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चालू वित्त वर्ष में सेवा आयात 9.6 प्रतिशत बढ़कर 62.9 बिलियन अमेरिकी डॉलर हो गया

नई दिल्ली  भारत का सेवा क्षेत्र लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहा है। बैंक ऑफ बड़ौदा की एक नई रिपोर्ट के अनुसार, सेवा क्षेत्र का चालू वित्त वर्ष में सेवा निर्यात 9.8 प्रतिशत बढ़कर 180 बिलियन अमेरिकी डॉलर हो गया है। वहीं, सेवा आयात भी 9.6 प्रतिशत बढ़कर 62.9 बिलियन अमेरिकी डॉलर हो गया है। इसके परिणामस्वरूप सेवा व्यापार संतुलन 82.6 बिलियन अमेरिकी डॉलर हो गया, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में अधिक है। हालांकि, सेवा निर्यात और आयात में मामूली वृद्धि दर्ज हो पाई है। वित्त वर्ष 2025 के लिए चालू खाता घाटा (सीएडी) जीडीपी के 1 प्रतिशत से 1.2 प्रतिशत के बीच रहने की उम्मीद है। स्थिर प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) प्रवाह और मजबूत विदेशी पोर्टफोलियो निवेश (एफपीआई) प्रवाह भी सर्मथन में मददगार रहेगा। मौद्रिक इजिंग साइकल में देरी की वजह से निर्यात सुधार कुछ प्रभावित हो सकता है। लेकिन, मध्यम अवधि में व्यापक आर्थिक गतिशीलता अनुकूल स्थिति का संकेत देती है। आने वाले महीनों में आयात वृद्धि निर्यात में सुधार से आगे निकल सकती है, ऐसे में व्यापार घाटे का दबाव बढ़ सकता है। सितंबर में सुधार के बावजूद वित्त वर्ष 2025 की पहली छमाही के लिए व्यापार घाटा अधिक बना हुआ है। यह आगे आने वाली चुनौतियों का संकेत देता है। चालू वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में मौसमी कारकों की वजह से निर्यात गतिविधि में वृद्धि देखे जाने की उम्मीद है। हालांकि, पूरी रिकवरी वैश्विक आर्थिक स्थितियों पर भी निर्भर करेगी, जो अनिश्चित बने हुए हैं। यह सुधार सोने के आयात में गिरावट की वजह से भी आया है। सोने का आयात 10.1 बिलियन अमेरिकी डॉलर से घटकर 4.4 बिलियन अमेरिकी डॉलर हो गया है। अप्रैल-सितंबर की अवधि में निर्यात 1 प्रतिशत बढ़कर 213.2 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि में दर्ज 8.9 प्रतिशत की गिरावट की तुलना में सुधार को दिखाता है। इसके अलावा, त्योहारी सीजन के दौरान घरेलू मांग में वृद्धि से भी व्यापार संतुलन पर दबाव बढ़ सकता है। वहीं, भारतीय रुपया कमजोर रहा तो आयातित मुद्रास्फीति का जोखिम भी बढ़ सकता है।  

अनिल अंबानी के लिए गुड न्यूज, रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए 6,000 करोड़ रुपये जुटाने की मंजूरी

मुंबई कर्ज में डूबे उद्योगपति अनिल अंबानी के लिए गुड न्यूज है। उनकी कंपनी रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर के शेयरधारकों ने प्रीफेरेंशियल इश्यू के जरिए शेयर जारी करने और क्यूआईपी रूट के माध्यम से 6,000 करोड़ रुपये जुटाने की कंपनी की योजना को मंजूरी दे दी है। कंपनी ने शेयर बाजार को दी जानकारी में बताया कि दोनों प्रस्तावों को शेयरधारकों की मंजूरी मिल गई है। पोस्टल बैलट के जरिए से प्रस्तावों के पक्ष में 98 प्रतिशत से अधिक मतदान हुआ है। रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर के बोर्ड ने 19 सितंबर को 6,000 करोड़ रुपये जुटाने की योजना को मंजूरी दी थी। इसमें से 3,014 करोड़ रुपये शेयरों या परिवर्तनीय वारंट के तरजीही आवंटन के जरिए जुटाए जाने थे, जबकि 3,000 करोड़ रुपये क्यूआईपी के जरिए जुटाए जाएंगे। पहले चरण में, रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर 240 रुपये प्रति शेयर के निर्गम मूल्य पर 12.56 करोड़ इक्विटी शेयर या परिवर्तनीय वारंट जारी करके 3,014 करोड़ रुपये का तरजीही नियोजन शुरू कर रहा है। इसमें से 1,104 करोड़ रुपये रिलायंस इन्फ्रा के प्रमोटर अपनी कंपनी राइजी इनफिनिटी के जरिए निवेश करेंगा। राइजी कंपनी के 4.60 करोड़ शेयर खरीदेगी। प्रीफेरेंशियल इश्यू में भाग लेने वाले दो अन्य निवेशक मुंबई स्थित फॉर्च्यून फाइनेंशियल एंड इक्विटीज सर्विसेज और फ्लोरिंट्री इनोवेशन एलएलपी हैं। फ्लोरिंट्री का स्वामित्व ब्लैकस्टोन के पूर्व कार्यकारी मैथ्यू साइरियाक के पास है, जबकि फॉर्च्यून फाइनेंशियल का स्वामित्व निमिश शाह के पास है। रिलायंस कैप में पचड़ा इस बीच अनिल अंबानी की एक और कंपनी रिलायंस कैपिटल को खरीदने के लिए हिंदुजा ग्रुप को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। हिंदूजा ने इस कंपनी को ₹9,650 करोड़ में खरीदा था। लेकिन इस डील को अब तक कई तरह की रेगुलेटरी अप्रूवल नहीं मिल पाए हैं। पिछले महीने जारी किए गए हिंदुजा ग्रुप के गैर-परिवर्तनीय डिबेंचर के निवेशकों इसका मनमाफिक यूज नहीं कर पा रहे हैं। इस डील को रिलायंस कैपिटल के लेनदारों ने एक साल से अधिक समय पहले और एनसीएलटी ने फरवरी में मंजूरी दे दी थी। लेकिन अब इसे आरबीआई, डीपीआईआईटी और इरडाई सहित अन्य से प्रमुख रेगलेटर्स से मंजूरी नहीं मिली है। डिबेंचर ट्रस्ट डीड के अनुसार हिंदुजा ग्रुप पर मंजूरी में तेजी लाने का दबाव बढ़ रहा है। इसकी डेडलाइन 30 नवंबर को खत्म हो रही है। एक सूत्र ने कहा कि ट्रस्ट डीड में उल्लेख है कि अधिग्रहण 30 नवंबर तक पूरा होना चाहिए। अगर तब तक सौदा पूरा नहीं होता है, तो पैसे वापस करने होंगे। हिंदुजा ग्रुप ने रिलायंस कैपिटल को खरीदने के लिए ₹9,650 करोड़ की बोली लगाई थी। इसके लिए कंपनी इक्विटी और ऋण के जरिए पैसा जुटाएगी। कहां फंसा है मामला इसमें से ₹7,300 करोड़ ऋण के माध्यम से जुटाए जाने हैं। पिछले महीने हिंदुजा ग्रुप ने 360 वन, टाटा कैपिटल और आदित्य बिड़ला फाइनेंस जैसे संस्थानों से निवेश के साथ साइक्वर इंडिया से एनसीडी के माध्यम से ₹3,000 करोड़ जुटाए। बाकी 4,300 करोड़ रुपये बार्कलेज के नेतृत्व वाले एनसीडी के माध्यम से जुटाए जाने की उम्मीद है। डीपीआईआईटी से मंजूरी मिलने में सबसे बड़ी बाधा यह है कि इक्विटी निवेश हिंदुजा ग्रुप की एक विदेशी यूनिट से आ रहा है।

