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विधायक रामेश्वर शर्मा ने नमो शिवाय मार्ग का निरीक्षण कर निर्देश दिए

MLA Rameshwar Sharma inspected Namo Shivay Marg and gave instructions. विधायक रामेश्वर शर्मा ने नीलबड़-बड़झिरी मार्ग के निर्माण कार्य का संबंधित अधिकारियों के साथ निरीक्षण किया। नमो शिवाय मार्ग भोपाल-इंदौर कनेक्टिविटी का मुख्य पाथ साबित होगा। – रामेश्वर शर्मा भोपाल। शिवरात्रि पर आधी रात तक कार्यक्रमों में सम्मिलित होने के बाद अगले ही दिन विधायक रामेश्वर शर्मा पुनः अपने कार्यक्षेत्र में सक्रिय हो गए हैं। शनिवार को श्री शर्मा ने नीलबड़ में बन रहे नीलबड़ से बड़झिरी जाने वाले “नमो-शिवाय मार्ग” के निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। इस दौरान उनके साथ संबंधित अधिकारियों ने भी कार्य का अवलोकन किया। यह मार्ग नये भोपाल को सीहोर एवं इंदौर मुख्य मार्ग से जोड़ेगा। विधायक शर्मा ने निरीक्षण के उपरांत अधिकारियों को निर्माण कार्य में तेजी लाने के साथ ही अन्य निर्देश दिए। मार्ग अवलोकन के लिए पहुंचे विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि – हुजूर का कोई भी क्षेत्र विकास के मामले में अधूरा नहीं रहेगा। चाहे कोलार हो या संत नगर, गांधीनगर हो या नीलबड़ हर ओर बराबरी से विकास की धारा वह रही है। नीलबड़ जो पहले गांव समझा जाता था, आज उभरता और समृद्ध होता उपनगर बनता जा रहा है। आज नीलबड़ में सड़क, बिजली, पानी, स्वच्छता आदि की सुव्यवस्थित सुविधा है। अब यह नमो-शिवाय मार्ग पूरा होने के बाद नया भोपाल सीधे सीहोर और इंदौर मुख्य मार्ग की डायरेक्ट कनेक्टिविटी में आ जाएगा। कनेक्टिविटी बढ़ने से क्षेत्र में रोजगार व्यापार के अवसर बढ़ेंगे और अवसरों की वृद्धि क्षेत्र की समृद्धि के द्वार खोलेगी।

वल्लभ भवन में लगी आग, दस्तावेज जलकर हुए खाक, सीएम ने दिए जांच के आदेश

Fire breaks out in Vallabh Bhawan, documents burnt to ashes, CM orders investigation प्रदेश के वल्लभ भवन में आग लग गई। आग पुरानी बिल्डिंग में तीसरे फ्लोर पर लगी, जो हवा की वजह से तेजी से फैली। फायर अमला ने मौके पर पहुंचा और आग पर काबू पाया। मुख्यमंत्री ने आग लगने की घटना के जांच के आदेश दिए है। भोपाल ! प्रदेश की राजधानी भोपाल में स्थित मंत्रालय भवन (वल्लभ भवन) में शनिवार सुबह आग लग गई। आग वल्लभ भवन के गेट नंबर 5 और 6 गेट के सामने पुरानी बिल्डिंग में लगी है। तीसरे फ्लोर पर लगी आग हवा की वजह से तेजी फैली। जिससे सरकारी दस्तावेज पूरी तरह जलकर खाक हो गए। आग लगने की सूचना पर भोपाल फायर अमला मौके पर पहुंचा और आग पर काबू पाया। फिलहाल आग लगने के कारण का पता नहीं चल पाया है। सफाई कर्मियों ने दी सूचनापांच और छह नंबर गेट के सामने सफाई कर रहे कर्मचारियों ने बिल्डिंग में धुंआ उठता देखा। जिसके बाद मंत्रालय के सुरक्षा अधिकारी और दमकल विभाग को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस समेत दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंची। चार दमकल की गाड़ियों से आग पर काबू पाने की कोशिश की जा रही है। मंत्रालय में शनिवार को छुट्टी होने की वजह से कोई कर्मचारी मौजूद नहीं था। बता दें कुछ समय पहले वल्लभ भवन के पास ही स्थित सतपुड़ा भवन की तीसरी मंजिल पर आग लग गई थी। जिसमें स्वास्थ्य विभाग के स्थापना समेत कई महत्वपूर्ण फाइलें और दस्तावेज जल गए थे। सीएम ने दिए आग की घटना के जांच के निर्देशमुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आज मंत्रालय में एक बिल्डिंग में आग की जानकारी मिली। घटना की जानकारी मिलते ही मुख्य सचिव को मॉनीटरिंग करने के निर्देश दिए। सीएम ने कहा कि यह सुनिश्चित करने को कहा है कि कोई महत्वपूर्ण दस्तावेज न जले। आग पर काबू पाने के साथ ही घटना के कारण की जानकारी प्राप्त की जाए। उन्होंने कहा कि कलेक्टर ने बताया कि आग पर काबू पा लिया गया है। भविष्य में ऐसी घटनाएं न हो इसका एहतियात रखा जाए।

भोपाल में दिन भर लें खूबसूरत जगहों का आनंद, आज महिलाओं के लिए फ्री है सिटी बस का सफर

