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4.1 करोड़ युवाओं के लिए प्रधानमंत्री पैकेज की घोषणा, रोजगार के लिए 1.48 लाख करोड़ का प्रावधान

Prime Minister's package announced for 4.1 crore youth, provision of Rs 1.48 lakh crore for employment

Prime Minister’s package announced for 4.1 crore youth, provision of Rs 1.48 lakh crore for employment मोदी सरकार ने अपने तीसरे कार्यकाल का पहला बजट आज यानी 23 जुलाई को पेश कर दिया। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस दौरान देश के युवाओं की नाराजगी को दूर करने के लिए कई अहम कदमों का एलान किया। नीट-यूजी, नेट जैसी परीक्षाओं में धांधली और रोजगार की समस्या को लेकर केवल विपक्ष ही सरकार पर हमलावर नहीं है, बल्कि देश के युवाओं में भी रोष है। ऐसे में आइए जानते हैं कि सरकार ने अंतरिम बजट में छात्रों-युवाओं के लिए क्या एलान किया और इससे पहले अंतरिम बजट में उनके लिए क्या-क्या घोषणाएं की गईं थीं। प्रधानमंत्री पैकेज की घोषणावित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, ‘मुझे 2 लाख करोड़ रुपये के केंद्रीय परिव्यय के साथ 5 वर्षों में 4.1 करोड़ युवाओं के लिए रोजगार, कौशल और अन्य अवसरों की सुविधा के लिए पांच योजनाओं और पहलों के लिए प्रधानमंत्री पैकेज की घोषणा करते हुए खुशी हो रही है। इस वर्ष हमने शिक्षा, रोजगार और कौशल के लिए 1.48 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।’ रोजगार से जुड़ी प्रोत्साहन योजनावित्त मंत्री ने कहा, ‘हमारी सरकार रोजगार से जुड़े प्रोत्साहन योजना के तहत तीन योजनाओं पर काम कर रही है। प्रधानमंत्री पैकेज के तहत यह योजना कर्मचारी भविष्य निधि संस्था (ईपीएफओ) पर आधारित होगी। इसके अलावा इस योजना के तहत पहली बार नौकरी कर रहे कर्मचारियों और नियोक्ताओं का ध्यान रखा जाएगा।’ योजना अ: पहली बार वालों के लिएयह योजना के तहत सभी क्षेत्रों में पहली बार काम करने वाले कर्मचारियों को एक महीने की दिहाड़ी दी जाएगी। पहली बार काम करने वाले कर्मचारियों को तीन किस्तों में पहला वेतन दिया जाएगा। ईपीएफओ में पंजीकृत होने के साथ ही यह न्यूनतम राशि 15 हजार रूपये होगी। ईपीएफओ में पंजीकृत लोगों को यह मदद मिलेगी। योग्यता सीमा एक लाख रुपये प्रति माह होगी। इससे 2.10 करोड़ युवाओं को फायदा होगा। योजना ख: विनिर्माण क्षेत्र में नौकरियां बढ़ानाइस योजना के तहत विनिर्माण क्षेत्र में नौकरियां बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा। इस योजना से विनिर्माण क्षेत्र में पहली बार नौकरी कर रहे अतिरिक्त कर्मचारियों को प्रोत्साहन मिलेगा। इस योजना में एक निर्दिष्ट पैमाने के तहत कर्मचारियों और नियोक्ताओं को प्रोत्साहन दिया जाएगा। इस योजना से विनिर्माण क्षेत्र में आने वाले 30 लाख युवाओं और उनके नियोक्ताओं को मदद मिलेगी। योजना ग: नियाक्ताओं की मदद करनायह योजना सभी क्षेत्रों में अतिरिक्त रोजगार के लिए नियोक्ताओं पर केंद्रित की गई है। एक लाख रुपये वेतन वाले सभी कर्मचारियों को भी इस योजना में शामिल किया गया है। वित्त मंत्री ने कहा,’केंद्र सरकार नियोक्ताओं को प्रत्येक अतिरिक्त कर्मचारी के ईपीएफओ योगदान के लिए दो साल तक प्रति माह 3000 रुपये तक की प्रतिपूर्ति करेगी। यह योजना 50 लाख लोगों के अतिरिक्त रोजगार को प्रोत्साहित करने के लिए स्वीकृत है।’ ‘रोजगार से महिलाओं को जोड़ने की योजना’वित्त मंत्री ने कहा, ‘हम रोजगार के क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए उद्योंगो के साथ मिलकर ‘महिला हॉस्टल’ और ‘बालगृहों’ की स्थापना करेंगे। यह योजना महिला कौशल कार्यक्रम को प्रोत्साहित करेगी।’‘कौशल योजना’वित्त मंत्री ने कहा, ‘कौशल योजना में प्रधानमंत्री पैकेज के तहत राज्य सरकारों के साथ मिलकर काम किया जाएगा। इसके तहत अगले पांच वर्षों में 20 लाख युवाओं को कुशल बनाया जाएगा।’ ‘कौशल ऋण योजना’वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा ‘7.5 लाख रुपये तक के ऋण की सुविधा के लिए मॉडल कौशल ऋण योजना को संशोधित किया जाएगा। इससे हर वर्ष 25 हजार छात्रों को मदद मिलेगी।’ ‘शैक्षणिक ऋण योजना’वित्त मंत्री ने कहा, ‘वे युवा, जो हमारी सरकार की योजनाओं से जुड़ने के लिए पात्र नहीं हैं। मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि ऐसे युवाओं को 10 लाख रुपये तक का ऋण देने में हम मदद करेंगे। घरेलू संस्थानों में उच्च शिक्षा हासिल करने के लिए ऐसे युवाओं को शैक्षणिक ऋण दिया जाएगा। इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए हर वर्ष एक लाख युवाओं को ‘ई वाउचर्स’ दिए जाएंगे। वार्षिक ब्याज सहायता के लिए सरकार की तरफ से कुल ऋण राशि का तीन प्रतिशत दिया जाएगा।’ अब जानते हैं अंतरिम बजट में क्या एलान किया गया थावित्त मंत्री ने एक फरवरी को पेश किए गए अंतरिम बजट भाषण में बताया था कि स्किल इंडिया मिशन के तहत देश में 1.4 करोड़ युवाओं को ट्रेंड किया गया है। साथ ही 54 लाख को अपस्किल या रि-स्किल किया गया है। पीएम मुद्रा योजना के तहत युवा उद्यमियों को 43 करोड़ के मुद्रा योजना लोन दिए गए। देश में 3000 नए आईटीआई बनाए गए हैं। साथ ही देश में सात आईआईटी, 16 आईआईआईटी, सात आईआईएम, 15 एम्स और 390 यूनिवर्सिटीज का निर्माण किया गया है। हालांकि, विपक्षी दलों ने सरकार पर हमेशा ही युवा वर्ग की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। विपक्षी दलों के अनुसार सरकार युवा वर्ग में बढ़ रही बेरोजगारी की समस्या को लगातार नजरअंदाज कर रही है। इसके साथ ही सेना में अग्निवीर जैसी योजनाएं लाकर उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। पिछले बजट में युवाओं के लिए हुए थे ये एलान युवाओं के लिए नौकरी के लिए बजट 2023 में सरकार ने 740 एकलव्य मॉडल रेजिडेंशियल स्कूलों के लिए 38,800 अध्यापकों और सहयोगी स्टाफ की भर्ती करने का एलान किया था।प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना 4.0 लॉन्च की गई थी। जिसके तहत लाखों युवाओं को कोडिंग, रोबोटिक्स, 3डी प्रिंटिंग, ड्रोन तकनीक आदि की ट्रेनिंग दी जा रही है।30 स्किल इंडिया इंटरनेशनल सेंटर विभिन्न राज्यों में बनाने का एलान किया गया था।एमएसएमई सेक्टर के लिए क्रेडिट गारंटी स्कीम के तहत नौ हजार करोड़ रुपये का फंड बनाने का एलान हुआ था।देश में साल 2014 तक बने 157 मेडिकल कॉलेजों के साथ 157 नए नर्सिंग कॉलेज खोलने का एलान किया गया। इस बार के बजट में युवाओं को सरकार से क्या अपेक्षा है?मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल के पहले बजट से बेरोजगारी की मार झेल रहे युवा वर्गा को भी कई अपेक्षाएं हैं। वर्तमान में देश में युवा वर्ग के सामने सबसे बड़ी समस्या रोज-रोटी सुनिश्चित करने की है। युवा वर्ग की ओर से लगातार सरकार से इस दिशा में मजबूत कदम उठाने की अपील की जा रही है। मोदी सरकार के पहले … Read more

