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जेईई मेन्स 2026 में कुशाग्र वर्मा जिले में प्रथम, 99.87 प्रतिशत अंक हासिल कर रचा कीर्तिमान

Kushagra Verma tops district in JEE Mains 2026, creates record by scoring 99.87 percentile विशेष संवाददाता जितेन्द्र श्रीवास्तव  जबलपुर। जेईई मेन्स 2026 की परीक्षा में ए.पी.एन. सी.बी.एस.ई. के प्रतिभाशाली छात्र कुशाग्र वर्मा ने 99.87 प्रतिशत अंक प्राप्त कर जिले में प्रथम स्थान अर्जित कर इतिहास रच दिया। उनकी इस शानदार सफलता से न केवल परिवार, बल्कि विद्यालय और पूरे जिले में हर्ष का माहौल है। कुशाग्र की इस उपलब्धि ने यह सिद्ध कर दिया कि कड़ी मेहनत, अनुशासन और निरंतर प्रयास से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। उनकी सफलता से विद्यालय की प्रतिष्ठा भी नई ऊंचाइयों पर पहुंची है। संस्था अध्यक्ष चमन श्रीवास्तव, महाविद्यालय रजिस्ट्रार मानवेन्द्र सिंह, स्टेट बोर्ड प्राचार्य अजय वर्मा एवं सी.बी.एस.ई. प्रभारी प्राचार्य करन खुराना ने कुशाग्र को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि कुशाग्र की यह सफलता अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत है। कुशाग्र की सफलता में उनके पिता श्री शैलेन्द्र वर्मा एवं माता श्रीमती ऋतु वर्मा का विशेष योगदान रहा, जिन्होंने सदैव उन्हें मेहनत और लगन से आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। साथ ही बड़े भाई कुणाल वर्मा के मार्गदर्शन, बड़ी मां डॉ. झूमा वर्मा एवं बड़ी बहन एडवोकेट डायरेक्टर कृतिका वर्मा के सहयोग ने भी उनकी तैयारी को मजबूत आधार प्रदान किया। कुशाग्र ने अपनी सफलता का श्रेय अपने परिवार, शिक्षकों एवं ए.पी.एन. स्कूल के संचालक डायरेक्टर चमन श्रीवास्तव तथा रजिस्ट्रार मानवेन्द्र सिंह को देते हुए सभी का आभार व्यक्त किया। यह उपलब्धि न केवल कुशाग्र के लिए, बल्कि पूरे जबलपुर जिले के लिए गर्व का विषय बन गई है।

गोरखपुर में धूमधाम से संपन्न हुई भव्य “निशान यात्रा”, हजारों श्रद्धालुओं ने लिया हिस्सा

The grand Nishan Yatra concluded with great fanfare in Gorakhpur, thousands of devotees participated. विशेष संवाददाता: जितेन्द्र श्रीवास्तव कैमरामैन अर्पिता श्रीवास्तव  जबलपुर। गोरखपुर में आस्था और भक्ति का अद्भुत संगम उस समय देखने को मिला, जब श्री खाटू श्याम मंदिर गोरखपुर से भव्य “निशान यात्रा” श्रद्धा और उत्साह के साथ निकाली गई। इस आयोजन में हजारों श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और पूरे नगर में भक्तिमय वातावरण निर्मित हो गया। निशान यात्रा मंदिर परिसर से प्रारंभ होकर शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से होती हुई गुजरी। यात्रा के दौरान श्रद्धालु हाथों में निशान लिए भजन-कीर्तन करते हुए चल रहे थे। जगह-जगह श्रद्धालुओं द्वारा पुष्पवर्षा कर यात्रा का स्वागत किया गया। पूरे मार्ग में जयकारों और भक्ति गीतों से वातावरण गूंजता रहा। आयोजन समिति ने बताया कि कार्यक्रम शांतिपूर्ण और सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। यात्रा के सुचारु संचालन में स्थानीय नागरिकों, स्वयंसेवकों एवं प्रशासन का विशेष सहयोग रहा। सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर भी विशेष इंतजाम किए गए थे, जिससे किसी प्रकार की असुविधा नहीं हुई। पूरे आयोजन के दौरान क्षेत्र में भक्ति, उत्साह और उल्लास का माहौल बना रहा। आयोजकों ने सभी श्रद्धालुओं, सहयोगियों और प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी ऐसे ही धार्मिक आयोजनों के सफल आयोजन का संकल्प दोहराया। यदि आप चाहें तो मैं इसे वेब पोर्टल स्टाइल, अखबार हेडलाइन स्टाइल या सोशल मीडिया पोस्ट फॉर्मेट में भी तैयार कर दूं।

कोर्ट के आदेश की धज्जियां उड़ीं? नीलकंठ महादेव मंदिर की शासकीय भूमि पर दोबारा कब्जे की कोशिश

