SC का केंद्र सरकार और NTA को नोटिस ‘NEET काउंसलिंग नहीं रुकेगी
SC notice to Central Government and NTA ‘NEET counseling will not be stopped’
SC notice to Central Government and NTA ‘NEET counseling will not be stopped’
25 people died after consuming poisonous liquor in Kallakurichi
Rahul Gandhi will leave Wayanad seat
Great news! The 17th installment of Samman Nidhi will come on June 18
That dark day in the history of India
Father’s Day 2024 Special: The image of God who bears every sorrow of the children is called a father.
‘No one takes RSS seriously’…, Congress
inflation is consuming us: the prices of dal
politics heats up before Rahul Gandhi’s visit to Kerala
Veerappa Moily demands from the party to make Rahul Gandhi the Leader of Opposition
Supreme Court seeks answer from ED: Why was Kejriwal arrested even before the elections? सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को केजरीवाल की गिरफ्तारी के समय पर सवाल उठाया है। आम चुनाव से पहले केजरीवाल की गिरफ्तारी को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने ईडी से जवाब मांगा है। मामले की सुनवाई शुक्रवार को होने की संभावना है। न्यायमूर्ति संजीव खन्ना और न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता की पीठ ने अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू से केजरीवाल की गिरफ्तारी के समय के सवाल पर जवाब मांगा है। नई दिल्ली। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की याचिका पर लगातार दूसरे दिन सुनवाई हुई। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को केजरीवाल की गिरफ्तारी के समय पर सवाल उठाया है। आम चुनाव से पहले केजरीवाल की गिरफ्तारी को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने ईडी से जवाब मांगा है। मामले की सुनवाई शुक्रवार को होने की संभावना है। बता दें कि शराब नीति घोटाला मामले से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में ईडी द्वारा हुई अपनी गिरफ्तारी को लेकर केजरीवाल ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। ‘आप इससे इनकार नहीं कर सकते’न्यायमूर्ति संजीव खन्ना और न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता की पीठ ने अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू से केजरीवाल की गिरफ्तारी के समय के सवाल पर जवाब मांगा है। साथ ही कोर्ट ने कहा कि ‘जीवन और स्वतंत्रता बेहद महत्वपूर्ण हैं। आप इससे इनकार नहीं कर सकते।’ पीठ ने राजू से कई अन्य सवाल पूछे। जांच एजेंसी से केजरीवाल की इस याचिका पर भी मांगा जवाबबता दें कि 21 मार्च को गिरफ्तारी के बाद केजरीवाल फिलहाल न्यायिक हिरासत के तहत यहां तिहाड़ जेल में बंद हैं। शीर्ष अदालत ने 15 अप्रैल को ईडी को नोटिस जारी किया और केजरीवाल की याचिका पर उससे जवाब मांगा है। केजरीवाल की तरफ से वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी अपना पक्ष रख रहे है।
Admiral Dinesh Kumar Tripathi took charge as the 26th Navy Chief, touched the feet and got the blessings of his mother; एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी संचार और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध विशेषज्ञ हैं. वह नौसेना के 26वें नौसेना प्रमुख हैं और इससे पहले वह नेवी में उप-प्रमुख के रूप में काम कर रहे थे. वॉर एक्सपर्ट एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी ने मंगलवार (30 अप्रैल, 2024) को देश के 26वें नेवी चीफ का प्रभार संभाला. वह आर हरि कुमार के रिटायर (चार दशकों के शानदार करियर के बाद) होने पर नए नौसेना प्रमुख बने हैं. एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी इससे पहले भारतीय नौसेना के उप-प्रमुख का पद संभाल रहे थे. पदभार संभालने से पहले नौसेना प्रमुख पीवीएसएम, एवीएसएम, एनएम एडमिरल दिनेश त्रिपाठी ने राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर शहीदों को पुष्पांजलि अर्पित की. उन्हें दिल्ली के साउथ ब्लॉक में गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया. एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी का जन्म 15 मई 1964 को हुआ था. वह मध्य प्रदेश में रीवा के सैनिक स्कूल से पढ़े हैं. राष्ट्रीय रक्षा अकादमी खडकवासला के पूर्व छात्र वाइस एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी ने गोवा के नेवल वॉर कॉलेज और अमेरिका के नेवल वॉर कॉलेज में भी कोर्स किया है. रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, एक जुलाई 1985 में वह भारतीय नौसेना में शामिल हुए थे. कम्युनिकेशन और इलेक्ट्रॉनिक वॉर एक्सपर्ट वाइस एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी का करीब 30 साल का लंबा और विशिष्ट करियर रहा है. उन्होंने भारतीय नौसेना के जहाज विनाश, किर्च और त्रिशूल की कमान भी संभाली है. नौसेना के उप प्रमुख का पद संभालने से पहले वह पश्चिमी नौसैन्य कमान के फ्लैट ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ रह चुके हैं. रियर एडमिरल के तौर पर वह ईस्टर्न फ्लीट के फ्लैट ऑफिसर कमांडिंग रह चुके हैं. वह भारतीय नौसेना अकादमी, एझिमाला के कमांडेंट भी रह चुके हैं. उन्हें अति विशिष्ट सेवा पदक (एवीएसएम) और नौसेना पदक से भी सम्मानित किया जा चुका है. दिनेश कुमार त्रिपाठी ने मां से यूं लिया आशीर्वाद
Team India announced for T20 World Cup बीसीसीआई ने टी20 वर्ल्ड कप 2024 के लिए भारतीय टीम की घोषणा कर दी है. रोहित शर्मा टीम की कप्तानी करेंगे. भारत ने टी20 विश्व कप 2024 के लिए टीम घोषित कर दी है. टीम इंडिया रोहित शर्मा की कप्तानी में खेलेगी. रोहित के साथ-साथ यशस्वी जायसवाल, विराट कोहली, सूर्यकुमार यादव, ऋषभ पंत और संजू सैमसन को टीम में जगह मिली है. शुभमन गिल को रिजर्व प्लेयर्स की लिस्ट में रखा है. बोर्ड ने शिवम दुबे पर भी भरोसा जताया है. हार्दिक पांड्या को उपकप्तान बनाया गया है. भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड की सिलेक्शन कमेटी ने मंगलवार को ही बैठक की है. टीम इंडिया ने विकेटकीपर बैटर ऋषभ पंत और संजू सैमसन को टीम में जगह दी है. सैमसन और पंत आईपीएल 2024 में शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं. ऋषभ की लंबे वक्त के बाद टीम इंडिया में वापसी हुई है. वे कार एक्सीडेंट के बाद से ही मैदान से दूर थे. लेकिन आईपीएल के जरिए मैदान पर वापसी की और अपनी फॉर्म को भी साबित किया. उन्हें इसका फायदा मिला. सैमसन की बात करें तो उन्होंने आईपीएल 2024 में 9 मैच खेले हैं और 385 रन बनाए हैं. इस दौरान 4 अर्धशतक लगाए हैं. शिवम-अक्षर पर बोर्ड ने जताया भरोसा – बीसीसीआई ने शिवम दुबे और अक्षर पटेल पर भी भरोसा जताया है. शिवम आईपीएल में चेन्नई सुपर किंग्स के लिए खेल रहे हैं. वे विस्फोटक बैटिंग करने में माहिर हैं. इसके साथ-साथ फिनिशर की भूमिका भी निभा लेते हैं. शिवम दुबे ने इस सीजन के 9 मैचों में 350 रन बनाए हैं. इस दौरान 3 अर्धशतक लगाए हैं. अक्षर की बात करें तो उन्होंने बॉलिंग के साथ-साथ बैटिंग में भी कमाल दिखाया है. शुभमन को रिजर्व प्लेयर्स की लिस्ट में मिली जगह – शुभमन गिल की जगह को लेकर काफी संशय चल रहा था. हालांकि बोर्ड ने नजरअंदाज नहीं किया. शुभमन को रिजर्व प्लेयर्स की लिस्ट में जगह मिली है. उनके साथ-साथ रिंकू सिंह, खलील अहमद और आवेश खान को भी इस लिस्ट में जगह मिली है. टी20 विश्व कप 2024 के लिए भारतीय क्रिकेट टीम – रोहित शर्मा (कप्तान), हार्दिक पांड्या (उप कप्तान), यशस्वी जयसवाल, विराट कोहली, सूर्यकुमार यादव, ऋषभ पंत (विकेटकीपर), संजू सैमसन (विकेटकीपर), शिवम दुबे, रवींद्र जडेजा, अक्षर पटेल, कुलदीप यादव, युजवेंद्र चहल , अर्शदीप सिंह, जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज रिजर्व प्लेयर्स – शुभमन गिल, रिंकू सिंह, खलील अहमद और अवेश खान
BJP conspired and forced Bam to withdraw his nomination. यह तीन दबाव पड़ गए बम पर भारी 1- सबसे बड़ा दबाव बम पर महिला संबंधी मामले का था। इसमें एक पुरानी शिकायत को हवा दी जा रही थी और इसमें एक गंभीर मामले में केस दर्ज कराने की तैयारी हो गई थी। इस दबाव को बम सहन नहीं कर पाए। यह सबसे बड़ी वजह बनी। 2- खजराना थाने में 17 साल पुराने मामले में हाल ही में गवाह के बयान बाद उन पर मारपीट, जान से मारने की धमकी के बाद गंभीर धारा हत्या के प्रयास 307 को बढ़ाने की प्रक्रिया शुरु हो गई थी। यह भी एक दूसरी वजह बनी। 3- एक तीसरा कारण बीजेपी ने उनके नाम घोषित होने के बाद ही कॉलेज की गड़बड़ियों में घेरना शुरु कर दिया था। यहां पर फैकल्टी की अनियमतिता है, मरे हुए प्रोफेसर को फैकल्टी बताया है। कई फैकल्टी है ही नहीं और उनके नाम कॉलेज में बताए गए हैं। इस तरह कॉलेज की मंजूरी ही खटाई में पड़ जाती।