बिहार को नहीं मिलेगा विशेष राज्य का दर्जा, सरकार ने साफ कह दिया

Bihar will not get special state status, government clearly said

Bihar will not get special state status, government clearly said केंद्र सरकार ने संसद में साफ कर दिया है कि बिहार को विशेष राज्य का दर्जा नहीं दिया जा सकता. मानसून सत्र के पहले दिन लोकसभा में एक लिखित जवाब में वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी कहा कि पहले राष्ट्रीय विकास परिषद (NDC) की ओर से कुछ राज्यों को विशेष श्रेणी का दर्जा दिया गया था, लेकिन उसके पीछे कई आधार थे. एनडीसी की ओर से राज्यों को विशेष राज्य का दर्जा कई विशेषताओं के आधार पर दिया गया था, जिन पर विशेष विचार करने की जरूरत थी. अपने लिखित जवाब में वित्त राज्य मंत्री ने बताया है कि जिन राज्यों को विशेष राज्य का दर्जा दिया गया है उनमें पहाड़ी और कठिन भूभाग, कम जनसंख्या घनत्व या फिर आदिवासी आबादी का बड़ा हिस्सा, पड़ोसी देशों के साथ सीमाओं पर रणनीतिक स्थान, आर्थिक और बुनियादी ढांचे के मामले में पिछड़ापन और राज्य के वित्त की गैर-व्यवहार्य प्रकृति शामिल हैं. इसी आधार पर कुछ राज्यों को विशेष राज्य का दर्जा दिया गया है. अंतर-मंत्रालयी समूह की रिपोर्ट का भी जिक्रउन्होंने आगे कहा कि इससे पहले विशेष श्रेणी के दर्जे के लिए बिहार के अनुरोध पर एक अंतर-मंत्रालयी समूह (IMG) ने विचार किया था, जिसने 30 मार्च, 2012 को अपनी रिपोर्ट भी पेश कर दी थी. आईएमजी इस निष्कर्ष पर पहुंचा था कि मौजूदा एनडीसी मानदंडों के आधार पर, बिहार के लिए विशेष श्रेणी का दर्जा का मामला नहीं बनता है. जेडीयू नेता बोले- बिहार को बहुत कुछ मिलेगासंसद में सरकार के लिखित जवाब पर राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं. जेडीयू नेता संजय सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार ने कहा है कि बिहार को विशेष दर्जा नहीं मिल सकता है, लेकिन नीतीश कुमार ने कहा है की आने वाले दिनों में बिहार को केंद्र से बहुत कुछ मिलेगा. बिहार सरकार में मंत्री महेश्वर हजारी ने कहा कि आने वाले समय को बिहार की यह मांग जरूर पूरी होगी. बीजेपी कोटे से मंत्री नीरज बबलू ने ने कहा कि केंद्र सरकार का बिहार पर विशेष ध्यान है. आरजेडी ने जेडीयू पर बोला हमलावहीं, आरजेडी के विधायक आलोक मेहता ने कहा कि जदयू हमेशा बिहार को विशेष दर्जे की राजनीति करता रहा है. अब केंद्र ने नीतीश की मांग खारिज कर दी है तो जदयू नेताओं को केंद्र सरकार से इस्तीफा दे देना चाहिए. नीतीश कुमार को एनडीए से अलग हो जाना चाहिए.

