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राज्यपाल पटेल ने रामफल का पौधा रोप कर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश

राज्यपाल पटेल ने रामफल का पौधा रोप कर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश पेड़ लगा कर देखभाल भी करे, राज्यपाल ने प्रदेशवासियों से की अपील भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर राजभवन के नवग्रह उद्यान में पौधारोपण किया। उन्होंने रामफल का पौधा लगाया। राज्यपाल पटेल ने प्रदेशवासियों से भी पेड़ लगाने और उनकी देखभाल करने की अपील की। उन्होंने कहा कि हम सभी अपने जीवन के विशेष अवसरों जैसे जन्म दिवस, वर्षगांठ आदि पर एक पेड़ अवश्य लगाएं। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव के. सी. गुप्ता ने लीची का पौधा लगाया। अपर सचिव उमाशंकर भार्गव ने सिंदूर का पौधा लगाया।  

शासकीय कन्या महाविद्यालय सिवनी मालवा नर्मदापुरम मे 5 जून 2025 विश्व पर्यावरण दिवस का आयोजन

सिवनी मालवा शा. कन्या महाविद्यालय सिवनी मालवा नर्मदापुरम में प्राचार्य डॉ.उमेश कुमार धुर्वे के मार्गदर्शन में इको-क्लब द्वारा  विश्व पर्यावरण दिवस मनाया गया। वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ.बाऊ पटेल ने संयुक्त राष्ट्र संघ की थीम  “Ending Plastic Pollution Globally” प्लास्टिक प्रदुषण एवं   पर्यावरण का मानव से संबंध उसका दोहन एवं संरक्षण सबंधित व्याख्यान प्रस्तुत किया।कार्यक्रम में मुख्या अतिथि श्री प्रशांत चौरसिया प्राध्यापक, शा. कुसुम महाविद्यालय ने प्लास्टिस प्रदुषण के हानिकारक प्रभाव को पहचानने तथा बायोडीग्रेडेबल वैकल्पिक सामग्री को अपनाने के लिए प्रेरित किया।इस अवसर पर प्राध्यापक श्री मनोज प्रजापति ने  पर्यावरण संबंधी गतिविधियां एवं इको फ्रेंडली साज सज्जा का सामान कैसे निर्मित कर सकते है और कैसे उनको अपने दैनिक जीवन में नियमित रूप से ला सकते हैं के बारे में बताया। इको क्लब प्रभारी डॉ.सतीश बालापुरे ने पर्यावरण का महत्व एवं इको क्लब द्वारा संचालित की जाने वाली नवीन कार्य योजना के बारे ने विस्तृत व्याख्यान दिया।पर्यावरणीय  पारिस्थितिक तंत्र, घटकों का महत्व बताते हुए समझाया की किसी भी तंत्र में जैविक और आजैविक घटकों का क्या महत्व होता है जो की प्लास्टिस प्रदुषण की वजह से निरंतर प्रभवित हो रहा है  । इस अवसर पर महाविद्यालय में विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया जिसमे शपथ ग्रहण,पौधे वितरण, साफ -सफाई, वृक्षारोपण, पक्षियां के लिए सकोरा लगाए गए, एवं छात्राओं द्वारा अपने विचार रखे गए।कार्यक्रम में  श्रीमती काजल रतन रासेयो कार्यक्रम अधिकारी, डॉ रजनीकांत वर्मा, डॉ राकेश निरापुरे, डॉ मनीष दीक्षित, डॉ दुर्गा मीणा, कु. आकांछा पाण्डे, श्रीमती संगीता कहार, कु. सुदर्शना राज, श्री   प्रवीण साहू, डॉ नीरज विश्वकर्मा, डॉ रीमा नागवंशी, डॉ गजेन्द्र वायकर   एवं छात्राएं उपस्थित रही। कार्यक्रम के अंत में डॉ पदम् शर्मा ने कार्यक्रम में उपस्थित समस्त प्राध्यापक गणों एवं छात्राओं का आभार व्यक्त किया।

