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प्रदेश के बाहर से आयातित तुअर पर मंडी फीस से पूर्णतः छूट दिए जाने का निर्णय

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंगलवार को मंत्रालय में सम्पन्न हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा मुख्यमंत्री मजरा-टोला सड़क योजना अंतर्गत प्रदेश के सुदूर बसाहटों मजरा/टोला/धोनी/पुरा इत्यादि को बारहमासी सम्पर्कता प्रदान करने 21 हजार 630 करोड़ रूपये की सैद्धांतिक स्वीकृति दी गई। स्वीकृति अनुसार योजना का क्रियान्वयन 2 चरणों में किया जायेगा। वित्तीय वर्ष 2025-26 से 2029-30 तक पहले चरण एवं वित्तीय वर्ष 2030-31 से 2034-35 तक दूसरे चरण में कुल अनुमानित 30 हजार 900 कि.मी. मार्ग का निर्माण होगा। योजना का क्रियान्वयन राज्य मद से किया जायेगा। योजना के संबंध में मध्यप्रदेश ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण की साधिकार समिति को निर्णय लिये जाने के लिए अधिकृत किया गया है। स्वीकृति अनुसार न्यूनतम 20 आवास और 100 से अधिक जनसंख्या वाले 6 हजार वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्रफल वाले ऐसे क्षेत्र, जिसके 50 मीटर की दूरी में पूर्व से बारहमासी सड़क न हो, को बसाहट के अंतर्गत लिया जायेगा। इसके लिए बसाहट की जनसंख्या के घटते क्रम में विधानसभा क्षेत्रवार प्राथमिकता सूची तैयार की जायेगी। सांसद, क्षेत्रीय विधायक और जिला पंचायत सदस्यों के परामर्श पर ग्रामीणजनों की स्थानीय आवश्यकता जैसे – सुरक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा आदि के आधार पर बसाहटों की प्राथमिकता में कलेक्टर द्वारा लिपिबद्ध कारणों से सूची में परिवर्तन किया जा सकेगा। अंतिम प्राथमिकता सूची का राज्य स्तर पर प्रकाशन किया जायेगा। योजना अंतर्गत 20 हजार 600 बसाहटों को मुख्य मार्ग से जोड़ने के लिए लगभग 30 हजार 900 किलोमीटर मार्ग का निर्माण किया जायेगा। प्रदेश के बाहर से आयातित तुअर पर मंडी फीस से पूर्णतः छूट दिए जाने का निर्णय मंत्रि-परिषद द्वारा प्रदेश में तुअर दाल उद्योगों की आवश्यकता के दृष्टिगत प्रदेश में बाहर से आयातित तुअर पर मंडी शुल्क से पूर्णतः छूट दिए जाने का निर्णय लिया गया। छूट दिए जाने से प्रदेश में तुअर दाल की पर्याप्त उपलब्धता होगी। साथ ही परिवहन बढेगा और रोजगार में वृद्धि होगी। झाबुआ, सिंगरौली, देवास, नर्मदापुरम में वर्किंग वूमन हॉस्टल निर्माण का सैद्धांतिक अनुमोदन मंत्रि-परिषद द्वारा झाबुआ, सिंगरौली, देवास और नर्मदापुरम में कामकाजी महिलाओं के जीवन को आसान बनाने के उद्देश्य से SASCI (स्पेशल असिस्टेंस टू स्टेट्स फॉर कैपिटल इनवेस्टमेंट) 2024-25 योजना अंतर्गत स्वीकृत 350 सीट्स की क्षमता वाले 4 वर्किंग वूमन हॉस्टल के निर्माण का सैद्धांतिक अनुमोदन दिया गया है। योजना पी.पी.पी मोड में संचालित की जायेगी। योजना पर 40 करोड़ 59 लाख रूपये खर्च होंगे। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में ”जिला विकास सलाहकार समिति” के गठन की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा जिले के विकास योजना के लिए रोडमेप तैयार करने और जिले की दीर्घकालीन विकास योजनाएं बनाने के लिए सभी जिलों में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में “जिला विकास सलाहकार समिति” का गठन किये जाने का अनुमोदन दिया गया। उल्लेखनीय है कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट भाषण में मध्यप्रदेश के समस्त जिलों में जिला विकास सलाहकार समिति का गठन किये जाने संबंधी निर्देश दिये गये थे। जिला विकास सलाहकार समिति में जिले के प्रभारी मंत्री उपाध्यक्ष होंगे। सांसद, जिले के समस्त विधायक, जिला मुख्यालय के महापौर या नगरपालिका अध्यक्ष, जिला पंचायत अध्यक्ष, जिले के सभी जनपद अध्यक्ष के साथ उद्योग, व्यापार, प्रगतिशील किसान, समाज सेवी, चिकित्सा, विधि आदि क्षेत्रों के 20 प्रतिनिधियों को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। कलेक्टर समिति के सदस्य सचिव होंगे। समिति के उद्देश्यों में जिले की जनता, जनप्रतिनिधियों व अन्य हितधारकों की जरूरतों और सुझावों के अनुसार जिले के दीर्घकालीन विकास की योजनाएँ बनाना है। साथ ही समिति जिले के परंपरागत कौशल को चिन्हित कर प्रधानमंत्री के वोकल फॉर लोकल” के सिद्धांत के दृष्टिगत उन्हें राष्ट्रीय और अन्तराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ावा देते हुए जिले की समृ‌द्धि का रोडमैप तैयार करेगी। जिले की स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए शासकीय योजनाओं को बेहतर तरीके से लागू करने के सुझावों पर समिति विचार करेगी। जिले में स्थानीय प्रयासों से प्रचलित नवाचारों को एक योजना के रूप में मूर्त रूप देना। जिले में रोजगार सृजन एवं विकसित मध्यप्रदेश के लक्ष्यों के संबंध में सुझाव, उद्योग, व्यापार, जल संरचनाओं के संरक्षण, निर्यात, कृषि, खनिज आदि क्षेत्रों में जिले की कार्ययोजना के लिए सुझाव देना शामिल है। 

मोदी सरकार के कल्याणकारी योजनाओं ने करोड़ों लोगों का जीवन बदलने का कार्य किया: विष्णुदत्त शर्मा

