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मप्र में डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में नई भाजपा सरकार बनने के 12 दिन बाद आज मंत्रिमंडल का विस्तार होने जा रहा है.

After 12 days of the formation of the new BJP government under the leadership of Dr. Mohan Yadav in MP, today, the expansion of the cabinet is set to take place. विस्तार को लेकर पिछले कई दिनों से मंथन व अटकलों का दौर चल रहा था। नए मंत्रियों को सोमवार दोपहर तीन बजे बाद शपथ दिलाई जाएगी। मोहन सरकार के मंत्रिमंडल की शपथ साढ़े तीन बजे होने वाली है। इसमें 18 कैबिनेट मंत्री, छह राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और चार राज्यमंत्री बनाए जा रहे हैं। यहां देखें लिस्ट कैबिनेट मंत्री –1-प्रदुम्न सिंह तोमर2-तुलसी सिलावट3-एदल सिंह कसाना4-नारायण सिंह कुशवाहा5-विजय शाह6-राकेश सिंह7-प्रह्लाद पटेल8-कैलाश विजयवर्गीय9-करण सिंह वर्मा10-संपतिया उईके11-उदय प्रताप सिंह12-निर्मला भूरिया13-विश्वास सारंग14-गोविंद सिंह राजपूत15-इंदर सिंह परमार16-नागर सिंह चौहान17–चैतन्य कश्यप18-राकेश शुक्लाराज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार )19-कृष्णा गौर20-धर्मेंद्र लोधी21-दिलीप जायसवाल22-गौतम टेटवाल23- लेखन पटेल24- नारायण पवारराज्यमंत्री –25–राधा सिंह26-प्रतिमा बागरी27-दिलीप अहिरवार28-नरेन्द्र शिवाजी पटेल

राजभवन से मंत्री पद की शपथ लेने के लिए विधायकों को पहुंचने लगे फोन

माना जा रहा है कि करीब 28 विधायक मंत्री पद की शपथ ले सकते हैं, इनमें 20 कैबिनेट, 6 को राज्य मंत्री और 2 को स्वतंत्र प्रभार दिया जा सकता है। भोपाल। मध्य प्रदेश में आज दोपहर 3.30 बजे मंत्रिमंडल का विस्तार होने जा रहा है। सुबह सीएम डा मोहन यादव राज्यपाल मंगुभाई पटेल से मिलने पहुंची और उन्हें शपथ लेने वाले मंत्रियों की सूची सौंप दी। इसके बाद से राजभवन से विधायकों को मंत्री पद की शपथ लेने के लिए फोन आने का सिलसिला शुरू हो गया है। दिसंबर को सीएम मोहन यादव के साथ दो डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ला और जगदीश देवड़ा ने डिप्टी सीएम पद की शपथ ली थी।माना जा रहा है कि करीब 28 विधायक मंत्री पद की शपथ ले सकते हैं, इनमें 20 कैबिनेट, 6 को राज्य मंत्री और 2 को स्वतंत्र प्रभार दिया जा सकता है। हालांकि इसको लेकर सरकार द्वारा कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की गई है। आज दोपहर में होने वाले मंत्रिमंडल विस्तार में जिन विधायकों को मंत्री पद की शपथ दिलाई जानी हैं उनमें ये नाम शामिल हैं। 1 एंदल सिंह कंसाना 2 इंदर सिंह परमार 3 नारायण सिंह कुशवाहा 4 विश्वास सारंग 5 प्रद्युम्न सिंह तोमर 6 कृष्णा गौर 7 तुलसी सिलावट 8 नागर सिंह चौहान 9 कैलाश विजयवर्गीय 10 प्रतिमा बागरी 11 प्रहलाद पटेल 12 राकेश शुक्ला 13 राकेश सिंह 14 नरेंद्र शिवाजी पटेल 15 संपतिया उईके 16 राधा सिंह चितरंगी 17 हेमंत खंडेलवाल 18 अजय विश्नोई 19 चेतन कश्यप 20 लखन पटेल 21 गोविंद सिंह राजपूत

