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10 लाख रुपए तक की खरीदी एमएफपी पार्क के सीईओ कर सकेंगे

CEO of MFP Park will be able to purchase up to Rs 10 lakh भोपाल। लघु वनोपज संघ के प्रबंध संचालक बिभाष ठाकुर ने वनोपज प्रसंस्करण एवं अनुसंधान केंद्र (एमएफपी पार्क) गड़बड़झाला पर नकेल कसने की कवायत तेज कर दी है। अब बिना टेंडर कोई भी निर्माण कार्य अथवा खरीदी नहीं की जाएंगी। इसके लिए ठाकुर ने वित्तीय अधिकारों में संशोधन करते हुए पार्क के सीईओ को ₹5लाख से बढ़कर अब 10 लाख रुपए कर दिए गए हैं।संघ के प्रबंध संचालक बिभाष ठाकुर ने बताया कि अब एमएफपी पार्क के सीईओ को टुकड़ों-टुकड़ों में कार्य नहीं कराने की सख्त हिदायत दी गई है। अब अगर किसी एक ही कार्य को टुकड़े-टुकड़े में कराए जाएंगे तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। उन्होंने बताया कि 10 लाख रुपए से अधिक और 20 लाख रुपए तक खरीदी अथवा निर्माण कार्य कराने की अनुमति संघ के प्रबंध संचालक दे सकेंगे. इसी प्रकार 20 लाख रुपए से अधिक तक वित्तीय अनुमतियां संघ के प्रशासक एवं अपर मुख्य सचिव जेएन कंसोटिया के पास है। समितियों से खरीदी करने पर जोर संघ के एमडी ठाकुर ने एमएफपी पार्क के सीईओ अर्चना पटेल को निर्देशित किया है कि अब कोई भी रॉ मटेरियल प्राथमिक वनोपज सहकारी समितियों की एनओसी के बगैर निजी फर्म से नहीं खरीदे जाएंगे। यानि खरीदी में सबसे पहली प्राथमिकता वन उपज सहकारी समितियां को देना होगी। समितियां के इनकार के बाद ही टेंडर के जरिए निजी फर्म से खरीदी हो सकेगी। करीब 1000 वनौपज समितियां रजिस्टर्ड है। संघ ने एक पुस्तक तैयार की है जिसमें उल्लेख है कि कौन-कौन सी वनोपज कितनी मात्रा में एकत्रित की जाती है। मौजूदा वित्तीय वर्ष में खासतौर से महुआ और बहेड़ा की खरीदी वनोपज सहकारी समितियों से ही की जाएगी। खरीदी के पहले ही उत्पादन प्रबंधन की अध्यक्षता वाली कमेटी एक सूची तैयार करेगी कि किन-किन औषधीय के लिए कौन-कौन से रॉ मैटेरियल कितनी मात्रा में खरीदी जाना है। इनमें से कौन-कौन से रॉ मैटेरियल किन-किन वनोपज समितियों में उपलब्ध है।

5वीं और 8वीं के नतीजे जारी, दोनों परिणामों में लड़कियों ने मारी बाजी

Results of class 5th and 8th released, girls won in both the results Result 2024: मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने कक्षा 5वीं और 8वीं के परीक्षा परिणाम जारी कर दिए हैं। कक्षा आठ का परीक्षा परिणाम 87.71% और कक्षा पांच का परीक्षा परिणाम 90.97% रहा है।प्रदेश माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (एमपीबीएसई) ने कक्षा 5वीं और 8वीं के परीक्षा परिणाम जारी कर दिए हैं। कक्षा आठवीं का परीक्षा परिणाम 87.71% रहा है, वहीं कक्षा पांच का परीक्षा परिणाम 90.97% रहा। कक्षा पांच में 89.62% बालक और 92.41% बालिकाएं उत्तीर्ण हुई हैं। वहीं, कक्षा आठ में बालकों का पास प्रतिशत 85.94% और बालिकाओं का 89.56% रहा। www. rskmp.in मदरसों का परिणाम सरकारी और प्राइवेट स्कूल से पीछेकक्षा पांच की बात करें तो सरकारी स्कूलों का पास प्रतिशत 91.53% रहा, जबकि प्राइवेट स्कूलों में 90.18% बच्चे ही पास हुए। मदरसे में 73.26% बच्चे ही पास हो सके। कक्षा आठ की बात करें तो सरकारी स्कूलों का पास प्रतिशत 86.22% रहा, जबकि प्राइवेट स्कूलों में 90.60% बच्चे पास हुए। मदरसों का पास प्रतिशत 67.40% ही रहा। ग्रामीण स्कूलों का रिजल्ट बेहतरग्रामीण और शहरी स्कूलों की तुलना करें तो पांचवीं और आठवीं में ग्रामीण स्कूलों का प्रदर्शन शहरी स्कूलों से बेहतर रहा है। कक्षा पांचवीं में ग्रामीण स्कूलों में पास प्रतिशत 92.60% रहा, जबकि शहरी स्कूलों में 86.19% बच्चे ही पास हुए है। इसी तरह आठवीं कक्षा में ग्रामीण स्कूलों के 88.35 प्रतिशत बच्चे पास हो गए। वहीं, कक्षा आठवीं में शहरी स्कूलों में 86.04 प्रतिशत बच्चे ही पास हुए।

प्रदेश के दौरे पर भाजपा अध्यक्ष नड्डा, टीकमगढ़, रीवा और सतना में करेंगे सभाएं

During state tour, BJP President will hold meetings in Nadda, Tikamgarh, Rewa and Satna. दूसरे चरण का मतदान 26 अप्रैल को होना है, इससे पहले आज जेपी नड्डा प्रदेश के दौरे पर आ रहे हैं। वे यहां तीन लोकसभा क्षेत्रों में सभा करेंगे। प्रदेश में लोकसभा चुनाव के दूसरे चरण का मतदान 26 अप्रैल को होना है। इससे पहले राजनीतिक पार्टियां जोर शोर से चुनाव प्रचार में जुटी हैं। इसी कड़ी में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा आज प्रदेश के दौरे पर आ रहे हैं। वे यहां तीन लोकसभा क्षेत्रों टीकमगढ़, रीवा और सतना में पार्टी प्रत्याशियों के समर्थन में सभा करेंगे। इससे पहले जेपी नड्डा 12 अप्रैल को छिंदवाड़ा और सीधी में प्रचार करने के लिए आए थे। जहां नड्डा की सभा वहां कौन आमने-सामने?टीकमगढ़ सीट पर भाजपा के वीरेंद्र कुमार खटीक और कांग्रेस के पंकज अहिरवार के बीच मुकाबला है। रीवा लोकसभा सीट पर भाजपा के जनार्दन मिश्र की कांग्रेस की महिला प्रत्याशी नीलम मिश्रा से टक्कर हो रही है। वहीं, सतना सीट पर भाजपा के गणेश सिंह और कांग्रेस के सिद्धार्थ कुशवाहा आमने सामने हैं। जेपी नड्डा इन तीनों सीटों पर भाजपा प्रत्याशियों के समर्थन में सभा करेंगे।

प्रदेश में दूसरे चरण में 6 सीटों पर होगी वोटिंग, कहां किससे मुकाबला?