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष व सांसद श्री विष्णुदत्त शर्मा ने भाजपा प्रदेश कार्यालय में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार के 11 वर्ष पूर्ण होने पर पत्रकार-वार्ता को संबोधित किया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि 2014 में पद संभालने के बाद से प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी देश के लिए हर कीमत चुकाने को तैयार रहे हैं। उन्होंने कई कड़े फैसले लिये और तुष्टिकरण की राजनीति को समाप्त कर दिया। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में ऐतिहासिक फैसले लिए जो पहले कभी नहीं हुए। जो काम अर्थव्यवस्था के डॉक्टर नहीं कर सके वे काम मोदी जी ने कर दिखाया। आज आर्थिक, सामरिक, कूटनीतिक सहित हर क्षेत्र में भारत का डंका बज रहा है। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में भारत की लोकतांत्रिक यात्रा पिछले 11 वर्षों में एक स्वर्णिम युग के रूप में दर्ज हो चुकी है। यह वह कालखंड है, जब देश ने युगपुरुष मोदी जी के कुशल, दूरदर्शी और जन-समर्पित नेतृत्व में विकास, समावेशन और आत्मनिर्भरता की नई गाथा लिखी है। सरकार की नीतियां आज 140 करोड़ भारतीयों के जीवन को न सिर्फ आसान बना रही हैं, बल्कि उन्हें नए अवसर, नई उम्मीदें और नया आत्मविश्वास भी दे रही हैं। भारत एक नए आत्मविश्वास के साथ वैश्विक मंच पर अग्रणी भूमिका निभा रहा है। यह देश अब चुनौतियों से पीछे नहीं हटता, बल्कि उन्हें अवसर में बदलता है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष व सांसद श्री विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में पिछले 11 वर्षों में हमारी सरकार ‘‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास’’ के मंत्र को लेकर आगे बढ़ी है। यह सफलतम 11 साल सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण के लिए समर्पित रहे हैं। इसका परिणाम है कि भारत ने जनकल्याण और विकास की दृष्टि से कई ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा संचालित प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना, पीएम उज्जवला योजना जन-धन योजना, आयुष्मान भारत योजना, किसान सम्मान निधि, ड्रोन दीदी, स्व-सहायता समूह जैसे कई कल्याणकारी कदम करोड़ों हितग्राहियों के जीवन बदलने में महत्वपूर्ण साबित हुए हैं। प्रधानमंत्री मोदी जी ने देशवासियों के लिए अपने समर्पण से हर क्षेत्र में भारत को आगे बढ़ाया है और जन-जन में आत्मविश्वास का संचार किया है। बीते 11 वर्षों में सरकार के कामों को समर्थन देने के साथ ही संपूर्ण देश मोदी जी के साथ विकसित भारत निर्माण के पथ पर चल पड़ा है। मोदी जी के साहसिक निर्णयों से आई अनुकूलता-डॉ. मोहन यादव  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने अपने 11 वर्षों के कार्यकाल में अनेक साहसिक निर्णय लिए। 2014 के पहले की सरकारें भ्रष्टाचार में आकंठ डूबी थी और देश की जनता में नकारात्मकता, निराशा और अविश्वास का माहौल था। प्रधानमंत्री मोदी जी के आने के बाद राजनीतिक व्यवस्था में सकारात्मकता, पारदर्शिता और परिणाम का समावेश हुआ। देश आशावाद से भर गया, लोगों में भरोसा जगा कि “मोदी है, तो मुमकिन है। ”यह केवल नारा नहीं, बल्कि जनमानस की धारणा बन गई है। राज्यसभा में बहुमत न होते हुए भी पूरे देश में जीएसटी लागू किया। शाहबानो केस में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बावजूद कांग्रेस की राजीव गांधी सरकार ने कदम पीछे खींच लिए थे, लेकिन प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने तीन तलाक विरोधी कानून बनाकर मुस्लिम बहनों को परेशानियों से मुक्ति दिलाई। न्यायालय की महत्ता को स्थापित करते हुए उन्होंने सदियों पुराने राम मंदिर विवाद का पटाक्षेप किया और अयोध्या में राम मंदिर के भूमिपूजन से लेकर उसका लोकार्पण भी किया। जबकि सोमनाथ मंदिर के जीर्णोद्धार के भूमिपूजन कार्यक्रम में जाने से तत्कालीन प्रधानमंत्री पं. नेहरू ने इनकार कर दिया था। डॉ. यादव ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में धारा 370 देश के माथे पर विभाजन की लकीर की तरह थी। विरोधी दल ये धमकी दे रहे थे कि अगर धारा 370 हटाई गई, तो देश में आग लग जाएगी, खून की नदियां बह जाएंगी। लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ और मोदी जी ने बड़ी सहजता से धारा 370 समाप्त कर दी। ऑपरेशन सिंदूर के माध्यम से प्रधानमंत्री जी ने आतंकवादियों पर जो प्रहार किए, उसके बाद पाकिस्तान की भाषा बोलने वाले लोग देश हित की बात करने लगे हैं। जब नायक शक्ति संपन्न हो, सरकार सक्षम हो तो ऐसी ही अनुकूलता आती है। मोदी जी ने अपने साहस से वातावरण बदल दिया। विदेशों में बज रहा भारत का डंका  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि कांग्रेस के जमाने में देश कहने भर को गुटनिरपेक्ष रहा, लेकिन वास्तविक गुटनिरपेक्षता मोदी जी के कार्यकाल में आई है। पड़ोसी देशों और दुनिया में भारत की छवि बदली है। हम अमेरिका से अपनी जरूरत का सामान लेते हैं और हर तरह के विरोध को नकारते हुए रूस से भी सस्ता तेल खरीदते हैं। रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच हम अपने छात्रों को वहां से निकालते हैं और भारत माता की जय बोलते हुए कई पाकिस्तानी छात्र भी वहां से निकलने में कामयाब हो जाते हैं। हम ईरान से उसके बंदरगाह का उपयोग करने का समझौता करते हैं, तो श्रीलंका को मदद देकर कर्ज से उबारते हैं और भूटान की रक्षा के लिए चीन के सामने अंगद के पैर की तरह जम जाते हैं। नेपाल में जब भूकंप आया, तो मानवीय सहायता पहुंचाने वाला भारत ही पहला देश था। पाकिस्तान से संबंध सुधारने के लिए भी प्रधानमंत्री श्री मोदी जी ने कई बार प्रयास किए, लेकिन यह बात उसे समझ नहीं आई। यह भारत की नीतियों का ही परिणाम है कि पाकिस्तान के साथ हालिया विवाद के दौरान अफगानिस्तान हमारे साथ खड़ा रहा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के कार्यकाल में मुस्लिम देशों में भी भारत के प्रति अनुकूलता आई है।  प्रधानमंत्री जी ने देश की अर्थव्यवस्था को ऐतिहासिक गति दी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि 1947 में आजादी के समय भारत दुनिया की 15 वें नंबर की अर्थव्यवस्था वाला देश था। श्रद्धेय अटलजी की गठबंधन वाली सरकार ने अपने स्तर पर अर्थव्यवस्था में सुधार के प्रयास किए। इसके बाद डॉक्टर मनमोहन सिंह की सरकार आई, जो पहले वित्त मंत्री भी थे, लेकिन भारत की अर्थव्यवस्था 11 … Read more

एमपीसीडीएफ तथा सहकारी दुग्ध संघों की गतिविधियों के एण्ड टू एण्ड डिजिटाइलेशन की ओर पहला कदम

भोपाल एमपी स्टेट कोआपरेटिव डेयरी फेडरेशन लिमिटेड (एमपीसीडीएफ) भोपाल में राष्ट्रीय डेरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) द्वारा प्रबंधन संभालने के बाद एमपीसीडीएफ द्वारा डिजिटाइलेशन की ओर कदम बढा दिए गए है। जिससे इसकी प्रमुख गतिविधियों को ऑनलाइन संपादित किया जा सकेगा। राष्ट्रीय डेरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) की मदद से मध्य प्रदेश स्टेट कोऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन (एमपीसीडीएफ) ने अपनी मुख्य गतिविधियों को डिजिटल बनाने के लिए ईआरपी सिस्टम लागू कर दिया है।  इसके अलावा, एनडीडीबी ने एक मोबाइल ऐप आधारित दूध संग्रहण प्रणाली विकसित की है, जिससे किसानों को दूध के सही मूल्य और समय पर भुगतान मिल सकेगा। यह ऐप ईआरपी सिस्टम से जुड़ा होगा, जिससे भुगतान प्रक्रिया तेज और पारदर्शी हो जाएगी। यह एप स्वचालित दूध संग्रहण प्रणाली की स्थापना लागत को भी कम करेगा। इससे डेयरी संघों को आर्थिक फायदा होगा। इस मोबाइल ऐप को इंदौर दूध संघ के मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा लॉन्च किया गया, जो डेयरी क्षेत्र में टेक्नोलॉजी आधारित परिवर्तन की शुरुआत का संकेत है। एमपीसीडीएफ के प्रबंध संचालक डॉ. संजय गोवाणी ने ने इस डिजिटल पहल को पारदर्शिता की दिशा में बड़ा कदम बताया और कहा कि इसे अन्य दूध संघों में भी जल्द लागू किया जाएगा। यह पहल भारत के डेयरी क्षेत्र में नया मील का पत्थर साबित होगी, जिससे किसानों को सही मूल्य और समय पर भुगतान मिलेगा, और दूध संग्रहण प्रक्रिया अधिक सुव्यवस्थित और प्रभावी बनेगी। यह डिजिटल बदलाव मध्यप्रदेश में सहकारी डेयरी क्षेत्र में विभिन्न गतिविधियों के क्रियान्वयन को सुव्यवस्थित करने, दक्षता बढ़ाने और अधिक जवाबदेही लाने में सक्षम रहेगा।

