षण के लिए बधाई दी। यह परीक्षण भारत की रक्षा तकनीक को और मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा और अहम कदम माना जा रहा है। बता दें कि इससे पहले इसी माह हाइपरसोनिक मिसाइल प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भारत ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की चुका थी। यह उपलब्धि डिफेन्स रिसर्च एंड डेवलपमेंट लेबोरेटरी (डीआरडीएल) की सहायता से हासिल की गई थी। यह उपलब्धि भारत के हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइल विकास कार्यक्रम के लिए एक निर्णायक और आधारभूत कदम माना जा रहा है। डीआरडीएल, रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) की हैदराबाद स्थित अग्रणी प्रयोगशाला है। इस सफल परीक्षण ने भारत को उन्नत एयरोस्पेस क्षमताओं की वैश्विक अग्रिम पंक्ति में स्थापित किया था। यह महत्वपूर्ण परीक्षण 9 जनवरी को डीआरडीएल की अत्याधुनिक स्क्रैमजेट कनेक्ट पाइप टेस्ट सुविधा में किया गया। रक्षा मंत्रालय के अनुसार इसने स्क्रैमजेट दहनकक्ष ने 12 मिनट से अधिक समय तक निरंतर और स्थिर संचालन प्रदर्शित किया। हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइल ध्वनि की गति से पांच गुना से अधिक, अर्थात 6,100 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक की रफ्तार से लंबे समय तक उड़ान भरने में सक्षम होती है।

मणिपुर को मिला नया मुख्यमंत्री, युमनाम खेमचंद सिंह संभालेंगे कमान

इंफाल. मणिपुर विधायक दल की बैठक में भाजपा नेता युमनाम खेमचंद सिंह को विधायक दल का नेता चुना गया। इसके साथ ही खेमचंद के मणिपुर के नए सीएम बनने का रास्ता साफ हो गया है। मणिपुर में इस महीने 12 फरवरी को राष्ट्रपति शासन खत्म हो रहा था। इससे पहले राज्य में भाजपा ने नए मुख्यमंत्री चुनने की कवायद तेज कर दी थी। केंद्रीय पर्यवेक्षक तरुण चुघ ने पटका पहनाकर युमनाम खेमचंद का स्वागत किया। इस मौके पर मणिपुर स्टेट प्रेसिडेंट और नॉर्थ ईस्ट के इंचार्ज संबित पात्रा मौके पर मौजूद थे। मणिपुर में नई सरकार के गठन के लिए भारतीय जनता पार्टी के विधायक सोमवार को दिल्ली पहुंच गए थे। मणिपुर में पिछले साल 13 फरवरी से राष्ट्रपति शासन लागू है, जो पूर्व मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह के इस्तीफे के बाद लंबे समय से चल रही जातीय हिंसा के बीच लागू हुआ था। बीरेन सिंह के राज्य के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के चार दिन बाद, पिछले साल 13 फरवरी को केंद्र सरकार ने मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया था। बता दें कि 60 सदस्यीय मणिपुर विधानसभा, जिसका कार्यकाल 2027 तक है, को निलंबित रखा गया था। इस बीच नई सरकार के गठन की कवायद में भाजपा संसदीय बोर्ड ने मणिपुर में विधायक दल के नेता के चुनाव के लिए भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ को केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया। इससे पहले, पिछले साल 14 दिसंबर को, मणिपुर भाजपा विधायक दल ने नई दिल्ली में पार्टी मुख्यालय में शांति प्रक्रिया और हिंसाग्रस्त राज्य से संबंधित अन्य प्रमुख मुद्दों पर चर्चा करने के लिए एक बैठक आयोजित की थी। इस बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री बीरेन सिंह और राज्य विधानसभा अध्यक्ष थोकचोम सत्यव्रता सिंह सहित 34 से अधिक भाजपा विधायकों के साथ-साथ बीएल संतोष, संबित पात्रा और मणिपुर भाजपा अध्यक्ष शारदा देवी भी उपस्थित थीं

उधमपुर गूंजा गोलियों से: सुरक्षाबलों की कार्रवाई में जैश आतंकी खत्म, जंगलों में तलाशी तेज

उधमपुर जम्मू-कश्मीर के उधमपुर जिले में सुरक्षाबलों को आतंकवाद के खिलाफ बड़ी सफलता मिली है। मजलता इलाके के बसंतगढ़ में हुई मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के एक आतंकवादी को मार गिराया है। फिलहाल इलाके में 2-3 अन्य आतंकियों के छिपे होने की आशंका है, जिसके चलते ऑपरेशन अभी भी जारी है। खुफिया इनपुट के बाद शुरू हुआ जॉइंट ऑपरेशन सुरक्षाबलों को उधमपुर के चिगला बलोता और बसंतगढ़ के ऊपरी इलाकों में संदिग्ध गतिविधियों की सटीक सूचना मिली थी। इसके बाद भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ (CRPF) ने एक संयुक्त तलाशी अभियान शुरू किया।     मुठभेड़ की शुरुआत: मंगलवार शाम करीब 4 बजे जब जवानों ने आतंकियों को घेरा, तो उन्होंने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में एक आतंकी मारा गया।     घेराबंदी: सुरक्षाबलों ने पूरे इलाके को सील कर दिया है और ड्रोन व आधुनिक उपकरणों की मदद से अन्य आतंकियों की तलाश की जा रही है। सेना और व्हाइट नाइट कॉर्प्स का बयान सेना की व्हाइट नाइट कॉर्प्स ने ऑपरेशन की पुष्टि करते हुए सोशल मीडिया (X) पर जानकारी साझा की। सेना के अनुसार, यह एक ‘इंटेलिजेंस आधारित जॉइंट ऑपरेशन’ है। बसंतगढ़ के दुर्गम इलाकों में आतंकियों की मौजूदगी को देखते हुए अतिरिक्त जवानों की टुकड़ियों को मौके पर भेजा गया है।   बढ़ाई गई सुरक्षा और सतर्कता उधमपुर के जोफड़ और आसपास के जंगली इलाकों में पिछले कुछ दिनों से संदिग्ध गतिविधियां देखी जा रही थीं। रविवार रात से ही इलाके में अलर्ट जारी था। ताजा मुठभेड़ के बाद पूरे उधमपुर जिले में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और स्थानीय निवासियों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

रूसी तेल डील पर अटकी सांसें: कंपनियां बोलीं– अभी नहीं रोक सकते, सरकार क्या करेगी?