Voting will be held on 6 seats in the second phase in the state, where will there be competition with whom? प्रदेश में लोकसभा चुनाव के दूसरे चरण में 6 सीटों पर 80 प्रत्याशियों की किस्मत का फैसला होना है. इसके लिए मतदान 26 अप्रैल 2024 (शुक्रवार) को होगा. इस बार चुनाव मैदान में 75 पुरुष उम्मीदवार, 4 महिला उम्मीदवार और एक थर्ड जेंडर प्रत्याशी हैं. साल 2019 की तुलना में होशंगाबाद (नर्मदापुरम) छोड़ कर सभी सीटों पर उम्मीदवारों की संख्या कम हुई है. टीकमगढ़ में सबसे कम सात प्रत्याशी मैदान में हैं. बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा की सीट खजुराहो पर भी सेकंड फेज में ही वोटिंग होनी है. विधानसभा चुनाव में हारे सांसद इस बार मैदान मेंहोशंगाबाद सीट से कांग्रेस प्रत्याशी संजय शर्मा के पास सबसे ज्यादा संपत्ति है. नवंबर 2023 में विधानसभा चुनाव हार चुके सांसद गणेश सिंह को सतना सीट से पार्टी ने एक बार फिर से मैदान में उतारा है. उनकी किस्मत का फैसला भी 26 अप्रैल को ईवीएम (EVM) में कैद होगा. बता दें, लोकसभा चुनाव के पहले चरण में मध्य प्रदेश की जबलपुर, छिंदवाड़ा, बालाघाट, मंडला, सीधी और शहडोल संसदीय सीट पर मतदान 19 अप्रैल को हो चुका है. दूसरे चरण की 6 सीटों दमोह, टीकमगढ़, खजुराहो, सतना, रीवा और होशंगाबाद में 26 अप्रैल को मतदान होना है. इन सीटों पर कुल 80 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं. दूसरे चरण की 6 लोकसभा सीटों पर ये नेतादूसरे चरण की 6 सीटों में चुनाव लड़ने वाले प्रमुख नेताओं में बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा भी शामिल हैं. खजुराहो सीट पर उनका मुकाबला फॉरवर्ड ब्लॉक (AIFB) के राजा भैया प्रजापति से है. शर्मा पहली बार साल 2019 में खजुराहो सीट से चुनाव जीतकर लोकसभा में पहुंचे थे. इसी तरह केंद्रीय मंत्री वीरेंद्र खटीक टीकमगढ़ (एससी आरक्षित) सीट से चुनाव लड़ रहे हैं. साल 2008 में परिसीमन के बाद अलग हुए इस निर्वाचन क्षेत्र में हुए सभी तीन चुनावों में खटीक ने जीत हासिल की है. कांग्रेस ने इस सीट से पंकज अहिरवार को मैदान में उतारा है. बीजेपी ने सतना से गणेश सिंह और रीवा से जनार्दन मिश्रा को फिर से टिकट दिया है. होशंगाबाद लोकसभा सीट से दर्शन सिंह और दमोह से राहुल लोधी जैसे नए चेहरों को मैदान में उतारा है. कांग्रेस ने सतना से मौजूदा विधायक सिद्धार्थ कुशवाह, रीवा से पूर्व विधायक नीलम मिश्रा, होशंगाबाद से पूर्व विधायक संजय शर्मा और दमोह से पूर्व विधायक तरवर सिंह लोधी को मैदान में उतारा है. सतना में सबसे ज्यादा निर्दलीय उम्मीदवारनिर्वाचन आयोग के आंकड़े बताते हैं कि साल 2019 की तुलना में इनमें होशंगाबाद छोड़ सभी सीटों पर उम्मीदवारों की संख्या कम हुई है. टीकमगढ़ में सबसे कम सात प्रत्याशी मैदान में हैं, जबकि पिछले चुनाव में यहां से 14 कैंडिडेट अपनी किस्मत आजमा रहे थे. रीवा, सतना, खजुराहो और होशंगाबाद सीट पर एक-एक महिला प्रत्याशी भी चुनाव मैदान में हैं. इसी तरह दमोह से एक ट्रांसजेंडर दुर्गा मौसी भी चुनौती दे रही हैं. सबसे अधिक नौ निर्दलीय उम्मीदवार सतना में हैं. साल 2019 के लोकसभा चुनाव में 101 उम्मीदवार इन छह सीटों पर मैदान में उतरे थे.इस बार इनकी संख्या 80 है,जबकि पहले चरण की छह सीटों जबलपुर, छिंदवाड़ा, बालाघाट, मंडला, सीधी और शहडोल पर 88 उम्मीदवार मैदान में थे.साल 2019 में इनमें भाजपा-कांग्रेस के प्रत्याशी छोड़ बाकी सभी की जमानत जब्त हो गई थी. 80 में से 26 उम्मीदवार करोड़पतिनिर्वाचन आयोग में कैंडिडेट द्वारा दिए गए हलफनामे से पता चला है कि दूसरे चरण की 6 लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ने वाले 26 प्रत्याशी करोड़पति हैं. जबकि,17 प्रत्याशी 10वीं पास भी नहीं हैं. होशंगाबाद सीट से कांग्रेस प्रत्याशी संजय शर्मा के पास सबसे ज्यादा 232 करोड़ की संपत्ति है. दूसरे नंबर पर रीवा से कांग्रेस प्रत्याशी नीलम मिश्रा हैं, जिनकी संपत्ति 34 करोड़ रुपये है. सतना से सांसद और बीजेपी प्रत्याशी गणेश सिंह के पास 9 करोड़ रुपये की संपत्ति है. दूसरे चरण में दो डॉक्टर भी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं. कुल 80 में से 9 प्रत्याशियों पर आपराधिक मामले दर्ज हैं. वहीं, पांच पर गंभीर आपराधिक केस हैं. इसके अलावा, तीन प्रत्याशी सिर्फ पांचवीं पास हैं. 9 उम्मीदवार ऐसे हैं जो 12वीं पास हैं. 8 कैंडिडेट 10वीं पास हैं.13 प्रत्याशी स्नातक, 21 प्रत्याशी स्नातकोत्तर हैं. सात ग्रेजुएट प्रोफेशनल हैं.