Enjoy beautiful places throughout the day in Bhopal, today city bus travel is free for women. Women’s Day 2024: अतंराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आज भोपाल नगर निगम ने महिलाओं को एक बड़ा तोहफा दिया है. भोपाल की सिटी बसों में आज महिलाएं निशुल्क यात्रा कर सकेंगी. Day 2024: आज अतंराष्ट्रीय महिला दिवस (International Women’s Day) है. इस अवसर पर भोपाल नगर निगम (Bhopal Municipal Corporation) की ओर से महिलाओं को एक बड़ा तोहफा दिया है. दरअसल, शुक्रवार को दिनभर रेड यानी सिटी बसों में महिलाएं निशुल्क यात्रा कर सकेंगी. बसों में महिलाओं का किराया नहीं लगेगा. सिटी बस में औसत ड़ेढ़ लाख यात्री रोजाना सफर करते हैं. उनमें से 40 फीसदी यानी लगभग 60 हजार की संख्या महिलाओं और युवतियों की होती है. महापौर मालती राय ने दिया था सुझावशुक्रवार यानी आज महाशिवरात्रि (Maha Shivratri) भी है. शुक्रवार को सुबह 6 बजे से लेकर रात के नौं बजे तक महिलाएं सिटी बस मंदिर जा सकती हैं. महापौर मालती राय, प्रभारी निगम कमिश्नर शिवम वर्मा की उपस्थिति में भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड के बोर्ड ऑफ डारेक्टर्स की गुरुवार को एक बैठक हुई थी. उसी में ये फैसला लिया गया. महापौर मालती राय की ओर से सुझाव दिया गया था कि, अतंराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर महिलाओं को फ्री यात्रा की सुविधा प्रदान की जानी चाहिए. भोपाल के 25 रूट पर कुल 338 बसें होती हैं संचालितइस पर संचालक मंडल की ओर से सर्वसम्मति से फैसला लिया गया. बता दें भोपाल के 25 रूट पर कुल 338 सिटी बसें संचालित होती हैं. पिछले दो साल की तुलना में यहां 95 बसें बढ़ी हैं. ये सारी सीएनजी बसे हैं. ये सिटी बसें शहर के सभी एरिया को कवर करती हैं. रोजाना इन बसों में एवरेज ड़ेढ़ लाख यात्रियों में सफर करने वालों में 60 हजार महिला यात्रियों के अलावा छात्र भी इन बसों से आते जाते हैं. इन बसों में किराए के रूप में उन्हें न्यूनतम सात और अधिकतम 42 रुपये देने होते हैं. सभी सिटी बसों में जीपीएस ट्रैंकिग सिस्टम और कैमरे लगे हैं.

किसानों के लिए अच्छी खबर, अब इस तारीख तक करा सकते हैं गेहूं उपार्जन के लिये पंजीयन

Good news for farmers, now they can register for wheat procurement till this date 10 मार्च तक शासन की उम्मीद के मुताबिक यदि किसानों के पंजीयन हो जाते हैं तो उम्मीद की जा सकती है कि 15 मार्च से राज्य सरकार समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी शुरू कर देगी। ध्यान रहे इस बार रबी विपणन वर्ष 2024-25 में समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी सरकार 2275/- रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से करेगी। इसके बाद सरकार किसानों को बोनस प्रदान करेगी। मध्य प्रदेश के किसानों के लिए मोहन यादव सरकार की तरफ से एक बार फिर राहत भरी खबर आई है। डॉ मोहन यादव सरकार ने समर्थन मूल्य पर गेहूँ उपार्जन के लिए पंजीयन की तिथि को एक बार फिर बढ़ा दिया है। अब किसान 10 मार्च तक समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन के लिए पंजीयन केंद्रों पर जाकर पंजीयन करा सकते हैं। सरकार ने दूसरी बार बढ़ाई पंजीयन की तिथिगेहूं की पैदावार करने वाले किसानों की फसल की चिंता करते हुए मप्र सरकार ने एक बार फिर उन्हें राहत दी है, दूसरी बार गेहूं उपार्जन की तारीख बढ़ाई गई है जिससे किसान अपनी गेहूं की फसल को समर्थन मूल्य पर बेचने के लिए पंजीयन केंद्र या फिर कॉमन सर्विस सेंटर पर जाकर अपना पंजीयन कर सकते हैं। आपको बता दें कि गेहूं उपार्जन की तिथि सबसे पहले 1 मार्च निर्धारित की गई थी जिसे बढाकर हाल ही में 6 मार्च किया गया था अब इसे फिर बढ़ाकर 10 मार्च किया गया है जिससे किसान अपनी फसल आसानी से समर्थन मूल्य पर बेच सकें 10 मार्च तक करवा सकते है पंजीयन दरअसल, रबी विपणन वर्ष 2024-25 में समर्थन मूल्य पर गेहूँ की खरीदी सरकार कर रही है इसके लिए किसानों से पंजीयन केंद्रों या फिर कॉमन सर्विस सेंटर पर जाकर अपना पंजीयन कराने के लिए कहा गया है, सरकार ने पैदावार को देखते ही पंजीयन के लिए एक मार्च तक तिथि निर्धारित की थी लेकिन पंजीयन की धीमी गति को देखते हुए सरकार ने 1 मार्च को तिथि एक सप्ताह बढ़ाकर 6 मार्च कर दी, लेकिन जब कल 6 मार्च को पैदावार की तुलना में पंजीयन की गाठी धीमी देखते हुए फिर एक बार तारीख बदली और इसे बढ़ाकर 10 मार्च कर दिया है । किसानों के लिए ये सुविधा भी उपलब्धकिसानों की जानकारी के लिए बता दें कि वे सुबह 7 से रात 9 बजे तक अपने मोबाइल फोन से शासन द्वारा बनाये गए पंजीयन केंद्रों या फिर कॉमन सर्विस सेंटर पर जाकर अपना निशुल्‍क रजिस्‍ट्रेशन/पंजीयन कर सकते हैं। इतना ही नहीं किसान ग्राम पंचायत कार्यालयों में स्थापित किसान सुविधा केंद्र, सहकारी समिति, महिला स्व-सहायता समूह आदि केंद्रों पर जाकर निःशुल्क पंजीयन करवा सकते हैं। 15 मार्च से खरीदी शुरू होने की उम्मीद10 मार्च तक शासन की उम्मीद के मुताबिक यदि किसानों के पंजीयन हो जाते हैं तो उम्मीद की जा सकती है कि 15 मार्च से राज्य सरकार समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी शुरू कर देगी। ध्यान रहे इस बार रबी विपणन वर्ष 2024-25 में समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी सरकार 2275/- रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से करेगी। इसके बाद सरकार किसानों को बोनस प्रदान करेगी।