Court order flouted? Attempt to reclaim government land belonging to the Neelkanth Mahadev Temple संवाददाता चंदा कुशवाह नलखेड़ा । नगर के सर्वे क्रमांक 304 एवं 305 स्थित शासकीय माफी छतरी नीलकंठ महादेव मंदिर की भूमि (रकबा 0.857 हेक्टेयर), जिसका प्रबंधन कलेक्टर महोदय के अधीन है, एक बार फिर अतिक्रमण के कारण चर्चा में है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, मेवाड़ा विश्वकर्मा सामाजिक विभाग एवं सेवा समिति द्वारा मध्य प्रदेश भूमि राजस्व संहिता की धारा 248 के अंतर्गत तहसील न्यायालय में याचिका प्रस्तुत की गई थी। सुनवाई उपरांत तहसील न्यायालय ने नलखेड़ा निवासी पवन विश्वकर्मा सहित अन्य व्यक्तियों को मंदिर की शासकीय भूमि से बेदखल करने का आदेश पारित किया था। न्यायालय ने संबंधित पक्षों पर ₹5000-₹5000 का अर्थदंड भी अधिरोपित किया था तथा पटवारी को अतिक्रमण हटवाकर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे। वर्तमान में प्रकरण क्रमांक 13/2023 में न्यायालय द्वारा उक्त सर्वे क्रमांक 304 एवं 305 पर स्थगन आदेश प्रभावी है। बताया जाता है कि संबंधित पक्ष द्वारा न्यायालय में अंडरटेकिंग प्रस्तुत की गई थी कि प्रकरण लंबित रहने तक न तो स्वयं निर्माण करेंगे और न ही किसी अन्य से करवाएंगे। इसके बावजूद विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार बीते सोमवार को पवन, जगदीश, कमल एवं घनश्याम आदि द्वारा पुनः निर्माण की तैयारी एवं गतिविधियाँ प्रारंभ कर दी गईं। आरोप है कि अन्य व्यक्तियों के साथ सांठगांठ कर निर्माण कार्य आगे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। मंदिर से जुड़े श्रद्धालुओं ने मीडिया के माध्यम से प्रशासन से मांग की है कि न्यायालय के आदेश एवं स्थगन का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराया जाए तथा अवमानना की स्थिति में संबंधितों पर विधिसम्मत कार्रवाई की जाए। अब पूरे प्रकरण में प्रशासनिक कदमों पर नगरवासियों की निगाहें टिकी हुई हैं। न्यायालय के आदेश और ज़मीनी हकीकत के बीच खिंची यह रेखा कब स्पष्ट होगी, यह आने वाले दिनों में तय होगा।

तीन मंत्रियों के खिलाफ कांग्रेस ने किया पुतला दहन, दोषियों पर की कार्यवाही की मांग।

Congress burnt effigies of three ministers and demanded action against the culprits. हरिप्रसाद गोहे आमला। प्रदेश कांग्रेस के आह्वान पर आज नगर के जनपद चौक पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन करते हुए प्रदेश सरकार के तीन मंत्रियों के खिलाफ पुतला दहन किया। पुतला दहन के दौरान पुलिस और कांग्रेसियों के बीच खींचतान देखने को मिली, पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर वाटर केनन का उपयोग किया। कार्यक्रम का नेतृत्व प्रदेश कांग्रेस प्रतिनिधि मनोज मालवे एवं ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष विजेंद्र भावसार ने किया। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने कप सिरप से हुई मौतों के मामले में मंत्री राजेंद्र शुक्ला को जिम्मेदार ठहराया। वहीं सेना और महिलाओं पर कथित अभद्र टिप्पणी को लेकर मंत्री विजय शाह के खिलाफ नाराजगी जताई गई। इसके अलावा इंदौर में दूषित जल से हुई मौतों को लेकर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय पर भी गंभीर आरोप लगाए गए।कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। नेताओं ने कहा कि जब तक जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कदम नहीं उठाए जाते, तब तक कांग्रेस का विरोध जारी रहेगा।इस अवसर पर पूर्व ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष मनोज देशमुख, गणेश ढोमने, नीरज सोनी, युवक कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष प्रदीप कोकाटे, नपा अध्यक्ष नितिन गाडरे, उपाध्यक्ष किशोर माथनकर, पार्षद पद्मनी भूमरकर, युवक कांग्रेस विधानसभा अध्यक्ष यशवंत हुड़े, विजय पारधी, युवक कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष मनीष नागले सहित कांग्रेस, युवक कांग्रेस, सेवादल और एनएसयूआई के अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

उत्सव की तरह मनाया जायेगा रामकृष्ण परमहंस जी का जन्मदिन।

Ramakrishna Paramhansa’s birthday will be celebrated like a festival. हरिप्रसाद गोहे आमला। हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी ग्राम ससाबड़ स्थित महाकाली दरबार में जगतमाता महाकाली के परम भक्त श्री रामकृष्ण परमहंस जी का जन्मोत्सव 19 फरवरी 2026 को धूमधाम से उत्सव की तरह मनाया जाएगा।आयोजन को लेकर मंदिर समिति ने सभी तैयारियां भी पूरी कर ली है कल सुबह महाकाली की पूजा अर्चना के साथ कार्यक्रम विधिवत् शुभारंभ होगा जो देर शाम तक चलता रहेगा। मंदिर समिति प्रमुख कमल मालवीय ने बताया इस अवसर पर विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों के साथ दोपहर 12 बजे से शाम 5 बजे तक विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा, जिसमें श्रद्धालुओं एवं ग्रामीणजनों को प्रसाद वितरित किया जाएगा। वहीं भजन-कीर्तन एवं धार्मिक संगीतमय कार्यक्रमों का आयोजन भी होगा। मंदिर समिति ने समस्त श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर कार्यक्रम को सफल बनाने की अपील की है।

गोरखपुर में धूमधाम से संपन्न हुई भव्य “शिव बारात”, हजारों श्रद्धालुओं ने लिया आशीर्वाद