प्रदेश में आज छाए रहेंगे बादल, तापमान गिरेगा पर उमस बढ़ाएगी परेशानी

There will be clouds in the state today, the temperature will drop but humidity will increase the problem. प्रदेश के तापमान में उछाल तो कम हुआ, लेकिन उमस ने बेचैनी बढ़ा दी. सोमवार को प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में दोपहर बाद बादल छाएंगे और तेज हवाएं चलने का अनुमान है. साथ ही कहीं-कहीं पर बारिश के भी आसार हैं. इस वर्ष अप्रैल माह में मौसम का उतार-चढ़ाव लगभग हर दिन देखने को मिल रहा है. भोपाल ! मौसम वैज्ञानिकों की मानें तो मौसम प्रणालियों में बदलाव के कारण इस तरह का मौसम हो रहा है. आमतौर पर इस माह में भीषण गर्मी रहती है, लेकिन इस बार अप्रैल में कुछ ही दिन कुछ जिलों में 42 डिग्री तक पारे ने उछाल मारी. बीते 24 घंटों के दौरान देखा जाए तो पारा 40 से अधिक प्रदेश के किसी भी जिले में नहीं रहा. यहां ऐसा रहेगा मौसमखंडवा-खरगोन में सोमवार को हल्की बारिश और बादल छाए रहेंगे. बैतूल, रायसेन, हरदा, सागर, छतरपुर, रीवा जिले में भी मौसम इसी तरह का रहने वाला है. मंगलवार से पश्चिम विक्षोभ बेअसर होने लगेगा. इसके बाद न केवल आसमान साफ रहेगा, बल्कि दिन के तापमान में भी बढ़ोतरी होगी. भोपाल में इतना रहा तापमानरविवार को इंदौर में अधिकांश समय बादल छाए रहे. धूप बार-बार बाधित होती रही. दिन का तापमान सामान्य (37.1 डिग्री) रहा, लेकिन उमस इतनी थी कि तेज गर्मी महसूस होती रही. वहीं, रात के तापमान में मामूली गिरावट दर्ज की गई. पारा 25 डिग्री से घटकर 24.5 डिग्री पर था. उधर, भोपाल में भी पारा 37.7 डिग्री पर पहुंच गया. हालांकि, शाम को बौछारों से 5 घंटे में ही पारा 7 डिग्री तक लुढ़क गया था. इससे गर्मी से कुछ राहत मिली. मौसम वैज्ञानिकों का कहनाबंगाल की खाड़ी में एक प्रति चक्रवात अभी बना हुआ है, जिससे आ रही नमी से बादल छा रहे हैं. मौसम प्रणालियां कमजोर पड़ी हैं. सोमवार को प्रदेश के कुछ जिलों में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं और कई जगहों पर वर्षा भी होगी.

सांची दुग्ध संघ-हबीबगंज नाके से नर्मदापुरम रोड से ट्रैफिक डायवर्जन से हर दिन पांच लाख वाहन चालक हो रहे परेशान

Five lakh drivers are getting troubled every day due to traffic diversion from Sanchi Milk Union-Habibganj Block to Narmadapuram Road. भोपाल। राजधानी में चल रहे मेट्रो लाइन निर्माण काम ने लोगों का रास्ता रोक दिया है। दरअसल इस काम के चलते यातायात पुलिस की ओर से सांची दुग्ध संघ-हबीबगंज नाके से नर्मदापुरम रोड की ओर जाने वाले रास्ते को बंद कर दिया है। इस वजह से करीब पांच लाख से अधिक वाहन चालक प्रभावित हो रहे है। इन वाहन चालकों को एक तरफ जहां तीन से चार किमी का चक्कर लगाना पड़ रहा है। तो वहीं घंटो जाम से दो चार होना पड़ रहा है। इस काम के चलते लगभग आधा शहर में लोग परेशान हो रहे है। डेट माह से हो रहे परेशान,अभी ओर बढ़ेगी डेट भोपाल मेट्रो रेल परियोजना के तहत रेल लाइन निर्माण का काम चल रहा है। इसके लिए नर्मदापुरम रोड पर हबीबगंज नाके से सांची दुग्ध संघ के बीच का रास्ता डेट माह से बंद कर दिया है। तो वहीं अभी इसकी डेट एक माह के करीब ओर बढ़ सकती है। इस प्रमुख व मेन रोड के बंद होने से पांच लाख वाहन चालक परेशान हो रहे है। तो सबसे अधिक परेशानी बसों से सफर करने वाले लोगों को जोकि बसों से ही आॅफिस, स्कूल-कॉलेज और रेलवे स्टेशन जाने में परेशानी हो रही है। वहीं बसों,ट्रैक,व अन्य वाहन चालकों को अब सांची दुग्ध संघ से कस्तूरबा अस्पताल से होते हुए, सकेत नगर, पहाड़ी वाला मंदिर से सवारकर सेतु की ओर आना पड़ रहा है। तो वहीं एमपीनगर,न्यू मार्केट या रानीकमलापति स्टेशन ओर जाने वाले वाहन चालकों को भी हबीबगंज अडर ब्रिज से होते हुए,अरेरा कॉलोनी होते हुए जाना पड़ रहा है। जिससे उन्हें खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

छह बजे तक 63.38 फीसदी मतदान, बालाघाट-छिंदवाड़ा में 70% से ज्यादा वोटिंग

63.38 percent voting till 6 o’clock, more than 70% voting in Balaghat-Chhindwara पांच बजे तक मतदान का आंकड़ाशाम पांच बजे तक प्रदेश में 63.25 प्रतिशत मतदान हुआ। छिंदवाड़ा सीट पर सबसे ज्यादा 73.85 फीसदी तो सीधी में सबसे कम 51.24 प्रतिशत वोट पड़े। इस सीट पर इतना मतदानबालाघाट: 71.08 फीसदीछिंदवाड़ा: 73.85 फीसदीजबलपुर: 56.74 फीसदीमंडला: 68.31 फीसदीशहडोल: 59.91 फीसदीसीधी: 51.24 फीसदी