राहुल गांधी के लंगड़ा शब्द का प्रयोगकरने से मन अत्यंत आहत – पैरा स्विमर सतेंद्र

भोपाल  लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के भोपाल में दिए घोड़ा वाले बयान पर सियासत जारी है। अब इसकी कड़ी में अंतरराष्ट्रीय पैरा स्विमर सतेंद्र लोहिया ने राहुल गांधी से लंगड़ा शब्द को लेकर स्पष्टीकरण मांगा है। राहुल गांधी के बयान को लेकर अंतरराष्ट्रीय पैरा स्विमर सतेंद्र लोहिया ने सोशल मीडिया एक्स (X) पर पोस्ट किया है। ये कहा था राहुल ने “राहुल गांधी ने भोपाल में कहा था- दो तरह के घोड़ों की बात करता था- रेस और बारात….कांग्रेस बारात वाले घोड़े को रेस में डाल देती थी और रेस वाले को बारात में… अब तीसरी कैटेगरी भी जोड़ रहा हूं- लंगड़ा घोड़ा… हमें तय करना है कौन रेस का है, कौन बारात का और कौन लंगडा” सतेंद्र लोहिया ने X पर लिखा- आदरणीय RahulGandhi जी को विनम्र निवेदन आप देश के राष्ट्रीय स्तर के सम्माननीय राजनेता हैं, और मैं व्यक्तिगत रूप से आपका लंबे समय से आदर करता आया हूं। मैं एक अंतरराष्ट्रीय स्तर का पैरा स्विमर हूं साथ में दिव्यांग हूं, और इस देश का एक जिम्मेदार नागरिक भी हूं। हाल ही में भोपाल में दिए गए आपके एक सार्वजनिक वक्तव्य में आपने “लंगड़ा” शब्द का प्रयोग किया, जिसे सुनकर मन अत्यंत आहत हुआ। यह शब्द न केवल असंवेदनशील है, बल्कि दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 के अनुसार यह शब्दावली विलुप्त की जा चुकी है और कानूनी रूप से आपत्तिजनक मानी जाती है। यह अधिनियम भारत की संसद द्वारा पारित किया गया है, और इसके पीछे उद्देश्य यही था कि दिव्यांग जनों को समाज में सम्मान और गरिमा के साथ स्थान मिले। मोदी ने “दिव्यांग” जैसा सकारात्मक शब्द दिया माननीय प्रधानमंत्री narendramodi जी द्वारा हमें “दिव्यांग” जैसा सकारात्मक शब्द दिया गया, जो हमारी क्षमताओं को दर्शाता है, न कि हमारी चुनौतियों को। ऐसे में जब देश किसी भी पार्टी के राष्ट्रीय नेता से इस प्रकार का असंवेदनशील शब्द सुनने को मिलता है, तो यह केवल एक व्यक्ति नहीं, पूरे दिव्यांग समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाता है।मैं नहीं जानता कि आपने किस संदर्भ में यह शब्द कहा, लेकिन मैं निवेदन करता हूं कि आप इस विषय पर एक स्पष्टीकरण दें, और भविष्य में दिव्यांग जनों की भावनाओं का ध्यान रखते हुए, इस प्रकार की भाषा के उपयोग से बचें। उचित प्रतिक्रिया दें हम दिव्यांग लोग भी इस देश के नागरिक हैं, हमारा भी आत्मसम्मान है, और हमारा भी प्रतिनिधित्व है। हम केवल सहानुभूति नहीं, समान अधिकार और सम्मान की अपेक्षा रखते हैं। आपसे निवेदन है कि आप इस विषय को गंभीरता से लें और देश के करोड़ों दिव्यांग जनों की भावनाओं का सम्मान करते हुए, उचित प्रतिक्रिया दें।

लोकायुक्त की कार्रवाई परिवहन अधिकारी और एजेंट रिश्वत लेते गिरफ्तार, इस काम के बदले मांगी थी 10 हजार की घूस

बड़वानी  मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं. ताजा मामला बड़वानी जिले से सामने आया है. जहां लोकायुक्त की टीम ने जिला परिवहन अधिकारी और एक एजेंट को 10,000 रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है. इस कार्रवाई को इंदौर लोकायुक्त पुलिस ने अंजाम दिया है. दरअसल, जिला परिवहन अधिकारी रीना किराड़े ने एजेंट विवेक मलतारे के जरिए लाइसेंस रिन्युअल समेत 22 अन्य कार्यों के लिए 30 हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी. शिकायतकर्ता चेतन शर्मा ने जब अपने लंबित कार्य के लिए आरटीओ से संपर्क किया तो उन्होंने एजेंट से मिलने को कहा गया. एजेंट ने आरटीओ का हवाला देते हुए 30 हजार रुपए की मांग की. इस पर शिकायतकर्ता ने लोकायुक्त इंदौर में शिकायत दर्ज कराई. लोकायुक्त टीआई प्रतिभा तोमर के अनुसार, बुधवार दोपहर को अंजड़ नगर स्थित गायत्री मंदिर के पास एजेंट विवेक मलतारे को पहली किस्त के रूप में 10 हजार रुपए लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया. विवेक मलतारे परिवहन कार्यालय का अधिकृत एजेंट है. लोकायुक्त ने आरटीओ रीना किराड़े और एजेंट विवेक मलतारे दोनों को गिरफ्तार कर भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत कार्रवाई की है.

Indore में बिल्डिंग गिराने के मामले में भड़के महापौर, जांच के दिए आदेश

इंदौर इंदौर के स्कीम 54 में बसे पी यू फॉर में नगर निगम द्वारा 31 मई को डायनामाइट लगाकर उड़ाए गए भवन को लेकर निगम महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने अधिकारियों पर सवालिया निशान लगा दिया है. महापौर ने पूरी कार्रवाई की जांच करवाने का हवाला दिया है. साथ ही जोन के भवन अधिकारी की कार्यप्रणाली पर भी प्रश्नचिन्ह लगाए हैं. दरअसल, इंदौर के सी-21 बिजनेस पार्क के पास बने पीयू फॉर स्कीम पर डॉक्टर इजहार मंजूरी का प्लॉट है, जिसे उन्होंने इंदौर विकास प्राधिकरण से खरीदा था. इसे नगर निगम ने अवैध बताकर 30 मई को आगे का हिस्सा तोड़ दिया था. वहीं, अगले दिन चार मंजिला बिल्डिंग में डायनामाइट लगाकर उसे बम से उड़ा दिया था. तत्काल पद से हटा दिया था भवन अधिकारी को इस मामले में डॉक्टर इजहार मंजूरी ने क्षेत्र के भवन द्वारा नोटिस देने के बाद पांच लाख रुपए मांगने के आरोप भी लगाए थे, जिसके बाद निगम आयुक्त शिवम वर्मा ने भवन अधिकारी असित खरे को तत्काल पद से हटा दिया था. अब इस मामले में इंदौर महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने भी अधिकारियों की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं. ‘जांच कमेटी बनाकर पूरे मामले की जांच की जाएगी’ महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि जिस तरह से बिल्डिंग को तोड़ा गया है वह जांच का विषय है. एक व्यक्ति आई डी ए की स्कीम से प्लॉट खरीदता है और अनुमति लेकर भवन बनाता है, यदि भवन के निर्माण अवैध तरीके से किया गया था तो बाधक निर्माण हटाना था, लेकिन पूरे मकान को उड़ा दिया गया जिससे अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं. हमने मकान मालिक से सारे दस्तावेज बुलवाए है, और जांच कमेटी बनाकर पूरे मामले की जांच की जाएगी. वहीं कांग्रेस नेता अमीनुल सूरी का निगम की कार्रवाई व महापौर पर सवाल उठाते हुए कहा कि इंदौर में डॉ. इजहार मुंशी का घर गिराया नहीं गया, सिस्टम ने अपनी रिश्वतखोरी का परचम लहराया है नक्शा पास, केस हाईकोर्ट में, फिर भी ब्लास्ट? क्योंकि ‘रिश्वत’ नहीं दी, इसलिए इजहार मुंशी को कार्रवाई के रूप में अवैध बिल्डिंग बताकर विस्फोट कर बिल्डिंग को धराशाई कर दिया, नैतिकता और भाजपाइयों का वास्तव में एक दूसरे से कोई सरोकार तो नहीं हैं. अमीनुल सूरी ने कहा कि फिर भी मैं महापौर जी से पूछना चाहता हूं. नैतिकता जैसा शब्द उन्होंने सुना है क्या? इंदौर में डॉ. इजहार मुंशी की चार मंज़िला मकान नगर निगम ने ब्लास्ट कर के गिरा दिया. नगर निगम का आरोप है कि मकान नक्शे के विपरीत बनाया गया था, जबकि डॉ. इजहार का कहना है कि नक्शा पास होने के बावजूद नगर निगम के कर्मचारी 10 लाख रुये की रिश्वत मांग रहे थे. कुछ दिन पहले 5 लाख रुपये दिए थे. वह और बाकी बचे पैसे मांग रहे थे. नहीं देने पर घर ब्लास्ट कर उड़ा दिया, जबकि मामला हाई कोर्ट में लंबित है.

