LATEST NEWS

एमपी पुलिस में 7 साल बाद दूर होगी कैडर की समस्या.

After 7 years, the cadre-related issues will be resolved in the Madhya Pradesh Police. नए साल में 13 अफसर होंगे प्रमोट, 26 आईजी में से 3 अफसरों का रिटायरमेंट प्रदेश में एडीजी रेंक के अफसरों की संख्या 33, रेंज और जोन में भेज जाएंगे आईजी, एडीजी फिर पीएचक्यू लौटेंगे उदित नारायण  भोपाल। प्रदेश में लगभग 7 साल बाद आईजी के पद की कमी दूर होने जा रही है। प्रदेश में एक साथ 13 आईपीएस अफसर आईजी के पद को एक जनवरी को मिलने जा रहे हैं। इसके साथ ही प्रदेश में आईजी रैंक के अफसरों की संख्या दो दर्जन पार हो जाएगी। इससे पहले करीब 2016 तक इतने पद भरे हुए थे। इसके बाद धीरे-धीरे इन पदों पर अफसरों की संख्या कम होती गई। एक जनवरी को वर्ष 2006 बैच के आईपीएस अफसर डीआईजी से पदोन्नत होकर आईजी के पद पदोन्नत होने जा रहे हैं। इन अफसरों की संख्या 13 होगी। प्रदेश में अभी 15 अफसर आईजी के पद पर पदस्थ हैं। इनमें से दो अफसर अब एडीजी के पद पर पदोन्नत होने जा रहे हैं।  वर्ष 2000 से 2005 बैच के 13 अफसर जहां आईजी के पद पर पदस्थ रहेंगे। वहीं वर्ष 2006 बैच के अफसर आईजी के पद पर पदोन्नत होने जा रहे हैं। इनकी भी संख्या 13 होगी। ऐसे में प्रदेश में लंबे अरसे बाद इस पद पर 26 अफसर पदस्थ होंगे। आईजी के पद पर 26 अफसरों की संख्या सिर्फ जनवरी के महीने में ही रहेगी। इंदौर के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त मनीष कपूरिया 31 जनवरी को रिटायर हो जाएंगे तो यह संख्या घटकर एक कम हो जाएगी। कपूरिया के बाद जून 2024 में आरआरएस परिहार रिटायर होंगे और इसी साल के अक्टूबर में राजेश हिंगणकर भी रिटायर हो जाएंगे। यानि यह संख्या नवम्बर में घटकर 23 पर पहुंच जाएगी। हालांकि इसके बाद भी इनती संख्या में आईजी के पद प्रदेश पुलिस में अरसे बाद पदस्थ रहेंगे।  कम संख्या के कारण एडीजी को दिया था रेंज का प्रभार प्रदेश में जब आईजी रेंक के अफसरों की संख्या कम होना शुरू हुई तो उनकी जगह का काम एडीजी रेंक के अफसरों से करवाने का क्रम शुरू हुआ। इसके चलते एडीजी रेंक के अफसरों को रेंज में पदस्थ किया गया। हालात यह बने ही भोपाल और इंदौर में पुलिस कमिश्नर का पद कॉडर में आईजी रेंक का मिला, लेकिन यहां भी एडीजी रेंक के अफसर ही पदस्थ हुए। भोपाल के पहले पुलिस कमिश्नर एडीजी मकरंद देउस्कर बने थे। अब देउस्कर इंदौर पुलिस कमिश्नर हैं। 90 बैच तक के अफसर एडीजी आईजी के पद पर अफसरों की कमी होने के चलते एडीजी के पद पर अफसरों की संख्या बढ़ गई थी। प्रदेश में अभी वर्ष 1990 से वर्ष 1999 तक के 34 अफसर एडीजी के पद पर पदस्थ हैं। हालांकि इसमें से अब वर्ष 1999 बैच के दो अफसर एडीजी हो जाएंगे। प्रदेश में एडीजी रेंक के अफसरों की संख्या 33 है। अस्थाई तौर पर डीजी के बढ़े थे दो पद- एडीजी रेंक पर अफसरों की संख्या ज्यादा होने के चलते डीजी के दो पद अस्थाई तौर से राज्य शासन को बढ़ाने पड़े थे। प्रदेश में तत्कालीन डीजीपी ऋषि कुमार शुक्ला थे, उस वक्त दो साल के लिए डीजी के दो अस्थाई पद बढाए गए थे। बाद में फिर से दो पद बढ़ाए गए। प्रदेश में डीजी के पांच पद कॉडर के हैं, जबकि पांच पद एक्स कॉडर के हैं। इनके अलावा दो अस्थाई पद हैं। इस तरह से प्रदेश में डीजी रेंक के 12 अफसर पदस्थ हैं।

भारत से सीरीज हार के बाद ऑस्ट्रेलियाई कप्तान मैथ्यू वेड का छलका दर्द, बताया कहां कमजोर पड़ी टीम.

After losing the series to India, Australian captain Matthew Wade expressed his disappointment, pointing out the areas where the team faltered. सूर्यकुमार यादव की कप्तानी वाली टी20 टीम इंडिया ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अपने घर में होने वाली पांच मैचों की टी20 सीरीज पर 3-1 से कब्ज़ा जमा डाला. स्टोरी हाइलाइट्स: भारत ने ऑस्ट्रेलिया को चौथे टी20 में 20 रन से हराया भारत से सीरीज हार के बाद क्या बोले ऑस्ट्रेलियाई कप्तान मैथ्यू वेड ? सूर्यकुमार यादव की कप्तानी वाली टी20 टीम इंडिया ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अपने घर में होने वाली पांच मैचों की टी20 सीरीज पर 3-1 से कब्ज़ा जमा डाला. भारत ने रायपुर के मैदान में होने वाले चौथे टी20 मैच में पहले खेलते हुए 174 रन बनाए. इसके जवाब में ऑस्ट्रेलियाई टीम 154 रन ही बना सकी और उसे 20 रन की हार के साथ सीरीज गंवानी पड़ी. जिसके बाद ऑस्ट्रेलियाई कप्तान ने बताया कि खिलाड़ियों से कहां पर गलती हुई.हार के बाद क्या बोले मैथ्यू वेड ? ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज भारतीय स्पिनरों को नहीं झेल सके और अक्षर पटेल ने जहां तीन विकेट चटकाए. वहीं रवि बिश्नोई ने भी एक विकेट चटकाया. जिससे हार के बाद ऑस्ट्रेलियाई कप्तान मैथ्यू वेड ने कहा कि हमें स्पिन गेंदबाजों को अच्छी तरह से नहीं खेला. जिससे विकेट गिरते चले गए और हम पर दबाव बढ़ गया था. हमने बल्ले से बढ़िया खेल नहीं दिखाया. अब जो भी खिलाड़ी टी20 टीम में खुद को स्थापित कर चुके हैं. उनसे सीखना होगा और अपनी गहराई को टीम में रखना वाकई महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि टी20 वर्ल्ड कप भी काफी नजदीक है. इस तरह सीरीज हारी ऑस्ट्रेलिया वहीं मैच की बात करें तो भारत के लिए बल्लेबाजी में सबसे अधिक 29 गेंदों पर चार चौके और दो छक्के से 46 रन रिंकू सिंह ने बनाए. जबकि 37 रन यशस्वी जायसवाल और 19 गेंदों में अंत में तेजी से तीन छक्के व एक चौके से 35 रन विकेटकीपर जितेश शर्मा ने भी बनाए. जिससे भारत ने पहले खेलते हुए 9 विकेट पर 174 रन बनाए. इसके बाद अक्षर पटेल ने तीन विकेट लेकर ऑस्ट्रेलिया को हार के लिए मजबूर कर डाला. उनकी तरफ से सबसे अधिक 23 गेंदों में दो चौके व दो छक्के से 36 रन की नाबाद पारी कप्तान मैथ्यू वेड ने खेली लेकिन टीम को 20 रन की हार से नहीं बचा सके. भारत ने सीरीज के पहले दो मैचों में जीत दर्ज की और उसके बाद ऑस्ट्रेलिया ने तीसरे मैच में जीत से वापसी की लेकिन चौथे मैच में हार के साथ अब ऑस्ट्रेलिया सीरीज गंवा चुकी है. अंतिम और 5वां मैच रविवार तीन दिसंबर को खेला जाएगा.