अदार पूनावाला ने 1000 करोड़ में खरीदी करण जौहर की धर्मा प्रोडक्शन की हिस्सेदारी

मुंबई  कोविड वैक्सीन बनाने वाली बहुचर्चित कंपनी सीरम इंस्टीट्यूट के मालिक अदार पूनावाला एक बार फिर चर्चा में आ गए हैं. सीरम इंस्टिट्यूट के सीईओ अदार पूनावाला अब फिल्म इंडस्ट्री के जाने-जाने डायरेक्टर और प्रोड्यूसर करण जौहर के साथ हाथ मिला रहे हैं. खबर है कि अदार पूनावाला की कंपनी सीरीन प्रोडक्शन्स 1000 करोड़ रुपये में धर्मा प्रोडक्शन्स प्राइवेट लिमिटेड में 50 फीसदी हिस्सा खरीदने वाली है. आर्थिक पोर्टल मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के मुताबिक ये खबर आई है और इसमें बताया गया है कि फिल्ममेकर करण जौहर के पास धर्मा प्रोडक्शन्स की बाकी 50 फीसदी हिस्सेदारी रहेगी और वो कंपनी के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन बने रहेंगे. इसके साथ ही अपूर्वा मेहता कंपनी की चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर के तौर पर बनी रहेंगी.   कौन हैं अदार पूनावाला? अदार पूनावाला को सबसे ज्यादा सीरम इंस्टीट्यूट के जरिए भारत में कोविड वैक्सीन के निर्माण के लिए जाना जाता है. कोविड के संकटकाल में जब देश में कोविशील्ड के जरिए सभी को वैक्सीन दी गई, उस समय से अदार पूनावाला पूरी तरह लाइमलाइट में आ गए. 1997 में शुरू हुआ था धर्मा प्रोडक्शन धर्मा प्रोडक्शन्स को साल 1997 में यश जौहर ने शुरू किया था और उनके निधन के बाद उनके बेटे करण जौहर ने साल 2004 में कंपनी की बागडोर संभाली. इस फिल्म प्रोडक्शन कंपनी ने कभी खुशी कभी गम, माई नेम इज खान, केसरी, सिंबा, धड़क, ये जवानी है दीवानी, स्टूडेंट ऑफ द ईयर जैसी कई फिल्मों को प्रोड्यूस किया है जिनमें से कई फिल्में ब्लॉकबस्टर हिट रही हैं. करण जौहर अदार पूनावाला के दोस्त हैं अदार पूनावाला द्वारा संचालित सिरीन प्रोडक्शन और धर्मा प्रोडक्शन्स अब अलग-अलग तरह के कंटेट का निर्माण साझा रूप से करेंगे. अदार पूनावाला के सिरीन प्रोडक्शन्स के आकलन के मुताबिक धर्मा प्रोडक्शंस का वैल्यूएशन 2000 करोड़ रुपये है. इस लिहाज़ से अदर पूनावाला ने 1000 करोड़ रुपये में धर्मा प्रोडक्शन के 50 फ़ीसदी हिस्से को खरीदा है. करण जौहर अदार पूनावाला और उनकी पत्नी नताशा पूनावाला के काफी करीबी दोस्त हैं.