प्रजापत नगर में एक मां ने अपनी आठ माह की बच्ची को हौज में डुबोकर मार डाला, पुलिस ने महिला को हिरासत में ले लिया

 इंदौर प्रजापत नगर में एक मां ने अपनी आठ माह की बच्ची को हौज में डुबोकर मार डाला। पुलिस ने महिला को हिरासत में ले लिया है। पूछताछ में आरोप स्वीकार लिया है। वह सास-ससुर से परेशान थी। उससे झगड़ा करते थे। बच्ची भी उसको नहीं देते थे। फिलहाल पुलिस पूछताछ कर रही है। द्वारकापुरी पुलिस के अनुसार घटना बुधवार सुबह करीब आठ बजे की है। कारखाना में काम करने वाले अविनाश चौहान की बच्ची मायरा के गुम होने से हड़कंप मच गया। रहवासियों की मदद से तलाश शुरू की गई। अविनाश की पत्नी वर्षा हौज पर खड़ी हो गई। लोगों ने हौज में देखने का कहा तो बहाना बनाने लगी। वर्षा ने अविनाश से दूसरी शादी की थी लोगों ने जैसे ही ढक्कन खोला, बच्ची पानी में डूबी हुई थी। वर्षा का पहले पति से तलाक हो चुका है। उसने अविनाश से दूसरी शादी की है। उसकी मनोस्थिति ठीक नहीं है। सास-ससुर इस कारण उसे बच्ची नहीं देते थे। इस पर उसका विवाद होता था। टीआई सुशील पटेल के मुताबिक अभी मर्ग कायम किया है। शव का पोस्टमार्टम करवा लिया है।  

अनूपपुर के वन मंडलाधिकारी विपिन कुमार पटेल ने बताया, मिश्रित प्रजाति के पौधों का किया जाएगा रोपण

अनूपपुर विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर पौधारोपण कार्य का शुरू किया जाएगा। इस वर्ष जिले में 12 लाख से अधिक पौधे रोपित किए जाएंगे। इसके लिए विभाग ने कार्य योजना तैयार कर ली है। अभियान के अंतर्गत मिश्रित प्रजाति के पौधे सागौन, बांस, आंवला, करंज, खमार, महुआ, नीम के साथ ही फलदार पौधों का भी रोपण किया जाएगा। पौधारोपण के लिए गड्ढे तैयार कर लिए गए हैं। वन विभाग ने जिले के विभिन्न वन परिक्षेत्र में 12 लाख 25 हजार 42 पौधे रोपित करने का लक्ष्य रखा है। अनूपपुर वन परिक्षेत्र में तीन लाख 12 हजार 813, जैतहरी वन परिक्षेत्र में 89 हजार 700, कोतमा वन परिक्षेत्र में 3 लाख 42 हजार 53, बिजुरी वन परिक्षेत्र में 3 लाख 10 हजार 126, राजेंद्रग्राम वन परिक्षेत्र में 13 हजार 125, अमरकंटक वन परिक्षेत्र में 7 हजार 475, अहिरगवां वन परिक्षेत्र में एक लाख 49 हजार 750 पौधे लगाए जाएंगे। मिश्रित प्रजाति के पौधों का किया जाएगा रोपण वन मंडलाधिकारी अनूपपुर विपिन कुमार पटेल ने बताया कि वन मंडल अनूपपुर अंतर्गत 7 वन परिक्षेत्र में 12 लाख 25 हजार 42 पौधे रोपित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अधिकारियों को इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई है। 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर से इस अभियान की सैद्धांतिक शुरुआत की जाएगी तथा वर्ष प्रारंभ होने के बाद इस लक्ष्य को पूर्ण करते हुए सभी पौधे रोपित किए जाएंगे।