डायबिटीज के मरीजों के लिए हैं वरदान , पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं मोरिंगा के पत्ते

Moringa leaves are a boon for diabetic patients, they are rich in nutrients. मोरिंगा की फली का इस्तेमाल कई तरह के भोजन बनाने के लिए किया जाता है। लेकिन क्या आप जानते है कि न सिर्फ इसकी फली बल्कि पत्ते भी हमारी सेहत के लिए काफी फायदेमंद होते हैं। डायबिटीज कंट्रोल से लेकर पाचन बेहतर करने तक इसके कई फायदे हैं।मोरिंगा की फली का इस्तेमाल कई तरह के भोजन बनाने के लिए किया जाता है। लेकिन क्या आप जानते है कि न सिर्फ इसकी फली बल्कि पत्ते भी हमारी सेहत के लिए काफी फायदेमंद होते हैं। डायबिटीज कंट्रोल से लेकर पाचन बेहतर करने तक इसके कई फायदे हैं। खुद को हेल्दी रखने के लिए हम कई चीजें को अपनी डाइट में शामिल करते हैं। फलों हो या हरी सब्जियां ये सब हमारे हेल्दी डाइट का ही एक हिस्सा होती हैं। इन्हीं में से एक है सहजन की फली जिसका इस्तेमाल लोग सब्जी के रूप में करते हैं। खासकर सांभर बनाने के लिए इसका बहुत इस्तेमाल होता है। लेकिन क्या आपके पता हैं कि सहजन की सिर्फ फली ही नहीं इसके पत्ते भी हमारे सेहत के लिए फायदेमंद हैं। सेहजन की पत्तियों में कई पोषक तत्व होते हैं जो सेहत को दुरूस्त रखने में मदद करते हैं। ऐसे में इन पत्तों को अपनी डाइट में शामिल करके आप कई बीमारियों से बच सकते हैं। डायबिटीज में असरदारअगर आप भी डायबिटीज से परेशान है तो ये आपके बहुत काम आ सकती हैं। डायबिटीज के मरीजों के लिए सहजन के पत्ते किसी वरदान से कम नहीं हैं। ये हमारे बॉडी में ब्लड शुगर के लेवल को स्थिर करने में योगदान देती हैं। जिसका सकारात्मक प्रभाव डायबिटीज मरीजों पर पड़ता है। इतना ही नहीं ये हमारे शरीर की इम्यूनिटी को भी मजबूत रखने में मदद करता है। बेहतर बनाए पाचनआप भी अगर पाचन संबंधी समस्याओं से जूझ रहे हैं तो ये आपके काम आ सकती है। जी हां सहजन की पत्तियां आपके पाचन संबंधी समस्या के बेहतर बनाने के काम आ सकती है। इसकी पत्तियों में एंटीबायोटिक और एंटी-बैक्टीरियल जैसे गुण मौजूद होते हैं, जो पाचन को बेहतर बनाने का काम करते हैं। विटामिन से भरपूरमोरिंगा की पत्तियां विटामिन ए, विटामि सी, विटामि बी1, फोलेट, आयरन, कैल्शियम जैसे कई विटामिन की मात्रा पाई जाती है। इसके सेवन से हाई ब्लड प्रेशर, हार्ट डिजीज, कैंसर जैसी कई बीमारियों के लिए फायदेमंद है। इन पत्तियों को अपने डाइट में शामिल करके आप कई बीमारियों से बच सकते हैं। Disclaimer – इस लेख में दी गई सूचनाएं सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है। सहारा समाचार इनकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ की सलाह लें।

संघ के एमडी एक्शन मूड में, सीईओ और उत्पादन प्रभारी की ली क्लास, तीन साल का ब्यौरा मांगा