2025 आम महोत्सव 8.0 का मीडिया संवाद

भोपाल  प्रश्न : नाबार्ड क्या है और इसकी स्थापना का क्या उद्देश्य था? उत्तर : राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड), जिसकी स्थापना 1982 में देश में कृषि और ग्रामीण विकास को बढ़ावा देने के लिए हुई थी।   आज नाबार्ड ने देश के कृषि व ग्रामीण विकास में अपने अनूठे कार्यक्रमों के माध्यम से अलग पहचान बनाई है। इसमें एपीओ, एमईडीपी, एलईडीपी, वाटरशेड, वित्तीय साक्षरता, आदिवासी समुदाय के विकास हेतु टीडीएफ कार्यक्रम शामिल हैं।   प्रश्न : टीडीएफ़ क्या है ? इसके उद्देश्य कौन सी परियोजनाएं चलाई जाती है ? उत्तर: नाबार्ड ने 2003-04 में अपने लाभ में से 50 करोड़ रुपये की राशि से जनजातीय विकास निधि (टीडीएफ) बनाई जिसका मुख्य उद्देश्य आदिवासी समुदाय की सतत आजीविका के साधनों का सृजन करना था। टीडीएफ के तहत वाडी तथा नॉन वाडी परियोजनाएं चलाई गई। अभी वाडी परियोजनाओं को ट्राइब्स के नाम से जाना जाऐगा। इन परियोजना का उद्देश्य क्षेत्र की क्षमता और जनजातीय जरूरतों के आधार पर स्थायी आय प्रदान  करने वाली गतिविधियों को अपनाकर, सामुदायिक भागीदारी के आधार पर जनजातीय परिवारों के एकीकृत विकास के अनुकरणीय मॉडल तैयार करना है। साथ ही जनजातीय संस्थाओं का निर्माण और उन्हें मजबूत करना, जिससे समुदाय नीति निर्माण, कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में भागीदार बन सकें और सामाजिक और आर्थिक स्थिति में सुधार कर सकें। सामुदायिक संस्थाओं को बढ़ावा देना, इनपुट आपूर्ति, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण, एकत्रीकरण, प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन और विपणन को सुविधाजनक बनाना है । इसके अलावा जनजातीय किसानों को मूल्य श्रृंखला में एकीकृत करना है, जिससे उन्हें उपभोक्ता मूल्य का अधिक हिस्सा प्राप्त हो सके।  प्रश्न : नाबार्ड द्वारा वर्तमान में मध्यप्रदेश में कितनी परियोजनायें कार्यान्वित हैं? उत्तर: मध्य प्रदेश में अभी तक 31 जिलों में 102 परियोजाएं मंजूर की जा चुकी है तथा इन परियोजनाओं से अभी तक 78126 आदिवासी परिवारों को लाभ मिला है। वर्तमान में राज्य के 19 जिलों में 23 परियोजनाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा है ।  प्रश्न : इन वाड़ी परियोजनाओं के मुख्य उत्पाद क्या है?  उत्तर: इन वाड़ी परियोजना में, आदिवासी परिवार रसायन मुक्त और उच्च गुणवत्ता वाले फलों का उत्पादन करते हैं, जिसमें प्रमुख उपज विभिन्न किस्मों के आम, अमरूद, नींबू, आंवला तथा सीताफल आदि हैं ।  साथ ही कटनी जिले में नॉन वाडी के तहत मेडिसन हर्ब वाली परियोजना भी चल रही है।  प्रश्न: आम महोत्सव का उद्देश्य  क्या है ?  उत्तर: वाड़ी परियोजना के अंतर्गत आदिवासी परिवारों द्वारा उत्पादित फलों का अधिकतम मूल्य प्राप्त हो सके, इसके लिए नाबार्ड हमेशा प्रयसरत रहा है, जिसमें आम महोत्सव एक मुख्य आयोजन है।  इस महोत्सव का मुख्य उद्देश हमारे आदिवासी किसानों द्वारा उत्पादित आमों के लिए प्रदेश के मुख्य शहरो में बाजार उपलब्ध करवाना, मूल्य संवर्धन तथा विपणन के विभिन्न पहलुओं से अवगत करना है । इस महोत्सव आम को वाडी से सीधा भोपालवासियों की प्लेट तक पहुँचाने का कार्य करता है। इस कार्यक्रम को क्रेता और विक्रेता द्वारा अत्यधिक सराहा जाता रहा है।  प्रश्न : इस वर्ष आम महोत्सव का आयोजन कब किया जा रहा है ? उत्तर: इस वर्ष नाबार्ड द्वारा “ राज्य स्तरीय आम महोत्सव” के आठवें संस्कारण का आयोजन दिनांक 10 से 14 जून 2025 तक किया जा रहा है। साथ ही रीवा तथा छिंदवाडा में जिला स्तरीय आम महोत्सव का भी आयोजन किया जा रहा है। प्रश्न: आम महोत्सव कहाँ आयोजित किया जा रहा है ? उत्तर:  राज्य स्तरीय आम महोत्सव का आयोजन नाबार्ड, मध्य प्रदेश क्षेत्रीय कार्यालय, ई- 5, अरेरा कालोनी, बिट्टन मार्केट, भोपाल में किया जा रहा है।  प्रश्न: आम महोत्सव में आम कहाँ-कहाँ से आ रहे हैं ?  उत्तर:  राज्य के लगभग हर कोने जैसे छिंदवाड़ा, झाबुआ, अलीराजपुर, रीवा, सतना, मंडला, शहडोल आदि जिलों के नाबार्ड समर्थित वाड़ी परियोजना के स्वादिष्ट और रसायन मुक्त आम, इस महोत्सव में बिक्री हेतु उपलब्ध होंगे। महोत्सव में लगभग 20 टन आम बिक्री हेतु उपलब्ध होंगे। प्रश्न: कौन से आम की किस्म की इस बार मुख्य आकर्षण होगी ? उत्तर : जी आई टैग सुंदरजा तथा नूरजहाँ आम के साथ ही साथ केसर, तोतापरी, आम्रपाली, दशहरी, लंगड़ा, चौसा, नारंगी, सिंदूरी, राजपुरी आदि विविध आम की किस्में इस बारे आम महोत्सव में उपलब्ध होंगे ।  प्रश्न: सुंदरजा और नूरजहां आम की क्या खासियत है ? उत्तर: सुंदरजा आम एक अनूठी किस्म है इस आम को शुगर के रोगी भी खा सकते हैं। अपनी इसी विशेषता के लिए यह विश्व प्रसिद्ध हो चुका है। यह आम बहुतायात में विदेशों में जाता है। यह किस्म मध्य प्रदेश के रीवा जिले के गोविंदगढ़ कस्बे में बहुत होती है। इसे जीआई टैग प्राप्त है।  दूसरा आकर्षण का केंद्र नूरजहां आम है। इस विशाल आकर वाले आम को देखने व खरीददारों के लिए लोग दूर-दूर से आते हैं।  इसका वजन लगभग 1.5 से 3 किलों से बीच में होता है। यह आम अधिक रसीला होता है, इसका छिलका पतला होते है और गूठली (बीज) भी छोटा होता है।  प्रश्न : पिछली बार की तुलना में इस बार कितनी विशेषता वाले आम आ रहे हैं ? उत्तर :  पिछली बार की तुलना में इस बार और आधिक किस्म के आम बिक्री हेतु उपलब्ध होंगे, साथ ही साथ पिछली बार नूरजहान आम केवल अवलोकन के लिए उपलब्ध था इस बार बिक्री हेतु भी उपलब्ध रहेगा ।

बिरसा मुंडा अस्मिता, स्वायत्तता और सांस्कृतिक पहचान के प्रतीक: मसकोले

हरदा क्रांति सूर्य धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा को उनके 125 वें शहादत दिवस पर सोमवार को अजाक्स जिला कार्यालय हरदा में भगवान बिरसा मुंडा के चित्र पर माल्यार्पण किया जाकर दीप प्रज्ज्वलित कर श्रद्धा सुमन अर्पित किए । अजाक्स के पूर्व जिलाध्यक्ष रमेश मसकोले ने कहा कि कहा कि बिरसा मुंडा का जीवन और शहादत भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में आदिवासी समाज के साहस और उनके जल-जंगल-जमीन के लिए किए गए बलिदान का प्रतीक है। आदिवासी समाज के लोग आज भी उन्हें भगवान की तरह पूजा करते हैं। अजाक्स की जिलाध्यक्ष श्रीमती सीमा निराला ने कहा कि उनके नेतृत्व ने आदिवासियों को अन्याय के खिलाफ लड़ने के लिए प्रेरित किया और उन्हें अपनी पारंपरिक भूमि और संस्कृति के महत्व का एहसास कराया। इस अवसर पर अजाक्स के जिला संरक्षक राजकुमार मसकोले, कोषाध्यक्ष बालाराम आहके, जी. डी. दुधे, हरदा ब्लाक अध्यक्ष रामचंद्र अहिरवार, जिला सचिव पंचम ऊईके, शासकीय अधिवक्ता सुखराम बामने, रामस्वरूप झरानिया आदि अन्य लोग उपस्थित रहें।  