कोविड-19 ने बढ़ाई चिंता, इंदौर में फिर मिले कोरोना वायरस से संक्रमित 7 मरीज

इंदौर मध्य प्रदेश के इंदौर में कोरोना संक्रमण एक बार फिर सिर उठाता नजर आ रहा है। बुधवार को शहर में सात नए कोरोना मरीजों की पुष्टि हुई है। इन मरीजों में से तीन हाल ही में मथुरा, केरल और बद्रीनाथ की यात्रा से लौटे हैं। स्वास्थ्य विभाग सक्रिय हो गया है और संक्रमितों के संपर्क में आए लोगों की तलाश शुरू कर दी गई है। सभी संक्रमितों को होम आइसोलेशन में रखा गया है जहां विशेषज्ञों की निगरानी में उनका इलाज किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग सतर्क, लगातार सामने आ रहे नए मरीज शहर में कोरोना के बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। रोजाना नए मरीज सामने आ रहे हैं जिससे संक्रमण का खतरा फिर से मंडराने लगा है। बुधवार को जिन सात मरीजों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है, उनमें से कई हाल ही में विभिन्न राज्यों से यात्रा करके लौटे हैं। संक्रमितों के संपर्क में आए लोगों की पहचान कर उन्हें भी आइसोलेट करने की तैयारी की जा रही है ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके। संक्रमितों में महिलाएं और पुरुष, सभी होम आइसोलेशन में अधिकारियों ने बताया कि मथुरा से लौटी 43 वर्षीय महिला, केरल से लौटी 69 वर्षीय महिला, बद्रीनाथ से लौटी 48 वर्षीय महिला, ओडिशा से लौटे 29 वर्षीय पुरुष और रायपुर से लौटे 36 वर्षीय पुरुष समेत इंदौर के दो पुरुषों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इन सभी को सर्दी, खांसी और बुखार की शिकायत थी, जिसके बाद जांच करवाई गई। सभी मरीजों को होम आइसोलेशन में रखा गया है और उनके परिजनों को भी विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं। इंदौर में अब तक 33 मामले, सीएमएचओ ने दी सतर्कता की सलाह इस वर्ष अब तक इंदौर में कोरोना के कुल 33 मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें 25 मरीज इंदौर के और आठ अन्य जिलों के हैं। फिलहाल शहर में 17 सक्रिय मरीज हैं जो सभी होम आइसोलेशन में हैं। सीएमएचओ डॉ. बीएस सैत्या ने बताया कि हाल ही में कोरोना के ओमिक्रान वैरिएंट की सब-लाइनिज की पुष्टि हुई है, जिससे घबराने की जरूरत नहीं है लेकिन सतर्क रहना जरूरी है। भीड़भाड़ वाली जगहों से बचने और लक्षण दिखने पर संपर्क में न आने की सलाह दी गई है। एमजीएम मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. अरविंद घनघोरिया ने बुधवार को विशेषज्ञों की बैठक कर छह बेड वाले आईसीयू वार्ड और ऑक्सीजन जैसी चिकित्सा सुविधाओं की समीक्षा की। कोरोना वार्ड में डॉक्टरों और स्टाफ की टीम तैनात रहेगी और मरीजों को समय पर जांच व इलाज की सुविधा मुहैया कराई जाएगी।  

वामपंथी संगठनों ने DEVI में सेंध लगाई बल्कि विश्वविद्यालय के सर्वर और आइपी एड्रेस से अपनी वेबसाइट की संचालित

इंदौर देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी के इंटरनेट सर्वर में वामपंथी संगठनों ने न केवल सेंध लगाई बल्कि विश्वविद्यालय के सर्वर और आइपी एड्रेस से अपनी वेबसाइट संचालित करते रहे। जब दिल्ली में ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी एम्प्लाइज कांफेडरेशन (एआइयूईसी) ने केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ संसद पर धरना दिया तो उसकी तस्वीरें भी देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के सर्वर से ही अपलोड की गईं। विद्यार्थियों के बीच टूटी-फूटी इंटरनेट सेवा और लगातार ठप रहने वाली वेबसाइट के लिए बदनाम इंदौर का विश्वविद्यालय अपने सर्वर से इन संगठनों की वेबसाइट मैनेज करता रहा। खुलासे के बाद विश्वविद्यालय के जिम्मेदार हैरान हैं, अब जांच की बात कही जा रही है। आईटी सेंटर के अंदरूनी राज बाहर आ गए बीते दिनों देवी अहिल्या विश्वविद्यालय में लंबा कर्मचारी आंदोलन चला। आंदोलन में वामपंथी संगठनों का जुड़ाव सामने आया। सत्ताधारी दल के जनप्रतिनिधियों की नाराजगी के बाद विश्वविद्यालय ने कई जगह फेरबदल किया और कर्मचारियों को हटा दिया। इस बीच विश्वविद्यालय के आईटी सेंटर से जुड़े कुछ अधिकारी भी छुट्टी पर चले गए। जिम्मेदारों के छुट्टी पर जाने के बाद अब आईटी सेंटर के अंदरूनी राज भी बाहर आ गए। लंबे समय से डीएवीवी से चल रही साइट कुछ अधिकारियों ने विश्वविद्यालय प्रशासन को सूचना दी कि एआइयूईसी (एटक) की वेबसाइट लंबे से देवी अहिल्या विश्वविद्यालय से चल रही थी। जबकि इस संगठन का मुख्यालय कोलकाता में स्थित है। विश्वविद्यालय की वेबसाइट और इस संगठन की वेबसाइट का सर्वर भी एक ही रहा। इस संगठन की वेबसाइट को भी विश्वविद्यालय के आईटी सेंटर से अपडेट भी किया जाता रहा। आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस की मदद से कुछ तकनीकी जानकारों ने इंटरनेट प्रोटोकाल (आईपी) एड्रेस निकालकर यूनिवर्सिटी अधिकारियों के सामने रख दिया। बताया गया कि यदि इस तरह विश्वविद्यालय का सर्वर किसी एक संगठन के लिए इस्तेमाल हो सकता है तो ऐसे में अन्य संगठन भी दुरुपयोग कर लें तो परेशानी खड़ी हो सकती है। बीते समय महीनों तक देवी अहिल्या विश्वविद्यालय की वेबसाइट डाउन रही थी, इससे पहले किसी विदेशी हैकर के हमले की बात भी सामने आई थी। ऐसे में आशंका है कि सर्वर का दुरुयोग का स्तर कहीं बड़ा हो सकता है। तकनीकी जांच कराएंगे     आमतौर पर यदि किसी कंपनी से सर्वर किराए पर लिया जाता है तो वह एक हो सकता है, लेकिन विश्वविद्यालय का अपना सर्वर है। ऐसे में यह गंभीर बात है कि बाहरी संगठन इसका उपयोग कर रहे थे। यह बात अभी सामने आई है। बीते वर्षों से लेकर अब तक इसकी तकनीकी जांच करवाएंगे। प्रकरण गंभीर है, दोषियों को रियायत नहीं दी जाएगी। – प्रो. राकेश सिंघई, कुलगुरु, देवी अहिल्या विश्वविद्यालय  