नई दिल्ली अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच हुए ऐतिहासिक व्यापार समझौते के बाद भारत के ऊर्जा क्षेत्र में बड़ी हलचल शुरू हो गई है। समझौते के तहत, भारत ने रूस से तेल खरीदना बंद करने और बदले में अमेरिका व वेनेजुएला से तेल आयात बढ़ाने पर सहमति जताई है। हालांकि, भारतीय तेल कंपनियों का कहना है कि रूसी तेल के आयात को पूरी तरह रोकने के लिए उन्हें समय चाहिए होगा ताकि वे इस बदलती व्यवस्था के साथ तालमेल बिठा पाएं। कंपनियों का कहना है कि फरवरी में बुक किए गए रूसी तेल के कार्गो मार्च में भारत पहुंच रहे हैं। हालांकि, सरकार ने अभी तक औपचारिक रूप से रूसी तेल आयात बंद करने का कोई आदेश जारी नहीं किया है। समझौते की मुख्य शर्तें और असर? सोमवार को घोषित इस व्यापार सौदे के केंद्र में टैरिफ और ऊर्जा नीति है। अमेरिका भारतीय सामानों पर लगने वाले आयात शुल्क (टैरिफ) को 50% से घटाकर 18% कर देगा। इसके बदले में भारत को रूसी तेल की खरीद बंद करनी होगी और अपनी व्यापारिक बाधाओं को कम करना होगा। भारत अब अपनी जरूरतों के लिए अमेरिका और संभावित रूप से वेनेजुएला से अधिक तेल खरीदेगा। रिफाइनरों की चुनौतियां और मौजूदा स्थिति रिफाइनिंग से जुड़े दो सूत्रों ने रॉयटर्स को बताया कि सरकार की ओर से अभी तक आधिकारिक तौर पर आयात रोकने का लिखित आदेश नहीं मिला है। रिफाइनरों के सामने कुछ तकनीकी और व्यापारिक अड़चनें हैं।     भारतीय कंपनियों ने पहले ही फरवरी में लोड होने वाले और मार्च में भारत पहुंचने वाले कार्गो बुक कर लिए हैं। इन समझौतों को पूरा करने के लिए समय चाहिए।     नयारा एनर्जी का संकट: रूस समर्थित इस रिफाइनरी की क्षमता 4 लाख बैरल प्रतिदिन है। यह पूरी तरह रूसी कच्चे तेल पर निर्भर है क्योंकि इराक और सऊदी अरब ने पहले ही हाथ खींच लिए हैं।     सूत्रों का कहना है कि नयारा अप्रैल में अपनी रिफाइनरी को मेंटेनेंस के लिए बंद कर रही है, जिससे उस दौरान रूसी तेल का आयात स्वतः ही शून्य हो जाएगा। रूसी तेल पर नहीं बोले पीएम मोदी 2022 में यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद भारत रूसी समुद्री कच्चे तेल का सबसे बड़ा खरीदार बन गया था। अमेरिका का उद्देश्य रूस के राजस्व को कम करना है ताकि युद्ध के लिए उसकी फंडिंग को रोका जा सके। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि हमने व्यापार और रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने सहित कई विषयों पर बात की। प्रधानमंत्री मोदी रूसी तेल खरीदना बंद करने और अमेरिका व वेनेजुएला से अधिक खरीद करने पर सहमत हुए हैं। दूसरी ओर, प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया पर टैरिफ कम होने पर प्रसन्नता तो व्यक्त की, लेकिन रूसी तेल आयात बंद करने के विषय पर सीधे तौर पर कोई बयान नहीं दिया। भारत पहले से ही धीरे-धीरे अपनी तेल आपूर्ति में विविधता ला रहा है। पिछले दो वर्षों में दिसंबर में रूसी तेल का आयात सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया। भारतीय आयात में ओपेक देशों की हिस्सेदारी 11 महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है। अमेरिका ने संकेत दिए हैं कि भारत रूसी तेल की कमी को पूरा करने के लिए वेनेजुएला से तेल खरीदना फिर से शुरू कर सकता है। भारत के लिए यह समझौता एक तरफ अमेरिकी बाजार में सस्ते पहुंच का रास्ता खोलता है, तो दूसरी तरफ अपनी रिफाइनरियों के लिए ऊर्जा के नए और स्थायी स्रोत तलाशने की चुनौती पेश करता है। आने वाले महीनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि भारत सरकार किस तरह से रूसी तेल पर अपनी निर्भरता को शून्य पर ले जाती है।

ट्रंप से टैरिफ डील फाइनल, PM मोदी ने कहा– आत्मविश्वास से लिख रहा भारत नई आर्थिक कहानी

नई दिल्ली भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच वार्ता के बाद टैरिफ डील पर बड़ा फैसला हुआ है। अमेरिका ने अब भारत पर लगने वाले टैरिफ को सीधे 50 फीसदी से घटाकर 18 पर्सेंट कर दिया है। इसे भारत और अमेरिका के रिश्तों में सुधार की नई पहल के तौर पर देखा जा रहा है। इसके अलावा भारत के एक्सपोर्ट बाजार के लिहाज से भी यह अहम है। इस फैसले को लेकर पीएम नरेंद्र मोदी ने सोमवार रात को ही एक ट्वीट किया था और डोनाल्ड ट्रंप को धन्यवाद दिया था। अब उन्होंने एक और पोस्ट की है, जिसमें आत्मविश्वास के जरिए विकसित भारत के रास्ते में आगे बढ़ने की बात कही है।   पीएम नरेंद्र मोदी ने इस पोस्ट में टैरिफ डील का जिक्र नहीं किया, लेकिन उनकी बात को उससे ही जोड़कर देखा जा रहा है। पीएम मोदी ने लिखा, ‘आत्मविश्वास वह बल है जिससे सब कुछ संभव है और विकसित भारत के सपने को साकार करने में यही शक्ति काम आएगी।’ मोदी ने यह टिप्पणी अमेरिका और भारत के बीच एक व्यापार समझौते पर सहमति बनने के कुछ घंटों बाद की है। इस समझौते के तहत वाशिंगटन भारतीय वस्तुओं पर जवाबी शुल्क को मौजूदा 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर देगा। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ‘आत्मविश्वास वह शक्ति है जिसके बल पर सब कुछ संभव है। विकसित भारत के सपने को साकार करने में देशवासियों की यही शक्ति बहुत काम आने वाली है।’ मोदी ने संस्कृत का यह श्लोक भी साझा किया- ”श्रीर्मङ्गलात् प्रभवति प्रागल्भ्यात् सम्प्रवर्धते। दाक्ष्यात् तु कुरुते मूलं संयमात् प्रतितिष्ठत।’ उन्होंने इस श्लोक का अर्थ समझाते हुए लिखा, ‘शुभ कार्यों से धन अर्जित होता है। यह साहस और आत्मविश्वास से बढ़ता है, कुशलता एवं दक्षता से स्थिर रहता है और संयम द्वारा सुरक्षित होकर राष्ट्र की प्रगति में सहायक बनता है।’ ट्रंप के दावों पर अब भी सस्पेंस, भारत सरकार की प्रतिक्रिया का इंतजार बता दें कि भारत पर अमेरिका ने मोटे टैरिफ लादे थे। इसके बाद कई बार ऐसा हुआ कि दोनों देशों के बीच टैरिफ खत्म करने को लेकर बात कई बार बात हुई, लेकिन सिरे नहीं चढ़ सकी। अब इस डील के बाद माना जा रहा है कि अमेरिका और भारत के बीच संबंधों में सुधार हो सकता है। अब नई डील के साथ ही भारत पर अमेरिकी टैरिफ काफी कम हो गया और यह पाकिस्तान, चीन समेत अपने तमाम पड़ोसी देशों के मुकाबले कम है। हालांकि अब भी इस बात को लेकर सवाल उठ रहे हैं कि क्या भारत ने अमेरिकी उत्पादों की भारतीय बाजार में एंट्री और रूस से तेल खरीद रोकने पर सहमति जताई है या नहीं।