सेवा में मिला सम्मान से ग्वार बंजारा समाज परेशान: रमेश सिंह

भोपाल सामाजिक बन्धुओं स अमरजीत सिंह एवं स रमेश सिंह को हर जगहों पर सेवा के लिए सम्मान मिलता है तो ग्वार बंजारा समाज भोपाल और इटारसी के कुछ लोगों को अपमान और माफी मंगवाने का अधिकार किसने दिया। समाज में एक दूसरे को झूठी कहानी से भड़कना और समाज में लड़ाई झगडे को बढ़ावा देने की कोशिश करना फिर सम्भावना जताना की यह बात कह कर बात कों टालना,अगर बैठक या पंचायत हुई तो लड़ाई होना निश्चित है  अब तो कुछ लोगो ने यह बात कहना शुरू कर दिया है? कि स रमेश सिंह भोपाल ग्वार बंजारा समाज से लड़ रहा है जिला संचालक, आयुक्त जाहागीरा बाद भोपाल शासन में शिकायत दर्ज करा कर नोटिस करवाई करा रहा है और उक्त संस्था के लिए नोटिस भेजकर अपना और समाज का समय खराब कर रहा है ऐसे नोटिसों श्री अनिल नायक ऊर्फ अरविंद के साथ जो इस समाज में है स रमेश सिंह क्या बिगाड़ लेगा? मैं समाज को स्पष्ट बात बता देना चाहूंगा कि यह लड़ाई में द्वारा शुरू नहीं कि है इस लड़ाई के मुख्य सूत्रधार श्री शिवनारायण नायक,श्री सोनू भाई ठाकुर ने बाबा लख्खी शाह बंजारा समाज के साथ लड़ी है उन्होंने पहला शिकायती पत्र उनके द्वारा अध्यक्ष श्री अनिल नायक ऊर्फ अरविंद और सचिव श्री खूब सिंह के लिए एक पत्र  लिखा था और बह पत्र उनके पतों पर कोरियर द्वारा भेजा गया था अध्यक्ष श्री अनिल नायक ऊर्फ अरविंद ने और सचिव श्री खूब सिंह ने अपने पतों पर आयी चिठ्ठी शिकायत पत्र नहीं लिया गया जिसकी सूचना के तौर पर श्री तारा सिंह जों उक्त संस्था में उपाध्यक्ष है चान्दबड में रहते हैं हमारे द्वारा उनको भी अवगत कराया गया था और साथ ही उनको बताया भी था ? श्री तारा सिंह का कहना था कि समाज में मेरी कोई बात सुनता नहीं है उक्त संस्था का अध्यक्ष श्री अनिल नायक ऊर्फ अरविंद ने समाज में भ्रम फैला दिया है कि ऐसी शिकायतों से कुछ होने वाला नहीं है तो जिला संचालक, आयुक्त ने आप लोगों को क्यों  नोटिस दै रहा है  शासन ने बार बार चेतावनी के बाद समाज में समझौता कर पालन नहीं किया गया एक प्रश्न पूछें उक्त संस्था श्री अनिल नायक ऊर्फ अरविंद ने  किस तरह चालाकी से समाज और सदस्यों को झूठी कहानी समाज में इसके द्वारा बताई गई इस तरह समाज चलाएंगे श्री गुरदीप सिंह के जुर्माने की राशि का क्या हुआ उनके घर निमंत्रण क्यौ रोकें जा रहै है जों लोग परजात में शादी कर लेते हैं उन्हें कब समाज में वन्द एवं खोल देते हैं समाज में सभी सामाजिक बन्धुओं को जानकारी अध्यक्ष के द्वारा  देना आवश्यक है ऐसा नहीं चलेगा कि समाज में मांगलिक मोत म्यैत कार्यक्रम के समय ही ये मुद्दा क्यों उठाया जाता है क्यों तभी ये लोग चुहा बिल्ली का खेल खेलते हैं ग्वार बंजारा समाज भोपाल और इटारसी में कुछ जज बैठे हैं जो समाज में समन्वय और शान्ति स्थापित नहीं होने देना चाहते हैं इटारसी में लख्खी बंजारा भोपाल या अन्य जगहों से आयें निमंत्रण रोकना इनका उद्देश्य है भोपाल में श्री रमेश तलवार, श्रीमती माया गोर इन्होंने निमंत्रण के ठेकेदार बने जों अपना घर नहीं बचा पाए वो समाज क्या ख़ाक चलाएंगे ये लोग अपनी पुरानी रंजिशें को लेकर मुझसे स रमेश सिंह से प्रयोजित ऐजेंडे को लेकर लड़ और मेरा अपमान भी कर रहे हैं इन्हें समाज में क्या हो रहा है इससे इन्हें कोई मतलब नहीं है सिर्फ स रमेश सिंह स रमेश सिंह ही नजर आ रहा है अगर कोई इनसे पूछे तो एक वाक्य को सभी ने रट लगा रखी है हमने उन्हें कोई वन्द चालू नहीं किया है ये व्यक्ति गत है तो घरों में फोन करके और इनके छोटे छोटे बच्चों को भी शामिल किया हुआ है ऐसे कृत्य में संलिप्त हैं ऐसे में मांगलिक कार्यों में बहु वेटी को रोका जाता है क्या कसूर है उन बच्चों को जिन्हें समाज में गुटबाजी का शिकार होना पड़ता है अगर जरा सी भी शर्म बची है श्री अनिल नायक ऊर्फ अरविंद मैं तो समाज में जागरूकता पैदा करें ना कि निमंत्रण के लिए समाज में ढोंग नहीं रचें कोई पूछे श्री रमेश तलवार से फिर वो श्री तारा सिंह से माया गोर पूछे फिर वो कहैगा की श्री अनिल नायक, श्री मनोज कुमार, श्री राजा पवार,ऐसे में निमंत्रण दैने वाला बैचारा क्या करें ? जरा चिन्तन मनन करने कि जरूरत है हम लोग भी 63 साल के हों गये है हम  सत्तर सालों से यहीं कुछ देखते चले आ रहे हैं कुछ भी नहीं वदलाव नहीं आया है  अब तक हम बही पर अटकै है  मैं रमेश सिंह बड़े ही विनम्र भाव से समाज को एक बात बताना चाहता हूं कि मैं समाज से नहीं लड़ रहा हूं वल्कि श्री अनिल नायक ऊर्फ अरविंद ने कुछ समाजिक बन्धुओं को मेरे घर पर आयें थे और मुझे ग्वार बंजारा समाज में आजीवन सदस्य बनाने का आवेदन और रूपए 4500 और मेंरे छोटे भाई प्रीतम सिंह से भी 4500 की राशि चेक द्वारा श्री शिवनारायण नायक ने नकदी प्राप्त की थी 2021 में इस समाज में चाहे मेरी सदस्यता की बात हो या अध्यक्ष चुनाव की बात हो,ग्वार बंजारा समाज भोपाल संस्था ने मुझे धोखा ही दिया है साथ ही इनके तार इटारसी के साथ मिलें हुए हैं इस कारण मेरे अध्यक्ष पद पर इटारसी समाज ने एक व्यक्ति के आवेदन आया है इस बार की पुष्टि 2021 में चुनाव अधिकारी श्री करण सिंह ने मुझे अपने मोबाइल फोन पर कहां गया था कि आपका अध्यक्ष पद का आवेदन निरस्त किया गया है क्योंकि हमै इटारसी से हमें चिठ्ठी भेजीं गई है मैं द्वारा इसका जिम्मेदार हूं इस सामाजिक कृत्य का सिर्फ श्री अनिल नायक ऊर्फ अरविंद ही जिम्मेदार है इस व्यक्ति ने समाज में एक वर्ग को झूठी कहानी सुनाकर समाज में गुटबाजी को बढ़ावा दे कर अपनी मनमानी चला रहा है इसके सहयोगी है श्री रमेश तलवार, श्री तारा सिंह, श्रीमती माया गोर, श्री मनोज सिंह, श्री हरनाम सिंह, श्री राजा पवार हैं  ये समाज में अंतर्जातीय विवाह पर जुर्माना, और इनके खिलाफ शिकयत और जबाब तलव करने वाले व्यक्ति चाहे स रमेश … Read more

प्रदेश के बाहर से आयातित तुअर पर मंडी फीस से पूर्णतः छूट दिए जाने का निर्णय

प्रदेश की 20 हजार 600 सुदूर बसाहटों को मुख्य मार्ग से जोड़ने 21 हजार 630 करोड़ रूपये की सैद्धांतिक स्वीकृति मुख्यमंत्री मजरा-टोला सड़क योजना अंतर्गत 30 हजार 900 किलोमीटर सड़क का होगा निर्माण प्रदेश के बाहर से आयातित तुअर पर मंडी फीस से पूर्णतः छूट दिए जाने का निर्णय झाबुआ, सिंगरौली, देवास, नर्मदापुरम में वर्किंग वूमन हॉस्टल निर्माण का अनुमोदन मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में जिला विकास सलाहकार समिति” के गठन की स्वीकृति मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद का निर्णय भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंगलवार को मंत्रालय में सम्पन्न हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा मुख्यमंत्री मजरा-टोला सड़क योजना अंतर्गत प्रदेश के सुदूर बसाहटों मजरा/टोला/धोनी/पुरा इत्यादि को बारहमासी सम्पर्कता प्रदान करने 21 हजार 630 करोड़ रूपये की सैद्धांतिक स्वीकृति दी गई। स्वीकृति अनुसार योजना का क्रियान्वयन 2 चरणों में किया जायेगा। वित्तीय वर्ष 2025-26 से 2029-30 तक पहले चरण एवं वित्तीय वर्ष 2030-31 से 2034-35 तक दूसरे चरण में कुल अनुमानित 30 हजार 900 कि.मी. मार्ग का निर्माण होगा। योजना का क्रियान्वयन राज्य मद से किया जायेगा। योजना के संबंध में मध्यप्रदेश ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण की साधिकार समिति को निर्णय लिये जाने के लिए अधिकृत किया गया है। स्वीकृति अनुसार न्यूनतम 20 आवास और 100 से अधिक जनसंख्या वाले 6 हजार वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्रफल वाले ऐसे क्षेत्र, जिसके 50 मीटर की दूरी में पूर्व से बारहमासी सड़क न हो, को बसाहट के अंतर्गत लिया जायेगा। इसके लिए बसाहट की जनसंख्या के घटते क्रम में विधानसभा क्षेत्रवार प्राथमिकता सूची तैयार की जायेगी। सांसद, क्षेत्रीय विधायक और जिला पंचायत सदस्यों के परामर्श पर ग्रामीणजनों की स्थानीय आवश्यकता जैसे – सुरक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा आदि के आधार पर बसाहटों की प्राथमिकता में कलेक्टर द्वारा लिपिबद्ध कारणों से सूची में परिवर्तन किया जा सकेगा। अंतिम प्राथमिकता सूची का राज्य स्तर पर प्रकाशन किया जायेगा। योजना अंतर्गत 20 हजार 600 बसाहटों को मुख्य मार्ग से जोड़ने के लिए लगभग 30 हजार 900 किलोमीटर मार्ग का निर्माण किया जायेगा। प्रदेश के बाहर से आयातित तुअर पर मंडी फीस से पूर्णतः छूट दिए जाने का निर्णय मंत्रि-परिषद द्वारा प्रदेश में तुअर दाल उद्योगों की आवश्यकता के दृष्टिगत प्रदेश में बाहर से आयातित तुअर पर मंडी शुल्क से पूर्णतः छूट दिए जाने का निर्णय लिया गया। छूट दिए जाने से प्रदेश में तुअर दाल की पर्याप्त उपलब्धता होगी। साथ ही परिवहन बढेगा और रोजगार में वृद्धि होगी। झाबुआ, सिंगरौली, देवास, नर्मदापुरम में वर्किंग वूमन हॉस्टल निर्माण का सैद्धांतिक अनुमोदन मंत्रि-परिषद द्वारा झाबुआ, सिंगरौली, देवास और नर्मदापुरम में कामकाजी महिलाओं के जीवन को आसान बनाने के उद्देश्य से SASCI (स्पेशल असिस्टेंस टू स्टेट्स फॉर कैपिटल इनवेस्टमेंट) 2024-25 योजना अंतर्गत स्वीकृत 350 सीट्स की क्षमता वाले 4 वर्किंग वूमन हॉस्टल के निर्माण का सैद्धांतिक अनुमोदन दिया गया है। योजना पी.पी.पी मोड में संचालित की जायेगी। योजना पर 40 करोड़ 59 लाख रूपये खर्च होंगे। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में ”जिला विकास सलाहकार समिति” के गठन की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा जिले के विकास योजना के लिए रोडमेप तैयार करने और जिले की दीर्घकालीन विकास योजनाएं बनाने के लिए सभी जिलों में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में “जिला विकास सलाहकार समिति” का गठन किये जाने का अनुमोदन दिया गया। उल्लेखनीय है कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट भाषण में मध्यप्रदेश के समस्त जिलों में जिला विकास सलाहकार समिति का गठन किये जाने संबंधी निर्देश दिये गये थे। जिला विकास सलाहकार समिति में जिले के प्रभारी मंत्री उपाध्यक्ष होंगे। सांसद, जिले के समस्त विधायक, जिला मुख्यालय के महापौर या नगरपालिका अध्यक्ष, जिला पंचायत अध्यक्ष, जिले के सभी जनपद अध्यक्ष के साथ उद्योग, व्यापार, प्रगतिशील किसान, समाज सेवी, चिकित्सा, विधि आदि क्षेत्रों के 20 प्रतिनिधियों को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। कलेक्टर समिति के सदस्य सचिव होंगे। समिति के उद्देश्यों में जिले की जनता, जनप्रतिनिधियों व अन्य हितधारकों की जरूरतों और सुझावों के अनुसार जिले के दीर्घकालीन विकास की योजनाएँ बनाना है। साथ ही समिति जिले के परंपरागत कौशल को चिन्हित कर प्रधानमंत्री के वोकल फॉर लोकल” के सिद्धांत के दृष्टिगत उन्हें राष्ट्रीय और अन्तराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ावा देते हुए जिले की समृ‌द्धि का रोडमैप तैयार करेगी। जिले की स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए शासकीय योजनाओं को बेहतर तरीके से लागू करने के सुझावों पर समिति विचार करेगी। जिले में स्थानीय प्रयासों से प्रचलित नवाचारों को एक योजना के रूप में मूर्त रूप देना। जिले में रोजगार सृजन एवं विकसित मध्यप्रदेश के लक्ष्यों के संबंध में सुझाव, उद्योग, व्यापार, जल संरचनाओं के संरक्षण, निर्यात, कृषि, खनिज आदि क्षेत्रों में जिले की कार्ययोजना के लिए सुझाव देना शामिल है।  