Sangh’s MD in action mood, asks for details of CEO and production in-charge, details of three years भोपाल। लघु वनोपज संघ के प्रबंध संचालक बिभाष ठाकुर ने अब एक्शन मूड में नजर आ रहें हैं। मंगलवार को प्रसंस्करण एवं अनुसंधान केंद्र (एमएफपी पार्क) बरखेड़ा पठानी के सीईओ और  प्रभारी प्रबंधक उत्पादन की जमकर क्लास ली। ठाकुर ने गत 3 साल में केंद्र में खरीदी गई जड़ी- बूटी समेत अन्य सामग्रियों का पूरा ब्यौरा मांगा है। प्रबंध संचालक द्वारा प्रसंस्करण केंद्र में उत्पादन से संबंधित समीक्षा बैठकों में कई बिंदुओं पर उत्पादन प्रभारी प्रबंधक सुनीता अहिरवार को सुधार करने की कड़ी चेतावनी दी है।  संघ के प्रबंध संचालक ठाकुर ने प्रशंसकरण एवं अनुसंधान केंद्र में लंबे समय से हो रही गड़बड़ियों को गंभीरता से लिया है। मंगलवार को बातचीत में ठाकुर ने अनौपचारिक चर्चा में बताया कि मैंने सीईओ पीजी फुलजले और उत्पादन प्रभारी प्रबंधक सुनीता अहिरवार से 3 साल में क्रय की गई सामग्रियों को बिंदुवार जानकारी मांगी है। मसलन, कितनी सामग्री, किस संस्था से और किस दर पर खरीदी की गई है ? खरीदी गई सामग्री टेंडर से परचेस किए गए हैं या फिर बिना निविदा बुलाए खरीद ली गई हैं। सभी डिटेल तीन दिन के भीतर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने यह भी बताया कि अप्रैल से नई पॉलिसी लागू करने जा रहे हैं। मुझे उम्मीद है कि इससे गड़बड़ झाले और दलाली पर ब्रेक लगेगा। नई नीति के तहत सभी खरीदी जिला वनोपज यूनियन के अंतर्गत काम करने वाले संग्रहण कर्ताओं से की जाएगी।   4 सालों का उत्पादन रिकॉर्ड भी गायब जानकारी में आया है कि पिछले 4 सालों गंभीर अनियमितताएं की गई। सूत्रों का कहना है कि विगत 4 सालों में लगभग 90 करोड़ रुपये कि दवाईओं का उत्पादन किया गया है। लेकिन उत्पादन का रिकॉर्ड संधारित ही नहीं किया गया है। विगत वर्षों की ख़रीदी का मिलान उत्पादन रिकॉर्ड से ही किया जा सकता है, परंतु उत्पादन रिकॉर्ड के नाम पर बिल वाउचर ही मिल रहे है। जिनका सही प्रमाणीकरण सही तरीक़े से जांच द्वारा ही किया जा सकता है। इस संबंध में न तो पूर्व एसडीओ पर कार्यवाही की गई न ही प्रभारी एसडीओ सुनीता अहिरवार पर कार्यवाही की जा रही है। सीईओ फ़ुलझेले द्वारा केवल एक आदेश निकाल कर इतिश्री कर ली गई है। सुनीता अहिरवार द्वारा भी बिल्डिंग मेंटेन्स, नर्सरी रखरखाव, और फर्जी लेवर दिखा कर करोड़ों रुपए का गड़बड़ झाला किया जा चुका है। दिलचस्प पहलू है कि  अपर प्रबंध संचालक मनोज अग्रवाल के पत्र में दर्शित बिंदुओं पर जांच करने के लिये कोई कमेटी अभी तक नहीं बनी है। तीन आईएफएस आएंगे जांच की जद में  पूर्व एसडीओ पिल्लई के कार्यकाल में हुई अनियमितताएँ उस अवधि में मुख्यकार्यपालन अधिकारी रहे अफ़सरों की मिली भगत से ही संभव हुआ है। यदि एसडीओ पिल्लई पर कार्यवाही हुई तो बड़े अफ़सर भी जद में आयेंगे। इसमें पूर्व सीईओ एवं सेवानिवृत आईएफएस एलएस रावत, एपीसीसीएफ विवेक जैन वर्तमान में वन विकास निगम में प्रभारी एमडी और  प्रधान मुख्य वन संरक्षक डॉ दिलीप कुमार पर भी चार्जशीट बन सकती है। इन तीन आईएफएस अफसर को बचाने के लिए जांच कमेटी का गठन नहीं किया जा रहा है।