खुलते ही शेयर बाजार हुआ गुलजार, फिर अचानक आई बड़ी गिरावट

मुंबई सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को शेयर बाजार (Stock Market) की धांसू शुरुआत हुई. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स (Sensex) ओपनिंग के साथ ही करीब 500 अंक उछल गया, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी (Nifty) भी 100 अंक से ज्यादा चढ़कर ओपन हुआ. लेकिन 15 मिनट के बाद ही ये तेजी गिरावट में तब्दील हो गई और दोनों इंडेक्स लाल निशान पर कारोबार करते नजर आए. इस बीच प्राइवेट सेक्टर के सबसे बड़े बैंक HDFC Bank के शेयरों में तूफानी तेजी देखने को मिली और ये 2 फीसदी से ज्यादा चढ़ गया. सेंसेक्स-निफ्टी में जोरदार तेजी पॉजिटिव ग्लोबल संकेतों के बीच शेयर बाजार में सोमवार को तेजी के साथ कारोबार की शुरुआत हुई. एक ओर जहां BSE Sensex ने अपने पिछले बंद 81,224.75 के लेवल से जोरदार उछाल लेते हुए 81,770.02 के स्तर पर कारोबार शुरू किया. तो वहीं NSE Nifty अपने पिछले बंद 24,854.05 के लेवल से 100 अंक चढ़कर 24,956.15 पर ओपन हुआ.   सेंसेक्स-निफ्टी के साथ ही शेयर बाजार में तेज शुरुआत के बीच करीब 1728 कंपनियों के शेयरों ने बढ़त लेते हुए हरे निशान पर कारोबार की शुरुआत की, जबकि 807 कंपनियों के शेयरों में गिरावट देखने को मिली. इस बीच 167 शेयर ऐसे थे, जिनकी स्थिति में कोई भी चेंज देखने को नहीं मिला. कुछ मिनटों तक ही जारी रही तेजी शेयर बाजार में ये जोरदार तेजी कुछ ही मिनटों तक जारी रही, सुबह 9.35 बजे के आस-पास ये गिरावट में तब्दील हो गई और BSE Sensex करीब 330 अंक फिसलकर 81000 के नीचे आ गया, तो वहीं एनएसई का निफ्टी भी ग्रीन से लुढ़ककर अचानक रेड जोन में कारोबार करता हुआ नजर आने लगा. शुरुआती कारोबारी में जहां Tech Mahindra, HDFC Bank, Tata Steel, Hindalco और HDFC Life के शेयरों में तेजी देखने को मिली, तो वहीं Tata Consumer, Kotak Mahindra Bank, Bharti Airtel, Britannia और HUL के शेयर लाल निशान पर थे. इन पांच शेयरों ने पकड़ी तूफानी रफ्तार बात करें सोमवार को उतार-चढ़ाव भरे कारोबार के बावजूद उछाल भरने वाले शेयरों के बारे में तो सबसे पहला नाम HDFC Bank Share का आता है, तजो खबर लिखे जाने तक 2.41 फीसदी उछलकर 1721.70 रुपये पर कारोबार कर रहा था. इसके अलावा Tech Mahindra Share 2.12 फीसदी चढ़कर 1723.80 रुपये पर ट्रेड कर रहा था. मिडकैप में Mazgaon Dock Share 3.72 फीसदी की तेजी लेकर 4700 रुपये पर, जबकि UCO Bank Share 3.29 फीसदी की बढ़त के साथ 47.15 रुपये पर था. इसके अलावा Tejas Network Share 14.56 फीसदी उछलकर 1362.90 रुपये पर कारोबार कर रहा था. बाजार टूटते ही धराशायी हुई ये शेयर अब बात करते हैं शेयर बाजार में अचानक आई गिरावट के बाद सबसे ज्यादा फिसलने वाले शेयरों की, तो लार्ज कैप में Kotat Bank Share 5.28%, Bharti Airtel Share 2.56% और IndusInd Bank Share 2.34% तक टूटकर कारोबार कर रहे थे. मिडकैप कैटेगरी में शामिल Dalmia Bharat Share 3.23%, GMR Infra Share 2.89% टूटा. इसके अलावा स्मॉलकैप कंपनियों में PNC Infra Share में 20 फीसदी की बड़ी गिरावट आई, जबकि IndiaMart Share 16.51%, RBL Bank Share 12.75% तक फिसल गया.

प्रसिद्ध उद्योगपति मुकेश अंबानी बदरी-केदारनाथ धाम दर्शन को पहुंचे, दर्शन कर पांच करोड़ की धनराशि दी दान

चमोली रिलायंस इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष एवं प्रबन्ध निदेशक प्रसिद्ध उद्योगपति मुकेश अंबानी ने रविवार को श्री बदरीनाथ धाम तथा श्री केदारनाथ धाम के दर्शन किये। श्री बदरीनाथ – केदारनाथ मंदिर समिति बीकेटीसी अध्यक्ष अजेंद्र अजय ने बताया कि प्रसिद्ध उद्योगपति मुकेश अंबानी श्री बदरीनाथ धाम दर्शन किए उद्योगपति मुकेश अंबानी ने पांच करोड़ की धनराशि दानस्वरूप दी है। पूर्व सीएम व सांसद त्रिवेंद्र रावत ने किए भगवान बदरी विशाल के दर्शन गोपेश्वर: पूर्व मुख्यमंत्री व हरिद्वार सांसद त्रिवेंद्र रावत ने श्री बदरीनाथ धाम पहुंचकर बदरी विशाल के दर्शन कर पूजा अर्चना कर देश की सुख समृद्धि व खुशहाली की कामना की है। श्री बदरीनाथ धाम पहुंचने पर उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री व हरिद्वार सांसद त्रिवेंद्र रावत का बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति, श्री बदरीनाथ डिमरी धार्मिक केंद्रीय पंचायत व स्थानीय संगठनों ने उनका फूल मालाओं से स्वागत किया। उत्तराखंड व देश के समग्र कल्याण की कामना की पूर्व सीएम का मंदिर पहुंचने पर मंदिर समिति के मुख्य कार्य अधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल ने माल्यार्पण एवं रुद्राक्ष की माला भेंट कर स्वागत किया। त्रिवेंद्र रावत ने भगवान बद्री विशाल की शयन आरती में पहुंचकर भगवान श्री बद्री विशाल एवं श्री महालक्ष्मी के दर्शन का पुण्य लाभ अर्जित करते हुए पूरे उत्तराखंड व देश के समग्र कल्याण की कामना की। बदरीनाथ के प्रधान पुजारी रावल अमरनाथ नंबूदरी ने गर्भ गृह की माला प्रसाद स्वरूप पूर्व सीएम को दी। बदरीनाथ मंदिर पूजा मंडप में धर्म अधिकारी आचार्य राधाकृष्ण थपलियाल, लक्ष्मी मंदिर में लक्ष्मी बड़वा सुमन डिमरी एवं दिनेश डिमरी ने पूजा संपन्न करवाई। तुलसी वन विकसित करने की कार्ययोजना को लेकर की चर्चा गोपेश्वर: श्री बदरीनाथ धाम में वन मंत्री सुबोध उनियाल पूजा अर्चना की । इस दौरान मंदिर समिति के उपाध्यक्ष किशोर पंवार ने हैलीपैड पर उनकी आगवानी की । कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल बदरीनाथ धाम दर्शनों के लिए पहुंचे। कैबिनेट मंत्री ने श्री बदरीनाथ मंदिर वेदपाठ पूजा की। वन मंत्री ने श्री बदरीनाथ धाम में बदरीश तुलसी वन तथा पूर्वजों के नाम से धामों में वृक्ष लगाने को भी प्रोत्साहित किए जाने को भी कहा । दूसरी ओर बदरीनाथ धाम में भारतीय सेना की सेंट्रल कमांड के प्रमुख लैप्टिनेंट जनरल मुकेश चड्डा ने भी भगवान बदरीविशाल के दर्शन किए। कानपुर नगर निगम मेयर प्रमिला पांडेय भी भगवान बदरी विशाल के दर्शन को पहुंची।  