अब राज से भी सोनम की बेवफाई! अपनी गर्दन बचाकर कबूल की आधी बात

प्रेग्नेंट है सोनम रघुवंशी? मेडिकल रिपोर्ट ने और उलझाई राजा मर्डर केस की गुत्थी सोनम नेपाल भागने वाली थी ? फिर क्यों किया सरेंडर, सिर्फ रात में करती थी सफर अब राज से भी सोनम की बेवफाई! अपनी गर्दन बचाकर कबूल की आधी बात इंदौर इंदौर कपल केस में रोज नए-नए खुलासे हो रहे हैं। पुलिस ने यूपी के गाजीपुर से सोमवार को सोनम रघुवंशी को गिरफ्तार किया। इसके बाद पूरे मामले ने यू-टर्न ले लिया। जिसे अब तक विक्टिम माना जा रहा था वो ही सोनम अब मुख्य आरोपी बताई जा रही है। वहीं राजा रघुवंशी के मर्डर में सोनम के बॉयफ्रेंड राज कुशवाह समेत अन्य तीन लोगों का नाम सामने आया है। अब इस केस में एक नया मोड़ सामने आया है- सोनम की प्रेग्नेंसी की खबर। मेडिकल जांच ने इस केस को और रहस्यमयी बना दिया है। प्रेग्नेंसी टेस्ट: सच या सस्पेंस? 9 जून 2025 को सोनम की मेडिकल जांच तीन महिला डॉक्टरों की टीम ने की। सोनम की शारीरिक और मानसिक स्थिति कमजोर पाई गई। वह डरी हुई थीं, लेकिन उनके शरीर पर कोई चोट के निशान नहीं मिले। प्रेग्नेंसी टेस्ट के नतीजे असंतोषजनक रहे, जिसका मतलब है कि यह स्पष्ट नहीं हो सका कि सोनम गर्भवती हैं या नहीं। न्यूज18 की रिपोर्ट के मुताबिक, डॉक्टरों ने सुझाव दिया है कि सात दिन बाद अल्ट्रासाउंड किया जाए ताकि स्थिति साफ हो सके। यह असमंजस जांच को और जटिल बना रहा है। अगर सोनम प्रेग्नेंट हैं, तो यह बच्चा राजा का है या किसी और का? यह सवाल नई उलझन बन गया है। नेपाल भागने वाली थी सोनम ? फिर क्यों किया सरेंडर, सिर्फ रात में करती थी सफर इंदौर के रहने वाले राजा रघुवंशी की हत्या के मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, पत्नी सोनम रघुवंशी को भी रिमांड पर भेजा गया है। इसी बीच खबरें हैं कि मेघालय के शिलॉन्ग में पति राजा को मौत के घाट उतारने के बाद सोनम ने देश छोड़ने का ही प्लान बना लिया था। हालांकि, इसे लेकर पुलिस ने आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, हत्यारों ने सोनम के सामने ही राजा को मौत के घाट उतारा था। यह वारदात सोहरा में की गई थी। हत्यारों ने शव को खाई में फेंका और अलग-अलग हो गए। फिलहाल, पुलिस ने सोनम की प्लानिंग और शिलॉन्ग से गाजीपुर आने को लेकर आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा है, लेकिन खबरें हैं कि वह नेपाल भागने की तैयारी कर रही थी। इतना ही नहीं वारदात के बाद वह सिर्फ रात में ही सफर करती थी। कैसे चलाया खर्च एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, शादी में मिले गहने और करीब 9 लाख रुपये लेकर सोनम शिलॉन्ग गई थी। हत्या के बाद वह इनकी मदद से ही सफर तय कर रही थी और नेपाल भागने की तैयारी में थी। कहा जा रहा है कि दो युवकों ने सोनम के छिपने और रहने में मदद की थी। पूरी प्लानिंग थी तो क्यों कर दिया सरेंडर खबरें हैं कि हनीमून ट्रिप के दौरान सोनम लगातार हत्यारों के संपर्क में बनी हुई थी। जब मीडिया में तीनों के पकड़े जाने की खबरें आईं तो सोनम ने भी उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में सरेंडर कर दिया। हालांकि, अब तक यह साफ नहीं हो सका है कि सोनम ने शिलॉन्ग से गाजीपुर तक का सफर कैसे तय किया। 2 जून को खाई में राजा की लाश मिली थी और इसके बाद से ही सोनम की तलाश जारी थी। एक दिन पहले ही आईएएनएस से बातचीत में IG पुलिस पी मारक ने कहा, ‘सोनम ने बीती रात दबाव में आकर सरेंडर किया है, जिसके बाद गिरफ्तारियों की संख्या 4 पर पहुंच गई है। एक आरोपी अब भी फरार है। कोर्ट कार्यवाही के लिए सोनम को वापस मेघालय लाया जाएगा।’ राजा के बाद राज से भी सोनम की बेवफाई अपनी दुल्हन को लेकर हनीमून मनाने इंदौर से मेघालय गए राजा रघुवंशी की हत्या के बाद उसकी पत्नी सोनम रघुवंशी को गिरफ्तार किया गया है। मेघालय पुलिस का कहना है कि सोनम ने अपने आशिक राज के साथ मिलकर हत्याकांड की साजिश रची और सुपारी देकर राजा की हत्या कराई। गिरफ्तारी के बाद यूपी पुलिस ने सोनम रघुवंशी से शुरुआती पूछताछ की जिसमें उसने खुद को बेकसूर बताया। हालांकि, सोनम ने राज और उसके दोस्तों को कातिल माना पर वजह कुछ और बताई। टाइम्स ऑफ इंडिया ने एक रिपोर्ट में बताया है कि गाजीपुर पुलिस ने सोनम को हिरासत में लेने के बाद कुछ देर पूछताछ की जिसमें उसने दावा किया कि लूटपाट के लिए राजा की हत्या की गई है। उसने राज और उसके दोस्तों पर लगे हत्या के इल्जाम को सही माना। सोनम ने राज और उसके दोस्तों की ओर इशारा करते हुए गाजीपुर पुलिस से कहा, ‘मैंने अपने पति की हत्या नहीं की। उन्होंने (राज और उसके दोस्त) गहनों के लिए उसे मार डाला।’ कई सवालों के जवाब नहीं दे पाई सोनम सोनम ने जोर देकर बार-बार दोहराया कि राजा रघुवंशी की हत्या में उसकी कोई भूमिका नहीं है। हालांकि, वह कई अहम सवालो के जवाब नहीं दे सकी है। मसलन, वह पिछले 16 दिनों से कहां थी, वह कैसे वारदात वाली जगह से निकली, वाराणसी-गाजीपुर हाईवे पर काशी ढाबे तक कैसे पहुंची, जोकि घटनास्थल से 1200 किलोमीटर से अधिक दूर है। सोनम को अब शिलॉन्ग पुलिस अपने साथ ले गई है जहां उसका आरोपियों से आमना-सामना कराया जाएगा। सोनम, राज और अन्य तीन आरोपियों से पूछताछ के बाद मेघालय पुलिस पूरे घटनाक्रम से पर्दा उठा सकती है। क्या-क्या हुआ है अभी तक 11 मई को शादी के बाद 20 को सोनम और राजा हनीमून के लिए मेघालय गए थे। यहां अचानक दोनों लापता हो गए। 2 जून को राजा की लाश शिलॉन्ग में एक गहरी खाई में बरामद की गई। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से पता चला कि धारदार हथियार से राजा की हत्या की गई है। करीब 16 दिनों तक लापता रहने के बाद सोनम अचानक यूपी के गाजीपुर में एक ढाबे पर मिली। मेघालय और इंदौर की पुलिस ने शुरुआती जांच के आधार पर सोनम उसके कथित प्रेमी राज को मुख्य साजिशकर्ता बताया है। वहीं, राज … Read more