छह महीने में आलोक की दो करोड़ बढ़ी प्रॉपर्टी, जमा रकम हुई तीन गुना

Alok’s property increased by Rs 2 crore in six months, deposit amount tripled भोपाल। छह महीने पहले उत्तर विधानसभा क्षेत्र से विधानसभा का चुनाव लड़ने वाले आलोक शर्मा ने गुरुवार को लोकसभा सीट के लिए नामांकन पत्र दाखिल कर दिया है। भोपाल लोकसभा सीट से भाजपा उम्मीदवार आलोक की प्रॉपर्टी 6 महीने में 2 करोड़ बढ़ी है। उन्होंने 6 करोड़ 17 लाख रुपए की प्रॉपर्टी बताई है। इसके पहले, विधानसभा चुनाव में उन्होंने 4 करोड़ 44 लाख रुपए की प्रॉपर्टी होने की जानकारी दी थी। हालांकि, कांग्रेस उम्मीदवार अरुण श्रीवास्तव 12 करोड़ की प्रॉपर्टी के आसामी हैं। नामांकन में आलोक ने खुद और पत्नी की प्रॉपर्टी की जानकारी दी गई है। उनकी चल संपत्ति 2 करोड़ 30 लाख है। वहीं, अचल संपत्ति में रसूलिया पठार, परवलिया सड़क, धामनिया, खजूरी सड़क में 7.76 एकड़ जमीन, लाउखेड़ी में 2 प्लाट, गुफा मंदिर के पास मकान शामिल हैं। इसकी कुल कीमत 6 करोड़ 17 लाख रुपए बताई गई है। बैंक में जमा नगदी हुई तीन गुना, पत्नी की घटीआयोग को दी गई जानकारी में एक करोड़ 90 लाख की चल और 4 करोड़ 54 लाख रुपए की अचल संपत्ति बताई थी। तब बैंक में 38 लाख 53 हजार और पत्नी के अकाउंट में 22 लाख 72 हजार रुपए जमा थे। वर्तमान में उनके खाते में 91 लाख 69 हजार रुपए और पत्नी के अकाउंट में 16 लाख 86 हजार रुपए जमा हैं। – आलोक पर चार केसकोतवाली, तलैया, गौतम नगर, बहादुरपुर अशोक नगर थाने में केस दर्ज हैं, जबकि तीन भोपाल और एक अशोकनगर कोर्ट में प्रकरण लंबित चल रहा है। इधर आचार संहिता उल्लंघन के भी तीन केस आलोक पर दर्ज किए गए हैं। यह भी दी जानकारीखुद की आय – 527250, पत्नी 335254कुल संपत्ति- खुद 5 करोड़ 2 लाख और पत्नी- एक करोड़ 15 लाख कुल 6 करोड़ 17 लाख कैश इन हैंड- 50 हजार और पत्नी 90 हजारकैश इन बैंक- खुद- 91 लाख 69 हजार 195 और पत्नी 16 लाख 86 हजार 400 रुपएवाहन- मारुति स्विफ्ट, बलेनो, जेसीबी, एलएंडटी वाहनशस्त्र – एक रिवाल्वर, एक रायफलकर्ज देनदारी – 6887350 रुपएगहने- खुद 150 ग्राम सोना, पत्नी 550 ग्राम सोना, साढ़े पांच किलो चांदी के बर्तन आदि। शैक्षणिक योग्यता – बीकॉमकृषिरसूलिया पठार में चार एकड़ जमीनआय के स्त्रोत – कृषि और किराये से आय

प्रदेश में आज थम जाएगा पहले चरण का प्रचार, 19 अप्रैल को होगी वोटिंग

Campaigning for the first phase will end in the state today, voting will take place on April 19. मध्य प्रदेश की 6 सीटों पर पहले चरण में होने वाले मतदान का प्रचार आज थम जाएगा। भोपाल। मध्य प्रदेश की 6 सीटों पर होने वाले चुनाव के लिए चुनाव प्रचार आज शाम 6 बजे थम जाएगा, लिहाजा इन क्षेत्रों में रोड शो और रैलियां नहीं की जाएगी। जबकि बालाघाट लोकसभा क्षेत्र के बैहर, लांजी और परसवाड़ा विधानसभा क्षेत्रों में यह प्रतिबंध चार बजे से लागू होगा। ऐसे में उन सभी लोगों को निर्वाचन क्षेत्र छोड़ना होगा, जो वहां के मतदाता नहीं हैं। इसके लिए होटल, लाज और धर्मशालाओं की जांच होगी। जहां राजनीतिक दलों का प्रचार थमने जा रहा है वहीं पहले चरण के मतदान के लिए प्रशासनिक तैयारियां भी अंतिम दौर में हैं। सुरक्षा एवं जांच समग्र रूप से की जा रही है। चुनाव आयोग के निर्देश हैं कि मतदान पूरी तरह से निष्‍पक्ष एवं पारदर्शी होना चाहिये, इसी को ध्‍यान में रखते हुए मैदानी अमला पूरी तरह से जुटा हुआ है। गौरतलब है कि 19 अप्रैल को सीधी, शहडोल, मंडला, जबलपुर, बालाघाट और छिंदवाड़ा लोकसभा क्षेत्रों में मतदान होगा। जिसके चलते बुधवार को शाम पांज बजे के बाद रोड शो, रैली और सभाओं पर प्रतिबंध लग जाएगा। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी अनुपम राजन ने बताया है कि प्रचार-प्रसार समाप्त होने की समय-सीमा के बाद बाहरी क्षेत्र के व्यक्तियों को जो उस निर्वाचन क्षेत्र में मतदाता नहीं हैं, उन्हें वह क्षेत्र छोड़ना होता है। इसके लिए सघन अभियान चलाया जाएगा। पुलिस प्रशासन द्वारा होटल, लाज, धर्मशालाओं की जांच कर ऐसे लोगों को चिन्हित कर बाहर भेजा जाएगा, जो वहां के मतदाता नहीं हैं। संवेदनशील केंद्रों पर केंद्रीय अर्द्धसैनिक बल तैनात किया गया है तो अन्य केंद्रों पर जिला पुलिस बल रहेगा। गुरुवार को रवाना होंगे मतदान दल मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय के अधिकारियों का कहना है कि पहले चरण का मतदान संपन्न कराने के लिए मतदान दल गुरुवार को रवाना होंगे। रात में ही मतदान को लेकर सभी व्यवस्थाएं कर ली जाएंगी। अभ्यर्थियों की उपस्थिति में स्ट्रांग रूम से इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन मतदान केंद्रों में पहुंचाई जाएंगी। यहां मतदान से एक घंटे पहले अभ्यर्थी या उसके अधिकृत प्रतिनिधि की उपस्थिति में माकपोल होगा। 50-50 वोट डलवाए जाएंगे। बालाघाट के तीन विधानसभा क्षेत्रों में चार बजे तक ही होगा मतदानबालाघाट लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत तीन विधानसभा क्षेत्र ऐसे आते हैं, जो नक्सल प्रभावित हैं। इनमें बैहर, लांजी और परसवाड़ा शामिल हैं। तीनों में सुबह सात से चार बजे तक मतदान होगा। बाकी निर्वाचन क्षेत्रों में शाम छह बजे तक मतदान कराया जाएगा।