कांवड़ यात्रा रूट पर नेम प्लेट के आदेश पर SC ने लगाई रोक… सरकार को नोटिस जारी

SC bans order for name plates on Kanwar Yatra route… notice issued to government

SC bans order for name plates on Kanwar Yatra route… notice issued to government 1 उत्तर प्रदेश सरकार ने जारी किया था आदेश2 एमपी-उत्तराखंड में भी लागू हुई थी व्यवस्था3 फैसले के खिलाफ दायर हुई थी 3 याचिकाएं नई दिल्ली (Kanwar Yatra nameplate controversy)। कांवड़ यात्रा मार्ग पर पड़ने वाली खाने-पीने की दुकानों पर नेम प्लेट लगाने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा आदेश दिया है। सर्वोच्च अदालत ने इस आदेश पर अंतरिम रोक लगाते हुए उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और उत्तराखंड सरकार को नोटिस जारी किया है। यह रोक शुक्रवार, 26 जुलाई तक लगाई गई है। उसी दिन अगली सुनवाई होगी। जस्टिस हृषिकेश राय और जस्टिस एसवीएन भट्टी की पीठ मामले की सुनवाई के दौरान कुछ अहम टिप्पणी भी की। जजों ने कहा कि दुकानदारों को मालिक की पहचान बताने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता है। हां, दुकानदारों को यह जरूर बताना होगा कि उनके यहां शाकाहारी या मांसाहारी, कौन-सा खाना मिलता है। यूपी में योगी सरकार के इस फैसले को एक गैर सरकार संगठन द्वारा सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी। कुल मिलाकर तीन याचिकाएं कोर्ट के समक्ष थीं। बता दें, योगी सरकार की यह पहल पिछले दिनों से पूरे देश में चर्चा का विषय बनी हुई है। यूपी में पहले कहा गया था कि चुनिंदा जिलों के लिए यह व्यवस्था लागू होगी, लेकिन बाद में सीएम कार्यालय से आधिकारिक रूप से जारी आदेश में बताया गया कि यह पूरे प्रदेश के लिए है। क्या था योगी सरकार का आदेशकावड़ यात्रा मार्ग में आने वाली दुकानों के बाहर संचालक का नाम लिखा हो।भोजनालयों, ढाबों, ठेलों समेत खाने-पीने की अन्य दुकानों के लिए आदेश जारी।सावन में कांवड़ यात्रियों की शुचिता को ध्यान में रखते हुए फैसला लिया गया है।आदेश जारी होते ही बहस छिड़ गई। कुछ ने समर्थन किया, तो कुछ ने विरोध।विपक्षी नेताओं का आरोप है कि सरकार हिंदू-मुस्लिम में भेद करना चाहती है। पूरे देश की नजर थी फैसले परसुप्रीम कोर्ट के फैसले पर यूपी ही नहीं, पूरे देश की नजर थी। कारण यह है कि दुकानों के बाहर दुकानदार का नाम लिखने का मुद्दा अन्य राज्यों तक भी पहुंच गया था। उत्तराखंड में ऐसा ही आदेश जारी हो चुका है। मध्य प्रदेश में भी विधायकों ने इसके समर्थन में मुख्यमंत्री को चिट्ठी लिखी है। यह सुनवाई सोमवार को हुई, जिस दिन पवित्र सावन माह आरंभ हुआ है।

मानसून सत्र में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने नीट पेपर लीक का मुद्दा उठाया

Leader of Opposition in Lok Sabha Rahul Gandhi raised the issue of NEET paper leak in the monsoon session

Leader of Opposition in Lok Sabha Rahul Gandhi raised the issue of NEET paper leak in the monsoon session नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने नीट पेपर लीक का मुद्दा उठाया. राहुल गांधी ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान खुद को छोड़कर सभी को दोषी ठहराते हैं. मुझे नहीं लगता यहां जो कुछ हो रहा है, वह उसके मूल सिद्धांतों को भी समझते हैं? लाखों लोग मानते हैं कि अगर आप अमीर हैं और आपके पास पैसा है, तो आप भारतीय परीक्षा प्रणाली खरीद सकते हैं और विपक्ष भी यही सोचता है.

नेम प्लेट आदेश पर कोर्ट जाएगा जमीयत उलेमा ए हिंद! दिल्ली में बुलाई बड़ी बैठक

Jamiat Ulema-e-Hind will go to court on name plate order! Big meeting called in Delhi