प्रदेश की पहली महिला एवरेस्ट विजेता मेघा परमार को भी दिया जाए विक्रम अवार्ड, हाईकोर्ट में याचिका दायर

जबलपुर माउंट एवरेस्ट सहित विश्व की चार पर्वत चोटी फतह करने के बावजूद विक्रम अवार्ड नहीं दिये जाने को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। जस्टिस अमित सेठ की एकलपीठ ने सुनवाई के बाद सरकार को दो सप्ताह में जवाब पेश करने निर्देश जारी किए हैं। एकलपीठ ने इस दौरान याचिकाकर्ता को सरकार के समक्ष अभ्यावेदन पेश करने निर्देश जारी किए हैं।   याचिकाकर्ता मेघा परमार की तरफ से दायर की गई याचिका में कहा गया था कि वह माउंट एवरेस्ट फतह करने वाली प्रदेश की पहली महिला है। उसके दल में भावना डेहरिया भी शामिल थीं, जो उनके बाद चोटी पर पहुंची थीं। इसके अलावा माउंट कोस्कियस,माउंट किलिमन तथा माउंट एल्ब्रस की चोटी भी उसने भावना से पहले फतह की थी। याचिका के साथ दोनों का टाइमिंग डाटा भी पेश किया गया था। याचिका में राहत चाही गई थी कि योग्यता के अनुसार भावना के साथ उसे भी विक्रम अवॉर्ड प्रदान किया जाना चाहिए था। याचिका पर पहले चरण में हाईकोर्ट जस्टिस एके सिंह तथा जस्टिस अमित सेठ ने सुनवाई की। याचिकाकर्ता की तरफ से बताया गया कि साल 2019 में विक्रम अवार्ड रूल्स में संशोधन करते हुए एडवेंचर गेम को भी शामिल किया गया था। नियम के अनुसार एडवेंजर गेम में लिए एक खिलाड़ी को विक्रम अवार्ड दिया जाए। साल 2016 में एवरेस्ट फतह करने वाले प्रदेश के दो पुरुष को साल 2022 में विक्रम अवार्ड प्रदान किया गया था। सरकार पूर्व में एडवेंचर गेम में सिर्फ एक खिलाड़ी को विक्रम अवार्ड देने का नियम शिथिल कर चुकी है। दोनों खिलाड़ी योग्य हैं तो दोनों को विक्रम अवार्ड प्रदान किया जाना चाहिए। युगलपीठ ने याचिका पर सुनवाई करते एकलपीठ ने निर्देश जारी किये थे। दूसरे चरण में जस्टिस अमित सेठ की एकलपीठ के द्वारा याचिका की सुनवाई की गई। सुनवाई के दौरान सरकार की तरफ से बताया गया कि विक्रम अवार्ड प्रदान करने के लिए खिलाड़ियों के नाम की घोषणा हो चुकी है। उसमें परिवर्तन नहीं किया जा सकता है। इसके अलावा याचिका में भावना को अनावेदक नहीं बनाने जाने का मुद्दा भी उठाया गया। याचिकाकर्ता की तरफ से बताया गया कि वह भावना को विक्रम अवार्ड दिए जाने के खिलाफ नहीं है। इसलिए उसे अनावेदक नहीं बनाया गया था। कानूनी प्रक्रिया के तहत आवश्यक होने पर वह याचिका में संशोधन करना चाहते हैं। एकलपीठ ने सुनवाई के बाद उक्त आदेश जारी किये। एकलपीठ ने याचिकाकर्ता को यह स्वतंत्रता दी है कि वह इस संबंध में सरकार के समक्ष अभ्यावेदन पेश कर सकती है। याचिकाकर्ता की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक तन्खा ने पैरवी की।  

नगरीय क्षेत्र में जर्जर भवन मालिकों के विरूद्ध करें कार्रवाई, आयुक्त नगरीय प्रशासन ने दिये निर्देश

भोपाल नगरीय प्रशासन एवं विकास आयुक्त श्री संकेत भोंडवे ने प्रदेश के समस्त नगरीय निकायों के अधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि वे अपने क्षेत्रों में जर्जर भवनों की सूची तैयार करें और मानसून आने के पहले जिला प्रशासन के सहयोग से जर्जर भवनों को गिराने की कार्रवाई करें। उन्होंने अधिकारियों को प्रभावित नागरिकों के उचित विस्थापन किये जाने के भी निर्देश दिये हैं। आयुक्त ने यह कार्यवाही नगर निगम अधिनियम और नगर पालिका अधिनियम के अंतर्गत सुनिश्चित किये जाने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने नगरीय निकायों के अधिकारियों को आगाह किया है कि सतर्कता के साथ की गई कार्यवाही से जनधन हानि से बचा जा सकता है। आयुक्त ने जर्जर भवनों की सूची तत्काल संबंधित जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन को उपलब्ध कराने के लिये कहा है। नाले-नालियों की सफाई पर ध्यान देने के निर्देश आयुक्त नगरीय प्रशासन ने नगरीय निकायों के अधिकारियों को अपने शहरी क्षेत्र के नाले-नालियों की साफ-सफाई प्राथमिकता से करवाने के लिये कहा है। उन्होंने कहा कि नाले-नालियों की उचित साफ-सफाई न होने की वजह से जल भराव की स्थिति निर्मित होती है। इस वजह से नागरिकों को तकलीफ का सामना करना पड़ता है। आयुक्त श्री भोंडवे ने नगरीय निकायों को सफाई कार्य की अपने स्तर पर सतत समीक्षा करने के लिये भी कहा है।  

विदिशा पुलिस का बड़ा कारनामा, 527 गुम मोबाइल बरामद, लौटाई लोगो के चेहरे पर मुस्कान

विदिशा  विदिशा पुलिस को मिशन मोबाइल रिकवरी अभियान के तहत बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने 40 दिनों के इस अभियान के तहत 527 खोए या चोरी गए लोगों के मोबाइल बरामद किए हैं। रिकवर किए गए मोबाइलों की कुल कीमत करीब 1.05 करोड़ रुपए बताई जा रही है।  विदिशा एसपी रोहित काशवानी के निर्देशन में सायबर सेल ने EMEI नंबर और CEIR पोर्टल की मदद से मोबाइल की लोकेशन ट्रैक की। बरामद मोबाइल मध्य प्रदेश के भोपाल, रायसेन, सागर, गुना, अशोकनगर के अलावा उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान और झारखंड से तक मिले हैं। फरवरी में भी 310 मोबाइल लौटा चुकी पुलिस इससे पहले फरवरी 2025 में भी पुलिस द्वारा 310 मोबाइल फोन लौटाए थे। इस बार बरामद मोबाइलों में से 82 मोबाइल आपराधिक मामलों में जब्त किए गए हैं। फरवरी में भी लौटा चुके 310 मोबाइल इससे पहले फरवरी 2025 में पुलिस ने 310 मोबाइल फोन लौटाए थे। इस बार बरामद मोबाइलों में से 82 मोबाइल आपराधिक मामलों में जब्त किए गए हैं। इन टीमों का रहा योगदान अभियान में सायबर प्रभारी गौरव रघुवंशी, प्रधान आरक्षक पवन जैन और रोहित रैकवार समेत कई आरक्षकों की अहम भूमिका रही। कोतवाली, सिविल लाइन, बासौदा, सिरोंज, कुरवाई और लटेरी थानों की टीमों ने भी मोबाइल बरामदगी में योगदान दिया। एसपी बोले- गुम मोबाइल की तुरंत शिकायत करें एसपी रोहित काशवानी ने बताया कि, अभियान में उत्कृष्ट काम करने वाले पुलिसकर्मियों को पुरस्कृत किया जाएगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि मोबाइल गुम या चोरी होने पर तुरंत थाना जाकर शिकायत करें या फिर सायबर हेल्पलाइन 7587637635 पर संपर्क करें। इसके अलावा www.ceir.gov.in पोर्टल पर IMEI नंबर के साथ रिपोर्ट दर्ज करें इन टीमों का रहा योगदान अभियान में सायबर प्रभारी गौरव रघुवंशी, प्रधान आरक्षक पवन जैन और रोहित रैकवार समेत कई आरक्षकों की अहम भूमिका रही। कोतवाली, सिविल लाइन, बासौदा, सिरोंज, कुरवाई और लटेरी थानों की टीमों ने भी मोबाइल बरामदगी में योगदान दिया। मोबाइल गुम होते ही दर्ज करें शिकायत एसपी रोहित काशवानी के अनुसार, अभियान में उत्कृष्ट काम करने वाले पुलिसकर्मियों को पुरस्कृत किया जाएगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि, मोबाइल गुम या चोरी होने पर तुरंत थाने पहुंचकर शिकायत करें या सायबर हेल्पलाइन नंबर 7587637635 पर संपर्क करें। साथ ही, ceir.gov.in पोर्टल पर EMEI नंबर के साथ रिपोर्ट दर्ज करें। मोबाइल गुम हुआ तो ये करें     मोबाइल का IMEI नंबर सुरक्षित रखें।     पास के थाने में शिकायत दर्ज करें।     CEIR पोर्टल पर ऑनलाइन रिपोर्ट करें।     सायबर हेल्पलाइन से मदद लें।