मध्यप्रदेश की मोहन यादव सरकार के मंत्रिमंडल का आज विस्तार होने जा रहा है।

The expansion of the Madhya Pradesh Mohan Yadav government’s cabinet is set to take place today. भोपाल में दोपहर साढ़े तीन बजे नए मंत्रियों को शपथ दिलाई जाएगी। माना जा रहा है कि आज 15 से 18 विधायक मंत्रीपद की शपथ ले सकते हैं। 13 दिसंबर को सीएम पद की शपथ लेने के बाद मोहन यादव को कैबिनेट मंत्रियों के नाम फाइनल करने के लिए तीन बार दिल्ली का दौरा करना पड़ा। सीएम यादव ने प्रधानमंत्री मोदी, अमित शाह, जेपी नड्डा से लेकर बीजेपी के तमाम नेताओं से मुलाकात की और जब सभी मंत्रियों के नाम फाइनल हो गए तो कल वो भोपाल लौट गए।15 से 18 मंत्री ले सकते हैं शपथबीजेपी सूत्रों का कहना है कि आलाकमान ने मंत्रियों के सभी पदों पर नामों को हरी झंडी दे दी है। संभावना है कि पहले विस्तार में इनमें से 15 से 18 मंत्री शपथ ले सकते हैं। हालांकि मंत्रिमंडल में कौन-कौन विधायक शामिल होंगे, इसकी आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है। सीएम मोहन यादव ने आज सुबह 9 बजे राज्यपाल से मिलने का समय लिया है। जहां वो उन्हें वे नाम सौंपेंगे जो मंत्री के रूप में शपथ लेने वाले हैं। शपथ ग्रहण राजभवन में होगा, जिसकी तैयारियां पूरी कर ली गईं हैं। मुख्यमंत्री मोहन यादव मंत्रियों की शपथ से पहले इंदौर जाएंगे। जहां वे कनकेश्वरी धाम परिसर में हुकुमचंद मिल के मजदूरों के बकाया भुगतान कार्यक्रम में शामिल होंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इस कार्यक्रम में वर्चुअली जुड़ेंगे। इस दौरान वे श्रमिकों को संबोधित भी करेंगे। मध्य प्रदेश के नए मंत्रिमंडल में ये हो सकते हैं संभावित मंत्री-कैलाश विजयवर्गीयप्रहलाद पटेलराकेश सिंहराव उदय प्रतापविश्वास सारंगतुलसी सिलावटरीति पाठकसंजय पाठकरामेश्वर शर्मागोविंद सिंह राजपूतप्रद्युम्न सिंह तोमरबृजेन्द्र सिंह यादवकृष्णा गौररमेश मेंदोलाअर्चना चिटनीसऊषा ठाकुरसीतासरन शर्माचेतन्य कश्यपघनश्याम चंद्रवंशीबता दें कि मध्यप्रदेश में मंत्रिमंडल के सदस्यों की अधिकतम संख्या मुख्यमंत्री समेत 35 हो सकती है। पिछले महीने हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 163 और कांग्रेस ने 66 सीटें जीती थीं।

कमीशन के लिए दुकान के नौकर आपस में लड़े, सीने में नुकीला हथियार से हत्या.

Shop employees fought over commission, one killed with a sharp weapon to the chest. कमीशन के लिए दुकान के नौकर आपस में लड़े, सीने में नुकीला हथियार से हत्यानोट खबर की फोटो मेल पर है।  -बैरागढ़ स्थित संत हिरदाराम शॉपिंग कांप्लेक्स में रविवार दोपहर हुए विवाद में युवक की निर्मम हत्या  भोपाल। बैरागढ़ थाना क्षेत्र स्थित संत हिरदाराम शॉपिंग कांप्लेक्स में रविवार दोपहर अलग-अलग दुकान में काम करने वाले युवकों के बीच कहासुनी हो गई। कहासुनी बढ़ने पर दोनों में मारपीट हुई और एक युवक ने दूसरे युवक के सीने पर किसी नुकेले हथियार से हमला कर दिया। सीने में हमला होने से युवक गंभीर रूप से घायल हुआ था। उसे निजी अस्पताल ले जाया गया, वहां डॉक्टर ने युवक को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। उसकी तलाश की जा रही है। थाना प्रभारी कमलजीत रंधावा ने बताया कि अंकित सिंह राजपूत मनोज सिंह राजपूत (22) बूढ़ाखेड़ा बैरागढ़ में रहता था। वह संत हिरदाराम शॉपिंग कांप्लेक्स स्थित श्रीमाया कलेक्शन में काम करता था। उसकी दुकान के बगल वाली दुकान में भरत सिंह काम करता है।  दोनों दुकान के बाहर खड़े होकर ग्राहकों को बुलाते थे। इसके बदले उन्हें कमीशन मिलता था। रविवार को भी दोनों अपनी अपनी दुकान मालिकों की दुकान के सामने खड़े थे और ग्राहकों को बुला रहे थे। इसी बात को लेकर दोनों में विवाद हो गया। कहासुनी से शुरू हुआ विवाद लात घूंसो में तब्दील हो गया और देखते ही देखते दोनों ने एक दूसरे पर हमला कर दिया। दुकान के बाहर रखा सामान जो भी हाथ में आता गया वह एक दूसरे पर फेंकते रहे और लातू घूंसे चलते रहे। इसी बीच भरत सिंह के हाथ में कोई नुकीली चीज लग गई और उसने अंकित पर नुकीली चीज से हमला कर दिया। उसके सीने में नुकीली चीज लगने से वह बेसुध होकर गिर गया था। अस्पताल में हुई मौत दोपहर करीब ढाई बजे के आसपास हुए इस विवाद के बाद अंकित को अस्पताल ले जाया गया, वहां सीने में गंभीर चोट होने के कारण उसकी मौत हो गई। थाना प्रभारी रंधावा ने बताया कि घटना के बाद से भरत सिंह फरार है। उसके खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। उसकी तलाश की जा रही है।

कुछ तो था उनकी बातों में…

अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिवस पर विशेष   डॉ.केशव पाण्डेय  भारत जमीन का टुकड़ा नहीं, जीता जागता राष्ट्रपुरुष है… हिमालय मस्तक है तो कश्मीर किरीट है। यह चन्दन की भूमि है…अभिनन्दन की भूमि है…यह तर्पण की भूमि है…यह अर्पण की भूमि है।….सरकारें आएंगी, जाएंगी, पार्टियां बनेंगी, बिगडेंगी मगर ये देश रहना चाहिए। चूंकि देश सर्वोपरि है और एक राजनेता को अव्वल अपने देश के के लिए पूरी निष्ठा से काम करना चाहिए। प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने जब संसद के सत्र में यह बात कही तो वह उस दौर में राजनीतिक  प्रतिबद्धता की गारंटी बन गई। राष्ट्र के प्रति कुछ ऐसी ही सोच रखते थे अटल जी….। 25 दिसंबर को जन्मदिवस पर जानते पत्रकार से प्रधानमंत्री  बनने तक के राजनीतिक सफर की कभी न मिटने वाली अमिट कहानी… भारतीय राजनीति का जीवंत स्मारक बन चुके पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को आज पूरा देश याद कर रहा है। जन-जन के प्रिय अटलजी अपनी राजनीतिक प्रतिबद्धता के लिए जाने जाते थे। पंडित जवाहर लाल नेहरू के बाद वह पहले ऐसे व्यक्ति थे जो लगातार दो बार प्रधानमंत्री बने। अटलजी लगातार 11 वार सदन में पहुंचे। नौ बार लोकसभा और दो बार राज्यसभा के सदस्य रहकर उन्होंने एक कीर्तिमान रचा। इस तरह उन्होंनें करीब पांच दशक तक सक्रिय राजनीति में अपना जीवन व्यतीत किया।  अटलजी छात्र जीवन के दौरान पहली बार राष्ट्रवादी राजनीति में तब आये जब 1942 में ब्रिटिश उपनिवेशवाद के अंत के लिए शुरू किए गए भारत छोड़ो आंदोलन में भाग लिया। उन्होंने पत्रकार के रूप में अपने कॅरियर की शुरुआत की। 1951 में भारतीय जन संघ में शामिल होने के बाद पत्रकारिता छोड़ दी। आजादी के बाद वे एक ऐसे नेता के रूप में उभरे, जिन्होंने विश्व के प्रति उदारवादी सोच और लोकतांत्रिक आदर्शों के प्रति प्रतिबद्धता को महत्व दिया। सभ्यता, संस्कृति और वैभवशाली इतिहास से परिपूर्ण इस देश में वे जहां महिलाओं के सशक्तिकरण और सामाजिक समानता के समर्थन की बात करते थे तो वहीं भारत को दुनिया में एक दूरदर्शी, विकसित, मजबूत और समृद्ध राष्ट्र के रूप में आगे बढ़ते हुए देखने की चाह रखते थे। उद्धरणानुसारः”अपने नाम के ही समान, अटलजी एक प्रतिष्ठित राष्ट्रीय नेता, प्रखर राजनीतिज्ञ, निःस्वार्थ सामाजिक कार्यकर्ता, सशक्त वक्ता, कवि, साहित्यकार, पत्रकार और बहुआयामी व्यक्तित्व वाले व्यक्ति थे”।  शिक्षा के दौरान अनेक साहित्यिक, कलात्मक और वैज्ञानिक उपलब्धियां उनके नाम रहीं। उन्होंने मासिक पत्रिका-राष्ट्रधर्म, हिंदी साप्ताहिक समाचार पत्र- पाञ्चजन्य के अलावा स्वदेश और वीर अर्जुन जैसे दैनिक समाचार-पत्रों का संपादन किया। उन्होंने,  संसदीय यात्रा, मेरी इक्यावन कविताएं, संकल्प काल, शक्ति से शांति, फोर डीकेड्स इन पार्लियामेंट 1957-95, मृत्यु या हत्या, अमर बलिदान, कैदी कविराज की कुंडलियां और न्यू डाइमेंसंस ऑफ इंडियाज फॉरेन पॉलिसी जैसी पुस्तकें लिखीं। –प्रधानमंत्री के रूप में उनका कार्यकाल इतना गौरवशाली रहा कि दो दशक के बाद भी उस कार्यकाल को न सिर्फ याद किया जाता है, बल्कि उस पर अमल भी किया जाता है। पोखरण परमाणु परीक्षण, आर्थिक नीतियों में दूरदर्शि्ृता। आधारभूत संरचना के विकास की बड़ी योजनाएं- राष्ट्रीय राजमार्ग और स्वर्णिम चतुर्भुज योजना अनुपम उदाहरण हैं। ऐसे प्रधानमंत्री कम ही हुए जिन्होंने समाज पर इतना सकारात्मक प्रभाव छोड़ा। उनकी प्रशासनिक क्षमता सुशासन का प्रतीक बनी। अटलजी के 1998-99 के प्रधानमंत्री के कार्यकाल को ’’दृढ़निश्चकय के एक साल’’ के रूप में जाना जाता है। क्योंकि मई 1998 में भारत उन चुनिंदा देशों में शामिल हो गया था जिन्होंने परमाणु परीक्षण को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। फरवरी 1999 में पाकिस्तान बस यात्रा ने उपमहाद्वीप की परेशानियों को सुलझाने के लिए एक नए दौर का सूत्रपात किया। दुनिया भर में इसे प्रशंसा मिली। आपसी समझौते के इस मामले में भारत की ईमानदार कोशिश ने वैश्विक समुदाय में अपनी छाप छोड़ी। लेकिन मित्रता को धोखे के रूप में कारगिल का युद्ध मिला। तब अटलजी ने विषम परिस्थितियों का सफलतापूर्वक मुकाबला किया और सेना ने अपने पराक्रम से विजय हासिल की। कारिगल की जंग को प्रति वर्ष विजय दिवस के रूप में मनाया जाता है।  देश के प्रति उनके निःस्वार्थ समर्पण और 50 वर्ष से अधिक तक देश और समाज की सेवा करने के लिए वर्ष 1992 में भारत का दूसरा सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म विभूषण दिया गया। 1993 में कानपुर विश्वविद्यालय ने मानद डॉक्ट्रेट की उपाधि से नवाजा। 1994 में उन्हें भारत का ‘सर्वश्रेष्ठ सांसद’ चुना गया। मार्च 2015 में उन्हें सर्वोच्च नागरिक सम्मान ’भारत रत्न’ की उपाधि से अलंकृत किया गया। अटल बिहारी वाजपेयी एक नेता तो थे ही साथ ही कविताएं भी लिखा करते थे। उन्होंने देश के लिए भी कविताएं लिखीं। पत्रकार से प्रधानमंत्री बने अटलजी ने चार राज्यों से चुनाव जीतकर भारतीय राजनीति में अपनी छाप छोड़ी थी।  अविवाहित प्रधानमंत्री के रूप में उन्होंने अपनी ईमानदार और निर्लिप्त छवि को कायम रखा। कभी अपना हित नहीं देखा। लोकतंत्रवादी मूल्यों में इतनी गहरी आस्था थी कि हिन्दुत्ववादी होते हुए भी उनकी छवि धर्मनिरपेक्षता वाली रही। अटलजी की विलण प्रतिभा और वाकपुटता को देख, जय प्रकाश नारायण ने कहा था कि “इनके कंठ में सरस्वती का वास है“। जवाहर लाल नेहरू ने वाजपेयी जी को अद्भुत वक्ता की विश्वविख्यात छवि से नवाज था। ऐसे में यह कहना अतिश्योक्ति नहीं होगी कि कुछ तो था उनकी बातों में…जो आज भी लोगों के दिलों-दिमाग पर छाया हुआ है। उनकी जयंती पर शत्-शत् नमन्।।

दागी रेंजर को बचाने सीसीएफ और डीएफओ आमने- सामने.

CCF and DFO face off to save the Ranger. उदित नारायणभोपाल । एक दागी रेंजर को लेकर ग्वालियर सर्कल के सीसीएफ तोमर सिंह सूलिया और श्योपुर डीएफओ चंदू सिंह चौहान आमने-सामने आ गए है। डीएफओ दागी रेंजर के खिलाफ उनके नियम विरुद्ध कृत्य पर कार्यवाई चाहते है। जबकि सीसीएफ सूलिया की इच्छा है कि वह दाग़ रहित रिटायर हो जाए। रेंजर की सेवानिवृत इस माह है।वन विभाग में किसी भी अधिकारी हो या फिर कर्मचारी उनके विरुद्ध जांच कछुआ चाल से की जाती है। इसके कारण कई बार बिना किसी कार्यवाई से वह रिटायर भी जाते है। वर्तमान में सबलगढ़ के गेम रेंज में पदस्थ केएम त्रिपाठी से जुड़ा मामला है। त्रिपाठी की जब 2017-18 में विजयपुर में पोस्टिंग थी तब केम्पा फंड से विभिन्न कार्य कराए गए थे। इन कार्यों के सम्पादन में गड़बड़ी की आशंका जताते हुए बीएल ओझा और बनवारी शर्मा ने विभाग के विजिलेंस को शिकायत की थी। 2019 में की गई शिकायत का आज तक निराकरण नहीं हुआ। हालांकि विजिलेंस के निर्देश पर एसडीओ जोगेन्दर पारदे की अध्यक्षता के कमेटी ने जांच में कई बिन्दुओ पर रेंजर त्रिपाठी को क्लीनचिट दे दी किन्तु पूर्व में जॉच दिलीप आदिवासी एवं पवन आदिवासी द्वारा की गर्य शिकायत पर आनन्द सिंह चौहान उप वनमण्डलाधिकारी विजयपुर द्वारा की गई जांच में पत्र रेंजर केएम त्रिपाठी तत्कालीन वन परिक्षेत्र अधिकारी विजयपुर पश्चिम एवं रामवरन शर्मा उप वनक्षेत्रपाल को अग्नि सुरक्षा के 47,950 रुपये की राशि के फर्जी प्रमाणक तैयार करने के मामले में दोषी ठहराने को कमेटी ने भी दोषी माना है।इनका कहना“मैंने डीएफओ से आरोप पत्र पर अभिमत मांगा है। उनके अभिमत के बाद निर्णय लिया जाएगा।”टीएस सूलिया, सीसीएफ ग्वालियर“मैंने आरोप पत्र के साथ अपना अभिमत भेज दिया है। अगर दोबारा अभिमत मांगा है तो मैं दिखवाता हूं।”सीएस चौहान, डीएफओ श्योपुर

हुकुमचंद मिल मजदूरों को 25 दिसंबर को मिलेगी राहत राशि, मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव

Hukumchand Mill workers will receive relief funds on December 25, says Chief Minister Dr. Mohan Yadav. इंदौर के कनकेश्वरी धाम में आयोजित होगा कार्यक्रम। लंबित देनदारियों के भुगतान से हुकुमचंद मिल के 4 हजार 800 श्रमिकों से जुड़े परिवारों के लगभग 25 हजार लोगों को लाभ मिलेगा। भोपाल। मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव 25 दिसंबर को इंदौर की हुकुमचंद मिल के मजदूरों को 464 करोड़ रुपये की राशि वितरण करेंगे। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर सुशासन दिवस पर इंदौर के कनकेश्वरी धाम में आयोजित हितलाभ वितरण के इस कार्यक्रम से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी वर्चुअली जुड़ेंगे। इस सिलसिले में मुख्यमंत्री ने शनिवार सुबह मंत्रालय में अधिकारियों के साथ बैठक की और इस कार्यक्रम के लिए चल रही तैयारियों की समीक्षा करते हुए जरूरी दिशा-निर्देश दिये। मजदूरों को संबोधित करेंगे पीएम मोदीयहां पर यह बता दें कि हुकुमचंद मिल के मजदूरों की 30 साल से देनदारियां बकाया हैं। देनदारियों के इस भुगतान से हुकुमचंद मिल के 4 हजार 800 श्रमिकों से जुड़े परिवारों के लगभग 25 हजार लोगों को लाभ मिलेगा। इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी मजदूरों को संबोधित भी करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने इंदौर जिला प्रशासन को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि यह राशि सीधे मजदूरों को ही मिले। इस संदर्भ में उन्होंने मजदूर संघों से बात करने के भी निर्देश अधिकारियों को दिए। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बैठक में अधिकारियों से प्रदेश की अन्य बंद मिलों और उनके मजदूरों को होने वाले भुगतान की लंबित जानकारी भी तलब की।

प्रदेश में कोरोना वायरस ने फैलायें पांव, इन्दौर में मिलें दो मरीज़ मिलें

Corona virus spread in the state, two patients found in Indore इंदौर ! मध्य प्रदेश फिर कोरोना ने दस्तक दे दी है। प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में दो कोरोना संक्रमित मरीज मिलने से हड़कंप मंच गया है। इंदौर में एक महिला और पुरुष कोरोना संक्रमित मिले है। दोनों पलासिया क्षेत्र में रहने वाले महिला पुरुष एक ही परिवार से है। दोनों हाल ही में मालदीव से लौटे थे। सप्ताहभर पहले एक मरीज मिला था। वह ठीक हो गया। मध्य प्रदेश में दो कोरोना संक्रमित मिलने से चिंता बढ़ा दी है। दोनों मरीजों को आईसोलेशन में रखा गया है। स्वास्थ्य विभाग ने कोविड प्रोटोकॉल को लेकर दिशा निर्देश जारी किए है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि उनको कोई गंभीर लक्षण नहीं है। इसलिए चिंता की कोई बात नहीं है। सरकार ने पहले ही अलर्ट जारी किया है। इसमें आरटी पीसीआर और रैपिड जांच के निर्देश सरकार ने दिए हैं। अस्पतालों में इलाज के इंतजाम करने के लिए भी कहा गया है। इससे पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी बयान दिया था कि केंद्र की तरफ से जारी गाइडलाइन का पालन करने के निर्देश जारी किए गए है। कोविड समेत दूसरी बीमारियों से निपटने के लिए भी स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह तैयार है। केंद्र ने बुलाई बैठककेरल समेत दूसरे राज्यों में लगातार बढ़ते कोरोना संक्रमित की संख्या को लेकर सरकार अलर्ट हो गई है। केंद्र सरकार ने सभी राज्यों के स्वास्थ्य मंत्री और अधिकारियों की बैठक बुलाई है। इसमें कोरोना प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन करने के साथ ही इलाज के अस्पतालों में तैयारी को लेकर जानकारी साझा की जा सकती है। क्या है नया सब वेरिएंटकेंद्र सरकार की तरफ से बताया गया है कि जेएन.1, एसएआरएस-सीओवी-2 का एक उप्रकार है, जो कोविड-19 का कारण बनता है। इसका एक मामला केरल में सामने आया है। इस सबवेरिएंट को ओमिक्रॉन सबवेरिएंट का ही एक रूप बताया जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह नया वेरिएंट ज्यादा खतरनाक नहीं है। इसमें सर्दी, इन्फ्लुएंजा जैसी बीमारी के हल्के लक्षण हैं। इससे संक्रमित जल्दी ठीक भी हो रहे हैं।

कांग्रेस में हलचल तेज़, लोकसभा चुनाव के लिए बनी, कांग्रेस मेनिफेस्टो कमेटी.

There is a buzz in the Congress, as a manifesto committee has been formed for the Lok Sabha elections. नई दिल्ली ! MP से ओमकार सिंह मरकाम को मिली बड़ी जिम्मेदारी ! लोकसभा चुनाव 2024 के लिए कांग्रेस ने तेज की तैयारियां !एआईसीसी ने लोकसभा इलेक्शन के लिए घोषणा पत्र कमेटी का किया गठन !मध्य प्रदेश से विधायक ओमकार सिंह मरकाम को मिली जगह !वहीं पी चिदंबरम को कमेटी का चेयरमैन और छत्तीसगढ़ से टीएस सिंहदेव को बनाया संयोजक !देखिए सूची…पी. चिदंबरम – अध्यक्ष, टी.एस. सिंहदेव – संयोजक , सिद्धारमैया , प्रियंका गांधी वाड्रा , आनंद शर्मा , जयराम रमेश , डॉ. शशि थरूर , गायखंगम , गौरव गोगोई , प्रवीण चक्रवर्ती , इमरान प्रतापगढ़ी ,के. राजू , ओमकार सिंह , मरकाम , रंजीत रंजन , जिग्नेश मेवाणी , गुरदीप सप्पल

मोहन कैबिनेट जल्द लेंगा शपथ , दिल्ली दरबार बैठक सम्पन्न

The Mohan Cabinet will soon take the oath, and the Delhi meeting has concluded. नई दिल्ली । मध्यप्रदेश के डॉ मोहन यादव मंत्रिमंडल की सारी अड़चनें दूर कर ली गई। मंत्रियों की लिस्ट को शुक्रवार रात अंतिम रूप दे दिया गया। फार्मूले के तहत तीन बार मंत्री रहे चेहरों को मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किया जा रहा। इस बार ऐसे विधायकों को कैबिनेट में जगह दी जा रही है, जो तीन या पांच बार विधायक बने पर कभी मंत्री नहीं बन पाए। जानकारी के मुताबिक 23 या 24 दिसंबर को मंत्रिमंडल शपथ लेगा। मंत्रियों की संख्या भी शायद 20 से ज्यादा नहीं होगी। भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व मुख्यमंत्री की तरह मंत्रिमंडल में भी नए चेहरों को शामिल करना चाहता है। यही कारण है कि तीन से पांच बार विधायक बनने के बाद भी मंत्री नहीं बन सके चेहरों को इस बार मौका देना तय किया गया। अपनी दो दिन की दिल्ली यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के अलावा और भी कई नेताओं से अध्यक्ष जेपी नड्डा, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के अलावा और भी कई नेताओं से मुलाकात की। बताते हैं कि सिंधिया से मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं के बीच कई अहम मुद्दों पर बातचीत हुई। हाईकमान के साथ हुई बैठक में डॉ मोहन यादव ने मंत्रिमंडल की लिस्ट को अंतिम रूप दिया। संभावना है कि 23 या 24 दिसंबर को मंत्रिमंडल विस्तार होप्नाएगा। पार्टी सूत्रों ने बताया कि मंत्रिमंडल शपथ में अधिक विलंब नहीं किया जाएगा। क्योंकि, फिर सभी सांसदों और विधायकों को नरेंद्र मोदी की संकल्प यात्रा के साथ जनता के बीच जाना है। ऐसे में केबिनेट गठन में देरी नहीं की जा सकती। भाजपा हाईकमान ने तय किया है कि मंत्रिमंडल का विस्तार 23 या 24 दिसंबर को कर ही दिया जाए। अभी करीब 20 मंत्रियों को शपथ दिलाई जा सकती है। इनमें ज्यादातर कैबिनेट और कुछ को राज्य मंत्री बनने का मौका मिलेगा। इनके मंत्री बनने की संभावना डॉ मोहन यादव ने जिन संभावित मंत्रियों के नामों पर भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व के साथ चर्चा की उनमें सभी गुटा, जातीय और क्षेत्रीय समीकरणों को साधने की कोशिश की गई। इसके अलावा सबसे ज्यादा ध्यान लोकसभा चुनावों को देखते हुए भी किया गया है। इसके तहत हर लोकसभा क्षेत्र से कम से कम एक विधायक को मंत्री बनने की कोशिश की गई। जिन नामों पर मंत्री बनाए जाने को लेकर चर्चा हुई उनमें विश्वास सारंग, रमेश मेंदोला (या मालिनी गौड़), इंदरसिंह परमार, निर्मला भूरिया, मंजू दादू, एदल सिंह कंसाना, कुंवर टेकाम, संपतिया उइके, ओमप्रकाश धुर्वे, रामेश्वर शर्मा, विष्णु खत्री, कृष्णा गौर, गोविंद राजपूत, प्रद्युम्न सिंह तोमर, तुलसी सिलावट, अंबरीश शर्मा गुड्डू, बृजेंद्र यादव, नीना वर्मा, भगवानदास सबनानी, राकेश सिंह, राजेश सोनकर, रीति पाठक, राजकुमार मेव, दिव्यराज सिंह, ललिता यादव, प्रदीप लारिया, बृजेंद्र प्रताप सिंह, हरिशंकर खटीक, देवेंद्र कुमार जैन, प्रियंका मीणा के नाम शामिल हैं। इनमें से भी कुछ नाम बाहर हो सकते हैं। बड़े नामों पर ये हुआ फैसला सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कैलाश विजयवर्गीय को मंत्रिमंडल में शामिल न करके उन्हें प्रदेश अध्यक्ष बनाने का फैसला किया गया है। यह काम भी मंत्रिमंडल गठन के साथ ही होगा। वीडी शर्मा को केंद्र में मंत्री बनाया जाएगा। राकेश सिंह और रीति पाठक को मंत्री बनाया जा रहा है, जबकि, प्रहलाद पटेल को फिर लोकसभा चुनाव लड़ाया जाएगा। नरेंद्र तोमर को पहले ही विधानसभा अध्यक्ष बनाया जा चुका है।

माल गाड़ी चेक करते समय राजधानी एक्सप्रेस की चपेट में आए लोको पायलेट की मौत

Loco pilot dies after being hit by Rajdhani Express while checking goods train -सूखीसेवनिया स्टेशन पर शुक्रवार दोपहर हुआ हादसा, जीआरपी कर रही जांच भोपाल। सूखीसेवनिया रेलवे स्टेशन शुक्रवार दोपहर स्टेशन पर खड़ी मालगाड़ी चेक करते समय लोको पायलेट लूप लाइन से निकल रही थू्र राजधानी एक्सप्रेस की चपेट में आ गए। राजधानी थू्र होने के कारण जब तक वह कुछ समझ पाते राजधानी उन्हें चपेट में ले चुकी थी। इस हादसे में उनकी मौके पर ही मौत हो गई। जीआरपी ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। थाना प्रभारी जहीर खान ने बताया कि बावड़िया कला शाहपुरा निवासी 46 साल के गणेश गुलबासे भोपाल रेल मंडल में लोको पायलट थे। शुक्रवार दोपहर उन्हे मालगाड़ी लेकर जाना था।शुक्रवार दोपहर करीब ढाई बजे के आसपास वह सूखीसेवनिया रेलवे स्टेशन पर खड़ी मालगाड़ी चेक कर रहे थे। वह इंजन से उतरकर एक तरफ से गाड़ी चेक कर रहे थे, जबकि दूसरी तरफ गार्ड ब्रेक से उतरकर गाड़ी चेक कर रहे थे। इसी बीच लूप लाइन लाइन क्लिीयर हुआ और भोपाल की तरफ से बिलासपुर-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस गुजरी। थ्रू होने के कारण राजधानी करीब 120 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से गुजरी थी। गणेश जब तक गाड़ी का हार्न सुनकर संभल पाते राजधानी उन्हें चपेट में लेकर गुजर गई। उन्हें इंजन की टक्कर लगी थी और वह उछलकर दूर गिरे थे। इस हादसे में गंभीर चोट होने के कारण उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों में प्रवेश के लिए 8 जनवरी तक होंगे ऑनलाइन आवेदन

Online applications for admission in Eklavya Model Residential Schools will be open till January 8 इन विद्यार्थियों के लिए आरक्षणइन विद्यालयों में प्रवेश के लिए विशिष्ट पिछड़ी जनजाति (बैगा, भारिया और सहरिया), विमुक्त जनजातियां और घुमक्कड़ एवं अर्धघुमक्कड़ समुदाय के विद्यार्थियों के लिए सीटें आरक्षित की गईं हैं। साथ ही वे बच्चे, जिन्होंने अपने माता-पिता को वामपंथी उग्रवाद/ उग्रवाद या कोविड आदि के कारण खो दिया है, उनके लिए भी सीटें आरक्षित रखी गई हैं। विधवा महिला की संतान, दिव्यांग माता-पिता की संतान, अनाथ या भूमिदाता वर्गं (जिन्होंने विद्यालय भवन के निर्मांण के लिए भूमि दान की हो) के विद्यार्थिंयों के लिए भी सीटें आरक्षित की गईं हैं।

चार महीने के सरकारी खर्च और योजनाओं की गति के लिए मोहन सरकार लेकर आएगी लेखानुदान.

Mohan government will bring in an audit for the government expenditures and the pace of schemes for the last four months. भोपाल। भाजपा सरकार की 8 महीने में चलाई गई शिवराज सिंह चौहान की योजनाओं में कटौती की जाएगी। इसके पीछे का कारण है कि अक्टूबर तक का बजट सरकार पहले ही खर्च कर चुकी है। अब नई सरकार के सामने चुनौती है की योजनाओं को गति दी जाए और विकास कार्य के प्रोजेक्ट भी पूरे किया जाए। इसके लिए सरकार लेखा अनुदान लेकर आएगी। नए साल में आने वाले 4 महीने के लिए मोहन सरकार पुनरीक्षित बजट तैयार करने की शुरूआत कर दी है। वित्त विभाग में संबंध में सभी विभागों के अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए हैं। उन्हें जल्द से जल्द वित्तीय बजट साल 2023 24 में की गई घोषणाओं के मुताबिक खर्च की जानकारी देनी होगी। किन योजनाओं में कितना पैसा खर्च हो चुका है। इसके अलावा सरकार की तरफ से चलाई जा रही लाडली बहना गेहूं और धान की समर्थन मूल्य पर खरीदी सहित तमाम योजनाओं के लिए राशि की व्यवस्था बचे हुए फंड से की जाएगी।वही संकल्प पत्र के वचन के मुताबिक योजनाओं को गति देने के लिए भी राशि की सरकार के पास जरूरत है। इस बात का आकलन करने के निर्देश जारी किए गए हैं कि आखिर सरकार विकास कार्यों के लिए कितना चार महीने के लिए बजट जारी कर सकती है। जानकारों का कहना है कि सरकार अगर 100 करोड रुपए किसी प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए बजट का प्रावधान करती है। अगर वित्तीय स्थिति प्रोजेक्ट के मुताबिक बेहतर नहीं है तो योजना को गति देने के लिए 20 से 30 फीसदी फंड जारी कर विकास कार्य को जारी रखा जा सकता है। ऐसे ही कोई नई स्कीम की शुरूआत लेखानुदान में नहीं होगी। क्योंकि नई योजना के लिए सलाना वित्तीय बजट जरूरी होता है। जरूरत खर्च और योजना रहेगी प्रथमिकता लोकसभा चुनाव के चलते पड़ा असर, केंद्र के फंड से राज्य सरकार तय करती है बजट

आरजीपीवी: वर्चस्व को लेकर दो गुटों में झगड़ा, एंटी रैगिंग सेल में दर्ज हुई शिकायत.

RGPV: Clash between two factions over dominance, complaint registered in the Anti-Ragging Cell. भोपाल। शुक्रवार को राजीव गांधी प्रौद्यागिकी विश्वविद्यालय में वर्चस्व को लेकर फिर से दो गुटों में झगड़ा हुआ। आरजीपीवी के यूआईटी में प्रथम वर्ष के छात्रों की रैङ्क्षगग को लेकर अंतिम वर्ष के छात्रों के दो गुटों में आपसी बहस के बाद झगड़े की बात सामने आई है। इस मामले में सूत्रों का कहना है कि पहले से सक्रिय भेल ग्रुप का नाम एक बार फिर से सामने आया है। यूआईटी केंपस के बाहर हुए झगड़े में दोनों गुटों के बीच तीखी बहस के बाद धक्कामुक्की हुई। बताया गया है कि दो दिन पहले प्रथम वर्ष के कुछ छात्रों की रैगिंग अंतिम वर्ष के छात्रों ने की थी, जिसको लेकर भेल ग्रुप के छात्रों ने अंतिम वर्ष के छात्रों के साथ मारपीट कर दी। दोनों गुटों के बीच हुई मारपीट में एक छात्र शिवांक बह्मे के सिर में गहरी चोट बताई गई है, जिसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती किया गया है। इस पूरे मामले को एंटी रैगिंग सेल ने भी ऑनलाइन दर्ज कर लिया है। दो दिन से चल रहा झगड़ा अंतिम वर्ष के छात्र जैद खान का कहना है कि प्रथम वर्ष के कुछ छात्रों की रैगिंग दो दिन से ली जा रही थी। कुछ सीनियर्स को इसकी जानकारी मिलने के बाद उन्होंने हम लोगों से पूछताछ की। जैद का कहना है कि जूनियर पुलिस स्टेशन भी गए थे, लेकिन उस समय उनकी रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई। शुक्रवार को पेपर के पहले हम लोग केंपस में कार से जा रहे थे, तभी कुछ सीनियरों ने आकर मारपीट शुरू कर दी। इसमें एक छात्र शिवांग को सिर में चोट आई है।

दस करोड़ का लोन दिलाने का झांसा देकर कारोबारी से सवा चार लाख रुपए की ठगी.

Defrauding a businessman of one and a half million rupees by luring him with the promise of a ten crore loan. भोपाल। एमपी नगर पुलिस ने तेलंगाना के कारोबारी की शिकायत पर एक जालसाज पर धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। जालसाज ने दस करोड़ रुपए का लोन दिलाने का झांसा देकर कारोबारी से 4 लाख 35 हजार रुपए ले लिए। लेनदेन का एग्रीमेंट भी किया था। तय सीमा पर लोन नहीं दिला पाने पर कारोबारी ने अपने रुपए वापस मांगे थे। रुपए नहीं लौटाने पर कारोबारी ने शिकायत की और एमपी नगर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया। पुलिस के अनुसार डॉक्टर देवेंदूकरी पिता सुरेश राव (63) तेलंगाना के है। वे कारोबारी व इन्वेस्टर हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक विज्ञापन देखा था। विज्ञापन अल्फा कंपनी के नाम से था। कंपनी ने अपने विज्ञापन के माध्यम से बताया था कि वह आसान किस्तों पर अधिक से अधिक लोन दिला सकती है। बदले में लोन राशि का एक प्रतिशत भुगतान देना पड़ेगा। दिए गए नंबर पर डॉक्टर देवेंदूकरी की बात लोन दिलाने वाली अल्फा कंपनी के संचालक किरण कुमार रथ से हुई। किरण कुमार रथ ने देवेंदूकरी को अपने दफ्तर एमपी नगर जोन क्रमांक टू स्थित आफिस बुलाया लिया। दफ्तर में बातचीत के दौरान देवेंदूकरी ने बताया कि उन्हे सीएनजी प्लांट में निवेश करना है और 10 करोड़ रुपए के लोन की आवश्यकता है। किरण कुमार ने कहा कि वे 10 करोड़ रुपए के लोन दिला देंगे बदले में कंपनी को 1 प्रतिशत के हिसाब से 10 लाख रुपए देने होंगे। देवेंदूकरी ने 4 लाख 35 हजार रुपए किरण कुमार की कंपनी में जमा करा दिए। 9 अक्टूबर को दोनों पक्षों के बीच अनुबंध भी हो गया।तीस दिन में कराना था लोनदेवेंदूकरी ने पुलिस को बताया कि अनुबंध में तीस दिन के भीतर लोन दिलाने की बात हुई थी, लेकिन एक महीने के भीतर लोन नहीं मिला। देवेंदूकरी ने अपने रुपए वापस मांगे तो आरोपी ने रुपए देने से मना कर दिया। इसके बाद एमपी नगर पुलिस समेत आलाधिकारियों को शिकायती आवेदन दिया गया था। आवेदन जांच के बाद पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर आरोपी किरण कुमार रथ को गिरफ्तार कर लिया। कोर्ट में पेश करने के बाद उसे रिमांड पर लिया गया है। आरोपी से पूछताछ में पता चला कि लोन दिलाने के नाम पर मनीष तिवारी नाम के एक युवक से भी 1 लाख रुपए ले चुका है। पुलिस को आरोपी किरन कुमार के साथी रवि शंकर उर्फ अविनाश दुबे की भी तलाश है।

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