The grand “Shiv Baraat” concluded with great pomp in Gorakhpur, thousands of devotees took blessings. विशेष संवाददाता : जितेन्द्र श्रीवास्तव / कैमरामैन अर्पिता श्रीवास्तव जबलपुर। गोरखपुर स्थित श्री शिव शक्ति महाकाल खाटू श्याम मंदिर में चार दिवसीय भव्य “शिव बारात” कार्यक्रम श्रद्धा और उत्साह के साथ संपन्न हो गया। 13 से 16 फरवरी 2026 तक चले इस धार्मिक आयोजन में हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लेकर भगवान शिव और माता पार्वती का आशीर्वाद प्राप्त किया। कार्यक्रम की शुरुआत संगीत एवं ढोल-डीजे के साथ हुई, जिसने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय बना दिया। 14 फरवरी को आयोजित हल्दी समारोह में श्रद्धालुओं ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ भाग लिया। 15 फरवरी को शाम 6 बजे निकली शिव बारात मुख्य आकर्षण रही। भगवान शिव की आकर्षक झांकी, भव्य साज-सज्जा और भक्तों के जयकारों से पूरा गोरखपुर क्षेत्र गूंज उठा। 16 फरवरी को दोपहर 12 बजे चुनरी चढ़ाने की रस्म संपन्न हुई, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाओं ने श्रद्धा पूर्वक भाग लिया। इसके बाद दोपहर 3 बजे से विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया। आयोजन समिति ने बताया कि कार्यक्रम शांतिपूर्ण और सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। स्थानीय नागरिकों और स्वयंसेवकों का विशेष सहयोग रहा। पूरे आयोजन के दौरान क्षेत्र में भक्ति और उल्लास का माहौल बना रहा। आयोजकों ने सभी श्रद्धालुओं, सहयोगियों और प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी ऐसे ही धार्मिक आयोजनों के सफल आयोजन का संकल्प दोहराया।

महाशिवरात्रि पर बाबा महाकाल के दर्शन के लिए उमड़े श्रद्धालु, जय श्री महाकाल के जयकारों से गूंजा शहर

On Mahashivratri, devotees gathered to have darshan of Baba Mahakal, the city echoed with chants of Jai Shri Mahakal. महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर उज्जैन में बाबा महाकाल का विशेष भस्मारती समारोह संपन्न हुआ। इस अवसर पर मंदिर के पट रात 2.30 बजे से खोले गए, जो 44 घंटे तक लगातार खुले रहेंगे। महाशिवरात्रि पर मंदिर में लगभग 10 लाख श्रद्धालुओं के दर्शन की उम्मीद है। देशभर में शिवरात्रि की धूम है, लेकिन उज्जैन में इसका विशेष महत्व है। यहां भस्मारती, विशेष श्रृंगार और शिव नवरात्रि जैसे आयोजन होते हैं। इस अवसर पर सेहरे का प्रसाद भी बांटा जाता है, जिसे लोग बहुत शुभ मानते हैं। पंचामृत अभिषेक और भस्मारतीमहाशिवरात्रि के मौके पर उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा। सुबह 2.30 बजे बाबा महाकाल का विशेष पंचामृत अभिषेक किया गया और भस्मारती की गई। देश के कोने-कोने से श्रद्धालु बाबा के दर्शन के लिए उज्जैन पहुंचे। मान्यता है कि महाशिवरात्रि पर बाबा महाकाल के दर्शन का विशेष महत्व है। मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम किए हैं। भस्मारती से पहले बाबा महाकाल का पंचामृत अभिषेक हुआ। पंचामृत में दूध, दही, घी, शहद और खांडसारी शक्कर शामिल थे। इसके बाद बाबा को चंदन का लेप लगाया गया और सुगंधित द्रव्य अर्पित किए गए। बाबा को उनकी प्रिय विजया (भांग) से श्रृंगारित किया गया और श्वेत वस्त्र पहनाए गए। झांझ-मंजीरे, ढोल-नगाड़े और शंखनाद के बीच भस्मारती संपन्न हुई, जिसे देखकर भक्त भाव-विभोर हो गए। सेहरा सजावट और भस्मारतीशिवरात्रि के अगले दिन बाबा का सेहरा सजाया जाता है और दोपहर में भस्म आरती की जाती है। यह साल में केवल एक बार होता है। बाबा के सेहरे को प्रसाद के रूप में बांटा जाता है। लोग इसे बहुत शुभ मानते हैं और सेहरे के फूल-पत्तियों को संभालकर रखते हैं। मान्यता है कि इससे घर में सुख-शांति और धन-धान्य की वृद्धि होती है। मंदिर में दिनभर की पूजा-अर्चनाभस्मारती उपरांत दद्योदक आरती और भोग आरती के बाद दोपहर 12 बजे उज्जैन तहसील की ओर से पूजन-अभिषेक संपन्न हुआ। शाम 4 बजे होल्कर और सिंधिया स्टेट की ओर से पूजन और सायं पंचामृत पूजन के बाद भगवान महाकालेश्वर की नित्य संध्या आरती हुई। रात्रि में 8 बजे से 10 बजे तक कोटितीर्थ कुण्ड के तट पर विराजित श्री कोटेश्वर महादेव का पूजन, सप्तधान्य अर्पण और पुष्प मुकुट श्रृंगार (सेहरा) के बाद आरती की गई। रात्रि 10.30 बजे से सम्पूर्ण रात्रि भगवान महाकालेश्वर का महाअभिषेक संपन्न हुआ। इसमें 11 ब्राह्मणों द्वारा रूद्रपाठ और विभिन्न मंत्रों के माध्यम से अभिषेक किया गया। भस्म लेपन, पंचामृत पूजन और पांच प्रकार के फलों से अभिषेक के बाद, भगवान को नवीन वस्त्र पहनाए गए और सप्तधान्य अर्पित किया गया। भगवान महाकालेश्वर को चंद्र मुकुट, छत्र, त्रिपुंड और अन्य आभूषणों से श्रृंगारित किया गया। सेहरा आरती के दौरान भगवान को विभिन्न मिष्ठान्न, फल और पंच मेवा का भोग अर्पित किया गया। 16 फरवरी 2026 को सुबह सेहरा दर्शन के उपरांत दिन में 12 बजे भस्मारती संपन्न होगी। इसके बाद भोग आरती होगी और शिवनवरात्रि का पारणा किया जाएगा।