पीएम मोदी के स्वागत में ‘भारत माता की जय’ के नारों से गूंजा दुबई एयरपोर्ट.

Bharat Mata Ki Jai’ slogans echoed at Dubai Airport during the welcome of Prime Minister Modi. पीएम मोदी संयुक्त अरब अमीरात में वर्ल्ड क्लाइमेट एक्शन शिखर सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को संबोधित करेंगे और तीन उच्च स्तरीय कार्यक्रमों में भाग लेंगे जिनमें से दो की सह-मेजबानी भारत द्वारा की जाएगी. दुबई: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 28वें कॉन्फ्रेंस ऑफ पार्टीज (COP28) शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए गुरुवार रात दुबई पहुंचे. वह 1 दिसंबर को होने वाले COP28के वर्ल्ड क्लाइमेट एक्शन शिखर सम्मेलन में भाग लेंगेजैसे ही पीएम मोदी दुबई हवाई अड्डे पर उतरे, एक होटल के बाहर इंतजार कर रहे भारतीय प्रवासियों ने ‘सारे जहां से अच्छा’ गाया और ‘भारत माता की जय’ के साथ-साथ ‘वंदे मातरम’ के नारे लगाए. दुबई पहुंचने के बाद, पीएम मोदी ने अपने सोशल मीडिया एक्स पर कहा कि वो शिखर सम्मेलन की कार्यवाही की प्रतीक्षा कर रहे हैं, जिसका उद्देश्य एक बेहतर प्लैनेट बनाना है.उन्होंने कहा, “सीओपी-28 शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए दुबई में उतरा हूं. शिखर सम्मेलन की कार्यवाही का इंतजार कर रहा हूं, जिसका उद्देश्य एक बेहतर प्लैनेट बनाना है.” पीएम मोदी संयुक्त अरब अमीरात में वर्ल्ड क्लाइमेट एक्शन शिखर सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को संबोधित करेंगे और तीन उच्च स्तरीय कार्यक्रमों में भाग लेंगे, जिनमें से दो की सह-मेजबानी भारत द्वारा की जाएगी. इसके अलावा, विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता ने एक्स पर एक वीडियो मैसेज शेयर किया, जिसमें कल के उनके एक्शन-पैक कार्यक्रम का ओवरव्यू दिया गया. उन्होंने कहा कि वर्ल्ड क्लाइमेट एक्शन समिट COP28 का उच्च-स्तरीय खंड है, यह कहते हुए कि यह सुबह इस उच्च-स्तरीय जलवायु कार्यक्रम के उद्घाटन कार्यक्रमों के साथ शुरू होगा. उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री अपना संबोधन देंगे. लेकिन जलवायु वित्त में परिवर्तन पर संयुक्त अरब अमीरात द्वारा आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में भाग लेने के बाद, प्रधानमंत्री संयुक्त अरब अमीरात केसाथ एक कार्यक्रम की मेजबानी करेंगे, जो हरित क्रेडिट पर ध्यान देगा, ये एक वो पहल है, जिसमें प्रधानमंत्री की व्यक्तिगत रुचि है. बागची ने आगे कहा कि इस दौरान दिन में बड़ी संख्या में द्विपक्षीय कार्यक्रम होंगे. दुबई में COP28 जलवायु वार्ता से पहले अपने डिपार्चर नोट में, पीएम मोदी ने ये भी कहा कि G20 नई दिल्लीनेताओं की घोषणा में जलवायु कार्रवाई और सतत विकास पर ठोस कदम भी शामिल थे.

रायपुर में आज शाम को दिखेगा T-20 का रोमांच: देशभर से पहुंचे कैंस; प्लेयर्स को भाया छत्तीसगढ़ी खाना, मैच के बाद स्टेडियम में लेजर शो.

The excitement of T-20 will be visible in Raipur this evening: Fans arrived from across the country; Players relished Chhattisgarhi cuisine, laser show at the stadium after the match. रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह क्रिकेट स्टेडियम में आज शाम को भारत और ऑस्ट्रेलिया की टीमें आमने-सामने होंगी। वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया से मिली हार के बाद छत्तीसगढ़ में पहली बार दोनों टीमों के बीच मैच होने जा रहा है। मैच शाम 7 बजे से शुरू होगा। दर्शकों के लिए स्टेडियम के गेट 4 बजे से खोल दिए जाएंगे। मैच देखने देशभर से क्रिकेट फैंस रायपुर पहुंच चुके हैं। स्टेडियम में मैच के बाद लेजर शो की तैयारी की गई है। लेजर शो में देशभक्ति गीतों के साथ लेजर लाइट्स नजर आएंगी। पूरे स्टेडियम में इसके लिए खास बंदोबस्त किया गया है। डीजे बीट्स पर ये अनूठा लाइट म्यूजिक शो होगा। मैदान में आतिशबाजी भी की जाएगी। रायपुर में होने वाले इस मैच से पहले 28 नवंबर को गुवाहाटी में ऑस्ट्रेलिया ने भारत को हरा दिया था। चौथे मैच से पहले श्रेयस अय्यर ने नेट्स पर बहाया पसीना चौथे मैच से पहले गुरुवार को श्रेयस अय्यर नेट्स पर पसीना बहाते दिखे। अय्यर को शुरुआती तीन मैचों में आराम दिया गया था। अय्यर आज के मैच में प्लेइंग इलेवन में शामिल हो सकते हैं। भारत पांच मैचों की सीरीज में 2-1 से आगे है। प्रैक्टिस में दिखी खिलाड़ियों की मेहनत मैच से पहले गुरुवार को भारतीय और ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों ने खूब प्रैक्टिस की। यहां सूर्या की बिग्रेड नेट में पसीना बहाते दिखी। इंडियन प्लेयर्स पर गुवाहाटी में मिली हार का बदला लेने का प्रेशर साफ दिखा। खिलाड़ी पूरा जोर लगाते दिखे ताकि शुक्रवार को खेले जाने वाले मैच में जीत हासिल हो सके। प्लेयर्स को परोसे गए छत्तीसगढ़ के मिलेट फूड टीम इंडिया और ऑस्ट्रेलिया से आए खिलाड़ियों को छत्तीसगढ़ का मिलेट फूड परोसा गया। मिलेट्स से बनी डिश और सूप खिलाड़ियों के लिए तैयार की गई। भारत और ऑस्ट्रेलिया के प्लेयर्स की डाइट, कैलोरी को ध्यान में रखकर व्यंजन तैयार किए गए। फिंगर मिलेट रब, इसमें मिलेट को उबालकर सूप का फॉर्म दिया गया है। फॉक्सटेल मिलेट सुपर सैलेड बनाया गया है। सिरका, मस्टर्ड सॉस के साथ तैयार किया गया है। ऑर्गेनिक किनवा को फेटा चीज के साथ सैलेड का रूप दिया गया है। मिलेट से बने एनर्जी बार भी खिलाड़ियों को परोसे गए हैं। स्टेडियम है। करीब 85 यार्ड की बाउंड्री वाले इस स्टेडियम में खिलाड़ियों को रन बनाने में मशक्कत करनी पड़ती है। मैच से पहले एक्सपर्ट्स ने बताया कि इस मैदान में क्रिकेटर्स के बैट से बैक टू बैक शॉर्ट निकलें, ये मुश्किल होता है। इसलिए यहां चौके-छक्कों की बरसात कम होती है। टीम इंडिया के लिए रायपुर के मैदान पर जीत हासिल करना चैलेंजिंग होगा। ये खिलाड़ी आज आएंगे नजर भारतीय टीम : सूर्यकुमार यादव (कप्तान), यशस्वी जायसवाल, ऋतुराज गायकवाड, ईशान किशन (विकेटकीपर), तिलक वर्मा, रिंकू सिंह, अक्षर पटेल, रवि बिश्नोई, अर्शदीप सिंह, प्रसिद्ध कृष्णा और आवेश खान। ऑस्ट्रेलिया टीम : मैथ्यू वेड (कप्तान), जेसन बेहरेनडोर्फ, टिम डेविड, बेन ड्वारशुइस, नाथन एलिस, क्रिस ग्रीन, आरोन हार्डी, ट्रैविस हेड, बेन मैकडरमॉट, जोश फिलिप, तनवीर सांघा, मैट शॉर्ट और केन रिचर्डसन ।