धामी के नेतृत्व में बड़ा कीर्तिमान: राज्य बनने के बाद पहली बार 6 करोड़ का वार्षिक आंकड़ा पार

देहरादून पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहल रंग लाई है। प्रदेश में पर्यटकों की बढ़ती संख्या ने नया कीर्तिमान बनाया है। वर्ष 2025 में छह करोड़ तीन लाख से अधिक पर्यटक उत्तराखंड आए हैं, जो राज्य गठन के बाद से अब तक की सर्वाधिक संख्या है। हरिद्वार में सबसे अधिक तीन करोड़ 42 लाख 49 हजार 380 पर्यटक और तीर्थयात्री पहुंचे हैं, जबकि देहरादून में 67 लाख 35 हजार 71 और टिहरी जनपद में 53 लाख 29 हजार 759 सैलानी आए हैं। सीएम पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड में पर्यटन को नई गति मिली है। पर्यटन विकास के लिए जहां कई महत्वपूर्ण योजनाएं शुरू की गई हैं, वहीं पर्यटन-तीर्थ स्थलों में बुनियादी सुविधाओं के विकास पर खास जोर दिया गया है। पर्यटकों-तीर्थयात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए आवश्यक सुरक्षा प्रबंध भी किए गए हैं। धामी सरकार के इन प्रयासों का ही परिणाम है कि उत्तराखंड में पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। पर्यटन विभाग के अनुसार, वर्ष 2025 में कुल 6 करोड़ 3 लाख 21 हजार 194 पर्यटक उत्तराखंड आए हैं। इनमें एक लाख 92 हजार 533 विदेशी सैलानी शामिल हैं। उत्तराखंड राज्य गठन के बाद पहली बार पर्यटकों एवं तीर्थयात्रियों की संख्या छह करोड़ के पार पहुंची है। पूर्व के आंकड़ों पर नजर डालें तो वर्ष 2021 में 2,00,18,115, 2022 में 5,39,81,338, 2023 में 5,96,36,601 और वर्ष 2024 में 5,95,50,277 पर्यटकों एवं तीर्थयात्रियों ने उत्तराखंड का रुख किया है। इसे से लेकर सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि पर्यटन उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था का बड़ा आधार है। हमारी सरकार राज्य में पूरे वर्ष पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा दे रही है, ताकि पर्यटन कारोबार से जुड़े स्थानीय निवासियों और युवाओं को सालभर रोजगार के अवसर उपलब्ध हों। शीतकालीन यात्रा इसी की एक कड़ी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मां गंगा जी के दर्शन को उनके शीतकालीन प्रवास स्थल मुखबा की यात्रा पर आने के बाद राज्य में शीतकालीन यात्रा को बढ़ावा मिला है और बड़ी संख्या में यात्री उत्तराखंड पहुंचे हैं। हमने पर्यटक सुविधाएं बढ़ाने के साथ उनकी सुरक्षा को भी सर्वोच्च प्राथमिकता दी है और इन्हीं सब प्रयासों का परिणाम है कि उत्तराखण्ड में पर्यटकों की बढ़ती संख्या हर वर्ष नया रिकॉर्ड बना रही है।

देहरादून में बस पलटी, खाई में गिरने से त्रासदी; 3 मरे, कई घायल

देहरादून देहरादून के विकासनगर इलाके में हिमाचल रोड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन की एक बस 30 से ज्यादा यात्रियों को लेकर गहरी खाई में गिर गई, जिससे कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। हादसे की सूचना मिलते ही एसडीआरएफ ने बचाव अभियान शुरू कर दिया है। कालसी थाना पुलिस मौके पर मौजूद है। कई लोग गंभीर रूप से घायल हैं। घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया है। मिली जानकारी के अनुसार यह हादसा क्वाणु इलाके में सुदोई खड्ड के पास हुआ, जब चौपाल-नेरवा से हिमाचल प्रदेश के पांवटा साहिब जा रही हिमाचल रोड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन की बस कथित तौर पर बेकाबू होकर खाई में गिर गई। अधिकारियों ने बताया कि तीन यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 15 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। अधिकारियों के अनुसार, बस सुबह करीब 6:30 बजे चौपाल डिपो से नेहवा पहुंची थी और मीनस-क्वाणु-हरिपुर रूट से पांवटा साहिब की ओर जा रही थी। उस समय बस में कथित तौर पर 30 से ज़्यादा लोग सवार थे। यह हादसा सुबह करीब 10 बजे हुआ। शुरुआती जानकारी के अनुसार, मीनस-क्वाणु-हरिपुर सड़क पर सुदोई खड्ड के पास एक ट्रक को रास्ता देते समय सड़क का किनारा धंस गया। नतीजतन, यात्रियों से भरी हिमाचल रोड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन बस का संतुलन बिगड़ गया, वह कई बार पलटी और आखिरकार सीधी गहरी खाई में जा गिरी। हादसे के तुरंत बाद, स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और राहत-बचाव कार्यों में मदद करने लगे। घटना की जानकारी मिलते ही, पुलिस प्रशासन और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल की टीमों को तुरंत मौके पर भेजा गया। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घटना पर दुख व्यक्त किया और कहा कि वह स्थिति पर करीब से नजर रख रहे हैं। सीएम धामी ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर कहा, “हमें कालसी क्षेत्र (देहरादून) में क्वाणु-मीनस मोटर रोड पर हिमाचल ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन की बस के दुर्घटनाग्रस्त होने की बेहद दुखद खबर मिली है। दुर्घटना की जानकारी मिलते ही, मैंने फोन पर जिला मजिस्ट्रेट से बात की और आवश्यक निर्देश दिए।” उन्होंने आगे कहा कि जिला प्रशासन और पुलिस ने तुरंत राहत और बचाव अभियान शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा, “आस-पास के सभी मेडिकल सेंटरों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। अगर जरूरत पड़ी, तो गंभीर रूप से घायल यात्रियों को एयरलिफ्ट करके एडवांस्ड मेडिकल सेंटरों में भर्ती कराया जाएगा। मैं भगवान से सभी यात्रियों की सुरक्षित सेहत के लिए प्रार्थना करता हूं।” बचाव और राहत अभियान अभी जारी हैं, और अधिकारियों ने कहा कि और जानकारी का इंतजार है।