यूका कचरा जलने से रोकने की याचिका पर SC का इनकार, कहा-विशेषज्ञों की निगरानी में जल रहा

 पीथमपुर सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को पीथमपुर में यूनियन कार्बाइड के कचरे को जलाने पर रोक लगाने की याचिका पर तत्कालीक सुनवाई से इनकार कर दिया। यह याचिका सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. चिन्मय मिश्र की ओर से दाखिल की गई थी। इस पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति संजय करोल और न्यायमूर्ति सतीश चंद्र शर्मा की पीठ ने स्पष्ट रूप से कहा कि इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप की कोई आवश्यकता नहीं है, क्योंकि इसकी निगरानी मध्य प्रदेश हाई कोर्ट और विशेषज्ञों की देखरेख में पहले से ही की जा रही है। पीठ ने इस दौरान सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि इस जहरीले कचरे को हटाने के लिए हम वर्षों से संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन तथाकथित एनजीओ और सामाजिक कार्यकर्ता इस प्रक्रिया को लगातार बाधित करते आ रहे हैं। याचिका में कहा गया था कि मध्यप्रदेश हाई कोर्ट ने कचरा जलाने की अनुमति 72 दिनों के लिए दी थी, जिसकी समयसीमा 8 जून 2025 को समाप्त हो रही है। ऐसे में कोर्ट को हस्तक्षेप करना चाहिए ताकि पर्यावरणीय नुकसान को रोका जा सके। याचिकाकर्ता की ओर से अशोक कुमार वासुदेवन ने कहा कि पीथमपुर में जलाने की प्रक्रिया पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप नहीं है और इससे स्थानीय लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने हालांकि इन दलीलों को सुनने के बाद कहा कि चूंकि यह मामला तकनीकी विशेषज्ञों और संबंधित पर्यावरण एजेंसियों की निगरानी में चल रहा है, अतः इस स्तर पर कोर्ट की तत्काल दखल की जरूरत नहीं है। 1984 गैस त्रासदी का है यह कचरा बता दें कि 1984 में भोपाल में हुई यूनियन कार्बाइड गैस त्रासदी के बाद बचे रासायनिक कचरे का निपटारा लंबे समय से लंबित है। यह कचरा वर्तमान में भोपाल के आसपास सुरक्षित स्थानों पर संग्रहित है। इस कचरे को नष्ट करने के लिए पीथमपुर स्थित इंसिनरेटर में जलाया जा रहा है।  

MP में भूकंप से कांपी धरती, घरों से बाहर निकले लोग, महाराष्ट्र का अमरावती रहा केंद्र

खंडवा  मध्य प्रदेश के खंडवा, खरगोन और बुरहानपुर के इलाकों में बुधवार रात भूकंप के झटके महसूस किए गए। भूकंप की ज्यादा तीव्रता खंडवा में महसूस की गई है। यहां जिला मुख्यालय से 66 किलोमीटर दूर पंधाना तहसील में तीव्रता 3.8 रिक्टर बताई जा रही है। बताया जा रहा है कि बुधवार रात करीब 9 बजकर 57 मिनट पर धरती कांपने से सोने की तैयार कर रहे लोग डर के मारे घरों से बाहर निकल आए। घरों की दीवारों में जोरदार कंपन महसूस हुआ और कई इलाकों में लोग बुरी तरह घबरा गए। रात में आए भूकंप की वजह से खंडवा के किशोर नगर में नरेंद्र कुशवाह के मकान का छज्जा गिर गया। नरेंद्र ने मीडिया को बताया कि वह घर में टीवी देख रहे थे। उनका परिवार भी साथ में था, तभी जमीन में अचानक कंपन हुआ और कुछ जोर से गिरने की आवाज आई। उन्होंने बाहर आकर देखा तो मकान का छज्जा गिरा हुआ था। ग्रामीण क्षेत्रो में भी भूकंप के झटके महसुस हुए हैं। खिराला, कोहदड, दीवाल, पंधाना, आनंदपुर और बोरगांव में भी लोगों ने भूकंप के झटके महसूस किए। इधर जिले से लगे बुरहानपुर, खरगोन में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए है। हालांकि, यहां भूकंप की तीव्रता कम महसूस की गई है। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 3.8 मापी गई है। वहीं, इसका केंद्र महाराष्ट्र का अमरावती रहा था, जो जमीन से 10 किमी अंदर था। मौसम विशेषज्ञ सौरभ गुप्ता के अनुसार, भूकंप का केंद्र मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के बॉर्डर पर था, जो खंडवा जिला मुख्यालय से 66 किलोमीटर दूर है। इस वजह से दोनों राज्यों में झटके महसूस हुए थे।  

मध्य प्रदेश में मानसून मुहाने पर, 26 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट, जानें अपने शहर का हाल