गोरखपुर में गूंजेगा “भव्य शिव बारात” का जयघोष, चार दिवसीय धार्मिक आयोजन 13 से 16 फरवरी तक

The chants of “Grand Shiva Baraat” will resonate in Gorakhpur, a four-day religious event from February 13th to 16th. विशेष संवाददाता : जितेन्द्र श्रीवास्तव / कैमरामैन अर्पिता श्रीवास्तव जबलपुर। महाशिवरात्रि पर्व के पावन अवसर पर गोरखपुर क्षेत्र में स्थित श्री शिव शक्ति महाकाल खाटू श्याम मंदिर में 13 से 16 फरवरी 2026 तक भव्य “शिव बारात” का आयोजन किया जा रहा है। चार दिवसीय इस धार्मिक कार्यक्रम में श्रद्धालुओं के लिए संगीत, हल्दी, बारात प्रस्थान, चुनरी चढ़ाने की रस्म और विशाल भंडारे का आयोजन रखा गया है। आयोजकों के अनुसार कार्यक्रम की शुरुआत शुक्रवार, 13 फरवरी 2026 को संगीत एवं ढोल-डीजे के साथ होगी। इसके बाद शनिवार, 14 फरवरी को शाम 7 बजे से हल्दी समारोह आयोजित किया जाएगा।रविवार, 15 फरवरी 2026 को शाम 6 बजे भव्य शिव बारात प्रस्थान करेगी, जिसमें भगवान शिव और माता पार्वती की झांकी के साथ भक्तों की बड़ी संख्या शामिल होगी। यह बारात क्षेत्र में आकर्षण का केंद्र रहेगी।सोमवार, 16 फरवरी 2026 को दोपहर 12 बजे चुनरी चढ़ाने की रस्म अदा की जाएगी, वहीं दोपहर 3 बजे से विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा, जिसमें सभी श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया जाएगा।आयोजन स्थल मंदिर परिसर, अहीर मोहल्ला, गुरुद्वारा के पास, गोरखपुर (जबलपुर) में रहेगा। आयोजक मंडल ने समस्त क्षेत्रवासियों और श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर धार्मिक उत्सव को सफल बनाने की अपील की है। भक्तों में इस भव्य शिव बारात को लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है और क्षेत्र में धार्मिक वातावरण पहले से ही भक्तिमय हो गया है।

नलखेड़ा में वकीलों का बड़ा ऐलान एसडीएम सर्वेश यादव के कोर्ट का बहिष्कार, सुसनेर में पहले से हड़ताल; दो तहसीलों में थमा न्यायिक काम

Lawyers in Nalkheda make a major announcement, boycotting SDM Sarvesh Yadav’s court; Susner already on strike; judicial work halted in two tehsils. संवाददाता चंदा कुशवाह  नलखेड़ा ! न्यायालयीन माहौल को लेकर बढ़ते विवाद के बीच नलखेड़ा अधिवक्ता संघ ने बड़ा फैसला लिया है। शुक्रवार को हुई बैठक में संघ ने सर्वसम्मति से सर्वेश यादव के न्यायालय के बहिष्कार का प्रस्ताव पारित कर दिया। वकीलों का आरोप है कि एसडीएम का व्यवहार न्यायालय में संतोषजनक नहीं है, जिससे अधिवक्ताओं में नाराजगी बढ़ रही है।बैठक के बाद संघ पदाधिकारियों ने कहा कि न्यायालय का वातावरण गरिमामय होना चाहिए। यदि अधिवक्ताओं को सम्मानजनक माहौल नहीं मिलता, तो सामूहिक निर्णय लेना मजबूरी बन जाता है। सुसनेर में 13 फरवरी से हड़तालइसी मुद्दे को लेकर सुसनेर में 13 फरवरी से वकीलों की हड़ताल जारी है। अब नलखेड़ा में भी बहिष्कार का प्रस्ताव पारित होने के बाद आंदोलन दो तहसीलों तक पहुंच गया है। इससे राजस्व और न्यायालयीन कार्य प्रभावित होने लगे हैं।काम करने पर कार्रवाई की चेतावनीअधिवक्ता संघ ने स्पष्ट किया है कि बहिष्कार के दौरान यदि कोई वकील एसडीएम कोर्ट में पेश होता है या कार्य करता है, तो उसके खिलाफ संघ के नियमों के अनुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसे संगठनात्मक एकता का विषय बताया गया है। प्रशासन से दखल की मांगसंघ ने प्रशासन से मामले में हस्तक्षेप कर समाधान निकालने की मांग की है। वकीलों का कहना है कि जब तक उचित कार्रवाई नहीं होती, बहिष्कार जारी रहेगा।अब निगाहें प्रशासन पर टिकी हैं कि वह इस विवाद को कैसे सुलझाता है और न्यायालयीन कार्य को सामान्य बनाने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।

सर्दी जा रही, गर्मी बढ़ रही: मध्य प्रदेश में पारा 30 डिग्री के पार, अगले सप्ताह नए मौसम सिस्टम से सीमित बदलाव