इस दीवाली, स्वास्थ्य का जश्न मनाएं: यू.एस. ब्लूबेरीज़ भारतीय मिठाइयों के लिए पोषक तत्वों से भरपूर विकल्प

जैसे-जैसे दीवाली का त्योहार 31 अक्टूबर को नज़दीक आ रहा है, उपभोक्ताओं के बीच स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ रही है। यह बदलाव पोषक तत्वों से भरपूर और सुविधाजनक खाद्य विकल्पों की बढ़ती मांग को दर्शाता है। यू.एस. ब्लूबेरीज़ इस जरूरत को पूरा करने के लिए एकदम सही सामग्री बनकर उभरी हैं, जो बेक्ड सामान, डेयरी उत्पादों और पारंपरिक भारतीय मिठाइयों में पोषक तत्वों का संचार करती हैं। इनके शानदार स्वाद और स्वास्थ्य लाभ के कारण, ब्लूबेरीज़ त्योहारों को मनाने के लिए एक आदर्श विकल्प बन गई हैं। पारंपरिक भारतीय मिठाइयों में ब्लूबेरीज़ का उपयोग करने से रचनात्मकता के नए रास्ते खुलते हैं। पश्चिमी बेकिंग तकनीकों को भारतीय स्वादों के साथ मिलाकर, शेफ ऐसे नए डेसर्ट बना रहे हैं जो विभिन्न उपभोक्ताओं को पसंद आते हैं। ब्लूबेरी से भरे व्यंजन, जैसे कि केक, पुडिंग और मिठाई, तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं, जो इस सुपरफूड की अद्भुत विविधता को दर्शाते हैं। यू.एस. हाईबश ब्लूबेरी काउंसिल (USHBC) के भारत प्रतिनिधि, श्री राज कपूर ने भारतीय बाजार में ब्लूबेरीज़ की परिवर्तनकारी क्षमता को बताया। “ब्लूबेरीज़ सिर्फ एक ट्रेंड नहीं हैं; ये स्वास्थ्य के प्रति जागरूक खाने के व्यापक बदलाव का प्रतीक हैं। जब हम अपने व्यंजनों में ब्लूबेरीज़ को शामिल करते हैं, तो हम अपने उत्पादों को ऊँचाई पर ले जाते हैं और समुदाय की सेहत को भी बढ़ावा देते हैं।” ब्लूबेरीज़ कई महत्वपूर्ण पोषक तत्वों से भरपूर होती हैं। ये आहार फाइबर, विटामिन C, विटामिन K, और मैंगनीज का बेहतरीन स्रोत हैं, जो हृदय स्वास्थ्य, हड्डियों की मजबूती, और इम्यून सपोर्ट में मदद करते हैं। इन्हें ताजे और फ्रीज़ किए गए रूप में उपयोग करना आसान है, जिससे इन्हें रोजमर्रा के व्यंजनों में शामिल करना सरल हो जाता है। भारतीय बेकरी बाजार 2032 तक 29.4 अरब डॉलर तक पहुँचने का अनुमान है, जो 2024 से 2032 के बीच 9.6% की CAGR से बढ़ेगा। जैसे-जैसे उपभोक्ताओं की प्राथमिकताएँ बदल रही हैं, स्वास्थ्यवर्धक और सुविधाजनक खाद्य विकल्पों की मांग भी बढ़ रही है। ब्लूबेरीज़ इस ट्रेंड के साथ पूरी तरह से मेल खाती हैं, जो विभिन्न व्यंजनों में पोषक तत्वों से भरपूर अतिरिक्तता प्रदान करती हैं। हाल के डेटा से पता चलता है कि भारत में ब्लूबेरीज़ की मांग तेजी से बढ़ रही है। उत्तरी और दक्षिणी अमेरिका, यूरोप, और एशिया के उच्च गुणवत्ता वाले आपूर्तिकर्ता इस बढ़ते बाजार में योगदान कर रहे हैं। जनवरी से सितंबर 2024 के बीच, भारत ने सूखी, ताजा, और IQF (इंडीविजुअली क्विक फ्रोज़न) ब्लूबेरीज़ का विविधता में आयात किया, जो स्वास्थ्य के प्रति जागरूक उपभोक्ताओं के बीच इनकी वर्षभर की लोकप्रियता को दर्शाता है। इस दौरान, भारत ने 661,242 किलोग्राम सूखी ब्लूबेरीज़ का आयात किया, जिसमें से 392,786 किलोग्राम अमेरिका से आईं। ब्लूबेरीज़ का आकर्षण केवल उनके स्वाद में नहीं, बल्कि उनके पोषण के गुणों में भी है। एक कप में केवल 80 कैलोरी होने के कारण, ये स्वास्थ्य के प्रति जागरूक उपभोक्ताओं के लिए एक बेहतरीन विकल्प हैं, जो विटामिन, खनिज, और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर हैं। जैसे-जैसे उपभोक्ताओं की प्राथमिकताएँ स्वास्थ्यवर्धक और नवीन विकल्पों की ओर बढ़ रही हैं, यू.एस. ब्लूबेरीज़ भारत की बेकिंग इंडस्ट्री में महत्वपूर्ण प्रभाव डालने के लिए तैयार हैं। सहयोग और रचनात्मकता के माध्यम से, उद्योग ब्लूबेरीज़ की संभावनाओं का लाभ उठाने के लिए अच्छी तरह से स्थित है, जो स्वास्थ्य और परंपरा का जश्न मनाने के लिए एक नए युग की शुरुआत कर रहा है।