हिंदू देवी-देवताओं को न मानने, ब्रह्मा, विष्णु, महेश, राम, कृष्ण और अन्य हिंदू देवी-देवताओं को ईश्वर न मानने की शपथ दिलाई गई

ग्वालियर  ग्वालियर में एक बौद्ध धर्म सम्मेलन में विवाद हो गया। सम्मेलन में लोगों को हिंदू देवी-देवताओं को न मानने की शपथ दिलाई गई। यह सम्मेलन भितरवार के धाखड़ खिरिया में हुआ। इसमें ‘मैं ब्रह्मा, विष्णु और महेश को ईश्वर नहीं मानूंगा’ जैसी शपथ दिलाई गई। तीन दिवसीय सम्मेलन का हुआ था आयोजन 96 गांव जाटव समाज सुधार समिति ने 6 से 8 जून तक इस तीन दिवसीय सम्मेलन का आयोजन किया था। इस घटना के बाद विवाद शुरू हो गया है। लोगों का कहना है कि इससे धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। वहीं, आयोजकों का कहना है कि उनका उद्देश्य किसी धर्म का अनादर करना नहीं था। पुलिस का कहना है कि शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। हिंदू देवी-देवताओं के खिलाफ कही गई बात दरअसल, सम्मेलन में लोगों को शपथ दिलाई गई कि वे हिंदू देवी-देवताओं को नहीं मानेंगे और उनकी पूजा नहीं करेंगे। इस तीन दिवसीय सम्मेलन में बौद्ध धर्म के उपदेशक भदंत शाक्यपुत्र सागर महाथेरो ने लोगों को शपथ दिलाई। सागर महाथेरो द बुद्ध भूमि धम्मदूत संघ भोपाल के अध्यक्ष हैं। इन बातों की दिलाई शपथ शपथ में लोगों से कहा गया कि मैं ब्रह्मा, विष्णु और महेश को कभी ईश्वर नहीं मानूंगा, न मैं इनकी पूजा करूंगा। मैं राम और कृष्ण को ईश्वर नहीं मानूंगा और उनकी पूजा कभी नहीं करूंगा। मैं गौरी, गणपति आदि हिंदू धर्म के किसी भी देवी-देवताओं को नहीं मानूंगा और पूजा नहीं करूंगा। भगवान बुद्ध विष्णु के अवतार नहीं शपथ में यह भी कहा गया कि मैं ईश्वर ने अवतार लिया है, इस पर विश्वास नहीं करूंगा। मैं ऐसा कभी नहीं मानूंगा कि भगवान बुद्ध विष्णु के अवतार हैं। ऐसे प्रचार को मैं पागलपन और झूठा प्रचार मानता हूं। मैं कभी श्राद्ध नहीं करूंगा और ना ही पिंडदान करूंगा। मैं बौद्ध धर्म के विरुद्ध कोई भी कार्य नहीं करूंगा। मैं कोई भी क्रिया कर्म ब्राह्मणों के हाथ से नहीं कराऊंगा। सम्मेलन में शामिल होने निमंत्रण दिया गया  भितरवार की 96 गांव जाटव सुधार समिति का समाज में काफी वर्चस्व है, जिसमें हजारों लोग विश्वास रखते हैं। समिति समाज के कई अहम मुद्दों और फैसलों में अपना दखल रखती है। समिति ने तीन दिवसीय विशाल बौद्ध धम्म महासम्मेलन का आयोजन करना तय किया। अध्यक्ष रूपेंद्र वर्मा, उपाध्यक्ष रूपेश बौद्ध, सचिव कुलदीप मौर्य सहित पदाधिकारियों ने 4 महीने तक इसकी तैयारी की। मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में भी समाज के लोगों को यहां आने का निमंत्रण दिया गया। बताया जा रहा है कि डबरा, ग्वालियर, शिवपुरी, दतिया, भोपाल, झांसी के अलावा राजस्थान और उत्तर प्रदेश के कई जिलों से लोग आए थे। 6 जून को जब कार्यक्रम की शुरुआत हुई तो 5 से 7000 लोग थे। दूसरे दिन 12000 लोग शामिल हुए। तीसरे और आखिरी दिन 25000 लोग महासम्मेलन में शामिल हुए। सैकड़ों लोगों ने ली शपथ इस बौद्ध धम्म महासम्मेलन में सैकड़ों लोगों ने शपथ ली। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इसके बाद लोगों ने इस पर आपत्ति जताई। सम्मेलन के आयोजकों का कहना है कि उनका उद्देश्य किसी भी धर्म का अनादर करना नहीं था। 96 गांव जाटव सुधार समिति के अध्यक्ष रूपेंद्र वर्मा ने कहा कि इस आयोजन का मकसद समाज में फैली बुराइयों को दूर करना था। उन्होंने यह भी कहा कि सोशल मीडिया पर यह खबर गलत है कि डेढ़ लाख लोगों ने धर्म परिवर्तन किया है। इस मामले पर एसडीओपी जितेंद्र नगाइच ने मीडिया से कहा कि उन्हें अभी तक कोई शिकायत नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। पुराने धर्म को त्यागकर बौद्ध धर्म अपनाने को कहा  भदंत शाक्यपुत्र सागर महाथेरो (अध्यक्ष द बुद्ध भूमि धम्मदूत संघ भोपाल) ने लोगों को शपथ दिलाई। इसमें कहा गया कि वे ब्रह्मा-विष्णु-महेश को ईश्वर नहीं मानेंगे। न ही उनकी पूजा करेंगे। यह भी कहा गया कि भगवान बुद्ध विष्णु के अवतार नहीं हैं। शपथ में ब्राह्मणों से कोई काम नहीं कराने और पुराने धर्म को त्यागकर बौद्ध धर्म अपनाने की बात कही गई। इस मामले में भदंत शाक्यपुत्र सागर महाथेरो से उनकी प्रतिक्रिया लेने के लिए संपर्क किया, लेकिन बात नहीं हो सकी। फेसबुक पोस्ट से हुई विवाद की शुरुआत विवाद की शुरुआत फेसबुक के उस पोस्ट से हुई, जब दीपक बौद्ध नामक युवक ने अपने पेज पर लिखा कि 25000 दलित परिवारों ने छोड़ा हिंदू धर्म। हिंदुओं के देवी-देवताओं को ना पूजने का निर्णय लिया है। बताया जा रहा है कि ग्वालियर हाईकोर्ट में हिंदू धर्म के वकील लोग बाबा साहब की मूर्ति का विरोध कर रहे हैं तो हम इनके देवताओं को क्यों पूजेंगे। इसके साथ ही युवक ने भदंत शाक्यपुत्र सागर महाथेरो के शपथ दिलाए जाने का वीडियो शेयर किया। इसके बाद सोशल मीडिया पर लोगों के कमेंट्स आने लगे। बाबा साहब की 22 प्रतिज्ञाओं को दोहराया गया आयोजन समिति के रूपेंद्र वर्मा का कहना है कि कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में व्याप्त कुरीतियों और अंधविश्वास को दूर करना था। यहां बाबा साहब की 22 प्रतिज्ञाओं को दोहराया गया था। किसी भी धर्म का अनादर करना उद्देश्य नहीं था। सोशल मीडिया पर इस बात को धर्मांतरण के रूप में पेश करना पूरी तरह गलत है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया संदर्भ पुस्तक का विमोचन

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंत्रालय में “विश्व गुरु की ओर बढ़ते कदम.. मोदीज भारत @2047” संदर्भ पुस्तक का विमोचन किया। विमोचन के अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा, नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री श्री तुलसी सिलावट सहित पुस्तक के संकलन कर्ता श्री ऊनमीत सिंह नारंग उपस्थित थे।  