Jamiat Ulema-e-Hind will go to court on name plate order! Big meeting called in Delhi Kanwar Yatra Nameplate Row: सीएम योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) के नेम प्लेट वाले आदेश पर हर गुजरते दिन के साथ विवाद बढ़ता ही जा रहा है. इस कड़ी में अब जमीयत उलेमा ए हिंद ने फैसले के खिलाफ कोर्ट जाने की बात कही है. जमीयत उलेमा ए हिंद ने कहा कि इस फरमान को कोर्ट में चुनौती दी जाएगी क्योंकि धर्म की आड़ में नफरत की राजनीति की जा रही है. कांवड़ यात्रा (Kanwar Yatra) से जुड़े इस आदेश को भेदभावपूर्ण और सांप्रद्रायिक बताते हुए सभी कानूनी पहलुओं पर विचार करने की बात भी कही गई है. रविवार (21 जुलाई) को जमीयत उलेमा ए हिंद ने इस संबंध में अहम बैठक बुलाई है. जमीयत का यह भी कहना है कि उसकी कानूनी टीम इस आदेश के कानूनी पहलुओं पर विचार करने में जुटी है. ‘मौलिक अधिकारों का हनन हो रहा’ प्रमुख मुस्लिम संगठन जमीयत उलेमा ए हिंद (Jamiat Ulema e Hind) ने उत्तर प्रदेश में कांवड़ यात्रा के मार्ग में दुकानदारों के नाम प्रदर्शित करने के आदेश की आलोचना करते हुए शनिवार (20 जुलाई) को कहा कि यह ‘भेदभावपूर्ण और सांप्रदायिक’ फैसला है तथा इससे संविधान में निहित मौलिक अधिकारों का हनन होता है. बता दें कि मुजफ्फरनगर जिले में 240 किलोमीटर लंबे कांवड़ यात्रा मार्ग पर स्थित सभी होटलों, ढाबों और ठेलों सहित भोजनालयों को अपने मालिकों या इन दुकानों पर काम करने वालों के नाम प्रदर्शित करने के आदेश के कुछ दिन बाद शुक्रवार (19 जुलाई) को उत्तर प्रदेश सरकार ने पूरे राज्य के लिए ऐसा ही आदेश जारी करने का फैसला किया. क्या बोले मौलाना अरशद मदनी? जमीयत प्रमुख मौलाना अरशद मदनी ने एक बयान में कहा, ‘यह एक भेदभावपूर्ण और सांप्रदायिक फैसला है. इस फैसले से देश विरोधी तत्वों को लाभ उठाने का अवसर मिलेगा और इस नए आदेश के कारण सांप्रदायिक सौहार्द को गंभीर क्षति पहुंचने की आशंका है.’ मदनी ने यह भी कहा, ‘देश के सभी नागरिकों को संविधान में इस बात की पूरी आजादी दी गई है कि वे जो चाहें पहनें, जो चाहें खाएं, उनकी व्यक्तिगत पसंद में कोई बाधा नहीं डालेगा, क्योंकि यह नागरिकों के मौलिक अधिकार के विषय हैं.’ उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में कांवड़ यात्रा संबधी आदेश मौलिक अधिकारों का हनन करने वाला है. मध्य प्रदेश में भी लागू करने की मांग एक तरफ जहां नेम प्लेट विवाद गहराता जा रहा है वहीं दूसरी ओर इस आदेश को मध्य प्रदेश में भी लागू करने की मांग की गई है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारतीय जनता पार्टी के एक विधायक ने कहा कि मध्य प्रदेश में भी ऐसा कदम उठाया जाना चाहिए. केंद्रीय मंत्री और हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा के प्रमुख जीतन राम मांझी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में पुलिस द्वारा कांवड़ यात्रा मार्ग पर फल विक्रेताओं को अपनी दुकानों पर नाम लिखने के लिए कहे जाने में उन्हें कुछ भी गलत नहीं लगता है.

Inflation: छह महीने में कितने महंगे हुए आलू-प्याज और टमाटर, आसमान छूती कीमतें?

Inflation: How much have potatoes, onions and tomatoes become expensive in six months

Inflation: How much have potatoes, onions and tomatoes become expensive in six months, prices touching the sky? इस खबर को आप पढ़ना शुरू करें उससे पहले ऊपर दिए गए चित्र को एक बार फिर से देख लीजिए। चित्र में आलू, प्याज, टमाटर की जुलाई की कीमतें लिखी हैं। आप कहेंगे कि ये तो हमारे इलाके में मिल रही है कीमतों से बहुत कम है। तो हम आपको आंकड़ों के इस अंतर के बारे में पहले बता देते हैं। ये कीमतें जुलाई महीने में देशभर में ये सब्जियां जिस दाम पर बिक रही हैं उसका औसत है। उपभोक्ता मंत्रालय के मुताबिक 16 जुलाई को देश में टमाटर सबसे महंगा जहां बिका वहां इसकी कीमत 127 रुपये किलो रही। इसी तरह जहां यह सबसे सस्ता है वहां ये 24 रुपये किलो बिका। पूरे देश का औसत लें तो 16 जुलाई को टमाटर औसतन 69.86 रुपये/किलो बिका। ऐसे ही जुलाई महीने की औसत कीमत लें तो यह 61.66 रुपये/किलो है। इसलिए आपको ऊपर के चित्र में जो आंकड़े दिख रहे हैं वो आपके इलाके में मिल रहे टमाटर की कीमत से अलग हो सकते हैं। ऐसे ही बाकी सब्जियों का हाल है। अब खबर पर आ जाते हैं। सब्जियों के दाम आसमान छू रहे हैं। टमाटर के दाम कई राज्यों में शतक लगा चुके हैं तो प्याज भी कई जगह 80 के आंकड़े को छू रही है। आलू के दाम में भी एक महीने में दोगुने से ज्यादा का इजाफा हुआ है। दामों के इस इजाफे के चलते जून में थोक महंगाई दर 16 महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई। कीमतों में इस इजाफे के लिए मौसम को दोष दिया जा रहा है। मई में कीमतों में इजाफा शुरू हुआ तो कहा गया ज्यादा गर्मी के कारण फसल खराब हो रही इसलिए ऐसा महंगाई है। जून में कहा गया कि ज्यादा बरसात होने की वजह से फसल खराब हो रही इसलिए ऐसा हो रहा है। ऐसे में सवाल उठता है कि हिन्दुस्तान में हर साल मई जून में मौसम कुछ इसी तरह का रहता है तो क्या हर साल मई-जून में आलू, प्याज टमाटर के दाम इसी तरह बढ़ते हैं? देश के कई हिस्सों में जनवरी-फरवरी में भीषण ठंड भी पड़ती है उस वक्त कीमतें कैसी रहती हैं? बीते तीन साल में जनवरी से जुलाई के दौरान आलू, प्याज टमाटर की कीमतों के इजाफे का क्या ट्रेंड रहा है? इस दौरान मौसम कैसा रहा है? एक मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में दाल 100 रुपये से कम में मिल रही है, क्या देश के आकंड़े भी ऐसा ही कहते हैं? आइये समझते हैं…