भोपाल  मध्यप्रदेश में अब सर्दी की रवानगी शुरू हो चुकी है. न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी साफ दिखाई दे रही है और दिन का पारा तेजी से चढ़ रहा है. प्रदेश के 15 से ज्यादा शहरों में अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है. वहीं ज्यादातर शहरों में रात का तापमान भी 10 डिग्री से ऊपर बना हुआ है. मौसम विभाग के अनुसार अगले दो दिन तक सुबह-शाम हल्की ठंड महसूस हो सकती है, लेकिन इसके बाद न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री तक बढ़ोतरी होने की संभावना है. यानी अब ठंड धीरे-धीरे विदा लेने वाली है. वेस्टर्न डिस्टरबेंस का सीमित असर मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक 13 और 16 फरवरी को पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में दो पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहे हैं. हालांकि इनका असर पहाड़ी इलाकों तक ही सीमित रहेगा. मध्यप्रदेश में इसका प्रभाव बहुत कम देखने को मिलेगा. फिलहाल प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों में हल्के बादल छाए हुए हैं और कुछ जिलों में मौसम बदला-बदला नजर आ रहा है, लेकिन तेज ठंड की वापसी के आसार नहीं हैं. कुछ जिलों में हल्के बदल  फिलहाल सक्रिय मौसमी हलचल के कारण प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों में हल्के बादल देखे जा रहे हैं। कुछ जिलों में मौसम का मिजाज बदला हुआ नजर आया और गुरुवार को भी आंशिक बादल छाए रह सकते हैं। ठंड का हल्का एक और दौर संभव मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि पहाड़ों में बर्फबारी के बाद जब सिस्टम आगे बढ़ेगा और बर्फ पिघलेगी, तब तापमान में हल्का उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। इससे प्रदेश में हल्की ठंड की वापसी हो सकती है, हालांकि तीखी सर्दी की संभावना नहीं है। अगले दो दिन का पूर्वानुमा 14 फरवरी: कुछ जिलों में सुबह हल्का कोहरा रह सकता है। बारिश के आसार नहीं हैं। दिन में बादल छा सकते हैं। 15 फरवरी: सीमित इलाकों में हल्का कोहरा रहेगा। वर्षा की संभावना नहीं। इन शहरों में 30°C पार धार, नर्मदापुरम, इंदौर, खंडवा, खरगोन, रतलाम, उज्जैन, खजुराहो, मंडला, नरसिंहपुर, सिवनी सहित 15 से अधिक शहरों में दिन का तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया। वहीं रात के तापमान में भी बढ़ोतरी देखी गई। नर्मदापुरम और सागर में न्यूनतम तापमान 17 डिग्री या उससे अधिक रहा। दूसरी ओर पचमढ़ी में सबसे कम 8.2 डिग्री दर्ज हुआ। खजुराहो, मंदसौर, कटनी (करौंदी), रीवा और राजगढ़ में भी पारा 10 डिग्री के आसपास या उससे अधिक रहा। प्रदेश में अब ठंड की पकड़ ढीली पड़ती दिख रही है और मौसम धीरे-धीरे गर्मी की ओर रुख कर रहा है।  हल्की सर्दी का एक और दौर मौसम विभाग के अनुसार, वर्तमान में पहाड़ों में बर्फबारी हो रही है। सिस्टम गुजरने और बर्फ पिघलने के बाद मौसम में फिर से बदलाव देखने को मिलेगा। हल्की सर्दी का एक और दौर आ सकता है। अगले 2 दिन ऐसा रहेगा मौसम     14 फरवरी- कुछ जिलों हल्का कोहरा रहेगा। बारिश का अलर्ट नहीं है। दिन में बादल छा सकते हैं।     15 फरवरी- कुछ ही जिलों में हल्का कोहरा रहेगा। इस दिन बारिश का अलर्ट नहीं है। इन जिलों में पारा बढ़ा मौसम विभाग के अनुसार, शुक्रवार को धार, नर्मदापुरम, इंदौर, खंडवा, खरगोन, रतलाम, उज्जैन, खजुराहो, मंडला, नरसिंहपुर, सिवनी समेत 15 शहरों में पारा 30 डिग्री के पार रहा। वहीं, गुरुवार-शुक्रवार की रात में नर्मदापुरम और सागर में तापमान 17 डिग्री या इससे अधिक पहुंच गया। वहीं, पचमढ़ी में सबसे कम 8.2 डिग्री दर्ज किया गया। खजुराहो में 8.6 डिग्री, मंदसौर में 9.7 डिग्री, कटनी के करौंदी में 10 डिग्री, रीवा में 10.2 डिग्री और राजगढ़ में तापमान 10.4 डिग्री सेल्सियस रहा। बाकी शहरों में तापमान 10 डिग्री से ज्यादा रहा। भोपाल में रातें ठंडी रहती हैं, दिन गर्म भोपाल में रातें ठंडी रहती हैं, जबकि दिन गर्म। वर्ष 2014 से 2024 के बीच 4 साल दिन का अधिकतम तापमान 35 डिग्री के पार पहुंच गया था। रात में 7 साल पारा 10 डिग्री से कम दर्ज किया गया। इस बार फरवरी में दिन का तापमान 30 डिग्री के पार है।

पंडित प्रदीप मिश्रा की कथा के दौरान महिला पर पड़ा भारी असर, कार्डियक अरेस्ट से हालात गंभीर