बुंदेलखंड में आईएएस व आईपीएस विलेज रैपुरा (चित्रकूट) उत्तर प्रदेश: कभी डकैतों के लिए मशहूर था, अब आईएएस आईपीएस की है फैक्ट्री, हर घर में अफसर.!

Bundelkhand, the village of Raipura (Chitrakoot), Uttar Pradesh, was once infamous for dacoits but now boasts of IAS and IPS officers. It has transformed into a hub of factories, with every household having officers. Udit Narayanभोपाल। देश के हर गांव की अपनी एक विशेषता होती है और उसी वजह से वह अपनी पहचान बना लेता है, उत्तर प्रदेश में बुंदेलखंड अंचल के चित्रकूट का पाठा क्षेत्र कभी डकैतों का गढ़ माना जाता था । दरअसल इस इलाके में एक डकैत के खात्मे के बाद दूसरा डकैत बन जाता था, लेकिन अब इस पाठा क्षेत्र में डकैत नहीं बल्कि आईएएस और पीसीएस का जलवा है। इस छोटे से गांव के हर घर में एक सरकारी नौकर है। हम चित्रकूट जिला मुख्यालय से 20 किलोमीटर दूर रैपुरा गांव कर रहे हैं।यह गांव कभी डकैतों के लिए मशहूर था, लेकिन अब इसकी पहचान आईएएस और आईपीएस हैं। दरअसल गांव के लगभग डेढ़ दर्जन से अधिक लोग इस समय आईएएस, आईपीएस, पीसीएस जैसी विभिन्न सेवाओं में उच्चाधिकारी के पद पर कार्यरत हैं । खास आज यह है कि रैपुरा गांव में हर घर में कोई न कोई सरकारी कर्मचारी-अधिकारी है।हर घर में एक सरकारी कर्मचारी रैपुरा गांव के इंटर कॉलेज रिटायर प्रधानाचार्य महेंद्र प्रसाद सिंह ने बताया कि इस गांव में लगभग डेढ़ दर्जन से ज्यादा लोग आईएएस, पीसीएस हैं। इन सभी की स्‍कूली पढ़ाई गांव में ही हुई है । हालांकि बाहर से उच्‍च शिक्षा हासिल कर अधिकारी बने हैं। साथ ही कहा कि इस गांव में हर एक घर में कोई न कोई सरकारी नौकरी में है। सिंह ने बताया कि वह जब स्कूल के प्रिंसिपल थे, तब स्कूल में बच्चों को दूसरों के बारे में बात कर प्रोत्साहित करते थे। इसका असर बच्‍चों पर सकारात्‍मक हुआ और गांव के युवाओं में सरकारी नौकरी हासिल करने की होड़ सी लग गई। कभी डकैतों के लिए मशहूर यह गांव सरकारी अफसरों के लिए पहचान रखता है। आईएएस और पीसीएस की भरमार महेंद्र प्रसाद सिंह ने बताया कि गांव के अभिजीत सिंह, रोहित सिंह, कुलदीप कुमार और सीपी सिंह (आईएएस), यदुवेंद्र शुक्ल (आईपीएस), तेज स्वरुप, सुरेन्द्र, राजेन्द्र ,प्रकाश कुमार, सुरेश चन्द्र पाण्डेय, प्रह्लाद सिंह और सुरेश गर्ग बतौर पीसीएस कार्यरत हैं। इसके अलावा भी कई युवा अधिकारी बनकर रैपुरा गांव का नाम रौशन कर रहे हैं। साथ ही बताया कि आज भी तमाम युवा सिविल सेवा की परीक्षा की तैयारी के लिए बाहर रहकर पढ़ाई में जुटे हैं । हर साल कोई न कोई छात्र आईएएस या पीसीएस की परीक्षा में सफल जरूर रहता है. पिछली बार भी यह रिकॉर्ड कायम रहा है ।

किसानों के लिए महत्वपूर्ण खबर, अब इस महीने में आएगी PM Kisan की 16वीं किस्त! खाते में आएंगे फिर 2-2 हजार, जानें EKYC पर ताजा अपडेट.

Important news for farmers: The 16th installment of PM Kisan will be credited this month! Another 2,000 rupees will be deposited in the accounts. Get the latest update on EKYC. उदित नारायणप्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना केन्द्र सरकार की किसानों के लिए चलाई जा रही कई योजनाओं में से एक बड़ी योजना है। इस योजना के तहत किसानों को सालाना 6,000 रुपये दिए जाते है। यह राशि हर 4 माह में 3 किस्तों में 2,000-2000 रुपये करके DBT के माध्यम से दी जाती है।अबतक योजना की 15वीं किस्त जारी हो चुकी है और अब 16वीं किस्त जारी की जानी है। कब आएगी पीएम किसान योजना की 16वीं किस्तपीएम किसान योजना के नियमानुसार, पहली किस्त अप्रैल-जुलाई के बीच , दूसरी किस्त अगस्त से नवंबर के बीच और तीसरी किस्त दिसंबर से मार्च के बीच जारी की जाती है, ऐसे में संभावना है कि फरवरी से मार्च के बीच कभी भी 16वीं किस्त जारी की जा सकती है। हालांकि अगली किस्त जारी करने की कोई निश्चित तिथि अभी सामने नहीं आई है।ध्यान रहे अगली किस्त का लाभ केवल उन्हीं किसानों को मिलेगा जिन्होंने eKYC, भू सत्यापन और आधार लिंक की प्रक्रिया को पूरा कर लिया है और जिन्होंने ये तीनों काम नहीं किए है, उन्हें लाभ से वंचित किया जा सकता है।

भारतीय-संविधान दिवस आत्मचिंतन का पर्व………..