भोपाल मध्य प्रदेश में लगातार  प्री-मानसून की बारिश का दौर जारी है। गुरुवार को भी अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने ग्वालियर, रतलाम समेत कुल 27 जिलों में आंधी-बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। इससे पहले बुधवार को भी भोपाल, शाजापुर, उज्जैन, छिंदवाड़ा, राजगढ़, सागर, सतना, धार समेत कई जिलों में बारिश हुई। दमोह में करीब सवा इंच पानी गिरा। मानसून के आने से पहले जून के पहले सप्ताह में प्रदेश में गर्मी का असर रहता है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर-जबलपुर समेत कई शहरों में दिन का तापमान 40 डिग्री के पार पहुंच जाता है, लेकिन इस बार ऐसा नहीं है। इन शहरों में पारा 40 डिग्री से नीचे ही है। वहीं, यहां बारिश का दौर चल रहा है। अगले 4 दिन भी आंधी-बारिश का अलर्ट है। आज इन जिला में बारिश और आंधी का अलर्ट मौसम विभाग के अनुसार, गुरुवार को ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, अशोकनगर, विदिशा, सागर, कटनी, उमरिया, डिंडोरी, मंडला, सिवनी, पांढुर्णा, बैतूल, हरदा, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, अलीराजपुर, रतलाम, मंदसौर और नीमच में आंधी-बारिश का अलर्ट है। यहां पर आंधी की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रतिघंटा तक रह सकती है। भोपाल में 33 डिग्री रहा पारा बारिश की वजह से बुधवार को कई शहरों में दिन के तापमान में गिरावट हुई है। मौसम विभाग के अनुसार, नौगांव में ही पारा 40 डिग्री तक पहुंचा। बाकी शहरों में इससे नीचे रहा। भोपाल में 33 डिग्री, इंदौर में 32.3 डिग्री, ग्वालियर में 36.4 डिग्री, उज्जैन में 35.4 डिग्री और जबलपुर में 36.7 डिग्री सेल्सियस रहा। इकलौते हिल स्टेशन पचमढ़ी में तापमान 29.6 डिग्री रहा। इधर, प्रदेश में मानसून की एंट्री 10 जून के बाद ही होने की संभावना है। मौसम विभाग की माने तो अभी मानसून महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ में एक ही जगह पर ठहरा है। पिछले कुछ दिन से ये आगे नहीं बढ़ा है। मध्य प्रदेश में अगले 4 दिन ऐसा रहेगा मौसम 5 जूनः ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, अशोकनगर, विदिशा, सागर, कटनी, उमरिया, डिंडौरी, मंडला, सिवनी, पांढुर्णा, बैतूल, हरदा, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, अलीराजपुर, रतलाम, मंदसौर और नीमच में आंधी-बारिश का अलर्ट है। 6 जून: भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, मुरैना, भिंड,दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, रीवा, सीधी, मंडला, सिवनी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, विदिशा, सागर, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, आगर-मालवा, शाजापुर, देवास, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, धार, अलीराजपुर, झाबुआ, रतलाम, मंदसौर और नीमच में तेज आंधी चलने और बारिश होने की संभावना है। आंधी की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रतिघंटा तक रह सकती है। 7 जून: इंदौर, उज्जैन, मंदसौर, आगर-मालवा, राजगढ़, रतलाम, शाजापुर, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, बड़वानी, खरगोन, बुरहानपुर, खंडवा, हरदा, देवास, सीहोर, हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, टीकमगढ़, छतरपुर, सागर, दमोह में तेज आंधी के साथ बारिश होने का अलर्ट है। 8 जून: खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, हरदा, सीहोर, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला और बालाघाट में बारिश हो सकती है।

सरकार ने सागर रेंज के आईजी को दो दिन में ही बदल दिया, आठ IPS अफसरों के तबादले

  भोपाल  मध्य प्रदेश में बड़े स्तर पर प्रशासनिक फेरबदल की गई है। राज्य सरकार ने आठ IPS अफसरों के तबादले किए हैं। इसमें राजगढ़ और बालाघाट के पुलिस अधीक्षक (SP) भी शामिल है। साथ ही सागर रेंज के आईजी का भी तबादला कर दिया गया है। जबकि उन्हें दो दिन पहले ही यह जिम्मेदारी दी गई थी। बुधवार को गृह विभाग ने 8 अफसरों के तबादले के आदेश जारी किए। प्रतिनियुक्ति से लौटे अमित तोलानी को राजगढ़ का नया एसपी बनाया गया है। वे 24वीं वाहिनी विशेष सशस्त्र बल सेनानी जावरा रतलाम में पदस्थ थे। वहीं, राजगढ़ एसपी आदित्य मिश्रा को बालाघाट एसपी पदस्थ किया है। बालाघाट एसपी नागेंद्र सिंह को सेनानी 25वीं वाहिनी विसबल भोपाल पदस्थ किया है। राज्य सरकार ने सागर रेंज के आईजी को दो दिन में ही बदल दिया है। बुधवार रात जारी आदेश में आईजी महिला सुरक्षा हिमानी खन्ना को आईजी सागर बनाया है। उन्हें डायरेक्टर जेएनपीए का अतिरिक्त प्रभार सौंपा है। इससे पहले 1 जून को जारी आदेश में चंद्रशेखर सोलंकी को इंदौर रेंज के एसएएफ आईजी के पद से आईजी सागर के पद पर पदस्थ किया था। बुधवार देर रात जारी आदेश में यह तबादला निरस्त कर दिया गया है। सुनील कुमार पांडे को डीआईजी सागर बनाया डीआईजी प्रबंध पुलिस मुख्यालय सुनील कुमार पांडे को डीआईजी सागर बनाया है। डी कल्याण चक्रवर्ती को डीआईजी एसएएफ मुख्यालय पुलिस मुख्यालय से डीआईजी छिंदवाड़ा रेंज में पदस्थ किया है। बालाघाट एसपी नागेंद्र सिंह को सेनानी 25वीं वाहिनी विसबल भोपाल पदस्थ किया है। अमित तोलानी बने राजगढ़ एसपी 24वीं वाहिनी विशेष सशस्त्र बल सेनानी जावरा रतलाम में पदस्थ आईपीएस अमित तोलानी को पुलिस अधीक्षक राजगढ़ और राजगढ़ एसपी आदित्य मिश्रा को बालाघाट एसपी पदस्थ किया है। इसके साथ ही सोनाली दुबे अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जबलपुर को एआईजी पीएचक्यू पदस्थ किया है।  