मौसम: राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, राज्य जलभराव से बेहाल

Weather: Alert of heavy rain in the states, states suffering from waterlogging

Weather: Alert of heavy rain in the states, states suffering from waterlogging मौसम विभाग ने हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला समेत अधिकांश जिलों के लिए बारिश का यलो अलर्ट जारी किया था, लेकिन बृहस्पतिवार को प्रदेश के अधिकतर इलाकों में धूप खिली रही। उधर, केरल के कई जिलों और महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में भारी बारिश से सामान्य जनजीवन बाधित हो गया। जगह-जगह लोग जलभराव की समस्या से जूझते रहे। वहीं, राजस्थान के कई जिलों में भी झमाझम मानसूनी बारिश होती रही। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने 24 जुलाई तक प्रदेश में भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी कर रखा है। 21 जुलाई के लिए बिलासपुर, कांगड़ा, चंबा और मंडी में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है, लेकिन बृहस्पतिवार को ज्यादातर इलाकों में धूप के कारण उमस काफी ज्यादा बढ़ गई। हालांकि, कांगड़ा, ऊना, चंबा, बिलासपुर और मंडी जिले के कुछ क्षेत्रों में छिटपुट बारिश भी हुई। उत्तरी केरल के वायनाड, कन्नूर और कासरगोड जिलों में पेड़ उखड़ने, संपत्ति को नुकसान पहुंचने और सड़कें टूटने की घटनाएं सामने आई हैं। पलक्कड़ में एक स्कूल बस नहर में पलट गई। हालांकि, सभी बच्चों को सुरक्षित बचा लिया गया। मौसम विभाग ने वायनाड, कन्नूर और कासरगोड के लिए तीन दिन बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। इसे देखते हुए इन तीनों जिलों के प्रशासन ने 19 जुलाई को शैक्षणिक संस्थानों में अवकाश घोषित कर दिया है। 18 राज्यों में भारी बारिश होने का अनुमानमौसम विभाग ने 19 जुलाई को छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, ओडिशा, गोवा, महाराष्ट्र, केरल, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान, पश्चिम बंगाल, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा और गुजरात में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, गुजरात में तेज हवा के साथ बिजली कड़कने का अनुमान है। पश्चिमोत्तर बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव क्षेत्र बनने से आंध्र प्रदेश में बहुत भारी बारिश हो सकती है। पंजाब के 17 जिलों में 21 से दो दिन अलर्टमौसम विभाग ने पंजाब के 17 जिलों में 21 जुलाई से दो दिनों का यलो अलर्ट जारी किया है। इनमें पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर, होशियारपुर, नवांशहर, कपूरथला, जालंधर, लुधियाना, फतेहगढ़ साहिब, रूपनगर, पटियाला और एसएएस नगर शामिल। इस दौरान तेज आंधी के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। पंजाब में न्यूनतम तापमान में 1.6 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। बीते 24 घंटों में पठानकोट में 63.2 एमएम की भारी बारिश दर्ज की गई।