मोबाइल एप्प में रजिस्ट्रेशन के बाद ही करा सकेंगे नलकूप खनन

Tube well mining will be done only after registration in mobile app. भोपाल। खुले ट्यूबवेल बोर में लगातार हो रहे हादसों को देखते हुए इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम ने ट्यूबवेल बोरिंग के लिए नई गाइडलाइन जारी की है। जिसके तहत एक मोबाइल एप डेवलप किया गया है। इसकी मदद से ही नया बोर किया जा सकेगा। इसके साथ प्राइवेट और सरकारी बोरिंग एजेंसियों को इस एप में रजिस्ट्रेशन करना पड़ेगा। बोरिंग कराने वाले व्यक्ति को भी बोर के संबंध में पूरी जानकारी अपलोड करना पड़ेगी। जिसके आधार पर सरकारी एजेंसियों को बोर से संबंधित जानकारी मिल जाएगी।मोबाइल एप में नए बोर के बारे में जानकारी अपलोड करना पड़ेगी, जिसमें बोर के सफल और असफल होने के संबंध में फोटो सहित जानकारी अपलोड होगी। अगर बोर असफल हो गया है, तो उसे सुरक्षित रूप से बंद करना पड़ेगा। विभाग ने बुधवार से नए मोबाइल एप का ट्रॉयल भी शुरू कर दिया है। खुले और बंद बोर की मिलेगी जानकारी विभाग ने इस पोर्टल पर बोरिंग से जुड़ी सभी तरह की जानकारी का आप्शन रखा है। जिसमें शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में सभी निजी और सरकारी खुले और बंद नलकूपों की जानकारी अपलोड की जाएगी। जिससे पता चल सकेगा, कि कहां-कहां बोर हैं, जिन्हें सुरक्षित करने की जरूरत है।- बनाना पड़ेगा सीमेंटेड चबूतराबोरिंग के दौरान अगर यहां पानी नहीं निकलता है, तो उसे मिट्टी, गिट्टी सहित अन्य मटेरियल से भरना पड़ेगा। इसके साथ सीमेंट का ब्लॉक बनाकर उसे सुरक्षित करना पड़ेगा। जिसकी जानकारी फोटो के साथ मोबाइल एप पर डाली जाएगी। जल्द सामने आएगा बोरिंग का डेटा प्रमुख अभियंता केके सोनगरिया का कहना है कि विभाग ने पोर्टल के साथ मोबाइल एप भी लांच किया है। जिसमें नए बोर के साथ बोरिंग एजेंसियों को भी अपना रजिस्ट्रेशन कराना पड़ेगा। खुले बोर की जानकारी भी पोर्टल पर अपडेट की जाएगी, जिससे हादसों को रोका जा सकेगा।

ग्राउंड रिपोर्ट: भाजपा के लिए कब्जा बरकरार रखना कठिन, भूरिया दे रहे कड़ी टक्कर

Ground report: It is difficult for BJP to retain control, Bhuria is giving tough competition लोकसभा सीट- रतलाम: प्रत्याशी- अनीता नागर सिंह चौहान भाजपा, कांतिलाल भूरिया कांग्रेस रतलाम में भाजपा मजबूत, झाबुआ में कांग्रेस को बढ़त- अलीराजपुर में अनीता- भूरिया में बराबरी का मुकाबला भोपाल। रतलाम संभवत: पहला ऐसा लोकसभा क्षेत्र है, जहां से भाजपा ने प्रदेश सरकार के मंत्री नागर सिंह चौहान की पत्नी अनीता चौहान को टिकट दिया है। नरेंद्र मोदी-अमित शाह के युग में इस तरह परिवार में दो लोगों को टिकट देने की पंरपरा नहीं है। पार्टी के कई बड़े नेताओं के बेटे और परिजन टिकट का इंतजार ही कर रहे हैं। नियम तोड़ने की वजह है रतलाम सीट, जो कांग्रेस से ज्यादा कांतिलाल भूरिया का गढ़ है। भाजपा नेतृत्व किसी भी हालत में इस सीट पर कब्जा बरकरार रखना चाहता है। पहले सीट का नाम झाबुआ था लेकिन 2008 में हुए परिसीमन के बाद नाम बदलकर रतलाम कर दिया गया। इसके बाद हुए चार चुनावों में से दो बार कांग्रेस के कांतिलाल भूरिया जीते और दो बार भाजपा। इनमें से एक बार कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आए स्व दिलीप सिंह भूिरया जीते और दूसरी बार 2019 के चुनाव में जीएस डामोर ने जीत दर्ज की। भाजपा ने कांतिलाल भूिरया को हराने वाले डामोर का टिकट ठीक उसी तरह काट दिया जैसे गुना-शिवपुरी में ज्योतिरािदत्य सिंधिया को हराने वाले सांसद केपी सिंह यादव का काटा गया।भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ रही अनीता नागर सिंह चौहान भिलाला आदिवासी हैं जबकि कांतिलाल भूिरया भील आदिवासी। क्षेत्र में भील समाज की तादाद िभलाला से काफी ज्यादा है। इसके अलावा झाबुआ में ईसाई मिशनियों का काम भी काफी है। दो से ढाई लाख आदिवासी धर्म परिवर्तन कर चुके हैं। इसका सीधा लाभ कांग्रेस के भूिरया को मिलता है। दूसरी तरफ क्षेत्र में संघ का काम भी अच्छा है। रतलाम में विधायक चेतन कश्यप के कारण भाजपा को ताकत मिलती है। लोगों से बातचीत करने पर पता चलता है कि झाबुआ जिले के झाबुआ, थांदला और पेटलावद में कांग्रेस की स्थिति अच्छी है लेकिन पेटलावद कांग्रेस के हाथ से निकल सकता है। रतलाम जिले की तीन सीटों में से सैलाना और रतलाम ग्रामीण में कांग्रेस- भाजपा के बीच अच्छी टक्कर है जबकि रतलाम शहर में भाजपा बढ़त में बताई जाती है। अलीराजपुर िजले के जोबट में कांग्रेस की स्थिति अच्छी है जबकि अलीराजपुर में भाजपा मजबूत दिखती है। कुल मिलाकर रतलाम में भाजपा- कांग्रेस के बीच कडा मुकाबला देखने को मिल रहा है। भाजपा-कांग्रेस लड़ रहे विकास के मुद्दे पर चुनाव रतलाम चूंकि आदिवासी बाहुल्य सीट है, इसलिए यहां राम मंदिर और हिंदू-मुस्िलम से जुड़े मुद्दों का ज्यादा असर नहीं है। यहां चुनाव का पहला मुद्दा आदिवासी विकास है। भाजपा और कांग्रेस दोनों बता रहे हैं कि उन्होंने इस वर्ग के लिए क्या-क्या किया है। भाजपा की अनीता केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा कराए गए काम गिना रही हैं तो कांतिलाल अपने कार्यकाल में किए कामों का प्रचार कर रहे हैं। शहरी इलाकों में जरूर राम मंदिर, धारा 370, भोजशाला जैसे मुद्दों का असर देखने को मिल रहा है। यही वजह है कि रतलाम शहर और ग्रामीण क्षेत्र में भाजपा को ज्यादा फायदा होता दिख रहा है। यहां कांग्रेस बेरोजगारी, महंगाई, किसानों की आय दोगुनी न होने जैसे मुद्दे उठा रही है। कांग्रेस घोषणा पत्र में किए वादों का भी प्रचार कर रही है। भाजपा के पास न मुद्दों की कमी है और नेताओं की। इसलिए उसका प्रचार ज्यादा व्यवस्थित और तेज दिखाई पड़ रहा है। विधानसभा में कांग्रेस पर भाजपा को मामूली बढ़त रतलाम लोकसभा क्षेत्र के तहत आने वाली 8 विधानसभा सीटों के लिए 4 माह पहले हुए चुनाव में भाजपा को कांग्रेस पर मामूली बढ़त हािसल है। क्षेत्र की तीन विधानसभा सीटें कांग्रेस जीती जबकि भाजपा के खाते में 4 सीटें गई हैं। एक सीट सैलाना में भारत आदिवासी पार्टी ने जीत कर सबको चौंका दिया था। इस तरह विधानसभा में ताकत के लिहाज से भाजपा-कांग्रेस में बहुत ज्यादा फर्क नहीं है। भाजपा ने चार विधानसभा सीटें 1 लाख 4 हजार 402 वोटों के अंतर से जीती हैं जबकि कांग्रेस की तीन सीटों में जीत का अंतर 55 हजार 808 वोट रहा है। सैलाना में भारत आदिवासी पार्टी 4 हजार 618 वोटों के अंतर से जीतने में सफल रही है। लोकसभा चुनाव की दृष्टि से यह अंतर इतना ज्यादा नहीं है कि इसे कवर न किया जा सके। हालांकि 2018 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने क्षेत्र की 8 में से 5 सीटें जीती थीं और भाजपा सिर्फ 3 में सिमट गई थी। बावजूद इसके 2019 का लोकसभा चुनाव कांग्रेस नहीं जीत सकी थी। रतलाम में तीन जिलों की विधानसभा सीटें रतलाम लोकसभा सीट का भौगोलिक एरिया तीन जिलों तक फैला है। ये जिले झाबुआ, रतलाम और अलीराजपुर हैं। लोकसभा क्षेत्र में झाबुआ जिले की तीन विधानसभा सीटें झाबुआ, थांदला, जोबट और रतलाम जिले की भी तीन रतलाम ग्रामीण, रतलाम शहर और सैलाना आती हैं। अलीराजपुर की दो विधानसभा सीटें जोबट और अलीराजपुर भी इसी लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा हैं। इनमें से झाबुआ जिले की 2 और अलीराजपुर की एक सीट कांग्रेस के पास हैं जबकि रतलाम जिले की 2 और झाबुआ-अलीराजपुर की एक-एक सीट पर भाजपा का कब्जा है। जहां तक सीट के राजनीतिक मिजाज का सवाल है तो यहां कांग्रेस ज्यादा जीती है। जब सीट का नाम झाबुआ था तब कांग्रेस के दिलीप सिंह भूरिया यहां जीतते थे लेकिन परिसीमन के बाद जब सीट का नाम रतलाम हो गया तब वे भाजपा में चले गए। इसके बाद 2009 के पहले चुनाव में कांतिलाल ने दिलीप सिंह को हरा दिया जबकि 2014 में दिलीप ने कांतिलाल को हरा कर जीत दर्ज की। दिलीप सिंह के निधन के बाद 2015 के उप चुनाव में भाजपा ने उनकी बेटी निर्मला भूरिया को टिकट दिया लेकिन वे कांतिलाल से हार गईं। सामाजिक, जातीय आधार पर होता रहा मतदान रतलाम लोकसभा सीट के कई हिस्सों में जातीय और सामाजिक आधार पर मतदान होता रहा है। इस बार भी ऐसा हो सकता है। जैसे अनीता नागर सिंह चौहान को आदिवासियों में भिलाला समाज का पूरा वोट मिलेगा और कांतिलाल भूरिया को भील समाज का। इन दोनों समाजों के वोट यहां ज्यादा हैं। झाबुआ जिले में ईसाई मिशनरियों का बड़ा नेटवर्क है। इनके प्रयास … Read more