Indian Constitution Day is a day of introspection सलाहकार संपादक,,शीतला शंकर मिश्राहम भारत के लोगों ने 26नवम्बर1949को भारत को एक सम्पूर्ण प्रभुत्व लोकतंत्रात्मक गण राज्य बनाने के लिए संविधान को अंगीकृत,अधिनियमित व आत्मार्पित किया था।यही संविधान 26जनवरी 1950को लागू किया गया था।विश्व के सबसे बड़े संविधान की 74वीं वर्ष गाँठ का उल्लास स्वाभाविक है, लेकिन निराशा की खाइयाँ ढेर सारी हैं।संविधान दिवस को आत्मचिंतन दिवस के रूप में मनाने की आवश्यकता है। भारत का संविधान किसी क्रांति का परिणाम नहीं है। ब्रिटिश सरकार ने पराजित क़ौम की तरह भारत नहीं छोड़ा था। स्वाधीनता भी ब्रिटिश संसद के भारतीय स्वतंत्रता क़ानून 1947से मिली। भारतीय संविधान में ब्रिटिशसंसद द्वारा पारित 1935 के अधिनियम की ही अधिकांश बातें हैं। भारत ने भारत शासन अधिनियम 1935को आधार बनाकर गलती की थी। यह आरोप मै ही लगा रहा हूँ ऐसा नहीं है उस समय के विचारकों, क़ानून विदों ने भी लगाया था और आरोपों का उत्तर देते हुए डाक्टर अम्बेडकर ने स्पष्टीकारण दिया था कि उनसे इसी अधिनियम के आधार की अपेक्षा की गई है। भारत की संसदीय व्यवस्था, प्रशासनिक तंत्र व प्रधानमंत्री ब्रिटिश व्यवस्था की उधारी है। दुःखद है कि भारत ने अपनी संस्कृति व जन गण मन की भावना के अनुरूप अपनी राजव्यवस्था नहीं गढ़ी।जिसका परिणाम आप सबके समक्ष है।एक सैकड़ा से ऊपर संविधान संशोधनों के पश्चात् भी परिस्थितियों में मूल भूत सुधार नहीं हो सका है। सम्प्रति भारतीय संविधान और गणतंत्र संकट में है। संविधान सभा ने अपने तीन वर्ष के कार्यकाल में मात्र 63 लाख 96हज़ार रुपए ही खर्च किये। जम कर बहस हुई,2473संशोधनों पर चर्चा हुई। आज संसद और विधान मंडलों के स्थगन शोर शराबे और करोड़ों रुपयों के खर्च विस्मय कारी हैं।संविधान में शतक से अधिक संशोधन हो चुके हैं। संवैधानिक तंत्र विफल हो गया है।राजनीति भ्रष्ट उद्योग बन गई है। संविधान के शपथी मंत्री, सांसद, विधायक जेल जा रहे हैं। अनेक जेल में रहकर मंत्री पद के दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं। जेल में रहकर अनेक जन प्रतिनिधि चुनाव लड़ रहे हैं, जीत भी रहे हैं।निराशा की खाईं गहरी है , राष्ट्रीय उत्सव अब उल्लास नहीं पाते। संवैधानिक संस्थाएँ धीरज नहीं देतीं। आम जन हताश और निराश हैं। राजनीतिक अड्डों में ही गण तंत्र के उल्लास का जग मग आकाश है 15-20%लोग ही संविधान के सुख और गणतंत्र के माल से अघाए हैं। शेष अस्सी प्रतिशत लोग भुखमरी में हैं। बावजूद इसके अर्थव्यवस्था मोदी मय है और राजनीतिक व्यवस्था गणतंत्र विरोधी है।मेरी दृष्टि में संविधान दिवस राष्ट्रीय आत्मचिंतन का पर्व होना चाहिए।जयहिंद

राज्यसभा में MP की 5 सीटों का नंबर गेमः कौन किस पर भारी

The number of seats for Members of Parliament (MP) in the Rajya Sabha is 5. मौजूदा 4 सीटों को बचाने भाजपा को चाहिए 152 विधायक; अप्रैल में खत्म होगा कार्यकाल मध्यप्रदेश में 3 दिसंबर को विधानसभा चुनाव के नतीजे आएंगे। इन नतीजों से दो सवालों का जवाब मिलेगा। मध्यप्रदेश में किस पार्टी की सरकार बनेगी?अप्रैल 2024 में खाली हो रही राज्यसभा की 5 सीटों में से कितनी-किस पार्टी के खाते में जाएंगी। एमपी के 11 में से 5 राज्यसभा सांसदों का कार्यकाल 2 अप्रैल को खत्म हो रहा है। इनमें से 4 सीटें भाजपा जबकि 1 कांग्रेस के पास है। भाजपा को यदि यह आंकड़ा बरकरार रखना है तो विधानसभा में उसे 152 सीटें जीतना होंगी क्योंकि एक प्रत्याशी को जीतने के लिए न्यूनतम 38 विधायकों के वोट की जरूरत होगी। राज्यसभा सांसद का चुनाव तय फॉर्मूले के तहत होता है। इसके मुताबिक, जिस पार्टी के पास विधायकों की संख्या अधिक होती है, उस पार्टी के उम्मीदवार की जीत तय होती है। पहले जानिए, कैसे होता है राज्यसभा चुनाव राज्यसभा सांसदों के लिए चुनाव की प्रक्रिया अन्य चुनावों से काफी अलग है। राज्यसभा के सदस्य अप्रत्यक्ष रूप से चुने जाते हैं यानी जनता नहीं बल्कि विधायक इन्हें चुनते हैं। राज्यसभा चुनाव में जीत के लिए कितने वोटों की जरूरत होती है, ये पहले से ही तय होता है। वोटों की संख्या का कैलकुलेशन कुल विधायकों की संख्या और राज्यसभा सीटों की संख्या के आधार पर होता है। इसमें एक विधायक की वोट की वैल्यू 100 होती है। व्हिप के उल्लंघन से खत्म हो सकती है सदस्यता राज्यसभा चुनाव में लोकसभा और विधानसभा की तरह गुप्त मतदान नहीं होता है। राज्यसभा सांसद के नाम के आगे एक से चार तक का नंबर लिखा होता है। विधायकों को वरीयता के आधार पर वोट देना होता है। राज्यसभा सदस्य के चुनाव के लिए राजनीतिक दल रिक्त सीटों पर प्रत्याशी घोषित करने के साथ अपने विधायकों के लिए व्हिप जारी करते हैं। यदि किसी विधायक ने व्हिप का उल्लंघन कर पार्टी प्रत्याशी को वोट नहीं दिया तो उसके खिलाफ कार्रवाई भी हो सकती है। नियमानुसार पार्टी विधानसभा सचिवालय को ऐसे विधायक की लिखित शिकायत करती है तो जांच के बाद उसकी विधानसभा सदस्यता भी समाप्त हो सकती है। किस फॉर्मूले से तय होती है जीत? राज्यसभा चुनाव के लिए एक फॉर्मूले का उपयोग किया जाता है। इसमें कुल विधायकों की संख्या को 100 से गुणा किया जाता है। इसके बाद राज्य में जितनी राज्यसभा की सीटें हैं, उसमें एक जोड़ कर भाग दिया जाता है। इसके बाद कुल संख्या में एक जोड़ा जाता है। फिर अंत में जो संख्या निकलती है, वह जीत का आंकड़ा होता है। 2020 में भाजपा ने ऐसे पलट दिया था नंबर गेम 19 जून 2020 को राज्यसभा की 3 सीटों के लिए चुनाव हुआ था। भाजपा ने ज्योतिरादित्य सिंधिया और डॉ. सुमेर सिंह सोलंकी को प्रत्याशी बनाया था जबकि दिग्विजय सिंह और फूल सिंह बरैया ने कांग्रेस की तरफ से नामांकन भरा था। इस चुनाव से तीन महीने पहले सिंधिया समर्थक 22 विधायकों ने 10 मार्च 2020 को विधायक पद से इस्तीफा दे दिया था। ऐसे में मौजूदा विधायकों की कुल संख्या 206 रह गई थी क्योंकि 2 विधानसभा सीटें मुरैना जिले की जौरा और आगर-मालवा की आगर सीट विधायकों के निधन के बाद खाली थी।इस हिसाब से राज्यसभा के एक प्रत्याशी को कम से कम 52 वोट चाहिए थे। विधायकों की संख्या के आधार पर भाजपा के दो उम्मीदवार- ज्योतिरादित्य सिंधिया (56 वोट) और डॉ. सुमेर सिंह सोलंकी (55 वोट) जीतने में कामयाब हुए थे। कांग्रेस की तरफ से दिग्विजय सिंह (57 वोट) ही जीत दर्ज कर सके थे। दूसरे प्रत्याशी फूल सिंह बरैया को केवल 38 वोट मिले थे। 5 विधायकों ने भी बदल लिया था पाला 2018 विधानसभा चुनाव के बाद बसपा, सपा और निर्दलीय विधायकों के समर्थन से कमलनाथ सरकार ने बहुमत का आंकड़ा पार किया था। इस चुनाव में कांग्रेस को 114 और भाजपा को 109 सीटें मिली थीं लेकिन 19 जून 2020 को राज्यसभा की 3 सीटों पर हुए चुनाव से ठीक पहले बसपा के दो, सपा का एक और 2 निर्दलीय विधायकों ने पाला बदल लिया था। जिसका फायदा भाजपा को हुआ था। दिग्विजय को तीन वोट ज्यादा मिले थे 3 सीटों के चुनाव में भाजपा को दो वोटों का नुकसान हुआ था। गुना से भाजपा विधायक गोपीलाल जाटव ने ज्योतिरादित्य सिंधिया की जगह क्रॉस वोटिंग की थी। सुमेर सिंह सोलंकी के पक्ष में दिया गया भाजपा विधायक जुगल किशोर बागरी का वोट निरस्त हो गया था। 3 सीटों पर चुनाव से ठीक एक दिन पहले 18 जून 2020 को कमलनाथ के निवास पर एक बैठक हुई थी। इसमें तय किया गया था कि दिग्विजय सिंह को 54 विधायक वोट देंगे लेकिन उन्हें 57 वोट मिले। यानी जिन तीन विधायकों को दूसरे प्रत्याशी फूल सिंह बरैया को वोट देना था, उन्होंने दिग्विजय सिंह को वोट दे दिया था। से ओबीसी, दलित और महिला वर्ग को साधा था। दरअसल, राज्यसभा चुनाव से पहले एमपी की राजनीति में ओबीसी एक बड़ा मुद्दा बन गया था। ओबीसी आरक्षण की वजह से पंचायत और निकाय चुनाव टल गए थे। मामला सुप्रीम कोर्ट में पहुंचा था। कोर्ट के दखल के बाद निकाय चुनाव में ओबीसी आरक्षण का रास्ता साफ हुआ था। प्रदेश में ओबीसी वोटरों की आबादी 50 फीसदी से अधिक है। बीजेपी ने कविता पाटीदार के नाम की घोषणा कर एक बड़ा ओबीसी कार्ड खेला था। इसी तरह सुमित्रा वाल्मीकि को राज्यसभा में भेजकर दलित वर्ग को साधने की कोशिश की थी। जानकार कहते हैं कि यदि भाजपा फिर दलित, ओबीसी और महिला कार्ड खेलती है तो उसे मिशन 2024 में भी बड़ा फायदा होगा।