हमीदिया अस्पताल को रोबोटिक सर्जरी के लिए किया जा रहा तैयार

Hamidia Hospital is being prepared for robotic surgery भोपाल ! इस साल के अंत तक हमीदिया अस्पताल में रोबोटिक्स तकनीक से घुटने और कूल्हे के आपरेशन शुरू करने की तैयारी। राजधानी भोपाल के हमीदिया अस्पताल में जल्द ही घुटने और कूल्हे (नी एंड हिप रिप्लेसमेंट) की रोबोटिक सर्जरी को शुरु करने की तैयारियों में जुट गया है। अब तक सिर्फ प्रदेश के निजी अस्पतालों में नी और हिप की सर्जरी होती है। प्रदेश के एम्स को छोड़ किसी सरकारी अस्पताल में यह सुविधा पहली बार शुरू होने जा रही है। रिप्लेसमेंट के लिए इसकी शुरुआत दिसंबर 2024 तक की जाएगी, जिसकी कार्ययोजना काम किया जा रहा है। विभाग के अधिकारियों की मानें तो साल के अंत तक इसकी सुविधा सर्जरी वाले मरीजों को मिलना भी शुरू हो जाएगी। गांधी मेडिकल कालेज से मिली जानकारी के अनुसार इसके लिए बेंगलुरु की एक निजी कंपनी से अस्पताल के विशेषज्ञ संपर्क में भी हैं। क्या है रोबोटिक नी रिप्लेसमेंट रोबोटिक सर्जरी कंप्यूटराइज्ड डिवाइस से की जाएगी, जो चिकित्सक के सहयोगी के रूप में काम करेगी। इसमें सर्जरी के दौरान चिकित्सक रोबोटिक सेटअप का रिमोट हाथ में पहनते हैं। इसमें लगे कैमरे और सेंसर रोबोट घुटने के सारे मूवमेंट और स्थिति को नोट कर उसकी थ्रीडी इमेज तैयार करते हैं। थ्रीडी इमेज के हिसाब से रोबोट सर्जरी का सटीक प्लान तैयार करता है। वह चिकित्सक को बताता है कि हड्डी कितनी खराब है, कितनी और किस जगह से काटने पर क्या परिणाम आ सकते हैं। आपरेशन एक विशेष कंसोल में बैठा सर्जन आपरेशन का काम संभालता है। सर्जन को आपरेशन करने वाली जगह का एक बड़ा 360 डिग्री दृश्य दिखता है। इसके अलावा साथ खड़ा चिकित्सक इस बात की जानकारी देता है कि उपकरण सही जगह पर जाकर अपना काम कर रहा है। रिप्लेसमेंट के तीन दिन बाद अस्पताल से मिलेगी छुट्टी अब तक यह सारे आकलन चिकित्सक अपने विवेक और अनुभव के आधार पर करते थे। अब चिकित्सक के पास सटीक आकलन और प्लान होगा। इससे सर्जरी काफी आसान हो जाएगी। यही नहीं, रोबोटिक सर्जरी में इंप्लांट की उम्र 10 साल तक बढ़ जाती है और सर्जरी फेल होने का खतरा न के बराबर होता है। यह सर्जरी इतनी सटीक होती है कि रिप्लेसमेंट के तीन दिन बाद ही मरीज को डिस्चार्ज कर दिया जाता है। इनका कहना हैरोबोटिक सर्जरी को लेकर काम काफी समय से चल रहा है। इसके पूर्व में भी इस सर्जरी के लिए डेमों विशेषज्ञों के सामने हो चुका है। वर्ष 2024 के अंत तक में इसकी शुरुआत करने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार हो सकेगा। इतना ही नहीं तकनीकी को बढ़ाने के लिए हम लगातार प्रयासरत हैं, बाहर के विशेषज्ञों से इसे लेकर लगातार संपर्क में हैं, जिससे इसकी सफलता की जानकारी दी जा सके।

भोपाल मेट्रो की ऑरेंज लाइन के दूसरे फेज की प्रक्रिया शुरू

Process for second phase of Bhopal Metro’s Orange Line begins मुख्यमंत्री के भूमि पूजन के बाद भोपाल मेट्रो कंपनी शुरू करेगी प्रक्रिया सुभाष नगर से करोंद तक 8.77 किलोमीटर लंबा ट्रैक बिछेगा, जिसमें अंडर ग्राउंड ट्रैक और दो स्टेशन भी रहेंगे भोपाल। भोपाल मेट्रो की ऑरेंज लाइन के दूसरे फेज सुभाष नगर से करोंद तक 8.77 किलोमीटर लाइन बिछाने के काम की प्रक्रिया बुधवार से शुरू हो रही है। इस पर कुल 1540 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इस फेज की में भी पहले फेज की तरह 8 स्टेशन बनेंगे। 3.39 किलोमीटर रूट अंडर ग्राउंड होगा और इसी में 2 मेट्रो स्टेशन भी रहेंगे। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने इसफेस का वर्चुअली भूमिपूजन मंगलवार को किया। मेट्रो की ऑरेंज लाइन एम्स से करोंद तक बिद रही है। यह रूट कुल 14.99 किलोमीटर लंबा है। इसमें सुभाष नगर से एम्स के बीच 6.22 किलोमीटर का प्रायोरिटी कॉरिडोर है। 8 में से 5 स्टेशनों के बीच अक्टूबर 2023 में ट्रायल रन होने के बाद अब कमर्शियल रन की तैयारी है। जबकि मई जून में कमर्शियल रन का लक्ष्य लेकर मेट्रो कंपनी लेकर चल रही है। इसलिए 3 स्टेशन डीआरएम ऑफिस के साथ एम्स और अलकापुरी तक काम तेजी से चल रहा है। वहीं डीआरएम ऑफिस तिराहे पर स्टील ब्रिज बनाने का काम काफी तेजी से चल रहा है। इसके साथ ही अब सुभाष नगर से करोंद तक के रूट को लेकर भी काम शुरू हो रहा है। कुल 8.77 किलोमीटर के लिए टेंडर प्रोसेस होने के बाद भूमिपूजन किया गया। दो फेज में काम होगा। साढ़े 3 साल में काम पूरा करने का टारगेट रहेगा। इसी अवधि में स्टेशन और ट्रैक बिछाया जाएगा। इन 6 जगहों पर बनेंगे मेट्रो स्टेशनपुल बोगदा, ऐशबाग, सिंधी कॉलोनी, डीआईजी बंगला, कृषि उपज मंडी करोंद। वहीं 3.39 किलोमीटर रूट अंडरग्राउंड होगा। इसमें 2 मेट्रो स्टेशन भोपाल रेलवे स्टेशन व नादरा बस स्टैंड भी रहेंगे। यह काम अलग कंपनी करेगी। अंडरग्राउंड रूट के लिए टेक्निकल और फाइनेंशियल बिड पहले ही खुल चुकी है। यह पूरा काम 890 करोड़ रुपए में होगा। इसकी प्रक्रिया भी पूरी हो गई है। काम शुरू होने के बाद साढ़े 3 साल में पूरा करने का टारगेट रहेगा। मेट्रो की दोनों लाइन का यह अकेला अंडरग्राउंड हिस्सा रहेगा।यहां से अंडरग्राउंड गुजरेगी मेट्रोसुरंगें सिंधी कॉलोनी व ऐशबाग क्रॉसिंग से होती हुई भोपाल स्टेशन और नादरा बस स्टैंड को स्टेशनों के माध्यम से जोड़ेगी।