वित्त विभाग से गैर हाजिर होकर वन मंत्री के लिए ओएसडी के रूप में काम करने वाले चौहान को निलंबित करने मुख्य सचिव को लिखा पूर्व विधायक ने पत्र

The former MLA wrote a letter to the Chief Secretary to suspend Chauhan who was working as OSD for the Forest Minister while being absent from the Finance Department भोपाल। पूर्व विधायक एवं संयुक्त क्रांति पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष किशोर समरीते ने मुख्य सचिव को पत्र लिखकर वित्तीय सेवा के अधिकारी रणजीत सिंह चौहान को निलंबित कर जांच करने की मांग की। पूर्व विधायक समरीते ने पत्र लिखा है कि चौहान वित्त विभाग से गैरहाजिर होकर वन मंत्री नागर सिंह चौहान के लिए अनाधिकृत तौर पर ओएसडी के रूप में काम कर रहे हैं। चौहान स्वयं को ओएसडी बता कर  विभाग के सीनियर आईएफएस अधिकारियों से लेकर डीएफओ तक पर दबाव डालकर अपनी मनमर्जी से काम करवा रहे हैं।  पूर्व विधायक ने मुख्यमंत्री को लेकर पत्र में कहा है कि  रणजीत सिंह चौहान वित्तीय सेवा अधिकारी जिसकी सेवाएं प्रमुख सचिव वित्त विभाग द्वारा  अभी तक विधिवत तौर पर प्रमुख सचिव सामान्य प्रशासन विभाग को स्थानांतरित नहीं की है। दिलचस्प पहलू यह है कि मुख्यमंत्री सचिवालय ने भी इनके द्वारा वन मंत्री के जरिए भिजवाई गई ओएसडी बनाने संबंधित नोटशीट को भी वापस कर दी गई है। इन सबके विपरीत रणजीत सिंह चौहान वित्त अधिकारी, अनाधिकृत तौर पर विशेष कर्तव्य अधिकारी, वन मंत्री के रूप में कार्य कर रहे हैं। यह मामला पद एवं अधिकारों के दुरूपयोग एवं कदाचरण  का है तथा गंभीर जांच का विषय है।  पूर्व में भी इनके खिलाफ की गई थी शिकायतें  पूर्व में  इनके विरूद्ध श्रीनिवास मूर्ति सदस्य सचिव जैव विविधता बोर्ड की शिकायत पर भी शासन द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की गई। अपर मुख्य सचिव केके सिंह के वित्तीय सलाहकार रहते हुये इनके द्वारा अपने लिये लग्जरी कार की मांग एवं अतिरिक्त वित्तीय लाभ लेने के कारण हटाये गये थे। बीजनेस रूल का हवाला देते हुये गलत तरीके से शासन में बैठे अधिकारियों के बीच कार्य विभाजन करवाने के पीछे भी चौहान ही मुख्य सूत्रधार थे। इस मुद्दे पर तत्कालीन वन मंत्री उमंग सिंघार और अतिरिक्त मुख्य सचिव एपी श्रीवास्तव के बीच विवाद ब्यूरोक्रेसी में खूब उछला था और मामला अभी भी जांच के लिये लंबित है।   पूर्व विधायक ने लगाए कथित रूप से पैसे लेने का आरोप  अपने पत्र में पूर्व विधायक ने सिवनी सीसीएफ  एवं भारतीय वन सेवा के अधिकारी एसएस उद्दे की प्रमाणित शिकायत पर जांच को प्रभावित करने तथा निलंबन नहीं करने में 20 लाख रूपये लिये गये। इसी तरह बालाघाट के प्रभारी मुख्य वन संरक्षक सेंगर को टीकमगढ़ में वन मण्डलाधिकारी रहते हुये चैन लिंक (बारवेड) एवं अन्य खरीदी में निलंबन से बचाने 50 लाख रूपये लिये तथा उसे बालाघाट में प्रभारी मुख्य वन संरक्षक बना दिया गया। बालाघाट डीएफओ  अभिनव पल्लव वन मण्डलाधिकारी उत्तर वन मण्डल सामान्य के विरूद्ध शिकायत में सप्लाई तथा खरीदी में लाखों के फर्जी भुगतान में निलंबन से बचाने के लिए  रिश्वत के रूप लाखों रुपए लिये गये। यह अत्यंत गंभीर मामला है। अंत में समरीते ने मुख्य सचिव से अनुरोध किया है कि आप इस मामले की जांच करवाकर विशेष कर्तव्य अधिकारी रणजीत सिंह चौहान को तत्काल निलंबित कर इसकी सेवायें वित्त विभाग को वापिस करने तथा इसकी सम्पत्ति की जांच करवाएं।