Shillong में Honeymoon मनाने गए Raja का शव इंदौर पहुंचा तो हर कोई रो रहा था,रोते-रोते दी गई मुखाग्नि

 इंदौर शिलांग में जान गंवाने वाले इंदौर के ट्रांसपोर्ट कारोबारी का शव बुधवार को फ्लाइट से इंदौर पहुंचा। शाम को अंतिम संस्कार हुआ। शव डिकंपोज होने से ताबूत नहीं खोला गया। परिजन ने केस में सीबीआइ जांच की मांग की। उन्होंने ध्यानाकर्षण के लिए घर के बाहर बेटे राजा और लापता बहू का पोस्टर लगाया। पोस्टर में बेटे की मौत की सीबीआई जांच की मांग की गई। इंदौर के ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी का बुधवार को देर शाम अंतिम संस्कार कर दिया गया। शिलांग से लाए गए शव को एयरपोर्ट से घर ले जाया गया जहां से कुछ ही देर में मुक्तिधाम के लिए रवाना कर दिया गया। राजा रघुवंशी का शव घर में आते ही परिजन बिलख उठे। मां उमा रघुवंशी तो बदहवास हो गईं। वे बार बार कहती रहीं कि मैंने तुझे जाने ही क्यों दिया, रोका क्यों नहीं…। राजा रघुवंशी के पिता का भी रो रोकर बुरा हाल हो चुका है। रिवार ने बताया कि कुछ दिन पहले ही पिता अशोक को दिल का दौरा आया था। उन्होंने महज 21 दिनों में बेटे की शादी की खुशियां और उसकी मौत देखी। बता दें, हनीमून पर गए राजा रघुवंशी का शव 2 जून को शिलांग में वेइसाडोंग फॉल्स के पास रियात अरलियांग में करीब 150 फीट नीचे मिला था। पत्नी सोनम की अभी भी किसी तरह की जानकारी सामने नहीं लग पाई। सोनम की तलाश में खून से सना जैकेट मिला राजा की हत्या का पता लगाने और सोनम को ढूंढने के लिए पुलिस की तलाश जारी है। पुलिस सोहरारिम के पास स्थित मॉकमा गांव के खड़ी और जंगली इलाकों में सोनम रघुवंशी की तलाश कर रही है। सोहरा सिविल सब-डिवीजन के एसडीपीओ बाह पिनहुन सिएम के नेतृत्व में पुलिस टीम ने एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, एसआरटी, एफईएस, विशेष जांच दल (एसआईटी) के साथ सर्चिंग की। पुलिस ने बुधवार की सुबह एक जैकेट बरामद की है। हालांकि, अभी तक यह पुष्टि नहीं हुई है कि जैकेट सोनम की है या नहीं। राजा के परिवार ने भी कहा है कि जो जैकेट मिली है वो सोनम की नहीं है। परिजन का आरोप- पुलिस सही से जांच नहीं कर रही राजा रघुवंशी की हत्या का खुलासा होने के बाद पुलिस ने मामले में सीबीआई जांच की मांग की है। शिलांग से वापस आई भाई विपिन का भी कहना था कि वहां सब कुछ ठीक नहीं है। काफी कुछ संवेदनशील मामलों को दबाया जाता है। राजा के लापता होने के बाद से होटल मैनेजर, चाय-नाश्ते की दुकान वाला और गाइड संदेह के घेरे में है, लेकिन पुलिस ने उनसे ठीक से पूछताछ ही नहीं की। गाइड को जब पुलिस सामने लेकर आई तो वह एक रास्ते पर जाकर राजा और सोनम को छोड़ने की बात कहने लगा। जबकि आगे का रास्ता दोनों को भी नहीं पता था। मृतक राजा के भाई ने खासी हिल्स पुलिस पर लगाया आरोप शिलांग में पीएम के बाद राजा रघुवंशी (30) के शव को इंदौर लाए। इसके बाद ताबूत सहित शव को मोक्ष वाहन से सहकार नगर, कैट रोड स्थित घर लेकर पहुंचे। बेटे राजा की याद में मां व परिवार बिलखने लगा। वे बेटी को सुरक्षित लाने की बात कहते रहे। भाई विपिन ने बताया, यदि समय पर पूर्वी खासी हिल्स पुलिस सक्रिय हो जाती तो घायल भाई की जान बचाई जा सकती थी। हमलावर ने प्लानिंग के तहत वारदात की है। गुमराह करने वाहन को वारदात स्थल से 25 किमी दूर छोड़ दिया। हमें सोनम सुरक्षित मिल जाए इसके लिए सरकार से मांग कर रहे हैं। पोस्टर लगाकर सरकार से गुहार भाई सचिन ने बताया, हमने घर के बाहर पोस्टर लगाया है। केंद्र और राज्य सरकार से न्याय की गुहार लगा रहे हैं। सूत्रों की मानें तो डबल डेकर व उसके आसपास लापता सोनम की सर्चिंग जारी है। वहां की पुलिस को सर्चिंग के दौरान एक महिला का रेन कोट मिला है। रेन कोट को पुलिस ने सोनम का बताया है। सोनम का कुछ पता नहीं चला है। दरअसल, राजा रघुवंशी और सोनम की शादी बीती 11 मई को इंदौर में हुई थी. शादी के नौ दिन बाद 20 मई को यह नवविवाहित जोड़ा हनीमून के लिए मेघालय रवाना हुआ. 22 मई को वे किराए के स्कूटर से मावलखियाट गांव पहुंचे और वहां से 3000 से अधिक सीढ़ियां उतरकर नोंग्रियाट गांव में फेमस ‘लिविंग रूट्स’ पुल देखने गए. उन्होंने नोंग्रियाट के शिपारा होमस्टे में रात बिताई और 23 मई की सुबह वहां से निकले. इसके बाद से दोनों का कोई अता-पता नहीं था. 24 मई को उनका किराया स्कूटर शिलांग-सोहरा मार्ग पर सोहरारिम में एक कैफे के बाहर लावारिस हालत में मिला, जिसके बाद मेघालय पुलिस ने तलाशी अभियान शुरू किया. खाई में मिला राजा का शव, हत्या की पुष्टि लगातार आठ दिनों तक चले तलाशी अभियान के बाद 2 जून को मेघालय पुलिस के ड्रोन ने वेईसावडॉन्ग फॉल्स के पास रियाट अरलियांग पार्किंग लॉट के नीचे एक गहरी खाई में राजा का शव देखा. शव अत्यधिक सड़ा हुआ था, लेकिन राजा के भाई विपिन ने उनके दाहिने हाथ पर राजा लिखे टैटू से उनकी पहचान की. पुलिस ने मौके से खून से सना एक नया ‘दाओ’  ( एक प्रकार का धारदार हथियार) बरामद किया, जिसके बारे में माना जा रहा है कि इसका इस्तेमाल हत्या के लिए किया गया. सोहरा (चेरापूंजी) में लापता सोनम की तलाश जारी. पूर्वी खासी हिल्स के पुलिस अधीक्षक विवेक सिएम ने कहा, ”यह स्पष्ट रूप से हत्या का मामला है. हथियार नया था और संभवतः इसी उद्देश्य के लिए खरीदा गया था.” पुलिस ने राजा का मोबाइल फोन, एक महिला का सफेद शर्ट, दवा की स्ट्रिप, स्मार्टवॉच, और एक मोबाइल स्क्रीन का हिस्सा भी बरामद किया. पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है, जो यह स्पष्ट करेगी कि राजा की हत्या खाई में फेंके जाने से पहले हुई या बाद में. सोनम लापता, परिवार को अपहरण का शक सोनम रघुवंशी का अभी तक कोई सुराग नहीं मिला है. मेघालय पुलिस, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, और स्थानीय स्वयंसेवकों की टीमें सोहरा के जंगलों और खाई के आसपास की करीब 150 वर्ग किलोमीटर की तलाशी ले रही हैं. भारी बारिश और खराब दृश्यता ने खोज अभियान को बार-बार बाधित किया. सोहरा में तीन दिनों में … Read more