विधायक रामेश्वर शर्मा का घर हुआ “मोदी का परिवार”MLA Rameshwar

Sharma’s house became “Modi’s family” कार्यालय और आवास की दीवारों “मैं हूँ मोदी का परिवार” के पोस्टर लगवाए अपने खानदान को देश मानने वाले परिवारवादियों को मोदी से पीढ़ा होना स्वाभाविक है। – रामेश्वर शर्मा भोपाल। अपने नवाचार, रचनात्मकता और कलपज्ञ बुद्धि के लिए प्रसिद्ध भोपाल की हुजूर विधानसभा के विधायक रामेश्वर शर्मा एक बार फिर सुर्खियों में आ गए हैं। एक ओर जहां लालू प्रसाद यादव के मोदी के परिवार पर टिप्पणी के बाद मोदी समर्थकों ने अपनी सोशल मीडिया पर नाम के साथ मोदी का परिवार लिखा तो वहीं दूसरी ओर विधायक रामेश्वर शर्मा ने अपनी सोशल मीडिया पर नाम परिवर्तन के साथ ही रचनात्मक बुद्धि का परिचय देते हुए एक और नवाचार किया है। श्री शर्मा ने मालवीय नगर स्थित अपने कार्यालय ‘युवा सदन’ एवं अपने पत्रकार कॉलोनी स्थित निवास के बाहर “मैं हूँ मोदी का परिवार” का पोस्टर लगवाया है। जो कि तिराहे से आवागमन करने वाले के आकर्षण का केन्द्र बन रहा है। विधायक रामेश्वर शर्मा का यह नवाचार लोगों द्वारा खूब पसंद किया जा रहा है। राहगीर यहां रुककर पोस्टर के साथ अपनी सेल्फी ले रहे हैं।पोस्टर कैंपेन से सुर्खियों में आए विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि – जिन्होंने अपने परिवार को ही देश मानकर परिवार पोषण के लिए देश को ताक पर रख दिया था, आज उन्हें संपूर्ण देश को अपना परिवार मानने वाले मोदी जी से दिक्कत होना तय है। मोदी जी के कारण उनकी परिवारवादी राजनीति का खात्मा हो रहा है, भ्रष्टाचार में डूबे परिवारों की दुकान बंद हो गई है, इसलिए वह बौखला गए हैं। और मोदी जी के परिवार पर सवाल उठा रहे हैं। लेकिन कल से आज तक पूरा देश देख रहा है कि मोदी का परिवार कितना बड़ा है। देश का हर जवान, किसान, महिलाओं और बुजुर्गों ने सामूहिकता के साथ दिखा दिया कि मोदी जी अकेले नहीं है। यह देश उनका परिवार है। जिस तरह मोदी जी अपने परिवार की सेवा के लिए दिनरात परिश्रम पर उन्हें सुविधा दिलाते हैं, उसी तरह देशवासी भी मोदी जी के हाथ मजबूत करने के लिए तन-मन-प्राण से खड़े हैं। इसी का परिणाम है कि आज मोदी का परिवार बढ़ता जा रहा है और परिवारवादियों का सफाया होता जा रहा है। उन्होंने आगे कहा कि – मोदी जी के परिवार ने ठान लिया है कि इस बार मोदी जी को 400 पार का आशीर्वाद देना है।

अब पुलिस वेरीफिकेशन के बाद ही बनेगा कमर्शियल ड्राइविंग लाइसेंस

Now commercial driving license will be issued only after police verification भोपाल। अब प्रदेश में कमर्शियल ड्राइविंग लाइसेंस बनवाना आसान नहीं होगा। लाइसेंस देने से पहले क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय संबंधित व्यक्ति का पुलिस वेरीफिकेशन कराएगा। उसके बाद ही लाइसेंस इश्यू होगा। परिवहन विभाग ने यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह गाइड लाइन बनाई है। पहले क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय से कमर्शियल ड्राइविंग लाइसेंस आसानी से बन जाता था। चालक का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं देखा जाता था। परिवहन मुख्यालय ने कमर्शियल लाइसेंस के नए नियम बना दिए हैं। मुख्यालय से क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय को पत्र मिलने के बाद इस नियम को लागू कर दिया, जो भी व्यक्ति कमर्शियल ड्राइविंग लाइसेंस लेने का आवेदन कर रहा है, उसका सबसे पहले पुलिस वेरीफिकेशन कराया जाएगा।