राजभवन में राज्यपाल के परिसहाय की विदाई और स्वागत का हुआ कार्यक्रम

भोपाल राजभवन में नवीन पदस्थ अधिकारी का स्वागत, स्थानांतरित एवं सेवानिवृत्त अधिकारियों की विदाई का संयुक्त समारोह आयोजित किया गया। स्थानांतरित एवं सेवानिवृत्त अधिकारियों को स्मृति प्रतीक के रूप में अंगवस्त्रम और स्मृति चिन्ह भेंट किए गए। समारोह में राज्यपाल के स्थानांतरित परिसहाय शशांक को विदाई और नव पदस्थ परिसहाय नरेन्द्र रावत का स्वागत किया गया। राजभवन सचिवालय में पदस्थ अनुविभागीय अधिकारी डॉ. राजकुमार जैन को सेवानिवृत्ति पर भावभीनी विदाई दी गई। राजभवन के अधिकारी-कर्मचारियों ने उनके साथ कार्य के अनुभवों को साझा किया। दोनों अधिकारियों ने राजभवन कार्यकाल के दौरान सभी के सहयोग के प्रति आभार ज्ञापित किया। इस अवसर पर राज्यपाल के अपर सचिव उमाशंकर भार्गव ने परिसहाय शशांक के कार्यकाल के अनुभव को साझा करते हुए नई प्रशासनिक ज़िम्मेदारियों के लिए शुभकामनाएँ दी। सेवानिवृत्त अधिकारी डॉ. जैन को सुखी और स्वस्थ जीवन की शुभकामनाएं दी।  

MP के सरकारी कर्मचारियों की ट्रांसफर की आखिरी तारीख फिर बढ़ी, कैबिनेट ने दी मंजूरी

भोपाल  मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक हुई। बैठक में कई अहम निर्णय लिए गए। इनमें तबादला नीति की अवधि को आगे बढ़ाना भी शामिल है। बैठक के दी गई आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, तबादला अवधि 10 जून को समाप्त हो रही थी, जिसे 17 जून तक बढ़ा दिया गया है। स्कूल शिक्षा विभाग का पोर्टल बनने में हुए विलंब के चलते कैबिनेट बैठक में यह आग्रह किया गया था, जिसे स्वीकार कर लिया गया। कैबिनेट के फैसले के बाद अब सभी विभागों में तबादले 17 जून तक किये जा सकेंगे, उल्लेखनीय है कि आज 10 जून तबादला करने की अंतिम तारीख थी जिसे अब मंत्रियों की मांग पर इसे बढ़ा दिया गया है। मध्य प्रदेश में तबादलों पर लगी रोक को कैबिनेट बैठक ने फैसला लेकर हटा दिया था और 1 मई से 30 मई तक तबादलों को खोल दिया था, यानि एक महीने में सभी विभागों को तबादला आदेश जारी करना था इसके लिए नई तबादला नीति के तहत प्रक्रिया अपनाने के निर्देश दिए गए। अभी 10 जून थी तबादलों की अंतिम तारीख 30 मई आते आते बहुत से विभागों में तबादला आवेदनों के अनुपात में लिस्ट जारी नहीं हो पाई, शिक्षा विभाग और स्वास्थ्य विभाग में बड़ी संख्या में तबादला आवेदन आये तो मंत्रियों ने कैबिनेट में निवेदन किया कि तारीख को बढ़ाया जाये जिसपर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने सहमति देते हुए सर्व सम्मति से इसे 10 जून तक बढ़ा दिया। शिक्षा विभाग की मांग को सीएम ने दी स्वीकृति तबादलों की तारीख बढ़ने के बाद लगातार तबादला आदेश जारी होने लगे लेकिन आज जब कैबिनेट की बैठक हुई तो एक बार फिर तारीख बढ़ाने की मांग की गई, कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बताया कि शिक्षा मंत्री की तरफ से कहा गया कि उनके विभाग का पोर्टल तैयार नहीं हो पाया है इसलिए इसे बढ़ाया जाये। मुख्यमंत्री ने शिक्षा विभाग की तरफ से आया अनुरोध स्वीकार कर लिए और और फिर तबादलों की तारीख को 17 जून तक के लिए बढ़ा दिया यानि अब सभी विभाग 17 जून तक तबादले कर सकेंगे। तुअर दाल किसानों को भी सौगात     प्रदेश के तुअर दाल किसानों को बड़ी राहत देते हुए तुअर को मंडी शुल्क से छूट देने का निर्णय लिया गया। अभी 100 रुपए पर 1 रुपए मंडी शुल्क लगता था। मुख्यमंत्री सुदूर सड़क संपर्क योजना को कैबिनेट ने मंजूरी दी है। इस योजना में 30000 किलोमीटर से अधिक सड़क बनाई जाएगी। कामकाजी महिलाओं के लिए चार हॉस्टल बनाने को भी कैबिनेट ने स्वीकृति दे दी है। इससे पहले कैबिनेट बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 11 वर्ष पूरे होने पर प्रस्ताव पारित कर धन्यवाद दिया गया। अब 17 जून तक होंगे तबादले विभागों में तबादलों की अवधि आज खत्म हो रही थी। कैबिनेट बैठक के दौरान कई मंत्रियों ने तबादले का समय बढ़ाने की मांग की। इस दौरान यह बात भी सामने आई कि शिक्षा विभाग का पोर्टल समय पर तैयार नहीं होने के कारण 10 जून की स्थिति में तबादले नहीं हो सकेंगे। इसलिए इसे 17 जून तक बढ़ाने का फैसला लिया। मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि उन्होंने तबादला अवधि बढ़ाने का विरोध किया, पर शिक्षा विभाग के कारण दूसरे विभागों को भी फायदा मिल गया है। योजना के लिए परामर्शदात्री समिति बनाई जाएगी विजयवर्गीय ने बताया, मजरा-टोला सड़क योजना के तहत डामर, लेवल के आधार पर सीसी रोड भी बनेंगी। सर्वे के अनुसार प्रदेश में 20600 बसाहटें ऐसी हैं, जिसका एरिया 600 वर्गमीटर है। इनमें अगर बसाहट से 50 मीटर दूरी पर सड़क नहीं होगी और बसाहट में 20 मकान होंगे तो सड़क बनाई जाएगी। इसके लिए कलेक्टर, सांसद, जनप्रतिनिधियों की एक सलाहकार और परामर्शदात्री समिति बनाई जाएगी जो सुझाव देगी। इसी आधार पर सड़कों का निर्माण किया जाएगा। योजना में सड़कों के निर्माण के लिए पीएम सड़क योजना की शर्तें लागू होंगी। महाराष्ट्र की तुअर दाल को मंडी टैक्स में छूट विजयवर्गीय ने बताया कि तुअर दाल एमपी में कम होती है और इसका आयात महाराष्ट्र से होता है। इस पर मंडी टैक्स लगता है। एमपी की जो दाल महाराष्ट्र जाती है उस पर भी मंडी टैक्स लगता है। आज हुई बैठक में दाल मिल एसोसिएशन के आग्रह पर महाराष्ट्र से आने वाली तुअर दाल पर मंडी टैक्स में छूट देने का फैसला किया गया है। इसके बाद यहां दाल मिलों को बढ़ावा मिल सकेगा। जिला विकास सलाहकार समिति बनाई जाएगी कैबिनेट ने जिला विकास सलाहकार समिति बनाने का फैसला लिया है। हर जिले में इसका गठन होगा और अध्यक्ष मुख्यमंत्री और उपाध्यक्ष प्रभारी मंत्री होंगे। इस समिति का उद्देश्य जिले के विकास का रोडमैप तैयार करना है। इसमें सदस्य सभी जनप्रतिनिधि होंगे। हर क्षेत्र के एक्सपर्ट्स को इस समिति में शामिल किया जाएगा। सोलर हो, उद्योग या कोई अन्य सदस्य इसमें बुलाए जा सकेंगे। इसमें 20 सदस्य होंगे। समिति अपनी सलाह राज्य सरकार को देगी और सरकार इस पर जिले के विकास के लिए फैसला करेगी और जरूरत होने पर फंड भी रिलीज करेगी। 4 जिलों में 40 करोड़ से बनेंगे वुमन वर्किंग हॉस्टल केंद्र सरकार को धन्यवाद दिया गया है कि पीएम नरेंद्र मोदी हमेशा महिला सशक्तिककरण के लिए काम करते हैं और 40.59 करोड़ रुपए दिए गए हैं जिसमें 350 बेड वाले वर्किंग वूमन हॉस्टल बनेंगे। यह चार स्थानों झाबुआ, सिंगरौली, देवास और नर्मदापुरम में पीपीपी मोड पर बनेंगे। कैबिनेट में इन मुद्दों पर भी चर्चा कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बताया, मंत्रियों से सीएम यादव ने कहा कि बारिश का मौसम आने वाला है। वे अपने क्षेत्र की जो भी चुनौतियां हैं, उससे निपटने के लिए अभी से काम करें। स्पिरिचुअल एंड वेलनेस समिट के बारे में सीएम यादव ने बैठक के पहले जानकारी दी। कैबिनेट ने सीएम को इस अचीवमेंट के लिए बधाई दी। स्वामी चिन्मयानंद भी इसमें आए थे। वेलनेस सेंटर लोगों को बीमार होने से पहले स्वस्थ रखने का काम करेंगे और सरकार इसे जिम्मेदारी समझकर समाज हित में निभाने का काम कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और कैबिनेट के सदस्यों ने प्रस्ताव पारित कर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के … Read more

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