सेबी के जुर्माने वाले आदेश पर लगी रोक, सिक्योरिटीज अपीलेट ट्रिब्यूनल ने अनिल अंबानी को बड़ी राहत दी

नई दिल्ली सिक्योरिटीज अपीलेट ट्रिब्यूनल (सैट) ने अनिल अंबानी को बड़ी राहत दी है। दरअसल, सैट ने रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड (आरएचएफएल) से फंड के हेरफेर के लिए भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) द्वारा अनिल अंबानी पर लगाए गए ₹25 करोड़ के जुर्माने पर सशर्त रोक लगा दी। सैट की शर्त के तहत अनिल अंबानी को चार सप्ताह के भीतर ₹25 करोड़ जुर्माने का 50% जमा करना होगा। बता दें कि सेबी ने अनिल अंबानी और रिलायंस होम फाइनेंस के पूर्व प्रमुख अधिकारियों सहित 24 अन्य संस्थाओं को आरएचएफएल से फंड के डायवर्जन के लिए पांच साल के लिए सिक्योरिटी बाजार से प्रतिबंधित कर दिया था। रिलायंस होम फाइनेंस के शेयर रिलायंस होम फाइनेंस के शेयरों की ट्रेडिंग फिलहाल बंद कर दी गई है। अंतिम ट्रेडिंग कीमत 4.75 रुपये है। कंपनी के शेयर 14 अक्टूबर को ट्रेड किए थे। बता दें कि पिछले छह महीने में यह शेयर 50% और महीनेभर में 20% चढ़ गए हैं। हालांकि, सालभर में यह शेयर 105% चढ़ गया है। 18 अक्टूबर 2023 को इस शेयर की कीमत 2.35 रुपये थी। कंपनी का मार्केट कैप 230.17 करोड़ रुपये है। अंबानी ने की थी सेबी के आदेश की समीक्षा बता दें कि उद्योगपति अनिल अंबानी ने सेबी के एक्शन के बाद कहा था कि वह आदेश की समीक्षा कर रहे हैं। वे कानूनी सलाह के आधार पर उचित कदम उठाएंगे। बता दें कि रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड से जुड़े एक मामले में सेबी के 11 अगस्त, 2022 के अंतरिम आदेश का पालन करने के लिए अंबानी ने रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड और रिलायंस पावर लिमिटेड के निदेशक मंडल से इस्तीफा दे दिया था।

दीपावली नजदीक होने के कारण अनाज मंडी में दाल-बेसन की मांग ने पकड़ा जोर, चने के भाव में उछाल

इंदौर दीपावली नजदीक होने के कारण चने से बने उत्पाद बेसन और चना दाल में उपभोक्ता और नमकीन निर्माताओं की जोरदार पूछताछ देखने को मिली है। बीते दिनों से मांग सुस्त थी इस बीच चने के दाम काफी नीचे भी आ गए थे। दाम कम होने से मंडियों में आवक घट गई थी। ऐसे में चने की कीमतों में फिर से तेजी का वातावरण बनने लगा है। चना कांटा दो दिन में करीब 100 रुपये उछल गया। चना कांटा नीचे में 7400 ऊपर में 7450 रुपये प्रति क्विंटल तक बोला गया। मंडी में काबुली चना करीब 100 रुपये तक टूट गया जबकि कंटेनर में काबुली चना 200 रुपये तक सस्ता बोला गया। दूसरी ओर मसूर में भी लोकल के साथ ही बाहरी मांग जोरदार रहने और आवक कमजोर होने के कारण भाव मजबूती पर टिके हुए हैं। शुक्रवार को मसूर 6300 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर रही। आगे मांग बढ़ने पर मसूर में सुधार की स्थिति बन सकती है। मंडी में काबुली चने की आवक 3000 बोरी की रही। मंडी में काबुली चना मीडियम 8500-11300 बेस्ट 11300-12300 सुपर 12300-13300 रुपये प्रति क्विंटल रह गया। कंटेनर में डालर चना 42/44 15000, 44/46 14700, 58/60 11700, 60/62 11600, 62/64 11500 रुपये प्रति क्विंटल बोला गया। दलहन- चना कांटा 7400-7450 विशाल 7250-7300 डंकी चना 6700-6900 मसूर 6300 तुवर महाराष्ट्र सफेद 9700-9900 कर्नाटक 9800-10000 निमाड़ी तुवर 8500-9200 मूंग 8000-8100 एवरेज 7200-7700 मूंग बोल्ड 7800-8300 उड़द बेस्ट बोल्ड नया 8000-8200 मीडियम 6500-7500 हलका उड़द 3000-5000 रुपये क्विंटल के भाव रहे। दालों के दाम- चना दाल 8400-8500 मीडियम 8600-8700 बेस्ट 8800-8900 मसूर दाल 7500-7600 बेस्ट 7700-7800 मूंग दाल 9600-9700 बेस्ट 9800-9900 मूंग मोगर 10100-10200 बेस्ट 10300-10400 तुवर दाल 10800-10900 मीडियम 11800-11900 बेस्ट 14300-14500 ए. बेस्ट 15300-15400 ब्रांडेड तुवर दाल नई 15400 उड़द दाल 10800-10900 बेस्ट 11000-11100 उड़द मोगर 11200-11300 बेस्ट 11500-11600 रु. प्रति क्विंटल के भाव रहे। चावल भाव- दयालदास अजीतकुमार छावनी के अनुसार बासमती (921) 11000-12000, तिबार 9500-10500, बासमती दुबार पोनिया 8000-9000, मिनी दुबार 7000-7500, मोगरा 4500-7000, बासमती सेला 7000-9500 कालीमूंछ डिनरकिंग 8500, राजभोग 7500, दुबराज 4500-5000, परमल 3500-3700, हंसा सेला 3700-3800, हंसा सफेद 3000-3200, पोहा 4700-5100 रु. क्विंटल बिका।  