बरसों से चली आ रही परंपरा आज भी जिंदा, कार्यक्रम में सम्मिलित गांव के लोग.

The tradition that has been ongoing for decades is still alive today, with the people from the participating village in the program. Sitaram Kushwahaविदिशा, ग्यारसपुर के औलिजा ग्राम के लोग आज भी वर्षों पुरानी परंपरा को निभा रहे हैं ग्राम के सभी लोग ठाकुर बाबा के यहां पर पहुंचकर ढाल चढ़ाते हैं । ग्राम के सभी लोग धूमधाम से यह उत्सव मनाते हैं पूरा गांव इस कार्यक्रम में उमड पड़ता है जंगल के बीचो-बीच ठाकुर बाबा का स्थान है जहां पर लोग, आसपास से भी पहुंचते हैं और सैकड़ो लोग अपनी मन्नत लेकर ठाकुर बाबा के स्थान पर पहुंचते हैं और लोगों की यहां से मन्नत पूरी होती है ऐसा मानते हैं कि जो भी ढाल चढ़ते हैं बाबा उनकी मनोकामना पूर्ण करते हैं, गांव की सरपंच प्रतिनिधि किशोर कुशवाहा ने बताया है कि वर्षों से हम इस परंपरा को मनाते आ रहे हैं हमारे पूर्वज भी यहां पर आकर ग्यारस के बाद बारस को चबूतरा पर पहुंचकर पूरी विधि विधान से पूजा अर्चना करते हैं , और सभी ग्रामीण इस कार्यक्रम में सम्मिलित होकर प्रसाद चढ़ाते हैं और सभी के कल्याण की कामना करते हैं । और सभी को प्रसाद वितरण करते हैं ।

उज्जैन के किसान ने बोवनी करने के लिए प्रधानमंत्री से मांगा हेलीकॉप्टर

Farmer from Ujjain has requested a helicopter from the Prime Minister for aerial sowing. गांव गोंदिया निवासी किसान पुरुषोत्तम राठौर ने पीएमओ को लिखा पत्र (SAHARA SAMACHAR) उज्जैन। उज्जैन में चिंतामन थाना क्षेत्र के गांव गोंदिया निवासी किसान पुरुषोत्तम राठौर ने अपने खेत पर जाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन से हेलीकॉप्टर की मांग की है। किसान का कहना है कि उसका खेत सुना और खाली पड़ा है और उसके खेत में वह कोई फसल की बोवनी नहीं कर पाया है। दरअसल, किसान के खेत के आसपास गांव के ही स्थानीय दबंग व्यक्तियों ने कब्जा कर लिया है और वह किसान को खेत में नहीं जाने देते हैं। पीड़ित किसान का परिवार जब खेत पर पहुंचता है तो उनके साथ मारपीट की जाती है। डर के चलते किसान ने खेत पर कोई फसल भी नहीं बोई है। किसान का कहना है कि मैंने लिखित में आवेदन देकर शिकायत की है, लेकिन उसकी सुनवाई नहीं हुई है। अब किसान ने अपने खेत पर जाने के लिए देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्र सरकार और राज्य सरकार सहित जिला प्रशासन से हेलीकॉप्टर की मांग की है और कहा है कि खेत तक पहुंचने के सभी रास्ते बंद हैं। इसलिए अब वह हवाई मार्ग से सीधे खेत पर उतरेगा और खेत में बोवनी करेगा।

धर्म संसद में गाय को गौमाता का राष्ट्रीय दर्जा देने संतों ने उठाई आवाज.