50 बार निरीक्षण, फिर भी ठीक नहीं हुआ भोपाल स्टेशन का ड्रेनेज सिस्टम

Inspection done 50 times, still drainage system of Bhopal station not fixed भोपाल। मेंटेनेंस के लिए करोड़ों रुपए का बजट और दो साल में 50 से ज्यादा निरीक्षण के बाद भी अधिकारी भोपाल रेलवे स्टेशन का चोक अंडर ग्राउंड ड्रेनेज सिस्टम ठीक नहीं करा सके। यह सिस्टम बीते छह महीने से चोक है। नालियों से गंदे पानी की निकासी नहीं होती, मच्छर पनपते हैं। गंदगी के कारण चूहे, कॉकरोच पनप रहे हैं। आम यात्रियों को इनका शिकार होना पड़ रहा है। जबकि पूर्व में तत्कालीन जीएम सुधीर गुप्ता, तत्कालीन डीआरएम सौरभ बंदोपाध्याय व अन्य अधिकारियों ने निरीक्षण कर समस्या का समाधान करने के दिशा-निर्देश दे चुके है। लेकिन समस्यां जस के तस बनी हुई है। बता दें कि भोपाल रेलवे स्टेशन का अंडर ग्राउंड ड्रेनेज सिस्टम चोक है। इसके कारण प्लेटफार्म-2 व 6 के बीना छोर और प्लेटफार्म-1 के इटारसी छोर के चैंबर पिछले माह से बंद पड़े हैं। ब्रांच प्रमुखों में समन्वय की कमी भोपाल स्टेशन के कायाकल्प के लिए कुछ ब्रांच प्रमुख गंभीर नहीं हैं। इसका नालियों का स्लोप ठीक नहीं होना। तो वहीं वेटिंग रूम के शौचालयों के पाइप टूटे है। जिससे कई बार यूज करने पर यात्रियों को गंदगी का सामना करना पड़ रहा है।

एंबुलेंस व कार की आमने-सामने टक्कर, चार घायल

Ambulance and car collide head-on, four injured भोपाल ! राजधानी के बिलखारिया थाना क्षेत्र में एक एंबुलेंस और कार की आमने-सामने टक्कर हो गई। घटना गुरुवार-शुक्रवार की दरमियानी रात की है। टक्कर की वजह से एंबुलेंस का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उसका चालक सीट पर ही फंसकर रह गया। कार को भी क्षति पहुंची। टक्कर की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण दौड़कर आए और क्षतिग्रस्त वाहनों से लोगों को बाहर निकाला। एंबुलेस चालक को दरवाजा तोड़कर बाहर निकालना पड़ा। इस हादसे में चार लोगों के घायल होने की सूचना है, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है

बीयू में 4000 रुपए स्पेशल लेट फीस देकर पहले पेपर दो बाद में भरो परीक्षा फार्म

Pay special late fee of Rs 4000 in BU, give paper first and fill exam form later. भोपाल। बरकलउल्ला विश्वविद्यालय की कार्यपरिषद ने विवि के विद्यार्थियों के भविष्य को देखते हुए बड़ा निर्णय लिया है। इस फैसले का लाभ अब परीक्षार्थियों को मिलेगा। कार्यपरिषद की हुई बैठक में पिछले दिनों यह निर्णय लिया गया है कि विवि के किसी भी पात्र छात्र के भविष्य को देखते हुए विवि उसे परीक्षा से वंचित नहीं करेगा। यदि कोई छात्र जो उस परीक्षा में बैठने की पात्रता रखता है और वह परीक्षा शुरू होने के दिन भी सीधे किसी भी परीक्षा केंद्र पर उपस्थित होता है, तो उससे 4000 रुपए विशेष विलंब शुल्क परीक्षा केंद्र पर जमा कराते हुए उसे परीक्षा में बैठने की अनुमति दी जाएगी। इसके साथ ही छात्र पहले पेपर में शामिल होने के बाद संबंधित कॉलेज में पहुंच कर परीक्षा आवेदन पत्र भरने की प्रक्रिया पूरी कर सकेगा। बीयू के रजिस्ट्रार ने अब इस आशय का आदेश भी जारी कर दिया है।

भाजपा केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक आज, लोकसभा प्रत्याशियों की पहली सूची हो सकती है जारी

BJP Central Election Committee meeting today, first list of Lok Sabha candidates may be released भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक गुरुवार शाम को दिल्ली में होगी। इसमें लोकसभा प्रत्याशियों के नाम पर मुहर लग सकती है। जिसके बाद भाजपा लोकसभा प्रत्याशियों की सूची जल्द ही जारी कर सकती है। भोपाल ! मध्य प्रदेश की 29 लोकसभा सीटों के प्रत्याशियों के नाम पर सीईसी की बैठक में फैसला हो सकता है। जिसमें से 10 से 12 प्रत्याशियों के नाम की भाजपा जल्द घोषणा कर सकती है। बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मध्य प्रदेश से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा शामिल होंगे। बैठक में भाजपा जातिगत समीकरण के साथ चेहरे तय करने वाली सीटों पर नाम तय कर घोषित कर सकती है। इसमें छिंदवाड़ा, मंडला, धार, खंडवा समेत अन्य सीटे हैं। वहीं, सुरक्षित सीटों पर पार्टी बाद में प्रत्याशी की घोषणा कर सकती है। नए चेहरों को मौकाभाजपा इस बार नए चेहरों को मौका दे सकती है। वहीं, तीन से ज्यादा बार के सांसदों से दूरी बनाएगी। इस बार भाजपा चुनाव को अपने पक्ष में मान कर चल रही है। ऐसे में नए और युवा चेहरों को मौका देकर पीढ़ी परिवर्तन का संदेश देना चाहती है। वहीं, वरिष्ठ सांसदों को कोई दूसरी जिम्मेदारी दे सकती है। भाजपा ने सात सांसदों को विधानसभा चुनाव लड़ाया था। इसमें से दो सीट पर सांसद विधानसभा का चुनाव हार गए थे। वहीं, पांच सीट मुरैना, दमोह, होशंगाबाद, सीधी, जबलपुर सीट से सांसदों के विधानसभा चुनाव लड़ने के बाद खाली हो गई थी। इन सातों सीटों पर पार्टी नए प्रत्याशी को मौका दे सकती है। इसके अलावा पार्टी आधे से ज्यादा सीटों पर मौजदों सांसदों के टिकट काटेंगी। इनके नाम की चर्चाभोपाल- पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान, वीडी शर्मा, रामेश्वर शर्मा, आलोक शर्मा।इंदौर- शंकर लालवानी, रमेश मेंदोला, गौरव रणदिवे, पुष्यमित्र भार्गव, जीतू जिराती।जबलपुर- विनोद गोटिया, आशीष दुबे, प्रशांत सिंह।ग्वालियर-ज्योतिरादित्य सिंधिया, नरोत्तम मिश्रा, जयभान पवैया।गुना- ज्योतिरादित्य सिंधिया, केपी यादव।मुरैना- नरोत्तम मिश्रा, भारत सिंह कुशवाह, रणवीर सिंह रावत।भिंड- लाल सिंह आर्य, रणवीर जाटव, इमरती देवी।दमोह- प्रहलाद पटेल, गोपाल भार्गव, प्रीतम लोधी, ऋषि लोधी।सतना- डॉ. नदिता पाठक, सपना वर्मा, नरेंद्र त्रिपाठी, गणेश सिंह।सीधी- शरदेंदु तिवारी, कांतदेव सिंह, केके तिवारी।छिंदवाड़ा- नत्थन शाह कवरेती, उत्तर ठाकुर, बंटी साहू।होशंगाबाद- दर्शन सिंह, भारत सिंह।विदिशा- शिवराज सिंह चौहान, रामपाल सिंह, श्याम सुंदर।

कांग्रेस का आरोप: स्कूल शिक्षा विभाग में टैक्सी घोटाला, इनोवा के नाम पर दिया स्कॉर्पियो का किराया

Congress alleges: Taxi scam in School Education Department, Scorpio fare given in the name of Innova भोपाल। कांग्रेस ने स्कूल शिक्षा विभाग में वाहन बिल घोटाले का आरोप लगाया है। लाइट नहीं होने पर कैंडल लाइट प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाते हुए बताया कि तत्कालीन विभागीय मंत्री इंदर सिंह परमार के स्टाफ के लिए इस्तेमाल छह वाहनों के बिल में फर्जीवाड़ा किया गया। एक वाहन के लिए 13 महीने में 8 लाख 62 हजार 236 रुपए का भुगतान किया गया। राज्य शिक्षा केंद्र में इस गाड़ी का नाम मारुति सियाज और रजिस्ट्रेशन नंबर एमपी04-सीडब्ल्यू-9950 दर्ज है। परिवहन विभाग से पता करने पर यह रजिस्ट्रेशन नंबर हुंडई क्रेटा को अलॉट मिला। यही नहीं मंत्री के नाम पर आवंटित एक अन्य वाहन को 11 महीने में कुल 17,92,133 रुपए का भुगतान किया गया। इस मामले में लोकायुक्त को संज्ञान लेकर कार्रवाई करने की मांग की है। मप्र कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष केके मिश्रा, मप्र कांग्रेस के उपाध्यक्ष जेपी धनोपिया और मप्र कांग्रेस सूचना का अधिकार प्रकोष्ठ के अध्यक्ष पुनीत टंडन ने बताया कि राज्य शिक्षा केंद्र से सूचना के अधिकार में मिली जानकारी के अनुसार केंद्र में लगे प्राइवेट वाहनों के नाम पर 13 महीनो में करीब 1 करोड़ 75 लाख रुपए का भुगतान श्री ट्रैवल एजेंसी को किया गया। स्कार्पियों को एक माह का 1.80 लाख रुपए का भुगतानस्कूल शिक्षा मंत्री के नाम पर आवंटित वाहन क्रमांक एमपी 04 बीसी 7480 बिल में गाड़ी इनोवा किस्टा दर्ज है, जबकि परिवहन विभाग में संबंधित नंबर की गाड़ी स्कार्पियों दर्ज है। उक्त वाहन का एक माह का बिल भुगतान 01 अप्रैल 2023 से 30 अप्रैल 2023 तक का 1,80,628 रू. का भुगतान किया गया। जबकि वाहन स्कार्पियों है। अनुबंध के अनुसार इनोवा किस्टा को प्रतिमाह लगभग 75,000 रू. प्रतिमाह किराया एवं अतिरिक्त चलने पर 18.50 रू. प्रति किलोमीटर की दर से भुगतान किया गया, जो बिल में उल्लेखित है। सरकार के निर्देशों का खुला उल्लंघनकांग्रेस नेताओं ने कहा कि प्रदेश सरकार के वित्त विभाग की तरफ से जारी सर्कुलर के अनुसार विभाग और कार्यालय क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय में टैक्सी कोटे में रजिस्टर्ड वाहन ही किराए पर ले सकते है। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बावजूद स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत राज्य शिक्षा केंद्र ने वाहन कार्यालय/ स्कूल शिक्षा मंत्री और मंत्री के स्टाफ के लिए ट्रेवल एजेंसी से टैक्सी कोटे की जगह प्राइवेट वाहन लिए गए।

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