पूर्व मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस भी दोषमुक्त होगे

Chief Secretary Iqbal Singh Bains will also be acquitted भोपाल। उज्जैन हवाई पट्टी के किराये को वसूल न करने के मामले लोकायुक्त प्रकरण में अब पूर्व मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस भी दोषमुक्त होंगे। इस मामले में आईएएस अधिकारी अनिरुध्द मुखर्जी सहित तीन आईएएस पहले ही दोषमुक्त हो चुके हैं।  दरअसल उज्जैन हवाई पट्टी को एक निजी एजेंसी यश एयरवेज को वर्ष 2006 में प्रशिक्षण कार्यक्रम हेतु ठेके पर दिया गया था तथा अनुबंध की शर्तों में हवाई पट्टी का का उसे उपयोग करने की अनुमति थी। परन्तु एक शिकायत पर लोकायुक्त ने इसमें अपराध पंजीबध्द कर आठ से अधिक तत्कालीन कलेक्टरों को आरोपी बना दिया था। इस मामले में विमानन विभाग के तत्कालीन मुखिया अनिरुध्द मुखर्जी एवं इकबाल सिंह बैंस के खिलाफ लोकायुक्त ने सामान्य प्रशासन विभाग को पत्र लिख दिया था कि दोनों ने उक्त आठ तत्कालीन कलेक्टरों को बचाने का प्रयास किया। इस पर सामान्य प्रशासन विभाग ने अनिरुध्द मुखर्जी को कारण बताओं नोटिस जारी किया था, जिस पर मुखर्जी ने जो जवाब पेश किया उससे संतुष्ट होकर सामान्य प्रशासन विभाग ने उन्हें दोषमुक्त कर दिया। अब इकबाल सिंह बैंस को भी इसी आधार पर दोषमुक्त किया जायेगा। इधर आठ कलेक्टरों के खिलाफ लोकायुक्त ने अभियोजन की स्वीकृति राज्य शासन से मांगी है। लेकिन इसमें स्वीकृति मिलना इसलिये कठिन है क्योंकि इकबाल सिंह बैंस ने केबिनेट से 10 मई 2021 को अप्रूवल ले लिया था कि उज्जैन हवाई पट्टी का उपयोग करने की चयनित एजेन्सी को उपयोग करने की अनुमति थी। इसलिये किराया न वसूलने की बात बेमानी है क्योंकि जिसे हवाई पट्टी ठेके पर देते हैं उससे किराया नहीं लिया जाता है। क्या था मामला बहुचर्चित उज्जैन हवाई पट्टी घोटाले में नई सरकार के आने के बाद नए सिरे से पड़ताल शुरू हुई है। इस बार जांच के दायरे में पूर्व मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस का भी नाम आया है। उज्जैन के देवास रोड पर दताना-मताना हवाई प‌ट्टी है। लोकायुक्त संगठन ने इस हवाई पट्टी की लीज और पार्किंग शुल्क में आर्थिक गड़बड़ी का मामला दर्ज किया हुआ है। कुछ आइएएस अफसर इस केस में पहले से ही आरोपी हैं। इकबाल सिंह बैंस के मुख्य सचिव पद से सेवानिवृत्त होने के बाद केस की फाइल पर पड़ी धूल हटाई गई तो घोटाले के रन वे पर नया नाम उभर आया। सरकार ने यह हवाई पट्टी 2006 में यश एयरवेज और सेंटॉर एविएशन एकेडमी इंदौर को लीज पर दी थी। राज्य सरकार और कंपनी के बीच 7 साल के लिए अनुबंध हुआ था। दो वर्ष बाद ही इसकी लीज अवधि को 10 वर्ष कर दिया गया। लोकायुक्त संगठन ने इस समय वृद्धि को अनुचित माना है। अवधि बढ़ाने का आदेश तत्कालीन विमानन सचिव इकबाल सिंह बैस ने किया। एयरवेज को नाइट पार्किंग के लिए 5 हजार 700 किलो वजनी विमानों के लिए 100 रुपए चुकाने थे। इससे ज्यादा वजनी विमानों के लिए यह चार्ज 200 रुपए था, लेकिन कंपनी ने यह रकम सरकार को नहीं दी। वर्ष 2016 में अनुबंध समाप्त हो गया और कंपनी से पार्किंग शुल्क की वसूली तय हुई। तब 10 मई 2021 को केबिनेट में प्रस्ताव लाकर पार्किंग शुल्क माफ किया गया। यह प्रस्ताव बतौर मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस न रखा। केबिनेट से यह प्रस्ताव छलपूर्वक मंजूर करवाया गया। शिवराज के विश्वसनीय रहे हैं इकबाल 1985 बैच के आइएएस इकबाल सिंह बैंस को पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का विश्वसनीय अफसर माना जाता है। बैस कृषि, उद्यानिकी, ऊर्जा, विमानन, आबकारी, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, संसदीय कार्य जैसे विभागों में काम कर चुके हैं। सीहोर, खंडवा, गुना और भोपाल के कलेक्टर भी रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय में सचिव, प्रमुख सचिव और अपर मुख्य सचिव रह चुके हैं। जब जुलाई 2013 में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर संयुक्त सचिव बनकर चले गए थे, उन्हें भाजपा सरकार बनने के बाद अगस्त 2014 में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने केंद्र से विशेष आग्रह करके वापस बुलाया था।