चीन की अर्थव्यवस्था जुलाई-सितंबर तिमाही में 4.6 प्रतिशत की दर से बढ़ी

हांगकांग  चीन की अर्थव्यवस्था जुलाई-सितंबर तिमाही में अपेक्षा से कम 4.6 प्रतिशत की दर से बढ़ी।सरकार की ओर से शुक्रवार को जारी नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था की वार्षिक वृद्धि धीमी हो रही है। यह जुलाई-सितंबर तिमाही में अपेक्षा से कम 4.6 प्रतिशत की दर से बढ़ी जो 2024 के लिए निर्धारित किए ‘‘ करीब पांच प्रतिशत ’’ की वृद्धि के आधिकारिक लक्ष्य से कम है। राष्ट्रीय सांख्यिकी ब्यूरो ने बयान में कहा, ‘‘जटिल तथा गंभीर बाहरी वातावरण’’ और जटिल घरेलू आर्थिक वृद्धि के बावजूद अर्थव्यवस्था ‘‘ सामान्य रूप से स्थिर व निरंतर प्रगति कर रही है।’’ वर्ष 2022 के अंत में कोविड-19 वैश्विक महामारी से जुड़ी पाबंदियां हटाए जाने के बावजूद अर्थव्यवस्था सुस्त बनी हुई है। उपभोक्ता विश्वास कम है और रियल एस्टेट बाजार अर्थव्यवस्था पर बोझ बना हुआ है। वर्ष की पहली तीन तिमाहियों में चीन की वृद्धि दर 4.8 प्रतिशत रही। तिमाही आधार पर सितंबर में समाप्त तिमाही में अर्थव्यवस्था 0.9 प्रतिशत बढ़ी, जबकि पिछली तिमाही में 0.7 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी। चीन का कारखाना उत्पादन पहली तीन तिमाहियों में 5.8 प्रतिशत बढ़ा, जबकि खुदरा बिक्री पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 3.3 प्रतिशत बढ़ी। हालांकि, संपत्ति निवेश में 10.1 प्रतिशत की गिरावट आई और नए मकानों की बिक्री का मूल्य 22.7 प्रतिशत घटा जो आवास क्षेत्र में कमजोर रुख को दर्शाता है। इस सप्ताह की शुरुआत में चीन ने बताया था कि सितंबर में उसके निर्यात में काफी कमी आई है, जो पिछले साल की तुलना में केवल 2.4 प्रतिशत बढ़ा है। अगस्त में सालाना आधार पर इसमें 8.7 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी। आयात भी कमजोर रहा और इसमें केवल 0.3 प्रतिशत की वृद्धि हुई जो अनुमान से कम है।  

विलय के बाद भी विस्तारा का उड़ान अनुभव समान रहेगा: एयर इंडिया

नई दिल्ली  एयर इंडिया ने कहा कि विलय के बाद विस्तारा के मार्ग तथा समय सारणी के साथ-साथ उड़ान के दौरान मिलने वाला अनुभव समान ही रहेगा। विस्तारा के विमानों से संचालित उड़ानों का कोड ‘एआई2’ होगा। दोनों पूर्ण सेवा वाहकों का विलय 12 नवंबर को पूरा होने वाला है, जिसके बाद सिंगापुर एयरलाइंस की नई इकाई में 25.1 प्रतिशत हिस्सेदारी होगी। विस्तारा टाटा समूह और सिंगापुर एयरलाइंस का संयुक्त उद्यम है। विलय के बाद, एकीकृत इकाई के ‘फ्रीक्वेंट फ्लायर’ कार्यक्रम के जरिये विंटेज ‘महाराजा’ को बरकरार रखा जाएगा। एयर इंडिया ने बयान में कहा, ‘‘क्लब विस्तारा के मौजूदा सदस्यों को एयर इंडिया के ‘फ्लाइंग रिटर्न्स’ कार्यक्रम में स्थानांतरित कर दिया जाएगा। इस विलय के साथ ‘फ्लाइंग रिटर्न्स’ भी एक नए अवतार ‘महाराजा क्लब’ में परिवर्तित हो जाएगा।’’ विलय के बाद भी विस्तारा द्वारा प्रदान किया गया अनुभव ग्राहकों के लिए समान रहने की बात दोहराते हुए एयर इंडिया ने कहा कि विस्तारा की पहचान चार अंकों वाले एक विशेष एयर इंडिया कोड से होगी जिसकी शुरुआत अंक ‘2’ से होगी। बयान में कहा गया, ‘‘उदाहरण के लिए ‘यूके 955’ 12 नवंबर के बाद एआई 2955 बन जाएगा, जिससे बुकिंग के समय ग्राहकों को उनकी पहचान करने में मदद मिलेगी।’’ इसके अलावा, उसने कहा कि विस्तारा विमानों द्वारा संचालित मार्ग तथा समय सारणी वही रहेगी। साथ ही एयरलाइन का उड़ान के दौरान का अनुभव भी समान रहेगा। कुछ हलकों में इस बात को लेकर चिंता है कि क्या विलय के बाद विस्तारा के यात्रियों को अब पहले जैसी ही सेवाएं मिलती रहेंगी, क्योंकि परिवर्तन के दौर से गुजर रही एयर इंडिया को हाल के दिनों में सेवा संबंधी कुछ समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। एयर इंडिया ने दो अक्टूबर को कहा था कि विलय के बाद भी विस्तारा का अनुभव समान रूप से बरकरार रहेगा। विस्तारा के चेयरमैन भास्कर भट ने बुधवार को कहा कि एकीकृत इकाई दोनों विमानन कंपनियों की सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करेगी और। एयर इंडिया-विस्तारा विलय की घोषणा नवंबर 2022 में की गई थी।  