एप्स्टीन घोटाले की कहानी: सर्वाइवर ने उजागर किया रोजाना 10 लड़कियों का शोषण

न्यूयॉर्क दुनिया में अगर सबसे घिनौने अपराधों की बात की जाए, तो एप्स्टीन फाइल का नाम जरूर आता है. जेफ्री एप्स्टीन की काली दुनिया परत दर परत खुल रही है और कई बड़े नाम इस जाल में सामने आते जा रहे हैं. एप्स्टीन का निजी द्वीप लिटिल सेंट जेम्स, जिसे मीडिया एप्स्टीन आइलैंड कहता है, उसके अपराधों का केंद्र था. यहीं नाबालिग लड़कियों को ले जाकर उनका शोषण किया जाता था. अब पीड़िताओं की आवाजें दुनिया तक पहुंच रही हैं, और इन्हीं में से एक हैं मरीना लसेर्डा, जिन्हें 2019 के इंडिक्टमेंट में माइनर विक्टिम-1 कहा गया था. ब्राजील से न्यूयॉर्क तक, एक बच्ची का डरावना सफर मरीना ने अपनी कहानी कई वेस्टर्न मीडिया संस्थानों में बताई है. उनका कहना है कि वे ब्राजील से अमेरिका आईं और न्यूयॉर्क में अपनी मां और बहन के साथ एक छोटे कमरे में रहती थीं. परिवार चलाने के लिए चौदह साल की उम्र में तीन नौकरियां कर रही थीं.इसी दौरान एक दोस्त ने उन्हें काम का लालच दिया. 300 डॉलर मिलेंगे… बस एक ‘बड़े आदमी’ को मसाज देनी है. वह ‘बड़ा आदमी’ एप्स्टीन था. उसका न्यूयॉर्क टाउनहाउस मरीना के जीवन का सबसे खतरनाक मोड़ बन गया. पहली मुलाकात में ही मसाज का बहाना यौन शोषण में बदल गया. मरीना इसे ‘ड्रीम जॉब से वर्स्ट नाइटमेयर’ बताती हैं. 14 से 17 की उम्र. लगातार शोषण और डर करीब तीन साल तक मरीना एप्स्टीन के जाल में फंसी रहीं.वह उन्हें बार-बार बुलाता था. उनसे और कम उम्र की लड़कियां लाने को कहता था. स्कूल आईडी देखकर उम्र की पुष्टि करता था.एप्स्टीन के घर में रोज़ 5 से 10 लड़कियां आती-जाती थीं.एक बार मरीना 18 साल की लड़की ले आईं, तो वह गुस्से से चिल्लाया-ये तो बहुत बड़ी है.मरीना ने बताया कि उन्होंने एप्स्टीन को डोनाल्ड ट्रंप के साथ कई बार देखा, लेकिन वह कहती हैं कि उनका ध्यान हमेशा अपने ऊपर हो रहे अत्याचार को सहने पर रहता था. 2008 की चुप्पी और 2019 में खुलता सच 2008 में FBI ने मरीना से संपर्क किया था. वह ग्रैंड ज्यूरी के सामने सच बोलने के लिए तैयार थीं, लेकिन एप्स्टीन ने नॉन-प्रोसिक्यूशन एग्रीमेंट कर लिया और मरीना की आवाज उस समय दबा दी गई.मरीना आज भी कहती हैं कि अगर उन्हें 2008 में बयान देने दिया जाता, तो कई लड़कियां आज दर्द से बच सकती थीं. 2019 में जब केस दोबारा खुला, तो मरीना की गवाही एप्स्टीन पर लगे सेक्स ट्रैफिकिंग के आरोपों की रीढ़ साबित हुई. हालांकि एप्स्टीन की मौत जेल में हो गई, लेकिन फाइलें अब भी कई सवालों से घिरी हैं.सितंबर 2025 में मरीना पहली बार सार्वजनिक रूप से सामने आईं. कैपिटल हिल की प्रेस कॉन्फ्रेंस ने दुनिया का ध्यान खींचा. उन्होंने कहा था कि एप्स्टीन फाइलें पूरी तरह जारी करो. आधे सच से न्याय नहीं मिलता.अब 37 साल की मरीना एप्स्टीन सर्वाइवर्स की एक मजबूत आवाज बन चुकी हैं.उनकी लड़ाई सिर्फ अपने लिए नहीं, बल्कि उन सभी लड़कियों के लिए है जिन्हें सालों तक खामोश रखा गया.