शरद खेमे में 29 पार्षद जाने के बाद हरकत में आए अजित पवार, पुणे के पार्टी नेताओं की बुलाई बैठक

Ajit Pawar came into action after 29 councilors went to Sharad camp, called a meeting of Pune party leaders

Ajit Pawar came into action after 29 councilors went to Sharad camp, called a meeting of Pune party leaders राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) नेता और उप मुख्यमंत्री अजित पवार ने पुणे के पिंपरी चिंचवाड़ के पार्टी नेताओं से मुलाकात की। इससे पहले, बुधवार को पुणे में शरद पवार की मौजूदगी में राकांपा के 29 पार्षद राकांपा (शरद चंद्र पवार) पार्टी में शामिल हुए।

शुभेंदु अधिकारी बोले, बंद करो सबका साथ-सबका विकास, अब जो हमारे साथ…

Shubhendu Adhikari said, stop Sabka Saath-Sabka Vikas, now whoever is with us…

Shubhendu Adhikari said, stop Sabka Saath-Sabka Vikas, now whoever is with us… पश्चिम बंगाल में बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी ने चौंकाने वाला बयान दिया है. इसके साथ ही उन्होंने बीजेपी के ‘सबका साथ, सबका विकास’ नारे को भी बदलने की जरूरत बताई. शुभेंदु अधिकारी ने कहा, हमें सबका साथ, सबके विकास की बात करने की जरूरत नहीं है. हम तय करेंगे कि जो हमारे साथ है, हम उसका साथ दें. इतना ही नहीं शुभेंदु ने कहा, हम जीतेंगे और हिंदुओं को बचाएंगे. खास बात ये है कि शुभेंदु अधिकारी जिस सबका साथ, सबका विकास को बंद करने की बात कह रहे हैं, वह नारा सबसे पहले पीएम मोदी ने ही दिया था. शुभेंदु अधिकारी ने एक कार्यक्रम में जय श्री राम का नारा लगाते हुए कहा, सबका साथ, सबका विकास बंद करो. इतना ही नहीं उन्होंने अल्पसंख्यक मोर्चे को भी बंद करने की बात कही. अधिकारी ने कहा, हम संविधान को बचाएंगे. उपचुनाव में हार की बताई वजह बंगाल में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने उपचुनाव में बीजेपी की हार की भी वजह बताई. उन्होंने दावा किया कि उपचुनाव में हजारों लोग अपना वोट नहीं डाल सके. उन्होंने कहा, लोकसभा चुनाव में भी लाखों हिंदुओं को वोट डालने नहीं दिया गया. माना जा रहा है कि शुभेंदु अधिकारी ने अपने भाषण से साफ कर दिया कि बीजेपी बंगाल में हिंदू वोटों के ध्रुवीकरण की दिशा में काम करेगी. बंगाल बीजेपी का मानना है कि लोकसभा चुनाव में मुस्लिम वोटरों ने एकजुट होकर टीएमसी को वोट दिया. जबकि हिंदू वोटर अलग अलग पार्टियों में बंट गए. शुभेंदु ने पोर्टल किया लॉन्च इस मौके पर शुभेंदु अधिकारी ने एक पोर्टल भी लॉन्च किया. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, जैसा मैंने वादा किया था, मैंने एक पोर्टल लॉन्च किया है, जहां वे मतदाता अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे, जिन्हें वोट नहीं डालने दिया गया. ऐसे लोगों की गोपनीयता का पूरा ध्यान रखा जाएगा.

जोमैटो से अब 10 मिनट में ‘चखने’ के साथ होगी शराब की भी होम डिलीवरी

Now home delivery of liquor along with 'tasting' will be available from Zomato in 10 minutes