सोगरिया-दानापुर-सोगरिया स्पेशल ट्रेन में जुडेंगे 7 नए कोच, अगस्त से लागू होगा नया रेक

भोपाल भोपाल रेल मंडल यात्रियों की बढ़ती जरूरतों को देखते हुए अपनी सेवाओं में निरंतर सुधार कर रहा है। यात्रियों की मांग को ध्यान में रखते हुए साप्ताहिक ट्रेन 09819-09820 सोगरिया-दानापुर-सोगरिया स्पेशल ट्रेन की कोच संरचना को पूरी तरह बदला जा रहा है। यह बदलाव चार अगस्त से लागू किया जाएगा। नई कोच संरचना के साथ पांच अगस्त से अगली सूचना तक चलाई जाएगी। स्लीपर व सामान्य श्रेणी के कोच भी होंगे शामिल वर्तमान में यह ट्रेन गरीब रथ स्पेशल के रूप में केवल 15 एसी तृतीय श्रेणी इकोनोमी कोचों के साथ संचालित हो रही है। लेकिन अब इसे 22 आधुनिक एलएचबी कोचों के साथ चलाने का निर्णय लिया गया है, जिसमें वातानुकूलित (एसी), स्लीपर व सामान्य श्रेणी के कोच भी शामिल होंगे। इससे सभी वर्गों के यात्रियों को लाभ मिलेगा और अधिक यात्रियों को यात्रा का अवसर मिल सकेगा। ट्रेन में क्या-क्या बढ़ेगा? ऐसे में दो कोच वातानुकूलित द्वितीय श्रेणी, दो कोच वातानुकूलित तृतीय श्रेणी, सात कोच एसी इकोनोमी, पांच कोच स्लीपर क्लास, चार कोच सामान्य श्रेणी, एक एसएलआरडी दिव्यांगजन और लगेज के लिए विशेष कोच है। यह ट्रेन बारां, रुठियाई, गुना, सागर, दमोह, कटनी मुड़वारा, मैहर और सतना जैसे महत्वपूर्ण स्टेशनों से होकर गुजरती है, जिससे इन क्षेत्रों के यात्रियों को भी सीधी और बेहतर रेल सेवा मिलेगी। ज्यादा सुरक्षित, आरामदायक व तेज गति से चलने में सक्षम वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ कटारिया ने बताया कि एलएचबी कोच पारंपरिक डिब्बों की तुलना में ज्यादा सुरक्षित, आरामदायक व तेज गति से चलने में सक्षम होते हैं। इन कोचों में बर्थ की संख्या अधिक होने के कारण वेटिंग लिस्ट की समस्या भी काफी हद तक कम हो सकेगी।

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