लिस्टिंग के बाद जोमेटो पहली बार जुटाएगी फंड

नई दिल्ली  फूड डिलीवरी सेक्टर की प्रमुख कंपनियों में से एक जोमैटो 30 सितंबर को समाप्त होने वाली वित्तीय वर्ष 2024-25 की दूसरी तिमाही के नतीजों की घोषणा से पहले क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशंस प्लेसमेंट (क्यूआईपी) के माध्यम से धन जुटाने पर विचार कर रही है। कंपनी ने एक नियामक फाइलिंग में यह जानकारी दी। हालांकि, कंपनी ने यह खुलासा नहीं किया है कि वह कितनी राशि जुटाने की योजना बना रही है। एक्सचेंज फाइलिंग में जोमैटो ने कहा ‎कि यह सूचित किया जाता है कि कंपनी के निदेशक मंडल की एक बैठक मंगलवार, 22 अक्टूबर को आयोजित की जाएगी, जिसमें अन्य विषयों के साथ-साथ, क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशंस प्लेसमेंट के माध्यम से धन जुटाने पर विचार किया जाएगा। धन जुटाने की यह कवायद शेयरधारकों की मंजूरी के अधीन है। यदि इसे मंजूरी मिलती है, तो यह फूड डिलीवरी कंपनी द्वारा तीन साल पहले शेयर बाजार में लिस्ट होने के बाद पहली बार फंड जुटाने की प्रक्रिया होगी। इसके अतिरिक्त बोर्ड 22 अक्टूबर, 2024 को वित्तीय वर्ष 2024-25 की दूसरी तिमाही के वित्तीय परिणामों की भी घोषणा करेगा। बीएसई पर गुरुवार को जोमैटो के शेयर 1.29 प्रतिशत की गिरावट के साथ 270.65 रुपये प्रति शेयर के भाव पर बंद हुए। फूड एग्रीगेटर प्लेटफॉर्म जोमैटो द्वारा फंड जुटाने की यह कवायद एक ऐसे समय शुरू करने की जा रही है जब फूड डिलीवरी और क्विक कॉमर्स के क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा तेज हो रही है। जोमैटो की प्रतिद्वंद्वी स्विगी आरंभिक सार्वजनिक निर्गम लाने की तैयारी कर रही है। बेंगलुरु स्थित इस कंपनी ने खुलासा किया है कि वह आईपीओ के माध्यम से 45 करोड़ डॉलर तक की नई पूंजी जुटाने की योजना बना रही है।  

यूजर बेस में कमी से जियो नुकसान नहीं हुआ,उनका फोकस बेहतरीन 5G नेटवर्क प्रोवाइड करवाने पर

मुंबई रिलायंस जियो ने कुछ समय पहले ही रिचार्ज प्लान की कीमतों में इजाफा किया था। अब कंपनी के यूजर बेस पर भी इसका असर दिखाई देने लगा है। इसी का नतीजा है कि क्वार्टर 2 में करीब 10.9 मिलियन कस्टमर ने जिया का साथ छोड़ दिया है। अब सवाल है कि क्या जियो को इसकी चिंता करनी चाहिए ? तो इसका जवाब है नहीं। क्योंकि इसके पीछे मुख्य वजह है कि रिचार्ज प्लान की कीमत में इजाफा हुआ था। साथ ही इसको ऐसे बदाव होने पर अक्सर कंपनियों का यूजर बेस खिसक जाता है। जबकि, ओवरऑल आंकड़ों पर नजर दौड़ाएं तो पता चलता है कि Jio का 5G सब्सक्राइबर बेस 17 मिलियन तक बढ़ा है। Jio का 5G सब्सक्राइबर बेस पहले 130 मिलियन था और अब ये बढ़कर 147 मिलियन तक हो गया है। इस समय ARPU फिगर भी पहले 181.7 था जो अब बढ़कर 195.1 तक पहुंच गया है। यही वजह है कि टेलीकॉम कंपनी का नेट प्रॉफिट भी बढ़कर 6,536 तक पहुंच गया है। Jio का ओवर ऑल सब्सक्राइबर बेस जरूर कम हो गया है। जियो को हुआ फायदा- जियो ने इस पर कहा कि कंपनी को पूरी उम्मीद थी कि इसका असर यूजर बेस पर नजर आएगा। क्योंकि कुछ समय पहले ही टैरिफ की कीमतों में इजाफा किया गया था। जियो का यूजर बेस गिरने से कंपनी को ज्यादा नुकसान नहीं हुआ है। जियो का कहना है कि हमारा पूरा फोकस बेहतरीन 5G नेटवर्क प्रोवाइड करवाना है। फिक्स-वायरलेस एक्सेस सर्विस (FWA) की मदद से घरों को कनेक्ट किया जा सकता है। ऐसे में यूजर्स के लिए ये काफी फायदेमंद साबित होने वाला है। 10.9 मिलियन कस्टमर कम होने से जियो के बिजनेस पर कोई फर्क नहीं पड़ने वाला है। कंपनी की परफॉर्मेंस में ARPU खी वजह से सुधार हुआ है। हालांकि इससे अन्य कंपनियों को जरूर थोड़ा फायदा हुआ है।