Now home delivery of liquor along with ‘tasting’ will be available from Zomato in 10 minutes Liquor Home Delivery: ऑनलाइन फूड और ग्रॉसरी डिलीवरी के बढ़ते क्रेज के साथ उसका दायरा भी बढ़ता जा रहा है. अब स्विगी, जोमैटो और बिग बास्केट जैसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से आप सिर्फ फल-सब्जी या ग्रॉसरी का ऑर्डर नहीं कर सकेंगे बल्कि अब आप घर बैठे शराब भी मंगवा सकेंगे. अब 10 मिनट में आपके घर तक शराब की होम डिलीवरी होगी. अल्कोहल की होम डिलीवरी को लेकर फिलहाल विचार किया जा रहा है. माना जा रहा है कि अधिकारी इसके नफा-नुकसान का आंकलन कर रहे हैं. शराब की होम डिलीवरी जोमैटो, बिग बास्केट जैसे ऑनलाइन ऐप आपके घर पर शराब की डिलीवरी करेंगे. फिलहाल इसे कुछ चुनिंदा शहरों में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर लॉन्च किया जाएगा. धीरे-धीरे इसका विस्तार देश के दूसरे शहरों में किया जाएगा. हालांकि शराब की ऑनलाइन डिलीवरी इतनी भी आसान नहीं है. अगर इसे लागू किया जाता है तो इसके लिए व्यवस्था बनानी होगी. केवाईसी , लिमिट, नियम आदि तय करने होंगे और उनका सख्ती से पालन भी करना होगा. किन शहरों में ऑनलाइन मंगवा सकते हैं शराब अगर आप दिल्ली, कर्नाटक, हरियाणा, पंजाब, तमिलनाडु, गोवा और केरल जैसे राज्यों में रहते हैं तो आपके घर पर शराब की होम डिलीवरी होगी. स्विगी, बिग बास्केट, जोमैटो जैसे क्विक कॉमर्स प्लेटफार्म के जरिए शराब की होम डिलीवरी करवाने पर विचार किया जा रहा है. इन राज्यों में शराब की होम डिलीवरी की अनुमति देने के लिए पायलट प्रोजेक्ट का खाका खींच रहे हैं. शुरुआती दौर में बीयर, वाइन और लिकर जैसे कम अल्कोहल वाले ड्रिंक की होम डिलीवरी होगी. हालांकि बता दें कि इस पर फिलहाल कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है. फायदे-नुकसान का आकंलन शराब की होम डिलीवरी को लेकर फिलहाल नफा-नुकसान का आंकलन किया जा रहा है. इसके लिए ई कॉमर्स प्लेटफॉर्म, शराब कंपनियों के साथ बातचीत चल रही है. हालांकि ये पहली बार नहीं है जब शराब की होम डिलीवरी की जा रही है. इससे पहले पश्चिम बंगाल और ओडिशा जैसे राज्यों में पहले से ई कॉमर्स कंपनियां अल्कोहल की होम डिलीवरी करती है. दरअसल बड़े शहरों में लोगों के बदलते लाइफस्टाइल, बढ़ती आबादी और उकी जरूरतों को देखते हुए अल्कोहल की होम डिलीवरी पर विचार किया जा रहा है. जहां होम डिलीवरी, वहां बढ़ी सेल ओडिशा, पश्चिम बंगाल में शराब की होम डिलीवरी होती है. ऑनलाइन तरीके से इन राज्यों में शराब की बिक्री और डिलीवरी हो रही है. देखा गया कि ऑनलाइन बिक्री के बाद से इन राज्यों में अल्कोहल के सेल्स में 20 से 30 फीसदी का इजाफा हुआ है. खासकर प्रीमियम ब्रांड्स की सेल बढ़ी है.

महाराष्ट्र सरकार लाई ‘लाडला भाई योजना’… 12वीं पास को 6 हजार, ग्रेजुएट को 10 हजार रुपए महीना मिलेंगे

Maharashtra government brought 'Ladla Bhai Yojana

Maharashtra government brought ‘Ladla Bhai Yojana’… 12th pass will get Rs 6 thousand, graduate will get Rs 10 thousand per month मुंबई (Ladla Bhai Yojana)। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने ‘लाडली बहना योजना’ की तर्ज पर ‘लाडला भाई योजना’ का एलान किया है। आषाढ़ी एकादशी के अवसर पर पंढरपुर के विट्ठल मंदिर में महापूजा के बाद शिंदे ने मीडिया को इसकी जानकारी दी।सीएम शिंदे ने बताया कि ‘लाडला भाई योजना’ के तहत महाराष्ट्र सरकार 12वीं पास युवाओं को 6000 रुपए महीना देगी। इसके अलावा डिप्लोमा धारकों को 8000 रुपए और ग्रेजुएट को 10,000 रुपए महीना दिया जाएगा।एकनाथ शिंदे की इस घोषणा को इसी साल होने वाले महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है। दरअसल, विपक्ष युवाओं की बेरोजगारी को बड़ा मुद्दा बता रहा है। अब शिंदे सरकार ने इस योजना के तहत तोड़ निकालने की कोशिश की है।

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