लोकसभा में भारी बवाल, चेयर पर कागज़ उछालने पर सांसदों को पूरे सत्र के लिए निलंबन

नई दिल्ली संसद की कार्यवाही के दौरान मंगलवार को जमकर हंगामा देखने को मिला. राहुल गांधी को टोके जाने से व‍िपक्ष के सांसद इतने नाराज हो गए क‍ि उन्‍होंने लोकसभा स्‍पीकर के ऊपर कागज उछाल द‍िया. इसके बाद स्‍पीकर ने 8 सांसदों को सस्‍पेंड कर द‍िया है. ज‍िन सांसदों पर कार्रवाई की गई है, इनमें कांग्रेस से मणिकम टैगोर , गुरजीत सिंह औजला, अमरिंदर राजा वड़िंग, हिबी ईडन, किरन रेड्डी, प्रशांत पोडोले, एस. वेंकटेशन और डीन कोरियाकोस शामिल हैं. इन्‍हें पूरे सत्र के लिए निलंबित किया गया है. लोकसभा में पीठासीन की ओर पेपर उछालने वाले आठ विपक्षी सांसदों को बजट सत्र से निलंबित कर दिया है. विपक्षी सांसदों के निलंबन के बाद सदन में भारी हंगामा हो गया इसके बाद स्पीकर ने लोकसभा की कार्यवाही को बुधवार सुबह तक के लिए स्थगित कर दिया. वहीं, विपक्षी सांसदों को निलंबित किए जाने के विरोध में विपक्षी दल राहुल-प्रियंका के साथ मिलकर संसद परिसर में प्रदर्शन कर रहे हैं.  दरअसल, मंगलवार को लोकसभा में विभिन्न मुद्दों पर चर्चा के दौरान विपक्ष के सदस्यों ने अचानक हंगामा शुरू कर दिया और स्पीकर की कुर्सी की ओर पेपर फेंके. इसके बाद स्पीकर ने कार्यवाही को तीन बजे तक के लिए स्थगित कर दिया था. ध्वनिमत से पारित हुआ प्रस्ताव इसके बाद जैसे ही लोकसभा की कार्यवाही तीन बजे चौथी बार शुरू हुई तो इस अनुशासनहीन व्यवहार को लेकर पीठासीन ने पेपर उछालने वाले सदस्यों को नेम करने की बात कही. इस पर संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने पेपर उछालने वाले सदस्यों को बाकी सत्र के लिए निलंबित करने का प्रस्ताव पेश किया, जिसे सदन ने ध्वनिमत से पारित कर दिया. सभी सांसद संसद के सामने प्रदर्शन कर रहे हैं. न‍िलंबि‍त क‍िए गए सांसद गुरदीप सिंह औजला ने कहा, बिल्कुल गलत कार्रवाई है. हम संघर्ष करेंगे और जनता की आवाज उठाएंगे. अमरिंदर राजा वड़‍िंग ने कहा, दो दिन से राहुल गांधी को बोलने नहीं दिया जा रहा है. यह कहां का लोकतंत्र है. इसलिए हमने कागज फाड़कर विरोध जताया. आज तो राहुल गांधी ने अपने लेटर पैड पर साइन कर दिया था, फिर सरकार को क्या दिक्‍कत है. इससे पहले संसद में हंगामे और चेयरमैन पर कागज फेंकने के मामले में बीजेपी ने स्पीकर से शिकायत की है. हंगामा करने वाले सांसदों पर कार्रवाई की मांग की थी. इन सांसदों के बारे में जान‍िए     मणिकम टैगोर कांग्रेस से सांसद हैं. तम‍िलनाडु से आते हैं. मणिकम टैगोर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा में पार्टी व्‍ह‍िप भी हैं. वे संसद में अपनी आक्रामक शैली और दक्षिण भारत के मुद्दों को मुखरता से उठाने के लिए जाने जाते हैं.     गुरजीत सिंह औजला– अमृतसर से लगातार चुनाव जीतते आ रहे हैं. औजला पंजाब के सीमावर्ती इलाकों की समस्याओं, नशामुक्ति और किसानों के मुद्दों पर संसद में अपनी बात मजबूती से रखने के लिए पहचाने जाते हैं.     अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग– लुधियाना से आते हैं. राजा वड़िंग पंजाब कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष भी हैं. युवा कांग्रेस की पृष्ठभूमि से आए वड़िंग अपनी तेज-तर्रार राजनीति के लिए मशहूर हैं और उन्होंने 2024 में रवनीत बिट्टू को हराकर जीत दर्ज की थी.     हिबी ईडन- एर्नाकुलम से जीते हिबी ईडन एनएसयूआई (NSUI) के पूर्व अध्यक्ष रह चुके हैं. वे केरल की युवा राजनीति का प्रमुख चेहरा हैं और संसद में शिक्षा व युवाओं से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय रहते हैं.     किरण कुमार रेड्डी– तेलंगाना के भुवनगिरी से सांसद चमाला किरण कुमार रेड्डी मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के करीबी माने जाते हैं और 2024 के चुनाव में भाजपा और बीआरएस को हराकर संसद पहुंचे हैं.     प्रशांत पडोले– नाना पटोले के करीबी प्रशांत पडोले ने 2024 में भाजपा के गढ़ माने जाने वाले विदर्भ क्षेत्र में बड़ी जीत हासिल की। वे क्षेत्र में किसानों और ओबीसी समुदाय के मुद्दों पर सक्रिय हैं।     एस. वेंकटेशन- सीपीआई (एम) सांसद वेंकटेशन एक प्रसिद्ध तमिल लेखक और साहित्य अकादमी पुरस्कार विजेता हैं. वे संसद में तमिलनाडु के अधिकारों, संस्कृति और रेलवे से जुड़े मुद्दों को उठाने वाले सबसे मुखर सांसदों में से एक हैं.    डीन कोरियाकोस– इडुक्की से सांसद डीन कोरियाकोस युवा कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रहे हैं. वे इडुक्की के किसानों, विशेषकर पश्चिमी घाट और बफर जोन से जुड़े मुद्दों को संसद में जोर-शोर से उठाते हैं. हंगामे के बाद संसद स्‍थग‍ित लोकसभा में राहुल गांधी आज भी पूर्व आर्मी चीफ एमएम नरवणे की क‍िताब के बारे में बताना चाहते थे, लेकिन जब स्‍पीकर ने टोका तो वे अड़ गए. वे बार-बार वही बातें दोहराते नजर आए. स्‍पीकर ने हर बार उन्‍हें रोकने की कोश‍िश की, लेकिन उन्‍होंने नहीं मानी और आख‍िरकार सदन की कार्यवाही स्‍थग‍ित करनी पड़ी.

सुप्रीम कोर्ट ने कहा– व्हॉट्सऐप मेटा के साथ यूजर डेटा साझा न करे, प्राइवेसी को मिले संरक्षण

 नई दिल्ली व्हाट्सएप और मेटा की प्राइवेसी पॉलिसी मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने बेहद कड़ा रुख अख्तियार किया है. कोर्ट ने साफ किया कि डेटा शेयरिंग की ये प्रक्रिया भारतीय यूजर्स के निजता के अधिकार के खिलाफ है.  हालांकि, सीसीआई के वकील ने एनसीएलएटी (NCLAT) के कुछ निष्कर्षों पर आपत्ति जताई है. सीजेआई जस्टिस सूर्यकांत ने व्हाट्सएप को निर्देश देते हुए कहा, ‘हम आपको मेटा के साथ एक भी जानकारी साझा करने की अनुमति नहीं देंगे. हम आपको इस देश की नीतियों की गोपनीयता के साथ खेलने की इजाजत कतई नहीं देंगे.’  इस पूरे प्रकरण में कोर्ट के सामने तीन मुख्य अपीलें थीं, जो मेटा, व्हाट्सएप और भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) की ओर से दायर की गई थीं. सीनियर एडवोकेट मुकुल रोहतगी ने इन अपीलों का पक्ष रखा. सुनवाई के दौरान मेटा के वकील ने दलील दी कि कोर्ट के आदेश के मुताबिक 213 करोड़ रुपये के जुर्माने का भुगतान पहले ही किया जा चुका है. मेटा की नई प्राइवेसी पॉलिसी पर सवाल सुप्रीम कोर्ट ने व्हाट्सएप और मेटा की नई प्राइवेसी पॉलिसी पर सुनवाई करते हुए बेहद कड़े सवाल उठाए और कंपनी को डेटा साझा करने से साफ मना कर दिया. CJI ने व्हाट्सएप की नीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि आपने इसे इतनी चालाकी से तैयार किया है कि इसे समझना नामुमकिन है. उन्होंने पूछा कि क्या देश का आम आदमी, जैसे घर में काम करने वाले नौकर, निर्माण मजदूर या छोटे विक्रेता, इस जटिल नीति को समझ पाएंगे? कोर्ट ने साफ कहा कि उपभोक्ताओं को इस ऐप की ‘लत’ लगा दी गई है और अब उनकी मजबूरी का फायदा उठाया जा रहा है. यूजर्स के डेटा का गलत इस्तेमाल हो रहा- SC सीजेआई ने कहा कि लोगों के डेटा का इस्तेमाल व्यावसायिक लाभ के लिए किया जा रहा है और अब तक लाखों यूजर्स के डेटा का गलत इस्तेमाल हो चुका है. इस दौरान मेटा के वकील अखिल सिबल ने दलील दी कि व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए सीमित डेटा शेयरिंग की अनुमति है. इस पर सीजेआई ने कहा, ‘अगर आपको डेटा का कोई हिस्सा बेचने लायक लगेगा, तो आप उसे बेच देंगे! सिर्फ इसलिए कि भारतीय उपभोक्ता मूक हैं और उनके पास आवाज नहीं है, आप उन्हें शिकार नहीं बना सकते.’ सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल (SG) तुषार मेहता ने कहा कि व्हाट्सएप यूजर्स को सिर्फ दो ही विकल्प दे रहा है- ‘या तो पॉलिसी स्वीकार करो या ऐप का इस्तेमाल बंद कर दो.’ इस पर अदालत ने कहा कि बिहार के दूरदराज इलाकों या तमिलनाडु के गांवों में रहने वाले लोग, जिन्हें अंग्रेजी नहीं आती, वे इस नीति के खतरनाक परिणामों को कभी नहीं समझ पाएंगे. डेटा शेयर करने की इजाजत से SC का साफ इनकार सीजेआई ने साफ शब्दों में कहा, ‘जब तक आप हमें यह विश्वास नहीं दिला देते कि आपको ऐसा करने का कोई दैवीय अधिकार हासिल है, तब तक हम आपको डेटा शेयर करने की अनुमति नहीं देंगे.’  3 जजों की बेंच के सामने होगी अपीलों पर सुनवाई व्हाट्सएप के वकील ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि उनकी नीतियां दूसरे अंतरराष्ट्रीय क्षेत्राधिकारों के स्टैंडर्ड्स के मुताबिक ही हैं. लेकिन इन दलीलों को सुनने को बाद सीजेआई ने बताया कि एनसीएलएटी के सामने जनवरी 2025 के आदेश की स्थिति अभी भी अहम है. मामले की गंभीरता को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने अब सभी पक्षों को नोटिस जारी किया है. अब इन अपीलों पर विस्तृत सुनवाई सुप्रीम कोर्ट की 3 जजों की बेंच के सामने होगी.