Saints raised their voices in the Parliament of Religion to confer the national status of ‘Gau Mata’ (Mother Cow) on the cow. सरकार से जल्द गौमाता का राष्ट्रीय पशु का दर्जा हटाने की मांग, दिल्ली के रामलीला मैदान में देशभर के संतों ने किया आंदोलन, हिंदू राष्ट्र की परिकल्पना को साकार करने में यह एक अच्छा कदम साबित होगा Udit Narayan दिल्ली। ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि गौमाता की रक्षा धर्म रक्षा है और गोमाता की हत्या धर्म हत्या है। अगर धर्म का रक्षण और पोषण करना है तो गाय का रक्षण और पोषण करना शुरू कर दें, धर्म का रक्षण और पोषण अपने आप हो जाएगा। जगतगुरु शंकराचार्य सोमवार को रामलीला मैदान में आयोजित गौमाता राष्ट्रमाता प्रतिष्ठा आंदोलन के विशाल महासम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। शंकराचार्य ने कहा कि यह अफसोस की बात है कि गोमाता के प्रति हमारी भावना को सत्ता में बैठे लोग नहीं समझ रहे है। एक तरफ देश में अमृत महोत्सव मनाया जा रहा है, तो दूसरी तरफ सबको अमृत देने वाली गौमाता की दुर्दशा हो रही है। महासम्मेलन में अलग-अलग राज्यों से गौमाता के लिए समर्पित साधु-संत, गौभक्त, गौशाला संचालक, सामाजिक, धार्मिक और सनातन संस्कृति से संबंधित संगठनों से जुड़े लोग बड़ी संख्या में शामिल हुए। विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। तीन पीठों के शंकराचार्य ने आंदोलन को दिया अपना समर्थन भारतीय गौ क्रांति मंच के संस्थापक और महासम्मेलन के आयोजक गोपालमणि महाराज ने बताया कि अन्य तीन पीठों के शंकराचार्य ने वीडियो संदेश भेजकर इस आंदोलन को अपना समर्थन और आशीर्वाद दिया है। उन्होंने कहा कि गौमाता का खोया गौरव लौटाने का एकमात्र रास्ता है कि केंद्र सरकार गाय को पशु के दर्जे से हटाए और राष्ट्रमाता का दर्जा दे। गोपालमणि महाराज ने कहा कि गाय हमारे धर्म का हिस्सा है। जबसे हम लोगों ने गाय को धर्म से अलग किया, तभी से गौमाता की दुर्दशा शुरू हो गई है। जो इंसान गौमाता को धर्म की दृष्टि से देखेगा, वही उसकी रक्षा कर सकता है, इसलिए गाय को धर्म की तरह अपनाना होगा। गौमाता में 33 करोड़ देवी-देवता का वास: देवकीनंदन ठाकुर कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर ने कहा कि गौमाता में 33 करोड़ देवी-देवता बसते है। अगर गाय की हत्या होती है तो वह सनातन धर्म की हत्या है। आरएसएस की ममता दास ने कहा कि गौमाता के खिलाफ होने वाले अपराधों को रोकना जरूरी है। इसके लिए हम सबको मिलकर संकल्प लेना होगा। राजस्थान के स्वामी प्रकाशानंद ने कहा कि हमारे जितने भी वैदिक कर्म है, वे सभी गौमाता के बिना संपन्न नहीं होते। हमारी सनानत संस्कृति के अनुसार गाय को माता माना गया है, लेकिन हम गाय का दूध पीने के बाद उसे बाहर निकाल देते हैं, जबकि भगवान ने भी कहा है कि मैं गौ के भीतर रहता हूं। हमारी पूरी संस्कृति और सामाजिक ताना-बाना गौमाता के इर्द गिर्द घूमती है। इसलिए सभी देशवासी गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित करवाने के लिए आंदोलन करने के साथ-साथ स्वयं भी गौमाता का सम्मान करें। भाजपा सरकार गौमाता को राष्ट्रीय दर्जा देने में देरी नहीं करेअब देखना यह है कि केंद्र सरकार संतों की मांग गाय को राष्ट्रीय गौमाता का दर्जा देती है या विचार में किसान आंदोलन जैसा स्वरूप लेने के लिए संत महात्माओं को विवश होना पडेगा। कुछ धार्मिक गुरूओं से चर्चा करने के बाद यह कहा जा सकता है कि जैसा कि भाजपा अपने आपको सनातन के प्रति वचनवद्ध है, तो फिर भाजपा सरकार गौमाता को राष्ट्रीय दर्जा देने में देरी नहीं करनी चाहिए। पूर्व में भी भाजपा सरकार द्वारा अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का सनातन की रक्षा के लिए अनुकरणीय कदम उठा चुकी है। भाजपा सरकार के लिए यह अच्छा मौका है कि वह गौमाता को राष्ट्रीय दर्जा देती है। जिससे हिंदू राष्ट्र की परिकल्पना को साकार करने में एक अच्छा कदम साबित होगा।

अमृत काल में 80 करोड़ लोग अनाज क्यों नहीं खरीद पा रहे हैं.

In the Amrit Kaal, why are 80 crore people unable to purchase grains? Manish Trivedi यह रिपोर्ट द वायर हिंदी की एक रिपोर्ट के आधार पर है.  दिल्ली, छत्तीसगढ़ में एक चुनावी भाषण में मोदी ने भव्य घोषणा की कि 80 करोड़ गरीब भारतीयों को मुफ्त अनाज बांटने की योजना, को अगले पांच वर्षों के लिए बढ़ाया जाएगा. प्रधानमंत्री ने दावा किया कि यह ‘भारत के लोगों को मोदी की गारंटी’ है. सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था, जो 2028 तक तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की राह पर है, उसे 80 करोड़ लोगों को मुफ्त अनाज क्यों बांटना चाहिए? दूसरी तरफ देखें, अगर भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है तो वैश्विक भूख सूचकांक में यह और नीचे क्यों गिर रहा है? 2023 ग्लोबल हंगर इंडेक्स में भारत चार पायदान फिसलकर 125 देशों में से 111वें स्थान पर पहुंच गया. सरकार हंगर इंडेक्स रिपोर्ट की आलोचना करती है, लेकिन प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (पीएमजीकेवाई) के तहत मुफ्त खाद्यान्न योजना को अगले पांच वर्षों के लिए बढ़ाकर इसका समर्थन कर रही है. जमीनी स्तर पर कुछ वास्तविक नतीजे दिखाने के लिहाज़ से दस साल का समय बहुत लंबा है, चाहे वह विकास हो, रोजगार हो, बचत दर, निजी निवेश, बढ़ा हुआ विदेशी निवेश या निर्यात आदि हो. इन सभी मामलों पर उपलब्ध डेटा खराब प्रदर्शन ही दर्शाता है. मनरेगा यानी ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना, जिसे सरकार ने वास्तविक आर्थिक विकास, रोजगार और आय पैदा करने में कांग्रेस की विफलता का स्मारक बताया. आज की तारीख में मोदी और उनकी सरकार की एक बड़ी विडंबना यह है कि ग्रामीण रोजगार गारंटी बजट का 93% हिस्सा वित्तीय वर्ष के पहले छह महीनों में ही खर्च हो गया है. पिछले महीने सांख्यिकी विभाग द्वारा जारी जुलाई 2022 से जुलाई 2023 के लिए आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण (पीरियाडिक लेबर फोर्स सर्वे) में सामने आया. सर्वे से पता चलता है कि स्व-रोजगार के आंकड़ों में भारी वृद्धि हुई है, जो 2022-23 में कुल काम में लगे लोग का 58% है. अर्थव्यवस्था में कुल एम्प्लॉयड लोगों का आंकड़ा लगभग 500 मिलियन से अधिक है. 2017-18 में स्व-रोज़गार श्रेणी, मुख्यतः ग्रामीण भारत में छोटे विक्रेता और व्यक्तिगत सर्विस प्रोवाइडर कुल एम्लॉयड का 52% थे. स्व-रोज़गार में बड़ी वृद्धि गैर-मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र में निम्न गुणवत्ता वाले रोज़गार में बढ़ोतरी का संकेत देती है. यह स्पष्ट है क्योंकि स्व-रोज़गार में से एक तिहाई अवैतनिक श्रमिक हैं जो बिना किसी वेतन के छोटे परिवार द्वारा चलाई जाने वाली इकाइयों में शामिल होते हैं. इसलिए स्व-रोज़गार का अनुपात और उसमें बिना वेतन के काम करने वालों का अनुपात पिछले 5 वर्षों में नाटकीय रूप से बढ़ गया है, खासकर नोटबंदी और महामारी के बाद. अर्थशास्त्री संतोष मेहरोत्रा के अनुसार, स्व-रोज़गार श्रेणी में अवैतनिक श्रमिकों की संख्या अवैतनिक श्रमिकों की संख्या 2017-18 में 4 करोड़ से बढ़कर 2022-23 में 9.5 करोड़ हो गई है. संभवतः अर्थव्यवस्था में सबसे बड़ी संरचनात्मक कमजोरी है क्योंकि श्रम बल सर्वे से यह भी पता चलता है कि 2017-18 और 2022-23 के बीच वास्तविक रूप से औसत नियमित मासिक वेतन में 20% से अधिक की गिरावट आई है. स्व-रोज़गार और कैज़ुअल (अस्थायी) श्रेणियों के लिए भी असल वेतन में गिरावट दिखती है. दरअसल में बीते पांच सालों में औसत वेतन में कोई वृद्धि न होना स्पष्ट रूप से रोज़गार की बिगड़ती गुणवत्ता को दर्शाता है. इस बात का पता खुद भी लगाया जा सकता है, बस जाकर किसी स्व-रोजगार करने वाले जैसे निर्माण या परिवहन में लगे लोग (उबर या ओला ड्राइवर) से पूछिए, वो बताएंगे कि उनका वेतन वास्तविक रूप से स्थिर है, भले ही रोजमर्र के जीवनयापन की लागत बढ़ गई हो. वेतन का स्थिर होना, विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में क्रय शक्ति की कमी को भी दिखता है, जो हाल के वर्षों में हिंदुस्तान लीवर, बजाज ऑटो इत्यादि जैसी कंपनियों के लिए ग्रामीण मांग में वृद्धि की कमी में दिखी है. बजाज ऑटो जैसे दोपहिया वाहन निर्माता पांच या छह साल पहले की तुलना में आज 30 से 40% कम इकाइयां बेच रहे हैं, जो पहले कभी नहीं हुआ था. लक्जरी सेगमेंट- एसयूवी, आभूषण, इलेक्ट्रॉनिक्स, होटल, हवाई यात्रा आदि मजबूत खपत बढ़ी है और जो कंपनियां इन जरूरतों को पूरा करती हैं, वे अच्छा प्रदर्शन कर रही हैं. निम्न मध्यम वर्ग की खपत अब तक के सबसे निचले स्तर पर नज़र आ रही है. श्रम बल सर्वे में दिखने वाला वेतन का स्थिर हो जाना मोटे तौर पर निचली 60 से 70% आबादी का प्रतिनिधित्व करता है. यह देखना दिलचस्प होगा कि पीएम मोदी भारत के अमृत काल में प्रवेश की अपनी भव्य कहानी को लेकर लोगों को कैसे आश्वस्त करते हैं. कोई भी मोदी से एक सरल, सामान्य सवाल पूछ सकता है- अमृत काल में 80 करोड़ लोग अनाज कैसे नहीं खरीद पा रहे हैं?