22 बिलियन डॉलर की वैल्यू वाली बायजू की कीमत अब ‘शून्य’ है, रवींद्रन ने दुबई में अपने घर से की वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस

नई दिल्ली मुसीबतों में घिरी एडटेक स्टार्टअप बायजू की मुश्किलें बढ़ गई हैं। इस तरह की अफवाहों का बाजार गरम है कि कंपनी के फाउंडर और सीईओ बायजू रवींद्रन देश छोड़कर दुबई भाग गए हैं। इस बीच बायजू रवींद्रन चार साल में पहले बार मीडिया से रूबरू हुए। दुबई से वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि वह भागकर दुबई नहीं आए हैं और जल्दी ही स्वदेश लौटेंगे। बायजू पिछले करीब एक साल से दुबई में ही रह रहे हैं। इस बीच उनकी कंपनी को कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कभी देश की सबसे वैल्यूएबल स्टार्टअप रही बायजू की वैल्यू आज जीरो हो चुकी है। उस पर भारी कर्ज है। 44 साल के बायजू रवींद्रन ने दुबई में अपने घर से कहा, ‘लोगों का यह सोचना दुर्भाग्यपूर्ण है कि मैं भागकर दुबई आया हूं। मैं अपने पिता के इलाज के लिए पिछले एक साल से यहां हूं। लेकिन मैं यह साफ कर देना चाहता हूं कि मैं भागकर नहीं आया हूं। मैं भारत आऊंगा और मैं स्टेडियमों को भरकर रख दूंगा। इस समय अभी तय नहीं हुआ है लेकिन जल्दी ही ऐसा होगा। मैं इस स्थिति से बाहर निकलने का रास्ता निकाल लूंगाI’ जीरो हो गई वैल्यू कुछ साल पहले बायजू 22 अरब डॉलर की वैल्यू के साथ देश की सबसे वैल्यूएबल स्टार्टअप थी लेकिन आज इसकी कीमत जीरो रह गई है। बायजू रवींद्रन ने इसके लिए निवेशकों को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि जब वह कंपनी को आगे बढ़ा रहे थे तब निवेशक उनके साथ खड़े थे लेकिन संकट आते ही उन्होंने मुंह मोड़ लिया। बायजू पर आज भारी कर्ज है, उसे रेगुलेटरी जांच से गुजरना पड़ रहा है और उनसे अपनी फाइनेंशियल रिपोर्टिंग में देरी की है। इससे कंपनी की वित्तीय हालत और पारदर्शिता पर सवाल खड़े हुए हैं। बायजू रवींद्रन ने कहा कि दिसंबर 2021 में जब कंपनी पर संकट आया तो उसके बाद से निवेशकों ने कोई निवेश नहीं किया है। Prosus समेत कुछ निवेशकों ने पिछले 4-5 साल में कंपनी में कोई निवेश नहीं किया है। यह संकट कैश की कमी के चलते शुरू हुआ। आज कंपनी कई तरह की परेशानियों से घिरी है। कई कर्जदारों ने उसे एनसीएलटी में घसीट रखा है। कर्मचारियों को भी वेतन नहीं मिल पा रहा है। इन्हीं सब कारणों से इन अफवाहों को हवा मिली है कि कार्रवाई से बचने के लिए बायजू रवींद्रन दुबई भाग गए हैं।

सीयूटीएस ने tobacco advertisements पर प्रस्तावित योजना की प्रभावशीलता को लेकर आपत्ति जताई

नई दिल्ली  अनुसंधान कंपनी सीयूटीएस इंटरनेशनल ने तंबाकू सेवन के खतरों के बारे में जागरूकता बढ़ाने के सरकार के इरादे का  स्वागत किया, लेकिन प्रस्तावित योजना की प्रभावशीलता को लेकर आपत्ति जताई। संस्था ने सरकार से ओटीटी प्लेटफार्मों पर ऑडियो-विजुअल अस्वीकरण के रणनीतिक उपयोग की सिफारिश की। यह सिफारिश प्रस्तावित सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद (विज्ञापन का निषेध और व्यापार और वाणिज्य उत्पादन, आपूर्ति और वितरण का विनियमन) अधिनियम, 2023 के बारे में दिए गए सुझावों में शामिल है। पिछले महीने, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने ओटीटी प्लेटफार्मों पर प्रसारण के दौरान तंबाकू के उपयोग से पड़ने वाले दुष्प्रभावों के बारे में कम से कम 30 सेकंड के लिए ‘नॉन-स्किपेबल’ चेतावनी और 20 सेकेंड का एक ऑडियो-विजुअल अस्वीकरण अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करने का प्रस्ताव रखा था। नॉन स्किपेबल चेतावनी का मतलब ऐसी चेतावनी से है, जिसे देखना अनिवार्य है। तंबाकू सेवन के हानिकारक प्रभावों के बारे में जागरूकता बढ़ाने के प्रयासों का स्वागत करते हुए, सीयूटीएस इंटरनेशनल ने कहा कि उसे प्रस्तावित नियमों के प्रभाव और अनुपात के बारे में कुछ चिंताएं हैं। सीयूटीएस ने ‘उपयोगकर्ता द्वारा बार-बार देखी जाने वाली सामग्री के आधार पर ऑडियो-विज़ुअल अस्वीकरण और चेतावनी के रणनीतिक उपयोग’ की सिफारिश की है। संस्था ने हितधारकों को लक्षित समूहों की पहचान करने और उसके अनुसार इन चेतावनियों के प्रसारण की संख्या निर्धारित करने का सुझाव दिया है। एक बयान में कहा गया, ‘आयु-आधारित फिल्टर यह सुनिश्चित करने में मदद कर सकते हैं कि दर्शकों को परेशान किए बिना चेतावनियां उचित रूप से प्रदर्शित की जाएं।’  

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