मणिपुर चुनाव अपडेट: भाजपा सरकार के बने रहने की संभावना, CM पद की दौड़ में यह नेता और डिप्टी

इम्फाल क्या मणिपुर में फिर से भाजपा की सरकार बनेगी? इसके कयास तेज हो गए हैं क्योंकि भाजपा में मणिपुर से लेकर दिल्ली तक भागदौड़ तेज हो गई है। मणिपुर के 20 से ज्यादा भाजपा विधायक दिल्ली पहुंचे थे और अब पार्टी ने विधायक दल का नेता चुनने के लिए पर्यवेक्षक नियुक्त कर दिया है। राज्य में अगले साल ही राष्ट्रपति शासन खत्म होने वाला है और उससे पहले पार्टी के नेता चाहते हैं कि सरकार बना ली जाए। सोमवार को भाजपा ने मणिपुर में पर्यवेक्षक के तौर पर तरुण चुग को नियुक्त कर दिया है, जो पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव हैं। अब किसी भी दिन मणिपुर में एनडीए विधायकों की मीटिंग हो सकती है और नेता का चुनाव हो सकता है। भाजपा सूत्रों का कहना है कि नई सरकार में राज्य में एक डिप्टी सीएम भी होगा। मैतेई समुदाय से मुख्यमंत्री बनने की संभावना है तो वहीं कुकी समुदाय के किसी नेता को डिप्टी सीएम के तौर पर जिम्मेदारी दी जा सकती है। ऐसा इसलिए ताकि राज्य में यह संदेश जाए कि सरकार सभी को साथ लेकर चल रही है। बीते सालों में मैतेई और कुकी समुदाय के बीच तनाव देखा गया था और भीषण हिंसा हुई थी। इसी स्थिति से बचाव के लिए भाजपा अब कुकी समाज से एक डिप्टी सीएम बना सकती है। अब बात मुख्यमंत्री की करें तो बीरेन सिंह की सरकार में असेंबली स्पीकर रहे सत्यब्रत सिंह और पूर्व मंत्री टीएच बिस्वजीत सिंह और के. गोविंद दास को मौका मिल सकता है। ये सभी नेता मैतेई समुदाय के ही हैं। दरअसल भाजपा के भीतर भी तनाव की स्थिति है। कुकी विधायकों का कहना है कि उनके समुदाय का दबाव है। ऐसी स्थिति में यदि कुकी समुदाय को उचित प्रतिनिधित्व नहीं मिला तो उनके लिए सरकार का हिस्सा बनना मुश्किल होगा। ऐसी मांग कुकी विधायकों ने केंद्रीय नेतृत्व से की है। इसी को लेकर सरकार अब विचार कर रही है। यही नहीं कुछ विधायकों का कहना है कि मणिपुर को केंद्र शासित प्रदेश ही बना देना चाहिए, जिसकी अपनी विधानसभा भी हो। एक साल से मणिपुर में चल रहा है राष्ट्रपति शासन बता दें कि मणिपुर में पहली बार 13 फरवरी 2025 को राष्ट्रपति शासन लागू किया था। यह 6 महीने के लिए ही था और फिर अगस्त 2025 में एक बार फिर से इसे 6 महीने के लिए बढ़ा दिया गया। एन. बीरेन सिंह ने बीते साल फरवरी में ही सीएम पद छोड़ दिया था। बता दें कि मणिपुर में विधानसभा का कार्यकाल 2027 तक है। ऐसे में विधायक चाहते हैं कि कम से कम एक साल के लिए ही नए सिरे से सरकार का गठन हो और कुछ काम करके ही जनता के बीच चुनाव में जाया जाए। फिलहाल 60 सीटों वाले मणिपुर सदन में भाजपा के 37 विधायक हैं।

21 दिन, एक बड़ी बाज़ी! India-US डील के पीछे जिस शख्स ने पलट दिया पूरा खेल

 नई दिल्ली    भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौता हो गया है. पिछले करीब 10 महीने से टैरिफ को लेकर खींचतान चल रही थी, कई बार दोनों देशों के रिश्तों में तनाव भी देखने को मिला. लेकिन दोनों देशों के बीच बातचीत नहीं रुकी. बीच-बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना प्रिय मित्र बताते रहे, बदले में पीएम मोदी भी ट्रंप को अपना दोस्त कहते रहे.  दरअसल अमेरिका ने पहली बार अप्रैल में भारत पर 25 फीसदी टैरिफ लगाया, फिर रूसी तेल खरीदने का आरोप लगाकर 25 फीसदी अतिरिक्त पेनॉल्टी थोप दिया. जिससे भारत पर कुल टैरिफ बढ़कर 50 फीसदी हो गया था. लेकिन अब भारत को लेकर ट्रंप ने अपनी सच्ची दोस्ती दिखाई और टैरिफ को घटाकर केवल 18 फीसदी कर दिया है.  डील के पीछे इस शख्स की बड़ी भूमिका टैरिफ को लेकर दोनों देशों के बीच लगातार बैठकें चल रही थीं. लेकिन जब से सर्जियो गोर ने भारत में अमेरिकी राजदूत का पद संभाला, तब से ट्रेड डील को लेकर धीरे-धीरे तस्वीरें साफ होने लगीं. सर्जियो गोर ने अमेरिकी राजदूत (United States Ambassador to India) का पद 12 जनवरी 2026 को संभाला था.  उन्होंने पद संभालते ही कहा था कि भारत और अमेरिका के बीच सबकुछ All Is Well है, उन्होंने कहा कि बातचीत सकारात्मक दिशा में चल रही है, जल्द अच्छे परिणाम आने वाले हैं, भारत और अमेरिका के बीच रिश्ते बेहद अच्छे हैं, दोनों देश एक-दूसरे को तरजीह देते हैं.  इससे पहले गोर व्हाइट हाउस प्रेसिडेंशियल पर्सनल ऑफिस के डायरेक्टर थे, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भरोसेमंद सहयोगी माने जाते हैं. ट्रंप ने भारत की कमान उन्हें ऐसे समय पर सौंपी, जब भारत–अमेरिका के रिश्तों में टैरिफ और व्यापार मुद्दों को लेकर तनाव बढ़ रहा था.  राजदूत के पद पर नियुक्ति के तुरंत बाद गोर ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच व्यापार वार्ता (trade deal) की बातचीत जारी है और दोनों देशों को इसे अंतिम रूप देने पर मिलकर काम करना चाहिए. अपने नियुक्त के अगले दिन यानी 13 जनवरी 2026 को ही भारत और अमेरिका के अधिकारियों के बीच ट्रेड डील पर बातचीत के संकेत दिए थे. उसके बाद उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच करीब 7 दौर की बैठकें हो चुकी हैं, और सबकुछ सकारात्मक दिशा में है. दोनों देशों के बीच रिश्ते बेहतर: सर्जियो गोर  इस बीच सर्जियो गोर (Sergio Gor) की नियुक्ति के 21वें दिन ही भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील का ऐलान हो गया है. कहा जा रहा है कि इस डील को अंतिम रूप देने में अमेरिकी राजदूत की बड़ी भूमिका रही है, क्योंकि ये डोनाल्ड ट्रंप के बेहद करीबी हैं और उन्हें ये जिम्मेदारी दी गई थी.  गोर ने अपने पहले बड़े सार्वजनिक संबोधन में कहा था कि कोई भी साझेदार भारत जितना महत्वपूर्ण नहीं है और भारत-अमेरिका का रिश्ता इस सदी की सबसे महत्वपूर्ण वैश्विक साझेदारी है. उन्होंने स्पष्ट किया कि दोनों देशों को व्यापार के साथ-साथ सुरक्षा, तकनीक, ऊर्जा और शिक्षा जैसे अन्य क्षेत्रों में भी मजबूत सहयोग की आवश्यकता है.  ट्रेड डील को लेकर गोर का बयान डील के ऐलान के बाद गोर ने कहा कि भारत और अमेरिका के रिश्तों में अनंत संभावनाएं हैं और यह समझौता दोनों के लिए एक लैंडमार्क क्षण है. उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप भी वास्तव में प्रधानमंत्री मोदी को एक सच्चा मित्र मानते हैं, और इसी व्यक्तिगत भरोसे ने व्यापार वार्ता को तेजी से आगे बढ़ाया है.  गोर ने कहा कि डील के तहत भारतीय वस्तुओं पर लगने वाला टैरिफ पहले के 50% से घटकर 18% हो गया है, जो दोनों देशों के सहयोग को आसान बनाता है और व्यापारिक तनाव को कम करता है. 

टैरिफ राहत के बाद PM मोदी का प्रेरक संदेश, श्लोक के जरिए दिया आत्मविश्वास का मंत्र

नई दिल्ली भारत और अमेरिका के बीच संभावित ट्रेड डील पर सहमति के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महाभारत का एक श्लोक शेयर किया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार रात में एक पोस्ट कर इसकी घोषणा की. पीएम मोदी ने भी एक पोस्ट में इस घोषणा पर खुशी जाहिर की है. अब भारतीय निर्यात पर अमेरिकी टैरिफ घटकर 18 फीसदी हो गया है. अमेरिका में भारत पर रूसी तेल खरीदने की वजह से लागू 25 फीसदी की पेनाल्टी को खत्म कर दिया है. पीएम मोदी ने जो श्लोक साझा किया है वह इस प्रकार है- श्रीर्मङ्गलात् प्रभवति प्रागल्भ्यात् सम्प्रवर्धते। दाक्ष्यात् तु कुरुते मूलं संयमात् प्रतितिष्ठति॥ यह श्लोक महाभारत के उद्योगपर्व (विदुर नीति) से लिया गया है, जिसमें विदुर ने धृतराष्ट्र को सफलता/समृद्धि (श्री/लक्ष्मी) के रहस्य बताए हैं. श्लोक का अर्थ इस श्लोक का सरल हिंदी में व्याख्या कुछ इस प्रकार है. श्री (समृद्धि, लक्ष्मी, सफलता, वैभव) शुभ/मंगल कार्यों से उत्पन्न होती है, प्रगल्भता (परिपक्व बुद्धि, आत्मविश्वास, वाक्पटुता) से बढ़ती है, दाक्ष्य (चतुराई, कुशलता, दक्षता) से मजबूत जड़ (मूल) बनाती है और संयम (अनुशासन, आत्मसंयम, संयम) से स्थिर/स्थायी होकर टिकी रहती है. श्लोक की व्याख्या श्रीर्मङ्गलात् प्रभवति- लक्ष्मी/समृद्धि शुभ कर्मों, अच्छे कार्यों और मंगल (शुभ) से जन्म लेती है. प्रागल्भ्यात् सम्प्रवर्धते- प्रगल्भता (बुद्धि की परिपक्वता, आत्मविश्वास, बोलने की कला) से वह बहुत बढ़ती है. दाक्ष्यात् तु कुरुते मूलं- दक्षता/कुशलता/चतुराई से वह मजबूत आधार/जड़ पकड़ लेती है. संयमात् प्रतितिष्ठति- संयम/अनुशासन से वह स्थायी रूप से स्थापित/टिकी रहती है. सारांश कुल मिलाकर प्रधानमंत्री इस श्लोक के जरिए यह कहना चाहते हैं कि समृद्धि और सफलता पहले अच्छे कर्मों से शुरू होती है, फिर आत्मविश्वास और परिपक्वता से बढ़ती है, कुशलता से मजबूत होती है और अंत में संयम/अनुशासन से हमेशा के लिए बनी रहती है. यह श्लोक जीवन में सफलता के चार चरणों को बहुत सुंदर तरीके से दर्शाता है. शुरूआत अच्छे कर्म से, विकास आत्मविश्वास से, मजबूती कुशलता से और स्थिरता संयम से. बहुत प्रेरणादायक श्लोक है!

बलूचिस्तान फिर सुलगा! BLA के ‘ऑपरेशन हेरोफ’ से पाक सेना पर भारी हमला, 200 जवानों के मारे जाने का दावा

इस्लामबाद  बलूच विद्रोही संगठन Balochistan Liberation Army (बीएलए) ने दावा किया है कि उसका ऑपरेशन हेरोफ फेज-2 बलूचिस्तान के कई जिलों में लगातार जारी है। संगठन के मुताबिक, इस अभियान को शुरू हुए 40 घंटे से अधिक हो चुके हैं और इस दौरान पाकिस्तानी सुरक्षा बलों को भारी नुकसान पहुंचाया गया है। बीएलए के प्रवक्ता जीयांद बलूच की ओर से जारी बयानों में कहा गया है कि खारान, मस्तुंग, टुम्प और पसनी जैसे इलाकों में ऑपरेशन पूरे किए जा चुके हैं। संगठन ने यह भी दावा किया कि उसके लड़ाके क्वेटा और नोशकी के कुछ हिस्सों में मौजूद रहे और वहां से पाकिस्तानी सैन्य दबाव को पीछे हटाया गया। 200 से अधिक पाक जवानों को मारने का दावा बीएलए का कहना है कि पाकिस्तान सेना, पुलिस और फ्रंटियर कॉर्प्स के 200 से ज्यादा जवान मारे गए हैं और कम से कम 17 लोगों को पकड़ा गया है। संगठन ने इन आंकड़ों को शुरुआती आकलन बताया है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री सरफराज बुगती के अनुसार, हिंसा में 17 कानून प्रवर्तन कर्मी और 31 नागरिकों की मौत हुई है। वहीं बीएलए ने चेतावनी दी है कि सेना का साथ देने वाले स्थानीय अधिकारी और पुलिसकर्मी उसके निशाने पर होंगे। दोनों पक्षों को नुकसान पाकिस्तान सेना के अनुसार, शनिवार को 92 और शुक्रवार को 41 अलगाववादी मारे गए। वहीं बीएलए ने भी स्वीकार किया है कि ऑपरेशन के दौरान उसके 18 लड़ाके मारे गए, जिनमें मजीद ब्रिगेड, फतेह स्क्वाड और STOS यूनिट के सदस्य शामिल हैं। संगठन ने यह भी माना कि हमलों में एक महिला हमलावर की भूमिका रही।  

असली दोस्ती का सबूत? भारत को टैरिफ राहत, संसद में PM मोदी का भव्य अभिनंदन

 नई दिल्ली नई दिल्ली में एनडीए संसदीय दल की बैठक के दौरान भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर खास उत्साह देखने को मिला. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संसद एनेक्सी भवन में आयोजित एनडीए संसदीय दल की बैठक में पहुंचे, जहां उनका जोरदार स्वागत किया गया. बैठक में भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर पीएम मोदी को सम्मानित भी किया गया. इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह संसद एनेक्सी भवन पहुंचे. उनके साथ केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव और भूपेंद्र यादव भी एनडीए संसदीय दल की बैठक में शामिल होने पहुंचे. बैठक में एनडीए के तमाम वरिष्ठ नेता और सांसद मौजूद रहे. बैठक के दौरान केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने बीते कुछ महीनों में भारत द्वारा किए गए अहम व्यापार समझौतों का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि हाल के महीनों में भारत ने कई बड़े ट्रेड डील्स किए हैं, जिनमें भारत-अमेरिका ट्रेड डील सबसे अहम है. रिजिजू ने इसे भारत की कूटनीतिक और आर्थिक मजबूती का बड़ा उदाहरण बताया. सेंसेक्स 2400, तो निफ्टी ने लगाई 700 अंकों की छलांग, टैरिफ डील से गदगद बाजार, ये 10 शेयर बने रॉकेट एनडीए नेताओं ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बधाई दी. नेताओं का कहना था कि इस समझौते से भारत को वैश्विक स्तर पर बड़ा आर्थिक फायदा मिलेगा और ‘मेड इन इंडिया’ उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में नई पहचान मिलेगी. बैठक में यह भी कहा गया कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील सिर्फ व्यापार तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी, ऊर्जा सहयोग और वैश्विक स्तर पर भारत की भूमिका और मजबूत होगी. एनडीए नेताओं ने पीएम मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि भारत आज दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के साथ बराबरी के स्तर पर बातचीत कर रहा है. एनडीए संसदीय दल की बैठक में कुल मिलाकर भारत-अमेरिका ट्रेड डील को सरकार की बड़ी उपलब्धि के तौर पर पेश किया गया और इसे देश की अर्थव्यवस्था के लिए गेम चेंजर बताया गया. भारत पर पड़ोसियों में सबसे कम टैरिफ… PAK-बांग्लादेश भारत के लिए गुड न्यूज (Good News For India) आ गई है और डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर लागू टैरिफ को घटाने (US Tariff Cut) का ऐलान कर दिया. ट्रंप ने सोमवार को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक लंबी चौड़ी पोस्ट शेयर कर Tariff Cut और India-US Trade Deal पर सहमति बनने का ऐलान किया. उन्होंने कहा कि भारत पर लागू रेसिप्रोकल टैरिफ अब 25% से घटकर सिर्फ 18% किया जाएगा. इस बीच एक बार फिर अमेरिकी राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना सबसे अच्छा दोस्त बताया और दोस्ती निभाते हुए टैरिफ में बड़ी कटौती कर दी. बता दें कि अब भारत पर अपने पड़ोसी पाकिस्तान, बांग्लादेश, चीन से भी कम Tariff हो गया है.  भारत पर 18% टैरिफ ही फाइनल  अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत के साथ एक व्यापार समझौते की घोषणा की है, जिसके तहत भारतीय वस्तुओं पर टैरिफ 50% से घटाकर 18% कर दिया गया है. इस ऐलान के साथ ही दुनिया के दो सबसे बड़े लोकतंत्रों के बीच बीते कुछ समय से चले आ रहे व्यापारिक तनाव को दूर करने में मदद मिलेगी. भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने भी कहा है कि भारत रूसी तेल की खरीद बंद करेगा और उसपर 50% की जगह 18 फीसदी का टैरिफ ही फाइनल है. वहीं रॉयटर्स की एक रिपोर्ट में व्हाइट हाउस के अधिकारी के हवाले से भी बताया गया है कि अमेरिका ने रूसी तेल आयात (Russian Oil Import) से जुड़े दंडात्मक शुल्क को वापस ले लिया है और अब सिर्फ संशोधित Reciprocal Tariff यानी 18 फीसदी लागू रहेगा.   भारत सबसे ज्यादा फायदे में, चीन-PAK पीछे  ट्रंप के भारत को लेकर किए गए इस बड़े Tariff Cut के ऐलान से अमेरिका के नए टैरिफ स्ट्रक्चर शुल्क संरचना के साथ भारत अब इस मामले में पड़ोसी अर्थव्यवस्थाओं से ज्यादा फायदे में आ गया है. चीन और पाकिस्तान की तुलना में भी भारत में अब काफी कम शुल्क हैं, जबकि इंडोनेशिया, बांग्लादेश और वियतनाम भी भारत से ज्यादा टैरिफ झेलने वाले देश बन चुके हैं.  इन देशों पर सबसे ज्यादा टैरिफ चीन 37%  ब्राजील 50%  दक्षिण अफ्रीका 30%  म्यांमार 40% लाओस 40% इन देशों पर कम, लेकिन भारत से ज्यदा टैरिफ बांग्लादेश 20% वियतनाम 20% मलेशिया 19%  कंबोडिया 19% थाईलैंड 19%  पाकिस्तान 19% टैरिफ के ये आंकड़े इस बात को दर्शाते हैं कि भारत के लिए संशोधित Tariff Rate उसे अमेरिका के सबसे प्रमुख सहयोगियों और व्यापारिक साझेदारों की लिस्ट और भी करीब लाता है. 

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