मजदूरों को सुरंग में फंसे हुए 160 घंटे से ज्यादा का समय, सुरंग का निर्माण करने वाली कंपनी की चूक का मामला.

Uttrakhand; Tunnel; Sahara Samachaar; Sahara India;

More than 160 hours of trapped laborers in a tunnel, due to the negligence of the company constructing the tunnel. उत्तराखंड में 41 मजदूरों को एक सुरंग में फंसे हुए 160 घंटे से ज्यादा का समय तो चुका है. सुरंग का यह नक्शा तब सामने आया जब केंद्रीय मंत्री वीके सिंह ने गुरुवार को सुरंग ढहने वाले स्थान का दौरा किया. इस बीच एक नक्शा सामने आया है जो सुरंग का निर्माण करने वाली कंपनी की चूक की ओर इशारा कर रहा है. मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के अनुसार, तीन किलोमीटर से अधिक लंबी सभी सुरंगों में आपदा के हालात में लोगों को बचने के लिए भागने का रास्ता होना चाहिए. नक्शा से ज्ञात हुआ है कि 4.5 किलोमीटर लंबी सिल्कयारा सुरंग के प्लान में भी बचकर निकलने के लिए एक मार्ग बनाया जाना था, लेकिन यह रास्ता बनाया नहीं गया. बचाव टीमें अब सुरंग के अंदर फंसे हुए मज़दूरों को बचाने के लिए योजनाएं भी लेकर आ रही हैं. सुरंग में फंसे 41 निर्माण मजदूरों के परिवारों के सदस्य, जिनमें से अधिकांश प्रवासी हैं, को अब चिंता होने लगी है मजदूरों के परिवारों के कुछ सदस्यों और निर्माण में शामिल अन्य श्रमिकों ने कहा कि अगर भागने का रास्ता बनाया गया होता तो अब तक मजदूरों को बचाया जा सकता था.

हरियाणा के नूंह में फिर तनाव! कुआं पूजने जा रहीं महिलाओं पर किया गया पथराव।

Tension again in Nuh of Haryana! Stones were pelted at women going to worship the well. सांप्रदायि विवाद से फिर सुर्खियों में आया हरियाणा का नूंह। पहले भी धार्मिक यात्रा पर किया था उपद्रवियों ने पथराव। संतोष सिंह तोमर नई दिल्ली। हरियाणा के नूंह में गुरुवार को एक बार फिर से एक समुदाय विशेष द्वारा पूजा करने जा रही महिलाओं पर पथराव की खबर सामने आई। बताया जा रहा है कि कुआं पूजन के कार्यक्रम में जा रही महिलाओं पर कुछ लोगों ने अचानक से पथराव कर दिया। गौशाला रोड स्थित कैलाश मंदिर के पास महिलाओं पर पथराव हुआ है। जिसके बाद दो समुदाय आमने-सामने हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला। खुद नूंह एसपी नरेंद्र सिंह बिजरानिया मौके पर मौजूद हैं और आक्रोशित लोगों को समझाने-बुझाने की कोशिश कर रहे हैं। इलाके में तनाव की स्थिति बनी हुई है घटना गुरुवार करीब साढ़े 8 बजे की बताई जा रही है। जानकारी के मुताबिक गुरुवार को हेमंत पुत्र दयाराम के बेटे का कुआं पूजन था। गुरुवार शाम करी साढ़े आठ बजे नूंह शहर के वार्ड नंबर 5, कबीर मोहल्ले की महिलाएं कुआं पूजन के लिए बड़ी मस्जिद के पीछे से जा रही थीं, तभी उनके ऊपर मस्जिद की छत से पत्थर फेंके जाने लगे। महिलाओं ने फेंके गए पत्थरों को नजरअंदाज कर दिया और वह कुआं पूजने के लिए कैलाश मंदिर के लिए चल दीं। जब कुआं पूजने के बाद महिलाएं वापस आ रही थीं, तभी फिर से उनके ऊपर पथराव किया जाने लगा। बड़ी मस्जिद के पास भारी पुलिस बल तैनात महिलाओं ने परिजनों को फोन कर बताया कि बड़ी मस्जिद के ऊपर से उनके ऊपर पथराव किया जा रहा है। इस बात को सुनकर कबीर मोहल्ले के लोग बड़ी मस्जिद के पास पहुंच गए और वहां से पत्थर फेंकने वालों की फोटो खींचने लगे। फोटो खींच रहे लोगों पर भी मस्जिद से उपद्रवियों द्वारा पत्थर फेंके गए, जिसके बाद लोगों ने पुलिस को सूचना दी। घटना की गंभीरता को देखते हुए एसपी नरेंद्र सिंह बिजरानिया दल-बल के साथ बड़ी मस्जिद पहुंच गए और मस्जिद के चारों तरफ भारी पुलिस बाल लगा दिया। एसपी ने मस्जिद के मुफ्ती को लगाई फटकार वहीं बड़ी मस्जिद के इंचार्ज मुफ्ती जाहिद हुसैन को एसपी नरेंद्र सिंह बिजरानिया ने मस्जिद से बाहर बुलाया और जमकर फटकार लगाई। उन्होंने सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि जिन लोगों ने महिलाओं के ऊपर पथराव किया है, उन लोगों को या तो अपने आप लेकर आओ नहीं तो मैं अपने तरीके से लेकर जाऊंगा। एसपी ने मुफ्ती जाहिद हुसैन से सख्त लहजे में कहा कि सड़क की तरफ से जो मस्जिद के दरवाजे निकाल रखे हैं, इनको बंद किया जाए। यह जो हो रहा है, वह बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पथराव करने वालों पर मुकदमा होगा दर्ज:- एसपी एसपी नरेंद्र सिंह बिजरानिया ने बताया कि कबीर मोहल्ले में रामावतार के घर कुआं पूजन का कार्यक्रम था, जिसको लेकर महिलाएं कुआं पूजने गईं थी, तभी उनके ऊपर बड़ी मस्जिद के पास पथराप कर दिया गया। वहीं मौके पर अभी स्थिति सामान्य है। तनाव को देखते हुए पर्याप्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। जिन लोगों ने पथराव किया है, उनके खिलाफ अपराधिक मामला दर्ज किया जाएगा। ब्रजंमडल यात्रा के दौरान भी फैली थी हिंसा  इस घटना के बाद इलाके में तनाव फैल गया है। कुछ महीने पहले ही यहां भारी हिंसा हुई थी, जिसमें एक मौलवी समेत छह लोगों की जान चली गई थी। हम आपको बता दें की इसी वर्ष विहिप ने नूंह में ब्रजमंडल यात्रा का आयोजन किया था, जिस पर बड़े पैमाने पर हमला किया गया था। उपद्रवियो ने इस यात्रा में शामिल लोगों की दर्जनों गाड़ियां जला दी थीं। साथ ही उन पर गोलियों और धारदार हथियारों से भी हमला किया था। इसकी प्रतिक्रिया में गुरुग्राम और फरीदाबाद में दंगे भड़क उठे थे, जिसमें कई लोगों की जान चली गई थी। उसके बाद पुलिस ने जब दंगाइयों पर नकेल कसी तो इलाके में धीरे-धीरे शांति आने लगी थी, लेकिन अब फिर हालात खराब करने की कोशिश की गई है।