डबरा  ग्वालियर जिले की डबरा तहसील में नवग्रह पीठ के प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव में जमकर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। प्रसिद्ध कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा की शिव महापुराण कथा का चल रही थी। इसी दौरान एक महिला कार्डियक अरेस्ट आ गया। 65 वर्षीय महिला मौत नवग्रह मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह के दौरान आयोजित हो रही शिव पुराण कथा में शामिल होने के लिए 65 वर्षीय पुष्पा देवी पहुंची थी। जो कि यूपी के इटावा की रहने वाली थी। शुक्रवार की सुबह करीब 8:00 बजे कथा सुनने के लिए पंडाल में पहुंची थी। जिसके करीब 10 मिनट बाद हालत बिगड़ गई। उन्हें इलाज के लिए एक निजी अस्पताल ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। 10 मिनट में बिगड़ी तबीयत जानकारी के अनुसार, मृतका की पहचान पुष्पा देवी (65 वर्ष) के रूप में हुई है, जो उत्तर प्रदेश के इटावा की निवासी थीं। वह इन दिनों ग्वालियर के सराफा बाजार स्थित अपने जीजा के घर आई हुई थीं। शुक्रवार सुबह करीब 8 बजे वह कथा पंडाल में पहुंचीं। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कथा शुरू होने के लगभग 10 मिनट बाद ही उनकी अचानक तबीयत बिगड़ गई और वे अचेत होकर गिर पड़ीं। अस्पताल में डॉक्टरों ने किया मृत घोषित घटना के बाद मौजूद लोगों ने तुरंत उन्हें नजदीकी निजी अस्पताल पहुंचाया, लेकिन चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मौत की वजह कार्डियक अरेस्ट बताई जा रही है। श्रद्धालुओं में शोक धार्मिक आयोजन में हुई इस अचानक घटना से पंडाल में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कार्यक्रम में मौजूद श्रद्धालु स्तब्ध रह गए। आयोजन से जुड़े लोगों ने शोक व्यक्त किया है। फिलहाल परिजन महिला के पार्थिव शरीर को अपने गृह नगर ले जाने की तैयारी में हैं। पुलिस ने मामले में आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, वह सराफा बाजार में स्थित अपने जीजा के घर आईं थी।

रास्ता भटकने से बड़ा हादसा, विदिशा में तालाब में गिरी कार; 3 की मौत, 7 घायल

विदिशा  मध्य प्रदेश के विदिशा जिले में गुरुवार देर रात बारातियों से भरी तेज रफ्तार टवेरा कार अनियंत्रित होकर 30 फीट गहरे सूखे तालाब में जा गिरी। हादसे में 3 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 7 अन्य लाेग घायल हो गए, घायलाें में दाे की हालत गंभीर बताई जा रही है। घटना कोतवाली थाना क्षेत्र की है। जानकारी के अनुसार गैरतगंज के जाफरखेड़ी निवासी दशरथ सिंह के यहां बारात आ रही थी। टवेरा कार में कुल 10 लोग सवार थे। देर रात अंधेरा होने और तेज रफ्तार के कारण ड्राइवर वाहन से नियंत्रण खो बैठा। देखते ही देखते कार सड़क से फिसलकर करीब 30 फीट नीचे सूखे तालाब में जा गिरी। हादसे में 35 वर्षीय राजेश लोधी, 30 वर्षीय सोनू लोधी (ड्राइवर) और 35 वर्षीय चंद्रशेखर की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। वहीं घायलों में अशोक लोधी (25) का बायां हाथ फ्रैक्चर हुआ है। 14 वर्षीय राज बोधी के पेट में गंभीर चोट आई है। बृजेश लोधी (27) और सुदीप लोधी (20) के सीने में गंभीर चोटें हैं। 45 वर्षीय भावसिंह लोधी और 10 वर्षीय ऋतुराज लोधी की हालत नाजुक बताई जा रही है। प्राथमिक उपचार के बाद दोनों को विदिशा मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। इनमें से एक घायल को देर रात गंभीर हालत में भोपाल रेफर करना पड़ा। ग्रामीणों ने दिखाई मानवता हादसा शादी वाले घर से करीब एक किलोमीटर दूर हुआ। तेज धमाके की आवाज सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे। कार में फंसे घायलों को बाहर निकालकर निजी वाहनों से जिला अस्पताल पहुंचाया। कई घायल खून से लथपथ थे—किसी के माथे से तो किसी के हाथ से लगातार खून बह रहा था। कलेक्टर पहुंचे अस्पताल घटना की सूचना मिलते ही कलेक्टर अंशुल गुप्ता जिला अस्पताल पहुंचे और घायलों का हालचाल जाना। उन्होंने घटनास्थल का भी निरीक्षण किया। एडीएम, तहसीलदार, सीएसपी, कोतवाली और सिविल लाइन थाना प्रभारी सहित अन्य अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे। सिविल सर्जन डॉ. अनूप वर्मा के नेतृत्व में डॉक्टरों की टीम ने तुरंत उपचार शुरू किया। डॉ. वर्मा ने बताया कि दो घायलों की हालत गंभीर है और उन्हें बेहतर इलाज के लिए रेफर किया गया है, जबकि अन्य घायलों का इलाज जिला अस्पताल में जारी है और वे फिलहाल खतरे से बाहर हैं।  

एसडीएम के कथित व्यवहार के खिलाफ वकीलों का खुला मोर्चा, सुसनेर में बहिष्कार और हड़ताल

Lawyers open front against alleged behaviour of SDM, boycott and strike in Susner  संवाददाता चंदा कुशवाह सुसनेर। सुसनेर अधिवक्ता संघ ने एसडीएम सर्वेश यादव के खिलाफ सर्वसम्मति से बहिष्कार प्रस्ताव पारित करते हुए उनकी अदालत में लंबित किसी भी प्रकरण में पैरवी नहीं करने का निर्णय लिया है। इस निर्णय के बाद अधिवक्ता हड़ताल पर चले गए हैं, जिससे न्यायालयीन कार्य प्रभावित हो रहा है। अधिवक्ता संघ का कहना है कि यह कदम सम्मानजनक कार्य वातावरण और न्यायिक गरिमा की रक्षा के उद्देश्य से उठाया गया है। संघ पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि एसडीएम का व्यवहार लंबे समय से वकीलों के प्रति अनुचित रहा है तथा कई अवसरों पर विवाद की स्थिति बनी। अधिवक्ताओं का कहना है कि बार-बार ध्यान आकर्षित करने के बावजूद संतोषजनक समाधान नहीं निकल पाया, जिसके चलते सामूहिक बहिष्कार का निर्णय लेना पड़ा एवं  एसडीएम स्वयं को मुख्यमंत्री का रिश्तेदार बताते हैं, जिससे अधिवक्ताओं के बीच प्रशासनिक निष्पक्षता को लेकर असंतोष पैदा हुआ। अधिवक्ता संघ के अनुसार, इस निर्णय को नलखेड़ा, सोयत, आगर मालवा और बड़ौद के अधिवक्ता संगठनों का भी समर्थन प्राप्त है। संघ का कहना है कि यदि स्थिति में सुधार नहीं होता, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जा सकता है। अधिवक्ता प्रतिनिधियों ने इस अवसर पर समाज और न्याय व्यवस्था में वकीलों की भूमिका को भी रेखांकित किया। उनका कहना है कि अधिवक्ता केवल मुकदमों की पैरवी करने वाले पेशेवर नहीं, बल्कि नागरिक अधिकारों की रक्षा, विधिक जागरूकता और न्याय तक समान पहुंच सुनिश्चित करने वाली महत्वपूर्ण कड़ी हैं। न्यायालय और जनता के बीच सेतु के रूप में अधिवक्ता व्यवस्था की पारदर्शिता और संतुलन बनाए रखने में केंद्रीय भूमिका निभाते हैं। ऐसे में अधिवक्ताओं के सम्मान और स्वतंत्र कार्य वातावरण को बनाए रखना पूरे न्याय तंत्र के हित में बताया गया। इस पूरे घटनाक्रम पर एसडीएम या प्रशासन की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हो सकी है। प्रतिक्रिया मिलने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा। फिलहाल यह मुद्दा स्थानीय न्यायिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है।

50 साल की तलाश खत्म, कटनी में मिली सोने की खदान, MP में मार्च से खनन की तैयारी

कटनी  मध्यप्रदेश के कटनी जिले की धरती अब सोना-चांदी उगलेगी. दरअसल, कटनी जिले के इमलिया गांव की पहचान अब जल्द ही सुनहरी होने जा रही है, क्योंकि इस गांव में साढ़े 6 हेक्टेयर धरती में खनन कर करीब 7 लाख टन सोना-चांदी सहित मिनरल्स निकाले जाएंगे.यह काम मुंबई की निजी कंपनी प्रोस्पेक्ट रिसोर्स मिनिरल्स प्राइवेट लिमिटेड स्लीमनाबाद करेगी. इसके लिए जिला प्रशासन के साथ 50 साल के लिए करार किया गया है, जहां कटनी जिले को कंपनी से टैक्स के रूप में करीब 100 करोड रुपए से अधिक का राजस्व मिलेगा. करीब 50 साल की लंबी खोज और प्रशासनिक प्रक्रियाओं के बाद, जिले की ढीमरखेड़ा तहसील के इमलिया गांव में सोने का खनन शुरू होने की तैयारी अंतिम चरण में है। अनुमान है कि मार्च के दूसरे पखवाड़े से खनन का काम शुरू हो जाएगा। एक साल की तेज प्रशासनिक प्रक्रिया के बाद स्वर्ण खनन की उलटी गिनती शुरू हो चुकी है, मार्च से खनन कार्य शुरू होने का अनुमान है, जो मध्यप्रदेश के खनिज इतिहास में नया अध्याय लिखेगा, 121 करोड़ की ऐतिहासिक बोली ने इमलिया को राष्ट्रीय मानचित्र पर ला खड़ा किया है। अब कटनी सिर्फ जिला नहीं, स्वर्ण नगरी बनने की दहलीज पर खड़ी है…। जिले के इतिहास में एक ऐसी उपलब्धि जुडऩे जा रही है, जो न केवल जिले बल्कि पूरे मध्यप्रदेश की पहचान बदल देगी। ढीमरखेड़ा जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम इमलिया में स्वर्ण खनन को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में हैं और मार्च माह के दूसरे पखवाड़े से खनन कार्य शुरू होने का अनुमान है। यह मध्यप्रदेश की पहली सक्रिय स्वर्ण खदान होगी, जिससे राज्य को राष्ट्रीय खनिज मानचित्र पर नई पहचान मिलेगी। ई-नीलामी प्रक्रिया के तहत मुंबई की कंपनी प्रॉस्पेक्ट रिसोर्स मिनरल्स प्राइवेट लिमिटेड खनन कंपनी ने 121 करोड़ रुपए की ऊंची बोली लगाकर इमलिया गोल्ड ब्लॉक की खनन लीज हासिल की। कंपनी और कलेक्टर आशीष मिवारी के बीच खनन अनुबंध (एग्रीमेंट) पर हस्ताक्षर हुए। इस समझौते के साथ ही जिले में विकास, निवेश और रोजगार की संभावनाओं के नए द्वार खुल गए हैं। यह परियोजना न केवल कटनी को ‘स्वर्ण नगरी’ के रूप में एक नई पहचान देगी, बल्कि यह मध्य प्रदेश की पहली सक्रिय स्वर्ण खदान भी होगी। इस ऐतिहासिक कदम से राज्य का नाम देश के खनिज मानचित्र पर प्रमुखता से अंकित हो गया है। 121 करोड़ की ऐतिहासिक बोली इस स्वर्ण खदान के लिए हुई ई-नीलामी प्रक्रिया में मुंबई की कंपनी ‘प्रॉस्पेक्ट रिसोर्स मिनरल्स प्राइवेट लिमिटेड’ ने सबसे ऊंची बोली लगाई। कंपनी ने 121 करोड़ रुपए की बोली के साथ इमलिया गोल्ड ब्लॉक की खनन लीज हासिल की। इसके बाद, कंपनी और कटनी के कलेक्टर आशीष तिवारी के बीच खनन अनुबंध (एग्रीमेंट) पर हस्ताक्षर किए गए, जिससे खनन का रास्ता आधिकारिक तौर पर साफ हो गया। 50 साल की खोज का अंत इमलिया में सोने की मौजूदगी की खोज पिछले पांच दशकों से चल रही थी। बीते एक साल में प्रशासनिक प्रक्रियाओं में तेजी लाई गई, जिसके परिणामस्वरूप यह परियोजना अब हकीकत बनने की दहलीज पर है। इस समझौते ने जिले में बड़े निवेश, विकास और रोजगार की नई संभावनाओं के द्वार खोल दिए हैं। बदलेगी जिले की पहचान अब तक कटनी की पहचान चूना पत्थर और संगमरमर जैसे खनिजों से होती थी, लेकिन अब यह सोने की चमक से भी जाना जाएगा। इस परियोजना से न केवल राज्य सरकार को राजस्व का लाभ होगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर भी आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। यह मध्यप्रदेश के खनिज इतिहास में एक मील का पत्थर साबित होगा। मुख्यमंत्री ने दिया था बड़ा संकेत इस परियोजना को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर भी लगातार सक्रियता रही। 18 सितंबर को बड़वारा में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंच से कटनी को कनकपुरी की संज्ञा देते हुए इमलिया गांव में स्वर्ण भंडार की सार्वजनिक जानकारी दी थी। इसके बाद नवरात्रि के पहले दिन ही खनन से जुड़ा एग्रीमेंट होना, इस परियोजना की प्राथमिकता और गंभीरता को दर्शाता है। यह है सोना व उत्पादन का स्तर खनन विभाग की तकनीकी रिपोर्ट के अनुसार इमलिया गोल्ड ब्लॉक से प्रतिवर्ष लगभग 33,214 टन अयस्क उत्पादन का अनुमान है। यहां कुल स्वर्ण खनिज भंडार 3,57,789 टन बताया गया है, जिसमें से 3,35,059 टन खानयोग्य है। तकनीकी आंकड़ों के अनुसार, प्रति टन अयस्क से औसतन 1.13 ग्राम सोना निकलने की संभावना है। इसके अलावा तांबा 2,71,632 टन, लेड-जिंक 3,88,726 टन, चांदी 3,86,468 टन का अनुमान है। रोजगार और विकास की नई उम्मीद गांव और आसपास के क्षेत्र में इस परियोजना को लेकर उत्साह का माहौल है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि खनन शुरू होने से स्थानीय युवाओं को रोजगार, बेहतर सडक़, बिजली, स्वास्थ्य और अन्य बुनियादी सुविधाएं मिलेंगी। इमलिया की पहचान अब सिर्फ एक गांव तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि यह राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर जानी जाएगी। अब तक देश में बड़े पैमाने पर स्वर्ण खनन कर्नाटक के कोलार और हत्ती क्षेत्रों तक सीमित था, लेकिन इमलिया खदान के शुरू होते ही मध्यप्रदेश भी स्वर्ण उत्पादक राज्यों की सूची में शामिल हो जाएगा। मार्च से शुरू होने वाला यह खनन न केवल कटनी को स्वर्ण नगरी के रूप में स्थापित करेगा, बल्कि प्रदेश के औद्योगिक और आर्थिक विकास को भी नई ऊंचाई देगा।

MP में मार्च में सरकारी छुट्टियों का दौर, स्कूल-ऑफिस और बैंक बंद रहेंगे कुल 14 दिन

भोपाल  एमपी में रहने वाले लोगों के लिए मार्च का महीना छुट्टियों से भरा होने वाला है। अगले महीने सरकारी कर्मचारियों को कई सारी छुट्टियां मिलने वाली हैं। बता दें कि आने वाले दिनों में आप परिवार, दोस्तों के साथ क्वालिटी टाइम बिता सकते है। मार्च के महीने में 6 छुट्टियां मिलने वाली है। इन छुट्टियों को ध्यान में रखते हुए यात्रा की योजना बनाई जा सकती है। जानें कब-कब रहेगी छुट्टी जानकारी के लिए बता दें कि आने वाले मार्च के महीने में 03, 19, 20, 21, 27 और 31 मार्च को सरकारी छुट्टी रहेगी। मध्यप्रदेश के सरकारी कलेंडर 2026 के मुताबिक 03 मार्च को होली, 19 मार्च को गुड़ी पड़वा, 20 मार्च चैती चांद, 21 मार्च ईद-उल-फित्र, 27 मार्च को रामनवमी, 31 मार्च को महावीर जयन्ती की छुट्टी रहेगी। इस दौरान सभी बैंक, स्कूल, ऑफिस बंद रहेंगे। मार्च में 14 दिन बंद रहेंगे ऑफिस सबसे ज्यादा मार्च माह में 14 दिन ऑफिस बंद रहेंगे और इस माह 17 दिन ही काम होगा। क्योंकि मार्च में शनिवार-रविवार की नौ छुट्टियों के अलावा छह त्यौहारों की छुट्टियां हैं, हालांकि इनमें से एक छुट्टी शनिवार में शामिल है। इससे 14 दिन ऑफिसों में ताला रहेगा। वहीं फरवरी व जुलाई माह में शनिवार व रविवार के अलावा कोई अन्य छुट्टियां नहीं हैं, इससे जुलाई माह में सबसे ज्यादा 23 दिन ऑफिस खुले रहेंगे। इस साल एक छुट्टी अधिक साल 2026 में सरकारी कर्मचारियों को 2025 की तुलना में एक सार्वजनिक अवकाश अधिक मिलेगा। इस बार गणेश चतुर्थी को सार्वजनिक अवकाश की सूची में जोड़ा गया है। 14 सितंबर को पड़ने वाली इस छुट्टी के शामिल होने से कुल सार्वजनिक अवकाशों की संख्या बढ़कर 23 हो गई है। इससे त्योहारों के दौरान कर्मचारियों को थोड़ी राहत जरूर मिलेगी।

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