आरोप: भाजपा कांग्रेस नेताओं पर ED / CBI का दबाव डाल कर आपने पालें में कर रहें है:पूर्व सीएम कमलनाथ

Allegation: BJP is trying to keep Congress leaders in its fold by putting pressure of ED/CBI: Former CM Kamal Nath पूर्व सीएम कमलनाथ ने भाजपा पर बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि भाजपा लगातार कांग्रेस के नेताओं पर दबाव डाल रही है और जो दबाव में नहीं आता, उसके ऊपर छापेमारी की जा रही है। मैं इस तरह की कार्रवाई की कड़ी निंदा करता हूं। छिंदवाड़ा । प्रदेश के पूर्व सीएम कमलनाथ ने भाजपा पर बड़ा आरोप लगाते हुए अपने सोशल मीडिया साइट एक्स पर लिखा कि भारतीय जनता पार्टी लगातार कांग्रेस के नेताओं पर दबाव डाल रही है और जो दबाव में नहीं आता, उसके ऊपर छापेमारी और दूसरी कार्रवाई कर रही है। कांग्रेस के आदिवासी विधायक नीलेश उइके पर इस तरह का दबाव डाला गया, लेकिन वे इसके आगे नहीं झुके तो उनके ऊपर छापे डाले गए। उनके आवास, निर्माणाधीन भवन, खेत खलिहान और अन्य स्थानों पर जिस तरह से छापेमारी की कार्रवाई की गई और घंटों तक तलाशी के बाद कुछ नहीं मिला, उससे स्पष्ट है कि भारतीय जनता पार्टी प्रशासन का दुरुपयोग कर कांग्रेस नेता और कार्यकर्ताओं का उत्पीड़न कर रही है। मैं इस तरह की कार्रवाई की कड़ी निंदा करता हूँ और पार्टी के सभी कार्यकर्ता नीलेश उइके साथ हैं।उन्होंने कहा कि मैं पार्टी के कार्यकर्ताओं का आह्वान करता हूं कि इस तरह के दमन और उत्पीड़न से भयभीत न हों और पूरी तरह एकजुट होकर जनता के सामने जाएं। छिंदवाड़ा की जनता इस तरह के अत्याचार को बर्दाश्त नहीं करेगी। मुझे आशा ही नहीं, पूर्ण विश्वास है कि जीत सत्य की ही होगी।

हमीदिया अस्पताल: नई बिल्डिंग में शिफ्ट होगी ओपीडी, 100 मीटर के दायरे में होंगी सभी सुविधाएं

Hamidia Hospital: OPD will be shifted to the new building, all facilities will be within 100 meters radius सोमवार से ऑर्थोपेडिक्स विभाग की ओपीडी एच 1 बिल्डिंग में होगी संचालित  भोपाल। हमीदिया अस्पताल में आने वाले मरीजों को अब जांच, इलाज के साथ भर्ती जैसी सुविधाओं के लिए भटकने की जरूरत नहीं होगी। अब मरीजों को अस्पताल की सारी सुविधाएं 100 मीटर के दायरे में ही मिल जाएगी। इसके लिए अस्पताल के पुराने भवन और ट्रॉमा इमरजेंसी बिल्डिंग में संचालित ओपीडी को नई बिल्डिंग यानि एच 1 और एच 2 ब्लॉक में शिफ्ट किया जाएगा। इसकी शुरूआत सोमवार से की जाएगी। सोमवार को ऑर्थोपेडिक्स विभाग की ओपीडी एच 1 बिल्डिंग के ग्राउंड फ्लोर पर संचालित होगी। इसके बाद अन्य विभागों की ओपीडी को चरणबद्ध तरीके से शिफ्ट कर दिया जाएगा। मालूम हो कि हमीदिया अस्पताल में करीब 250 करोड़ रुपए की लागत से 11 मंजिला नए ओपीडी ब्लॉक का निर्माण किया जा रहा है। यह ब्लॉक अस्पताल के पुराने भवनो की जगह तैयार किया जाना है। ऐसे में पुराने अस्पताल के भवन के एक हिस्से को पूरी तरह से तोड़ा जा चुका है, अब दूसरे हिस्से को तोड़ा जाएगा। इसी हिस्से में ओपीडी संचालित होती है, यही कारण है कि ओपीडी को नई बिल्डिंग में शिफ्ट किया जा रहा है। मरीजों को यह होगी सुविधा अस्पताल प्रबंधन के इस कदम से मरीजों को खासा फायदा होगा। दरअसल अभी अस्पताल में ओपीडी, रजिस्ट्रेशन, ब्लड बैंक, दवा लेने और वार्ड तक जाले में मरीजों को करीब एक किलोमीटर का फासला तय करना होता है। यही नहीं 11 मंजिल पर स्थित वार्ड में भर्ती मरीजों को बिलिंग के लिए गेट के पास बने रजिस्ट्रेशन सेंटर आना पड़ता है। अब यह सारी व्यवस्थाएं मरीजों को एक ही जगह पर ही मिल जाएंगी। एमआरआई और कैथलैब का प्लान नहीं ओपीडी शिफ्टिंग का प्लान को तैयार कर लिया गया है, लेकिन पुराने भवन में स्थित एमआरआई, सीटी स्कैन के सथ कैथ लैब की शिफ्टिंग का कोई प्लान नहीं है। इन सभी सुविधाओं की शिफ्टिंग में तीन से चार महीने का वक्त लगता है। यही नहीं इसमें भारी भरकम खर्च भी होता है। ऐसे में अगर बिल्डिंग टूटती है तो इन सुविधाओं को बंद करना पड़ेगा, जिसका खामियाजा मरीजों को भुगतना होगा। गिरी फॉलसीलिंग हमीदिया अस्पताल के एच1 ब्लॉक के सेकेंड फ्लोर पर ओटी कॉम्प्लेक्स कॉरीडोर की फाल्स सीलिंग गिर गई। घटना गुरुवार को चली तेज हवाओं और आंधी के चलते हुई है। इन घटनाओं से 750 करोड़ रुपए में बने नए भवनों की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे है। हमीदिया अस्पताल अधीक्षक का कहना है कि मरीजों की सुविधाओं को देखते हुए ओपीडी शिफ्ट की जा रही है। मरीजों को सभी सुविधाएं आस पास ही मिले ऐसी व्यवस्थाएं की जा रही है।

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