पंचतत्व में विलीन हुए सहाराश्री।

Saharashree merged into Panchatattva. लखनऊ में हुआ अंतिम संस्कार, पोते ने दी मुखाग्नि। कई दिग्गज नेता, अभिनेता पहुंचे अंतिम दर्शन करने। संतोष सिंह तोमर लखनऊ। सहारा प्रमुख सहाराश्री सुब्रत रॉय का अंत‍िम संस्‍कार आज शाम बैकुंठधाम में हुआ और वह पंचतत्व में विलीन हो गए। उनके दो पौत्रों ने उनको मुखाग्नि दी। इस मौके पर शमशान घाट पर मौजूद रहे सभी लोग नाम आंखों से सहाराश्री को अंतिम प्रणाम करते नजर आए। सहारा इंडिया परिवार के कर्मचारी उनको ‘सहारा प्रणाम’ कर रहे थे और ‘सहाराश्री अमर रहे’ के नारे लगा रहे थे और भारी मन से खुद से दूर होते अपने अभिभावक को देख रहे थे। सुब्रत रॉय को प्लेटफार्म नंबर 8 पर मुखाग्‍न‍ि दी गई। सहारा परिवार के लिए प्लेटफॉर्म 7 से लेकर 9 तक को रिजर्व रखा गया था और पूरे बैकुंठ धाम को फूलों से सजाया गया था। घाट पर सहाराश्री परिवार के लोगों के लिए पार्किंग आरक्षित कर दी गई थी।        सहारा इंडिया परिवार की ओर से इस सम्बंध में बताया गया कि सहाराश्री सुब्रत रॉय की अंतिम यात्रा गोमती नगर में सहारा शहर से होकर अंबेडकर चौराहा, गांधी सेतु होते हुए 1090 चौराहे से बैकुंठधाम पहुंची। मालूम हो कि 14 नवम्बर को मुंबई के कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल में सहाराश्री का निधन हो गया था। उन्होंने 75 वर्ष की उम्र में अंतिम सांस ली। सहारा श्री के निधन के बाद से ही उनके करीब रहे फिल्म अभिनेता, सिंगर, डायरेक्टर, नेता, मंत्री आदि वीआईपी लगातार श्रद्धांजलि देने के लिए पहुंचे। घाट पर भी यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव सहित नेता अभिनेताओं के साथ ही सहारा इंडिया परिवार के कार्यकर्ता भी मौजूद रहे। दाह संस्कार में नहीं पहुंचे बेटे, पोते ने दी मुखाग्नि मुंबई से चार्टर प्लेन से सुब्रत राय का पार्थिव शरीर शाम 4.20 बजे अमौसी एयरपोर्ट पर लाया गया था। सुब्रत राय का पार्थिव शरीर सहारा शहर पहुंचते ही मित्र व कर्मियों ने सहारा श्री अमर रहे के नारे भी लगाए गए थे। पार्थिव शरीर को लेने के लिऐ पत्नी सपना राय, भाई जयब्रत राय, बहन कुमकुम राय चौधरी, बहु रिचा और चांदनी राय के साथ ही परिवार के अन्य सदस्य व दोस्त पहुंचे थे। जबकि सुब्रतो राय सहारा के दाह संस्कार के दौरान उनके दोनों बेटे सुशांतो और सीमांतो मौजूद नहीं थे। ऐसे में राय की चिता को उनके 16 वर्षीय पोते हिमांक ने मुखाग्नि दी। कई दिग्गजों ने सहाराश्री को दी अंतिम श्रद्धांजलि बुधवार की शाम को 5 बजे जैसे ही सहारा शहर में सहाराश्री का पार्थिव शरीर लाया गया था, उसी के बाद से श्रद्धांजलि देने के लिए दिग्गज पहुंचने लगे। गुरुवार को सुबह से ही खेल जगत से लेकर फिल्मी जगत और राजनीति क्षेत्र से जुड़े दिग्गज सहाराश्री के अंतिम दर्शन को पहुंचे। सुबह ही हॉकी खिलाड़ी और भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कप्तान धनराज पिल्ले श्रद्धांजलि देने के लिए पहुंचे तो वहीं राज्य सभा सदस्य दिनेश शर्मा, उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, मंत्री नितिन अग्रवाल, पूर्व मुख्यमंत्री व सपा प्रमुख अखिलेश यादव, सांसद नरेश अग्रवाल, सपा के प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम, पूर्व मंत्री शिवपाल सिंह यादव, प्रमोद तिवारी, कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राजबब्बर, कांग्रेस विधान मंडल की नेता आराधना मिश्र, पूर्व मंत्री अम्मार रिजवी, मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली, गायक सोनू निगम और लखनऊ मेयर सुषमा खरकवाल, लखनऊ में सिटी मांटेसरी स्कूल के फाउंडर जगदीश गांधी, फिल्म अभिनेता राज बब्बर की बेटी जूही बब्बर, बीबीडी के विराज दास, फिल्म निर्माता बोनी कपूर, अभिनेत्री गुल पनाग, गायिका सपना मुखर्जी, परसेप्ट लिमिटेड के संस्थापक हरिंद्र सिंह आदि ने सहारा शहर पहुंचकर सहाराश्री को श्रद्धांजलि दी। सीएम योगी समेत कई नेताओं ने दी श्रद्धांजलि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बुधवार को सहारा समूह के प्रमुख सुब्रत राय के निधन पर दुख जताया था। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ‘सहारा समूह के प्रमुख सुब्रत राय का निधन अत्यंत दुःखद है। प्रभु श्री राम से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को अपने श्री चरणों में स्थान प्रदान करें तथा शोकाकुल परिजनों को यह अथाह दुःख सहने की शक्ति दें. ॐ शांति।’ समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने भी ‘एक्स’ पर लिखा, ‘सहारा श्री सुब्रत राय जी का निधन उत्तर प्रदेश और देश के लिए भावनात्मक क्षति है। वह एक अत्यंत सफल व्यवसायी होने के साथ-साथ संवेदनशील एवं विशाल हृदय वाले व्यक्ति थे जिन्होंने अनगिनत लोगों की सहायता की और उनका सहारा बने। भावभीनी श्रद्धांजलि।’

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet